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अंजाने में बहन ने ही चुदवाया पूरा परिवार complete

निदा भी बाजी की बात सुनकर बोली- “हाँ बाजी, सच में कितना मजे का पानी है नहाने के लिये दिल कर रहा है मेरा..."

निदा की बात सुनकर बाजी हँस दी और बोली- तो फिर क्या ख्याल है, नहा लें?

निदा- “लेकिन बाजी यहाँ तो भाई भी है और ऊपर से और कपड़े भी नहीं हैं, जो हम इनके गीला होने के बाद पहन लें...”

बाजी ने कहा- “तो क्या हुआ भाई ही है ना, कोई गैर तो नहीं है। बाकी हम अपने कपड़े उतारकर दुपट्टा अपने जिश्म पे लपेट लेते हैं, इस तरह कपड़े गीले नहीं होंगे...”

निदा बाजी की बात सुनकर धीरे से बाजी से कुछ बोली।

बाजी ने मेरी तरफ देखकर कहा- भाई अगर हम नहा लें तो तुम अम्मी को तो नहीं बताओगे ना?

मैंने कहा- यार, अगर तुम लोग नहाओगे तो में भी नहा लूंगा फिर मैं अम्मी को कैसे बता सकता हूँ?

बाजी मेरी बात सुनकर हँस दी और निदा को अपने साथ लेकर दरख्तों की ओट में चली गई, तो मेरा लण्ड पैंट में ही टाइट होने लगा। निदा को बिना कपड़ों के सिर्फ गीले दुपट्टे में ही सोचकर।

थोड़ी देर के बाद बाजी और निदा अपने कपड़े हाथों में पकड़े और जिम पे अपने दुपट्टे लपेटे जो कि उनके घुटनों तक ही आ रहे थे चूचियों से लेकर, पेड़ों के पीछे से निकलीं और मेरी तरफ आने लगीं तो मैं निदा की जवानी को निहारने लगा। और इस बात को निदा ने भी महसूस कर लिया और अपने सीने के सामने अपने उतारे हुये कपड़े कर लिए, तो बाजी भी समझ गई कि मैं निदा को घूर रहा हूँ।

बाजी ने कहा- यार सन्नी, तुम नहीं नहाओगे क्या हमारे साथ?

बाजी की बात सुनकर मैं भी थोड़ा संभाल गया और बोला- हाँ हाँ बाजी, क्यों नहीं? मैं भी नहाऊँगा।

बाजी ने कहा- क्या ऐसे ही नहाओगे?

मैंने कहा- “नहीं बाजी मैंने अंडरवेर पहना हुआ है.." और इतना बोलते ही पेड़ों के थोड़ा पीछे हो गया और अपनी पैंट और शर्ट उतार दी। लेकिन अब पंगा ये था कि मेरा लण्ड जो कि पूरा हाई हो रहा था, वो साफ महसूस हो रहा था, तो मैंने थोड़ा सा सिर पेड़ों के पीछे से निकाला और बाजी की तरफ देखा।

 
बाजी मेरी तरफ ही देख रही थीं। लेकिन निदा तालाब के किनारे बैठी पानी में हाथ मार रही थी।

मैंने बाजी को अपने लण्ड की तरफ इशारा करके बोला- अब इसका क्या करूं, ये तो खड़ा है?

बाजी ने मुझे रुकने का इशारा किया और खुद निदा को लेकर पानी में उतर गई और निदा का मुँह दूसरी तरफ ही रखते हुये मुझे इशारा कर दिया तो मैं तेजी से तालाब में जा घुसा। पानी में घुसते ही मेरा लण्ड पहले तो थोड़ा नरम हुआ, लेकिन जब निदा जो कि पानी में डुबकियां लगा रही थी और नहा रही थी पानी से सिर निकाल कर खड़ी हुई तो उसका दुपट्टा जो काफी पतला था और गीला होने से उसका जिम साफ दिखने लगा था और उसकी ब्लैक ब्रा आआहह... क्या बताऊँ कितना प्यारा मंजर था उस वक़्त।

तभी बाजी ने मुझे आवाज दी और कहा- “भाई कितना मजे का पानी है ना...”

