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Guest
काव्या दीदी बस डॉली के दिल की बात जानना चाह
रही थी वो एक बड़ा सा एलबम निकाल कर ले आई
जिसमे सबकी तस्वीरे थी बचपन से लेकर बड़े होने तक
की ये तस्वीरे भी क्या गजब होती है ना जो आपको दोबारा
उन लम्हों को जीने का मौका दे देती जो बीत चुके होते है
पर दिल की गहरईयों में ही कहीं होते है..!!
डॉली उन तस्वीरों को देख खुश हो रही थी क्युकी कहीं
कहीं वो भी थी राज के साथ..!! अनय की फोटो देखते
हुए उसकी आंखों में जो चमक और चेहरे की खुशी
होती वो दोनों ही उसे ऑब्जर्व कर रहे थे उस एलबम में
एक तस्वीर वो भी थी जिसमे अनय और डॉली साथ
में थे जिसमे अनय डॉली को केक खिलाते हुए मुस्कुरा
रहा था और डॉली मुंह बना रही थी..!! वो तस्वीर देख
सब हंसने लगे और आगे की तस्वीर देखते तब तक जय
ने डॉली को कॉल कर दिया..!!
राज-ये जय भईया भी ना उनको इस चुहिया के बिना
मन ही नहीं लगता..!!
डॉली उसे वहीं पड़े कुशन से मारते हुए काव्या दीदी को
घर आने का कह निकल गई और निकलते हुए उसे फिर
अनय की याद आई पर वो कहीं दिखा नहीं तो वो चली
गई..!!
डॉली बाहर निकली की राज भी उसके पिछे ही आ गया..
राज-डॉली रुको... अरे सुनो तो..!!
डॉली पिछे पलटते हुए-हम्मम.. क्या हुआ अभी तो तुम्हारे
साथ ही थी ना..??
राज-डॉली यार तुम अनामिका..(डॉली ने उसे घुर कर देखा)
मतलब अनु दी से थोड़ा सम्भल कर रहना..!!मुझे लगता
है उनके दिमाग में जरूर कुछ बड़ा चल रहा है वो कुछ
प्लैनिंग प्लॉटिंग जरूर कर रही है..!!
डॉली-राज तुम कुछ ज्यादा ही सोच रहे हो और एक बात
पूछे..??
राज-हूं.. पूछो..!!
डॉली-तुम ज्योति से प्यार करते हो ना..?? सच्ची बताना..!!
राज-करता हूं या नहीं उससे अब कोई फर्क नहीं पड़ता,
क्युकी उसने तो कभी मुझसे प्यार किया ही नहीं ओर
अब तो वैसे भी वो यहां से जा रही है..!!
डॉली-पर राज हमें लगता है वो तुमसे प्यार करती है..!!
हो सकता है उसकी कोई मजबूरी रही हो या...
राज-मजबूरी होती तो बता सकती थी ना क्या मैं
उसकी मजबूरी नहीं समझता..!! छोड़ो यार मुझे इस
बारे में कोई बात नहीं करनी..!! तुम बस अनु दी से
सतर्क रहना और हां एक और बात...
डॉली-क्या...??
राज-सॉरी...!! मैने अपनी बचपन कि दोस्त को इतना
कुछ उल्टा पुल्टा बोला उसे बातें सुनाई..!!
डॉली -छोड़ो ना हो गया अब..!! पर अगली बार हमसे
कुछ भी उल्टा सीधा कहा ना तो हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं..!!
इधर काव्या दीदी ने अनय को सब जगह देख लिया फिर
उसके रूम की तरफ बढ़ गई और गेट नोक करने पर
अपने आप ही खुल गया अनय को खिड़की के पास
बाहर की तरफ देखते देख वे उसके पास जाकर खड़ी
हो गई खिड़की से बाहर देखने पर डॉली और राज
दिखाई दिए जो एक दूसरे के पिछे भाग रहे थे..!!
काव्या दीदी-क्या देख रहे हो अनु..??
