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Hindi Desi Sex Freinds Forever (ek daastaan)

Update 39


Recovery and return

जिशु को सात दिनों में हॉस्पिटल से रिलीज मिलता है । लेकिन उसके पापा शुबत मेहरा हिदायत देता हे की उसे घर लाया जाए । और बाकी सब भी वोही चाहते थे । तो जिशु को हॉस्पिटल से कोठी लेने के वजाए उसके अपनें घर ले के जाते हे सब लोग ।

जिशू काफी हद तक स्वास्थ्य लाभ करता है । लेकिन हर कोई उसके सेवा में लगे रहते थे । खासकर शीतल हर सुबह आती थी जिशु के घर और शाम को जाति थी । तानिया को लैब जाना पड़ता था उसकी भी कर्तव्य था कुछ ।

बहेरहाल जो हुआ अच्छा हुआ लेकिन गलत तरीके से हुआ था । लेकिन नतीजा अच्छा ही निकला जिशु और शीतल पास तो आ गए । प्यार मोहब्बत करने की इस्सुक को शांति तो मिली प्यासे की प्यास बूझेगी अब ।

In the playground

विशू ।" आह्ह्ह्ह कोई दिनों बाद शांति मिली हे "

शेतन ।" हा भाई सही कहा अब बला तली हे कितना अच्छा लग रहा है । चूस भाई चूस "

तपन ।" क्या चूस चूस लगा रखा है ।"

तपन कही से दोनो के पास आता है । और देखता है दोनो बंदर कुल्फी खा रहा है । जैसे तपती गर्मी में शीतल स्वाद का मनरंजन लेते हुए चहक रहा हो ।

तपन ।" क्या बे इस ठंड की मौसम में कुल्फी कहा से मिला वे ।"

शेतन ।" में ले के आया स्टार मीट से । पाता नहीं क्या वाहा हर चीज मिलता है । चूसेगा ।"

तपन भूरा सा मुंह बना कर ।" हट साला बेंचोद "

तभी जिशु भी वाहा टेलीपोर्ट हो के प्रकट हो जाता है । " क्या हो रहा है हर तरफ गाली ही गाली सुन रहा हूं "

विशु सरारती अंदाज में ।" तुझे किसने डांटा भाई । कहा से गाली सुन के आ रहा है ।"

जिशू कुछ नहीं बोलता है । (शीतल ने उसे घर से बाहर निकलने से सख्त मना किया था लेकिन जीशू फिर भी निकला था तो गाली तो सुनना ही जिशू को लेकिन प्यार वाली और भद्र शब्द के गाली लेकिन यहां तो अभद्र ही चलता है दोस्ती के बीच हाला की उसमे भी दोस्ती का प्यार होता है )

शेतन हास कर ।" और कहा सुनेगा । सुनाने वाली तो एक ही है ।"

लेकिन जली तपन की तपन ने एक लात मारी उसे । लेकिन दोनों हंसने लगे । खेर मस्ती मजाक तो चलते ही रहेंगे ।

जिशु आज एलान करनें जा रहा था अपने दोस्तो से । " ओए सुनो मुझे कुछ कहना है ।"

तीनों सुनने के लिए तैयार हो गए लेकिन जिशू बोलने के लिए मुंह खोलता है लेकिन बोलता नही या फिर बोल नहीं पाता ।

विशु ।" भोसरीके बोल साले ।"

जिशू फट से बोला देता है ।" में आंटी से शादी कर रहा हू।"

तीनों की मुंह खुला का खुला रह जाता है ।

शेतन ।" अबे तुझे पाता भी हे तू क्या बोल रहा हे । बची कूची खुशियां भी तबाह कर देगी । आबाद नहीं बर्बाद हो जाएगा समझा ।"

तपन ।" जीशू तू ये क्या बोल रहा हे । पागल तो नही हो गया ।"

जिशू ।" भाई लोग तुम सभी गलत समझ रहे हो । शादी करने का मतलब दुनिया को बताना नहीं है मुझे । बस हम एक कदम आगे बढ़ना चाहते हे । हमारे बीच ये बात राज रगेही । अब समझा तपन ।"

तपन गहरी सोच विचार करते हुए ।" आइडिया बुरा नही हे । में भी तानिया आंटी से शादी करूंगा फिर ।"

विशु ।" साफ साफ क्यूं नही बोलता एक दूसरे की मम्मी के साथ सुहागरात मानना है । हां हां "

शेतन भी हसने लगा हां हां हां हां

जिशु और तपन दोनो को कुटने लगते है । हां हां हां हां

विशू ।" अबे बस बस बोहोत मार लिया । हमें मार दोगे तो तुम दोनो की कौन शादी करवा देगा "

शेतन ।" साले बाप बोल हमे । शादी करवा रहा हू "

फिर से कुताई शुरू ।
 
Update 40


Vivah Swargam

जिशु के शीर पर से बैंडेज उतार चुका था टाके भी निकल दिए गए थे । पहले जैसे ही सुस्थ हो चुका था बस घाव के निशान ताजे थे उसके लिए समय अनिवार्य थे । जिशू को जैसे नई जिंदगी मिला वो बेहद खुश था । कभी सोचा नही था की उसे शीतल से प्यार होगा । रिश्ते ऐसे बने थे की उसे कभी कभी हांसी आ जाता था सोच के रिश्तों की उलझुलुल बंधन सोच को ।

कुछ दिन बाद चारो दोस्तो की बैठक लगाता है अपने अड्डे play ground पर ।

विशू,, तो बेटा तैयार हे शादी के लिए ,,

शेतन,, अरे बेटा जवान हो गया है तो शादी तो करेगा ही ,,

जिशू और तपन चिढ़ जाता है । विशु और शेतन हस पड़ता है दोनो के ऊपर ।

तपन ,, बकवास बंद करो । शादी के लिए कैसे प्रपोज करते है उसका कुछ आइडिया बता,,

विशु मजाक कर के ,, वाह भाई खुटा गाड़ने में कोई आइडिया नही चाहिए लेकिन अब शादी के लिए प्रपोज करने पर आइडिया चाहिए ,,(शेतन से),, ए भाई दे रे कोई आईडिया इस सांड को,,

जिशू दोनो को दे धुलाई दोनो के पिछवाड़े में घुटना मारता हे और दोनो को भागने लगता है ।

तपन,, साले कोई जरूरत नही हे तुम दोनो की निकल यहां से साले । जो करना हे हम दोनो देख लेंगे । निकल साले ,,

विशू और शेतन हास हास के पागल हो जाते हे । खेर मजाक मस्ती एक तरफ कर के चारो गंभीर मुद्दा पे बैठ जाते हे ।

तपन,,(जिशू से) तूने तो बात फिर भी कह दिया ,,

चेतन,, अच्छा अच्छा मेरा के सवाल हे,,

जीशू,, कैसा सवाल?,,

चेतन,, शादी का मतलब क्या है तुम दोनो को पाता ही है लेकिन तुम दोनो जो शादी करनें जा रहे हो उसका क्या मतलब है । में समझ नही पा रहा हूं शादी का मतलब हे तुम लोगो का । वैसा कुछ नही जो तुम दोनो को शादी की जरूरत हे ।"

जिशु ,, भाई शादी एक पवित्र रिश्ता हे और हम भी उसी पवित्र रिश्ते में बंधना चाहते हे ,,

चेतन,, ठीक है ये बात पल्ले पड़ रहा है लेकिन शादी को तुम लोग छुपा के रखोगे है ना । पर वोही तो है जब कोई एक दूसरे से बंधन मे बंध जाते हे उसी को शादी माना जाता है समाज के नजरो में । लेकिन एक दूसरे के लिए तो बस दिल की बंधन ही काफी है ना ।"

तपन रोमांटिक हो कर ,, तू क्या जाने यारा फीलिंग क्या होती हे इस रुस का सुवास ही ऐसा है । "

चेतन और विशू तालिया मारने लगता,, वाह वाह ,,

जिशू मुस्कुराने लगता है ,, बस बस फिर से तुम दोनो शुरू मत हो जाना । तुम दोनो ये बताओ हमारी मदद करोगे या नहीं ,,

चेतन जिशू को गले लगा के ,, बस भाई बस और बेगर मत कर । शाम के 6 बजे तैयार रहना महफील जमाने के लिए ।,,

चारों दोस्त गले मिलते हे । चेतन झट से बिजली की तरह डोर लगाते हुए गायेब हो जाता है । तीनों दोस्त ,, लो ,,

चेतन,, ये साला आज काल बेहद उड़ रहा है रफ्तार भी बढ़ गया कमीना मुझे जलाता हे ।

तपन,, तो तू भी जला ना उसे ,,

चेतन ,, प्लान बनाया है एक । इस बार एग्जाम में देर से आंसर बताऊंगा साले को ,,

जिशु और तपन हास पड़ता हे,, हां हां हां सही है कमीने को थोड़ा मजा सखाना बनता है ,,


Amuzing restro

समय 7 pm

पूरा रेस्ट्रो विशू और चेतन बुक कर लिया था । और खुद दोनों वेटर बन गए थे बाकी वेटर की छुट्टी करवा के । दोनो अपने दोस्तो की शाम बनाने का जिम्मा उठाया जो था ।

तानिया और शीतल ठीक 7 बजे रेस्ट्रो पोहोच जाती है । लेकिन अभी तक दोनों हीरो आए नही थे । उसका कारण था विशू और चेतन । दोनो ने बदमाशी की और 7 बजे का समय तानिया और शीतल को बताया और उन दोनो को 7:30 pm का समय बता दिया । ताकि दोनो हीरो अपनी अपनी बैटर हाफ से दांत खाए ।

शीतल और तानिया विशू और चेतन को वेटर की ड्रेस में देख के हसने लगी और शर्मा भी रही थी ।

तानिया ,, बदमाश तुम दोनो यहां क्या कर रहे हो,,

शेतन,, मोहतरमा हम तो आपकी सेवा करने के लिए हाजिर हुए हे इस मेहफील में । हम तो तुच्छ दास है ,,

शीतल,, जूते चाहिए गाल पे नालायक ये सब करनें के लिए हम तुम्हे पढ़ा लिखा के बड़े कर रहे है ,,

दोनो जमूरे गर्दन झुका के अपने काम में लग जाते है ।

शीतल मुस्कुरा के ,,, शैतान तुम्हारे दोस्त का कोई आता पाता नही कहा हे दोनो । आयेंगे की नहीं ,,

विशू ,, मोहतरमा उनके लिए आप दोनो को और 20 मिनट वेट करना पड़ेगा ,,

तानिया ,, क्यू ?,,

शेतन,, ताकि आप दोनो उन दोनो की खिंचाई कर सके ,,

तानिया और शीतल की मुस्कान निकल जाती है दोनो की बदमासी पर ।

शीतल,, अच्छा किया इसके लिए तुम दोनो को मेरे तरफ 100 रुपए टिप,,

विशू और चेतन का मुंह खुल जाता है,,बस 100 रुपए,,

तानिया हस कर ,, जाओ अपना काम करो नहीं तो रुपए की जगह हमारी जुटी की टिप मिलेगी ,,

दोनो बंदर की तरह भागते हुए रेस्ट्रो के किचन में जाते है और मास्टर शेफ से जान कारी लेता है तैयारी कैसी हे ।

7:31 मिनट पर जिशू और तपन सूट बूट पे डेसिंग हैंडसम हंक बन कर हाथो में लाल गुलाब लिए पैंथर की चाल मे तानिया और शीतल के पास जाता है ।

तानिया और शीतल एक टेबल पर मुंह लटकाए बैठी थी हाला की दोनो की नाटक थी ।

जिशू अपना फूल अदाकार सज्जन की तरह शीतल की तरफ अपनी लाल गुलाब फूल आगे बढ़ा देता ,, हेलो मिस,,

तपन भी वैसी ही मुस्कुराता हुआ नजाकत से पेश आते हुए फूल तानिया की तरफ आगे बढ़ा देता है,, हेलो गॉरगाउस,,

लेकिन दोनों की कोई प्रतिक्रिया नहीं । ऐसा देख कर दोनो एक पल के लिए घबरा जाते हे और मन में सोचने लगते हे कही दोनो कुछ गलत तो नहीं कर दिया । दोनो का चेहरा बिलकुल सफेद हो जाता है ।

तानिया और शीतल मन ही मन हस रही थी । और बस मजाक का मजा ले रही थी ।

विशू और चेतन तभी पानी ले आता है । विशु और चेतन पानी ऑफर करते है । जिशू और तपन अपने दोनो कमीने दोस्त की तरफ इशारा करता है । लेकिन दोनों चेहरे की भाव से कुछ नही पाता का इशारा कर देता है ।

