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प्यार का अहसास

काव्या दीदी बस डॉली के दिल की बात जानना चाह

रही थी वो एक बड़ा सा एलबम निकाल कर ले आई

जिसमे सबकी तस्वीरे थी बचपन से लेकर बड़े होने तक

की ये तस्वीरे भी क्या गजब होती है ना जो आपको दोबारा

उन लम्हों को जीने का मौका दे देती जो बीत चुके होते है

पर दिल की गहरईयों में ही कहीं होते है..!!

डॉली उन तस्वीरों को देख खुश हो रही थी क्युकी कहीं

कहीं वो भी थी राज के साथ..!! अनय की फोटो देखते

हुए उसकी आंखों में जो चमक और चेहरे की खुशी

होती वो दोनों ही उसे ऑब्जर्व कर रहे थे उस एलबम में

एक तस्वीर वो भी थी जिसमे अनय और डॉली साथ

में थे जिसमे अनय डॉली को केक खिलाते हुए मुस्कुरा

रहा था और डॉली मुंह बना रही थी..!! वो तस्वीर देख

सब हंसने लगे और आगे की तस्वीर देखते तब तक जय

ने डॉली को कॉल कर दिया..!!

राज-ये जय भईया भी ना उनको इस चुहिया के बिना

मन ही नहीं लगता..!!

डॉली उसे वहीं पड़े कुशन से मारते हुए काव्या दीदी को

घर आने का कह निकल गई और निकलते हुए उसे फिर

अनय की याद आई पर वो कहीं दिखा नहीं तो वो चली

गई..!!

डॉली बाहर निकली की राज भी उसके पिछे ही आ गया..

राज-डॉली रुको... अरे सुनो तो..!!

डॉली पिछे पलटते हुए-हम्मम.. क्या हुआ अभी तो तुम्हारे

साथ ही थी ना..??

राज-डॉली यार तुम अनामिका..(डॉली ने उसे घुर कर देखा)

मतलब अनु दी से थोड़ा सम्भल कर रहना..!!मुझे लगता

है उनके दिमाग में जरूर कुछ बड़ा चल रहा है वो कुछ

प्लैनिंग प्लॉटिंग जरूर कर रही है..!!

डॉली-राज तुम कुछ ज्यादा ही सोच रहे हो और एक बात

पूछे..??

राज-हूं.. पूछो..!!

डॉली-तुम ज्योति से प्यार करते हो ना..?? सच्ची बताना..!!

राज-करता हूं या नहीं उससे अब कोई फर्क नहीं पड़ता,

क्युकी उसने तो कभी मुझसे प्यार किया ही नहीं ओर

अब तो वैसे भी वो यहां से जा रही है..!!

डॉली-पर राज हमें लगता है वो तुमसे प्यार करती है..!!

हो सकता है उसकी कोई मजबूरी रही हो या...

राज-मजबूरी होती तो बता सकती थी ना क्या मैं

उसकी मजबूरी नहीं समझता..!! छोड़ो यार मुझे इस

बारे में कोई बात नहीं करनी..!! तुम बस अनु दी से

सतर्क रहना और हां एक और बात...

डॉली-क्या...??

राज-सॉरी...!! मैने अपनी बचपन कि दोस्त को इतना

कुछ उल्टा पुल्टा बोला उसे बातें सुनाई..!!

डॉली -छोड़ो ना हो गया अब..!! पर अगली बार हमसे

कुछ भी उल्टा सीधा कहा ना तो हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं..!!

इधर काव्या दीदी ने अनय को सब जगह देख लिया फिर

उसके रूम की तरफ बढ़ गई और गेट नोक करने पर

अपने आप ही खुल गया अनय को खिड़की के पास

बाहर की तरफ देखते देख वे उसके पास जाकर खड़ी

हो गई खिड़की से बाहर देखने पर डॉली और राज

दिखाई दिए जो एक दूसरे के पिछे भाग रहे थे..!!

काव्या दीदी-क्या देख रहे हो अनु..??

अनय ने चौक कर काव्या दीदी को देखा फिर नज़रे फेर

ली पर उसकी आंखों के लाल धागे और नमी काव्या दीदी

से छुपी ना रह सकी..!!

काव्या दीदी-अनु क्या हुआ..?? आंखों में क्या हुआ इतनी

लाल क्यों हो रखी है..??

अनय नज़रे चुराते हुए-न.. नहीं वो फेस वाश करते टाइम

झाग आंखों में चला गया इसलिए जल रही है..!!

काव्या दीदी-तुम सही कह रहे हो ना या कुछ और बात

है और जब डॉली आई थी तो तुम वहां क्यों नहीं आए..!!

अनय-मैं क्या करता वहां आप लोगो के बीच और फिर

राज तो था ना मेरी क्या जरूरत..??

काव्या दीदी-पर डॉली तो तुम्हें पूछ रही थी.. दोस्त कहां

है.. (अनय ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया..)

अनु कब तक अपनी फिलिंग्स छुपाते रहोगे..?? कब

अपने दिल की बात उसे बताओगे..??

अनय फीका सा मुस्कुराते हुए-कोई फायदा नहीं है...

काव्या दीदी-अनु मैने उसकी आंखों में तुम्हारे लिए प्यार

देखा है केसे तुम्हारा नाम सुनते ही उसकी आंखों की

चमक उसके हाव भाव बदल जाते है.. वो तुम्हे बहुत

पसंद करती है, बस उसे थोडा टाइम लगेगा अपनी फिलिंग्स

को समझने के लिए.. पर अगर तुम उससे अपने दिल की

बात कह दो तो शायद जल्दी ही उसे भी अहसास हो जाए..!!

अनय-अपनी खुशी के लिए मैं अपने छोटे भाई की खुशियों

को नहीं छीन सकता ना..!!

काव्या दीदी-अनु क्या कह रहे हो साफ साफ कहो..!!

अनय-राज शायद... डॉली.. से प्यार.....

काव्या दीदी उसकी बात काटकर-और ये तुमसे किसने

कह दिया क्या राज ने कहा या एंजल ने या किसी और ने..

अनय अपनी गीली पलकों को साफ करते हुए-व. वो मैने

राज को डॉली से कहते हुए सुना था जब वो आपके रूम

में थी....

काव्या दीदी मुस्कुराते हुए-मतलब तुम्हें पता चल गया..!!

(फिर नाटक करते हुए) थैंक गॉड मैं तो यही सोच रही थी

की तुम्हें कैसे बताऊंगी..?? पर खेर तुमने ये एक्सेप्ट कर

लिया और तुम उन दोनों के लिए खुश हो..!!

अनय की आंखें एक बार फिर बरस पड़ी उसने किसी

तरह अपने आप पर काबू किया फिर बोला-तो क्या एं..

डॉली भी..

काव्या दीदी उसकी तरफ पीठ कर मुस्कुराते हुए-हां वो

दोनों ही एक दूसरे से प्यार करते है...

अनय अब बर्दाश्त नहीं कर पाया तो वो वहीं बैठकर

फुट फुट कर रोने लगा..!! काव्या दीदी ने उसकी आवाज

सुनी और पलट कर उसे देखा तो उनका दिल धक्क

से रह गया..!! उन्होंने अनय को कभी ऐसी हालत में

नहीं देखा था, वो जल्दी से उसके पास बैठी तो वो उनसे

लिपट कर रोने लगा...

अनय रोते हुए-मैं.... मैं बहुत प्यार करता हूं उससे..!! आप

तो जानती है ना मैने बचपन से अब तक एक ही लड़की से

प्यार किया..!! मैं उसके बिना जीने कि सोच भी नहीं

सकता मैं मर जाऊंगा उसके बिना...

काव्या दीदी उसे संभालते हुए-अनु.. अनु मेरी बात सुनो

वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते है पर सिर्फ और सिर्फ

एक दोस्त के नज़रिए से और कुछ नहीं...!! मैं सिर्फ

मजाक कर रही थी सॉरी...

अनय ने हैरानी से उनकी तरफ देखा फिर कहा-मतलब

राज डॉली से प्यार नहीं करता और.. डॉली...

काव्या दीदी-नहीं वो भी नहीं करती हां जैसे बेस्ट फ्रेंड्स में

प्यार होता है वैसे ही वो दोनों भी एक दूसरे से करते है..!!

और अब ऐसे बच्चों की तरह रोना बन्द करो और जब

इतना प्यार करते हो तो जल्दी ही उसे बता दो..!!

अनय ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया तो काव्या दीदी उसके

रूम से चली गई और अनय की जान में जान आई इतनी

देर से ना जाने क्या क्या सोचता बैठा था पर अब सब

क्लियर था..!!

डॉली घर तो आ गई थी पर उसका मन भी कहीं ना कहीं

अनय पर जाकर टीका था वो जिस तरह प्यार से उसे

देख रहा था डॉली को उसकी आंखों में अपने लिए

बेपनाह प्यार नजर आ रहा था..!! उसे अनय का प्यार

तो नजर आ रहा था पर अपनी फिलिंग्स से अब भी

अंजान ही थी..!!

सबके साथ लंच करते हुए वो फिर पहले की तरह हो

गई..!! बाहर तेज बारिश भी शुरू हो चुकी थी और

डॉली दौड़कर गार्डन में जाकर मोरनी बनी बच्चो कि

तरह नाचते और जोर जोर से गाते हुए बारिश में भीग

रही थी कि बारिश बन्द हो गई और वो मुंह फुलाते हुए

एक तरफ घास पर बैठ गई और ऊपर देखते हुए...

डॉली-क्या आप भी अभी तो बरसना शुरू ही किया था

और डॉली को देखते ही बन्द भी कर दिया... पर हम भी

जिद्दी है जब तक अच्छे से भीग नहीं जाते तब तक यही

बैठे रहेंगे..!!
 
अनय ने उसे खिड़की से देखा और छाता लिए वहां चला

आया..!!

अनय मुस्कुराते हुए-क्या हुआ..??बारिश बन्द हो गई अब

नहीं आएगी जाओ जाकर चेंज कर लो जुखाम हो जायेगा..!!

डॉली-नहीं हम नहीं जायेंगे... अभी तो हम अच्छे से भीगे

भी नहीं.. और आप क्या ये छाता लगा के आ गए..??

अनय छाता बन्द कर एक तरफ़ रखते हुए डॉली के सामने

आकर खड़ा हो गया.. उसने डॉली के कंधे पर लटक रहे

दुपट्टे को उठाया, डॉली का दिल जोर के धड़कनें लगा,

अनय ने उसकी आंखों में देखा तो उसकी नज़रे अपने

आप झुक गई.. अनय ने दुप्पटा खोल उसके करीब जाकर

दुपट्टे को पिछे से आगे की और कर चारों और लपेट दिया..!!

अनय उससे दूर हटकर-मेन सड़क से गार्डन पूरा दिखता

है और तुम्हें ऐसे भीगे हुए कोई और देखे ये मैं नहीं चाहता..!!

डॉली की नज़रे एक बार फिर शर्म से गड़ गई अनय

एक बार फिर उसके करीब गया और उसके बालों को

सवारते हुए तुम मेकप में खुबसूरत लगती हो पर बिना

मेकप के बहुत ज्यादा खुबसूरत लगती हो जैसे अभी

लग रही हो बेहद खूबसूरत..!!

उसकी सर्द आवाज डॉली को बेचैन कर रही थी जो

आज फिल हो रहा था वो पहले कभी नहीं हुआ था अनय

के कदम जैसे ही पिछे हटे डॉली बिना देरी किए और

बिना नज़रे ऊपर किए ही घर की तरफ भाग गई और

अनय उसे देख मुस्कुराते हुए अपने बालों में हाथ फेर

छाता लेकर चला गया..!!

डॉली सीधे अपने रूम में जाकर रुकी और गेट बन्द कर

लंबी लंबी सांसे लेने लगी कि सामने उसे फिर अनय नज़र

आने लगा जो मुस्कुराते हुए उसे ही देख रहा था डॉली

ने पहले नज़रे झुका ली फिर कुछ समझ आते ही सामने

देखा तो अनय वहां नहीं था..!!

डॉली अपने सिर पर मारते हुए-डॉली लगता है तुम नींद

में हो तभी कुछ भी नजर आ रहा है तुम्हें इसका मतलब

अभी बाहर जो हुआ वो... वो भी....!! पता नहीं हम पागल

हो गए है..!! वो गर्म पानी से नहाकर आई और सो गई..!!

इधर अनय अभी जो कुछ हुआ उसे सोचकर मुस्कुरा रहा

था.. उसने सोच लिया था वो डॉली को उसके प्यार का

अहसास करवा कर रहेगा ओर जब डॉली को अहसास

होगा तभी वो उसे प्रपोज करेगा...!!

डॉली सो तो गई पर सपने में भी उसे अनय ही नजर

आ रहा था तंग आकर उसने सिर के नीचे से तकिया

निकाल अपने मुंह पर रख लिया और फिर सो गई..!!

अगले दिन फिर सब तैयार होकर कॉलेज के लिए निकल

गए अनामिका अभी नहीं आई थी वो जन्माष्टमी तक रुकने

वाली थी सविता जी के साथ..!! और अनामिका के ना

होने से सब सुकून से थे..!!

कॉलेज पहुंच सब लेक्चर अटेंड करने अपनी अपनी क्लास

चले गए सेकंड लेक्चर खाली होने से डॉली लाइब्रेरी

चली गई जहां पहले से अनय बैठा हुआ था..!!

डॉली मन में-अब ये सच में है या नहीं..

अनय इशारे से उसे बुला ता है तो डॉली मुस्कुराते हुए

उसके पास जाकर बैठ जाती है..!!

अनय धीरे से-जय ने कहा था तुम्हें कुछ टॉपिक्स क्लियर

नहीं है तो मैं तुम्हारी हेल्प कर दूं..!!

