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Hindi Desi Sex Freinds Forever (ek daastaan)

Update 11


Insider the forest

तानिया का बदन अभी भी कंपन कर रही थी । वो 5.4 फीट और तपन था 6 फीट का इसलिए उसकी उसका चेहरा छाती तक आ रही थी । और उसकी गोल मोटल नर्म चेहरा तपन के गठीले चेस्ट के किशोर अवस्था की बालो में रगड़ खा रही थी । एक गर्माहट का एहसास उसे मेहसूस हो रही थी उसकी आंखे बंद थी दिमाग सुन्न थी ।

दोनो की बदन के पानी सुख गए थे लेकिन तानिया की बाल अभी भी गीले थे । तपन उसकी पीठ मलते मलते अपनी मन से बेबाक हो कर तानिया की 34 इंच की कमर के नीचे 40 इंच की चुतर के नीचे हाथ ले गया और तानिया की बहार की तरफ निकली हुई गांड अपने पंजों में मसलने लगा ।

तानिया को जहा थोरी दर्द महसूस हुई वोही एक मालिश करने जैसा सुखद एहसास हुई और उसकी चेतना थोरी जाग उठी अपनी थरथरती होंठो से बोली । " क्या कर रहे हो "

तपन की सांस उखड़ी हुई थी क्यू की उसके अंदर एक दर था न की कामुक उत्तेजना के कारण ।" आंटी आप मेरे इरादे को गलत मत समझिए । मुझे आपकी शरीर गर्म करने के लिए आपको चुना पड़ेगा । ऐसा समझिए की में आपकी इलाज कर रहा हूं डॉक्टर की तरह "

कहना आसान था लेकिन मानना आसान नहीं था । लेकिन स्थिति ऐसे थी जैसे यही एक साधन हे और चाड़ा नही इसके सिवा । तानिया उसके बाते मान गई उसके दिमाग में आया की गाइनो मेल डॉक्टर ने उसकी प्राइवेट पार्ट कोई बार छुए है लेकिन उसका काम था ठीक उसी तरह तपन के लिए भी लागू होता है ।

तपन भले ही तानिया की मदद कर रहा था लेकिन उसके मन धीरे धीरे स्वार्थ पैदा हो रहा था और उमंग रहे काम भावनाओ को वो काबू नही कर पा रहा था । उसे आनंद आ रहा था न चाहते हुए भी मन में खयाल आ रहा था ऐसा (तानिया आंटी की गांड कितनी बड़ी हे और दबाने में क्या मजा आ रहा है और बाहों में लेने में क्या नर्म नर्म एहसास हो रहा हे । और बदन की क्या खुशबू है ऊंघ आह्ह्ह्ह) की उसपे उसका कोई रोक नहीं था । एक जवान लड़का था ना चाह कर भी मजबूर हो गया था ।

तानिया को कुछ आधे घंटे तक थरथराती रही लेकिन अभी भी उसे कुछ हद तक असहनीय ठंड महसूस हो रही थी । लेकिन उसको अपनी चूतड़ में दर्द महसूस होने लगा और वो फुसफुसा के बोली ।" बेटा दर्द हो रहा हे ।"

तपन ने उसके चुराड़ से हाथ हटा लिया । कुछ सेकंड निशब्द निस्क्रिया में पल गुजर गए और अचानक तपन ने बेकाबू होंठ को तानिया की थरथराती होंठो पे धसा के रस पीने लगा ।

एक औरत चाहे कितने भी बेबस ना हो जाए लेकिन अपनी आबरू को आखिरी हद्द का बचाने की कशिश करती ही है क्यू उसकी सबसे बड़ी दौलत आबरू ही होती है । तानिया उसे धक्का दे दी और एक तमंचा मार दी जोर का ।

तपन का कान झनझना गया पर उसे गुस्सा नहीं आया था वल्कि शर्म महसूस होने लगा और उसका गरम खून एक झटके में ठंडा पड़ गया । शिर झुकाए अंधेरे में ही पहले वाले कमरे में गया ।

तानिया सुबकने लगी । उसे भी गुस्सा आया था काफी हद तक । उसे घर की बोहोत याद आने लगी थी । घर पे उसका पति और उसका बेटा परेशान होंगे पता नही कितनी बार कॉल लगा चुका होगा ।

लेकिन किस्मत कुछ अनोहोनी और कुछ रिश्ते में दरार तो कुछ रिश्ते में करीबी लाने के लिए रसनाकार तैयार बैठे थे । दोनो एक एक कमरे में शांत अजीब मानसिकता में करीब दो घंटे बिताए । कमरे में खिड़की भी टूटी थी जहा से तूफान अंधी का हवा तेज प्रसालन हो रही थी और तीन का चट्ट भी मानो उड़ा ले जाएगा कभी भी ।

तानिया नंगी इतने देर में फिर पहले जैसे ठंड में कांपने लगी । उसे ध्यान आया कि तपन की दो घंटे से कोई खबर नहीं वो दर गई की कही तपन गुस्से में कही चला तो नही गया । वो हिल्स पहने के लिए दूंधी पर जूते नहीं मिले तो किसी तरह कदम बढ़ाते हुए अंधेरे में उस कमरे गई और " तपन तपन तपन " पुकारने लगी लेकिन तपन से कोई जवाब नही आया ।

तानिया दर गई घबराने लगी इस अंधेरे जंगल में उसे अकेला छोड़ कर भाग तो नही गया ऊपर से उसे और ज्यादा ठंड लग रही थी । फिर तपन को पुकारने लगी जितनी जोर से पुकार सके पुकारने लगी लेकिन फिर भी तपन का होने का मजूद नही ।" तपन । प्लीज बेटा कहा हो तुम । मुझे अकेला छोड़ के मत जाओ"

तानिया कमरे में अंधेरे में ही हाथ से इधर उधर ढूंढने लगी तो एक कोने में तपन से उसकी उंगलियां टकराई और वो खुशी से तपन के बाहों में जा के चिमट गई ।" बदमाश यहां छुपा है । प्लीज फिर से मेरी पीठ मल दो वरना में मर जाऊंगी "

तपन " नही में फिर से बहेक जाऊंगा । सॉरी मैं नही कर सकता ।,"

तानिया विनती के स्वर में " बेटा बेहस मत करो । हाह में ठंड से मर जाऊंगी । सॉरी इस बार बहके तो में प्यार से तुझे रोक दूंगी "

तपन अपमानित महसूस कर रहा था लेकिन जनता था टानिया की हालत खराब है इसलिए फिर से तानिया को बाहों में भर के एक हाथ से पीठ और एक हाथ से उसकी बड़ी चूतड़ मसलने लगा । तानिया उसकी आगोश में समा गई ।

थोरी ही देर में तानिया थरथराती हुई आवाज में फिर बोली ।" बेटा ठंड नही कम रहा है ।"

तपन धीमे स्वर में बोला ।" आंटी आपको सेक्सुअली गर्म होना पड़ेगा तभी आपकी ठंड कम हो सकती है । वरना आपकी तबियत "

तानिया कुछ पल रुक के बोली ।" पर तुम मेरे बेटे जैसे हो तुम्हारे सामने कैसे "

तपन गुस्सा कर के बोला ।" हा सही कहा । मेरी जगह कोई गैर होता तो उसके सामने मेज से सेक्सुअली गर्म होती ना । ठीक है हटिए "

तानिया उससे जोर से चिपक गई ।" प्लीज "

कुछ पल दोनों खामोश रहे । परिस्थिति ही ऐसी थी की दोनो एक दूसरे दूर नही हो सकते थे । तानिया समझ गई थी उसे जरूरत है तपन की और उसने सोचा की उस हद्द तक में उसे रोक दूंगी । अब नंगे होकर कुछ हद तक मर्यादा को दाव पे लगा के ही जान बचानी पड़ेगी और की रास्ता नही है ।

तपन फिर उसके बदन पे हाथ फिराते हुए झांसे से उसे गोद में उठा लिया और दूसरे कमरे के जा के टेबल पे तानिया की बैठा दिया । तानिया सोचने लगी ये क्या करने वाला है ।

तानिया टेबल पर और तपन टेबल के एक सिरे में खड़े थे । तपन ने तानिया की दोनो टांगे फैला दिए और उसकी कमर पर हाथ रख दिए । तानिया 40 डिग्री एंगल पे पीछे हाथ टीका दी सहारे के लिए । टेबल के ठंडे एहसास उसे और ठंड पोहोचा रही थी ।

लेकिन उसे वो महसूस हुई जिससे उसकी नस नस में सिहरन हुई । तपन उसकी सुखी भगनासा में अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा । तो तानिया उसे रोक दी " ये क्या कर रहे हो "

तपन " आंटी सेक्स नही करूंगा बस रगड़ के आपको गर्म कर दूंगा "

तानिया झुलझुलती हुई बोली ।" तो इसके लिए यही तरीका मिला तुझे । "

तपन उससे दूर दो कदम पीछे हो गया । तानिया ऐसी स्थिति में थी जिसे दो नाओं में सवार एक से पेड़ हटाई तो वो जान से गई । तानिया ।" प्लीज बेटा मेरी ठंड भागा दो पड़ कुछ ढंग का करो । प्लीज मेरे इतज्जत के साथ मत खेलो ।" तानिया रो पड़ी ।

तपन सोचने लगा अब क्या करू । बार बार कुछ ज्यादा ही बहक जाता हूं । और कुछ सोचते हुए वो नीचे घुटने में हो के सीधा तानिया की चूत पे मुंह लगा दिया और चूत की लकीर को जीव से चाटने लगा । तानिया बेबस हो कर आंखे बंद कर ली ।

तानिया की चूत दाना यानी भगनासा चिपकी हुई आकार की थी और चूत फूली हुई हल्के बालों से भरा । हालाकि उसने एक हफ्ते पहले ही सेव की हुई थी जिससे ठोर थोड़े बाल लंबे हो रखे थे ।

तपन पहली बार किसी स्त्री की चूत चाट रहा था उसे इतना आनंद आ रहा थी वो सोच भी नही सकता की कितनी हद्द तक खुश था वो । लोभ और कामसुख से मदहोश तपन ने सारी हदें भूल के बस तानिया की चूत दोनो अनूठे से फैला के जीव से चाटने लगा जिससे चूत की अंदरूनी हिस्से की अच्छे चुसाई हो रही थी ।

कुछ ही पल में तानिया की आंखे मजबूरी ने नही बल्कि आनंद में बंद हो गई थी । धीरे धीरे उसे ठंड का एहसास कम होने लगा था और मध्यम माध्यम कामुक सुख का आनंद । टानिया झांघे और फैला दी और तपन के बालो से खेलने लगी । अपनी निचली होंठ दातों में दबा रही थी । चूत अंदर से लचीला पानी से चिपचिपा हो रही थी । तपन को अजीब सा स्वाद मिला पहली बार था उसका थोड़ी घिन भाव आने लगे तो वो चूत की ऊपरी हिस्से को नुकीली जीव से चाटने लगे ।
 
Update 12

अचानक घमाचम बारिश होने लगा जर जर आवाज आने लगी बाहर से । तानिया की जिस्म गर्म हो उठी काम उत्तेजित से लेकिन अभी भी ठंड महसूस हो रही थी पर सहन करने लायक थी ।

तपन दस पंधरा मिनट तक चूसता रहा और फिर वो खड़ा हो गया । दोनो एक दूसरे को अंधेरे में ही देख रहे है अंदाजे से । सासें तेज बदन में किरकिरी मंगल एहसास हो एक स्त्री और पुरुष की जिस्मानी चाह की वजह से होता है ।

तपन दोनो हाथो से तानिया की तजब 38 इंच छाती पे लटके चूची को मसलने लगा और होंठ से होंठ मिला के चूसने लगा । तानिया की उम्मीद से बढ़कर थी लेकिन उसे भरपूर आनंद आ रहा था और उसने तपन को रोकने की कशिश भी नही की ।

तपन ने मजे से चूची मसला और कोमल होंठों का पान किया । लेकिन कबसे उसका लन्ड गिटर की स्ट्रिंग्स की तरह फंफाना रहे थे । मुर्दा भी ऐसी थी की तपन ने बड़ी आसानी से तानिया की होंठ चूसते हुए अपना लन्ड चूत के मुंह पर रखा और आगे की तरफ पुश किया तो उसके लंड एक चौथाई घुस गया ।

जहा उसका लन्ड रूखा सूखा था वोही चूत गीली होने की वजह से लंड को पिचलते हुए घुसने दिया लेकिन तानिया को बोहोत तकलीफ हुई और चिंखी " उफ्फ नही " उसने तपन को धक्का दे के अपनी चूत से लंड निकाल दिया तपन का ।

तानिया ।" प्लीज यही रुक जाओ । तपन ये गलत है बेटा । "

तपन ।" आंटी बस ये आखरी काम है । और क्या बचा है गलत होने को । सॉरी आंटी पर मुझे अब खुदपे कंट्रोल नही होगा ।"

तानिया माना करने लगी ।" नही नेही । प्लीज मत करो "

तपन नहीं रुकने वाला था । बेचारा पहली बार सेक्स करने जा रहा था उसपे कैसे रोक लगाए । उसने दुबारा उसी मुद्रा में लंड घुसा दिया और कमर में हाथ डाले बाहों में खींच लिया तानिया उसकी तरफ ढल गई और गले में हाथ डाले सिसियाने लगे ।" ईचचच बोहोत तकलीफ हो रही है युन्ह्ह ।"

तपन वैसे ही थोड़ा सा लंड घुसाते हुए रुक गया ।दोनो की गर्म सासें टकड़ाने लगे । तपन उसकी गाल में नाक रगड़ के कान में फूस फूस किया " इतना क्यू तकलीफ हो रही है आंटी "

तानिया बेचारी नारी लज्जत स्वभाव से कैसे बयान करे की (तुम्हारा लंड बोहोत बड़ा हे मुझे ऐसी लंड की आदत नही है ) । वो कुछ नही बोली ।

