Update 21
In the market
शीतल अकेले ही थैली भर के बाजार कर रही थी । फुटपाथ में दोनो तरफ सब्जी मंडी बैठी थी और शीतल सड़क किनारे की एक सब्जी दुकान से सब्जी खरीद रही थी । सब्जी वाले से सब्जी का मूल भाव कर रही थी ।
तभी अचानक एक कार साइड से शीतल को टक्कर मारता है । शीतल कुछ दूर ओढ़े मुंह के बल जा के गिरती है ।
कार 1 मिनट के लिए वाहा रोके रहा सभी अपने में व्यस्त था । सब्जी वाला और उसके आस पास वाले ये हादसा देख के चिल्लाया । लेकिन तभी कार वाहा से थोड़ा बैक लेके तेजी से वाहा से आगे निकल गया । सब लोग कार वाले को गालियां दे के चिल्लाते रहे ।
शीतल एक सब्जी वाले दुकान के सब्जी के ऊपर गिरी गई थी । एक पल के लिए उसे होश भी नही रहा उसके साथ क्या हुआ हे लेकिन जब उन खुद सब्जी की ऊपर गिरी हुई पाया तो तब उसे मालूम हुई की किसी कार ने उसे टक्कर मारा है ।
वो सोक में थी एक सदमा जैसा लगा उसे । वो उठने की कशिश की तो उसे दाई झांघो में तेज दर्द हुई टक्कर उसकी दाईं जांघो पे लगी जो थी । वाहा के कुछ औरतों ने उसे सहारा दे के उठाया । तभी एक लड़का भागता हुआ वाहा आ गया ।
शीतल को उस लड़के को देख के बड़ी खुशी हुई और सुरक्षित महसूस हुआ ।
लड़का बड़ी फिक्र मंद हो के शीतल की बाजू पकड़ के बोला ।" आंटी आपको ज्यादा चोट तो नही आई ।"
वो लड़का कोई और नही वल्कि जीशू था । और गाड़ी से एक्सीडेंट करवाने का आइडिया उसका ही था और एक्सीडेंट को अंजाम देने वाला ड्राइवर विशू था जो उसने अपनी वरदान की इस्तेमाल से एक गाड़ी कुछ समय के चुराया थे ।
शीतल दोनो पेड़ो पे खड़ी रहने की कशिश करती हुई धीमी आवाज में बोली ।" थोड़ा दर्द हो रहा हे इस पेड़ में"
तभी वाहा की एक औरत बोली ।" बेटा तुम्हारा आंटी हे क्या । इसे किसी मेडिकल में ले जाओ ।"
वाहा मजूद लोगो ने बोला की यही पे केमिस्ट है पहले केमिस्ट पे बहनजी को ले जा के चेक कराओ और ज्यादा चोट लगी हे तो फिर हॉस्पिटल ले जाओ । सही लोगो ने वोही बोला ।
तो जीशू ने शीतल को सहारा दे के बोला ।" आंटी घबराओ मत सब ठीक हो जायेगा में आपको यहां के केमिस्ट में ले जाता हूं "
शीतल ने किसी तरह दो कदम रखा फिर दर्द से करहाते हुए बोली ।" बेटा मुझसे चला नहीं जा रहा हे ।"
जिशु ने आओ देखा ना ताव वो शीतल को बिना पूछे ही उसको गोद में उठ लिया । शीतल शर्म से पानी पानी हो गई लेकिन वो बोलने की हालत में नहीं थी । वाहा लोग भी सोक थे काना फूसी कर रहे थे की कैसा बेशर्म लड़का है ।
लेकिन जिशू सभी को अनसुना करते हुए बाजार में ही सबसे बड़े केमिस्ट पे शीतल को गोद में ही उठा के ले के गए ।
केमिस्ट में कोई डॉक्टर तो नही था बी फार्म वाले भी एक तरह से मेडिकल लाइन डॉक्टर की तरह है । केमिस्ट के लोगो ने शीतल को चेक किया मलहम पट्टी की । जांघो के अलावा कही चोट तो नही लगी थी बस माथे पे थोड़ी खरोसे आई थी और कुछ नही । माथे के चोट पे जब ड्रेसिंग कर रहा था ।
तब जिशू बोला ।" आंटी के पेड़ में चोट आई हे लगता है चोट ज्यादा लगी हे चल नहीं पा रही हे ।"
फार्मसिस्ट ।" एक काम करो हमारे यहां लैब में एक्स रे करवा लो । अगर ज्यादा इंज्यूरी आई हे तो हम आपको अच्छे हॉस्पिटल बता देंगे और अगर चोटी मोटी चोट आई है हमारा यहां अच्छा फिजियोथेरेपी भी है वो मेडिसिन दे देगा ।"
जिशू को भी ठीक लगा । (कही मैंने ज्यादा तो नहीं कर दिया) " ठीक करवा लेते हे ।"
फिर शीतल को लैब ले के गया और एक्स-रे बेड पे लिटा दिया गया । जिशू बाहर आना के लिए निकल ही रहा था ।
शीतल ने उसे हाथ पकड़ के रोक लिया । जिशु लेब वाले बंदे से पूछा ।" क्या में यहां रुक सकता हूं आंटी को सायेद दर लग रहा है ।"
लेब वाला बंदा भी थोड़ा लेट जवाब देते हुए बोला ।" पेसेंट को कोई प्राब्लम नही तो मुझे क्या । वैसे आप इनके क्या लगते हो ."