मैंने बाजी की बात सुनकर निदा से नजर हटाई और बोला- “हाँ बाजी, मजे का तो है ये लेकिन क्या कर सकते हैं?” और एक ठंडी ‘आअह्ह' भरी।

बाजी जरा गुस्से से बोली- “भाई मैंने क्या पूछा है तुमसे और तुम क्या जवाब दे रहे हो मुझे?

तो मैंने बात को संभाला- “अरे बाजी, मैं इस जगह की बात कर रहा हूँ का कितनी अच्छी और मजे की है। लेकिन अपनी नहीं है ना तो हम सिर्फ देखकर ठंडी ‘आआहह' ही भर सकते हैं। लेकिन आप क्या समझी थी?”

 
निदा की इस हरकत ने जहाँ मुझे चकित किया, वहीं खुशी भी हुई।

तभी निदा ने बाजी से कहा- बाजी क्यों ना अब बस किया जाए? ठंड लग रही है।

बाजी ने कहा- “हाँ निदा, अब बस करते हैं. और फिर दोनों पानी से बाहर निकल गईं और अपने कपड़े उठाकर पेड़ों के पीछे चली गईं।

मैं भी बाहर निकला और अपने कपड़े पहन लिए और अंडरवेर उतारकर सूखने के लिए एक पत्थर पे रख दिया।

तभी निदा पेड़ों के पीछे से निकली और मेरे अंडरवेर के साथ ही अपनी ब्रा भी सूखने के लिए रख दी और दुपट्टा भी झाड़ियों में फैला दिया। जब निदा सीधी खड़ी होकर मेरी तरफ मुड़ी तो मेरी तो आँखें ही फटी की

फटी रह गईं, क्योंकी निदा की कमीज उसकी चूचियों वाली जगह से गीली हो रही थी और उसकी कोमल चूचियां मुझे साफ नंगी महसूस हो रही थीं।

70

अभी मैं इस शहर में ही गुम था कि तभी निदा ने कहा- “क्या हुआ भाई, कहाँ गुम हो?”

मैं चौंका और निदा की तरफ देखा जो कि हल्का सा मुश्कुरा रही थी। मैंने कहा- “कुछ नहीं...”

निदा मेरी बात सुनकर साइड में चली गई, क्योंकी अब बाजी भी इधर ही आ रही थी। बाजी हमारे पास आई और अपना दुपट्टा और ब्रा को सूखने के लिए डाल दिया और उसके बाद मेरी तरफ घूरते हुये देखकर बोलीक्या बातें चल रही हैं तुम लोगों में?”

 
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अभी मैं इस शहर में ही गुम था कि तभी निदा ने कहा- “क्या हुआ भाई, कहाँ गुम हो?”

मैं चौंका और निदा की तरफ देखा जो कि हल्का सा मुश्कुरा रही थी। मैंने कहा- “कुछ नहीं...”

निदा मेरी बात सुनकर साइड में चली गई, क्योंकी अब बाजी भी इधर ही आ रही थी। बाजी हमारे पास आई और अपना दुपट्टा और ब्रा को सूखने के लिए डाल दिया और उसके बाद मेरी तरफ घूरते हुये देखकर बोलीक्या बातें चल रही हैं तुम लोगों में?”

मैं हँस दिया और बोला- क्या बातें चलनी हैं बाजी? बस ऐसे ही जगह के बारे में बात कर रहे थे कि कितनी पुरसकून जगह है ना?

निदा- हाँ बाजी, सच कोई शोर शराबा नहीं, सबसे अलग थलग जगह है। कितनी खूबसूरत है सच्ची बहुत मजे की जगह है।

बाजी- हाँ निदा ये तो है।

उसके बाद हम वहीं करीब एक पत्थर पे जाकर बैठ गये और कुछ देर गप्प शप करने के बाद जब हमारे कपड़े सूख गये तो हम वहाँ से घर को चल दिए, जहाँ अम्मी हमारा इंतेजार कर रही थीं और हमें देखते ही अम्मी । गुस्से में बोली- “कहाँ गये थे तुम लोग बिना बताए ही?”

बाजी जल्दी से बोली- “वो अम्मी नींद नहीं आ रही थी तो हम लोग घूमते हुये तालाब की तरफ चले गये थे...”

