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अंजाने में बहन ने ही चुदवाया पूरा परिवार complete

मैंने कहा- “लेकिन उस वक़्त ही क्यों? पहले क्या होगा और ये कौन सा जरूरी है कि इस तरह वो कुछ नहीं बोलेगी? नहीं नीलू, अगर फरी बाजी मेरे साथ नाराज हो गई तो ठीक नहीं होगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो कि फरी बाजी मेरे साथ नाराज हो जाएं...”

नीलू कुछ सोचकर काशी से बोली- “तुम इसकी बहन को काल करो अभी, देखो जाग रही है अभी तक या सो रही है?”

काशी ने काल की फरी को तो दूसरी बेल पे ही फरी ने काल पिक कर ली। तो काशी ने कहा- “अगर नींद नहीं आ रही तो आनलाइन आ जाओ, बात करते हैं कुछ देर..”

फरी ने भी ओके कहा और काल कट कर दी। तो मैंने अपना लैपटाप उठाकर काशी की तरफ बढ़ा दिया। तो काशी फौरन ही लैपटाप को ओन करके आनलाइन हो गया तो देखा कि फरी भी आनलाइन हो चुकी थी।

काशी- क्यों जान, नींद नहीं आ रही क्या?

फरी- नहीं जान जी, नींद तो मेरी तुमने उड़ा रखी है।

काशी- क्यों क्या हुआ?

फरी- “आग लगी हुई है मेरे जिस्म में, दो बार अपनी लकड़ी में कंडोम चढ़ाकर अपनी चूत में ले चुकी हैं, लेकिन आज मजा नहीं आ रहा है। दिल करता है कि रियल चीज मिले, ऐसे मजा ही नहीं आ रहा...”

काशी- “यार मैंने तो कहा था कि अगर तुम कहो तो मैं किसी मोटे और तगड़े लण्ड के लिये कुछ करूं?”

फरी- “ठीक है काशी जी, लेकिन देखना कोई पंगा ना हो जाए...”

काशी- कब का इरादा है?

फरी- “अगर अभी हो सके तो क्या बात है? लेकिन कल दिन का अगर हो सके तो अच्छा है अब ज्यादा सबर नहीं होता...”

काशी- अगर अभी करना है तो अपने भाई के पास चली जाओ, उसका भी काफी बड़ा है।

फरी- तुम्हें कैसे पता?

काशी- “यार तुम मानो चाहे ना मानो, लेकिन मैं जान गया हूँ कि तुम सन्नी की बड़ी बहन हो और सन्नी मेरा जिगरी यार है और हम दोनों मिलकर कई लड़कियों को चोद भी चुके हैं। मैंने उसका देखा हुआ है.”

फरी- कोई जवाब नहीं।

काशी- हेलो क्या हुआ?

फरी- फिर कोई जवाब नहीं।

काशी- “देखो जान, डरो नहीं मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा तुम्हारे बारे में। प्लीज़... अब तो बात करो...”

 
Thanks to all

 
फरी- “देखो अगर तुमने सन्नी को कुछ बताया तो मैं जीते जी मर जाऊँगी, अपनी नजरों से और भाई की नजरों से भी गिर जाऊँगी...”

काशी- “यार इतना क्यों डरती हो अपने भाई से? अगर उसे कुछ पता चल भी गया तो वो खुद तुम्हें चोदने के लिए तैयार हो जाएगा, लेकिन किसी को बताएगा नहीं। मैं जानता हूँ उसे...”

फरी- “नहीं, मेरा भाई ऐसा नहीं है समझे तुम..”

काशी- अच्छा छोड़ो, ये बताओ फिर क्या सोचा तुमने बड़े लण्ड के लिए?

फरी- “नहीं काशी अब मैं नहीं करूंगी, किसी के साथ भी नहीं... तुम्हारे साथ भी नहीं...”

फरी ने ये बात कहकर हम सबको परेशान कर दिया था और हमारी समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें कि तभी मैंने काशी को वीडियो कि याद दिलाई तो वो खुश हो गया और फिर चैट करने लगा।

काशी- “देखो फरी, मैं किसी को नहीं बताऊँगा। लेकिन याद रखो कि अगर तुमने मेरी बात ना मानी और मेरे दोस्त से नहीं चुदवाया तो मैं उस दिन जो वहाँ मेरे साथ तुमने किया उसकी वीडियो नेट पे डाल देंगा..”