तपन धीरे धीरे आधे लंड से अंदर बाहर करने लगा । तानिया न चाहते हुए भी कामाशुत्र की खेल में आनंद लेने लगी । शादी के वो शुरुवाती दिन याद गए जब उसके पति का लंड ऐसे ही टाइटली घुसता था । तानिया मन में सोच रही थी(कितना बड़ा है इसका । क्या इसने पूरा लन्ड डाला है । किसी का इतना बड़ा भी हो सकता है क्या)

दोनो बेखबर कामाशुत्र का आनंद ले रहे थे । चारे रिश्ते नाते भूल गए थे । तानिया को हाला की तकलीफ हो रही थी जैसे उसकी चूत हद से ज्यादा फैल गई हो लेकिन आंनद भी उतना ही ज्यादा हो रही थी उसे । मस्ती में झूलते हुए तपन के गले में बाहें डाल के सिसकारी मारने लगी (आह्ह्ह आह्ह्ह्ह । उपच आइयाह नही । ओह । ऊंन्न्ह्ह आह्ह्ह्ह)

तपन को लगा उसका लन्ड आसानी से घुस रहा है तो उसने पूरा लन्ड डालते हुए तानिया की कंधे पे चाटने लगा । तानिया बिलबिला उठी चूत आखरी हिस्से में जब ठोकर मारने लगे । उसे क्या पता था वरदान प्राप्त लंड इतना दर्द देगा और खुद ही चूतड़ पीछे कर के लंड बाहर निकाल दिया ।

तानिया ।" आह्ह्ह्ह ऐसे मत करो "

तपन अनजान बनते हुए " क्यूं आंटी "

तानिया " जान के भी अनजान मत बनो "

तपन उसे लिटा दिया और झुक के उसके ऊपर गिर गया । तानिया सिहर उठी और बोली ।" टेबल कितना ठंडा है "

तपन ।" थोरी देर में आपकी तरह गरम हो जायेगा " तपन ने मज़ाक किया ।

तानिया मुस्कुराई लेकिन तपन उसकी मुस्कुराहट देख नही पाया अंधेरे के कारण ।और उसने फिर से अपना हलवाई लंड घुसा दिया और चोदने लगा अपनी दोस्त की मां को ।

बेहर हाल तानिया को जहा तकलीफ भी हो रही थी वाहा वो बड़े लंड की भरपूर मजा लेते हुए तरह तरह की आवाज से ना चाहते हुए भी चीख रही थी और जब जब झाड़ रही थी वो मछली की तरह गांड उठा उठा के तड़प रही थी । चूत इतनी पानी से भर गई की कीचड़ में पेड़ निकले की आवाजें जैसा आवाज गूंजने लगी उसके आह के साथ ।

एक घंटे से ज्यादा तपन उसे चोद रहा था लेकिन उसका सरमसुख तक पोहिचने का महसूस भी नही हो रहा था । तपन सोचने लगा कि इतनी देर क्यों लग रही है मूठ मरते समय तो 20 या 25 मिनट निकल जाता है कभी कभी तो 10 मिनिट में भी निकल जाता है । और उसे लगा कि तेजी से करने पर निकलेगा लेकिन तानिया उसे ऐसा करने नही दे रही थी ।

तानिया की सेक्स मोटी थी लेकिन आज वो भी हार मान चुकी थी। वो भी सोच रही थी तपन का निकलेगा कब जहा उसकी चूत जलन करने लगी उसने जबरदस्ती तपन को रोकने लगा

तानिया ।" तपन निकालो बाहर "

तपन ।" पर मेरा "

तानिया चिढ़ते हुए ।" प्लीज समझो मुझे जलन हो रही है ।"

तपन को मजबूरन अपना लन्ड बाहर खींचना पड़ा । तानिया को अचानक अपने पति की याद आई जिसकी वफा की कलंकित पछतवाए में उसकी आंखो से आसूं बह गए ।

तानिया ।" तपन तुम्हारे मोबाइल से मेरे घर फोन लगाओ और बता दो की हम hotel में है "

तपन ।" बोहोत ट्राई किया पर नेटवर्क नही हे । रुको में एक बार फिर देख कर आता हूं"

उसे चैन तो नही मिला । जब किसी मर्द की अधूरी रह जाए तो वो समझ सकता है । लेकिन तपन कोई जानवर नही था जो शिकार को चिर फाड़ खा जाए ।

तपन दूसरे कमरे गया और मोबाइल उठा के देखा नो नेटवर्क । तो उसने नीचे पड़े पेंट शर्ट को उठा के देखना चाहता की कुछ सूझा हे की नही तभी उसका हाथ पेंट के जैप के अंदर रखी लाइटर पे पड़ा ओर उसने लाइटर निकला । और उसे आइडिया आया क्यूं ना आग लगाया जाय ।

लेकिन किसपर । उसे और एक आइडिया आया उसने एक झटके के कमरे की एक दरवाजा तोड़ दिया और उसको तोड़ फोड़ के लड़की बनाने लगा । आवाज सुन के तानिया भी उस कमरेरे में आ गई ।

तानिया ।" ये सब क्या है क्यू तोड़ फोड़ कर रहे हो ।"

तपन बिना जवाब दिए लड़की इकट्ठा कर के लाइटर से आग लगाने लगा । जैसे ही टानिया ने देखा की उसके पास लाइटर है वो आग बबूला हो गई और शेरनी की तरह चिंखी ।

" तेरे पास लाइटर था "

तपन को एहसास हो गया उसने क्या गलती की हे अनजाने में । उसके पास अब कोई जवाब नही था की वो क्या सफाई दे ।

तानिया उसको जैसे खा जायेगी और तपन की तरफ बढ़ गई । और तपन को मारने पीटने लगी । तपन अपने आपको बचाते हुए कोने में गया लेकिन वो वोही अटक गया और तानिया की हाथो की मार पड़ने लगी उसकी पीठ पर ।

" साले हरामी । सब तेरा सरियंत्र था । मेरी इत्जत लूट ली तूने । "

तानिया थक हार कर रोने लगी ।

तपन ।" नही आंटी मम्मी कसम मुझे नही पता था कि मेरे पास लाइटर था । मतलब भूल गया था । मुझे आदत नही है लाइटर रखने की । वो तो सोचा की आज अकेले सफर करूंगा तो मजे से चिग्रेट पीते हुए जाऊंगा इसलिए दुकान से लाइटर खरीदा था । मम्मी कसम में भूल गया था अभी पेंट चेक किया तो मिल गया ।"

तानिया कर भी क्या सकती थी अब । जो होना था वो हो गया ।

तपन ने डरते डरते आग लगा दी कमरे में । और आग की रोशनी के साथ ही दोनो की जिस्म एक दूसरे को साफ़ दिखाई देने लगी । तानिया शर्म के मारे नीचे बैठ गई और झंघे चिपका के अपनी चूत दिखने से बचाई और घुटने ठंडी रखने से चूची दिखने से बचाई । तपन को थोड़ा शर्म आ रहा था जी भी हो वो भी एक इंसान था ।
 
Update 13

तपन ने दूसरा एक दरवाजा तोड़ते बैठने के लिए आग के पास बिछा के बोला ।" आंटी बैठो यह "

तानिया ।" बात मत कर मुझसे । और चला जा यहां से "

तपन ने सोचा की थोरी देर के लिए बाहर ही घूम आऊं तब तक आंटी का गुस्सा भी शांत हो जायेगा । लेकिन तभी खिड़की से हाथियों की झुंड गुजरते हुए दिखाई दिए ।

दोनो दर गए । लेकिन हाथियों की झुंड धीरे धीरे दूर चली जाती हुई नजर आई । तपन फिर जाने के लिए अपने कपरे उठाए ही थे ।

तानिया ।" मत जा बैठ ।" और खुद दरवाजे के ऊपर बैठ गई "

तपन मंद ही मन मुस्कुराते हुए बोले ।" नही में नही रुकने वाला । आपको मेरे ऊपर विश्वास ही नहीं है तो में आपके साथ क्यूं रुकु ।"

तानिया उसका हाथ खींच के अपने पास बिठा लिया । दोनो कुछ देर आग सेकते रहे दोनो को बोहोत राहत मिली आग से । लेकिन भावनाएं जो बदल चुके थे । बस मन वोही सब घूम रहा था ।

तपन तानिया की गोरी जिस्म ललचाई नज़रों से देख रहा था । (कितनी भरी हुई जिस्म हे आंटी कि एक दम चिकनी । ) तपन का दिल फिर एक बार बेईमान होने पे उतर आए ।

वो तानिया की गेल पे हाथ डाल के प्यार से बोला ।" आंटी आईएम सॉरी । सच में मुझे नेही पता था । नही में आपको इतनी तकलीफ नही पोहोचता "

लेकिन तानिया की शिंता कुछ और ही थी । " देख जो भी हुआ वो सब भूल जाना और प्रोमिस कर की किसे आगे इस बात की जिक्र मत करना ।"

तपन उसके चेहरे को हाथो में ले के बोला ।" कभी नही । प्रोमिस "

और चूमने ही वाला था तानिया ने उसे दूर कर दिया । तो तपन ताकत दिखाते हुए उसे उस 6 फीट की दरवाजे पे ही लिटा दिया और खुद ऊपर चढ़ गया । तानिया नाकाम कशिश कर रही थी लेकिन उस वरदान प्राप्त के आगे कहा उसकी बल चलती ।

तानिया ।" छोड़ो मुझे । बोहोत हो गया तेरी मन मर्जी ।

तपन ।" नही मुझे आपसे प्यार करना है । हमारे किस्मत में आज की रात लिखा हे "

तानिया ।" कितनी बेशर्म हो तुम । शर्म नही आती ऐसी बाते करते हुए । और ये प्यार नही हवस कहते है ।"

तपन ।" हवस होता तो आपको जबरदस्ती कर के बलात्कार करता रहता । जब आपने रुकने को कहा था तब आपकी तकलीफ समझते हुए में रुक गया । ये हवस नहीं है । मैंने कभी आपकी उस नजर से नहीं देखा । पर आज हालत ही ऐसे बने की मेरे मन में ऐसा खयाल आया । लेकिन इसे हवास का नाम मत दो आंटी । आप भी मान गई थी भूलो मत । मान लो हमारे किस्मत में यही लिखा हे ।"

तानिया ।" वो एक गलती थी । जब गलती दुबारा दोहराया जाय तो उसे गुनाह कहते हे । अब हटो "

दोनो में काफी बहस बाजी चली लेकिन अंत में तपन ने उसकी होंठ बंद कर दिए और चूसने लगे । तपन अपनी एक्स गुरफ्रेंड के साथ किस कर कर के माहिर हो गया था । और उसने इमरान हसमी की तरह संवेदनशील तरीके से तानिया की होंठ पीने लगा तो तानिया भी सेंसिटिव हो गई और उसका साथ देने लगे ।

जीव से खेलने क्रिया तपन अच्छे से जानता था और तानिया को चुम्बन से दीवाना बना दिया खुद ही अपनी जीव तपन के मुंह में ठेलने लगी । सलीवा चाटने में दोनो को भरपूर मजा आया ।

जब तपन ने चुम्बन तोड़ के उसे आंख मार के ये कहा ।" मान गई ना आप भी अब भी हवस कहोगे ।"

तानिया मुस्कुरा के शरमाने लगी । तो तपन उसकी चिकने त्वचा की गर्दन और कंधे पे चाटने लगे । तानिया दिल ही दिल में खुश हो के अपने आपको पोडोच दी।

तपन उसकी दोनो चूची मसलते हुए निपल को चूसने लगे साथ ही साथ अरोला के इर्दगिर्द जीव फिराने लगा तो तानिया कसमसाने लगी । नजाने क्यू आंख बंद कर के पति का खयाल करने लगी इस बारे में की (मेरा पति कभी ऐसे नही चूसता । कभी ऐसे मेरे बदन से नहीं खेलता । ये लड़का मेरी बदन के हर हिस्से को चाट रहा है खेल रहा हे कितना माजा आ रहा है । कितना माहिर लगता है इस खेल में । इसका बदन कितना गठीला है और क्या मरदाना खुसबू है । इसकी खुशबू सूंघ के ही तो में बहक गई थी । और इसका लंड कितना बड़ा हे । अभी तो ठीक से देखा भी नहीं देखना पड़ेगा । कहा में ऐसे मर्द की सपने देखा करती थी । लेकिन कभी सोचा नहीं था सच में ये सपना पूरा होगा । लेकिन अब तो में बेवफा हो गई ) और उसकी आंखे खुल गई ।

देखा तपन उसकी नाभि से खेल रहा है । उसके मजबूत हाथों की चुने के एहसास से तानिया गर्म हो उठी । चूत पे चीटिया रिंगने लगी । प्यार और आनंद से तपन के बालों पे हाथ फेरने लगी ।

तपन ने तानिया की ऊपरी हिस्से को चाट के कामक्रीड़ा के अनोखा खेल दिखा दिया । तानिया प्रत्साहन करने लगी तपन का । अब वो भी चाहती थी की ये एक रात तपन उसके साथ भरपूर आनंद के साथ खेले ।

तपन उसकी मोटी झांघो को चूमते हुए उसकी फूली हुई चूत फिर चूसने लगा । तानिया फिर तड़प उठी क्यूं की तपन की जीव क्लिटोरिस पे खेल रहा था । तानिया मोटी झांघे उसके कंधे पे रख के तपन के शिर को बीच में में दबाने लगे ।

तपन कुछ देर चूस के खड़ा हो गया । और लकड़ी दल दी अच्छे से ताकि आग जलती रहे । तानिया उठ के बैठ गई तपन का लंड 90 डिग्री में खड़ा था ठीक उसके होंठो के पास ।

तानिया देखती रह गई (मेरी कलाई जितना मोटा है ये तो । लंबाई मेरे पति से दुगना होगा क्या खाता है ये लड़का उफ़ काश मेरे पति का ऐसा होता । उसका तो सिर्फ टोंड बढ़ रही हे बस और कुछ नही ।कमसे कम मेरे बदन के साथ खेल की ही मुझे शांत कर दे वो भी खयाल नहीं आता । सिर्फ काम काम ।मुझे भी वक्त कहा मिलता है । उफ़ आज इसकी मज़े लुंगी । उफ में क्या क्या सोच रही हूं।"

