यह सुनकर अदिति के दिल में एक टीस सी उठी। टीस इस तरह की सेक्सुअल, उतेजित होने वाली टीस। उसके खयाल में यह बात आई की पति के होते हुए बाहर बायफ्रेंड के साथ होना। अदिति ने तुरंत सोचा की अगर विशाल को पता चला तो एक और नया रोल-प्ले खेलेगा रात को बायफ्रेंड वाला। लग रहा था की अदिति अब विशाल के रंगों में ढल गई है, क्योंकी अब विशाल की तरह सोचने भी लग गई है। रोल-प्ले करना हर रात को, अब इसका असर होने लगा था अदिति पर शायद, और उसको सेक्स के बारे में सोचना हर बात पर, विशाल के लिए पाजिटिव काम कर रहा था अदिति के दिमाग पर। मगर इसका विशाल को पता नहीं था, बहुत खुश होता
वो अगर उसको पता चलता की अदिति क्या-क्या सोचने लगी है अब।
विशाल वापस आ रहा था काम से और सोचा की एक बार और अदिति को दूरबीन से देखे। और विशाल को हेरानी हुई यह देखकर की अदिति बाल्कनी में मोबाइल पर किसी से बातें कर रही थी। विशाल सोचने लगा की अदिति किससे बात कर रही थी मोबाइल पर, वो भी छत पर बाहर खड़ी होकर? लंच टाइम में भी किसी से बात कर रही थी और अब भी। विशाल बहुत हैरान हुआ। वो आनंद को सोचने लगा की कहीं आनंद तो नहीं बात कर रहा अदिति से? उसने सोचा क्या पता आनंद को नंबर मिल गया हो उस अनरजिस्टर्ड सिम से। क्योंकी दो बार उसने अदिति से बात किया था उस फोन से। सिर्फ यह सोचकर की अदिति आनंद के साथ सेक्सुअल बातें कर रहा है, विशाल का खड़ा हो गया और एक बार बस ऐसा सोचने से।
विशाल ने देखना जारी रखा दूरबीन से और नोटिस किया के अदिति बात करते वक्त नीचे की तरफ देख रही थी जैसे कोई गेट के पास से उससे बातें कर रहा था। और सोचा- “क्या आनंद उससे पहले यहाँ पहुँच गया क्या? या आनंद ने अदिति को अपना फोन नंबर दिया था और मुझे पता नहीं? यह हो सकता है क्या? हाँ हाँ कुछ भी हो सकता है। अगर एक बीवी अपने पति से कुछ छुपाना चाहे तो छुपा सकती है.."
विशाल ने सोचा की आज रात को यही रोल-प्ले खेलेगा अदिति के साथ की आनंद ने उसको फोन नंबर दिया है
और सेक्स चैट करेगा अदिति के साथ। विशाल देखना चाहता था की अदिति कौन से शब्दों का इश्तेमाल करेगी उस चैट में? क्या वैसे ही गरमा गरम जवाब देगी, जैसे कल रात को दिया था?
जिस जगह पर विशाल था वहाँ से सिर्फ अपार्टमेंट का ऊपर वाला हिस्सा देख सकता था, और तकरीबन सभी बाल्कनियों को, मगर नीचे का हिस्सा नहीं दिखता था उसे, जहाँ गेट और पार्किंग हैं। उसने सोचा की अदिति से काल के बारे में नहीं पूछेगा। देखना चाहता था की अदिति अपने आप बताती है उसे या नहीं?
अदिति ने ओम को एक जवाब देते हुए कहा- “और तुम चाहते हो की मैं तुम्हारा यकीन करूँ की तुम उन जवान औरतों से फ्लर्ट नहीं करते हो जिनके बायफ्रेंड हैं बाहर? उन लोगों पटाना बहुत अाससन है ना ओम?”
ओम- “ओह्ह... नहीं मेडमजी। मैं तो उन लोगों से बात भी नहीं करता, वह लोग अपने आपको बहुत बड़ा समझते हैं, और मुझको नीच समझते हैं। मैं एक मामूली वाचमैन जो ठहरा यहाँ का, मुझको वह लोग अपना नौकर समझते हैं, वो मेरा मालिक समझते हैं अपने आपको। मगर आप वैसी नहीं हो, आप बहुत अच्छी लगती हो। इसीलिए आपसे बातें करना पसंद करता हूँ मैं.."
अदिति- “हम्म... तो तुम मेरे अच्छी होने का गलत फायदा उठा रहे हो, मुझसे हर तरह की बातें करके?"
ओम- “नहीं मेडमजी, आप मुझे गलत मत समझिये प्लीज..."
अदिति- “तुम्हारी उमर क्या है ओम? जवान लगते हो, तुमको शादी कर लेनी चाहिए और अपनी पत्नी होनी चाहिए, तब खुश रहोगे, मजा करोगे और दूसरों के बीवियों के साथ फ्लर्ट नहीं करनी पड़ेगी तुमको...” यह कहकर अदिति खिलखिलाकर हँस पड़ी।
ओम- “ओह्ह... मेडमजी मुझे आपकी हँसी बेहद पसंद है, कितना अच्छा लगता है आपको ऐसे हँसते हुए सुनना, वाह क्या बात है जी। हमेशा हँसते रहना मेडम आपको बहुत सजता है ऐसे हँसना। आपकी पर्सनालिटी को आपका ऐसे हँसना चार चाँद लगा देता है। मैं 23 साल का हूँ मेडमजी और मुझको मेरे सपनों की रानी नहीं मिल रही है शादी करने को। आपकी कोई बहन है क्या मेडमजी? आप पर्फेक्ट टाइप की वाइफ हो जो मुझे चाहिए। क्यों मैं आपसे आपकी शादी होने से पहले नहीं मिला मेडमजी, मेरा बैडलक अदिति जी...”
अदिति जोर से हँसी, जब ओम ने पूछा की उसकी कोई बहन नहीं है।
विशाल को ये देखकर ज्यादा ताज्जुब हआ। वो सिर्फ विशाल के साथ वैसे हँसती है, विशाल को लगा था की वो किसी बहत करीबी वाले के साथ बात कर रही थी। किसी गैर के साथ तो वो वैसे बात नहीं कर सकती। विशाल पागल होने लगा और ड्राइव करने लगा घर जाने को, और देखने के लिए की अदिति किससे बात कर रही है।
*****
*****