डॉली मन में-ये भईया भी ना खुद ने बताया नहीं और

इन्हे बोल दिया..

अनय उसके सामने चुटकी बजाते हुए-हेल्लो कहां खो

गई.. लाओ बताओ भी ताकि जल्दी से सब क्लियर कर

सकूं..(उसने डॉली की आंखों में देखते हुए कहा) डॉली

ने झेपकर नज़रे झुका ली और बुक खोल उसके सामने

रख दी अनय ने पेन और कॉपी उठाते हुए उसे समझाना

शुरू किया अनय का पूरा ध्यान टॉपिक समझाने में था

जबकि डॉली का ध्यान अनय के चेहरे पर था फेन सिर

के ऊपर होने की वजह से उसके बाल माथे पर आकर

उड़ रहे थे डॉली चाह कर भी उस पर से अपनी नज़रे

नहीं हटा पा रही थी..

डॉली को कुछ बोलते ना देख अनय ने उसकी तरफ

देखा तो पाया कि डॉली बिना पलक झपकाये उसे ही

देख रही है उसने उसके सामने चुटकी बजाई तो डॉली

को होश आया..

अनय हंसते हुए-इतना भी स्मार्ट नहीं हूं कि तुम नजर

ही ना हटा पाओ..!!

डॉली झेपते हुए-न.. नहीं वो हम.. वो..

अनय-इट्स ओके तुम देख सकती हक है तुम्हें..

डॉली हैरानी से-हं...

अनय-कुछ नहीं चली एक बार फिर बता देता हूं ये टॉपिक..!!

इस बार डॉली ने सिर्फ कॉफी और अन्य के शब्दों पर

ध्यान दिया उसके बाद अगले लेक्चर से पहले दोनों

केंटीन गए जहां इस वक्त जय, राज, रिंकी और निखिल

पहले से मौजूद थे दोनों भी वहीं जाकर बैठ गए कॉफी

पीने के बाद एक बार फिर लेक्चर अटेंड करने चले गए..!!

कॉलेज खतम होते ही सब घर चले गए..!!

शाम को काव्या दीदी, अनय, राज, जय और डॉली

सभी हॉरर मूवी देखने गए काव्या दीदी ने डॉली को

अनय के बगल में बिठाया..!! मूवी डरावनी होने के

साथ साथ मजेदार भी थी जब भी डरावने सिन आते

डॉली अपने दोनो हाथों से अनय को कस कर पकड़

लेती.. अनय की हालत खराब हो चुकी थी उसके नाखूनों

के चुभने से..!! उसने डॉली हाथ अपने हाथ में लेकर

उंगलियों से कस लिया..!! डॉली को जब अहसास हुआ

तो उसने हाथ छुड़ाने की काफी कोशिश की पर अनय

ने अपनी पकड़ और कस ली डॉली ने रोनी सी सुरत बना

कर उसकी तरफ देखा पर अनय ने अपनी पकड़ ढीली

नहीं की..!! मूवी खतम होते ही सब बाहर आए डॉली

ने अनय को घुर कर देखा तो अनय ने उसे अपना हाथ

दिखाया.. सब उसके हाथ को देख रहे थे जिन पर नाखूनों

के काफी गहरे निशान थे सब उसकी हालत पर हंसने लगे

डॉली ने अपनी नज़रे झुका ली

उसकी आंखों में आसूं आ गए तो वो वाशरूम का बहाना

कर चली गई..!! अनय उसके पिछे गया तो देखा डॉली

एक तरफ खड़े होकर अपने बहते आंसुओं को पोछने

की कोशिश कर रही थी..!!

अनय उसके पास जाकर उसका हाथ पकड़ते हुए-डॉली..

इधर देखो क्या हुआ तुम रो क्यों रही हो..??

डॉली का रोना अब भी बन्द नहीं हुआ तो अनय ने उसे

खिचकर अपने सीने से लगा लिया...!!

डॉली-आई एम सॉरी... हमें नहीं पता था हमारी वजह से..

अनय-शश्श्श...... कुछ नहीं हुआ है ये जल्दी ही ठीक

हो जायेगा.. अब रोना बन्द करो... और अपना हुलिया

ठीक करो..!!

डॉली उससे दूर हुई और वाशरूम चली गई और अनय

सबके पास आ गया..!! डॉली के आते ही सब घर के

लिए निकल गए..!!
 
अगले दिन काव्या दीदी वापस लौट गई..!! और बाकी

सब अपने कॉलेज..!! फ्री लेक्चर में राज और डॉली

दोनों ही केंटीन में आ जाते है उनके पीछे ही रिंकी ओर

निखिल भी..!!

चारो ने कॉफी ओर सैंडविच ऑर्डर किया..!!

डॉली रिंकी और निखिल को देखते हुए-क्या बात है बड़ा

मुस्कुराया जा रहा है कोई हमें भी भी मुस्कुराने की वजह

बता दे..!!

राज-हम्मम नोटिस तो मैने भी किया..!! अब बता भी

दो क्या वजह है..??

निखिल-वो हम दोनों की सगाई की डेट फिक्स हो गई है..!!

डॉली और राज ने दोनों को हैरानी से देखा.. तो रिंकी

ने हां में सिर हिलाया..!!

डॉली दोनों को बारी बारी गले लगाते हुए-वाउ कांग्रॅचुलेशन्स

यू बोथ.. आई एम सो हैप्पी..!!

राज-हां यार पर तुम दोनों आई मीन..?? जो भी हो

कांग्रेचुलेशंस गाइज..!!

निखिल-रिंकी उनसे हाथ मिलाते हुए-थैंक्स..

डॉली-हम्म.. अब ये बताओ कि ये सब शुरू केसे हुआ

और सब बताओ..!!

निखिल-उम्म... तो कहां से शुरू करें..??

रिंकी-तुम रहने दो मैं बताती हूं..!!

डॉली उसे छेड़ते हुए-ओय होय देखो तो...

रिंकी उसे कंधे पर हल्के से मारते हुए-अरे यार सुन लो

फिर मैं बताऊंगी नहीं..!!

राज-ओके.. ओके तुम शुरू करो..!!

रिंकी-तो जैसा की तुम दोनों अक्सर साथ में रहते थे तो

हम दोनों के पास साथ में रहने के अलावा और कोई चारा

भी नहीं था और फिर हमारे सब्जेक्ट भी सेम थे तो क्लास

में भी साथ ही रहते और फिर हम कभी कभी कॉलेज

बंक कर कभी मूवी, कभी शॉपिंग, कभी कॉफी या कभी

किसी अच्छे सी जगह देख घूमने निकल जाया करते थे

और इसलिए कॉलेज में कम ही नजर आते थे..!! साथ

रहते-रहते कब एक दूसरे की आदत लग गई और कब

एक दूसरे का ख्याल रखते हुए एक दूसरे से प्यार करने

लगे पता ही नहीं चला..!! उसके बाद...

निखिल मुस्कुराते हुए-उसके बाद एक दिन मौका देखकर

मैने इसे प्रपोज किया और इसने एक्सेप्ट भी कर लिया...!!

पर एक दिन इसके किसी रिश्तेदार ने हमें साथ में देख

लिया और कुछ फोटोज़ क्लिक कर इसकी फैमिली को

बता दिया..!!

रिंकी-और उसके बाद से मुझे घर में बन्द कर दिया गया,

मुझसे मेरा फोन भी छीन लिया.. मैने समझाने कि बहुत

कोशिश की पर कोई फायदा नहीं हुआ..

निखिल-मैं कई बार इसके घर गया पर इसके भाई ने

मुझे इससे कभी मिलने नहीं दिया..!! उसके बाद मैने

अपने मॉम डैड को रिंकी के बारे में बताया वे थोड़े

नाराज़ हुए पर जल्दी ही मान गए..!! फिर मैं मॉम डेड

के साथ इसके घर गया और इसकी फैमिली से बात की

उन्हें समझाया तब जाकर वे लोग माने..!! और अब

हमारी सगाई की डेट फिक्स हो चुकी है..!!

डॉली और राज तो आंखें फाड़े उन दोनों को देख रहे

थे..!!

रिंकी-अबे यार तुम दोनों तो ऐसे देख रहे हो जैसे हम

कोई दूसरे ग्रह के प्राणी है..!!

डॉली-यार इतना कुछ हुआ और तुम दोनों ने हमें बताया

तक नहीं.. यार हम स्कूल फ्रेंड्स है..

राज-और नहीं तो क्या इतना कुछ हो गया और हम दोनों

को अब बता रहे हो शादी कर लेते... उसके बाद बता देते..

डॉली-हां इतनी जल्दी क्यों बता दिया..??

निखिल-अरे यार हम इतने टेंशन में थे कि कुछ समझ

ही नहीं आया और फिर बेवजह तुम लोग भी परेशान

हो जाते.... पर अब तो सब ठीक है यार..!!

रिंकी-हां और तुम दोनों को ही आना है..!!

जय और अनय भी वही आ जाते है...

रिंकी अनय को देख डॉली से फुसफुसाते हुए-यार ये

बन्दा ना इतना हॉट है अगर ये निखिल से प्यार नहीं होता

ना तो पक्का इनके पिछे पड़ जाती...

डॉली की आंखें ये सुनकर बड़ी हो जाती है..

डॉली धीरे से-वो राज के भाई है तुम्हें पता भी है या नहीं,

और ना हिटलर है एक नंबर के.. तुम दूर ही रहो तुम्हारे

लिया तुम्हारा निक्कू ही सही है...!!

रिंकी उसे देखते हुए-अआ.... मुझे कहीं से जलने की बू

आ रही है, कहीं तुमसे तो नहीं...

डॉली झेंपते हुए-न नहीं हम क्यों जलेंगे..!!

सब वहीं बैठ बातें करते है और घर चले जाते है..!!

दो दिन बाद निखिल और ज्योति की सगाई थी तो वे दोनों

ही डॉली और राज को अपने साथ शॉपिंग के लिए ले

जाते है..!!

डॉली और रिंकी अपनी शॉपिंग करती है और राज

और निखिल अपनी..!!

रिंकी-डॉली एक बात पूछूं..??

डॉली-हां एक क्यों जितनी पूछना है पूछो..!!

रिंकी-तुम राज के भाई को पसंद करती हो ना...??

डॉली-हां ऑफ कोर्स यार.. दोस्त है मेरे..!!

रिंकी-डॉली मैं उस पसंद की बात नहीं कर रही हूं..!!

डॉली नासमझ बनते हुए-आफ्फो रिंकी तुम भी ना अब

पसंद, पसंद होती है इसमें अलग कुछ नहीं होता..!! अब

ये छोड़ो और अपने लिए कुछ यूनिक सी ड्रेस खरीदो..

सगाई कोई बार बार तो होती नहीं है ना..!!

रिंकी भी बाद में बात करने की सोच अपने लिए ड्रेस

देखने लगती है काफी सारी ड्रेसेस देखने के बाद एक

सिलेक्ट कर उसकी मैचिंग ज्वैलरी, सैंडल और मेकप

का समान खरीदती है इधर निखिल भी कुर्ता पजामा और

कुर्ता जैकेट खरीदता है और मैचिंग मोजडी़ भी..!!

शॉपिंग कर निखिल रिंकी अपने और राज डॉली अपने

घर चले जाते है..!!

इधर जय और अनय को भी सगाई का इन्विटेशन मिलता

है क्युकी रिंकी का भाई उन दोनों का स्कूल फ्रेंड था..!!

डॉली अपने रूम में पहुंचकर रिंकी की बातें सोचने

लगती है.. तू राज के भाई को पसंद करती है ना..

डॉली खुद से-नहीं ऐसा नहीं है वो सिर्फ हमारे दोस्त है..

पर राज की दोस्ती और उनकी दोस्ती में फर्क है.. नहीं

नहीं हम कुछ ज्यादा ही सोच रहे है... पर हमें उनकी

आंखों में अपने लिए प्यार दिखता है.. उनकी छुअन हमें..

फिर सिर पकड़.. आ.. हमें नहीं पता क्या है, हमें नहीं

जानना..!!

जय डॉली के रूम के गेट पर खड़े होकर उसकी बात

सुन मुस्कुरा उठा फिर खुद में बड़बड़ाते हुए-फाइनली

तुम ना चाहते हुए भी उसके बारे में सोच रही हो.. मतलब

तुम्हें उससे प्यार तो है पर मानना नहीं चाहती हो..!! पर

कोई ना एक ना एक दिन तुम्हें एहसास हो ही जाना है..!!

जय अंदर आते हुए-क्या हुआ डॉली सिर दर्द है क्या..??

लाओ मैं सिर में मसाज कर दूं.. मम्मा नहीं है तो मैं ही

कर देता हूं..

डॉली मुस्कुरा कर उसके सामने जमीन पर बैठ गई..

जय ने धीरे धीरे उसके सिर में मसाज की तो वो उसके

पैर पर टेक लगाकर ही सो गई जय ने उसे देखा फिर बालों

में रबरबैंड लगा कर उसे बिस्तर पर लिटा दिया और अच्छे

से उड़ाकर उसके सिर पर हाथ फेरकर बाहर आ गया..!!

अगले दिन सुबह ही अनामिका और सविता जी भी आ

गई और बड़ी मम्मा और भाभियां भी शाम तक आने वाली थी..!!

अनामिका ने आते ही डॉली को गले लगा लिया ये देखकर

सब आश्चर्य में थे और खुश भी डॉली भी खुश हो गई

की उसे बडी बहन का प्यार मिला पर जय को अच्छा

नहीं लगा..!! अनामिका बहुत प्यार से उससे बात कर

रही थी..!!