तपन जिझकते हुए बोला ।" आंटी चूचों ना "

तानिया बुरा सा मुंह बना के बोली।" जाओ धो के आओ ।"

वो बेचारा धोने के लिए ही बाहर भागा । तानिया की हंसी निकल आई । तपन बारिश की पानी से अच्छे से धो के आए ।

तानिया ने ऐसा झटाया जैसे उसको कोई खुशी नहीं हो रहीं लेकिन अंदर से मरी जा रही थी चूसने को । और एक बार तपन से नज़रे मिलाते हुए बैठे बैठे ही लंड को मुठ्ठी में ले के प्यार से चूसने लगी (कितना मोटा है और लोहे जैसा सख़्त । पकड़ के ही कितना मजा आ रहा है पता नही कौन इसकी बीवी होगी जिसकी किस्मत चमकने वाली है)

दस मिनट तक उसने चूसा और अजीब सा मुंह बनाने लगी । तपन ने उसे फिर लिटा दिया और टांगे फैला के उसकी चूत में सुपाड़ा घुसा दिया । तानिया की आह निकली " आराम से"

तपन आगे झुक के उसे बाहों में भर लिया और तानिया ने भी उसके गले में हार डाल दी बाहें की । दोनों की नज़रे एक दुसरे से मिल रही थी जहा आनंद की लहरे उठ रही थी । तानिया भी इस बार शर्म का पर्दा हटा दी थी वो सीधा तपन की आखों में देख रही थी ।

तपन ने धीरे धीरे पूरा लन्ड उतरते गया और फिर एक तानिया की माथे पे चिकन और चेहरे पे तकलीफ होंठ आईससस कर के खुल गई ।

तपन रुक गया और बेशर्मी से पूछा ।" दर्द हो रहा है ।"

तानिया ने आंखो से कह दी हा ।

तपन " क्यू । आपका पहली बार थोरी हे"

तानिया ने कोई जवाब नही दिया ।तपन एक लय से उसे चोदना आरंभ किया उसके लंड ने चूत दीवारें खुलने लगे और गहराई में उतरने लगे तो तानिया उसके कंधे पे हाथ दे उसे जताने लगी की उसे तकलीफ हो रही हे लेकिन तपन नही रुका ।

तानिया ।" रुको रुको आन्ह्ह्ह "

तपन रुक गया ।" क्या हुआ "

तानिया ।" शुरुवात से ऐसा मत करो " (मेरी चूत फट जायेगी लगती है )

तपन उसकी होंठ चूम के गाल पे काटा और तगड़े धक्के लगाने लगे । तानिया तड़प उठी और कराहने लगी " आन्ह्ह्ह। आन्न्ह्ह्ह। आन्ह्ह्ह। नही मर गई में "

तपन ने दो मिनट तक ऐसे ही तगड़े धक्के मारते रहे जब तब तानिया उन्हू उन्हू कर के रोने नही लगती ।

तपन रुक जाता है और पूछता है ।" आंटी मजा आया "

तानिया बड़ी आंखे दिखाती हुई ।" खाक मजा आया ऐसा कोई करता है भला "

तपन ।" मेने सुना है जो औरते होती है उनको ऐसे ही मजा आता है ।

तानिया ." जूठ हे सब" (सच कहूं तो तेरे इस लन्ड की दर्द में भी मजा है कितना गहरा उतरता है )

तपन प्यार जताने लगा और धीरे धीरे चोदते हुए उसकी गर्दन चूमने लगा ।" आंटी अब मजा आ रहा हे "

तानिया कोई जवाब नही देती (तुझे कैसे बताऊं की कितना मजा आ रहा है मुझे तू बस चोदता रह इस बार तुझे नेही रोकूंगी सचमे अदभुत स्टैमिना है तेरे में )

तपन उसकी चूत में गोताखोर बन गया बस मन मर्जी कभी धीरे तो कभी तेज रफ्तार से कभी तानिया की आनंद भरी चीखे तो कभी दर्द भरी चीखे गूंजती रही लगता आधे घंटे से ज्यादा देर तक । तानिया बस नादिया बहा रही थी वो थक हार के लेबेजान हो रही थी ।

तपन एक दम बेशरम बन गया था बस तानिया की आंखों में देख के पेले जा रहा था ।तानिया भी उसकी आंखो में देख के संतुष्ट जता रही थी ।

तपन ।" आंटीहहहहह आई लाव यू । मुझे आपसे प्यार हो गया है ।"

तानिया ।" आई हेट यू "( आई लव यू तू)

तपन ट्रेन की रफ्तार पकड़ लेता हे । तानिया चीखती है " आनननन फट गई मेरी "

तपन जोश में दात पिंच रहा था और गरजते हुए तेज रफतार से चोदने लगा " जब तक प्यार नेही करेगी तब तक ऐसे ही चोदूंगा "

तानिया उसकी पीठ पे नाखून से खोरोज मार के चीखने लगी " आई लव यू । आन्न्न रुको आह्ह्ह्ह नही । प्लीज बोहोत दर्द हो रहा हे ।"

तपन हाफने लगता है और रुकता है ।" आंटी बोलो की आप मुझसे प्यार नही करती "

तानिया भी हफ्ते हाफ्ते जवाब देती हे । " कभी नही "

तपन हसने लगता है और उसकी गाल चूम के फिर से धीमे धीमे चोदने लगता है । और कान में फुश फुच करता है ।" बोलो ना प्लीज "

तानिया मुस्कुराती है ।" बोला तो है आई लव यू"

तपन ।" आंटी जब भी मौका मिलेगा हम दोनो ऐसे सेक्स करेंगे आप करोगे ना मेरे साथ सेक्स"

तानिया ।" नही "(पता नही इस सुख के लिए खुद को रोक पाऊंगी या नही । है तो गलत शर्मनाक हरकत पड़ पता नही था तेरे साथ इतना मजा आयेगा । जितनी भी पाटीवर्त नही हू क्यों आखिर अपनी भी एक जिंदगी है । तेरे साथ पता चला में कितनी सेक्स की भूखी हूं ।)

तपन उसकी आंखो में देखता है " आपको में अच्छा नही लगा "

तानिया उसकी आखों में देख के बोली ।" कब होगा तेरा । में थक गई हूं और सहा नही जाता "

तपन ।" आप बोहोत खूबसूरत हो आपका बदन एक दम टकाटक है । राबचिक माल हो आप " मुस्कुराने लगा

तानिया नखरा दिखाती हुई " क्या बोला में माल लगती हूं । तेरे दोस्त की मां हूं कुछ तो इतजट कर "

तपन " मजाक कर रहा हूं । पर कितनी अजीब बात है ना दोस्त के मां के साथ ही "

तानिया मुंह फेर लेती है ।(हा अपनी ही बेटे के यार के साथ सेक्स कर रही हूं इस बात पे पता नही क्यू सोच के ही मेरी गीली हो रही है)

तपन मुद्रा बदल देता है तानिया भी उसकी पसंद की कुटिया बन जाती है और कोंही टीका के शिर एक दम नीचे कर देती है । जिससे उसकी गांड फैल जाती है । तपन उसकी कमर पकड़ के लंड डालते हुए (क्या गांड है आंटी की पतली कमर पे पहाड़ जैसे चूतड़ मारने में मजा आयेगा । क्या मेरा दोस्त इसी चूत से निकला था । अंकल ने ऐसे ही चोदा होगा आंटी को आहा कितना मजा लिया होगा आंटी का । लेकिन अंकल को छोटा होगा इसलिए आंटी मेरा संभाल नहीं पाती वैसे भी कुछ ज्यादा ही बड़ा हो गया है हमारा लंद)

तपन चोदे जा रहा था तानिया आह्ह्हह आन्ह्ह्ह आन्न्घ आन्न्नं करती जा रही थी । अंत में ढेर सारा वीर्य तानिया की कोख भर दी तपन । दोनो निढाल हो कर दरवाजे के ऊपर लेटे रहे ।
 
Update 14


Jishant house

जिशांत और उसके पापा शुबत मेहरा रात भर तानिया और तपन के मोबाइल में कॉल लगाते रहें लेकिन एक भी कॉल नही लगा । शुबत मेहरा Deputy Inspector General of Forests बड़े ओदे नियुक्त था । तो उसके कॉन्टैक्ट बड़े ओउदे वाले लोगो के साथ ही था । और उसने अपने कॉन्क्टैक्ट के यूज किया लेकिन कही से कोई खबर नहीं मिला की तानिया और तपन कहा है । वो भी परेशान थे बार बार सुरक्षा दल के अधिकारी को फोन कर रहा था लेकिन कोई खबर नहीं मिला और उसका भी ड्यूटी थी जो इंपोटेंट था ।

दोनो बाप बेटे को पूरी रात नींद नही आया । सुबह की किरण निकलते ही शुबत मेहरा ने पुलिस को खबर दी जिसमे उसके कुछ जान पहचान या कार्य मित्र थे । और जिशू ने अपने दोनो दोस्तो कॉल किया तो दोनो दोस्त शेतन और विश्वास भाग के जिशू के घर आए ।


Tapan's Grandfather's House (Chandarpur)

अपने बेटे की कोई खबर ना पा कर जतिन पलपड़े और शीतल तलपड़े भी परेशान थे । जतिन तलपड़े एक पेशे से बेंगकर थे तो उसके पास शुबत मेहरा की तरह कॉन्टैक्ट नहीं थे । लेकिन वो शुबत मेहरा को बार बार कॉन्टेक्ट कर रहे थे की दोनो की कोई खबर । लेकिन शुबत मेहरा ने दोनो को असबसन दे रखा था की वो ढूंढ निकलेंगे दोनो को ।

शीतल ।" माना किया था मैंने इतना लंबा सफर अकेले मत जाने दो । कुछ दिन रुक जाता तो कौनसा पहाड़ टूट पड़ता ।"

शीतल थोड़ी मंदमति की तरह थी काम पढ़ी लिखी पुरानी खयालात वाली अपने बेटे को आसल में छुपा के रखने वालीं । नजाने उसके मन में क्या क्या बुरी खयालात आ रहे थे । और वो रोने लगी तपन के ताई चाची बाकी रिश्तेदार को औरते उसे ऐसे संभाल रही थी की जैसे तपन कही वाकई में खो गया हो ।

जतिन ।" अरे इतना परेशान होने की क्या जरूरत है । हो सकता है फोन में नेटवर्क नहीं इसलिए कॉल नहीं लग रहा है और उसके साथ मिसेज मेहरा भी है । वो समझदार औरत हे पढ़ी लिखी जरूर वो लोग किसी होटल में होंगे और नहीं तो कोई सुरक्षित जगह पे होंगे । छोटी छोटी बात पे बस मुंह फाड़ के रोना शुरू हो जाता है ।"

शीतल ।" आपको जरा भी फिक्र नहीं । बेटा गायब हे कोई खबर नहीं इनको बस मेरी रोने की पड़ी है । कैसे फिक्र ना करूं सुन ही रहे हे सड़के बाढ़ के बह गया हे । लोगो की खेत घर भी बाढ़ में बह गए है । "

जतिन ।" हा तो कशिश कर रहा हूं ना में उनको ढूंढने की । मिस्टर मेहरा साहब भी इसी में लगे है और वो बड़े अफसर है देर से सही मगर वो ढूंढ लेंगे । शांत रहो मिल जायेगा ।"

शीतल ।" हा तो यहां बैठे बैठे बस फोन से ढूंढते रहो ।"

जतिन चिड़चिड़ा हो कर ." ये पुष्पा इसे अंदर ले जाओ रे ।" (तपन के चाची पुष्पा)


Back to Jishant house

शुबत अपने ऑफिस के लिए निकला अपनी यूनिफॉर्म पहने । " जिशू बेटा सच में तुम लोग जाना चाहते हो ।"

जिशू ।" हा पापा हम ढूंढने जा रहे है ।"

शेतन ।" अंकल आप हमारा शिंता मत कीजिए । हम ढूंढ लेंगे "

शुबत ।" बात वो नही है । जहा तुम लोग जा रह रहे हो वाहा हालत बोहोत खराब हे ।"

जिशू ।" पर पापा हम लोग ऐसे ही हाथ पे हाथ धरे बैठे तो नही सकते ना "

शुबत ।" बात भी सही है । पर इतना टेंशन मत लो तुम्हारी मम्मी समझदार हे अपना खयाल रखना जानती है । और वाह के एसडीएम से मेरा कॉन्टैक्ट हुआ है वो इस मामले की शान बिन कर रहे है जल्द ही खबर मिल जाएगा । बाढ़ की वजह से सारे टेलीफोन नेटवर्क बंद है । ठीक है तुम लोग अपना खयाल रखना और मेरे कॉन्टैक्ट में रहना ओके । में भी अपने तरीके से ढूंढ रहा हूं ।"

विशु ।" ओके अंकल आप निश्चित रहिए हम आपको कॉल करते रहेंगे ।"

शुबत अपनी डिपार्टमेंट वीआईपी कार में बैठ के निकल गए । और ये तीनों भी एक कार में बैठ के निकल गए ।


Inside the car

जिशु पीछे बैठा था । शेतन कार चला रहा था और उसके बगल में बिशु बैठा था ।

विशु ।" यार में तो कह रह हूं में शॉर्ट कट ले के दौर के जाता हूं "

शेतन " माना की तू तेज़ रफ्तार से दौड़ सकता है लेकिन फिर भी वाहा से यहां तक गाड़ी से आने ही 7-8 घंटे लग जाते है । और तुझे कैसे पता की वो लोग कहा होंगे और जिस जगह पे रास्ता ब्लॉक हुआ है वो जगह भी तो तुझे नहीं पता । और वैसे तू कितनी तेजी से भाग सकता है ।"

बिशु ." कभी मीटर नही किया पर 50 किलोमीटर की स्पीड से भाग सकता हूं मेरी आइडिया हे ।"

जिशु ।" ये कार 90 किलोमीटर की स्पीड से भाग रही है तो चुप चाप बैठ । "

