31
विक्की
परसों शाम को हम दोनों को मम्मियां एक बढ़िया salon में ले गई और हमारे बालों को कॉलेज के लिए स्टाइलिश लुक दिया। श्वेता मम्मी ने कहा कि उनके बच्चों को कोई घोंचू नहीं बुलाएगी। मम्मी ने हंसते हुए कहा कि उसने पापा को पहली बार देख कर यही कहा था पर अब उनका बच्चा कॉलेज जायेगा।
हंसी मजाक के साथ हमारे लिए नए कपड़े, बैग और बाकी समान लिया गया। घर पहुंचते ही खाना खाने बैठ गए और लक्ष्मी आंटी के हाथ का खाना उसकी याद दिला गया। सन्नी की हालत कुछ अलग नहीं थी तो हमें तसल्ली थी कि कोई हमारी बात समझ सकता है।
कल सुबह सबके जाने के बाद हम दोनों बाइक सवार होकर शहर के दूसरे कोने पहुंचे। वहां हम ने कंडोम का variety pack खरीद लिया और लक्ष्मी आंटी से मिलने लौट आए।
लक्ष्मी आंटी ने हमारे नए रूप को सराहा और हमें गले लगाते हुए कहा कि अब हम कॉलेज की नकचढ़ी लड़कियों को पटाने के लिए तयार हैं। कल दोपहर लक्ष्मी आंटी ने पहले अपना पूरा काम निपटा दिया और मेरे कमरे में सन्नी को बुला लिया।
लक्ष्मी आंटी ने कहा, "बाबू, कल मैं गुस्से में थी और मैंने बिना सोचे कंडोम खरीद लिए। आज मेरे पास वो नहीं है।
मैंने भी बाद में सोचा और आप ने सही कहा था। आप कॉलेज जाओगे तो मैं भी यहां कॉलेज जाऊंगी। जब तक आप लौटोगे मैं भी अपने बच्चे को बड़ा बनाने के काबिल हो जाऊंगी। हमारा बच्चा भी बड़े कॉलेज में जाएगा।
उफ्फ. मैं भी किस बात पर अटक गई। मेरा मतलब है कि आप दोनों आज सिर्फ मेरी गांड़ मारो। ठीक है?"
कमिने तो हम हैं ही। तो हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को नंगा करके अपने लौड़े बारी बारी उसकी गांड़ में चलाए। लक्ष्मी आंटी ने मज़े लेते हुए अपनी कमर उठकर पूरे जोश से अपनी गांड़ को हमारे लौड़े की भेट चढ़ा दी। लक्ष्मी आंटी को हम नहीं छोड़ते पर पप्पू के घर आने का वक्त हो गया और लक्ष्मी आंटी को जाना पड़ा। लड़खड़ाते कदमों से चलती लक्ष्मी आंटी को हमने बताया की आज हम दोनों ने कंडोम का बड़ा पैकेट खरीद लिया है।
लक्ष्मी आंटी ने बदले से भरी नजर से देखते हुए कहा, "मैं कल सुबह जल्दी आउंगी। आप दोनों शैतानों से मुझे हिसाब बराबर करना है।"
आज सुबह पापा मम्मी के जाने के बाद मैंने और सन्नी ने घर की साफ सफाई कर ली ताकि लक्ष्मी आंटी को हिसाब बराबर करने के लिए ज्यादा वक्त मिले। लक्ष्मी आंटी भी वादे के मुताबिक जल्दी आ गई और हमारी मदद से कुछ ही देर में काम पूरा हो गया।
लक्ष्मी आंटी मेरे बेडरूम में किसी रानी की तरह दाखिल हुई तो हम दोनों उसके आदेश का इंतजार करने लगे। लक्ष्मी आंटी ने पैकेट अपने हाथों में लिया और अलग अलग तरह के कंडोम का मतलब पूछने लगी।
लक्ष्मी आंटी ने हमें कपड़े उतारने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने मुझे पान मसाला कंडोम पहनाया, तो सन्नी को केला कंडोम पहनाया। लक्ष्मी आंटी ने हमें बेड के किनारे बिठाया और खुद हमारे कदमों में बैठ कर हमारे लौड़े चूसने लगा। लक्ष्मी आंटी ने अच्छे से चूसा और चिढ़ाया पर झडने से पहले रुक गई।
लक्ष्मी आंटी बोली, "इन दोनों का स्वाद उतर गया है। कुछ और लगाते हैं।"
लक्ष्मी आंटी ने फिर मुझे स्ट्रॉबेरी पहनाया और सन्नी को आम पहनाया। लक्ष्मी आंटी ने अपने होंठ और हाथों से हम दोनों को सुख के कगार पर खड़ा कर गिरने से रोक रखा था।
"लक्ष्मी आंटी, अब और मत तड़पाओ। छूट जाने दो ना।"
लक्ष्मी आंटी ने कड़े स्वर में कहा, "दुबारा अपनी लक्ष्मी आंटी से कुछ छिपाओगे?"