बाजी की बात ने जलती पे तेल वाला काम किया और अम्मी भड़क उठी और बोली- “क्यों गये थे तुम लोग वहाँ जब मैंने माना किया था तुम लोगों को तो क्या तकलीफ थी वहाँ जाने की तुम्हें?”

अब मैं आगे हुआ और बोला- “अम्मी क्या हुआ, आप इतना गुस्सा क्यों हो रही हो? हम लोग यहाँ घूमने ही तो आए हैं, अगर यहाँ आकर भी घर में ही बैठना है तो फिर यहाँ आने का क्या फायदा?”

मेरी बात सुनकर अम्मी खामोश हो गईं। लेकिन उनका गुस्सा अभी भी कम नहीं हुआ था इसलिए अबकी बार अम्मी ने कोई और बात नहीं की और अपने रूम में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।

 
बाजी ने कहा- भाई, जब अम्मी ने मना किया था तो हमें नहीं जाना चाहिए था वहाँ।

बाजी की बात का जवाब मैं देने ही लगा था कि तभी निदा ने कहा- “बाजी भाई ने ठीक ही तो कहा है कि जब हम यहाँ एंजाय करने आए हैं तो फिर घूमने से माना क्यों किया जा रहा है?”

बाजी कुछ नहीं बोली तो निदा ने बाजी का हाथ पकड़कर एक साइड पे किया और उसके कान में कुछ कहा, तो बाजी ने हाँ में सिर हिला दिया और मेरे पास आकर बोली- “भाई तुम यहाँ ही बैठकर टीवी देखो, मैं निदा के साथ रूम में हूँ हमने कुछ बात करनी है...”

बाजी की बात सुनकर मुझे गुस्सा तो आया लेकिन मैं निदा की तरफ घूरते हुये बोला- “अच्छी बात है। लेकिन मैं ज्यादा देर यहाँ नहीं बैठूबगा, जो बात करनी है जल्दी कर लेना..” और टीवी का रिमोट लेजाकर बैठ गया।

मैं कोई एक घंटे तक टीवी के चैनेल चेंज करता और बार-बार रूम की तरफ भी देखता रहा। लेकिन जब एक घंटे गुजर गया और ना तो निदा और फरी बाजी में से कोई रूम में से बाहर आया और ना ही अम्मी के रूम का। दरवाजा खुला तो मैं तंग आ गया और टीवी आफ करके अभी उठा ही था रूम में जाने के लिए।

तभी मेरे रूम का दरवाजा खुला और निदा बाहर आ गई और मेरी तरफ देखकर एक अजीब सी मुश्कान के साथ बोली- “भाई आपको बाजी बुला रही हैं...” और खुद टीवी का रिमोट लेकर टीवी के सामने बैठ गई।

मैं रूम की तरफ चल दिया कि अब क्या पंगा हो गया? रूम में आया तो देखा कि बाजी बेड पे बैठी हुई थी। लेकिन उनके चेहरे से मुझे परेशानी साफ नजर आ गई कि बाजी कुछ परेशान हैं।

मैं भी दरवाजा बंद करके बाजी के पास जा बैठा और बोला- बाजी क्या बात है, आप कुछ परेशान लग रही हैं?

 
बाजी ने अपनी आँखें मेरी आँखों में डाल दीं और कुछ देर तक मुझे देखती रही, और फिर जो बोली तो मेरी गाण्ड फाड़ के रख दी। बाजी ने कहा- “भाई निदा को सब पता चल गया है कि हमारे बीच क्या चल रहा है?”

मैं कुछ देर हैरानी और बेयकीनी से बाजी की तरफ देखता रहा और फिर फंसी हुई आवाज में बोला-“लऽलेकिन उसे किस तरह पता चला? किसने बताया है उसे क्या आपने?”

बाजी- “नहीं सन्नी ऐसी बात नहीं है कि मैंने उसे कुछ बताया हो। लेकिन जब हम तालाब पे जाने से पहले बातें कर रहे थे तब निदा बाथरूम में थी और क्योंकी हमारी तरफ वाला दरवाजा कुछ खुला हुआ था, जिसपे हमने। ध्यान नहीं दिया तो उसने वहाँ खड़े-खड़े हमारी सारी बातें सुन ली थी...”

बाजी की बात ने मेरा पशीना छुड़वा दिया था। जिसे मैं साफ करते हुये बोला- अब क्या होगा बाजी? क्या उसने अम्मी को बता दिया है जो अम्मी इतना गुस्से में थीं इस वक़्त?