फरी- क्या बकवास कर रहे हो? कौन सी वीडियो?

काशी- जब नेट पे डालूंगा तो देख लेना तुम भी।

फरी- “नहीं, तुम झूठ बोल रहे हो ऐसी कोई वीडियो नहीं बनी... तुम झूठ बोल रहे हो...”

काशी- “अच्छा ऐसा है तो आफलाइन मत होना, मैं अभी थोड़ी देर बाद तुमसे बात करूंगा जब मैं नेट पे मूवी डाल दूंगा...”

फरी- देखो अगर ऐसा कुछ है तुम्हारे पास तो पहले मुझे दिखाओ।

काशी- “30 मिनट बाद तुम्हें दिखाऊँगा फिर बात करूंगा बाइ..”

फरी- काशी, प्लीज़.. मेरी बात सुनो।

लेकिन अब काशी कोई जवाब नहीं कर रहा था और मेरी तरफ देखकर बोला- यार, वो वीडियो है अभी तेरे पास?

मैंने कहा- “हाँ है क्यों? क्या करना चाहता है तू उस वीडियो के साथ?

काशी ने कहा- “यार, तू ऐसा कर.. वीडियो की कापी करके ले जा अपने साथ और घर के गेट से अंदर डालकर वापिस आ जा बस... बाकी हर काम हो जाएगा और परेशान ना हो ये सब सेट हो जाएगा..."

 
मैंने अपने मोबाइल में से मेमोरी कार्ड निकाला जिसमें कि फरी की मूवी मैंने कापी की थी और बाकी हर चीज उसमें से डेलीट करके कपड़े पहने और बाइक निकालकर घर की तरफ चल दिया और गेट पे जाकर मैंने गेट के नीचे से काई अंदर की तरफ खिसका दिया जो कि एक बड़े पोस्ट लेटर में था और वहाँ से फौरन वापिस आ गया। मुझे इस काम में कोई 40 मिनट लग गये थे।

मैं काशी के घर में बाइक को खड़ा करके फिर उन दोनों के पास जाकर बैठा और उसे बता दिया कि मैंने कार्ड कहाँ डाला है? तो काशी ने लैपटाप अपनी तरफ खींचा और फरी से बात करने लगा।

काशी- “हाँ जान, अब तुम ऐसा करो कि रूम से बाहर निकलो और घर के में गेट के पास जाओ वहाँ तुम्हें एक पोस्ट लेटर मिलेगा उसमें एक मोबाइल का मेमोरी कार्ड है। वो निकालकर देखो कि उसमें क्या है फिर बात करना...”

फरी- “ओके...” उसके बाद फरी का जवाब कोई 15 मिनट के बाद आया- “काशी तुम जलील कमीने हो, तुम्हें शर्म नहीं आई मेरी ऐसी मूवी बनाते हुये? मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था जो तुमने मेरे साथ ऐसा किया? मैंने तो तुम पे भरोसा किया और तुमने क्या किया मेरे साथ?”

काशी- “जान, अब बस करो अब क्या फायदा इन बातों का? मैं नहीं चाहता था कि मैं तुम्हें ये सब दिखाऊँ, लेकिन तुमने मजबूर किया है...”’

फरी- क्या चाहते हो?

काशी- अपने दोस्त से चुदवाना चाहता हूँ।

फरी- कौन है वो?

काशी- “देखो तुम्हें इससे गरज नहीं होना चाहिए, ना तुम उसे देख पाओगी और ना वो तुम्हें...”

फरी- मैं जानना चाहती हैं कि वो कौन होगा?

काशी- ये जरूरी नहीं, तुम बस इतना बताओ करोगी या नहीं?

फरी- “देखो काशी, तुम जो कहोगे मैं करूंगी। लेकिन मुझे इतना तो पता होना चाहिए कि मैं किसके साथ कर रही हूँ..”

काशी- “देखो डार्लिंग, इस वक़्त अगर मैं तुम्हें कहूँ कि तुम्हें किसी गली के आवारा कुत्ते से चुदवाना है तो भी तुम मना नहीं कर सकती...”

