Update 29
J.K. Life Medical
" डॉक्टर डॉक्टर प्लीज मेरे बेटे को बचा लीजिए " शीतल डॉक्टर के पेड़ो में गिर के भीख मांगने लगी ।
डॉक्टर बस ओटी में से बाहर निकले ही थे की एक मां ने उसके आगे झोली फैला दी । डॉक्टर अपने काम प्रोफेशन था । उसे ज्ञान था परिजनों का कैसे नम्रता से नियंत्रित किया जाता है । वो शीतल को उठता है बाजू पकड़ के । तानिया ने शीतल को सहारा दे के बेंच पे बिठा देती हे ।
डॉक्टर ।" ये आप क्या कर रहे है । ऊपर वाले पे आस्था रखिए । "
डॉक्टर आगे बढ़ता है और शुबत मेहरा से बात करता है ।" मिस्टर मेहरा ।"
शुबत मेहरा खड़े हो जाते हे ।" जी डॉक्टर । कंडीशन क्या हे हमारे बेटे की ।"
तभी जतिन रोते हुए डॉक्टर से बिनती करता है ।" प्लीज डाक्टर साहब उसे बचा लीजिए ।"
डॉक्टर हल्का सा मुस्कुराके असबासन देता है ।" जी आप शांति रखिए । ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा है । पैसेंट बोहोत बहादुर है इतनी गहरी चोट के बावजूद सांस ले रहा है...हमने अपना बेस्ट दिया है जब होश आएगा तभी हम आगे की कंडीशन बता पाएंगे "
डॉक्टर वाहा से निकल गया । जतिन खुद को संभाल नही पा रहा था । दुख से कमजोर हो गया था खुद का बेटा ऑपरेशन थिएटर में हो तब भला कौन मां बाप शांत रह सकता है ।
सभी मजूद थे शिवाय दीपाली और तरली के इलावा । उनको जबरस्ती घर का खयाल रखने के लिए तपन के घर पे रहने को कहा गया था ताकि घर से किसी प्रकार की जरूरत आन पड़े तो वो दोनो मदद कर सके ।
जतिन को संभाल रहा था शुबत मेहरा , रतन भार्गव और हरिलाल पाठक , तीनों पिता एक पिता की दुख में भागीदारी हो रहा था और अपना कर्त्तव्य निभा रहा था ।
तीन दोस्त हॉस्पिटल के वेटिंग रूम में बस बेजान शरीर बन के बैठा था । बस किसी तरह अपनी आसू रोक के रखे थे ।
कुछ घंटों के बाद तपन को Intensive Care Unit मे शिफ्ट किया गया । डॉक्टर उसे बारी बारी चेक कर रहे थे और इलाज कर रहे थे ।
रात के 10 बजे डॉक्टर परिजनों के पास आ के एक खबर देता है । " पैसेंट को होश आ गया है लेकिन वो सिर्फ अपने तीन दोस्तो से मिलना चाहता है पहले । कुछ नाम बताया था जिशु ,विशु , शेतु कर के "
तीनों दोस्त झट से खुश होते हुए खड़े होते हे ।" हम है सर "
शीतल ।" में भी चलती हूं "
डॉक्टर ।" नही आप लोग अभी नहीं मिल सकते है । ओनली वन पर्सन को मिलने दे सकते हे हम । वो तो पेसेंट ने मांग की और उसकी केयर करते हुए हम तीन दोस्तो को मिलने दे रहे है । आप तीनों आइए मेरे साथ ।"
तीनों डाक्टर के पीछे पीछे Intensive Care Unit में घुस जाते हे । तीनों देख पाता है तपन लाइफ सपोर्ट मशीनों के सहारे लेता है बेड पे ।
डॉक्टर ।" ओनली 15 मिनट ।"
डॉक्टर चला जाता है ।"
जिशू हाथ जोड़ के आसू बहाने लगता है ।" माफ कर दे यार । माफ कर दे ।"
तपन ऑक्सीजन मास्क हटा के मुस्कुराता है । और हाथ आगे बढ़ता है । जिशु उसका हाथ थाम लेता है ।
शेतन और विशु स्टूल पे बैठ जाता है उसके पास । मुस्कुराके के उसे देखता है ।
विशू ।" मेरे पट्ठे कैसा है "
शेतन ।" साले तुझे अब भी मजाक सूंज रहा है ।"
