[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ९६[/color]
में : पता नही दादी अेसा हुआहे भी या नही हमे लन बातोमें नही पडना चाहीये वो केवल हमे दु:खही देता हें देखोना केसी सकल हो गइहे आपकी आप केवल खुस रहीये उसमेही आप अच्छी लगती हें चलो अब में चलता हुं वरना आपकी नइ बहु नाराज होजायेगी..अब आगे
कहेके में दादीके गालपे कीस करदीया ओर उसे सुलाके में मायाके कमरेमें आगया देखातो पुरा कमरा फुलोसे सजा हुआथा ओर माया बेडके बीच घुंघटमें बेठी थी तो में दरवाजा बंध करके बेड पर आगया ओर मायाका घुंघट उठाया तो वो मुजे हुस्नकी परी लग रही थी बीलकुल २६ सालकी अेक लडकीकी तराह तब मेने उसे वो डायमंड सेट ओर घुंघरुका सेट देदीया तो उसने मुजे पहेनानेको कहा
माया : सखा आखीर वो पल आही गया, आप अपनी सखीको अपने हाथोसेही पहेना दीजीयेनां आपकी ये पहेली नीसानी हे में इसे हमेसा पहेनके रखुगी
में : हां सखी ये घुंघरु ओर ये डायमंड सेट मेरे प्यारकी नीसानी हे में चाहता हुं तु हमेसा इसे महेनके रख
माया : सखा आपके प्यारकी हर नीसानीको ओर आपको मुजसे कभी अलग नही करुगी
तब मेने उसे सब पहेना दीया तब उसके चहेरेपे चार चांद लग गया में उसके सामने बेठके उसके दोनो हाथ पकडके अपने हाथमें लेलीया ओर में उसकी आंखोमें देखने लगा तब वोभी मेरी आंखोमे सरमाते देखेही जा रहीथी हम दोनो अेक दुसरेको अपनी नजरमें समा लेना चाहते थे बस देखतेही रहे ओर प्यारके सागरमें खोगये दुसरी ओर नेनु ओर जसुने सबको नंगा करदीया था ओर खुद दोनोभी सब कपडे नीकालकर सबके साथ सो गइ
सब अेक साथ लाइनमें नंगी पैर फेलाके लेटीथी ओर सब मायाने बताइ हुइ प्रार्थना कर रही थी इधर में मायाकी आंखोमें देखता ही रहा तब माया सरमके मारे नजरें नीचे करने लगी ओर नजर जुकाके उसने अेक हाथ छुडा लीया ओर साइडमें दुधका ग्लास था वो उठाके मेरे मुहके सामने रखकर मुजे अपने हाथोसे पीलाने लगी
फीर मेने अधा उसे पीला दीया ओर खाली ग्लास साइडमें रख दीया फीर वापस उसकी ओर देखता ही रहा आज वो कयामत लग रहीथी उसके चहेरेपे आज अेक अलग ही तेज दीख रहा था उसके मासुम नैन नाककी बडी नथनी के साथ कानोमें लंबे जुमके, ओर उसके खुले बाल मुजे पागल करने लगे तब मायाने कहा
माया : मेरे सखा क्या देख रहे हें? मुजे बहुत सर्म आरही हें, मुजेतो यकीनही नही होरहा की कीतने जन्मोके बाद आज आप मुजे मील गये हे ओर हमारा मीलन होगा, में आपको मनसे तो कबसे समर्पीत हो चुकी हुं आज आपको तनसेभी समर्पीत हो जाउगी अब मेरे इस तनपे सीर्फ आपहीका अधीकार हेेंं
में : मेरी रानी आज मुजे जीभरके मेरी नजरोमें बसालेने दे में तुजे नेनुकी तराह हर जन्म में पाना चाहता हुं अब हर जन्ममे सखी सीर्फ मेरी ही होगी आज में तुजे अपने अंदर समा लेना चाहता हुं नेनुकी तराह तेरी ओर मेरी आत्मा अेक करना चाहता हुं आज में मेरी सखीके अंदर वीलीन होजाना चाहता हुं
माया : मेरे सखा आज मेभी तो हमेसाके लीये आपमें समा जाना चाहती हुं, आपने बहुत तडपाया हे मुजे कीतने जन्मोके बाद आज हमारा मीलन होने जा रहा हें आजाओ मुजे आपके अंदर समालो भरलो मुजे अपनी बाहोमें लेलो मुजे अपनी आगोसमें अब आपसे दुर नही रेह सकती आज दोनोकी आत्मा अेक करदो में आज आपको पुरी समर्पीत होती हुं मुजे आपके अंदर वीलीन करदो ओर मीटादो मेरा ये अस्तीत्व आज सही मायनेमे सखी अपने सखेके साथ अेक होजायेगी आइअे आपकी सखी आपको समर्पीत होती हे ओर आपके अंदर वीलीन होजाना चाहती हे
ओर मेने फोरन उसे बेठेही अपनी बाहोमें भरलीया तब उसने अपनी आंखे बंध करली ओर हम दोन अेसेही बेठे रहे तब मेने उसका चहेरा अपने दोनो हाथसे पकडा ओर उसकी आंखोमें देखते हुअे में अपने होंठ उसके होंठकी तरफ लेजाने लगा तो उसके होंठ कांपने लगे ओर आखीर हम दोनोके होंठ मील गये
तब उसने अेक बार फीर अपनी आंखे बंध करली फीर हम दोनो धीरे धीरे अेक दुसरेके होठोका रसपान करने लगे ओर माया मदहोस होने लगी ओर अपनी आंखे नसीली करते उनके दोनो हाथ मेरी पीठमें घुमाने लगी तब मेरे हाथ उसके बुब्स पर चले गये ओर मेने हल्केसे दबा लीये तो उसके सरीरमें कंपकमाटी आगइ ओर मुजे जोरोसे अपनी बाहोमें भीचलीया ओर अपना सर मेरे कंधे पर रख दीया ओर कहेने लगी
माया : सखा मुजे इतना प्यार करोकी में मेरा अस्तीत्वही भुल जाउ आज मुजे आपके अंदर समालो ओर करादो मुजे अपने सखाके प्यारका अहेसास
फीर में मायाके गहेने ओर अेक अेक कपडे नीकालने लगा फीर उसके ब्लाउसके बटन खोलने लगा तब मायाभी सरमाते मेरे सर्टके बटन खोलने लगी तब हम दोनो सीर्फ अेक दुसरेकी आंखोमेही देख रहे थे अब हम दोनो सीर्फ अपने अंतरवस्त्रमेही थे तब मेने मायाको बेड पर लीटा दीया ओर में उसके उपर जुक गया तब उसने मुजे अपनी बाहोमें भीचलीया ओर हमारे होंठ मीलके अेक दुसरेके रसको पीने लगे
तब मेरा अेक हाथ उसके बुब्स पर चला गया तो वो सीहर उठी ओर मुहसे सीसकारीया नीकालने लगी तब में उसकी गरदन चुमने लगा तो वो मदहोस होकर अपना मुह इधर उधर करने लगी ओर सीत्कार करने लगी तब में चुमते चुमते उसके बुब्स तक आगया ओर उनकी ब्राको हटाके अेक बुब्सकी नीपलको अपने मुहमें लेके चुसने लगा तब वो सीत्कार करते मेरे सरको पकडकर बालोमे हाथ घुमाने लगी
माया : ओह..मेरे स्वामी अेसा अेहसास मे पहेली बार कर रही हुं ओर प्यार करो मुजे आज टुट जानेदो सारे बंधन जो हमारे बीच थे में आज अपने आपको पुर्ण समर्पीत करती हुं अब ये तन सीर्फ आपहीका हे आज इसे मसल डालो
तब में उसके बुब्सके नीपलको मुहमें लेके चुसने लगा ओर दुसरे बुब्सको हाथसे मसलने लगा तब वो पागल जेसे होने लगी फीर में बारी बारी दोनो बुब्सको चुसने लगा ओर चुमते चुमते नीचेकी ओर जाने लगा जब उसकी नाभीके छेदमें अपनी जीभ डालदी तब वो मचलने लगी ओर मेरे सरको दबाने लगी
फीर में अपनी आखरी मंजीलकी ओर चला गया ओर उसके लव होलमें मुह लगादीया तब मेरा सर पकडकर अपनी चुतमें दबाने लगी ओर छटपटाने लगी तब मेने अपनी जीभ उसकी चुतमें डालदी ओर उसके लव होलके दाने को जीभसे खरोदने लगा तब वो पागलकी तराह छटपटाने लगी ओर अपनी कमर उची करके उछालने लगी
माया : ओर सखा आपने क्या करदीया कीतने हसीन पलका अहेसास हे ये क्या प्यारमें अेसाभी होता हे? मे कीतनी मुर्ख थी जो आपसे दुर रही मेरे सखा ओर मुजसे सहेन नही होरहा हें नीचे क्या कर दीया आपने कुछ कीजीये प्लीज..