तानिया चालक थी उसने दोनो तरफ से मजा लेते हुए नाराजगी दिखा के विशू और चेतन की तरफ देख एक बोली ,, 7 बजे से हम यहां बैठे हे अब जा के हमे पानी ऑफर कर रहे हो how is this behavior,,

शीतल भी नाराजगी दिखा के ,, ये कोई तरीका है किसी को बेबजा आधे घंटे तक इंतजार करवा के हमारा समय बर्बाद करना,,

जिशू और तपन एक दूसरे को हैरान हो के देखे ने लगते हे । पेहले तो कुछ समझ नहीं पाया । अपने अपने मन में (हमे तो 7:30 pm का बताया था । ओह समझा इन दोनो की मसखरी थी साले सुवार यहां भी ) दोनो विशू और चेतन को कच्चा खा जाने वाली नजरो से देखता है ।

विशू और चेतन नजरे इधर उधर कर के पानी ग्लास टेबल पे रख कर चले जाते हे पीठ पीछे हंसते हुए ,, अब दोनो की बैंड बजेगी,,

जिशु मानते हुए,, हमे पाता नहीं था आ लोगो को इन दोनों ने 7 बजे का समय बताया था ,,

तपन मनाते हुए,, हा इन दोनो की बदमासी हे,,

शीतल और तानिया कोई जवाब नही देती (बोहोत इश्क लड़ाने की आग लगी है अब झेलो हमारा नखरा )

जिशू तपन के कान में कहता है ,, तू अपनी वाली को साइड में ले जा में अपनी वाले को साइड में ले जाता हूं लगता हे मामला बिगड़ गया है अब हम मनाना पड़ेगा,,

तपन हा में शीर हिला देता है ।

तपन (तानिया से),, जरा उस टेबल पर चल के बात करते है ,,

जिशु (शीतल से ) प्लीज उधर चलो ना ,,

शीतल और तानिया की नखरे और बढ़ ही जाती है दोनों मुंह फुलाए बैठे जाती हे ।

तानिया (शीतल से),, शीतल मुझे लगता हे हमे अब चलना चाहिए । येहा बैठ के अब क्या फायदा चलो हम किसी दूसरी रेस्ट्रो पे जा के खाना खाते हे,,

शीतल ,, हम्म सही कहा । चलो चलते हे,,

दोनो मजनू घुटनो पे गिरगिरानें लगते है ।

तानिया और शीतल खुद को रोक नहीं पाती अपनी अपनी सैया की हालत पे तरस खा के मुस्कुराने लग जाती है । तभी तपन और जिशू की सूखे होंठो पे मुस्कान आ जाता है ।

तभी एक रोमाटिक माहोल बन जाता है जगमगाती लाइट जल जाते है और दोनो लंगूर दोस्त रोमांटिक पियानो म्यूजिक लगा के खुद भी Saxophone और violin बजा के मधुर संगीत का माहोल बना देते हे । और ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां गिरने लगते हे ।

तपन एक घुटना फर्श पर और एक हवा में उठा के जैप से अंगूठी निकल के गले को थोड़ा खरस मार के ,, "तुम्हारी याद में आँखों का रतजगा है, कोई ख़्वाब नया आए तो कैसे आए..
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" इन आखों में सदा के लिए डूब जाना चाहता हूं क्या और इस डूबने को शादी का नाम देना चाहता हूं । क्या तुम्हे मंजूर हे ,,

जिशू खड़े हो के शीतल कि आंखो में देखते हुए ,, तेरे हुस्न के आगे मुझे लगता है सब कुछ सादा आस्मां में है पूरा चाँद पर मुझे लगता है आधा । बस इस हुस्न से डुबकी लगा के पवित्र होना चाहता हू और इस पवित्रता को शादी के बंधन देना चाहता हूं क्या ये परी राजी हे मेरी नेक दिल की अल्फाज को स्वीकार करने के लिए ,, और फिर झेप से रिंग निकल लेता है ।

तानिया और शीतल बस मुस्कान फैल जाती हे और शिर हा में हिला के शर्माती हुई बाई हाथ आगे कर देती हे । दोनो अपनी अपनी होने वाले वाली भावी पत्नी की उंगली अनामिका उंगली में अंगूठी पहना देती है ।

विशु और चेतन जोर जोर से तालिया बजाते हुए चिटी मारता हे और तभी आसमान में फटाके के फूटने लगते हे जिसमे दोनों की जोड़ी दार नाम आसमान में अंकित हो जाता है ।

फिर एक शानदार पार्टी उन लोगो की शुरू हो जाती है।
 

[color=rgb(255,]Update 41

Vivah sampanya[/color]
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इस बार भी फिर एक बाप को मामू बनाना था । और इस बार भी चार बाप आसानी से मामू बन गए । चारो ने ऐसा मामू बनाए अपनी उम्र की तजुर्बे से मात खा गए । अपने अपने कमीने बेटों चाल में फांस गए थे ।

लेकिन इस बार चार बाप के साथ दो और औरतों को भी बेवकूफ बनवाना था और वो दो थी दीपाली और तराली । जिनको फसाने में तानिया और शीतल की दिमाग लगी ।

तराली और दीपाली की एक कमजोरी थी और वो थी और वो थी दोनो की मासिक धर्म यानी की माहवारी । इस जानकारी को औरते एक दूसरे के बारे में साझा करना एक प्रथा थी । जो हर महीने 25 या 26 तारीख को शुरू होती थी दोनो को ही एक साथ ।

और इन लोगो ने घर पे ये बोला की शहर के बाहर एक मंदिर में बोहोत बड़ी हुम योग्य पूजा होने वाली हे और उस पूजा में भाग लेने वाले भक्तों की दुयाय पूरी होती है । ऐसे में पवित्र पूजा में तराली और दीपाली अपनी मासिक अवस्था में कैसे जा सकती है सदियों की प्रथा के अनुसार दोनो ने जाने से माना कर दिया । और ये लोग वोही चाहते थे ।

नवंबर महीने के 26 तारीख छे छे निकल पड़े मकसद को अंजाम देने । एक पहाड़ी इलाके के छोटे से गांव में सारा कुछ प्रबंध किया था विशू और चेतन ने । और एक जुबान के पक्के पंडित को मोटी हरी पत्ती खिला के शादी का रसम पूरा करते है ।

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Water over house[/color]
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समय शाम के 7 बजे ।

गांव के जंगल में एक मुचवारे की लकड़ी के घर को किराए पे ले के साफ सफाई करवा के शुगहरात के लिए सजा दिया था । झोपड़ी में सिर्फ दो रूम थे जहा दिवारे भी लड़की के फर्श और चट्ट भी लड़की के बना हुआ था ।

विशू,, ओक तो आज से तुम दोनो की नई जिंदगी के लिए मुबारक हो । सब काम निपटा दिया हे तुम दोनो की दुल्हनिया अंदर दोनो एक एक कमरे में इंतजार कर रही है । अब हम दोनो विदा लेते हे ,,

जिशु,, तुम लोग कहा जा रहे हो ,,

चेतन,, मित्र क्या हैं की हमें ऐसी वैसी फिल्म देखने का कोई शोक नहीं हे ।

चेतन के मजाक में तीनों बस हास पड़ते हे ।

विशु,, ओके हम पास ही के लॉज में रहेंगे । कुछ भी जरूरत हो तो बता देना ,,

विशू और चेतन गाड़ी ले के निकल जाते हे ।

पहाड़ी की जंगल में सुहागरात एक रोमाचिक महसूस करवाने वाला खुशनुमा एक रंगीन रात होने वाली थी ।

जिशु,, ठंड बोहोत है यहां तो । चारो तरह जंगल ही जंगल कोई जंगली जानवर ना आ जाए ,,

तपन,, आ भी जाय तो घर पर चढ़ नहीं पाएंगे बोहोत ऊंची बेस है । ,,

दोनो के दिल में एक नया एहसास था एक शर्म थी जो बयान करने पर कटरा रहे थे । दोनो बिन कहे ही घर की तरफ बढ़ चले । और दरवाजे पे रुक के एक दूसरे को शुभकामनाए दे के अंदर घुसते है दोनो ही शेरवानी से अपने अपने जैकेट उतार के टांग देता है ।

Room no 1

तानिया फूलो से सजी छोटे से कमरे में चोटी सी फूलो से सांझा खटिया में सॉल ओढ़ के बैठी थी
। जैसे ही तपन की तरफ देखा उसने आंख मार दी तपन की मुस्कान निकल गया । तपन गंभीर कदमों के साथ उसके पास बैठ गया । दोनो ही एक दुसरे की आंखो में खो गए । शुरुवात आखों से करने की ठान ली हो ।

Room no 2

शीतल के लिए सब कुछ नया जैसा था । जिशु के साथ शर्म की बांध अभी तक टूटी नहीं थी उसकी अब तक मर्तबे में जिशू के साथ कोई खास जिस्मानी हुई नही थी और आज की सुहागरात पर वो बुरी तरह शर्म से पानी पानी होने वाली थी ।

जिशू उसके पास जा के प्यार से बैठ जाता है और सबसे पहले नजाकत से घुंगत उठा देता हे । शीतल एक नजर ऊपर कर के जिशू को शर्मीली मुस्कान दे के नजरे नीची कर लेती है


Room no 1

तपन ,, वाओ बेबी आज तो कहर डालने वाली हो मेरे ऊपर तुम ,,

तानिया,, पहले मुंह दिखाई ,,

तपन हस के जैप से एक चमकती हुई नाग मनी निकल के दिया । तानिया खुशी से झूम उठी ।

तानिया,, वाओ जानू कहा मिला इतनी दुर्लभ चीज । इतने महंगे कैसे लाएं ,,

तपन,, नही ज्यादा महंगा नहीं है यहां सस्ता ही मिला,,

तानिया नखरा दिखाती हुई ,, तो तुम सस्ते चीज दे के मेरो कीमती चीज लूटना चाहते हो ,,

तपन उसे बाहों में भर लेता है और मर्दानगी अंदाज में उसकी गेहने उतरने लगता है ,, सात बच्चन के साथ तुम्हे जेवरात से तोल भी दूंगा एक दिन बस कुछ समय दो अपने पेड़ो पे खड़े होने का ,,

तानिया उसे गले से लगा के बोली ,, इसकी मोह नही मुझे । बस बाकी की जिंदगी तुम्हारे बाहों में गुजर चकु मेरी ख्वाइश है ,,

तपन ,, मेरी पहनाई हुई मंगलसूत्र और मेरी भरी हुई मांग की सिन्दूर में बोहोत खूबसूरत लग रही हो पहले से ज्यादा निखार और मेहेक रही हो । आज बर्दास्त कर लेना में आज लावा बनने वाला हूं ।,,

तानिया बस मुस्कुराती है वो समझ गई थी आज की सुहागरात कुछ खास होने वाला है ।और दोनो में नई जिंदगी की ख्वाइसो पर चर्चित करने लग जाते है

Room no 2

जिशु उपहार के तोर पर एक कमर बेंड भेत करता है । शीतल शर्माती हुई गिफ्ट को साइड पर रख कर ,, शुक्रिया आपका ,, और केसर वाला दूध आगे कर देती है ।

जिशू दूध ले के एक सांस में पूरा ग्लास पी जाता है । शीतल मुंह दबा के मुस्कुराने लगती है ।

जिशू ग्लास टेबल पर रख कर ,, वो सुबह से उपवास में था ना तो । और बोहोत स्वादिश था ,,

शीतल फिक्र जाता कर ,, रुको में खाना लाती हूं बाहर कुछ खाना रखा है,,

जिशू बिस्तर पर लेट जाता हे और शीतल को छाती पर गिरा लेता है । शीतल की चूड़ियां खनखन गूंज उठती हे और जिस्म पर एक रोमांचित एहसास रोम रोम में महसूस होती है लेकिन उसकी शर्म और भी बढ़ जाती हे ।

जिशू,, पंडित जी ने कहा है जब सुहागरात की रसम पूरा हो जाए तो पहले अपनी पत्नी को खिलाना फिर खुद खा लेंना,,

शीतल शर्मा के बोलती है ,, आप ने गलत सुना हे । ये बात मेरे लिए थी पत्नी पहले पति को खिलाती है फिर खुद ,,

जिशू,, मगर मेरी दुनिया में पहले आप । और ये क्या आप मुझे आप क्यू बोल रही हे । ,,

शीतल,, क्यू की रिश्ते मे तो आप बड़े हे ,,

जिशू,, नहीं में चाहता हूं हम दोनों जब भी बात करे एक समान हो कर बात करे इसलिए नो आप ठीक है ,,

