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कड़ी_28 आनंद ने आफिस से अदिति को काल किया
वो पहली बार था की अदिति ने पिछवाड़े में एक लण्ड लिया। दर्द हआ। हाँ बस कुछ देर के लिए फिर थोड़ी देर में सब भूल गई, और दोनों को गहरी नींद आई एक दूजे को बाहों में लिए हुए।
दूसरे दिन आफिस में आनंद ने एक दूसरे दारू पार्टी के लिए विशाल से बात किया, और उस लड़की के बारे में भी बात किया आनंद ने, जिसको फोन करवाया था विशाल ने। आनंद विशाल को मनाने का ट्राई मार रहा था। क्योंकी वो दोबारा अदिति के साथ होना चाहता था, और असल बात तो यह थी की विशाल भी यही चाहता था। तो तय हआ की लंच टाइम पर विशाल अदिति को फोन करके एक और छोटी सी पार्टी के लिए बात करेगा।
और लंच टाइम में विशाल ने अदिति से बात किया। आनंद के आने से पहले यह थी बातचीत
विशाल- “हाय सेक्सी। हाउ आर यू? मेरी हाट वाइफ क्या कर रही है? मुझको याद कर रही है या अपने ससुर
को? हाँ?”
अदिति- “हाँ... मैं बूढ़े पापा को ही सोच रही हूँ सुबह से, क्योंकी उसने कल रात मुझको बहुत थकाया.."
यह सुनते ही विशाल का खड़ा हो गया और बोला- “अच्छा... मैंने इसलिए फोन किया की आनंद आज आना चाहता है एक ड्रिंक पार्टी के लिए, तो मैं चाहता हूँ की तुम सेक्सी ड्रेस पहनो और उस दिन की तरह उसको बहकाओ जान ओके?"
अदिति- “फिर से? मगर सुनो मैं तुमसे कहने वाली थी की तुम्हारे पापा ने सच में काल किया था, कुछ देर पहले, वो मुझसे बात कर रहे थे."
विशाल- “रियली? उसने काल क्यों किया? सब ठीक है ना उधर?"
अदिति- “हाँ सब ठीक है, हम दोनों को वीकेंड को इन्विटेशन मिली है वहाँ जाने को। फ्राइडे शाम को आने को आमंत्रित किया पापा ने, रोपाई की सेरेमनी के लिए। उनके यहाँ जो हर साल होता है। लीना और दीपक ने भी बात की मुझसे और किसी कीमत पर नहीं मिस करने को कहा। बहुत मजा आएगा, सबने कहा जरूर आने को। मुझे याद है पिछले साल बड़ा मजा आया था, खूब एंजाय किए थे हम सबने...”
विशाल- “मगर जान फ्राइडे को कैसे हम वहाँ जा सकते हैं? सटर्डे को मुझे आफिस जो जाना है...”
अदिति- “क्यों एक दिन के लिए तुम वहीं से आफिस नहीं जा सकते हो क्या? मेरे लिए कर देना ना... मैं वहाँ तीन दिन बिताना चाहती हैं। हाँ बोलो प्लीज प्लीज...”
विशाल का शैतानी दिमाग काम करने लगा, उसने सोचा की वो सटर्डे को अदिति को उन सबके बीच अकेली छोड़कर आफिस चला जाएगा। उसका बाप, राकेश और दीपक घर पर होंगे सबके सब। और कहा- “अच्छा ठीक है देखते हैं कैसे मनेज करेंगे? अगर फ्राइडे को ही जाना चाहती हो तो जब मैं आफिस से वापस आऊँगा तो चलेंगे वहाँ। मगर आज शाम के लिए बोलो ठीक है ना? आनंद आ रहा है...”
अदिति ने दिमाग चलाते हुए थोड़ा हिचकिचाहट से कहा- “फिर से? अभी दो दिन पहले ही तो आए थे आनंदजी, क्यों इतनी जल्दी? क्यों ना गाँव से वापस आने के बाद इस प्रोग्राम को रखें, मैं वो पसंद करूँगी। तुम क्या कहते हो विशाल?"