में : क्या करु माया तुजे बताना पडेगा की मुजे कहा तक जाना हें
माया : नही मुजे बडी सर्म आरही हें में नही केह पाउगी बहुत सर्म आरही हें सखा ओर मत तडपाओ प्लीज..आजाओ मेरे उपर
में : ठीक हें में तेरे कहेनेके मुताबीक ही तुजे प्यार करुगा तबतक में आगे नही बढ सकता
माया : सखा प्लीज जीद मत करो, मुजे बेसर्म मत बनाओ हमारा प्यार पवित्र रखना चाहती हुं हमारा प्यार परमात्माकी देन हें जो होता हे होजाने दो में इशवरसे प्रार्थना करती हुं मेरी सब बहेनेकोभी इस प्यारका अेहसास हो आज दो सरीरको अेक होजाने दो, हमारे आत्मातो कबकी अेक होचुकी हें आज सरीरकोभी अेक होजाने दो समा जाओ मुजमे ओर समा जाने दो मुजे आपके अंदर, आओ हमारे मीलनसे दोनोका अस्तीत्व मीट जायेगा हम अेक होजायेगे अब वक्त आगया हे मेरी योनी आपके लींगके स्वागत के लीये तैयार हें मीलजाने दो दोनोको बहुत जन्मोसे मीलना चाहती थी आज अवसर हे उस दोनोका मीलन करादो मेरी सब बहेनेभी आज इस मीलनकी अनुभुती करेगी समालो मुजे आपके अंदर ओर समालो मेरी सब बहेनोको आपके अंदर
कहेके मायाने मुजे अपने उपर खीच लीया ओर आंख बंध करली तब बाजुके हमारे रुम में सब प्रार्थना कर रही थी तब अचानक सब नीदमें जाने लगी ओर सबको अेसा अहेसास होने लगाकी में उसके रुम में आके सीधे उसेही प्यार करने लगा हुं तब नेनुभी मुस्करा रही थी
ओर जसु समेत सबको अेक जेसा अहेसास होने लगाकी में सीर्फ उसके उपर लेटाहुं ओर उसकोही प्यार कर रहा हुं तब दो जगह अेसीथी की उसको भी अपनी चुत पर कुछ अहेसास होने लगाथा हालाकी वो नींदमें थी फीरभी स्वप्नमे फील करने लगीकी में उसके उपर लेटकर उसे प्यार करने लगा हु
उसकी चुतमें हलचल महेसुस करने लगी अेक जगाहथी तारा ओर सारीका ओर दुसरी जगाहथी मेरी दादीके रुममें तब पता चलाकी बाबा क्यु मना कर रहे थे जो उस सादीमें जीतनीभी हाजीर थी सबको ये अनुभुती होते रहेने वाली थी इधर मायाने मुजे अपने उपर खीच लीया तब वो मुजे पागलकी तराह चुमने लगी
फीर उसने मेरा लींग पकड लीया ओर मेरी आंखोमें देखते हुअे अपनी चुतमें सेट कर दीया ओर नजरे जुकाली तब मेने अेक जटका मारा तो मेरा लींग आधा उसकी चुतमें चला गया तब वो हल्कासा चीख उठी ओर आंखसे आंसु बहेने लगे तब में उसके आंसुको चाटकर साफ करने लगा ओर उसने मेरा सर पकडकर अपने सीनेमे दबा लीया ओर उसकी आंखे बंध होने लगी
माया : प्रीये मुजे मेरे परमात्मासे मीला दो, मुजे मेरे सखासे मीलन करादो
कहेकर वो नींदमे चली गइ तब मेने अेक ओर जटका मारातो पुरा लींग अंदर चला गया ओर में अचानक नींदकी आगोसमें चला गया जब आंख खुली तब में स्वर्गकी ओर जा रहाथा ओर अपना दोनो हाथ आगे करके माया सफेद लीबासमे खुले बालोके साथ मेरे स्वागतके लीये खडी थी उनके पीछे दो बडे पंख लगे थे
मानो वो कीसी परी हो तब उसने मेरे दोनो हाथ पकड लीये ओर मुजे जोरोसे बाहोमें भर लीया तब हम दोनो परम आनंदकी अनुभुती करने लगे तब अचानक माया मेरा हाथ पकडकर हसते हुअे हवामे उडने लगी तब उसके खुले बाल हवामे लहेराने लगे ओर पीछे मेरी ओर देखकर हसती हुइ मुजे उडाके लेजाने लगी
तब हवामे ही मुजे कसके बाहोमें भरलीया ओर मुजे पकडकर वो गोता लगाने लगी तब ओर परीयाभी आगइ ओर हमारे साथ सामील होगइ तो उधर मेरे रुममें मेरी सब बीवीयो अपनी नींदकी आगोसमेही अपनी कमर उछालने लगी ओर सब सीत्कार करने लगी मानो मेरे साथ संभोग कर रही हो तब तारा ओर सारीका यही हरकत करने लगी
तब दादीको भी अहेसास हुआकी उसके पती यानी मेरे दादा मेराही रुप लेकर उसे प्यार कर रहे हे ओर उसके साथ संभोग कर रहे हें उसने मनही मन तैय कर लीयाकी राजही मेरे पतीके रुप में मुजसे प्यार करने आया हें ओर उसके साथ संभोग कर रहा हे तो वोभी मजेसे हसती हुइ प्यार करने लगी ओर अपनी कमर उछालने लगी
ओर उसकी बरसोकी प्यारकी चाहत आज जाग गइ इधर माया ओर में हवामे गोते लगाते लगाते प्यारका खेल खेलरहे थे तब माया मुजे अचानक सागरकी गहेराइओमें लेगइ ओर मुजे आलींगनमे जोरोसे भीचलीया ओर मेरे होठोको चुमने लगी तब हम परम आंदकी अनुभुती करने लगे तब नीचे हम सब अेक साथ जडने लगे तब माया फीर मुजे लेके उपर आगइ वहा मेरे साथ प्यारका खेल खेलने लगी
फीर मुजे दुबारा सागरकी गहेराइमें लेगइ ओर प्यार करने लगी ओर दोनो सागरमें गोता लगाने लगे नाजाने हम दोनो कीतनी देरसे कभी हवामें तो कभी सागरमें तो कभी स्वर्गमें जाते रहे फीर वो मुजे लेकर उडती हुइ अेक अदभुत परीओकी नगरीमें लेगइ तो मेरी सब बीवीओकी सकल वाली परीया कुछ जवान तो कुछ आधेड परीया थी
जो मुजे आके प्यार करने लगी उसमे तारा ओर सारीकाभी सामीलथी तभी अेक आधेड उमरकी परी आके मुजसे प्यार करने लगी जो हुबहु दादी जेसी थी तब सब परीया हसने लगी ओर मेरी चारो ओर घुमने लगी उधर सब मुजे अपने साथ संभोगका अहेसास करके जडती रही ओर साथमें अभीभी अपनी कमर उछाले जा रही थी
