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update_17 आनंद वीशाल के घर अदिति को दुलार करने पहुँचा
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विशाल को आनंद के मुँह से अदिति की तमैरीफ सुनकर बहुत अच्छा लगा और वो बहुत ही खुश हुआ। फिर उसने आनंद से कहा- “एक बात बताओ यार आनंद, जो तुमने उस आफिस की औरत के बारे में कहा था, क्या वैसा सोचोगे अदिति के बारे में?”
आनंद का चेहरा यह सुनकर लाल हो गया और उसे समझ में नहीं आ रहा था की क्या जवाब दे? विशाल को ओर झिझकते हुए देखकर कहा- “यार तुम मेरे दोस्त हो तो तुम्हारी बीवी के बारे में वैसा कैसे सोच सकता हूँ मैं? हाँ अगर अदिति तुम्हारी बीवी नहीं होती तो जरूर वैसा सोचता और कहता मैं। अफसोस की अदिति मेरे दोस्त की वाइफ है हेहेहेहे...”
विशाल मुश्कुराया और पूछा- “अगर यह तुम्हारा दोस्त तुमको उससे फ्लर्ट करने की इजाजत दे तो?”
आनंद थोड़ा सा मुश्कुराया और जवाब देने जा ही रहा था की अदिति के कदमों की आहट आते हुए सुनाई दी कारिडोर में तो दोनों चुप हो गये।
जब अदिति बीच वाले टेबल पर ग्लास रखने के लिए झुकी तो विशाल ने उसकी क्लीवेज को देखा और बेशक आनंद की नजरों का भी पीछा किया जिसकी नजर अदिति की लटकी हुई चूचियों पर थी। चूचियां उस वक़्त थोड़ा अदिति के बाल से ढकी हुई थीं, जो उस वक्त खुले थे और आनंद को क्लीवेज आधा ही नजर आया। आनंद को अदिति की ब्रा की एक कप पूरा दिखाई दिया और उसमें से निपल भी थोड़ा सा दिख गया, और आनंद खुद को संभाल नहीं सका। उसको सीट पर हिलते हए अपने लण्ड को पैंट में मैनेज करना पड़ा। क्योंकी बेशक उसका लण्ड खड़ा हो गया था।
अदिति विशाल के पास बैठ गई और विशाल शैम्पेन की बोतल खोल रहा था। जब विशाल बोतल खोलने में बिजी था तब तक आनंद ठरकी नजरों से अदिति कि जिश्म को नीचे से ऊपर तक घूर रहा था और अदिति कभी उसको तो कभी विशाल के चेहरे में देख रही थी। अदिति को पता था की आनंद उसके जिश्म को घूर रहा है। वो अपने चेहरे पर एक मुश्कान सजाई हुई थी और रह-रहकर आनंद को झाँक लिया करती थी।
आनंद सोचने लगा- “क्यों विशाल अपनी बीवी के बारे में वैसा बोल रहा था उससे? क्यों अदिति ने ऐसे कपड़े पहने हैं, जबकी उसको पता था की मैं आने वाला हूँ? क्यों विशाल ने पूछा की मैं क्या करूँगा अगर वो मुझको अपनी वाइफ से फ्लर्ट करने देगा? क्या करना चाहते हैं यह दोनों? क्या इरादा है इनका? मुझे विशाल को क्या जवाब देना चाहिए? कहीं वो मुझको आजमा तो नहीं रहा है? क्या वो देखना चाहता है की कहीं मैं उसकी वाइफ पर लाइन तो नहीं मारूँगा? और अगर मैंने उसको हाँ में जवाब दिया तो क्या होगा? अगर उसने मुझको गालियां देते हुए घर से बेइज्जत करके निकाला तो? तब तो वो कल आफिस में सबको बता देगा की मैं उसकी बीवी पर बुरी नजर रखता हूँ। ओहह... नो। नहीं आफिस में मेरी कितनी इज्जत है। मुझको इस सिचुयेशन से निकलना चाहिए। मैं अपने इज्जत को खोना नहीं चाहता..."