फरी- मैं मना नहीं कर रही, लेकिन प्लीज़... ये बता दो कि तुम किसके साथ करवाना चाहते हो।

काशी- सन्नी से।

फरी- क्या तुम पागल तो नहीं हो गये हो? वो भाई है मेरा।।

काशी- “साली, एक बात कान खोलकर सुन ले कि तुम्हें उससे चुदवाना है तो बस चुदवाना है, और कल ही । चुदवाना है... वरना ये मूवी तुम्हारी माँ बहन भाई और तुम्हारे मुहल्ले के हर बच्चे तक पहुँचा दूंगा और फिर नेट पे डालूंगा समझी की नहीं?”

फरी- आखिर तुम्हें क्या मिलेगा मेरे साथ ऐसा करके?

काशी- देखो फरी, मैं चाहता हूँ कि तुम्हारा भाई भी मेरी तरह बहनचोद बन जाए।

फरी- क्या मतलब? तुम अपनी बहन के साथ? ऐसा कैसे हो सकता है?

 
काशी- चलो ऐसा करूंगा कि कल मैं अपनी बहन को भी साथ ही रखूगा, तुम खुद उससे पूछ लेना।

फरी- “नहीं काशी, प्लीज़... ऐसा मत करो। मैं अपने भाई से आँखें नहीं मिला सकेंगी कभी भी..."

काशी- यार तुम्हें पता होगा लेकिन उसे कुछ पता नहीं होग कि वो जिसे चोद रहा है, वो कौन है? बस मैं उसे बता दूंगा कि बहन की दोस्त है और मेरी बहन भी तो वहाँ होगी ही...”

फरी- क्या काशी जानता है तुम्हारा और तुम्हारी बहन का चक्कर?

काशी- हाँ वो जानता भी है और मेरी बहन को चोदता भी है।

फरी- मुझे सोचने का वक़्त चाहिए।

काशी- “देखो फरी, आखिरी बात सुन लो कि कल तुम्हें आना ही आना है और अगर तुम ना आई तो जान लो कि फिर क्या होगा? बाकी ये मेरा वादा है कि मैं सन्नी को कुछ नहीं बताऊँगा तुम्हारे बारे में...”

फरी- प्लीज़... काशी, मुझे दो दिन का टाइम दो, मैं सोच लँ।

काशी- नहीं, कल तो कल और बाइ।

काशी ने अपने घर का पता भी उसे बता दिया और लैपटाप आफ कर दिया और मेरी तरफ देखकर हँसते हुये बोला- “ले भाई, तेरा काम तो हो गया। कल मजे करना अपनी बहन के साथ...”

यार मुझे नहीं लगता कि वो आएगी...”

तो नीलू ने कहा- “मैं लिखकर देती हैं कि वो जरूर आएगी.” और मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और बोली- “कल तुम अपनी बहन को चोदोगे ही... अभी तो अपने दोस्त की इस बहन को मजा दे दो मेरी जान...”

और किस करने लगी।

तो मैं भी उसका साथ देने लगा। उस रात हमने कुल दो बार ही किया और उसके बाद तीनों नंगे ही एक साथ सो गये।

अगली सुबह मैं नीलू के हिलाने से ही उठा तो नीलू ने मुझे उठता देखकर कहा- “उठ भी जाओ सन्नी जी... आपको आज आपकी बड़ी बहन ही आकर उठाएगी तो उठोगे क्या? 8:00 बज चुके हैं.”

मैं 8:00 बजे का सुनते ही जल्दी से उठ बैठा और सीधा बाथरूम में जा घुसा और नहाकर बाहर आया तो काशी भी जो कि रूम से बाहर था रूम में आ गया और बोला- “यार अभी तेरी बाजी से बात हुई है मेरी वो 9:00 बजे तक आ जाएगी। तू निकल यहाँ से। उसके आने से पहले ही उसे यहाँ तेरी शकल नजर नहीं आनी चाहिए समझा?"

मैंने कहा- “यार मैं बैठक में बैठ जाता हूँ, उसे थोड़ा ही पता चलेगा कि मैं पहले से ही यहाँ हूँ...”

तो काशी हँस दिया और बोला- “चल ठीक है, तू अपनी बाइक को अपनी गाण्ड में घुसाकर बैठक में ही बैठ जा, मुझे कोई ऐतराज नहीं है तेरे वहाँ बैठने पे..”