हम दोनों ने सर हिलाकर ना कहा तो लक्ष्मी आंटी ने अपने होंठ मेरे लौड़े पर रख कर चूसा। मेरा रस कंडोम के अंदर भर रहा था कि लक्ष्मी आंटी ने सन्नी को भी झड़ा दिया। हम दोनों बेड पर लेट गए तो लक्ष्मी आंटी ने अपने कपड़े उतार फेंके और हम दोनों से कहा,
"चलो उठो!! बताओ ये long lasting कितनी देर तक काम करता है?"
हम दोनों ने कहा कि हम नहीं जानते तो लक्ष्मी आंटी ने 2 पैकेट खोलकर कहा, "पता लगाना चाहते हो?"
नेकी और पूछ पूछ?
हम दोनों कंडोम पहन कर लेट गए। लक्ष्मी आंटी ने अपने घुटनों को मेरी कमर के दोनों तरफ रखते हुए अपनी चूत के मुंह पर मेरा सुपाड़ा रखा। मेरी आंखों में देखते हुए लक्ष्मी आंटी ने कहा,
"खबरदार अगर जरा भी हिले डुले। चुप चाप पड़े रहो।"
लक्ष्मी आंटी के इशारे पर सन्नी ने पीछे से लक्ष्मी आंटी की गांड़ पर अपना लौड़ा लगाया। लक्ष्मी आंटी ने अपने हाथ के इशारे से उसे भी रोक दिया। हम दोनों के सुपाड़े लक्ष्मी आंटी के गरमी से भरे खजाने के दरवाजों पर दस्तक देकर खड़े थे।
लक्ष्मी आंटी ने एक गहरी सांस लेते हुए मेरी आंखों में देखा और बैठ गई।
मां. अन्हह. हां. आह.
लक्ष्मी आंटी ने अपने दोनों छेद हमारे लौड़ों से भर दिए और अब गहराई में उनके एहसास का मज़ा लेते हुए बैठ गई।
लक्ष्मी आंटी ने कहा, "पता है, इन कंडोम पर बने छोटे छोटे नक्काशी से मेरे अंदर तक आप दोनों के लौड़े कुछ अलग ही मजा देते हैं। उफ्फ. काश कि यह पल यहीं रुक जाए। मुझे प्यार करो बाबू। मुझे चोदो बाबू! मुझे फ़ाड़ दो!!!"
हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को पकड़ लिया। मैंने लक्ष्मी आंटी का झूलते मस्त गोले पकड़ लिए तो सन्नी ने लक्ष्मी आंटी के कंधे पकड़ लिए। लक्ष्मी आंटी ने हमें अभी चूसा था और उपर से long lasting condom पहनाया था। वक़्त तो लगना था। 10 मिनट लक्ष्मी आंटी को चोदने के बाद सन्नी थकने लगा और मैं उसकी जगह लेने के लिए तयार था।
सन्नी ने अपने बदन से लक्ष्मी आंटी को हम दोनों के बीच दबा दिया। बिना अपनी ताल बदले लक्ष्मी आंटी के साथ हम ने पलटी मारी। अब सन्नी पीठ पर लेटे हुए लक्ष्मी आंटी की गांड़ मार रहा था और लक्ष्मी आंटी अपने पैरों से अपनी कमर उठकर मुझसे अपनी चूत मरवा रही थी।
लक्ष्मी आंटी ने मेरी आंखों में देखते हुए अपनी कमर हिलाई और हम दोनों से एक साथ चुधाते हुए झड़ने लगी। सन्नी और मैंने भी ठान ली थी कि long lasting condom पहनाया है तो उसमें ही झड़ेंगे। 10 मिनट और लक्ष्मी आंटी झडते हुए जम कर चुधी। लक्ष्मी आंटी कभी मेरा नाम लेती, तो कभी सन्नी का पर चीखती रही। आखिर में सन्नी ने लक्ष्मी आंटी का नाम लेते हुए अपनी तोप चला दी। लक्ष्मी आंटी सन्नी के बदन पर लेट गई और मैं उसकी चूत को चोदता रहा। 1 मिनट बाद मैंने भी कंडोम भर दिया और लक्ष्मी आंटी की चूचियों को चूमते हुए सुस्ताया।
लक्ष्मी आंटी ने मेरे बालों में उंगलियां घुसा कर मेरे गाल को चूमते हुए कहा, "आप दोनों बड़े वो हो। ऐसे लगा जैसे. पप्पुजी!!"
लक्ष्मी आंटी के हाथ पैर ठंडे पड़ गए। मैंने मुड़कर देखा तो दरवाजे में एक हट्टा कट्टा आदमी खड़ा था। मैं लक्ष्मी आंटी के नंगे बदन को अपने नीचे छुपाने लगा तो उसने कहा,
"कपड़े पहन कर बाहर आ जाओ। मैं खाना परोसता हूं।"
विक्की
परसों शाम को हम दोनों को मम्मियां एक बढ़िया salon में ले गई और हमारे बालों को कॉलेज के लिए स्टाइलिश लुक दिया। श्वेता मम्मी ने कहा कि उनके बच्चों को कोई घोंचू नहीं बुलाएगी। मम्मी ने हंसते हुए कहा कि उसने पापा को पहली बार देख कर यही कहा था पर अब उनका बच्चा कॉलेज जायेगा।
हंसी मजाक के साथ हमारे लिए नए कपड़े, बैग और बाकी समान लिया गया। घर पहुंचते ही खाना खाने बैठ गए और लक्ष्मी आंटी के हाथ का खाना उसकी याद दिला गया। सन्नी की हालत कुछ अलग नहीं थी तो हमें तसल्ली थी कि कोई हमारी बात समझ सकता है।
कल सुबह सबके जाने के बाद हम दोनों बाइक सवार होकर शहर के दूसरे कोने पहुंचे। वहां हम ने कंडोम का variety pack खरीद लिया और लक्ष्मी आंटी से मिलने लौट आए।
लक्ष्मी आंटी ने हमारे नए रूप को सराहा और हमें गले लगाते हुए कहा कि अब हम कॉलेज की नकचढ़ी लड़कियों को पटाने के लिए तयार हैं। कल दोपहर लक्ष्मी आंटी ने पहले अपना पूरा काम निपटा दिया और मेरे कमरे में सन्नी को बुला लिया।
लक्ष्मी आंटी ने कहा, "बाबू, कल मैं गुस्से में थी और मैंने बिना सोचे कंडोम खरीद लिए। आज मेरे पास वो नहीं है।
मैंने भी बाद में सोचा और आप ने सही कहा था। आप कॉलेज जाओगे तो मैं भी यहां कॉलेज जाऊंगी। जब तक आप लौटोगे मैं भी अपने बच्चे को बड़ा बनाने के काबिल हो जाऊंगी। हमारा बच्चा भी बड़े कॉलेज में जाएगा।
उफ्फ. मैं भी किस बात पर अटक गई। मेरा मतलब है कि आप दोनों आज सिर्फ मेरी गांड़ मारो। ठीक है?"
