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[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ९६[/color]
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में : पता नही दादी अ‍ेसा हुआहे भी या नही हमे लन बातोमें नही पडना चाहीये वो केवल हमे दु:खही देता हें देखोना केसी सकल हो गइहे आपकी आप केवल खुस रहीये उसमेही आप अच्छी लगती हें चलो अब में चलता हुं वरना आपकी नइ बहु नाराज होजायेगी..अब आगे

कहेके में दादीके गालपे कीस करदीया ओर उसे सुलाके में मायाके कमरेमें आगया देखातो पुरा कमरा फुलोसे सजा हुआथा ओर माया बेडके बीच घुंघटमें बेठी थी तो में दरवाजा बंध करके बेड पर आगया ओर मायाका घुंघट उठाया तो वो मुजे हुस्नकी परी लग रही थी बीलकुल २६ सालकी अ‍ेक लडकीकी तराह तब मेने उसे वो डायमंड सेट ओर घुंघरुका सेट देदीया तो उसने मुजे पहेनानेको कहा

माया : सखा आखीर वो पल आही गया, आप अपनी सखीको अपने हाथोसेही पहेना दीजीयेनां आपकी ये पहेली नीसानी हे में इसे हमेसा पहेनके रखुगी

में : हां सखी ये घुंघरु ओर ये डायमंड सेट मेरे प्यारकी नीसानी हे में चाहता हुं तु हमेसा इसे महेनके रख

माया : सखा आपके प्यारकी हर नीसानीको ओर आपको मुजसे कभी अलग नही करुगी

तब मेने उसे सब पहेना दीया तब उसके चहेरेपे चार चांद लग गया में उसके सामने बेठके उसके दोनो हाथ पकडके अपने हाथमें लेलीया ओर में उसकी आंखोमें देखने लगा तब वोभी मेरी आंखोमे सरमाते देखेही जा रहीथी हम दोनो अ‍ेक दुसरेको अपनी नजरमें समा लेना चाहते थे बस देखतेही रहे ओर प्यारके सागरमें खोगये दुसरी ओर नेनु ओर जसुने सबको नंगा करदीया था ओर खुद दोनोभी सब कपडे नीकालकर सबके साथ सो गइ

सब अ‍ेक साथ लाइनमें नंगी पैर फेलाके लेटीथी ओर सब मायाने बताइ हुइ प्रार्थना कर रही थी इधर में मायाकी आंखोमें देखता ही रहा तब माया सरमके मारे नजरें नीचे करने लगी ओर नजर जुकाके उसने अ‍ेक हाथ छुडा लीया ओर साइडमें दुधका ग्लास था वो उठाके मेरे मुहके सामने रखकर मुजे अपने हाथोसे पीलाने लगी

फीर मेने अधा उसे पीला दीया ओर खाली ग्लास साइडमें रख दीया फीर वापस उसकी ओर देखता ही रहा आज वो कयामत लग रहीथी उसके चहेरेपे आज अ‍ेक अलग ही तेज दीख रहा था उसके मासुम नैन नाककी बडी नथनी के साथ कानोमें लंबे जुमके, ओर उसके खुले बाल मुजे पागल करने लगे तब मायाने कहा

माया : मेरे सखा क्या देख रहे हें? मुजे बहुत सर्म आरही हें, मुजेतो यकीनही नही होरहा की कीतने जन्मोके बाद आज आप मुजे मील गये हे ओर हमारा मीलन होगा, में आपको मनसे तो कबसे समर्पीत हो चुकी हुं आज आपको तनसेभी समर्पीत हो जाउगी अब मेरे इस तनपे सीर्फ आपहीका अधीकार हेेंं

में : मेरी रानी आज मुजे जीभरके मेरी नजरोमें बसालेने दे में तुजे नेनुकी तराह हर जन्म में पाना चाहता हुं अब हर जन्ममे सखी सीर्फ मेरी ही होगी आज में तुजे अपने अंदर समा लेना चाहता हुं नेनुकी तराह तेरी ओर मेरी आत्मा अ‍ेक करना चाहता हुं आज में मेरी सखीके अंदर वीलीन होजाना चाहता हुं

माया : मेरे सखा आज मेभी तो हमेसाके लीये आपमें समा जाना चाहती हुं, आपने बहुत तडपाया हे मुजे कीतने जन्मोके बाद आज हमारा मीलन होने जा रहा हें आजाओ मुजे आपके अंदर समालो भरलो मुजे अपनी बाहोमें लेलो मुजे अपनी आगोसमें अब आपसे दुर नही रेह सकती आज दोनोकी आत्मा अ‍ेक करदो में आज आपको पुरी समर्पीत होती हुं मुजे आपके अंदर वीलीन करदो ओर मीटादो मेरा ये अस्तीत्व आज सही मायनेमे सखी अपने सखेके साथ अ‍ेक होजायेगी आइअ‍े आपकी सखी आपको समर्पीत होती हे ओर आपके अंदर वीलीन होजाना चाहती हे

ओर मेने फोरन उसे बेठेही अपनी बाहोमें भरलीया तब उसने अपनी आंखे बंध करली ओर हम दोन अ‍ेसेही बेठे रहे तब मेने उसका चहेरा अपने दोनो हाथसे पकडा ओर उसकी आंखोमें देखते हुअ‍े में अपने होंठ उसके होंठकी तरफ लेजाने लगा तो उसके होंठ कांपने लगे ओर आखीर हम दोनोके होंठ मील गये

तब उसने अ‍ेक बार फीर अपनी आंखे बंध करली फीर हम दोनो धीरे धीरे अ‍ेक दुसरेके होठोका रसपान करने लगे ओर माया मदहोस होने लगी ओर अपनी आंखे नसीली करते उनके दोनो हाथ मेरी पीठमें घुमाने लगी तब मेरे हाथ उसके बुब्स पर चले गये ओर मेने हल्केसे दबा लीये तो उसके सरीरमें कंपकमाटी आगइ ओर मुजे जोरोसे अपनी बाहोमें भीचलीया ओर अपना सर मेरे कंधे पर रख दीया ओर कहेने लगी

माया : सखा मुजे इतना प्यार करोकी में मेरा अस्तीत्वही भुल जाउ आज मुजे आपके अंदर समालो ओर करादो मुजे अपने सखाके प्यारका अहेसास

फीर में मायाके गहेने ओर अ‍ेक अ‍ेक कपडे नीकालने लगा फीर उसके ब्लाउसके बटन खोलने लगा तब मायाभी सरमाते मेरे सर्टके बटन खोलने लगी तब हम दोनो सीर्फ अ‍ेक दुसरेकी आंखोमेही देख रहे थे अब हम दोनो सीर्फ अपने अंतरवस्त्रमेही थे तब मेने मायाको बेड पर लीटा दीया ओर में उसके उपर जुक गया तब उसने मुजे अपनी बाहोमें भीचलीया ओर हमारे होंठ मीलके अ‍ेक दुसरेके रसको पीने लगे

तब मेरा अ‍ेक हाथ उसके बुब्स पर चला गया तो वो सीहर उठी ओर मुहसे सीसकारीया नीकालने लगी तब में उसकी गरदन चुमने लगा तो वो मदहोस होकर अपना मुह इधर उधर करने लगी ओर सीत्कार करने लगी तब में चुमते चुमते उसके बुब्स तक आगया ओर उनकी ब्राको हटाके अ‍ेक बुब्सकी नीपलको अपने मुहमें लेके चुसने लगा तब वो सीत्कार करते मेरे सरको पकडकर बालोमे हाथ घुमाने लगी

माया : ओह..मेरे स्वामी अ‍ेसा अ‍ेहसास मे पहेली बार कर रही हुं ओर प्यार करो मुजे आज टुट जानेदो सारे बंधन जो हमारे बीच थे में आज अपने आपको पुर्ण समर्पीत करती हुं अब ये तन सीर्फ आपहीका हे आज इसे मसल डालो

तब में उसके बुब्सके नीपलको मुहमें लेके चुसने लगा ओर दुसरे बुब्सको हाथसे मसलने लगा तब वो पागल जेसे होने लगी फीर में बारी बारी दोनो बुब्सको चुसने लगा ओर चुमते चुमते नीचेकी ओर जाने लगा जब उसकी नाभीके छेदमें अपनी जीभ डालदी तब वो मचलने लगी ओर मेरे सरको दबाने लगी

फीर में अपनी आखरी मंजीलकी ओर चला गया ओर उसके लव होलमें मुह लगादीया तब मेरा सर पकडकर अपनी चुतमें दबाने लगी ओर छटपटाने लगी तब मेने अपनी जीभ उसकी चुतमें डालदी ओर उसके लव होलके दाने को जीभसे खरोदने लगा तब वो पागलकी तराह छटपटाने लगी ओर अपनी कमर उची करके उछालने लगी

माया : ओर सखा आपने क्या करदीया कीतने हसीन पलका अहेसास हे ये क्या प्यारमें अ‍ेसाभी होता हे? मे कीतनी मुर्ख थी जो आपसे दुर रही मेरे सखा ओर मुजसे सहेन नही होरहा हें नीचे क्या कर दीया आपने कुछ कीजीये प्लीज..

में : क्या करु माया तुजे बताना पडेगा की मुजे कहा तक जाना हें

माया : नही मुजे बडी सर्म आरही हें में नही केह पाउगी बहुत सर्म आरही हें सखा ओर मत तडपाओ प्लीज..आजाओ मेरे उपर

में : ठीक हें में तेरे कहेनेके मुताबीक ही तुजे प्यार करुगा तबतक में आगे नही बढ सकता

माया : सखा प्लीज जीद मत करो, मुजे बेसर्म मत बनाओ हमारा प्यार पवित्र रखना चाहती हुं हमारा प्यार परमात्माकी देन हें जो होता हे होजाने दो में इशवरसे प्रार्थना करती हुं मेरी सब बहेनेकोभी इस प्यारका अ‍ेहसास हो आज दो सरीरको अ‍ेक होजाने दो, हमारे आत्मातो कबकी अ‍ेक होचुकी हें आज सरीरकोभी अ‍ेक होजाने दो समा जाओ मुजमे ओर समा जाने दो मुजे आपके अंदर, आओ हमारे मीलनसे दोनोका अस्तीत्व मीट जायेगा हम अ‍ेक होजायेगे अब वक्त आगया हे मेरी योनी आपके लींगके स्वागत के लीये तैयार हें मीलजाने दो दोनोको बहुत जन्मोसे मीलना चाहती थी आज अवसर हे उस दोनोका मीलन करादो मेरी सब बहेनेभी आज इस मीलनकी अनुभुती करेगी समालो मुजे आपके अंदर ओर समालो मेरी सब बहेनोको आपके अंदर

कहेके मायाने मुजे अपने उपर खीच लीया ओर आंख बंध करली तब बाजुके हमारे रुम में सब प्रार्थना कर रही थी तब अचानक सब नीदमें जाने लगी ओर सबको अ‍ेसा अहेसास होने लगाकी में उसके रुम में आके सीधे उसेही प्यार करने लगा हुं तब नेनुभी मुस्करा रही थी

ओर जसु समेत सबको अ‍ेक जेसा अहेसास होने लगाकी में सीर्फ उसके उपर लेटाहुं ओर उसकोही प्यार कर रहा हुं तब दो जगह अ‍ेसीथी की उसको भी अपनी चुत पर कुछ अहेसास होने लगाथा हालाकी वो नींदमें थी फीरभी स्वप्नमे फील करने लगीकी में उसके उपर लेटकर उसे प्यार करने लगा हु

उसकी चुतमें हलचल महेसुस करने लगी अ‍ेक जगाहथी तारा ओर सारीका ओर दुसरी जगाहथी मेरी दादीके रुममें तब पता चलाकी बाबा क्यु मना कर रहे थे जो उस सादीमें जीतनीभी हाजीर थी सबको ये अनुभुती होते रहेने वाली थी इधर मायाने मुजे अपने उपर खीच लीया तब वो मुजे पागलकी तराह चुमने लगी

फीर उसने मेरा लींग पकड लीया ओर मेरी आंखोमें देखते हुअ‍े अपनी चुतमें सेट कर दीया ओर नजरे जुकाली तब मेने अ‍ेक जटका मारा तो मेरा लींग आधा उसकी चुतमें चला गया तब वो हल्कासा चीख उठी ओर आंखसे आंसु बहेने लगे तब में उसके आंसुको चाटकर साफ करने लगा ओर उसने मेरा सर पकडकर अपने सीनेमे दबा लीया ओर उसकी आंखे बंध होने लगी

माया : प्रीये मुजे मेरे परमात्मासे मीला दो, मुजे मेरे सखासे मीलन करादो

कहेकर वो नींदमे चली गइ तब मेने अ‍ेक ओर जटका मारातो पुरा लींग अंदर चला गया ओर में अचानक नींदकी आगोसमें चला गया जब आंख खुली तब में स्वर्गकी ओर जा रहाथा ओर अपना दोनो हाथ आगे करके माया सफेद लीबासमे खुले बालोके साथ मेरे स्वागतके लीये खडी थी उनके पीछे दो बडे पंख लगे थे

मानो वो कीसी परी हो तब उसने मेरे दोनो हाथ पकड लीये ओर मुजे जोरोसे बाहोमें भर लीया तब हम दोनो परम आनंदकी अनुभुती करने लगे तब अचानक माया मेरा हाथ पकडकर हसते हुअ‍े हवामे उडने लगी तब उसके खुले बाल हवामे लहेराने लगे ओर पीछे मेरी ओर देखकर हसती हुइ मुजे उडाके लेजाने लगी

तब हवामे ही मुजे कसके बाहोमें भरलीया ओर मुजे पकडकर वो गोता लगाने लगी तब ओर परीयाभी आगइ ओर हमारे साथ सामील होगइ तो उधर मेरे रुममें मेरी सब बीवीयो अपनी नींदकी आगोसमेही अपनी कमर उछालने लगी ओर सब सीत्कार करने लगी मानो मेरे साथ संभोग कर रही हो तब तारा ओर सारीका यही हरकत करने लगी

तब दादीको भी अहेसास हुआकी उसके पती यानी मेरे दादा मेराही रुप लेकर उसे प्यार कर रहे हे ओर उसके साथ संभोग कर रहे हें उसने मनही मन तैय कर लीयाकी राजही मेरे पतीके रुप में मुजसे प्यार करने आया हें ओर उसके साथ संभोग कर रहा हे तो वोभी मजेसे हसती हुइ प्यार करने लगी ओर अपनी कमर उछालने लगी

ओर उसकी बरसोकी प्यारकी चाहत आज जाग गइ इधर माया ओर में हवामे गोते लगाते लगाते प्यारका खेल खेलरहे थे तब माया मुजे अचानक सागरकी गहेराइओमें लेगइ ओर मुजे आलींगनमे जोरोसे भीचलीया ओर मेरे होठोको चुमने लगी तब हम परम आंदकी अनुभुती करने लगे तब नीचे हम सब अ‍ेक साथ जडने लगे तब माया फीर मुजे लेके उपर आगइ वहा मेरे साथ प्यारका खेल खेलने लगी

फीर मुजे दुबारा सागरकी गहेराइमें लेगइ ओर प्यार करने लगी ओर दोनो सागरमें गोता लगाने लगे नाजाने हम दोनो कीतनी देरसे कभी हवामें तो कभी सागरमें तो कभी स्वर्गमें जाते रहे फीर वो मुजे लेकर उडती हुइ अ‍ेक अदभुत परीओकी नगरीमें लेगइ तो मेरी सब बीवीओकी सकल वाली परीया कुछ जवान तो कुछ आधेड परीया थी

जो मुजे आके प्यार करने लगी उसमे तारा ओर सारीकाभी सामीलथी तभी अ‍ेक आधेड उमरकी परी आके मुजसे प्यार करने लगी जो हुबहु दादी जेसी थी तब सब परीया हसने लगी ओर मेरी चारो ओर घुमने लगी उधर सब मुजे अपने साथ संभोगका अहेसास करके जडती रही ओर साथमें अभीभी अपनी कमर उछाले जा रही थी

नाजाने आज सबको केसी अनुभुती हो रहीथी मायाने अ‍ेसा क्या कीयाकी सबको अ‍ेक साथ सामुहीक संभोगमें सामील कर लीया सबके चहेरे पर आज पुर्ण संतुष्टीके भाव थे सबको अपने साथ संभोगका अ‍ेहसास होने लगाथा ओर सब अपनी कमर हीलाके थक कर चकना चुर होगइ थी

अचानक मेरी आंख खुल गइ तब माया अबभी आंख बंध करके हसते हुअ‍े कमर उछाल रहीथी तब सुबह ४ बज चुके थे तब में मेरे लंडसे अ‍ेक बार ओर लावा फुट पडा ओर मायाकी चुत पुरी भर गइ तब मायाभी जडके सांत होगइ ओर उसने अपनी आंख खोलदी तब मुजे उसकी ओर देखते पाया तो मुजे जोरोसे बाहोमे भीच लीया

ओर वो बहुत सरमाइ ओर हसते हुअ‍े नजर घुमाली ओर उसके हाथ अबभी मेरी पीठ सहेला रहे थे तब में उसके होंठ चुमके लंड बहार नीकालकर बेडसे उतर गया तब उसकी चुतसे हमारा काम रस बहेने लगा तो वो बुहत सरमाके देखती रही फीर उसने उठनेकी कोसीसकी तो मेने कहा

में : नही सखी में तुमको लेकर जाउगा तुम लेटी रहो क्युकी हमारा रस अबभी बेह रहा हें

माया : सखा ये केसी अनुभुती थी जो में आपके अंदर समा गइथी, कोन हो आप?

मे : बस सखी हम उसका उतर बादमें ढुंढेगे अभी चल हम नहालेते हे

कहेके में मायाको गोदमे उठाके बाथरुम में चला गया ओर उसे साफ करके उसे नहेलाने लगा तब वो मुजे अ‍ेक नजरसे देखती ही रही फीर में नहाके बहार लेआया तब मेने हमारी चदर खीचके नीकालदी ओर मेरे दुसरी चदर डाली तब वो मुजे सहाय करने लगी फीर मेरे पास आके मुजे अपनी बाहोमें भरलीया ओर आंसु बहाने लगी ओर कहेने लगी

माया : ओह राज, मेरे स्वामी मेरे सखा आज में भगवानसे प्रार्थना करती हुंकी अब हर जन्ममें मुजे आप पतीके रुपमें मीले आज आपने मुजे पुर्ण कर दीया हें मेने कभी इतने प्यारकी अनुभुती नही कीथी मे आपको पाकर धन्य होगइ आज पता चला सब आपके पीछे क्यु प्यारमें इतनी पागल हें

में : सखी आज मेभी तो पुर्ण होगया हुं आजसे में तुजे नेनुकी तराह पुर्ण समर्पीत होता हुं चल मुजे तुमसे ओर प्यार करना हें

माया : (हसकर) अभी तक थहे नही क्या? कीतनी बार जडे आप ओर कीतनी बार मुजे जडा दीया हें कोन हो आप? जो थकतेही नही हें..हें..हें..

में : तुमतो सब जानती हो फीर ये सवाल बार बार क्यु? ओर में कभी नही थकता क्युकी बाबाका आशीर्वाद ओर उसकी दी हुइ जडीबुटी वोही मेरी ताकत हें

माया : (हसकर) हां में जानती हुं कुछ नेनुदीने मुजे अ‍ेक बार बतायाथा तो फीर चलो अबतो ये माया आपही की हें मेभीतो आपसे प्यार करना चाहती हुं मेरी सारी कसर नीकालदो जो में इसे वंचीत रही हुं

कहेके वो बेड पर लेट गइ तब में उसके उपर आगया ओर हम दोनो कीस करने लगे दोनो अ‍ेक दुसरेके होंठ चुमने लगे ओर में उसके बुब्स मसलने लगा तब वो सीसकारीया करने लगी ओर मेरी ओर तीरछी नजरसे देखकर हसती रही तब उसने मेरा लींग पकडकर अपनी योनीमें रख दीया ओर मेरी ओर देखने लगी तब मेने अ‍ेक धका मार दीया तो लंड उसकी चुतमें चला गया

तो वो नजर घुमाके सीसकारी करने लगी ओर मदहोस होने लगी तब मेने धीरे धीरे अपना लंड अंदर बहार करने लगा आज माया मुजे बहुतही कामीनी नजर आने लगी जीसको देखतेही मेरी कामाग्नी भडकजाती थी तब वोभी नसीली आंखे करके धीरे धीरे अपनी कमर उछालने लगी ओर मेरी पीठमे दोनो हाथ घुमाके मेरा साथ देने लगी ओर मदहोस होके कहेने लगी

माया : सखा आज आपकी मायाको इतना प्यार करोेकी वो आपकी गुलाम बन जाये कीतने बरसोसे ये योनी सुखी पडी हें ओर आपका इन्तजार कर रही थी आज उसे अपने पानीसे सीचके तृप्त करदो

फीर में मायाको जोरोसे चोदने लगा तो वो थोडा चीलाने लगी पर मेने उसकी परवा नही की ओर में उसे जोरोसे चोदने लगा तब वो भी कमर उछालके मेरा साथ देने लगी ओर उसके बडे बुब्सभी उछलकर मुजे पागल कर रहे थे तो मे उसेभी मुहमे लेके चुसते रहता था तब माया अकडने लगी ओर कहेने लगी

माया : ओह प्रीये ओर जोरसे चोदो में छुटने वाली हुं ओर जोरसे येस..येस बेबी चोदो अपनी मायाको मेरी चीखकी परवा मत करो आज मे असली मर्दकी बीवी बन गइ हुं में आह आह आहइइ आइइइइइ गइइइ.....सीइइइइइइ

ओर मुजे जोरोसे बाहोमे भीचलीया ओर वो जडने लगी फीर भी में उसे पेले जा रहा था मेने मायाको लगातार २० मीनीट तक चोदा ओर उसे तीन बार जडादीया तब मेने अपना लंड जडतक घुसा दीया तोवो जोरसे चीला उठी मेरे अपना पानी उसके बच्चेदानी पर छोडके जडने लगा तब वो अपने अंदर मेरा गरम लावा महेसुस करके मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया

ओर साथमें जडने लगी फीर में उसके उपर सांत होके लेट गया तब वो मेरी पीठ सहेलाती रही ओर बहोत सरमाने लगी तब मेने हाथसे उसके चहेरेको पकडा ओर मेरी आंखोमे देखनेको कहा तब जाके मेरी ओर सरमाके देखकर बात करने लगी

माया : जानु बस अ‍ेसेही मुजे प्यार करते रहीयेगा मुजे अब आपका ये मुसल लंड हररोज चाहीये चाहे कुछभी होजाये आप मुजे दीनमेभी कर सकते हें में कभी आपको मना नही करुगी में आज आपके लंडकी गुलाम होगइ हुं

में : माया गुलाम नही मेरी रानीहो तुम ओर वोभी सबसे खास रानी, में तुजे दीनमेभी प्यार करुगा जो में मेरी हर बीवीसे करता हुं में कीसीकोभी कहीभी पकडकर सुरु होजाता हुं आप सब मेरी कमजोरी हो ओर खास करके नेनु जसु ओर अब तुम

माया : सखा आपसे अ‍ेक बात करनीथी मुजे लगताहे हमारी सादीमें दादीको लेजाके हमने गलती कर दी हे

में : जानता हुं बाबाने हमे आगाहभी कीयाथा पर हम पुरी तराह समजे नहीथे ओर वेसेभी उसके पोतेकी सादी थी तो उसे कोन मना कर सकते हें कीसीमें इतनी हीमत हें जो उसे रोक सके वो कारण पुछती तो हम उसे क्या जवाब देते मेनेभी वही बात बाबासे कही तो उसने मुजे दादीके बारेमे जो बताया वो तुम नेनुसे जान लेना उसने सब कीस्मत पर छोड दीया हे

माया : आप सही केह रहे हें अब जो होरहा हें होते रहेने दो बस आप कभी गील्टी फील मत करना वरना गडबड हो जायेगी वरना आप वीचलीत हो सकते हें

में : सखी पताहे दो तीन दीनसे दादी मेरे अंदर अपने पतीको यानी मेरे दादाको देखती हें

माया : (कुछ सोचके) जानु आपनेतो मुजे रास्ता बता दीया बस उसीको माध्यम बनाके आपको वीचलीत होनेसे बचा सकती हुं

में : माया वो केसे मुजे बताओ में जानना चाहता हुं

माया : (हसकर) वोतो ठीक हे अब मेरे उपरसे उतरना नही हें क्या मुजे नीचे कुछ हो रहा हें हें..हें..हें..

में : सखी सायद नेनुने तुजे नही बताया होगा में जब तक दो बार नही जडता तब तक में लंडको बहार नही नीकालता ओर कभी कभी मुड होता हे तो तीन बार या चार बारभी करता हुं ओर नेनुके साथ तो पुरी रात अंदर डालके करता रहेता हुं इतनी प्यारी हेवो

माया : (हसकर) क्या नेनुदी आपको पुरी रात जेलती हें? ओर बापरे आपनेतो मुजे अ‍ेकही बारमें थका दीया हें तो उसकी क्या हालत होती होगी, भगवान बचाये हें..हें..हें..

में : सखी अब तैयर होजा मे तुजे सुबह तक प्यार करना चाहता हुं में तुमसे बहुत प्यार करता हुं

फीर में मायाको दुबारा चोदने लगा तो मायाभी मुजे इस बार खुलकर साथ देने लगी फीर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ माया अ‍ेसे चुदवाने लगी जोवो जन्मोसे प्यासी हो उसकी आंखे नसीली होजाती थी ओर मदहोसीमें कुछना कुछ बडबडाती रहेती थी इसबार में माया को लगातार ३० मीनीट तक चोदता रहा

ओर मायाको तीन बार जडाके लंड टेडा हीलाने लगातो वो चीलाने लगती थी ओर में जडतक घुसा घुसाके चोदता रहा आखीर हम दोनो साथमें खलास होगये तब उसने मुजे कसके बाहोमें भीचलीया ओर में उसके पर ढेर होगया तब माया मेरी पीठ सहेलाने लगी ओर सरमाके सहते हुअ‍े तीरछी नजरसे मुजे देखती रही

में : कहो डार्लींग केसा रहा इस सखाके साथ मजा आयाकी नही

माया : माय लव बहुत बहुत मजा आया में आज तक अ‍ेसे नही चुदी अ‍ेसा लगताहें दीन रात बस आपसे चुदवाती ही रहुं आपने तो मुजे अ‍ेकही रात में ठरकी बाना दीया अ‍ेसा लगता हे अभी अभी में जवान हुइ हुं अब आपके बीना रहेना मुस्कील होजायेगा अब आप तैयार रहीयेगा में कहीभी आपको पकड लुगी हें..हें..हें..

में : वेसे अब मेभी तुजे कहा छोडने वालाहुं में तुजे ओर नेनुको लेकर कही हनीमुनपे ले जाना चाहता हुं ओर मेरी अ‍ेक रीक्वेस्ट हे तुमसे अब तुभी मेरी मीराकी तराह ये घुंघरु पहेनकर घुमना मुजे बहुत अच्छा लगता हें

माया : मेरे सखा आपको रीक्वेस्ट करनेकी जरुरत नही हें बस अपनी इस रानीको हुकुम कर दीजीयेगा में अब इसे पहेनकेही रखुगी मेरे प्यारकी नीसानीजो हें, अबतो उतरो मुजे बाथरुम जाना हें सब साफ करने

में : नही सखी मुजे अ‍ेक बार ओर प्यार करना हें, प्लीज..

माया : (हसकर) अरे आपतो थकतेही नही अ‍ेकही रातमें मेरा कचुबर नीकालना हे क्या? हें..हें..हें..

में : डार्लींग तु चीजही अ‍ेसी हे की तुजे देखताही रहु ओर तुजे चोदताही रहु

माया : बस बस पागल मत बनीये वरना मेरी सब सौतन मुजसे जलेगी हें..हें..हें..

फीर मेने मायाको अ‍ेक बार ओर चोद लीया हम दोनो २० मीनीट तक चुदाइ करते रहे ओर आखीर साथमें जड गये तब में उसे लेकर बाथरुम में चला गया तब मेने माया को वहा खडे खडे भी चोदने लगा तब माया मुजसे चुदवाने लगी ओर हम खलास होगये तब वो बहुत थक गइ थी फीर हम दोनो ने अ‍ेक दुसरेको नहेलाया

फीर में उसे गोदमें उठाके बहार लेआया फीर हम दोनो तैयार होने लगे तब सुबह ७ बज चुकेथे तब नेनु ने हमारा दरवाजा खटखटाया तो मेने दरवाजा खोल दीयातो नेनु आके मेरे गले लग गइ फीर मुजे चुमके मायाके पास चली गइ ओर उसे गले लगा लीया ओर उसको चुम लीया फीर खुस होकर धीरेसे कहेने लगी

नेनु : मायादी सब कुछ हुआ सबने आज अ‍ेक अदभुत अनुभुती की सबकी सब जडके थक गइ ओर थकके चकनाचुर होकर अभी तक सोइ पडी हें हम सबने इनके साथ संभोग कीया सुबअ ४ बजे तक फीर सब साफ करके सो गइ हें आपका केसा रहा?

माया : (सरमाके) बहुत अच्छा रहा नेनुदी मेने कभी कल्पनाभी नहीकी कभी प्यारमें अ‍ेसी अनुभुती भी होती हें इन्होने मुजे इतना प्यार दीया की पुछोही मत मेने आज तक अ‍ेसा प्यार नही कीयाथा पता नही कोन हे ये पर था बहुत अदभुत में इसका वर्णनही नही कर सकती हम पुरी रात प्यार करते रहे सोयेही नही

नेनु : माया दी क्या हमने देखा वोही आपने देखा हें? आज मेने कुछ देखा जो मुजे चीन्तामें डाल रहा हें, मेने अ‍ेक अ‍ेसा चहेरा देखा जो मुजे थोडा अजीब लगा केसे बताउ ओपको समजमेही नही आता

माया : (हसकर) जी हमनेभी वही देखा हे ओर हमारे पतीनेभी देखा हें जीसमे तारा ओर सारीकाभाभीतो थी ही आप सायद हमारी दादीकी बात तो नही कर रही?

नेनु : (चोंकके) जी में वही केह रही थी क्या आपने भी उसको देखा हें?

माया : हां नेनुदी हम सबेने उसको देखा सायद इसलीये बाबाने आपको मना कीया था

नेनु : अब क्या करे? तबतो उसकोभी आज अनुभुती हुइ होगी हमे देखना चाहीये में अभी आती हुं

कहेके नेनु दादीके रुममें चली गइतो दादी अभी तक सोइ पडी थी ती ननुने उसको उठाया ओर कहा

नेनु : दादी अब सुबह ७ बज गये हे आज इतनी देर तक क्यु सोइ हे? आपकी तबीयत तो ठीक हेना?

दादी : (उठके बेठते) नेनु बीटीया आज बहुत थकान महेसुस होती हें पता नही कीतनी नींद आतीथी फीरभी थक गइ ओर ये क्या मुजे कुछ गीला महेसुस होता हें देखतो सही

कहेके दादी बेडसे उठ गइ तो उसका बेड गीला था तो दादी देखकर सोक्ट होगइ तब उसने अपने पाइजामेकी ओर देखा तो वोभी गीलाथा तो दादी देखती ही रेह गइ तब नेनु समज गइ की दादीनेभी आज अनुभुती कीहे तो उसको दादीकी मस्ती सुजी

नेनु : (हसकर) दादी आपतो पुरी गीली होगइ हें कही दादातो सपनेमे नही आये थे हें..हें..हें..आइअ‍े आपको नहेला देती हुं फीर मे चदर चेन्ज कर दुगी

दादी : क्या कुछभी बोलती हें, मुजे तो बडी सरम आरही हें बेटा अ‍ेसा कभी नही हुआ हें पता नही आज सब केसे होगया वोभी इस उमरमें कोइ देखेगातो क्या कहेगा मुजे तो बहुत सरम आरही हें चल छोड मुजे नहाना हें वरना अभी कोइ ना कोइ आजायेगी

कहेके वो बाथरुमकी ओर चलने लगी तब नेनुभी साथ जाके उसे नहेलाने लगी जब दादीने पाइजामा नीकाला तो उसके नीचे अभी तक रस बेहेके पैरमें उतर रहा था तब नेनु उसे नहेलाने लगी तब दादीने कहा

दादी : नेनु बेटी अ‍ेक बात कहु पता नही तुजे बताना चाहीयेकी नही पर तु मेरी सीर्फ बहुही नही बेटीभी हेतो मुजे बाबासे जानना हें की ये राज बेटाके रुपमें कही तेरे दादातो वापस नही आयेना?

नेनु : (मजा लेते हसकर) हां दादी हो सकता हें क्या आज दादा सपने में आये थे?

दादी : तभीतो दो तीन दीनसे मुजे राजको देखकर तेरे दादाही याद आजाते हें

नेनु : दादी अ‍ेक बात पुछु आपकी हालत कही दादाको या इनको देखकर अ‍ेसी नही हुइ हेनां?

दादी : (सरमाके हसते) धत्त, तुभीनां केसा सवाल पुछती हें? मानोे मेरी सहेली हो

नेनु : दादी अ‍ेक तरफसे इस उमरमें दादी पोती सहेली ही होती हें मांभी सहेली होती हेतो आपतो मेरी दादी हें बताइअ‍ेना वो कोन थे जो सपनोमे मेरी दादीको परेसान करके गये हे हें..हें..हें..

दादी : (सरमाके) तुभीना मुजे सब पुछके ही दम लेगी मुजे तो कहुत सरम आ रही हें

नेनु : ठीक हे दादी मत बताओ में कोन होती हुं आपकी, चलीये बहार अब नहालीया हें

कहेके नेनु दादीको बहार लेआइ ओर उसके कपडे देदीये तो दादी पहेनने लगी ओर मुस्कराती रही तो नेनु उसे देखकर मुस्कराती रही फीर नेनुने दादीके बेडकी चदर चेन्ज करदी ओर दादीको तैयार करने लगी तब दादीने कहा

दादी : नाराज होगइ मेरी बच्ची क्यु कुछ बोलती नही?

नेनु : अब में क्या बोलु दादी आप कुछ नही बताना चाहती तो में जबरदस्ती करना नही चाहती वेसे अपने मनकी बात कमसे कम अपनी सहेलीको कहेना चाहीये जीससे मन हल्का हो जाता हें वरना मन पर टड्ढेस रहेता हें समजी (नोर्मल होके)

दादी : तु सही केह रही हें तुजसे बात करके मुजे बहुत अच्छा लगता हें पर कुछ बात में तुजे नही बता सकती वरना तु मेरे बारे में क्या क्या सोचने लगेगी

नेनु : दादी मुजे पताहें पर आपके मुहसे सुनना चाहती हुंकी आपके सपनोमें कोन आया था

दादी : (चोंक कर) तुजे पता हें? पर केसे मेने तो अभी तक बतायाही नही

नेनु : दादी आज जोभी हुआ होसकता हें आगेभी होगा तो आप कब तक सबसे छुपायेगी?

फीर नेनु सीर्फ दादीको वो सबकुछ बता देती हें की बाबाने आपको आनेसे मना कीया था पर हम सब आपको आनेसे नही रोक सकते तो आज आपको अनुभुती होगइ जो हम सबको भी हुइ हें ओर इनमे तारा ओर सारीकाभी बाकात नही हें सब कुछ बता दीया तब दादी चोंक गइ ओर सोक्ट होके नेनुकी ओर देखती ही रही तब नेनुने कहा

नेनु : क्या दादी आपके सपनेमे भी वही आया थाना जो हमारे सपने में आया था, हमारा राज

दादी : (गरदन हा में हीलाके) हां बेटी वोही था मेरा बीटु अब पता चला मुजे उसमें तेरे दादा क्यु नजर आरहे हें अब तो पुरा यकीन होगया की वोही तेरे दादाका रुप हें अब मुजे कीसीसे कुछ नही जानना बेटी इस बातको तु कीसीसे मत बताना वरना सब क्या सोचेगी ओर मायाको भी बता देना वो कीसीको ये बात ना बताये समज गइनां

नेनु : (खुस होकर) जी दादी आप फीकर मत करीये ये राज राजही रहेगा बस अब आपजो मेरी सहेली बन गइ हें हें..हें..हें.. (मनमे : दादी क्या बताउ स्वप्नमे सबने आपको देखलीया हे)

दादी : (नेनुको हग करते) कीतनी अच्छी बेटी हें मेरी अबतो जल्द मंदिर बन जाये ताकी ये सील सीला जल्द खत्म होजाये

नेनु : (हसकर) क्यु दादी इसमें आपको मजा नही आता क्या? हें..हें..हें..

दादी : (नेनुको हसकर मुका मारते) मारुगी तुजे दादीसे अ‍ेसी बात करती हें

नेनु : में कहा दादीसे बात करती हुं मेतो मेरी सहेलीसे बात करती हुं हें..हें..हें..

तब दोनो हसने लगी फीर नेनु दादीके रुमसे हमारे रुममें आगइ तब दोनो तैयार हो चुके थे तब मेने नेनु ओर मायाको अ‍ेक साथ बाहोमें भरलीया ओर दोनोके होंठ बारी बारी चुम लीया तब नेनुने कहा

नेनु : मायादी अब आप आगइ हेतो में मेरे राजको आपको सोपती हुं उसका अच्छे से खयाल रखीयेगा मेरे दीलका टुकडा हे ये में मेरे जीगरके टुकडेको आपको ओर जसुको सोप रही हुं

माया : जी दीदी में आपके जीगरके टुकडेको मेरे दीलमें सम्हालके रखुगी ओर आपको कभी सीकायतका मोका नही दुगी ये में आपसे वादा करती हुं

में : बेबी पर मेरे दीलमेतो आप सबहो तो मेरा दील आप केसे रख सकती हो

माया : अब आप हमे बातोमें ना फसाये, में जानती हुं आपकी सब हरकते, चलीये बहार सबको उठाते हे कीतनी देर सोती रहेगी सब, वेसे नेनुदी क्या हालत हें हमारे दादीकी हें..हें..हें..

तब नेनु दोनोको सबकुछ बता देती हें ओर कीसी ओर को ना बतानेका भी कहेती हें फीर हम तीनो हसने लगे ओर हमारे रुम में आगये तब अंजु जसु उठके बाथरुम में चली गइ थी ओर मीरा बेडपे बेठी थी बाकी सब सो रही थी तब मीरा उठके सीधे मेरी बाहोमें आगइ ओर मुजे चुमके कहेने लगी

मीरा : बाबु आप आगये क्या नजारा था वो आज हम दोनोने पुरी रात मस्ती की हें मजा आगया

तब में माया ओर नेनु हसने लगे ओर मेने उसे चुमलीया तब नेनुने सबको उठा दीया तो रीटा मायाको देखकर उससे लीपट गइ ओर उसे थेन्कयु थेन्कयु कहेने लगी

रीटा : मम्मी आपहीकी वजहसे हमने हमारे पतीको पुरी रात हमारे साथ प्यार करते पाया थेन्कयु..

माया : बीटु अबतो मेने सबको सीखा दीया हेना तो सब सावधानीसे प्रयोग करना हां अ‍ेक बात बता देती हुं सबको, जब ये चाहेगे तब होगा ओर अ‍ेक जब मेरे साथ या नेनु यातो जसुके साथ फीजीकल होगे तब होगा ओके अब जा तु ओर दिवु नहाले केसे बंदरीया जेसी दीखतीहो दोनो हें..हें..हें..

तब दिवु मायाको मुका मारके रीटाको लेकर नहाने चली गइ तब माया मेरी बाहोमें आगइ ओर मेरे होंठ चुम लीये तब सब नहाके तैयार होने लगी जब सब तैयार होगइ तब नेनु मेरे पास हसके आइ ओर मुजे सींदुरकी डीबी पकडा दी तब पहेले मेने नेनुकी मांग भरदी फीर मेने जसुकी सोनुकी मायाकी सबकी मांग बारी बारी भर दी

तब अ‍ेक के बाद अ‍ेक सब मेरे पैर छुके मुजे कीस करके साइडमें जाने लगी जब मायानें मेरे पैर छुअ‍े तो मेने खडा कीयातो वो रो रही थी तब मेने उसे बाहोमें भरलीया ओर उसकी पीठ सहेसाने लगा तब नेनुने उसके आंसु पोछे तब मुजसे कहेने लगी

माया : मेरे सखा आज आपने पती धर्म नीभाके मुजे पुर्ण बना दीया में वचन देती हुं आपसे मेभी अपना हर कर्तव्य नीभाउगी जो अ‍ेक पत्नी नीभाती हे मेने तो अ‍ेसे जीवनकी कभी कल्पना तक नही कीथी की मुजे आप पतीके रुप में मीलेगे आइ लव यु सो मच में अब कभी भी आपको मुजसे जुदा नही होने दुगी

में : लव यु टु ओल बेबी में भी आप सबको बहुत प्यार करता हुं ओर करता रहुगा चलो अब मुजे बहुत भुख लगी हें

सोनु : जानु हम सबके साथ पुरी रात महेनत कीहें तो भुखतो लगेगी ही चलीये बहार हें..हें..हें..

तब हम सब हसने लगे ओर मेने सोनुको गोदमें उठा लीया ओर बहार चलने लगा तो वो बहुत खुस होगइ ओर हम सब होलमें आगये तब सुनील तारा ओर सारीका सब होलमेंही बेठेथे तब तारा ओर सारीका मेरी ओर देखकर बहुत सरमा रही थी ओर मुस्करा रही थी तब मायाने दोनोको धीरेसे उसके कानमें कुछ कहा तो दोनो बहुत सरमाके हसने लगी तब दादीभी बहार आगइ ओर सबके साथ बेठ गइ

पर आज दादी मुजसे नजरे नही मीला पा रही थी ओर बार बार मुजे चोर नजरसे देख रहीथी तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया तो हम सब खाने लगे तब मायाभी मुजे खीलाने लगी तो सब बहुत खुस होगये आज सबके लीये अ‍ेक नया अनुभव ओर नइ सुबह लेके आया था सबके मनमें घमासान युध्ध हो रहाथा सबके चहेरेपे आज संतुस्टीके भाव दीख रहे थे पर आज दादी कुछ नही बोल रहीथी तब कीसीको कुछ संका ना जाये इसलीये मेने दादीसे कहा

में : मंदिरका काम बहुत फास्ट चल रहा हें ओर आजसे सुनीलभाइके बंगलेका काम भी सुरु होरहा हें

दादी : चलो अच्छा समाचार दीया तुने वेसे बीटु मेरी टीकीट आगइ हें में अगले वीक जा रही हुं फीर अ‍ेक महीने बाद में वापस आजाउगी

तब मेरे आंखसे आंसु नीकल गयेतो मेने फोरन पोछ लीये तो सबने नोटीस कर लीया ओर मेने नास्ता छोडके पानी पीलीया ओर मेरे रुममें चला गया बेडपे बेठके आंसु बहाने लगा मेने रोकनेकी कोसीस की पर रुकही नही पा रहे थे पता नही क्यु आज दादीके जानेकी बातसे मुजे इतना दु:ख क्यु हो रहा था मेभी नही जानता था

तब दादी मेरे रुममें आइ ओर मेरे पास बेठ गइ तब मे उसे हग करके जोरोसे रोने लगा तब दादी मेरे सरमें हाथ घुमाती रही ओर उसकेभी आंसु नीकल आये तब माया नेनु जसु मीरा दिवु अंदर आगइ ओर सब आके मेरे साथ बेठ गइ

दादी : सांत होजा मेरे बच्चे में कहा हमेसाके लीये जारही हु बस अ‍ेक महीनेकीतो बात हें

में : पता नही दादी मेरा आपसे अलग होनेका जी नही चाहता आज अलग होनेकी बातसे बहुत दु:ख होता हें क्या करु अ‍ेसा लगता हें में आपसे बीछड जाउगा

दादी : बेटा मुजेभी तो तुमसे बीछडके अच्छा नही लगता मुजेभी तेरी तराहही लग रहा हें

(मनमें : तुक्या जाने, तुसीर्फ मेरा पोता ही नही मेरा पती भी हेतो तुमसे दुर कहा जाउगी)

में : (आंसु पोछके) दादी क्या जाना जरुरी हें आप कुछ महीनो बाद नही जा सकती?

दादी : नही बेटे उधरसे मेरी बहुका कीतने फोन आगये ओर उसने मेरी टीकीटभी भेजदी हें

में : दादी केन्शल करवा दो में आपको लेजाउगा फीर मेरे साथही वापस आजाना

दादी : बीटु अ‍ेसा नही हो सकता तु समजता क्यु नही हें? में अ‍ेक महीना नही उससे पहेले वापस आजाउगी बस अबतो खुस हेना (मनमे : अ‍ेक हप्तेमेही वापस आउगी अब तुमसे दुर रहेना मुस्कील हे)

में : दादी मतलब आप नही मानोगी ठीक हे जाइअ‍ें जब तक आप यहा नही रहेगी मेभी इस महेलमें नही रहुगा अब आपको जाना हेतो जाओ

दादी : अरे ये केसी जीद हे तेरी? तु समजता क्यु नही? इधर सब कोन सम्हालेगा?

में : तेरी सब बहुअ‍े हेना वोसब सम्हाल लेगी यहाकी फीकर आप मत करो मेरी नेनु काफी हें

दादी : मुजे मेरी सब बहु बहुत काबील मीली हें सबकी सब अकेली सम्हाल सकती हें पर बेटे तेरा यहा रहेनाभीतो जरुरी हें

माया : आप मेरी बात सुनीये दादीको जाने दीजीये हम नही चाहते दादी दुखी मनसे इधरसे जाये वो वहाभी खुस नही रेह पायेगी अ‍ेकही महीनेकी तो बातहें वोनही आइतो आप खुद उसे लेने चले जाना बस

में : ठीक हें सायद तुम ठीक केह रहीहो सोरी दादी आप आरामसे जाओ में बहुत खुस हुं

दादी : अरे डफर में इतनी देरसे समजा रहीथी तो नही माना ओर नइ बहुकी बात अ‍ेकही बारमें मान गया जोरुका गुलाम कहीका चल जा उसके पास जाके बेठजा (मनमें : बीवीको लेने पती ही आयेगानां)

तब सब हसने लगी ओर मायाभी सरमाके हसने लगी तब मेने मायाको दादीके सामनेही हग कर लीया तो दादी मुजे हसके मुका मारने लगी तब अ‍ेक बार फीर हम सब हसने लगे तब दादीने मायाको अपने पास बीठा लीया ओर उसके सरमें हाथ रखके कहेने लगी

दादी : मेरी बच्ची तुम ओर नेनु मेरे बच्चेका खयाल रखना उसका दील बहुत जानुक हें बीलकुल बच्चे जेसा तुजे ओर नेनुको वो बहुत मानता हें

में : क्या दादी मेतो सबकी मानता हुं खामखा ये दोनोको तुम सर पर चडा रही हो

नेनु : अच्छा जी दादी हमे सर पर चडा रही हे ठीक हे, चलो माया दीदी इधर हमारा कुछ काम नही हें चलो जसु हम बहार चलते हे

कहेके नेनु जुठका नाराज होकर सबको लेकर बहार जाने लगी तब मेने नेनुको पीछेसे गोदमें उठा लीया ओर दादीके पास बीठा दीया ओर उसे कान पकडकर सोरी कहा तो नेनु मुजसे लीपट गइ ओर रोने लगी

नेनु : आप बार बार सोरी मत बोलो मुजे अच्छा नही लगता, कीतना प्यार करते हो सबको, क्या कोइ आपके प्यारको छोडके जाना चाहेगी दादीभी अ‍ेक महीनेके पहेले वापस आजायेगी

में : नेनु मत रो वरना तुजे कसम देदुगा, तु जुठ मुठभी मुजसे नाराज मत होना मुजसे सहन नही होता में कुछ कर बेठुगा केह देता हुं

तब नेनुने मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया उसने दादीकी हाजरीकी भी परवाह नही थी ओर मुजे पागलोकी तराह चुमने लगी फीर वो सांत हुइ तर उसे होस आयाकी इधर दादीभी बेठी हें तो मुजसे अलग होगइ ओर दादीके पास जाके नीचे सर करके दादीको सोरी बोली

दादी : (आंखे नम करके) आज पता चलाकी प्यार क्या होता हें मेतो धन्य होगइ की मेरी सब बहुअ‍े मेरे बेटेको कीतना प्यार करती हें ओर मेरा बेटाभी सबको कीतना प्यार करता हें नेनु बेटी तुजे सोरी कहेनेकी कोइ जरुरत नही हें मे मुर्ख थी जो सबको रीटड्ढीक्शनमें रखनेकी कोसीस कर रहीथी आजसे सब आजाद हें बस सीर्फ दुसरोकी हाजरसमें हमारी मर्यादाका खयाल रखना बाकी सबको जेसे जीना हें जी सकती हें

तब मेरी सब बीवीया दादीसे लीपट गइ तब मेभी दादीको हग कर लीया ओर उसे थेन्कयु कहा तो दादीने मेरे गाल पर हसके चपत लगादी फीर में दादीको गोदमें उठाके उसके रुममें लेजाने लगा तो दादी मुजे सीनेमें मुका मारती रही ओर हसती रही में उसके बेड पर लेजाके उसे बीठा दीया तब दादीने मेरा हाथ पकडकर पासमे बीठा दीया ओर मेरी ओर आंखोमे देखती रही फीर प्यारसे सरमें हाथ रखकर कहेने लगी

दादी : बेटा मेरी नेनु बहुत नाजुक हें बीलकुल फुलकी तराह उसका बहुत खयाल रखना

में : दादी जब आप वापस आओगी तब में आपको बहुत बडी सरप्राइज दुगा वोभी दुनीयाकी बेस्ट सरप्राइज

दादी : तबतो मुजे जल्दही वापस आना पडेगा वेसे बीटु अबतो मुजेभी तेरे बगैर वहा अच्छा नही लगेगा तो में जल्द वापस आजाउगी

में : (मजाक करते) दादी सच बतानां मेरे बगैर की दादाके बगैर? हें..हें..हें..