डॉली सविता जी से मिले ओर जय भी..!! उसके बाद

उन्हें रेस्ट करने का कह कर दोनों कॉलेज के लिए निकल

गए जहां डॉली के चेहरे पर खुशी झलक रही थी वहीं

जय के माथे पर सल पड़े हुए थे..!!

डॉली को खुश देख राज ने पूछ ही लिया-क्या बात है

किसी ने प्रपोज कर दिया क्या नकचढ़ी चुहिया को..??

डॉली खुश होकर नहीं उससे भी ज्यादा खुशी की बात है..!!

इधर अनय ने भी जय को परेशान देख पूछ लिया-क्या

हुआ..?? बारह क्यों बजी पड़ी है..??

डॉली राज से-तुम्हें पता है अनु दी ने पहली बार हमें

गले से लगाया हमें पहली बार उन्होंने अपनी छोटी बहन

की तरह प्यार दिया..!!

जय अनय से-यार आज अनु का रवैया कुछ बदला बदला

सा लगा..!! मतलब उसने डॉली से प्यार से बात कि यहां

तक की गले से लगाया..!! जबकि आज तक उसने डॉली

से सिर्फ नफरत की तो आज ये अचानक कैसे..??

राज डॉली से-यार मुझे कुछ गड़बड़ लगती है जरूर

इसके पीछे कुछ ना कुछ चाल होगी..!!

डॉली-अरे यार ऐसा कुछ नहीं है तुम फालतू में उन पर

शक कर रहे हो..!!

अनय जय से-हां तो अनामिका अगर एंजल से प्यार

से पेश आ रही है तो इसमें बुराई क्या है ये तो अच्छी बात

है ना..!!

जय-तुम समझ नहीं रहे हो..!!

अनय-छोड़ो इस बात को चलो क्लास टाइम हो गया है..

जल्दी चलो नहीं तो लेक्चर अटेंड करने नहीं मिलेगा..!!

डॉली और राज भी क्लास चले गए..!! ये पूरा दिन

इसी तरह निकल गया डॉली की खुशी उसके चेहरे पर

साफ देखी जा सकती थी पर जहां अनय उसे खुश देख

खुश हो रहा था वहीं राज और जय टेंशन में..!!

अगले दिन डॉली और राज कॉलेज न जाकर होटल

पहुंचे जहां रिंकी और निखिल की इंगेजमेंट होनी थी..!!

सगाई शाम की थी पर रिंकी और निखिल ने दोनों को

सुबह से ही आने के लिए कह दिया था..!!

रिंकी डॉली को देख-अच्छा हुआ तुम आ गई यार और वो

राज कहां है..!!

डॉली-वो तो निक्कू के पास गया है अच्छा हम नीचे देखते

है सारी तैयारी कैसे हो रही है..??

डॉली बाहर निकली तो रिंकी के भाई से टकरा गई और

रिंकी का भाई तो डॉली को देखते ही दिल दे बैठा अब

हमारी डॉली है ही इतनी प्यारी..!! कुछ पल आंखों

की गुस्ताखियां हुई पर सिर्फ एक तरफा..!!

डॉली उससे माफी मांगते हुए-वो आई एम सॉरी हमनें

देखा नहीं और...

अरे नहीं नहीं आप क्यों सॉरी बोल रही है आपकी गलती

नहीं है..!! फिर हाथ आगे बढाते हुए हेल्लो मैं जय रिंकी

का भाई आप... आप रिंकी की फ्रेंड..

डॉली हाथ मिलाते हुए-जी हम डॉली रिंकी की फ्रेंड..!!

डॉली हाथ छुड़ा कर आगे बढ़ गई और जय वहीं खड़ा

ख्वाब बुनता रह गया..!!
 
डॉली नीचे आई उसने राज को भी कॉल कर हॉल में आने

के लिए कहा उसके बाद दोनों ने मिलकर डेकोरेटर्स से

अपने हिसाब से सब डेकोरेट करवाया..!! और जय ने

सिर्फ डॉली को देख ने का..!!

राज की नज़रे बार बार डॉली को देखते जय पर चली

जा रही थी और अब उसे चिढ़ भी होने लगी थी एक तो

डॉली उसकी बेस्ट फ्रेंड और दूसरा उसके भाई का प्यार..!!

उसने कई बार जय को कुछ चीजों की कमी बताई पर

बन्दा टस से मस नहीं हुआ और ना ही डॉली से नज़रे

हटाई..!!

राज डॉली के पास बैठते हुए-यार डॉली मैं इस बन्दे का

मुंह तोड़ दूंगा..!!

डॉली हंसते हुए-क्यों क्या हो गया..??

राज-यार इसकी बहन की सगाई है और ये कुछ काम

कराने कि बजाय सिर्फ तुम्हें ही ताड़ रहा है..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-हां नोटिस तो हमने भी किया है,

पर तुम्हें पता है ये भैय्या के स्कूल फ्रेंड है हमें अब याद

आया.. पर शायद इन्हे याद नहीं है और भैय्या को तो

इन्होंने इन्वाइट किया ही होगा तब देख लेंगे..!!

राज-वाह मतलब भाई भी आएंगे..(फिर धीरे से) तब

आयेगा मजा..!!

उसके बाद दोनों के लिए रिंकी निखिल ने लंच भिजवाया

तो जय भी उनके पास आकर बैठ गया तो राज का मुंह

बन गया..

जय-वो एक्चुली मुझे खाने का टाइम नहीं मिला अब

सोच रहा हूं आप दोनों के साथ ही खा लूं क्युकी अकेले

तो मुझसे खाया ही नहीं जायेगा... फिर डॉली की तरफ

देख... यू नो ना बहन की सगाई का इतना काम जो सर

पर है ओर फिर लड़के वालों कि खातिरदारी का जिम्मा

भी मुझपर ही है.. अब इतनी टेंशन में खाना कहां याद

रहता है..!!

राज उसे मुंह बनाएं देख रहा था तो डॉली इधर उधर देख

कर टाइम पास..!! खाना खाने के बाद दोनों वहां से

ऐसे गायब हुए जैसे गधे के सिर से सिंग..!!

दोनों पहले निखिल के मॉम डैड से मिले फिर उसके

बाद रिंकी कर मम्मा पापा से दोनों से मिलकर वे सब भी

खुश हुए..!!

शाम हो चुकी थी और डॉली ने रिंकी को तैयार कर दिया

था.. वो बहुत सुंदर लग रही थी..!!

गेस्ट भी आने लगे थे और जय और अनय भी

आ गए थे साथ में अनामिका भी छिपकली कि तरह

चिपक कर आई थी क्युकी डॉली ने ही रिंकी के कहने पर

कॉल करके बुलाया था..!!

रिंकी-डॉली यार गेस्ट भी आ चुके है अब तुम भी रेडी

हो जाओ जल्दी से..!!

डॉली भी जल्दी से मुंह हाथ धोकर आई और चेंज करके

हल्का सा मेकप करते हुए उसे अनय की बात कान में

गुंजी "तुम मेकप में खुबसूरत लगती हो पर बिना मेकप

बहुत ज्यादा खुबसूरत लगती हो जैसे अभी" उसके

गाल बिना ब्लश लगाए ही गुलाबी हो गए..!! उसने

जल्दी से रिंकी की तरफ देखा जो अपनी ड्रेस सही करने

में लगी थी उसने लंबी सांस छोड़ी और हल्का सा

नेचुरल मेकप किया..!!

रिंकी उसके पास आते हुए हमेशा की तरह बहुत सुंदर

लग रही हो बच कर रहना कहीं कोई तुम्हें देख रिश्ता

लेकर तुम्हारे घर ना पहुंच जाए..!!

डॉली मुस्कुराते हुए-फिलहाल तो तुम बिजलियां गिराने

वाली हो..!!

इधर राज निखिल को लेकर नीचे पहुंच गया था..!!

जय ने जय और अनय को देखा तो उनके पास चला

आया..!!

जय बारी बारी जय और अनय से गले मिला फिर

अनामिका की और देखने लगा..

जय-वो ये मेरी कजिन सिस्टर है रिंकी ने इन्वाइट किया..!!

जय ने उससे भी मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और इंजॉय

करने का कह दूसरी तरफ चले गया..!!

कुछ ही देर बाद डॉली रिंकी को लेकर सीढ़ियों से उतरती

हुई दिखी तो कुछ को छोड़ बाकी सबकी नजर डॉली

पर थी अनय और जय तो बिना पलक झपकाए डॉली

को देख रहे थे अनय को डॉली की तरफ देखते देख

अनामिका के चेहरे पर गुस्से के भाव उभर आए..!! वहीं

राज ने पहले जय को देखा फिर अनय को..!! रिंकी

ने बहुत ही सुंदर बहुत ज्यादा फ्लेयर वाला रेड गाउन

पहना था वहीं डॉली ने लेमन येलो कलर में फ्लोर लेंथ

अनारकली ड्रेस पहन रखा था..!!

सबकी नजरें सीढ़ियों से उतरती रिंकी और डॉली पर

टिकी थी..!! डॉली ने रिंकी को स्टेज पर निखिल के पास

छोड़ा और नीचे आ गई राज के पास..!! जय भी डॉली

के पिछे भवरे की तरह आ ही गया..!!

जय-डॉली यू लुकिंग सो गॉर्जियस..!! सच में अपने नाम

को सार्थक करती हुई...

राज उसकी बात काटते हुए-अरे वो जय भाई आपको

निखिल बुला रहा है..!!(डॉली ने उसकी तरफ देखा तो

उसने आई विंक कर दी.. डॉली मुंह दबा कर मुस्कुरा दी

जबकि जय मन मारकर निखिल की तरफ चला गया)

डॉली उसे जाते देख-वैसे तुमने उन्हें भेज तो दिया पर

बेचारे निखिल को क्यों फसा दिया..??

राज-आं.... वो मैने तुम्हारी और जय भाई की फर्स्ट

मीटिंग के बारे में निखिल को बता दिया था..!! वैसे चलो

भाई और तुम्हारे भैय्या भी आ गए है उनके पास चलते

है..!! दोनों वहां से जय, अनय और अनामिका के

पास चले आए..!!

जय डॉली के कान के पीछे नजर का टीका लगाते हुए-

हमेशा प्यारी लगती हो कहीं किसी की नजर ना लग

जाए (उसने अनामिका पर नजर डालते हुए अपने शब्दों

पर जोर डाल कर कहा)

डॉली -आप जैसे भाई जिसके पास हो उस बहन को

किसी की बुरी नजर नहीं लग सकती..!!

राज अनय के पास जाकर फुसफुसाते हुए-किसी की

बुरी नजर तो नहीं पर नजर पड़ तो गई है डॉली पर वो

देखिए जय भाई को... नजर ही नहीं हट रही उनकी डॉली

से.. लगता है...

अनय ने पहले जय को एक नजर देखा फिर राज को

घुरा तो वो बोला-आपके घूरने से जय भाई डॉली को देखना

थोड़ी छोड़ देंगे वैसे भी आपको क्या..?? आपकी तो

सिर्फ दोस्त है फर्क तो जय भाई को पड़ना चाहिए

उनकी बहन है वो..!!

अनय अब गुस्से से डॉली के सामने खड़ा हो गया जिससे

की जय उसे देख ना पाए पर अगले ही पल जय अनय

के बगल में आकर खड़ा हो गया और ये देखते ही राज

की हंसी निकल गई बाकी सब ने उसे हैरानी से देखा

और अनय के घूरने से उसने जैसे तैसे अपनी हसी दबाई..!!

जय-अरे तुम लोग एक दूसरे को जानते हो क्या..??

जय उसकी बात समझते हुए-जय ये मेरी बहन है डॉली

और राज को तो तुम जानते ही ही अनय का भाई..!!

जय-ओह सॉरी... मैने इसे कई सालो बाद देखा तो

इसलिए पहचान नहीं पाया..!!

अनय अपनी मुट्ठियां भिचते हुए-अब तो पता चल गया ना..

जय-हां ये तो बड़ी अच्छी बात है कि डॉली मेरे प्यारे

से दोस्त की बहन है..

इतना सुनते ही राज को फिर हंसी आने लगी डॉली ने

राज को वहां से चलने का इशारा किया और दोनों

वहां से निखिल और रिंकी के पास आ गए..!!

राज हंसते हुए-यार रिंकी तुम्हारा भाई ना डॉली पर फिदा

हो गए है ये जहां भी जाती वहीं भंवरे की तरह भिनभिनाते

हुए पहुंच जाते..!! और एक मुझे देख लो कोई भाव तक

नहीं देती...

रिंकी शरारती मुस्कान से-ओहो ये तो बड़ी अच्छी बात है...

वैसे डॉली मेरे भाई में कोई बुराई नहीं है.. गुडलूकिंग है,

तुम्हें पसन्द करने लगे है और क्या चाहिए कहो तो तुम्हारे

घर रिश्ता लेकर आ जाऊं...!!

डॉली आंखें बड़ी बड़ी कर टिपटीपाते हुए उसे देखने लगी..

हें... पागल वागल तो नहीं हो गई हो ना.. और अभी हमारी

छोड़ो तुम्हारी इंगेजमेंट हो रही है तो उस पर ध्यान दो ना

क्यों हमें बली का बकरा बनाने पर तुली हो..!!

कुछ देर बाद रिंकी और निखिल की फैमिली ने उन्हें

शगुन का सामान दिया निखिल को रिंकी के पापा ने

गोल्ड की चैन पहनाई..!!मुहूर्त का टाइम होते ही रिंकी

और निखिल ने अंगुठी पहनाई उसके बाद रिश्तेदार और

फ्रेंड्स ने दोनों को गिफ्ट्स दिए बधाईयां दी और फोटोज़

क्लिक करवाए..!!

