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Guest
कुसुम- आहह..मज़ा आया ना बेटा...
रोशनी- हाँ माँ..बहुत...क्या मस्त लंड है...अंदर तक चीर डाला...
कुसुम- ह्म्म...तभी तो मुझे पसंद है....
रोशनी- चल माँ...अब मैं तुझे चुदवाती हूँ....देखो तो लंड अभी भी खड़ा हुआ है...
कुसुम(मुस्कुरा कर)- ह्म्म..वो इतनी आसानी से नही रुकेगा....
रोशनी(मुस्कुरा कर)- तो चलो...हम दोनो माँ-बेटी इसे निचोड़ देते है...
मैं- अच्छा...तो आओ फिर...देखे तो कौन निचोड़ता है...आजा...
रोशनी- चल माँ...अब तुम सवारी करो....आओ बैठो...तब तक मैं चूत चुसवाती हूँ....मज़ा आयगा...
और फिर रोशनी ने लंड पकड़ कर कुसुम की चूत मे पेल दिया और खुद मेरे मुँह पर चूत खोल कर बैठ गई...
दोनो माँ-बेटी मेरे उपर चढ़ कर आपस मे किस करने लगी और अपनी-अपनी कमर को घूमाते हुए मज़ा लेने लगी....
कुसुम- आओउउंम्म...आअहह..मज़ा आ गया...उउउंम्म..
रोशनी- सस्स्रररुउउप्प्प...आअहह..हाँ माँ...तेरे होठ तो मस्त है..अब तो रोज चूसूगी....उूउउंम्म...
कुसुम- उउउंम्म...आहह...चूस लेना बेटी...अब तो जो चाहे...वो चूसना...उउउंम्म..
रोशनी- माँ...मुझे तेरी चूत चुस्वावगी ना...उउंम्म....
कुसुम- उउउंम्म...उउउंम्म..आअहह..हाँ बेटा....चुसवाउन्गी....पर अभी बाते कम...काम ज़यादा...इसे निचोड़ना है...याद है ना...
रोशनी- हाँ माँ..याद है...ज़ोर से उच्छलो...तेज माँ...तेजज...
और फिर दोनो माँ-बेटी अपने काम मे लग गई...कुसुम तेज़ी से मेरे लंड पर उछल कर चुदने लगी और रोशनी मेरे मुँह मे चूत घुसाने लगी...
मैं भी दोनो की तड़प देख कर ख़ुसी-ख़ुसी अपना काम करने लगा...
करीब 10 मिनट बाद कुसुम थक कर बैठ गई...तो मैने दोनो को नीचे उतरा और रोशनी को लिटा कर उसकी चूत मे लंड पेलने लगा....
मैं- अब तेरी बेटी की फाड़ुँगा....और तू ...तू इसे अपनी चूत चूसा दे...ईएह....
फिर मैं रोशनी को जम कर चोदने लगा और कुसुम अपनी चूत खोल कर रोशनी के मुँह के पास बैठ गई....और रोशनी ने भी झट से अपनी माँ की चूत को चाटना शुरू कर दिया....
रोशनी- आअहह....सस्स्रररुउउप्प्प...सस्स्रररुउउप्प..आहह...मा....सस्स्रररुउउप्प्प्प...
कुसुम- चाट ले बेटी....आअहह...तेरी जीभ तो मुझे पागल कर रही है...चाट....ज़ोर से...
मैं- ईएह....ले साली....अब मज़ा ले....इसे कहते है चुदाई....ये ले....
रोशनी- आअहह.....मार दिया...आअहह...माआअ....उउउम्म्म्म...
कुसुम- आअहह..बेटी...मज़ा कर....दर्द मे ही...उउउंम्म...मज़ा है....
फिर थोड़ी देर तक रूम मे फिर से सिर्फ़ सिसकारिया गूँजती रही...और कुछ देर बाद दोनो माँ बेटी झड्ने लगी...
कुसुम- आअहह...ले बेटी...मैं आई....पी जा ...आअहह....पी जा....उउउफफफफ्फ़.....
रोशनी- हाँ माँ....आआहह...मैं..मैं भी गई...उूउउंम्म...आआहह..उउउंम्म..उउउंम्म..उउंम्म...
और फिर रोशनी ने झड्ते हुए अपनी माँ के चूतरस का मज़ा चख लिया...और यहा मैं रोशनी की चूत से लंड निकाल कर लेट गया...
मैं- चल आजा.....अब मेरा पानी भी पी ले...आजा...
मेरे बोलते ही दोनो माँ-बेटी ने झपट कर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया....और कुछ ही देर बाद मैं झड्ने लगा...
