Update 11
Insider the forest
तानिया का बदन अभी भी कंपन कर रही थी । वो 5.4 फीट और तपन था 6 फीट का इसलिए उसकी उसका चेहरा छाती तक आ रही थी । और उसकी गोल मोटल नर्म चेहरा तपन के गठीले चेस्ट के किशोर अवस्था की बालो में रगड़ खा रही थी । एक गर्माहट का एहसास उसे मेहसूस हो रही थी उसकी आंखे बंद थी दिमाग सुन्न थी ।
दोनो की बदन के पानी सुख गए थे लेकिन तानिया की बाल अभी भी गीले थे । तपन उसकी पीठ मलते मलते अपनी मन से बेबाक हो कर तानिया की 34 इंच की कमर के नीचे 40 इंच की चुतर के नीचे हाथ ले गया और तानिया की बहार की तरफ निकली हुई गांड अपने पंजों में मसलने लगा ।
तानिया को जहा थोरी दर्द महसूस हुई वोही एक मालिश करने जैसा सुखद एहसास हुई और उसकी चेतना थोरी जाग उठी अपनी थरथरती होंठो से बोली । " क्या कर रहे हो "
तपन की सांस उखड़ी हुई थी क्यू की उसके अंदर एक दर था न की कामुक उत्तेजना के कारण ।" आंटी आप मेरे इरादे को गलत मत समझिए । मुझे आपकी शरीर गर्म करने के लिए आपको चुना पड़ेगा । ऐसा समझिए की में आपकी इलाज कर रहा हूं डॉक्टर की तरह "
कहना आसान था लेकिन मानना आसान नहीं था । लेकिन स्थिति ऐसे थी जैसे यही एक साधन हे और चाड़ा नही इसके सिवा । तानिया उसके बाते मान गई उसके दिमाग में आया की गाइनो मेल डॉक्टर ने उसकी प्राइवेट पार्ट कोई बार छुए है लेकिन उसका काम था ठीक उसी तरह तपन के लिए भी लागू होता है ।
तपन भले ही तानिया की मदद कर रहा था लेकिन उसके मन धीरे धीरे स्वार्थ पैदा हो रहा था और उमंग रहे काम भावनाओ को वो काबू नही कर पा रहा था । उसे आनंद आ रहा था न चाहते हुए भी मन में खयाल आ रहा था ऐसा (तानिया आंटी की गांड कितनी बड़ी हे और दबाने में क्या मजा आ रहा है और बाहों में लेने में क्या नर्म नर्म एहसास हो रहा हे । और बदन की क्या खुशबू है ऊंघ आह्ह्ह्ह) की उसपे उसका कोई रोक नहीं था । एक जवान लड़का था ना चाह कर भी मजबूर हो गया था ।
तानिया को कुछ आधे घंटे तक थरथराती रही लेकिन अभी भी उसे कुछ हद तक असहनीय ठंड महसूस हो रही थी । लेकिन उसको अपनी चूतड़ में दर्द महसूस होने लगा और वो फुसफुसा के बोली ।" बेटा दर्द हो रहा हे ।"
तपन ने उसके चुराड़ से हाथ हटा लिया । कुछ सेकंड निशब्द निस्क्रिया में पल गुजर गए और अचानक तपन ने बेकाबू होंठ को तानिया की थरथराती होंठो पे धसा के रस पीने लगा ।
एक औरत चाहे कितने भी बेबस ना हो जाए लेकिन अपनी आबरू को आखिरी हद्द का बचाने की कशिश करती ही है क्यू उसकी सबसे बड़ी दौलत आबरू ही होती है । तानिया उसे धक्का दे दी और एक तमंचा मार दी जोर का ।
तपन का कान झनझना गया पर उसे गुस्सा नहीं आया था वल्कि शर्म महसूस होने लगा और उसका गरम खून एक झटके में ठंडा पड़ गया । शिर झुकाए अंधेरे में ही पहले वाले कमरे में गया ।
तानिया सुबकने लगी । उसे भी गुस्सा आया था काफी हद तक । उसे घर की बोहोत याद आने लगी थी । घर पे उसका पति और उसका बेटा परेशान होंगे पता नही कितनी बार कॉल लगा चुका होगा ।
लेकिन किस्मत कुछ अनोहोनी और कुछ रिश्ते में दरार तो कुछ रिश्ते में करीबी लाने के लिए रसनाकार तैयार बैठे थे । दोनो एक एक कमरे में शांत अजीब मानसिकता में करीब दो घंटे बिताए । कमरे में खिड़की भी टूटी थी जहा से तूफान अंधी का हवा तेज प्रसालन हो रही थी और तीन का चट्ट भी मानो उड़ा ले जाएगा कभी भी ।