तपन मुस्कुरा के । " अरे तुम दोनों यहां शुरू मत हो जाना ।"
जिशू ।" तू हम तीनों से मिलना चाहता था डॉक्टर ने बताया है ।"
तपन आंखे पलक झलक ऑक्सुजन मास्क लगा का सांस लेता है । और फिर हटा देता है । तो विशू उसको मास्क लगाए रखनें को बोलता है । लेकिन तपन ना में इशारा करता हे ।
तपन ।" खुद को बब्बर शेर समझता था लेकिन जल्द ही आइना दिख गया मुझे । अब समझ आया की मै क्या हूं"
शेतन ।" है यार तू पहले ठीक हो जा फिर बात करेंगे ।"
जिशू ।" हा दोस्त । हमारे लिए तेरी जान बोहोत कीमती है । पहले तू ठीक हो जा फिर बात करेंगे । वैसे डॉक्टर बोला हे तु बोबोट बहादुर है ।"
तपन ।" पता नही कब तक बचूंगा ।"
विशू ।" क्या यार मरना होता तो तभी मार जाता नॉर्मल इंसान की तरह । दो दो रोड घुस के निकल आए थे कोई भला बच सकता था । तुझे कुछ नही होगा । एक बार ठीक हो जा बोहोत लात मारनी हे तेरे पिछवाड़े में ।"
तपन मुस्कुराता है और गंभीर हो के जिशु के तरफ देख के बोलता है ।" में तेरा गुनेगर हूं । बताने की हिम्मत नही हुई । हटाना चाहता था पर डरता था दोस्ती चीन जाने से और आंटी को खोने से । बस मेरी विनती है आंटी को गलत मत समझना । उसकी गलती नही हे जो किया मैने किया । ......" एक गहरी सांस ले के बोला " पता नही तुझे विश्वाश होता है की नही पर में तुम तीनो को कसम खा के कहता हूं । आई लव हर । आंटी से सचमे प्यार करता हूं । मुझे नहीं पता सच्चा प्यार क्या होता है । लेकिन हां इतना बता सकता हूं में उससे दूर नहीं रह पाता । पता नही क्या हे क्या नहीं हे जो में उसने चाह कर भी अलग नही रह पाता । लेकिन दोस्त में जान गया हूं मेरे इस नाजायस प्यार से तुम्हे और बाकी लोगो को चोट पोहोचती है इसलिए में अपना प्यार दफन कर रहा हूं ।"
जिशू तपन का हाथ चूम के रोने लगा ।" नही यार । में समझता हूं पर क्या करे रिश्ते ही बेधंगा है इसलिए । पर कोई बात नही में समझता हूं । क्या मम्मी भी ।"
तपन ।" हा आंटी भी मुझसे प्यार करती हे ।"
शेतन ।" यार रूला दिया रे तुम लोगो ने ।"
जिशु ।" मम्मी खुश है तो में खुश । बस मुझे थोड़ा समय देना ।"
तपन ।" ये एहसान में जिंदगी भर नही चुका पाऊंगा दोस्त ।"
जिशू ।" मैने तुम्हारे मम्मी के जो किया वो । वो पाप में अब कैसे धोऊ "
तपन ।" मुझे अब कई शिकायत नही हे । पर माफ करना मम्मी का में कुछ नही कर सकता । तुमसे नफरत करती होगी या कोई सजा"
जिशू ।" हा में तैयार हूं जो भी फैला ले आंटी में मानने के लिए तैयार हूं माफ तो सायेद न करे । सजा भी दे तो मंजूर है ।"
विशू ।" तुम दोनो ही गिला शिकवा दूर करते रहोगे क्या । इस उल्लू के पट्टे को हमने छुपा के रखा इसलिए हम तीनो से नाराज़ है । उसको तो मनाओ लल्ला लड़ी कर के मेरे को जबरदस्त घुसा पड़ी ।"
जिशु और तपन शेतन की तरफ देखने लगता है तो शेतन जान बूझ कर नाराज होने का चहेरा बनाता है ।
तपन मजाक करते हुए बोला ।" एक बार ठीक होने दे फिर तेरी गांड मरता हूं ।"
शैतान अपनी हसी रोक नही पाया ।" साले तेरी किस्मत अच्छा है वरना ऐसा पेलता ना ।"
तभी डॉक्टर और नर्स आ जाते है और तीनो को विजिटिंग टाइम उप बोल के बाहर निकल देता है ।
