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Guest
राज अपने सर को घुमा ता है तो सामने डॉली ओर अपनी मा अनिता को पता है.. राज पूजा को अलग करता है... उसके चेहरे को पकड़ते हुए उसके आँखो में देखते हुए,,पूजा बहन बढ़िया से तैयार हो जा एक-दो घंटे के बाद तुझको देखने के लिए अरुण आरहा है तुझको अगर पसंद आया तो बता देना नही पसंद आए वो भी बता देना..इतना बोलने के बाद राज पूजा के पास से उठता है ओर आकर अपने रूम में बैठ जाता है... इधर पूजा डॉली ओर उसकी मा अनिता भी समझती है.. लेकिन पूजा को कोई फरक नही पड़ता है..पूजा किसी तरह तैयार हो जाती है जिसे कोई उसे देखेगा तो भाग जाए लेकिन पूजा थी इतनी सुंदर की वो बिना सिंगार किए बिना सजे-धजे बला की खूबसूरत थी एकदम किसी गुड़िया की तरह जैसे छूते ही टूट जाएगी..
एक घंटा बीत जाता है राज आकर ड्रॉयिंग रूम में बैठ जाता है साथ में डॉली भी होती है अनिता ओर पूजा रूम में होते है.. आधा घंटा ओर बिताने पर डोर बेल बज़ती है... डोर बेल बजते ही राज डॉली से कहता है,, डॉली लगता है अरुण आ गया तुम रूम के अंदर जाओ अगर वो होगा तो में कह दूँगा तुम पूजा को लेकर चले आना
जी ठीक है इतना बोलकर डॉली पूजा वाले रूम में चली जाती है... राज जाकर दरवाजे को खोलता है तो सामने अरुण को पता है.. राज अरुण को लेकर ड्रॉयिंग रूम में आता है दोनो एक साथ बैठ कर बाते करने लगते है... अरुण राज की घूम कर,, वैसे राज भाई आपने किसलिए मुझे यहा बुलाया है... राज कुच्छ देर तक खामोश रहने के बाद,,तुमने मेरी बहन पूजा को देखा है..
अरुण- नही तो क्या बात है जो तुम मुझसे अपने बहन के बारे में पुच्छ रहे हो.. मेने तुम्हारी बहन को नही देखा है
राज अरुण के हाथो को अपने हाथो में पकड़ते हुए,, देख भाई अरुण तुम कह रहे थे ना की तुम शादी कर ना चाहता हो तो में कह रहा हू की तुम मेरे बहन से शादी कर लो.. इतना बोलते ही राज अरुण की ओर देखने लगता है की उसका क्या रिक्षन है... बहुत देर तक जब अरुण नही बोलता है तो राज बेचैन हो जाता है...
अरुण अपने चेहरे को सीरीयस बनाते हुए,, नही यार में तुम्हारी बहन से शादी कर ने के लिए बिल्कुल तैयार हू.
राज खुश होकर अरुण से गले मिल जाता है...
गले मिलने के बाद दोनो सीधा बैठ जाते है..
तो में पूजा को बुला लाता हू तुम उसे देख लो..इतना बोलकर राज रूम में जाता है जहाँ पूजा बिल्कुल तैयार खड़ी मिलती.. राज डॉली को पूजा को लेकर आने के बोल रूम से बाहर आता है ओर अरुण के पास बैठ जाता है. थोड़ी देर बाद पूजा के रूम का दरवाजा खुलता है पूजा को लेकर डॉली निकलती है पूजा थोड़ा सा सर नीचे किए हुए धीरे-धीरे आती है वो बहुत ही सुंदर सलवार-सूट पहनी हुई थी.. वो अपने दुपट्टे से अपने उभारों ओर सर को ढाकी हुई है...डॉली उसको पकड़े हुई है... दोनो राज के पास आती है ओर पूजा धीरे से अरुण को नमस्ते करती है..अरुण भी उसको ओर डॉली को नमस्ते करता है
दोनो सामने ही बैठ जाती है.. राज दोनो की ओर इशारा करते हुए अरुण इंशे मिलो ये है मेरी धर्म पत्नी डॉली ओर ये मेरी छोटी बहन पूजा.. अरुण जब पूजा की ओर ध्यान से देखता है तो देखता रह जाता है वो बला की खूबसूरत, चेहरे पर भोली मुस्कान फैली हुई थी..
अरुण एकटक पूजा की आँखो में देखने लग जाता है जब पूजा उसे देखती है तो वो शर्मा जाती है ओर अपना सर नीचे कर लेती है लेकिन अरुण अपनी नज़र नीचे नही करता है कुच्छ देर के बाद पूजा भी अरुण की ओर देखती तो उसके आँखो में उसे नज़ाने क्या दिखाई देता है वो भी अरुण की आँखो में देखने लगती है दोनो की आँखे चार हो जाती है... दोनो बिना पलक झपकाए एक-दूसरे के आँखो में देखने लगते है कुच्छ शादी से इनकार करने वाली पूजा एक ही नज़र में अरुण को दिल दे बैठती है...
ये देखकर राज खुश हो जाता है तभी डॉली पूजा को कोहनी मारती है तो पूजा सामने अपने भैया को देख शरम के मारे रूम में भाग जाती है.. डॉली भी उसके पीछे चली जाती है...
पूजा के रूम में जाते ही अरुण को होश आता है वो भी थोड़ा शर्मा जाता है.. फिर कुच्छ देर के बाद राज
अरुण को अपनी ओर घुमा ता है,, तो कहो अरुण में यह रिस्ता पक्का समझू..
अरुण अपने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए,,हा यार ये भी कोई पूछने की बात है में तैयार हू.. इतना बोलते ही अरुण खड़ा हो जाता है
राज भी खड़ा हो जाता है..