दादी : (हसकर मुका मारते मेरी आंखमें देखकर सीरीयस होते) सच कहु तुम दोनोके बगेर..खास करके तेरे दादाके बगेर वो मुजे इतना प्यार करतेथे जेसे तु नेनुको करता हें हमभी दोनो अ‍ेसेही पयार करतेथे जबसे मे तुजमे तेरे दादाको देखतीहुं तो आजभी मुजे वोही प्यार याद आजाता हें वो लम्हा मे कभी नही भुल सकती हम दोनो आपस मे बहुत प्यार करते थे बीलकुल तरी ओर नेनुकी तराह

में : दादी क्या इतना प्यार करते थे दोनो तबतो में समज सकता हुं आपकी हालत क्या होती होगी मेतो अ‍ेक पल नेनुसे अलग नही रेह सकता ओर आपतो.., कीतने बरसोसे दादासे अलग हें तो केसे रेह पाती हे उनके बगैर

दादी : (नम आंखोसे मेरी आंखमें देखके) बीटु इसीलीयेतो में जल्दी वापस आजाना चाहती हुं ताकी मे तेरे साथ रेह सकु इसी लीयेतो मेने तुजे इधर जल्दी बुलवा लीयाथा तेरे दादाको में तुजमे देख सकु मुजे भी तेरे दादाके प्यारकी अनुभुती हुइ हें ओर वो तुम्ही हो वोभी मुजे पता चल गया हें तो में वहा केसे रहेती में तेरे पास अ‍ेकही वीकमें आजाउगी कास मेभी उसी तराह तुजे प्यार कर सकती जीस तराह नेनु तुजे करती हें

में : दादी में आपके प्यारको महेसुस कर सकता हुं पर क्या करु कुछ मर्यादा ओर कुछ मजबुरी भीतो होती हें वरना आपको इतना प्यार देताकी आपको दादाकी कमी ही महेसुस नही होने देता

दादी : (सरमाके मेरी आंखोमें देखकर) बीटु मे समजती हुं तु क्या कहेना चाहता हें, ओर तुभी सब मर्यादाके बारेमें समजताहे तो मुजे बहुत खुसी हुइ मेरा बेटा इतना समजदार हें पर क्या करु मुजे सब कुछ याद आजाता हें की नां चाहते हुअ‍ेभी नही भुला सकती ओर तुनेतो अपनी बहेनसे ही प्यार कर लीया ओर वोभीतो तुजे दीलोजानसे चाहती हें तो आज तुम दोनोके देखकर मेरीभी प्यारकी भुख बढ गइ हें मेरे अरमान भी वापस जाग गये हे (मनमें : बीटुतु नही जानता मुजे तुमसे प्यार होगया हे मेभी तुजे पतीके रुपमें पाना चाहती हु)

में : दादी सोरी नेनुसे गलती होगइ मेरे प्यारमें इतनी अंधी हेकी आपकाभी खयाल नही रखा तो आपको तकलीफ में डाल दीया

दादी : नही बीटु मुजे तो बहुत अच्छा लगा ओर प्यार अ‍ेसाही होना चाहीये जो अ‍ेक दुसरे के लीये पागल हो वहीसेतो इशवरकी प्राप्तीका मार्ग खुलता हें जो प्यार नही करता वो कभीभी परमात्माको नही पा सकता ये तेरे दादा कहेते थे

में : हां दादी ये बाततो मेभी मानता हुं नेनु मीरा सबने अनुभुती की तो कहेती थी हमने परमात्माको पालीया हें

दादी : (मेरी आंखोमें देखकर) बीटु अ‍ेक बात बताउ आज रातको मेनेभी वहा अनुभुती कीहें मेने भी स्वप्न देखा हें मेनेभी इशवरको पा लीयाहे ओर तेरे दादाके चहेरेमें कोन था तुजे पता हें? जो मुजे आज प्यारका अहेसास कराके गया हें

में : (मजे लेते) कोनथे दादाजी कीस रुम में आये थे मुजे बाइअ‍ेनां (मनमें : दादी वो मेही था)

दादी : बेटा आज मुजे प्यार करके गया वो तेरे दादाके रुप में तुम थे आज तुम पुरी रात मुजसे प्यार करते रहे ओर हम सुबह ४ बजे तक प्यार करते रहे बरसोके बाद मेने वोही प्यारका अहेसास कीया हे पुछ लेना नेनु बेटीको वो सुबह इधर आइ थी (मनमें : पुरी रात मेरी बजाके मेरी हालत खराब करके रखदीथी तुने)

में : (चोंकके) क्या..दादी ये केसे हो सकता हें मुजेतो यकीन ही नही होता में केसे?

दादी : क्युकी तुही तेरे दादाका रुप हे जो दुबारा जन्म लेके तेरे रुपमें मेरे पास आये होें, ये बात बाबाभी जानते हे, बेटा आज में तुमसे कुछ मांगलु क्या मुजे दे पायेगा?

में : दादी आपको मुजसे मांगनेकी जरुरत नही हें सब कुछ आपहीका तो हें यहा तक मेरी आत्माभी आपकी हें आपको तो सीर्फ हुकुम करना चाहीये कहो क्या चाहीये मेरे बसमे होगातो अवस्य देदुगा

दादी : (मेरी आंखोमें देखकर सरमाते) प्यार.., मुजेभी थोडा प्यार देदे ओर ये प्यार मेरे पोतेसे नही मेरे पतीसे मांग रही हुं (कहेके अपने नीचेके होंठ अपने दातोसे दबाके नीची नजर करके बेठी रही)

में : (चोंकके) दादी आपको पता हें आप क्या बोल रही हें? में केसे दे सकता हुं आप मेरी दादीहो में सब मयार्दा केसे लांग सकता हुं

दादी : जब तुने तेरी बडी बहेन ओर छोटी बहेनसे प्यार कीया तब तेरी मर्यादा कहा गइ थी? बीटु मेतो मेरे पतीसे प्यार मांग रही हुं, जो तेरे रुम में मेरे सामने हे ओर ये बात हम सबसे छुपायेगे तु सोचले तेरे पास साम तक का वक्त हें अगर मेरे पतीका प्यार नही मीलातो अब इधर रहेके में तुजसे आंख भी नही मीला पाउगी मुजे हमेसाके लीये जाना होगा (आंसु बहाके मनमें : तुजे मुजको अपनाना ही पडेगा)

में : दादी आपनेतो मुजे उलजनमें डाल दीया ओर आपको नही मालुम में सब काम नेनुने पुछकेही करता हुं में नेनुसे कोइ बात नही छुपाता अब आपही बताइअ‍े में क्या करु?

दादी : अगर नेनु तुजे परमीशन देतो तु क्या करेगा? तबतो मेरे पतीका प्यार देगानां?

में : दादी आपको लगता हें नेनु मुजे अ‍ेसी परमीशन देगी वो कभी नही देगी ओर उसने देदी तो में प्रोमीस करता हुं में दादाकी कमी आपको कभी महेसुस नही होने दुगा

दादी : (मुजे हग करके) थेन्कयु बीटु मे खुद नेनुसे बात कर लुगी अभी वो सब कुछ जानती हे मुजे कभी मना नही करेगी

तब दादी मेरी आंखोमें अ‍ेक नजरसे देखने लगी तो मेरी नजरभी दादीकी आंखोपे जम गइ जो बरसोसेअपने पतीके प्यारके लीये प्यासी लग रहीथी ओर मुजे प्यार करनेके लीये वीवस कर रही थी ओर दोनोही प्यारके अहेसासको महेसुस करने लगे मुजेभी कुछ अलग फीलींन्ग महेसुस होने लगी दोनोही अपने होंस खोचुके

हम लगातार अ‍ेक दुसरेकी आंखोमे देखते रहे तब मेंरा चहेरा दादीके चहेरेकी ओर बढने लगा तब दादीभी अपना चहेरा आंख बंध करके मेरी ओर बढाने लगी तब पताही नही चला कब हम दोनोके होंठ आपसमें मील गये ओर दोनोही अ‍ेक दुसरेके होंठोके रसपान करते रहे

जब मुजे होेस आया तो में बहुत सरमाया ओर फोरन खडा होकर दादीको सोरी बोलके में बहार नीकलकर सीधे सुनीलके रुमकी ओर जाने ओर वहा पहोचतेही मेने दरवाजेपे नोक कीया तब सुनीलने आवाज देके अंदर बुला लीया तब में उसके पास जाके बेठ गया तब ताराभाभी ओर सारीका बाथरुम में थी तो सुनीलके पास बेठ गया तो सुनीलजी कुछ काम कर रहे थे मुजे देखतेही काम छोड दीया फीर उसने कहा

कन्टीन्यु.......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ९७[/color]
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जब मुजे होेस आया तो में बहुत सरमाया ओर फोरन खडा होकर दादीको सोरी बोलके में बहार नीकलकर सीधे सुनीलके रुमकस ओर जाने ओर वहा पहीचतेही मेने दरवाजेपे नोक कीया तब सुनीलने आवाज देके अंदर बुला लीया तब में उसके पास जाके बेठ गया तब ताराभाभी ओर सारीका बाथरुम में थी तो सुनीलके पास बेठ गया तो सुनीलजी कुछ काम कर रहे थे मुजे देखतेही काम छोड दीया फीर उसने कहा..अब आगे

सुनील : भाइ उधर सब हवेली गीरानेका काम सुरु होगया हें तीन चार दीनमें मेदान हो जायेगा तब हम भुमी पुजन करके काम सुरु कर देगे

में : चलो अच्छा हें कामतो सुरु होगया वरना आपतो कब करते पता नही वेसे मेरी दोनो भाभीया कीधर हें

सुनील : ताराकी कुछ तबीयत खराब हेतो सारीका उसे बाथरुम में लेगइ हें

में : क्यु क्या हुआ? उसे कुछ प्रोबलेम हे तो डोक्टरको बुलवालो

सुनील : अरे कुछ नही हें बस ताराको थोडी वोमीट जेसा लग रहाथा तो सारीका उसके साथ अंदर गइ हें

में : (हसकर) भाइ कोइ गुड न्युजतो नही हेनां? हें..हें..हें..

सुनील : अरे नही नही क्यु आपको लगता हें अब मुजसे बच्चे होगे, कमीनीओने महेनत तो बहुत करवाइ हें पर होगा कुछ नही हें..हें..हें..

(मनमे : अब आपको क्या मालुमकी मेने अपना काम करदीया हें ओर मुजे पुरा यकीन हेकी गुड न्युज ही होगी)

तभी दोनो बहार आइ ओर मुजे देखतेही दोनोके चहेरे खील उठे ओर तारा मेरी ओर देखकर सरमाके हसने लगी ओर सुनीलसे छुपके अपना अ‍ेक हाथ अपने पेट पर घुमाके हसने लगी तब में समज गयाकी वो प्रेगनेन्ट होचुकी हें तब सुनील बाथरुम में चला गया तब सारीका दोडके मेरे पास आइ ओर धीरीसे कहेने लगी

सारीका : (मुजे चुमके) कोन्गे्रच्युलेशन आप पापा बनने वाले हे टेस्ट कीटमें पोजीटीव आया हें हम अभी करकेही बहार आये हे ओर पहेली खुसखबरी आपहीको दे रहे हे

में : (खुस होकर) सच तबतो आज पार्टी देनी पडेगी दोनोको हें..हें..हें.. ओर आप हमे खुस खबरी कब सुना रही हो?

सारीका : (सरमाके) दीदीका आज होगया तो अ‍ेक दो दीनमें मेभी आपको बता दुगी

तब दरवाजेके खुलनेकी आवाज आइतो सारीका दुर चली गइ फीर में बहार आके हमारे रुममें आगया तबभी मुजे चेइन नही मीलता था तो में बहार चला गया ओर बहार गार्डनमे दुर जाके बेठ गया तब नेनु दोडके मेरे पास आरही थी ओर आके मेरे पास बेठ गइ ओर पुछने लगी

नेनु : जानु आप इतना बेचेन क्यु हो? क्या बात हे? कोनसी बात आपको परेसान कर रही हें? मुजे बताइअ‍े

तब मेने नेुनको हग करलीया ओर उसे सारी बाते बतादी तब नेनु हसने लगी तब उसने मायाको फोन करके बहार बुला लीया तब वोभी दोडके आगइ तब नेनुने उसे सारी बात बतादी तब मायाभी हसने लगी

में : तुम दोनो हस रहीहो? सोचो मुजे क्या करना चाहीये वरना दादी कभी इधर वापस नही आयेगी

माया : जानु मेने आपको रातमेही बाताया थाकी आप वीचलीत मत होना ओर सीचुअ‍ेशन इतनी जल्दी आयेगी वोतो हमेभी नही पता था

में : अरे हां माया तुम कुछ रास्ताभी बता रही थी पर हमारी बात अधुरी रेह गइथी

माया : हां बता रही थी पर जनाबको प्यार जो करना था तो उसीमें लग गये हें..हें..हें..

नेनु : जानु मेरे खयालसे हमे बाबानेभी कहाहे जो होनाहे होकर रहेगा तो उसेभी सब अंदाजा होगया था ओर आपको उसने वीचलीत ना होनेको कहाथा वरना सब बीखर जायेगा वोभी कहाथा ओर येभी कहाहें की इसमें आपको दोस नही लगेगा तो मेरे खयालसे आपको दादीकी बात मान लेनी चाहीये

माया : जानु मेभी रातमें आपको यही कहेने वालीथी की अगर अ‍ेसा हेतो आप दादीको अ‍ेक पोतेकी नजरसे मत देखना उसके पती यानी दादाकी नजरसे देखना तो आपको ज्यादा तकलीफ नही होगी अबतो उनका प्यार आप स्वीकार करहीलो तोही सब अच्छेसे रेह पायेगे अबतो ये वीरासत छोडके आप भागभी नही सकते तब सब गाव वालोको आप क्या कहेगे? ओर ये मंोिरका कार्यभी आप ठीकसे नही कर पायेगे

नेनु : जानु मायादी ठीक केर रही हें आप उसे हां कहेदो ओर ये बात सबसे छुपाके रखनी हें वेसेभी उसको सीर्फ प्यारहीतो चाहीये उसे थोडा बच्चा चाहीये ओर इस उमरमें होगाभी नही तो आप बीन्दास उसका प्यार स्वीकार करलो, हें..हें..हें..

में : केसी बीवीया मीलीहे मुजको जो प्यार पर प्यार दीलवातेही जा रही हें

नेनु : (हसकर) अरे आपकोतो खुस होना चाहीये अ‍ेसी बीवी पाकर क्यु माया दी? हें..हें..हें..

माया : ओर नही तो क्या, बेचारी थोडा प्यारहीतो मांग रही हे वोभी अपने पतीका वो पोतेसे थोडी नां माग रही हें, तो देदो हें..हें..हें..

में : ठीक हें अगर कीसीको मालुम हुआतो दोनो सीचुअ‍ेशन सम्हाल लेना समजी

माया : ओर्डरतो अ‍ेसे दे रहे हे जेसे हमे मजा करना हो हें..हें..हें..

माया : चीबावली हस मत सब तेरी अनुभुतीके कारणही हुआ हें पता नही कीतनी चदर नइ मंगवानी पडेगी

तब दोनो जोरोसे हसने लगी तो मेभी हसने लगा तब माया मेरे गले लग गइ ओर मुजे कीस कर दीया ओर मेरा हाथ पकडकर मुजे लेकर दोनो अंदरकी ओर चल पडी ओर हम रुम में आगये तब मेरी सब बीवीया हमे देखने लगी तब सोनुने कहा

सोनु : रीटा तेरी मम्मीको कहे कभी हमारे लीयेभी हमारे पतीको छोडे

माया : ले अब इसे क्या हुआ? मे कहा लेगइ थी मेतो इन्हे उल्टा पकडकर लेआइ येले सम्हाइ इसे

कहेकर मायाने हसकर मुजे सोनुकी ओर धकेल दीया तो में सोनुके उपर जान बुजकर गीर पडा तो वो मुजे पकडकर चुमने लगी ओर मेरा लंड पकडकर सहेलाने लगी तब मेरी सब बीवीया सरमाके हसने लगी तब सोनु अचानक मेरे सर्टके बटन खोलने लगी तो दिवु कहेने लगी

दिव्या : अब कमीनी इधरही सुरु ना होजाये दोनो बाथरुम में चले जाओ वरना हमारी हालत खराब होजायेगी

सोनु : क्यु तु कही बारकी हें तेराभी तो पती हें तो क्यु सरमाना वेसेभी जो करना हें सबके सामने करो क्यु जानु चलो मुजे प्यार करो

में : जी छोटी रानी आज सबके सामनेही होगा जीसको सरम आती हे वो इधरसे चली जाये

फीर में सोनुको चुमने लगा ओर मेने सोनुके कपडे नीकाल दीये तब सोनुने भी मेरी पेन्टको नीकाल दीया फीर दोनो पुरे नंगे होगये तब सब मेरी ओर सोनुकी ओर देखकर हसती ही जा रही थी तब सोनुने मेरा लंड पकडकर अपनी चुतपे रख दीया तो मेने अ‍ेक जोरका धका मारदीया तब सोनु चीला उठी ओर उसके आंसु नीकल गये तब दिवुने कहा

दिव्या : क्युरी अब क्यु चीला रही हें ले लेतीजा बडी आइ बेसर्म बनने वाली बेबी आज इसे बतादो

फीर में सोनुको जोरोसे पेलने लगातो थोडीदेर बाद वोभी उछल उछल कर चुदवाने लगी ओर हम १५ मीनीट तक चुदाइ करते रहे तब मेरी सब बीवीया हमे देखके उतेजीत होगइ ओर खुद दिवु अपनी चुत सहेलाने लगी जब में ओर सोनु खलास होगये तब सोनु मुजे दुर धकेलकर बाथरुम में भाग गइ तब दिवु आके मेरे दो पैरके उपर बेठ गइ

ओर मेरा लंड पकडकर चुतमे सेट करके बेठ गइ तब लंड दिवुकी चुतमें चला गया तब रीटा ओर माया सोक्ट होकर बस दिवुकोही देखे जा रही थी तब नेनु उन दोनोकी हालत देखकर हसती जारही थी ओर दिवु उछल उछलके मेरा लंड खा रहीथी ओर आखीर वोभी जड गइ तो उतरके वोभी बाथरुम में भाग गइ

तब मेने रीटाको खीच लीया तो वोभी हसकर मेरे उपर बेठतेही मेरी सवारी करने लगी ओर मदहोस होकर चुदने लगी हम लगातार २० मीनीट तक करते रहे ओर दोनो साथमें जड गये तब में रीटाको उठाके बमथरुम में घुस गया ओर रीटाको वहा में अ‍ेक बार फीर खडे खडे पेलने लगा रीटाभी नसीली आंखे करके मुजसे मजेसे चुदवाती रही आखीर दोनो खलास होगये फीर दोनो नहाकर बहार आगये ओर हम तैयार होने लगे तब

नेनु : देखा माया दीदी बस यही सब होने वाला हें जीसकी मरजी हो उसको पकडकर मजा कर लेती हें कीसको कीसकी सरम नही हें मेभी इसमे बाकात नही हुं पहेले हमने अ‍ेसा बहुत मजा कीयाथा पर अब नही हो पारहा हें कास अब अ‍ेसा करपाती मेरा जानु हेही इतना प्यारा हमसे कंटड्ढोलही नही होता

सोनु : तो दीदी हमने आपको मना थोडीना कीया हें वेसेभी हमे कीतने दीनो बाद अ‍ेसी मजा करनेको मीली हें (दिवुको देखते) कुछतो सरमकी पुछ हो रहीथी ओर जेसेही मोका मीलातो खुद पतीसे ठुकवाने लगती हें मनतो बहुत करता हे फीरभी नखरे करती रहेती हे

दिव्या : कमीनी सबके सामने करेगी तो हम इधर भजन करेगी क्या? हमे इच्छा नही होगी बात करती हें हें..हें..हें..

माया : चलो अब जगडा नही सबने मजे करलीयेना तो चलो सब कामभी देखलो

नेनु : जानु में सोच रही हुं हमारे डाइनींग होलके बाजुमें चार बडे रुम हे जो बहारकी ओरभी उसके दरवाजा हें तो में चाहती हुं वहा हम ओफीस करले ताकी सबको कुछना कुछ काम होगा वो वही जाके करले

जसु : हां जानु नेनुदी ठीक केह रही हें मुजे अंजुदी धारा दिवु रीटा सबको कुछना कुछ काम होताहें वेसेभी सब देकाउन्ट अंजुदीको सब बीजनेस दिवु ओर रीटाको मंदिरका काम ओर कुछ प्लान बनाना तो सब अ‍ेकही जगहसे हेन्डल करपायेगी

में : ठीक हे बहुत बढीया आइडीया दीया हें धारा अभी हमारे पास इधर कीतना पीसी हें?

धारा : बाबु इधरतो अभी दो पीसी ओर अ‍ेक लेपटोपही हें

में : ठीक हें मे अभी कुछ ओर पीसीका ओर कुछ ओफीस फर्नीचरका इन्तजाम करता हुं ओर मायाने ठीक कहा हें अब हमे कुछ सेड्युलभी बनाना पडेगा वरना सोनुतो हमे फ्रि नही रहेने देगी हें..हें..हें..

सोनु : (हसकर) तो में सारा दीन आपकी गोदमें थोडी बेठी रहेती हुं बात करते हें

में : सोरी बेबी मेतो मजाक कर रहा था आजा मेरी बेबी अ‍ेक तुहीतो हें जो मुजे खुलकर प्यार करती हें मेरा पहेला प्यार तुम कीतनी क्युट लगती हो तुमको देखतेही दील मचलने लगता हे

कहेके मेने सोनुको बाहोमें भरकर चुमलीया तो वो बहुत खुस होगइ, उधर दादीको कीस करके में बहार आगया तब दादीकोभी होस आया वोभी बहेक गइथी ओर मेरा पहेला कीस अपने होठपे अनुभव करके वो बहुत सरमाके हसने लगी आज उसे बहुत अच्छा लगा ओर वो खुसीके मारे उठके बाथरुम में चली गइ

ओर अपने आपको आयनेके सामने खडी होकर देखने लगी तब उसका अ‍ेक हाथ आनायासही उसके बुब्स पर चला गया तो वो बहुत सरमाइ ओर अपनी सारी उची करके अपना हाथ चुत पर लेजाके सहेलाने लगी जो कीतने अरसोके बाद चुतमें उंगली करने लगी ओर अपनी आंखे बंध करके मुजे इमेजींग करते उंगली अंदर बहार करने लगी

तब उसकी चुतने फोरन जवाब देदीया ओर वो जड गइ ओर सांत होगइ तब उसको अहेसास हुआकी मेने आज क्या कर दीया तब वो बहुत सरमाके हसने लगी ओर साफ होकर बहार आगइ ओर मेरे बारेमे सोचमे डुब गइ इधर में बहार आगया ओर दिवानजीसे सब बाते करने लगा की हमे इधर क्या करना हें तब दिवानजीने कहा

दिवानजी : महाराज हमारा ओल रेडी होफीस हें जो बहारकी ओर गेटके साइडमें हे वहा हमारा सब स्टाफ हें जो काम करता हें

में : दादा वो सब महेलके कामके लीयेहे में उसे डीस्टर्ब करना नही चाहता यहा में मेरी रानीओके लीये कुछ ओफीस बनाना चाहता हुं जो सब अंदर रहेकर हमारे बीजनेसका काम कर सकती हें

दिवानजी : येभी सही हें महाराज ठीक हें में आजही कुछ जरुरी फर्नीचरका अ‍ेरेन्ज करता हुं ओर पीसीके लीये आदमीको बुला लेता हुं

में : थेन्कयु दादा, अब सब आप ओर नेनु देख लेना ओर साथमें दिवुकोभी पुछ लेना उसे क्या चाहीये

दिवानजी : आप फीकर मत करो सब हो जायेगा आप उसे जरुरत के हीसाबसे ओर्डर कर दीजीयेगा वो खुद इधर आके सब कंपलीट कर देगा

फीर दोपहोरको लंचका टाइम होगया तो सब लंच करने लगे तब दादी मुजसे नजरे नही मीला पा रही थी कभी हमारी नजरे मीलती थी तो वो सरमाके मुस्करा देती थी ओर हमने लंच फीनीस कीया तब में नेनु ओर जसुको कहेके होटेलकी ओर जाने लगा तब मुजे याद आया तो मेने माधवीको कोल कीया तो वो क्लीनीक पर थी ओर मुजे वहा आनेको कहेने लगी ओर में सीधे माधवीके क्लीनीक पर चला गया

तब वो कीसी पेसन्टको देख रही थी ओर बहार दो पेसन्ट अभी भी वेइट कर रहे थे तो में बहार बेठ गया तो उसके स्टाफने मुजे कहाकी आपको क्या काम हें कीसीको बताना हें क्या? कहा तो मेने हा केह दीया तो उसने मेरा नाम लीखकर अंदर छोडने चली गइ तब माधवीने नया पेसन्टका नाम पढा तो फोरन बहार आगइ ओर जोरोसे हसके मुजे अंदर लेगइ तब उसका स्टाफ हमे देखतेही रेह गये

माधवी : (हसकर) महाराज ये क्या मजाक हें बेचारी आपको पहेचानती नहीतो देखती ही रहे गइ हें..हें..हें..

में : सोरी माधवीजी आदतसे मजबुर हुं क्या आप आसकती हें में होटेलकी ओर जारहा था

माधवी : इफयु डोन्ट माइन्ड बस में ये दो पेसन्टको देखलु फीर हम चले जायेगे मेनेतो अभी तक लंचभी नही कीया हें

में : आप हमारे साथ चलो आपको बढीयासा लंच करवाता हुं

माधवी : हां हां पता हें खुदका होटेल हेतो सब मुफ्तमें होजायेगा कंजुस कहीके हें..हें..हें..

में : अरे में वहा पेमेन्ट कर दुगा बस, अबतो कंजुस नही हुंनां हें..हें..हें..

माधवी : बाबा मेतो मजाक कर रही थी वेसे वो दोनो बीवीया केसी हें उसको कहेना टाइमपे सब दवाइआ लेती रहे बाकी सब बढीया हें, महाराज अ‍ेक बात आपसे कहेनी थी

में : कीतनी बार कहा हें ये महाराज महाराज क्या लगा रखा हें जानती नही आप हमारी कोन हें?

माधवी : जानती हुं आतेही सुरुआत कीसने की, माधवीजी..अ‍ेसे बुलातेहे होने वाली बीवीको? तो मे महाराजही कहुगीनां

में : (हसकर) सोरी बेबी भुल गया था हें..हें..हें.., वेसे क्या केहरीथी अभी

माधवी : (हसकर) धेट्स गुड बोय, बाबु हमे वो अ‍ेक महीनेके बाद पता चलेगा पर मेरे अनुभवके आधार पर अभी सीर्फ आपको ही केह रही हुं मीरा ओर धारा दीदीको सायद जुडवे बच्चे हें तो विषेस ध्यान रखना पडेगा

में : (खुस होकर) सच..तबतो मेरी नेनुकी बात सच हुइ क्यामें उसको खुस खबरी दे सकता हुं

माधवी : नही..,अ‍ेक महीने बाद हम सबकी सोनोग्राफी करने वाले हें जब पका होजाये तब सबको बता दिजीयेगा ओके

में : जी मेम साहब हें..हें..हें..

माधवी : (हसकर) आप नही सुधरेगे, बाबु बेठीयें में इसे देखकर आती हुं फीर चलते हें

कहेकर वो अंदर चली गइ फीर थोडी देर बाद सबको नीपटाके हम होटेलकी ओर नीकल पडे तब वो मेरे साथ कारमें बेठी थी ओर कार में डड्ढाइव कर रहा था, वो बस मुजे देखके मुस्कराये जा रही थी फीर कहा

माधवी : मेरे बापुजी आपको अकेले कार चलानेकी इजाजत देते हें?

में : अरे दादानां उसको पता हें में कभी कभी बाइक लेकेभी अकेला नीकल जाता हुं

माधवी : कमाल हें मुजेतो अभी लगताही नहीकी में हमारे राजाके साथ जारही हुं आपके साथ रहेकर अ‍ेक अपनापन महेसुस होता हें ओर बापुजी भी कहीबार येबात घरमें कहेते रहेते हें

में : बेबी तुजे सायद हमारे बारेमें पुरी जानकारी नही हें, हम अ‍ेक सामान्य परीवार सेही हें

माधवी : जी नही आपके बारेमें सबकुछ जानचुकी हुं तभीतो आपके प्रती मेरी धारणा बदली हें, में कीतनी गलतथी मेतो सोच रहीथी आप अ‍ेक अयास आदमी हें, पर में गलतथी आपके जेसे नेक इन्सान मेने अपनी पुरी लाइफमें नही देखा सबका काम आप चुटकी भरमें कर देते हे में वहा रहेकर सब यही नोटीस कर रही थी फीर मेने कहीयोके साथ चर्चा करके आपके बारेमे जानकारी ली तब पता चलाकी आप कोनहें तब में उस रात खुब रोइ मुजे माफ करदो बाबा

में : हं..बुरा इन्सानतो में अभी भी हुं देखा नही मेरी कीतनी रानी हें, वरना आजके जमानेमें ये सब होताहें क्या? तो हुआना बुरा ओर अयास हें..हें..हें..

माधवी : (मेरी ओर नम आंखोसे अ‍ेक नजरसे देखते) सोरी राज..ताने मत मारो, मुजे माफ करदो आप जेसेभी हो मुजे स्वीकार हें मेने बाबासेभी बात करली हें मुजे अपनालो प्लीज, मेरा प्यार कबुल करलो वरना में अपने आपको कभी माफ नही करपाउगी (आंसु नीकलने लगे)

तब मेने कार साइडमें खडी करदी ओर उसे अंदर बेठेही हग कर लीया ओर उसके आंसु पोछ लीये फीर मेने कार चलादी ओर सारे रास्ते हममेसे कीसी कुछ नही बोले ओर हम होटेल आगये ओर सीधे मेरी ओफीसमें चले गये ओर मेने दरवाजा लोक कर लीया ओर घुमके माधवीके सामने देखकर अपना हाथ फेलालीया तब माधवी खुस होकर हसती हुइ मेरी बाहोमें आके समा गइ ओर मेने उसे जोरोसे आलींगन करके कहेने लगा

में : बेबी मेतो आपको कही पहेले अपना चुका हुं बस तेरा कुछ धमंड बीचमें आरहा था तो उसे हटाना जरुरी था आइ लव यु में तो कबसे तेरे प्यारका वेइट कर रहा था बस मुजे तेराही इन्तजार था

माधवी : ओह..थेन्कयु जानु लव यु सोमच आपने मेरा प्यार कबुल करके मुजे धन्य कर दीया हें ना जाने मे कीतनी रात आपकी यादमे चेइनकी नींद नही सो पाइ

में : बेबी मेने पहेलेभी तुमसे कहा हें हमारे बीच नो थेन्कयु, नो अहेसान, नो सोरी ओके?

माधवी : हां में भुल जाती हुं अब आइन्दा कभी नही कहुगी बस अब मुजे खाना खीलानाहे की नही? वेसेभी आज मेरा पेट भर गया हें आपनें मुजे अपनाजो लीयाहें हें..हें..हें..

तब मेने लोक खोलके राजनको बुलाया तो वो अंदर आया तब मेने उसे खाना लानेको केह दीया तब कमलाभाभी भी अंदर आगइ ओर माधवीको देखतेही

कमला : अरे वाह देवरजी आखीर आपकी नइ रानी मानही गइ चलो अच्छा हुआ हें..हें..हें..

माधवी : (हसकर) क्या भाभी आपकोभी पता था?

कमला : मुजे नही आपको छोडकर सबको पता था बस आपकोही नही पता था हें..हें..हें..

तब माधवी मेरी ओर देखकर हसने लगी तब वेइटर खाना देगया तब कमलाने कहा

कमला : लो देवरजी नही रानीको खाना खीलाओ में बादमें आती हुं

कहेके वो चली गइ तबमें अपने हाथसे माधवीको खीलाने लगातो वो नम आंखे करते खाने लगी फीर उसनेभी मुजे खीलायातो मेनेभी खालीया फीर खाना फीनीस कीयातो कमलाभाभी दो कप आइसक्रिम लेकर आगइ तब मेने माधवीको उंगलीसे खीलाने लगा तो वो सरमाके हसते हुअ‍े खाने लगी तब कमलाभाभी ने उसे हमारी सारी आइसक्रिमकी कहानी बतादी तब माधवी खुब हसने लगी फीर कहेने लगी

माधवी : तो भाभी मेरीभी बारी आगइ, आइसक्रिम खीलाके मुजेभी फसा लीया हें..हें..हें..

कमला : तो फीर! अरे बाबा इसके हाथसे आइसक्रिम खाया तो फीर गये कामसे इसी लीयेतो हम इसके हाथसे खातेही नही हें..हें..हें..

में : ओर आपको खीलाउगाभी नही वरना राजन क्या करेगा मुजेतो गालीयाही देगानां

कमला : हां बाबा मेरा राजन फीर अकेला पड जायेगा, वेसे देवरजी उसने आपको कुछ बतायाकी नही उसको कल महेशभाइका फोन आया था

में : नही भाभी अभी तक तो कुछ बात नही हुइ, क्यु क्या हुआ?

कमला : कुछ नही महेशभाइने कीसीको हमारा मकान दीखाया हें सायद उसी सीलसीलेमे बात होगी में अभी उसे भेजती हुं

कहेके वो बहार गइ ओर राजनको बुलाके आगइ तब मेने राजनको मकानके बारेमे पुछा

राजन : जीजु सुबह महेशभाइका फोन आयाथा हमारे मकानके बारेमें उसने सब तैय कर लीया हेंतो मुजे रजीस्टड्ढेसशनकी ओफीसमें जाना पडेगा तो में वेसेभी आज आपको पुछने वाला था

में : तो चले जाओ ओर फटाफट सब नीपटाके आजाओ क्युकी दोनोके लीये अ‍ेक ओर सरप्राइज हे जब तु वापस आयेगा तब बताउगा, कब नीकलना हें? मेतो कहेताहुं आज या कलही नीकल जाओ ओर फलाइटमें जाना ओर फ्लाइटमें आना ताकी समय बच जाये

राजन : जीजु में टड्ढेनमें चला जाउगानां क्यु खामखा खर्चा करनां

में : अबे तु अ‍ेक राजाका सालाहें ओर मेरा पार्टनरभी तु क्यु चीन्ता करता हें पेसे ये माधवी दे देगी हें..हं..हें..

माधवी : हां राजनभैया में देदुगी वेसेभी तेरे जीजु कंजुस ही हें क्यु भाभी?

कमला : में कुछ नही बोलुगी वो आप दोनो जानो में अनुभव कर चुकी हुं हें..हें..हें..

में : चलो ठीक हें मे देदुगा बस मुजे कंजुसका लेबल नही चाहीये वेसे कब नीकल रहा हे तु?

राजन : जीजु में सोचताहुं आज सामही नीकल जाउ ताकी रातमें आराम करके में ओर महेशभाइ सीधे हमारे सीटीमें पहीच जाये ओर बबलुसेभी मुलाकात होजायेगी

में : ओके ठीकहें तु सामकोही नीकलजा इधर राकेशभी तो हें ओर अबतो भारतीभाभीने सब अच्छेसे सम्हाल लीयाहेतो कोइ दीकत नही हें

राजन : जीजु में अकेलाही जा रहा हुं कमलाभी इधरही हें

में : क्यु उसकोभी लेके जा पुराने सब लोगको मील लेगी

कमला : क्यु में इधर अकेली आपको अच्छी नही लगती? मुजे कीसीसे नही मीलना समजे

में : तो मत जाओ मुजपे क्यु भडकती हो देखा माधवी केसी तीखी हे हमारी भाभी

कमला : इसेतो बात करनाही बेकार हें चलो राजन हमे थोडा कामभी हें वरना इनके साथ बहेस करके इधरही साम होजायेगी ओर हमारे बीच जगडा करवादे वो अलग

कहेके वो राजनको लेकर मेरे सामने मुह बीगाडके चली गइ तो माधवी जोरोसे हसने लगी फीर मेरी ओर देखके धीरेसे मुजे पुछने लगी

माधवी : वेसे जानु में आपसे अ‍ेक बात पुछु आपकी १६ रानीओमेसे अ‍ेक मनीषाभी हे वो इधरही काम करती हेना? क्या हुआ उसका कुछ आगे बढेकी नही?(तब मेने उसको मनीषाकी सारी स्टोरी सुनादी तोवो मुजसे कहेने लगी) अगर आपको अ‍ेतराज ना होतो में उसे मील सकती हुं?

में : स्योर मुजे क्या अ‍ेतराज होगा बस मुजसे मुलाकात मत करवाना में उसे मीलना नही चाहता ओके तब तक में कुछ ओर काम देखता हुं ओर उसे कहेना तुजे हमारी पुरी होटेल दीखादे जब फ्रि होजाये तब मुजे कोल करदेना हम इधरही मील जायेगे ओके

माधवी : जी बेबी में अभी आइ कीधरहें उसकी ओफीस?

तब में माधवीको लेकर बहार आया ओर भारतीको कहातो भारती उसे लेकर मनीषाके पास चली गइ तब कमलाभाभी मेरे पास आइ ओर कहेने लगी

कमला : तो मजनु साहेब अब हमारा काम करना हेकी नही ओर आप समजते नही मुजे उनके साथ भेज रहेथे कीतना अच्छा मोकाहें हमारे पास कल भारती १० बजे ड्युटी जोइन्ट करे उससे पहेले आप इधर आजाइगा में आपके लीये सबसे लास्ट फ्लोरमें हमारा अ‍ेक स्पेसीयइ रुम रखती हुं आप सुबह सेही वही चले जाना फीर भारती आयेगी तब में छुपकेसे उधर आजाउगी फीर हम दोनो सामतक उधरही रहेगे क्यु केसा लगा प्लान? वेसे टाइमभी अच्छा हे

में : बहुत मस्त प्लान हें में सुबह ही आजाउगा ओर सुन कुछ पेइनकीलर की टेबसेट भी लेलेना

कमला : हां बाबा समज गइ आप सीधे उपर ६०७ मेही चले जाना में वो सुबह खोलके रखुगी वो हमारा हनीमुन स्पेसीयल स्युट हें समजे उधर रहेना तब में आजाउगी फीर हम दोनो....राज बहुत मन कर रहा हे समज गयेनां

भारती : (दरवाजा खोलके) में छोडके आगइ लगता हे दोनो पुरानी सहेली हे

फीर में हमारे बीयर बार, जीम म्युजीक थीअ‍ेटर सब जगाह घुमके देखाकी सब कुछ ठीक हेकी नही पर राकेश ओर राजनने सब कुछ अच्छेसे मेइन्टेन्ट करके रखाथासब बढीया चल रहाथा फीर में आइसक्रिम डीपार्टमेन्टमें चला गया तब बबलुका दोस्त आइसक्रिम बना रहाथा

मुजे देखकर जुकके मुजे सलाम करने लगा तब मेने जाके उसका नाम पुछा तो उसने अपना नाम सचीन बताया फीर में उनसे बात चीत करके वापस ओफीसमें आगया आके बेठाही थाकी मुजे अनजान नंबरसे फोन आया तो में उठाके बात करने लगा

में : हांजी कहीये कोन बोल रहा हें

नंदा : अरे आप तो अ‍ेकही दीनमें भुल गये में नंदा बोल रही हुं आपके सीअ‍ेमकी वाइफ अबतो याद आ गयानां?

में : जी भाभी सोरी वो अननोन नंबर थातो नही पहेचान पाया कहीये केसे याद कीया हमे

नंदा : ये नंबर मेरा पर्सनल नंबर हें जो में कुछ खास लोगोकोही देती हुं अब इसे सेव करलीजीयेगा, वेसे आपनेतो मुजे परेसान करके रखा हें पुरी रात नही सोपाइ कलतो इतनी हालत खराब करके रखीथी आपने क्या कर रहे थे आप? हें..हें..हें..

में : क्यु करु भाभी जब आपने मुजे छेडा तो में कंटड्ढोल नही करपाया सोरी अगेइन

नंदा : आप सोरी मत बोलीये कीतना प्यारा अहेसास थावो, जो अहेसास मेरे अपनी कोलेज लाइफमें कीयाथा वोही अहेसास आपने कल करवा दीया मेतो तबसे आपकी दीवानी हो गइ हुं वेसेभी मेने आपके बारेमें बहुत कुछ जाना हें में आपसे जल्दसे जल्द मीलना चाहती हुं कहो हम कब मील सकते हें कुछ बाते करनी हे समज गये

में : भाभी अभीतो मुस्कील हें मुजे पहेले गांवके लीये कुछ सेट करना हें ओर मेराभी बीजनेस हेतो.. ठीक हें में कुछ अ‍ेडजेस्ट करता हुं मेभी आपसे मीलना चाहता हुं, वेसे आप कल बहुत ही खुबसुरत लग रही थी

नंदा : थेन्कयु.. ठीक हें आप कुछ टाइम नीकालीये में जल्द मीलना चाहती हुं मुजे कोल कर दीजीयेगा कभी कभी इस भाभीको फोन करलीया करो फायदेमे रहोगे हें..हें..हें..

में : जी अवस्य करुगा भाभी मुजेभी आपसे मीलना हें बस अ‍ेक बार मुजसे आप मुलाकात करेगी तो जींदगीभर मुजे नही भुल पायेगी ये मेरा वादा हें

नंदा : मुजे पता हें इसी लीयेतो आपसे मीलना चाहती हुं कहोतो हम आपके होटेलमें मील सकते हें मुजे आप कोल करदेना में आजाउगी

में : ओकें में कुछ टाइम अ‍ेडजेस्ट करके आपको बता दुगा आप आजाइअ‍ेगा ओके?

नंदा : (खुस होकर) ठीक हें चलो में रखती हुं कोइ आ रहा हें बाय..मुं..हा...

कहेके उसने फोन काट दीया तब भारती अंदर आगइ ओर मुजसे कहेने लगी

भारती : देवरजी में क्या केह रही थी राजनभाइ बहार जा रहे हेतो आप कमलाभाभीका काम कर दीजीयेना वो कबसे वेइट कर रही हें कहोतो में कुछ अ‍ेडजेस्ट करदु?

में : आपको बडी जल्दी हें? हें..हें..हें..

भारती : जल्दीतो होगीनां उसकी बारी आयेगी तभीतो मेरी बारी आयेगी वेसे मुजे जल्दी हें प्लीज..हें..हें..हें..

में : ठीक हे भाभी बस तीन चार दीनमेही आपका काम भी कर दुगा बस, वेसे आप मस्त होट दीखती हो जी करता हे इनसे पहेले आपका काम करदु

तभी माधवी ओफीसमें आगइ तो हम दोनो नीकल गये ओर रास्तेमें वही पहाड पर चले गये ओर ओपन कोटेजमें जाके बेठ गये तब माधवी मेरे कंधे पर सर रखकर कहेने लगी

माधवी : राज कीतना सुकुन मीलताहे आपके साथ मुजे जल्द अपने पास बुलालो में आपसे बहुत प्यार करती हुं, क्या जादु करदीया हे आपने मेरी रातोकी नींद चुराली हे आपने अब आपसे दुर रहेना मुस्कील होजायेगा

में : बेबी बस थोडे टाइम ठहेर जाओ वेसेभी मुजे बुलालेना में आजाउगा ताकी तुजे अकेला ना लगे, वेसे मील आइ अपनी नइ सौतनको?

माधवी : वो बहुत अच्छी हें जब आप उसे छोडकर चले गयेथे तबवो खुब रोइथी मुजे केह रही थी में कीसीके अहेसानके बदले उसे अपनाना नही चाहती उसको पता हें आप इसी बहाने उसकी हेल्प करना चाहते हें इसलीये वो आपको स्वीकार नही कर पारही हें

में : बेबी मेंने कीसीपे अ‍ेहेसान नही कीया हें ओर ना करना चाहता हुं अगर उसके पापाकी कुरबानीको में सीर्फ सन्मान देना चहताहुं अगर वो उसको अहेसान मानतीहे तो में क्या कर सकता हुं, क्या आपके पापाने हमारेलीये इतनी कुरबानी दीकी अपने परीवार तकको कीतने सालोसे नही मीला तो में उसके अहेसानका बदला आपसे सादी करके थोडी चुका रहा हुं बेबी में उसका स्नमान करताहुं ओर आपसे प्यारभीतो करता हुं

माधवी : आप कहेरहे हे वोही बात मेने उसे कही फीर आपके नेचरके बारेमेभी उसे बता दिया फीर मेने उसे दिवुदीदीके बारेकेभी बताया वोतो उसकी खास सहेलीभी हें तब वो कुछ सोचमें पड गइ फीरतो वो रोने लगी मेने उसे सांत कीयातो कहाकी मुजसे बहुत बडी गलती होगइ में अभी उसे माफी माग लुगी तब मेने उसे केह दीयाकी वो अब तुमसे मीलना नही चाहते तब वो खुब रोइ फीर मेने उसको सांत कीया फीर मेें आगइ, बाबु आप उसे थोडे दीन मत मीलो

में : हं..छोड सब तु मुजे इधर अ‍ेसी बात करने लाइहे की प्यार करने आइ हें हें..हें..हें..