शीतल उसकी छाती पे मुंह छुपा लेती हे ,,ठीक है तुम भी नो आप,,

दोनो में नई जिंदगी की बाते शुरू हो जाती है ।[/color]
 

[color=rgb(255,]Update 42

Wedding night[/color]
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वेसे तो जिन्होनें मना ली है वो इसका उत्तर अधिक अच्छे से दे पायंगे, फिर भी यदि इसका शाब्दिक अर्थ भी करे तो

सुहाग+रात

सुहाग का एक अर्थ सौभाग्य भी होता है। तो नव दंपति को उनके सौभाग्य से यह रात प्राप्त होती है। तो यह उनके लिए सौभाग्य की रात भी है।

दूसरा इसे पत्नी के दृष्टिकोण से देंखे तो क्योकि कन्या पहली बार सुहागन बनती है इसलिए उसकी पहली रात उसके पति यानी उसके सुहाग के साथ होती है। तो उसके सुहाग के साथ उसकी पहली रात होती है।

ओर भी अनेक कारण हो सकते है, जिस कारण हमारे पूर्वजों ने इसे सुहागरात नाम दिया।

सुहागरात एक दूसरे को समझने की रात होती हैं, एक दूसरे को मन से अपनाने की रात होती हैं, एक दूसरे को ये एहसास करवाने की रात होती हैं की अब आप में और उन में कोई फर्क नहीं हैं। लेकिन दोनों जोड़े की रिश्ते कुछ अलग प्रकार के थे ।

Room no 1

तपन तानिया की जिस्म से हर एक गहने के साथ हर एक वस्त्र उतार देता हे । माना जाता है सर्दी में शादी करने का मजा ही कुछ अलग होती है योन संबंध में लुफ्त ज्यादा होता हे ।

लेकिन ठंड की वजह से तपन और तानिया कंबल के अंदर थी जो दोनो निबस्त्र । तपन तानिया की जिस्म पर हर एक अंग को चूमना चाहता था लेकिन कंबल के अंदर मुस्किल होता है रोसनी पर तानिया की गोरी चिकनी त्वचा दिखाई जो नहीं पड़ती थी ।

तपन फिर भी तानिया की टांगो के बीच जीव से कामुक खेल की शुरुवात करता हे कंबल के अंदर ही । तानिया की हाथो पे रची महंगी उसकी चेहरे की चमकती हुई मेकअप की वज़ह से कुंवारी दुल्हन लग रही थी । खटिए पे काम सुख से सिसिया रही थी ।

Room 2

जिशु हर एक अंग चूमते हुए शीतल को नंगी कर देती है । शीतल कसमसाती हुई शर्म से अपने आपको कंबल में छुपाने की नाकाम कशिश करती हे । जिशु भी कंबल के अंदर नंगा था ।

जिशु शीतल की शर्माती हुई चेहरे को प्यार कर के बोला ,,, क्या तुम तैयार हो । अगर तुम्हे वक्त चाहिए तो हम जब तक चाहे रूक सकते हे ।

शीतल आज प्यार की प्यासी थी वो जिशू के आगोश में समा के बिन लफ्जों से ही बयां कर देती है दिल की बात ।

Room no 1

तपन और तानिया के बीच की रिश्ते में अब तक एक गेहरी रिश्ते बन चुका था । जो एक दूसरे से जिस्मानी होने एक शर्म मिट के एक समझ बनती है को एक दूसरे की भाव से ही समझ जाते थे की एक दूसरे को क्या चाहिए वो बंधन पहले ही बंध चुकी थी ।

कम्बल से बाहर सिर्फ दोनो के ही गर्दन निकले हुए थे । दोनो अब बस मिलन की आनंद उठाना चाहते थे ।

तपन तानिया की आखों में देखते हुए ,, बेबी आज हमारा सुहागरात हे कुछ नया होना चाहिए ना ,,

तानिया उसकी नाक में नाक रगड़ती हुई,, जानू नया करने को बचा ही क्या है अब अब तक हमने 156 बार कर चुके हे और तुमने हर पोजीशन में किया हे । कम्बल के अंदर और क्या नया करोगे । में खुश इस बात से की तुम रीति रिवाज से मेरे पति बन गए हो चाहे जो भी हो पति तो बन गए मेरे ,,

तपन उसकी कान फुसफुसाता है ,, एक जगह हे जो तूने मुझे अब तक छूने भी नहीं दी ,,

तानिया समझ जाती है उसकी होंठो पे मुस्कान आ जाती है ,, नहीं बाबा वाहा नेही ,,

तपन,, क्यूं आज ट्राय कर लो । और तुमने तो बताया था की वाहा पहले भी किया है,,

तानिया ,, उम्म्म तुम क्या चाहते हो सुबह अपने बेटे और तुम्हारे दोस्तो के सामने लंगड़ाती फिरू । क्या सोचेंगे मेरे बारे में मुझे शर्म नही आयेगी क्या ,,

तपन मजाक करते हुए ,, सुना है गाओ में अगर सुहागरात के दूसरे दिन लंगड़ा के ना चले तब दूल्हे कि बड़ी खिंचाई होती है । और में वो खिंचाई अपने दोस्तो से नही सुनना चाहता ,,

तानिया जूठी गुस्से से ,, तो अपने दोस्तों के आगे मर्दानगी दिखाने के लिए मेरे साथ ऐसा करोगे ,, फिर मजाक करते हुए ,, में भी जिशु बोल दूंगा फिर शीतल की हालत खराब करने के लिए,,

तपन हस पड़ता है ,, धेत्त । में तो मजाक कर रहा था । वैसे ऐसा हुआ तो में भी तुम्हे नहीं छोडूंगा खा जाऊंगा तुझे ।

तानिया उसकी गाल सेहलाके ,, मन कर रहा है क्या ,,

तपन शीर हिला कर ,, हम्म लेकिन तुम ना करो तो नही करूंगा ,,

तानिया ,, तुम्हे कैसे माना कर सकती हूं में । आज तो कतई नही । कुछ तेल जैसा कुछ चीज है ,,

तपन ,, हा विशु ने एक लुब्रिकेंट और चेतन ने कंडोम दिया था हम दोनो को ,,

तानिया मुस्कुराती है ,, बदमाश कहिका ये सब भी दिया है । अच्छा कंडोम से करना सही होगा आसानी होगी । तुम्हे बुरा तो नहीं लगा ,,

तपन ,, नहीं इसमें क्या बुरा लगेगा मेने भी अब तक कंडोम से ट्राई नहीं किया आज कर लेटे हे । ,,

तपन अपनी शेरवानी की जैप से लुब्रिकेंट की सीसी और कंडोम निकाल लेता हे ,,

Room no 2

जिशु शीतल को कंबल के अंदर निबस्त्र कर के हर एक अंग चूमने लगा था । शीतल आंखे बंद कर के बस जिशु को अपनी जिस्म को हर एक चुम्बन के साथ सोप दे रही थी । सुखद आनंद की आहे मुंह में दबा रही थी क्यू की उसे शर्म आ रही थी ।

जिशु उसकी चूत की भगनासा को जीव से भोग रहा था । जिशु मन में (क्या आंटी को भी मेरा चुसवा दूं । अरे नही वो शर्म के मारे मर जायेगी लेकिन उस दिन तो चूसा था । नहीं उस दिन नशे में थी आज की बात अलग है एक होश में और ऊपर से पति भी बन गया हू आज नही कर पाएगी )

जिशु उसकी चूत काफी देर तक चूसता है जिससे शीतल पानी छोड़ रही थी और आनंद में नई जगत की लुप्त हो जा रही थी । जिशु उसकी मोटी जांघो को चूमता हुए उसकी नाभी से खेलने के साथ उसकी मखमल पेट भी मसलते हुऐ चूम के शीतल को पूरी तरह से कामुत्तेजोक कर देता है । शीतल अपनी जिंदगी की अध्याय में पहली बार एक नई काम सुख की आनंद को महसूस कर रही थी एक गैर जो अब पति बन कर उसकी रोम रोम से जुड़ चुकी है ।

जिशु उसकी बड़ी आकर की चुचियों को मसल मसल के पीने लगती है । शीतल धीरे धीरे शर्म का परदा गिरा देती है और नशीली सुखमय कामुक नजरो से जिशु को देख रही थी लेकिन इस बार अपनी आह को खुल के निकलती है ।[/color]
 

[color=rgb(255,]Update 43

Shuhagraat Kayem rahe[/color]
[color=rgb(255,]

Room no 1

तपन अपने लंड पर कॉन्डम चढ़ा लेता हे और आधी सीसी लुब्रिकेंट मल के तानिया की ऊपर चढ़ जाता है । दोनो की आखों से आंख मिलती है और दोनो ही सहमति जताता है ।

तानिया अपनी शिर के नीचे दो तकिए रख देती है ताकि उसकी हाथ नीचे पोहोच जाए । अपने नए पति का लन्ड पकड़ कर अपनी गान्ड की छेद पर लगा के जिशु को आखों से जवाब देती है जिशु की अपने सुपाड़े से तानिया की गांड के छल्ले का एहसास होता है और वो दबाव देता है लेकिन लंड पिछल जाता है ।

तानिया फिर से निशाना साध देती है और ध्यान रखती है की इस बार ना पिछले । जिशू उसकी आखों में देख के फिर दबाव देता है इस बार उसका लन्ड गांड की छेद भेद करते हुए एक चौथाई हिस्सा घुस जाता है तो तानिया तुरंत ही बची हुई लंड के हिस्से को कस के मुट्ठी मार के आन्ह्ह्ह कर के जोर से चीख पड़ती है ।

कमरे की दीवार लकड़ी को जिससे काफी दरारे थी तानिया की चिंख दूसरे कमरे तक सुनाई देती है ।

Room no 2

जिशु और शीतल को तानिया की चीख सुन के अपने कार्य पर रोध लगा देते है । जिशु बरबर करता हे ,,साला कमीना ,,

शीतल मुस्कुराने लगती है । जिशू भी मुस्कुराता है उसे देख कर और उसकी टांगो के जगह बना लेता है (हरामी साला रूक तुझे बताता हू ) और शीतल की चूत पर कड़ारा धक्का मारता है ।

शीतल दर्द से बिलबिला उठती है उसकी चीख दूसरे कमरे में जाती है ,, उईईईह्ह्ह मर गई ,,

Room no 1

तपन अभी भी कशिश में लगा था लेकिन अपनी मम्मी की चींख सुन के रूक जाता है ।तानिया की हसी निकल जाती है ।

तानिया मुस्कुरा कर ,, क्या हुआ अब पता चला किसी की मम्मी के साथ ,,,

तपन मुस्कुराता हे ,, थोड़ा सेहन करना प्लीज,,

तानिया ,, नही जोर से मत करना ,,

तपन तानिया को बाहों में भर के धक्के लगाने शुरू करते हे । तानिया हर धक्के के साथ घुट घूट के आन्न्ह्ह्ह आन्ह्ह्ह्ह अन्ह्ह्ह कर के गला फाड़ रही थी । उसकी भींची आंखे चेहरे की भाव बता रही थी की उसे तकलीफ हो रही है । लेकिन झेल रही थी जो एक औरत में वो सेहन शक्ति की ताकत छुपी रहती हे । तपन का लंड के आधे हिस्से उसकी टाईट गांड में कस के फैला कर घुसता था और बाहर निकलता था । सुकर था की उसकी गांड टाईट होने की वजह से लंड तेजी से घुस नहीं पा रहे थे ।

Room no 2

जिशु शीतल की आखों में देख के उसकी होंठ चूसने लगता है और एक मध्यम रफ्तार में शीतल को चोदने लगता हे । जिशू का लंड उसकी गीली चूत के पूरी गेहराई माप ले रहा था । शुरू के कुछ पल शीतल बोहोत चिंखी लेकिन बाद में उसे निरंतर आनन्द आने लगी और जिशु को कस के गले लगा के पूरी साथ देते हुए आह्ह्ह्ह उह्ह्ह कर ले कामसुख का आनंद उठाने लगी । जिशु बीच बीच में उसकी गाल चूमता कंधे चूमता बदन को मसलता । शीतल शर्म आ रही उसका बेटा उसके पास ही था दूसरे कमरे जिसकी हरकत सुनाई दे रहा था । लेकिन उस निजी असीलता पर उसे एक अलग ही जोश महसूस हो रही थी । और जिशू के आखों में आंख डाले जता रही थी की उसे कितनी कामसुख मिल रही है जिशु से ।