काशी की बात सुनकर नीलू ने कहा- “भाई आप ऐसा करो कि सन्नी की बाइक को बाहर किसी दोस्त की तरफ खड़ा करके आ जाओ। ये यहाँ बैठा रहेगा और फरी के आने तक कुछ नाश्ता भी कर लेगा..."

तो मैंने कहा- “हाँ यार, भूख भी बड़े जोरों की लगी हुई है."

तो काशी हाँ में सर हिलाता हुआ मेरी बाइक की चाबी लेकर रूम से निकल गया।

 
नीलू ने कहा- “सन्नी आप बैठो, मैं आपके लिए नाश्ता लाती हूँ.." और इतना बोलते ही रूम से निकल गई।

नीलू के जाते ही मैं बेड पे चढ़कर बैठ गया और नीलू का इंतेजार करने लगा, जो कि 10 मिनट बाद नाश्ता लेकर आ गई। तो मैंने जल्दी से नाश्ता खतम किया और नीलू की तरफ देखने लगा। जो कि मेरे पास ही बैठी नाश्ता करता मुझे देख रही थी और बोला- “लो जी नाश्ता तो हो गया...”

नीलू एक सेक्सी स्माइले के साथ बोली- “हाँ, वो तो मैंने देख ही लिया। अब क्या करना है चाय पियोगे या दूध?”

मैं- नीलू जी, अगर अभी यहाँ बाजी ना आने वाली होती तो ताजा दूध ही पीता लेकिन क्या करूं?

नीलू- चलो कोई बात नहीं सन्नी जी, पिला ही देंगे आप को भी ताजा दूध... आज नहीं तो फिर सही..” और हेहेहेहे करके हँस दी।

और फिर बर्तन उठाने लगी और बोली- “जनाब 8:35 हो चुके हैं। अभी भाई और तुम्हारी बहन भी आने वाली है। आप अभी निकलो यहाँ से और जाओ बैठक में, मुझे रूम भी सेट करना है...”

मैं नीलू की बात सुनकर बोला- “तुम ऐसा करो, बर्तन रखकर आ जाओ। मैं रूम में पर्दा लगवाने में तुम्हारी मदद करता हूँ। जब फरी आएगी तो मैं बैठक में चला जाऊँगा तुम्हारे दरवाजा खोलने से पहले ही...”

नीलू मेरी बात सुनकर हँसती हुई बर्तन उठाकर रूम से बाहर को जाते हुये बोली- “कितनी जल्दी है बहना को चोदने के लिए?”

मैं भी नीलू की बात सुनकर हँस दिया और नीलू की वापसी का इंतजार करने लगा। जो कि दो मिनट में ही आ गई तो मैंने उसके साथ मिलकर बेड के बीच में दोनों तरफ एक रस्सी बाँधी और फिर दो बेडशीटों को मिलाकर बेड को बीच में से बांट दिया। अब बेड के तकिये वाली साइड का आधा हिस्सा दूसरी तरफ से नजर नहीं आ । सकता था, जब तक कि पर्दा हटा ना दिया जाए। अभी हमने पर्दा ही सेट किया था कि हमें बाहर वाला दरवाजा खुलने की आवाज सुनाई दी, तो हमने जल्दी से बाहर देखा तो काशी था जो कि दरवाजा लाक करके हमारी तरफ ही आ रहा था।

काशी रूम में आया और बेड पे लगा पर्दा देखकर बोला- “हाँ ये ठीक है..." और फिर मेरी तरफ देखकर बोलादेखो सन्नी, अभी मेरी बात हुई है फरी से। वो घर से निकल चुकी है आने ही वाली होगी यहाँ। लेकिन एक बात का गुस्सा नहीं करना, बल्की पूरे मजे और आराम से फरी के साथ मजे करना और जब मैं तुम्हारे साथ फरी का नाम लेकर कोई बात करूं तो बिना झिझके दिल की बात बताना। क्योंकी इससे हो सकता है कि फरी खुद ही तुम्हारे साथ खुला सेक्स करने को मान जाए."

 
मैंने काशी की बात सुनी और सोचा तो मुझे उसमें वजन महसूस हुआ तो मैंने 'हाँ' में सर हिला दिया और बोलाठीक है मैं तैयार हूँ..”

