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Guest
लंड बाहर आते ही सेतु का दर्द कम ही गया था....पर अब भी वो सर को टेबल पर रखे सिसक रही थी....
मैं- चल...तू अपनी गान्ड देख...मैं तुझे मज़ा देता हूँ...
और इतना बोल कर मैने उसे टेबल पर कुतिया बनाया और उसकी चूत मे लंड उतार दिया....
चूत मे लंड लेने मे सेतु को कोई तकलीफ़ नही हुई...बस सिसक कर रह गई....
फिर मैने उसकी कमर पकड़ कर जोरदार चुदाई शुरू कर दी...
सेतु को भी अब मज़ा आने लगा था...उसका दर्द भी ख़तम हो गया और वो मस्ती मे सिसकारियाँ लेने लगी.....
सेतु- आअहह...आअहह....अओउउंम्म....और तेज...आअहह...
मैं- आ गई रंडी अऔकात पर...ये ले....मज़ा कर ...
सेतु- आअहह...आअहह...ज़ोर से करो....अब कोई रहम नही...फाड़ दो...आअहह....
और मेरी जोरदार चुदाई से सेतु झड्ने लगी...और उसके चूत रस के साथ ही उसका सारा दर्द भी निकल गया ....
सेतु- आआअहह.....मज़ा...एयेए...गया....उूउउम्म्म्म....आअहह...
मैं- अब मज़ा ले लिया ना...अब सज़ा की बारी है......
और इतना बोलकर मैने सेतु को सीधा लिटाया और उसके पैर उठाकर उसकी गान्ड पर लंड सेट कर दिया...
सेतु ने भी इस बार अपने पैर अपने हाथो से थामकर अपनी गान्ड खोल दी ...और मैं समझ गया की अब साली रेडी है...
फिर क्या था...मैने दो धक्के मार कर लंड को गांद मे उतार दिया और तेज़ी से गांद चुदाई शुरू कर दी....
सेतु- आऐईयईईई.....आअहह....थोड़ा..आ..आराम से....आअहह
मैं- अब मज़ा आ रहा है साली....हा....तो ऐसे ही मज़ा ले.....ईएहह.....ईईहह...
सेतु- एस्स....करते रहो...अब...आअहह...ज़ोर से....आआहह..
मैं- ईएह..एस्स...लाइक दिस ...एस...एस्स....
सेतु-आअहह....लाइक दिस....उम्म्म..ईए...एस्स...एस्स...एस्स ..आआहह....
मैं- साली रंडी....ये ले...और तेज...और तेज....यहह.....
सेतु- एसस्स...आइ लाइक इट...एस्स....एस्स....आआहह...आअहह....
थोड़ी देर बाद मैने सेतु की कमर पर फसे स्कर्ट को भी निकाल फेका और साइड से उसकी गान्ड मारने लगा....
सेतु- ओह माइ गॉड....तुम तो मुझे मार दोगे...आआहह....धीरे करो ना...आआओउक्च्छ...
मैं- आज कोई रहम नही....बड़ी आग लगी थी ना.....अब कभी नही लगेगी...ये ले....
और मैने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारते हुए सेतु की गान्ड का भोसड़ा बनाने लगा....
सेतु को भी अब मज़ा आ रहा था...लेकिन उसकी गांद मेरे लंड के प्रहार से ज़ख्मी हो गई थी...जिससे वो दर्द से कराह रही थी...
सेतु- आआहह....अब बस भी करो.....मेरी गांद छिल गई है...ओह माआ..
मैं- आज चाहे छिले या कटे....मैं नही रुकने वाला....ये ले....यीह..यीह..यीहह...
सेतु अपनी गांद चुदाइ से तड़प तो रही थी...पर उसे मज़ा भी बहुत आ रहा था...और इसका सबूत उसकी चूत पानी बहा कर दे रही थी....
थोड़ी देर बाद मैने उसकी गान्ड मारना बंद किया और लंड उसके मुँह मे भर दिया....
मैं- आअहह...ले साली ...चूज़ इसे....मेरे लंड मे भी जलन होने लगी....ठंडा कर इसे....