बाजी- नहीं भाई, उसने अभी तक तो किसी को भी कुछ नहीं बताया है।

मैं- फिर वो क्या चाहती है? आखिर कुछ तो डिमांड की ही होगी ना उसने आपसे?

बाजी- हाँ भाई, वो चाहती है कि हम जो भी करना चाहें कर सकते हैं उसे कोई ऐतराज नहीं होगा। लेकिन जब भी मैं और तुम दोनों किया करेंगे तो उसे बताकर किया करें, क्योंकी वो ये सब देखना चाहती है। और ये ही उसकी शर्त है कि जिससे वो कभी किसी को कुछ नहीं बताएगी...”

- बाजी कहीं निदा भी तो हमारे साथ मिलकर सेक्स तो नहीं करना चाहती?

बाजी- मैंने भी उससे ये बात पूछी थी लेकिन उसका कहना है कि ऐसा कुछ सोचना भी गलत है, क्योंकी वो ऐसा कभी नहीं करेगी। लेकिन हमें तंग भी नहीं करेगी और जहाँ तक हो सका हमारा साथ भी देगी।

मैं- ठीक है बाजी। अगर वो बस देखने तक ही रहना चाहती है तो फिर कोई मसला ही नहीं है।

बाजी- अगर निदा भी हमारे साथ मिलना चाहती तो फिर क्या कोई मसला हो जाना था क्या?

मैं- अरे नहीं बाजी, सच्ची बात तो ये है कि इस तरह ज्यादा मजा आता। लेकिन हम कर भी क्या सकते हैं?

 
बाजी- ठीक है भाई। लेकिन निदा ने कहा है कि तुम्हें ये भी समझा दें कि तुम उसके साथ कोई भी बदतमीजी नहीं करोगे।

मैं- “यार बाजी, मैं भला ऐसा क्यों करने लगा? आप परेशान नहीं हो, जो होना था हो गया। अब आइन्दा से अहतियात किया करना, कहीं अम्मी को पता चल गया होता निदा की जगह तो अब तक हमारी गाण्ड फट चुकी होती...”

बाजी- हाँ भाई ये बात भी है, अब हमें एहतियात और ज्यादा करना पड़ेगी।

उसके बाद बाकी का दिन हमने घूम फिर के गुजारा। लेकिन उस दौरान ना तो मैंने निदा से बात की और ना ही निदा ने मेरे साथ कोई बात की।

लेकिन जब भी मेरी नजर निदा पे पड़ती, निदा मुझे अपनी तरफ अजीब से अंदाज में देखकर मुश्कुराती ही मिली।

अब तक अम्मी का मूड भी काफी हद तक ठीक हो गया था, और रात का खाना खाते हुये अम्मी ने हमें समझाया भी था कि बेटा मुझे पता है कि हम लोग यहाँ घुमाने आए हैं लेकिन घूमने के लिए क्या जंगल अच्छी जगह है? माना कि वहाँ कोई जानवर नहीं हैं, लेकिन फिर भी आप लोगों को एहतियात करनी चाहिए। वहाँ कोई और हादसा भी तो हो सकता है?

हमने अम्मी की बात सुनकर अम्मी को यकीन दिलाया कि अब हम बिना आपको बताए कहीं नहीं जाया करेंगे।

अम्मी हँस दी और बोली- “मुझे पता है बेटा कि आप लोग जवान हो और किसी को खातिर में नहीं लाओगे। लेकिन फिर भी एहतियात अच्छी होती है, और अब इन बातों को छोड़ो और ये बताओ कि कल का क्या प्रोग्राम है? कहाँ जाना है?”

निदा झट से बोल पड़ी- अम्मी कल चेयर लिफ्ट की सैर को चलेंगे।

निदा की बात सुनकर अम्मी ने कहा- “ठीक है, तो कल हम लोग चेयर लिफ्ट की सैर को चल रहे हैं."

अम्मी की बात खतम होते ही मैंने कहा- “ठीक है, आप लोग चेयर लिफ्ट की सैर कर आओ, मैं यहीं रहूंगा...”

अम्मी ने हैरानी से मेरी तरफ देखा और बोली- लेकिन क्यों बेटा, तुम क्यों नहीं जा रहे हमारे साथ?