Room no 1

तपन थोड़ी देर के लिए विराम लेता है । तानिया भी राहत लेती है । गांड चुदाई में चूत चुदाई का मजा तो नहीं हे लेकिन किसी किसी को एक चचका लग जाती है जो कभी कभी किसी को वो चचका चूत चुदाई की मेज से ज्यादा आनंदायक होती है । पर तानिया को गांड मरवाने का कोई चचका नही थी । लेकिन आज पहली बार उसे अलग ही महसूस हुई । तपन की बाहों में कसती हुई खुद को आगोश में पा कर और तपन के लंड से बेहाल हो कर जिस्मानी रूप से मर्द का एहसास पा कर खुश थी । हर औरत चाहती है उसका पार्टनर जिस्मानी रूप से बेहतर हो ताकि उसको संतुषी दे सके । तपन ने उसकी रक्षा कर के पहले जी जता दिया था कि वो उससे कितना प्यार करता है खयाल रखता है । तानिया तपन से पूरी तरह से कायल हो चुकी थी ।

तानिया लंबी लंबी सांस ले के ,, फाड़ दी मेरी तूने ,,

तपन ,, ज्यादा दर्द हुआ क्या ,,

तानिया मुस्कुरा कर ,, नही बरदस्त कर सकती हू । तुम्हे कैसा लगा मजा आया ,,

तपन,, हा मजा तो आयेगा ही लेकिन थोड़ा अलग लगा । वो जो तुम्हारी छेद का मुंह हे ना वो एक दम रबर की तरह खींच के रखती है लेकिन अंदर नर्म नर्म अच्छा लगता है ।,

तानिया मुस्कुराती है ,, अच्छा भूल मत तुम्हारी भी वैसा ही है ,,

तपन हस पड़ता है ,, कितनी गंदी हो ,,

तानिया ,, चलो रूक क्यू गए ,,

तपन ,, थोरी गंदी बाते करो ना उनको सुना दो ताकि जले ,,,

तानिया मुस्कुराती हे । तपन फिर धक्के मारने लगता हे तानिया को भी मजा लेने की मन करता है और वो चिल्लाने लग जाती है ,, ,, ओह जानू आन्ह्ह्ह जानू उह्ह्ह्ह नहीं । प्लीज धीरे अन्ह्ह्ह मर गई । उन्ह्ह्ह्ह जानू अप्प्स आआह्ह्ह नही फट जायेगी । प्लीज जानू प्लीज ।,,,

Room no 2

जिशु कान खड़े कर के ,,, साला हरामी कर क्या रहा है ,,

शीतल उसे प्यार करती हे उसके गाल चूम के बोलती है ,,, शिंता मत करो तुम्हारी मम्मी को मजा आ रही है ,,,

जिशू,,, आपको कैसे पाता ,,

शीतल मुस्कुरा के ,, बस पता हे हर चीज बताए नही जाते है । कुछ चीजें समझा जाता है ,,

जिशु मुस्कुराता है और शीतल की लबों पीने लगता है । जिशु उसकी जीव डाल के सलाइवा पीने लगता है । शीतल मुग्ध हो जाती है कभी उसके पति ने ऐसे क्रीड़ा करते हुए जोशीला चुम्बन बिना टूटे कभी नही किया ।

जिशु अपनी मम्मी की कामुक आवाज़ें सुन के जोश में ताबड़ तोड़ धाक्के मारने लग जाते हे ।शीतल आनन्द में खुले मन से चुदवाने लगती है ।

एक नई बात थी की दोनो दोस्त को एक नया एहसास मिला एक नई अनुभव अपनी अपनी मम्मी की कामुक आवाज़ें सुन के जोश में एक दूसरे की मम्मी को चोदा मन में एक सुखद कामुक एहसास जो मिला था वो अनोखा था जो कभी सायेद एक दूसरे से बयान नहीं करेंगे ।

उस रात जिंदगी

मुझसे मुखातिब हुई

मुस्कराई करीब आई

बाँहों में जा समाई

हम-बिस्तर.... हम-बदन हुई

जैसे कि हों एक जान

एक ही जिस्म भी!

गुजरती रात के साथ

हम इठलाते रहे

सहलाते-गुदगुदाते रहे

एक दूजे के / अपने ही से

जिस्मों को

साँसें, धड़कन, छुअन, सिहरन

हर अहसास से

मिलन का / दो से एक होने का

इत्मीनान तलाशती सी अंगुलियाँ

थिरकती रही जिस्मों पर ....

वक्त थमा नहीं

रात ढलती रही

देर किसी पहर

कौंधे किसी प्रश्न ने शायद

सहलाने, गुदगुदाने को

कुरेदने में बदला होगा

जिस्मों सी नजदीकी को

दिलों में ढूँढना चाहा होगा...

शायद

खुशनसीबी पे गुमाँ की चाहत ने

सहलाते, गुदगुदाते

....कुरेदते हुए जिस्मों को

जज्बातों को

अहसासों को

जख्मी कर डाला

जिस्मों पर

जज्बातों पर

गहराते जख्मों की चीर-फाड़ से

सुबहे सेहतमंद होते रहे.

यकीं तिनका-तिनका बिखरता रहा

सुलगे हुए जज्बात

धुआं बन उड़ते रहे

नाजुक से अहसास दम तोड़ते रहे

सुबह

सलवटों से अटी

मसली हुई चादर पर

अनमने, अलहदा, खामोश,

....बेजान जिस्म

बीती रात की 'रंगीनी' के

राज खोल रहे थे!

[/color]
[color=rgb(255,]हसीन रात यादों की पन्नो पर अंकित हो गया[/color]
 

[color=rgb(184,]Update 44

Giant Forest[/color]
[color=rgb(184,]

कालिकामुख,, हेती क्या क्या लगता है पहला अध्याय पूरी हुई की नहीं,,

हेती,, कलिकामुख पहला अध्याय पूरी हुई । इसका प्रमाण जिशू और तपन की नियति कह रहा है । ,,

प्रहेति,, और दोनो ने नियति को अपना भी लिया हे । इसका मतलब है की मक्खियां जैसे मिठाई के ऊपर भिन भिनाना नहीं छोड़ता थी उसी तरह दोनो मित्र भी अपनी अपनी मम्मियों की हुस्न की काम लीला से दूर नही रह पाया ,,

कुभीनशी,, तो क्या दूसरा अध्याय शुरू किया जाए । उसकी नियति लिखी जाए क्या ,,

वीरान जंगल में चार पेड़ और इंसान की मिश्रित रुप आकार के 50 फीट ऊंची ऊंची पेड़ जोड़ो से चलते हुए कथन कर रहे थे ।

हेती,, दूसरा अध्याय कौन लिखेगा ,,

प्रहेती,, इस बार बारी है कुभीनशी का ,,

कुभीनशी,, प्रस्सात है । मेरी मार्क अलग हे दूसरा अध्याय लिखा जायेगा मगर मेरी नजरिए से । मेरी रूसी तो जानते है ही हो तुम सब लोग ।

प्रहेति हस कर ,, पता हे राक्षस कुभीनशी पाता है तुम्हारी चाटन में किसी को दखल अंदाजी पसंद नही है । लेकिन आपकी अध्याय की रचनाएं बड़े उन्नत मान के होते हे दृश्य मनमोहक होते है मन केंद्रित हो जाते है ध्यान मग्न रचनाए होते है ।,,

कालिकामुख,, भाई मुझे तो अध्याय लिखते जमाना हो गए ।,,

प्रहेती,, क्यूं आप लिखना चाहते है क्या दूसरा अध्याय,,

कालीकामुख,,, इस्सा तो थी पर राक्षस जगत का असूल है हर कार्य क्रम अनुयाई होना चाहिए । में तीसरा अध्याय आन पड़ी तो उसपे मेरे कलम की चियाही होगी ,,

कुभीनशी,, शुर्किया कालिकामुख पर क्या वो अवसर आएगा तीसरी अध्याय की जरूरत होगी । पाता है ना मेरी अध्याय अंतिम और सतिक होती है ,,

कालिकामुख,,, मगर इस बार तीसरी अध्याय बनेगी । लिख के देता हूं में ,,

कुभीनशी,,, हां हां हां हां देखते है मेरी कलम क्या तीसरी अध्याय मांगती है की नहीं ।,,

हेती,, इसका अर्थ ये हुआ कि आपको अपने कलम पर भारशा नहीं है । आपकी कलम अंतिम बिंदु किस जगह पर दागेगी आपको नही पता क्या ,,

प्रहेती ,,, राक्षस हैती कुभीनशी के काबिलियत पर सन्देह मत करो याद है ना कुभीनशी का us कहानी की अंतिम अध्याय कितना प्रसलित हुआ था पूरा जंगल उत्सव मनाया था उसकी अंतिम अध्याय से प्रफुल्लित हो कर ,,,

हेती,, प्रहेति आप सायेद भूल रहे हे कुभीनशी का जुबान पत्थर की लकीर होती है ,,

कुभीनशी ,,,, अरे अरे राक्षस हेती , राक्षस प्रहेति आप दोनो तो बच्चो की लड़ पड़े । समय की नियति पर विश्वास रखिए उत्तर मिल जाएगा । चलिए थोड़ा विश्राम कर लीजिए ,,

A Memorable Morning

समय 10 बज कर 13 मिनट ।

विशू और चेतन झोपड़ी पर आता हे और दोनो कमरे के दरवाजे खटखटाता है लेकिन अंदर से कोई जवाब नही ।

विशू,, भाई इन लोगो की रात अभी हुई है लगता हे , ,

चेतन हस कर ,, भाई लगता है अभी अभी सोए है । देखो बरामदे में खाना वैसा का वैसा ही पड़ा है खाने का भी वक्त नहीं मिला होगा या सायेद भूल गए होंगे ,,

दोनों हंसने लगते है और दुबारा खटखटाटा हे
। दो मिनट बाद जिशू और तपन कंबल ओढ़े कमरे से बाहर निकलता है ।

जिशु ,, क्या है इतनी सुबह सुबह क्यू आए हो ,,

चेतन ,, वाह भाई वाह दोस्त से बात करने का क्या तरीका आ गया है वाह भाई वाह,,

तपन,, साले बकवास बन कर । बोल क्यू आया है ,,

विशू ,, 10 बज गए है । हम तो नौकर हे तुम लोगो का इसलिए पूछने आए हे नाश्ते में क्या खाओगे ,,

तभी दोनो धर्म पत्नी बिखरी हुई बाल बिखरी हुई मेकअप के साथ नाइटी डाल के सॉल ओढ के कमरे से बाहर आती है । विशू और चेतन दोनो को देख मुस्कुराने लग जाते ।

तानिया ,, ओए बदमाश क्यू हस रहा है ,,

चेतन मजाक में ,, भाभी यहां तो आप लोगो की ननंद हे नही तो हम ही ननंद बन कर पूछते है की सुहागरात किसी थी अच्छी गई या ,,,,

शीतल इधर उधर नीचे कुछ ढूंढने लगी । उसे देख कर तानिया बोली ,,, क्या ढूंढ रहे हो शीतल ,,

शीतल ,, झाड़ू ढूंढ रही हूं इन दोनो की मर्यादा याद दिला दू झाड़ू से,,

विशू ,, चेतन भाग बे ,,

विशु और चेतन रेलिंग से कूद जाता है और भागते हुए बोलता है ,, जब भूख लगे तब फोन कर देना एहसान फरामुस लोगो ,,,

शीतल और तानिया हसने लगती है । जब दोनो चले जाते हे तब दोनो की नजरे अपने अपने पति और बेटे के नजरो से मिलती है और दोनो शर्म से ।

जिशु और तपन एक दूसरे को कंधे उसका के पूछता है की क्या हुआ लेकिन दोनो ही नही जानते दोनो पत्नियां क्यू इस तरह से शर्मा के कमरे में भागी ।

