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डीपू के पास बैकपैक था तो उसने उसमे से निकाल कर नैपकिन दिए जिससे हम दोनों ने अपने अंगो पर लगे पानी को साफ़ किया. डीपू ने भी अपने कपडे पहन लिए.
हम लोग नीचे आये तो पायल ने पूछा तुम आ रहे हैं बोलकर भी पांच मिनट के बाद आये हो, ऐसा क्या कर रहे थे वहा?
मैं उसको क्या बोलती, तुम लोग जो काम खड्डे में उतर कर रहे थे वही हम चट्टान के पीछे कर रहे थे.
डीपू बहाने के साथ तैयार था और बोला “बेग में से लिप बाम ढूंढ रहे थे तो पूरा बेग खाली कर दिया था तो वापिस सामान भरने में टाइम लग गया.”
उन्होंने बताया कि वो लोग हमें पिछले कुछ मिनटों से ढूंढ रहे थे. हमने कहा कि हम भी उनको ढूंढने के लिए चट्टान के ऊपर चढ़े थे.
वैसे भी वहा मोबाइल नेटवर्क ठीक नहीं था, तो हम लोग वापिस कही जंगल में खो न जाये इसके लिए फिर साथ साथ ही घुमते रहे.
शाम को छह बजे हम जंगल से निकले. लौटते में हमने रास्ते में कही डिनर किया और फिर होटल की तरफ लौटने लगे. सभी लोग दिन भर चल चल कर थक गये थे.
पायल ने डीपू को कहा “होटल पहुंच कर प्लीज मेरी मसाज कर देना बहुत दर्द हो रहा हैं. मैं भी तुम्हारी मसाज कर दूंगी”.
डीपू बोला “तुमने सुबह ही मुझको पुरे दिन अपने से दूर रहने को कहा था भूल गयी. उस शर्त के अनुसार अब मैं तुम्हारी मसाज नहीं कर सकता. एक काम करो, तुम अपने दोस्त अशोक को ही बोल दो, जैसे फोटो लिए हैं वैसे मसाज भी कर देगा”.
पायल शरमा गयी.
कल रात को डीपू ने जिस तरह मेरी मसाज की थी, उसकी जरुरत तो मुझे आज थी. मेरे शरीर में भी दिन भर की थकान थी.
मैंने सोचा काश आज भी मुझे कल जैसा मौका मिल जाए.
पायल : “डीपू, तुम मेरी मसाज नहीं करोगे तो मैं मर नहीं जाउंगी. मुझे किस से मसाज करानी हैं, ये तुमसे पूछ कर नहीं कराउंगी. अशोक से मेरी अब अच्छी दोस्ती हो गयी हैं तो वो मेरी मसाज कर भी सकता हैं, समझे. क्यों अशोक सही कहा न?”.
अशोक: “अरे यार, तुम मिया बीवी अपने झगडे में मुझे मत फसाओ प्लीज”.
डीपू: “नहीं, अब तो मैं देखना चाहता हूँ कि पायल ने जो कहा हैं वो कर के दिखाती हैं या नहीं. ये सिर्फ बड़ी बड़ी बातें बोलना जानती हैं”.
पायल: “तुम्हे क्या लगता हैं डीपू, मैं अशोक से मसाज नहीं करवा सकती. पहले तो मैंने यु ही कह दिया था. पर अब तुम देखो. तुम्हारी आँखों के सामने मैं अशोक से मसाज करवाउंगी.”
डीपू: “ठीक हैं, कर के बताओ. फिर मैं भी किसी ओर को मसाज दूंगा.”
पायल: “हा हा, किसे दोगे? प्रतिमा को?”
मैं: “गाइज, तुम क्या बच्चो की तरह झगड़ रहे हो. कैसी बातें कर रहे हो.”
पायल : “नहीं, आई एम सिरियस. ये मर्द लोग पता नहीं क्या समझते हैं अपनी बीवियों को. अशोक, तुम आज मुझे मसाज दे रहे हो बस. चाहिए तो, इसके बदले मैं भी तुम्हे मसाज दे दूंगी. मेरी नाक अब तुम्हारे हाथ में हैं. प्लीज प्लीज प्लीज (दोनों हाथ जोड़ते हुए)”
अशोक : “अच्छा ठीक हैं, देखते हैं.”
पायल : “येस, तुम लोग कपडे चेंज करके हमारे रूम में ही आ जाना. मैं डीपू का चेहरा देखना चाहती हूँ जब अशोक मुझे मसाज देगा”.
अशोक : “पायल, मुझे पहले अपनी होम मिनिस्टर प्रतिमा से इजाजत लेनी होगी”.
पायल : “प्लीज प्रतिमा. अशोक को अलाउ कर दो”.
मैं: “मेरा क्या लेना देना, तुम तीनो को कोई आपत्ति नहीं तो मैं कौन होती हूँ, बीच में बोलने वाली.”