नाजाने आज सबको केसी अनुभुती हो रहीथी मायाने अेसा क्या कीयाकी सबको अेक साथ सामुहीक संभोगमें सामील कर लीया सबके चहेरे पर आज पुर्ण संतुष्टीके भाव थे सबको अपने साथ संभोगका अेहसास होने लगाथा ओर सब अपनी कमर हीलाके थक कर चकना चुर होगइ थी
अचानक मेरी आंख खुल गइ तब माया अबभी आंख बंध करके हसते हुअे कमर उछाल रहीथी तब सुबह ४ बज चुके थे तब में मेरे लंडसे अेक बार ओर लावा फुट पडा ओर मायाकी चुत पुरी भर गइ तब मायाभी जडके सांत होगइ ओर उसने अपनी आंख खोलदी तब मुजे उसकी ओर देखते पाया तो मुजे जोरोसे बाहोमे भीच लीया
ओर वो बहुत सरमाइ ओर हसते हुअे नजर घुमाली ओर उसके हाथ अबभी मेरी पीठ सहेला रहे थे तब में उसके होंठ चुमके लंड बहार नीकालकर बेडसे उतर गया तब उसकी चुतसे हमारा काम रस बहेने लगा तो वो बुहत सरमाके देखती रही फीर उसने उठनेकी कोसीसकी तो मेने कहा
में : नही सखी में तुमको लेकर जाउगा तुम लेटी रहो क्युकी हमारा रस अबभी बेह रहा हें
माया : सखा ये केसी अनुभुती थी जो में आपके अंदर समा गइथी, कोन हो आप?
मे : बस सखी हम उसका उतर बादमें ढुंढेगे अभी चल हम नहालेते हे
कहेके में मायाको गोदमे उठाके बाथरुम में चला गया ओर उसे साफ करके उसे नहेलाने लगा तब वो मुजे अेक नजरसे देखती ही रही फीर में नहाके बहार लेआया तब मेने हमारी चदर खीचके नीकालदी ओर मेरे दुसरी चदर डाली तब वो मुजे सहाय करने लगी फीर मेरे पास आके मुजे अपनी बाहोमें भरलीया ओर आंसु बहाने लगी ओर कहेने लगी
माया : ओह राज, मेरे स्वामी मेरे सखा आज में भगवानसे प्रार्थना करती हुंकी अब हर जन्ममें मुजे आप पतीके रुपमें मीले आज आपने मुजे पुर्ण कर दीया हें मेने कभी इतने प्यारकी अनुभुती नही कीथी मे आपको पाकर धन्य होगइ आज पता चला सब आपके पीछे क्यु प्यारमें इतनी पागल हें
में : सखी आज मेभी तो पुर्ण होगया हुं आजसे में तुजे नेनुकी तराह पुर्ण समर्पीत होता हुं चल मुजे तुमसे ओर प्यार करना हें
माया : (हसकर) अभी तक थहे नही क्या? कीतनी बार जडे आप ओर कीतनी बार मुजे जडा दीया हें कोन हो आप? जो थकतेही नही हें..हें..हें..
में : तुमतो सब जानती हो फीर ये सवाल बार बार क्यु? ओर में कभी नही थकता क्युकी बाबाका आशीर्वाद ओर उसकी दी हुइ जडीबुटी वोही मेरी ताकत हें
माया : (हसकर) हां में जानती हुं कुछ नेनुदीने मुजे अेक बार बतायाथा तो फीर चलो अबतो ये माया आपही की हें मेभीतो आपसे प्यार करना चाहती हुं मेरी सारी कसर नीकालदो जो में इसे वंचीत रही हुं
कहेके वो बेड पर लेट गइ तब में उसके उपर आगया ओर हम दोनो कीस करने लगे दोनो अेक दुसरेके होंठ चुमने लगे ओर में उसके बुब्स मसलने लगा तब वो सीसकारीया करने लगी ओर मेरी ओर तीरछी नजरसे देखकर हसती रही तब उसने मेरा लींग पकडकर अपनी योनीमें रख दीया ओर मेरी ओर देखने लगी तब मेने अेक धका मार दीया तो लंड उसकी चुतमें चला गया
तो वो नजर घुमाके सीसकारी करने लगी ओर मदहोस होने लगी तब मेने धीरे धीरे अपना लंड अंदर बहार करने लगा आज माया मुजे बहुतही कामीनी नजर आने लगी जीसको देखतेही मेरी कामाग्नी भडकजाती थी तब वोभी नसीली आंखे करके धीरे धीरे अपनी कमर उछालने लगी ओर मेरी पीठमे दोनो हाथ घुमाके मेरा साथ देने लगी ओर मदहोस होके कहेने लगी
माया : सखा आज आपकी मायाको इतना प्यार करोेकी वो आपकी गुलाम बन जाये कीतने बरसोसे ये योनी सुखी पडी हें ओर आपका इन्तजार कर रही थी आज उसे अपने पानीसे सीचके तृप्त करदो
फीर में मायाको जोरोसे चोदने लगा तो वो थोडा चीलाने लगी पर मेने उसकी परवा नही की ओर में उसे जोरोसे चोदने लगा तब वो भी कमर उछालके मेरा साथ देने लगी ओर उसके बडे बुब्सभी उछलकर मुजे पागल कर रहे थे तो मे उसेभी मुहमे लेके चुसते रहता था तब माया अकडने लगी ओर कहेने लगी
माया : ओह प्रीये ओर जोरसे चोदो में छुटने वाली हुं ओर जोरसे येस..येस बेबी चोदो अपनी मायाको मेरी चीखकी परवा मत करो आज मे असली मर्दकी बीवी बन गइ हुं में आह आह आहइइ आइइइइइ गइइइ.....सीइइइइइइ
ओर मुजे जोरोसे बाहोमे भीचलीया ओर वो जडने लगी फीर भी में उसे पेले जा रहा था मेने मायाको लगातार २० मीनीट तक चोदा ओर उसे तीन बार जडादीया तब मेने अपना लंड जडतक घुसा दीया तोवो जोरसे चीला उठी मेरे अपना पानी उसके बच्चेदानी पर छोडके जडने लगा तब वो अपने अंदर मेरा गरम लावा महेसुस करके मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया
ओर साथमें जडने लगी फीर में उसके उपर सांत होके लेट गया तब वो मेरी पीठ सहेलाती रही ओर बहोत सरमाने लगी तब मेने हाथसे उसके चहेरेको पकडा ओर मेरी आंखोमे देखनेको कहा तब जाके मेरी ओर सरमाके देखकर बात करने लगी
माया : जानु बस अेसेही मुजे प्यार करते रहीयेगा मुजे अब आपका ये मुसल लंड हररोज चाहीये चाहे कुछभी होजाये आप मुजे दीनमेभी कर सकते हें में कभी आपको मना नही करुगी में आज आपके लंडकी गुलाम होगइ हुं