जिशू ।" जी ये मेरी आंटी हे ।"
लेब वाले बंद फिर कोई जवाब नही दिया अपने काम में ज्यादा ही प्रोफेशन था । उसने अपना प्रोसेस शुरू किया ।
शीतल बस जिशू को देख रही थी । और जिशू शीतल की बड़ी केयर कर रहा था ।" आंटी आपको कुछ नही होगा । बस जरा सी चोट है ।" और उसने अपने प्यारे हाथो से शीतल की माथे पे सहलाने लगा ।
लेब वाला बंदा बोला ।" बहनजी आप जरा अपनी सारी को उठाएगी ताकि में अपना काम कर चाकू ।"
शीतल शर्म से पानी पानी हो गई । ज़िदेगी में कभी वो किसी ऐसी स्तिथि में नही आई जहा वो किसी डाक्टर या ऐसे लेब टेकिनिचियान के आगे सारी उठाने पड़ी हो सिवाय अपने बेटे को जन्म देते वक्त के अलावा ।
जिशु ।" एक मिनट में मदद कर देता हूं आंटी ।"
और उसने धीरे से सारी और पेटीकोट एक साथ जांघो तक उठा दिया कुछ दो इंच और ऊपर उठा दी होता तो उसकी पैंटी दिखने लगती । वैसे x-ray करनें के लिया उतना सारी उठाना भी जरूरी था । शीतल ने शर्म से आंखे बंद कर ली । लेब X -ray मशीन से अपना काम करनें लगा ।
जिशु शीतल की माथे पे हाथ फिरते हुए शीतल की भरी जवानी को आखों से नशा उतर रहा था (क्या गोरे गोरे जांघ है चिकनी मोटी । क्या मनचल गुदाज पेट है । चाटने में मजा आएंगे आंटी और ये आपकी तरबूज जो कैद हे ना एक दिन इसका रस पी के प्यास बुजाऊंगा । बोहोत जल्द आपकी ये सुथील सर्बी वाली मोटी बाजू को मसलते हुए चोदूंगा और आपको रखैल बनाऊंगा देखना । वैसे कभी आपको उस नजर से नेही देखा था लेकिन आपने जो राक्षस बेटा पैदा किया है न उसकी वजह से मुझे भी राक्षस बना दिया है । माल अच्छी हो एक दम कश्मीरी माल हो बोहोत जल्द आपको पेलने वाला हूं ।)
तब तक लेब वाले ने अपना काम खतम कर के बोला।" लो हो गया । आपको 10 मिनट में रिपोर्ट मिल जायेंगे ।"
शीतल अभी भी लेती थी । जिशू ने सारी नीचे करते समय शीतल की ब्लैक पैंटी देख ली थी ।(मन कर रहा है यही चोद दूं और फिल्म बना के अपने बेटे को भेज दूं ताकि उसे पता चलें की अपनी मम्मी को कोई चोदता है तो कैसा लगता है)
जिशू जब तक रिपोर्ट नहीं आता तब शीतल से बाते कर के उसका मन बहलाने लगता हे ।
कुछ देर बाद रिपोर्ट आता है तो पता चलता है की हड्डी नही टूटी थोड़ा मॉस आई हे जो दवाई से ठीक हो जायेगा । फिर वाहा के फिजियो थेरपी वाले ने शीतल की जांघ पे एक फ्रैक्चर में लगाने वाली बैंडेज लगा दिया और एक इंजेक्शन और कुछ मेडिसिन दी ।
जिशु ने अपने कार में शीतल को उसके घर ले गया ।
In the market
शीतल अकेले ही थैली भर के बाजार कर रही थी । फुटपाथ में दोनो तरफ सब्जी मंडी बैठी थी और शीतल सड़क किनारे की एक सब्जी दुकान से सब्जी खरीद रही थी । सब्जी वाले से सब्जी का मूल भाव कर रही थी ।
तभी अचानक एक कार साइड से शीतल को टक्कर मारता है । शीतल कुछ दूर ओढ़े मुंह के बल जा के गिरती है ।
कार 1 मिनट के लिए वाहा रोके रहा सभी अपने में व्यस्त था । सब्जी वाला और उसके आस पास वाले ये हादसा देख के चिल्लाया । लेकिन तभी कार वाहा से थोड़ा बैक लेके तेजी से वाहा से आगे निकल गया । सब लोग कार वाले को गालियां दे के चिल्लाते रहे ।