शेतन इशारा करता है विशु से की चुप चाप बैठ उसका दिमाग परेशान हो रखा है उल्टी सीधी बाते कर के और दिमाग का दही मत बना उसका ।

जिशू परेशान था और न्यूज देख रहा था मोबाइल पे की खबर मिल जाए ।
 

[color=rgb(41,]Update 15[/color]
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Again inside the Forest[/color]
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चिड़िया की किलकारी सुनाई दे रही थी सुबह की गीत गा रही थी लेकिन उनके सुर में दर्द था बाढ़ की वजह से उनकी ठिकाना भी बेदखल हो चुका था जंगल से ।

सुबह की मीठी किरण खिड़की से आई और दोनो के चेहरे पे धूप की रोशनी पड़ी । दोनो जाग गए । एक दूसरे की हालत देखी दोनो नंगे थे । तानिया को बोहोत शर्म आई पूरी रात की मंजर चवी की तरह चलचित्र रील की तरह आखों के सामने डोरने लगी ।

वो अपनी कपरे देखने इधर उधर देखने लगी लेकिन उसके कपड़े उस कमरे में थे । तपन टानिया की मादक चिकनी जिस्म देख के फिर दिल उसका बेईमान हो गया और हल्की फुल्की मजाक मस्ती करने लगा ।

तपन ।" आप शर्माती हुई बड़ी अच्छी लगती है । और आपकी मुस्कान बड़ी खूबसूरत लगती है । और इस वक्त तो आप एक दम काम देवी लग रही हो ।"

तानिया अपनी बिखरी बालो को सबरती हुई रॉबर से बांधती हुई कोहनी आखों से गुस्सा दिखाती हुई बोली ।" जाओ मेरे कपड़े लेके आओ ।"

तपन नंगा ही दूसरे कमरे में कपड़े लेके आया और तानिया की ब्रा हाथ में लेके मुस्कान से बोला " आपकी साइज तो बोहोत बड़ी हे । "

तानिया शर्मा गई और झपाटा मार के तपन के हाथो से ब्रा खींच लिया ।" बाहर जाओ अब क्या चैन से कपरे भी नही पहने दोगे ।"

तपन ।" अगर ये गीले कपड़े ये गीले कपड़े पहनोगी तो खुजली दाग और इन्फेक्शन जरूर होगा । एक काम करिए बाहर धूप निकली हे आधे घंटे तक सूखने दीजिए फिर पहन लीजिए ।तब तक में बाहर जा के पीने का पानी और यहां से निकलने की कोई जुगार करता हूं । "

तानिया सोच विचार के बोली ।" ठीक है ज्यादा दूर मत जाना ।"

तपन मुस्कुराया ।" हाय इतनी फिक्र ।"

तानिया जूठा गुस्सा दिखा के उसका धक्का दि । फिर दोनो ने अपने चारे कपरे बाहर पेड़ो की डाली में सूखने को रखे । तपन पानी में ही कही चला गया ।

वो फॉरेस्ट डिपरमेंट का खंडार जैसा दो कमरे वाला घर एक छोटा सा द्वीप बन चुका था । उसके चारों तरफ पानी जमा हुआ था ।

तपन कमर से ले छाती तक गहरे पानी में नंगे ही पानी में घूमते हुए खाने का तलाश करने लगा और वो एक छोटी पहाड़ के टीले तक पोहोचा । जहा उसे अमरूद के पके हुए फल मिला और पके हुए केले भी । और एक बड़े बड़े पत्ते से बर्तन बनाया जिसमे उसने झरने का साफ पानी भर लिया ।

लेकिन बड़ी बात थी वो लोग वाहा से निकलेंगे कैसे । उसकी दिमाग में एक आइडिया आया और एक हाथी की तरह बल प्रयोग करते हुए पांच बड़े बड़े चाइन-चम्पा केले के पेड़ उखड़ के और बम्बू से एक नाव बनाया और सवार हो के आया ।

केले के पेड़ के नाव में नंगा ही चप्पू चला के आते देख के तानिया हसने लगी । तपन नाव को किनारे में बांध के तानिया के पास आया ।

तानिया की नजरे बस तपन के लटके हुए लंड को ही घूर रही थी और वो मुस्कुरा के बोली ।" तुम तो एक दम तारजान बन गए । कहा से मिला ये केले के पेड़ का नाव.."

तपन नाव से उतरा और बोला ।" मिला नहीं खुद इन्वेंशन किया है । ये लो " उसने पानी का बर्तन और जो खाने के लिए अमरूद और पके हुए केले लाए थे वो दिया ।

और तानिया ने खुशी से वो चीज़े हाथो में ली ।" तुम तो आदिवासी की तरह जंगली इंसान निकले कहा से ढूंढ के ले आया ये सब ।"

तपन ।" आपके लिए लाया हूं आप बुखी प्यासी हे । काल दोपहर से आपने एक बूंद पानी भी नही पि ।"

तानिया ने पहले पानी पी के प्यास बुझाई ।" बड़ी खिदमद हो रही हे हुंह ।"

तपन मुस्कुराया ।" कपड़े सुख गए ।"

तानिया ।" पूरी तरह से नही । फल खाते खाते सुख जायेगा आओ बैठ के थोड़ा भूख मिटा लेते ।"

तपन " हम आपको भूखा कैसे रख सकते भला "

तानिया " अच्छा अच्छा अब चलो आओ फल खाते हे "

दोनो फल खाया जब दोनो खा रहे थे दोनो एक दूसरे की नजरो में खोए हुए थे और दोनो की मुस्कान निकल रही थी । तानिया जहा अपनी घर की शिंता हो रही थी वाही दिल ही दिल खुश हो रही थी तपन की देखभाल करने की तरीका देख महसूस कर रही थी जैसे वो बाली उम्र की लड़की हो ।

तपन थोड़ा झिझकते हुए उसके करीब आ के बैठ गया और होंठो को करिब ले गया तानिया की होंठो के पास । अनायास ही तानिया की आंखे बंद हुई दोनो की सांसें तेज़ हो गई धड़कने तेज हो गई ।

और धीरे धीरे दोनो एक दूसरे को चूमने लगा । तपन तानिया की बगल में हाथ डाल के अपनी तरफ खींचता है और बाहों में कस लेता है ।तानिया भी उसकी गले पे हाथ डाल के उसकी सपोर्ट करती है । जीव डाल के गीले होंठ चूसने में दोनो को बोहोत आनंद आ रहा था ।

तपन ने उसे चूमते हुए ही खड़ा कर दिया और उसकी मोटी गान्ड मसलने लगा हाथो से । ज्यादातर औरतों की गांड एक संवेदनशील अंग होता है । तानिया को बोहोत मजा आया उसके दिमाग में ये चलने लगती है (हाथो में कितना जोड़ है इसके उफ्फ कैसे पकड़ के कस के मसल देता है । कैसे मेरी होंठो को पि रहा है उफ्फ कौन होगी उसकी बीवी ) तानिया को जलन सी होती हे पता नही क्यों । ऐसा ही है स्त्री का स्वभाव ।

तपन अपनी हाथो को नजाकत से ऊपर ले आते हुए तानिया कि चूचियां पे रखा और प्यार से सहलाते हुए उसकी आखों में देख ले मुस्कुराने लगा तो तानिया शरमा के घूम के पीछे मुड़ गई ।

तानिया ने नजरे छुपाने के लिए घूम गई थी लेकिन अनजाने में तपन का काम आसान कर दिया । तपन उसकी चूची को दोनो हाथो में लेते हुए मसलने लगा और अपने खड़े हो चुके लंड को उसकी उठी हुई गांड की दरार में रगड़ने लगा और बीच बीच में धक्के भी मारने लगा ।

इस क्रिया से तानिया शर्म से पानी पानी हो गई की किसे बेशर्मी से उसके बेटे की उम्र का लड़का उसकी बदन से खेल रहा है । और उसने तपन के मजबूद बाहों से आजाद होने की कशिश करी ।

तानिया ।" हटो चलो अब देर हो रही है"

तपन ।" नही हटने वाला क्या कर लोगे आप "

तानिया अंदर ही अंदर खुश होती हुई और बाहर से नखरा दिखा के बोली ।" नही तो थप्पड़ खायेगा "

तपन की उसकी नखरे करने की अदा देख के पागल हो गया और जोश में होश खो के पूरे ताकत से मसल डाला । तानिया की चींख पूरे जंगल में गूंज उठी ।

तानिया आंखों से आसूं निकली ।" अपनी मां की उम्र की औरत के साथ ऐसा सलूक करते हो । माना की मर्द जात से औरतों शरीर में उनता बल नही है तो मतलब क्या हमे ऐसे ही दर्द पोहोचा के जलील करते रहोगे । हटो छोड़ो मुझे "

तानिया की लहजे में गुस्सा देख के तपन समझ गया कि उसने जोश में तानिया की दिल दुखा दिया और वो खुदपे पछताने लगा की क्यू वो इतनी जोर से दबाया । तानिया की गोरी चूचियां पे उंगलियों निशान तक शाप गए थे जाहिर है बेचारी को बोहोत दर्द हुई होगी ।

तपन माफी मांगने लगा गलती का एहसास कर के " आईएम सो सॉरी आंटी । वो गलती से हो गया । पता नही कैसे मैने । प्लीज माफ कर दो मेरा आपको दिल दुखाने का कोई इरादा नहीं था । प्लीज माफ कर दो "

तानिया ने कुछ जवाब नही दिए बस मुंह फुलाए क्वाटर के बरामदे से दो चिड़ी वाला चिड़ी उतरकर जहा कपरे सुखाने को रखा था वाहा जाने लगी । तपन पीछे पीछे माफी मांगता हुआ आया लेकिन कोई फायदा नही हुआ ।

तानिया कपड़े हाथ से छू के चेक करी तो पाया कि अभी भी थोड़ी और सुखना चाहिए जब तक पहनने लायक हो । तो उसने तपन से दूरी बनाए रखी । और तपन उसे मानता रहा ।

तानिया दिल में सोचती हुई (भोंदू लड़का उसे लग रहा है में सच में नाराज़ हूं ) । तानिया गुस्सा आया था दर्द पोहचाओगे तो किसे गुस्सा नही आएगा । लेकिन वो कोई कम उम्र की लड़की नही थी जो ऐसी छोटी बातो पे नाराज हो जाए या फिर उसकी प्रेमी भी नही थी । समझदार थी जोश में होश खो बैठा अच्छे से समझ रही थी लेकिन उसने सोचा थोड़ा बच्चे को तड़पाया जाए लेकिन ज्यादा देर तक खुद को संभाल नहीं पाया और उसकी हसी छुट्ट गई तपन के आलू जैसे माफीनामा सकल देख के ।

तपन समझ गया कोई नाराजगी वराजगी नही उसकी ली जा रही थी । और वो तानिया को खींच के उसकी जबरदस्त होंठो चूसने लगा थोड़ी आक्रामक तरीके से लेकिन तानिया को भी मजा आया ।

चुम्बन टूटने पड़ दोनो एक दूसरे की आंखों में देख के मुस्कुराने लगे । तपन उसके कान में बोला ।" मुझे डालना हे अन्दर डाल दूं ऐसे ही या आप गीला करोगे "

तानिया ब्लश करने लगी और होले होले से नीचे घुटने पे बैठ गई । प्यार से लंड को मुठ्ठी में लिया और आराम से हिलाती हुईं मुस्कुराई और तपन की नजरो में देखा तो दोनो ही मुस्कान दे बैठे । तानिया फिर नजरे नीची कर के सुपाड़े पे जीव फिराई धीरे धीरे फिराने लगी और और फिर चुप्पा लगाने लगी । तपन मजे से आंख बंद कर लिया उसे एहसास हुआ औरतों की मुंह में कितना आनंद आता है ।

तानिया को भी चूसने में इतना आनंद आ रही थी की वो ध्यान लगाते चूसे जा रही थी । एक बार उसने पूरा लंद ऊपर की तरफ कर के चेहरे पे नपा जो उसकी शिर की लंबाई और लंड की लंबाई बराबर था ।

तपन ।" आपको पसंद आया "

तानिया ।" इतना बड़ा कैसे बनाया "

तपन ।" जैसे में बड़ा होता गया वैसे ही ये भी बड़ा होता गया "(काश आपको बता पता असली कारण)

तानिया (क्या सच में किसी इंसान बड़ा होता है cucumber जितना मोटा तगड़ा लंबा पोर्न मूवीज में ऐसा ही दिखाते है वीएफएक्स यूज कर के)

तपन ने उसे खड़ा किया और एक पेड़ के सहारे उसे पीठ टीका दी तानिया की और उसकी एक जांघ पकड़ ले जितना हो सके उठा लिया लेकिन मुर्दा सुखम नही हुआ हाइट की वजह से । तानिया ने सरारत मुस्कान से एक पेड़ की तरह इशारा की ।

वो पेड़ मुंह के बल गिरी हुई थी ढालुआं आकृति की । तपन ने तानिया को वाहा ले जा के अध लेती कर के एक टांग कंधे पे उठा के धीरे से लंड डाल दिया ।

तानिया आंखे बंद कर के उईईई उफ्फ कर उठी जैसे छुई घुस गई हो या ऐसा एहसास जो गर्म चाय के कप में उंगली डूबा दी हो ऐसा महसूस हुआ ।

तपन ।" आंटी आप अच्छे से पकड़ो मुझे में आपको गोद में उठा लूंगा "

तानिया " उठा पाओगे गिरा तो नही दोगे ना "

तपन मुस्कुराया और अपनी तरफ खींचा और जांघो के नीचे से अच्छे पकड़ के गोद में उठा लिया । तानिया उसकी गले में बाहें डाल दी ताकि पीछे गिरे ना ।

तपन तानिया की आंखों में देखते हुए धीरे धीरे ऊपर नीचे ऊपर नीचे कमर हिलाने लगा जिससे उसका लन्ड का कुछ हिस्सा धुक रहा था बाहर आ रहा था । और पेडल भी घूमने लगा । तपन के लिए 50 gm dumble उठाने जैसा था ।