में : माया गुलाम नही मेरी रानीहो तुम ओर वोभी सबसे खास रानी, में तुजे दीनमेभी प्यार करुगा जो में मेरी हर बीवीसे करता हुं में कीसीकोभी कहीभी पकडकर सुरु होजाता हुं आप सब मेरी कमजोरी हो ओर खास करके नेनु जसु ओर अब तुम
माया : सखा आपसे अेक बात करनीथी मुजे लगताहे हमारी सादीमें दादीको लेजाके हमने गलती कर दी हे
में : जानता हुं बाबाने हमे आगाहभी कीयाथा पर हम पुरी तराह समजे नहीथे ओर वेसेभी उसके पोतेकी सादी थी तो उसे कोन मना कर सकते हें कीसीमें इतनी हीमत हें जो उसे रोक सके वो कारण पुछती तो हम उसे क्या जवाब देते मेनेभी वही बात बाबासे कही तो उसने मुजे दादीके बारेमे जो बताया वो तुम नेनुसे जान लेना उसने सब कीस्मत पर छोड दीया हे
माया : आप सही केह रहे हें अब जो होरहा हें होते रहेने दो बस आप कभी गील्टी फील मत करना वरना गडबड हो जायेगी वरना आप वीचलीत हो सकते हें
में : सखी पताहे दो तीन दीनसे दादी मेरे अंदर अपने पतीको यानी मेरे दादाको देखती हें
माया : (कुछ सोचके) जानु आपनेतो मुजे रास्ता बता दीया बस उसीको माध्यम बनाके आपको वीचलीत होनेसे बचा सकती हुं
में : माया वो केसे मुजे बताओ में जानना चाहता हुं
माया : (हसकर) वोतो ठीक हे अब मेरे उपरसे उतरना नही हें क्या मुजे नीचे कुछ हो रहा हें हें..हें..हें..
में : सखी सायद नेनुने तुजे नही बताया होगा में जब तक दो बार नही जडता तब तक में लंडको बहार नही नीकालता ओर कभी कभी मुड होता हे तो तीन बार या चार बारभी करता हुं ओर नेनुके साथ तो पुरी रात अंदर डालके करता रहेता हुं इतनी प्यारी हेवो
माया : (हसकर) क्या नेनुदी आपको पुरी रात जेलती हें? ओर बापरे आपनेतो मुजे अेकही बारमें थका दीया हें तो उसकी क्या हालत होती होगी, भगवान बचाये हें..हें..हें..
में : सखी अब तैयर होजा मे तुजे सुबह तक प्यार करना चाहता हुं में तुमसे बहुत प्यार करता हुं
फीर में मायाको दुबारा चोदने लगा तो मायाभी मुजे इस बार खुलकर साथ देने लगी फीर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ माया अेसे चुदवाने लगी जोवो जन्मोसे प्यासी हो उसकी आंखे नसीली होजाती थी ओर मदहोसीमें कुछना कुछ बडबडाती रहेती थी इसबार में माया को लगातार ३० मीनीट तक चोदता रहा
ओर मायाको तीन बार जडाके लंड टेडा हीलाने लगातो वो चीलाने लगती थी ओर में जडतक घुसा घुसाके चोदता रहा आखीर हम दोनो साथमें खलास होगये तब उसने मुजे कसके बाहोमें भीचलीया ओर में उसके पर ढेर होगया तब माया मेरी पीठ सहेलाने लगी ओर सरमाके सहते हुअे तीरछी नजरसे मुजे देखती रही
में : कहो डार्लींग केसा रहा इस सखाके साथ मजा आयाकी नही
माया : माय लव बहुत बहुत मजा आया में आज तक अेसे नही चुदी अेसा लगताहें दीन रात बस आपसे चुदवाती ही रहुं आपने तो मुजे अेकही रात में ठरकी बाना दीया अेसा लगता हे अभी अभी में जवान हुइ हुं अब आपके बीना रहेना मुस्कील होजायेगा अब आप तैयार रहीयेगा में कहीभी आपको पकड लुगी हें..हें..हें..
में : वेसे अब मेभी तुजे कहा छोडने वालाहुं में तुजे ओर नेनुको लेकर कही हनीमुनपे ले जाना चाहता हुं ओर मेरी अेक रीक्वेस्ट हे तुमसे अब तुभी मेरी मीराकी तराह ये घुंघरु पहेनकर घुमना मुजे बहुत अच्छा लगता हें
माया : मेरे सखा आपको रीक्वेस्ट करनेकी जरुरत नही हें बस अपनी इस रानीको हुकुम कर दीजीयेगा में अब इसे पहेनकेही रखुगी मेरे प्यारकी नीसानीजो हें, अबतो उतरो मुजे बाथरुम जाना हें सब साफ करने
में : नही सखी मुजे अेक बार ओर प्यार करना हें, प्लीज..
माया : (हसकर) अरे आपतो थकतेही नही अेकही रातमें मेरा कचुबर नीकालना हे क्या? हें..हें..हें..
में : डार्लींग तु चीजही अेसी हे की तुजे देखताही रहु ओर तुजे चोदताही रहु
माया : बस बस पागल मत बनीये वरना मेरी सब सौतन मुजसे जलेगी हें..हें..हें..
फीर मेने मायाको अेक बार ओर चोद लीया हम दोनो २० मीनीट तक चुदाइ करते रहे ओर आखीर साथमें जड गये तब में उसे लेकर बाथरुम में चला गया तब मेने माया को वहा खडे खडे भी चोदने लगा तब माया मुजसे चुदवाने लगी ओर हम खलास होगये तब वो बहुत थक गइ थी फीर हम दोनो ने अेक दुसरेको नहेलाया
फीर में उसे गोदमें उठाके बहार लेआया फीर हम दोनो तैयार होने लगे तब सुबह ७ बज चुकेथे तब नेनु ने हमारा दरवाजा खटखटाया तो मेने दरवाजा खोल दीयातो नेनु आके मेरे गले लग गइ फीर मुजे चुमके मायाके पास चली गइ ओर उसे गले लगा लीया ओर उसको चुम लीया फीर खुस होकर धीरेसे कहेने लगी
नेनु : मायादी सब कुछ हुआ सबने आज अेक अदभुत अनुभुती की सबकी सब जडके थक गइ ओर थकके चकनाचुर होकर अभी तक सोइ पडी हें हम सबने इनके साथ संभोग कीया सुबअ ४ बजे तक फीर सब साफ करके सो गइ हें आपका केसा रहा?