थोड़ी देर तक मैने सेतु से लंड चुस्वाया और फिर मैं टेबल पर लेट गया....
मैं- अब मैं थक गया....अब तू मेहनत कर...
मेरा इतना बोलना था कि सेतु मेरे उपर आ गई और लंड को चूत मे भर कर उछलने लगी....
सेतु- आअहह....मैं तो इंतज़ार मे थी...अब मैं चोदुगि ....आओउउंम...
मैं- हाँ साली...तू भी खुश हो ले थोड़ी देर...फिर रुलाता हूँ तुझे...अब ज़ोर से कर नही तो गांद फाड़ दूँगा....उछाल...
और सेतु गान्ड उछाल -उछाल कर चूत चुदवाने लगी....
सेतु- आहह......तुम सच मे बहुत अच्छे हो...
मैं- क्यो...तेरी चुदाई करता हूँ इसलिए...
सेतु- नही...चुदाई मे मज़ा देते हो इसलिए...
मैं- ओह...तो मेरी स्टाइल पसंद आई....
सेतु- बहुत...देखो ना...इतनी पसंद आई कि चूत फिर से रोने लगी.....
मैं- हाँ साली...चूत तो गरम होगी ही....रंडी जो है....रुक...चूत के साथ गांद भी रोएगी अभी.....
सेतु- पर मेरी गान्ड जल रही है...
मैं- तो जलने दे....लंड जाते ही ठंडी हो जाएगी.....देखती जा...और तेज़ी से उछल....
फिर थोड़ी देर तक सेतु उछलती रही और झड्ने लगी....
सेतु- आआहह....मैं तो गई...उउउंम...आआहह...आहह..आहह..
सेतु झड कर शांत हो गई और सीने पर सिर रख कर लेट गई...
सेतु- उउउंम्म...मज़ा आ गया....आअहह...
मैं(सेतु के बाल पकड़ कर)- अभी कहा...अभी मेरा मज़ा और तेरी सज़ा तो बाकी है...चल उठ....
और मैने सेतु को एक बार फिर से टेबल पर झुका दिया और उसकी गांद मारना शुरू कर दिया....
मैं- चल...तू अपनी गान्ड देख...मैं तुझे मज़ा देता हूँ...
और इतना बोल कर मैने उसे टेबल पर कुतिया बनाया और उसकी चूत मे लंड उतार दिया....
चूत मे लंड लेने मे सेतु को कोई तकलीफ़ नही हुई...बस सिसक कर रह गई....
फिर मैने उसकी कमर पकड़ कर जोरदार चुदाई शुरू कर दी...
सेतु को भी अब मज़ा आने लगा था...उसका दर्द भी ख़तम हो गया और वो मस्ती मे सिसकारियाँ लेने लगी.....
सेतु- आअहह...आअहह....अओउउंम्म....और तेज...आअहह...
मैं- आ गई रंडी अऔकात पर...ये ले....मज़ा कर ...
सेतु- आअहह...आअहह...ज़ोर से करो....अब कोई रहम नही...फाड़ दो...आअहह....
और मेरी जोरदार चुदाई से सेतु झड्ने लगी...और उसके चूत रस के साथ ही उसका सारा दर्द भी निकल गया ....
सेतु- आआअहह.....मज़ा...एयेए...गया....उूउउम्म्म्म....आअहह...
मैं- अब मज़ा ले लिया ना...अब सज़ा की बारी है......
और इतना बोलकर मैने सेतु को सीधा लिटाया और उसके पैर उठाकर उसकी गान्ड पर लंड सेट कर दिया...
सेतु ने भी इस बार अपने पैर अपने हाथो से थामकर अपनी गान्ड खोल दी ...और मैं समझ गया की अब साली रेडी है...
फिर क्या था...मैने दो धक्के मार कर लंड को गांद मे उतार दिया और तेज़ी से गांद चुदाई शुरू कर दी....
सेतु- आऐईयईईई.....आअहह....थोड़ा..आ..आराम से....आअहह
मैं- अब मज़ा आ रहा है साली....हा....तो ऐसे ही मज़ा ले.....ईएहह.....ईईहह...