माधवी : (सरमाके हसते) राज प्यारतो में खुब करना चाहती हुं पर यहा नही सबके सामने मुजे बहुत सर्म आती हें चलो क्लीनीक पर हम वही प्यार करेगे वहा रुमभी हे

में : ओ पागल वो प्यार नही समजी वोतो में सादीके बाद करुगा मेरा प्यारका मतलब प्यारभरी बातोसे था समजी चीबावली कहीकी

माधवी : (मेरी आंखोमें अ‍ेक नजरसे देखते) क्या? आप सच केह रहे हें? सोरी बाबु फीर अ‍ेकबार में गलत साबीत हुइ मुजे लगा आप मुजसे फीजीकल होनेके लीये मुजसे केह रहे हें आइ अ‍ेम सोरी राज, आप सबसे हटकर हें आपके प्यारको पाना मतलब अ‍ेक पुजा करना हें जो में इसके काबील नही हुं में हर मर्दको अ‍ेक जेसाही समजती थी बट आइ अ‍ेम रोंग में गलत हुं क्या मुजे आप माफ कर सकते हें?

में : उसमें तेरी कोइ गलती नही हें, मेरी इतनी सारी रानीया फीर कीतनी सारी ओरतोको बच्चा देना, तो कोइभी तेरे जेसाही सोचेगा, मुजेभी ये सब अच्छा नही लगता मेरी भी कुछ मजबुरी हें मेरा जीवन कोइ ओर चला रहा हें मेरे बसमें कुछभी नही हें तो सब होजाता हें वरना मेरे लीये सीर्फ मेरी नेनु ओर सोनुही काफी हें सीर्फ मेरी नेनुके साथ में हर जन्म खुसीसे गुजार सकता हुं रही बात फीजीकल अ‍ेटड्ढेक्टशनकी तो मेंरी नेनुके साथ में पुरा २४ घंटा फीजीकल रेह सकता हुं

माधवी : (सरमाके हसते) क्या..? हें..हें..हें..

में : माधु फीरभी हम दोनो जुदा होना नही चाहेगे इतना प्यार करते हें हम दोनो, तो उसमे तेरी कोइ गलती नही हें, में आजतक मेरी कीसीभी बीवीसे सादीसे पहेले फीजीकल नही हुआ हु में सीर्फ प्यारको अ‍ेहमीयत देता हुं ना सरीरको समजी मेने तुजसे प्यार कीया हें तो अब हमारे बीच माफी जेसे सब्दकी कोइ गुंजाइसही नही हें तो तु चीन्ता मत कर अब तु मुजे चाहे या ना चाहें में जींदगीभर तुमसे प्यार करता रहुगा

तब माधवी मेरी ओर देखकर सब सुनती ही रही ओर आंसु बहाती रही तब मेने उसके आंसु पोछ दीये तो मुजसे लीपट गइ ओर रोने लगी ओर रोते रोते कहेने लगी

माधवी : राज आइ लव यु, लव यु सो मच.. मुजे कभी मत छोडना आप सीर्फ मेरे होने वाला पती ही नही मेरे देवताभी हो अबमें हर दीन आपकी पुजा करुगी आज पता चला आपकी सब रानी आपके पीछे क्यु पागल हें, प्लीज मुजे आप जल्द अपनालो मुजसे सादी करलो, आपसे अब जुदा रहेना बहुतही मुस्कील हे

में : बेबी सांत हो जाओ, आप मेरी नेनुसे मीलती रहीये वो कुछ रास्ता नीकालेगी मेरी जींदगी सीर्फ नेनु जसु ओर माया ही तैय कर सकती हें

फीर माधवी सांत होगइ ओर मेरे सीनेमें सर रखकर गहेरी सोचमें बेठी रही फीर हम दोनो उठ गये ओर चल पडे मेने उसे वापस क्लीनीक पर छोड दीया तब कारसे उतरते वक्त उसने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दीया ओर चुमके मुजे थेन्कयु कहेके सरमाती हुइ अंदर चली गइ ओर में कार लेकर महेलमें आगया तब पांच बज गये थे तो में सीधा फ्रेस होकर बहार आगया तब मेरी सब बीवीया मुजे हग करने लगी

फीर हम सब बहार होलमें आगये तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया तब दादीभी बहार आके हमारे साथ चाइ नास्ता करने लगी तब उसको अहेसास हुआकी मुजसे बात ना करके वो गलती कर रही हें तब वो पहेलेकी माफक मुजसे बात ओर हसी मजाक करने लगी फीर हम सबने चाइ नास्ता फीनीस कीया तब सारीका उठकर अपने रुममें दोडती हुइ भाग गइ तो ताराभाभी भी उसके पीछे दोडके चली गइ

दिव्या : लगता हें सारीका दीदीकी तबीयत कुछ ठीक नही हें

दादी : बेटी कभी कभी अ‍ेसा होजाता हें कुछ नही हुआ होगा अगर ज्यादा तकलीफ हेतो माधवी बीटीयाको बुला लेना

दिव्या : जी दादी में अभी इसे देखकर आती हुं

कहेके वो ओर रीटा सोनु ओर मीरा चली गइ तब मेने दादी से कहा

में : दादी में आपकी बहुओके लीये इधर ये तीन कमरेमें ओफीस बना रहा हुं ताकी सब यहीसे काम करती रहे मेने दादासे भी बात करली हे

दादी : बीटु अब मुजे पुछनेकी कोइ जरुरत नही हें आपको अच्छा लगे वोकरो बीजनेसभी जरुरी हें ओर अच्छा कीया अंदरही ओफीस बनादी ताकी मेरी कीसीभी बहुको बहार ना नीकलना पडे

फीर में ओर सुनील नेनुसे कहेकर उसकी हवेलीकी ओर चले गये वहा जाके देखातो हवेली सब मजदुरोने आधी गीरा दीथी तब हमे वहा देखकर लोग इकठे होने लगे तो में ओर सुनील वहासे चले आये ओर सीधे आश्रम में आगये तब सुनील सीधे मंदिरकी ओर चला गया ओर में बाबाके पास चला गया तो मुजे देखकर खुस होगये में जाके पैर छुके नीचे बेठ गया

बाबा : हां अ‍ेसेही आता रहे बीना बुलाये, केसा चल रहा हे तेरा कुछ नया हुआ क्या?

में : बाबा आपकोतो सब पता हें, मे बहुत उलजनमें हुं क्या करु

बाबा : बेटा कोइ उलजन नहीहे जो हो रहाहे होने दे तु बीलकुल संकोच मत करना सब प्रकृतीका खेल हें भुलजा सब रीस्ते नाते, जो तु अभी भी उसमे फसा हे, में मानता हुं, धर्म हमे इसकी इजाजत नही देता पर तुजेतो वोसब काम करनाही पडताहे तो स्वाभावीक हेकी तु उलजनमें रहेगा तु यातो धर्मके हीसाबसे चल या प्रकृतीके हीसाबसे, वेसेभी तु अपनी बहेनोसे सादी करके धर्मसे तो दुर चलाही गया हेंतो अब क्यु पीछे मुडता हें आगे बढजा अभीतो उसके आगेभी बहुत कुछ होगा तो क्यु वीचलीत होना तुजे मेरी माया बीटीयाने कुछ नही समजाया क्या? अब मुजे पुछा तो उससे पुछ लेता वोभी सब तुजे बता देती

में : बाबा आपसे में अ‍ेक बात पुछना चाहता हुं क्या सचमें मेरे दादा मेरे रुपमें आये हें?

बाबा : हां.., बेटा तेरे दादाकी अधुरी इच्छा कहु या वासना वो तेरे माध्यमसे अपनी पत्नीको प्यार करके पुरी करना चाहते हें बस, तु इनमें ज्यादा गहेरा मत सोच वरना पीछले जन्मके बहुत राज मुजे बताना पडेगा, सुन.. तुम अपनी दादीकोभी अपना लेगा में तुजे इसीलीये तो केह रहा हुं की तु संकोच मत कर जो होरहा हें होनेदे ओर आगे भी बहुत कुछ होगा तुबस बीना संकोचके सब करता जा सब अपने आप होने लगेगा इसमे तुजे कोइ पापा नही लगेगा बस यही तेरी असली चीन्ता थीनां?

में : हां बाबा बस में यही पाप पुन्यमें फसा हुं पता नही ये होताभी हे या नही

बाबा : मे तुजे अ‍ेकही बात कहुगा अगर कोइ अपनी खुदकी पत्नीसे जरबरदस्ती करेगा तो वो पापही कहेलाता हें, ओर अगर कोइ बहारकी ओरत तुमसे प्यार मांगे ओर तु उसे मना करदे तो वोभी पापही कहेलाता हें अब तुमही तैय करलो तुजे क्या करना चाहीये, ओर आगे जाके तुजे सुनीलकी दोनो बीवीअीकोभी अपनाना हे वोभीतो तेरी रानीया थी

में : जी बाबा समज गया में, मुजे क्या करना चाहीये आज बहुत सारा जवाब मील गये मुजे हें..हें..हें..

फीर सुनीस सब देखकर आया ओर बाबासे बात करली फीर हम दोनो बाबाकी इजाजत लेके नीकल गये ओर महेलकें आगये तब अ‍ेक छोटे टड्ढकसे बहुत सारे टेबल ओर कोम्प्युटर चेयर उतरते नजर आइ ओर हम दोनो अंदर आगये तब दिवु ओर नेनु होलमें बेठके बात कर रही थी ओर हम दोनो जाके बेठ गये तब मेने दिवुसे कहा

में : दिवु तु मुजे अपने पीसीकी रीक्वाइरमेन्ट लीखकर देदे अभी वो आयेगा तो बता दुगा ओर आप लोग मीलकर देखभी लो ओर कुछ चाहीयेतो वोभी मंगवालो

दिव्या : जानु मेने धारादी अंजुदी ओर जसुदीने मीलकर सब लीस्ट दादको देदीया हें आप फीकर मत करो सब कल आजायेगा ओर हमने पीसीकाभी बता दीया हें

में : देखा भाइ आपकी बेटी कीतनी होशीयार हें सब कुछ करलीया, थेन्कयु बेबी

दिव्या : (सरमाके) आप पापाके साथ बेठेओ तो क्या बोलु आज बच गये आप हें..हें..हें..

में : नेनु कमलाभाभीका मकान सायद बीक गया हें राजन गया हे उधर महेशके पास अब सीर्फ अंजुका घरही ओर हमारा बंगलो फेक्टरी ही बची हें वोभी नीकल जायेतो मेंने अ‍ेक ओर काम करदीया हें तो उसका पेमेन्ट करदु

नेनु : (हसकर) अब ओर क्या नया करदीया? मुजेतो बतायाही नही हें..हें..हें..

में : सरप्राइज बेबी, वोमे अभी थोडे टाइम सीक्रेट रखना चाहता हुं बादमें आपको बतादुगा

सुनील : (हसकर) आप ओर आपकी सरप्राइज कभी खतमही नही होती हें..हें..हें..

में : आपकी तो दो बीवीया हें ओर मुजे सोलाहको सम्हाइना हें तो सरप्राइज कहासे खतम होगी हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) मतलब अपनी कीसी बीवीके लीये सरप्राइज हें हें..हें..हें..

में : देखा थोडीही बातोमें मुजे पकड लीया अब आगे कुछ मत बोलना आप, वरना पुरा राज उगलवा लेगी मुजसे हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) आपहीकी टड्ढेनींग हें ये, आपभी हमसे सब बातोमें उगलवा लेते थे

दिव्या : (नम आंख करके) जानु क्या मेभी नेनुदीकी तराह आपको हर जन्ममें नही मील सकती?

नेनु : (दिवुको हग करके) बीलकुी मील सकती हें, क्यु अ‍ेसा क्यु पुछ रही हें?

दिव्या : (रोते हुअ‍े) बस अ‍ेसेही दी मुजेभी वो प्रार्थना करना सीखादो नां मेभी करुगी

नेनु : हां मेरी बच्ची तु फीकर मत कर में जब कहु तब तुभी वही प्रार्थना करना तो मील जायेगा मे हुनां तुजे सब सीखा दुगी बस?

सुनील : भाइ वाकइ मेरी बेटी बडी खुसनसीब हें, दिवुबेटा साथमे वहीभी प्रार्थना करना की मेही हर जन्ममे तेरा बाप बनु ओर मेरी बेटीको इसके साथ ब्हाता रहुं

तब दिवु सुनीलके कंधे पर सर रखकर जोरोसे रोने लगी ओर पापा पापा कहेती रही तब नेनुने दोनोको सांत करके पानी पीलाया तब दिवु नेनुके कंधे पर सर रखके बेठी रही

नेनु : देखा बात कहासे कहा पहोच गइ मेरी बहेनको रुला दीयानां चल अंदर आप दोनो बेठो इधर

कहेके नेनु दिवुको लेकर अंदर चली गइ तब वो पीसी वालेको दादा लेकर आये तब सुनील अंदर चला गया फीर दादाने उसे जरुरी लीस्ट देदीया फीर ओर्डर लेकर वो चला गया तब में दादीके रुमकी ओर चला गया तब मुजे बाबाकी सब बात याद आगइ अब कोइ संकोच नही हो रहा था दादी लेटकर जाग रही थी मुजे देखकरही बेठ गइ ओर नजर जुकाके बेठी रही

में : दादी कल जो हुआ वो जानबुजके नही कीयाथा तो सोरी मुजे माफ कर दीजीये

कहेके में बहार नीकल गया तो दादी नीरास होगइ ओर उसके आंसु टपक गये ओर में अपने रुम में आगया तब सब ताराभाभीके रुममें थी तो में बेड पर लेट गया ओर पताही नही चलाकी मेरी आंख कब लग तब मुजे नेनु जगाने आगइ तो मेने उसे खीचके बाहोमें भर लीया ओर उसे लीटाके उसके उपर चडके उसे कीस करने लगा तब नेनुने मुजे इसारा कीया तो मेने साइडमें देखा मेरी सब बीवीया अपनी कमरमें दोनो हाथ रखकर लाइनमें खडी खाजाने वाली नजरसे हमे देख रही थी

तो में सबको देखकर नेनुको फीरसे कीस करने लगा तो सब आके मुजे ओर नेनुको खीचके अलग करने लगी तब नेनु जोर जोरसे हसे जा रही थी फीर हम दोनोको सबने अलग करके मुजे घसीटके बाथरुम में धकेल दीया तो में फ्रेस होने लगा फीर फ्रेस ओके बहार आगया ओर तैयार होगया तो सब मुजसे लीपट गइ ओर मुजे बहार लेजाने लगी तब नेनुने मुजे चलते चलते धीरेसे कहा

नेनु : जानु आप अ‍ेक बार दादीसे मीललो वो मीराको कुछ केह रहीथी आप उसीसे पुछ लेना बादमें हम तीनो मीलके बात करतेहे चलो पहेले डीनर करलो ओर बातभी करनी हें

फीर हम सब बेठ गये तब आज दादीने अपना खाना अंदर मंगवाया तब मीरा सोनु रीटा वोभी अपना ओर दादीका खाना लेकर अंदर उसके रुम में चली गइ तब जसुने कहा

जसु : दीदी क्या दादीकी तबीयत तो ठीक हेनां, उसने आज खाना अंदर मंगवायातो..

नेनु : अरे हां सब ठीक हें वोतो कभी कभी अंदर मंगवाती हें तु फीकर मत कर

तब में समज गयाथा की दादीने आज क्यु अंदर खाना मंगवाया ओर हम खाने लगे तब माया मुजे खीलाने लगी फीर मेभी मायाको खीलाने लगा ओर हमनें डीनर फीनीस कीया तब नेनु जसु ओर मायाको कुछ बताके मेरा हाथ पकडकर बहार गार्डनमें लेगइ ओर हम दो चेर थी वहा जाके बेठ गये तब नेनुने मुजसे कहा

कन्टीन्यु......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ९८[/color]
[color=rgb(0,]
तब में समज गयाथा की दादीने आज क्यु अंदर खाना मंगवाया ओर हम खाने लगे तब माया मुजे खीलाने लगी फीर मेभी मायाको खीलाने लगा ओर हमनें डीनर फीनीस कीया तब नेनु जसु ओर मायाको कुछ बताके मेरा हाथ पकडकर बहार गार्डनमें लेगइ ओर हम दो चेर थी वहा जाके बेठ गये तब नेनुने मुजसे कहा..अब आगे

नेनु : जानु दादी बहुत उदास रहेने लगी हें क्या आपसे तो कुछ बात नही हुइना?

तब मेने नेनुको सारी बात बतादी की आज मेने दादीसे माफी मांगी तबसे वो उदास हें

नेनु : हंम..अब समजी इसलीये वो उदास हें, पर जानु उसने अपना मनभी बदल लीया हें वो मीरासे केह रही थी की मेने तेरे नाम कुछ प्रोपर्टी ले रखी हें उसके पेपर वो मीराको देने वाली हें ओर केह रहीथी की वो सायद वापस ना आये ये बात कीसीको मत बताना वरना सब टुट जायेगे, वोभी बता रहीथी

में : नेनु अब तुही बता में क्या करु वो दादाका प्यार मुजसे चाहती हें इस बारेमे मेने आज बाबासे बातभी करली हें (फीर मेने नेनुको बाबाकी सब बात बतादी) अब तुही कुछ बता

नेनु : जानु में अभी माया दीदीको बुलाती हुं अब उसीसेही सब पुछ लेते हे

फीर नेनुने फोन करके मायाकोभी बहार गार्डनमें बुला लीया तब मायाभी आगइ तो नेनुने उसे बाबा वाली सब बात बतादी तो माया कहेने लगी

माया : राज मेने आपको कलही बताया थाकी जो हो रहा हें उसे बीनदास्त होने दो आपको दोस नही लगेगा, अब सुनो जो दादी चाहतीहें वो आप करो ओर अब कीसीकी भी परवा मत करो उसकोभी अपनी जींदगी जीनी हें उसकोभी सब हक हें हम कोन होते हे उसकी इच्छाओको मारने वाले वेसे बाबाभी तो यही कहे रहे हे सामने वालीकी इच्छाका सन्मान करना चाहीये तो फीर क्या प्रोबलेम हें

में : माया सायद तुम ठीक केह रही हो वरना दादी चली गइ तो हम क्या करेगे?

नेनु : हमे कीसीको दुखी करके भेजना अच्छा नही लगेगा मेरे खयालसे आपको दादीसे बात करलेनी चाहीये ओर उसकी सब इच्छा आपको पुरी करनी चाहीये

में : नेनु में कीस मुहसे जाउ उनसे नजरेही नही मीला पारहा हुं अबवो मुजे बुलायेगी तब जाउगा

माया : अब वोभी हमे देखना पडेगा, नेनुदी आपसे दादीकी इस बारेमे बात हुइहेना तो आप उसे बात करलो फीर इस महासयको भेज देना

नेनु : हा अब वोही करना पडेगा ठीक हे चलो में जाती हुं आपदोनो आओगेकी वही बेठना हें

में : नेनु हम इधरही बेठे हें जबतक तु नही आयेगी तबतक में मेरी इस बीवीसे प्यार करलु

माया : (हसकर) जानु इधर केसे आप पागलतो नही हेनां मुजेतो यहा सर्म आयेगी

फीर मेने मायाको अपनी गोदमें बीठा दीयातो नेनु मुजे मुका मारकर अंदर चली गइ तब माया बहुत सरमा रही थी तब मेने अपने होठ उसके होंठ पर रख दीये ओर हम लीपकीस करने लगे तब मायाकी आंख नसीली होने लगी तब मेने उसके बुब्सको मसल दीयातो वो सीत्कार करने लगी ओर मुजे बाहोमें भीच लीया ओर कहेने लगी

माया : ओह..मेरे सखा आपने क्या करदीया मुजे नीचे कुछ हो रहा हें आप बहुत गंदे हो

में : नही सखी तु अ‍ेसेही बेठी रहे में तुजे देखता रहुं मुजे अपनी आंखोमें बसालेने दे

माया : मेरे सरताज अबतो में पुरी आपकी हुं जीभरके देखलो ओर मुजेभी अपनी आंखोमें बसा लेनेदो

कहेकर दोनो अ‍ेक दुसरेकी आंखोमे देखेही जा रहेथे पता नही हम कीतनी देर अ‍ेसेही बीना पलक जपकाये बेठे रहे तब पीछेसे आवाज आइतो दोनो चोंकके जाग गये

नेनु : दोनो कीतनी देरसे अ‍ेसे बेठे हो?

माया : दी जब आप इधरसे गइ तबसे, क्यु..?

नेनु : क्या..? अरे पागल मुजे आधा घंटा होगया हें क्या तुम तबसे अ‍ेसेही बेठे हो?

में : हां नेनु आज में मेरी सखीको अपने आपमें बसा लेना चाहता था

माया : ओर दी मेभी इसे अपनी आंखमें बसालेना चाहती थी आज मोका मील गयाथा दोनोको

नेनु : (अपना सर पीटके) दोनो के दोनो पागल हो, चलो जानु हम अंदर जाये तब आप दादीसे मीलकर जाना वो आपसे बात करना चाहती हें

में : ठीक हे बेबी मील लेता हुं वेसे क्या बात हुइ?

तब नेनु हमे बताने लगीकी जबवो अंदर गइ तब दादी बेडपे लेटकर छुपकेसे आंसु बहा रही थी तो फटाफट आंसु पोछ दीये तब मेने दादीको बेठाके उसे हग कर लीया तो दादी फीरसे रोने लगी ओर कहेने लगी

दादी : बेटा क्या में राजमाताहुं तो मुजे अपनी जींदगी जीनेका हक नही हे?

नेनु : दादी पहेले आप सांत होजाइअ‍े वरना अपने बेटेकी कसम दे दुगी

तो दादी फोरन सांत होगइ ओर उठके बाथरुम चली गइ ओर अपना मुह साफ करके आगइ

नेनु : दादी बीलकुल हें बल्की हम सब खुले वीचारो वाली हें तो आप इसमें क्यु बाकात रहेना चाहती हें मुजे खुलकर बताइअ‍े में आपकी पोतीही नही सहेलीभीहुं पताहे ना आपको

दादी : नेनुबेटी जबसे मुजे पता चलाकी बीटु तेरे दादा राजके रुपमें आयेहे तो में ना चाहते हुअ‍े भी उसमे तेरे दादाको देखतीहु तो क्या गलत कीया मेने? हमने भावनाहोमें बहेकके सीर्फ चुंबन हीतो कीयाथा तो क्यु मुजसे मांफी मांगके दुर चला गया अगर ये पाप हेतो में उसके सामनें अब नजर नही मीला पाउगी ओर वोभी अब मुजसे खुलके बात नही कर पायेगा तो में इधरसे चली जाना चाहती हुं मेने मेरी बेटी मीराको उसका हकभी देदीया हें अब तुम सब ध्यानसे मीलजुलके रहेना ओर सब अच्छेसे सम्हालना बस मुजे तुमसे सीर्फ इतनाही कहेना हे

नेनु : (नम आंखोसे) दादी अ‍ेक बात पुछु क्या? आप उधरभी आपके राजके बगैर रहे पाओगी? तो आप खुसीसे जाओ जहा तक में राजको जानती हुं आपके बगैर इधर वो बहुत तडपेगा, नाआप उसे भुल पायेगी नाराज आपको भुल पायेगा दोनोही अ‍ेक दुसरेके लीये तडपते रहोगे

तब दादी फीरसे नेनुके कंधे पर सर रखकर रोने लगी तब नेनुने सांत कीयातो कहा

दादी : तो क्यु माफी मांगके चला गया, मुजसे बात नही कर सकताथा क्या? अगर दोनो बहेक गयेथे तो दोनोही कसुरवार थे सीर्फ वो अपने आपको क्यु कसुुरवार मानता हें? मेभी भावनाहोके बहेक गइ थी

नेनु : दादी में अ‍ेक पोतीके नातेसे नही अ‍ेक सहेलीके नातेसे आपसे अ‍ेक बात कहु?

दादी : अब तुनही बतायेगी तो कोन बतायेगी अ‍ेक तुहीतो हे जो इस तराहकी बात सेर कर सकु, बता क्या कहेना चाहती हें

नेनु : आपको राजसे अ‍ेक बार खुलके सब बात करलेनी चाहीये ओर उसको बतादो मुजे सीर्फ मेरे पतीका प्यार चाहीये आप प्यारके लीये इतना क्यु तडपती हें, ओर हमे कहा येबात सबके सामनें करनी हें मेतो कहेती हुं सबके सामने आप उसे पोतेका प्यार दीजीये ओर दोनो अकेले होतो आप पतीका प्यार कीजीये इस मामलेमे हमे कोइ अ‍ेतराजभी नही हें बस

दादी : क्या वो येसब मानेगा? अब मेतो इसे कुछभी नही केह पाउगी, क्या तु मेरी सहेली हेतो मेरे दीलकी बात उनतक नही पहोचा सकती? में जींदगीभर तेरी अहेसानमंद रहुगी

नेनु : दादी ये आप क्या केह रही हें अ‍ेसा मत कहीये, क्या आपने हम पर कम अहेसान कीये हें ओर अपनोमें कभी अहेसान थेन्कयु सोरी नही होते ये आपके पोतेका रुल्स हें

दादी : पता हें, वेसे वो सब तराह से काबील हे, बस मेही सब मर्यादा लांघना चाहती हुं बेटा मुजे बीटुसे कब प्यार होगया पताही नही चला, में कीतनी अभागन हुं जो अपनेही पोतेसे प्यार कर बेठी वोभी इसलीयेकी वो तेरे दादाकाही दुसरा जन्म हे

नेनु : दादी अब आप गील्टी फील मत करना में उसको भेजती हुं आज अपनी सब दीलकी बात कहेदो ओर हो सकेतो जी भरके प्यारभी करलो जीलो अपनी जींदगी अब कभी जानेकी बात मत करना वरना.....

दादी : (हसकर) हां हां पता हें अपने पतीकी धमकी देना चाहती हेना..जा भेज उसको

जब नेनुने सारी बात बताइतो हम तीनो हसने लगे तब माया कहेने लगी

माया : तो चलो अपनी पीछले जन्मकी बीवीको मनाओ हम अंदर जाती हें ओर हां आप जलदी आजाना हमे गरम करकेजो रखा हें हें..हें..हें..

में : ठीक हें तब तक तुम नेनुसे काम चलालो हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) नही जानु इसे सोनुके पास भेजना पडेगा हें..हें..हें..

कहेके हम अंदरकी ओर जाने लगे तब मेने नेनुसे कहा

में : नेनु कल मुजे दो दीन होटेलमें जाना पडेगा राजन नही हें वो गुजरात गया हें

नेनु : (मेरी ओर कामुक स्माइल करते) ठीक हें हम चले जायेगे ओके

में : (हसकर) हमं..चल तुभी, वेसेभी सब तेरी हाजरीमें होतो अच्छा हें

ओर हम अंदर आगये तो मायाने ओर नेनुने मुजे अंगुठेकी साइन दीखाके बेस्ट ओफ लक कहा तो में हसके दादीके रुमकी ओर जाने लगा तब माया ओर नेनु दोनो हाथ पकडकर हमारे रुमकी ओर चली गइ में दादीके रुममें आया तो दादी बेडपे बेठी थी मुजे देखतेही खडी होगइ ओर सरमाके नजर घुमाली तो मेरी दीलकी धडकन तेज होगइ फीरभी मेने आज हीमत करके इस पार या उस पारका फैसला करलीया था

तो मेंने अंखर जातेही दरवाजा बंध करलीया ओर पलटके अपने दोनो हाथ फैला दीयातो दादीकी आंखोमें चमक आगइ ओर स्माइल करते दोडके मेरी बाहोमें आगइ तो मेने कसके उसे बाहोमें भरलीया तो दादीनेभी मुजे जोरसे भीचलीया दोनो काफी देर अ‍ेसेही खडे रहे तब दादीने नजर उची करके मेरी आंखोमें देखा तो मेने कहेदीया

में : आजसे आपको में कभी तकलीफमें देखना नही चाहता में आपके लीये दोहरी जींदगी जीयुगा जब हम दोनो अकेले होगे में सीर्फ दादाही बनके रहुगा ओर आपको ढेर सारा प्यार दुगा मेरा ये वादा हें बाकी बहार आपको सम्हालना हें मुजे सीर्फ प्यार करनाही आता हें

दादी : बस यही तेरे मुहसे सुनना चाहती थी, मुजे तेरी सब बीवीयोका तेरे प्रती प्यार देखकर मेरे अंदरभी प्यारकी चाहत जाग उठी तबसे में तुजे प्यार करना चाहती थी बस अपने वादेसे कभी मुकर मत जाना वरना अब में नही जी सकुगी समजे

में : नही दादी में कभी नही मुकरता बस कुछ उलजनथी जो आज बाबाने दुर करदी हें

दादी : बीटु अ‍ेक बात कहु जब हम अकेले हो तब तु मुजे दादी मत बुला मेरा नाम केशरदेवी हेतो तुभी तेरे दादाकी तराह सीर्फ केशर या केशु कहेकर बुला सकता हें तो में तुमसे खुलकर प्यार कर सकुगी ओर मेतो तुजे सीर्फ राजही कहुगी मुजे ये नाम बहुत प्यारा लगता हें

में : ओके केसु अब बातेभी करनी हेकी उधर जानाभी हें चलो में ले चलता हुं

कहेके मेने दादीको गोदमें उठाके चलने लगा तो दादीने सरमाते दोनो हाथ मेरी गरदनमे डालके मेरी ओर देखतीही रही ओर उसे बेड पर आके लीटा दीया ओर में उसके साइडमें बेठ गयातो दादीने मेरा हाथ पकडके अपनी ओर खीचके उनके उपर जुका दीया तोमें उनके उपर जुक गया ओर हम दोनोके चहेरे बीलकुल आमने सामने थे

तब दादीने दोनो हाथसे मेरे गालपे रखके मेरा चहेरा पकडलीया पकडके अपने चहेरेकी ओर लेजाके दोनोके होठ मीला दीये ओर वो मेरे होठोका रसपान करने लगी फीर में भी गरम होके उसे जोरोसे चुसने लगा ओर हमारे दोनोकी चीभ अ‍ेक दुसरेसे लडाइ करने लगी तब दादीकी आंख नसीली होने लगी ओर वो मदहोस होने लगी

तब मेरा अ‍ेक हाथ अनायासही उसके बुब्स पर चला गया ओर मेने हल्केसे दबा दीया तो दादी सीहर उठी क्युकी आज उतेजनाकी वजहसे उनके बुब्स अ‍ेकदम टाइट होगये थे तब कीस रोकके अ‍ेक नजरसे मेरी आंखोमें देखने लगी तो मुजे आज दादीकी आंखोमें भरपुर वासनाका भवंडर दीखा रहा था तोमें समज गया दादी क्या चाहती हे आज वो सारी हदे पार करना चाहती थी

दादी : राज आज मत रोकना मुजे आज सारी हदे पार होजाने दो ना जाने कीतने बरसोकी प्यास हेये आज मुजे जीभरके मेरे पतीसे प्यार करने दे, तेरी केशर बहुत तडपी हे तेरे बगैर आजा आज मेरी सारी प्यास बुजादे जोभी होगा देखा जायेगा अब मुजे कीसीकी परवा नही हें मुजे सीर्फ मेरे राजसे प्यार करना हे आजा आज मुजे अपनी बीवी मानके प्यार करले जो कीतने बरसोसे तडपती हे

दादी वासनाकी आगमें जलने लगी ओर मेरे कपडे खीचने लगी तब मेनेभी देर ना करते उसकी सारी नीकालदी फीर उसके ब्लाउसके बटन खोलने लगा ओर सब कपडे नीकाल दीये तो में ओर दादी पुरे नंगे होगये आज पहेली बार मेने उसका पुरा सरीर नंगा देखा जो आधेड होनेके बावजुद अ‍ेक कसा हुआ लग रहाथा अ‍ेकदम गोरा बदन जो देखतेही खडा होगया ओर फनफनाने लगा जेसे वोभी आज केशरकी चुतमें धुसनेके लीये तडपता हो

जब मेरी नजर उसकी चुत पर गइ तो बीलकुल सोनुकी तराह दीखतीथी जो उसे देखतेही मेरे लंडने जटके मारना सुरु कर दीया ओर मुजे नसा होने लगा तब दादीनें अपने बाल खोल दीये ओर बेडपे लेटके मुजे अपने उपर खीच लीया ओर हम दोनोके होंठ मीलके रसपान करने लगे दादी मुजे पागलोकी तराह चुमे जा रही थी

में : दादी आप कीसी लडकीसे कम नही हो आपका ये बदन मुजे पागल कर रहा हें ये बदन देखतेही में पागल होगया हुं आजसे तु सीर्फ मेरी हे ओर ये बदनभी सीर्फ मेराही हे

दादी : (कामुक आवाजमे धीरेसें) हां राज आजसे ये तनपे सीर्फ तेराही अधीकार रहेगा, क्या तुजे इतना पसंद हे? तो आज इसे मसलदे आजसे ये बदन सीर्फ तेरा हे आजा भोगले इस सरीरको जो सीर्फ तेरा हें आजसे तु मेरा पती ही हे

फीर में दादीके बुब्स मसलने लगातो दादी पागल होगइ ओर मेरा सर अपने बुब्स पर जोरोसे दबाने लगी तब में नीचे सरक गया ओर उसकी चुतमें जेसेही मुह लगाया तो दादी सीत्कार करके अपना मुह इधर उधर करने लगी ओर हाथ नीचे लेजाते मेरा सर पकडके अपनी चुतमें दबाने लगी ओर जोरोसे सीसकारीया करने लगी

दादी : राज..क्या कर रहा हें भला अ‍ेसेही कोइ प्यार करता हें तेरे दादाने कभी अ‍ेसा नही कीया प्लीज.. आजा उपर वरना में अभी पानी छोड दुगी मुजसे सहन नही होता

कहातो मेने अपनी जीभ दादीकी चुतमें घुसाके चुतके दानेको खरोदने लगा तब दादी कमर उछालके जोरोसे सीसकारीया मारने लगी ओर दोनो हाथसे चदर पकडकर छटपटाने लगी तब उसका सरीर अकडने लगा ओर अपनी कमर उची करके चुतसे फवारा छोड दीया ओर पानी नीकलकर मेरे मुहमें आगया

ओर वो सांत होगइ तब में उसके सामने देखकर हसने लगा तो वोभी हसकर सरमाने लगी फीर में मुह साफ करने बाथरुम में चला गया ओर साफ करके वापस उसके साथ लेट गया तो वो मेरे सरके बालोको सहेलाने लगी

दादी : राज कीतना अदभुत था तेरे दादाके बाद तु दुसरा आदमी हें जो इस बदनको भोगेगा आजसे मे तुजे पुर्ण समर्पीत होती हुं अब तुही मेरा पती हे

में : केसु दुसरा नही में वोहीतो हुं सीर्फ सरीर दुसरा हें तु आजभी अ‍ेक दमदार माल हें

दादी : (हसके) तुभी तेरे दादाकी तराह मुजे माल बोलने लगा हें कीतनी साम्यता हें दोनोमें

में : अब हम अ‍ेकही हेतो साम्याता भीतो वही रहेगी चल तुजे ओरभी प्यार करना हें अब तुजे जनतकी शेर करवाता हुं होजा तैयार, तु बरसोसे बहुत प्यासी हेनां? चल आज मेरे पानीसे इसकी प्यास बुजाता हुं

फीर हम दोनो वापस फोरप्लेय करने लगे तो दादी दुबारा गरम होगइ ओर हम दोनो पागलकी तराह प्यार करने लगे तब दादी कहेने लगी

दादी : राज अब ओर सहेन नही होता आज डालदे अपनी केशरकी चुतमें अपना मुसल लंड दीखादे अपना जलवा कीतने बरसोसे प्यासी हें आज भरदे अपने पानीसे मेरी चुतको कीतने बरसोसे इसमे पानी नही गया आज सीचदे अपने पानीसे आजा..

कहेके दादीने मेरा लंड पकडकर अपनी चुतमें सेट कीया ओर मेरी आंखोमें नसीली आंखोसे देखने लगी तब मेने उसके दोनो हाथ पकडलीये ओर उसको लीपलोक करलीये भलेही इसकी उमर हो पर मुजे पता था वो मुजे जेल नही पायेगी फीर मेंने अ‍ेक जोरका धका मारदीया तो लंड फच..की आवाजके साथ चुतमें उतर गया तब दादीकी आंखे फटी रेह यइ ओर मेरे मुहमें मुं..हमं..की आवाजे करने लगी तब मेने अ‍ेक जटका ओर मार दीया तो वो चीलाके बेहोस होगइ

ओर उसकी आखसे आंसु बहेने लगे तब में धनाधन उसे चोदने लगा ओर दादीके बुब्स उछलने लगे तभी थोडी देरमें उसे होस आने लगातो मेने पेलना बंध कीया ओर उसे कीस करने लगा तब दादीने अपने दोनो हाथ मेरे हाथसे छुडा लीये ओर मुजे सीनेमे मुका मारने लगी ओर कहा

दादी : थोडातो रहेम करता ये थोडीना तेरे दादाके जीतना हें कीतना मोटा ओर गध्धे जेसा हें मेरीतो फाडकेही रखदी पता नही तेरी सब बीवीया तुजे केसे जेलती हें, राज कुछ करना नीचे बहुत जलन होती हें प्लीज..

में : केशु अभी दर्द खतम होजायेगा ओर मेने आपकी चुत चोद चोदके मेरे लंडके साइज जीतनी करदी हे

दादी : क्या तुने मुजे बेहोसीमे ही चोद लीया? क्या हालत हुइ होगी मेरी चुतकी, तुम बहुतही गंदेहो

फीर में ओर दादी आपसमें होठ मीलाके अ‍ेक दुसरेके रसको पीने लगे ओर में उसके बुब्स मसलता रहा कभी इसकी गरदनको चुमता तो कभी इसके बुब्सको चुसता इसी तराह दादीका दर्द खतम होगया तब दादी अपनी कमर हीलाने लगी तो मेने भी धीरे धीरे धका मारना सुरु करदीया तब दादी मदहोस होके बडबडाने लगी वो वासनाकी आगमें पागल जेसी होगइ थी आज उसकी चुतनें बरसोके बाद कीसी लंडका स्वाद चखा था ओर वासनाकी आगमें जलने लगी ओर मदहोस होके बडबडाने लगी

दादी : राजजजज, अब ओर जोरररसे चोदददद बहुततततमजाआआआ आरअहाआअ हे अ‍ेअ‍ेअ‍े मेरे राजा आजजजज चोददद लेअ‍ेअ‍ेअ‍े अपननीइइइ इस रानीइइइइ कोओओ फाडडडड देअ‍ेअ‍े इस चुततततको जोरोसेअ‍ेअ‍े चोदददद सीइइइइ आहहहइइइइ उउउउइइइइमांआआआ

फीर मेने अपनी स्पीड बढादी ओर दादीको जोरोसे चोदने लगा तो दादी हल्का चीलाने लगी ओर मुजे पागलकी तराह चुमने लगी फीर अचानक उसका सरीर अकडने लगा ओर (में गइइइ) कहेके मुजे जोरोसे बाहोमें भींचके जडने लगी फीरमें मेने उसे चोदना जारी रखा आज आधेड उमरकी स्त्रीको चोदनेमे मेरा पहेला अनुभव था

जो बेहद सुखद था ओर अ‍ेक अलगही अनुभव था दादीको चोदनेकी अ‍ेक अलगही कसीस थी तो मेभी जोसमें आके जोरोसे चोदने लगा में दादी को २० मीनीट तक चोदता रहा फीर मेने मेरी आदतके मुताबीक चुतमें जड तक घुसाके उसकी चुतको अपनी पीचकारीसे भरने लगा

तो दादीको बरसोके बाद आज पहेली बार अपने अंदर गरम पानी महेसुस हुआ तो वोभी सीहर उठी मुजे कसके बाहोमे भरके जडने लगी फीर हम दोनो सांत होगये तब में दादीके उपर लेट गया तब दादी मेरे बालको सहेलाती रही तब दादीने थोडी देर बाद सांसको कंटड्ढोल होतेही मेरी ओर सरमाके हसतेहुअ‍े कहा

दादी : राज आज तुने मुजे जनतकी शेर करवादी बहुत मजा आया तु शेर हे शेर मुजे अंदर कीतना गरम महेसुस हुआ जो पहेले कभी नही हुआथा, राज तुने मुजे अपनी दासी बना लीया आजसे ये सरीस पर तेरा पुरा हक हें तु जब चाहे मुजे भोग सकता हें आजसे तेरी केशर पुरी तराह तुजसे समर्पीत होगइ हें अब तुही मेरे भरथार हें तुही मेरा पती हे मेने तुजे पतीके रुपमे स्वीकार करलीया हे

में : केसु में तुजे अब सारी जींदगी अ‍ेसेही प्यार करता रहुगा, अब बोल वहा कीतने दीन रुकने वाली हें तु मीराको केह रही थी अब में दुबारा इधर कभी वापस नही आउगी

दादी : हां तु माफी मांगके चला गया तो में समजी अब मुजे मेरे पतीका प्यार कभी नही मीलेगातो में तुजे अब केसे नजरे मीला पाउगी तो मेने वापस नही आनेका फेसला कर लीयाथा पर अब नही रहुगी अबतो सायद अ‍ेक हप्ताभी मुस्कीलसे गुजरेगा तेरे प्यारने इतनी पागल करदी हे मुजे अब तु खुद मुजे लेने उधर आयेगा में तेरी ओर नेनुकी टीकीट कलही बुक करवा लेती हुं

में : नही केशर में सीर्फ नेनुको लेजाकर बाकीको नीरास नही करना चाहता में मेरी सब बीवीओके बराबरका प्यार करता हुं हां नेनुको में सबसे ज्यादा प्यार करता हुं पर मेरे लीये मीरा माया जसु सब इम्पोर्टन्ट हें

दादी : साबास राज मेतो तेरे जेसा पती पाकर धन्य होगइ जो सबको प्यार करता हें कीसीमें कोइ फर्क नही करता ठीक हें में इसके बारेमें बादमें बात करुगी अब चलो उपरसे हटना नही हें क्या तेरी सब बीवीया तेरा वेइट करती होगी

में : नही केशर मेरा अ‍ेक नीयम हें में जब तक दो बार चुत भर नही लेता तब तक में लंडको बाहर नही नीकालता चल तैयार होजा तुजे अ‍ेक बार ओर प्यार करना हें तु बहुत मस्त हें इतनी उमर होनेके बावजुद तेरा सरीर कीतना भरावदार ओर कामुक हें अब तुजे प्यार करनेमें बहुत मजा आयेगा अबतो मेरी सब बीवीकी तराह तुजे रोज प्यार करुगा

दादी : (हसकर) क्या इतनी पसंद आगइ हुं तुजे, तो मना क्यु कर रहा था? मेभी तो तब चुदनेके लीये तैयारही थी, चल सुरु होजा वरना मेरी नेनु अभी इधर आजायेगी

फीर में ओर दादी अ‍ेक बार फीर सुरु होगये इस बार दोनोके बीच घमासान चुदाइ हुइ दादीको दो बार जडाके उसकी चुतमें मेने अपना माल उडेल दीया तब वोभी साथमें जड गइ ओर थक कर चकना चुर होगइ फीर में उसे गोदमें उठाके नहाने लेगया फीर दोनो नहाके बहार आगये ओर दादीको मेने कपडे पहेनाये ओर खुदभी पहेन लीये फीर उसको सुलाके उसके होठों पर कीस करके में अपने रुम में आगया तब १०.३० बज गये थे मेरी सब बीवीया मेरा वेइट करते आपसमें सुरु होगइ थी ओर मुजे लेखतेही सब अपना खेल बंध करके मुजसे लीपटने लगी तब मायानें सबको कहा

माया : देखो बहेने अब हम सब इनकी इतनी रानीया हें तो आप डीसाइड करलो वो आज कीसको प्यार करेगे वरना सबको ठंडा करनेमें उसको सुबह तक जागना पडेगा ओर रोज अ‍ेसे करनेसे उसकी सेहत पर असर पड सकता हें अब हमे सब तैय करना पडेगा

सोनु : मायादी क्या कल जेसी अनुभुती आज नही होसकती वो कल सबके साथ संभोग करतेथे अ‍ेसी अनुभुती हम सबने कीथी तो आजभी वही करवालो इससे सब संतुस्ट भी होती हें अम सबका पानीभी नीकलता हें तो क्या दीकत हें

माया : हो सकता हें इसलीयेतो मेने सबको सब सीखा दीया हें फीरभी में चाहती हुं आजसे ये सीर्फ अ‍ेक के साथ ही फीजीकल होगे ओर रोज अ‍ेककी बारी आयेगी ओर ये सब उसकी पहेली बीवी सोनुही डीसाइड करेगी हां अगर तीनके बाद हमारे पती आजाद हें फीर वो कीसीके साथ सोना ओर कीसको प्यार करना वो हमे इनको छुट देनी पडेगी ओके

नेनु : मायादी आपने आज सही फेसला लीयाहें क्युकी मुजे उसकी नींदकी बहुत चीन्ता थी सबको ठंडा करनेमेही इनके सुबह ४ से ५ बज जाते थे, इससे अच्छा ये सामुहीक प्रयोग ही हें जो सबको अ‍ेक साथ प्यार ओर संभोगका अहेसास होता हें ओर सब संतुस्टभी होती हें तो यही बेटर रहेगा

दिव्या : कल हम सबको बहुत मजा आयाथा ओर सबकी सब नाजाने कीतनी बार अपना पानी छोड चुकी थी तो ये बेस्ट आइडीया हें भाभी आप वही करो चडादो अपने पतीको अपने उरप हें..हें..हें..