तानिया मस्ती में आहे भर रही । तानिया ने देखा चारों और पानी है बीच की जमीन में तपन उसे उठा के चोदते हुए चल रहा है ।(क्या लड़का हे कैसे मुझे फूल की तरह उठा उठा के उछल रहा है) तानिया इतना प्रभावित हुई की उसने उसके गाल पर गीली पप्पी दी ।

तपन को तानिया की खूबसूरत चेहरा इतना कामुक लगा की उसने कमर खींच के झटका मारा । पूरा लन्ड सरसरते हुए झड़ तक घुस गया और आधा बाहर आया ।

तानिया ।" आन्न्ननननन " जोर की चींख के साथ तपन की आंखो में मासूमियत से देखने लगी

तपन ठीक वैसे ही कमर के खींच के कराड़ा झटका मारा । तानिया की चीख जंगल में गूंज उठी ।लेकिन इस बार वो बोली ।

तानिया ।" आईईईई । आइयाआ । मेरी चूत फट गईं "

तपन " आपको मजा नही आया नहीं "

तानिया " बोहोत अंदर जाता है दुखती है "

तपन" अंकल का नहीं जाता "

तपन जोश में एक जगह रुक के दे दना दन जोरदार तरीके से चोदने लगा तानिया दर्द के साथ आनंद विभोर में यूआईआईआईआई करती रही । इतनी तेज रफ्तार से चूत दीवारे रगड़ खाई की जल्दी ही उसने लागतार दो बार सरमसुख ले ली ।

तपन ने उसे ले के बरामदे में ही बैठ गया और इशारा किया । तानिया तन को सुख में इतनी विलीन हो गई चारो चर्म हाया छोड़ कर तपन के लंड पे उछलने लगी और चुम्बन करने लगी । दोनो मधुर तन सुख में एक दूसरे की नजरो में नजरे मिलते हुए आनंद उपभोग कर रहे थे ।

कुछ देर बाद तानिया थकी हारी बोली ।" उफ्फ अब नही होता मुझे । "

तपन ने उसे एक मुद्रा समझाया और तानिया मुद्रा समझ के घुटनों में चूतड़ उठा दी जांघें चिपका ली और शिर नीचे कर दी जिससे उसकी कमर झुकाओ से गांड ऊपर उठी ।

तपन घुटने मोड़ के खड़े खड़े ही उसकी घुड़सवारी करने लगा कमर पकड़ते हुए ।

तपन ।" आंटी दर्द हो रही है क्या ऐसे "

तानिया " आन्ह्ह्ह । जैसे भी डालोगे दर्द होगा ही ऊन्न्ह । तेरा हे ही ऐसा "

तपन लग भग चालीस पचाच मिनट से चोद रहा था ।उसे मेहसूस हुए की उसका होने वाला है कूची देर में लेकिन वीर्य गिरते हुए वो तानिया को बाहों में अनुभव करना चाहता था ।

इसलिए वो फिर एक बार रात की तरह मिशनरी मुद्रा में लिया तानिया को । तानिया ने भी उसे कस के पकड़ के आनंद लेने लगी ।

दोनो एक दूसरे की आंखों में देख के मजा ले रहे सिसकारियां मार रहे थे और सवाल जवाब ।

तपन ।" आंटी मजा आ रहा है "

तानिया " आन्ह्ह्ह हा "

तपन ।" और कितना करू "

तानिया को बेहद प्यार आया तपन के ऊपर और उम्ह्ह उम्माह उम्माह करती हुई पूरे चेहरे को चूमने लगी " उउम्म मेरा तो कबका पानी निकल चुकी है ऊऊन्ह । ऐसे ही करते रहोगे तो आह्ह्ह्ह्ह मेरी चूत चौड़ी हो जायेगी उन्ह्ह्ह"

तपन ।" होने दो ना आंटी । वादा करो आंटी आप मेरे साथ ऐसे ही प्यार किया करेगी ।

तानिया ।" नीईई । में वादा नही कर सकती आआह्ह्ह्ह । में शादीशुदा हूं । ये वक्त अलग है । में दुबारा अपने पति को उन्ह्ह्ह धोखा नहीं दे पाऊंगी "

तपन को बोहोत जोश चढ़ा और वो तानिया को कस के बाहों में भींचा और पूरे ताकत से चोदने लगा और तानिया बस चिल्लाती रह गई की आराम से करो । लेकिन तपन रुका नही और जब वीर्य निकला नही तब तक रुका नही ।

जब दोनो शांत और तारो ताजा एक अनोखी सकून भारी थकान के साथ सूखे कपड़े पहने तब दोनो नाव में चढ़ गए ।

तानिया ।" अच्छा हम किस तरफ जायेंगे "

तपन " बापच लौट जायेंगे जिस रास्ते से आए थे । आगे का रास्ता नही पता तो हम रिस्क नहीं लेंगे ।"

तानिया " लेकिन रस्ता पहचानोगे कैसे । सब तो डूब चुका है ना"

तपन उसे नाव के बीच खड़ा कर के पीछे से बाहों में उसकी चूची कभी कभी सहला देता तो कभी चप्पू चलता " रास्ते के दोनों किनारे पेड़ है और मैने वैसे भी सब कुछ याद कर लिया ।"

तानिया फिर एक बार शर्मा गई ।[/color]
 
Update 16


National highway

जिस जगह पर रोड ब्लॉक हुई थी ठीक उसी जगह पर पुलिस ने कैंप बना लिया था क्यों की रास्ता भले ही खोल दिया हो लेकिन अभी भी इस जगह की हालत ठीक नहीं थे । दूर यात्रीय को सफर करने से मना किया जा रहा था या फिर सावधानी बरतने को कह रहे थे ।

जिशु ।" हेलो सर । आप इंस्पेक्टर देवेन है क्या ।"

इंस्पेक्टर काम में बिजी था इसलिए खिचियानी जवाब दिया फिर यू कह लो पुलिस का रोब है ।" नेमेप्लेट किसलिए लगाए रखे है । दिखता नहीं क्या "

जिशु को गुस्सा आया पर वो मजबूर था हालत जनता था अभी इन्ही लोगो से मदद लेना होगा ।" सॉरी सर । मेरा नाम जिशांत मेहरा । क्या आप शुबत मेहरा को पहचानते है वो मेरे पापा है "

इंस्पेक्टर देवेन दिमाग में जोर देते हुए ।" अच्छा तो तुम हो जीशू । बड़े हो गए पहचान मे नही आ रहे हो बचपन में देखा था । अच्छा वो छोड़ो तुम यहां आए क्यू । तुम्हारे पापा से हर घंटे में कॉन्टेक्ट कर के रिपोर्ट दे रहा हूं । अकेले आए हो "

जिशु ।" नही ये मेरे दोस्त शेतन और विश्वास मेरे साथ आए है । वैसे कुछ खबर मिला आपको ।"

इंस्पेक्टर देवेन ।" देखो जैसा की तुम्हारे पापा ने बताया था की यही से आखरी कॉल की गई थी । तो इसके 20 किलोमीटर की एरिया के अंदर जो भी लॉज या होटल हे हम सभी से सान बिन किया पर वो लोग नही गए वहा । अगर यहां से उन लोगो ने दूसरी रास्ता ली है यही एक पहाड़ी से गुजरता हुआ रास्ता है कच्ची रास्ता । अगर यहां से गए होंगे तो वो ज़रूर मिल जायेंगे या कोई सबूत जरूर मिलेंगे चारो तरफ सर्च पार्टी ढूंढ रहें है । और भी कुछ लोग गायब है कुछ मिले और उनके जरिए पूछ टच कर के बाकी भी मिल ही जायेगा ।"

जिशु ने कोई जवाब नही दिया । और कुछ पूछने को था नही ।

वो तीनो इंस्पेक्टर ने जिस रास्ते की तरफ ईसरा किया था उस रास्ते की और आगे जा के देखने लगा ।

बिशु ।" यार इस रास्ते पे पानी भर गया हे । "

जिशू परेशान हो कर ।" यार उन लोगो को कुछ हुआ तो नही ना ।"

शेतन ।" कैसी बात कर रहा है । कुछ नही हुआ तपन और आंटी को । सब ठीक हे और भूल मत वरदान प्राप्त बलशाली दोस्त हे हमारा आंटी के साथ कुछ नही होगा । सायेद बाढ़ की वजह से किसी जगह पे रुके हुए है ।"

तभी केले की पेड़ से बना हुआ नाव से आते दिखाई दिया तानिया और तपन नाओ में सवार । इन तीनों की खुशी से चिल्ला उठे । और वो दोनो भी दूर से हाथ हिलाने लगे ।

वक्त ने बिचरे और वक्त ने ही मिलवा दिया । जब दोनो हाईवे के किनारे नाव रोक के उतरे तो तानिया दोरती हुई अपने बेटे के गले मिली खुशी से । तपन भी अपने यार शेतन और बिशु से गले मिला । वो दोनो खुश थे की उसके दोस्त सही सलामति से लौटे ।

तानिया ।" तुम लोग यहां ।"

जिशु ।" मम्मी हम लोग आप दोनो ढूंढने आए है ।

तानिया ।" सॉरी हम दूसरी रास्ता से निकलने की वजह से फंस गए थे । तुम्हारे पापा कहां है ।"

जिशु ।" वो पापा भी आप दोनो को ढूंढ रह है अपनी तरीके से । रुको में फोन लगता हूं"

जिशू ने अपने पापा को फोन लगाया ।

शुबत ।" हा बेटा बोलो कोई खबर ।"

जिशु खुसी से बोले ।" हा पापा मिल गए दोनो यही हे हमारे साथ ।"

शुबत राहत की सांस लेते हुए ।" अच्छा फोन दो अपनी मम्मी को "

जिशु ने तानिया को फोन दिया ।

शुबत ।" हेलो तानिया तुम ठीक हो न "

तानिया ।" हा जी बिलकुल ठीक हूं ।"

शुबत ।" लेकिन तुम लोग रात भर कहां थे । कोई फोन नही कोई खबर नहीं ।"

तानिया ।" वो वो हम लोग । घर आ के बताते हे " (तानिया मिलने की खुशी में भूल गई थी ।और उसे सब कुछ एक झटके में याद गई)

तपन माहोल को संभालते हुए बोला ।" अरे ऐसे ही खड़े खड़े इंटरव्यू लोगे क्या तुम लोग ।चलो कार में बताते है ।"

बिशु ।" भाई तुम्हारा कार कहा हे ।"

तपन अब क्या जवाब दे बड़ी अफसोस के साथ बोला ।" भाई कार तो पानी में डूब गए ।"

दो पल के लिए सब शांत हो गए लेकिन अगले ही पल अंजाम सोच के जिशु , शेतन और बिशु हसने लगे ।

शेतन ।" अब तेरी खेर नही तेरे पापा तुझे मार डालेंगे ।"

तपन बुरा सा मुंह बना के ।" जरा फोन दे मम्मी पापा को कॉल कर के बताता हूं हम ठीक ठाक हे ।"

शेतन ।" ये ले । तेरा फोन भी गुम हो गया हे क्या ।"

तपन मोबाइल लिया और उसके बात का जवाब दिए बिना अपने मम्मी के नंबर पे कॉल लगाया । और बात किया लेकिन कार वाली बात छुपा लिया उसने ।

फिर चारो गाड़ी में बैठे और बापच घर की तरफ चलने लगे । जिशु इस बार ड्राइव कर रहा था और तानिया उसके बगल में आगे बैठी थी को ड्राइवर की सीट में । और ये तीनों पीछे ।

शेतन ।" ये भाई आंटी और तुम कहा थे ।"

तपन (अब क्या बताऊं तुम लोगो को । अब तो कोई कहानी बनानी ही पड़ेगी सच तो बोल नही सकता अब ) ।" कहानी एडवेंचर है "

बिशु ।" हा तो बता ना ।"

जिशु और तानिया सब सुन रह थे । जिशु को जानने को बेहद इच्छुक था और वोही तानिया अब खुदपे शर्मींदेगी और पछतावा हो रही थी उसके बगल में उसका बेटा बैठा था उसके लिए वो पल बेहद शर्मनाक थे (तपन क्या कहानी सुनाएगा कही सच तो नही बोलेगा । नही वो ऐसा नही करेगा ।देखते हे क्या कहानी बनाता है ।"

तपन ।" सुन जब रास्ता ब्लॉक हो रखा था तो हमने उस कच्ची रास्ते से गए और रास्ता इतना उबर खबर थी की बोला नही जा सकता इतना खराब रास्ता था कीचड़ से भरे गड्ढे मे दलदल । और हमारा कार आगे के दो टायर पंचर हो गए । गाड़ी में था एक ही स्टेपनी टायर तो हम थोड़ी दूर चल के गए आग कोई मदद मिल जाय इसी भोरोषे पे । लेकिन कोई मिला नही तो हम बापच आए तो देखा हमारी गाड़ी डूब चुकी पानी में । हम परेशान थे आंटी और में । लेकिन किस्मत अच्छी ही एक वाहा पे आदिवासी बुद्धा मिला तो उसने अपने वाहा के बस्ती में ले के गए । वो आदिवासी लोग बोहोत अच्छे थे हमारी खातिर दारी की कबीले में और रात का बंदावस्त किया रहने का । और फिर सुबह हम नाव बना के दिया । आंटी की मोबाइल तो कार के साथ ही डूब गई और मेरे मोबाइल नेटवर्क नही मिल रहा था ऊपर से बारिश भी बोहोत थी । किसी तरह हम यहां पोहोच गए । बस यही था कहानी ।"

तानिया ने राहत की सांस ली । लेकिन कोई था जो उसे कहानी थोड़ा पसंद नही आया वो जनता था तपन को अच्छे से गहरी दोस्ती थी रोग रोग से वाकिफ था तपन से और उसे लगा कि कहानी बनावटी है जिसपे उसे सक्क हो गया लेकिन उसने कुछ बोला नहीं ।
 
Update 17


Get together

तानिया और तपन सही सलामत बापच जो आए थे उसके के लिए एक छोटी पार्टी आयोजित किया गया चारो फैमिली मेंबर्स के साथ मिल के ।