तानिया नंगी इतने देर में फिर पहले जैसे ठंड में कांपने लगी । उसे ध्यान आया कि तपन की दो घंटे से कोई खबर नहीं वो दर गई की कही तपन गुस्से में कही चला तो नही गया । वो हिल्स पहने के लिए दूंधी पर जूते नहीं मिले तो किसी तरह कदम बढ़ाते हुए अंधेरे में उस कमरे गई और " तपन तपन तपन " पुकारने लगी लेकिन तपन से कोई जवाब नही आया ।
तानिया दर गई घबराने लगी इस अंधेरे जंगल में उसे अकेला छोड़ कर भाग तो नही गया ऊपर से उसे और ज्यादा ठंड लग रही थी । फिर तपन को पुकारने लगी जितनी जोर से पुकार सके पुकारने लगी लेकिन फिर भी तपन का होने का मजूद नही ।" तपन । प्लीज बेटा कहा हो तुम । मुझे अकेला छोड़ के मत जाओ"
तानिया कमरे में अंधेरे में ही हाथ से इधर उधर ढूंढने लगी तो एक कोने में तपन से उसकी उंगलियां टकराई और वो खुशी से तपन के बाहों में जा के चिमट गई ।" बदमाश यहां छुपा है । प्लीज फिर से मेरी पीठ मल दो वरना में मर जाऊंगी "
तपन " नही में फिर से बहेक जाऊंगा । सॉरी मैं नही कर सकता ।,"
तानिया विनती के स्वर में " बेटा बेहस मत करो । हाह में ठंड से मर जाऊंगी । सॉरी इस बार बहके तो में प्यार से तुझे रोक दूंगी "
तपन अपमानित महसूस कर रहा था लेकिन जनता था टानिया की हालत खराब है इसलिए फिर से तानिया को बाहों में भर के एक हाथ से पीठ और एक हाथ से उसकी बड़ी चूतड़ मसलने लगा । तानिया उसकी आगोश में समा गई ।
थोरी ही देर में तानिया थरथराती हुई आवाज में फिर बोली ।" बेटा ठंड नही कम रहा है ।"
तपन धीमे स्वर में बोला ।" आंटी आपको सेक्सुअली गर्म होना पड़ेगा तभी आपकी ठंड कम हो सकती है । वरना आपकी तबियत "
तानिया कुछ पल रुक के बोली ।" पर तुम मेरे बेटे जैसे हो तुम्हारे सामने कैसे "
तपन गुस्सा कर के बोला ।" हा सही कहा । मेरी जगह कोई गैर होता तो उसके सामने मेज से सेक्सुअली गर्म होती ना । ठीक है हटिए "
तानिया उससे जोर से चिपक गई ।" प्लीज "
कुछ पल दोनों खामोश रहे । परिस्थिति ही ऐसी थी की दोनो एक दूसरे दूर नही हो सकते थे । तानिया समझ गई थी उसे जरूरत है तपन की और उसने सोचा की उस हद्द तक में उसे रोक दूंगी । अब नंगे होकर कुछ हद तक मर्यादा को दाव पे लगा के ही जान बचानी पड़ेगी और की रास्ता नही है ।
तपन फिर उसके बदन पे हाथ फिराते हुए झांसे से उसे गोद में उठा लिया और दूसरे कमरे के जा के टेबल पे तानिया की बैठा दिया । तानिया सोचने लगी ये क्या करने वाला है ।
तानिया टेबल पर और तपन टेबल के एक सिरे में खड़े थे । तपन ने तानिया की दोनो टांगे फैला दिए और उसकी कमर पर हाथ रख दिए । तानिया 40 डिग्री एंगल पे पीछे हाथ टीका दी सहारे के लिए । टेबल के ठंडे एहसास उसे और ठंड पोहोचा रही थी ।
लेकिन उसे वो महसूस हुई जिससे उसकी नस नस में सिहरन हुई । तपन उसकी सुखी भगनासा में अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा । तो तानिया उसे रोक दी " ये क्या कर रहे हो "
तपन " आंटी सेक्स नही करूंगा बस रगड़ के आपको गर्म कर दूंगा "