विशाल ग्लास भर रहा था, और अदिति ने ग्लास को अपने हाथ में पकड़ा हुआ था। वो उसके लिए थी सिर्फ एक चूंट पीने के लिए, क्योंकी वो शराब पीना पसंद नहीं करती बिल्कुल। उसने विशाल से कहा था की विशाल का बर्थ-डे था तो उसको खुश करने के लिए थोड़ा सा शैम्पेन पिएगी।
और फिर दो और ग्लास भरे गये। तीनों ने चियर्स किए और शैम्पेन पीने लगे विशाल को विश करते हुए। आनंद की नजरों ने अदिति को एक पल के लिए भी नहीं छोड़ा, और विशाल उसको देख रहा था रह-रहकर।
अदिति भी बार-बार आनंद को देखते हए सोच रही थी की किस तरह रात को- “आनंदजी, आनंदजी, ऐसा मत करो, वैसा मत करो मेरा पति आ जाएगा। हाँ इसको और मेरे अंदर डालो मजा आ रहा है आनंदजी..” यह सब सोचते हुए अदिति एक बार जोर से हँसी।
आनंद और विशाल दोनों ने उससे पूछा- “क्या बात है क्यों हँसी वो?"
अदिति ने उनको नजर अंदाज करने को कहा- “क्योंकी मैं एक जोक को सोच रही थी उस वक्त..."
थोड़ी देर बाद अदिति को किचेन से कुछ और लाना था, तो वो गई तो आनंद और विशाल अकेले हो गए।
विशाल ने कहा- “मैं तुमको इजाजत देता हूँ उसके साथ कुछ भी बात करने को, सेक्सुअल या कुछ भी, बस मेरे सामने मत करना, मैं छत पर सिगरेट पीने जाऊँगा तब तुम करना, जो भी जी में आए करना। वो कुछ नहीं कहेगी। तुम उससे कोई भी बात करो। मेरा यकीन करो, बस सिर्फ मेरे सामने कोई ऐसी वैसी बात मत करना। तुम उसको छू भी सकते हो। मुझे यकीन है वो कुछ नहीं कहेगी। मैं उसको बेहतर जानता हूँ। मगर याद रहे सिर्फ मेरी गैरहाजिरी में। ओके आनंद?"
यह सब सुनकर आनंद को अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था, तो पूछा- “विशाल वो तुम्हारी बीवी ही है या कोई और यार? सच बताओ यार मजाक मत करो प्लीज..” ।
विशाल बोला- “तुम हमारी शादी की फोटोस देखना चाहते हो? रुको..” फिर उसने अदिति को आवाज देते हुए
कहा- “अदिति, हमारे शादी वाले फोटो अल्बम तो लाना जरा, आनंद फोटो देखेंगे..."
अदिति ने किचेन से जवाब दिया- “ठीक है लाती हूँ, बस यह काम पूरा कर लूँ जरा...”
आनंद ने कहा- “अगर वो तुम्हारी वाइफ है तो क्यों तुम.......” और इससे पहले की आनंद जुमला खतम करता विशाल ने बीच में उसको …….
विशाल- “यार तुम बस वो करो जो मैं कह रहा हूँ। कल तुमको सब समझा दूंगा। मगर अभी के लिए वो तो करो, जो करने को कह रहा हूँ ना यार.”
आनंद ने पूछा- “आर यू श्योर विशाल?"
विशाल ने कहा- “आई आम डैम श्योर। यार गो अहेड जस्ट गो अहेड और ये करो इट। भूल जाओ की वो मेरी बीवी है। बस ऐसा सोचो की वो आफिस वाली औरत है जिसको तू निहार रहा था और यहाँ शुरुवात करो अदिति को वो औरत समझकर। जब मैं तुम दोनों के बीच नहीं हूँ तो मुझको भूल जाओ तुम। जब-जब मैं बाहर जाऊँ तुम कुछ अलग ट्राई करो अदिति के साथ। उसकी खूबसूरती की तारीफ करो, उसको बोलो की वो सेक्सी और
हाट दिख रही है, बोलो की वो आकर्षक है और उसको छूने की कोशिश करो। फिर देखना उसकी क्या जवाब होती है? देखना नाराज नहीं होगी और कुछ खास नहीं कहेगी तुमको। मैं जानता हूँ उसे। अब इसलिए की मैं यहीं कहीं हूँ, इसलिए हो सकता है थोड़ा घबराएगी। मगर तुम्हारे छूने से उसको बिल्कुल ऐतराज नहीं होगा आई आम श्योर। उसके करीब जाओ, और ज्यादा करीब जाने की कोशिश करो। समझ गये आनंद यारा?"