काशी ने कहा- “चलो अब तुम बैठक में चले जाओ क्योंकी 9:20 हो चुके हैं। फरी किसी भी वक़्त आ सकती है,

और जब मैं उसे रूम में ले आऊँ तो तुम भी आ जाना और रूम के बाहर खिड़की के साथ खड़े होकर अपनी बहन को देख भी लेना और बातें भी सुन लेना। लेकिन अपना मोबाइल साइलेंट पे लगा लेना ओके..”

मैंने भी 'हाँ' में सर हिला दिया और वहाँ से निकालकर बैठक में जाकर बैठ गया और दरवाजे को थोड़ा सा खुला ही रखा। ताकी मैं अपनी बहन को आता हुआ भी देख सकें। और इंतजार करने लगा। मुझे वहाँ बैठे ज्यादा देर नहीं हुई थी, कोई 10 मिनट ही हुये होंगे कि मुझे काशी दरवाजा की तरफ जाता नजर आया। तो मैं भी जल्दी से उठा और दरवाजा के पास जाकर खड़ा हो गया और काशी के घर के मुख्य दरवाजे की तरफ देखने लगा। जिसको खोलते ही काशी एक साइड पे हो गया था।

और दरवाजे के खुलते ही एक लड़की जो कि एक बड़ी सी चादर (दुपट्टा) में लिपटी हुई थी, घर में आ गई और उसके अंदर आते ही काशी ने दरवाजा बंद कर दिया और उसे अपने साथ लेकर नीलू के रूम की तरफ चल दिया। जैसे ही काशी उस लड़की को जो कि मेरी बड़ी बहन फरी ही थी, अपने साथ रूम में ले गया तो मैं भी बैठक से निकला और खिड़की के पास जाकर खड़ा हो गया जो कि बेड के करीब ही थी और थोड़ी खुली हुई भी थी। लेकिन उस पे पर्दा गिरा हुआ था जिससे मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन मैं बातें सुन सकता था।

नीलू- यार बैठ तो जाओ, खड़ी क्यों हो?

फरी- नहीं प्लीज़्ज़... मुझे ना तो बैठना है और ना ही यहाँ कुछ करना है।

काशी- देखो फरी, यहाँ आज जो भी होगा मैं वादा करता हूँ कि किसी को पता नहीं चलेगा और अगर तुम्हें कोई शक हो तो पूरा रूम चेक कर लो यहाँ कोई कैमरा नहीं लगा हुआ है।

फरी- “मैं तुम्हारी किसी बात का यकीन नहीं कर सकती, तुम पहले भी मुझे धोखा दे चुके हो...”

नीलू- “देखो फरी, मैं काशी की सगी बहन हूँ और ये हमारा अपना घर है। मैं तुम्हें यकीन दिलाती हूँ कि यहाँ कोई कैमरा नहीं है जिससे तुम डर रही हो...”

फरी- “देखो आखिरकार तुम लोग ऐसा क्यों चाहते हो कि मैं अपने ही छोटे भाई के साथ ये सब करवाऊँ?”

काशी- “क्यों फरी, अगर तुम्हारा भाई मेरे सामने मेरी बहन को चोद सकता है तो तुम अपने भाई से क्यों नहीं चुदवा सकती?”

फरी- “देखो, अगर सन्नी ने ऐसा किया है तो उसकी सजा तुम मुझे क्यों देना चाहते हो? प्लीज़... काशी, ऐसा मत करो ये मुझसे नहीं हो सकेगा...”

नीलू- “मेरी जान कौन कहता है कि ये सजा है? जब सन्नी का लण्ड तुम्हारी फुद्दी में घुसेगा ना तो यकीन । मानो... तुम मजे की शिद्दत से बेहाल हो जाओगी और वैसे भी सन्नी यहाँ आने ही वाला है और उसके आने से पहले तुम अपना ये ड्रामा खतम कर लो तो अच्छा है। क्योंकी हम नहीं चाहते कि सन्नी को पता चले कि वो अपनी ही बड़ी बहन को चोद रहा है..”

फरी- “प्लीज़... काशी, ऐसा मत करो मेरे साथ, वो भाई है मेरा। तुम जिसके साथ बोलोगे मैं करने को तैयार हैं। लेकिन प्लीज़ज़ सन्नी के साथ नहीं... तुम्हें खुदा का वास्ता मेरे साथ ये जुल्म ना करो..."