उसके बाद सबके फोर्स करने पर दोनों ने बहुत खूबसूरत

कपल डांस किया, जय भी डॉली की तरफ बड़ा ही था

की डॉली राज को लेकर डांस करने पहुंच गई जय

एक तरफ जाकर बैठ गया अनामिका ने भी अनय को

डांस के लिए कहा तो वो इंकार नहीं कर पाया..!!

राज डॉली के साथ डांस करते हुए-क्या यार डॉली तुम ने

बेचारे जय भाई का दिल तोड़ दिया.. थोड़ा सा उनके साथ

डांस कर लेती तो उनका दिल खुश हो जाता..!!

डॉली नकली हंसी हंसते हुए-हा हा हा.. वेरी फनी..!! तुम्हें

बड़ी पड़ी है उनके दिल की तो एक काम करो तुम कर लो

उनके साथ डांस..!!

राज-पागल हो क्या..?? तुमने मुझे क्या समझ रखा है..??

डॉली-समझने की क्या जरूरत..?? तुम हो लाल मुंह के

बन्दर..!!

राज-तुमने कुछ और नोटिस किया..??

डॉली-क्या..??

राज-तुम्हारी नई नई बनी बहन मेरे भाई से कुछ ज्यादा

ही क्लोज़ होने की कोशिश करती रहती है हमेशा..!!

डॉली-क्या तुम भी ना वो दोनों दोस्त है जैसे हम है... हम

भी तो एक दूसरे के क्लोज़ है..!!

राज चिढ़ते हुए-हमारी बात अलग है डॉली..!! और तुम्हें

नहीं लगता तुम्हें अपनी इस नई नई बहन पर जो कल तक

तुम्हें देखती तक नहीं थी, उस पर कुछ ज्यादा ही विश्वास है..

डॉली-राज ये क्या नई नई बहन लगा रखा है और भरोसा

क्यों ना करें हम..?? बहन है वो हमारी पहली बार उन्होंने

हमारे साथ इतने प्यार से बात की..!! और रही क्लोज़

होने की बात तो हम दोनों तो बहुत ज्यादा क्लोज़ है एक

दूसरे के फिर..!!

राज गहरी सांस लेकर-डॉली... तुम समझ क्यों नहीं रही

हो..!! उनमें और हममें फर्क है हम बचपन से एक दूसरे

के साथ है..!! हममें लड़ाई पहली बार अभी कुछ एक

महीने पहले किसी तीसरे की वजह से हुई वरना कोई

तीसरा हमारे बीच कभी नहीं था और मैं अब तक उस

गिल्ट में हूं कि मैने किसी लड़की की वजह से अपनी

सबसे अच्छी दोस्त को दुःख पहुंचाया..!! तुम मेरे लिए

सिर्फ दोस्त नही हो दोस्त से भी बढ़कर हो मेरे दिल में जो

प्यार, इज्जत काव्या दीदी के लिए है वही जगह तुम्हारे

लिए भी है..!! और मैं कभी नहीं चाहूंगा की तुम्हें किसी

की भी वजह से हर्ट हो..!!

उसकी बातें सुन डॉली की आंखों से आंसू लुढ़क कर

उसके गाल पर आ गए-हमें नहीं पता था ये बन्दर इतना

समझदार इतना अच्छा और इतना सेंसिटिव भी होगा..!!

और तुम्हें गिल्टी होने की जरूरत नहीं है हमें पता है तुम

हमे तकलीफ पहुंचाने की कभी सोच भी नहीं सकते और

हम तुमसे कभी नाजय भी नहीं हुए थे बस थोड़े ड्रामे

करने तो बनते थे ना..!!

राज-अब मेरी बात मानो और थोड़ा डांस कर लो यार

जय भाई के साथ.. किसी को थोड़ा जलस फिल होना

चाहिए ना..!!

डॉली हैरानी से-क्या मतलब है तुम्हारा..??

राज-चलो मुझे सब पता है..!! ओरो के सामने ये नाटक

करना मेरे सामने मत करो..!! सब समझता हूं मैं..!!

डॉली वही हैरानी के भाव लिए हुए-क्या..?? हम क्या

नाटक कर रहे है..?? हमें खुद नहीं पता कुछ..!!

राज-छोड़ो इस बात को वक्त आने पर तुम्हें भी पता

चल जायेगा..!!

वे दोनों जय के पास आ गए और जय तो इसी फिराक

में था वो आ ही गया डॉली को अपने साथ डांस के लिए

ले जाने.. डॉली ने जय की तरफ देखा तो उसने हां में

सिर हिलाया..!! जय ने डॉली की तरफ हाथ बढ़ाया तो

डॉली ने उसका हाथ थाम राज को देखा उसने एक आंख

विंक की तो डॉली मुस्कुरा दी..!!
 
अनय और अनामिका भी जय और राज के पास आकर

बैठ गए राज ने इधर उधर देख कुछ सैटिंग की और जाते

हुए वेटर को हल्का धक्का दिया तो सारी ड्रिंक्स अनामिका

के ऊपर आ गिरी..!!

वो वेटर उसे सॉरी कहकर गरदन झुका कर खड़ा हो गया,

पर राज ने उसे जाने के लिए कह दिया..!!

अनामिका को गुस्सा तो बहुत आया पर वो कुछ कह ना

पाई और गुस्से से राज को घूरते हुए वहां से निकल गई..

जय ने साथ चलने के लिए कहा पर वो ड्राइवर के साथ

निकल गई..!! और राज अपनी जीत पर मन ही मन

मुस्कुरा उठा..!!

इतनी देर में अब तक अनय ने डॉली को जय के साथ

डांस करते नहीं देखा तो राज ने जय से कहा-भाई

लगता है डॉली और जय भाई की दोस्ती हो गई तभी तो

दोनों डांस करते हुए बात कर रहे है और डॉली को तो

देखो उनकी कंपनी इतनी पसन्द आ रही है कि हंस हंस

कर बात कर रही है..!!

अनय के कानों में उसकी बात पड़ी तो उसने जहां कुछ

लोग डांस कर रहे थे उधर देखा एंजल का एक हाथ जय

के हाथ में और दूसरा उसके कंधे पर था वहीं जय का

हाथ डॉली की कमर पर देख और दोनों को हंसते हुए बात

करते देख उसका माथा ठनक गया..!!

अनय गुस्से से जय से-तुम्हें पता है फिर भी डॉली को

जय के साथ जाने दिया..!!

जय-तुम किसी के भी साथ डांस करते हो तो ना ही

डॉली ने और ना ही मैने कोई एतजय जताया फिर तुम्हे

भी कोई एतजय नहीं होना चाहिए एंजल की अपनी

मर्जी वो किसी के भी साथ डांस कर सकती है और सिर्फ

डांस ही तो कर रही है कोई प्रॉब्लम नहीं है..!!

राज-हां भाई आपको क्या हुआ इस तरह का बिहेव

क्यों कर रहे है आप.. जय ने आंखे दिखाई तो वो चुप

हो गया..!! कुछ देर बाद सबने खाना खाया और धीरे

धीरे सारे गेस्ट चले गए..!! रिंकी और निखिल की फैमिली

भी रात को ही हॉटेल छोड़ने वाले थे..!!

सब एक दूसरे से मिले और अनय, डॉली, जय और

राज अपने घर के लिए निकल गए..!! पूरे रास्ते सब

बातें कर रहे थे बस अनय अब तक खामोश बैठा था..!!

सब गाड़ी से बाहर निकले जय और राज पहले ही

अंदर चले गए जबकि डॉली कार से अपना सामान

निकालने की वजह से पिछे रह गई..!! उसने अपना

सामान निकाला और जाने के लिए मुड़ी तो सामने अनय

को देख हड़बड़ा गई..!!

डॉली-आप यहां क्या कर रहे हैं..?? गए नहीं अभी तक..??

अनय-तुम अकेली थी तो तुम्हें छोड़कर कैसे चला जाता..??

डॉली-पर हम तो अपने ही घर के बाहर है..!! ओके तो

हम जाएं बाय गुडनाईट..!!

अनय उसे रोकते हुए-कुछ देर बात तो कर सकती हो ना..!!

डॉली-उम्म्म्म... हम फ्रेश होकर चेंज करके आते है आप

टैरिस पर आइए हम वहीं बैठ कर बातें करेंगे और वो

मुस्कुराते हुए चली गई..!!

डॉली अपने रूम में आई और शावर लेकर चेंज कर

टैरिस पर चली आई पर वहां कोई नहीं था..!! काफी देर

इंतजार करने पर भी अनय नहीं आया तो वो भी अपने

रूम में आ गई दिन भर की थकान की वजह से पल भर में

ही नींद की आगोश में चली गई..!!

इधर अनय को मिस्टर तिवारी ने अपने साथ ऑफिस का

कुछ काम करने में लगा दिया था तो वो चाह कर भी जा

नहीं पाया..!!

अगले दिन सुबह सब तैयार होकर कॉलेज निकल गए..!!

डॉली ने अनय को इग्नोर कर दिया अनय को समझ

आ गया था और अपनी बेवकूफी पर गुस्सा भी आया कि

उसने एक मैसेज कर बता दिया होता तो डॉली गुस्सा

नहीं करती..!!

खाली क्लास में डॉली लाइब्रेरी के लिए निकली तो अनय

उसी के इंतजार में क्लास बंक कर बैठा था..!! डॉली

उसे अनदेखा कर जाने लगी तो अनय उसका हाथ पकड़

गाड़ी के पास ले आया और अंदर बैठाते हुए डोर लॉक

कर दिया..!! डॉली ने बहुत कोशिश की बाहर निकलने की

पर डोर लोक होने की वजह से मुंह फुला कर बैठ गई..!!

अनय उसे लेकर उसी जगह आया जहां वो डॉली को

पहले लेकर आया था..!!

अनय ने कार से बाहर निकल डॉली की तरफ का गेट

खोला तो डॉली ने अपने दोनो हाथ फोल्ड किए और

मुंह फेर कर बैठ गई..!!

अनय उसकी इस प्यारी सी हरकत पर मुस्कुरा कर-

डॉली प्लीज़ बाहर आओ..!! तुमने कहा था ना तुम्हें

दोबारा यहां आना है तो मैं ले आया..!!

डॉली ने एक नजर उसे देखा फिर मुंह फेर लिया..!!

अनय-डॉली प्लीज़ बाहर आ जाओ.. देखो अगर तुम

बाहर नहीं आई तो फिर मैं तुम्हे गोद में उठाकर ले जाऊंगा..

डॉली ने उसे देखा और हड़बड़ा कर बाहर निकल आई,

और वहां बनी सीढ़ियों से नीचे उतर गई..!!

अनय उसके पिछे जाकर-डॉली प्लीज़ बात तो करो, तुम

बोलते हुए अच्छी लगती हो ऐसे खामोश नहीं..!!

डॉली गुस्से से-रात को हमने इतनी ठंड में आपका टैरेस

पर इंतजार किया जबकि पूरे दिन की थकान कि वजह

से हमें नींद आ रही थी.. पर हम सोए नहीं.. हमने सोचा

आप हमारी दोस्त है और हम.. खेर आपको इससे क्या..?!

अनय उसके सामने कान पकड़ते हुए-सॉरी वो पापा ने

ऑफिस का कुछ काम सौंप दिया था बस उसी को करने

में इतना खो गया कि...

डॉली गुस्से से-कि आपको एक मैसेज कर बताने का भी

होश नहीं रहा..!!

अनय ने वैसे ही कान पकड़ते हुए उठक बैठक लगाना

शुरू कर दी-प्लीज़ अगली बार से पक्का याद रखुंगा..

यार पैर दुःख गए अब तो माफ कर दो..!!

डॉली उसकी बात पर मुस्कुरा दी तो अनय सीधे खड़ा

हो गया..!! दोनों वहीं पानी में पैर लटका कर बैठ गए..!!

अनय-तो.... तुमने उस जय से दोस्ती कर ली.. और उसके

साथ डांस भी किया..!!

डॉली मुस्कुराते हुए-क्यों आप जेलेस हो..!!

अनय दूसरी तरफ मुंह करते हुए-नहीं मैं क्यों जैलेस होऊंगा..

डॉली खड़े होकर उसकी तरफ हाथ बढ़ाकर-तो दी ग्रेट

मिस्टर अनय तिवारी. ..डांस करेंगे हमारे साथ..!!

अनय ने उसे हैरानी से देखा आज पहली बार डॉली ने

उसका नाम लिया था वो भी एक अलग अंदाज में..

आज तो उसे अपने नाम से भी प्यार हो गया था..!!

डॉली उसे खोए हुए देख-दोस्त हम आपसे ही कह रहे

है.. कहां खो गए आप..??

अनय ने उसका हाथ थामा और खड़ा हो गया..!! डॉली

ने फोन में म्युजिक प्लेयर ऑन किया..

अनय उसे रोकते हुए-मैं सुनाऊं कुछ..??

डॉली कुछ सोचते हुए-उम्म.. नहीं अभी नहीं..!!

अनय ने उसके हाथ से फोन लिया और अच्छा सा गाना

प्ले कर फोन को एक तरफ रख दिया..!!

अनय ने डॉली का एक हाथ थाम दूसरे को पकड़ अपने

सीने पर रखा, और अपना दूसरा हाथ डॉली की कमर

पर रख उसे अपने करीब खींच अनय की धड़कनें महसूस

करते हुए उसकी धड़कनों ने भी रफ्तार पकड़ ली..

देखा हजारों दफा आपको

फिर बेकरारी कैसी है

संभाले संभलता नहीं ये दिल

कुछ आपमें बात ऐसी है

दोनों ने जुबान से चाहे कुछ ना कहा हो पर दिल दोनों

के आपस में मिल चुके थे..!! डॉली ने अपने हाथों में

वहीं पहली बार की तरह कंपकपी महसूस की तो अनय

से भी ये बात छुप नहीं सकी.. पर पिछली बार की तरह

इस बार उसने उसे छोड़ा नहीं.. उसकी हथेलियां पसीने

से भीग गई थी इतने ठंडे मौसम में भी दोनों की एक दूसरे

के करीब होने से हालत खराब हो रखी थी..!!