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विशाल को आनंद के मुँह से अदिति की तमैरीफ सुनकर बहुत अच्छा लगा और वो बहुत ही खुश हुआ। फिर उसने आनंद से कहा- “एक बात बताओ यार आनंद, जो तुमने उस आफिस की औरत के बारे में कहा था, क्या वैसा सोचोगे अदिति के बारे में?”
आनंद का चेहरा यह सुनकर लाल हो गया और उसे समझ में नहीं आ रहा था की क्या जवाब दे? विशाल को ओर झिझकते हुए देखकर कहा- “यार तुम मेरे दोस्त हो तो तुम्हारी बीवी के बारे में वैसा कैसे सोच सकता हूँ मैं? हाँ अगर अदिति तुम्हारी बीवी नहीं होती तो जरूर वैसा सोचता और कहता मैं। अफसोस की अदिति मेरे दोस्त की वाइफ है हेहेहेहे...”
विशाल मुश्कुराया और पूछा- “अगर यह तुम्हारा दोस्त तुमको उससे फ्लर्ट करने की इजाजत दे तो?”
आनंद थोड़ा सा मुश्कुराया और जवाब देने जा ही रहा था की अदिति के कदमों की आहट आते हुए सुनाई दी कारिडोर में तो दोनों चुप हो गये।
जब अदिति बीच वाले टेबल पर ग्लास रखने के लिए झुकी तो विशाल ने उसकी क्लीवेज को देखा और बेशक आनंद की नजरों का भी पीछा किया जिसकी नजर अदिति की लटकी हुई चूचियों पर थी। चूचियां उस वक़्त थोड़ा अदिति के बाल से ढकी हुई थीं, जो उस वक्त खुले थे और आनंद को क्लीवेज आधा ही नजर आया। आनंद को अदिति की ब्रा की एक कप पूरा दिखाई दिया और उसमें से निपल भी थोड़ा सा दिख गया, और आनंद खुद को संभाल नहीं सका। उसको सीट पर हिलते हए अपने लण्ड को पैंट में मैनेज करना पड़ा। क्योंकी बेशक उसका लण्ड खड़ा हो गया था।
अदिति विशाल के पास बैठ गई और विशाल शैम्पेन की बोतल खोल रहा था। जब विशाल बोतल खोलने में बिजी था तब तक आनंद ठरकी नजरों से अदिति कि जिश्म को नीचे से ऊपर तक घूर रहा था और अदिति कभी उसको तो कभी विशाल के चेहरे में देख रही थी। अदिति को पता था की आनंद उसके जिश्म को घूर रहा है। वो अपने चेहरे पर एक मुश्कान सजाई हुई थी और रह-रहकर आनंद को झाँक लिया करती थी।
आनंद सोचने लगा- “क्यों विशाल अपनी बीवी के बारे में वैसा बोल रहा था उससे? क्यों अदिति ने ऐसे कपड़े पहने हैं, जबकी उसको पता था की मैं आने वाला हूँ? क्यों विशाल ने पूछा की मैं क्या करूँगा अगर वो मुझको अपनी वाइफ से फ्लर्ट करने देगा? क्या करना चाहते हैं यह दोनों? क्या इरादा है इनका? मुझे विशाल को क्या जवाब देना चाहिए? कहीं वो मुझको आजमा तो नहीं रहा है? क्या वो देखना चाहता है की कहीं मैं उसकी वाइफ पर लाइन तो नहीं मारूँगा? और अगर मैंने उसको हाँ में जवाब दिया तो क्या होगा? अगर उसने मुझको गालियां देते हुए घर से बेइज्जत करके निकाला तो? तब तो वो कल आफिस में सबको बता देगा की मैं उसकी बीवी पर बुरी नजर रखता हूँ। ओहह... नो। नहीं आफिस में मेरी कितनी इज्जत है। मुझको इस सिचुयेशन से निकलना चाहिए। मैं अपने इज्जत को खोना नहीं चाहता..."