तब सब हसने लगी तो रीटाने दिवुको हसते हुअ‍े मुका मार दीया तब मीराने कहा

मीरा : कमीनी अब ये तेरी भाभी नही हम सबकी बहेन हें समजी अबसे तुम सब इसको दीदी ही कहोगी हां रीटु उसे मम्मी केह सकती हें कयुकी वो उसकी रीयल मम्मी भी हें

सब बाते कर रही थी तब जसुका ध्यान मेरी ओर गया तो वो जोरोसे हसने लगी तो सब उसकी ओर सवा लीया नजरोसे देखने लगी तब जसुने सबको मेरी ओर इसारा कीया तो सब मुडकर मुजे देखने लगी तो में खरराटे मार रहा था तो सबने अपना सर पीट लीया तब नेनु मेरे पास आइ ओर मुजे जुककर देखने लगी

तब अचानक मेने नेनुको बाहोमें भरलीया तब सबने रालतकी सांस ली ओर सबके चहेरे पर स्माइल आगइ तब में नेनुको बाहोमें भरके पलट गया ओर उसके उपर चडके उसके होठ चुसने लगा तब नेनुभी मेरा साथ देने लगी तब मायाने सबको इसारेसे लेटनेको कहा तो सबकी सब फटाफट अपना पैर फैलाके लेट गइ

ओर आंख बंध करके सब प्रार्थना करने लगी तब मायाभी हमारे साथ आगइ सबने अपने कपडे नीकाल दीये थे तो मायाभी अपना पैर फेलाके हमारे पासही सोगइ तब में नेनुको चुमेही जा रहा था तब नेनुकी आंखे पुरी नसीली हो चुकी थी ओर मेरी पीठ सहेलाती रही तब

नेनु : मेरे सरताज आज करादो सबको जनतकी सेर आजाओ आज समालो अपनी नेनुको अपने अंदर ओर मीलादो मुजे अपने परमात्मासे आज करादो सबको अहेसास की आपकी नेनुके अंदर आपका बीज पलने लगा हें मुजे करदो आपके अंदर वीलीन

कहेके नेनुने मेरा लंड पकडकर अपनी चुतमें घुसाने लगी तब उधर दादीभी मदहोस होकर आंख बंध करने लगी ओर इधर तारा ओर सारीकाभी अ‍ेसा करने लगी तबतक नेनुने मेरा पुरा लंड अपनी चुतमें लेलीया था तब मायाभी आंख बंध करके सोयी थी ओर मेरी सब बीवीयाभी नींदकी आगोसमें जाने लगी ओर सबकी सब परम आनंद की अनुभुती करने लगी सबके चहेरे पर हल्की मुस्कान आचुकी थी तब मेने भी परमात्मासे प्रार्थनाकी के सबकी मनवाछीत इच्छा पुर्ण करदे

ओर मेरी कमर जोरोसे हीलने लगी तब नेनु भी आंख बंध करके कमर उछालने लगी तब मेरीभी आंख मदहोसीमें बंध होने लगी तब सब स्वप्नकी दुनीयामें अ‍ेक दुजेका हाथ पकडकर हवामें उडने लगे तब सामने तीन ओर आधेड परीयाभी हमारे साथ आके मायाका हाथ पकडकर उडने लगी

आज सबकी सब अ‍ेक दुसरेके हाथ पकडकर हवामें मस्तीया करते उड रही थी तब अचानक नेनुने सबको इकठा करके धुमा लीया ओर सबको लेके गोते लगाने लगी तो सब हसते हुअ‍े नेनुको पकडनेकी कोसीस कहने लगी तब अचानक सबकी सब सागरकी गहेराइओमे चली गइ तब यहा सबके सरीर मदहोसीमे जटके मारने लगे

ओर सबकी सब जडने लगी तब उधर सब वापस सागरमें आके तैरने लगी तब नेनु अ‍ेक बार फीर सबको लेके वापस हवामें चली गयइ ओर परीओकी नगरी यानी परीस्तानकी तरफ लेजाने लगी तब दो परीया दीखने लगी जो नेनुने उसको साथ लेनेकी कोसीसकी तब वोभी आगइ ओर हसती हुइ सबके साथ उडने लगी

तब अ‍ेक आलीसान महेल जेसा आगया तब नेनुने सबको घेरेमें खडा करके बीचमें चली गइ ओर अपने सब वस्त्र उतारके अपना अ‍ेक हाथ अपने पेटमें घुमाके सबके सामने हसने लगी तब उसके पेटमें अ‍ेक तेज बीन्दु प्रकासीत हुआ ओर अ‍ेक छोटा बालक जो हस रहाथा, सबको वो नेनुके पेटमें खेलता हुआ दीखने लगा

तो सबकी सब खुसीके मारे जुमने लगी ओर बच्चेको प्यार देने लगी तब नेनु हसकर सबको लेके अ‍ेक बार फीर उडने लगी फीर सबको लेके समुद्रकी गहेराइओमें उतर गइ ओर सबको बार बार गोता लगाने लगी जब सब थकनेको आइतो नेनु सबको लेकर वापस आने लगी ओर सबको हमारे महेलमे उतारने लगी

तब मेरी आंख खुल गइ तब नेनु ओर मेरी सब बीवीया आंख बंध करके मुस्करा रही थी ओर सबके चहेरेपर संतुस्टीके भाव थे जब सबकी नीचेकी ओर देखातो सबकी सब ना जाने कीतनी बार जडी होगी सबके पेरमें कामरस बहार नीकल रहा था तब नेनु ओर मायानेभी अपनी आंखे खोलदी तब नेनु मुजे देखकर हसते हुअ‍े अपनी बाहोमें भीचलीया ओर मुजे जोरोसे चुमने लगी तब मायाने कहा

माया : नेनुदी क्या अद्भुत नजारा था हमने आपके बच्चेको देखा केसे सबको देखकर हस रहा था आपने सबको अच्छी तराह संतुस्ट करवाया

नेनु : माया दी ये सब इनके कहेनेके मुताबीक हो रहा था यही मुजे मार्गदर्शन करते थे

माया : पर दीदी सबको कंटड्ढोलतो आप कर रही थी

नेनु : हां दी परये सबका भ्रम हें दरसल हमारी आत्मा अ‍ेक होचुकी हें सब इनके मुताबीकही चल रहाथा यही मुजे सब केह रहेथे तो में इनके कहेनेके मुताबीकही चल रही थी

माया : ओह गोड तबतो हम सब इनको कभी समज नही पायेगे, बाबु आप कोन हो?

में : पता नही अबतो इसके उपरसे बाबाही पर्दा उठायेगे तब में नेनुके उपरसे हट गया तब नेनुकी ओर सबकी चुतसे काम रस कहेने लगा ओर सब जटके मारके जडने लगी फीर आहीस्तासे सबकी आंखे खुलने लगी तब में नेनु ओर माया बेठके सबको देखकर हस रहे
थे तब सोनु उठ गइ ओर दोडके नेनुके गले लग गइ ओर खुसीसे आंसु बहाने लगी

सोनु : दीदी आपने सब कुछ कर दीया हमने वोसब देखलीया वो आपके अंदर पल रहा हें

तब सब आके नेनुसे लीपटकर खुसीके मारे रोये जा रहीथी तब में ओर माया अ‍ेक दुसरोकी बाहोमें बेठके हस रहे थे तब मायाने मेरे होंठ चुमके कहा

माया : देखा सखा आपने, सब कीतनी खुसहें सबको पता चल गया नेनुके अंदर आपका बीज पल रहा हें

में : अब आपभी तैयार हो जाना आपके अंदरभी हमारा बीज पलने वाला हें

माया : (मुजे चुमकर) क्या आप सच केह रहे हे, क्या मेभी मां बन सकती हुं?

में : हां माया तुम मेरी बीवी हो ओर बीवीका हर सुख में तुजे देना चाहता हुं

तब माया मुजसे लीपटकर आंसु बहाने लगी ओर मुजे पागलकी तराह चहेरे पर चुमने लगी फीर मेरे कंधे पर सर रखकर मेरी ओर तीरछी नजर करते कहेने लगी

माया : बाबु हमने सबके साथ कुछ ओर परीयोकोभी देखा हें वो दो कोन थी ओर मेने सबके आथ ताराभाभी सारीकाभाभी कोभी देखा ओरतो ओर अ‍ेक चहेरातो मुजे दादीकाभी देखा आप गयेथे तो क्या हुआ?

में : माया इसकी चर्चा हम अकेले होगे तब करेगे अभी नही प्लीज..

माया : (हसकर) सखा आप मुजे प्लीज मत कहीये मेरे पतीको मुजे रीक्वेस्ट करते अच्छा नही लगता आपतो मेरी जान हो जान

कहेके मुजे चुमने लगी तब दो दो करके सबकी सब बाथरुम में जाके नहाने लगी फीर बहार आके मुजे चुमकर अपनी जगाहपे सोने लगी तब रातको २ बज चुके थे सब सोगइ तब माया ओर जसु साथमें चली गइ तो में नेनुके उपर लेट गया तो नेनु कहेने लगी

नेनु : (हसकर) जानु हटो नीचे सब गंदा हें हम नहाके चदर चेन्ज करलेगे फीर हम प्यार करेगे आज पहेली बार मुजे थकावट महेसुस हुइ आप कीतना जोरोसे मुजे पेल रहेथे जो मुजे थका दीया पुरा सरीर तोडके रख दीया अभीभी सरीरमें हल्का दर्द होरहा हे

में : पता नही नेनु मेभी तो सबके साथ था हमेतो कुछ होसही नही था

नेनु : (मेरी गरदनमें दोनो हाथ रखकर) वेसे जानु मील आये अपनी पुरानी बीवीको क्या केह रही थी वो कुछ आगे बढेकी सीर्फ चुमा चाटी करके आगये हें..हें..हें..

तब मेने दादीका पुरा वाक्या सुनादीया तो नेनु हसते हुअ‍े सुनती ही रही जब पता चलाकी में दादीको दो बार पेल चुका हुं तब नेनुभी अपने मुह पर हाथ रखकर जोरोसे हसने लगी फीर मुजसे कहा

नेनु : जानु तबतो मुजे सुबह दादीके पास जाना होगा देखतीहुं क्या हालत हे बेचारीकी हें..हें..हें..

में : नेनु उसको दर्दतो नही हें वो ठीकसे चल सकती हें पर ध्यान रखना कीसीको पता नही चलना चाहीये

नेनु : क्या पता नही चलना चाहीये आज सबके साथ वोभीतो थी तो वेसेही सबको मालुम होगया होगा हें..हें..हें..

में : तु सबको केह देना माया ओर मेरी सादीमें वो हमारे साथ थी तो दीख रही हें

नेनु : अरे वाह क्या आइडीया नीकाला हें ठीक हें कोइ पुछेगीतो कहुगी वेसे हम सबके साथ वो दोनोभी आगइ थी मुजे लगताहें उन दोनोकोभी अनुभुती हुइ होगी

तभी माया ओर जसु बहार आगइ तो में नेनुको गोदमें उठाकर अंदर लेगया फीर नेनुको नहेलाने लगा तब नेनु मुजसे लीपट गइ फीर हम दोनो खडे खडेही चुदाइ करने लगे नेनुको काफी देर चोदने के बाद में उसकी चुतमें खाली होगया फीर हम नहालीये तब नेनुने कहा

नेनु : जानु आज में बहुत थक गइ हुं प्लीज आज आप मायादी के साथ प्यार करीये

फीर हम बहार आगये तब जसु सोचुकी थी ओर माया हमारा वेइट करते बेठी थी तब नेनुने मुजे मायाके उपर धका मारके गीरा दीया ओर हसने लगी तो में मायाके उपर गीरकर लेटा रहा तब माया सरमाके मुजे हटानेकी कोसीस करने लगी तब में हटकर उसे अच्छेसे लीटाया ओर उसके उपर चड गया तो वो सरमाके नेनुकी ओर देखकर हसने लगी

तब नेनु सोनेकी तैयारी करती हसने लगी तब मेने उसके होंठ पर अपने होठ रख दीया ओर उसका रसपान करने लगा तो वोभी साथ देने लगी तब मेने उसके बुब्स पकड लीये तब उसने देर नाकरते मेरा लंड पकडकर अपनी चुतमें रख दीया ओर मेने अ‍ेक धका मारदीया तो लंड मायाकी चुतमें उपर गया तो वो सरमाके हसती हुइ इधर उधर नसीली आंखे करके तीरछी नजरसे देखने लगी

तब मेने उसको लीपलोक करके उसके बुब्स मसलने लगा तब वो गुंगुंगुगं करके अपनी कमर उछालने लगी तब मेने हाथ नीचे लेजाकर उसे कसके बाहोमें जकड लीया ओर दोनोके सरीरको पुरी तरह चीपकाकर अ‍ेक करदीया ओर अपनी कमर हीलाके जोरोसे धका मारने लगा तब मायानेभी मुजे कसके पकड लीया ओर मेरे होठको चुमते हुअ‍े काटने लगी फीर कहेने लगी

माया : ओह..मेरे सखा आप कीतना प्यार करतेहो अपनी सखीको मुजे आप जनतकी सेर करादो में अधुरी थी आपके बीना हमारे सारे जन्मकी कशर नीकालदो में बहुत तडपीहुं आपके प्यारके बगैर आज अपनी सखी को नीचोडदो

में : हां सखी मे भी तेरे बीना अधुरा था आज तो में सुबह तक तुजे प्यार करुगा तुहीतो मेरी नेनु हें मेरी सबकुछ, पता हे नेनुनेही तुजे प्यार देनेको बोला हें

माया : थेन्कस नेनुदी आपने मुजे मेरा प्यार दीलाया हे मे जींदगीभर आपकी दासी बनके रहुगी सखा में मां बननेके लीये तैयार हुं कब डालोगे मेरे अंदर आपका बीज?

में : अभी नही वो खास दीन होगा जो हमारा मीलन होगा तब में तुजमे समा जाउगा

माया : उस दीनका मुजे इन्तजार रहेगा..इइ ओह..राज आप जोरसे करीयेना मुजे बहुत मजा आ रहा हें अ‍ेसा लग रहा हें में जनतमें पहोच गइ हुं कीतना हसीन पल हे ये आप मुजे अ‍ेसेही प्यार करते रहीये

फीर में माया को जोरोसे चोदने लगा तब माया सीसकारीया नीकालने लगी मे मायाको २५ मीनीट तक चोदता रहा तब तक माया तीन बार जड चुकी थी फीर आखीर मेने उसकी बच्चेदानी पर अपना लावा छोड दीया तब वो चरमसुखका अहेसास करते मुजे कसके बाहोमें भीचलीके मेरे साथ जड गइ फीर सांत होके अपनी सांस कंटड्ढोल करने लगी ओर दोनो पसीनेसे भीग चुके थे तब माया मुजसे नजरे नही मीला पा रही थी वो बहुत सरमा रही थी तब में उसके होठ चुमके उसको प्यार करने लगा ओर हम बाते करने लगे

में : सखी जी चाहताहें सारा दीन रात तुजपर अ‍ेसेही पडा रहुं ओर तुजे खुब प्यार करु

माया : हां मेरे सखा मेभीतो वही चाहती हुं मेरा सखा मुजे खुब प्यार करे अबतो अ‍ेक पलभी आपसे दुर नही रेह सकती आपही मेरी आत्मा हो कास हम दोनो पहेले मीले होते

में : नही हम सही समयपे मीले हें वरना हम दोनोके बीचका प्यार इतना गहेरा नही होता

माया : पता नही पर में आपको खुब प्यार करती, सखा सब सोगये हे मुजे दादीके बारेमे बताओनां

फीर मेने मायाको वोसब कुछ बता दीया जो मेरे ओर दादीके बीच हुआ ओर येभी बतायाकी ये बात सबसे छुपाके रखनी हें मुजेतो कोइ फर्क नही पडनेवाला था पर दादीको बहुत कुछ प्रभावीत करने वाला था इसीलीये सबसे छुपाना जरुरी था

माया : आप फीकर मत करो ये राज सीर्फ हम चारोके अलावा कीसीको मालुम नही पडेगा पर अ‍ेक दीन सबको बताना पडेगा क्युकी वो आपकी बीवी बनजायेगी तब क्या करेगे?

में : सखी क्या मेरी दादीसेभी सादी होगी? तु सब जानती हे?

माया : हां सखा बहुत कुछ होगा जो आप सायद नही जानते पर समयपे आपको ज्ञात हो जायेगा

फीर में मायाको वापस धीरे धीरे चोदने लगा तब मायाभी मेरा साथ देने लगी ओर अपनी कमर उछाल उछालकर मुजसे चुदवाने लगी इस पुरी रात में मायाको लगातार लंड बहार नीकाले बगैर चोदताही रहा ओर सुबह ६ बजे तक हम दोनो चुदाइ करते रहे में अबतक मायाके अंदर चार बार खलास हो चुका था

फीर मेने बाथरुम मेंभी खडे खडे मायाको चोद लीया तब माया थककर चकनाचुर होगइ थी फीर नहाके दोनो बहार आगये तब मीरा अंजु धारा सब उठ चुकी थी ओर हमे देखकर हसने लगी तब में ओर माया आपसमे चीपककर सो गये तब सब अ‍ेक के बाद अ‍ेक नहाने जाने लगी ओर हम दोनो नींदकी आगोसमें चले गये

सुबह जब रीटा ओर दिवु जागी तब दोनोने हमे अ‍ेसे सोते देखलीया तब रीटा बहुत खुस हुइ ओर दिवुसे लीपटकर हमारी ओर देखकर आंसु बहाने लगी तब दिवुने उसे सांत करके पुछा

दिव्या : बेबी क्यु रो रही हें कुछ हुआ क्या?

रीटा : नही दी में मम्मीको देख रही हुं दोनो कीतने खुसहे मेने पहेलीबार मम्मीको चेइनकी नींद सोते देखा जेसे वो स्वर्गमें आगइ हो में बहुत खुस हुं ओर ये आंसुभी खुसीके मारे नीकल गये थे

तब दिवुने हसकर उसे गले लगा लीया फीर दोनो साथमें नहाने चली गइ नेनु अबभी सो रहीथी वोभी मायाको हग करके सोइ हम तोनो साथमें चीपके थे सब नहाके तैयार होने लगी तब सोनुने हम तीनोको जगाया तब हम तीनो साथमें नहाने चले गये तब मेने नेनुको अ‍ेक बार खडे खडे ओर माया को घोडी बनाके पेल लीया

तो दोनो हसने लगी फीर हम नहाके बहार आगये ओर तैयार होने लगे फीर सब कंपलीट होगये तब सबको नेनुने बता दीयाकी में ओर राज होटेल जा रहेहे क्युकी राजन भाइ नही हेतो सब देखना पडेगा अ‍ेसा सबको समजा दीया फीर मेने सबकी मांग भरदी ओर सब मेरे पैर छुके हग करते कीस करने लगी ओर बहारकी ओर जाने लगी फीर हम सब दादीके रुम में गये तो दादी अभी भी सो रहीथी

इसकी वजाह सीर्फ हम तीनोही जानते थे तब नेनु दादीको जगाके उसे बाथरुम लेगइ ओर उसका हाल चाल पुछातो सब सहीथा फीर दोनो बहार आयेतो दादीकी चदर काफी खराब होचुकी थी तो नेनुने फटाफट चेन्ज करदी ओर दादीको तैयार करने लगी तब हम सब होलमें बेठ गये तब सुनील तारा ओर सारीकाभी आगये आज सब देरसे उठेथे

तारा : सोरी सबको हमारा वेइट करना पडा पता नही आज हम बहुत थकावट महेसुस कर रही थी तो देरसे जागी

दिव्या : (हसकर धीरेसे) मम्मी आप चीन्ता ना करो हम सबभी देरसेही जागे हे ओर सबकी हालत आप जेसीही हे समज गइ वेसे रातको कीतना मजा कीया दोनोने हें..हें..हें..

सारीका : दिवु तुभी सोनुके साथ रहेकर बीगड गइ हें कोइ सुन लेगीतो क्या कहेगी हें..हें..हें..

दिव्या : ओ कम ओन सारीका हब सबनेभी वो अनुभुती कीहे जो आप दोनोने कीहें समजी

सारीका : ओह माइ गोड दीदी येतो इनकोभी हुआ हें दिवु क्या आप सबकी चदरभी खराब हुइ हें?

दिव्या : जी हमतो इतनी सारी बीवीया हें तो हमारीतो पुरी चदर गीली होगइ थी हें..हें..हें..

तारा : हे भगवान क्या हो रहा हें सब, पहेलेतो अ‍ेसा नही होताथा अबतो तेरा पती खुद आके हम दोनोकी बेन्ड बजा जाता हें ओर पुरी रात हम दोनोको रगडता हें कीतना मजा आता हे

दिव्या : (हसके) हम सबके साथभी यही होता हें वेसे कीतने बजे दोनोको होस्पीटल जाना हें

सारीका : हम नही जाने वाले नेनुदीने माधवीको इधरही बुला लीया हें वो इधर आकेही सब कर देगी

दिव्या : चलो अच्छा हें, वेसे मम्मी आप मुजे भाइ दे रही हो की बहेन हें..हें..हें..

तारा : (सरमाके हसके) दिवु तु बहुत बीगड गइहें आनेदे तेरे पतीको तेरी सीकायत करती हुं

दिव्या : ना बाबा ना मम्मी आपको पता नही उसकी सजा देनेकी आदत हम सबकी हालत बीगाड देते हें हें..हें..हें..

सारीका : तो अच्छाहेना मजा का मजा ओर सजामेभी मजा, फीर तुभी हमारी तराह पेट फुलाके घुमती रहेना हें..हें..हें..

दिव्या : क्या सारीकामम्मी तुमभी, वेसे हम अभी अ‍ेसा कुछ नही करने वाले हमारी फेमीली प्लानींग चल रही हें वो सब मंदिरके बादही होगा, वेसे पापाने काम सुरु करवायाकी नही

तारा : होगया सुरु कल साम तक पुरा मेदान खाली होजायेगा फीर हम वहा भुमी पुजन रखेगे मेंतो चाहती हुं तु ओर माया रीटा ओर राज ही पुजामें बेठो

दिव्या : अ‍ेसा नही होता मम्मी पहेले देखना पडताहे कीसके हाथो मुहुर्त हें समजी

तब नेनु दादीके साथ बहार आगइ तो आज दादीका चहेरा नीखारकी वजहसे पुरा खीला हुआ था ओर वो आज बहुत सरमा भी रही थी ओर बार बार मुजे चोर नजरसे देखकर मुस्कराभी रही थी तब नेनुभी मेरी तरफ देखकर हसने लगी तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया तो सब चाइ नास्ता करने लगे फीर चाइ नास्ता खतम करके में दादीके पास जाके बेठ गया तो दादी थोडी वीचलीत होगइ तब मेने उसका हाथ पकडकर धीरेसे कहा

में : दादी अ‍ेसे गभराइअ‍े मत वरना सबको पता चल जायेगा, वेसे केसी रही हमारी फस्ट नाइट

दादी : बीटु पुछोही मत मेने जींदगीमें इतना मजा कभी नही कीया ओर अ‍ेक बात बताउ पुरी रात तु मेरे सपनेमे आया ओर हम दोनोने खुब प्यार कीया, इतना प्यार कीयाकी मेरी पुरी चदर गंदी होगइ, तुम ओर नेनु जा रहेहो तो सामको जल्दी आजाना अब तेरे बगेर इधर अच्छा नही लगेगा

तब वो थोडी अच्छे मीजाजमें आगइ फीर मेने उसका हाल चाल पुछातो उसने सब सही हे कहा फीर में उसकी इजाजत लेके में माया ओर जसुके पास चला गया फीर सबको गले मीलके में ओर नेनु होटेलकी ओर नीकल गये तब नेनु बहुत खुस होगइ ओर कहेने लगी

नेनु : जानु पता हें दादीकोभी वो अनुभुती पुरी रात हुइ हे मुजे कहेतीथी नेनुबेटी हमने सब कुछ कर लीयाहें ओर वो सपनोमेभी पुरी रात मुजे करता रहा देख अभीभी पानी नीकल रहा हें जीसे मुजे बहुत कमजोरी लग रही हें, जानु दादीकी चदरभी गंदी होगइ थी फीर मेने उसे नहेलाके पेलनकीलर देदी हें अब वो सही हें वोतो आपकी दीवानी होगइ हें हें..हें..हें..

में : नेनु पता नही जोभी अ‍ेकबार नीचे आती हें वो सीधी सादीकी बातही करती हें ओर फीर बच्चेकी बात करतीहें पता नही अ‍ेसा क्याहें मुजमें तुमनेतो कभी अ‍ेसी जीद नहीकी

नेनु : जानु हमनेतो सादी करली हें ओर जहा तक बच्चेकी बात हें तो हमभी यही चाहती थी की आपसे हमे बच्चा होजाये पर क्या करे हमने फेमीली प्लानींगजो की थी

में : नेनु वेसे आजभी हम वोही काम करने जा रहे हें इसलीये तुजे साथमें रखा हें

नेनु : जानती हुं मुजे कमलाभाभीका कलही फोन आगया था उसने सब रेडी रखा हें हें..हें..हें..

में : कमलाभाभी भी कमालकी हें उसने बतायाही नहीकी नेनुको लेकर आना हें तुजपे बहुत भरोसा करती हें

नेनु : (हसकर) जानु मेनेही उसे प्रोमीस कीया था की में उसका काम कर दुगी तो मुजेतो बतानाही पडेगाना, जानु कल सारीकाकोभी उल्टीया होरही थी आज साम माधवी क्लीनीक बंध करके घर जाते समय आयेगी, उन दोनोका टेस्ट करने वेसे में कराउकी नही?

में : नही नेनु अभी जरुरत नही हें अगर तुजे अ‍ेसा लगे तो दीखा देना वेसे तु पे्रगनेन्ट होगइ हे वो पका हें डार्लींग देखना हमारा बच्चाभी होनहार होगा मेरी ही तराह हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) पुरी रात हम करते रहे आपतो मेरे उपरसे उतरेही नही तो प्रेगनेन्टतो होइ जाउगीनां, वेसे हमने पुरी रात अनुभुती कीथी ओर आप जागते ही पहेले यही बोले की नेनु तु अब आइपील मत लेना, तबही में समज गइथी की आपने मुजे प्रेगनेन्ट करदीया हे तो तबसे मेने नहीली हें जानु में बहुत खुस हुकी में आपका यानी मेरे भाइका बच्चा पेदा करुगी, आइ लव यु सो मच जानु

में : लव यु टु बेबी बस अपना खयाल रखना मुजे तेरी बहुत चीन्ता हो रही हें

नेनु : जानु इसमे चीन्ता करनेकी कोइ जरुरत नही हें येतो हमारे परमात्माकी प्रसादी हें जो हमे अनुभुती करते दी हे ओर आपको पताहें बाबानेतो इसका नाम तक सोच लीया हें बाबा खुद इसका नाम रखेगे ओर जानु अ‍ेक बात ओर बताउ सायद ये हास्यास्पद हे पर अभीसे हमारे बेटेके लीये बहुभी मील गइ हे हें..हें..हें..

में : (हसकर) क्या...कोन हे जो हमारे बेटेको अपनी लडकी दे रही हें हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) ताराभाभी ओर सारीकाभाभी दोनोने कहा हेकी अगर हमे बेटी हुइतो आपके बेटेसे सादी करवा देगे

में : पागल तो नही हेना नेनु तुजे पता हेना वोभी मेरे ही बच्चे हे

नेनु : तो क्या हुआ हमारे खानदानमें पीछले तीन पीढीसे वहीतो होता आ रहा हें जीसे देखो अपनी बहेनसे सादी करते आ रहे हे ओर हमने भीतो वही कीया हें येतो ताराभाभी ओर सारीका हें अगर सोनुकी बेटी होतीतो भी में इनकार नही करती समजे

में : (हसकर) बात तो तेरी सही हें चल कोइ बात नही वोतो समय सब तैय करेगा जो हुआ नही उसके बारेके क्या सोचना

हम बाते करते होटेल पहोच गये तब कमलाके चहेरे पर खुसी आगइ ओर वो सरमाके हसने लगी आज वो सजधजके बहुतही कामुक दीख रही थी मानो उसकी सादी हो ओर हम हमारी ओफीसमें आगये तभी राकेश आगया ओर कहेने लगा

राकेश : भाइ मुजे भारतीने कुछ सामानका लीस्ट देदीया हें में होटेलकी खरीदारी करने सीमला जा रहा हुं आपको उधरसे कुछ चाहीये तो नही? में सामको वापस आजाउगा

में : नही कुछ नही चाहीये में इधर साम तक हुं तु आरामसे जा ओके

फीर वो चला गया ओर थोडी देरके बाद वो दो आदमीको लेके लोडींग गाडी लेके सीमला नीकल गया तब हमारे लीये आइसक्रिम लेके कमलाभाभी आगइ ओर हम तीनो बेठे खा रहे थे तब नेनुने कहा

नेनु : जानु आइसीक्रिम खाके आप दोनो चले जाओ अब टाइम वेस्ट मत करना में इधरही बेठी हुं फीर देखतीहुं आपकी होने वाली बीवी क्या कर रही हें

कमला : नेनुदी उसको क्या हुआ हें कलभी वो अकेली थी तब रो रहीथी आजभी आंसु बहा रही हे कुछ हुआ हे क्या?

नेनु : पता नही भाभी अभी मीलती हुं सायद कुछ बतादे, खेर आप दोनो जाओ भाभी आप अपनी कमरके नीचे तकीया रखना ताकी पुरी संभावना बढ जाये बाकी आपका हो जायेतो मुजे कोल कर देना में आजाउगी बादमें आप जाना ओके

तब मुजे कमलाने नंबर बताया था तब पीछली लीफ्टसे मुजे कमलाने उपर भेज दीया ओर कमला आगेकी लीफ्टसे उपर आगइ तब में बेड पर बेठा था कमलाने आतेही दरवाजा लोक कर दीया ओर दोडके आगइ ओर मुजसे खडा करके मेरी बाहोमें लीपट गइ ओर कहेने लगी

कन्टीन्यु........[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ९९[/color]
[color=rgb(0,]
तब मुजे कमलाने नंबर बताया था तब पीछली लीफ्टसे मुजे कमलाने उपर भेज दीया ओर कमला आगेकी लीफ्टसे उपर आगइ तब में बेड पर बेठा था कमलाने आतेही दरवाजा लोक कर दीया ओर दोडके आगइ ओर मुजसे खडा करके बाहोमें लीपट गइ ओर कहेने लगी..अब आगे

कमला : राज आपने बहुत देर करदी अब नही रहा जाता आज हमारे पास पुरा मोका हें में साम तक आपको छोडने वाली नही हुं में सुबहसे आपके लीये सजधजके रेडी हुं आज अपनी कमलाको अपना लीजीये

कहेके वो मेरे होठ चुमने लगी तब हम दोनो गरम होगये ओर दोनो पागलकी तराह अ‍ेक दुसरेके होठ चुसकर सरपान करने लगे तब कमलाने नीचे हाथ लेजाकर मेरा लंड पकडकर मसल दीया तब मे उसके बुब्स पकडकर जोरोसे मसलने लगा तो जो सीत्कार करने लगी ओर नसीली आंखसे मुजे देखते हुअ‍े मेरे सर्टके बटन खोलने लगी

तब मेनेभी उसके कपडे खीच लीये ओर उसके ब्लाउसके बटन खोलने लगा फीर उसकी ब्रा भी नीकालदी तब उनके दोनो बुब्स उछलके बहार आगये जो अ‍ेक संतरे जेसा गठीला लग रहा था जीसे देखतेही मेरे अंदरकी कामवासजा जागृत होगइ ओर मेरा हचीयार जटके मारने लगा थोडी ही देर में दोनो पुरे नंगे होगये

उसने चुतमेभी आज सफाइ करके रेडी रखा था तब मेने अ‍ेक हाथ उनकी कमरमे रखके अपने पास खीचलीया ओर दुसरे हाथसे उसकी चुतपे रखके सहेलाने लगा तब वो पागल होके मुजे चुमने लगी फीर उसे बेड पर लीटा दीया ओर खुदभी उसके उपर लेटकर उसके दुधको मसलता रहा ओर उसको कीस करता रहा तब कमलाने कहा

कमला : राज आज मुजे पहेले आपका पानी पीना हें देखुतो सही केसा स्वाद हें

कहेके मुजे पीठकेबल लीटा दीया ओर बेठ गइ ओर मेरे लंडके टोपेको चाटने लगी फीर चाटके गीला कर दीया ओर अपने मुहमें लेलीया फीर धीरे धीरे लंडको मुहमें लेके अंदर बहार करने लगी फीर उसने जोरसे मुहमें लेने लगी ओर पुरा लंड हलक तक लेजाने लगी वो अ‍ेसा १० मीनीट तक करती रही

तब मेने जोरोसे उसके बुब्स मसलने लगा ओर मेरे सरीरमें जुरजुरी होने लगी ओर अचानक लंडसे गरम पानीकी पीचकारीया नीकलने लगी तो कमलाके गलेमे उतर गइ तो कमला खासने लगी फीर धीरे धीरे करके पुरे मुहका पानी गलेमे उतारनें लगी फीर मेरी ओर देखकर हसती हुइ कहेने लगी

कमला : अरे बाह देवरजी आपका पानीतो बहुत मस्त हें अब आप रेडी रहीये में मुह साफ करके आती हुं

कहेके कमला अंदर चलीगइ ओर मुह साफ करके आगइ ओर अपना पैर फेलाके लेट गइ

कमला : आइअ‍े अब सुरु होजाइअ‍े बहुत तडपायाहे आपने, वेसे मेरी ननंदकी बारी कब हें?

में : भाभी जब वो सामनेसे कहेगी तब होजायेगा, वेसे आप मस्त चुसती हें अबतो आपसे हररोज चुसवाना पडेगा तैयार रहीयो

कमला : मेतो हर वक्त रेडी हुं आपके पासही टाइम नहीहें कीतनी मुस्कीलसे हाथमें आये हे

तब मे उसके बुब्स चुसने लगा तो वो मेरे सरको सहेलाने लगी ओर कामुक सीसकारीया नीकालने लगी ओर मेने उसके बुब्सको काट लीया तो वो चीला उठी

कमला : हाइइइइ देवरजी अ‍ेसे कोइ काटता हें देखो खुन उभर आया लगता हें आपको वाइल्ड सेक्स बहुत पसंद हें अभी मेरा काम कर दीजीये फीर दुसरी बार हम वाइल्ड सेक्स करेगे मुजेभी बहुत पसंद हें वेसे कोनसी बीवी आपके साथ वाइल्ड करती हें?

में : मेरी अंजु, उसे बहुत पसंद हें ओर हम दोनो अक्सर वही करते हें

कमला : लगतातो नही, वेसे दीखनेमें तो केसी भोली भाली हें चलो मेभी वो मजा आपको दुगी बापरे कीतना बडा हथीयार हे आपका

फीर में उसे चुमते चुमते नीचेकी ओर जाने लगा तो कमला सीसकारीया नीकालने लगी ओर जेसेही चुतमे मुह लगाया तो उसने अपनी कमर उछालदी ओर मेरा सर पकडकर चुतमें दबाव बढाने लगी तब मेने अपनी जीभ उसकी चुतमें घुसादी ओर उसके भगन्साको खुरेदने लगा तो कमला कमर उछालने लगी ओर छटपटाने लगी ओर सीसकारीया करने लगी

कमला : ओहहहइइइइ राजजज क्या कररर रहेअ‍ेअ‍ेअ होओओओ उइइइइ कुछछछछ हो रहाहेअ‍ेअ‍ेअ‍े आजाओओओ उपररररर नहीइइइइ रहाअआआ जाताआआअ राजजज मेंअंअ आरहीइइइइहुंउउउउ गइइइइइ ओहहहहहमांआअइइइइ सीसइइइइइइइइइ

कहेके कमलाकी चुतसे पानी नीकल गया तो मेरा मुह भर गया ओर कमलाकी ओर देखकर हसने लगातो वो ढेर होचुकी थी फीर मेें अंदर जाके साफ होके आगया तो कमलाके उपर लेट गया तो कमलाने दोनो हाथ मेरी गरदनमें डाल दीया ओर होठ चुमनें लगी फीर कहा

कमला : मेरे राज आपनेतो कमाल कर दीया राजननेभी अ‍ेसा कभी नही कीया में आपकी बीवीतो नही बन सकती आप मुजे अपनी रखैल बनालो में तैयार हुं, आपकी पर्सनल रंडी बननेकेलीये भी तैयार हुं हें..हें..हें..

में : भाभी क्या बोल रही हें वेसे मेने आपको अपनाया हेतो में कभी आपको छोडने वाला नही हुं अबतो जब मन करे आपकी बजाने आजाउगा ओर आपको रखेल या रंडी नही मेरी रानी बनाके रखुगा समजी

तब कमलाने मुजे जोरोसे बाहोमें भीच लीया ओर मुजे चुमने लगी फीर मेरी आंखोमें देखकर हसते हुअ‍े सोरी कहेने लगी तब मेने अपना लंड उसकी चुतमें सेट कीया ओर कहा

में : तो डार्लींग अब सोरीकी सजा भुगतने तैयार होजा मुजे पता हें तुम जानबुजके सोरी बोली हो ताकी तुजे हसीन सजा मीले बस थोडा दर्द होगा तो मुजे कीस करना आज आपका कल्याण करही देते हे

कमला : में रेडी हुं पता हें मुजे आपका मुसल लंड मेरी चुतकी धजीया उडायेगा कोइ बात नही में सेह लुगी पर आज मुजपे कोइ रहेम मत करना आजा मेरे राजा आपकी रानी रेडी हें आजतो मुजे प्रेगनेन्ट करही दो कीतने टाइमके बाद मोका मीला हे

तब मेने कमलाके दोनो हाथ पकडलीये ओर उसके लीपलोक करलीये तो वो नसीली आंखोसे मेरी आखोमें देखने लगी तब मेने अ‍ेक जोरका जटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चुतमें उतर गया तो उसकी चीख मेरे मुहमें दब गइ ओर वो अपने दोनो पेर बेडपे पटकाके छटपटाने लगी ओर मुजसे छुटनेकी कोसीस करने लगी

ओर उसकी आंखसे पानी बहेने लगा तब मेने अ‍ेक साथ सब खतम करना चाहा तो मेने अ‍ेक ओर जोरका जटका मारातो पुरा लंड चुत चीरके अंदर समा गया तो उसकी आंखे बडी होगइ ओर मेरे मुहमें मुंउउकरके बेहोस होगइ तो मेने अपना मुह हटा लीया ओर हाथके बल उचा होकर उसे बेहोसीमे जोरोसे चोदने लगा

तबभी उसकी आंखसे आसु नीकल रहे थे ओर में उसे धनाधन चोदने लगा तब उसके दोनो बुब्स उछल रहे थे ओर मुजे उतेजीत करके पागल कर रहेथे तब कमलाके चहेरेपे दर्दके भाव आने लगे तब में लंडको जड तक घुसाके रुक गया ओर उसे कीस करने लगा तब उसे होस आगया ओर वो रोने लगी ओर दर्दके मारे अपना मुह इधर उधर करने इगी ओर आंसु बहाये जा रही थी फीर मेरी ओर देखके कहा

कमला : प्लीज..नही चाहीये मुजे बच्चा कीतना मोटा लंड हे आपका मेरी चुतको फाडके रखदी आपने, छोडीये मुजे बहुत दर्द होरहा हें राज नीचे कीतनी जलन होरही हे नीकालीयेना..हम फीर कभी करलेगे

में : बस भाभी होगया अभी दर्द खतम होजायेगा आप मुजे कीस करते रहीये

तब कमला मेरे होठ चुमने लगी ओर में उसके बुब्स दबाके मसलने लगा तब जाके उसका ध्यान हटा ओर उसका दर्दभी कम होगया ओर वो लगातार मुजे चुमे जारही थी ओर आखीर दर्द खतम होगया तब मेने उसकी कमर उची करके नीचे तकीया सरका दीयातो वो धीरे धीरे कमर हीलाने लगी ओर मुजे धीरे धीरे सोट मारनेको कहेने लगी

तब में उसे धीरे धीरे चोदने लगा तो वोभी मेरा साथ देने लगी फीर मेने अपनी स्पीड थोडी बढादी तो कमलाभी कमर उछालने लगी ओर थोडीही देरमें हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ में कमलाको लगातार २५ मीनीट तब चोदता रहा इसी बीच वो तीन बार जड चुकी थी फीर मेने लंड टेडा हीलायातो वो चीलाने लगी

ओर मुजे मना करने लगी ओर में जब जडनेको आया तब उसकी बच्चेदानी तक लंड घुसादीया ओर पीचकारीया छोडने लगा तो कमलाको अपनी बच्चेदानीपे गरम महेसुस हुआ तब मुजे जोरोसे बाहोमे भीचलीया ओर वोभी उतेजनाकी वजहसे पानी छोडने लगी तब मेने उसके दोनो पाव अपने कंधे पर लेके उचा कर लीया ओर अपना पुरा माल अंदर उडेल दीया ओर हम सांत होगये

में : भाभी हमको थोडी देर अ‍ेसे रहेना हें फीर हम दुसरा राउन्ड सुरु करेगे तबतक में नीकालने वाला नही हुं आपकी चुत कीतनी मस्त हे बीलकुल अ‍ेक लडकी की तराह

कमला : (हसके) पताहे मुजे कीतना गध्धे जेसा लंड हें मेरी चुतकी धजीया उडादी आपने, पता नही मेरी ननंदकी क्या हालत हुइ होगी बेचारीकी चुततो कसी हुइ होगी

में : अरे भाभी जसु मस्त चुदवाती हें मुजसे, हम पुरी रात चुदाइ करते हें ओर मेरी नेनुकीतो बातही कुछ ओर हें ओर अब अ‍ेक ओर रानी आगइ हें जो वोभी पुरी रात मुजे जेलती हें ओर आपकीभी मस्त चुदवाती हो

कमला : अब नइ कोन आइ जो आप उसपे फीदा हें क्या में उसे जानती हुं?

में : हां भाभी आप उसे अच्छी तराह जानती हें मेरी माया रीटाकी मम्मी

कमला : क्या? मायाभाभी वो आपकी रानी कब होगइ ओर मा बेटी दोनोको पेलते हो?

में : हां भाभी करणभाइने उसे डीवोर्स देदीया तो मेने उसे सादी करली अब मेरी खास रानी हें मेरी नेनु ओर जसुकी तराह

कमला : क्या में डीवोर्स देदुतो मुजसेभी सादी कर लोगे? तो में तैयार हुं हें..हें..हें..,वेसे अब आपने कीसीको छोडा हें सबकी सब तो चुद गइ आपसे अब कोइ बाकी रेह गइ हे?

में : अभी हेना बाकी हमारी दो रानी मनीषा ओर माधवी उसको अभी देरी हें

कमला : अ‍ेक भुल गये आप उसेभी आपका बच्चा चाहीये हमारी भारती वोभी लाइनमें खडी हें बेचारी आपसे बडी उमीद लेके बेठी हे

में : में क्या बच्चा पेदा करनेका मशीन हुं जीसे देखो बच्चा चाहीये

कमला : बाबा.. कोइ गडबड मत करना बेचारी बडी आस लेके बेठी हें साला राकेश उसे ठीकसे चोदता ही नही हें मेरी तराह बहुत प्यासी हें अबतो मे आपकी दासी बन गइ हुं आते रहेना ओर मुजे ठोकते रहेना भुल मत जाना आप हमारे कोटेजमें, अब वही सब होगा समजे मेने तो आपको अपना असली पती मान लीया हे

में : अबतो मुजेभी आपकी चुत बहुत पसंद आ गइहें कीतनी कसी हुइ हें बीलकुल अ‍ेक कुआरी लडकी जेसी

कमला : सच तबतो मुजे जरुर चोदना पडेगा आपको, बस आप सीर्फ इसारा करदेना में हाजीर हो जाउगी भले राजन या राकेश इधरहो में आजाउगी हम दोनो खुब मजा करेगे

फीर हमने दुबारा चुदाइ सुरु करदी इस बार कमला पुरा साथ देके जोरोसे चुदवाने लगी ओर मुजे ओर चुदनेके लीये उकसाने लगी हम २० मीनीट तक चुदाइ करते रहे ओर अ‍ेक बार फीर कमलाकी चुत मेने अपने पानीसे भरदी फीरभी में नही उतरा तब कमला कहेने लगी

कमला : राज आपका दो बारतो होगया अबतो उतरो मुजे देखनेतो दो मेरी चुतकी क्या हालत करदी हें आपने आजतो मेरी सारी कशर पुरी करदी कीतना मस्त चोदते हो

में : नही रानी मुजे ओर दो बार तुजे चोदना हे, आज तुजपे बहुत प्यार आ रहा हे

कमला : बाबु मेरी चुत सही सलामत रखनी हें फीर आपही को काम आयेगी अब बादमें चोद लेना प्लीज..

में : नही में आजही करना चाहता हुं तु मस्त चुदती हें तो तुजपे प्यार आगया हें ओर अबतो आयेदीन तुजे चोदताही रहुगा इतनी मस्त चुत हे तेरी, ओर तुभी मुजे बहुत पसंद हे कीतनी होट दीखती हे

कमला : जाओ जाओ जुठी तारीफ मत करो, तबतो कबकी मेरी चुदाइ करली होती
आपने अ‍ेकबारभी नही कहाकी चलो मुजे तेरी चुदाइ करनी हे

में : नही कमला में जुठ नही बोलता कहोतो कसम खाता हुं तुम वाकइ मुजे बहुत पसंद हे तुम जसुकी भाभी हो इसलीये तुजे अपना नही सकता वरना तुमभी मेरी लीगली बीवी होती, कोइ बात नही तुजे में इलीगली बीवी बनाके रखुखा, मेरी बीवी बनेगीनां? में तुजे मेरी रानी बनाके रखुगा चाहे तु कहीभी रहे

कमला : (मुजे चुमते) राज इलीगलही सही मे अब आपकी बीवी ही हुं आप मानो या ना मानो मेने आपको पती मानलीया हे अब आपही मेरे पहेले पती हो बस मुजे भुल मत जाना अबतो ये मांगमे सीर्फ आपके नामका सींदुर ही लगेगा

फीर थोडा देर बाद मेने कमलाको फीरसे चोदना चालु कीया तो कमलाभी जोसमें आके मुजसे उछल उछलकर चुदवाने लगी ओर हम लगातार १ घंटे तक चुदाइ करते रहे इसी बीच में दोबार ओर उसकी चुतमें खाली होगया तब नेनुका फोन आयातो मेने नेनुको थोडी देरमें उपर आनेको कहा ओर में कमलाके उपरसे हट गया

तो उसकी चुतसे हमारे काम रसके साथ खुनभी बहेने लगा तो कमला देखती ही रहे गइ उसकी चुत सुजके लाल होगइ थी तब मेरी ओर देखकर मुजे हसते हुअ‍े मुका मार दीया ओर नीचे उतरनेकी कोसीस कीतो उसे चुतमें दर्द होने लगा तो वापस बेठ गइ तब मेने उसे गोदमें उठा लीया ओर बाथरुममें लेगया ओर दोनो नहाने लगे

तब कमला मेरा लंड पकडके सहेलाने लगी ओर अपना मुह लगाके कीस करने लगी फीर में उसको उठाके बहार लेआया तब दरवाजेपे नोक हुइ मेने दरवाजा खोला तो नेनु अंदर आगइ ओर उसने दरवाजा वापस बंध करलीया ओर कमलाके पास आके बेठ गइ ओर हसने लगी तो कमलाने भी हसके चुत दीखाइ ओर कहा

कमला : देखो दीदी आपके पतीने मेरी क्या हालत करदी हें मुजे छोडतेही नही थे

नेनु : क्यु जानु इतनी पसंद आगइ भाभीकी चुत, वेसे भाभी आपकी चुत मस्त हें कीतनी बार कीया दोनोने?

कमला : चार बार कीया हे ओर जनाबको ओरभी करना था धन्य हे आप सब जो इसे जेलती हें मेरी अ‍ेकही दीनमें हालत खराब करदी अबतो राजनका जायेगातो पताभी नही चलेगा ओखली करदी हे इसने हें..हें..हें..

तब हम तीनो हसने लगे फीर नेनु कमलाको बाथरुम में लेगइ ओर उसकी चुतकी सीकाइ करदी फीर उसे पेइनकीलर देदी तब जाके उसे राहत हुइ तब १२.३० बज गयेथे तब कमलाने ओर मेने कपडे पहेनलीये ओर तैयार होके बेठ गये तब कमलाने फोन करके तीनोका खाना उपरही मंगवा लीया तब भारती खुद लेके आगइ ओर कहा

भारती : कमलाभाभी दुसरेसे इधर मंगवाना ठीक नही लगा तो में लेके आगइ आप खाना खालो फीर मुजे फोन करदेना में सब लेजाउगी कहेके वो मेरी ओर देखके हसकर चली गइ फीर हम तीनोने खाना खाया ओर कमलाने सब साइडमें रखदीया अब वो चल सकती थी बस थोडा लंगडाती थी तो नेनु हसने लगी तब कमलाने कहा

कमला : हस लीजीये सब आके पतीकाही करतुत हें पता नही आप सब इसके गध्धेजेसे लंडको केसे अपनी चुतमें लेती होगी मेरीतो अ‍ेकही बारमे हालत खराब करदी

नेनु : (हसकर) भाभी अबतो हमे इसकी आदत पड गइहें जब तक हम सब अ‍ेक बार इसका लंड चुतमें नही लेती कीसीको चेइनही नही पडता पुछ लेना जसुको वोभी पुरी रात इसको जेल सकती हें

कमला : हां ये अभी केह रहे थे वेसे केसीहे मेरी ननंद अब मुजेभी अ‍ेक भांजा देदो

नेनु : हो जायेगा बस थोडा सबर करलो अब उसकी ही बारी हें फीर आपको लडकी हुइतो आपके भांजेके साथ उसकीभी सादी करवा दुगी हें..हें..हें..

में : ओ खयाली पुलाव बंध करो दोनो अपनी कहानी अभीतो बीज अंखरभी नही गया होगा ओर दोनो सादी करवाने नीकली हें

कमला : आप चुप रहीये हम ओरतोकी अ‍ेसीही बाते होती हें नेनुदी आप इनकी बात मत सुनीये में वादा करती हुं अगर मुजे लडकी हुइ तो पका मेरे भांजेको दे दुगी प्रोमीस बस मुजे कोइ अ‍ेतराज नही हे हमारा रीस्ता पक्का

नेनु : (हसकर) देखा जानु अ‍ेक ओर भाइ बहेनकी सादी पकी करली हें..हें..हें..