माया : (सरमाके) बहुत अच्छा रहा नेनुदी मेने कभी कल्पनाभी नहीकी कभी प्यारमें अेसी अनुभुती भी होती हें इन्होने मुजे इतना प्यार दीया की पुछोही मत मेने आज तक अेसा प्यार नही कीयाथा पता नही कोन हे ये पर था बहुत अदभुत में इसका वर्णनही नही कर सकती हम पुरी रात प्यार करते रहे सोयेही नही
नेनु : माया दी क्या हमने देखा वोही आपने देखा हें? आज मेने कुछ देखा जो मुजे चीन्तामें डाल रहा हें, मेने अेक अेसा चहेरा देखा जो मुजे थोडा अजीब लगा केसे बताउ ओपको समजमेही नही आता
माया : (हसकर) जी हमनेभी वही देखा हे ओर हमारे पतीनेभी देखा हें जीसमे तारा ओर सारीकाभाभीतो थी ही आप सायद हमारी दादीकी बात तो नही कर रही?
नेनु : (चोंकके) जी में वही केह रही थी क्या आपने भी उसको देखा हें?
माया : हां नेनुदी हम सबेने उसको देखा सायद इसलीये बाबाने आपको मना कीया था
नेनु : अब क्या करे? तबतो उसकोभी आज अनुभुती हुइ होगी हमे देखना चाहीये में अभी आती हुं
कहेके नेनु दादीके रुममें चली गइतो दादी अभी तक सोइ पडी थी ती ननुने उसको उठाया ओर कहा
नेनु : दादी अब सुबह ७ बज गये हे आज इतनी देर तक क्यु सोइ हे? आपकी तबीयत तो ठीक हेना?
दादी : (उठके बेठते) नेनु बीटीया आज बहुत थकान महेसुस होती हें पता नही कीतनी नींद आतीथी फीरभी थक गइ ओर ये क्या मुजे कुछ गीला महेसुस होता हें देखतो सही
कहेके दादी बेडसे उठ गइ तो उसका बेड गीला था तो दादी देखकर सोक्ट होगइ तब उसने अपने पाइजामेकी ओर देखा तो वोभी गीलाथा तो दादी देखती ही रेह गइ तब नेनु समज गइ की दादीनेभी आज अनुभुती कीहे तो उसको दादीकी मस्ती सुजी
नेनु : (हसकर) दादी आपतो पुरी गीली होगइ हें कही दादातो सपनेमे नही आये थे हें..हें..हें..आइअे आपको नहेला देती हुं फीर मे चदर चेन्ज कर दुगी
दादी : क्या कुछभी बोलती हें, मुजे तो बडी सरम आरही हें बेटा अेसा कभी नही हुआ हें पता नही आज सब केसे होगया वोभी इस उमरमें कोइ देखेगातो क्या कहेगा मुजे तो बहुत सरम आरही हें चल छोड मुजे नहाना हें वरना अभी कोइ ना कोइ आजायेगी
कहेके वो बाथरुमकी ओर चलने लगी तब नेनुभी साथ जाके उसे नहेलाने लगी जब दादीने पाइजामा नीकाला तो उसके नीचे अभी तक रस बेहेके पैरमें उतर रहा था तब नेनु उसे नहेलाने लगी तब दादीने कहा
दादी : नेनु बेटी अेक बात कहु पता नही तुजे बताना चाहीयेकी नही पर तु मेरी सीर्फ बहुही नही बेटीभी हेतो मुजे बाबासे जानना हें की ये राज बेटाके रुपमें कही तेरे दादातो वापस नही आयेना?
नेनु : (मजा लेते हसकर) हां दादी हो सकता हें क्या आज दादा सपने में आये थे?
दादी : तभीतो दो तीन दीनसे मुजे राजको देखकर तेरे दादाही याद आजाते हें
नेनु : दादी अेक बात पुछु आपकी हालत कही दादाको या इनको देखकर अेसी नही हुइ हेनां?
दादी : (सरमाके हसते) धत्त, तुभीनां केसा सवाल पुछती हें? मानोे मेरी सहेली हो
नेनु : दादी अेक तरफसे इस उमरमें दादी पोती सहेली ही होती हें मांभी सहेली होती हेतो आपतो मेरी दादी हें बताइअेना वो कोन थे जो सपनोमे मेरी दादीको परेसान करके गये हे हें..हें..हें..
दादी : (सरमाके) तुभीना मुजे सब पुछके ही दम लेगी मुजे तो कहुत सरम आ रही हें
नेनु : ठीक हे दादी मत बताओ में कोन होती हुं आपकी, चलीये बहार अब नहालीया हें
कहेके नेनु दादीको बहार लेआइ ओर उसके कपडे देदीये तो दादी पहेनने लगी ओर मुस्कराती रही तो नेनु उसे देखकर मुस्कराती रही फीर नेनुने दादीके बेडकी चदर चेन्ज करदी ओर दादीको तैयार करने लगी तब दादीने कहा
दादी : नाराज होगइ मेरी बच्ची क्यु कुछ बोलती नही?
नेनु : अब में क्या बोलु दादी आप कुछ नही बताना चाहती तो में जबरदस्ती करना नही चाहती वेसे अपने मनकी बात कमसे कम अपनी सहेलीको कहेना चाहीये जीससे मन हल्का हो जाता हें वरना मन पर टड्ढेस रहेता हें समजी (नोर्मल होके)
दादी : तु सही केह रही हें तुजसे बात करके मुजे बहुत अच्छा लगता हें पर कुछ बात में तुजे नही बता सकती वरना तु मेरे बारे में क्या क्या सोचने लगेगी
नेनु : दादी मुजे पताहें पर आपके मुहसे सुनना चाहती हुंकी आपके सपनोमें कोन आया था
दादी : (चोंक कर) तुजे पता हें? पर केसे मेने तो अभी तक बतायाही नही
नेनु : दादी आज जोभी हुआ होसकता हें आगेभी होगा तो आप कब तक सबसे छुपायेगी?
फीर नेनु सीर्फ दादीको वो सबकुछ बता देती हें की बाबाने आपको आनेसे मना कीया था पर हम सब आपको आनेसे नही रोक सकते तो आज आपको अनुभुती होगइ जो हम सबको भी हुइ हें ओर इनमे तारा ओर सारीकाभी बाकात नही हें सब कुछ बता दीया तब दादी चोंक गइ ओर सोक्ट होके नेनुकी ओर देखती ही रही तब नेनुने कहा
नेनु : क्या दादी आपके सपनेमे भी वही आया थाना जो हमारे सपने में आया था, हमारा राज
दादी : (गरदन हा में हीलाके) हां बेटी वोही था मेरा बीटु अब पता चला मुजे उसमें तेरे दादा क्यु नजर आरहे हें अब तो पुरा यकीन होगया की वोही तेरे दादाका रुप हें अब मुजे कीसीसे कुछ नही जानना बेटी इस बातको तु कीसीसे मत बताना वरना सब क्या सोचेगी ओर मायाको भी बता देना वो कीसीको ये बात ना बताये समज गइनां
नेनु : (खुस होकर) जी दादी आप फीकर मत करीये ये राज राजही रहेगा बस अब आपजो मेरी सहेली बन गइ हें हें..हें..हें.. (मनमे : दादी क्या बताउ स्वप्नमे सबने आपको देखलीया हे)
दादी : (नेनुको हग करते) कीतनी अच्छी बेटी हें मेरी अबतो जल्द मंदिर बन जाये ताकी ये सील सीला जल्द खत्म होजाये
नेनु : (हसकर) क्यु दादी इसमें आपको मजा नही आता क्या? हें..हें..हें..