अनय ने चौक कर काव्या दीदी को देखा फिर नज़रे फेर
ली पर उसकी आंखों के लाल धागे और नमी काव्या दीदी
से छुपी ना रह सकी..!!
काव्या दीदी-अनु क्या हुआ..?? आंखों में क्या हुआ इतनी
लाल क्यों हो रखी है..??
अनय नज़रे चुराते हुए-न.. नहीं वो फेस वाश करते टाइम
झाग आंखों में चला गया इसलिए जल रही है..!!
काव्या दीदी-तुम सही कह रहे हो ना या कुछ और बात
है और जब डॉली आई थी तो तुम वहां क्यों नहीं आए..!!
अनय-मैं क्या करता वहां आप लोगो के बीच और फिर
राज तो था ना मेरी क्या जरूरत..??
काव्या दीदी-पर डॉली तो तुम्हें पूछ रही थी.. दोस्त कहां
है.. (अनय ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया..)
अनु कब तक अपनी फिलिंग्स छुपाते रहोगे..?? कब
अपने दिल की बात उसे बताओगे..??
अनय फीका सा मुस्कुराते हुए-कोई फायदा नहीं है...
काव्या दीदी-अनु मैने उसकी आंखों में तुम्हारे लिए प्यार
देखा है केसे तुम्हारा नाम सुनते ही उसकी आंखों की
चमक उसके हाव भाव बदल जाते है.. वो तुम्हे बहुत
पसंद करती है, बस उसे थोडा टाइम लगेगा अपनी फिलिंग्स
को समझने के लिए.. पर अगर तुम उससे अपने दिल की
बात कह दो तो शायद जल्दी ही उसे भी अहसास हो जाए..!!
अनय-अपनी खुशी के लिए मैं अपने छोटे भाई की खुशियों
को नहीं छीन सकता ना..!!
काव्या दीदी-अनु क्या कह रहे हो साफ साफ कहो..!!
अनय-राज शायद... डॉली.. से प्यार.....
काव्या दीदी उसकी बात काटकर-और ये तुमसे किसने
कह दिया क्या राज ने कहा या एंजल ने या किसी और ने..
अनय अपनी गीली पलकों को साफ करते हुए-व. वो मैने
राज को डॉली से कहते हुए सुना था जब वो आपके रूम
में थी....
काव्या दीदी मुस्कुराते हुए-मतलब तुम्हें पता चल गया..!!
(फिर नाटक करते हुए) थैंक गॉड मैं तो यही सोच रही थी
की तुम्हें कैसे बताऊंगी..?? पर खेर तुमने ये एक्सेप्ट कर
लिया और तुम उन दोनों के लिए खुश हो..!!
अनय की आंखें एक बार फिर बरस पड़ी उसने किसी
तरह अपने आप पर काबू किया फिर बोला-तो क्या एं..
डॉली भी..
काव्या दीदी उसकी तरफ पीठ कर मुस्कुराते हुए-हां वो
दोनों ही एक दूसरे से प्यार करते है...
अनय अब बर्दाश्त नहीं कर पाया तो वो वहीं बैठकर
फुट फुट कर रोने लगा..!! काव्या दीदी ने उसकी आवाज
सुनी और पलट कर उसे देखा तो उनका दिल धक्क
से रह गया..!! उन्होंने अनय को कभी ऐसी हालत में
नहीं देखा था, वो जल्दी से उसके पास बैठी तो वो उनसे
लिपट कर रोने लगा...
अनय रोते हुए-मैं.... मैं बहुत प्यार करता हूं उससे..!! आप
तो जानती है ना मैने बचपन से अब तक एक ही लड़की से
प्यार किया..!! मैं उसके बिना जीने कि सोच भी नहीं
सकता मैं मर जाऊंगा उसके बिना...
काव्या दीदी उसे संभालते हुए-अनु.. अनु मेरी बात सुनो
वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते है पर सिर्फ और सिर्फ
एक दोस्त के नज़रिए से और कुछ नहीं...!! मैं सिर्फ
मजाक कर रही थी सॉरी...