तानिया झुलझुलती हुई बोली ।" तो इसके लिए यही तरीका मिला तुझे । "
तपन उससे दूर दो कदम पीछे हो गया । तानिया ऐसी स्थिति में थी जिसे दो नाओं में सवार एक से पेड़ हटाई तो वो जान से गई । तानिया ।" प्लीज बेटा मेरी ठंड भागा दो पड़ कुछ ढंग का करो । प्लीज मेरे इतज्जत के साथ मत खेलो ।" तानिया रो पड़ी ।
तपन सोचने लगा अब क्या करू । बार बार कुछ ज्यादा ही बहक जाता हूं । और कुछ सोचते हुए वो नीचे घुटने में हो के सीधा तानिया की चूत पे मुंह लगा दिया और चूत की लकीर को जीव से चाटने लगा । तानिया बेबस हो कर आंखे बंद कर ली ।
तानिया की चूत दाना यानी भगनासा चिपकी हुई आकार की थी और चूत फूली हुई हल्के बालों से भरा । हालाकि उसने एक हफ्ते पहले ही सेव की हुई थी जिससे ठोर थोड़े बाल लंबे हो रखे थे ।
तपन पहली बार किसी स्त्री की चूत चाट रहा था उसे इतना आनंद आ रहा थी वो सोच भी नही सकता की कितनी हद्द तक खुश था वो । लोभ और कामसुख से मदहोश तपन ने सारी हदें भूल के बस तानिया की चूत दोनो अनूठे से फैला के जीव से चाटने लगा जिससे चूत की अंदरूनी हिस्से की अच्छे चुसाई हो रही थी ।
कुछ ही पल में तानिया की आंखे मजबूरी ने नही बल्कि आनंद में बंद हो गई थी । धीरे धीरे उसे ठंड का एहसास कम होने लगा था और मध्यम माध्यम कामुक सुख का आनंद । टानिया झांघे और फैला दी और तपन के बालो से खेलने लगी । अपनी निचली होंठ दातों में दबा रही थी । चूत अंदर से लचीला पानी से चिपचिपा हो रही थी । तपन को अजीब सा स्वाद मिला पहली बार था उसका थोड़ी घिन भाव आने लगे तो वो चूत की ऊपरी हिस्से को नुकीली जीव से चाटने लगे ।
Insider the forest
तानिया का बदन अभी भी कंपन कर रही थी । वो 5.4 फीट और तपन था 6 फीट का इसलिए उसकी उसका चेहरा छाती तक आ रही थी । और उसकी गोल मोटल नर्म चेहरा तपन के गठीले चेस्ट के किशोर अवस्था की बालो में रगड़ खा रही थी । एक गर्माहट का एहसास उसे मेहसूस हो रही थी उसकी आंखे बंद थी दिमाग सुन्न थी ।
दोनो की बदन के पानी सुख गए थे लेकिन तानिया की बाल अभी भी गीले थे । तपन उसकी पीठ मलते मलते अपनी मन से बेबाक हो कर तानिया की 34 इंच की कमर के नीचे 40 इंच की चुतर के नीचे हाथ ले गया और तानिया की बहार की तरफ निकली हुई गांड अपने पंजों में मसलने लगा ।
तानिया को जहा थोरी दर्द महसूस हुई वोही एक मालिश करने जैसा सुखद एहसास हुई और उसकी चेतना थोरी जाग उठी अपनी थरथरती होंठो से बोली । " क्या कर रहे हो "
तपन की सांस उखड़ी हुई थी क्यू की उसके अंदर एक दर था न की कामुक उत्तेजना के कारण ।" आंटी आप मेरे इरादे को गलत मत समझिए । मुझे आपकी शरीर गर्म करने के लिए आपको चुना पड़ेगा । ऐसा समझिए की में आपकी इलाज कर रहा हूं डॉक्टर की तरह "
कहना आसान था लेकिन मानना आसान नहीं था । लेकिन स्थिति ऐसे थी जैसे यही एक साधन हे और चाड़ा नही इसके सिवा । तानिया उसके बाते मान गई उसके दिमाग में आया की गाइनो मेल डॉक्टर ने उसकी प्राइवेट पार्ट कोई बार छुए है लेकिन उसका काम था ठीक उसी तरह तपन के लिए भी लागू होता है ।