दादी : (नेनुको हसकर मुका मारते) मारुगी तुजे दादीसे अेसी बात करती हें
नेनु : में कहा दादीसे बात करती हुं मेतो मेरी सहेलीसे बात करती हुं हें..हें..हें..
तब दोनो हसने लगी फीर नेनु दादीके रुमसे हमारे रुममें आगइ तब दोनो तैयार हो चुके थे तब मेने नेनु ओर मायाको अेक साथ बाहोमें भरलीया ओर दोनोके होंठ बारी बारी चुम लीया तब नेनुने कहा
नेनु : मायादी अब आप आगइ हेतो में मेरे राजको आपको सोपती हुं उसका अच्छे से खयाल रखीयेगा मेरे दीलका टुकडा हे ये में मेरे जीगरके टुकडेको आपको ओर जसुको सोप रही हुं
माया : जी दीदी में आपके जीगरके टुकडेको मेरे दीलमें सम्हालके रखुगी ओर आपको कभी सीकायतका मोका नही दुगी ये में आपसे वादा करती हुं
में : बेबी पर मेरे दीलमेतो आप सबहो तो मेरा दील आप केसे रख सकती हो
माया : अब आप हमे बातोमें ना फसाये, में जानती हुं आपकी सब हरकते, चलीये बहार सबको उठाते हे कीतनी देर सोती रहेगी सब, वेसे नेनुदी क्या हालत हें हमारे दादीकी हें..हें..हें..
तब नेनु दोनोको सबकुछ बता देती हें ओर कीसी ओर को ना बतानेका भी कहेती हें फीर हम तीनो हसने लगे ओर हमारे रुम में आगये तब अंजु जसु उठके बाथरुम में चली गइ थी ओर मीरा बेडपे बेठी थी बाकी सब सो रही थी तब मीरा उठके सीधे मेरी बाहोमें आगइ ओर मुजे चुमके कहेने लगी
मीरा : बाबु आप आगये क्या नजारा था वो आज हम दोनोने पुरी रात मस्ती की हें मजा आगया
तब में माया ओर नेनु हसने लगे ओर मेने उसे चुमलीया तब नेनुने सबको उठा दीया तो रीटा मायाको देखकर उससे लीपट गइ ओर उसे थेन्कयु थेन्कयु कहेने लगी
रीटा : मम्मी आपहीकी वजहसे हमने हमारे पतीको पुरी रात हमारे साथ प्यार करते पाया थेन्कयु..
माया : बीटु अबतो मेने सबको सीखा दीया हेना तो सब सावधानीसे प्रयोग करना हां अेक बात बता देती हुं सबको, जब ये चाहेगे तब होगा ओर अेक जब मेरे साथ या नेनु यातो जसुके साथ फीजीकल होगे तब होगा ओके अब जा तु ओर दिवु नहाले केसे बंदरीया जेसी दीखतीहो दोनो हें..हें..हें..
तब दिवु मायाको मुका मारके रीटाको लेकर नहाने चली गइ तब माया मेरी बाहोमें आगइ ओर मेरे होंठ चुम लीये तब सब नहाके तैयार होने लगी जब सब तैयार होगइ तब नेनु मेरे पास हसके आइ ओर मुजे सींदुरकी डीबी पकडा दी तब पहेले मेने नेनुकी मांग भरदी फीर मेने जसुकी सोनुकी मायाकी सबकी मांग बारी बारी भर दी
तब अेक के बाद अेक सब मेरे पैर छुके मुजे कीस करके साइडमें जाने लगी जब मायानें मेरे पैर छुअे तो मेने खडा कीयातो वो रो रही थी तब मेने उसे बाहोमें भरलीया ओर उसकी पीठ सहेसाने लगा तब नेनुने उसके आंसु पोछे तब मुजसे कहेने लगी
माया : मेरे सखा आज आपने पती धर्म नीभाके मुजे पुर्ण बना दीया में वचन देती हुं आपसे मेभी अपना हर कर्तव्य नीभाउगी जो अेक पत्नी नीभाती हे मेने तो अेसे जीवनकी कभी कल्पना तक नही कीथी की मुजे आप पतीके रुप में मीलेगे आइ लव यु सो मच में अब कभी भी आपको मुजसे जुदा नही होने दुगी
में : लव यु टु ओल बेबी में भी आप सबको बहुत प्यार करता हुं ओर करता रहुगा चलो अब मुजे बहुत भुख लगी हें
सोनु : जानु हम सबके साथ पुरी रात महेनत कीहें तो भुखतो लगेगी ही चलीये बहार हें..हें..हें..
तब हम सब हसने लगे ओर मेने सोनुको गोदमें उठा लीया ओर बहार चलने लगा तो वो बहुत खुस होगइ ओर हम सब होलमें आगये तब सुनील तारा ओर सारीका सब होलमेंही बेठेथे तब तारा ओर सारीका मेरी ओर देखकर बहुत सरमा रही थी ओर मुस्करा रही थी तब मायाने दोनोको धीरेसे उसके कानमें कुछ कहा तो दोनो बहुत सरमाके हसने लगी तब दादीभी बहार आगइ ओर सबके साथ बेठ गइ
पर आज दादी मुजसे नजरे नही मीला पा रही थी ओर बार बार मुजे चोर नजरसे देख रहीथी तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया तो हम सब खाने लगे तब मायाभी मुजे खीलाने लगी तो सब बहुत खुस होगये आज सबके लीये अेक नया अनुभव ओर नइ सुबह लेके आया था सबके मनमें घमासान युध्ध हो रहाथा सबके चहेरेपे आज संतुस्टीके भाव दीख रहे थे पर आज दादी कुछ नही बोल रहीथी तब कीसीको कुछ संका ना जाये इसलीये मेने दादीसे कहा
में : मंदिरका काम बहुत फास्ट चल रहा हें ओर आजसे सुनीलभाइके बंगलेका काम भी सुरु होरहा हें
दादी : चलो अच्छा समाचार दीया तुने वेसे बीटु मेरी टीकीट आगइ हें में अगले वीक जा रही हुं फीर अेक महीने बाद में वापस आजाउगी
तब मेरे आंखसे आंसु नीकल गयेतो मेने फोरन पोछ लीये तो सबने नोटीस कर लीया ओर मेने नास्ता छोडके पानी पीलीया ओर मेरे रुममें चला गया बेडपे बेठके आंसु बहाने लगा मेने रोकनेकी कोसीस की पर रुकही नही पा रहे थे पता नही क्यु आज दादीके जानेकी बातसे मुजे इतना दु:ख क्यु हो रहा था मेभी नही जानता था
तब दादी मेरे रुममें आइ ओर मेरे पास बेठ गइ तब मे उसे हग करके जोरोसे रोने लगा तब दादी मेरे सरमें हाथ घुमाती रही ओर उसकेभी आंसु नीकल आये तब माया नेनु जसु मीरा दिवु अंदर आगइ ओर सब आके मेरे साथ बेठ गइ
दादी : सांत होजा मेरे बच्चे में कहा हमेसाके लीये जारही हु बस अेक महीनेकीतो बात हें
में : पता नही दादी मेरा आपसे अलग होनेका जी नही चाहता आज अलग होनेकी बातसे बहुत दु:ख होता हें क्या करु अेसा लगता हें में आपसे बीछड जाउगा
दादी : बेटा मुजेभी तो तुमसे बीछडके अच्छा नही लगता मुजेभी तेरी तराहही लग रहा हें
(मनमें : तुक्या जाने, तुसीर्फ मेरा पोता ही नही मेरा पती भी हेतो तुमसे दुर कहा जाउगी)
में : (आंसु पोछके) दादी क्या जाना जरुरी हें आप कुछ महीनो बाद नही जा सकती?
