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Guest
अनय जल्दी से दादाजी और दादी को लेकर घर आ गया
और अपने रूम में चला गया उसने अपने लेफ्ट हैंड में
पहनी उस रिंग को देखा जो अनामिका ने पहनाई थी,
उसने उस रिंग को उतार फेका और अपनी अलमारी से
एक पैकेट निकाला जो उसने डॉली के लिए खरीदा था..!!
अनय उसे खोलते हुए-सोचा था आज तुम्हें पार्टी के बाद
प्रपोज करूंगा तो तुम्हारे लिए ये तोहफे लाया था.. उसने
फोन की गेलरी ओपन कर डॉली की एक फोटो ओपन
कर कहा-तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता
था, अपनी आखिरी सांस तक भी मैं तुम्हें भूल नहीं पाऊंगा
क्युकी मैं ना तुम्हें भूलना चाहूंगा और ना ये दिल..!!
तुम्हारे लिए सब तुम्हारी पसंद का लाया था..!! तुमने
जब भी कोई चीज पसंद कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया, मैं
ले आया अपनी डॉली के लिए... पर अब शायद ना दे
पाऊ तुम्हें..!! शायद हमारा मिलना भगवान को पसंद
नहीं आया इसलिए तो हम....!! तुम मुझसे नफरत मत
करना, मुझसे नाराज़ मत होना मैं... मैं जी नहीं पाऊंगा..
नहीं जी पाऊंगा कहते हुए वो रो पड़ा..!! डॉली आई
लव यू.. मैने सिर्फ तुम्हें अपने इतने करीब आने दिया,
मैं ये हक किसी और को नहीं दे पाऊंगा मेरे दिल पर
तुम्हारा नाम है इसे कोई नहीं मिटा सकता..!! उसकी
आंखे सुर्ख हो चुकी थी पर आंखों से आंसू थम ही नहीं
रहे थे..!!
इधर अनामिका बहुत खुश हो रही थी आखिर वो जो
चाहती थी उसने पा ही लिया..!! वो सोचते हुए ख़यालो
में खो गई....
जब उसे पता चला था डॉली अनय से प्यार करने लगी है
और जल्दी ही प्रपोज भी करने वाली है..!!
तब अनामिका खुद से-नहीं डॉली मैं अनय को तुम्हारा
कभी नहीं होने दुंगी मैं उससे प्यार करती हूं और अनय
को पाने के लिए आंटी को पटाना जरूरी है क्युकी आंटी
जहां कहेगी जिससे कहेगी अनय उसी से शादी करेगा..
आंटी के करीब रहकर इतना तो जान ही गई हूं..!!
इसके बाद अनामिका रोज़ ही मिसेज तिवारी के पास
पहुंच जाती उनके सामने अनय के बारे में बातें करती
जैसे वो अनय को बहुत क्लोज़ से जानती हो..!!
फिर एक दिन उसने अनय को प्रपोज किया तब अनय
ने उसे इंकार कर दिया उसी दिन...
अनामिका-आंटी कुछ कहना था आपसे..!!
मिसेज तिवारी-हां कहो ना बेटा..!!
अनामिका-वो आंटी अनय और मैं एक दूसरे को पसंद
करते है... पर अनय ने कहा है वो आपकी मर्जी के बिना
मुझसे शादी नहीं करेगा और वो आपको बताने में भी
हिचक रहा है.. उसे लगता है आप क्या सोचेंगी...
मिसेज तिवारी-तुमने तो मेरे मुंह कि बात छीन ली..!! मैने
तो अपने अनय के लिए तुम्हे ही पसंद किया था..!! मैं
बात करती हूं अनय से...
अनामिका हड़बड़ाकर-नहीं आंटी वो कभी नहीं मानेगा,
और आप सामने से बात करेंगी तो शायद वो मना कर दे..
आप उसे ऐसे ना बताए और जब उसे पता चले तो आप
उसकी एक भी बात मत सुनना..!!
मिसेज तिवारी-हां ये तुमने सही कहा अब मैं इसको सीधे
सरप्राइज दूंगी..!!
अनामिका-आंटी वो मुझे लगता है राज और...
मिसेज तिवारी-हां मैने राज के लिए तो बहुत पहले ही
लड़की देख ली है..!!
अनामिका-कौन है वो..??
मिसेज तिवारी-अपनी डॉली.... मुझे तो दोनों साथ में
बड़े ही अच्छे लगते है.. और डॉली तो बड़ी प्यारी है,
बिल्कुल निश्छल और मासूम..!!
अनामिका मन में-वाह मुझे तो कुछ करना ही नहीं पड़ा
और काम भी बन गया..!! अब देखो डॉली जिंदगी भर
तुम मुझे और अनय को साथ देखोगी..!!
अनामिका पार्टी के शोर से अपने ख़यालो से बाहर आई..
अनामिका मन में-क्या बात है ये डॉली और उसकी गेंग
नजर नहीं आए.. उसे टूटते हुए देखना तो बनता था यार,
कोई नहीं अब तो हर पल उसे अहसास दिलवाती रहूंगी
की अब उसका दोस्त.. आ..आ.. दोस्त से बढ़कर मेरा
यानी कि उसकी बहन का होने वाला हसबैंड है और
उसका जीजा...!!