गोल घुमाते हुए अचानक डॉली का बैलेंस बिगड़ जाने

से वो अनय के ऊपर गिरी इस अचानक हुई घटना से

अंजान अनय सम्भल नहीं पाया और दोनों जमीन पर

आ गिरे.. अचानक अनय के ऊपर गिरने कि वजह से

डॉली के होंठ अनय की गरदन को छू गए..!!

अनय की तो आंखें खुली की खुली रह गई...!! दोनों

जल्दी से खड़े हो अपने आप को ठीक किया और बिना

एक दूसरे से नज़रे मिलाए ऊपर चढ़ कर में आकर

बैठ कॉलेज वापस आ गए अब भी दोनों के बीच वहीं

पहले जैसी खामोशी पसरी हुई थी पर ये दोनों

खामोशी अलग अलग वजह से थी..!!
 
कॉलेज पहुंचकर दोनों ने बाकी बचे हुए लेक्चर अटेंड

किए दोनों ही खुश होने के साथ बेचैन भी थे..!! डॉली

भी अपनी ही धुन में लगी थी..!! कॉलेज खतम होते ही

डॉली राज को लेकर जल्दी से घर पहुंच गई वो अनय

के सामने नहीं जाना चाहती थी..!!

बड़ी मम्मा और दोनों भाभी के आ जाने से घर पहले कि

तरह लगने लगा था..!!

शाम को पूजा भाभी ने सबको अपनी माँ बनने की खबर

सुनाई तो सब बहुत खुश हुए डॉली तो खुशी से एक एक

का हाथ पकड़ नाचने लगी..!!

डॉली-वू हू...... हम बुआ बनने वाले है अभी तक हम

सबसे छोटे थे अब हमसे भी छोटे छोटे प्यारे प्यारे बेबीज़

आयेंगे... येए....... सबने पूजा भाभी को आराम करने

और ज्यादा काम ना करने की हिदायत दी फिर नवीन

भईया बड़ी ममा के साथ पूजा भाभी को चेकअप के

लिए भी लेकर गए..!! डॉ ने उन्हें कुछ विटामिन, कैल्सियम

और भी कई सारी मेडिसिन दी और उन्हें ज्यादा से

ज्यादा रेस्ट करने की सलाह दी..!!

रात को नवीन भईया पापा बनने की खुशी में सबको

डिनर पर बाहर लेकर गए इस खुशी में सब दादू दादी

को बहुत मिस कर रहे थे..!!

सब लोगो ने अच्छे से रेस्टोरेंट में डिनर किया और घर आ

गए..!! बड़े पापा, बड़ी ममा, सविता जी ओर प्रमोद जी

हॉल में बैठे बातें कर रहे थे दोनों भईया और भाभी अपने

रूम में और अनामिका भी अपने रूम में अपनी मम्मा से

फोन पर बाते करते हुए चली गई..!! जय और डॉली

को डिनर के बाद बाहर टहलने की आदत थी तो वे दोनों

बाहर निकल गए..!!

कुछ देर बाद वहां टहल रहे अनय और राज पर जय की

नजर पड़ी तो उसने दोनों को आवाज लगाई..!! अनय का

नाम सुनते ही डॉली को दोपहर वाली बात याद आ गई..!!

उसे समझ नहीं आ रहा था वो अनय को कैसे फेस करे..!!

अनय और राज जय की आवाज सुन उसी तरफ आ

गए अनय ने डॉली की तरफ देखा जो उससे नज़रे चुरा रही

थी उसे समझ आ गया था कि डॉली ऐसा क्यों कर रही थी..!!

डॉली और राज टहलते हुए आगे निकल गए और जय

और अनय उनके पिछे-पिछे..!!

अनय कुछ सकुचाते हुए जय से-डॉली से बात करनी

है सिर्फ पांच मिनट.. अगर तुम हां कहो तो..!!

जय उसकी तरफ देखते हुए-इतनी सी बात के लिए

इतना हिचकिचा क्यू रहे हो और अब तो तुम दोनों दोस्त

बन गए हो अब मुझसे पूछने की क्या जरूरत..?? और

एक बात मुझे तुम पर खुद से भी ज्यादा भरोसा है..!!

क्युकी मैं जानता हूं मैं जितना प्यार अपनी डॉली से करता

हूं उससे दुगुना तुम करते हो... बचपन से उसका इंतजार

कर रहे हो वो भी बिना किसी स्वार्थ के.. तुम्हारी आंखों में

मैने अपनी बहन के लिए सच्चा प्यार देखा है मेरी डॉली

खुशनसीब है जो उसे तुम जैसा चाहने वाला मिला..!!

अनय-कुछ ज्यादा ही तारीफ नहीं कर दी तुमने..!! वैसे

सच कहूं मैं अपनी पूरी जिंदगी डॉली को देखते हुए भी

गुजार सकता हूं..!! अगर उसे मुझसे प्यार नहीं भी हुआ

तब भी मैं उसकी खुशी में खुश हो लुंगा...!! मेरे लिए

उसकी खुशी सबसे ज्यादा मायने रखती है अगर वो खुश

तो मैं तो वैसे ही खुश हो जाऊंगा..!! बस अभी सिर्फ

पांच मिनट बात करवा दो..!!

जय-अच्छा देखते है कुछ..!! कुछ सोचते हुए जय ने

राज को आवाज लगाई.. राज पलट कर जय के

पास आया और अनय को जाने का इशारा किया..!!

अनय को अपनी और आते देख डॉली को पसीने छूटने

लगे...!! उसका मन किया कहीं दूर भाग जाए..!! पर

ऐसा कुछ हो नहीं सकता था..!! अनय तेज कदमों से

डॉली के पास पहुंच गया..!!

डॉली बिना उसकी तरफ देखे दोनों हाथो की उंगलियों

को तोड़ मरोड़ रही थी..!!

अनय-डॉली.. कुछ बात करनी है..!! कहीं बेठे..!!

डॉली बिना कुछ बोले और बिना अनय की तरफ देखे

एक बैंच पर जाकर बैठ गई..!! अनय भी कुछ दूरी बनाते

हुए वहीं बैठ गया..!!

अनय-डॉली..!!

डॉली हड़बड़ाकर खड़े होते हुए-वो... वो हमें नींद आ रही

है कल बात करें..!!

अनय कुछ बोलता उससे पहले ही डॉली तेज कदमों से

वहां से निकल गई..!! उसका यूं इग्नोर करना अनय को

दर्द दे रहा था उसकी आंखों में हल्की सी नमी तेर गई..!!

उसे डर था कहीं डॉली उसे गलत ना समझ बैठे..!! जय

ने तेजी से अंदर जाती एंजल को देखा फिर अनय को..!!

वो अनय का दर्द भांप गया था उसने दोनों को गुड नाईट

कहा और अंदर चला गया..!!

डॉली अपने रूम में ना जाकर अपने मम्मा पापा के

पास चली गई..!! सविता जी ने हमेशा की तरह उसके

बालों में तेल मालिश की जिससे उसके दिल दिमाग में

जो शोर हो रहा था उससे राहत मिली..!! प्रमोद जी को

वो कही खोई हुई सी लगी पर पढ़ाई के बारे में सोच

उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया कुछ ही देर में डॉली को

नींद आ गई..!!

इधर अनय अपने रूम में बेचैनी से चहल कदमी कर रहा

था..!! उसकी कहीं कोई गलती नहीं थी फिर भी उसे

ये डर खाए जा रहा था, जिससे उसने इतनी शिद्दत से

मोहब्बत की.. कहीं वो उसकी मोहब्बत पर शक ना कर

बैठे..!! बिस्तर पर करवट बदलते रात से सुबह हो गई

पर वो एक पल भी सो ना पाया..!!

अनय जल्दी से उठकर अपना हुलिया ठीक कर वॉक

के लिए गार्डन गया जहां डॉली पहले से योगा कर रही थी..!! अनय ने उसे डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा और कानों

में इयर फोन लगा जॉगिंग करने लगा..!!

कुछ देर बाद डॉली जब जाने को हुई अनय ने उसका

हाथ पकड़ रोक लिया..!!

अनय हांफते हुए-डॉली क्यों इग्नोर कर रही हो..?? देखो

कल जो भी हुआ उसमें किसी की भी गलती नहीं थी वो..

वो तो गलती से अचानक हुआ था ना ये तो तुम अच्छे से

जानती हो..!! और मैने तो कुछ किया ही नहीं तो तुम..

क्यों ऐसे बिहेव कर रही हो..?? देखो तुम मुझसे बात नहीं

करना चाहती इट्स ओके..!! मैं कभी तुम्हारे सामने भी

नहीं आऊंगा..!! इतना कहते कहते उसकी आवाज भर्रा

गई..!! और वो वहां से तेजी से निकल गया..!!

उसकी बातें सुन डॉली की आंखों में नमी तेर गई..!!

डॉली खुद में बड़बड़ाते हुए-आप क्यों है ऐसे..?? सॉरी

तो हमें कहना चाहिए था जो हुआ हमारी वजह से हुआ..!!

उस वजह से हम आपसे नज़रे भी नहीं मिला पा रहे थे..

और आप सब अपने ऊपर ले बैठे..!! हमारी खामोशी

हमारा आपको नजर अंदाज करना आपको इतना तकलीफ

देता है, तो कह क्यों नहीं देते अपने दिल की बात..!! सिर्फ

हमारी खुशी के लिए, हमें तकलीफ ना हो इसलिए अब

तक चुप है..!!

डॉली अपने रूम में पहुंची और अपने नोट्स समेट बेग

में डाले और कपड़े ले बाथरूम में चली गई सबके साथ

ब्रेकफास्ट किया और जय, अनामिका के साथ कॉलेज

पहुंच गई..!! हर जगह ढूंढने पर भी उसे अनय कहीं नजर

नहीं आया..!! लेक्चर अटेंड करते हुए भी मन में बस

अनय का ही ख्याल था..!! उसे पता था वो कहां मिलेगा,

रिंकी से उसकी स्कूटी लेकर वो फिर उसी जगह पहुंच

गई जहां अनय उसे लेकर आया था जैसा उसने सोचा

था अनय उसे वहीं किसी सोच में गुम दिखाई दिया..!!

डॉली उसके बगल में बैठते हुए-आप अपने आपको को

क्या समझते है..?? अरे सामने वाले की बात सुने बिना

ही उसके बिहाफ में भी आप सोच लेंगे तो फिर क्या होगा..??

अनय ने हैरानी से उसकी तरफ देखा..!!

उसे अपनी तरफ हैरानी से देखते हुए-अरे अब आप ऐसे

क्यों देख रहे है..?? कल गलती हमनें की हमारी वजह

से आपको शर...

अनय उसकी बात काटकर-तुम्हारी वजह से कुछ नहीं

हुआ तो खुद को ब्लेम करने की कोई जरूरत नहीं..!!

डॉली-हां तो आपकी भी तो कोई गलती नहीं थी ना..!!

हम बस आपको फेस नहीं कर पा रहे थे.. कल जो हुआ

वो हमारे लिए नॉर्मल नहीं था बस इसी लिए... पर आप

तो कुछ भी मतलब सामने नहीं आऊंगा एन ऑल..!!

अनय -वो इसलिए ताकि तुम अनकंफर्टेबल ना हो मुझे

देख कर..!! वैसे तुम्हें कैसे पता मैं यहां..

डॉली बात बदलते हुए-आपको पता है आपकी वजह से

हमारे कल के आधे और आज के सारे लेक्चर छूट गए..!!

अनय-चलो चलते है तुम्हारे लेक्चर मिस नहीं होंगे..!!

डॉली कमर पर हाथ रखते हुए-ओहो कितने खराब है

आप..!! (अनय उसकी बात पर मुस्कुरा दिया) अरे

हमने कोई जोक मारा क्या..?? हम यहां आए आपके

लिए और आप है कि....(बात समझ आते ही डॉली ने

अपने दांतो तले जीभ दबाई और अनय की तरफ देख अपनी बत्तीसी चमका दी)

अनय ने बैठते हुए उसे भी बैठने का इशारा किया तो

वो भी उससे दूरी बनाते हुए बैठ गई..!!
 
अनय-डॉली...!!

डॉली उसकी तरफ देखते हुए-हम्मम..!!

अनय-तुम मेरे साथ यहां इस सुनसान जगह पर बिना

कुछ सवाल जवाब किए...

डॉली उसकी बात काटते हुए-हम बिना सवाल जवाब

किए आपके साथ यहां आते है क्युकी हमें आप पर

भरोसा है आज तक आपने कभी भी हमारे अकेले होने

पर फायदा नहीं उठाया, कभी हमें गलत तरीके से छूने

की कोशिश नहीं की..!! हम आपके साथ सेफ फिल

करते है..!!

अनय उसकी तरफ देख मुस्कुरा दिया फिर बोला-थैंक्यू

इतना भरोसा करने के लिए..!! कल से अब तक लग

रहा था कहीं तुम मुझे गलत ना समझ बैठो..!!

डॉली-जब आपकी गलती थी ही नहीं तो हम आपको

गलत क्यों समझते..!! अच्छा वो सब छोड़िए कुछ

पूछना चाहते है आपसे..!!

अनय-हां पूछो ना..!!

डॉली-आप हमारा मजाक तो नहीं बनाएंगे ना..!! वो हम

भईया से नहीं पूछ सकते और राज वो हमारा मजाक

बना देता इसलिए हमने सोचा आपसे..