J.K. Life Medical
" डॉक्टर डॉक्टर प्लीज मेरे बेटे को बचा लीजिए " शीतल डॉक्टर के पेड़ो में गिर के भीख मांगने लगी ।
डॉक्टर बस ओटी में से बाहर निकले ही थे की एक मां ने उसके आगे झोली फैला दी । डॉक्टर अपने काम प्रोफेशन था । उसे ज्ञान था परिजनों का कैसे नम्रता से नियंत्रित किया जाता है । वो शीतल को उठता है बाजू पकड़ के । तानिया ने शीतल को सहारा दे के बेंच पे बिठा देती हे ।
डॉक्टर ।" ये आप क्या कर रहे है । ऊपर वाले पे आस्था रखिए । "
डॉक्टर आगे बढ़ता है और शुबत मेहरा से बात करता है ।" मिस्टर मेहरा ।"
शुबत मेहरा खड़े हो जाते हे ।" जी डॉक्टर । कंडीशन क्या हे हमारे बेटे की ।"
तभी जतिन रोते हुए डॉक्टर से बिनती करता है ।" प्लीज डाक्टर साहब उसे बचा लीजिए ।"
डॉक्टर हल्का सा मुस्कुराके असबासन देता है ।" जी आप शांति रखिए । ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा है । पैसेंट बोहोत बहादुर है इतनी गहरी चोट के बावजूद सांस ले रहा है...हमने अपना बेस्ट दिया है जब होश आएगा तभी हम आगे की कंडीशन बता पाएंगे "
डॉक्टर वाहा से निकल गया । जतिन खुद को संभाल नही पा रहा था । दुख से कमजोर हो गया था खुद का बेटा ऑपरेशन थिएटर में हो तब भला कौन मां बाप शांत रह सकता है ।
सभी मजूद थे शिवाय दीपाली और तरली के इलावा । उनको जबरस्ती घर का खयाल रखने के लिए तपन के घर पे रहने को कहा गया था ताकि घर से किसी प्रकार की जरूरत आन पड़े तो वो दोनो मदद कर सके ।
जतिन को संभाल रहा था शुबत मेहरा , रतन भार्गव और हरिलाल पाठक , तीनों पिता एक पिता की दुख में भागीदारी हो रहा था और अपना कर्त्तव्य निभा रहा था ।
तीन दोस्त हॉस्पिटल के वेटिंग रूम में बस बेजान शरीर बन के बैठा था । बस किसी तरह अपनी आसू रोक के रखे थे ।
कुछ घंटों के बाद तपन को Intensive Care Unit मे शिफ्ट किया गया । डॉक्टर उसे बारी बारी चेक कर रहे थे और इलाज कर रहे थे ।
रात के 10 बजे डॉक्टर परिजनों के पास आ के एक खबर देता है । " पैसेंट को होश आ गया है लेकिन वो सिर्फ अपने तीन दोस्तो से मिलना चाहता है पहले । कुछ नाम बताया था जिशु ,विशु , शेतु कर के "
तीनों दोस्त झट से खुश होते हुए खड़े होते हे ।" हम है सर "
शीतल ।" में भी चलती हूं "
डॉक्टर ।" नही आप लोग अभी नहीं मिल सकते है । ओनली वन पर्सन को मिलने दे सकते हे हम । वो तो पेसेंट ने मांग की और उसकी केयर करते हुए हम तीन दोस्तो को मिलने दे रहे है । आप तीनों आइए मेरे साथ ।"
तीनों डाक्टर के पीछे पीछे Intensive Care Unit में घुस जाते हे । तीनों देख पाता है तपन लाइफ सपोर्ट मशीनों के सहारे लेता है बेड पे ।
डॉक्टर ।" ओनली 15 मिनट ।"
डॉक्टर चला जाता है ।"
जिशू हाथ जोड़ के आसू बहाने लगता है ।" माफ कर दे यार । माफ कर दे ।"
तपन ऑक्सीजन मास्क हटा के मुस्कुराता है । और हाथ आगे बढ़ता है । जिशु उसका हाथ थाम लेता है ।
शेतन और विशु स्टूल पे बैठ जाता है उसके पास । मुस्कुराके के उसे देखता है ।
विशू ।" मेरे पट्ठे कैसा है "
शेतन ।" साले तुझे अब भी मजाक सूंज रहा है ।"
तपन मुस्कुरा के । " अरे तुम दोनों यहां शुरू मत हो जाना ।"