कमिने तो हम हैं ही। तो हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को नंगा करके अपने लौड़े बारी बारी उसकी गांड़ में चलाए। लक्ष्मी आंटी ने मज़े लेते हुए अपनी कमर उठकर पूरे जोश से अपनी गांड़ को हमारे लौड़े की भेट चढ़ा दी। लक्ष्मी आंटी को हम नहीं छोड़ते पर पप्पू के घर आने का वक्त हो गया और लक्ष्मी आंटी को जाना पड़ा। लड़खड़ाते कदमों से चलती लक्ष्मी आंटी को हमने बताया की आज हम दोनों ने कंडोम का बड़ा पैकेट खरीद लिया है।
लक्ष्मी आंटी ने बदले से भरी नजर से देखते हुए कहा, "मैं कल सुबह जल्दी आउंगी। आप दोनों शैतानों से मुझे हिसाब बराबर करना है।"
आज सुबह पापा मम्मी के जाने के बाद मैंने और सन्नी ने घर की साफ सफाई कर ली ताकि लक्ष्मी आंटी को हिसाब बराबर करने के लिए ज्यादा वक्त मिले। लक्ष्मी आंटी भी वादे के मुताबिक जल्दी आ गई और हमारी मदद से कुछ ही देर में काम पूरा हो गया।
लक्ष्मी आंटी मेरे बेडरूम में किसी रानी की तरह दाखिल हुई तो हम दोनों उसके आदेश का इंतजार करने लगे। लक्ष्मी आंटी ने पैकेट अपने हाथों में लिया और अलग अलग तरह के कंडोम का मतलब पूछने लगी।
लक्ष्मी आंटी ने हमें कपड़े उतारने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने मुझे पान मसाला कंडोम पहनाया, तो सन्नी को केला कंडोम पहनाया। लक्ष्मी आंटी ने हमें बेड के किनारे बिठाया और खुद हमारे कदमों में बैठ कर हमारे लौड़े चूसने लगा। लक्ष्मी आंटी ने अच्छे से चूसा और चिढ़ाया पर झडने से पहले रुक गई।
लक्ष्मी आंटी बोली, "इन दोनों का स्वाद उतर गया है। कुछ और लगाते हैं।"
लक्ष्मी आंटी ने फिर मुझे स्ट्रॉबेरी पहनाया और सन्नी को आम पहनाया। लक्ष्मी आंटी ने अपने होंठ और हाथों से हम दोनों को सुख के कगार पर खड़ा कर गिरने से रोक रखा था।
"लक्ष्मी आंटी, अब और मत तड़पाओ। छूट जाने दो ना।"
लक्ष्मी आंटी ने कड़े स्वर में कहा, "दुबारा अपनी लक्ष्मी आंटी से कुछ छिपाओगे?"
हम दोनों ने सर हिलाकर ना कहा तो लक्ष्मी आंटी ने अपने होंठ मेरे लौड़े पर रख कर चूसा। मेरा रस कंडोम के अंदर भर रहा था कि लक्ष्मी आंटी ने सन्नी को भी झड़ा दिया। हम दोनों बेड पर लेट गए तो लक्ष्मी आंटी ने अपने कपड़े उतार फेंके और हम दोनों से कहा,
"चलो उठो!! बताओ ये long lasting कितनी देर तक काम करता है?"
हम दोनों ने कहा कि हम नहीं जानते तो लक्ष्मी आंटी ने 2 पैकेट खोलकर कहा, "पता लगाना चाहते हो?"
नेकी और पूछ पूछ?