अनय-हम दोस्त है ना और अगर तुम अपने मन की

बात अपने दोस्त से शेयर करने में हिचकिचा रही हो

तो फिर दोस्ती का क्या मतलब..!! तुम बेझिझक जो

चाहे पूछ सकती हो..!!

डॉली-वो.. हम पूछ रहे थे कि (फिर गहरी सांस लेकर)

प्यार और अट्रैक्शन में क्या फर्क है..?? मतलब... की...

अनय उसकी तरफ घूमकर बैठते हुए उसकी आंखों में

देखते हुए-प्यार और अट्रैक्शन दोनों ही अलग है..!!

अट्रैक्ट तो हम कितने ही लोगो की तरफ हो जाते है पर

प्यार सिर्फ किसी एक से होता है..!! अट्रैक्शन पल भर

का, या कह लो कुछ समय का होता है, जबकि प्यार तो

आखिरी सांस तक रहता है..!!अट्रैक्शन बाहरी सुंदरता

से होता है, जबकि प्यार रूह से रूह का होता है..!!

डॉली-तो ये कैसे पता चलता है हमें किसी से प्यार है या

अट्रैक्शन..??

अनय-तुम्हे कभी किसी के साथ अट्रैक्शन हुआ है..??

डॉली मुंह बनाकर- पता नहीं ये सब बहुत टफ़ है हमें तो

समझ ही नहीं आता कुछ..!! पर आप बताईए आपने

मसूरी में कहा था वो कोई टेंथ स्टैंडर्ड की लड़की..!!

अनय-वो तो बस ऐसे ही कह दिया था जबकि ऐसा कुछ

तो था ही नहीं..!!

डॉली आंखे बड़ी करके-क्या मतलब..?? आपने झूठ

बोला था..!! पर क्यों..??

अनय-मेरा कृष और प्यार दोनों एक ही है और मैं किसी

को भी नहीं बताना चाहता था..!!

डॉली-क्यों..?? क्यों नहीं बताना चाहते थे..??

अनय उसकी आंखों में झांकते हुए-क्युकी मुझे नहीं पता

वो मुझसे प्यार करती भी है या नहीं और बिना जाने मैं

कैसे सबके सामने उसका नाम लेता..!!

उसकी आंखों में डॉली को अपना अक्स नजर आ रहा था

और अपने लिए बेपनाह प्यार... कुछ पल उसकी आंखों

में देखते हुए उसने नज़रे घुमा ली..!!

डॉली-आपने हमें बताया नहीं केसे पता चलेगा प्यार

और अट्रैक्शन का..??

अनय-जब तुम्हें प्यार होगा तब खुद ब खुद पता चल

जायेगा..!! तब तक वेट करो..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-पर आपको तो हुआ है ना प्यार हम...

बाकी शब्द उसके गले में ही अटक गए...( डॉली मन में-

डॉली बेटा तुम अपनी लंका खुद जलाओगी... इनके

साथ रह कर तो पक्का कुछ ना कुछ ऊटपटांग हो ही

जाना है कल वो किस.. ओह माय गॉड हमारे लिप्स तो

गलती से इनकी गरदन को छू गए थे इस बात का हमें

इतना... फिर इनके साथ तो हुआ था इन्हें कैसा फिल हुआ

होगा..

अनय-डॉली... डॉली...

डॉली अपनी सोच से बाहर आकर-हं.. हां.. हां कुछ कह

रहे थे क्या आप..??

अनय-नहीं पर अब चले वरना लेट हो जायेगा..!!

दोनों उठकर ऊपर आ गए..!!

अनय स्कूटी देख-ये...

डॉली-वो हम लेकर आए थे रिंकी की है..!!

अनय-क्या जरूरत थी..?? ऑटो से आ जाती ना..!! और

नहीं भी आती तो कौन सी आफत आ जानी थी..!!

तुम्हें पता है ना ऐसे अकेले आना सेफ नहीं है तुम.. तुमने

जय को भी नहीं बताया होगा (डॉली अपने नाखुन

चबाने लगी) डॉली क्या बचपना है तुम यहां अकेले आ

गई वो भी बिना किसी को बताए और मुझे भी नहीं

बताया..!!

डॉली-सॉरी.... वो हमें याद ही नहीं रहा..!! पर हम तो

एकदम ठीक है ना आपके सामने, आपके साथ..!!

अनय-ये अच्छी बात है कि तुम ठीक हो और मेरे साथ हो,

पर अगर तुम्हें... छोड़ो अब तुम स्कूटी आगे लो मैं तुम्हारे

पिछे ही हूं..!!

डॉली मुंह बनाते हुए स्कूटी स्टार्ट कर आगे निकल गई और

उसके पिछे ही अनय भी..!! डॉली कॉलेज पहुंची उसके

बाद अनय भी घर चले आया..!! अगले दिन से दो दिन

की छुट्टी थी सैटर्डे, सन्डे की और जय ओर निखिल

घूमने जाने वाले थे तो राज और डॉली को भी कहा..!!

राज ने तुरन्त हां कर दी पर डॉली ने पूछकर बताएगी

कह दिया..!!

रात में डिनर टाइम में डॉली ने सबको बताया तो सबने

उसे जाने से मना कर दिया..!!

बड़े पापा-बेटा तुम लोग अकेले जाओगे कोई बड़ा भी

नहीं होगा तुम्हारे साथ ऐसे में हम तुम्हें अकेले नहीं जाने

दे सकते..!!

डॉली ने उम्मीद से अपने पापा की तरफ देखा..

प्रमोद जी-प्रिंसेस तुम्हारे बड़े पापा सही कह रहे है और

हम अपनी प्रिंसेस को ऐसे अकेले बिल्कुल भी नहीं जाने

दे सकते..!!

सविता जी-हां बेटा वैसे भी अभी कुछ टाइम बाद दीवाली

है और उसके बाद तुम्हारे एग्जाम..!! तो पढ़ाई पर ध्यान

दो घूमना तो बाद में भी हो जायेगा..!!

सबने बारी बारी समझाया डॉली समझ गई पर उसकी

इच्छा थी जय निखिल के साथ जाने की उसने थोड़ा

बहुत खाया ओर बाहर आ गई..!! डॉली ने रिंकी को कॉल

कर बता दिया वो नहीं जा पायेगी..!!

रिंकी-यार डॉली तुम नहीं जाओगी तो राज भी नहीं

जायेगा और फिर निखिल और मैं भी जाकर क्या करेंगे..!!

डॉली-सॉरी यार पर क्या करे हम..?? घर वाले माने ही

नहीं..!! हां यहां दुन में चाहे जहां घुम सकते है पर बाहर

नहीं..!!

जय उसके बगल में बैठते हुए-और कल हम सब चलेंगे

यहां की पहाड़ियों पर घूमने..!!

रिंकी-हम्मम... सुना मैने चलो फिर निखिल और मैं भी

तुम्हारे साथ हरिद्वार ही घुम लेंगे.. वैसे भी हम कहां अब

तक पूरा दून घूमे है..!!

डॉली मुस्कुराते हुए-ओके फिर कल मिलते है बाय..!!

कॉल कट कर उसने मुस्कुरा कर जय की तरफ देखा

और उसके सीने से लग गई..!!

डॉली-थैंक्यू भईया.... हम बस निक्कू और रिंकी को

मना करने में हिचकिचा रहे थे.. उन दोनों ने हमें पहले भी

कहा था और हम उन्हें टालते रहे.. पर इस बार आपने

सब सम्भाल लिया..!!

जय -छोटी-छोटी बातों पर यूं उदास नहीं हुआ करते,

तुम्हें पता है ना तुम मुझे उदास अच्छी नहीं लगती..!!

डॉली-हम जानते है..!! हम राज को भी कॉल करके

बता देते है और दो... नहीं उन्हें आप बता देना..!! वो

चलेंगे ना हमारे साथ..??

जय मुस्कुरा कर-तुम्हारा दोस्त है तो क्यों नहीं चलेगा..!!

डॉली राज को और जय अनय को कॉल पर बताने लगे

दोनों ने एक दूसरे को गुड नाईट कहा ओर रूम में आ गए..!!

सैटर्डे का दिन कैंसिल कर दिया और अगले दिन सन्डे

को डिसाइड किया गया घूमने जाने के लिए..!! पूरा

दिन ऐसे ही निकल गया एंजल के दिल दिमाग में बस

अनय ही छाया हुआ रहा उसे समझ नहीं आ रहा था

ये अट्रैक्शन है या प्यार..!!

रात देर तक जागने की वजह से डॉली अब तक सो रही

थी..!! बाकी सब जाने के लिए रेडी हो चुके थे..!! घर के

बड़े लोग अपने किसी जानने वालो के यहां गए थे, क्युकी

एक सन्डे का दिन ही था जब ऑफिस से फ्री हो पाते थे..!!

सविता जी ब्रेक फास्ट बना कर गई थी..!! दोनों भईया

भी भाभी के साथ अपने दोस्तों के यहां गए थे जो काफी

टाइम से बुला रहे थे..!!
 
जय डॉली के रूम में आते हुए-डॉली अब उठो भी..!!

तुम्हें जाना भी है या नहीं..?? सब रेडी हो चुके है बस एक

तुम्ही अब तक सो रही हो..!! निखिल और रिंकी भी आते

ही होंगे..!!

डॉली उसकी गोद में सिर रखते हुए-बस पांच मिनट..!!

जय उसके बालों को सहलाते हुए मुस्कुरा कर-और

ये पांच मिनट कब खतम होंगे..??

डॉली वैसे ही आंख बन्द रखे हुए-आपको पता है..??

जय-क्या..??

डॉली-यही की आपकी गोद में सिर रखकर सोते हुए वैसे

ही सुकून मिलता है जैसे मम्मा की गोद में..!!

जय की पलके भीग गई और डॉली ने बन्द आंखों से भी

ये महसूस कर लिया तो वो उठकर बैठ गई..!!

डॉली-भईया आप ना ऐसे अच्छे नहीं लगते यार आप तो

लड़के हो..!! और लड़के ऐसे छोटी-छोटी बातों पर

इमोशनल होते अच्छे नहीं लगते..!!

जय मुस्कुराते हुए-क्यों हम लड़को का दिल नहीं होता

है क्या..?? और मैं सिर्फ अपनी बहन के लिए इतनी जल्दी

इमोशनल होता हूं..!! अच्छा लगता है जब तुम मेरी गोद

में सिर रखकर बेफिक्र रहती हो..!!

डॉली-हां और अभी उठने के लिए कौन कह रहा था..??

(फिर उसकी गोद में सिर रखकर लेटते हुए)और आप

भईया है हमारे तो बेफिक्र क्यों ना रहें..??

जय उसे उठाते हुए-चलो अब बहुत लेट हो गया है सब

रेडी है ओर बड़े पापा, पापा, बड़ी ममा और मम्मा किसी

रिश्तेदार के यहां गए है और दोनों भईया भाभी भी किसी

के यहां गए है..!!

डॉली सोचते हुए-और अनु दी..!!

जय मुंह बनाते हुए-होगी अपने रूम में..!! मम्मा ने कहा

है उसे साथ ले जाने के लिए तो तैयार हो रही होगी..!!

तुम जल्दी रेडी होकर नीचे आओ सब ब्रेकफास्ट करके

गए है..!!

डॉली-हम अकेले नहीं कर पायेंगे..!! आपको पता है ना..!!

जय मुस्कुराते हुए-तुम्हें भी पता है ना तुम्हारे बिना मैं भी

नहीं खाता तो फिर..!! अब जल्दी आओ मैं ब्रेक फास्ट

गरम कर रहा हूं..!! कहते हुए वो गेट बन्द करते हुए बाहर

निकल गया..!! डॉली भी कपड़े ले जल्दी बाथरूम में

चली गई..!!

जय ने ब्रेक फास्ट गरम कर टेबल पर रखा और कॉफी

भी बना लाया तब तक डॉली भी आ गई..!! उसने घूमने

जाने के हिसाब से व्हाइट टी शर्ट जिस पर बीचों बीच बड़ा

सा रेड हार्ट शेप बना हुआ था लाईट फेडेड ब्लू जींस बालों

को पॉनी किए हुए कुछ छोटे बाल आगे माथे पर आकर

उसकी खूबसूरती बड़ा रहे थे..!!

वो आकर बैठी ही थी कि सविता जी का कॉल आ गया

जय को..!! उसने फोन स्पीकर पर किया और चेयर

पर बैठ गया..!!

सविता जी-जय प्रिंसेस उठी या नहीं अभी तक,बेटा

नाश्ते का टाइम निकल जायेगा उठाओ उसे और दोनों

अच्छे से नाश्ता कर लेना..!!

एंजल मुस्कुराते हुए-मम्मा हम उठ भी गए और रेडी होकर

ब्रेक फास्ट करने के लिए ही बेठे है..!!

सविता जी-अच्छी बात है और जय बेटा..

जय-जी मम्मा..!!

सविता जी-बेटा डॉली नादान है जहां भी घूमने जाओ

उसका साथ बिल्कुल मत छोड़ना और ध्यान रखना

हमारी प्रिंसेस का..!!

जय-मम्मा आप नहीं भी कहती तो भी मैं डॉली को

अकेले नहीं छोड़ता..!!

डॉली-मुंह बनाकर-मम्मा अब हम बड़े हो गए है और

कॉलेज भी एक डेढ़ साल में खतम होने को है तो हम

नादान कैसे हुए..??

सविता जी-हमारे लिए तुम अभी भी छोटी और नादान

हो और...

डॉली-ममा हम सब समझ गए..!! आप रिश्तेदारों पर

ध्यान दे ओर टेंशन बिल्कुल ना ले आपकी डॉली आपको

वन पिस में ही मिलेगी..!!

जय-अच्छा मम्मा बाय ब्रेक फास्ट फिर से ठंडा हो

जायेगा..!!