जय अनामिका को अकेले मुस्कुराते देख-सब जानते हुए
भी तुमने ये सब किया ना..!!
अनामिका भोली बनते हुए-क्या..?? क्या कह रहे हो तुम
मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा..??
जय-ज्यादा भोली मत बनो..!! डॉली मासूम है वो
तुम्हारी बातों में आ सकती है मैं नहीं..!!
अनामिका-मासूम नहीं बेवकूफ कहो..!! वैसे भी मैने
कुछ नहीं किया..!! और ज्यादा अपनी बहन की वकालत
मत करो..!!
जय गुस्से से चला गया और अनामिका मुस्कुराने लगी..!!
राज-डॉली अब चलो आज हम सब रिंकी के साथ रुकते
है वैसे भी तुम घर जाओगी तो सब सवाल करेंगे..!!
डॉली रोते हुए-राज.. हम बहुत प्यार करते है उनसे हम...
कैसे जिएंगे उनके बगैर.. हम नहीं रह सकते, हम मर
जायेंगे.. हम उन्हें किसी और का होते हुए नहीं देख पाएंगे..
राज-डॉली आज सगाई हुई और पता है भाई ने हाथ में
चोट लगा ली तो अनामिका ने उन्हें दूसरे हाथ में रिंग
पहनाई तो भाई ने जब रिंग फिंगर में रिंग किसी और के
नाम की नहीं पहनी तो आगे का तुम खुद सोच लो.. और
तुम इसी बात से अंदाजा लगा सकती हो वो तुमसे कितना
ज्यादा प्यार करते है..
रिंकी-हां यार उनकी आंखों में आज अलग ही दर्द था
मैने देखा जब तक तुम वहां थी उनकी नज़रे सिर्फ तुम
पर थी...
निखिल-हां यार मुझे तो जलन होने लगी है डॉली से...
(तीनो ने उसे देखा) ओह सॉरी मेरा मतलब अनय भाई
से...
राज-डॉली अगर तुम्हारी आंसू की टंकी खतम हो
गई तो इसके जिम्मेदार हम नहीं बल्कि तुम होगी...
(डॉली ने उसे रोते हुए घुर के देखा) सॉरी अच्छा नहीं
था.. पर अब चलो...(सही कहते है लोग दोस्तो के बीच
आप अपना आधे से ज्यादा दुःख भूल जाते है.. वो दोस्त
ही होते है हो हर, अच्छे बुरे वक्त में, हर सुख-दुख में
हमारे साथ होते है..!!)
और अपने रूम में चला गया उसने अपने लेफ्ट हैंड में
पहनी उस रिंग को देखा जो अनामिका ने पहनाई थी,
उसने उस रिंग को उतार फेका और अपनी अलमारी से
एक पैकेट निकाला जो उसने डॉली के लिए खरीदा था..!!
अनय उसे खोलते हुए-सोचा था आज तुम्हें पार्टी के बाद
प्रपोज करूंगा तो तुम्हारे लिए ये तोहफे लाया था.. उसने
फोन की गेलरी ओपन कर डॉली की एक फोटो ओपन
कर कहा-तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता
था, अपनी आखिरी सांस तक भी मैं तुम्हें भूल नहीं पाऊंगा
क्युकी मैं ना तुम्हें भूलना चाहूंगा और ना ये दिल..!!
तुम्हारे लिए सब तुम्हारी पसंद का लाया था..!! तुमने
जब भी कोई चीज पसंद कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया, मैं
ले आया अपनी डॉली के लिए... पर अब शायद ना दे
पाऊ तुम्हें..!! शायद हमारा मिलना भगवान को पसंद
नहीं आया इसलिए तो हम....!! तुम मुझसे नफरत मत
करना, मुझसे नाराज़ मत होना मैं... मैं जी नहीं पाऊंगा..
नहीं जी पाऊंगा कहते हुए वो रो पड़ा..!! डॉली आई
लव यू.. मैने सिर्फ तुम्हें अपने इतने करीब आने दिया,
मैं ये हक किसी और को नहीं दे पाऊंगा मेरे दिल पर
तुम्हारा नाम है इसे कोई नहीं मिटा सकता..!! उसकी
आंखे सुर्ख हो चुकी थी पर आंखों से आंसू थम ही नहीं
रहे थे..!!
इधर अनामिका बहुत खुश हो रही थी आखिर वो जो
चाहती थी उसने पा ही लिया..!! वो सोचते हुए ख़यालो
में खो गई....
जब उसे पता चला था डॉली अनय से प्यार करने लगी है
और जल्दी ही प्रपोज भी करने वाली है..!!
तब अनामिका खुद से-नहीं डॉली मैं अनय को तुम्हारा
कभी नहीं होने दुंगी मैं उससे प्यार करती हूं और अनय
को पाने के लिए आंटी को पटाना जरूरी है क्युकी आंटी
जहां कहेगी जिससे कहेगी अनय उसी से शादी करेगा..
आंटी के करीब रहकर इतना तो जान ही गई हूं..!!