जिशू ,, कैसा था एक्सपीरियंस,,

तपन ,, तू बता ,,

जिशू ,, पहले तू बता तेरे से पूछा हे मैने ,,

तपन ,, तुझे जवाब पता है ,,

जिशु ,, तो तुझे भी पता है मेरा जवाब,,

दोनों दो पल के लिए चुप हो जाते है ।

तपन कुछ बोलने के लिए मुंह खुलता है लेकिन फिर चुप रह जाता हे ।

जिशु ,, शर्मा क्यू रहा है बोल ना ,,

तपन उसके कान में ,, क्या तूने पीछे से किया ,,

जिशू ,, देत नहीं ,,

तपन चुप हो जाता है उसे लगता है गलत सवाल पूछ लिया ।

जिशू ,, तूने किया ,,

तपन ,, हम्म,,

जिशू ,, हरामी मेरी मम्मी को तकलीफ दी ,,

तपन ,, तुने भी तो दी हे ,,

जिशू ,, ऐसा कुछ नही है उनको मजा आया था ,,

तपन ,, तानिया को भी मजा आया था ,,

जिशु ,, तू नाम से बुलाता हे साले ,,

तपन ,, उसने ही बुलाने को कहा हे । रात को मैंने भी सुना हे मम्मी ने तुझे भी तुम और नाम से बुलाने को कहा है तुझे । अपनी गिरेबान में झांक कर देख । अब शर्म छोड़ो और सत्य को अपनाओ ,,

तपन हाथ आगे कर देता हे जिशु दो पल सोच के मुस्कुराते हुए उससे हाथ मिला देता है ,, छोड़ दिया ,,

दोनो बापच कमरे में घुसते है ।

Room no 1

तानिया दूसरे कमरे में सुनाते हुए ,, तुम दोनो जाओ हमारे लिए पानी गर्म कर दो ,,

तपन तानिया को बाहों में भर कर ,, इतनी जल्दी क्या हे ,,

तानिया ,, हटो अभी नही दिन निकल आया है ,,

Room no 2

जिशू अपनी धर्म पत्नी को कपड़े और बिखरे समान समतने से रोक देते हे और बाहों में भर लेता है ।

शीतल शर्माती हुई ,, ची अभी नही । ,,

[/color]
[color=rgb(184,]और कुछी देर में दोनो कमरे से आईईईई आह्ह्ह्ह्ह आंचच्चच्च्छ आवाज गूंज उठती है । माहोल फिर एक बार गरम हो जाता है ।[/color]
 

[color=rgb(51,]Update 45

Chetan's house[/color]
[color=rgb(51,]

दीपाली बोर हो गई थी सालो से क्लिनिक चलाते चलाते बस पेसेंट के मुंह खोल के इंस्ट्रूमेंट डालो और चेक करो । कभी कभी सर्जरी करनी पड़ती थी उसे तब उसे उस काम में मजा आता था । लेकिन काफी दिनों से वो खुश नहीं थी वजह थी उसकी संसार में मूड भेद । मानसिक रूप तनाओं झेल रही थी जिसका असर धीरे धीरे उसकी दैहिक स्वस्थ पर रही थी । पिछले दो सालो से वो अपनी संसार को मुकम्मल करने की कशिश कर रही थी लेकिन बेचारी की किस्मत ही फूटी थी । कुटुम्ब की मर्यादा के अनुसार धर्मानुष्ठान करते हुए ईश्वर भक्त बनी हुई थी आस्था मन में ले के की एक दिन सब ठीक हो जायेगा । लेकिन वो दिन सायेद ही कभी देख पाए । उसकी
वामांग बिखर रही थी दिन प्रतिदिन कुट्ठी ढीली हो रही थी ।

चेतन 4 बजे कॉलेज से लौट आता हे । नीचे की मंजिल में एक बड़ा सा किचन था एक डाइनिंग हॉल साथ में ड्रॉइंग रूम या कह सकते हे बड़ा हॉल था TV के साथ और कोने में एक स्टोर रूम । वो थकान से बिंदास सोफे पे लेट जाता हे बेग वोही जमीन पे फेक देता हे ।

उसके घर में नौकरी करने वाला एक काका उसका बेग उठता हे और बोलता हे ,, चेतन बेटा बेग क्यूं फेक देते हो इसमें किताबे है ऐसा अपमान नही करते बेटा,,

चेतन आज 4 सेमिस्टर का फाइनल एग्जाम दे के आ रहा था । थोड़ा टेंस था लेकिन वो सबका इत्ज्जत करता था ,, काका क्या करू आदत बन गई हे अब तो । आप जा के मेरे रूम में रख दो ,,

चेतन का रूम ऊपर था पहली मंजिल पे जहा चार बेडरूम और उसके ऊपर खुली चट्ट । काका उसके बेग को सोफे पे रख कर बोला ,, बेटा में बाद में रख दूंगा पहले तुम खाना खा लो । फ्रेश हो जाओ में खाना लगा देता हूं ।

तभी ऊपर से चीज़े तोड़ फोड़ करने की और दो आवाज जो गुस्से में चिल्ला चिल्ला के बात कर रहे थे वो सुनाई देता है नीचे तक या ये कहे की पूरे घर में गूंज उठता है ।

चेतन का मन उदास हो जाता हे ,, आज भी ,,

काका बस नजरे झुकाए शीर हा में हिला देता है ।

चेतन उठ खड़ा होता है ,, कब से ,,

काका ,, बस मालकिन जब से आए है क्लिनिक से ,,

चेतन ऊपर कमरे की तरह जाने लगता है तभी पीछे से काका उसे रोक देता है ,, बेटा रहने दे कोई फायदा नेहि आग में घी डालने जैसा होगा ,,

चेतन ,, नहीं पानी शीर से ऊपर उठ चुका है ,,चेतन ऊपर जाने लगता है ।

पीछे से काका बोलते रह जाता है बस ,, नही बेटा रहने दे समय ठीक नही चल रहा है ,,

लेकिन चेतन नहीं सुनने वाला था आज । हमेशा से अपने काका की बाते सुनते आए है पर आज नेहा । उस घर काका भले ही एक नौकर था लेकिन घर का एक सदस्य बन गया था उसकी इतज्जत बड़े बुजुर्ग की तरह होती थी खास कर चेतन से । 15 साल से वो चेतन के घर में बबारजी से ले के साफ साफई करने तक सब कुछ करता था । चेतन को अपने बेटे जैसा मानता था हर छोटी बड़ी फ़िक्र काका ध्यान रखता था उसका । काका बोहोत गरीब था अघरी था उसके परिवार के नाम पर चेतन की परिवार ही थे । सालो पहले उसकी बीवी डेंगू से गुजर गई थी गांव में और फिर उसने दुसरी कभी शादी नही की । चेतन उसे दूसरी शादी को ले के मजाक किया करता था और काका उसे मजाक में दांत देता था ।

चेतन सीधा अपने मम्मी पापा की बेडरूम में जाता है । चेतन को देख कर दीपाली और राघव चेतन को घूरने लगते हे दोनो चुप हो जाते है । कमरे पे टूटे चीज़ों की टुकड़े पड़े थे चेतन संभाल कर कदम रखते हुए अंदर पोहोच जाता हे हर तरफ बिखरे समान को देख चेतन का शर सकरा जाता हे । आज तक वो वजह नही मालूम किया की किस वजह से उसके मम्मी पापा इतना लड़ाई जगड़ा करता रहता है । वो सोचता था कोई निजी मामला होगा उसे बीच में आने से उसके मम्मी पापा शर्मिंदा हो जायेगा । पति पत्नी तो लड़ते ही है तो उसमे बेटे का भूमिका है । लेकिन आज चेतन की सेहन शक्ति जवाब दे चुका था ।

अन्य दिन चेतन जब बीच में आ जाता है तो दोनो चुप हो जाते हे लेकिन आज की लड़ाई में कोई भी पक्ष चुप नही बैठने वाला था । और आज चेतन भी पंचायत बैठना चाहता था ।

चेतन ,, आप दोनो कब बंद करेंगे ये हरकत । थोरी भी शर्म नही आती आप दोनो को इतने वेल एजुकेटेड लोग हो कर भी लड़ाई करते रहते हो ,,

रतन ,, बेटा मुझे भी कोई चौक नहीं है लड़ाई जगरे करने की लेकिन तेरी मम्मी ही बेतुकी बातो को लेकर जगरा करती रहती है ,,

दीपाली गुस्से में चिल्लाती है ,, चुप कमीने । में करती हु ना तू करता है ,,

चेतन इतनी निज संबंधित सुन के शर्म से हाय हाय हो जाता हे । कभी सोचा नहीं था उसकी मम्मी ऐसी तू तराक करेगी अपने पति के साथ और कमीना हरामी शब्द से गाली देगी । लेकिन चेतन अगले ही पल मे अपने पापा की असली चेहरा देख पाता है जो एक भद्र सज्जन था एक स्कूल के हेडमास्टर था ।

रतन ,, साली कामिनी हरामजादी मुंह मत खुलवा ,, (चेतन से) बेटा तुझे नहीं पाता तेरी मम्मी क्या क्या गुल खिलाती है बाहर । डॉक्टर नवीन के साथ इसकी अफेयर चल रहा है । सुना बेटा, ,,

दीपाली तुरंत ही पलटवार करती है ,,, गंदी नाली के कीड़े गंदी सोच रखने वाले गवार कितनी बार कहा हे की वो बस मेरा दोस्त है । (चेतन से) सुन बेटा ऐसा कुछ नही है । में दिखाती हूं तेरे बाप का असली चेहरा ।

दीपाली अपने मोबाइल पर कुछ फोटोज दिखाने लगती हे चेतन को ,, देख बेटा तेरे बाप की करतूत । ये हैं तेरा महान बाप ये सब करता है बाहर और बच्चो को यही शिक्षा देता हे स्कूल में । देख अच्छे से देख ।,,

उन फोटोज में रतन भार्गव किसी पराई औरत को बाहों में ले के किसी पार्क में बैठा हे । फोटोज में साफ दिखाई दे रहा था उसके पापा सच में उसकी मम्मी को धोखा दे रहा है । उसने अपनी दिव्य शक्ति से पाता किया की फोटोज एडिटिंग तो नही है । लेकिन फोटोज असली थे ।

चेतन अपनी पापा की तरफ देखता हे । रतन ना में शीर हिलाने लगता हे ,, नहीं बेटा ये फोटोज असली नहीं है । तेरी मम्मी ने ये सब साजिज रचा हे ताकि मेझे रास्ते से हटा के अपनी आशिक के साथ इंजॉय कर सके ,,,

चेतन गुस्से में चिल्लाता है ,,, बस करो पापा । ये फोटोज असली हे मुझे पता हे । जूठ मत बोलो ,,

रतन निरुत्तर हो जाता हे लेकिन उसका दाओ था की में अकेला क्यूं कालीचरण बनूं ,,, बेटा तेरी मम्मी भी तो उस नवीन के साथ इंजॉय करती हे उसका क्या । ,,

दीपाली ,,, कुत्ते हरामी । खुद बाहर मुंह मारते हो और मुझे भी बदनाम करते हो मेरे बेटे के सामने । अगर ऐसा हे तो प्रूफ दिखाओ । हे तेरे पास कोई प्रूफ । हा हे तेरे पास कोई प्रूफ बताओ है कोई प्रूफ । धोखेवाज इंसान ,,

रतन को अपनी चोरी पकड़े जाने पर बेटे के सामने शर्मिंदा हो जाता है और अपनी बीवी पर उतना ही ज्यादा गुस्सा आता है और दीपाली की कलाई पकड़ कर जोर आजमाता है । चेतन अपने बाप को रोकने ही वाला था की दीपाली उसे धक्का दे के पीछे धकेल देती है । रतन लंबे काठ के थे लेकिन दुबले पतले थे और दीपाली खाती पीती हेल्थी हट्टी कट्टी थी औरत होते हुए भी काफी बलशाली थी खुद भी डॉक्टर थी तो खुद को सहेदमंद रखने का नुस्खा जानती थी हालाकि की पिछले कोई दिनों से ठीक से रूटीन फॉलो नहीं करती थी पर फिर भी अपने पति की सामना करने मे सक्षम थी ।

रतन को बोहोत ज्यादा गुस्सा आता है और बोलता है ,,, निकल जा मेरे घर से साली हरामजादी ,,,

चेतन कुछ बोलने वाला था लेकिन उसकी आवाज दब जाता है ।

दीपाली ,, तू जा वे । ये घर मेरे पैसे से खरीदी हुई है ये जमीन मेरी है तूने तो अपनी तंखा बाहर वाली की ब्रा पैंटी पर उड़ा देता है । और वैसे भी तुझ से दुगना में कमाती हूं । ये जो लग्जरी लाइफ जी रहा है ना सब मेरी कमाई हे ,,

रतन अपनी बे-इतज्जती सेहन नही होता है और दीपाली के गाल पर तमाचा मार देता है ,, हा कमाई तो दुगनी होगी ही धंधा जो कर रखी है ,,

दीपाली उसके गिरेबान पकड़ कर थप्पड़ बरसाने लगता हे । जुबान की लड़ाई अब हटापाई पर उतर आता है । चेतन दोनों के बीच जा के लड़ाई रुकवाता हे ।