सविता जी हंसते हुए-अच्छा ठीक है बाय दोनों ध्यान

रखना अपना..!!

दोनों ने ब्रेक फास्ट किया कॉफी पी तब तक अनामिका

भी नीचे आ चुकी थी और रिंकी और निखिल के साथ

जय भी..!!

सब बाहर ही थे जय तो डॉली को ही देख रहा था जब

जय ने देखा तो डॉली को अपने पिछे कर लिया.. और

जय ये देखकर झेप गया..!!

रिंकी अपने भाई को पिछे की ओर खींचा और फुसफुसा

कर बोली-भाई क्या कर रहे है आप..?? और वो आपके

लिए नहीं बनी है तो उसे इस तरह देखना बन्द करिये..!!

और आवर भईया के सामने यार भाई आप भी ना..!!

जय धीरे से-क्या मतलब मेरे लिए नहीं बनी..!!

रिंकी दूसरी तरफ से आते अनय और राज की तरफ

इशारा करते हुए-उधर देखिए..!!

जय सामने से आते अनय और राज को देखते हुए-क्या..??

इन दोनों को क्यों देखू..?? फिर कुछ सोचते हुए-मतलब

राज और डॉली.. कहते हुए उसके चेहरे पर उदासी

आ गई..!!

रिंकी-आॅफ्फो भाई राज नहीं..!! आप छोड़िए अब आप

भूल जाईए डॉली को..!! आपके लिए भी कोई ना कोई

बनी ही होगी.. और जल्दी ही मिलेगी आपसे..!!

जय मुंह लटकाए हुए-पर डॉली तो नहीं मिलेगी ना देखो

ना कितनी प्यारी है वो..!!

अनय और राज दोनों ही अब तक नहीं आए थे ..!!

जय ने जेब से फोन निकाला ही था कि दोनों सामने से

आते नजर आए..!! डॉली हैरानी से उस तरफ देख रही

थी तो वहीं राज भी बाकी सबका ध्यान गया नहीं था..!!

जब दोनों सबके पास आए तो सब अब कभी डॉली को

तो कभी अनय की ओर देख रहे थे.. अनय ने भी डॉली की तरफ देखा तो मन ही मन खुशी से चहक उठा.. दरअसल

अनय ने व्हाइट टी शर्ट और लाईट ब्लू फेडेड जीन्स पहन

रखी थी और हाथ में व्हाइट जैकेट थी बस जहां डॉली की

टी शर्ट पर हार्ट शेप बना था वहीं अनय की टी शर्ट प्लेन थी..!!

दोनों ने शूज भी व्हाइट ही पहने हुए थे..!!

दोनों के कपड़े सेम शुज़ देख अनामिका का तो पारा ही

चढ गया..!! वो जाकर कार की फ्रंट सीट पर बैठ गई ये

सोचकर कि अनय की कार है तो ड्राइव तो वहीं करेगा..!!

सब लोगो ने बैठने का डिसाइड किया दो कार थी और

वे सब मिलाकर आठ..!! चार चार करके बैठना डिसाइड

हुआ..!! डॉली, राज, रिंकी और निखिल एक कार में

क्युकी चारों फ्रेंड्स थे और वहीं जय, अनय, जय और अनामिका दूसरी में..!!

जैसा कि अनामिका ने सोचा वैसा बिल्कुल नहीं हुआ

और जय ड्राइविंग सीट पर और अनय और जय बेक सीट

पर बैठ गए ये देख अनामिका एक बार जय को घुर कर

देखा तो उसने अपनी बत्तीसी चमका दी और कार आगे

बड़ा दी..!!

इधर दूसरी कार में रिंकी और निखिल आगे और राज

और डॉली बेक सीट पर..!!

राज धीरे से डॉली से-डॉली तुमने और भाई ने कोई

प्लैनिंग कर रखी थी क्या सेम कपड़े सेम शूज़ हां.. बताओ..!!

डॉली-पागल है क्या हम क्यू प्लैनिंग करने लगे वो भी

तुम्हारे हिटलर भाई के साथ..!!

राज-अरे तुम और भाई तो अच्छे दोस्त बन गए हो फिर

अब हिटलर क्यों..??

डॉली-नहीं वो तो तुम्हारे सामने बोल रहे है उनके सामने

नहीं बोलते..!! वैसे एक बात कहें तुमसे..??

राज-हां बोलो ना क्या हुआ..??

डॉली-वो ना अनु दी हमसे अच्छे से तो बात करने लगी

है पर हम ना उनसे एक बहन कि तरह.. मतलब की

जैसे हम भईया और बाकी सबके साथ रहते है तुम्हारे

साथ, दोस्त के साथ पर उनके साथ नॉर्मल नहीं रह

पाते पता नहीं क्यों कंफी नहीं है हम उनके साथ..??

राज-हम्मम.. अच्छा ये तो ठीक है कि तुम्हे उनके साथ

टाइम लगेगा थोड़ा क्युकी हम सब तो बचपन से है तुम्हारे

साथ जैसे थे वैसे ही है..!! पर उनमें अचानक बदलाव

आया है जिसे एक्सेप्ट करने में उनके साथ एडजस्ट करने

में थोड़ा टाइम तो लगेगा..!!

डॉली सोचते हुए-हम्मम.. सही कह रहे हो तुम..!!

राज -अच्छा एक ओर बात..!! भाई भी तो पहले...

आई मीन तुम उन्हें हिटलर बुलाती थी पर जब उन्होंने

दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाया तुम तो उनसे तब ही खुल

गई थी मतलब तुम्हें अनकंफर्ट फिल नहीं हुआ उनके

साथ कभी.. बता सकती हो क्यों..??

डॉली-देखो तुम्हारे भाई.. मतलब हिटलर.... वोओओ...

राज-इतना अटक क्यों रही हो दोस्त है यार हम सीधे

सीधे बोल सकती हो जो भी दिल में है मैं सीक्रेट रखूंगा..!!

निखिल ड्राइव करते हुए-कौन सा सीक्रेट भाई हमें भी

बताओ..?? कबसे खुसुर फुसुर किए जा रहे हो..!! यहां

हम बोर हो रहे है..!!

रिंकी-हां यार सच्ची में बोर हो रहे है हम लोग तो फिर

भी बातुने है भाई ये लोग तो सब एक जैसे है सन्नाटा ही

पसरा होगा उन लोगो में तो..!!

डॉली -वैसे हम जा कहां रहे है यार भैय्या से पूछा तो

बोले कुछ डिसाइड नहीं है दो तीन जगह जायेंगे..!!

निखिल-हां सबसे पहले तो गुचु पानी जा रहे है..!! फिर

देखते है लास्ट में सन सेट देखने किसी ऊंची सी

पहाड़ी पर जायेंगे..!!

डॉली-वाऊ यार मतलब आज का दिन तो बेस्ट होने वाला

है.. हमने सिर्फ सुना था इस जगह के बारे में पर पापा

और बड़े पापा ने कभी आने नहीं दिया..!!

सब बातें करते हुए आखिर कार गुचू पानी पहुंच गए जिसे

रॉबर्स केव भी कहा जाता है..!! ये गुफा छः सौ-साढ़े छः

सौ मीटर लम्बी है बीच बीच में इसमें झरने भी देखने को

मिल जाते है इसमें घुटनों तक पानी नीचे बहता रहता है..!!
 
सब लोग कार से उतर कर गुफा के अंदर गए डॉली ने

अपनी जीन्स घुटनों तक चढ़ा ली अनामिका केप्री पहने

थी और रिंकी शॉट्स तो दोनों को इसकी जरूरत नहीं

पड़ी..!!

संकरे रास्ते से पहाड़ों के बीच पानी में चलने में सबको

बड़ा ही मजेदार लग रहा था आधे रास्ते तक चलते हुए

डॉली को भूख भी लगने लगी और वो थक भी गई..

बाकी सब आगे निकल गए और डॉली वहीं एक पत्थर

पर बैठ गई..!! जय ने अपने इधर उधर डॉली को

देखा पर वो कहीं नहीं दिखी अनय ने जय को परेशान

देख सबको देखा उसे भी डॉली कहीं नजर नहीं आई..!!

जय अनय के पास जाकर-यार लगता है वो थक गई

होगी इसलिए वहीं कहीं बैठ गई होगी हम भी उसके

पास ही चलते है..!!

अनय-मैं जाऊं उसके पास..?? तुम...

जय मुस्कुराते हुए-इतना हिचकिचाने की जरूरत नहीं

है जाओ मैं सबके साथ आगे जाता हूं..!!

अनय उसके गले लगकर-थैंक्यू यार तुम जैसा दोस्त ओर

भाई बहुत कम लोगो को मिलते है.. कितनी आसानी से

सब समझ लेते हो..!!

जय-चलो अब जाओ वो अकेली होगी ना..!!

जय आगे चले गया ओर अनय पिछे..!! अनय ने देखा

डॉली जहां बैठी थी सब निकलने वाले उसे ही देखते जा

रहे थे कुछ तो वहीं उसके सामने बैठे बेशर्मों की तरह

उसे देख रहे थे और डॉली इन सबसे बेखबर सेल्फी लेने

और वीडियो बनाने में लीन थी..!!

अनय उसके पास पहुंचकर-डॉली चलो यहां से..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-नहीं हम अब आगे नहीं जायेंगे.. ये

पानी अच्छा तो लग रहा है पर हम बिना शूज़ पहने आगे

नहीं जा सकते और शूज़ पहन भी नहीं सकते वो गीले

हो जाएंगे तो सुखने में टाइम लगेगा..!!

अनय-हम कार में चलते है यहां ऐसे बैठना...

डॉली उसकी बात काटकर-नहीं हम कार में बैठने तो

नहीं आए ना..!! आगे नहीं जा सकते पर यहां बैठकर

वो सामने जो झरना है उसे तो देख सकते है ना..!!

अनय-अच्छा ठीक है पर पहले ये जीन्स ठीक करो अब

पानी में तो नहीं जा रही तो फोल्ड क्यों कर रखी है..!!

डॉली ने बैठे-बैठे ही जींस ठीक की अनय उसके बगल

में जाकर बैठ गया और हाथ में रखी जैकेट डॉली के

कंधों पर डाल दी..!!

डॉली ने हैरानी से उसे देखने लगी..

अनय-तुम्हारे पहनने के लिए ही लाया था..!! हां मेरी है तो

थोड़ी ओवर साइज लगेगी पर ठंड नहीं लगेगी..!! पहन लो

पानी की वजह से यहां ठंडी हवा चल रही है..!!

डॉली ने जैकेट पहनी उस जैकेट को पहन उसे एक

खुबसूरत सा अहसास हुआ उसने अनय की तरफ देख

जो सामने की ओर देख रहा था..!!

डॉली-वैसे आपने ये कपड़े ही क्यों पहने मतलब हम दोनों

के कपड़े सेम...

अनय-हां मुझे ये कॉम्बिनेशन बहुत पसंद है और ये दिखने

में भी बहुत लाईट होते है..!! वैसे तुमने क्यों पहने..??

डॉली-जो आपने कहा बिल्कुल वहीं हमने भी सोचा और

ये टी शर्ट हमारी फेवरेट है क्युकी ये भईया ने दी थी..!!

हम एक सेल्फी ले सकते है आपके साथ..??

अनय मुस्कुरा कर-एक क्यों जितनी चाहे उतनी ले सकती

हो..!!

डॉली ने अपना फोन निकाला और अनय ने उससे फोन

लिया और उसे अपने करीब आने के लिए इशारा किया,

तो डॉली उसे हैरानी से देखने लगी..!!

अनय-अब सेल्फी लेने के लिए तुम्हें मेरे पास तो आना ही

पड़ेगा ना..!!

डॉली उसके करीब आकर खड़ी हुई तो अनय ने उसकी

कमर में हाथ डाल अपने करीब खींच लिया अनय की

नज़रे कैमरे पर और डॉली की अनय पर थी जो अनय

के इस तरह कमर में हाथ डालकर खींचने से हैरानी से

उसे ही देख रही थी..!! अनय ने वैसे ही सेल्फी ले ली और

डॉली से कुछ दूर हट गया..!!

अनय-सॉरी वो सिर्फ सेल्फी लेने के लिए.. तुम्हें...

डॉली-नो. नो... इट्स ओके हमें बुरा नहीं लगा..!!

अनय ने सेल्फी लिए हुए फोटोज़ अपने नंबर पर सेंड करने

के लिए डॉली से कहा..!!

डॉली-आप ही कर लीजिए..!!

अनय-तुम्हारा फोन है मैं कैसे...??

डॉली-हमारे फोन में ऐसा कुछ है ही नहीं जो छुपाना पड़े

हम तो पासवर्ड भी नहीं रखते..

अनय-मेरा नंबर सेव है तुम्हारे पास..??

डॉली फ्लो फ्लो में-हां हैना देखिए व्हाट्स ऐप पर मिश...

फिर अनय की तरफ देखते हुए.. नहीं वो हम सेंड कर देंगे,

आप रहने दे..

अनय-अरे मैं कर लूंगा..!! डॉली ने आगे बढ़कर उससे

फोन लेना चाहा पर अनय ने हाथ ऊपर कर लिए..!! डॉली

अपने पंजों पर होते हुए उसके हाथों से फोन लेने की

कोशिश में उसके एकदम करीब पहुंच गई कुछ पल के

लिए दोनों ही एक दूसरे की आंखों में देखते हुए खो गए..

फिर एकदम से दोनों ने ही नज़रे फेर ली और डॉली

उससे दूर हटकर अपनी जगह पर जाकर बैठ गई, अनय

ने उसे फोन वापस करते हुए फोटोज़ सेंड करने के लिए

कहा और वहीं बैठ गया..!!