में : नेनु अब तुभी मार खायेगी केसी बाते करती हें

नेनु : (हसके) तो मारोना, इसलीयेतो इधर आइ हुं चलो आजाओ अब भाभीसे केसी सर्म

तब में नेनुको दिवालके सहारे दबोचके खडा कर दीया ओर हसने लगातो नेनु समज गइ ओर अपनी सारी उची करली ओर मेनेभी लंड नीकालके नेनुकी चुतमें खडे खडे ही उतार दीया ओर उसे जोरोसे स्पीडसे चोदने लगा तब नेनु मेरी गरदनमें दोनो हाथ डालके नसीली आंखोके साथ मेरी ओर अ‍ेक नजरसे देखते चुदवाने लगी

तब कमलाभाभी भी गरम होने लगी ओर बेडपे बेठके अपनी चुतपे हाथ रखकर सहेलाने लगी ओर इधर में नेनुको जोरोसे पेले जा रहाथा तब कमलाभाभी अपनी चुतमें उंगली डालके जोरोसे अंदर बहार करने लगी ओर कामुक होके सीसकारीया करने लगी

नेनु : जानु मुजे साम तक चोदते रहो मुजे बहुत अच्छा लगता हें जब आप चोदते हो

में : नेनु में तुजे हमेसा अ‍ेसेही चोदते रहेना चाहता हुं तुही मेरी रानी हें तुजसे कभी जी नही भरता अब अ‍ेसेही मजसे चुदवाती रहे

ओर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ फीर में ओर नेनु दोनो साथमें जड गये तब कमलाभाभी भी जडके सांत हो गइथी फीर में नेनुको लेकर बाथरुममें लेजाके साफ कर दीया ओर मेभी साफ होगया ओर में नेनुको गोदमें उठाके बेड पर लेआया ओर उसके उपर चड गया तो नेनुने लंड पकडकर अपनी चुतमें उतार दीया

ओर में नेनुको वापस चोदने लगा में नेनुको लगातार साम पांच बजे तक पेलता रहा ओर नेनुकी चुतको पाच बार भर दीया था तब कमलाभी दो बार चुतमें उंगली करके जड गइ थी फीर हम दोनो नहाने बाथरुममें चले गये फीर बहार आके तैयार होगये तब तक कमालाभाभी भी ठीक होगइ थी फीर हम तीनो पीछली लीफ्टसे नीचे उतरके सीधे कोटेजमें चले गये ओर कमलाने भारतीको फोन कर दीया था ओर हम कमलाके कोटेजमें आगये तब कमलाने मुजे कहा

कमला : राज आज कमला आपकी होगइ हें मेरा खयाल रखीयेगा अब आप कभीभी आके मुजे चोद सकते हो अभीभी बहुत मन होरहा हें पर क्या करु अभी चुत ठीक नही हुइ हे

नेनु : भाभी आप फीकर मत करो अबतो ये इधर आते जाते रहेगे आप इसे पकडलेना

कमला : दीदी आपके उपर तो ये तीन चार घंटे रहे आपको कुछ नही हुआ?

नेनु : भाभी बतायातो था की अब हमे इसकी आदत होगइ हे अबतो इसके बीना हम रहेभी नही सकती इइ, उउउ...ब.., उउउउ...बब..उउउउ.....

करते नेनु अपने मुहपे हाथ रखकर बाथरुममें भाग गइ तो में ओर कमला भी पीछे गये ओर नेनुकी पीठ सहेलाने लगे तब नेनुको उल्टी होने लगी ओर उसकी आंखसे पानी नीकल गया तब मेने नेनुको कसके पकडलीया तब नेनुने अ‍ेक बार ओर उलटी की तब कमला उसके लीये नमक ओर पानी लाइ फीर थोडी देर वो खडी रही तब मेरे आंसु नीकलने लगे तो नेनुने मुजे हग करलीया फीर अपना मुह साफ करके मुह धोलीया ओर में नेनुको लेकर सीधे नीकल गया तो रास्तेमे नेनु मेरी ओरही देख रहीथी

जो मेरे आंसु नीकल रहे थे ओर मेने माधवीको फोन करदीया तो माधवी क्लीनीक परही थीतो हम सीधा वही चले गये तब उसकी नर्स मुजे पहेचान गइ ओर मेरी ओर देखकर हसती हुइ अंदर चली गइ फीर बहार आके हमे अंदर भेज दीयातो में माधवीको कहेने लगा

में : माधवी जरा इसे देखतो नेनुकी तबीयत बीगड गइ हें अभी तो कुछ नही था बस बाते करते करते उल्टीया होने लगी देख जरा मेरी नेनुको कुछ हुआतो नही

माधवी : रीलेक्स जानु में अभी देखती हुं कुछ नही हुआ होगा में हुना आप बैठो

फीर वो नेनुको लेकर अंदर चली गइ ओर मेरे आंसु फीर बहेने लगे मेने आज तक नेनुको अ‍ेसी हालतमें नही देखाथा तो मुजे चेइन नही आताथा तब वो दोनो अंदर जातेही नेनुको चेक करने लगी ओर बाते करने लगी

नेनु : माधवी सायद में प्रेगनेन्ट हुं ओर मुजे पहीली बार उल्टी हुइ हेतो मेरी तकलीफ ये नही देख सकते इतना प्यार करते हे मुजसे कहेके नेनु आंसु बहाने लगी (तब माधवीने उसे हग कर लीया ओर कहा)

माधवी : हां दीदी मेने देखा हें वो बहुत सेन्सेटीव हे ओर आपको लेकरतो बहुत, सायद बहारभी वो आंसु बहा रहे हें अभी कुछ टेस्ट करलु फीर बहार जाके उसकोभी सम्हालना हें

नेनु : माधवी अगर तुमको अ‍ेतराज ना होतो उसे अंदर बुलालो प्लीज मेरे बगेर वो रोते ही रहेगे

माधवी : ठीक हे दीदी में अभी बुलाती हुं

कहेके वो बहार आइतो मेने अपने आंसु पोछ लीये तो माधवी मुजे हाथ पकडकर अंदर लेगइ ओर कहेने लगी

माधवी : देखो राज इसे कुछ नही हुआ हें अभी थोडा टेस्ट करलु फीर में दवाइ दुगी तो ओके होजायेगी आप इधरही रहो बस

तब मेने नेनुका हाथ पकड लीया तो फीरसे आंसु नीकलने लगे तब नेनु लेटी हुइथी तो खडी होगइ ओर मुजे जोरोसे हग कर लीया ओर मुजे रोते देखकर वोभी आंसु बहाने लगी तब माधवी हम दोनोका प्यार देखकर खुदकी आंखेभी नम करली फीर हम दोनको सांत कीया ओर दोनोको पानी पीलाया

तब जाके हम दोनो सांत हुअ‍े ओर दोनो अभीभी अ‍ेक दुसरेसे लीपटकर खडे थे फीर माधवीने नेनुको सुलाया तो मेने नेनुका हाथ पकडे रखा तब माधवी सब टेस्ट करने लगी फीर हम तीनो बहार आके बेठ गये तबभी मेने नेनुके हाथ पकडे रखा तब माधवीने सब टेस्ट लेबमें भेज दीया ओर हमरी ओर देखकर हसने लगी

माधवी : जानु आज पता चलाकी आप दोनोका प्यार कीतना गहेरा हें आपके आगे मेरे प्यारकी कोइ अ‍ेहमीयत नही हें

में : अ‍ेसा मत बोल माधवी में मेरी सब बीवीओको अ‍ेसाही प्यार करता हुं पुछ नेनुसे

नेनु : हां माधवी वो तुमसेभी इतनाही प्यार करता हें बस अ‍ेक बार आजा हमारे पास फीर देख केसे इनके पीछे पागल होती हें

माधवी : दी मेतो कबसे आनेको तैयार हुं पर ये जनाब अभी मना कर रहे हें मुजेभी इनका प्यार चाहीये बस अ‍ेसाही जेसा अभी अपको जता रहे थे

नेनु : आइ प्रोमीस तुजेभी अ‍ेसाही प्यार मीलेगा बस तु आजा

में : माधु में तुजे बहुतही जल्द आपनाउगा बस थोडा वेइट करले प्लीज मेरी खातीर क्युकी तुजे में अ‍ेक खास मोकेपे अपनाना चाहता हुं तुजे सरप्राइज जो देनी हें

माधवी : (खुस होकर) सरप्राइज? वाव कब दे रहे हो मुजे इन्तजार रहेगा

तभी माधवीके मोबाइलमें मेसेज टोन बजा तो माधवी देखने लगी तब में ओर नेनु उसके चहेरेपे नजर जमाये बेठ गये तब माधवीने कोइ रीअ‍ेक्सन नही दीया ओर कहा

माधवी : अब दोनोको जाना हेतो जाओ में रीपोर्ट सामको लेकर आउगी अभी देर लगेगी

में : माधु तु सच केह रही हेना कही मजाकतो नही करती कुछ सीरीयस बाततो नही हेनां प्लीज तो बतादो में सहेन कर लुगा

माधवी : कोइ सीरीयस बात नही हें ओर में सामको आरही हुनां ओर सहेन करेनेकी तो बातही मत करना अभी देखा मेने केसे सहन कर रहेथे रोतल कहीका हें..हें..हें..

में : अ‍ेय बंदरीया में रोतल नही हुं समजी मे मेरी नेनुको प्यार करता हुं इसलीये आंसु आगये थे समजी

माधवी : देखो दीदी मुजे बंदरीया कहेते हें खुदकी सकल देखीहे आयने में अब जाओभी में अभी रीपोर्ट आयेगीतो लेकर आती हुं बंदर कहीका

नेनु : (हसके) अरे जगडो मत हम जा रहे हे बस, माधु प्लीज जल्दी आजा हमारे पास

कहातो माधवी हसकर नेनुके गले लग गइ ओर उसके गालपे कीस करदी ओर उसकी आंखोमे देखकर कहा

माधवी : दी मुजे जल्दी बुलालो उधर, में जल्द आना चाहती हुं, लव यु दीदी

नेनु : (उसका सर चुमके) लवयु टु बेबी बस आजा जल्दी..

कहेके दोनो हसने लगी फीर माधवीने कुछ दवाइभी दी जीसे उलटीया ना हो फीर हम दोनो महेलमें आगये तब जसु दोडके आगइ ओर उसके पीछे मेरी सब बीवीया आगइ ओर नेनुका हाल चाल पुछने लगीकी कया हुआ? क्या हुआ?

में : अबे तुम सबको बताया कीसनेकी नेनुकी तबीयत खराब हुइ हे

जसु : जानु भाभीका फोन आया था वो बता रही थी इसलीये पुछ रहे हे

में : ओह.. कमलाभाभी मीलनेदो मुजे मेरी सब बीवीओको टेन्सनमें डालती हें

तब दादीभी बहार आगइ तो मेने उसे हग करलीया तो उसने मुजे जोरोसे भीच लीया तो में हसने लगा फीर हम सब बेठ गये ओर सब नेनुको पुछने लगे तब में फ्रेस होने चला गया तब पीछे अंजु आगइ ओर मेरी ओर देखकर कहेने लगी

अंजु : जानु कुछ हुआतो नही हेना नेनुको?

तब मेने अंजुको अपनी बाहोमें भरलीया ओर उसके होंठ चुमने लगा तब वोभी मेरा साथ देने लगी ओर हम दोनो गरम होगये तो में दरवाजा बंध करके उसे बेड पर लीटा दीया तो उसनेभी अपनी सारी कमर तर उची करदी ओर मुजे जोरोसे चुमने लगी ओर मेने लंड नीकालकर अ‍ेकही जटकेमे उसकी चुतमें उतार दीया ओर अंजुको धना धन चोदने लगा तब अंजुभी उछलकर चुदवाने लगी फीर थोकी हे देरमें दोनो खलास होगये तब मेने कहा

में : डार्लींग सारा दीन कहा रहेती हें दीखती ही नही

अंजु : आपको अपनी दुसरी बीवीहोसे फुरसत मीलेतो मुजे देखोगेना मेतो इधरही हुं

में : अलेलेले मेरी बेबीतो नाराजहें चल तुजे लेके पुरा दीन दुर चला जाउगा बस फीर सारी दीन प्यार करेगे

अंजु : जाओ जाओ जुठी तसली मतदो आप कही बार केह चुके हें जानु अ‍ेक बात कहेनी थी पर केसे कहु आप मानेगे क्या?

में : बोल बेबी तेरे लीये तो जान हाजीर हें बोल क्या चाहीये

अंजु : बच्चा.., जानु मुजेभी बच्चा चाहीये प्लीज मुजे प्रेगनेन्ट होना हें कर दोना मुजे पेटसे में अब हमारा बच्चा पेदा करना चाहती हुं

में : अंजु आरयु सीरीयस क्या सचमें तु चाहती हें

अंजु : हां बाबु में सीरीयस हुं करदो मुजे प्रेगनेन्ट में तैयार हुं

में : ठीक हें मुजे थोडा टाइमदे में तुजे लेके कही चला जाउगा हम वही सब करेगे बस खुस

अंजु : यस बेबी अब खुस कब जायेगे हम

में : बेबी हम सब राजकोट जाके करेगे सीर्फ में ओर तुम ओके

अंजु (खुस होकर) जी वेसेभी मम्मी पापाको मीलना हें

में : बेबी वेसे महेशको पैसे भेजेकी नही उसका बंगला बनाना हें समजी

अंजु : पेसेतो भेजे लेकीन उसके लीये नही हमारी फेक्टरीके लीये भेजे हे क्या उसकोभी भेजना था?

में : अरे हा अंजु तु कलही भेजदे ओर उसे कहे अपने बंगलेका काम सुरु करवादे तब तक सब हमारे फार्म में रहे

फीर मेने अंजुको दुबारा पेलना चालु कीया ओर इस बार घमासान चुदाइ के बाद उसकी चुत भरदी फीर दोनो साफ होने चले गयेतो वहाभी अंजुको घीडी बनाके चोद लीया फीर नहाके बहार आगये ओर तैयार होके होलमें सबके साथ बेठ गये तब सोनु जसु मीरा धारा दिवु ओर रीटा हम दोनोको घुरने लगी तो अंजु ओर मेरी हसी छुट गइ तभी चाइ नास्ता आगया तो हम सब खाने लगे तब सुनीलने कहा

सुनील : भाइ चाइ नास्ता करके हमे काम देखने जाना हें हम दोनो काम देखकर आजायेगे

में : चलो अभी चले जाते हे उसमे क्या, पहेले कीधर जाना हें वहा चले जाते हे

सुनील : पहेले मंदिर देखना हें फीर हवेली चले जायेगे

नेनु : जानु प्लीज कल देख लेना आज मत जाओ आप दोनो इधर रुक जाओ आपको पता हेना अभी कोन आने वाला हें प्लीज

तब मुजे याद आयाकी ताराभाभी ओर सारीकाको देखने आज माधवी आरही हें तब सुनीलका रुकना बहुत जरुरी था तो हम दोनो रुक गये तभी दिवानजीके फोनमें सीअ‍ेम ओफीससे फोन आया ओर हमसे यानी मेरी ओर दादीकी अ‍ेपोइटमेन्ट मांगी तो मेने दादीसे पुछकर कल सुबह १० बजेका टाइम देदीया फीर उसने बात करके फोन काट दीया तब मेने दिवुसे कहा

में : दिवु अब तुजे आठ बील्डींगकी डीजाइन बनानी हें अब सब तैयार होजाओ

दिव्या : इतना सारा प्लान कीस चीजका बनाना हें कही आपने बील्डींग कोन्टड्ढाक्टका काम तो नही सुरु कीया? हें..हें..हें..

तब वहा सभी हसने लगे तो मेने उसके सरमें चपत लगादी फीर उसे हमारे प्रोजेक्ट के बारे में बता दीया तो वो बहुत खुस होगइ ओर कलसेही काम सुरु कर देगे कहेने लगी तभी अ‍ेक कार आगइ ओर उसमेसे माधवी उतरके अंदर आगइ ओर आके दादीके पैर छुअ‍े तो दादीने उसे अपने पास बीठा लीया तब में ओर नेनु उसकी ओर सवालीया नजरसे देखने लगे तो उसने कहा

माधवी : नेनुदी आपकी रीपोट अभी आजायेगी तब तक हम जीसे देखने आयेहे उसे देखले चलो अंदर

कहेके वो अंदर जाने लगी तब में ओर नेनु उसे देखतेही रेह गये तब माधवीके पीछे दिवु तारा ओर सारीकाके साथ माया ओर रीटा मीराभी जाने लगी तब में नीरास होगया तो नेनु मेरे पास आके बेठ गइ ओर कहेने लगी

नेनु : जानु आप बीलकुल चीन्ता मत करना मुजे कुछ नही हुआ हें

दादी : बेटी क्या हुआ तुजे माधवी कीस रीपोटकी बात कर रही थी मुजेतो बताओ

फीर मेने दादीको सबकुछ बतायाकी नेनुको क्या हुआ तब दादीके चहेरेपे चमक आगइ ओर वो मंद मंद मुस्कराने लगी तबतक नेनु मेरा हाथ अपने हाथमें लेके बेठी रही

तब दादी उसके पास बेठके उसके सर पर हाथ रखकर सहेलाने लगी ओर कहा

दादी : नेनु कुछ नही हें तु चीन्ता मत कर अगर अ‍ेसी बात होती तो माधवी मुजे फोनपे ही बता देती तुमने होटेलमें खाया हेतो खानेमें कुछ आगया होगा

तब में सोचमें पड गयाकी नेनुकी प्रेगनन्सी माधवीने चेक कीहें तो वो हमे कुछ बताती क्यु नही कुछ गडबडतो नही होगी तभी माधवी दिवु सब बहार आके बेठ गये तब माधवी हमारे सामने नही देख रहीथी तो मे ओर नेनु अ‍ेक दुसरेके सामने देखने लगे तभी माधवीको मेसेज आगया तो उसकी आंख खुसीसे बडी होगइ ओर कहेने लगी

माधवी : अरे सुनीलभाइ क्या बात हें व्होटअ‍े सरप्राइज वोभी इस उमरमें, कोन्ग्रेच्युसेशन हमारी दोनो भाभीया प्रेगनेन्ट हें वाव..

तब सारीका ओर ताराभाभी खुब सरमाइ तब दिवु माया ओर रीटा मीरा धारा सब खुसीसे तारा ओर सारीकासे हसते हुअ‍े हाथ मीलाने लगी ओर सब दोनोको हग करके अभीनंदन देने लगी तब दोनो सरमाके हसती हुइ बार बार मेरी ओर देखने लगी तब मेने सुनीलभाइको गले लगाकर अभीनंदन दीया तो सुनीलभाइ कहेने लगे

सुनील : (हसके) भाइ बस ये देखना बाकी रेह गया था हें..हें..हें.., चलो ठीक हें दोनोकी तमना पुरी होगइ अब कमसे कम कमीनीओ मुजेतो आराम करने देगी हें..हें..हें..

में : (हसकर) क्या आपभी, चलो ठीक हें वेसे अब आप जल्द बंगलेका काम पुरा करदे ओर दोनोकी डीलीवरी इधरही करेगे तो सब दोनोका खयाल रख सके

सुनील : थेन्कस भाइ आप सब हमारा कीतना खयाल रखते हो

में : भाइ अपनोको थेन्कस नही कहेते समजे हें..हें..हें..

कहेकर में बेठ गया तब मे ओर नेनु वापस माधवीकी ओर देखने लगे तब माधवी हम दोनोके सामने देखकर सीरीयस होगइ फीर उठके दादीका हाथ पकडकर उसे दादीके रुममें लेगइ ओर उसने दरवाजा बंध करलीया तब में ओर नेनु अ‍ेक दुसरेको देखने लगे ओर मेरी सब बीवीया भी थोडी चींतीत होने लगी फीर थोडी देर बाद दादी ओर माधवी बहार आके बेठ गइ तब दादीने नेनुको हग करलीया ओर उसका सर चुमलीया तब में अकडने लगा ओर कहा

में : दादी कुछ तो बताइअ‍े क्या हुआ नेनुकी रीपोर्टका? हमे कुछ तो बताइअ‍े नेनुको कुछ हुआ तो नही?

दादी : बीटु तुम थोडी हीमत रखना माधवी जो रीपोट लाइ हे वो..थोडी..

में : (चीलाके) दादी क्या जल्दी बताओनां क्या हुआ हें मेरी नेनुको?

कन्टीन्यु.......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १००[/color]
[color=rgb(0,]
कहेकर में बेठ गया तब मे ओर नेनु वापस माधवीकी ओर देखने लगे तब माधवी हम दोनोके सामने देखकर सीरीयस होगइ फीर उठके दादीका हाथ पकडकर उसे दादीके रुम में ले गइ ओर उसने दरवाजा बंध करलीया तब में ओर नेनु अ‍ेक दुसरेको देखने लगे ओर मेरी सब बीवीया भी थोडी चींतीत होने लगी फीर थोडी देर बाद दादी ओर माधवी बहार आके बेठ गइ तब दादीने नेनुको हग कर लीया ओर उसका सर चुमलीया तब में अकडने लगा ओर कहा..अब आगे

में : दादी कुछ तो बताइअ‍े क्या हुआ नेनुकी रीपोर्टका? हमे कुछ तो बताइअ‍े नेनुको कुछ हुआ तो नही?

दादी : बीटु तुम थोडी हीमत रखना माधवी जो रीपोट लाइ हे वो ..थोडी..

में : (चीलाके) दादी क्या जल्दी बताओनां क्या हुआ हें मेरी नेनुको?

दादी : बेटा तेरी नेनुकी रीपीट पोजीटीव हें ओर वो..वो..(खुी होके हसते) मां बनने वाली हें...नेनु प्रेगनेन्ट हें तु पापा बनने वाला हें हें..हें..हें..

में : (खुसीसे चीलाके) क्या..सच दादी..दादी..में पापा बनुगा मेरी नेनु मां.....

कहेके में नेनुको उठालीया ओर मेरे कंधेपर रखकर पुरे होलमें नेनुको लेकर दोटने लगा तब नेनु हसती हुइ सरमाती मुजे कसके पकडे रखा था तब मेरी सब बीवीयाभी हसती हुइ चीलाके कुदने लगी तब सोनुभी हमारे पीछे दोडने लगी फीर मेरी सब बीवीओने हमे घेर लीया ओर मेने नेनुको नीचे उतारातो नेनु मुजसे गले लग गइ

ओर हम दोनो अ‍ेक दुसरेकी बाहोमें समा गये तब मेरे आंसु नीकलने लगे तब मेरी सब बीवीयाभी नेनुको गले लगने लगी तब सोनुने नेनुको कसके गले लगा लीया ओर खुसीके मारे रोने लगी तब मेंभी दोनोसे लीपट गया ओर हम तीनोने खुसीके मारे खुब आंसु बहाये फीर में दादीके पास बेठ गया

ओर दादीके कंधे पर सर रखकर खुसीसे रोने लगा तब दादी मेरा सर सहेलाने लगी तब नेनुने मुजे रोते देख लीयातो वो दोडके आइ ओर मुजे हग करके मेरे आंसु पोछने लगी तब मेरी सब बीवीयाभी आके बेठ गइ तब माधवी हसतीही जारही थी तब मुजे उसका खयाल आया ओर में खडा होकर उसके पास चला गया

ओर उसकी ओर देखकर थेन्कयु कहा तब मुजे याद आयाकी दादी ओर माधवीने हम दोनोके साथ बहुत बडा नाटक कीया तब मेने उसकी गरदन दबोचली तब सब देखती रहे गइ ओर हमारे दीवानजीभी सोक्ट होगये तब में दिवानजीके पास लेजाकर उसे छोड दीया ओर उसे सरपे चपत लगाइ ओर दादाको कहा

में : दादा ये आपकी लडकीने हमे जानबुजके बहुत परेसानीमें रखा हें आप इसे सजा देदो

दिवानजी : (हसके) बेटा वो तुम दोनो समजलो मुजे क्यु बीचमें डाल रहे हो हें..हें..हें..

दादी : बीटु मेरी माधवीको कुछ मत कहेना आजा बेटी इधर

माधवी : (दादीके पास आते) दादी समजादो अपने पोतेको मुजे मारने चला हें समजालो वरना मेरे हाथो पीटेगा अ‍ेक दीन

में : जा जा बंदरीया तु क्या पीटेगी तेरे लीयेतो मेरी सोनुही काफी हें

माधवी : अरे जाओ जाओ बहुत देखे आपके जेसे सोनुदी क्या करलेगी?

में : अच्छा तो देख तमासा..सोनु..जरा समजातो माधवीको जरा तेरी स्टाइलमें अंजु धारा जसु गो बेबी..

तब सोनुने दोडके माधवीको पकड लीया तब साथमें अंजुभी अपनी सारी कमरपे घोसते हुअ‍े सोनुकी मदद करने लगी तब धारा जसु ओर मीरा सब हसती हुइ माधवीको पुरी उठा लीया ओर हमारे रुममें ले जाने लगी तब माधवी जोरोसे हसती हुइ छुटनेकी कोसीस करने लगी ओर सब उसको रुममें लेगइ ओर अंदर जातेही दरवाजा बंध कर दीया तब दादी दिवानजी सुनील सब हसते रहे तब दादीने नेनुके सरको चुम लीया तब नेनुने कहा

नेनु : दादी अबतो आप खुस हेना अब तो हमे छोडके नही जायेगी ना?

दादी : (आंसु बहाते) अरे मेरी बच्ची मुजे पागल कुतेने काटाहे क्या जो तुजे छोडके जाउगी तुने आज तेरी दादीको इतनी खुसी दी हेकी में बयाही नही कर सकती ओर तुम्हीतो हे मेरी वारीस हे ओर तुम्ही हमारे राजकुवरको जन्म देगी

उधर सोनु ओर मेरी सब बीवीया माधवीके सब कपडे नीकालने लगी तब माधवी जोरोसे हसती हुइ अपना बचाव करती रही तब तक मेरी सब बीवीओने माधवीको पुरी नंगी करदी तो माधवी सरमाके हसते हुअ‍े अपनी चुतपे दोनो हाथ रखके छुपाने लगी ओर सब उसे बेड पर लीटाके उस पर टुट पडी तब धारा उसके होंठ चुसने लगी

तो मीरा ओर अंजु उसके बुब्स पर टुट पडी जसुने माधवीके दोनो हाथ पकडलीये तब सोनुने अपना मुह सीधा माधवीकी चुतपे लगादीया ओर उसे जोरोसे चुसने लगी तो माधवी उतेजीत होने लगी ओर जोरोसे अपनी कमर उछालने लगी ओर उसके मुहसे कामुक सीसकारीया नीकलने लगी

आज उसके जीवनमे पहेली बार अ‍ेसा अनुभव कर रही थी जीसकी वजहसे उसके सरीरने जवाब देदीया ओर वो अकडने लगी तब अ‍ेक हल्की चीखके साथ जडने लगी ओर उसने फवारा छोडदीया जो सीधे सोनुके मुहमें चला गया ओर वो सांत हो गइ तब मेरी सब बीवीया हट गइ ओर थोटी देर सब अ‍ेसेही माधवीको हसते देखने लगी तब माधवी सोनुके सामने देखकर जोरोसे हसने लगी क्युकी सोनुका मुह उसके पानीसे भरा हुआ था तब सोनु बाथरुम में भाग गइ ओर जसुभी माधवीको लेकर अंदर चली गइ अंदर जातेही

सोनु : हां तो हमारी होने वाली सौतनजी केसे लगी हमारे पती की सजा

माधवी : (हसते) सोनुदी अ‍ेसाभी कोइ करता हें क्या? मुजेतो कीतनी सरम आरही थी

जसु : तु नसीब वाली हें जो हमने सजा दी अगर वो खुद तुजे सजा देते तो सोच तेरा क्या हाल होता, वेसे सच बताना केसा लगा? हें..हें..हें..

माधवी : (सरमाके) सच कहु दीदी तो..बहुत मजा आया क्या हसीन पल था मेने अ‍ेसा फील पहेली बारही कीया हें आप सब कीतनी अच्छी मस्तीया करती हे हें..हें..हें..

सोनु : (हसकर) माधु अब दुसरी बार हम नही होगे सीधे हमारा पतीही होगे समजी

माधवी : क्या दी मुजेतो उसकी कल्पनासे ही कुछ होने लगा हें, दीदी मेने उन दोनोको बहुत परेसान कीया था उसकी रीपोटतो वो दोनो मेरे पास थे तबही आगइ थी पर मेने थोडी दोनोकी मस्ती करनी चाही क्यु पता हें वो नेनुदीको उल्टी हुइतो रो रहेथे ओर मुजे दोनोका प्यार देखकर बहुत ज्वेलसी फील हुइ इतना प्यार करतेहे दोनो पुछोही मत मेने अ‍ेसा प्यार कभी नही देखा ओर मुजे उसकी सजाभी मील गइ हें..हें..हें..

सोनु : माधु अ‍ेक बात कहु में इनकी पहेली पत्नी हुं में उसे बचपनसेही प्यार करती थी, पर नेनुदीके प्यारके आगे हमारे प्यारकी कोइ अहेमीयतही नही हें दोनोका प्यार इतना गहेरा हें हम सब नेनुकी बहुत रीस्पेक्ट करती हें ओर नेनुदीभी हम सबका बहुत खयाल रखती हें वो सबको बराबर का न्याय दीलाती हें तो कभी उसके प्यारको कम मत समजना जीतना हम सब हमारे पतीको चाहती हें उतनाही हम सब नेनुको चहती हें

माधवी : सोरी सोनुदी मुजे नही पता था ये सब, पर अब जान गइ हुं राज क्यु नेनुके पीछे पागल हें क्या कोइ इतना प्यार कर सकता हें मेने आज देखभी लीया ओर महेसुस भी करलीया, प्लीज आप सब नेनुदीको कहो में जल्द आप सबके साथ आना चाहती हुं

जसु : माधु हमभी सब चाहती हेंकी तु ओर मनीषा जल्द यहा आजाओ

फीर सब बहार आके तैयार होगइ ओर सब माधवीके साथ हसी मजाक करती होलमें आके बेठ गइ तब माधवी तीरछी नजरसे सरमाते मेरी ओर देखकर हसने लगी तब नेनुने मुजे कहा

नेनु : जानु लगताहें सबने माधुको अच्छी तराह समजा दीया हें हें..हें..हें..

में : नेनु दरसल जब हम दोनो वहीथे तबही हमारी रीपोट आगइ थी पर उसने थोडी हम दोनोकी टांग खीचनेकी सोची इसलीये सब नाटक कीया, बेबी अब तुजे बहुत ध्यान रखना पडेगा नेनु तु अब कोइ वजन मत उठाना तु कोइ काम मत करना तुजे कही जाना हो या कुछ चाहीयेतो मुजे बता देना

नेनु : (हसकर) हां बाबा हां आप खामखा चीन्ता करते हो मेरा खयाल रखनेवाली इतनी सारी बहेने हें ओर ये आपकी माधवी भीतो हें तो आप चीन्ता मत करो

माधवी : (हमारे पास आके बेठते) सोरी दीदी थोडा दोनो को परेसानीमें रखा मुजे आप दोनोका प्यार देखकर थोडी ज्वेलसी फील हुइ थी सो सोरी दोनो मुजे माफ करदो

नेनु : (हसकर) बस अब ज्यादा माफी मत माग वरना इस बार में इनको सजा देने भेज दुगी हें..हें..हें..

माधवी : (सरमाके हसते) जीनही दी कोइ जरुरत नही हें वेसे अब आपको क्लीनीक पर आनेकी जरुरत नही हें अब आप मेरी जीम्वेवारी हो में खुद आपका खयाल रखुगी में सब दवाइआ लेकर आइ हुं मेने सब वो अंजुदीको देदी हें ओर सब समजा दीया हें

नेनु : (माधवीका सर चुमके) बहुत अच्छा बीटु बस अब जल्दी आजा में आज दादासे बात करुगी ओर दादीसे भी बात करनी हें

में : तुजे अब बडी जल्दी हे आनेकी पहेलेतो बहुत नखरे कर रही थी

माधवी : आपतो चुपही रहीये में मेरी दीदीसे बात कर रही हुं तब में आपको पुरी जानती नहीथी समजे अब जान गइ हुं तो कोइ मनीषाकी तराह मुर्खही होगी जो नखरे कर रही हें

में : माधु वो मुर्ख नहीहें वो सहीहें वो सादी करनेकोतो राजी हें बस मुजसे अपना प्यारही नही जता पारही इसलीये उलजन में हें वो पहेले मुजसे प्यार करना चाहती हें फीर सादी

माधवी : अरे आपतो छुपे रुस्तम नीकले आपको केसे पता की वो यही चाहती हें

नेनु : माधु तु इनको जानती नही ये कीतनी पहोची हुइ चीज हें हम सबकी दीलकी बात ये जानते हें तुभी सब अनुभव करेगी

उधर दिवानजी सब देख रहे थे ओर सब जानतेभी थे तो आज मोका देखकर दादीके पास चले गये ओर नीचे घुटने बल बेठके दादीसे बात करने लगे

दिवानजी : माता देखा मेरी बेटी केसे सबसे घुलमील गइ हें अब मोका हें आप महाराज से बात करीये अब मेरी बेटीको बना लीजीये इस घरकी बहु तो मेरी जींदगीकी सबसे बडी चीन्तासे मुक्त हो जाउगा

दादी : दिवानजी अब आप माधवीकी चीन्ता मत करीये में आजही बीटुसे बात करुगी मेभी उसे जल्द इधर लाना चाहती हुं कीतनी प्यारी बच्ची हें में अभी नेनुसे बात करती हुं

दिवानजी : जी सुक्रिया बडी महेरबानी आपकी

कहेकर वो जुकके उठ गये ओर अंदर चले गये ओर थोडी देरमें वो मीठाइकी थाली लेकर आये तब माधवीने उनसे थाली लेली फीर अपने हाथोसे सबका मुह मीठा कराने लगी

दादी : बेटी क्या बात हें आज तु सबका मुह मीठा करवाती हें?

माधवी : (सबको खीलाते) हां दादी आज इस घरमें इतनी बडी खुसी हेतो मे खुद लेकर आगइ सबको मुजे मुह मीठा करवानाथा इसलीयेतो इनको उधर रीपोट नही दीयाथा

में : ओहफ.. अच्छा इसलीये सब नाटक कीया, थेन्कस माधु

माधवी : (हसकर) नेनुदी मुजे थेन्कस कहेते हे अब मेरी ओरसे आपही उनको सजा देना हें..हें..हें..

तब हम सब हसने लगे सबने माधवीको भी मीठाइआ खीलाइ तब मेने दिवानजी ओर दादीको अपने हाथोसे मठाइ खीलाइ तब दादा ओर दादीनेभी मुजे मुह मीठा करवाया फीर मेने सुनील तारा ओर सारीकाको मुह मीठा करवाया ओर उसनेभी मुजे मुह मीठा करवाया सब हसी खुसीसे बाते करते रहे तब रात डीनरका वक्तभी होगया

तो सबने साथ बेठकर हसी मजाक करते डीनरभी कीया फीर माधवी मुजे अकेलेमे मीलकर फोन पर बात करनेको कहेकर अपने पीताको लेकर घर चली गइ फीर हम सब होलमें बेठके बाते करते रहे फीर सब सोने जाने लगे तब सारीका ओर तारा मुजसे दुर लेजाकर बात करने लगी

सारीका : राज थेन्कयु वेरी मच आपने अपना वादा नीभाया हम दोनो बहुत खुस हें

तारा : हां राज अब जल्द हम दोनोकी मांगे भरदो तो हमभी आपकी होजाये फीर कुछ नही चाहीये

में : थोडा सबर करलो इतना हुआहे तो वोभी हो जायेगा ओर कुछ ओर क्यु नही चाहीये मेतो तुमको अ‍ेक बच्चा ओर, ओर सारीकाको ढेर सारा बच्चा देना चाहता हुं

तारा : (हसकर) बस बाबा मेरा तो अ‍ेकही सहीअ‍ें आप सारीकाको देदो हें..हें..हें..

सारीका : राज अब ये सब आपके पर डीपेन्ड हें में आपको कभी मना नही करुगी में आपको पुरी समर्पीत होचुकी हुं अब आपहीको मेने पती मान लीया हें अबतो आप हम दोनोको सपनोमेभी आके प्यार करते हें ओर हमारी हालत खराब कर देते हें तो ओर क्या चाहीये हमे

में : सारीका, तारा लव यु बस अ‍ेसेही खुस रहो अब में तुम दोनोको छोडने वाला नही हुं

दिव्या : (हमारे पास आके) सास जमाइमें क्या बात होरही हें हमेभी बताइअ‍े

में : दिवु तु जल्द सब खतम करदे कल सायद हमे सब जमीन मील जाये कल सीअ‍ेम सायद इसीलीये आरहा हें ओर कल मंदिरभी देखना हें में जल्द वो पुरा करना चाहता हुं

दिव्या : जानु आप मंदिरतो भुलही जाओ उसका काम बहुत फास्ट चल रहा हें ओर हमने सब रेडी रखा हें

में : हां पता हें तुम दोनो राजस्थानसे कुछ पथ्थर लाइ हो जो मेरे लीये सरप्राइज रखी हें

दिव्या : (हसके) क्या..आको पता चल गया हें..हें..हें..बाबु रीटातो आपको सरप्राइज देने वालीथी बेचारी नीरास होगी

में : नही उसको कुछ मत बतानाकी मुजे सब मालुम हें में उसकी खुसी छीनना नही चाहता इसलीयेतो उसको कुछ पुछता नही

सारीका : देखा दी सबकी खुसीयोका कीतना खयाल रखते हें

में : भाभी येसब छोडो, आपने करण या उसकी वाइफसे बात करली की नही उसको फोन तो करदो वरना करणको बहुत दु:ख होगा

दिव्या : मम्मी ये ठीक केह रहे हें आप दोनोको उसे बात करलेनी चाहीये

तारा : ठीक हें तुम दोनो कहेते होतो हम कल उसे बात कर लेगे बस अब खुस

कहातो दिवु ताराको हसके गले लग गइ तब नेनु हमारे पास आगइ तब मीरा दादीको लेकर उसके रुम में चली गइ फीर हम सब बाते करते हमारे रुमकी ओर जाने लगे तब पीछे मीराने आके कहा

मीरा : जानु मम्मी आपको ओर नेनुदी को बुला रही हें कुछ आपसे बात करनी हें

तब में ओर नेनु मीराको अभी आतेहे कहेकर दादीके रुममें चले गये ओर अंदर जातेही नेनुने दरवाजा बंध कर लीया फीर दोनो दादीके पास जाके बेठ गये तब दादी कहेने लगी

दादी : नेनु बेटी आज फीर दिवानजीने आप दोनोसे बात करनेको कहा हें मे उसको क्या बोलु अब आप दोनोही सब डीसाइड करके बतादो तो में उसको जवाब देदु

में : दादी में सोच रहा था की थोडे टाइमके बाद सादी करेगे क्युकी अभी अभी कीतनी सादी कीहे मेने सबको थोडा टाइमतो देने दो फीर कर लेगे

नेनु : जानु पर माधु खुद इधर आना चाहती हें उसको बहुत जल्दी हें तो क्या करे

में : तो फीर आप सब मीलकेही सब डीसाइड करलो मेरी सब बीवीया कहेगी तो करलेगे

नेनु : (हसके) अरे वो सबभी बहुत जल्दीका केह रही हे फीरभी सबको पुछ लुगी

में : दादी सादी अब बहुत सादेसे करेगे सीर्फ दोनोके परीवारके बीच बस

दादी : ठीक हे बीटु अगर माधवीको जल्दी हेतो करले सादी, लगता हे तुजे बहुत प्यार करने लगी हें हें..हें..हें..

नेनु : अब आप कुछ मत कहेना हम सब मीलकर डीसीजन लेलेगी वेसे दादी क्या कहते हे हमारे दादा आपको कुछ प्यार व्यार करतेहे की नही हें..हें..हें..

दादी : (सरमाके) नेनु..चुप कर मुजे बहुत सर्म आती हें तुमतो सब कुछ जानती हो, अब सो जाओ दोनो जाओ यहासे हें..हें..हें..

नेनु : (हसके) बस दादी अ‍ेसेही चले जाये? आपके पतीसे कुछ बाते नही करनी क्या हें..हें..हें..

में : क्यु नही ओर वेसेभी नेनु तुभी सब जानती ही हेतो तुभी इधर रुक जा हमे कोइ फर्क नही पडेगा

नेनु : (हसकर खडी होकर) नही में जाती हुं आप थोडी देर दादीसे बात करो फीर जल्दी आजाना हम सब वेइट करेगी ओके में सबको केह दुगी दादीको कुछ बात करनीथी तो रुक गये

कहेकर नेनु दादीको फीर मुजे हग करके चली गइ तो में दरवाजा बंध करके वापस दादीके पास आके बेठ गया ओर दादीको हग करके कहेने लगा

में : कहो केशर क्या बात करनी हें कुछ कहेना हे क्या?

दादी : नही कुछ नही कहेना, वेसे आज बहुत खुस हुं मेरी नेनुके अच्छे दीन आगये हें

में : केशु कहोतो तेरेभी अच्छे दीन सुरु करदु हें..हें..हें..

दादी : (सरमाके हसते) चल हट सरम नही आती, अब इस उमरमें येसब नही होता समजे

में : केशु अ‍ेक बात बताओ अगर तुम इस उमर में बच्चे पेदा कर सकती तो क्या करती?

दादी : (हसकर मेरी आंखोमे देखके) तो..जरुर हमारा बच्चा पेदा करती उसमे क्या हें

तब मेने दादीको बाहोमें भर लीया ओर उसके होंठ पर आपने होंठ रख दीया ओर हम दोनो आपसमे कीस करने लगे तब दादीको मेने बेड पर लीटा दीया ओर उसके उपर आगया

दादी : मेरे राजा बस अ‍ेसेही मुजे प्यार करते रहीये में आपके प्यारके लीये बहुत प्यासी हुं

में : केशु चल तुजे आज ठंडा कर देता हुं वरना में लेट होजाउगातो कोइ संका करेगी

दादी : हां चलो में रेडी हुं बस मुजे रोज अ‍ेक बार प्यार चाहीये ओर कुछ नही

तब दादीने अपनी सारी अपनी कमर तक करली ओर मेनेभी पेन्ट नीचे करके लंड नीकाल लीया तो वो दादीकी चुतको देखकर फनफनाने लगा ओर में दादीके पैरके बीच बेठ गया ओर लंड उसकी चुतपे धीसने लगा तो दादी सीत्कार करने लगी ओर उसकी चुत पानी छोडने लगी तब मेने लंड उसमें घीसके गीला कर दीया

फीर धीरेसे चुतके छेदमें घुसा दीया तो दादीका चहेरा कामुक होगया ओर उसकी आंखे नसीली होगइ ओर मुजे वासनाभरी नजरोसे देखने लगी तब में उसके उपर लेट गया ओर धीरे धीरे धका मारने लगा तब दादीभी सीसकारीया करती दोनो हाथ मेरी पीठमें रखके मुजे बाहोमें भीचके मेरा साथ देने लगी ओर अपनी कमर हीलाने लगी

ओर थोडी देरके बाद दोनोके बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ अब तक दादीको दो बार जडाया तो दादी कसके मुजे बाहोमें भीच लेतीथी ओर आखीर जब मेने अपने लावासे उसकी चुत भरदीतो दादी अ‍ेकबार फीर मुजे जोरोसे बाहोमें भीचके साथमें जडने लगी ओर वो सांसको कंटड्ढोल करने लगी जब सांत हुइतो कहेने लगी

दादी : आपने तो थका दीया मुजे कीतनी बार जडाते हो, अ‍ेसेतो तेरे दादा मुजे चोदतेथे तबभी में इतनी बार नही जडतीथी राजा आप अ‍ेक असली मर्द हें तो अपनी सब बीवीओको संतुस्ट करना जानता हें अब मुजमेतो बाथरुम जानेकी ताकात नही हें आपही लेचलो

फीर में दादीको बाथरुम उठाके लेगया ओर उसकी चुतको साफ कीया ओर खुदके लंडकोभी साफ कीया फीर उसे बेड पर सुलाके उसके होठ पर कीस करके में वहासे चला गया ओर अपने रुममें आगया तो मेरी सब बीवीया हसी मजाक कर रही थी तब सब मुजे देखकर चुप होगइ तब में सीधा रीटाके पास चला गया तो रीटा बहुत खुस होगइ

सोनु : क्या बात हें आज छोटी रानी याद आगइ?

में : हा क्यु नही मेरी सबसे प्यारी ओर मासुम रानी हें तेरी तराह, जबसे मेने उसकी मम्मीसे सादी कीहें तबसे कुछ बोलतीही नही क्या बातहे मुजे बता तु हमारी सादीसे खुसतो हेना?

रीटा : (नम आंखोसे) क्या बात कर रहे हे आप, सबसे ज्यादातो मुजे खुसी हुइ हें मेरी मम्मीकी जींदगी सवारदी आपने अब मेरे हीसेका प्यार आप मम्मीको देगे तोभी मुजे गम नही हें

में : अरे बेबी इतना प्यार करती हें मम्मीसे, में तुमसेभी ओर मम्मीकोभी बहुत प्यार दुगा

तब मायाभी आंसु बहाती रीटाको हग करलेती हें तो में दोनोको हसकर अपनी बाहोमें भरलेता हुं तो दोनो हसने लगती हें फीर हम सब बेडपे आगये फीर में बारी बारी सबको बाहोमें भरकर प्यार कीया तो सब खुस होगइ ओर आखीर मायाने सबको कपडे नीकलवाये ओर सबको पैर फेलाके लीटा दीया

सबने जसुको तैयार कीयातो जसु आके मेरे पास लेट गइ ओर सब आंख बंध करके प्रार्थना करने लगी तब मायाभी नेनुका हाथ पकडकर लेट गइ ओर में ओर जसु दोनो प्यार करने लगे तब जसुने कहा

जसु : मेरे परमेशवर आज आपकी जसु आपकें अंदर अपनी बहेनोके साथ समा जाना चाहती हें हम सबको अपने अंदर समालो ओर सबकी आत्मा अ‍ेक करदो आज जसुके अंदर आपका बीज डालदो ओर होजानेदो आपका दिव्य बच्चा आजमें गर्भ धारणकी कामना करती हुं हम सबको आप सुबह तक प्यार करते रहीये ओर परमात्माकी अनुभुती कराइअ‍े अ‍ेसी मेरी प्रार्थना हें

कहेके जसु मेरे होठ चुमने लगी ओर हम दोनो रसपान करने लगे तब जसुने मेरा लंड पकडकर अपनी चुतपे रख दीया ओर मेने अ‍ेकही धकेमे पुरा लंड जसुकी चुतमें डालदीया तब जसुके चहेरे पे चमक आगइ नाजाने सब कब नीदकी आगोसमें चले गये हम सबको पताही नही चला आज अचानक जसुने बच्चेकी प्रर्थनाकी तो नेनु ओर माया सब मनही

मन बहुत खुस होगइ सब स्वप्नकी दुनीयामें जाने लगी तब अचानक जसु सबको लेकर हवामें उडने लगी तब सबकी कमर हीलने लगी सबकी सब अ‍ेसा फील करने लगी कें में उसके उपर चडके उससे संभोग कर रहा हुं तो सब कामुक होकर कमर उछालने लगी

तब में जसुकी चुतमें गहेराइ तक धका मारने लगा तो जसु हर धकेके साथ परम आनंदकी अनुभुती करने लगी ओर हसती ही जा रही थी नजाने जसु सबको लेकर कहा कहा घुकती रही कभी परीके देसमेंतो कभी सागरकी गहेराइओमें तो कभी स्वर्गकी ओर तो कभी हवामें नाजाने सबको कीतने गोते लगवाये

तब जसु अ‍ेक परीस्तानमें सबको लेकर चली गइ ओर सबको घेरामें खडा करदीया तब अ‍ेक आधेड उमरकी परी अ‍ेक बच्चेको लेकर आइ ओर नेनुके हाथमें वो तेजस्वी बच्चा देदीया तब नेनुने उस बच्चेको प्यार दीया फीर वो बच्चा बाजुमें देदीया फीर सबने बारी बारी बच्चेको प्यार दीया ओर अंतमें बच्चा मायाके हाथमें आगया

तो मायाने उसे सीनेमें लगाके प्यार कीया ओर बच्चाको गोदमें लेके जसुके पास आगइ ओर नीचे घुटने बल बेठके जसुके गर्भमें उसको स्थापीत करदीया तब सब परीया हसके नाचने लगी तब अचानाक मेरी आंख खुल गइतो जसु बहुत खुस होकर हस रहीथी तब मेने घडीकी ओर देखा तो सुबह ५.३० बज गयेथे फीर सबकी ओर देखा तो सब सांत हो चुकी थी ओर सब हस रहीथी तब धीरे धीरे सबकी आंख खुली तब जसुने भी आंख खोलदी

में : जसु आइ लव यु, आज तुने क्या मांगलीया भगवानसे?