चेतन ,, बस बोहोत हो गया अब । प्लीज लड़ना बंद करो ,,

रतन अपनी बीवी को उंगली दिखा के बोलता है ,, जा रहा हूं में कभी तेरी सकल नही दिखाना मुझे । और हा डाइवोर्स पेपर भेज दूंगा । (चेतन से) बेटा में जल्दी ही तुझे मेरे अपने घर लेने आऊंगा अपना ध्यान रखना बेटा ,,

रतन कमरे से बाहर निकल जाता है । दीपाली उसको जाते जाते सुनाती है ,, अबे जा जा बड़े आए तेरे जैसे । तू क्या डाइवोर्स पेपर भेजेगा उससे पहले में भेजती हूं ,,

दीपाली अपने बेटे के पास जाती है और प्यार से उसके गाल पे हाथ रखना चाहती हे मगर चेतन पीछे हो जाता है ।

चेतन ,,, मत छुओ मुझे । आज से में आप दोनो के साथ कभी नही रहूंगा ,,

चेतन कमरे से निकल जाता है । दीपाली तड़पती हुई उसके पीछे जाती हे ,,, नही बेटा सुनो तो । बेटा सुनो मेरी बात । चेतन चेतन प्लीज मेरी बात सुनो ,,,

लेकिन चेतन एक नही सुनता अपनी मम्मी कि और अपना बाइक ले के घर से भाग जाता है । दीपाली उसे लाख कशिश के बावजूद रोक नही पाती और भागती हुई घर में जाती है ,,, भैया भैया कहा हो ,,

काका किचन से दौर कर आता है ,, क्या हुआ मालकिन ,,

दीपाली परेशान हो कर ,, चेतन कहा गया देखो तो जरा ,,

काका ,, मालकिन आप परेशान मत होइए वो किसी दोस्त के घर ही जायेगा । आप थोड़ी देर बाद उसके दोस्त के घर फोन लगाना देखना वो वोही होगा ,,

दीपाली ,, लेकिन भैया ,,

काका ,, मालकिन शिंता मत करो वो दोस्त के घर ही जायेगा ,,

दीपाली परेशान हो कर अपने कमरे की तरफ जाती है । वो जानती थी उसका बेटा अपने तीन दोस्तो के घर ही जायेगा लेकिन फिर भी पेट का बच्चा था फिक्र तो होगी ही । [/color]
 

[color=rgb(51,]Update 46

Tapan's house[/color]
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तपन लास्ट फिजिक्स की पेपर के लिए थोड़ा बोहोत पढ़ रहा था । चेतन ने ही उसे आंसर दिए थे जो उन तीनों को दिया था और एक नजर देख रहा था बाकी तो चेतन एग्जाम में उनके माइक्रोफोन में बोलने ही वाला था । तपन अपने कमरे से बाहर अपनी मम्मी और चेतन की बात करने की आवाज सुनता है । तपन अपने कमरे से बाहर निकल आया ।

तपन,, ओए तू यहां ,,

शीतल ,, देखो ना बेटा ये परेशान लग रहा है और कुछ बताता भी नहीं है ,,

चेतन और पतन एक दूसरे की नजर मिलती है और जैसे बिना कहे ही तपन समझ गया था । और अपने कमरे में आने का इशारा करता है । दोनो कमरे में घुस जाता है । तपन दरवाजा बंद करने से पहले ,, मम्मी हमारे लिए कुछ अच्छा खाना पका दो ना ,,

शीतल उलझन में उलझ गई चेतन को आज पहले बार काफी गम में दिख रहा था ।कुछ तो हुआ हे घर पर कुछ ज्यादा ही दांत पड़ी होगी ।पता करना पड़ेगा । और उसके दिमाग में एक ही शख्स का खायाल आता है ।

शीतल घर से बाहर पीछे की तरफ जा के फोन लगती है । और तुरंत ही दूसरी तरफ से फोन रिसीव होता हे । शीतल की दिल खुशनुमा हो जाती है मुस्कान से बावली हो जाती है ।

जिशू ,, हेलो माई डियर धर्म पत्नी ,,

शीतल शर्मा जाती है ,, चुप करो तुम । क्या कर रहे हो खाना खा लिया ,,

जिशू ,, नही अभी बस खाने ही वाला हूं वो नहाने में थोड़ा टाइम लग गया आज एग्जाम था ना ,,

शीतल,, अच्छा मुझे बताए नही कैसा था एग्जाम जानती तो हम तुम चेतन पंडित को उसके होते हुए हमारा एग्जाम कैसे खराब जा सकता है ,,

शीतल मुस्कुरा के ,, हा पता हे वैसे देवरजी येहा आए है । पता नही कुछ परेशान लग रहे है दोनो कमरे में बंद हो गए मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे है ,,

जिशू मजाक में ,, कौन देवरजी ,,

शीतल शर्मा जाती है ,, चेतन । मजाक छोड़ो कपड़े पहन के सीधा आ जाओ में खाना बना रही हूं और दूसरे देवरजी को भी ले के आना ,,,

जिशू ,, में तो सोच रहा था की बिना कपड़ो के चला जाऊ ,,

शीतल हस्ती हे और फोन काट कर किचन में जाती है । शीतल बड़ी खुश लग रही थी हालाकि उसके लिए भी मुश्किल थी एक संसार रहते ही दूसरा संसार चला रही थी जिशु के साथ । कभी कभी उसे खुद को वडजलन लगती थी लेकिन जिशु के प्यार ने और धीरे धीरे मॉडर्न जमाने में ढलती जा रही थी या फिर नियति मान चुकी थी । जिशू के सिर्फ जिस्मानी सुख से ही नही मन की सुख से भी संतोष थी वो । समाज के लिए घृणा की बात थी लेकिन खुद की एक जिंदगी थी जो वो बिना सीमा रेखा के जीने में बेहतर जिंदगी दे रही थी जिसमे सिर्फ आनंद थी ।

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inside tapan room[/color]
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तपन,, क्या हुआ फिर से अंकल आंटी ,,

चेतन परेशान हो कर ,,, हा फिर से । इस बार गंदी गंदी गाली देते हुए दोनो एक दूसरे को । क्या करू में मेरी उम्र नहीं है दोनो को समझाने की फिर भी समझा समझा के थक चुका हूं । मुझे जिस बात का संदेह था वोही हुआ । ,,

तपन ,, हुआ क्या खुल के बता ना ,,

चेतन उसे पूरी कहानी बता देता है ।

दोनो उस विषय में बात कर रहे । और दस मिनट बाद कमरे की दरवाजे पे नोक होता है ।

तपन,, मम्मी खाना रख दो हम थोड़ी देर में खा लेंगे ,,

लेकिन तभी जिशु तेलीपोर्ट हो के अंदर आ जाता है और दरवाजा खोल देता हे विशु के लिए अब उसके पास भले ही रफ्तार वाली शक्ति थी लेकिन चीजों से आर पार होने की शक्ति तो नहीं थी ।

विशु और जिशू उन दोनो के साथ बैठ जाता है ।

विशू (चेतन से) क्या हुआ महा पंडित सुना है तु रो के आया मम्मी मम्मी कर के ,,,

जिशु हसने लग जाता है ।

तपन ,,, ये मम्मी भी ना बता ही दिया । भाई मजाक नहीं यार मामला सीरियस हे ।,,

फिर चारो गंभीर मुद्दा पे चर्चा करने लगते है ।

जिशु ,, ओके तो बात क्या है ,,

तपन फिर चेतन की बताई हुई कहानी विशू और जिशु को विस्तार से सुनता हे । दोनो बात को गौर से से सुनता भी है और राय रखने जाते है ।

जिशु ,, मतलब रतन अंकल का सच में अफेयर चल रहा हे ।,,

विशु ,, लेकिन दीपाली आंटी की नहीं है ,,

चेतन मुंह लटकाए बोलता है ,, क्या पता । पापा तो बोल रहे थे की उनके किसी डॉक्टर नवीन के साथ अफेयर चल रहा है । में तो पागल हो रहा हूं मेरी मम्मी पापा ऐसे निकलेंगे यार । क्या सोचा था क्या हो गया । अब दोनो तलाक ले रहे है ,,

तपन ,, यार ये तो बुरा हो गया ,,

लेकिन एक विशु था जो तीनों की विपरित दिशा में सोच विचार कर रहा था ,, चेतन तुझे अपने मम्मी पापा की अफेयर से प्रोब्लम है ,,

चेतन गुस्से में ,, यार कैसी बाते कर रहा हे किस बेटे को प्रोब्लम नही होगी अपने मां बाप की अफेयर से ,,

जिशु ,, यार विशू तू कैसी उल्टी सीधी बाते कर रहा हे । बात को समझ ले पहले कुछ भी बोलने से पहले ,,

विशु ,,, हा वोही तो में कह रहा हूं । जब तानिया आंटी तपन से और शीतल आंटी तेरे से अफेयर कर सकती है और तुम दोनो को कोई प्राब्लम नही है तो फिर रतन अंकल की किसी से अफेयर है तो इसमें क्या प्राब्लम भाई । तुम लोग भी तो उसी घाट की पानी पी रहे हो ,,,

तपन और जिशू निरुत्तर हो जाता है । चीज़े जितनी आसान दिखती है उतनी है नहीं । सच्चाई सबको करवा लगती है जब सच्चाई मान ना लो । विशू ने एक तरह से सही कहा था ।

विशू ,, क्या हुआ सांप सूंघ गया क्या । ,,

तपन ,, यार हमारी बात अलग है । चेतन की बात अलग है ,,

विशु ,, नही बात बिलकुल सही है । और में चेतन को आइना दिखा रहा हूं ,,

जिशु चिढ़ कर ,, मतलब तू हमें गलत ठहरा रहा है सब कुछ होने के बाद । शुरुवात में हमारी मदद कर के अब डाल से काला निकल रहा है ,,

विशु ,, नहीं में बस सच्चाई बता रहा हूं । चेतन को इतनी परेशान होने की जरूरत नही हे ,,,

चेतन सबपे बरस पड़ता है ,,, यार चुप रहो तुम तीनों । कहा की बात कहा ले जा रहे हो । बात मेरे प्रोब्लम की हो रही है ना की तुम लोगो की ।,,

चेतन ,, यार तुम लोग उपाय निकलने की जगह एक दूसरे की वकालत कर रहे हो ।,,

तीनों चुप हो जाता हे । और चेतन की बात पे फोकस करता हे ।

तपन ,, चेतन अब तुम क्या चाहते हो । अगर चाहो तो तुम्हारी पापा की अफेयर हम तुड़वा सकते है ,,

चेतन ,, उससे क्या होगा कुछ बदले तो नहीं मम्मी फिर भी पापा को माफ नेही करेगी । और पापा भी तो मम्मी को समझती है की उसकी भी अफेयर है बाहर ,,

जिशू ,, अगर ऐसा ही चलता रहा तो अंकल आंटी दोनो अलग ही हो जायेंगे ,,,

चेतन कुछ सोचने लगता हे ,, पहले पता करते है की मम्मी का सच में अफेयर हे की नहीं ,,

विशु ,, सही कहा । अगर हुआ तो भाई फिर ,,

चेतन ,, यार डराओ मत पापा का तो फिर भी ठीक हे बर्दास्त कर लूंगा । लेकिन मम्मी का यार समझा करो ,,,

विशु मजाक में तपन और जिशु की उपर बात फेकते हुए ,,, हा हा समझता हूं कोई अपनी मम्मी को छुए तो कैसे दुनिया इधर की उधर कर देते हैं लोग ,,,

तपन और जिशु दोनो विशू के ऊपर चढ़ जाता है ।

दरवाजे के बाहर से दीपाली जो कान लगाए सुन रही थी सब बाते ,,, मस्ती बाद में पहले सब लोग आ के खाना खा लो ,, [/color]
 
[color=rgb(51,]Update 47

दो दिन बाद चारो का 4th सेमिस्टर के फाइनल एग्जाम खतम हो जाता है । और फिर चारो बिंदास हो जाता है एक महीने के लिए जब तक 5th SEM शुरू नहीं होते । लेकिन चारो बिंदास कहा रह पाता है । डॉक्टर नवीन जो गवर्मेंट हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टर था वो सस्पेक्ट बन जाता है चारो के नजर में । और दिन रात नवीन की हर एक हरकत पे नज़र रखने लगता है । उसके फोन और लैपटॉप भी चुरा के सारा डाटा ट्रांसफर कर लेते है और बापच नवीन को बिना पता चले फोन और लैपटॉप रख देते है जहा से उठाया था । चारो जैसे डिटेक्टिव बन जाते है और चारो के पास तो आलौकिक शक्ति तो थे ही जिससे उन लोगो को काम में काफी हेल्प हो जाती हे ।