मैंने कहा- बस अम्मी मुझे अच्छा नहीं लगता आप लोगों के साथ।

निदा- छोड़ो ना अम्मी, भाई को भी यहाँ कोई गर्लफ्रेंड बनानी होगी, और अगर ये हमारे साथ घूमेगा तो गर्लफ्रेंड कैसे मिलेगी?

 
अम्मी- निदा बदतमीजी नहीं, तुम्हारा बड़ा भाई है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए अपने भाई को ऐसा बोलते हुये।

मैं- अरे नहीं अम्मी, कोई बात नहीं। ये ही तो दिन हैं इसके मस्ती मजाक के। अगर अब हम इस पे पाबंदी लगाए रखेंगे तो शादी के बाद तो वैसे ही इसकी बोलती बंद रहनी है।

बाजी- “भाई अब तुम शुरू हो गये, अगर तुमने हमारे साथ नहीं जाना तो मत जाओ लेकिन अब ये लड़ाई बंद करो प्लीज़्ज़..."

खाना खत्म करके सब लोग कमरों की तरफ खिसक लिए और सोने की तैयारी करने लगे, तो निदा भी हमारे रूम में ही आ गई और बाजी को इशारा करते हुये मुश्कुराने लगी। बाजी ने इनकार में सिर हिला दिया तो निदा का मुँह बन गया और वो मुँह बिसूरते हुये बाथरूम के रास्ते अपने रूम में चली गई।

निदा के जाते ही मैंने बाजी की तरफ देखकर कहा- “ये क्या इशारे कर रही थी आपको?”

बाजी ने कहा- भाई आप पहले बाथरूम का दरवाजा लाक कर लो, कहीं अम्मी हमारी बातें ना सुन लें?

मैंने झट से बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और बाजी के पास आकर बेड पे बैठ गया और बोला- “हाँ बाजी, अब बताओ क्या इशारे चल रहे थे?”

बाजी हँसते हुये बोली- “निदा पूछ रही थी आज कुछ करना है हमने या नहीं? तो मैंने मना कर दिया...”

मैं- लेकिन बाजी आज क्यों नहीं करना?

बाजी- सन्नी इंसान बनो, अगर पकड़े गये ना तो कसम से बहुत बुरा होगा। और वैसे भी यहाँ की दीवारें ही इतनी पतली हैं कि खुदा की पनाह। हल्की से हल्की आवाज भी दूसरे रूम में सुनी जा सकती है।

मैं- चलो ठीक है कुछ नहीं करते। लेकिन सुबह आप निदा को बोल देना कि जब वो और अम्मी वापिस आने लगें तो हमें काल करके बता दें।

बाजी- क्या मतलब कहाँ से वापिस आते वक़्त?

 
मैं- यार बाजी, कल निदा ने जो चेयर लिफ्ट का प्रोग्राम बनाया है मैंने तो मना कर दिया है। आप भी सुबह कोई बहाना बना देना, उसके बाद कुछ मस्ती ही हो जाएगी। क्या ख्याल है?

बाजी- नहीं भाई मुझे डर लग रहा है।

मैं- कुछ नहीं होगा बाजी और एक बार का ही डर है। फिर सारी टेन्शन खतम और वैसे भी अब तो निदा भी हमारा साथ देगी तो डर क्यों रही हो आप?

बाजी- ठीक है मैं निदा से बात करूंगी। अगर वो मान गई तो ठीक है। वैसे कल करना क्या है? कुछ खास है क्या?

मैं- बाजी निदा मना नहीं करेगी और कल हम थ्री-सम करेंगे।

बाजी- किसके साथ?

मैं- अरे देख लेंगे कुछ ना कुछ हो ही जाएगा। ये मेरा काम है आप टेन्शन नहीं लो।

बाजी- हाँ... तुम तो हर बात पे बोल देते हो ना कि टेन्शन नहीं लो, जैसे हर चीज तुम्हारी मर्जी के मुताबिक ही तो होती है।

मैं- अच्छा बाबा, मैं पूरा ख्याल रखूगा, आप कोई परेशानी नहीं लो, और अब सो जाओ क्योंकी कल आपको काफी मजे भी तो करने हैं।

 
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