शीतल एक सब्जी वाले दुकान के सब्जी के ऊपर गिरी गई थी । एक पल के लिए उसे होश भी नही रहा उसके साथ क्या हुआ हे लेकिन जब उन खुद सब्जी की ऊपर गिरी हुई पाया तो तब उसे मालूम हुई की किसी कार ने उसे टक्कर मारा है ।
वो सोक में थी एक सदमा जैसा लगा उसे । वो उठने की कशिश की तो उसे दाई झांघो में तेज दर्द हुई टक्कर उसकी दाईं जांघो पे लगी जो थी । वाहा के कुछ औरतों ने उसे सहारा दे के उठाया । तभी एक लड़का भागता हुआ वाहा आ गया ।
शीतल को उस लड़के को देख के बड़ी खुशी हुई और सुरक्षित महसूस हुआ ।
लड़का बड़ी फिक्र मंद हो के शीतल की बाजू पकड़ के बोला ।" आंटी आपको ज्यादा चोट तो नही आई ।"
वो लड़का कोई और नही वल्कि जीशू था । और गाड़ी से एक्सीडेंट करवाने का आइडिया उसका ही था और एक्सीडेंट को अंजाम देने वाला ड्राइवर विशू था जो उसने अपनी वरदान की इस्तेमाल से एक गाड़ी कुछ समय के चुराया थे ।
शीतल दोनो पेड़ो पे खड़ी रहने की कशिश करती हुई धीमी आवाज में बोली ।" थोड़ा दर्द हो रहा हे इस पेड़ में"
तभी वाहा की एक औरत बोली ।" बेटा तुम्हारा आंटी हे क्या । इसे किसी मेडिकल में ले जाओ ।"
वाहा मजूद लोगो ने बोला की यही पे केमिस्ट है पहले केमिस्ट पे बहनजी को ले जा के चेक कराओ और ज्यादा चोट लगी हे तो फिर हॉस्पिटल ले जाओ । सही लोगो ने वोही बोला ।
तो जीशू ने शीतल को सहारा दे के बोला ।" आंटी घबराओ मत सब ठीक हो जायेगा में आपको यहां के केमिस्ट में ले जाता हूं "
शीतल ने किसी तरह दो कदम रखा फिर दर्द से करहाते हुए बोली ।" बेटा मुझसे चला नहीं जा रहा हे ।"
जिशु ने आओ देखा ना ताव वो शीतल को बिना पूछे ही उसको गोद में उठ लिया । शीतल शर्म से पानी पानी हो गई लेकिन वो बोलने की हालत में नहीं थी । वाहा लोग भी सोक थे काना फूसी कर रहे थे की कैसा बेशर्म लड़का है ।
लेकिन जिशू सभी को अनसुना करते हुए बाजार में ही सबसे बड़े केमिस्ट पे शीतल को गोद में ही उठा के ले के गए ।
केमिस्ट में कोई डॉक्टर तो नही था बी फार्म वाले भी एक तरह से मेडिकल लाइन डॉक्टर की तरह है । केमिस्ट के लोगो ने शीतल को चेक किया मलहम पट्टी की । जांघो के अलावा कही चोट तो नही लगी थी बस माथे पे थोड़ी खरोसे आई थी और कुछ नही । माथे के चोट पे जब ड्रेसिंग कर रहा था ।
तब जिशू बोला ।" आंटी के पेड़ में चोट आई हे लगता है चोट ज्यादा लगी हे चल नहीं पा रही हे ।"
फार्मसिस्ट ।" एक काम करो हमारे यहां लैब में एक्स रे करवा लो । अगर ज्यादा इंज्यूरी आई हे तो हम आपको अच्छे हॉस्पिटल बता देंगे और अगर चोटी मोटी चोट आई है हमारा यहां अच्छा फिजियोथेरेपी भी है वो मेडिसिन दे देगा ।"
जिशू को भी ठीक लगा । (कही मैंने ज्यादा तो नहीं कर दिया) " ठीक करवा लेते हे ।"
फिर शीतल को लैब ले के गया और एक्स-रे बेड पे लिटा दिया गया । जिशू बाहर आना के लिए निकल ही रहा था ।
शीतल ने उसे हाथ पकड़ के रोक लिया । जिशु लेब वाले बंदे से पूछा ।" क्या में यहां रुक सकता हूं आंटी को सायेद दर लग रहा है ।"
लेब वाला बंदा भी थोड़ा लेट जवाब देते हुए बोला ।" पेसेंट को कोई प्राब्लम नही तो मुझे क्या । वैसे आप इनके क्या लगते हो ."