पार्टी जीशू की फॉर्महाउस पे हो रहा था सुबह से सब लोग जमा हो गए और प्लानिंग लॉन्च और डिनर का था । ऐसा नही था की पहली बार चारो फैमिली फ्रेंड्स मिल के पार्टी कर रहे थे आगे भी पार्टी हो चुकी थी कभी इसके घर तो कभी उसके घर ।

चारो की दोस्ती इतनी भाईचाड़ा था की उनके मां बाई भी एक दूसरे के मां बाप से अच्छे दोस्ती और मजबूद रिश्ते में बांध दिए गए ।

जिशांत के फॉर्महाउस के क्षेत्रफल 2 acre तक फैला हुआ था । और उसमे 2 बीघा की एक बड़ा पोखरी भी था जिसपे नेट के साहारे चार भागों में मछलियों की खेती करी जाती थी । देख देख के लिए एक केयरटेकर के साथ दो कर्मसारी भी थे ।

लेकिन चारो ने मिल कर एक बड़ी रोहू मछली पकड़ा 5 किलो वजनी खेल खेल में मस्ती मजाक करते हुए । सभी खुश थे और खुशियां मना रहे थे । महिला मंडल एक झूट हों कर गप्पे लगा रहे थे कभी घर की कहीनियो के साथ तो किसी की चुगली कर के जो औरतों की स्वभाव में रहते हे बक बक करना ।

और बड़े बुजुर्ग मर्द हाथो में जम लिए अपने लेवल की बातों में मशगूल थे । और ये चारो वरदान प्राप्त एक कोने में अड्डा जमाया बैठे थे ।

शेतन ।" अरे यार सिर्फ बीयर लाया "

जिशु ।" अरे यही मुश्किल से मिला भाई फ्रीज से । पापा लोग जिस कमरे में है उसपे एक केस व्हिस्की पढ़ी है लेकिन लाऊंगा किसे । कोई ना शाम खुद ले आऊंगा में ।"

विशु ।" अरे पद चखना तो लाना था ना "

तपन ।" लो भाई इसको बीयर के साथ भी चखना चाहिए ।"

जिशु ।" अरे मम्मी लोग किचन के पास ही हे देख लेता तो । "

विशु ।" पर मुझे चखना चाहिए भाई ।"

शेतन ।" एक काम कर यहां बगल में ही कुछ दुकान है । जा दौर के जा और लेके आ ।"

बिशु खड़े हो के जूते जमीन पे घिसा और एक छलांग लगा के 6 फीट ऊंची और 1 फीट काटे लगे हुए 7 फीट की दीवार पांची की तरह उड़ते हुए छलांग लगा दिया ।

जिशु उसे देख के बोला ।" साला हरामी की स्पीड लगता है और बढ़ गई ।"

शेतन ।" सुबह शाम प्रैक्टिस करता रहता है ये दोनो (तपन,बिशु) अपने खूबी के साथ .।"

तपन ।" हा तो तुझे क्यों मिर्ची लगी है । तेरे पास हमारे जैसा ताकत नही है इसलिए ।"

शेतन ।" अबे सबसे बड़ी ताकत दिमाग की होती है वे । भूल मत तुम तीनो को 3rd सेमिस्टर की एग्जाम में तुम्हारे कान में छिपे इयरफोन मे आंसर नही बोला तो तीनों फेल होते । पास ही नही आच्चे ग्रेड के साथ पास हुआ है सबको 9 प्वाइंट से यूपीए मिले हे । एहसान मानो मेरा ।"

जिशू ।" अच्छा टन बताया था की तू एक बा किताब को हाथ लगता हैं तो चारे पन्ने याद हो जातें हैं ।"

शेतन ।" हा लेकिन किताब 100 से ज्यादा पेज नही होने चाहिए । अगर बुक 300 पेज का हे तो में तीन बार हाथ लगना पड़ेगा लेकिन उसके मुझे दिमाग में ज़्यादा ज़ोर देना पड़ता है और ज्यादा जोर देने से मेरा शिर फटने लगता है ।"

तपन ।" तो ऐसा करना 100 पेज पकड़ के वो याद करना फिर बाकी के 100 पेज पकड़ के याद करना ऐसे ही बाकी भी करना ।"

शेतन बोलने वाला था की वोही करता हूं लेकिन तभी विश्वाश ऊपर से नारियल गिरने की तरह आ टपका एक छलांग के साथ ।

शेतन ।" वेब 2 मिनट मे आ गया । साले लगता है कुछ ज्यादा ही फास्ट हो रहा है ।

बिशु चिप्स के पैकेट देते हुए बोला ।" ये ले खा ठूस साले ।"

जिशु ।" हम बीयर के साथ चखना नही लेते तू ही ठूस अपने गुफान में ।

चारो एक एक बीयर पीने लगे मजे से झाड़ की आड़ में छुपते छुपाए खुद को । चारो बीयर पीने के बाद गप्पे लगा रहे थे

तभी तपन के मोबाइल में एक मैसेज आया । और उसने मैसेज देख के बोला । " यार तुम लोग बैठो मुझे टॉयलेट करना हे । लगता है पेट खराब हो गया हे ।"

तपन वाहा से चला गया ।

बिशु ।" यार इसके आज कल मैसेज ज्यादा आ रहा है जब भी मैसेज आता है कुछ ना कुछ बहाना मार के भाग जाता है ।"

शेतन मुस्कुरा के बोला । " मिली होगी कोई चैटिंग वाली किसी साइट से आज कल होगी ट्रेंड हो रहा हे एडल्ट वेबसाइट का ।"

जिशु । " पता कर ना । साले को मजा सखाएंगे ।"

कुछ देर बाद बिशु तपन के पीछे गया देखने की वो सच में टॉयलेट गया की नही । और वो फॉर्महाउस के अंदर 3rd फ्लोर के कमरों में झांकने लगा । और एक कमरे में उसे कुछ खुसुर फुसुर सुनाई दी । बिशु मन मे सोचने लगा (अच्छा बेटा तो यहां बैठ के फोन पे चमिया के साथ बात का रहा है । तुझे तो मजा सखाना पड़ेगा बच्चू ) और विशु दरवाजे पे कान लगाते हुए सुनने लगा ।
 
Update 18

कमरे के अंदर से आवाजें आ रही थी कुछ प्रकार के शब्दो के चयन के साथ ।

"नही नही प्लीज । मेरी बात सुनो में ये सब करने के लिए नही बुलाया तुम्हे । प्लीज मेरी बात को समझो । "

" नही आंटी आप ऐसा नही कर सकते है । एक तरफा फैसला से कैसे खत्म होता है। नही आंटी प्लीज आप समझिए मुझे मैंने बोहोत कशिश की मुझसे नही हो रहा है ।"

अंदर के कथपत सुन के विशु हिल गया ।(अबे यहां तो तानिया आंटी भी है अंडर । दोनो के बीच क्या बातें हो रही हे । आंटी क्या समझा रही है और तपन क्या नहीं हो रहा है बोल रहा है ।) विशु के मन में कोई सवाल थे जो उसे थोड़ी देर बाद जवाब मिलने वाला था ।

" तपन मुझसे और नही होगा में और अपने पति को धोखा नहीं दे सकती जब भी में उनकी आखों में देखती हूं में खुद को गिरी हुई महसूस करती हूं । प्लीज हमारे बीच जो भी था वो वोही खतम करते है ।"

" नही आंटी आप मुझे समझने की कशिश कीजिए । में आपसे से सच में प्यार करने लगा हूं । मुझे आपके बिना एक पल भी रहा नहीं जाता । मैंने कशिश की थी आपसे दूर रहूं पर नहीं रह पाया । सोते जागते आपकी ख्याल आता है आपके बाते याद आती है आपकी मुस्कुराहट याद आती है आपकी चेहरे मेरे आंखो के सामने घूमने लगती है । में आपके बिना नहीं रह सकता ना जी सकता ।"

विशु के पेड़ो के तले जमीन खिसक जाती है ये सुन के । (ये क्या चुटियापा चल रहा है दोस्ती के आड़ में ये कौनसा कांड हो रहा है । क्या सच में तपन और तानिया आंटी के बीच अफेयर चल रहे है । दोस्त के साथ इतना बड़ा धोखा । और तानिया आंटी वो भी । ये हो क्या रहा है भाई ।)

" नही तपन में और आगे नही बढ़ सकती । इसमें न तुम्हारा कोई भविष्य हे और ना ही मेरा । कुछ हे तो कलंक इस रिश्ते को यही खत्म का दो । यही बेहतर हे समझे बच्चो की तरह ज़िद्द मत करो ।"

" नहीं आंटी में ये सब नहीं कर सकता । में आपको नहीं छोड़ सकता में आपके बिना नहीं रह सकता । प्लीज में प्रोमिस करता हूं में कोई मुसीबत आने नहीं दूंगा में आपका खयाल रखूंगा । प्लीज आंटी प्लीज ।"

" मेरा बेटा जिशू तुम्हारा दोस्त हे । तुम लोग चड्डी बडी यार कहते हो ना । सोचो अगर एक दिन उस पता चलेगा तो क्या होगा कैसा लगेगा उसे और मुझे कैसा लगेगा उसके नजरो के सामने गिर के । और मेरे पति को पता चला तो तुम्हारी जान ले लेंगे सायेद मुझे भी मार देंगे "(तानिया ने गुस्से में कही थी)

विशु सोचने लगा ।(यार ये सब कबसे चल रहा है । जिशु को पता चलेगा तो तपन को जान से मार देंगे यार ) विशु कान लगाए पूरी बात सुनने की कशिश कर रहा था अंदर से अब कोई भी बात करने की आवाज नही आ रही थी ।

विशु कुछ मिनट वेट किया और फिर सीधा दरवाजे पे दस्तक देने लगे ।" तपन दरवाजा खोल । तपन "

कुछ सेकंड बाद घबराहट की आवाज आई अंदर से । " कौन "

बिशु ।" अरे में विशु खोल ना ।"

तपन ।" अरे तू । यार अभी फोन पे बिजी हूं । तू जा में आता हूं पांच मिनट में "

विशु ।" नही कुछ इंपॉर्टेंट बात करनी हे । तू दरवाजा खोल रहा है या मे तोड़ दूं दरवाजा ।"

फिर कुछ सेकंड बाद दरवाजा खुलता है । और बिशु तेजी से अन्दर जाता है और कमरे की चारो तरफ नजर घूमता है ।

विशु " कहा है । कहा चुप गई "

तपन ऐसा जताता है जिसे विशु पागल जैसे बिहेव कर रहा है ।" कौन कहा हे । कौन चुप गया है । क्या बकवास कर रहा है चैन से फोन पे बातें भी करने नहीं दे रहा है यार ।"

विशु अपनी सुपर पावर से एक पल में बाथरूम का दरवाजा खुला और हसने लगा ।" ओह तो आप यहां है । आइए आइए आंटी कब तक यूं बाथरूम में छुपी रहेगी । आइए बाहर आइए ."

तानिया तो दर के मारे जैसे पैंटी गीली कर दी । तपन का भी वोही हाल था दोनो ही हकलाने लगे । बिशु को क्या बोले कुछ समझा नहीं आ रहा था दोनो और बोलने के लिए मुंह खुलता तो हकलाते रह जाते दोनो ।

बिशु ।" अच्छा तो ये सब चला रहा है । "

बीच में तपन ।" नही भाई तू गलत समझ रहा है ।"

विशु थोड़ा ऊंची आवाज करते हुए ।" आन्हा नो नो नो भाई । जूठ नही मैने शुरू से ले के अंत तक सब सुन लिया हे । कोई बहाना नही अगर जूठ बोला एक भी बार तो में सेवको बता दूंगा ।"

तानिया भिंख मांगती हुई अंदाज रोने लगी ।" नही नही बेटा ऐसा मत करना । प्लीज हमारी बात सुन पहले । प्लीज किसी को मत बताना नही तो में बर्बाद हो जाऊंगी कही की नही रहूंगी में । प्लीज बेटा हाथ जोड़ के भिंख मांगती हूं प्लीज ।"

विशु को तरस आता है तानिया पर ।" ठीक है अभी आप शांत हो जाइए । अभी में किसी को नही बताने वाला । पर इसकी में वादा नहीं कर सकता । पहले मुझे इस धोखेबाज गद्दार से बात करना ने है । आप बाहर जाइए ।"

तानिया ।" नही बेटा ऐसा मत बोलो । प्लीज मुझे बर्बाद मत करो प्लीज बेटा समझने की कशिश करो सब बर्बाद हो जाएगा । में तो उसे समझने आती थी जो भी था खतम करते हे । प्लीज बेटा माफ कर दो ।"

बिशु ।" नही आंटी आप गलत इंसान से माफी मांग रही है । ये तो हे ही गया गुजरा लेकिन आप तो समझदार हे ऐसा करने से आपको एक सोचना चाहिए थे । में वादा करता हूं फिलहाल में किसी को नही बताऊंगा । आप जाइए प्लीज मुझ इस कमीने से अकेले में बात करनी हे ."