पायल बचे हुए पुरे रास्ते में डीपू को चिढ़ाती रही और वो अपना सा मुँह लेके बैठा रहा.
अब हम होटल पहुंच गए थे. अपने अपने रूम में जाने से पहले पायल ने याद दिलाया कि तुम दोनों तैयार होकर आ जाना हमारे रूम में.
दिन भर की थकान के बाद हम लोग नहाये. अशोक ने अपना नाईट पजामा सूट पहन लिया और मैंने कल रात की तरह ही बटनअप स्लिप शर्ट और शार्ट पहन लिए. आदत के अनुसार मैंने ब्रा नहीं पहना था.
हम लोग पायल-डीपू के रूम पर पहुंचे. दरवाजा डीपू ने खोला. पायल बेड पर आराम से पाँव पसार कर हमारा ही इंतज़ार कर रही थी.
पायल ने नूडल स्ट्रैप वाला टैंक टॉप पहन रखा था. उसके सीने के उभार से टॉप के अंदर तीखे तीखे निप्पल साफ़ नजर आ रहे थे.
मेरी तरह उसको भी शायद रात को ब्रा पहनने की आदत नहीं थी.
पायल: “अशोक, जरा डीपू से पूछो तो उसकी तबियत तो ठीक हैं न”
अशोक: “कम ऑन गाइज, तुम लोग अभी भी वही अटके हो. मुझे लगा वो सब मजाक था.”
पायल: “नहीं मैं सीरियस हूँ, चलो इधर आओ”.
अशोक: “अरे डीपू, आ जाओ ना, कर दो पायल की मसाज. ख़त्म करो.”
डीपू: “मैं ठीक हूँ, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं अगर तुम पायल को मसाज दोगे तो. मैं भी तो पास में बैठा हूँ, आगे बढ़ो.”
अशोक: “वो तो ठीक हैं पर मुझे मसाज करना नहीं आता. अगर कुछ गलत नस दब गयी तो लेने के देने पड़ जायेंगे.”
पायल: “डीपू को बहुत अच्छी मसाज करनी आती हैं, वो बता देगा तुम्हे कहा से और कैसे पकड़ना हैं.”
डीपू: “मगर मैं तो तुम्हे हाथ भी नहीं लगा सकता फिर कैसे बताऊ कि कैसे मसाज करते हैं.”
पायल: “अरे मुझे हाथ नहीं लगा सकते तो क्या हुआ, प्रतिमा तो है. तुम उसको मसाज करके बताओ और अशोक वैसे ही तुम्हे फॉलो करेगा.”
मैं: “मुझे बीच में खींचने की कोशिश भी मत करो. तुम आपस में निपटाओ.”
हम लोग नीचे आये तो पायल ने पूछा तुम आ रहे हैं बोलकर भी पांच मिनट के बाद आये हो, ऐसा क्या कर रहे थे वहा?
मैं उसको क्या बोलती, तुम लोग जो काम खड्डे में उतर कर रहे थे वही हम चट्टान के पीछे कर रहे थे.
डीपू बहाने के साथ तैयार था और बोला “बेग में से लिप बाम ढूंढ रहे थे तो पूरा बेग खाली कर दिया था तो वापिस सामान भरने में टाइम लग गया.”
उन्होंने बताया कि वो लोग हमें पिछले कुछ मिनटों से ढूंढ रहे थे. हमने कहा कि हम भी उनको ढूंढने के लिए चट्टान के ऊपर चढ़े थे.
वैसे भी वहा मोबाइल नेटवर्क ठीक नहीं था, तो हम लोग वापिस कही जंगल में खो न जाये इसके लिए फिर साथ साथ ही घुमते रहे.
शाम को छह बजे हम जंगल से निकले. लौटते में हमने रास्ते में कही डिनर किया और फिर होटल की तरफ लौटने लगे. सभी लोग दिन भर चल चल कर थक गये थे.
पायल ने डीपू को कहा “होटल पहुंच कर प्लीज मेरी मसाज कर देना बहुत दर्द हो रहा हैं. मैं भी तुम्हारी मसाज कर दूंगी”.
डीपू बोला “तुमने सुबह ही मुझको पुरे दिन अपने से दूर रहने को कहा था भूल गयी. उस शर्त के अनुसार अब मैं तुम्हारी मसाज नहीं कर सकता. एक काम करो, तुम अपने दोस्त अशोक को ही बोल दो, जैसे फोटो लिए हैं वैसे मसाज भी कर देगा”.
पायल शरमा गयी.
कल रात को डीपू ने जिस तरह मेरी मसाज की थी, उसकी जरुरत तो मुझे आज थी. मेरे शरीर में भी दिन भर की थकान थी.
मैंने सोचा काश आज भी मुझे कल जैसा मौका मिल जाए.
पायल : “डीपू, तुम मेरी मसाज नहीं करोगे तो मैं मर नहीं जाउंगी. मुझे किस से मसाज करानी हैं, ये तुमसे पूछ कर नहीं कराउंगी. अशोक से मेरी अब अच्छी दोस्ती हो गयी हैं तो वो मेरी मसाज कर भी सकता हैं, समझे. क्यों अशोक सही कहा न?”.