नीलू- “भाई, छोड़ो जाने दो इसे। अगर ये नहीं मानती तो हम इसके साथ जबरदस्ती तो कर नहीं सकते। अगर ये जाना चाहती है तो जाने दो। तुम इसकी बनाई हुई वीडियो इसके घर और मुहल्ले वालों तक पहुँचा दो... बाकी इसकी किश्मत?”

 
फरी- “नहीं प्लीज़... नीलू प्लीज़.. तुम तो खुद एक लड़की हो, तुम मेरे साथ ये सब कैसे करवा सकती हो? नहीं प्लीज़... काशी ऐसा मत करो मेरे साथ, मैं किसी को मुँह दिखाने के काबिल नहीं रहूंगी...”

नीलू- “तो फिर हमारी बात मान लो और सन्नी से चुदवा लो। तुम्हें भी मजा मिलेगा और सन्नी को भी और मजे की बात ये है कि सन्नी को पता भी नहीं चलेगा कि वो अपनी ही बहन को चोद रहा है...” ।

नीलू की बात सुनकर फरी खामोश हो गई और अब रूम से फरी की कोई आवाज नहीं आ रही थी।और कुछ देर की ये खामोशी बाहर खड़े मुझ पे बड़ी भारी गुजर रही थी और मैं दिल से दुआ कर रहा था कि फरी हाँ बोल दे।

कुछ देर बाद नीलू फिर से बोली- “हाँ तो फरी, फिर क्या सोचा है तुमने? सन्नी के साथ मजा करोगी या फिर बदनामी की जिंदगी गुजारनी है तुम्हें? जल्दी बताओ ज्यादा टाइम नहीं है अब..."

फरी की मुझे एक लंबी सांस की आवाज आई और फिर वो बोली- “ठीक है, मैं तुम लोगों की बात मानने को। तैयार हैं। लेकिन इस बात की क्या गारन्टी होगी कि मुझे तुम लोग दोबारा सन्नी के साथ करने को या किसी और के साथ करने को नहीं बोलोगे?"

काशी- “यार फरी, एक बार करके तो देखो... अगर मजा नहीं आया तो मैं अपनी बहन की कशम खाकर बोल रहा हूँ कि आज के बाद तुम्हें कभी भी कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं करूंगा और तुम्हारी जो मूवी मेरे पास है। उसे भी आज ही डेलिट कर दूंगा, ये वादा रहा...”

फरी ने काशी की बात खतम होने के बाद कहा- “ठीक है, मैं तैयार हैं लेकिन सन्नी को कुछ पता नहीं चलना चाहिए...”

काशी खुश हो गया और बोला- “जान, तुम यकीन करो उसे कुछ नहीं बताऊँगा मैं। बस थोड़ा इंतेजार करो मैं अभी उसे काल करता हूँ आने के लिए, 10 मिनट में आ जाएगा वो...”

काशी की बात सुनते ही मैं खिड़की से हट गया और बैठक में जा बैठा कि तभी मेरे सेल पे काशी की काल आने लगी तो मैंने काल पिक करके कहा- “हाँ साले, क्या बात है?”

काशी- कहाँ है यार?

मैं- “यार, एक दोस्त क साथ हूँ। क्यों क्या बात है, तेरी बहन तो याद नहीं कर रही मुझे?”

काशी- साले, वो तो हर वक़्त तुझे याद करती रहती है। आज एक नई लड़की फाँसी है आ जा जल्दी से।

 
मैं- “यार, एक दोस्त क साथ हूँ। क्यों क्या बात है, तेरी बहन तो याद नहीं कर रही मुझे?”

काशी- साले, वो तो हर वक़्त तुझे याद करती रहती है। आज एक नई लड़की फाँसी है आ जा जल्दी से।

मैं- साले, कौन है बता तो सही?

काशी- यार वोही नेट दोस्त है, जिसके लिए तेरा लैपटाप लिया था।

मैं- चल मैं आ रहा हूँ 10 मिनट में।

काशी- ओके... आ जा मैं बैठक में ही बैठा हूँगा, तेरा इंतेजार करूंगा।

मैंने ओके बोलकर काल कट कर दी और अपना लण्ड मसलने लगा जो कि फरी के आने से लेकर अब तक सर उठाए हुये था। थोड़ी ही देर में काशी भी बैठक में ही आ गया और बोला- “क्यों साले, अब तो खुश है ना?”