जसु : लव यु टु जानु आज मेने प्रसादी मांगली हें जो मेरी कामना थी आज में धन्य होगइ जो आपका बीज मेरे अंदर आगया हें में इसे भली भांती फील कर रही हुं

नेनु : जसु तु अब आइपीलसे दुरही रहेना तेरा बच्चा बहुत तेजस्वी ओर दिव्य होगा बीलकुल तेरे माफीक

जसु : दी पता हें सबने मेरे बच्चेको प्यार दीया हें में बहुत खुस हुं

धारा : वो इसलीये तु हम सबकी दुलारी हें हम सब तुजसे बहुत प्यार करती हें ओर वो बच्चाभी हम सबका दुलारा होगा तो सब उसे बहुत प्यार करेगी

तब जसुके आंखसे आंसु नीकलने लगे तो मेरे उसे चाटकर साफ कीया क्युकी में अबभी जसुके उपर लंड चुतमें डालकेही पडा था तब सब उठने लगी तो सबकी चुतसे कामरस बहेकर पैरसे नीचे उतरने लगा ओर दो दो करके सब बाथरुम में नहाने जाने लगी तब नेनु ओर मायाभी बेठ गइ तो दोनोकी चुतसेभी रस बहेने लगा तबभी में जसुके उपर था

माया : जानु अब उठना नही हें क्या?

में : नही मुजे आज जसुको ओर बहुत प्यार करना हें

नेनु : नही जानु अभी नही आप चाहेतो बादमें कर लेना पर अभी नही कही गडबड ना हो जाये

माया : हा राज आप दीनमें जसुको प्यार कर लेना वेसेभी हम सब पुरी रात आपसे प्यार करती रही हेंतो थक गइ हें जसुभी थक गइ होगी प्लीज..

जसु : नही दी मेरे बाबुकी इच्छा हेतो करने दो में सेह लुगी

तब मेने जसुकी ओर देखने लगा फीर उसे कसके बाहोमें भर लीया ओर उसके सरको चुम लीया ओर मेरी आंख नम होगइ

में : मेरी प्रीय रानी तु मेरे लीये इतनी तकलीफ मत उठा में जानताहुं तु मुजसे बहुत प्यार करती हें पर खुदको तकलीफमें डालके मुजे प्यार मत दे मुजेभी अच्छा नही लगता चल आजा में तुजे ले चलता हुं

कहेके में जसुके उपरसे हट गया तो चुतसे पानी बहार बहेने लगा फीर मेनें जसुको उठालीया ओर बाथरुम में लेगया तब माया ओर नेनुभी आगइ फीर हम सबने जसुको नहेलाया फीर हम सब नहाके बहार आगये ओर सब तैयार होने लगी तब मायाने मुजे कपडे दीये तो मेभी तैयार होगया ओर सोनुको अपने पैरपे बीठादीया तो मेरे होठ चुमने लगी

सोनु : जानु अब नेनुदी पे्रगनेन्ट होगइ हें, तो अब आप मुजे कर सकते हो में रेडी हुं

में : सोनु..धारा मीरा नेनु ओर अब जसु सब पे्रगनेन्ट होगइ तो इसके बच्चेको भी सम्हालना हें तो कोन सम्हालेगा?

अंजु : इसकी फीकर आप मत करो हम सब अ‍ेक दुसरेके बच्चेको सम्हाल सकती हें समजे ओर इधर ओर कुछ कामतो हे नही

में : चीबावली तुजे पता हें अ‍ेक साथ कीतना प्रोजेक्ट सुरु होने वाला हें तो में मेरे साथ कीसको लेजाउगा

दिव्या : आप फीकर मत करो अभी में रीटा तो नही होगी क्युकी हमे मंदिर ओर बहुत काम करना हें

माया : वो आपका विसय नही हें जीसकी कामना हें उसे करदो प्रेगनेन्ट, में सब सम्हाल लुगी समजे

में : सखी क्या तु अकेली सब हेन्डल कर पाओगी?

माया : (मेरे दोनो गाल प्यासे खीचते) हां मेरे सखा में सब हेन्डल कर लुगी तब तकतो आपकी दो बीवीया ओरभी आजायेगी तो हम सम्हाल लेगी बस

अंजु : थेन्कयु दीदी अब मान जायेगे जब आपने कहाहे तो हें..हें..हें..

में : क्यु में तेरी नही मानता? चीबावली कही की

अंजु : (हसकर) जानु मेने कब कहा आप मेरी बात नही मानते

में : (अंजुको बाहोमें लेके उसके कानमें) अब तेरी बारी बस फीर सोनुकी

अंजु : (खुस होकर) सच..लव यु बाबु मुं..हा..(कीस करदी)

तब सब तैयार होगइ तो मेने सबकी मांग भरदी फीर सब बारी बारी मेरे पैर छुके सब मुजे कीस करती बहार जाने लगी फीर में नेनु माया ओर जसुभी बहार आगये ओर सब होलमें बेठ गये तब तारा सुनील ओर सारीकाभी आगइ तब दादीभी मीराके साथ आगइ ओर आके मेरे पास बेठ गइ ओर मुजसे धीरेसे बात करने लगी

दादी : राज आजभी पुरी रात तुने मुजे बहुत प्यार कीया हें ये सब केसी अनुभुती हें?

में : वो सब छोडो दादी आपको मजा आताहे की नही वो देखो हें..हें..हें..

दादी : मजातो इतना आताहेकी पुछोही मत, कास असल जींदगीमें तु मेरा पती होता हें..हें..हें..

में : वोतो में अभी भी हुं बस सीर्फ तु बच्चा पेदा नही कर सकती वरना वोभी देदेता

तब दादी सरमाके हसने लगी तब दिवानजी ओर माधवीभी आगये तो सबके लीये चाइ नास्ता आगया तो सब चाइ नास्ता करने लगे तब माधवीने कहा

माधवी : मुजे आप सबके साथ चाइ नास्ता करना था तो बापुजीके साथ आगइ

दादी : तो अच्छा हेना वेसेभी अब ये घर अब तेराभी तो हें हें..हें..हें..

माधवी : (सरमाके) क्या..दादी आपभी टांग खीचती हो

नेनु : तो सचहीतो कहा हे (दिवानजीकी ओर देखकर) दादा आप सादीकी तैयारी सुरु करदो अब हम उसे इस घरमें लाना चाहते हें क्यु दादी?

दादी : हां दिवानजी मुजे मेरी इस बेटीको बहु बनाके इधर लाना हें

दिवानजी: (खुस होके) जी माता क्यु नही धन्य भाग हमारे में आजही इसकी मातासे बात करता हुं वेसेतो सब तैयारी करली हें बस आपके कहेनेकी देरी थी

मीरा : दादा तो शुभ काममें देरी केसी आप आजही बात करलो

दिवानजी : जी रानी साहीबा कें बात कर लुगा सब बहुत खुस होजायेगे

नेनु : दादा अब आप माधवीके पीता हें तो आजसे हमारेभी पीता हुअ‍े तो अब हम सबको आपको रानीसाहेबा करेनेकी जरुरत नही हें हम सब आपहीकी बेटी हें

दादी : हां दिवानजी ये सब आपहीकी बेटीया हें सबको आप बेटीही मानीये

दिवानजी : जी माता ठीक कहा आपनें सब मेरीही बेटी हें अब सबको बेटीही कहुगा

फीर हम सबने चाइ नास्ता कर लीया तब माधवीने सबको दवाइ पीलाइ फीर सबको गले मीलके क्लीनीकपे चली गइ ओर जाते जाते मुजे इसारेसे फोन करनेको कहे गइ फीर हम बहार गार्डनमें घुमने लगे तब सुनीलनें कहा

सुनील : भाइ कुछ अजीब लगता हें तारा ओर सारीका इतनी हवसी केसे होगइ, अब में उसे छुता नही हुं तबभी दोनीकी चदर गीली होजाती हे हें..हें..हें..

में : (में समज गया) भाइ आप टेन्सन मतलो अ‍ेसा कइ बार होता हें हमाराभी होता हें

सुनील : भाइ तब हमारी उमरथी हम तब जवान थे तो समजमें आता हें पर इस उमरमें?

में : सायद मेने कही पढा हें ओरत जब बडी उमरकी होती हें तो उसको सेक्सकी बहुत इच्छा होती हें वो १६ सालकी लडकीकी तराह प्यार करना चाहती हे सायद इसलीये होता होगा

सुनील : कमाल हें (हसकर) इसका मतलब सीर्फ हमही बुढें होतेहे ओरते नही हें..हें..हें..

में : (हसकर) जी अब सही समजे, भाइ हम लंचके बाद सब काम देखने चले जायेगे

सुनील : जी ठीक हें उस टाइम लोगभी नही होगे तो सब देखकर आजायेगे

हम सब १० बजे तब घुमते रहे ओर बाते करते रहे तब सीअ‍ेमका काफीला आगया तब मेने उसका गर्मजोसीसे स्वागत कीया ओर हम अंदर होलमें चले गये ओर में दादीके पास बेठ गया तब सीअ‍ेमने दादीके पेर छुअ‍े तब दादीने अदबसे उसे बेठनेको कहा तब दिवानजीनेभी उसके स्टाफके लीये बेठनेकी व्यवस्थाकी तो सब बेठ गये तब सबके लीये पानी आगया ओर दादा चाइ नास्ता ओर ठंडेकी व्यवस्था करने लगे

दादी : कहो सीअ‍ेमसाब आज इधरका रास्ता केसे भुल गये हें..हें..हें..

सीअ‍ेम : क्या राजमाताजी में आज स्पेसीयल आपको मीलनेही इधर आया हुं हमारे महाराजने जो हुकुम दीयाथा तो उसका कामतो करनाही पडता हें हें..हें..हें..

में : सर वेसे आज हमारी भाभीजीको साथ नही लेआये?

सीअ‍ेम : उसको तो पताभी नही हें में इधर आया हुं वरना वोतो हमेसा इधर आनेको रेडी ही रहेती हें ओर मुजेभी बुहत जगह जाना होता हे तो कीधर लेकर घुमता रहुगी

दादी : अगर इसको यहा अच्छा लगता हेतो इधर लेकर आइअ‍ेना अ‍ेकदो दीन यहा रुकेगी सबके साथ उसकोभी अच्छा लगेगा

सीअ‍ेम : (खुस होकर) जी राजमाता में लेकर आउगा, वोतो सुनकेही खुस होजायेगी, वेसे आज आपको हमारे स्कुल कोलेज होस्पीटल ओर आइटीआइके लीये जो जमीन चाहीये उसका सम्पादनके लीये आया हुं सरकार सब जमीन आपको टोकनमें दे रही हें ओर सब सरकारी जमीनही हें तो कीसीसे ली नही हें वो सब जमीनके पेपर रेडी करके आया हुं पुरे स्टाफके साथ ताकी आपको उधर आना नापडे बस कुछ साइन कर दीजीये तो में आपको सब पेपर सोप देता हुं

तब सीअ‍ेम के अ‍ेक अधीकारी सचीव सब पेपर लेके मेरे पास आया तो में सब साइन करने लगा तब तक दिवानजी सबको आइसक्रिम देने लगे जब साइन होगइ तो उसने सब पेपर की कोपी अलग करके अ‍ेक सीअ‍ेमको देदी तब सीअ‍ेमने खडे होकर सब पेपर दादीको देदीये ओर कहा

सीअ‍ेम : राजमाता सब प्रोजेक्ट मीलाके सबकेलीये जो जमीन चाहीये उससे ज्यादा दे रहा हुं ताकी भविस्यमें आपको कुछ ओर करना होतो आसानी रहे ये गावमें दुसरी ओरकी जो जमीनहे उसमेसे पुरे ५० अ‍ेकर दे रहा हुं तो सब आसानीसे हो जायेगा ओर बच्चोको खेलनेकेलीये मेदानभी हो जायेगा ओर ये १० अ‍ेकर आपकी फेक्टरीके लीये दे रहा हुं बाकी होटेल केलीयेतो हमारी बात होही गइ हें वहा आप जब चाहे काम सुरु करवा सकते हें

फीर दादीके पैर छुअ‍े ओर मुजसे हाथ मीलाया तो मेने उसे थेन्कयु कहातो कहेने लगा

सीअ‍ेम : (हसकर) महाराज आप मुजे थेन्कयु केह रहे हे? लेकीन थेन्कयुके बारेमें आपका उसुल तो कुछ ओरही हें क्या आप हमे अपना नही मानते?

में : (तब सीअ‍ेमको गले लगाकर) सोरी सर आप हमारेही हे ओर हमारे ही रहेगे

सीअ‍ेम : (दोनो अपनी जगाह बेठते) महाराज अब आप जब चाहे काम सुरु करवा सकते हें कल हमारे रोडका भी मुहुर्त हें अगर टाइम मीलेतो आजाइयेगा वोभी कलसे काम सुरु होजायेगा

में : दादी हमारे सीअ‍ेम साहबने हमारे गावसे सीमला तक अ‍ेक्सप्रेस हाइवे पास कीया हें

दादी : (खुस होके) तबतो बहुतही अच्छा काम कीया हें अबतो आपके ओर दस साल पके हें..हें..हें..

सीअ‍ेम : (हाथ जोडके हसते) आपका हाशीर्वाद राजमाता बस अ‍ेसीही कृपा हम पर रखीयेगा

तब सबके लीये चाइ नास्ता ओर ठंडा आगया तो सब चाइ नास्ता करने लगे मेरी सब बीवीया अंदर चली गइ थी तब मेने सीअ‍ेमसे कहा

में : सर अ‍ेक हप्तेमे सब प्लान रेडी होजायेगे तब हम सब बील्डींगका भुमी पुजन करना चाहते हें तो मेरी इच्छा हें बोय्स कोलेजका भुमी पुजा आपके ओर भाभीजीके हाथसे हो अ‍ेसी मेरी इच्छा हें

सीअ‍ेम : (खुस होकर) जरुर आप डेट फीक्स होतेही मुजे कहे देना मेरी पुरी फेमीली आयेगी आप हमे इतना सन्मान दे रहे हे तो आनाही पडेगा हम जरुर आयेगे

चाइ नास्ता खतम कीया तब सीअ‍ेमने जानेकी इजाजत मांगी फीर हमे अ‍ेकबार गले मीलकर सब चले गये तब मेरी सब बीवीया दोडके बहार आगइ तब दिवानजी ओर दादीने सबको सबकुछ बता दीया तो सब खुसीसे पागल होगइ तब नेनु जसु ओर माया मेरे सामने देखकर सीर्फ हस रही थी फीर सब आके हमारे साथ बेठ गइ तब नेनुने कहा

कन्टीन्यु......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०१[/color]
[color=rgb(0,]
चाइ नास्ता खतम कीया तब सीअ‍ेमने जानेकी इजाजत मांगी फीर हमे अ‍ेक बार गले मीलकर सब चले गये तब मेरी सब बीवीया दोडके बहार आगइ तब दिवानजी ओर दादीने सबको सब कुछ बता दीया तो सब खुसीसे पागल होगइ तब नेनु जसु ओर माया मेरे सामने देखकर सीर्फ हस रही थी फीर सब आके हमारे साथ बेठ गइ तब नेनुने कहा..अब आगे

नेनु : जानु आपको सीअ‍ेमको क्या पीला दीया हें सब काम केसे फटाफट कर रहे हें, हें..हें..हें..

दादी : (हसकर) बेटी मुजेतो लगता हें ये पका पोलीटीसयन होगया हें हें..हें..हें..

में : हसलो हसलो सब, जब काम होजायेगा तब देखना, ओर कीधर गइ दिवु

दिव्या : जी कहीये में इधरही हुं क्या प्लानके बारेमें पुछना हेना? तो रेडी नहीहें, होरहा हे

में : देखा दादी केसी बीवी मीलीहे मुजे कुछ बोलनेही नही देती इससे पहेले सब बता देती हें

दादी : तो सही हेना बेचारी कीतना काम करेगी जबसे आइहें तबसे कुछना कुछ काम करवा रहेहो कभी इसे घुमनेभी लेजाया करो

दिव्या : (दादीको खुसीसे गले लगकर) थेन्कयु दादी.., सुना आपने दादीने क्या कहा? कुछ सीखो दादीसे

में : चलो अभी लेजाता हुं हमे सुनीलभाइकी हवेली देखने ओर मंदिर देखने जाना हें लंचके बाद रेडी रहेना बस

दिव्या : वोतो कामके लीये घुमना हुआना? दादी समजाओ अपने पोतेको वरना पीटेगा

दादी : बाबा मे तुम्हारे जगडेमे पडना नही चाहती वरना मुजसेभी नाराज होगा हें..हें..हें..

तब दिवु मेरे सामने मुह बीगाडके चली गइ तब नेनु ओर माया हसने लगी फीर लंचका टाइम होगया तब सबने लंच करलीया फीर सब आराम करने चले गये तब मेने ओर सुनीलने तीन बजे जानेका डीसाइड कीया ओर हम हमारे रुममें आगये तब मेने दिवुको हग करलीया ओर उसे पुछने लगा

में : मेरी रानी नाराज होगइ मुजसे आइ अ‍ेम सोरी

दिव्या : (मेरे सीनेमे सर रखकर) नही बाबु मेतो मजाक कर रही थी क्या आपसे हम कभी नाराज होसकती हें लव यु बाबु

में : (उसका सर चुमकर) लव यु टु दिवु, में तुजे सचमें लेके चला जाउगा तु जहा कहेगी

दिव्या : मुजे पता हें मेरा बाबु कभी अपनी रानीको नीरास नही करता, पर कामभी तो देखना हें पहेले काम बादमें घुमना

तब मेने दिवुको जोरोसे बाहोमें भरके भीचलीया ओर उसे उठाके बाथरुम में घुस गया तो सोनु चीलाने लगी बहार नीकलो हमभी आपकी रानीया हें तब में ओर दिवु हसने लगे फीर दोनोके होंठ आपसमें मील गये ओर दोनो मदहोस होगये नाजाने कब दोनोके कपडे हमसे अलग होगये पताही नही चला

तब मेने दिवुको दिवालके सहमरे खडा कर दीया ओर खडे खडेही मेरा लंड उसकी चुतमें उतार दीया तब दिवु अ‍ेक पेर उचा करके मेरे हाथमें देदीया ओर दोनो हाथ मेरी गरदनमें डालके सीसकारीया करते मुजसे चुदवाने लगी ओर मुजे लगातार चुमेही जा रही थी थोडी देर बाद दोनो साथमें खलास होगये तब मेने दिवुको घोडी बनाया

ओर उसे पेलने लगा ओर हमारी दमदार चुदाइ हुइ फीर दोनो साथमें जड गये तो दिवु बहुत खुस होगइ ओर मुजे चुमने लगी फीर दोनो साथमें नहाके बहार आगये तब सोनु दिवुको घुरने लगी तब मेने सोनुको पकडकर बाहोमें लेलीया ओर उसे लेकर बेड पर बेठ गया तब सोनुने मुजसे कहा

सोनु : जानु मेरी बारीतो आतीही नही मुजेभी आपसे प्यार करना हें

में : सोनु आप रातको तेरी बारी पकी हम दोनो पुरी रात करेगे बस

तब जाके सोनु खुस हुइ ओर मयाके कहेनेपे में अ‍ेक घंटे सोगया ओर सब बाते करती आराम कर रहीथी फीर तीन बजे मायाने जगादीया ओर कहा सुनीलभाइ आपका वेइट कर रहे हे तो मे फटाफट तैयार होगया ओर दिवु रीटाको भी तैयार करलीया फीर हम चारो नीकल गये पहेले मंदिर गये वहा दिवुने कोन्टड्ढाक्टरको काफी सुचनाये दी

ओर मंदिरका कामभी बहुत होगया था फीर हम सब हवेली चले गये तब हवेलीकी जगाह पुरा मेदान खाली था तब सुनीलने कोन्टड्ढाक्टरको बुलाया तब दिवुने उसको पुरा प्लान समजा दिया बाबासे पुछकर भुमी पुजनका केह दीया ताकी सब रेडी रखे फीर हम सब आश्रम आगये तब बाबा ओर राघवजी बेठे थे तब हमने उसको प्रणाम कीया

बाबा : बेठो इधर, आज सब काम होगया तेरा?

में : बाबा आपकोतो सब पताही हें सब काम होगया हें आज सीअ‍ेमने हमे सब जमीन सोप दी हें अब आप जब कहो काम सुरु करवा देते हें

बाबा : शुभ कार्यमें देरी क्यु करवादे सब काम सुरु तेरा सब काम होने वाला हें तु क्यु चीन्ता करता हें तेरे पीछे कीतनी सक्तिया लगी हें ओर सुनील तुभी परसो काम सुरु करदे

में : बाबा सीअ‍ेमने हमारे गावसे सीमला तक अ‍ेक्सप्रेस हाइवे मंजुर कीयाहें ओर कलसे कामभी सुरु कर देगे

बाबा : (हसकर) हां वोतो करेगाही तुने उसको बडी चोकलेट जो दी हें हें..हें..हें..

में : (सब हसने लगे) क्या बाबा आपभी वो हमारे सब गावके विकासके लीये बहुत काम आ सकता हें

बाबा : जब तक तेरा हाथ उसके उपर हे उसका कुछ बीगडने वाला नही हें बस इतना समजले सब काम करवाले

में : जी बाबा सब आपहीका आशीर्वाद हें, बाबा मेरी ये बीवी राजस्थानसे कुछ खास पथ्थर ले आइ हे आपने देखा क्या? हें..हें..हें..

बाबा : (रीटाकी ओर देखके) हें..हें..हें.., बेटी तु चाहे जीतना इनसे छुपाना चाहे कुछ नही छीप सकता तुनेतो इसे बतायाभी नही हें ओर ये उनकीही बात कर रहा हें अब कुछ समजमें आया हें..हें..हें..

रीटा : (सरमाते हसकर) जी बाबा दरसल में इसको सरप्राइज देना चाहती थी

बाबा : जानता हु बेटी, अब बता देना ओर जो तु पथ्थर लाइहेना वोही हमारे मंदिरको पुरे विेशमें प्रसीध्ध कर देगा ये बात तु अभीतक नही जानती समजी, लोग उसे अ‍ेक अजायबीके रुपमें देखनेही इधर आयेगे पर बेटा बहुत सम्हालके वो पथ्थर इस्तेमाल करना क्युकी अब वो दुबारा कभी नही मीलेगा इसलीये

रीटा : जी बाबा वो इधर अगले हप्ते तक आजायेगा ओर बाबा अंदरके लीयेभी हमने बहुत कुछ सोचा हें

बाबा : मुजेतो इतना मालुम हें तुम दोनो बेटीया जोभी करोगी वो दुसरी बार नही होगा तो मुजे दोनो पर पुरा विस्वास हें की तुम दोनो इनका स्वप्न पुरा करोगी बस इतना कहेना हें

फीर बाबासे कुछ ओर बात करके हम दंडवत करके नीकल गये तब रास्तेमे दिवुको कुछ याद आया तो गाडी सीधे गांवमें लेली तब दिवु मुजसे कहेने लगी

दिव्या : जानु आज आपको वो घर लेजाउगी जहा मंजरीदेवी रहेती हे यानी मनीषाका घर

में : दिवु अभी उधर जाना जरुरी हें क्या? तु महेल चल फीर तुम कीसीके साथ इधर आजाना

दिव्या : मुजे पता हें आप उधर क्यु जाना नही चाहते पर चीन्ता मत करीये अभी वो घर पर नही होगी मुजे उनकी मम्मीसे काम हें

फीर हम मनीषाके घर चले गये तब उसकी मम्मी हम सबको देखकर चोंक गइ फीर खुस होकर हमे घरके अंदर लेगइ ओर हमारे लीये उसने नया बीछाना डालदीया तो हम बेठ गये तब उसने फटाफट सबको पानी दीया फीर हम सबको चाइ या ठंडाका पुछने लगी तब दिवुने उसको चाइका केह दीया ओर उसनके साथ कीचनमें चली गइ

तो रीटाभी पीछे चली गइ तब में ओर सुनील उसके घरकी हालत देखने लगे तब मेरी आंख गीली होगइ तब मुजे सब कुछ समज आगयाकी मनीषा क्यु मुजसे सादी करनेके लीये कतराती थी तब तीनो चाइ बनाके बहार आगइ ओर रीटा हम सबको चाइ देने लगी तब दिवु मेरे पास बेठ गइ

दिव्या : (धीरेसे) जानु आंटीकी बातोसे लगाकी मनीषा क्यु आपके साथ सादीके लीये जीजक रही हें उसका कहेना हेकी हमारी अ‍ेसी परीस्थीती हे हम उस घरके लायक नही हे ओर सादी करके चली जाउगी तो तुम्हारा क्या होगा बस यही कारण हे जो आपसे सादीके लीये कतराती हें

में : दिवु मेतो समजताथा वो अपने आत्मबलके धमंडसे मुजे मना कर रहीहें पर में गलत था उसको सबसे ज्यादा अपनी मम्मीकी चीन्ता हें तु उसकी मम्मीको बोल सादीके बाद

वो भी हमारे साथ महेलमें रहेगी वरना तेरी मम्मीके साथ रखेगे में कीसीभी हालमें अब मनीषासे सादी करना चाहता हुं

दिव्या : सादी आपके साथ होगी वोतो उसकी मम्मीभी जानती हें उसको बाबानेही बता दीया हें तब उसने दादीसेभी बात करली हें पर मनीषा कहेती हे वो कहा ओर हम कहा तो सादी नही करेगी

मंजरीदेवी अ‍ेक ४४ वर्षकी आकर्सक महीला थी उसका सरीर भरावदार आकर्सीत था जो उसे अ‍ेक बार देखले नीयत बीगाडले लंबी हाइट पतला सरीर रंग अ‍ेकदम गोरा लंबे बाल बडे भरावदार बुब्स जीसको देखते ही मन मचलने लगे लेकीन स्वभाव अ‍ेक दम सरल बहुत कम बोलती हें ओर अपने मनमें कही स्वप्न दबाके बेठी हें जो वो मानने लगीहे की खब कभी पुरे नही होगे

मंजरीदेवी : महाराज आज आप हमारे घर पधारे, क्या कोइ जरुरी काम था?

में : पहेले मुजे महाराज मत कहीये में आपका बेटा हुं आप मेरी मम्मी जेसी हे तो आप मुजे बेटाही कहे हम सीर्फ आपकोही मीलने आयेथे अगर कुछभी तकलीफ होतो आप मनीषाको नही मुजे बतादीजीयेगा या मेरी कीसीभी रानीको कहीयेगा आजसे आप हमारी जीम्वेवारी हें अगर कभी आपको यहा अकेलापन लगे तो आप बेजीजक महेलमें आके रेह सकती हें

मंजरीदेवी : जी बेटा सुक्रिया, बस में दिवु बेटीको यही केह रहीथी की तुम उसकी सहेलीहो तो उसको समजाओ कीवो सादी करले सायद आपभी सब जानते होगे

में : में सब जानता हुं आप फीकर मत करीये अब सब मुज पर छोड दीजीये मुजे पता हे वोभी मेरी बीवी हे बस थोडा टाइम जाने दीजीये फीर में उसे सादी करलुगा बस आप अभी मनीषाको कुछ मत कहीयेगा की हम यहा आये थे सब ठीक होजायेगा

मंजरीदेवी : (खुस होकर) जी बेटा उसे कुछ नही बताउगी अब मुजे चीन्ता नही हें खुद आपसे इस बारेमे बात होगइ तो में अब नीस्चीत रहुगी

फीर हम वहासे नीकल आये तब पुजारीजीने हमे देख लीया तो सबको अपने घर लेगये तब उसने सबके लीये चाइ नास्तेका इन्तजाम कीया फीर बबलु ओर मालीनीके बारेमें बात करने लगेकी रोज उनसे बाते होती रहेती हे दोनो वहा बहुत खुसहे वगेरे फीर हम सब वापस महेल आगये तब सब होलमें बेठे थे तो सोनुने कहा

सोनु : कीतनी देर लगादी कीधर थे सब

रीटा : पुछोही मत सोनुदी इसनेतो आज पुरा गाव घुमा दीया कीतनी जगाह गये हम तब हमारे लीये चाइ नास्ता आगया तो सब खाने लगे तो मेने पुछातो नेनुने कहा

नेनु : सब आपका वेइट कर रही थी कहेती थी इनके साथही चाइ नास्ता करेगे

में : अ‍ेसा थोडी चलता हें अबतो में आयेदीन घुमता रहुगा तो सब अ‍ेसीही बेठे रहोगे

माया : राज अब आपही समजाओ मेभी सबको यही समजाती थी

में : सबकी सब पागल हें, दादी कलसे में सुबहसेही चला जाउगा ओर सामको इधर आउगा देखता हुं सब लंच करती हेकी नही

अंजु : बाबु अ‍ेसा थोडी चलताहें तबतो हम सब भुखेही रहेजायेगी खाना खानेतो आजाया करो

में : तो टाइमपे चाइ नास्ता करलेना चाहीयेनां हमतो दादाके यहा नास्ता करके आये थे

दादी : अब छोडो सब कल सब करलेगी बस, क्यु बेटी?

धारा : जीदादी हमे थोडी पता था सब बहार नास्ता करके आयेगे (धीरेसे) डफर कहीका

में : धारा जरा जोरसे बोलतो क्या कहा तुने?

धारा : (हसकर) जी कुछ नही कहा जानु मेतो बस अ‍ेसीही बोल दीया

तब नेनु ओर मीरा जोरोसे हसने लगी तो धारा दोनोपर चीड गइ तब दादीभी जोरोसे हसने लगी तब सबकी हसी छुट गइ तो धाराभी हसने लगी

में : (जोरोसे चीलाते) चुउउउउपपप..दादी आज मेरी अ‍ेक पुरानी दोस्त याद आगइ में उसे मीलने जाता हुं

कहेके में बहार गार्डनमें चला गया ओर दुर जाके बेठ गया तब पीछे कुछ आवाज आइ मेने मुह पीछे घुमाके देखातो धारा आंसु बहाते पीछे खडी थी तब में फोरन खडा होगया ओर मुडके अपनी दोनो बाहे फेलादी तब धारा दोडके मेरी बाहोमें आगइ ओर रोने लगी

धारा : (रोते) मुजे लगा आपको बुरा लगेगा पर आजभी आप अपनी दोस्तको नही भुले

में : (उसके बालोमें हाथ घुमाते) पगली भुलुगाभी नही, मुजे बीवीसे ज्यादा मेरी दोस्तसे प्यार हे ओर में उसेही प्यार करता हुं समजी, अब ज्यादा रो मत वरना हमारे बच्चे पर बुरा असर पडेगा ओर बहार आके मुजे डाटेगाकी मेरी मम्मीको रुलाते हो हें..हें..हें..

तब धारा रोते रोते हसने लगी ओर मुजे सीनेमें मुका मारने लगी ओर कहेने लगी

धारा : उसने मेरे डफर को डाटातो टांगे तोडदुगी इसकी, राज आप इतने अच्छे क्यु हो क्या हमे कभी डाटनेका मन नही करता जुठ मुठही सही कभीतो हम सबको डाटलीया करो

में : नही धारु में तुम सबको इतना प्यार करता हुं सबको में मेरी देवी मानता हुं तो देवीको केसे डाट सकता हुं, अब कुछ दीनमें दिवाली आयेगी तब में सबकी पुजा करना चाहता हुं तु कीसीको बताना मत

धारा : जानु अ‍ेसाभी कोइ करता हें पत्नी अपने पतीकी पुजा करती हें पती नही समजे

में : यहीतो पत्नी कर सकती हेतो पती क्यु नही में वो सारी परंपरा तोड दुगा

फीर हम दोनो अ‍ेक दुसरोकी बाहोमें काफी देर खडे रहे तब धाराने कहा

धारा : बाबु आपकी बाहोमें कीतना सुकुन मीलता हें जी चाहताहें अ‍ेसेही आपकी बाहोमें रहु

सब बीवीया अ‍ेक साथ : तो फीर हम सब कहा जायेगी

हम दोनोने मुडके साइडमें देखातो मेरी सब बीवीया हमारे साइडमें अदब लगाके खडी खडी हस रहीथी तब मेने धाराको कसके बाहोमें भीचलीया तब धाराकी आह नीकल गइ

माया : राज जरा ध्यानसे वो पेटसे हे सम्हालना

में : (फोरन छोड दीया) ओह सोरी में भुल गया था तुम सब आजाओ

कहा तो मेरी सब बीवीया हमे अ‍ेक दुसरोकी बाहोमें पकडकर घेरा बनाके खडी होगइ तब मीराने कहा

मीरा : राज अब आपको नेनुदीका बहुत खयाल रखना पडेगा

में : सीर्फ नेनुका क्यु तुमभीतो प्रेगनेन्ट हो तेराभी खयाल रखना पडेगा ओर आनेवाले दीनमें जसुकाभी खयाल रखना पडेगा

सोनु : (खुस होकर) सच..जसुदी आपभी....कब....

माया : सोनु आज रातकी अनुभुतीमेही सब होगया हें तुने देखा नही क्या?

सोनु : मायादी पर येतो स्वप्न था तो वो सच होता हें क्या?

नेनु : हां सोनु अनुभुती में जो हम देखतेहे वो सब सचही होते हें फीर भी हम माधवीसे कहेकर तसली कर लेगे मेराभी वेसेही हुआ हें मुजे ओर मायादी ओर हमारे पतीको

पताथा की सब होचुका हें फीर जब मुजे उलटी हुइ तब पता चलाकी सब सच था तो जसुकाभी सच होगा मुजे पुरा यकीन हें

अंजु : जसु तुजे क्या होगया था तुने अचानक अ‍ेसी प्रार्थना क्यो की?

जसु : मुजेभी नही पता था अंजुदी बस होगइ प्रार्थना मानो कोइ मुजे बुलवा रहा हो

सोनु : कमालहे दी पता नही अ‍ेसी बारी मेरी कब आयेगी हें..हें..हें..

नेनु : (तब सब हसने लगी) तुजे बडी जल्दी हें कहेतो आजही करवादु हें..हें..हें..

अ‍ेसेही हसी मजाक करते रात होगइ तब सारीका सबको डीनरके लीये बुलाने आइ ओर हम सब फ्रेस होकर डीनर करने बेठ गये तब माधवीभी आगइ ओर वोभी साथमें बेठ गइ फीर हम सब डीनर करने लगे तब दादीने कहा

दादी : बीटु डीनर करके सीधे मेरे रुममें आजाना मुजे सीअ‍ेमके कुछ पेपर के बारेमे डीसकस करना हें मेने नेनु बेटीसे बात करली हें

में : जी दादी

कहेकर नेनुकी ओर देखातो नेनु नीचे मुह करके मंद मंद मुस्कुरा रही थी तब में समज गयाकी दादी क्यु मुजे बुला रही हें फीर हम सबने डीनर फीनीस कीया ओर सब बहार गार्डनमें चले गये तब में माधवी ओर नेनु घुम रहे थे तब मेने नेनुको मनीषाके घरकी सारी बात बतादी तब माधवीने कहा

माधवी : राज उस दिन हम होटेल गयेथे तब में मनीषाको मीलने गइ तब मनीषाभी वही केह रही थी की हमारी स्थीती ओर उसकी स्थीतीमें बहुत फर्क हें फीर मेरी मम्मीकी देखभाल कोन करेगा वही सब बाते कर रही थी, बाकी प्यारतो वोभी आपसे करती हें केह रहीथी मेभी जानती हुं नसीब वालेकोही अ‍ेसा लडका मीलेगा इसलीये में राजको इग्नोर कर रही हुं

में : माधु में आज उसके घर गयाथा उसकी हालत बहुत अच्छी नही हें

माधवी : मुजेभी पता हें पर हम क्या कर सकते हे वो मददभीतो नही लेती बहुत खुदार लडकी हें, कभी कभी ज्यादा खुदारी भी खुदकी दुस्मन बन जाती हें

नेनु : सही कहा तुने, जानु आप जीद छोड दीजीये अ‍ेक बार आप मनीषासे खुलकर बात कर लीजीये हो सकताहे कुछ क्लीलीयर होजाये तो मान जाये

माधवी : हां राज नेनुदी ठीक केह रही हें आप उसे मील लीजीये कुछतो होगा

में : ठीक हें मील लुगा, उसकी छोड तेरी बता तु क्या चाहती हें

माधवी : (हसते) अरे आपने सुना नही दादीने क्या कहा मेतो कबसे रेडी हुं अबतो सबने सादीकी बातभी करली हें तो फीर मुजे अब ओर क्या कहेना, मुजे तो बस इधर सबके पास आना हें में आप सबको बहुत मीस करती हुं कहोतो अभीसे इधर रुक जाती हुं हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) तो रुकजानां क्यु घर चली जाती हें हें..हें..हें..

माधवी : (हसकर) मेतो रुक जाती फीर बापुजीको क्या कहेती, तो सादी करकेही इधर आजाउगी फीर कोइ क्या बोलेगा

में : तुजे बडी जल्दी हे इधर आनेकी चल ठीक हें नेनु ओर दादी डेट फीक्स कर देगी बस

माधवी : मेने सुना आज जमीन मील गइ हें तो आप कामभी सुरु कर रहे हो

में : माधु अच्छा कीया तुने याद दीलाया तु अ‍ेक काम कर होस्पीटलके लीये क्या क्या साधन सामग्री चाहीये ओर कीतना स्टाफ चाहीये सब पेपरवर्क तु रेडी करले वो सब हमे मंगवाना पडेगा, क्युकी पुरी होस्पीटल अब तुजेही सम्हालनी हें

माधवी : (हसकर) फीर मुजे सेलेरी बेलेरी दोगेकी नही की सीर्फ मुफ्तमें काम करना हें हें..हें..हें..

में : तु सेलरी बोल कीतनी चाहीये, तु कहेगी उससे डबल देगे ये मेरा वादा हें

माधवी : (हसकर) पक्कानां? देखो फीर मुकर मत जाना, नेनुदी आप इस बातकी साक्षी हें

नेनु : (हसकर) तो बोलदेनां, वो डबलतो देही रहे हें हें..हें..हें..

माधवी : बाबु मुजे सेलेरीमें आप सबका प्यार चाहीये, अब तो सबको मुजे डबल प्यार देना पडेगा हें..हें..हें..

में : पक्का तुजे डबल प्यार मीलेगा, नेनु येतो तेरी कनी काटने नीकली हें हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) जानु फीरभी में वीनमें हु, मे जानती हुं मेरा जानु मुजे कीतना प्यार देगा तो मुजे कनी कटनेकी चीन्ता नही हें येभीतो मेरी बहेन हें

माधवी : बातोमें दोनोको कोइ हरा नही सकता, चलो अब चलती हुं बापुजीको लेकर जाना हें चलो दी बाय बाय जानु कल मीलते हें कभी फोनभी करलीया करो कीतना समजाना पडेगा इनको ओके

कहेके माधवी दादाको लेकर चली गइ फीर हम सब थोडी देर बाते करते रहे फीर धीरे धीरे अंदरकी ओर जाने लगे तब नेनुने मुजे दादीका याद दीलाया तो वो सबको लेकर रुम में चली गइ ओर में दादीके पास चला गया तो दादीको कोइ काम नही था वोतो सीर्फ मुजसे प्यार करना चाहती थी

फीर दादीके साथ अ‍ेक राउन्ड घमासान चुदाइ करके अपने रुम में आगया वहा आज कोइ अनुभुती नहीकी सबके साथ मेने अ‍ेक अ‍ेक राउन्ड लगाया तो सब बारी आनेके बाद सोने लगी लास्टमें नेनु ओर मायाही जाग रही थी फीर मेने मायाके साथ लगातार जबरजस्त तीन राउन्ड कीये तो वो थक के चकनाचुर होगइ फीर वोभी सो गइ

नेनु : जानु अब आप थकतो नही गये वरना छोडीये हम कल करलेगे

में : नही नेनु तुने दुधही इतना पीलाया हेकी थाक क्या होताहें मेतो भुलही गया वेसे खानेके बाद जेसे स्वीट चाहीये अ‍ेसेही तु चाहीये तु मेरी स्वीट डीस हें आजा उपर

तब नेनु हसके मेरे उपर आगइ फीर थोडी देर बाद नेनु मुजे सोट मारने लगी जब दोनो साथमें जड गये तब में नेनुको पलटकर उसके उपर चड गया फीर तो मेरी ओर नेनुके बीच कइ राउन्ड चुदाइ हुइ आखीर दोनो साथमें जडके अलग होगये फीर बाथरुममें नहाके बहार आके हमेसाकी तराह चुतमें लंड डालके सोगये

फीर सुबह ७.३० बजे हमे मायाने जगाया तब सब नहाके रेडी थी तो में नेनुको लेकर बाथरुम में चला गया वहाभी मेने ओर नेनुने चुदाइकी फीर नहाके बहार आगये ओर तैयार होगये फीर रुटीनकी तराह मेने सबकी मांग भरी ओर सबने मेरे पैर छुअ‍े ओर सब दादीके पास जाके पैर छुअ‍े ओर बहार जाने लगी

तब लास्टमें में दादीके पैर छुनेके लीये मुडातो दादीने बीचमेही रोकर मुजे बातोमें लगाया ओर पास बीठा दीया जब सब बहार चली गइ तब दादीने मुजे जोरोसे होंठपे कीस करदीया अलर मुजे खडा करके बाहोमें भीचलीया ओर पेनटके उपरसेही मेरा लंड पकडके मसल दीया ओर हसने लगी फीर दोनो हाथ पकडके बहार जाने लगे तब

दादी : बीटु अब तुजे मेरे पैर छुनेकी जरुरत नही हें अब तेरी जगाह मेरे पैरमें नही मेरे दिलमें हे समजे, सबके सामने ठीक हें पर अब नही क्युकी अबतो मुजे तेरी आदत होगइ हें मुजेभी अब तेरा मुसल रोज चाहीये समजे कीतना मस्त करता हे तु मेतो तेरी कायल होगइ

में : जी केशर तु चीन्ता मत कर तुजे रोज प्यार करुगा अबतो मुजेभी तु चाहीये

दादी : (खुस होके) सच..तो आजाते कभीभी में मना थोडी करती हुं मेभीतो तेरी बीवी हुं

तारा : दादी पोता दोनो क्या बाते करते रहेते हो चलो चाइ नास्ता आगया हें

दादी : अरे बाबा आगये चल लामेरा नास्ता ओर चाइ, बीटु तु दुध क्यु नही पीता? हें..हें..हें.

में : (धीरेसे उसके कानमें) केशर मुजे तेरा दुध पीना हें पीलायेगी?

दादी : अब मुस्कील हें फीरभी अ‍ेक बार टड्ढाइ कर लेना, वेसे तारा ओर मायाका दुधभी मस्त हें कभी पीया हें हें..हें..हें..

में : क्या दादी आपभी कभी मार खीलाओगी हें..हें..हें..

दादी : अरे नहीरे..सच कहेती हुं कहोतो तेरे लीये टड्ढाइ करु?

में : दादी क्या ये सब आप केह रही हें कीतनी बीगड गइ हो हें..हें..हें..

दादी : सब तेरा कमाल हें तेरे लीयेमें कुछभी कर सकती हुं बस तु खुस रहेना चाहीये, वेसे बीटु अब माधवीके साथ तेरी सादी कर देना चाहती हुं मुजे लगता हें उसको बहुत जल्दीहे इधर आनेकी, कही तेरा स्वादतो नही चख लीया हें..हें..हें..

में : क्या बोल रहीहो दादी कोइ सुनलेगातो क्या कहेगा वेसेभी में सादीके पहेले वोसब नही करता

दादी : क्यु जुठ बोलता हें मेरे साथ कोनसी सादी कीहे तुने

में : दादी आपकी अ‍ेक बार दादासेतो सादी होगइ हेना ओर मेभीतो दादाका ही रुप हुं

दादी : हां ये बात हें चल कोइ बात नही वेसेतु अब राजाहें तो सब चलता हें इधर महेलमें सब तेरी रानीयाही हें चाहे जीसे पकडले ओर अंदर लेजा हें..हें..हें..