अशोक: “अरे यार, तुम मिया बीवी अपने झगडे में मुझे मत फसाओ प्लीज”.
डीपू: “नहीं, अब तो मैं देखना चाहता हूँ कि पायल ने जो कहा हैं वो कर के दिखाती हैं या नहीं. ये सिर्फ बड़ी बड़ी बातें बोलना जानती हैं”.
पायल: “तुम्हे क्या लगता हैं डीपू, मैं अशोक से मसाज नहीं करवा सकती. पहले तो मैंने यु ही कह दिया था. पर अब तुम देखो. तुम्हारी आँखों के सामने मैं अशोक से मसाज करवाउंगी.”
डीपू: “ठीक हैं, कर के बताओ. फिर मैं भी किसी ओर को मसाज दूंगा.”
पायल: “हा हा, किसे दोगे? प्रतिमा को?”
मैं: “गाइज, तुम क्या बच्चो की तरह झगड़ रहे हो. कैसी बातें कर रहे हो.”
पायल : “नहीं, आई एम सिरियस. ये मर्द लोग पता नहीं क्या समझते हैं अपनी बीवियों को. अशोक, तुम आज मुझे मसाज दे रहे हो बस. चाहिए तो, इसके बदले मैं भी तुम्हे मसाज दे दूंगी. मेरी नाक अब तुम्हारे हाथ में हैं. प्लीज प्लीज प्लीज (दोनों हाथ जोड़ते हुए)”
अशोक : “अच्छा ठीक हैं, देखते हैं.”
पायल : “येस, तुम लोग कपडे चेंज करके हमारे रूम में ही आ जाना. मैं डीपू का चेहरा देखना चाहती हूँ जब अशोक मुझे मसाज देगा”.
अशोक : “पायल, मुझे पहले अपनी होम मिनिस्टर प्रतिमा से इजाजत लेनी होगी”.
पायल : “प्लीज प्रतिमा. अशोक को अलाउ कर दो”.
मैं: “मेरा क्या लेना देना, तुम तीनो को कोई आपत्ति नहीं तो मैं कौन होती हूँ, बीच में बोलने वाली.”
पायल बचे हुए पुरे रास्ते में डीपू को चिढ़ाती रही और वो अपना सा मुँह लेके बैठा रहा.
अब हम होटल पहुंच गए थे. अपने अपने रूम में जाने से पहले पायल ने याद दिलाया कि तुम दोनों तैयार होकर आ जाना हमारे रूम में.
दिन भर की थकान के बाद हम लोग नहाये. अशोक ने अपना नाईट पजामा सूट पहन लिया और मैंने कल रात की तरह ही बटनअप स्लिप शर्ट और शार्ट पहन लिए. आदत के अनुसार मैंने ब्रा नहीं पहना था.
हम लोग पायल-डीपू के रूम पर पहुंचे. दरवाजा डीपू ने खोला. पायल बेड पर आराम से पाँव पसार कर हमारा ही इंतज़ार कर रही थी.
पायल ने नूडल स्ट्रैप वाला टैंक टॉप पहन रखा था. उसके सीने के उभार से टॉप के अंदर तीखे तीखे निप्पल साफ़ नजर आ रहे थे.
मेरी तरह उसको भी शायद रात को ब्रा पहनने की आदत नहीं थी.
पायल: “अशोक, जरा डीपू से पूछो तो उसकी तबियत तो ठीक हैं न”
अशोक: “कम ऑन गाइज, तुम लोग अभी भी वही अटके हो. मुझे लगा वो सब मजाक था.”
पायल: “नहीं मैं सीरियस हूँ, चलो इधर आओ”.
अशोक: “अरे डीपू, आ जाओ ना, कर दो पायल की मसाज. ख़त्म करो.”
डीपू: “मैं ठीक हूँ, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं अगर तुम पायल को मसाज दोगे तो. मैं भी तो पास में बैठा हूँ, आगे बढ़ो.”
अशोक: “वो तो ठीक हैं पर मुझे मसाज करना नहीं आता. अगर कुछ गलत नस दब गयी तो लेने के देने पड़ जायेंगे.”
पायल: “डीपू को बहुत अच्छी मसाज करनी आती हैं, वो बता देगा तुम्हे कहा से और कैसे पकड़ना हैं.”
डीपू: “मगर मैं तो तुम्हे हाथ भी नहीं लगा सकता फिर कैसे बताऊ कि कैसे मसाज करते हैं.”
पायल: “अरे मुझे हाथ नहीं लगा सकते तो क्या हुआ, प्रतिमा तो है. तुम उसको मसाज करके बताओ और अशोक वैसे ही तुम्हे फॉलो करेगा.”
मैं: “मुझे बीच में खींचने की कोशिश भी मत करो. तुम आपस में निपटाओ.”