अरुण राज से हाथ मिलाते हुए ,, अब में चलता हू राज भाई कॉलेज भी जाना है..
राज- यार नाश्ता कर लो फिर जाना
अरुण -नही यार नाश्ता करके में आया हू इतना बोलते ही अरुण रूम से बाहर निकल जाता है राज भी पीछे-पीछे आता है. बाहर निकलते ही राज अरुण से हाथ मिलाता है ओर बाइक स्टार्ट करके निकल जाता है..
एक घंटा बीत जाता है राज आकर ड्रॉयिंग रूम में बैठ जाता है साथ में डॉली भी होती है अनिता ओर पूजा रूम में होते है.. आधा घंटा ओर बिताने पर डोर बेल बज़ती है... डोर बेल बजते ही राज डॉली से कहता है,, डॉली लगता है अरुण आ गया तुम रूम के अंदर जाओ अगर वो होगा तो में कह दूँगा तुम पूजा को लेकर चले आना
जी ठीक है इतना बोलकर डॉली पूजा वाले रूम में चली जाती है... राज जाकर दरवाजे को खोलता है तो सामने अरुण को पता है.. राज अरुण को लेकर ड्रॉयिंग रूम में आता है दोनो एक साथ बैठ कर बाते करने लगते है... अरुण राज की घूम कर,, वैसे राज भाई आपने किसलिए मुझे यहा बुलाया है... राज कुच्छ देर तक खामोश रहने के बाद,,तुमने मेरी बहन पूजा को देखा है..
अरुण- नही तो क्या बात है जो तुम मुझसे अपने बहन के बारे में पुच्छ रहे हो.. मेने तुम्हारी बहन को नही देखा है
राज अरुण के हाथो को अपने हाथो में पकड़ते हुए,, देख भाई अरुण तुम कह रहे थे ना की तुम शादी कर ना चाहता हो तो में कह रहा हू की तुम मेरे बहन से शादी कर लो.. इतना बोलते ही राज अरुण की ओर देखने लगता है की उसका क्या रिक्षन है... बहुत देर तक जब अरुण नही बोलता है तो राज बेचैन हो जाता है...
अरुण अपने चेहरे को सीरीयस बनाते हुए,, नही यार में तुम्हारी बहन से शादी कर ने के लिए बिल्कुल तैयार हू.
राज खुश होकर अरुण से गले मिल जाता है...
गले मिलने के बाद दोनो सीधा बैठ जाते है..
तो में पूजा को बुला लाता हू तुम उसे देख लो..इतना बोलकर राज रूम में जाता है जहाँ पूजा बिल्कुल तैयार खड़ी मिलती.. राज डॉली को पूजा को लेकर आने के बोल रूम से बाहर आता है ओर अरुण के पास बैठ जाता है. थोड़ी देर बाद पूजा के रूम का दरवाजा खुलता है पूजा को लेकर डॉली निकलती है पूजा थोड़ा सा सर नीचे किए हुए धीरे-धीरे आती है वो बहुत ही सुंदर सलवार-सूट पहनी हुई थी.. वो अपने दुपट्टे से अपने उभारों ओर सर को ढाकी हुई है...डॉली उसको पकड़े हुई है... दोनो राज के पास आती है ओर पूजा धीरे से अरुण को नमस्ते करती है..अरुण भी उसको ओर डॉली को नमस्ते करता है
दोनो सामने ही बैठ जाती है.. राज दोनो की ओर इशारा करते हुए अरुण इंशे मिलो ये है मेरी धर्म पत्नी डॉली ओर ये मेरी छोटी बहन पूजा.. अरुण जब पूजा की ओर ध्यान से देखता है तो देखता रह जाता है वो बला की खूबसूरत, चेहरे पर भोली मुस्कान फैली हुई थी..
अरुण एकटक पूजा की आँखो में देखने लग जाता है जब पूजा उसे देखती है तो वो शर्मा जाती है ओर अपना सर नीचे कर लेती है लेकिन अरुण अपनी नज़र नीचे नही करता है कुच्छ देर के बाद पूजा भी अरुण की ओर देखती तो उसके आँखो में उसे नज़ाने क्या दिखाई देता है वो भी अरुण की आँखो में देखने लगती है दोनो की आँखे चार हो जाती है... दोनो बिना पलक झपकाए एक-दूसरे के आँखो में देखने लगते है कुच्छ शादी से इनकार करने वाली पूजा एक ही नज़र में अरुण को दिल दे बैठती है...
ये देखकर राज खुश हो जाता है तभी डॉली पूजा को कोहनी मारती है तो पूजा सामने अपने भैया को देख शरम के मारे रूम में भाग जाती है.. डॉली भी उसके पीछे चली जाती है...
पूजा के रूम में जाते ही अरुण को होश आता है वो भी थोड़ा शर्मा जाता है.. फिर कुच्छ देर के बाद राज
अरुण को अपनी ओर घुमा ता है,, तो कहो अरुण में यह रिस्ता पक्का समझू..
अरुण अपने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए,,हा यार ये भी कोई पूछने की बात है में तैयार हू.. इतना बोलते ही अरुण खड़ा हो जाता है
राज भी खड़ा हो जाता है..
अरुण राज से हाथ मिलाते हुए ,, अब में चलता हू राज भाई कॉलेज भी जाना है..
राज- यार नाश्ता कर लो फिर जाना
अरुण -नही यार नाश्ता करके में आया हू इतना बोलते ही अरुण रूम से बाहर निकल जाता है राज भी पीछे-पीछे आता है. बाहर निकलते ही राज अरुण से हाथ मिलाता है ओर बाइक स्टार्ट करके निकल जाता है..