कुछ देर बाद खामोशी तोड़ते हुए अनय शरारत से-वैसे

कुछ देर पहले तुम कह रही थी कि तुम्हारे फोन में छुपाने

लायक कुछ नहीं है तो फिर क्या हुआ जो मुझसे अचानक

ही फोन छीनने लगी..!!

डॉली इधर-उधर देखते हुए-न.. नहीं कुछ भी नहीं..!!

अनय ने अपना फोन निकाला और डॉली को कॉल लगा

दिया फोन सामने होने से स्क्रीन पर जो नाम फ्लैश हुआ

उसे देख डॉली ने अनय को देखा तो अनय स्क्रीन पर

फ्लैश हो रहे नाम को देख मुस्कुरा दिया..!!

अनय-तुमने मुझे ये बूढों वाला नाम क्यों दे रखा है..!! पहले

हिटलर फिर दोस्त और फोन पर तिवारी जी..!! मेरा नाम

इतना अच्छा तो है अनय तिवारी वो सेव कर लेती..!!

डॉली-अ... वो तिवारी जी सबसे बेस्ट लगा इसलिए..!!

अनय बड़बड़ाते हुए-मुझे लगता है इन फ्यूचर तुम मुझे

इसी नाम से बुलाने वाली हो तभी तो...

डॉली-कुछ कहा आपने..??

अनय-नहीं वो बाकी सब आ रहे है.. चलो हम भी चलते

है कार में..!!

डॉली-हां.. हमें बहुत देर से भूख भी लग रही है..!!

दोपहर हो चुकी थी और सभी को बहुत भूख लग रही

थी अनामिका की नज़रे अनय और डॉली पर पड़ी तो

उसका खून खौल उठा जब उसने डॉली को अनय की

जैकेट पहने देखा तो उसका मन किया यहीं किसी पहाड़ी

से धक्का दे डॉली का किस्सा ही खतम कर दे.. और

यही सोचते हुए उसके दिमाग में कुछ उलुलजलुल विचार

आया और उसके होंठो पर शातिर मुस्कान तैर गई..!!
 
जय ने डॉली और अनय को साथ देख राज की तरफ

देखा जो मुस्कुराते हुए डॉली के पास पहुंचा..!! वो समझने

की कोशिश कर रहा था कि आखिर इन दोनों में से वो

कौन है जिसे डॉली पसंद करती है..?!

सब वहां से निकलकर एक रेस्टोरेंट पहुंचे और अपना

ऑर्डर देकर इंतजार करने लगे..!!

राज और रिंकी दोनों ही डॉली के अगल बगल बैठ गए..!!

राज धीरे से-डॉली ये भाई की फेवरेट जैकेट है और इसे

वो किसी को भी हाथ लगाने नहीं देते मैने एक बार मांगी

थी पहनने के लिए तो ऐसे घुर कर देखने लगे कि उसके

बाद मैने कभी कुछ मांगा ही नहीं..!!

दूसरी तरफ से रिंकी-डॉली क्या बात है बड़ी लाली छाई

हुई है तुम्हारे इस गोरे से मुखड़े पर... लगता है किसी ने

प्रपोज कर दिया है..!!

डॉली राज और रिंकी को बारी बारी देखते हुए पहले

राज से-तुम्हें हिटलर ने जैकेट नहीं दी तो उसमे हम

क्या करें..?? राज ने मुंह बना लिया..!! फिर डॉली

रिंकी की तरफ देखते हुए-क्या कुछ भी धूप में चेहरा लाल

हो गया और किसी ने कोई प्रपोज फ्रापोज़ नहीं किया

हमें..!! हमें ख्याली पुलाव अपने पास रखो..!!

रिंकी शरारत से-अरे तुम गुस्सा किस बात पर हो रही हो

किसी ने प्रपोज नहीं किया इस बात पर या...

डॉली उसकी बात काटकर-हमें भूख लगी है इस बात पर..!!

और कुछ..??

राज-यार डॉली तुम..

डॉली उसकी बात काटते हुए-खाना आ गया है तो खाओ

हमारा दिमाग ना खाओ..!!

सबने खाना खाया देखते ही देखते चार बज गए..!! उसके

बाद वो सनसेट प्वाइंट पर जाने के लिए निकले इस बार

रिंकी, डॉली के साथ बेक सीट पर बैठी और राज आगे..!!

दूसरी तरफ इस बार अनय ड्राइविंग सीट पर बैठा तो

अनामिका तो खुशी से फूले नहीं समा रही थी..!!

अनामिका अनय की तरफ देखते हुए-तुम हम सबके साथ

क्यों नहीं गए..!! आई मीन पुरी केव क्यों नहीं देखी वहां

पिछे बैठकर क्या कर रहे थे..!!

अनय-वो.. डॉली अकेली रह गई थी ना तो मैं बस उसी

के पास रुक गया था..!!

अनामिका जय की तरफ देखते हुए-तो जय तुम क्यों

नहीं रुके डॉली के पास बुआ ने तुमसे कहा था ना..!!

जय को उसकी बात पर गुस्सा तो आया और वो कुछ

बोलता उससे पहले ही अनय बोल पड़ा-वो जय रुकने

वाला था पर मैं पहले भी इस जगह जा चुका हूं तो मैने

ही जय से आगे जाने के लिए कहा और खुद डॉली के

पास..!!

जय चुपचाप बाते सुन रहा था उनके बीच में क्या बोले

उसे वैसे भी समझ नहीं आ रहा था..!! फिर भी वो बोल

ही पड़ा..!!

जय-यार अब इसमें क्या बड़ी बात है जय रुका या

अनय..!! अच्छी बात ये है कि डॉली अकेली नहीं थी..!!

जय और अनय उसकी बात पर मुस्कुरा दिए वहीं

अनामिका को उसकी बात पसंद नहीं आई..!!

दूसरी कार में रिंकी फुसफुसाते हुए डॉली से-यार तुम्हें

नहीं लगता अनय भाई तुमसे...

डॉली-तुम्हारा दिमाग ना शायद उस केव में ही रह गया..!!

जाते टाइम रिसीव कर लेना..!!

रिंकी उसकी बात पर हंसते हुए-तुम ना सच्चाई को देखना

नहीं चाहती या फिर उसे मानना नहीं चाह रही हो..!!

फिर उसके पास खिसककर-यकीन मानो यू आर इन लव

माय डियर..!! और हां मैने और निखिल ने भी प्यार किया

है इनफेक्ट ये बात तो राज भी समझ चुका है पर पता

नहीं क्यों तुम क्यों नहीं मान रही हो..?? और यकीन मानो

जिस दिन तुम्हें इस प्यार का अहसास होगा ना तुम्हें सब

कुछ खुबसूरत नज़र आने लगेगा.. ये अहसास ही अपने

आप में बहुत खूबसूरत है..

डॉली उसकी बात सुनकर सोच में पड़ गई सही तो कह

रही है रिंकी..!! हमनें जब तिवारी जी की जैकेट पहनी तब

ऐसा लगा जैसे हम उनके सीने से लगे हो...!! फिर खुद

से ही पागल है क्या इन लोगो ने तो दिमाग ही खराब कर

दिया है हमारा ऐसा कुछ नहीं है..!!

रिंकी-डॉली कहां गुम हो गई यही हो की अपने जयकुमार

के पास पहुंच गई..!! डॉली ने अपने होंठो को सिकोड़

कर आंखों को छोटा कर उसे देखा तो रिंकी ने हंसते हुए

एक फोटो क्लिक कर लिया..!!

डॉली-यार आज तुम सब हमें क्यों परेशान कर रहे हो..??

रिंकी हंसते-यार देखो तो कितनी क्यूट लग रही हो ऐसे

मुंह बनाते हुए फोटो उसने राज को सेंड करते हुए नीचे

अनय को सेंड करने का मैसेज लिख भेजा..!!

सब लोग सन सेट पॉइंट पर पहुंचे जहां पहले से काफी

सारे लोग मौजूद थे..!! राज ने अपने फोन में रिंकी का

मैसेज नोटिफिकेशन देखा और फिर व्हाट्स ऐप खोल

डॉली की फोटो देख वो डॉली को चिढ़ाते हुए कहने लगा

यार डॉली सच में चुहिया जैसा मुंह है तुम्हारा..!!

डॉली ने उससे फोटो डिलीट करने के लिए कहा पर तब

तक उसने अनय को सेंड कर दी और कहने लगा ये तो

अब दूर तक जायेगी..!!

डॉली एक तरफ बैठते हुए-हमें नी बात करनी किसी से

भी..!! तुम सब बहुत बुरे हो..!!

निखिल उसके बगल में बैठते हुए-अरे मैं अच्छा हूं मुझे

तो इन लोगो ने आउट ही कर दिया..!! कुछ पता ही नहीं

चलता क्या पक रहा है दोनों के दिमाग में..??

डॉली-निक्कू समझाओ यार अपनी होने वाली बीवी को..!!

हमारी मासुमियत का फायदा उठा रही है ये..!!

रिंकी उसके पास बैठते हुए-ओहो मेरी मासूम बच्ची... क्या

फायदा उठा लिया जरा डिटेल में बताओगी..!!

राज-यार बस अब मेरी चुहिया को कोई परेशान ना करे..

वरना अच्छा नहीं होगा..!!

डॉली का दिमाग में वहीं सब घुम रहा था..!! उसने अनय

को देखा जिसके बगल में ही अनामिका बैठी थी डॉली

को ये देखकर अच्छा नहीं लगा उसने नज़रे फेर ली पर

दिल वो बेचैन हो उठा..!! अब उसका मन नहीं लग रहा

था कुछ ही देर में सन सेट होने लगा सूरज चारों तरफ

अपनी लालिमा बिखेरे एक अद्भुत और खुबसूरत नजारा

दे रहा था इस खुबसूरत दृश्य को किसी ने केमरे में तो

किसी ने अपनी आंखों में कैद कर लिया..!! सुहानी शाम

के ढलते ही सब वापस लौटने को हुए और एक घंटे के

भीतर ही घर पहुंच गए..!!

डॉली अब भी अपने दिल और दिमाग की उलझन में

उलझी और खोई हुई सी घर के अंदर पहुंच गई..!! जय

ने उसे ऐसे देख कुछ समझने कि कोशिश करते हुए

अंदर पहुंच गया..!! घर के सभी बड़े लोग उनके आने से

पहले ही आ चुके थे..!!

बड़े पापा-प्रिंसेस अब तो खुश हो ना..!!

डॉली ने कोई जवाब नहीं दिया सब उसे है हैरानी से देख

रहे थे हमेशा चहकती हुई डॉली आज कहीं खोई हुई

सी थी..!! सबने जय की तरफ देखा तो वो डॉली के

बगल में बैठते हुए बोला-वो डॉली काफी ज्यादा थक गई

है लगातार घूमने की वजह से..(उसने डॉली का हाथ

पकड़ा तब जाकर डॉली हकीकत की दुनिया में आई..!!

प्रमोद जी-प्रिंसेस बेटा हममें से किसी को कॉल कर देती

तुम्हें रिसीव करने आ जाते क्या जरूरत थी थकान होने

के बाद भी घूमने कि..!!

डॉली अपने पापा के पास बैठते हुए उनके सीने से लगकर-

पापा इतना तो चलता है ना और हम इतने भी नहीं थके..!!

बड़ी ममा-अरे ऐसे केसे इतना चलता है देखो तो कितना

छोटा सा मुंह हो गया है एक ही दिन में और थकान तो

तुम्हारे चेहरे को देख कर ही पता चल रही है..!!

सविता जी कड़क चाय बनाकर ले आई-लो तीनो पी लो

थोड़ी बहुत थकान तो भाग ही जायेगी इस कड़क चाय को

पीते ही..!!

तीनो ने चाय पी अनामिका अपने रूम में चली गई..!!

डॉली-हम सोने जा रहे है तो डिनर नहीं करेंगे हम बस

सोएंगे कोई गेट मत ठक ठकाना..!!

प्रमोद जी-प्रिंसेस खाली पेट नींद कैसे आयेगी बेटा..??

सविता जी-उसे सोने दीजिए..!! मैं कहां फ्रिज में रख

दूंगी रात में भूख लगी तो खा लेना ठीक है अब जाओ..!!

डॉली ने सबको गुडनाईट कहा और रूम की तरफ बढ़

गई जय भी उसके पिछे आया..!!

जय-प्रिंसेस क्या हुआ थकान तो नहीं है क्युकी तुम तो

ज्यादा चली भी नहीं हो फिर बताओ क्या हुआ..??

डॉली उसके सीने से लगते हुए-पता नहीं भईया अंदर

ना अजीब सी बेचैनी हो रही है..!! पता नहीं क्या हुआ

है..?? हमें खुद ही समझ नहीं आ रहा..??

जय उसे बेड पर बैठाते हुए-अच्छा कुछ पल के लिए

अपनी आंखें बन्द करो और अपने आप को शांत रखो

और बताओ क्या परेशानी है जो तुम इतना ज्यादा अपसेट

लग रही हो..!!

डॉली लंबी सांस लेकर छोड़ते हुए-भईया हम क्या बताएं

और कैसे..??

जय-अभी तक तो सब आसानी से शेयर करती आई

हो ना फिर आज क्या हुआ..?? तुम जो भी फिल कर

रही हो या जिस कारण से तुम इतनी बेचैन वहीं बता दो..!!

या फिर हम सुबह बात करते शायद सो लोगी तो तुम्हें

अच्छे से सब समझ आएगा..!!

डॉली-हम ठीक है पर हमें आपकी गोद चाहिए सोने के

लिए अभी मम्मा को नहीं बोल सकते वे समझ जायेंगी

हम परेशान है..!!

जय मुस्कुरा कर-अच्छा पर पहले फ्रेश हो जाओ चेंज

कर लो तब तक मैं भी आता फ्रेश होकर..!!
 
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