इसके बाद अनामिका रोज़ ही मिसेज तिवारी के पास
पहुंच जाती उनके सामने अनय के बारे में बातें करती
जैसे वो अनय को बहुत क्लोज़ से जानती हो..!!
फिर एक दिन उसने अनय को प्रपोज किया तब अनय
ने उसे इंकार कर दिया उसी दिन...
अनामिका-आंटी कुछ कहना था आपसे..!!
मिसेज तिवारी-हां कहो ना बेटा..!!
अनामिका-वो आंटी अनय और मैं एक दूसरे को पसंद
करते है... पर अनय ने कहा है वो आपकी मर्जी के बिना
मुझसे शादी नहीं करेगा और वो आपको बताने में भी
हिचक रहा है.. उसे लगता है आप क्या सोचेंगी...
मिसेज तिवारी-तुमने तो मेरे मुंह कि बात छीन ली..!! मैने
तो अपने अनय के लिए तुम्हे ही पसंद किया था..!! मैं
बात करती हूं अनय से...
अनामिका हड़बड़ाकर-नहीं आंटी वो कभी नहीं मानेगा,
और आप सामने से बात करेंगी तो शायद वो मना कर दे..
आप उसे ऐसे ना बताए और जब उसे पता चले तो आप
उसकी एक भी बात मत सुनना..!!
मिसेज तिवारी-हां ये तुमने सही कहा अब मैं इसको सीधे
सरप्राइज दूंगी..!!
अनामिका-आंटी वो मुझे लगता है राज और...
मिसेज तिवारी-हां मैने राज के लिए तो बहुत पहले ही
लड़की देख ली है..!!
अनामिका-कौन है वो..??
मिसेज तिवारी-अपनी डॉली.... मुझे तो दोनों साथ में
बड़े ही अच्छे लगते है.. और डॉली तो बड़ी प्यारी है,
बिल्कुल निश्छल और मासूम..!!
अनामिका मन में-वाह मुझे तो कुछ करना ही नहीं पड़ा
और काम भी बन गया..!! अब देखो डॉली जिंदगी भर
तुम मुझे और अनय को साथ देखोगी..!!
अनामिका पार्टी के शोर से अपने ख़यालो से बाहर आई..
अनामिका मन में-क्या बात है ये डॉली और उसकी गेंग
नजर नहीं आए.. उसे टूटते हुए देखना तो बनता था यार,
कोई नहीं अब तो हर पल उसे अहसास दिलवाती रहूंगी
की अब उसका दोस्त.. आ..आ.. दोस्त से बढ़कर मेरा
यानी कि उसकी बहन का होने वाला हसबैंड है और
उसका जीजा...!!
जय अनामिका को अकेले मुस्कुराते देख-सब जानते हुए
भी तुमने ये सब किया ना..!!
अनामिका भोली बनते हुए-क्या..?? क्या कह रहे हो तुम
मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा..??
जय-ज्यादा भोली मत बनो..!! डॉली मासूम है वो
तुम्हारी बातों में आ सकती है मैं नहीं..!!
अनामिका-मासूम नहीं बेवकूफ कहो..!! वैसे भी मैने
कुछ नहीं किया..!! और ज्यादा अपनी बहन की वकालत
मत करो..!!
जय गुस्से से चला गया और अनामिका मुस्कुराने लगी..!!
राज-डॉली अब चलो आज हम सब रिंकी के साथ रुकते
है वैसे भी तुम घर जाओगी तो सब सवाल करेंगे..!!
डॉली रोते हुए-राज.. हम बहुत प्यार करते है उनसे हम...
कैसे जिएंगे उनके बगैर.. हम नहीं रह सकते, हम मर
जायेंगे.. हम उन्हें किसी और का होते हुए नहीं देख पाएंगे..
राज-डॉली आज सगाई हुई और पता है भाई ने हाथ में
चोट लगा ली तो अनामिका ने उन्हें दूसरे हाथ में रिंग
पहनाई तो भाई ने जब रिंग फिंगर में रिंग किसी और के
नाम की नहीं पहनी तो आगे का तुम खुद सोच लो.. और
तुम इसी बात से अंदाजा लगा सकती हो वो तुमसे कितना
ज्यादा प्यार करते है..
रिंकी-हां यार उनकी आंखों में आज अलग ही दर्द था
मैने देखा जब तक तुम वहां थी उनकी नज़रे सिर्फ तुम
पर थी...
निखिल-हां यार मुझे तो जलन होने लगी है डॉली से...
(तीनो ने उसे देखा) ओह सॉरी मेरा मतलब अनय भाई
से...
राज-डॉली अगर तुम्हारी आंसू की टंकी खतम हो
गई तो इसके जिम्मेदार हम नहीं बल्कि तुम होगी...
(डॉली ने उसे रोते हुए घुर के देखा) सॉरी अच्छा नहीं
था.. पर अब चलो...(सही कहते है लोग दोस्तो के बीच
आप अपना आधे से ज्यादा दुःख भूल जाते है.. वो दोस्त
ही होते है हो हर, अच्छे बुरे वक्त में, हर सुख-दुख में
हमारे साथ होते है..!!)