मैंने भी हँसते हुये अपने लण्ड की तरफ इशारा किया और बोला- “खुद ही देख ले यार, तुम्हें नजर नहीं आ रहा कि कितना खुश है..” और इस बात पे हम दोनों ही धीमी आवाज में हँस दिए।

कोई 10 मिनट गुजारकर हम दोनों बैठक में से निकले और नीलू के रूम की तरफ चल दिए, जहाँ आज मैंने । अपनी सगी बड़ी बहन की फुद्दी का मजा लेना था, जिसे सोचकर ही मेरा लण्ड फटा जा रहा था। नीलू के रूम पे पहुँचकर काशी ने नीलू को आवाज देकर कहा- “यार हम आ रहे हैं...”

तो नीलू ने झट से कहा- “एक मिनट रुको.." और उसके साथ ही रूम में से कुछ आवाजें उभरने लगीं और फिर नीलू ने हमें अंदर बुला लिया। जैसे ही मैं काशी के साथ रूम में दाखिल हुआ तो मुझे सिर्फ नीलू ही नजर आई क्योंकी फरी पर्दे के पीछे जा चुकी थी जिसकी वजह से नजर नहीं आ रही थी।

मैंने नीलू की तरफ देखा और जानबूझकर हँसते हुये बोला- “यार यहाँ तो तेरी बहन ही है, वो नेट दोस्त कहाँ है? नजर नहीं आ रही...”

काशी हँसते हुये बोला- “यार वो शर्मा रही है। मेरे साथ भी उसने बस एक बार ही किया है ना... तो आज तेरे साथ पर्दे के पीछे रहते हुये मजा लेगी...”

मैं- क्या मतलब? पर्दे के साथ किस तरह होगा यार, मैं समझा नहीं?

नीलू हँसते हुये बोली- “यार सन्नी, अभी नई है ना और उसे इर भी लग रहा है, तो हमने पर्दा लगा दिया है।

और वो बेड पे नंगी होकर पर्दे के पीछे अपना चेहरा छुपाकर रखेगी। बाकी उसके जिम से तुम पूरी तरह मजा ले सकते हो, वो तुम्हें मना नहीं करेगी...”

मैंने भी ड्रामा करते हुये कहा- “यार कहीं कोई जानने वाली तो नहीं है? जो तुम लोग इस तरह का इंतजाम किए बैठे हो?”

तो काशी ने कहा- “यार अगर मेरी दूसरी वाली बहन होती ना तो यकीन मान मैं तुम्हें मना नहीं करता और बिना पर्दा लगाए उसको तेरे से चुदवा देता...”

अबे साले तो फिर ये पर्दा हटा... देखें तो कौन है, जो इतना शर्मा रही है? कहीं जान पहचान वाली तो नहीं?"

नीलू थोड़ा गुस्से का नाटक करते हुये बोली- “यार सन्नी ज्यादा बातें ना कर और जल्दी से कपड़े उतार, मेरी दोस्त कपड़े उतारे तुमसे चुदवाने के लिए तरस रही है और तू बातें ही करता जा रहा है...”

मैंने भी अब ज्यादा बातें ना करते हुये अपने कपड़े उतार दिए और नंगा होकर बेड पे चढ़ गया। तो नीलू ने पर्दे के दूसरी तरफ कुछ इशारा किया तो पर्दे के नीचे से दो गोरी और बिना बालों की नरम सी मेरी बहन की टांगें खिसकती हुई बाहर मेरी तरफ आने लगीं।

बाजी की नंगी टांगें देखकर मैंने उन्हें पकड़कर थोड़ा अपनी तरफ खींच लिया जिससे बाजी की टांगें काफी बाहर निकल आईं। तो नीलू ने पर्दा थोड़ा ऊपर की तरफ खिसका दिया बाजी के चेहरा तक जिससे बाजी का पूरा जिम मेरे सामने आ गया लेकिन बाजी ने अपना चेहरा पर्दे के पीछे ही छुपाए रखा।

 
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