जहाँ तक सेक्स वाली बात है विशाल अदिति को जल्दबाजी में नहीं कुछ करवाना चाहता था। तो वो मान गया जो अदिति कह रही थी उससे। विशाल ने सोचा अगर अदिति नहीं चाहती है की आनंद आए तो मजा नहीं आएगा, वो चाहता था की अदिति खुद खुशी से हाँ करती, आनंद के आने की खबर सुनकर। मगर अब नहीं कहा है तो विशाल उससे राजी था।
विशाल ने अदिति से कहा- “हाँ ठीक है। जब गाँव से वापस आएंगे तब आनंद को घर लाएंगे..”
बात-चीत खतम हुई तो विशाल सोचने लगा- “कल बेड पर कहा था के डैड अक्सर उसको फोन करते हैं, तो क्यों वो अक्सर फोन करते हैं? किया बातें करते हैं? अब फोन करके इन्वाइट किया, क्यों जब मैं होता हूँ तब डैड फोन नहीं करते और जब नहीं होता हूँ तब सिर्फ अदिति से बात करते है? क्या उन दोनों के बीच कुछ है?
अदिति डैड को बहत पसंद करती है यह जानता हैं। दोनों की अच्छी दोस्ती है,
मगर मुझको कभी दोनों को करीब देखने का ठीक मौका नहीं मिला, क्योंकी मैं तो हमेशा काम पर रहता था और उन दोनों को एक साथ बहुत टाइम मिलता था। मैं पागल हो जाऊँगा अगर यह सब सोचता रहा तो...”
आनंद आफिस में आया, तो विशाल ने उठकर टायलेट जाते हुए उससे कह दिया- “मैंने अदिति से बात कर लिया है और वो आनंद को गाँव से वापस आने के बाद रिसीव करना ज्यादा पसंद करेगी। क्योंकी हम लोग वीकेंड को गाँव जा रहे हैं..” विशाल ने सब समझा दिया आनंद को।
वो पहली बार था की अदिति ने पिछवाड़े में एक लण्ड लिया। दर्द हआ। हाँ बस कुछ देर के लिए फिर थोड़ी देर में सब भूल गई, और दोनों को गहरी नींद आई एक दूजे को बाहों में लिए हुए।
दूसरे दिन आफिस में आनंद ने एक दूसरे दारू पार्टी के लिए विशाल से बात किया, और उस लड़की के बारे में भी बात किया आनंद ने, जिसको फोन करवाया था विशाल ने। आनंद विशाल को मनाने का ट्राई मार रहा था। क्योंकी वो दोबारा अदिति के साथ होना चाहता था, और असल बात तो यह थी की विशाल भी यही चाहता था। तो तय हआ की लंच टाइम पर विशाल अदिति को फोन करके एक और छोटी सी पार्टी के लिए बात करेगा।
और लंच टाइम में विशाल ने अदिति से बात किया। आनंद के आने से पहले यह थी बातचीत
विशाल- “हाय सेक्सी। हाउ आर यू? मेरी हाट वाइफ क्या कर रही है? मुझको याद कर रही है या अपने ससुर
को? हाँ?”
अदिति- “हाँ... मैं बूढ़े पापा को ही सोच रही हूँ सुबह से, क्योंकी उसने कल रात मुझको बहुत थकाया.."
यह सुनते ही विशाल का खड़ा हो गया और बोला- “अच्छा... मैंने इसलिए फोन किया की आनंद आज आना चाहता है एक ड्रिंक पार्टी के लिए, तो मैं चाहता हूँ की तुम सेक्सी ड्रेस पहनो और उस दिन की तरह उसको बहकाओ जान ओके?"
अदिति- “फिर से? मगर सुनो मैं तुमसे कहने वाली थी की तुम्हारे पापा ने सच में काल किया था, कुछ देर पहले, वो मुझसे बात कर रहे थे."