अनय ने हैरानी से उनकी तरफ देखा फिर कहा-मतलब
राज डॉली से प्यार नहीं करता और.. डॉली...
काव्या दीदी-नहीं वो भी नहीं करती हां जैसे बेस्ट फ्रेंड्स में
प्यार होता है वैसे ही वो दोनों भी एक दूसरे से करते है..!!
और अब ऐसे बच्चों की तरह रोना बन्द करो और जब
इतना प्यार करते हो तो जल्दी ही उसे बता दो..!!
अनय ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया तो काव्या दीदी उसके
रूम से चली गई और अनय की जान में जान आई इतनी
देर से ना जाने क्या क्या सोचता बैठा था पर अब सब
क्लियर था..!!
डॉली घर तो आ गई थी पर उसका मन भी कहीं ना कहीं
अनय पर जाकर टीका था वो जिस तरह प्यार से उसे
देख रहा था डॉली को उसकी आंखों में अपने लिए
बेपनाह प्यार नजर आ रहा था..!! उसे अनय का प्यार
तो नजर आ रहा था पर अपनी फिलिंग्स से अब भी
अंजान ही थी..!!
सबके साथ लंच करते हुए वो फिर पहले की तरह हो
गई..!! बाहर तेज बारिश भी शुरू हो चुकी थी और
डॉली दौड़कर गार्डन में जाकर मोरनी बनी बच्चो कि
तरह नाचते और जोर जोर से गाते हुए बारिश में भीग
रही थी कि बारिश बन्द हो गई और वो मुंह फुलाते हुए
एक तरफ घास पर बैठ गई और ऊपर देखते हुए...
डॉली-क्या आप भी अभी तो बरसना शुरू ही किया था
और डॉली को देखते ही बन्द भी कर दिया... पर हम भी
जिद्दी है जब तक अच्छे से भीग नहीं जाते तब तक यही
बैठे रहेंगे..!!
रही थी वो एक बड़ा सा एलबम निकाल कर ले आई
जिसमे सबकी तस्वीरे थी बचपन से लेकर बड़े होने तक
की ये तस्वीरे भी क्या गजब होती है ना जो आपको दोबारा
उन लम्हों को जीने का मौका दे देती जो बीत चुके होते है
पर दिल की गहरईयों में ही कहीं होते है..!!
डॉली उन तस्वीरों को देख खुश हो रही थी क्युकी कहीं
कहीं वो भी थी राज के साथ..!! अनय की फोटो देखते
हुए उसकी आंखों में जो चमक और चेहरे की खुशी
होती वो दोनों ही उसे ऑब्जर्व कर रहे थे उस एलबम में
एक तस्वीर वो भी थी जिसमे अनय और डॉली साथ
में थे जिसमे अनय डॉली को केक खिलाते हुए मुस्कुरा
रहा था और डॉली मुंह बना रही थी..!! वो तस्वीर देख
सब हंसने लगे और आगे की तस्वीर देखते तब तक जय
ने डॉली को कॉल कर दिया..!!
राज-ये जय भईया भी ना उनको इस चुहिया के बिना
मन ही नहीं लगता..!!
डॉली उसे वहीं पड़े कुशन से मारते हुए काव्या दीदी को
घर आने का कह निकल गई और निकलते हुए उसे फिर
अनय की याद आई पर वो कहीं दिखा नहीं तो वो चली
गई..!!
डॉली बाहर निकली की राज भी उसके पिछे ही आ गया..
राज-डॉली रुको... अरे सुनो तो..!!
डॉली पिछे पलटते हुए-हम्मम.. क्या हुआ अभी तो तुम्हारे
साथ ही थी ना..??
राज-डॉली यार तुम अनामिका..(डॉली ने उसे घुर कर देखा)
मतलब अनु दी से थोड़ा सम्भल कर रहना..!!मुझे लगता
है उनके दिमाग में जरूर कुछ बड़ा चल रहा है वो कुछ
प्लैनिंग प्लॉटिंग जरूर कर रही है..!!