मेरे झड्ते ही दोनो ने बारी-बारी मेरे लंड रस को पिया और फिर दोनो ने साथ मे चाट-चाट कर मेरा लंड सॉफ कर दिया....
कुसुम- उउउंम्म...मज़ा आ गया आज तो...
रोशनी- हाँ माँ....चुदाई का असली मज़ा आया है...अब हम ऐसे ही चुदाई करेंगे ...
कुसुम(मुस्कुरा कर)- क्यो नही बेटा....अब तू देखती जा..मैं तुझे कितना मज़ा कराती हूँ ....
मैं- मज़ा बाद मे करना....पहले मुझे पानी पिलाओ ....
रोशनी(मुस्कुरा कर)- ह्म्म...सारा पानी तो हम ने निकाल लिया...प्यास तो लगेगी ही...
और फिर रोशनी गांद मटकाती हुई पानी लेने रूम से निकल गई....
मैं(रोशनी की गांद देख कर)- उफ्फ...क्या मस्त गांद है साली की....
कुसुम(मुस्कुरा कर)- तुम नही सुधरोगे...ठीक है....मार लेना गांद भी....पर थोड़ा आराम से...अभी कच्ची है...
मैं(कुसुम का बूब मसल कर)- डोंट वरी...मैं हूँ ना...
फिर थोड़ी देर बाद मैं पानी कर बैठा ही था कि डोरबेल बजी...जिसे सुनकर दोनो माँ-बेटी चौंक गये...
कुसुम- अभी कौन आया...
रोशनी(डरते हुए)- डॅड तो नही ...
कुसुम- नही...वो नही हो सकते...
मैं- फिर क्या...तुम लोग डरो मत...चलो कपड़े पहनो....देखते है कौन है.....
फिर रोशनी और कुसुम ने जल्दी से नाइटी पहनी और मैने एक बॉक्सर और टी-शर्ट...जो शायद रफ़्तार का था...
और जैसे ही कुसुम ने गेट खोला तो सामने रफ़्तार खड़ा था....
रफ़्तार को देख कर कुसुम और रोशनी की फटी की फटी रह गई....और रफ़्तार सिर्फ़ मुझे घूरे जा रहा था.....
मैं(मन मे)- मैने ऐसा तो सोचा ही नही था.......अब क्या होगा......???????
रोशनी- हाँ माँ..बहुत...क्या मस्त लंड है...अंदर तक चीर डाला...
कुसुम- ह्म्म...तभी तो मुझे पसंद है....
रोशनी- चल माँ...अब मैं तुझे चुदवाती हूँ....देखो तो लंड अभी भी खड़ा हुआ है...
कुसुम(मुस्कुरा कर)- ह्म्म..वो इतनी आसानी से नही रुकेगा....
रोशनी(मुस्कुरा कर)- तो चलो...हम दोनो माँ-बेटी इसे निचोड़ देते है...
मैं- अच्छा...तो आओ फिर...देखे तो कौन निचोड़ता है...आजा...
रोशनी- चल माँ...अब तुम सवारी करो....आओ बैठो...तब तक मैं चूत चुसवाती हूँ....मज़ा आयगा...
और फिर रोशनी ने लंड पकड़ कर कुसुम की चूत मे पेल दिया और खुद मेरे मुँह पर चूत खोल कर बैठ गई...
दोनो माँ-बेटी मेरे उपर चढ़ कर आपस मे किस करने लगी और अपनी-अपनी कमर को घूमाते हुए मज़ा लेने लगी....
कुसुम- आओउउंम्म...आअहह..मज़ा आ गया...उउउंम्म..
रोशनी- सस्स्रररुउउप्प्प...आअहह..हाँ माँ...तेरे होठ तो मस्त है..अब तो रोज चूसूगी....उूउउंम्म...
कुसुम- उउउंम्म...आहह...चूस लेना बेटी...अब तो जो चाहे...वो चूसना...उउउंम्म..
रोशनी- माँ...मुझे तेरी चूत चुस्वावगी ना...उउंम्म....
कुसुम- उउउंम्म...उउउंम्म..आअहह..हाँ बेटा....चुसवाउन्गी....पर अभी बाते कम...काम ज़यादा...इसे निचोड़ना है...याद है ना...
रोशनी- हाँ माँ..याद है...ज़ोर से उच्छलो...तेज माँ...तेजज...
और फिर दोनो माँ-बेटी अपने काम मे लग गई...कुसुम तेज़ी से मेरे लंड पर उछल कर चुदने लगी और रोशनी मेरे मुँह मे चूत घुसाने लगी...