चेतन अभी भी तपन के घर रह रहा था । दीपाली को शीतल से उसी दिन की रात से पता चल गई थी की चेतन उसके घर में है तो वो थोड़ी शांति महसूस करती है लेकिन परेशान इस बात से थी की चेतन अब उससे बात नही करता है ।

रतन चेतन को एक दिन लेने भी आ गए थे लेकिन चेतन ने उनके साथ जाने से साफ मना कर दिया था । रतन उसे लूभा रहा था कि वो उसे बेहतर भविष्य बना के देगा वो देगा ये देगा लेकिन चेतन को अपनी बात पे हिला नहीं पाया । चेतन को कही न कही अपने बाप से नफरत होने लगा था और अपने मम्मी से भी नाराज था ।

Play Ground

तपन , विशु और चेतन तीनों जिशू का इंतजार कर रहा था । चेतन बोहोत बेकरार था अपनी मम्मी और डॉक्टर नवीन मैसेजेस लिस्ट को देखने का और वो काम जिशू कर रहा था ।

अब तक चारो को पाता चल चुका थी दीपाली डॉक्टर नवीन को पिछले सात साल से जानती है । जब दीपाली को अपने पेसेंट की मेजर डेंटल सर्जरी करनी पड़ती तो उसी हॉस्पिटल में करती है जिस हॉस्पिटल में डॉक्टर नवीन एनेस्थेसियोलोजी स्पेशलिस्ट था । और उसकी मदद हर सर्जरी में लेती थी दीपाली तभी से दोनो अच्छे दोस्त है ।

कुछ इंतजार के बाद जिशु प्रकट हो जाता है ।और अपना मोबाइल चेतन को दे के ,, ये ले इसकी हिस्टरी निकल इस चाट पर हे । ,,

चारो दो घंटे तक चाट को चेक करता है । जिससे से काफी कुछ सामने आ रहा था ।

जिशु ,,, यार पूरी चाट पड़ने में तो दो दिन लग जायेंगे ,,

चेतन मोबाइल के छू कर पहले ही अपने दिमाग में रट्टा मार चुका था ,,, पर मैने तो पास मिनट में पढ़ लिया ,,

जिशू ,, तो बता ना क्या क्या चैटिंग हुई है ,,

चेतन ,, मम्मी का अफेयर नहीं हे । पर ,,

विशू ,, पर क्या ?,,

चेतन ,, डॉक्टर नवीन मम्मी को लाइक करता है ।और अब तक मम्मी को दो बार प्रपोज कर चुका है ,,

तीनो एक साथ ,, क्या,,

चेतन ,, पर मम्मी की जवाब कुछ अलग है ,,

तपन ,, क्या घुमा फिरा के बात कर रहा है सिधा सिधा बोल ना ,,

चेतन ,, मम्मी भी लाइक करती है मगर उसने बोला हे की उसके साथ दोस्ती के सिवा और कोई रिश्ता नहीं रख सकती है।,,

विशू ,, ये होती है सती सावित्री ,,

जिशू ,, तू हमारी तरफ देख के क्यूं बोल रहा है ,,

विशु ,, तो किस तरफ देखू तुम लोगो से बात कर रहा हूं तो तुम लोगो की तरफ ही देखूंगा ना ,,

तपन ,, यार आज काल तुम दोनो भी लड़ने लगे । बस कर ना यार और विशु तू हर बात पे ताना मत मार ,,

विशु मुंह फेर लेता है ।

चेतन ,, अब क्या करे ,,

तपन ,, एक सलाह मानेगा मेरा ,,

चेतन ,, क्या बोल ,,

तपन ,, घर से जा अपनी मम्मी से बात कर शांति से । वो काफी दुखी होगी कोई दिन से तू घर नहीं गया हे अपने बाप के साथ नहीं जाना तो मत जा अपने घर ही जा मम्मी मम्मी होती है यार । तू खमखा उसे दुख देख दे रहा है । मम्मी बता रही थी कि दीपाली आंटी ने एक हफ्ते से क्लिनिक भी नही खुला है । सोच जारा वो कितनी दुखी होगी तूने एक बार भी फोन नही उठाया उसका ,,

विशू ,, हा तपन सही कह रहा है । देख उन लोगो का भी अपनी अपनी जिंदगी है । दोनो में जितनी भी लड़ाई हुई हो लेकिन तेरे पापा तुझ से प्यार करता हे और तेरी मम्मी भी यार । ऐसे घर से भाग के रहना सही बात नही हे । हम तेरे भले के लिए ही कह रहे हे ।

चेतन ,, कही तुम लोगो के ऊपर बोझ नही बन गया हूं में ,,

तपन ,, कर दी गैरो वाली बात । आखिर की ही दिया ,,

चेतन हास कर ,, अरे भाई दिल पे क्यू लेते हो में तो बस मजाक कर रहा था यार ,,

जिशु,,, अच्छा हे मजाक किया तूने पिछले एक हफ्ते से तेरे चेहरे पे मुस्कान देखा तक नहीं था । अब देख लिया अब अच्छा लगा ,,,

चारो गले मिलते हे । चाहे जो भी चारो की दोस्ती में जो प्यार था जो एक दूसरे को समझने की उपदान था सायेद ही किसी दोस्ती में ऐसा प्यार ऐसा समझ था । चारो लड़ते भी थे और एक दूसरे के ऊपर जान छिड़कते भी थे ।

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[color=rgb(51,]Update 48

Chetan's house[/color]

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रात नो बजे चेतन अपने पोहोचता हे । पिछले कोई दिनों से वो रेगुलर पीते आए हे लेकिन आज वो बिना पि के आया था वो नही चाहता उसकी मुंह से शराब की बू सूंघ ले उसकी मम्मी और फिर दुखी हो जाए ।

काका घर का काम निपटा रहा था चेतन को घर पर देख कर वो बोहोत खुश हो जाता है ,,, बेटा तुम कहा थे इतने दिन तुम्हारी मम्मी कितनी परेशान हे तुम्हे ले कर ,,

चेतन ,,, मम्मी कहा हे ?,,

काका ,, ऊपर अपने रूम में होगी । जाओ मिल लो बस तुम्हारा ही इंतजार कर रही है अब तक ,,

चेतन चिढ़ियों से चढ़ के ऊपर गया और अपनी मम्मी की कमरे में गया जहा उसकी मम्मी खिड़की खोले कही खोई हुई । उसे जारा सी भी चेतन की आहट नहीं महसूस हुई । चेतन उसके पीछे खड़े हो के उसकी कंधे पर हाथ रख देता है ।

दीपाली हर बड़ा के पीछे मुड़ जाती है । उसका चेहरा देख के कोई भी कहता उसने कोई राते नही सोई हे आंखे जैसे गड्ढे पर समा गई हे गुलाबी गाल फीका पड़ गई है आंखो के नीचे काले धब्बे पड़ गई है ।

चेतन (ये क्या कर दिया मैने । मम्मी की हालत इतनी बुरी । कैसा बेटा हूं में ) अपनी मम्मी को गले लगा लेती है ।

दीपाली खुशी से रो पड़ती हे और अपने बेटे की बाहों में समा जाती है ,,, अब मेरी याद आई तुझे इतने दिन तक मुझे क्यों चटाया तूने हा बोल क्यू चटाया तूने मुझे बोल ,,

चेतन आखो से आसू गिरने लगता है ,,माफ कर देना मम्मी सॉरी । अब आपको छोड़ के कही नही जाऊंगा आपकी कसम मम्मी ,,, चेतन दीपाली की पीठ सेहला के प्यार झताने लगा ।

दीपाली अपने बेटे को पा कर सकून से खुश हो रही थी । ममता की लय में चेतन को चेहरे को चूमने लगी ,,, मुझे माफ कर दे हमारी वजह से तुझे बोहोत तकलीफ हो रही है ना ,,

चेतन ,, नहीं मम्मी अब आप लोगो की लड़ाई से मुझे कोई फर्क नही पड़ता मुझे समझ आ गया हे आप पे क्या बीत रही है । पापा ने आपको धोका दिया हे मुझे विश्वास नही होता है आप ऐसा करेंगे कभी आपके साथ । आपकी ही नही हमारे घर की इत्जत के साथ खिलवार किया हे पापा ने । वो मुझे अपने साथ लेने आए थे पर नहीं गया में आपके साथ रहूंगा ,,

दीपाली ,, में जान के बोहोत खुश हूं बेटा । में भी तुझे अपने पापा के साथ जाने नहीं देती । चाहे वो कुछ भी कर ले कोई कानूनी दाव पेश खेल ले मे तुझे अपने से कभी अलग नहीं होने दूंगी ,,

चेतन ,, में कोई बच्चा थोड़ी हूं जो मां बाप के अलग होने पर किसी एक की कस्टडी में जाना होगा में 18 साल से ऊपर हूं ,,

दीपाली चेतन बेड पे बिठा देती है और वो उसके पास बैठ जाती है उसके चेहरे पे हाथ रख के नाजों से निहारने लगती हे ।

चेतन अपनी मम्मी की आखों पर देख कर ,, आपने खाना खाया ,,

दीपाली ,, हा तूने खाया की नहीं शीतल तेरा ध्यान रखती थी ना ,,

चेतन ,, हा बोहोत आप तो जानती है आंटी कितनी अच्छी है । सच में आपने खाना ना और आप सोती नही हो ना ,,

दीपाली ,, हा बाबा खाया तेरे काका ने जबरदस्ती खिला दिया है और आज दिन भर सोई नींद की ड्रग ले के अभी उठी हूं इसलिए चेहरा फूला फूला लग रही है ,,,

चेतन ,,, फूला फूला नहीं रूखा सूखा लग रही हे । आप लेट जाओ पहले ,,

चेतन उसे जोर दे के बेड पे लेटा देता है और कमरे के खिड़की बंद कर के बोलता है ,, आप सो जाओ में यही बैठा हूं जब तक आपको नींद नही आती कितनी कोमजोर लग रही हो आप । एक डॉक्टर हो के भी आप अपना ध्यान नही रख रही है कैसी डॉक्टर हो आप ,,

दीपाली अपने बेटे परवा देख के खुशी से मुस्कुराती है ,, तू भी लेट जा बड़े दिनों से तुझे सुलाया नहीं ,,

चेतन ,, रुको में कपरे चेंज कर के आता हू ,,

चेतन अपने कमरे में जाता है और पहले जींस और t-shirt उतार कर बनियान और शॉर्ट पहन के बाथरूम में मुंह हाथ धो कर तोलिए से सुखा कर अपनी मम्मी के कमरे में आता है ।

दीपाली अपनी जगह से खिचक के अपने बेटे के लिए जगह देती है ,, आ जाओ यहां ,,

चेतन उसके बगल में लेट जाता है और अपनी मम्मी के कमर में हाथ डाल देता है । दीपाली उसे बच्चे की तरह उसे गले लगा लेती हे ,, मेरा बच्चा मम्मी में गोदी में सोएगा ,, वो पुचकारने लगी जैसे चेतन वोही बचपन का न समझ बच्चा हो ।

चेतन ,, मम्मी आपसे ढेर सारी बाते करनी है मुझे ,,,

दीपाली उसे कस के बाहों में भींचने लगी ,, हा करो ना जितनी मर्जी करो ,, उसका गाल गीला करने लगी दीपाली

चेतन मजाक में ,, जवान हो गया हूं अब शर्म आता है ,,

दीपाली ,, चुप कर जवान हुए तो क्या हुआ । है तो मेरा बच्चा ही ना मेरा चुन्नू , ,

चेतन हसने लगा ,, चुन्नू ,,

दीपाली भी हसने लगी ,,, और नही तो क्या चुन्नू मुन्नु ही हो मेरे लिए ,,

चेतन एक दम गंभीर हो कर ,, मम्मी मैंने आप से कुछ छुपाया है ,,

दीपाली उसकी आखों में जवाब धुन्द कर ,, क्या छुपाया है,,,

चेतन (वैसे तो बोहोत सी बाते छुपाई है लेकिन उन सब बातों को अभी नहीं बता सकता आपको अभी नहीं तो आप सोक में चली जायेगी बस कुछ बाते आपकी बता दूं जो मेरा दिल कर रहा है ),, मम्मी हम दोस्तो ने मिल के आपकी और उस डॉक्टर की जासूसी की और सब इनफॉर्मेशन हमने निकल लिया ,,,