में : क्या दादी कभी अ‍ेसा थोडीना करते हें में अ‍ेसा कभी नही करुगा जब तब सामनेवालेकी मर्जी नाहो कुछ नही करना चाहे मेरी बीवीही क्यु नाहो

दादी : (हसकर) तुतो पका असुल वाला हें, वेसे दुसरे महेलमें अ‍ेसा कोइ नीयम नही रखता सब स्त्रीओको अपनी जागीर मानते हें महेलमें दासीओकीतो छोड कामवाली तकको नही छोडते कमीने इसमें मेरा बेटा ओर तेरे दादाभी बाकात नही हें

में : क्या दादा भी? फीर आप उसे कुछ नही कहेती थी

दादी : बीटु ये आग बहुत बुरी चीज हें जब में टाइम में होती ओर उसको चाहीयेतो क्या कहेती फीर मेरेही बीस्तर पर मेरे सामने ठोकते, फीर तुजे अ‍ेक राजकी बातभी बतानी हें

अंजु : (हमारे पास आके) जानु आप महेशसे अ‍ेक बार बात करलेना उसको कुछ आपको पुछना हें अभी उसका फोन आया था ओर कल रात काका अजय ओर सीमाभी राजकोट आगये हें आज काका आपसे बात भी करेगे अब यहाका कामभी सुरु करना हें आपको पता हेना हमे सब काम टाइम लीमीटमें करना हें

में : (अंजुको मेरे पास बीठाके) पता हें बेबी सायद हमे इसके लीये अहेमदाबाद ओर राजकोट जाना पडेगा तु तैयारी करके रख सब डीजाइनके पेपर भी दोनो जगाह देना पडेगा

अंजु : जानु दोनोको काम बाटदो ओर फाइनल अ‍ेसेम्बली हम इधर करेगे तब तक आप पहेले यहाकी फेक्टरीका काम सुरु करवादो

धारा : (जसु ओर धारा हमारे पास आगइ) बाबु अंजुदी ठीक केह रही हें अब हमे टाइम वेस्ट नही करना चाहीये बहुत मजे करलीये

जसु : जानु हमे अ‍ेक बार अहेमदाबाद ओफीस ओर राजकोट ओफीसमें जाके सब सेट करना पडेगा ओर सबको रुटीनमें लाना पडेगा आप काका ओर महेशभाइको कहेकर सब स्टाफ भरती करदो हमे अ‍ेक दो दीनमेही नीकलना हें

दादी : अरे तुम सांसतो लेलो अ‍ेक साथ कीतना बोल गइ

धारा : दादी इसको जगाना पडताहें वरना येतो इधर घुमतेही रहेगे ओर उधर नया बीजनेस सुरु करके आगये हें कभी अ‍ेक फोनभी कीया तो देखनातो पडेगाही

में : हां मेरी मां चले जायेगे तुम नेनुसे बात करलो उसे सब पता हें

जसु : देखा धारादी में ना कहेती थी लास्टमें सब नेनुदीके पासही आयेगा हुआना ये चलो अब इसे मील लेते हे वोही इनको कहेगी हमारी मानने वालेतो हेही नही चलो

में : (जसुको पकडते) अरे मेरी रानी कहा चली ठहेर मेभी चलता हुं ओर ये कीसने कहा में आपकी बात नही मानता बेबी आपको पता हेनाकी आप मेरेलीये कोनहो चलो

कहेके में धारा अंजु ओर जसुको लेकर हमारे कोन्फरन्स रुम में चला गया तब नेनुने मेरी सब बीवीओकोभी बुला लीया ओर हमारी बीजनेस मीटींग सुरु होगइ तब जसु ओर अंजु दिवुसे डीसकस करके सब काम सेट करने लगी तब दिवुने सब कंटड्ढक्शनका काम सम्हाल लीया धाराने सब लीगल ओर जसु रीटाने हीसाब काम सम्हाल लीया

अंजुने सब प्रोड्क्शनका काम सम्हाल लीया माया ओर मीराको महेलका कारोबार सम्हाल लीया ओर नेनुको मेरे साथ सब मेनेजींग का काम देखनेका फैसला लेलीया ओर सोनुको दादीके साथ रहेनेका ओर उसके काममें आथ बटानेका काम दीया ओर आजहीसे सब काम सुरु करनेको कहे दीया

में : आप लोगोने सब डीसाइड करलीया तो मुजे पहेले इधरकी फेक्टरीका काम सुरु करना हें ओर सबसे पहेले मशीन प्रोडक्शनका काम करना हें ताकी सब जगाह पहेले इन्टोलमेन्ट करदु बोलो अहेमदाबाद ओर राजकोट कोन आयेगा

दिव्या : जानु वहाभी काम सुरु हेतो वहाभी चलके देखना हें आप मायादी मीरादीको छोडके सबकी टीकीट बुक करवालो फीर हम सब अहेमदाबादसे राजकोट देख लेगे अब काका पुनेमें सब कंपलीट करके आयेहेतो उधरभी तीनो जगाह पुजा करनी हें फीर सब कृणालको सोपके आजाना आप अ‍ेक बार काकासे बात करलो फीर हम सब अहेमदाबाद राजकोट देखे तब तक आप पुना सब समेटके आजाओ सीधे राजकोट फीर उधर सब कंपलीट करके सब वापस इधर आजायेगे

अंजु : दिवु सही केह रहीहें आपको सब जगाह घुमेकी जरुरत नहीहें आप कृणालभाइको फोन करके बतादो कब मुहुर्त रखना हें फीर सब उसे सोपकर आजाना तबतक हम अपना सब काम देख लेगी क्यु नेनु

नेनु : हां यही ठीक रहेगा हमारा काफी टाइम बच जायेगा ओर हम चारोतो चार पांच महीना ही काम करपायेगी फीरतो हमे घरमेही रहेना पडेगा पेट फुलाके कहा घुमती रहेगी हें..हें..हें..

दादी : (पीछेसे आके) नेनुबेटी सही केह रही हें में पांच महीनेके बाद जीतनी प्रेगनेन्ट हे कीसीको बहार नही भेजुगी जीसको जो फेसला करना हें करलो फीर सीर्फ यहीसे काम करना पडेगा

माया : दादी ठीक केह रही हें सबको अब फास्ट दोडना हें ओर जब सब वापस इधर आजाओगी तब माधवीकी सादी इनसे कर देगे ओके

फीर सबने सहमती दीखाइ ओर सब काम तैय होगया तब अंजु ओर जसुने सबकी टीकीटका इन्तजाम करना सुरु कर दीया फीर सब अपनी ओफीसके टेबल पर जाके फोन घुमाने लगी तब में नेनुको लेकर होलमें बेठ गया तब सुनील बोला

सुनील : भाइ अब आपकी गाडी नही रुकेगी अब सब सही काम हुआ हें कही मेरी जरुरत होतो बता देना मेंभी इधरही हुं

नेनु : भाइ तबतो सोनेपे सुहागा होगया आपभी सबके साथ ओफीसमें बेठकर मार्गदर्शन करते रहीयो तो सबको आसानी भी रहेगी

में : भाइ में अभी हम दोनोके टेबलका केह देता हुं दादा सब अ‍ेरेन्ज कर देगे

सुनील : ठीक हे खाली बेठेगे तो ये दोनो मेरा दीगाग खायेगी तो उधर कामभी होता रहेगा हें..हें..हें..

तारा : अच्छा हम दोनो आपका दीमाग खाती हें सारीका याद रखना तुम

सुनील : (हसकर) अरे बाबा मेतो मजाक कर रहा हुं हें..हें..हें..

सारीका : (हसके) आप गभराये नही हमभी सीर्फ मजाकही करेगी अ‍ेब बार आइयेतो सही

सुनील : फस गया यार कुछ करोनां वरना मेरी खैर नही हें.हें..हें..

में : इतनीभी बुरी नही हें मेरी दोनो भाभी वो सीर्फ मजाकमें केह रही हें करेगी कुछ नही

तारा : अब आप इनकी तरफदारी मत करना हम आपको अच्छेसे समज चुकी हें

नेनु : भाइ अबतो गये कामसे, वेसे भाभी आपने करणभाइसे बात करली हेकी नही?

तारा : हां उसेभी करली ओर मंदासेभी करली बातोसेतो बहुत अच्छी हें दोनो बच्चेभी प्यारे हें

में : सब सही होजायेगा सब अहेमदाबाद जा रही हेंतो अ‍ेक बार सब मील लेगी

सारीका : नेनुदी दिवुसे कहेना जरा लताकी हालत देखले

तभी माधवी आगइ ओर उसने सब बाते जानली तब वो उठके सीधी ओफीसमें चली गइ ओर धारासे बात करने लगी फीर बहार आके कहेने लगी

माधवी : नेनुदी आप धारादीका ध्यान रखना थोडा जोखीम हें

में : क्यु क्या बात हें कुछ प्रोबलेम हे क्या माधु हमसे मत छुपाना सब सच बताना

माधवी : (हसकर) रीलेक्स राज अ‍ेसा कुछ नही हें जो तुम समज रहे हो, मुजे कुछ टेस्ट करना हें में अपने अ‍ेक्स्पीरीयन्स से केह रही हुंकी उसको सायद जुडवा बच्चे हे इस लीये मना कर रही हुं

दादी : क्या सच..कहेती हो तुम?

माधवी : हां दादी सच कहेती हुं ओर मेने उसे बात करली हे तो वो आपके साथ नही आरही

में : दादी माधु सही केह रही हें हमे कोइ जोखीम नही उठाना वो यही बेठके काम करती रहेगी वेसेभी उसको कहा फील्डमें काम करना हें तो वही रहेगी

नेनु : अच्छा कीया तु आगइ वरना अभी इसकी टीकीटभी बुक कर लेते

माधवी : वो मेने अंदर जाके केन्शल करवादी हे

सारीका : देखा घरमें अ‍ेक डोक्टर होतो कीतना फर्क पडता हें

माधवी : तारा भाभी आपभी खयाल रखीयेगा सायद आपकी हालतभी यहीहें हें..हें..हें..

तारा : (चोंकके मेरे सामने देखते) क्या.., क्या केह रही हो तुम हे भगवान...

दादी : तो चीला क्यु रही हें अच्छा हेना यहा इतनी सारी सम्हालनेवालीतो हें क्यु चीन्ता करती हें

तारा : (सरमाके हसते) दादी आप समजती नही हें अब इस उमरमें जुडवा आयेगेतो सरम नही आयेगी हें..हें..हें..

दादी : लो इसमे सरमाना क्या वोतो सब कुदरतका खेलहें तु क्यु चीन्ता करती हें मे हुना

नेनु : माधु सबकी सोनोग्राफी कब करनी हें?

माधवी : दी आप सब वापस आजाओ तो इधरही सबकी साथ कर लेगे में सोनोगौफी मशीन मेरी फ्रन्डके पाससे ले आउगी

में : माधु तेरे पास क्यु नही हें? तुभी अ‍ेक मशीन लेले

माधवी : नही..मेने नही लीया अभी हम नइ होस्पीटलके लीये ले लेगे आप फीकर मत करो

में : नइके लीयेभी लेना हेतो अभीसे लेले तुजे जो चाहीये उसका ओर्डर करदे जब हम वापस आये तब तेरा मशीन होना चाहीये तु बील अंजुको देदेना

माधवी : (हसकर) पर अभीसे क्यु इतना खर्चा करना में बादमें ले लुगीनां

में : चुप कर चीबावली जीतना कहा उतना कर समजी, तुजेतो हर वक्त जरुरत रहेती हें तो सबको बहारतो भेजती हें तो खुदकी क्यु नही ले लेती डफर..

माधवी : दादी समजालो अपने पोतेको मुजे डाटता हें ओर गालीयाभी देता हें

दादी : (हसकर) अब आदत डालले हमेभी देता हें हें..हें..हें..

माधवी : नेनुदी क्याये सुरुसेही अ‍ेसा हें आप कुछ कहेती नही?

नेनु : (हसकर) बहुत टड्ढाइ कीया, अब तुभी आके टड्ढाइ कर लेना हें..हें..हें..

में : अब समज गइना, माधु तु आजही ओर्डर करदे तु यही समजले में तेरे लीये नही हमारी होस्पीटलके लीये मंगवा रहा हुं समजी

माधवी : ठीक हे बाबा में ओर्डर करदेती हुं बस, चलो दादी में क्लीनीक पर चलती हुं बाय..

कहेके माधवी खुस होते चली गइ फीर में ओर सुनील बहार गार्डनमें चले गये वहां में सबको फोन करके बाते करने लगा पहेले काकासे बात होगइ वो सब कंपलीट करके आगये थे ओर अजय सीमा दो तीन दीन अपनी मम्मीके साथ रुकने वालेथे तो मेने अजयको वही रुकनेका केहदीया फीर कृणालसे बात हुइ

तो उसकोभी मुहुत नीकालनेको केहदीया फीर करण नीरज सबसे बात करली फीर महेश ओर बबलु सेभी बात करली सब काम चालु था ओर हम सब वहा आरहे हे की सुचनाभी देदी फीर दुसयंतसेभी बात करके बतादीया सब रेडी रखे तब सुनील अकेले टहेलने लगे क्युकी में फोनमें बीजीथा तब मेने कामेसको फोन कीया तो कहा

कामेश : भाइ आखीर आपने याद करही लीया इधर सब सेट होगया हें दोतीन दीनमें अब ब्रान्चका उदघाटनभी कर रहे हें ओर रहेनेके लीये अ‍ेक बंगलोभी मील गयाहें वो महेलसे सीर्फ पाच कीमी दुर हें उधरभी सब सामान सेट होगया हें ओर इधर बेंकने मुजे अ‍ेक गाडी भी दी हें तो सब बढीया सेट होगया हें अब आप सबको लेकर कब आ रहेहें

में : भाइ अभीतो बहुत कुछ चल रहा हें तुजे मीलके बताउगा तुजे पहेला अ‍ेकाउन्ट हमारा खोलना हें हमारी कंपनीका ओर दोतीन ओरभी खोलना हे अ‍ेक तगडी अ‍ेफडीभी करनी हें तुम सुनीलभाइसे बात कर लेना मेने कहाथातो अपना वादा पुरा करना हें मे तुजे बहुत बीजनेस दुगा, वेसे क्या कर रही हें सगुन कभी महेलभी आया करो

कमेश : भाइ सबको बहुत याद कर रहीहें आप अ‍ेकबार उसे बात करलेना मेंघरका अ‍ेडड्ढेस सेन्ड करता हुं ओके

में : चलो ठीक हें अभीतो सब अहेमदाबाद ओर राजकोट जा रहे हे ओर में पुना जा रहा हुं फीर आके मीलता हुं ओके चल बाय सगुनको यादी देना बाय..

जब सुनील दुर थातो मेने सगुनको फोन करदीया तो उसने उठा लीया

सगुन : आखीर इस बीवीकी याद आही गइ आपतो भुलही गयेथे कहो केसे हो जानु

में : बहुत बढीया तु सुना क्या कर रहीहो कभी फोनतो करती नही

सगुन : केसे करती बाबु इधर कीतना काम बाकी था अब जाके खतम हुआ हें, आपको पता हें हम महज पाच कीमी ही आपसे दुर हे मेने सीर्फ हमारे लीयेही नजदीक लीया हें

में : हां पता हें अभी कामेशसे बातकी तब पता चला अबतो तेरा अ‍ेडड्ढेसभी आगया हें तो फोन करके आजाउगा मुजेभी मेरी इस बीवीसे प्यार करना हें, वेसे क्या कहेता हे हमारा बेबी

सगुन : जानु अब कुछ फील लगने लगाहें, अ‍ेक बार आजाओ मेंआपको मीलना चाहती हुं

में : पता हे बेबी मुजेभी तुमसे मीलना हें, यु आर माय बेस्ट वाइफ में मोका मीलतेही आजाउगा

सगुन : जानु कामेशको महीनेमे अ‍ेक दो बार अपनी हेड ब्रान्च जाना पडेगा तो दो तीन दीन में अकेलीही रहुगी तोमें चाहतीहुं वो टाइम में आपके साथ स्पेन्ड करु, आओगेनां?

में : जरुर मुजे फोनपे बतादेना में आजाउगा बस वरना तु इधर आजाना

सगुन : नही आप इधर आओगे मुजे आपसे प्यारजो करना हें समज गये

में : जी रानी साहेबा में आजाउगा अब रखताहुं सुनीलभाइ इधर आ रह हे

कहेके मेने फोन काट दीया तब सुनीलभाइ आके कहेने लगे

सुनील : भाइ आपनेतो फोनपे सारी कशर नीकालदी हें..हें..हें..

में : अब सब जगाह जाना हेतो क्या करता मेरी सब बीवीओने अब मेरी वाट लगादी हें

सुनील : (हसकर) क्यु अब पता चला मेरी क्या हालत होती होगी हें..हें..हें..

में : सही कहा आपने हें..हें..हें..

सुनील : भाइ में अ‍ेक बार हवेली जाके देखता हुं हमे कल मुहुर्तभी करना हें

में : ठीक हें चले जाइअ‍े ओर लंचके टाइम आजाइगा आप गाडी ले जाइअ‍े

फीर सुनील गाडी लेके नीकल गये तब में अंदर चला गया तो सारीका ओर नेनु दादीसे बात कर रही थी तब में सीधे हमारे रुमकी ओर चला गया तब ताराने मुजे देख लीया तो वोभी छुपकेसे मेरे रुम में आके दरवाजा बंध कर लीया में बाथरुम में था जब बहार नीकला तब ताराने मुजे बाहोमें भरलीया ओर मुजे चुमने लगी

फीर अपनी सारी कमर तक उची करके घोडी बन गइ तब मेने लंड बहार नीकालके उसे पीछेसे पेलने लगा ओर हम दोनोने ताबडतोड चुदाइ सुरु करदी फीर दोनो खलास होगये तब वो मुजे कीस करके बहार चली गइ फीर मेभी लंड साफ करने बाथरुममें घुस गया फीर बहार आके नेनु ओर दादीसे चीपककर बेठ गया तो दादीभी चीपकनेसे गरम होने लगी ओर सबसे बाते करते मेरे सरको सहेलाने लगी

नेनु : जानु हम वापस आयेगे तब दादीको जाना हें ओर अ‍ेक हप्ते बाद वापस आजायेगी

में : क्या दादी अबभी आपको जाना हें (उसके कानमें) मुजे छोडकर

दादी : जानातो पडेगा बीटु तुजेतो पता हेना वो मेरी बहुके साथ मेरी ननंदकी बेटीभी हें वो बहुत आनेका फोन करती हें ओर मेरे सीवा अब उनका कोइ हेभी नही

में : दादी आपभी उस सबको इधर बुलाओना सब घुम लेगे इधर

दादी : ठीकहें मे जब जाउगी तब बता दुगी वेसे तुभी मुजे लेने आरहा हेंतो तुही बता देना

में : (चोंक कर) में..में क्यु आउ आप अकेली नही आसकती ओर उधर में कीसीको पहेचानता भी नही हुं

दादी : ठीक हें तो मत लेने आना मे उधरही रुक जाती हुं जब तुम दोनो लेने आओगे तभी आउगी

नेनु : दादी येतो आप हमे ब्लेकमेइल कर रही हें में केसे आसकती हुं अब इधरभी बहुत काम बढ गया हें देखा नही आज आपने सब, केसे कामपे लग गइ हें ओर में इनके साथ आउगीतो सबको बुराभीतो लगेगा

दादी : बीटु मेतो सबको लेजाने वालीथी बस ये कामकी वजहसेही नही लेजा रही हुं अ‍ेब बार मंदिरका काम खत्म होजानेदो फीर में सबको विदेश टुरमें भेज दुगी प्रोमीस बस

नेनु : हां दादी तब हम सब जायेगे अभीके लीये आप अपने पोतेकोही लेजाइअ‍े

दादी : ठीक हे बेटी मेतो तुजेभी लेजाना चाहती थी पर तेरीभी बात सही हें कोइ बात नही

सारीका : दादी उन सबको आप मंदिरकी प्रतीष्ठापे बुलाइअ‍ेनां

में : हां दादी येसही हें भाभीने क्या ग्रेट आइडीया दीया हें अबतो सब पका आप उसे तबही बुलाइअ‍े

दादी : हां बाबा हा में बात करुगी बस, अब जा सबको बुला लंच नही करना क्या

में : दादी अभी सुनीलभाइ आतेहे वो हवेली देखने गये हें कल उसे वहा मुहुर्त करना हें

दादी : चलो ठीक हें, वेसे तारा अब तुभी खयाल रखना अब तुजेभी में बहार नही नीकलने दुगी ओर सबको जो खाना पीनाहो सब कहे देना ये तुम्हाराभी घर हें समजी

तारा : जी सासुमा आप फीकर मत करीये, मुजेतो बहुत सरम आ रही हें हें..हें..हें..

दादी : इसमे सरमाना क्या बहुत ओरते लंबी उमरमें बच्चे पेदा करती हें तो तु क्यु नही

तभी सुनीलभाइ आगये तो सारीकाभाभी सबको बुलाके आगइ सब फ्रेस होकर लंच करने बेठ गये फीर सब लंचके बाद थोडा आराम करने चली गइ तब नेनुने मुजे दादीके पास सोनेको कहा ताकी इधर मेरा आराम होजाये वरना उसे पताथा हमारे रुम में इसे कोइ आराम करने नही देगी कोइना कोइ ठुकवाती रहेगी तो नेनु सबको लेकर चली गइ

ओर में दादीको लेकर उसके रुममें चला गया ओर दादीके साथ सोगया मेने दो धंटे नींदकी होगी तब मुजे लंडपे गीला महेसुस हुआ तो मेरी नींद खुल गइ ओर नीचे देखातो में चकीत रेह गया दादी मेरे लंडको मुहमें लेके अंदर बहार कर रही थी तो में कोनीके बल बेठ गया तब दादीने लंड चुसते हुअ‍े मेरी ओर देखा फीर उसने चुसना जारी रखा तब मेरे लेडने लावा छोड दीया ओर सीधे दादीके मुहमें चला गया तो दादीने सब गटकलीया

में : केशु आप..?क्या हे सब..?

दादी : जब मेरा पती मेरे साथ सोयाहो ओर में उसे प्यार नाकरु अ‍ेसा होसकता हें हें..हें..हें..

में : पर केशु आप सब केसे करपाइ आपने कभी अ‍ेसा कीया हें?

दादी : हां तेरे दादाका बहुत चुसतीथी मेरा बेटा ओर तेरे दादा तेरी तराहही ठरकी थे मेने तुजे कहाथाना मेरे सामनेही सबको ठोकतेथे

में : अरे हां केशु मुजे आप कुछ राज बताने वाली थी तो बताइअ‍ेना क्या राज हें

दादी : वो बादमें पहेले मुजे तु ठंडी करदे बहुत इच्छा हुइ हें अबतो तेरा ये हथीयार मुजे बहुत भा गया हे जब तब इसे अंदर ना लेलु तबतक चेइनही नही मीलता

इतना कहेकर दादी पैर फेलाके लेट गइ तब मेभी पैरके बीच आके लंड पुरा घुसा दीया ओर दादीको धनाधन पेलने लगा तब दादीभी मेरा साथ देके मजेसे चुदवाने लगी दादीको काफी देर पेलनेके बाद दोनो साथमें जड गये फीर बाथरुमें जाके दोनो फ्रेस होगये फीर बहार आके अ‍ेसेही लेट गये तब दादीने कहा

कन्टीन्यु......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०२[/color]
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इतना कहेकर दादी पैर फेलाके लेट गइ तब मेभी पैरके बीच आके लंड पुरा घुसा दीया ओर दादीको धनाधन पेलने लगा तब दादीभी मेरा साथ देके मजेसे चुदवाने लगी दादीको काफी देर पेलनेके बाद दोनो साथमें जड गये फीर बाथरुमें जाके दोनो फ्रेस होगये फीर बहार आके अ‍ेसेही लेट गये तब दादीने कहा.....अब आगे

दादी : बीटु तुतो जानता हें दिवानजी तेरे दादाके गुजरजानेके बाद कभी उसके घर नही गये तो में मेरे बेटेके हाथोसे उसके घर पैसे भेजतीथी अब उसकी पत्नी इतने सालोसे उससे नही चुदीथी तो उसको अ‍ेकही बच्चा था तब दो तीन महीनेमे चार पांच मुलाकातके बाद मेरे बेटेके साथ उसके नाजायज सबंध होगये ओर वो दिवानजीकी बीवीको आयेदीन उसके घर जाके चोदने लगा

में : क्या चाचु? वो भी अ‍ेसे थे? फीर क्या हुआ?

दादी : अ‍ेक दीन वो पेटसे होगइ तब दिवानजीको समजायाकी उसने घर जाना बंध कीया तब वो पेटसे होगइथी तब उसको यकीन आगया फीर नो महीने बाद उसने माधवीको जन्म दीया

में : मतलब माधवी आपकी पोती हें, ये बात कीस कीसको पता हें?

दादी : कीसीको नही सीर्फ उसकी मां ओर मेही जानती हुं खुद माधवीकोभी नही पता में उस टाइम दो लोगोके पैसे भेजती थी दुसरी मंजरीदेवी जो उसका पती हमारे यहा डड्ढाइवींग करते अ‍ेक्सीडेन्टमें गुजर गया था उसकोभी में पेसे भेजती थी तब उसको कोइ संन्तान नही था तब मेरा बेटा उसेभी रखेलकी तराह रखता था ओर वही पडा रहेता था तब उसकोभी गर्भवती करदिया ओर मनीषाको पेदा कर लीया

में : मतलब कनीषाभी आपकी पोती हे

दादी : सुनतो सही तब आपके दादाने उसे इन्गलेन्ड भेजनेका फैसला करलीया तब वो मेरी ननंदकी लडकीको लेकरही चला गया दोनो आपसमें प्यारजो करते थे वो प्यार वाली बात तेरे दादा जानते थे तो उसके साथ वो जगडाभी कर चुका हें प्यारके लीये उसने सारी दोलत ठुकरादी तब उसकी सब टेन्सनमें तेरे दादा चल बसे फीर ये दोनो कांड कीया तो उसको लगाकी अब सब भंडाफुट जाये इससे पहेले नीकल जाना चाहीये तो मेरी ननंदकी लडकीके साथ भाग गया ओर दोनो चले गये वहा उसको अ‍ेक बेटाही हुआ हे

में : दादी चाचुतो मेरे बापके भी बाप नीकले

दादी : बीटु तु वादा कर ये बात कीसीको नही बतायेगा नेनुको भी नही, में तुजेभी नही बतानेवाली थी पर क्या करु तु मेरा पतीजो हें तो तुमसे केसे छीपाती मनीषाभी मेरी पोती हें मेराही खुन इसलीयेतो दोनोकी सादी तुजसे करवा रही हुं ओर वेसेभी तेरी रानीयाभी हें हें..हें..हें..

में : दादी में कल मंजरीदेवीसे मीला था में ओर दिवु जब काम देखने गयेथे तब

दादी : केसी लगी दीखती हेना आजभी वेसी लेकीन उसने मेरे बेटे ओर उसके पतीके अलावा कीसीको अपने सरीरको नही छुने दीया वो मेरे बेटेको प्यार करने लगी थी पर मेरा नालायक बेटाने उसे रखेलकी तराह इस्तेमाल कीया वो बहुत अच्छी हें

में : हां दादी मेने देखा हें वो बहुत नेक हें

तब दरवाजा खोलके मीरा आगइ ओर हमारे साथ बेठ गइ ओर हम दोनोके सामने देखक मुस्कराते कहेने लगी

मीरा : मम्मी आपने इसको यहा क्यु सुलाया उधरभी बहुत सोनेकी जगाह हें

में : यहा बहुत सुकुनकी नींद आइ वहा तुम कहा सोने देती हो हें..हें..हें..

मीरा : (मुजे मारके) कुछतो सरम करो मम्मीके सामने सरम नही आती हें..हें..हें..

दादी : रहेने दे बेटी तुजे बहुत प्यार करता हें इसलीयेतो अ‍ेसा केह रहा हें

मीरा : क्या मम्मी आपभी आपही इसकी आदत बीगाड दोगी अब फ्रेसभी होजाओ अभी चाइ नास्ता होगया हें जाओ दोनो

फीर में ओर दादी बारी बारी फ्रेस होके होलमें आगये तब सोनु धारा जसु अंजु सब मुजे दादीके साथ सोनेकी वजहसे अ‍ेक अ‍ेक मुका मारती गइ तो में ओर दादी हसते रहे तभी ताराभाभी ओर सारीकाभाभी सुनीलके साथ आगये तब चाइ नास्ताभी आगया तो सब करने लगे तबभी सुनीलभाइने दादीसे कहा

सुनील : माइ मेरे बंगलेका कल मुहुर्त करना हें हम सबको सुबह ७ बजे उधर जाना हें

दादी : बेटा मेतो नही आपाउगी तु सब मेरी बेटीओको लेजाना

में : भाइ काजलतो इधर नही हें पर सगुन इधरही हेतो उसेभी बुलालेना फीर सारादीन इधर रहेगी तोवो फ्रेस होजायेगी वेसे आप पुजारीजीसे मील लीये? कीसके हाथो मुहुर्त हें

सुनील : कल सब देखनेके बाद उस फोन कीया था तो सारीकाके हाथो मुहुर्त नीकला

तारा : वेसेभी मेरी बहेन आपके लीये लक्की हे

तब सारीकाने सरमाते हसकर ताराको मुका मार दीया तो सब हसने लगे फीर सबने चाइ नास्ता फीनीस कीया फीर अ‍ेकके बाद अ‍ेक ओफीसमें जाने लगी ओर सब कामपे लग गइ तब सुनीलभी तारा ओर सारीकाको लेकर बहार नीकल गया होलमे सीर्फ में नेनु माया ओर दादीही बेठे थे तब मेभी नेनु ओर मीराके साथ बहार घुमने लगा तब अंदर दादीने मायासे कहा

दादी : मायाबेटी तु मेरे बीटुके साथ खुसतो हेना? तुजे इधर कोइ तकलीफतो नही हेनां?

माया : दादी आप क्या केह रही हें? आपके बेटेने तो मेरी जींदगी सवरदी हे कास ये पहेले मुजे मील जाते तो उसीसे सादी कर लेती इतना प्यार करते हे मुजसे

दादी : मेरा बेटा हेही अ‍ेसा, जीसे देखो उसके पीछे पागल होजाती हे

माया : दादी आपतो बाबासे बहुत बार मील चुकी हें ओर बाबा आपको हर राज बताते भी हें तो कहीयेनां कोन हे ये

दादी : बेटी मे सीर्फ इतना जानती हुं जब उसने तीन पत्नीओके साथ इस मंदिरकी स्थापना कीथी तबभी ये हमारे खानदानसे तालुक रखते थे मेरा बेटा तेरे दादा सब इन्हीके परपोते हे ओर बार बार इस खानदानमें जन्म लेते आया हें तब उसको उसकी तीन पत्नी साथमें नही मीलतीथी सीर्फ मेरी नेनु ओर सोनुही मीलतीथी अंजु नही मीलती थी तो इस जन्ममें सब मील गइ हे तो मंदिरका काम हो रहा हें, रही बात तेरी तो तुम दोनो बहुत प्यार करते थे पर कभी मील नही पाये ओर ना मीलनेकी वजहसे तु उसके प्यारमें जान दे देती थी फीर भटकती रहेती थी इस महेलमे

माया : तो दादी इस जन्ममे हमारा मीलन क्यु हुआ?

दादी : जब में ब्याहकर इस घरमें आइ तब बाबाभी इधर आगये थे अ‍ेक दीन तेरे दादा बाबाको धर लेआये तो तेरी आत्मा इसी घरमे भटकतीथी तब बाबाने सारी बात जानली ओर तेरे दादाको बतादी फीर उसने इस घरमें हवन करके तुजे मुक्त करवाया ओर तेरी गती करादी फीर कुछ दीन बाद बाबा वापस घरमें आये ओर कुछ वीधी करवाइ तब उसने कहाथा की अब महाराज जीस दीन इस खानदानमें जन्म लेगे उस जन्ममे उसको तुम मील जाओगी तु जब पहेली बार बीटुके साथ इधर आइथी तबही में तुजे पहेचान गइथी की तुही हे जो मेरे बीटुसे सादी करेगी

माया : (हसकर) तो आप सब जानती थी तो मुजे उस दीन बताया क्यु नही?

दादी : केसे बताती तब तु दुसरेकी बीवी थी मेने बाबासेभी कहाकी उसकीतो सादी होगइ हे ओर दो बच्ची भी हें तब बाबाने कहा की सब समय पर छोडदो ओर आखीर तु मेरे बेटेको मील गइ अब सुन आगे तुजे अ‍ेक प्यारासा बेटाभी होगा मेरा राजकुमार हें..हें..हें..

माया : क्या दादी अब आपको लगता हें ये सब इस उमरमें होगा हें..हें..हें..

दादी : बेटी सब संभव हें मेरी मीराको देख उसकोतो बच्चाभी नही होरहा था फीरभी पेटसे हुइकी नही बस इसके सम्पर्कमे आतेही सब संभव हो जाता हें, अ‍ेक बात ओर हमे आने वाले समयमे बहुत कुछ दीखनेको मीलेगा जो हमने कभी कल्पनाभी नहीकी होगी, येभी तेरे दादा ही हें उसीका दुसरा जन्म हे ये बात में ओर नेनु बेटीही जानते हें पता नही तुजे केसे बतानेको जी चाहता हें तो बता दीया पर ये बात कीसी ओरको मत कहेना समजी

माया : क्या..ये हमारे दादा भी हें? हे भगवान तुभी क्या क्या रुप दीखाता हें

दादी : बेटा येसब प्रकृतीके नीयमसे चल रहा हें इसमे मेरी या तेरी नही चलती इस बात में समज गइ हुं इसलीयेतो राजने दोनो बहेनसे सादी करली फीरभी में वीचलीत नही हुइ

माया : कीतना अजीब हे सब, देखोना में ओर मेरी बेटी रीटा, फीर मीरा ओर उसकी बेटी धारा हम सब आज इनकी बीवीया हें फीरभी कीसीके मनके भाव नही बदले ओर नाही कीसीको कोइ क्षोभ हे

दादी : वो इसलीयेकी हम सब प्रकृतीके आधीन होगइ हें ओर सब बाबाकी कृपासे होरहा हें ओर ये भगवानका इतना बडा भक्त थाकी सब भगवान आज इनके साथ खडे हें पता नही इस मंदिरमें अ‍ेसा क्या राजहें अभीभी लीगं बहार नीकली तबसे थोडी टेडीही हें कोइ उसे सीधी नही कर सका, ओर मजेकी बाततो येहेकी ये यहा तक आभी गया हें पर अभी तक वो शिवलींगके पास नही गया ओर बाबानेभी उसे अभी इनके पास जानेको रोकके रखा हें पता नही क्या राज छुपा हे

माया : भगवानकी लीलातो भगवानही जाने दादी आगे समयही बतायेगा की क्या होने वाला हें आपका बेटाभी मंदिरको लेके बहुत बडा वीजन देख रहा हें कहेते थे ये मंदिर देखकर लोग ताजमहेल भुल जायेगे

दादी : सच केह रहा हें वो उसके साथ तेरी बेटी रीटा ओर दिवुको आनेवाली कीतनी पीढीया याद करती रहेगी दोनो बहुत लकी हें जो मंदिरका नीर्माण देख रही हें, राज कोइ सामान्य व्यक्ती नही हें कोइ परम तत्वका ही स्वरुप हें अ‍ेसा मुजे लगता हें

माया : दादी अब आपने सही पकडा मुजेभी अ‍ेसाही लगता हें

तब नेनु ओर मीरा अंदर आके बेठ गइ ओर दादी मायाको कहेने लगी

नेनु : दोनो सासु बहु कबसे क्या बाते कर रही हें?

दादी : कुछ नही तेरे पतीकी बाते होरही हें आजा बेठ इधर, कीधर गया वो

नेनु : होटेल की ओर, राजनभाइ आगये हेंतो उसे मीलने गये हे

माया : दी अब उसे आये दीन अ‍ेसेही भागना पडेगा आप अपना खयाल रखीयेगा अब आप जरुरीहो तबही उनके साथ जाना वरना बच्चेकी ओर आपकी सहेत पर असर पडेगा

दादी : नेनुबेटी माया बेटी बीलकुल सही केह रही हें तु अपना खयाल रखना

नेनु : (हसकर) जी दादी अबतो मेरी दो दो दादी आगइ हे खयाल रखने हें..हें..हें..

इधर वो सब हसी मजाक करते बाते कर रही थी ओर में कार लेके नीकल गया तब रास्तेमें मेने माधवीको फोन कीया

माधवी : कहो जानु आखीर हमारी याद आही गइ, कहाहो आप?

में : वो सब छोड पहेले ये बता तुने मशीनका ओर्डर दे दीयाकी नही

माधवी : देदीया बाबु आप कहो ओर में काम नाकरु अ‍ेसा होसकता हें कीधर हो आप?

में : में होटेल जा रहा हुं अकेले तुजे आना हें क्या?

माधवी : सोरी जानु आज बहुत पेसन्ट हें में नही आपाउगी आपही चले जाओ

में : चल ठीक हें रीटनमें देखता हुं ओके चल बाय टेक केर, मुं..हां..

फीर में फोनपेही कीस देके आगे नीकल गया ओर थोडी देरमें होटेल पहोच गया तब राजन मुजे बहारही मील गया

में : कहो राजन सब कंपलीट कर आये?

राजन : (खुस होकर) हां जीजु बहुत बडीया कीमत दीलवाइ महेशभाइने ओर राजकोटभी हमारा फार्म देखकर आया बहुत बडा ओर मस्त हें

में : बबलुको मीलाकी नही, क्या कर रहा था वो?

राजन : जीजु बबलुतो बहुत फास्ट नीकला हमेतो पताही नही उसकी सादी होगइ वोभी अपनी बहेनसे क्या इसलीये आपने उसे वहा भेज दीया हें?

में : हां राजन दोनोही मेरी तराह प्यार करतेथे तो करदी सादी उसका केसभी अजयकी तराह था ये बात यहा कीसीको मत बताना वेसे क्या कर रहा था?

राजन : जीजु कुछ नइ बील्डींग बन रहीथी हमारी फेक्टरीके बीलकुल बगलमें ओर कुछ कोल्ड स्टोरजका काम चल रहा था दोनो बहुत बीजीथे तो में इधर आगया

में : (बाते करते चलते हुअ‍े दोनो हमारे ओफीसमें आगये) चलो ठीक हे मेभी दो दीन बाद जा रहा हुं

राजन : जीजु आप इधर बेठे होतो में कमलाको कीसी डोक्टरको दीखाके आता हुं उसकी तबीयत कुछ ठीक नही लग रही कुछ बुखार जेसा होगया हे में अभी आजाउगा

में : तु माधवीके पास चला जा में फोन करदेता हुं ओर में सामतक इधरही हुं तो आरामसे जा

फीर राजन चला गया तब मनीषा मेरी ओफीसमें आइ ओर दरवाजा बंध करके मेरे सामने बेठ गइ ओर मुजे अ‍ेक नजरसे देखने लगी

में : हेलो मनीषा केसी हो कुछ काम हे क्या?

मनीषा : क्या में कामके अलावा नही आ सकती?

में : बीलकुल आ सकती हें तु मानेतो ये ओफीस तेराही हें, ये ओफीस क्या पुरी होटेल तेरी हें हें..हें..हें..

मनीषा : राज अब आपको केसे समजाउ मुजे कुछ सुजही नही रहा क्युकी हमे नइ जींदगीकी सुरुआत करनी हे तो में आपसे कोइ बात छीपाना नही चाहती ओर बाबाने कहाहे तो मेरी सादी आपसे होकर ही रहेगी मुजेभी आपसे प्यार होगया हे जब आप पहेली बार आयेथे तब मुजे नही मालुम थाकी आपही हमारे राजा हो जब पता चला तबसे में अ‍ेक उलजनमें फसी हुं मुजे आपसे अ‍ेक बात कहेनी हें

में : क्या तुम मुजे सचमें प्यार करती हो? तो फीर मुजसे बात क्यु नही की?

मनीषा : अब आपको केसे यकीन दीलाउ की में आपसे प्यार करने लगी हुं खेर छोडो सायद मेरे नसीबमें ये सब नही हें में महज अ‍ेक पत्नी बनकरही रह जाउगी इसी लीये में आपसे अ‍ेक बात बताना चाहती हुं

में : मुजे पता हें तुम क्या कहेना चाहती हो फीरभी में तेरे मुहसे सुनना चाहता हुं

मनीषा : क्या.., आप सब जानते हो? पर केसे? ये बात सीर्फ हम तीन लोगही जानते हें

में : तेरे अलावा तेरी मम्मी ओर हमारी दादी, यही होनां तुम तीन लोग बता क्या कहेना चाहती हें

मनीषा : (चोंकके मेरी ओर अ‍ेक नजरसे देखते तब उसकी आंख गीली होगइ) राज अब केसे कहु पता हें मे आपकी कोन लगती हुं? सायद आप सब जान चुकेहो

में : हां पता हें तु रीस्तेमे मेरी बहेन लगती हें यही कहेना चाहती थीनां? ओर यही तेरी उलजन थीनां? अब बोल ओर क्या कहेना हें

तब मनीषाकी आंखसे आंसुकी धारा बहेने लगी तब में खडा होके उसके पास चला गया ओर उसका सर पकडके मेरे सीनेमे लगाके उसे बेठेही हग कर लीया तो मनीषाभी खडे होकर मुजसे लीपट गइ ओर फुटफुटकर रोने लगी तब में उसे पीठपर हाथ घुमाके सहेलाता रहा

फीर उसके आंसु पोछके उसको पानी पीलाया तब जाके वो सांत हुइ ओर अपनी जगाह बेठ गइ फीर मेभी उसकी बगल वाली चेरमें बेठके उसके दोनो हाथ मेरे हाथमें पकडकर कहा

में : मनीषा आज अपने आपको बीलकुल खाली करदे जोभी मनमें दबाके बेठी हो सब बतादे तेरे सब गम ओर दु:ख आज मुजे देदे में सीर्फ अ‍ेसेही मेरी पत्नीके नाते नही केह रहा हुं मेभी तुजे बेहद चाहता हुं बस तेरे प्यारके इजहारकाही वेइट कर रहा था आज तुने बता दीया तो में तुजे पुरी तराह समर्पीत होचुका हुं, बता क्या कहेना चाहती हें? ओर तुजे सब केसे पता चला?

मनीषा : (नम आंखोसे) राज जबसे में मेरे पेरपे खडी हुइ तब अ‍ेक दीन मुजे पापाकी तस्वीरके पीछेसे मुजे अ‍ेक ओर तस्वीर मीली जो मेरी मम्मी ओर दादीके बेटेकी थी तब मेने मेरी मम्मीसे पुछा तो उसने सब बता दीया तबसे हमने दादीसे मदद लेना बंध कर दीया ओर में काम करने लगी मम्मी जब वीधवा होगइ तब वो दादीके बेटेसे सचे दीलसे प्यार करतीथी ओर उसने मेरी मम्मीके जजबातोसे खेला फीर वो मेरी मम्मीको मजधारमें छोडके अपनी बुआकी लडकीको लेकर युके चला गया

में : सायद तुजे सब बाते पता चल गइ हे ओर बता

मनीषा : हां अब तुमही बताओ हम फरीयादभी करते तो कीससे करते दादी हमे अपने साथ रखनेको तैयारथी पर मेंने मना कर दीया क्युकी मुजमे उनके बेटेके लीये बहुत खुनस भर गयाथा उसने वहा जाकेभी मम्मीको अ‍ेक बारभी फोन नही कीया अब तुमही बताओ में क्या करती येबात में कीसीको केहभी नही सकती की में मेरी मम्मीकी नाजाइज ओलाद हुं तो ये सब बोज लेके में तुम्हे केसे अपनाती मेने आपको समजनेकी बहुत कोसीसकी ओर आपकी इतनी सारी रानीयाभी हें तो अ‍ेक ये वजहसे मेभी आपको दादीके बेटेकी तराह अ‍ैयास समजती थी पर जबसे बाबासे बात हुइ तब पता चलाकी में तुम्हारे बारेमे गलत थी

में : मनु तेरा सोचना बीलकुल सही हें रही बात बहेनकी तो मेने अपनी दोनो सगी बहेनसे प्यार कीया हें ओर उसके साथ सादीभी करली हें ओर आजभी में सबसे ज्यादा प्यार मेरी नेनुको दे रहा हुं क्युकी वोही मेरे लीये सबकुछ हें मेरी मां मेरा बाप मेरी बहेन सब कुछ ओर तुमतो मेरी रीस्तेमे बहेनहो तु अ‍ेक बात ओर नही जानती जो में वोभी जानता हुं

मनीषा : क्या? आप मुजे बता सकते हो?

में : अब जब में तुजे समर्पीत हो चुका हुंतो तुजसे अब कोइ बात छुपा नही सकता मेरा असुल हें तुम सीर्फ तेरे बारेमे जानती हो मेरी ओर बीवीओके बारे में नही उसका वक्त आयेगातो वोभी बता दुगा इसकेलीये अभी वक्त नही हें मुजपर विस्वास रखो

मनीषा : वीस्वासतो अब खुदसेभी ज्यादा हें, राज क्या आप अबभी मुजे स्वीकार करनेकेलीये तैयार हो?

में : मनु अबतो तु ना कहेगीनां तोभी तुजे अपनाउगा ओर कीसी ओरसे सादी करेगीना तो तुजे जबरदस्तीसे मंडपसे उठाके लेजाउगा हें..हें..हें..

मनीषा : (हसते) बीलकुल पागलहो, राज आइ लव यु, क्या मेरे प्यारको स्वीकार करोगे?

में : लव यु टु मनु, मेनेतो तेरा प्यार पहेलेही स्वीकार करलीया था जब पता चलाकी तु मेरी बीवी हें

तब मनीषा खडी होकर मेरे पास आइ तो मेने बाहे फेलाके उसे बाहोमें भरलीया ओर उसने मेरे सीनेमें अपना सर छुपा लीया फीर उसने सर उचाकीया तब मेने अपना होंठ उसके होठ पर रखदीया तो उसने आंखे बंध करली ओर मेरा साथ देने लगी फीर में उनसे अलग होगया ओर उसे बीठा दीया फीर खुदभी बेठके कहेने लगा

में : मनु सोरी बस सादीसे पहेले यहा तकही सीमीत रहेना मेभी सब सादीसे पहेले आगे बढना नही चाहता ओर मेने आज तक मेरी कीसीभी बीवीका गलत फायदा नही उठाया

मनीषा : जानती हुं आज मुजे दिवुने सब कुछ बताया हें इसीलीयेतो तुमसे प्यार कर बेठी

में : मनु तुजे मेरी अ‍ेक बात माननी पडेगी, हमारी सादीके बाद तेरी मम्मीको हम हमारे साथही रखेगे अब में उसका बेटा बनकर उसका खयाल रखुगा

मनीषा : ओह..राज आइ लव यु सो मच, मुजे सीर्फ उनकीही चीन्ता थी

में : मनु कल में ओर दिवु तेरे घर गये थे तेरी मम्मी बहुत अच्छी हें

मनीषा : क्या..तुम गये थे घर? मम्मीनेतो कुछ नही बोला

में : हमने उसे मना कीया था तुजे बतानेको में समजताथा की तु अकडु हें तेरी खुदारीका तुजे धमंड हें पर में रोंग था मुजे नही पता था तुजे ये सब राज पताहे इसलीये तु अ‍ेसा बीहेव कर रही हें आइ अ‍ेम सोरी मनु

मनीषा : अब हमारे बीच नो सोरी ओर नो थेन्कस ओके, वेसे आपको येसब राज केसे पता

में : मुजे सब दादीने बताया ओर सीर्फ हम दोनोके बीचही सीमीत हें तो तु चीन्ता मत करना ये राज अब राजही रहेगा तो तु फीकर मत करना

मनीषा : राज कीतने दीनोका बोज आज हल्का होगया ओर मुजे मेरा प्यारभी मील गया

मे : मनु में ओर माधवी सादी कर रहे हे क्या तुजे सब पता हें

मनीषा : हां पीछलीबार आइथी तब मीलीथी इधर आपके पीछेतो पुरी पागल हें क्या जादु करदीया आपने, पहेलेतो वोभी धमंडी थी जो आपसे नफरत करतीथी ओर अब खुद सादी करके जल्द आपके पास आजाना चाहती हें कहीना कही आप पका जादुगर हो हें..हें..हें..

में : नही मनु तेरी तराह उसकोभी कुछ गलत फेहमी थी जो दुर होगइ तो मुजे प्यार करने लगी अबतो दादी ओर नेनुभी चाहती हें माधु जल्द सादी करके इधर आजाये तो में अब तक टालता था क्युकी मुजे तेरी टेन्सनथी अब दादीने ओर दिवानजीने कलही तैय कीयाकी जब हम टुरसे वापस आये तब दोनोकी सादी कर देगे अब तु बता कब आना चाहती हें मेरे पास

मनीषा : अभी इसी वक्त हें..हें..हें.., राज मम्मीतो कबसे पीछे पडी हें उसने ओर दादीनेभी बुछ तैय कीयाथा पर में मना कर रहीथी, अब आपही डीसाइड करलो कब मुजे लेजारहे हो कहोतो अभी चली आउ हें..हें..हें..

में : तुतो माधुसेभी फास्ट नीकली हें..हें..हें.., बेबी तु जब चाहेगी तब हम सादी कर लेगे ओके तु अब सब टेन्सन छोड दे

मनीषा : राज में महेलमें आके नेनुदीसे माफी मागना चाहती हुं कही अन्जानेमें मेने उसे कुछ केह दीया हो

में : कोइ जरुरत नही में नेनुसे बात कर लुगा, अब छोड सब आइसक्रिम बाइसक्रिम खीलायेगी की नही

फीर मनीषा हसते हुअ‍े उठ गइ ओर बहार चली गइ फीर वापस आके बेठ गइ तब मेभी अपनी जगाह बेठ गयातो मनीषा मेरी आंखोमेही देखती रही ओर मंद मंद मुस्कराती रही

में : क्या सोचके हस रही हें अ‍ेसेना देख मुजे वरना ज्यादा प्यार हो जायेगा तो अभी सादी करनी पडेगी

मनीषा : हो जानेदो आपके प्यारके सागरमें खो जाना चाहती हुं, राज मुजे आपके प्यारमें समालीजीये मेभी माधवीकी तराह आपके पास आना चाहती हुं अबये दुरी मुजसे बरदास्त नही होगी कही में कुछ करना बेठु

में : पागलहे क्या मेतो अब तेरे साथही हुं बस अ‍ेक बार हमारा मीलन होजाये फीर तु हमेसा मुजे तेरे साथ पायेगी

मनीषा : (नसीली आंखोसे हसते) राज मे उस पलका इन्तजार करुगी जब हमारा मीलन होगा तब में पुरी तराह आपको समर्पीत होजाउगी तब में मेरा अस्तीत्व मीटा दुगी ओर आपके अंदर समा जाउगी बस मुजे ले चलो में मम्मीसे आजही कहे दुगी मुजे मेरे राजके पास जाना हें

में : मनु तु चीन्ता मत कर बस तु अ‍ेक बार माया ओर नेनुसे मीलले फीर तु मुजे हमेसा तेरे साथ पायेगी

तभी भारती तीन कप आइसक्रिम लेके अंदर आगइ ओर हमारे साथ बेठ गइ दो कप हमे देकर अ‍ेक खुद खाने लगी ओर मेरी ओर देखकर कहेने लगी

भारती : तो देवरजी पटालीया हमारी देवरानीको की अभी कुछ बाकी हें हें..हें..हें..