तानिया तरस भरी नजरो से बिशु को देखती हे और फिर तपन से । तपन उसे इशारे से विशु की बात मानने को कहता हे तो तानिया मजबूर हो कर तपन को गुस्से भरी निगाहों से घूरती हुई बाहर चली जाती है ।

बिशु दरवाजा बंद कर देता है और तपन को धक्का देता है । " साले तू अपने आपको दोस्त कहता है । हरामखोर अपनी ही दोस्त की मां के साथ रंगरलियां रचा रहा है तुझे शर्म नही आती ।"

तपन शर्म से नीचे नज़रे कर लेता है ।" भाई मेरी बात तो सुन ।"

विशु ।" क्या शुनू में हां क्या सुनूं में हा । यही की तू तानिया आंटी के साथ कैसे सो रहा है ।"

तपन को भी गुस्सा आता हे लेकिन अपने आप को काबू करता है ।" नहीं ऐसी बात नहीं हे । शुरुवात अनजाने से हुए थे लेकिन । प्लीज सुन न पहले ।"

विशु ।" हा तो बता । कैसे तूने दोस्त की पीठ पीछे चुरा घोपने की शुरुवात की बता ।"

तपन ।" भाई ऐसा मत कहो । वो जो आदिवासी लोग मिले थे रहने को जगह दी थी वो सब जूठ था ।"

बिशु ।" हा मुझे तभी सक्क हो गया था लेकिन इसके पीछे ये सब हो रहा है इतना बड़ा कांड के बारे में पता नही था और ना ही ऐसा सोचा था मैंने सोच भी कैसे सकता था में तेरी तरह गंदे विचार के नहीं हूं ना ।"

तपन ।" ऐसा नही हे पूरी बात जूठ नही हे (और उसने पूरी कहानी बताई ।) बस ऐसे ही थी शुरुआत । आंटी की मदद करने में बेहेक गया था । "

बिशु हाथी से चुदाई की इशारा करते हुए बोला " अच्छा बेटा बहकने का नाम दे के आंटी के साथ गपागप कर डाला "

तपन ।" कैसे गंदी बाते बोल रहा है । कह दिया ना बेहेक गए थे हम "

बिशु ।" अच्छा बेहेक् गए थे जनाबे आली । मान लिया एक बार बहक गए थे । लेकिन तूने कोई बार । वो सब भी बेहक गया था। और आंटी तुझे रिश्ता तोड़ने आई थी और तू मान नहीं रहा था सब सुना मैने । साले घटिया ठरकी इंसान ।"

तपन का कोई जवान नहीं बन पा रहा था बिशु ने बुरी तरह मार ली थी उसकी ।

बिशु । " अब बोल ना क्या बोलना चाहता हे । बोल ।चुप क्यों है हो गई सफाई । कोई जवाब है ।"

तपन गहरी सांस ले के बोला ।" में तानिया आंटी से प्यार करता हूं ।"

बिशु उसके तरफ देखता रह गया उसके आत्मविश्वास के साथ जो बोला ये देख के विशु एक पल के लिए दंग रह गया था और अगले ही पल वो हंसने लगा ।" हाहाहाहाहा अबे चूतिए इसे प्यार नही हवास कहते हे शरीर की भूख कहते है । कोई दूसरी मिल जायेगी देखना तू दो दिन में तानिया आंटी को भूल जायेगा ।"

तपन को गुस्सा आता हे और बिशु को धक्का दे के गिरा देता है । विशु को भी गुस्सा आता है और वो तपन के आखों के पलको में ही उठ के पीछे से उसको लात मरता है और तपन को पता भी नही चला की जब बिशु उठा और कब उसको पीछे से लात मारा । जब फर्श से गिरा पड़ा देखता है खुद को तब उसे महसूस होता हे ।

और दोनो में घमासान युद्ध होता है । जहा तपन बलसाली था वाहा विशु भी गतिवेग में तेज था उसको हवा में ही घूमते हुए बार कर रहा था । लेकिन तपन भले ही मार ज्यादा पड़ रही थी लेकिन उनको कुछ खास फर्क नही पड़ रहा था शरीर हद से ज्यादा मजबूत होने की वजह से और उसका बार जब दस में से एक बार विशू की ऊपर पड़ता तो वो चोटिल हो रहा था । दोनो ही बराबर टक्कर दे रह था ।

लेकिन दोनो को जरा भी अंदाजा नही लग रहा था की कोई बाहर दरवाजे पर कोई मुट्ठी कसे गुस्से में नाग की तरह जहर उबलते हुए फांफना रहा था और वो इन दोनो से चालक और समझदार था ।

वो और कोई नही बल्कि जिशांत था । वो चाहता तो दरवाजे खटखटा के अंदर भी आ सकता था लेकिन उसने जो सुना है उससे उसका खून तो खोला था साथ ही इतना दुखी हो गया था की बस उसने तभी फैसला कर लिया था की तपन को पाई पाई कर के चुकता करना होगा बिश्वशघाट करने का ।

दरसल जब बिशु वोहा से उठ के गया तो शेतन को किसी दोस्त का फोन आया था कुछ कॉलेज के बारे में इंपोर्टेंट बाते कर रहा था तो जिशू भी शेतन अकेला छोड़ के फॉर्महाउस पे घुसा और उसे दूर से ही अपनी मम्मी को चिढ़िए से उतर रही थी और वो सोच में पड़ गया था । इसलिए नहीं की वो चिड़ियों से उतर रही थी बल्कि तानिया की चेहरे पे परेशानी देख के ।

लेकिन उसने अपनी मम्मी से परेशानी नही पूछा कारण था उसने जो बीयर पी हे उसका गंध अगर तानिया ने सूंघ लिया तो खामखां पूरा दिन डांटती रहेगी । इसलिए उसने बाद में पूछने का सोचा और थर्ड फ्लोर पे गया और जब उसने कमरे घुसने की कशिश की तो पाया कि दरवाजा अंदर से लॉक है तो उसने दरवाजे पे नोक करने ही जा रहा था की उसे वो बाते सुनाई दी जिससे उसको एक हार्ट अटैक जैसा स्ट्रोक लगा दिलों दिमाग पर और वो चारी बातें सुनता गया और गुस्से में उसके मन में बदलें की भाव जन्म ले लिया दोस्ती की रिश्ता भूल गया ।
 
Update 19


Midnight In The Playground

जो लोग अंजान थे उनके लिए पार्टी समा बांधती हुई निकल गई लेकिन जो चार लोग जान गए थे उनके लिए पार्टी एक दिखावा बन कर रह गई । रात के डिनर के 10 बजे सभी एक दूसरे को विदा कर के अपने अपने घर में चले गए और अपने अपने बेडरूम में डकार ले रहे थे और तारीफ कर रहे थे जिस बबारजी ने इतना लजीज खाना बनाया था लंच और डिनर में ।

लेकिन किसी चार को चैन नही आ रहा था कोई डरे हुए थे तो कोई गुस्से में आग बबूला हो के बदले की आग में जलता जा रहा था । रात के एक बजे जिशु विशु को एक मैसेज करता है " मुझेसे अभी अड्डे पे मिलो दस मिनट में "

टाइम रात के एक बज कर 11 मिनट । प्ले ग्राउंड में एक छोटा सा स्टीडियम था जिसपे टावर लाइट्स जले हुए थे स्पेक्टेटर सीट्स में हुडी पहने दोनो मिल रहे थे ।

बिशु ।" भाई इतनी रात क्या अर्जेंट आ गई जो ऐसे बिना कारण बताए यहां बुला लिया ।"

जिशू ।" तूने किसी को बताया तो नहीं ना तुम यहां आ रहे हो किसी को पता तो नहीं ।"

विशु ।" अरे भाई तूने बताने को टाइम कहा दिया । दस मिनट में हाजिर हो गया में । बात क्या है कुछ परेशान लग रहे हो ।"

जिशू ।" तुम दोनो लग क्यू रहे थे ।"

विशू ।"हम लड़ रहे थे कुछ समझा नहीं ।"(इसको कैसे पता चला)

जिशु आगे की सीट पे लात मार के गुस्से में बोलता हे ।" तुम और तपन रूम में लड़ रहे थे ।"

विशु के मन में जो दर था वोही हुआ । उसका भी दिमाग खाली हो गया की अब जिशु को क्या जवाब देगा वो ।

जिशू बोहोत ही गुस्से में था जिस तरह से उसके आंखे लाल थे साफ पता चल रहा था की वो सबकुछ जान गया है । विशू को सामने एक चोट खाया हुआ जख्मी शेर दिखाई दे रहा था जो जखम का बदला लेने के लिए उतर चुका है मैदान में ।

जिशू ।" देख अगर तू भी मुझे धोखा देनें की या कुछ छुपाने की कशिश कर रहा है तो देखना अंजाम इतना बुरा होगा की तू सोच भी नही सकता है ।"

विशू ।" में में में क्यू तुझे धोखा दूंगा ।" विशू हकलाने लगा

जिशू गरजते हुए ।" सोचा नही था तपन ऐसा करेगा । इतना नीच हरकत करेगा और मेरी मम्मी भी छी ।"

विशू को कुछ समझ नही आ रहा था की परिस्थिति को कैसे संभाले । ऐसे परिस्थिति उसने कभी नही संभाला था लेकिन आज उसके कंधे पे बड़ी जमीदारी थी जिशू को संभालने की नही तो बोहोत बड़ा रणभूमि बना देगा ।

विशु ।" भाई भाई शांत हो जा बैठ के बात करते है आराम से ।"

जिशु ।" बात करने के लिए कुछ नही बचा अब तो जंग होगी ।"

विशु ।" ए भाई क्या बोल रहा है । मुझे दर लग रहा है प्लीज शांत हो जा फिर बात करते है । देखो जो कुछ भी हुआ शुरूवात अनजाने में हुआ था । "

जिशु ।" नेहिईईई । तू उसका साथ दे रहा है ।"

विशू ।" नही भाई में किसी का साथ नही दे रहा हु भाई भाई प्लीज शांत हो जा ।"

जिशु उसका कॉलर पकड़ के आंखो में आंखे डाल के बोला ।" बता तू किसकी तरफ खड़ा होगा ।"

विशु ।" में में में में में किसकी तरफ । भाई रूक ना बात करते है ।"

जिशु इतने गुस्से में था वो चिल्ला के फिर पूछा । अभी तक उनसे कॉलर नही छोड़ा था विशु का ।" बता बहनचोद किसकी साइड लेगा अभी के अभी । "

विशु मजबूर हो कर ।" में में तेरे साइड हूं भाई ।"

जिशु तब जा के उसका कोलर छोड़ता है ।" पक्का ना ."

विशू ।" पक्का" (मर गया कहा फांस गया इसे अब कैसे संभालू )

जिशू उसका कंधा थपथपा के बोला ।" गुड । देख तू मुझसे ताकतवर हो सकता है वरदान की वजह से लेकिन जिगरा मेरा भी बड़ा हे । धोखा देगा तो जरा भी हिसकिसाऊंगा नहीं तुझे सबक सिखाने को बाकी तो तू जानता है में कितना जिद्दी हूं और क्या क्या कर सकता हूं ।"

विशु ।" भाई तू करने क्या वाला हे ।"

जिशु कुटिल मुस्कान से ।" कसम खा की तू अन्त तक साथ देगा मेरा और किसी को इसके बारे में मत बताना शेतन को भी नही । "

विशु । " कसम खा लिया भाई ।" (पता नही तेरा दिमाग में क्या सरियंत्र रस रहा हे बलाल न खड़ा कर दे दूं ।"

जिशु ।" क्या लगता है तुझे मुझे क्या करना चाहिए ।"

विशु । " पहले ये बता तुझे क्या क्या पता है ।"

जिशू ।" शुरू से ले के अंत तक । जब तुम दोनो बात कर रहे थे में दरवाजे के बहा सब सुन रहा था ।"

विशू ।" देख ठंडे दिमाग से सुन और सोच के सही फैसला ले । उस दिन आंटी अनजाने में बने वो रिश्ता तोड़ने आई थी । उसे भी गलती का एहसास हो गई हे । इसलिए तू आंटी को लेके इतना खुन्नास ना हो । और तपन बोलता है की उसे आंटी से प्यार हो गया है । देख तू जानता है वो कैसा है बद दिमाग हे बिलकुल । उसे में गलती का एहसास कराऊंगा और उसे तेरे पेड़ो में गिरा के माफी मंगवाऊंगा । प्लीज तू ये जो भी सोच रहा है करने को ये सब मत कर । इसका अंजाम बुरा होगा ।"

जिशु ।" बोल लिया । अब सुन तू सिर्फ मेरी सुनेगा और मेरा साथ देगा । नही सुनना है तो पतली गली अभी के अभी निकल ले । तू नही तो में अकेला ही कर लूंगा । इतना तो दम है मेरे में ।"

विशू परेशान हो कर ।" आखिर तू करने क्या वाला है ।"

जिशु मुस्कुराने लगा । उसके मुस्कान में ऐसी चतुर चाल का एहसास हो रहा था की विशू को समझने देर नही लगा की ये बदला कायनात बदल देगा ।

जिशु ।" जो उसने किया में भी वोही करूंगा ।"

विशू ।" ए ये गलत है भाई । इसमें शीतल आंटी का क्या कसूर । उसने तेरा क्या बिगाड़ा है । तपन को सझा मुझे मंजूर है पर बेचारी शीतल आंटी का क्या कसूर । टू जनता हे वो कितनी संस्कारी शुशील हे हम अपने बेटे जैसा मानता है जब भी तपन के घर जाते हे हम बिना कुछ खिलाए आने नही देती कितना ख्याल रखती है वो हमारी । उनके साथ कुछ मत करो किसी बेकसूर को चोट पोहोचाने में में तेरे साथ नही दूंगा ।"

जिशु (इसे अभी प्लान थोड़ा छुपा के बताना पड़ेगा । इसको गुमराह करना होगा नहीं तो चारा प्लान खराब कर देगा ) " तू गलत सोच रहा है । में उनके साथ थोड़ी ऐसा करूंगा ।"

विशु ।" तो फिर तू करने क्या वाला है ।"

जिशू ।" देख भाई प्लान वैसा ही हे लेकिन एक ट्विस्ट है । में तपन जैसा इतना गिरा हुआ नही हूं । "

विशु ।" कुछ समझा नेही ।"

जिशू ।" देख शीतल आंटी के साथ में थोड़ा प्यार का नाटक करूंगा उनको थोड़ा लाइन बाईन मरूंगा । लेकिन उनको गलत तरीके से एक उंगली भी टच नही करूंगा । में जनता हूं वो मुझे कभी प्यार नही करेगी उस तरीके से कभी अपनी पति धर्म को कलंकित नही करेगी और ना ही में करने दूंगा । लेकिन हां में उनके साथ करीबी दोस्त की तरह उनके साथ ज्यादा वक्त बिताऊंगा और तू तपन को धीरे धीरे ये एहसास करवाएगा की मेरे और शीतल आंटी के साथ कुछ चल रहा हे मेरा ।तब जा के वो समझेगा जब किसी मां बहन के ऐसा करता है । जो दर्द मेने महसूस किया है वो दर्द उसे भी महसूस करवाऊंगा ।"