जिशू ।" तू हम तीनों से मिलना चाहता था डॉक्टर ने बताया है ।"
तपन आंखे पलक झलक ऑक्सुजन मास्क लगा का सांस लेता है । और फिर हटा देता है । तो विशू उसको मास्क लगाए रखनें को बोलता है । लेकिन तपन ना में इशारा करता हे ।
तपन ।" खुद को बब्बर शेर समझता था लेकिन जल्द ही आइना दिख गया मुझे । अब समझ आया की मै क्या हूं"
शेतन ।" है यार तू पहले ठीक हो जा फिर बात करेंगे ।"
जिशू ।" हा दोस्त । हमारे लिए तेरी जान बोहोत कीमती है । पहले तू ठीक हो जा फिर बात करेंगे । वैसे डॉक्टर बोला हे तु बोबोट बहादुर है ।"
तपन ।" पता नही कब तक बचूंगा ।"
विशू ।" क्या यार मरना होता तो तभी मार जाता नॉर्मल इंसान की तरह । दो दो रोड घुस के निकल आए थे कोई भला बच सकता था । तुझे कुछ नही होगा । एक बार ठीक हो जा बोहोत लात मारनी हे तेरे पिछवाड़े में ।"
तपन मुस्कुराता है और गंभीर हो के जिशु के तरफ देख के बोलता है ।" में तेरा गुनेगर हूं । बताने की हिम्मत नही हुई । हटाना चाहता था पर डरता था दोस्ती चीन जाने से और आंटी को खोने से । बस मेरी विनती है आंटी को गलत मत समझना । उसकी गलती नही हे जो किया मैने किया । ......" एक गहरी सांस ले के बोला " पता नही तुझे विश्वाश होता है की नही पर में तुम तीनो को कसम खा के कहता हूं । आई लव हर । आंटी से सचमे प्यार करता हूं । मुझे नहीं पता सच्चा प्यार क्या होता है । लेकिन हां इतना बता सकता हूं में उससे दूर नहीं रह पाता । पता नही क्या हे क्या नहीं हे जो में उसने चाह कर भी अलग नही रह पाता । लेकिन दोस्त में जान गया हूं मेरे इस नाजायस प्यार से तुम्हे और बाकी लोगो को चोट पोहोचती है इसलिए में अपना प्यार दफन कर रहा हूं ।"
जिशू तपन का हाथ चूम के रोने लगा ।" नही यार । में समझता हूं पर क्या करे रिश्ते ही बेधंगा है इसलिए । पर कोई बात नही में समझता हूं । क्या मम्मी भी ।"
तपन ।" हा आंटी भी मुझसे प्यार करती हे ।"
शेतन ।" यार रूला दिया रे तुम लोगो ने ।"
जिशु ।" मम्मी खुश है तो में खुश । बस मुझे थोड़ा समय देना ।"
तपन ।" ये एहसान में जिंदगी भर नही चुका पाऊंगा दोस्त ।"
जिशू ।" मैने तुम्हारे मम्मी के जो किया वो । वो पाप में अब कैसे धोऊ "
तपन ।" मुझे अब कई शिकायत नही हे । पर माफ करना मम्मी का में कुछ नही कर सकता । तुमसे नफरत करती होगी या कोई सजा"
जिशू ।" हा में तैयार हूं जो भी फैला ले आंटी में मानने के लिए तैयार हूं माफ तो सायेद न करे । सजा भी दे तो मंजूर है ।"
विशू ।" तुम दोनो ही गिला शिकवा दूर करते रहोगे क्या । इस उल्लू के पट्टे को हमने छुपा के रखा इसलिए हम तीनो से नाराज़ है । उसको तो मनाओ लल्ला लड़ी कर के मेरे को जबरदस्त घुसा पड़ी ।"
जिशु और तपन शेतन की तरफ देखने लगता है तो शेतन जान बूझ कर नाराज होने का चहेरा बनाता है ।
तपन मजाक करते हुए बोला ।" एक बार ठीक होने दे फिर तेरी गांड मरता हूं ।"
शैतान अपनी हसी रोक नही पाया ।" साले तेरी किस्मत अच्छा है वरना ऐसा पेलता ना ।"
तभी डॉक्टर और नर्स आ जाते है और तीनो को विजिटिंग टाइम उप बोल के बाहर निकल देता है ।