जिशू ।" जी ये मेरी आंटी हे ।"
लेब वाले बंद फिर कोई जवाब नही दिया अपने काम में ज्यादा ही प्रोफेशन था । उसने अपना प्रोसेस शुरू किया ।
शीतल बस जिशू को देख रही थी । और जिशू शीतल की बड़ी केयर कर रहा था ।" आंटी आपको कुछ नही होगा । बस जरा सी चोट है ।" और उसने अपने प्यारे हाथो से शीतल की माथे पे सहलाने लगा ।
लेब वाला बंदा बोला ।" बहनजी आप जरा अपनी सारी को उठाएगी ताकि में अपना काम कर चाकू ।"
शीतल शर्म से पानी पानी हो गई । ज़िदेगी में कभी वो किसी ऐसी स्तिथि में नही आई जहा वो किसी डाक्टर या ऐसे लेब टेकिनिचियान के आगे सारी उठाने पड़ी हो सिवाय अपने बेटे को जन्म देते वक्त के अलावा ।
जिशु ।" एक मिनट में मदद कर देता हूं आंटी ।"
और उसने धीरे से सारी और पेटीकोट एक साथ जांघो तक उठा दिया कुछ दो इंच और ऊपर उठा दी होता तो उसकी पैंटी दिखने लगती । वैसे x-ray करनें के लिया उतना सारी उठाना भी जरूरी था । शीतल ने शर्म से आंखे बंद कर ली । लेब X -ray मशीन से अपना काम करनें लगा ।
जिशु शीतल की माथे पे हाथ फिरते हुए शीतल की भरी जवानी को आखों से नशा उतर रहा था (क्या गोरे गोरे जांघ है चिकनी मोटी । क्या मनचल गुदाज पेट है । चाटने में मजा आएंगे आंटी और ये आपकी तरबूज जो कैद हे ना एक दिन इसका रस पी के प्यास बुजाऊंगा । बोहोत जल्द आपकी ये सुथील सर्बी वाली मोटी बाजू को मसलते हुए चोदूंगा और आपको रखैल बनाऊंगा देखना । वैसे कभी आपको उस नजर से नेही देखा था लेकिन आपने जो राक्षस बेटा पैदा किया है न उसकी वजह से मुझे भी राक्षस बना दिया है । माल अच्छी हो एक दम कश्मीरी माल हो बोहोत जल्द आपको पेलने वाला हूं ।)
तब तक लेब वाले ने अपना काम खतम कर के बोला।" लो हो गया । आपको 10 मिनट में रिपोर्ट मिल जायेंगे ।"
शीतल अभी भी लेती थी । जिशू ने सारी नीचे करते समय शीतल की ब्लैक पैंटी देख ली थी ।(मन कर रहा है यही चोद दूं और फिल्म बना के अपने बेटे को भेज दूं ताकि उसे पता चलें की अपनी मम्मी को कोई चोदता है तो कैसा लगता है)
जिशू जब तक रिपोर्ट नहीं आता तब शीतल से बाते कर के उसका मन बहलाने लगता हे ।
कुछ देर बाद रिपोर्ट आता है तो पता चलता है की हड्डी नही टूटी थोड़ा मॉस आई हे जो दवाई से ठीक हो जायेगा । फिर वाहा के फिजियो थेरपी वाले ने शीतल की जांघ पे एक फ्रैक्चर में लगाने वाली बैंडेज लगा दिया और एक इंजेक्शन और कुछ मेडिसिन दी ।
जिशु ने अपने कार में शीतल को उसके घर ले गया ।