तपन भले ही तानिया की मदद कर रहा था लेकिन उसके मन धीरे धीरे स्वार्थ पैदा हो रहा था और उमंग रहे काम भावनाओ को वो काबू नही कर पा रहा था । उसे आनंद आ रहा था न चाहते हुए भी मन में खयाल आ रहा था ऐसा (तानिया आंटी की गांड कितनी बड़ी हे और दबाने में क्या मजा आ रहा है और बाहों में लेने में क्या नर्म नर्म एहसास हो रहा हे । और बदन की क्या खुशबू है ऊंघ आह्ह्ह्ह) की उसपे उसका कोई रोक नहीं था । एक जवान लड़का था ना चाह कर भी मजबूर हो गया था ।
तानिया को कुछ आधे घंटे तक थरथराती रही लेकिन अभी भी उसे कुछ हद तक असहनीय ठंड महसूस हो रही थी । लेकिन उसको अपनी चूतड़ में दर्द महसूस होने लगा और वो फुसफुसा के बोली ।" बेटा दर्द हो रहा हे ।"
तपन ने उसके चुराड़ से हाथ हटा लिया । कुछ सेकंड निशब्द निस्क्रिया में पल गुजर गए और अचानक तपन ने बेकाबू होंठ को तानिया की थरथराती होंठो पे धसा के रस पीने लगा ।
एक औरत चाहे कितने भी बेबस ना हो जाए लेकिन अपनी आबरू को आखिरी हद्द का बचाने की कशिश करती ही है क्यू उसकी सबसे बड़ी दौलत आबरू ही होती है । तानिया उसे धक्का दे दी और एक तमंचा मार दी जोर का ।
तपन का कान झनझना गया पर उसे गुस्सा नहीं आया था वल्कि शर्म महसूस होने लगा और उसका गरम खून एक झटके में ठंडा पड़ गया । शिर झुकाए अंधेरे में ही पहले वाले कमरे में गया ।
तानिया सुबकने लगी । उसे भी गुस्सा आया था काफी हद तक । उसे घर की बोहोत याद आने लगी थी । घर पे उसका पति और उसका बेटा परेशान होंगे पता नही कितनी बार कॉल लगा चुका होगा ।
लेकिन किस्मत कुछ अनोहोनी और कुछ रिश्ते में दरार तो कुछ रिश्ते में करीबी लाने के लिए रसनाकार तैयार बैठे थे । दोनो एक एक कमरे में शांत अजीब मानसिकता में करीब दो घंटे बिताए । कमरे में खिड़की भी टूटी थी जहा से तूफान अंधी का हवा तेज प्रसालन हो रही थी और तीन का चट्ट भी मानो उड़ा ले जाएगा कभी भी ।
तानिया नंगी इतने देर में फिर पहले जैसे ठंड में कांपने लगी । उसे ध्यान आया कि तपन की दो घंटे से कोई खबर नहीं वो दर गई की कही तपन गुस्से में कही चला तो नही गया । वो हिल्स पहने के लिए दूंधी पर जूते नहीं मिले तो किसी तरह कदम बढ़ाते हुए अंधेरे में उस कमरे गई और " तपन तपन तपन " पुकारने लगी लेकिन तपन से कोई जवाब नही आया ।
तानिया दर गई घबराने लगी इस अंधेरे जंगल में उसे अकेला छोड़ कर भाग तो नही गया ऊपर से उसे और ज्यादा ठंड लग रही थी । फिर तपन को पुकारने लगी जितनी जोर से पुकार सके पुकारने लगी लेकिन फिर भी तपन का होने का मजूद नही ।" तपन । प्लीज बेटा कहा हो तुम । मुझे अकेला छोड़ के मत जाओ"
तानिया कमरे में अंधेरे में ही हाथ से इधर उधर ढूंढने लगी तो एक कोने में तपन से उसकी उंगलियां टकराई और वो खुशी से तपन के बाहों में जा के चिमट गई ।" बदमाश यहां छुपा है । प्लीज फिर से मेरी पीठ मल दो वरना में मर जाऊंगी "
तपन " नही में फिर से बहेक जाऊंगा । सॉरी मैं नही कर सकता ।,"
तानिया विनती के स्वर में " बेटा बेहस मत करो । हाह में ठंड से मर जाऊंगी । सॉरी इस बार बहके तो में प्यार से तुझे रोक दूंगी "
तपन अपमानित महसूस कर रहा था लेकिन जनता था टानिया की हालत खराब है इसलिए फिर से तानिया को बाहों में भर के एक हाथ से पीठ और एक हाथ से उसकी बड़ी चूतड़ मसलने लगा । तानिया उसकी आगोश में समा गई ।