मैं भी दोनो की तड़प देख कर ख़ुसी-ख़ुसी अपना काम करने लगा...
करीब 10 मिनट बाद कुसुम थक कर बैठ गई...तो मैने दोनो को नीचे उतरा और रोशनी को लिटा कर उसकी चूत मे लंड पेलने लगा....
मैं- अब तेरी बेटी की फाड़ुँगा....और तू ...तू इसे अपनी चूत चूसा दे...ईएह....
फिर मैं रोशनी को जम कर चोदने लगा और कुसुम अपनी चूत खोल कर रोशनी के मुँह के पास बैठ गई....और रोशनी ने भी झट से अपनी माँ की चूत को चाटना शुरू कर दिया....
रोशनी- आअहह....सस्स्रररुउउप्प्प...सस्स्रररुउउप्प..आहह...मा....सस्स्रररुउउप्प्प्प...
कुसुम- चाट ले बेटी....आअहह...तेरी जीभ तो मुझे पागल कर रही है...चाट....ज़ोर से...
मैं- ईएह....ले साली....अब मज़ा ले....इसे कहते है चुदाई....ये ले....
रोशनी- आअहह.....मार दिया...आअहह...माआअ....उउउम्म्म्म...
कुसुम- आअहह..बेटी...मज़ा कर....दर्द मे ही...उउउंम्म...मज़ा है....
फिर थोड़ी देर तक रूम मे फिर से सिर्फ़ सिसकारिया गूँजती रही...और कुछ देर बाद दोनो माँ बेटी झड्ने लगी...
कुसुम- आअहह...ले बेटी...मैं आई....पी जा ...आअहह....पी जा....उउउफफफफ्फ़.....
रोशनी- हाँ माँ....आआहह...मैं..मैं भी गई...उूउउंम्म...आआहह..उउउंम्म..उउउंम्म..उउंम्म...
और फिर रोशनी ने झड्ते हुए अपनी माँ के चूतरस का मज़ा चख लिया...और यहा मैं रोशनी की चूत से लंड निकाल कर लेट गया...
मैं- चल आजा.....अब मेरा पानी भी पी ले...आजा...
मेरे बोलते ही दोनो माँ-बेटी ने झपट कर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया....और कुछ ही देर बाद मैं झड्ने लगा...
मेरे झड्ते ही दोनो ने बारी-बारी मेरे लंड रस को पिया और फिर दोनो ने साथ मे चाट-चाट कर मेरा लंड सॉफ कर दिया....
कुसुम- उउउंम्म...मज़ा आ गया आज तो...
रोशनी- हाँ माँ....चुदाई का असली मज़ा आया है...अब हम ऐसे ही चुदाई करेंगे ...
कुसुम(मुस्कुरा कर)- क्यो नही बेटा....अब तू देखती जा..मैं तुझे कितना मज़ा कराती हूँ ....
मैं- मज़ा बाद मे करना....पहले मुझे पानी पिलाओ ....
रोशनी(मुस्कुरा कर)- ह्म्म...सारा पानी तो हम ने निकाल लिया...प्यास तो लगेगी ही...
और फिर रोशनी गांद मटकाती हुई पानी लेने रूम से निकल गई....
मैं(रोशनी की गांद देख कर)- उफ्फ...क्या मस्त गांद है साली की....
कुसुम(मुस्कुरा कर)- तुम नही सुधरोगे...ठीक है....मार लेना गांद भी....पर थोड़ा आराम से...अभी कच्ची है...
मैं(कुसुम का बूब मसल कर)- डोंट वरी...मैं हूँ ना...
फिर थोड़ी देर बाद मैं पानी कर बैठा ही था कि डोरबेल बजी...जिसे सुनकर दोनो माँ-बेटी चौंक गये...
कुसुम- अभी कौन आया...
रोशनी(डरते हुए)- डॅड तो नही ...
कुसुम- नही...वो नही हो सकते...
मैं- फिर क्या...तुम लोग डरो मत...चलो कपड़े पहनो....देखते है कौन है.....
फिर रोशनी और कुसुम ने जल्दी से नाइटी पहनी और मैने एक बॉक्सर और टी-शर्ट...जो शायद रफ़्तार का था...
और जैसे ही कुसुम ने गेट खोला तो सामने रफ़्तार खड़ा था....
रफ़्तार को देख कर कुसुम और रोशनी की फटी की फटी रह गई....और रफ़्तार सिर्फ़ मुझे घूरे जा रहा था.....
मैं(मन मे)- मैने ऐसा तो सोचा ही नही था.......अब क्या होगा......???????