डॉली-राज तुम कुछ ज्यादा ही सोच रहे हो और एक बात
पूछे..??
राज-हूं.. पूछो..!!
डॉली-तुम ज्योति से प्यार करते हो ना..?? सच्ची बताना..!!
राज-करता हूं या नहीं उससे अब कोई फर्क नहीं पड़ता,
क्युकी उसने तो कभी मुझसे प्यार किया ही नहीं ओर
अब तो वैसे भी वो यहां से जा रही है..!!
डॉली-पर राज हमें लगता है वो तुमसे प्यार करती है..!!
हो सकता है उसकी कोई मजबूरी रही हो या...
राज-मजबूरी होती तो बता सकती थी ना क्या मैं
उसकी मजबूरी नहीं समझता..!! छोड़ो यार मुझे इस
बारे में कोई बात नहीं करनी..!! तुम बस अनु दी से
सतर्क रहना और हां एक और बात...
डॉली-क्या...??
राज-सॉरी...!! मैने अपनी बचपन कि दोस्त को इतना
कुछ उल्टा पुल्टा बोला उसे बातें सुनाई..!!
डॉली -छोड़ो ना हो गया अब..!! पर अगली बार हमसे
कुछ भी उल्टा सीधा कहा ना तो हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं..!!
इधर काव्या दीदी ने अनय को सब जगह देख लिया फिर
उसके रूम की तरफ बढ़ गई और गेट नोक करने पर
अपने आप ही खुल गया अनय को खिड़की के पास
बाहर की तरफ देखते देख वे उसके पास जाकर खड़ी
हो गई खिड़की से बाहर देखने पर डॉली और राज
दिखाई दिए जो एक दूसरे के पिछे भाग रहे थे..!!
काव्या दीदी-क्या देख रहे हो अनु..??
अनय ने चौक कर काव्या दीदी को देखा फिर नज़रे फेर
ली पर उसकी आंखों के लाल धागे और नमी काव्या दीदी
से छुपी ना रह सकी..!!
काव्या दीदी-अनु क्या हुआ..?? आंखों में क्या हुआ इतनी
लाल क्यों हो रखी है..??
अनय नज़रे चुराते हुए-न.. नहीं वो फेस वाश करते टाइम
झाग आंखों में चला गया इसलिए जल रही है..!!
काव्या दीदी-तुम सही कह रहे हो ना या कुछ और बात
है और जब डॉली आई थी तो तुम वहां क्यों नहीं आए..!!
अनय-मैं क्या करता वहां आप लोगो के बीच और फिर
राज तो था ना मेरी क्या जरूरत..??
काव्या दीदी-पर डॉली तो तुम्हें पूछ रही थी.. दोस्त कहां
है.. (अनय ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया..)
अनु कब तक अपनी फिलिंग्स छुपाते रहोगे..?? कब
अपने दिल की बात उसे बताओगे..??
अनय फीका सा मुस्कुराते हुए-कोई फायदा नहीं है...
काव्या दीदी-अनु मैने उसकी आंखों में तुम्हारे लिए प्यार
देखा है केसे तुम्हारा नाम सुनते ही उसकी आंखों की
चमक उसके हाव भाव बदल जाते है.. वो तुम्हे बहुत
पसंद करती है, बस उसे थोडा टाइम लगेगा अपनी फिलिंग्स
को समझने के लिए.. पर अगर तुम उससे अपने दिल की
बात कह दो तो शायद जल्दी ही उसे भी अहसास हो जाए..!!
अनय-अपनी खुशी के लिए मैं अपने छोटे भाई की खुशियों
को नहीं छीन सकता ना..!!
काव्या दीदी-अनु क्या कह रहे हो साफ साफ कहो..!!
अनय-राज शायद... डॉली.. से प्यार.....