विशाल- “रियली? उसने काल क्यों किया? सब ठीक है ना उधर?"
अदिति- “हाँ सब ठीक है, हम दोनों को वीकेंड को इन्विटेशन मिली है वहाँ जाने को। फ्राइडे शाम को आने को आमंत्रित किया पापा ने, रोपाई की सेरेमनी के लिए। उनके यहाँ जो हर साल होता है। लीना और दीपक ने भी बात की मुझसे और किसी कीमत पर नहीं मिस करने को कहा। बहुत मजा आएगा, सबने कहा जरूर आने को। मुझे याद है पिछले साल बड़ा मजा आया था, खूब एंजाय किए थे हम सबने...”
विशाल- “मगर जान फ्राइडे को कैसे हम वहाँ जा सकते हैं? सटर्डे को मुझे आफिस जो जाना है...”
अदिति- “क्यों एक दिन के लिए तुम वहीं से आफिस नहीं जा सकते हो क्या? मेरे लिए कर देना ना... मैं वहाँ तीन दिन बिताना चाहती हैं। हाँ बोलो प्लीज प्लीज...”
विशाल का शैतानी दिमाग काम करने लगा, उसने सोचा की वो सटर्डे को अदिति को उन सबके बीच अकेली छोड़कर आफिस चला जाएगा। उसका बाप, राकेश और दीपक घर पर होंगे सबके सब। और कहा- “अच्छा ठीक है देखते हैं कैसे मनेज करेंगे? अगर फ्राइडे को ही जाना चाहती हो तो जब मैं आफिस से वापस आऊँगा तो चलेंगे वहाँ। मगर आज शाम के लिए बोलो ठीक है ना? आनंद आ रहा है...”
अदिति ने दिमाग चलाते हुए थोड़ा हिचकिचाहट से कहा- “फिर से? अभी दो दिन पहले ही तो आए थे आनंदजी, क्यों इतनी जल्दी? क्यों ना गाँव से वापस आने के बाद इस प्रोग्राम को रखें, मैं वो पसंद करूँगी। तुम क्या कहते हो विशाल?"
जहाँ तक सेक्स वाली बात है विशाल अदिति को जल्दबाजी में नहीं कुछ करवाना चाहता था। तो वो मान गया जो अदिति कह रही थी उससे। विशाल ने सोचा अगर अदिति नहीं चाहती है की आनंद आए तो मजा नहीं आएगा, वो चाहता था की अदिति खुद खुशी से हाँ करती, आनंद के आने की खबर सुनकर। मगर अब नहीं कहा है तो विशाल उससे राजी था।
विशाल ने अदिति से कहा- “हाँ ठीक है। जब गाँव से वापस आएंगे तब आनंद को घर लाएंगे..”
बात-चीत खतम हुई तो विशाल सोचने लगा- “कल बेड पर कहा था के डैड अक्सर उसको फोन करते हैं, तो क्यों वो अक्सर फोन करते हैं? किया बातें करते हैं? अब फोन करके इन्वाइट किया, क्यों जब मैं होता हूँ तब डैड फोन नहीं करते और जब नहीं होता हूँ तब सिर्फ अदिति से बात करते है? क्या उन दोनों के बीच कुछ है?
अदिति डैड को बहत पसंद करती है यह जानता हैं। दोनों की अच्छी दोस्ती है,
मगर मुझको कभी दोनों को करीब देखने का ठीक मौका नहीं मिला, क्योंकी मैं तो हमेशा काम पर रहता था और उन दोनों को एक साथ बहुत टाइम मिलता था। मैं पागल हो जाऊँगा अगर यह सब सोचता रहा तो...”
आनंद आफिस में आया, तो विशाल ने उठकर टायलेट जाते हुए उससे कह दिया- “मैंने अदिति से बात कर लिया है और वो आनंद को गाँव से वापस आने के बाद रिसीव करना ज्यादा पसंद करेगी। क्योंकी हम लोग वीकेंड को गाँव जा रहे हैं..” विशाल ने सब समझा दिया आनंद को।