हम दोनों कंडोम पहन कर लेट गए। लक्ष्मी आंटी ने अपने घुटनों को मेरी कमर के दोनों तरफ रखते हुए अपनी चूत के मुंह पर मेरा सुपाड़ा रखा। मेरी आंखों में देखते हुए लक्ष्मी आंटी ने कहा,
"खबरदार अगर जरा भी हिले डुले। चुप चाप पड़े रहो।"
लक्ष्मी आंटी के इशारे पर सन्नी ने पीछे से लक्ष्मी आंटी की गांड़ पर अपना लौड़ा लगाया। लक्ष्मी आंटी ने अपने हाथ के इशारे से उसे भी रोक दिया। हम दोनों के सुपाड़े लक्ष्मी आंटी के गरमी से भरे खजाने के दरवाजों पर दस्तक देकर खड़े थे।
लक्ष्मी आंटी ने एक गहरी सांस लेते हुए मेरी आंखों में देखा और बैठ गई।
मां. अन्हह. हां. आह.
लक्ष्मी आंटी ने अपने दोनों छेद हमारे लौड़ों से भर दिए और अब गहराई में उनके एहसास का मज़ा लेते हुए बैठ गई।
लक्ष्मी आंटी ने कहा, "पता है, इन कंडोम पर बने छोटे छोटे नक्काशी से मेरे अंदर तक आप दोनों के लौड़े कुछ अलग ही मजा देते हैं। उफ्फ. काश कि यह पल यहीं रुक जाए। मुझे प्यार करो बाबू। मुझे चोदो बाबू! मुझे फ़ाड़ दो!!!"
हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को पकड़ लिया। मैंने लक्ष्मी आंटी का झूलते मस्त गोले पकड़ लिए तो सन्नी ने लक्ष्मी आंटी के कंधे पकड़ लिए। लक्ष्मी आंटी ने हमें अभी चूसा था और उपर से long lasting condom पहनाया था। वक़्त तो लगना था। 10 मिनट लक्ष्मी आंटी को चोदने के बाद सन्नी थकने लगा और मैं उसकी जगह लेने के लिए तयार था।
सन्नी ने अपने बदन से लक्ष्मी आंटी को हम दोनों के बीच दबा दिया। बिना अपनी ताल बदले लक्ष्मी आंटी के साथ हम ने पलटी मारी। अब सन्नी पीठ पर लेटे हुए लक्ष्मी आंटी की गांड़ मार रहा था और लक्ष्मी आंटी अपने पैरों से अपनी कमर उठकर मुझसे अपनी चूत मरवा रही थी।
लक्ष्मी आंटी ने मेरी आंखों में देखते हुए अपनी कमर हिलाई और हम दोनों से एक साथ चुधाते हुए झड़ने लगी। सन्नी और मैंने भी ठान ली थी कि long lasting condom पहनाया है तो उसमें ही झड़ेंगे। 10 मिनट और लक्ष्मी आंटी झडते हुए जम कर चुधी। लक्ष्मी आंटी कभी मेरा नाम लेती, तो कभी सन्नी का पर चीखती रही। आखिर में सन्नी ने लक्ष्मी आंटी का नाम लेते हुए अपनी तोप चला दी। लक्ष्मी आंटी सन्नी के बदन पर लेट गई और मैं उसकी चूत को चोदता रहा। 1 मिनट बाद मैंने भी कंडोम भर दिया और लक्ष्मी आंटी की चूचियों को चूमते हुए सुस्ताया।
लक्ष्मी आंटी ने मेरे बालों में उंगलियां घुसा कर मेरे गाल को चूमते हुए कहा, "आप दोनों बड़े वो हो। ऐसे लगा जैसे. पप्पुजी!!"
लक्ष्मी आंटी के हाथ पैर ठंडे पड़ गए। मैंने मुड़कर देखा तो दरवाजे में एक हट्टा कट्टा आदमी खड़ा था। मैं लक्ष्मी आंटी के नंगे बदन को अपने नीचे छुपाने लगा तो उसने कहा,
"कपड़े पहन कर बाहर आ जाओ। मैं खाना परोसता हूं।"