तुमको मुझसे एक वादा करना होगा कि तुम आज जो हुआ वह या तुम अपने सेक्स वाली बात किसी को भी नहीं बताओगी अपने दोनों बहनों को भी नहीं मैं भी जानता हूं कि यह मुश्किल है लेकिन मैं भी तुम्हारी चुदाई की सभी बातें किसी को नहीं बताऊंगा।
तुम्हारी दोनों दिदियों में से किसी को भी नहीं यह सिर्फ हमारे पास राज रहेगा तुम उनके सामने कभी भी शो मत करना कि मेरे साथ तुम्हारा कोई गलत रिश्ता है अगर तुम मुझे आशा या निशा के साथ देखोगी कुछ भी करते हुए तो तुम उसको इग्नोर कर देना।
सारी बाते समझकर जगदीश राय वो वीडियो डिलीट कर देता है।फिर दोनों उस मोबाइल को चेक करते है उसके बहुत सारी ब्लू फिल्म थी।जिसमे बाप बेटी भाई बहन जैसी ब्लू फिल्में थी।जगदीश राय एक बाप बेटी की फ़िल्म प्ले कर देता है जिसे देखकर सशा गरम होने लगती है।
फ़िल्म बहुत ही गरम था।जिसे देखकर जगदीश राय का लंड पूरा रॉड बन जाता है।वह अपना लंड निकालकर सशा के हाथों में पकड़ा देता है।
सशा अपने पापा का लंड अपने हाथों में सहलाने लगती है उसको बहुत शर्म लग रहा था लेकिन ब्लू फिल्म देख कर वह बहुत गर्म हो चुकी थी।
वह धीरे से नीचे बैठ जाती है और अपने पापा के लंड को अपने कोमल हाथो से सहलाने लगती है जगदीश राय धीरे धीरे सशा के कपड़े निकालने लगता है।
वह सशा को पूरी नंगी कर देता है सशा की सूचियां बहुत ही मस्त थी जगदीश राय उसे मसलने लगता है फिर जगदीश राय अपने भी सारे कपड़े उतार देता है।
अब सशा ने जगदीश राय के लंड को थाम दुसरे हाथ से उसके सुपाडे को बहुत कोमलता से सहलाया ,
"आआह्ह्ह्ह... सशा" जगदीश राय के मुंह से एक हल्की सिसकारी निकल गयी।
सशा ने एक बार लंड की त्वचा को देखा और फिर जगदीश राय के चेहरे की तरफ देखते हुए नीचे झुककर अपने नर्म मुलायम होंठ उसके खड़े लंड के सुपाडे पर रख दिए
"उंहहहहह्ह्ह्हह"जगदीश राय धीमे से आहे भरने लगा
सशा के नाज़ुक गरम होंठ बहुत ही कोमलता से लंड की नर्म त्वचा को जगह जगह चूम रहे थे , धिमे धीमे लंड की कोमल त्वचा पर पुच पुच करती वो चुम्बन लेने लगी, जगदीश राय को अपनी बेटी के नाज़ुक होंठों का स्पर्श उस संवेंदनशील जगह पर बहुत ही प्यारा महसूस हो रहा था।
तुम्हारी दोनों दिदियों में से किसी को भी नहीं यह सिर्फ हमारे पास राज रहेगा तुम उनके सामने कभी भी शो मत करना कि मेरे साथ तुम्हारा कोई गलत रिश्ता है अगर तुम मुझे आशा या निशा के साथ देखोगी कुछ भी करते हुए तो तुम उसको इग्नोर कर देना।
सारी बाते समझकर जगदीश राय वो वीडियो डिलीट कर देता है।फिर दोनों उस मोबाइल को चेक करते है उसके बहुत सारी ब्लू फिल्म थी।जिसमे बाप बेटी भाई बहन जैसी ब्लू फिल्में थी।जगदीश राय एक बाप बेटी की फ़िल्म प्ले कर देता है जिसे देखकर सशा गरम होने लगती है।
फ़िल्म बहुत ही गरम था।जिसे देखकर जगदीश राय का लंड पूरा रॉड बन जाता है।वह अपना लंड निकालकर सशा के हाथों में पकड़ा देता है।
सशा अपने पापा का लंड अपने हाथों में सहलाने लगती है उसको बहुत शर्म लग रहा था लेकिन ब्लू फिल्म देख कर वह बहुत गर्म हो चुकी थी।
वह धीरे से नीचे बैठ जाती है और अपने पापा के लंड को अपने कोमल हाथो से सहलाने लगती है जगदीश राय धीरे धीरे सशा के कपड़े निकालने लगता है।
वह सशा को पूरी नंगी कर देता है सशा की सूचियां बहुत ही मस्त थी जगदीश राय उसे मसलने लगता है फिर जगदीश राय अपने भी सारे कपड़े उतार देता है।
अब सशा ने जगदीश राय के लंड को थाम दुसरे हाथ से उसके सुपाडे को बहुत कोमलता से सहलाया ,
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सशा ने एक बार लंड की त्वचा को देखा और फिर जगदीश राय के चेहरे की तरफ देखते हुए नीचे झुककर अपने नर्म मुलायम होंठ उसके खड़े लंड के सुपाडे पर रख दिए
"उंहहहहह्ह्ह्हह"जगदीश राय धीमे से आहे भरने लगा
सशा के नाज़ुक गरम होंठ बहुत ही कोमलता से लंड की नर्म त्वचा को जगह जगह चूम रहे थे , धिमे धीमे लंड की कोमल त्वचा पर पुच पुच करती वो चुम्बन लेने लगी, जगदीश राय को अपनी बेटी के नाज़ुक होंठों का स्पर्श उस संवेंदनशील जगह पर बहुत ही प्यारा महसूस हो रहा था।