विशू गहरी सोच में पड़ गया (क्या ऐसा करना सही होगा । जहा तक मुझे दिख रहा है शीतल आंटी के साथ कुछ गलत नही होगा । लेकिन फिर भी ये पागल शीतल आंटी पे लाइन मारेगा कुछ अजीब लग रहा है दिखने में थोड़ा बोहोत तो गलत है । लेकिन तपन को सबक सिखाने के लिए एक दम परफेक्ट आइडिया हे ये । क्या लगता है इसका साथ देना चाहिए इस प्लान में । मुझे लगता है दे देना चाहिए लेकिन इससे ज्यादा इसने कुछ उल्टा सीधा करने की कशिश करेगा तो में इसे रोक दूंगा । )

विशू ।" ओके डॉन । "

दोनों हाथ मिलाते है और वाहा से घर जाते है ।"
 
Update 20


In college after a few days

चारों दोस्त मस्ती से दो क्लॉस अटेंड कर के कैफेटेरिया में गप्पे लड़ा रहे थे । तभी इन लोगो का चापलुची करने वाला बंदा पिंटू चमाचार आते हुए इन लोगो को ज्वाइन करता है ।

पिंटू प्लेट से मुफ्त का चमचा उठाते हुए बोला ।" अरे गुरु तुम लोग इधर हो में नज़ाने कहा कहा ढूंढता फिर रहा था ।"

तपन ।" क्यू बे क्यू धुंध रहा था हमे । सुना हे तूने जेड गैंग ज्वाइन कर लिया है ।"

पिंटू ।" अरे गुरु में तो सबके गैंग में घुसता हूं लेकिन बाफादारी तो तुम लोगो की गैंग का करता हूं ।"

शेतन ।" अच्छा बता आज क्या खबर लाया है ।"
एक
पिंटू बड़े मजे से चमचा खाता हुआ खबर बताता हे ।" ब्रेकिंग न्यूज हे गुरु । वो जो टेंपरेरी जूलॉजी प्रोफेसर आया है न उनकी और 2nd सेमिस्टर की लड़की को साथ गुलु गुलु चल रहा है । "

बिशु बुरा सा मुंह बना के ।" अरे तू फिर वोही खबर लाया किसकी किसके साथ चल रहा है इससे हमें क्या लेना देना ।"

शेतन समझदारी दिखाते हुए बोला ।" अबे गधों इसने एक दम सही खबर लाया हे । सुन पिंटू वो प्रोफेसर हमे प्रैक्टिकल सीखता है ना तो हम उसे ब्लैकमेल कर के प्रैक्टिकल में अच्छा नंबर ला सकते हे । तू बस नजर रख और एक ऐसा सबूत जुगर कर जिससे वो प्रोफेसर हमारी तलवे चाटे । समझा ना ।"

पिंटू ।" वो मेरे बाएं हाथ का खेल है । लेकिन गुरु आपून ने इतना बड़ा इंफो दिया उसका कुछ मिलेगा इस नसीस को ।"

जिशू जैप से 500 का नोट देता है ।

शेतन ।" और मेरे तरफ से इस बार भी तुझे कट कूट कर के स्ट्रॉन्ग क्वेश्चन आंसर बना के दूंगा जिससे तू पढ़ेगा तो अच्छे नंबर के साथ पास भी होगा ।"

तभी तपन के मोबाइल वाइब्रेट होता है और मोबाइल की स्क्रीन को देखते हुए ।" मे आता हूं ।"

तपन वोहा से उठ के चला जाता है । विशु आंखो से इशारा करता है जिशु को और जिशू दात पीचते हुए गुस्से को पि जाता हे ।

चारो अड्डा जमाए बैठे थे । जिशू के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था और उसने भी बहाना बनाया ।

जिशु ।" ओहो मुझे अभी याद आया ।"

शेतन ।" क्या याद आया तुझे ।"

जिशू ।" अरे वो पापा ने रेसन की दुकान का मंथली उधर चुकता करने के लिए पैसे दिए थे और में भूल ही गया था । बिशू चल हो कर आते है ।"

शेतन ।" अरे पर में अकेला रह जाऊंगा । रुक ना कॉलेज ऑफ होने के बाद चारो मिल के जाएंगे ना ।"

जिशु ।" अरे तब तक वो दुकान वाला दुकान बंद करता है । और मेरे घर जाने को रास्ते से बोहोत दूर पड़ता है । यह से कॉलेज रोड से पास में ही पड़ता हे तो । तू रुक ना ये पिंटू भी हे ।"

तभी तपन वाहा आ रहा था वो 200 लीटर दूर था ।

बिशु ।" वो देखो तपन भी आ रहा है । चल जिशू । हम अभी गए अभी आए ।"

शेतन भी और कुछ नही बोला । तो दोनों पार्किंग से एक बाइक उठाए और निकल पड़े ।

Shine Park

दोनों पार्क के अंदर एक बेंच पे बैठते है । विशु समझ गया था की जिशू ने कोई प्लान बनाया हे ।

विशू ।" तू मुझे यहां क्यों लाया ।"

जिशू । " वो दोनो अब भी ?............."

विशू एक गहरी सांस लेता है ।" अब क्या कहूं दोस्त । देख ये सब मतलब क्या बोलूं कुछ चीजें हे ना ऐसे ही चलता है ।"

जिशू को बोहोत बुरा लगता है कि उसकी मां उसके दोस्त के साथ ही सोती है रास लीला रचा रही हे । एक अभागा के मन में जितना जलील महसूस होता है ठीक वैसा ही महसूस हो रहा था जिशू को । उसकी मां उसके दोस्त के साथ ही ये सब सोचते ही उसका खून खोल उठता है । और जब घर में अपनी मां का सामना करता है तो अंदर से इतनी नफरत जाग उठती है इसके मन में अपनी मम्मी के लिए । लेकिन वो नही चाहता था उसके पापा को पता चले उसे एकिन था कि अगर उसके पापा को पता चला तो उसके पापा उसकी मम्मी की बुरी हाल कर देगा वो अलग और तलाग भी देगा घर से लात मार के निकल देगा और हो सकता है गुस्से में कोई गलत कदम उठा दे जिससे पूरा संसार टूट जाएं और सब कुछ नेस्टो नाबूत हो जाए । जिशू को दर था उसके पापा की ज़िदेगी बर्बाद हो जाएगा ।

विशू ।" देख दोस्त । मैने तपन को बोहोत समझाया था वो भी समझना चाहता है लेकिन सॉरी मेरे वॉर्ड का गलत मत समझना पर वो कहता हे की आंटी के बिना उसे रहा नही जाता । आंटी से भी मैने बात की थी तब लेकिन उसने भी मुझे ठीक से बात नहीं की शायेद उसे शर्म आती है मुझसे ।"

जिशू ।" शर्म माई फूट । पता नही कैसे झेल लेता हूं में घर पे मम्मी को ।"

विशु ।" अच्छा बता क्यू लाया हे यहां मुझे । "

जिशू उसे प्लान का ए तू जेड बता के अच्छे से समझता हे ।

विशू प्लान सुन के हैरान हो जाता है ।" क्या नही नही ये गलत है । अरे आंटी को कुछ हो गया तो ।"

जिशू ।" अरे कुछ नही होगा । तू करना वो काम तू संभाल लेगा । टेंशन मत ले बस जरा सी खरोचे आयेगी जरा सी । और हो सकता है वो भी ना आए ।"

विशू ।" तू मरवाइगा मुझे । ठीक हे ट्राई करता हूं ।"

जिशु ।" क्या ट्राई । तुझे करना ही है ।"

विशू । " ठीक है तेरे लिए कुछ भी । चल अभी कॉलेज चलते है ।"

दोनो पार्क से निकल जाते है कॉलेज की और ।

Tapan's House

शाम के 4 बजे का समय दृश्य ये था ।

तपन के पापा बैंक से अभी लौटे नहीं थे । तपन की मम्मी किसी बात पे चिड़चिड़ा हो रखी थी । जो औरते हमेशा करती रहती है चिक चिक ।

बर्तन धो के चारा काम निपटा के हल में टीवी पे सीरियल देख रही थी और बरबरा रही थी । " एक नही सुनता मेरी कितनी बार बोला हे की आज मार्केट जाना है लेकिन नहीं आज शनिवार है हाफ ड्यूटी रहती है 2 बजे छुट्टी होती है लेकिन नही अभी तक घर नहीं आया । घर का कुछ पड़ी ही नही रहती है इनको बस बहार का काम । पता नही ऐसा क्या काम रहता है जो घर में रेसन खतम हो गया है उनको फिर भी ख्याल नही आता की खाली वक्त पे कुछ बाजार ही का के लाए । सब कुछ मुझे ही करना होता है ।"

तपन पास ही गुजार रहा था तो वो सुन के अपने बाप के ऊपर हस्ते हुए बोला ।" क्या हुआ मम्मी अब पापा ने क्या कर दिया जो उनकी तरीफो की माला जाप रही हो "

शीतल ।" तारीफ । तेरे पापा के लिए मेरे मुंह से कभी तारीफ निकला हे आज तक । और क्या तारीफ बतरने वाली काम करा हे आज तक । घर निकलते समय याद कर के कान में घुसा दीया था की जल्दी आना मार्केट जाना हे "

तपन हास के बोला ।" अरे किसी काम में फांस गया होगा पापा । आप इतना क्यों टेंशन लेते हो । किसी नौकर को भेज दो ।"

शीतल ।" अरे नही खराब खराब छड़ी हुई सब्जी ला के देता है । तू ले चल मेरे साथ ।"

तपन सीधा माना करते हुए ।" नही नही मेरा बोहोत काम है कॉलेज का इंपोर्टेंट एसियनमेंट पूरा करना है । "

तपन सीधा अपने कमरे में चला गया । शीतल बड़बड़ाई ।" हा सब के सब एक जैसे ही मेरी तो इस घर में कोई परवा ही नही करता । अब जुड़ों की दर्द में ही मार्केट जाना पड़ेगा मुझे ही ।"

शीतल अपने कमरे में जाती है टीवी ऑफ कर के । और तैयार होने लगती हे । शीतल एक बोडोम औरत थी गांव की गवार काम पढ़ी लिखी किसी तरह फेल होते होते नौवी कक्षा तक पोहोची ही थी लेकिन उनकी गुण बोहोत अनेक थे । नर्म दिल की संस्कार के भरपूर मर्यादा पालनहार लड़की थी और सबसे बड़ी खूबी उसकी ये थी कि पूरे गांव में सबसे सुंदर लड़की वोही थी कितने लड़के उसपे मरते थे लेकिन वो मनचले लडको को जरा भी भाई नही देती थी । एक दिन जतिन अपने दोस्तो के साथ शीतल की गांव गए हुए थे और स्कूल से आते वक्त उसने शीतल को देख लिया और पहली नजर में ही दिल दे बैठा और शीतल को बिना बताया उसने शीतल की पूरी कुंडली निकल के अपने मां बाप के साथ शीतल के घर रिश्ता ले के गए । शीतल के मां बाप गांव में सबसे अमीर जमींदार थे उनको भी बैंक में नौकरी करने वाला लड़का उच्च विचार गुणी और खानदानी लगा तो शीतल के परिवार वाले भी झट मांगनी पट ब्याह करा दिया शीतल से दस साल बड़े उम्र के लड़के के साथ । शीतल को ऐशो आराम की जिंदगी मिली लेकिन वो आज भी गवार ही रह गई । वो गांव की संस्कार शुशीलता का कभी त्याग नहीं हुई स्वभाव से उसके लिए इस दुनिया पति और उसका इकलौता बेटा ही दुनिया है । कभी बाहरी दुनिया की ज्ञान न समझ उसे हुई ही नहीं । बस घर का काम और मंदिर में पूजा ।हाला की दो नौकर थे घर का काम करने के लिए लेकिन नौकरों का काम उसे पसंद नही आती थी । हर घरेलू काम उसे साफ और परिस्कार चाहिए थी ।

शीतल गांव की गोरी थी आज भी वो जवान थी अपनी उम्र से दस साल छोटी लगती थी जिसे तपन की बड़ी बहन । काठ काठी मध्यम एक गृहिणी की तरह 5.3 इंच की उसकी फिगर 36-32-39 कुछ इस तरह की । रंग आते जैसा गोरा थोड़ी लम्बी मुखरे गहरी काली आंखे चेहरे पे हमेशा अभिनंदन वाली मुस्कान एक खास मासूमियत । जैसे देख के लगे की ये औरत हद से ज्यादा संस्कारी है ऐसा लगता है जैसे सेक्स से पड़े हे । लेकिन एक साधारण इंसान की तरह वो भी सेक्स लाइफ में रुचि रखती थी । लेकिन एक समय आता ही है जब पति पत्नी का 20-25 साल बाद सेक्स लाइफ में कुछ नया नहीं रहता है जो बोरिंग हो जाती है कोई रुचि नहीं रहता । लेकिन ऐसा नही की एक दम खतम ही हो जाए बस एक जंभाई आ जाता है ।

शीतल एक पियर कॉटन सिल्क ब्लेंड सारी पहनी जो ना ज्यादा भड़कीला चमकीला था और ना ही बेरंग । लेकिन सारी की गुणवत्ता ऐसी थी देखने वाला यही सोचेगा ये सारी कमसेकम अच्छे ब्रैंड की 5000 से कम की नही है । उसके साथ उसने मैचिंग ब्लाउज पहना था हाफ स्लीव वाला जो उसकी खूबसूरती को निखार रही थी । बालो को एक संसाकारी औरतों की तरह जुड़ा बनाई उसने हल्का मेकअप की । कपड़ो में मीठी सुगंध वाली सेंट लगाई । और पैसे की हैंडबैग के साथ एक बड़ी बेग भी ले ली जिससे वो रेसन सब्जी वगैरा ला सके और ऑटो पकड़ के बाजार चली गई ।
 
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