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रति: भैया ऐसे ज़ोर-ज़ोर से मत मस्लो....बहुत दर्द हो रहा है......
बिरजू: ओह सॉरी...ग़लती हो गयी......वो फिर उन्हे मुँह से चूसने लगता है.... उसका लंड रति की चूत के मुहाने पर कुलाची मारने लगता....है.....वो धीरे से लंड रति की चूत मे पिरो देता......है.....और डाल कर उस पर लेट जाता है....और उसके गाल चूस्ते हुए उस से बातें करना लगता है.......
रति: भैयाअ.....
बिरजू: हूँ.....
रति: अब इन दोनो के बारे मे क्या सोचा है.....
बिरजू:मैने तो अभी तक...हम दोनो के बारे मे भी नहीं सोचा....
रति: चलो हम सब के बारे मे सोचते है......अब आगे कैसे क्या करना....है...
बिरजू: पगली कल कुछ पता है...टेन्षन मत ले.... कुछ ना कुछ सोच लेंगें....
रति: आप तो हमेशा.......ऐसे ही आवारा मस्त रहते हैं...लेकिन मुझे हमारे भविष्य की चिंता है....
बिरजू: क्या आज दुनिया का आखरी दिन है....अभी सेक्स कर रहे है उस पर कॉन्सेंट्रेट कर....कल सुबह बात करेंगें ......क्या करना है....
रति: मुस्काते हुए..... कमर चलाने लगी.....और दोनो काम कीड़ा में मशगूल हो जाते हैं.......
सेक्स के पहले राउंड के बाद.... रति फिर सोच में पड़ गयी..... और मन ही मन सोचने लगी ...
क्या अलका रवि भी उन ही की तरह इन्सेस्ट सेक्स में जाएँगे... अगर गये तो उनका भविष्य क्या होगा ...?
हमारी (रति और बिरजू की) तो जैसे तैसे कट गयी..... अभी तो ये दोनो नयी दुनिया में कदम रखेगे..... कल दुनिया को क्या जबाब देगें....
बिरजू ने जब रति को इतनी गहरी सोच में देखा तो पूछा ...क्या सोच रही है पगली....
रति: भैया मेरा तो केवल वोही सवाल है ,,,अलका और रवि के बारे में सोच रही हूँ..और ये कह कर उसने करवट बदल ली.....
बिरजू रति की चौड़े-चौड़े चूतड़ो पर हाथ फेरते हुए..... लगता है तू बहुत चिंतित है दोनो के बारे में.....
रति: हां भैया ....
बिरजू: देख वॅलिंटाइन डे आने वाला है..... हम उन्हे कुछ प्राइवसी देते हैं दोनो को....देखते हैं कुछ होता है या नहीं......अभी तो हमें भी नहीं पता कि दोनो मैं कुछ है भी या नहीं....... अगर उनका प्यार सच्चा होगा तो फिर हम दोनो से बात करेगे....
रति : भैया ये वॅलिंटाइन डे क्या होता है.......
बिरजू: ये प्यार का दिन होता है... पगली पहले अंग्रेज लोग मनाते थे... कुछ सालों से इंडिया मे भी होने लगा है.....
रति: प्यार का भी कोई दिन होता है क्या......? इस तरह से तो हम रोज वॅलिंटाइन डे मानते हैं... तो क्या हमें 14थ फ़रवरी तक वेट करना पड़ेगा .....
बिरजू : हां..... पर ये शक़ तुझे कैसे हुआ कि दोनो के बीच मे कुछ चल रहा है.........
रति: पता नहीं आपने नोटीस किया या नहीं .....अलका की चुचिया और गान्ड नहीं देखी जब से रवि आया है....कितनी निखर आई है.... और आज कल वो अपने कपड़ों पर कितना ध्यान देने लगी है..... रवि भी उसे नये नये मॉडर्न कपड़े ला ला कर दे रहा है..... और बाइक पर रवि से कैसे चुचियाँ सटा के बैठ जाती है...जैसे भाई नही यार हो !
बिरजू: पगली चुचियाँ सटा के तो तू भी बैठती है मेरे साथ ....
रति: धात्त शरमाते हुए..... बैठती हूँ तो हमारे बीच में चल भी तो रहा है.....
बिरजू : हां वो तो है..... और रही बात उसकी चुचिओ और गान्ड की वो तो उसकी तेरे पर गयी है..... देख तेरी कितनी मस्तानी गान्ड है.....(रति की गान्ड पर हाथ फेरते हुए)..... जवान लौंडिया है यही तो उम्र है उसके नक्श निकलने के..... और हो सकता है उस में रवि भी हवा दे रहा हो ...इस में ग़लत क्या है..... पर ये बात तू सही कह रही है.... साली की गान्ड क्या मस्त है बिल्कुल वो जो नयी हेरोयिन आई है ना सोनाक्षी सिन्हा ...... बिल्कुल उसकी तरह गदराई और उभरी हुई गान्ड है हमारी अलका की ... आख़िर बेटी किस की है.... और ये कहते हुए उसने रति की गान्ड पर हाथ फेरा और प्यारा सा चुंबन उसके गाल पर रख दिया....
रति: हाई रे !............तुम अपनी भांजी को ऐसी नज़र से देखते हो..शरम नहीं है.....
बिरजू: वो मेरी बेटी भी है.......और इस में क्या ग़लत है..... उसकी गान्ड गदराई है तो ग़लत क्या है .... तुम भी तो बोल रही हो.....
रति : भैया सच मे बहुल बड़े लुच्चे हो ! बेहन बेटी किसी को मत छोड़ना....
बिरजू हँसने लगा और वो फिर एग्ज़ाइटेड हो गया उसके दिमाग़ मे अलका की गदराई गान्ड घूमने लगी.....