दादी : नही बेटे उधरसे मेरी बहुका कीतने फोन आगये ओर उसने मेरी टीकीटभी भेजदी हें
में : दादी केन्शल करवा दो में आपको लेजाउगा फीर मेरे साथही वापस आजाना
दादी : बीटु अेसा नही हो सकता तु समजता क्यु नही हें? में अेक महीना नही उससे पहेले वापस आजाउगी बस अबतो खुस हेना (मनमे : अेक हप्तेमेही वापस आउगी अब तुमसे दुर रहेना मुस्कील हे)
में : दादी मतलब आप नही मानोगी ठीक हे जाइअें जब तक आप यहा नही रहेगी मेभी इस महेलमें नही रहुगा अब आपको जाना हेतो जाओ
दादी : अरे ये केसी जीद हे तेरी? तु समजता क्यु नही? इधर सब कोन सम्हालेगा?
में : तेरी सब बहुअे हेना वोसब सम्हाल लेगी यहाकी फीकर आप मत करो मेरी नेनु काफी हें
दादी : मुजे मेरी सब बहु बहुत काबील मीली हें सबकी सब अकेली सम्हाल सकती हें पर बेटे तेरा यहा रहेनाभीतो जरुरी हें
माया : आप मेरी बात सुनीये दादीको जाने दीजीये हम नही चाहते दादी दुखी मनसे इधरसे जाये वो वहाभी खुस नही रेह पायेगी अेकही महीनेकी तो बातहें वोनही आइतो आप खुद उसे लेने चले जाना बस
में : ठीक हें सायद तुम ठीक केह रहीहो सोरी दादी आप आरामसे जाओ में बहुत खुस हुं
दादी : अरे डफर में इतनी देरसे समजा रहीथी तो नही माना ओर नइ बहुकी बात अेकही बारमें मान गया जोरुका गुलाम कहीका चल जा उसके पास जाके बेठजा (मनमें : बीवीको लेने पती ही आयेगानां)
तब सब हसने लगी ओर मायाभी सरमाके हसने लगी तब मेने मायाको दादीके सामनेही हग कर लीया तो दादी मुजे हसके मुका मारने लगी तब अेक बार फीर हम सब हसने लगे तब दादीने मायाको अपने पास बीठा लीया ओर उसके सरमें हाथ रखके कहेने लगी
दादी : मेरी बच्ची तुम ओर नेनु मेरे बच्चेका खयाल रखना उसका दील बहुत जानुक हें बीलकुल बच्चे जेसा तुजे ओर नेनुको वो बहुत मानता हें
में : क्या दादी मेतो सबकी मानता हुं खामखा ये दोनोको तुम सर पर चडा रही हो
नेनु : अच्छा जी दादी हमे सर पर चडा रही हे ठीक हे, चलो माया दीदी इधर हमारा कुछ काम नही हें चलो जसु हम बहार चलते हे
कहेके नेनु जुठका नाराज होकर सबको लेकर बहार जाने लगी तब मेने नेनुको पीछेसे गोदमें उठा लीया ओर दादीके पास बीठा दीया ओर उसे कान पकडकर सोरी कहा तो नेनु मुजसे लीपट गइ ओर रोने लगी
नेनु : आप बार बार सोरी मत बोलो मुजे अच्छा नही लगता, कीतना प्यार करते हो सबको, क्या कोइ आपके प्यारको छोडके जाना चाहेगी दादीभी अेक महीनेके पहेले वापस आजायेगी
में : नेनु मत रो वरना तुजे कसम देदुगा, तु जुठ मुठभी मुजसे नाराज मत होना मुजसे सहन नही होता में कुछ कर बेठुगा केह देता हुं
तब नेनुने मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया उसने दादीकी हाजरीकी भी परवाह नही थी ओर मुजे पागलोकी तराह चुमने लगी फीर वो सांत हुइ तर उसे होस आयाकी इधर दादीभी बेठी हें तो मुजसे अलग होगइ ओर दादीके पास जाके नीचे सर करके दादीको सोरी बोली
दादी : (आंखे नम करके) आज पता चलाकी प्यार क्या होता हें मेतो धन्य होगइ की मेरी सब बहुअे मेरे बेटेको कीतना प्यार करती हें ओर मेरा बेटाभी सबको कीतना प्यार करता हें नेनु बेटी तुजे सोरी कहेनेकी कोइ जरुरत नही हें मे मुर्ख थी जो सबको रीटड्ढीक्शनमें रखनेकी कोसीस कर रहीथी आजसे सब आजाद हें बस सीर्फ दुसरोकी हाजरसमें हमारी मर्यादाका खयाल रखना बाकी सबको जेसे जीना हें जी सकती हें
तब मेरी सब बीवीया दादीसे लीपट गइ तब मेभी दादीको हग कर लीया ओर उसे थेन्कयु कहा तो दादीने मेरे गाल पर हसके चपत लगादी फीर में दादीको गोदमें उठाके उसके रुममें लेजाने लगा तो दादी मुजे सीनेमें मुका मारती रही ओर हसती रही में उसके बेड पर लेजाके उसे बीठा दीया तब दादीने मेरा हाथ पकडकर पासमे बीठा दीया ओर मेरी ओर आंखोमे देखती रही फीर प्यारसे सरमें हाथ रखकर कहेने लगी
दादी : बेटा मेरी नेनु बहुत नाजुक हें बीलकुल फुलकी तराह उसका बहुत खयाल रखना
में : दादी जब आप वापस आओगी तब में आपको बहुत बडी सरप्राइज दुगा वोभी दुनीयाकी बेस्ट सरप्राइज
दादी : तबतो मुजे जल्दही वापस आना पडेगा वेसे बीटु अबतो मुजेभी तेरे बगैर वहा अच्छा नही लगेगा तो में जल्द वापस आजाउगी
में : (मजाक करते) दादी सच बतानां मेरे बगैर की दादाके बगैर? हें..हें..हें..