काव्या दीदी उसकी बात काटकर-और ये तुमसे किसने
कह दिया क्या राज ने कहा या एंजल ने या किसी और ने..
अनय अपनी गीली पलकों को साफ करते हुए-व. वो मैने
राज को डॉली से कहते हुए सुना था जब वो आपके रूम
में थी....
काव्या दीदी मुस्कुराते हुए-मतलब तुम्हें पता चल गया..!!
(फिर नाटक करते हुए) थैंक गॉड मैं तो यही सोच रही थी
की तुम्हें कैसे बताऊंगी..?? पर खेर तुमने ये एक्सेप्ट कर
लिया और तुम उन दोनों के लिए खुश हो..!!
अनय की आंखें एक बार फिर बरस पड़ी उसने किसी
तरह अपने आप पर काबू किया फिर बोला-तो क्या एं..
डॉली भी..
काव्या दीदी उसकी तरफ पीठ कर मुस्कुराते हुए-हां वो
दोनों ही एक दूसरे से प्यार करते है...
अनय अब बर्दाश्त नहीं कर पाया तो वो वहीं बैठकर
फुट फुट कर रोने लगा..!! काव्या दीदी ने उसकी आवाज
सुनी और पलट कर उसे देखा तो उनका दिल धक्क
से रह गया..!! उन्होंने अनय को कभी ऐसी हालत में
नहीं देखा था, वो जल्दी से उसके पास बैठी तो वो उनसे
लिपट कर रोने लगा...
अनय रोते हुए-मैं.... मैं बहुत प्यार करता हूं उससे..!! आप
तो जानती है ना मैने बचपन से अब तक एक ही लड़की से
प्यार किया..!! मैं उसके बिना जीने कि सोच भी नहीं
सकता मैं मर जाऊंगा उसके बिना...
काव्या दीदी उसे संभालते हुए-अनु.. अनु मेरी बात सुनो
वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते है पर सिर्फ और सिर्फ
एक दोस्त के नज़रिए से और कुछ नहीं...!! मैं सिर्फ
मजाक कर रही थी सॉरी...
अनय ने हैरानी से उनकी तरफ देखा फिर कहा-मतलब
राज डॉली से प्यार नहीं करता और.. डॉली...
काव्या दीदी-नहीं वो भी नहीं करती हां जैसे बेस्ट फ्रेंड्स में
प्यार होता है वैसे ही वो दोनों भी एक दूसरे से करते है..!!
और अब ऐसे बच्चों की तरह रोना बन्द करो और जब
इतना प्यार करते हो तो जल्दी ही उसे बता दो..!!
अनय ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया तो काव्या दीदी उसके
रूम से चली गई और अनय की जान में जान आई इतनी
देर से ना जाने क्या क्या सोचता बैठा था पर अब सब
क्लियर था..!!
डॉली घर तो आ गई थी पर उसका मन भी कहीं ना कहीं
अनय पर जाकर टीका था वो जिस तरह प्यार से उसे
देख रहा था डॉली को उसकी आंखों में अपने लिए
बेपनाह प्यार नजर आ रहा था..!! उसे अनय का प्यार
तो नजर आ रहा था पर अपनी फिलिंग्स से अब भी
अंजान ही थी..!!
सबके साथ लंच करते हुए वो फिर पहले की तरह हो
गई..!! बाहर तेज बारिश भी शुरू हो चुकी थी और
डॉली दौड़कर गार्डन में जाकर मोरनी बनी बच्चो कि
तरह नाचते और जोर जोर से गाते हुए बारिश में भीग
रही थी कि बारिश बन्द हो गई और वो मुंह फुलाते हुए
एक तरफ घास पर बैठ गई और ऊपर देखते हुए...
डॉली-क्या आप भी अभी तो बरसना शुरू ही किया था
और डॉली को देखते ही बन्द भी कर दिया... पर हम भी
जिद्दी है जब तक अच्छे से भीग नहीं जाते तब तक यही
बैठे रहेंगे..!!