दीपाली नजरे चुराने लगती है ,,, क्या सच में । पर पर ,,

चेतन ,, आप घबराओ मत में जानता हूं आप नवीन नाम के आदमी को लाइक करती है और वो भी करता हे । लेकिन आपने ना कर दिया है उसे क्यू मम्मी ,,

दीपाली उसके आंखो में प्यार से देखती है ,,, क्यू की उसकी भी फैमिली हे । में उसकी शादीसुदा जिंदगी की बर्बाद नही कर सकती । और मुझे तुम्हारा खयाल है इससे तुम्हारी भी लाइफ पे असर पर सकता है । में तुम्हारे पापा जैसा नही हूं प्लीज मुझे गलत मत समझना ,,,

दीपाली की आखों से आसूं बेहने लगी । चेतन उसकी आंखे पॉच के प्यार जता के उसकी आखों पे चूम लेता है ,, रो मत मम्मी । में कोई आप पे इल्जाम थोड़ी लगा रहा हूं । बस बात कर रहा हूं ,,

दीपाली ,, थैंक यू बेटा मुझे समझने के लिए ,,

चेतन ,, मुस्कुराती हुई आप कितनी अच्छी लगती हो ,,

दीपाली उसका नाक खींच के प्यार से बोली ,, तुम भी बोहोत क्यूट लगते हो ,,

चेतन ,, मम्मी पापा से आप तलाग लेने वाले हो क्या ,,

दीपाली ,,, में तो नहीं पर तेरे पापा का क्या भरोसा आज काल तो शराब के नशे में भी रहते है वैसे तलाग लेना इतना आसान नहीं उनकी भी इत्जत की बात हे । तुम फिक्र मत कर सब ठीक कर दूंगा में ,,

चेतन ,, जिंदगी आसान नही हे । कुछ अच्छा करने जाओ तो कुछ अपने गलत हो जाता है तो कुछ सही । हर काम में अच्छा बुरा नतीजा रहता ही है । आपको एक कहानी सुनाता हूं ,,

दीपाली ,, कहानी अच्छा । सुनाओ बड़ा अरसा हो गया कहानी सुने ,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, ये सच्ची घटना हे ।,,

दीपाली ,,, अच्छा बताओ मेरे न्यूज एंकर बेटे ,,

चेतन ,, जारा थम के आपके दिल शिर हाथ पेड़ सब हील जायेगा ,,

दीपाली ,, बताओ अब ,,

चेतन (बनावट कर के ) ,, दो दोस्त हुआ करते थे । बड़े ही अच्छे दोस्त मतलब एक ही थाली पे खाना खाते थे वैसा । लेकिन एक दोस्त को दूसरे दोस्त की मम्मी से प्यार हुआ । दूसरे दोस्त की मम्मी भी उससे प्यार कर बैठी और दोनो का अफेयर शुरू हो गया । फिर दोनो की अफेयर के बारे में उस दोस्त को पता चल गया और वो भी बदले में उसके दोस्त की मम्मी को पता लिया । और अब दोनों एक दूसरे की मम्मी से अफेयर रख रहे है ,,

दीपाली ,, छी ऐसा भी होता है क्या भला ,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, आपकी शिर की कसम खा के कहता हूं ऐसा ही हुआ है ,,

दीपाली को बात हजम नही हो रही थी । हालाकि वो दुनिया दारी की तजुर्बेकार थी ऐसी घटना होना वो समझती थी लेकिन बोहोत क्वचित्‌ घटना होती है इस प्रकार की घटना और ये पश्चिमी देशों में हो सकता है सायेद उसका बेटा पश्चिमी देशों की किसी घटना के बारे में बता रहे हो ।

चेतन ,, क्या हुआ किस सोच में पड़ गई आप । विश्वाश नहीं हो रहा है आपको ना । मुझे भी नही हुआ था पर जब अपने आंखों से देखा तब विश्वास करना ही पड़ा । में एक बात तो मान गया इस दुनिया में कुछ भी हो सकता है ,,,,

दीपाली ,, क्या मतलब है तूने अपने आखों से देखा ,,

चेतन ,, मतलब जिन दो दोस्तो की कहानी है उन दोनों के में जानता हूं पर्सनली ,,

दीपाली की आंखे हैरत से बड़ी हो जाती है ,, अच्छा । कौन है वो दोस्त तुम्हारे ,,

चेतन हसने लगता हे ,, जिशू और तपन ,,

दीपाली पॉपकॉर्न की तरह उछल के बेड पे बैठ जाती है ,, क्या बक्क रहे हो । मतलब जिशू शीतल के साथ और तपना तराली के साथ ,,,

चेतन को बड़ी हांसी आता है अपनी मम्मी की भौचक्का रह जानें वाली रिएक्शन देख कर । वो हां हां हां कर हंसते हुए बैठ जाता हे ।

दीपाली ,, तुम मजाक कर रहे हो ना ,,

चेतन ,, नही मजाक नहीं कर रहा में आपकी कसम खा के रहा हूं ये सच हे ,, और अपनी मम्मी को शिर पर हाथ रख देता है ।

दीपाली को विश्वास नही हो रहा था इस बात का पर अपने बेटे पर पूरा विश्वास था ,, सच कह रहा है । सच में वो लोग हा । सच में ,,

चेतन (सायेद दोनो एक दूसरे की हो कमरे में होगा इस वक्त कमीना साला ),, रुको में आपको कुछ दिखता हूं ,,,

चेतन तपन को फोन लगाया है एक लंबी रिंग जाने के बाद कॉल रिसीव होता है ।

तपन ,, क्या है क्यू फोन किया ,,

चेतन फोन को पहले से ही लाउड स्पीकर पर कर दिया था ताकि दीपाली सुन सके ।और दीपाली सब हैरान हो कर सुनने लगी थी

चेतन मुस्कुरा के ,, तू जिशू के कमरे में है ,,

तपन ,, हा क्या चाहिए ,,

चेतन ,, तानिया आंटी भी हे ना ,,

कुछ सेकंड गैप के बाद तपन की मोबाइल से तानिया की आवाज आती है ,, नालायक अब किस बात पे डिस्टर्ब कर रहे हो ,,

चेतन अपनी मम्मी को इशारा करता है सुना अब तो बिश्वाश हुआ ।

चेतन ,, आंटी वो मैने मम्मी को बता दिया है आप सबके बारे में वो विश्वास नही कर रही थी तो मैंने कॉल लगा दिया ,,

तानिया ,, क्या । क्यूं बताया । क्या कर दिया तूने ये ,,,

चेतन मुस्कुरा कर ,, अरे अरे आंटी आप टैंशन मत लो मम्मी अंडर कंट्रोल है । में समझा दूंगा और प्लीज इस बेटे पर तो भरोसा करो ,,

तानिया ,, ठीक है बेटा तुझपे भरोसा है । पर दर लगता है ना अच्छा अपनी मम्मी को समझा देना और ना समझे तो मेरा दर दिखा देना वो मुझसे डरती है ,, तानिया मुस्कुराती है

और तभी फोन से कुछ चरमराने की आवाज आती है और फोन तपन की लाइन से कट हो जाता हे ।

दीपाली दोनो गाल पे हाथ रख के अपने बेटे को देखती हे ,,, दो दोनो एक साथ एक कमरे में इतनी रात को ,,

चेतन हास कर ,, हा । और वो दोनो ही नही मुझे पक्का पता है जीशू भी तपन के घर गया होगा और जिशू तपन के कमरे में शीतल आंटी के साथ होगा जरूर । अरे आपको कुछ नही पता अभी तो अभी जो हम मंदिर हो कर आए है वाहा हम उन चारों की शादी करवाने गए थे हवन योग्य पूजा वगैरा सब नाटक था । रूको में आपको एक और सबूत दिखाता हूं । चेतन अपने मोबाइल में उन चारों की शादी के फोटोज दिखाने लगे ।

दीपाली फोटोज को देख के क्या रिएक्शन दे उसे कुछ समझ नहीं आ रही थी । बात को किस दिशा में ले उसे कुछ समझ नहीं आ रही थी । समझ की नजरो से देखे तो गलत और अपनी सहेली और अपने बेटे जैसे बच्चे की नजरो से देखे तो उसे खुश होना चाहिए क्यू की अपनो के खुशी में अपनी खुशी भी है ।

चेतन उसे बेड पे लिटा देता हे ,,, आओ लेट जाओ मम्मी । आपको कहानी बताता हूं ये सब कैसे हुआ । ,,,

अपनी मम्मी की बालो को सहलाते हुए वरदान प्राप्त वाली बात निकल कर बाकी सभी बाते शॉर्ट में समझा देता है ।

ये सुन कर दीपाली को धीरे धीरे विश्वास हो जाती है ,, तो ये हुआ तानिया और तपन उस जंगल में खोने के कारण और ठंड के कारण उनके बीच वो हो गया (वो हो गया बात पर शर्माती हे ) फिर वो सब चलता गया और फिर जिशू पता चला उस पार्टी के दिन और फिर उसे पटाने शीतल को । ,,,

चेतन ,,, हा वोही और फिर जिशू शीतल आंटी की एक दिन नशे का फायदा उठाया । और शीतल आंटी नाराज हो गई फिर हमने कोठी जाने का प्लान बनाया । जहा हम शीतल आंटी को जिशु से मिला सके और जिशु प्यार में पागल अपना ही शिर फोड़ लिया । अब शीतल आंटी कैसे ना माने ,,

दीपाली ,, बाप रे तराली और मेरी पीठ पीछे ये सब हो रहा था और हमे भनक भी नही लगी । तूने भी नही बताया मुझे ,,,

चेतन उसकी आखों में आंखे डाल के ,,, मम्मी प्लीज उन सबको गलत मत समझना । में जानता हूं आपको गलत लग रहा है पर प्लीज मेरे लिए किस से कुछ भी जीकर मत करना किसी को पता नही चलना चाहिए वरना आप जानती हो ना ,,

दीपाली ,, नहीं बताऊंगी किसी को । में क्यों अपनो की जिंदगी बरवाद करूंगी भला । लेकिन में इसे गलत ही मानती हूं । अपने ही बेटे के दोस्त के साथ । वो दोनो तो बच्चे हे लेकिन वो दोनो औरते तो समझदार है ना एक सेल्फ कंट्रोल होनी चाहिए ना ,,

चेतन ,,तो आप चाहती हे आपकी तरह सेल्फ कंट्रोल कर के घुट घुट के जीती रहे । शीतल आंटी और तानिया आंटी भी अपने पति से खुश नहीं है जिस तरह आप पापा से नेही है में । आप सालो से घुटन भरी जिंदगी ही जी रही हे । क्या आप मेरे आखों में देख के बता सकती हे की आप खुश है ,,

दीपाली उसकी आखों में देख कर ,, तुम हो ना मेरे जिंदगी में तो खुश हूं में ,,

चेतन ,, में अपनी उस लाइफ की बारे में कह रहा हूं जहा हर एक इंसान को अपनी लाइफ पार्टनर से खुशी चाहिए । वो तो आपको मिलता नही कभी पापा को आपसे प्यार से बाते करते हुए देखा नही ।,,

दीपाली मुस्कुरा कर ,, कितना समझदार हो गया हे तु । अब तुम्हारे पापा ही ऐसे हे तो में क्या करू भला ,, मजाक में फिर बोली ,, नवीन को हा कर दू क्या ,,

चेतन उसे कस के बाहों में भर लेता है और बच्चों की तरह नाराज हो जाता है ,, नेई ,,

दीपाली हास पड़ती है ,, तो फिर क्यूं पूछते हो ,,

चेतन ,, में आपकी पूछ नही रहा में सिर्फ शीतल आंटी और तनिया आंटी की दर्द समझा रहा था ,,

दिलाली मजाक में ,, मुझे लगा तुम मेरा दर्द समझ रहे हो ,,

चेतन अपनी मम्मी की गाल चूम के प्यार से बोला ,,, आज से आपको पापा की कमी मेहसूस नहीं होने दूंगा । फूलो से सजा के रखूंगा आपको । ,,

दीपाली उसे छाती पे छुपा लेती है और इतना प्यार आता है अपने बेटे पर की उसे लद्दू की तरह खा जाए ,, ओह मेरा बच्चा तू मेरे साथ रहे तो में में खुश हूं और मुझे कुछ नहीं चाहिए ,,

दोनो मां बेटे ऐसे ही बाते कर के सो जाते है । दोनो के एक अच्छी नींद मिलती है बड़े दिनों बाद

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