दादी : (हसकर मुका मारते मेरी आंखमें देखकर सीरीयस होते) सच कहु तुम दोनोके बगेर..खास करके तेरे दादाके बगेर वो मुजे इतना प्यार करतेथे जेसे तु नेनुको करता हें हमभी दोनो अेसेही पयार करतेथे जबसे मे तुजमे तेरे दादाको देखतीहुं तो आजभी मुजे वोही प्यार याद आजाता हें वो लम्हा मे कभी नही भुल सकती हम दोनो आपस मे बहुत प्यार करते थे बीलकुल तरी ओर नेनुकी तराह
में : दादी क्या इतना प्यार करते थे दोनो तबतो में समज सकता हुं आपकी हालत क्या होती होगी मेतो अेक पल नेनुसे अलग नही रेह सकता ओर आपतो.., कीतने बरसोसे दादासे अलग हें तो केसे रेह पाती हे उनके बगैर
दादी : (नम आंखोसे मेरी आंखमें देखके) बीटु इसीलीयेतो में जल्दी वापस आजाना चाहती हुं ताकी मे तेरे साथ रेह सकु इसी लीयेतो मेने तुजे इधर जल्दी बुलवा लीयाथा तेरे दादाको में तुजमे देख सकु मुजे भी तेरे दादाके प्यारकी अनुभुती हुइ हें ओर वो तुम्ही हो वोभी मुजे पता चल गया हें तो में वहा केसे रहेती में तेरे पास अेकही वीकमें आजाउगी कास मेभी उसी तराह तुजे प्यार कर सकती जीस तराह नेनु तुजे करती हें
में : दादी में आपके प्यारको महेसुस कर सकता हुं पर क्या करु कुछ मर्यादा ओर कुछ मजबुरी भीतो होती हें वरना आपको इतना प्यार देताकी आपको दादाकी कमी ही महेसुस नही होने देता
दादी : (सरमाके मेरी आंखोमें देखकर) बीटु मे समजती हुं तु क्या कहेना चाहता हें, ओर तुभी सब मर्यादाके बारेमें समजताहे तो मुजे बहुत खुसी हुइ मेरा बेटा इतना समजदार हें पर क्या करु मुजे सब कुछ याद आजाता हें की नां चाहते हुअेभी नही भुला सकती ओर तुनेतो अपनी बहेनसे ही प्यार कर लीया ओर वोभीतो तुजे दीलोजानसे चाहती हें तो आज तुम दोनोके देखकर मेरीभी प्यारकी भुख बढ गइ हें मेरे अरमान भी वापस जाग गये हे (मनमें : बीटुतु नही जानता मुजे तुमसे प्यार होगया हे मेभी तुजे पतीके रुपमें पाना चाहती हु)
में : दादी सोरी नेनुसे गलती होगइ मेरे प्यारमें इतनी अंधी हेकी आपकाभी खयाल नही रखा तो आपको तकलीफ में डाल दीया
दादी : नही बीटु मुजे तो बहुत अच्छा लगा ओर प्यार अेसाही होना चाहीये जो अेक दुसरे के लीये पागल हो वहीसेतो इशवरकी प्राप्तीका मार्ग खुलता हें जो प्यार नही करता वो कभीभी परमात्माको नही पा सकता ये तेरे दादा कहेते थे
में : हां दादी ये बाततो मेभी मानता हुं नेनु मीरा सबने अनुभुती की तो कहेती थी हमने परमात्माको पालीया हें
दादी : (मेरी आंखोमें देखकर) बीटु अेक बात बताउ आज रातको मेनेभी वहा अनुभुती कीहें मेने भी स्वप्न देखा हें मेनेभी इशवरको पा लीयाहे ओर तेरे दादाके चहेरेमें कोन था तुजे पता हें? जो मुजे आज प्यारका अहेसास कराके गया हें
में : (मजे लेते) कोनथे दादाजी कीस रुम में आये थे मुजे बाइअेनां (मनमें : दादी वो मेही था)
दादी : बेटा आज मुजे प्यार करके गया वो तेरे दादाके रुप में तुम थे आज तुम पुरी रात मुजसे प्यार करते रहे ओर हम सुबह ४ बजे तक प्यार करते रहे बरसोके बाद मेने वोही प्यारका अहेसास कीया हे पुछ लेना नेनु बेटीको वो सुबह इधर आइ थी (मनमें : पुरी रात मेरी बजाके मेरी हालत खराब करके रखदीथी तुने)
में : (चोंकके) क्या..दादी ये केसे हो सकता हें मुजेतो यकीन ही नही होता में केसे?
दादी : क्युकी तुही तेरे दादाका रुप हे जो दुबारा जन्म लेके तेरे रुपमें मेरे पास आये होें, ये बात बाबाभी जानते हे, बेटा आज में तुमसे कुछ मांगलु क्या मुजे दे पायेगा?
में : दादी आपको मुजसे मांगनेकी जरुरत नही हें सब कुछ आपहीका तो हें यहा तक मेरी आत्माभी आपकी हें आपको तो सीर्फ हुकुम करना चाहीये कहो क्या चाहीये मेरे बसमे होगातो अवस्य देदुगा
दादी : (मेरी आंखोमें देखकर सरमाते) प्यार.., मुजेभी थोडा प्यार देदे ओर ये प्यार मेरे पोतेसे नही मेरे पतीसे मांग रही हुं (कहेके अपने नीचेके होंठ अपने दातोसे दबाके नीची नजर करके बेठी रही)
में : (चोंकके) दादी आपको पता हें आप क्या बोल रही हें? में केसे दे सकता हुं आप मेरी दादीहो में सब मयार्दा केसे लांग सकता हुं
दादी : जब तुने तेरी बडी बहेन ओर छोटी बहेनसे प्यार कीया तब तेरी मर्यादा कहा गइ थी? बीटु मेतो मेरे पतीसे प्यार मांग रही हुं, जो तेरे रुम में मेरे सामने हे ओर ये बात हम सबसे छुपायेगे तु सोचले तेरे पास साम तक का वक्त हें अगर मेरे पतीका प्यार नही मीलातो अब इधर रहेके में तुजसे आंख भी नही मीला पाउगी मुजे हमेसाके लीये जाना होगा (आंसु बहाके मनमें : तुजे मुजको अपनाना ही पडेगा)
में : दादी आपनेतो मुजे उलजनमें डाल दीया ओर आपको नही मालुम में सब काम नेनुने पुछकेही करता हुं में नेनुसे कोइ बात नही छुपाता अब आपही बताइअे में क्या करु?
दादी : अगर नेनु तुजे परमीशन देतो तु क्या करेगा? तबतो मेरे पतीका प्यार देगानां?
में : दादी आपको लगता हें नेनु मुजे अेसी परमीशन देगी वो कभी नही देगी ओर उसने देदी तो में प्रोमीस करता हुं में दादाकी कमी आपको कभी महेसुस नही होने दुगा
दादी : (मुजे हग करके) थेन्कयु बीटु मे खुद नेनुसे बात कर लुगी अभी वो सब कुछ जानती हे मुजे कभी मना नही करेगी
तब दादी मेरी आंखोमें अेक नजरसे देखने लगी तो मेरी नजरभी दादीकी आंखोपे जम गइ जो बरसोसेअपने पतीके प्यारके लीये प्यासी लग रहीथी ओर मुजे प्यार करनेके लीये वीवस कर रही थी ओर दोनोही प्यारके अहेसासको महेसुस करने लगे मुजेभी कुछ अलग फीलींन्ग महेसुस होने लगी दोनोही अपने होंस खोचुके
हम लगातार अेक दुसरेकी आंखोमे देखते रहे तब मेंरा चहेरा दादीके चहेरेकी ओर बढने लगा तब दादीभी अपना चहेरा आंख बंध करके मेरी ओर बढाने लगी तब पताही नही चला कब हम दोनोके होंठ आपसमें मील गये ओर दोनोही अेक दुसरेके होंठोके रसपान करते रहे
जब मुजे होेस आया तो में बहुत सरमाया ओर फोरन खडा होकर दादीको सोरी बोलके में बहार नीकलकर सीधे सुनीलके रुमकी ओर जाने ओर वहा पहोचतेही मेने दरवाजेपे नोक कीया तब सुनीलने आवाज देके अंदर बुला लीया तब में उसके पास जाके बेठ गया तब ताराभाभी ओर सारीका बाथरुम में थी तो सुनीलके पास बेठ गया तो सुनीलजी कुछ काम कर रहे थे मुजे देखतेही काम छोड दीया फीर उसने कहा
कन्टीन्यु.......[/color]