थोरी ही देर में तानिया थरथराती हुई आवाज में फिर बोली ।" बेटा ठंड नही कम रहा है ।"
तपन धीमे स्वर में बोला ।" आंटी आपको सेक्सुअली गर्म होना पड़ेगा तभी आपकी ठंड कम हो सकती है । वरना आपकी तबियत "
तानिया कुछ पल रुक के बोली ।" पर तुम मेरे बेटे जैसे हो तुम्हारे सामने कैसे "
तपन गुस्सा कर के बोला ।" हा सही कहा । मेरी जगह कोई गैर होता तो उसके सामने मेज से सेक्सुअली गर्म होती ना । ठीक है हटिए "
तानिया उससे जोर से चिपक गई ।" प्लीज "
कुछ पल दोनों खामोश रहे । परिस्थिति ही ऐसी थी की दोनो एक दूसरे दूर नही हो सकते थे । तानिया समझ गई थी उसे जरूरत है तपन की और उसने सोचा की उस हद्द तक में उसे रोक दूंगी । अब नंगे होकर कुछ हद तक मर्यादा को दाव पे लगा के ही जान बचानी पड़ेगी और की रास्ता नही है ।
तपन फिर उसके बदन पे हाथ फिराते हुए झांसे से उसे गोद में उठा लिया और दूसरे कमरे के जा के टेबल पे तानिया की बैठा दिया । तानिया सोचने लगी ये क्या करने वाला है ।
तानिया टेबल पर और तपन टेबल के एक सिरे में खड़े थे । तपन ने तानिया की दोनो टांगे फैला दिए और उसकी कमर पर हाथ रख दिए । तानिया 40 डिग्री एंगल पे पीछे हाथ टीका दी सहारे के लिए । टेबल के ठंडे एहसास उसे और ठंड पोहोचा रही थी ।
लेकिन उसे वो महसूस हुई जिससे उसकी नस नस में सिहरन हुई । तपन उसकी सुखी भगनासा में अपना खड़ा लंड रगड़ने लगा । तो तानिया उसे रोक दी " ये क्या कर रहे हो "
तपन " आंटी सेक्स नही करूंगा बस रगड़ के आपको गर्म कर दूंगा "
तानिया झुलझुलती हुई बोली ।" तो इसके लिए यही तरीका मिला तुझे । "
तपन उससे दूर दो कदम पीछे हो गया । तानिया ऐसी स्थिति में थी जिसे दो नाओं में सवार एक से पेड़ हटाई तो वो जान से गई । तानिया ।" प्लीज बेटा मेरी ठंड भागा दो पड़ कुछ ढंग का करो । प्लीज मेरे इतज्जत के साथ मत खेलो ।" तानिया रो पड़ी ।
तपन सोचने लगा अब क्या करू । बार बार कुछ ज्यादा ही बहक जाता हूं । और कुछ सोचते हुए वो नीचे घुटने में हो के सीधा तानिया की चूत पे मुंह लगा दिया और चूत की लकीर को जीव से चाटने लगा । तानिया बेबस हो कर आंखे बंद कर ली ।
तानिया की चूत दाना यानी भगनासा चिपकी हुई आकार की थी और चूत फूली हुई हल्के बालों से भरा । हालाकि उसने एक हफ्ते पहले ही सेव की हुई थी जिससे ठोर थोड़े बाल लंबे हो रखे थे ।
तपन पहली बार किसी स्त्री की चूत चाट रहा था उसे इतना आनंद आ रहा थी वो सोच भी नही सकता की कितनी हद्द तक खुश था वो । लोभ और कामसुख से मदहोश तपन ने सारी हदें भूल के बस तानिया की चूत दोनो अनूठे से फैला के जीव से चाटने लगा जिससे चूत की अंदरूनी हिस्से की अच्छे चुसाई हो रही थी ।
कुछ ही पल में तानिया की आंखे मजबूरी ने नही बल्कि आनंद में बंद हो गई थी । धीरे धीरे उसे ठंड का एहसास कम होने लगा था और मध्यम माध्यम कामुक सुख का आनंद । टानिया झांघे और फैला दी और तपन के बालो से खेलने लगी । अपनी निचली होंठ दातों में दबा रही थी । चूत अंदर से लचीला पानी से चिपचिपा हो रही थी । तपन को अजीब सा स्वाद मिला पहली बार था उसका थोड़ी घिन भाव आने लगे तो वो चूत की ऊपरी हिस्से को नुकीली जीव से चाटने लगे ।