विशाल ग्लास भर रहा था, और अदिति ने ग्लास को अपने हाथ में पकड़ा हुआ था। वो उसके लिए थी सिर्फ एक चूंट पीने के लिए, क्योंकी वो शराब पीना पसंद नहीं करती बिल्कुल। उसने विशाल से कहा था की विशाल का बर्थ-डे था तो उसको खुश करने के लिए थोड़ा सा शैम्पेन पिएगी।
और फिर दो और ग्लास भरे गये। तीनों ने चियर्स किए और शैम्पेन पीने लगे विशाल को विश करते हुए। आनंद की नजरों ने अदिति को एक पल के लिए भी नहीं छोड़ा, और विशाल उसको देख रहा था रह-रहकर।
अदिति भी बार-बार आनंद को देखते हए सोच रही थी की किस तरह रात को- “आनंदजी, आनंदजी, ऐसा मत करो, वैसा मत करो मेरा पति आ जाएगा। हाँ इसको और मेरे अंदर डालो मजा आ रहा है आनंदजी..” यह सब सोचते हुए अदिति एक बार जोर से हँसी।
आनंद और विशाल दोनों ने उससे पूछा- “क्या बात है क्यों हँसी वो?"
अदिति ने उनको नजर अंदाज करने को कहा- “क्योंकी मैं एक जोक को सोच रही थी उस वक्त..."
थोड़ी देर बाद अदिति को किचेन से कुछ और लाना था, तो वो गई तो आनंद और विशाल अकेले हो गए।
विशाल ने कहा- “मैं तुमको इजाजत देता हूँ उसके साथ कुछ भी बात करने को, सेक्सुअल या कुछ भी, बस मेरे सामने मत करना, मैं छत पर सिगरेट पीने जाऊँगा तब तुम करना, जो भी जी में आए करना। वो कुछ नहीं कहेगी। तुम उससे कोई भी बात करो। मेरा यकीन करो, बस सिर्फ मेरे सामने कोई ऐसी वैसी बात मत करना। तुम उसको छू भी सकते हो। मुझे यकीन है वो कुछ नहीं कहेगी। मैं उसको बेहतर जानता हूँ। मगर याद रहे सिर्फ मेरी गैरहाजिरी में। ओके आनंद?"
यह सब सुनकर आनंद को अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था, तो पूछा- “विशाल वो तुम्हारी बीवी ही है या कोई और यार? सच बताओ यार मजाक मत करो प्लीज..” ।
विशाल बोला- “तुम हमारी शादी की फोटोस देखना चाहते हो? रुको..” फिर उसने अदिति को आवाज देते हुए
कहा- “अदिति, हमारे शादी वाले फोटो अल्बम तो लाना जरा, आनंद फोटो देखेंगे..."
अदिति ने किचेन से जवाब दिया- “ठीक है लाती हूँ, बस यह काम पूरा कर लूँ जरा...”
आनंद ने कहा- “अगर वो तुम्हारी वाइफ है तो क्यों तुम.......” और इससे पहले की आनंद जुमला खतम करता विशाल ने बीच में उसको …….
विशाल- “यार तुम बस वो करो जो मैं कह रहा हूँ। कल तुमको सब समझा दूंगा। मगर अभी के लिए वो तो करो, जो करने को कह रहा हूँ ना यार.”
आनंद ने पूछा- “आर यू श्योर विशाल?"
विशाल ने कहा- “आई आम डैम श्योर। यार गो अहेड जस्ट गो अहेड और ये करो इट। भूल जाओ की वो मेरी बीवी है। बस ऐसा सोचो की वो आफिस वाली औरत है जिसको तू निहार रहा था और यहाँ शुरुवात करो अदिति को वो औरत समझकर। जब मैं तुम दोनों के बीच नहीं हूँ तो मुझको भूल जाओ तुम। जब-जब मैं बाहर जाऊँ तुम कुछ अलग ट्राई करो अदिति के साथ। उसकी खूबसूरती की तारीफ करो, उसको बोलो की वो सेक्सी और
हाट दिख रही है, बोलो की वो आकर्षक है और उसको छूने की कोशिश करो। फिर देखना उसकी क्या जवाब होती है? देखना नाराज नहीं होगी और कुछ खास नहीं कहेगी तुमको। मैं जानता हूँ उसे। अब इसलिए की मैं यहीं कहीं हूँ, इसलिए हो सकता है थोड़ा घबराएगी। मगर तुम्हारे छूने से उसको बिल्कुल ऐतराज नहीं होगा आई आम श्योर। उसके करीब जाओ, और ज्यादा करीब जाने की कोशिश करो। समझ गये आनंद यारा?"