सेतु- एस्स....करते रहो...अब...आअहह...ज़ोर से....आआहह..
मैं- ईएह..एस्स...लाइक दिस ...एस...एस्स....
सेतु-आअहह....लाइक दिस....उम्म्म..ईए...एस्स...एस्स...एस्स ..आआहह....
मैं- साली रंडी....ये ले...और तेज...और तेज....यहह.....
सेतु- एसस्स...आइ लाइक इट...एस्स....एस्स....आआहह...आअहह....
थोड़ी देर बाद मैने सेतु की कमर पर फसे स्कर्ट को भी निकाल फेका और साइड से उसकी गान्ड मारने लगा....
सेतु- ओह माइ गॉड....तुम तो मुझे मार दोगे...आआहह....धीरे करो ना...आआओउक्च्छ...
मैं- आज कोई रहम नही....बड़ी आग लगी थी ना.....अब कभी नही लगेगी...ये ले....
और मैने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारते हुए सेतु की गान्ड का भोसड़ा बनाने लगा....
सेतु को भी अब मज़ा आ रहा था...लेकिन उसकी गांद मेरे लंड के प्रहार से ज़ख्मी हो गई थी...जिससे वो दर्द से कराह रही थी...
सेतु- आआहह....अब बस भी करो.....मेरी गांद छिल गई है...ओह माआ..
मैं- आज चाहे छिले या कटे....मैं नही रुकने वाला....ये ले....यीह..यीह..यीहह...
सेतु अपनी गांद चुदाइ से तड़प तो रही थी...पर उसे मज़ा भी बहुत आ रहा था...और इसका सबूत उसकी चूत पानी बहा कर दे रही थी....
थोड़ी देर बाद मैने उसकी गान्ड मारना बंद किया और लंड उसके मुँह मे भर दिया....
मैं- आअहह...ले साली ...चूज़ इसे....मेरे लंड मे भी जलन होने लगी....ठंडा कर इसे....
थोड़ी देर तक मैने सेतु से लंड चुस्वाया और फिर मैं टेबल पर लेट गया....
मैं- अब मैं थक गया....अब तू मेहनत कर...
मेरा इतना बोलना था कि सेतु मेरे उपर आ गई और लंड को चूत मे भर कर उछलने लगी....
सेतु- आअहह....मैं तो इंतज़ार मे थी...अब मैं चोदुगि ....आओउउंम...
मैं- हाँ साली...तू भी खुश हो ले थोड़ी देर...फिर रुलाता हूँ तुझे...अब ज़ोर से कर नही तो गांद फाड़ दूँगा....उछाल...
और सेतु गान्ड उछाल -उछाल कर चूत चुदवाने लगी....
सेतु- आहह......तुम सच मे बहुत अच्छे हो...
मैं- क्यो...तेरी चुदाई करता हूँ इसलिए...
सेतु- नही...चुदाई मे मज़ा देते हो इसलिए...
मैं- ओह...तो मेरी स्टाइल पसंद आई....
सेतु- बहुत...देखो ना...इतनी पसंद आई कि चूत फिर से रोने लगी.....
मैं- हाँ साली...चूत तो गरम होगी ही....रंडी जो है....रुक...चूत के साथ गांद भी रोएगी अभी.....
सेतु- पर मेरी गान्ड जल रही है...
मैं- तो जलने दे....लंड जाते ही ठंडी हो जाएगी.....देखती जा...और तेज़ी से उछल....
फिर थोड़ी देर तक सेतु उछलती रही और झड्ने लगी....
सेतु- आआहह....मैं तो गई...उउउंम...आआहह...आहह..आहह..
सेतु झड कर शांत हो गई और सीने पर सिर रख कर लेट गई...
सेतु- उउउंम्म...मज़ा आ गया....आअहह...
मैं(सेतु के बाल पकड़ कर)- अभी कहा...अभी मेरा मज़ा और तेरी सज़ा तो बाकी है...चल उठ....
और मैने सेतु को एक बार फिर से टेबल पर झुका दिया और उसकी गांद मारना शुरू कर दिया....