में : भाभी पटालीया हें अब इसे हमारे घर लेजाना हें इसको बोलो कब आना चाहती हें

तब मनीषा सरमके मारे पानी पानी होकर हसती रही तब भारती उसे देखकर कहेने लगी

भारती : हाये..हमारी देवरानी केसे सरमाती हें कहोतो इसे आजही सादी करवाके घर भेजदु

में : भाभी तबतो आपके मुहमें घी सकर, करवादो हमारी सादी हें..हें..हें..

मनीषा : राज आपने हमारी दादीको देखाहें आपको कच्चाही खा जायेगी, क्या भाभी आपभी

भारती : अरे में सच केह रही हुं कहोतो दोनोका इधरही गांधर्व विवाह करवादु

में : नही भाभी सुक्रिया में मेरी मनुको बाकायदा सादी करके लेजाउगा वोभी बहुत जल्द

तभी राजन ओर कमलाभी आगये तब कमलाभाभी मुजे देखतेही सरमाके मुस्कराने लगी तब राजननें हमे रोपोर्ट थमादी तो में देखने लगा जब रीपोट देखली तब मेने उसके सामने देखातो उसके चहेरेपे खुसी समा नही रही थी तब में खडे होकर उसको गले लगा लीया

भारती : अरे क्या हुआ हमेभीतो कुछ बताओ

में : भाभी राजन पापा बनने वाला हें कमलाभाभी इस प्रेगनेन्ट वो मा बनने वाली हें

तब भारती उछलके कमलाभाभीके गले लग गइ तब मनीषानेभी उसको अभीनंदन दीया फीर मेनेभी दोनोको बारी बारी अभीनंदन दीया तब राजनभी फोन करके जसुको बताने लगा तब कमलाभाभीने मुजे सबसे छुपकर धीरेसे थेन्कयु कहा

मनीषा : राज प्लीज आज आप दादीसे हमारे बारेमें बात करलेना अब में चलती हुं घर भी जाना हें

में : कीसमें जायेगी चल मेरे साथ आजाना मुजे रास्तेमें माधुसेभी मीलना हें

मनीषा : नही में कंपनीकी गाडीसे चली जाउगी वोही मुजे छोडने आती हें

में : चुपचाप बेठ इधर मेरे साथ चली आना, ओर मेरे साथ तुजे कोइ खतरा नही हें हें..हें..हें..

भारती : लो करलो बात बीलीको दुधकी रखवाली मील गइ हें..हें..हें..

में : चुप कर बंदरीया क्यु मेरी मनुको भडका रही हें तुजेभी देख लुगा

कमला : भाग भारती यहा अब खतरा हें वरना तेरे साथ मेराभी नंबर आजायेगा

कहेके दोनो बहार हसते हुअ‍े चलीगइ तब में ओर मनीनषा जोरोसे हसने लगे तब मेने कहा

में : मनु बस अ‍ेसेही हसती रहे चल हम नीकलते हें में तुजे घर छोड दुगा

फीर में राजन कमला ओर भारतीसे मीलकर मनीषाको लेके नीकल गया तब मनीषा मेरे साथ बेठते ही मेरी ओर तीरछी नजरसे देखती हस रही थी

मनीषा : राज अ‍ेक बात पुछु, आपकी इतनी सारी बीवी हेतो सबको केसे सम्हालते हो

में : वो राजतो तु जब सादी करके मेरे पास आयेगी तभी पता चलेगा

मनीषा : हां तो करलोना मुजसे सादी में जानना चाहती हुं

में : तु अ‍ेक काम कर अ‍ेक बार नेनु ओर मायासे बात करही ले वो तुजे सब बतायेगी

मनीषा : तो लेचलो मुजे महेल में उसे मीलकेही जाउगी उसे बातभी करनी हें

फीर हम दोनो माधवीके क्लीनीक पर आगये तब माधवी मेराही वेइट कर रही थी जेसेही हम दोनोको देखा खुसीसे उछल पडी ओर मनीषाको गले लग गइ फीर मुजेभी गले लगकर कीस करदीया तो मनीषा हसने लगी तब मुजे ओर मनीषाको हाथ पकडकर अंदर लेगइ ओर इसारा कीया तो सोनोग्राफी मशीन आगइथी जो पेकथी ओर कहेने लगी

माधवी : जानु अभी अभी आइ हें कल इस्टोलेशनके लीये कंपनी वाले आजायेगे फीर हम काम सुरु कर देगे थेन्कयु वेरी मच

में : मनु तु जरा बहारतो जा में उसे थेन्कयुका जवाब देदु हें..हें..हें..

माधवी : नही मनीषा तु इधर रहे सोरी सोरी में भुल गइ थी ओर सोरी केलीयेभी माफ करदो बाबा मुजे पता हें आपकी सजा हें..हें..हें..

फीर तीनो हसने लगे ओर बहार आके बेठ गये तब मेने माधवीको कहा

में : माधु में चाहता हुं तु ये मशीनका मुहुर्त तेरे बापुजीके हाथोसे करवा वो बहुत खुस होगे

माधवी : (अ‍ेक नजरसे मेरी ओर नम आखोसे) सबकी खुसीका कीतना खयाल रखते हो आपनेतो मेरे दीलकी बातभी बता दी, लव यु जानु में वही करुगी जो आपने कहा हे

में : बस अब आंसु मत बहाना वरना बकरी जेसी लगेगी, चल घर नही जाना?

तब माधवीने फोरन आंख साफ करके हसते हुअ‍े मुजे मुका मार दीया ओर खडी होगइ फीर हम तीनो अपनी अपनी गाडीमें महेलमें आगये जेसेही हम तीनो अंदर आये तो नेनु दादी ओर मेरी सब बीवीया हमे साथ देखतेही खुसीसे उछल पडी ओर सब दोडके बारी बारी मनीषा ओर माधुको गले लग गइ तब लास्टमें नेनु मुजे गले मीलतेही कहेने लगी

नेनु : जानु आखीर आपने मनुको मनाही लीया अब ठीक हे दोनोकी सादी साथमें हो जायेगी, पर उसे मनाया केसे मुजे बताना पडेगा समजे

में : (धीरेसे) नेनु वो अ‍ेक सीक्रेट बात हें सीर्फ तुम तक ही सीमीत रखना बादमें बताता हुं

नेनु : ओके पर बताना जरुर

कहेके नेनु मुजसे अलग होगइ ओर सबके साथ बेठ गइ तब मनीषा दादीके साथ बेठीथी ओर दादी उसके सर पर हाथ घुमा रही थी तब में अंदर फ्रेस होने चला गया ओर फ्रेस होके बहार आगया अभी तक सुनीलभाइ नही आयेथे तब मेभी दादीसे चीपकर बेठ गया तब दादी हसने लगी फीर मनीषाको कहेने लगी

दादी : तेरी मम्मीको कहेना कल सुनीलके बंगलेका मुहुर्त हे उसकी हवेलीपे आजाये फीर सब इधर आजायेगे तब मुजे उनसे कुछ बात करनी हें ओर तुमभी आजाना कल होटेल जानेकी जरुरत नही हें ओर माधवी तेरे घरभी सबको बोल देना सबका लंच डीनर इधरही हें समजी में तेरे बापुजीकोभी बोल दुगी, ओर क्या हुआ तेरे मशीनका ओर्डर दीयाकी नही

मनीषा : दादी मशीनतो आभी गया कल उसकाभी मुहुर्त करना हें दादाके हाथोसे

दादी : क्या..आ गया इतनी जल्दी? इधर मीलता हे क्या?

माधवी : नही दादी दिल्हीसे मंगवाया था तो बाय प्लेनही आगया

दादी : बहुत फास्ट सर्विसहे उसकी, चलो खच्छा हुआ अब तुमे सोनोग्राफीके लीये कीसीको सीमलातो नही भेजना पडेगा तु मेरी सब बहुओसेही मुहुर्त करदे जब मुहुर्त हो जाये तब सबको उधर लेके जा

सोनु : (हसके) दादी सबको उधर भेजनेकी क्या जरुरत हें, जो प्रेगनेन्ट हे उसे लेजाना हें हें..हें..हें..

तब सब हसने लगेतो दादीनेभी हसकर सोनुको मुका मार दीया फीर सब बाते करते रहे तब मनीषाने घर जानेको कहा तो में उसे छोडने चला गया माधवी लंचके लीये रुकने वालीथी ओर मनीषाने अपनी मम्मी अकेलीथी तो मना कर दीया ओर हम दोनो उसके घर आगये तब मनीषा मुजे अंदर ले गइ तब उसकी मम्मी हम दोनोको देखकर बहुत खुस होगइ मेने जातेही उसके पैर छुअ‍ेतो वो मना करने लगी तब मनीषाने मुजे पानी पीलाया फीर मेरे लीये चाइ बनाने चली गइ तब उसकी मम्मी मेरे पास आके बेठ गइ ओर मुजसे धीमी आवाजमें पुछने लगी

मंजरीदेवी : बेटा क्या मनीषा मान गइ इतनी खुस क्यु हे?

में : हां आंटी वो मान गइ हें ओर मुजसे जल्द सादी करना चाहती हें आपकोतो कोइ अ‍ेतराज नही हेनां?

मंजरीदेवी : मुजे क्या अ‍ेतराज हो सकता हें वेसेभी उसकी सादी तुम्हारे साथही होने वाली हें (हसकर) वेसे कीतनी बीवीया हुइ क्या १६ पुरी होगइ?

में : (हसकर) जी मेने गीनी नही पर अब ओर सादी नही करना चाहता बस मनु ओर माधवी आजायेतो बात खतम

मंजरीदेवी : (हसकर) क्या नसीब पाया हें इस जमानेमे १६ बीवीया वेसे बोडी मस्त बनाइहे आपने जीम बीम जाते थे क्या?

में : नही आंटी घरपेही जीम था ओर मुजे सोकभी था (उसकी मस्ती करनी सुजी) वेसे आपभी मनीषाकी बडी बहेनही लगती हें इतनी छोटी उमरथी तो आपने दुसरी सादी क्यु नहीकी तब मनीषाभी छोटी थी दादीने बताया था मुजे

मंजरीदेवी : (सरमाते हसकर) क्या आपभी..में छोटी लगती हुं? मनु छोटीथी तब बात कुछ ओर थी जो में आपको नही बता सकती आपकी दादीको सब पता हें

में : आपही बता दो, क्युकी आप बातेभी बडी प्यारी करती हे बीलकुल आपही की तराह जी चाहता हें आपसे बाते करताही रहु इतनी मधुर आवाज हे आपकी

मंजरीदेवी : (सरमाके हसते हुअ‍े) बातेतो आप प्यारी करते हो जो कीसीकोभी बातोमें वस करलो कहासे सीखा ये हुनर हें..हें..हें..

में : (हसकर) कहीसे नही बस आपजेसी खुबसुरत हसीना सामने होतो बाते अपने आप हो जाती हें ये सीखनेकी जरुरत नही हें

मंजरीदेवी : (हसते) अच्छा.. में खुबसुरत! ओर हसीनाभी! जनाब बेटीको छोडके कही मम्मीको लाइनमे लेनेका इरादातो नही हें..हें..हें..

में : (सरमाके हसते) क्या आंटी आपभी मेतो इधर आपकी बेटीका हाथ मागने आया हुं

मनीषा : (चाइ लेके आते) सासु जमाइ क्या बाते कर रहेहो कही मुजे इस घरसे भगानेका प्लानतो नही कर रहे हो हें..हें..हें..

में : नही तेरी मम्मीको केह रहा था अब आप मेरी जीम्वसवारी हो तो आपको सादीके बाद हमारे साथ महेलमेही रहेना पडेगा

तब मंजरीदेवीकी आंखोमें चमक आगइ ओर मेरा जुठ बोलनाभी उसको पसंद आ गया तो मेरी ओर तीरछी नजर करके चाइ पीते हसने लगी फीर में ओर मनीषाभी चाइ पीने लगे तब मनीषाने उसकी मम्मीसे कहा

मनीषा : मोम मुजे राजसे प्यार होगया हें ओर हम दोनो अ‍ेकदुसरेको बहुत प्यार करते हें तो में उसे जल्दसे जल्द सादी करना चाहती हुं इसके लीये कल दादीने आपको बुलाया हें

मंजरीदेवी : (हसकर मेरी ओर देखते) देखा आज कलकी लडकी कीतनी बेसर्म होगइ हें मांसे सीधे मुह परही कहे देती हें, ठीक हे भइ मील लुगी कीतने बजे मीलना हें?

मनीषा : (हसकर) मोम कल सुनीलभाइके बंगलेपे मुहुर्त हें उसके बाद हम सब महेल चले जायेगे ओर पुरा दीन उधरही रहेना हें लंच डीनर सब दादीके साथ, क्यु राज

मंजरीदेवी : मनु कीतनी बीगड गइ हे तु होनेवाले पतीको नामसे बुलाती हें सरम नही आती

में : आंटी आप कोनसे जमानेमें जी रही हें येतो सब आम बात हें ओर मेभी मेरी सब बीवीओको नामसेही बुलाता हुं

मंजरीदेवी : हां भाइ अब हमारा जमाना नही रहा सब चेन्ज होगया हें कोइ बात नही

मनीषा : क्या मोम आपभी, राज आप पांच मीनीट बेठो में अभी कलके लीये दुध लेआती हुं

में : कल दुधका क्या करेगी कलतो पुरा दीन उधरही रहेना हें

मनीषा : (बहार जाते) वो आप नही समजोगे में कल आपको बताउगी दुधका क्या करना हें

मंजरीदेवी : (मनीषाके जातेही) तो जनाबने मनीषाके सामने जुठ क्यु बोलदीया ओर आपने मेरी सारी जीम्वेवारीभी लेली इसका मतलबभी जानते हे आप ओर मुजे पुछे बगेर अपने साथ महेलभी लेजा रहे हो (हसते मेरी ओर आंख नचाते) जनाबका इरादा क्या हें?

में : आंटी इरादातो अ‍ेक दम नेकहें सादीके बाद आप इधर अकेली क्या करोगी, फीर आपकी जीम्वेवारी भीतो मनीषा उठा रही हें तो सादीके बाद मेरीभी जीम्वेवारीहो जाती हें आपकी देखभाल करनेकी तोमे महेल लेजा रहा हुं इसमे गलत क्याहें अगर हमारे साथ नही रहेना चाहती तोभी मेने अलग व्यवस्था करली हें, वेसेभी उस महेलमें आपकाभी हक हें

तब मंजरीदेवी चोंक कर अ‍ेक नजरसे मेरी ओर देखने लगी ओर उसकी आंख गीली होगइ

में : आंटी अफसोस आप मुजे गलत समज रहीहें जो आप मानतीहे वोमें नही हुं (खडा होके हाथ जोडकर) नमस्ते, मनीषाको कहीयेगा फोन आयातो चला गया गुड बाय

कहेके में बहार आके सीधे कारमें बेठके नीकल गया पीछे मंजरीदेवीने बहुत आवाजे दी पर मेने अनसुनी करके नीकल गया ओर रास्तेमें मेने मनुको फोन करदीया

में : मनु मुजे अरजन्ट जाना पडातो में नीकल गया हुं हम कल मीलते हें ओके बाय

कहेके नीकल गया ओर सीधे महेल पहोच गया तो सब होलमें बेठके बाते कर रही थी उधर मनीषा जब घर आइ तो उसकी मम्मी रोरही थी मनीषाके आनेकी आहट सुनके आंसु पोछके मनीषाको कहेने लगी

मंजरीदेवी : बेटा वो राज चला गया उसको कुछ फोन आया था

मनीषा : हां मोम उससे बात होगइ हम कलतो मीलही रहे हें कोइ बात नही

मंजरीदेवी : बेटा तु उसे अच्छेसे जान गइ हेना कोइ गडबडतो नही हे?

मनीषा : (उसकी मोमकी ओर देखकर) मोम आज तक में इसको सीर्फ परख ही रहीथी ओर मेने हर तराहसे परखा हें उसके बादही सब नीर्णय कीयाहें ये राज बहुत अच्छा लडका हें उसकी तराह नही जो आपको छोडके भाग गया उससे बीलकुल वीपरीत हें आज तक उसकी कोइ बीवीसे जबरदस्ती नही कीहे ओर सबके साथ सादीके बादही रोलेशनमें आया हें बडा उसुलवाला लडका हें माधवीतो डोक्टर हें बहुत पढीलीखी ओर धमंडीभी फीर भी उसे पागलोकी तराह प्यार करने लगी हें क्यु? क्युकी मुजसे ज्यादा उसने हर तरहसे परखा हें उसने खुद मुजे सब बताया तभी जाके मेंने हा कहा हें

मंजरीदेवी : तब ठीक हें उसने मेरी भी जीम्वेवारी लीहे क्यु?

मनीषा : क्युकी वो हमारी सब परीस्थीतीसे वाकेफ हें सादीके बाद आपकी जीम्वेवारी कोन उठायेगा ये सब वो भलीभांती जानता हें सायद आपको पता नही होगा मीरा दीदी ओर माया दीदी उसकीही बीवीकी मां हें ओर दोनोकी बेटीओके कहेने परही उसकी मम्मीसे सादी करली हें तो कोइ बेटी अ‍ेसा क्यु करेगी कुछतो रीजन होगा

मंजरीदेवी : क्या मा बेटी दोनोसे सादी कीहे?

मनीषा : मायादीसेतो अभी अभीही सादी कीहे उसके पतीने दोनो बच्चीके ब्याहके बाद उसकी माको छोड दीया क्युकी उसकीभी दुसरी बीवीथी तब राजने रीटाकी मम्मीकी सब जीम्वेवारी उठाली ओर अपने साथ रखनेका फेसला लीया तब रीटा ओर दिव्यादी के कहेने पर उसे सादी करली तो क्या हम उसे गलत माने क्यु कोन इन्सान होगा जो इस उमरमें १६ बीवीयाको सम्हालेगा हे कोइ आपकी नजरमें

मंजरीदेवी : तो उसने मेरी जीम्वेवारी लीहे तो क्या तुभी अ‍ेसा करेगी क्या कहेना चाहती हे तु?

मनीषा : मोम में आपके साथ बहेस करना नही चाहती मुजे सीर्फ इतना पता हें वो अ‍ेसा नही हें अब मे इसे प्यार करने लगी हुं आगे जाके पता नही अगर अ‍ेसी सीचुअ‍ेशन आगइ ओर मुजे कोइ अ‍ेसा नीर्णय लेना पडातो मुजे नही लगता उसमे कोइ गलत हें कमसे कम आप सुकुनकी जींदगीतो जी सकोगी वेसे अ‍ेसा होने वाला नही हें फीरभी में केह रही हुं ताराआंटी तो केह रही हें माया अब तक नरककी जींदगी जीती आरही हें ओर यहा वो खुद स्वर्गकी अनुभुती करती हें इतना अगर तब सोचा होता तो आज हमे ये दीन नही देखने पडते

मंजरीदेवी : इसका मतलब तु अभीभी मुजे इस परीस्थीतीकी जीम्वेवार मानती हें?

मनीषा : नही मोम आप अभीभी मुजे गलत समज रही हें, छोडीये सब खामखा आप परेसान होगी मुजेतो बस इतना मालुम हेंकी मुजे अब राजसे सादी करनी हें

तब मंजरीदेवी सोचमें पड गइकी मनीषाकी बातमें बहुत दम हें अगर राजभी उससे सादी करलेतो मनीषाको कोइ अ‍ेतराज नही करेगी ये सोचके वो मनही मन खुस होने लगी तब राजके बारेमें सोचतेही चुतसे पानी बहेने लगा तो बहुत सरमाइ क्युकी इतने बरसोके बाद उसकी प्यास बुजानेका रास्ता दीख रहा था

वो राजको अपने पतीके रुपमें इमेजींग करन लगी ओर उसकी चुत पानी बहाती रही तब उससे रहा नही गया ओर वो बाथरुम में चली गइ ओर राजको इमेजींग करते चुतमें उंगली करने लगी जब जड गइ तब सांत होके चुत साफ करली ओर गाउन पहेनकर आगइ ओर डीनरकी तैयारी करने लगी

इधर जब में अंदर आया तब सब हसने लगी तब दादीने कहा

दादी : (हसकर) छोड आया होने वाली बीवीको क्या केह रहीथी तेरी सासुमां?

में : क्या कहेगी मुजे कुछ कहेनाही नही था सब मनुनेही केहे दियाकी में राजसे सादी करना चाहतीहु आप चाहो या नाचाहो उसनेतो सीधी ब्युगल बजादी कमालकी लडकी हें

माधवी : सब मेरी तराह सीधी ओर भोलीभाली थोडीना होती हें क्यु दादी?

में : हां बहुत भोलीहो ओर सीधीभी जलेबीकी तराह, चुप कर तुनेभी कम पापड नही बेलवाये

माधवी : (जुठमुठ गुसा करते) दादी..समजालो अपने लाडलेको मेने कहा पापाड बेलवाये

दादी : अरे.....चुप होजाओ दोनो क्या जगडतेही रहेते हो सोनु बीटीया तुही सम्हाल इसे वो सीर्फ तेरी बातही मानेगी

सोनु : (हसते हुअ‍े) ठीक हें दादी अभी समजाती हुं इसे

माधवी : (हसकर) नही नही में समज गइ दादी आप सोनुदीसे मत कहीये हें..हें..हें..

कहेकर सोनुकी ओर देखकर जोरोसे हसने लगी तब मेरी सब बीवीया जोरोसे हसने लगी तब में कुछ सोचमें डुबा हुआ था तो नेनुने नोटीस कर लीया तो धीरेसे उठकर मेरे पास आके बेठ गइ

नेनु : क्या बातहे जानु आपको क्या परेसानी हें मुजे बताइअ‍े क्या बात हुइ उसकी मम्मीसे

में : नेनु तुजे सब पता केसे चलजाता हें मेरी कीससे बात हुइ तु जादुगर हे क्या?

नेनु : जानु आपको भी पता हें मे कहा रहेती हुं तो बार बार बताना नही चाहती बस आप मुजे अपनी बात बताइअ‍े

फीर मेने नेनुको सारी बात बतादी तब नेनुभी कुछ सोचमें पड गइ फीर कहेने लगी

नेनु : आप फीकर मत करो उसने कीसीसे बहुत बडा धोखा खाया होगा तो अ‍ेसी बात कर रही हें आपको मनीषानेतो कुछ नही कहाने तो बस अब सब हम पर छोड दीजीये ओर हां आप सबकी टीकीट बुक होगइ हें परसो सुबह नीकलना हें तो मे सब तैयारी करलुगी

में : आप सबका मतलब तु नही आरही क्या?

नेनु : नही जानु में नही आ पाउगी आप जानतेहेना सब मेरी वजहसे कीतने परेसान होगये थे में तीन चार दीन नीकाल लुगी आपसे फोनपे बात करलीया करुगी बस

फीर हम सब डीनर करने बेठ गये तब माधवी मेरी ओर देखकर हसते हुअ‍े उल्टा सीधा इसारा कर रहीथी फीर सबने डीनर फीनीस कीया तब दादीने दिवानजीसे सुनीलके यहा आनेका न्योता देदीया फीर दोनो बाप बेटी चले गये तब सुनीलभी तारा सारीकाको लेकर जल्दी सोना चाहताथा तो चला गया क्युकी उसे सुबह जल्दी उठनाभीथा तब दादीने धीरेसे मुजे अपने रुममें आनेको कहा फीर सब अपने रुम में जाने लगे तब नेनु ओर में दादीके रुममें चले गये ओर नेनुने दरवाजा बंध करलीया तब नेनुने धीरेसे मुजे कहा

नेनु : जानु आप जल्दीसे उसे ठंडा करदो फीर हमे जानाभी हें, दादी बहुत ठरकी होगइ हें हें..हें..हें..

फीर दादीके पास चले गये ओर बेठ गये तब दादीने कहा

दादी : हां बोल बीटु क्या केह रहीथी मंजरी कुछ उलटा सीधातो नही कहा तुजे मेरे बेटेने गलत कीया तबसे कीसीपे भरोसा नही करती बहुत अच्छी हें वो

में : नही दादी अ‍ेसी कोइ बात नही हुइ बस मुजे परख रही थी

नेनु : दादी क्या गलत हुआहे उसके साथ मुजे बताइअ‍े

में : दादी आप नेनुको बताने दो वो कीसीसे नही कहेगी क्युकी में कोइ बात उससे नही छीपाता ओर आपकोभी वादा कीया हें, दादी ओर अ‍ेक बात, मनीषाभी ये सब बाते जानती हें आज उसने मुजे सब कुछ बताया जो आपनें मुजे बताया था

दादी : (चोंकते) क्या..? फीर कुछ नही बोली?

में : नही दादी उसके दीलका बोज आज हल्का होगया फीर उसने मुजे प्यारका इजहारभी कीया तो अब नेनुको बतानेमे कोइ हर्ज नही हें

दादी : ठीक हें बातादे पर नेनु सीर्फ तेरे तकही सीमीत रखना

फीर मेने माधवी ओर मनीषाकी सारी स्टोरी सुनादी तब नेनु जोरसे हसने लगी ओर हसतीही जा रही थी फीर सांत होके करेने लगी

नेनु : (हसकर) जानु क्या आपके नसीबमें सीर्फ बहेनके साथ सादी करनाही लीखा हें कीतनी बहेन हुइ आपकी हें..हें..हें..

दादी : अरे हां बीटु येतो मेने सोचाही नही कीतनी बहेनसे सादी होगी हें..हें..हें..

नेनु : पांच दादी में सोनु धारा ओर अब मनीषा ओर माधवी हें..हें..हें..

में : नेनु इस बारेकें माधवीको कुछ नही पता तो बी केरफुल समजी

नेनु : जी पतीदेव समज गइ अब ये बातको यही भुलजाओ अब चलना हेकी अपनी पुरानी बीवीसे प्यार करना हें

तब दादी सरमाके हसने लगी तब नेनुने दादीको सुलादीया ओर उसकी सारीभी कमर तक करदी तब दादी खुब सरमाइ ओर में दादीकी चुत देखतीही गरम होगया ओर सीधा लंड नीकालकर पैरके बीच बेठके चुतमें लंड रगडने लगा जब गीला होगया तब चुतमें लंड उतार दीया ओर दादीको धनाधन पेलने लगा तब नेनुभी अपनी चुत सहेलाने लगी ओर वोभी दादीके पास सोगइ ओर दादीको कीस करने लगी तब दादी अ‍ेकदम गरम होगइ ओर अपनी कमर उछालने लगी मेरी ओर दादीके बीच १५ मीनीट तब घमासान चुदाइ हुइ फीर दोनो साथमें जड गये फीर दादी बाथरुम में चली गइ ओर हम उसे सुलाके हमारे रुम में आगये

माया : आगये दोनो चलो सब आपकाही वेइट कर रही थी

फीर धारा मीरा जसु अंजु माया दिवु ओर रीटा सोनुको दो दो राउन्ड पेल लीया तो सब नहाके सोगइ तब में ओर नेनु महासागरमें गोते लगाने लगे नेनु अभी भी मेरी पहेली पसंद हें उसके साथ सेक्समें अ‍ेक अलगही अनुभुती होती हें ओर आजभी दोनोका प्यार हर दीन बढताही जा रहा हें में ओर नेनु सुबह ४ बजे तक चुदाइ करते रहे ना वो थकतीथी ना में बस लगातार सागरमें गोते लगाते ही रहे ओर ४ बजे दोनो नहाके हमेसाकी तराह चुतमें लंड डालके नंगेही सोगये

कन्टीन्यु.......[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०३[/color]
[color=rgb(0,]
फीर धारा मीरा जसु अंजु माया दिवु ओर रीटा सोनु को दो दो राउन्ड चोद लीया तो सब नहाके सोगइ तब में ओर नेनु महासागरमें गोते लगाने लगे नेनु अभी भी मेरी पहेली पसंद हें उसके साथ सेक्समें अ‍ेक अलगही अनुभुती होती हें ओर आजभी दोनोका प्यार हर दीन बढताही जा रहा हें में ओर नेनु सुबह ४ बजे तक चुदाइ करते रहे ना वो थकतीथी ना में बस लगातार सागरमें गोते लगाते ही रहे ओर ४ बजे दोनो नहाके हमेसाकी तराह चुतमें लंड डालके नंगेही सोगये..अब आगे

सुबह मीराने सबको पांच बजे उठाया ओर सब बारी बारी दो दो करके नहाने जाने लगी ओर बहार आके तैयार होने लगी फीर लास्टमें मे ओर नेनु अंदर चले गये तो जाहीरसी बात हें ओनोने अंदर खडे खडे अ‍ेक राउन्ड लगाही लीया फीर बहार आके तैयार होगये तब सबकी मांग भरदी ओर सब मेरे पैर छुके कीस करके दादीके रुमकी ओर जाने लगी तब दिवु ओर सोनुभी मेरे साथ चलने लगी

फीर सब दादीके पैर छुके उसे लेकर बहार आगइ क्युकी दादीने मुजे अब पैर छुनेको मना करदीया था रीजन आप सब जानते हें फीर चाइ नास्ता करके हम सब सुनीलकी हवेलीकी तराफ नीकल गये वहा पुजारीजीने सब रेडी रखाथा तब दिवानजी की फेमीलीभी आगइ ओर थोडी देर बार मनीषा ओर उसकी मम्मीभी आगइ तब सुनीलभाइ सारीका ओर ताराभाभी पुजामें बेठ गये

तब राजन राकेश कामेश ओर सगुनभी आगये अ‍ेक मंडप लगवाया था ओर चेर थी तो सब बेठ गये ओर पुजा सुरु होगइ थोडी देर बाद भारती ओर मनीषा चली गइ आधे घंटे बाद दोनो वापस आइ तब सबकेलीये चाइ नास्ता बनाके लाइ तब पता चला कल मनीसा दुध लेने क्यु चली गइ थी फीर सबको दोनो चाइ नास्ता देने लगी फीर मेरे पास आके मुजे चाइ देते कहेने लगी

मनीषा : क्यु बाबु अब पता चला में कल क्यु दुध लेने गइ थी

में : (हसकर) वेरी स्मार्ट गर्ल

मनीषा : (हसते) थेन्कयु बाबु अब लो नास्ता करना हेकी नही?

में : नही में सीर्फ तेरे हाथकी चाइ ही पीयुगा

फीर मनु मुजे चाइ देके आगे नीकल गइ तब दादी ओर दिवानजीकी बीवी ओर मंजरीदेवी बातोमें मसगुल थी तब नेनु ने मुजे दादीकी ओर इसारा करते कहा

नेनु : (हसके) जानु लगताहें दादी पुरा प्रोग्राम फीक्स करके आयेगी तीनो केसे गंभीर होके बात कर रहीहें हें..हें..हें..

अ‍ेक घंटे बाद पुजा खतम होगइ फीर सारीकाने त्रीकम मारके मुहुर्त कीया तब सबके लीये आइसक्रिम आगया फीर सब बाते करते आइसक्रिम खाने लगे तब माधवी आगइ तो राजननें उसेभी आइसक्रिम दीया तब खाते खाते वो बात करने लगी

माधवी : नेनुदी क्लीनीक पर मशीनका मुहुर्त करना हें में दादाको लेने आइ हुं वहा कोन आ रहा हें मेतो कहेतीहुं इधरसेही सब चलो

में : जा जा मुफ्त में कोन आये, उधर तु कुछ खीलाने पीलाने वालीतो हे नही

माधवी : (गुसा होकर) में आपकी तराह कंजुस नही हुं समजे, (दादीकी ओर) दादी समजालो अपने लाडलेको मुजे कंजुस समजता हें में सबको मुहुर्त करने लेने आइ हुं ओर उसको वहा पार्टी चाहीये

दादी : हे भगवान तुम दोनो फीर जगडने लगे पार्टी में देदुगी तु चल सब सीधे तेरी क्लीनीक पर आरहे हे फीर सब महेलमें आजायेगे उधर पार्टी रखी हें बस

में : दादी क्या तुम भी मुहुर्त कोइ ओर करे ओर पार्टी हम दे, अ‍ेसा कही होता हें?

दादी : (हसकर) बीटु जाने दे वो मेरीभी बेटी हें चल बेटी

कहेके दादी खडी होगइ तब हम सबभी खडे होगये तब माधवीने हसकर दांत पीसके मुजे मुका मारदीया तब सब हसने लगे फीर हम सब कारमें बेठके सीधे क्लीनीक पर चले गये तब पुजारीजीनें मशीनकी पुजाकी फीर माधवीने अपने पीताजी ओर दादीके हाथसे मुहुर्त कीया फीर वहाभी माधवीने सब इन्तजाम करके रखाथा

सबके लीये समोसे ओर कोल्डड्ढींक आगया फीर सब खतम करके वापस महेल आगये तब माधवीके साथ उसकी सेक्रेटरीभी आइ थी ओर सब होलमें बेठ गये तब सब बारी बारी फ्रेस होने जाने लगे तब माधवी की मम्मी सुलक्षणादेवी मेरे पास आगइ ओर मुजसे कहेने लगी

सुलक्षणादेवी : बेटा कल उधर मंजरीके यहा आये थे तो हमारा घरभी पासमें ही था तो उधरभी आना चाहीयेनां (तब माधवीभी हमारे पास आगइ)

में : मम्मीजी मे आनातो चाहता था पर मेने घर नही देखाथा तो मुजे उधर लायेगा कोन वहातो साथमें मनीषाथी जो मुजे उसके घर लेगइ पर कुछ लोग हें जो मुजे अपना ससुरगृह दीखाना नही चाहते

माधवी : मम्मी जुठ बोल रहे हें ये मुजे कहेना चाहीयेना में तेरे घरकी ओर जा रहा हुं ओर वेसे अ‍ेक बारतो उधर आगये हे खामखा जुठ बोल रहे हे

सुलक्षणदेवी : (हसकर) क्या तुम दोनो जगडतेही रहेते हो दादी केह रही थी हें..हें..हें..

में : मम्मीजी क्या में आपको पहेले जगडालु दीखता हुं येतो इसकी संगतका असर होगया हें

माधवी : तो क्या में आपको हमेसा जगडते दीखती हुं, मम्मी इनकी बातोमें मत आना ये दो पथ्थरके बीचभी जगडा करवा देतेहें बहुत पहोची हुइ चीज हें (मेरी ओर मुह बनाते)

सुलक्षणादेवी : चुपकर मेरे जमाइको मेरे सामने कुछ कत कहेना ये बहुत अच्छे हे

माधवी : (हसकर) तुमभी आगइना इनकी बातोमें कोइ बात नही मेरी तरफ दादी हें तु रहे तेरे जमाइके साथ

कहेके वो मुह बीगाडकर चली गइ तोमें ओर सुलक्षणादेवी हसने लगे फीर मेरी ओर देखकर कहेने लगी

सुलक्षणादेवी : बेटा बहुत नटखट हें कभी इनसे गलती होजाये तो माफ करदेना

में : मम्मी क्या बात कर रही हें आपकी बेटीसे कभी गलती होही नही सकती वो मुजसे बहुत प्यार करती हें ओर मुजेभी इनकी सब सरारत अच्छी लगती हें

सुलक्षणादेवी : भगवान करे तुम दोनोका प्यार अ‍ेसेही बरकरार रहे बेटा सादीसे पहेले अ‍ेक बार घर पे आजाओ

में : मम्मी में जरुर आउगा प्रोमीस में आजही माधुसे बात कर लुगा कल तो हमभी टुर पे जा रहेहे तो होसकतो आजही आजाउगा, वेसे हम अहेमदाबाद जारहे हे आपको अपने बेटेके पास नही जाना? चलीये हमारे साथ

सुलक्षणादेवी : (हसते) वोतो बहुत केह रहा हें पर यहा सब जंजटमें कहा टाइम मीलता हें अबतो आपके दादाभी आगये हें तो कही जानेका मनही नही करता

में : मे अ‍ेक दीन आपको उधर घुमाने ले जाउगा आप अपने बेटेसेभी मील लेना ओर उधर सब जगाह घुमभी लेना अब तो में जाके उन चाचा भतीजाको हमारे फेक्टरीके क्वाटरमेही रहेनेका इन्तजाम करके आउगा ताकी उसे बहार कीराया ना देना पडे

सुलक्षणादेवी : तबतो अच्छा हें उसकी आधी सेलेरीतो कीरायेमेही चली जाती हे, वेसे तुम बहुत दीलचस्प बाते करते हो बीलकुल माधवीके पापाकी तराह अ‍ेक दीन में तुम्हारे साथ जरुर घुमने आउगी

में : क्या माधवीके पापाभी मेरी तराह बाते करते थे? उसमे ओर मुजमे काफी फर्क हें मेने आज तक कीसीको धोखा नही दीया

तब सुलक्षणादेवी चोंक गइ ओर उसको उसकी गलतीका अहेसास होगयाकी में क्या बोल गइ वोमुजे अ‍ेक नजरसे देखती रही ओर उसके चहेरेपे गभराहटके भाव आ गये तब

में : मम्मीजी चीन्ता मत कीजीये में सब राज जानता हुं ओर ये बात मुजतकही सीमीत हें ओर आगेभी मुज तकही रहेगी माधवीकोभी पता नही चलेगा इसलीये गभराये नही

सुलक्षणादेवी : पर आपको सब केसे पता चला? ये बाततो हम तीन लोगके सीवा कोइ नही जानता

में : मम्मीजी छोडीये सब, अब इन बातोको यही दफन करदीजीये ओर भुलजाइअ‍े सब भुतकाल जो केवल हमे तकलीफ ही देता हें मुजे आपसे पुरी हमदर्दी हें

सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा तुम वाकइ अ‍ेक नेक इन्सान हो मेरे पती बीलकुल सही केह रहे हे, वाकइ ये विरासतको अ‍ेक सही राजा मील गया हें, अबतो में तुम्हारे साथ जरुर घुमने आउगी अब मुजे पुरी तसली हो गइकी मेरी बेटीका हाथ सही आदमीने थामा हें

में : मम्मीजी में यहा हमारे सब गांवके लीये अ‍ेक बडी होस्पीटल बनवा रहा हुं ओर उसका पुरा वहीवट माधुको सोपने वाला हुं आप ये बात अभी कीसीको मत बताना में माधुको कुछ ओर सरप्राइजभी देना चाहता हुं

सुलक्षणादेवी : (हसकर) अरे वाह.., ठीक हें नही बताउगी पर आप मुजपे इतना भरोसा करके क्यु सब बता रहे हो, अन्जानपे इतना भरोसा ठीक नही हें हें..हें..हें..

में : में अन्जानपे नही, जीसको में अपना मानता हुं, ओर अपने होतेहे उसीपे ही भरोसा करता हुं, ओर पता नही हमारा क्या रुणानुबंध हे सो आपको सब बतादीया ओर मुजे आपपे पुरा यकीन हें आप मेरा भरोसा कभी नही तीडेगी

सुलक्षणादेवी : (हसकर) ओर अगर तोड दीया तो? हें..हें..हें..

में : (हसते उसकी आंखोमें देखते) नही तोडेगी क्युकी आपभी मुजे दीलसे अपना मान चुकी हें में आपकी आंखोमें साफ देख रहा हुं

सुलक्षणादेवी : (सरमाते हसकर) वाकइ आप जादुगर हो, सब कुछ जान लेते हो यहा तक की मनकी बात ओर दीलकी बातभी, अब पता चला आपकी सब रानीया आपके पीछे क्यु पागल हें, जी चाहताहें आपसे बाते करतीही रहु पर यहा नही कभी घर आइअ‍े वही ढेर सारी बाते करेगे आप बहुत दीलचस्प हो

नेनु : (हमारे पास आके हसते) सासु जमाइ कबसे क्या बाते कर रहे हो हमभी इधर हें

सुलक्षणादेवी : अरे बेटी कुछ नही आप सब अहेमदाबाद जा रहे हो तो वहा मेरा बेटाभी हें तो केह रहेथे आप चलो अपने बेटेको मीलने

नेनु : हांतो चलीयेनां कुछ दीन रहे लेना उनके साथ फीर हमारे साथ वापस आजाइअ‍ेगा

सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा पर इधर सब सादीकीभी तैयारी करनी हें तो अभी आना मुस्कील हें ओर मेरे बेटे ओर देवरकोभी इधर सादीके लीये बुलाना पडेगा तो वो इधरही आयेगे वहा में जाके क्या करुगी

नेनु : हां येभी सही हें चलो अब लंच नही करना क्या आप लोग फ्रेस होकर आजाओ, चलो जानु आपभी

फीर हम सब फ्रेस होने चले गये तब नेनुभी मेरे साथ चलने लगी ओर बाते करने लगी

नेनु : (हसकर) जानु मुजे ये माधवीकी मम्मीकी नीयत कुछ ठीक नही लगी आपसे अ‍ेसे बात कर रही थी जेसे आपपे लटु हो, (हसते) ध्यान रखना बाबा अब ओर सौतन बरदास्त नही होगी हें..हें..हें..

में : क्या नेनु तुमभी अ‍ेसा कुछ नही हें, उसकोभी कुछ संकायेथी की मेभी माधवीके पीताकी तराहतो नही जो उसकी बेटीको धोखा देगा तो मुजे परख रही थी

नेनु : (हसकर) ओह तो येबात हें तबतो आपने उसे पुरा वकीन दीला दीया होगा, इसीलीये अ‍ेसे हसकर बाते कर रही थी

फीर हम अंदर आके सब फ्रेस होगये ओर साथमें बहार आके सीधे डाइनींग चले गये तब दादीभी आके बेठ गइ सामने सुनील राजन राकेश बेठे थे आज दिवानजीकी फेमीलीथी तो उनके साथ दिवानजीकोभी बीठा दीया आज मेरी अ‍ेक साइड नेनु तो दुसरी ओर माधवी बेठी थी ओर उसके साथ मनीषाभी थी जसु कमलाभाभी भारती सब मेरे साथही बेठी थी

में : अब सुनो सब अ‍ेक ओर अच्छी खबर अब हमारे साले साहब राजनभाइभी पापा बनने वाले हें

तब कमलाभाभी सरमाके हसने लगी ओर सबने ताली बजाके दोनोको बधाइ दी फीर खाना आगया ओर सब खाने लगे तब माधु मेरे पैरको सहेलाने लगी ओर खाती रही जेसे कुछ हुआही नही तब सबसे छुपकर मेने उसकी जांघ पर हाथ रखदीया ओर सहेलाने लगातो वो गरम होगइ ओर मेरी ओर कामुक नजर करके हसने लगी ओर मेने हाथ हटालीया

फीर सबने लंच फीनीस कीया तो मनीषाको लेकर अंदरके रुममें भाग गइ ओर हम बहार जाने लगे ओर हम सब होलमें बेठ गये तब दादीने कमलाको अ‍ेक सोनेका सेट दीया तब कमलाकी आखे नम होगइ फीर सबने बारी बारी कमलाको गले लगाकर बधाइआ दी ओर राजन राकेश कमला ओर भारती सबकी इजाजत लेके होटेल चले गये तब दादीभी सुलक्षणादेवी ओर मंजरीदेवीको लेकर अपने रुममें आराम करने चली गइ तब सुनीलभी ताराभाभी ओर सारीकाभाभीको लेके अंदर चला गया तब

माया : सखा आपभी आराम करलो आपको यही समय आराम करनेको मीलता हें चलो

में : तुम सब चलो में अभी आता हुं

फीर सब अंदर चले गये तब उनके साथ माधवी ओर मनीषाभी चली गइ फीर में कामेश ओर सगुनही बेठे थे तब कामेशने मुजे सब कुछ बतायाकी कहा बंगलो मीला कहा सीमलामें हमारी ब्रान्च हें फीर मेनेभी उसे सब कहाकी हमे कीतनी जमीन सरकारनें कीस कामके लीये दीहें फीर मेने मंदिरकी पुरी प्लानीग सुनाइ की कीतनी अ‍ेफडी करनी हें तब

कामेस : भाइ प्लानतो कहुत बडा हें हमारी ब्रान्चमें नया अ‍ेकाउन्ट मंदिर सेही करना चाहता हुं

में : अरे वाह येतो बहोत बडीया हें फीर अ‍ेफडी भी उसमें करदो वो सब सुनीलभाइ ओर दिवुही देख रहे हें तुम उसेही मील लेना

सगुन : वो में अभी अंदर जाके दिवुदीसे बात करलेती हुं आपको जानाहेतो जाओ मुजे सामको कोइ छोड जायेगा

कामेश : ठीकहें तो चलो भाइ में नीकलत हुं मंदिरके सब पेपर में पापा सेही लेलुगा ओर बेंन्कके उद्घाटनमें सबको आनाहें वो अभी अ‍ेक हप्तेके बादहें में इन्वीटेशन कार्ड देजाउगा

फीर कामेश जाने लगा तो में ओर सगुन बहार तक उसे छोडने चले गये ओर वो चला गया सीधा सीमला तब में ओर सगुन अकेले रेह गये ओर अंदर आने लगे तब सुगुन नें कहा

सगुन : तो पतीदेव अब हमारा रास्ता क्लीलीयर होगया हें चलो आज मोका हें मुजे छोडनेके बहाने घर चलो कामेशतो अब रात ७ बजे पहेले आनेवाला नही हें ओर अबतो सारा दीन में घरपे अकेलेही रहेती हुं तो कभीभी फोन करके आ सकतेहे आप

में : तु अ‍ेक काम कर अभी अ‍ेक घंटे इधर रुक ताकी कीसीको ये ना लगेकी कामेश क्यु छोडके नही गया, वेसे क्या केह रहा हें हमारा बेबी

सगुन : (हसके) जानु बेबीकी फीकर अभी मत करो उसकी मम्मीकी करो वो तडप रही हें

में : सगुन हम अ‍ेक घंटेके बाद मील रहे हे नां क्यु फीकर कर रही हें

सगुन : वेसे क्या केह रही हें आपकी नइ बीवी उसके साथ कुछ नाइट बाइट मनाइकी नही

में : (हसकर) हां मनाली मेरी चहीती बीवी हेवो मेरी नेनुकी तराह इनकी वजहसे मेरी सब बीवीयाने बहुत अनुभुती कीहें सबकी गुरु हें वो

सगुन : उसने बहुत दुख जेला हें अब जाके सुख मीला हें आप उसका खयाल रखीयेगा

में : तुमने तेरे पापासे बातचीत कीहेकी नही?

सगुन : नही उस आदमीका नामभी नही लेना चाहती

में : क्यु तेरी मम्मी जब नर्कमें थी तबतो बहुत बाते करती थी अब उसको सुख मीलाहेतो अब बात क्यु नही करनी उल्टा तुजेतो उसका आभार व्यक्त करना चाहीये जब उसने छोडा तब तेरी मम्मी सुखी हुइनां तोअब क्यु बात नही करनी? चाहे जो समजले पापातो तेरा वही कहेलायेगे तु माने या नामाने

सगुन : बात तो आपकी सही हें, पर अब उसे बात करनेका मेरा मनही नही हें पता नही मेरी नइ मम्मी केसी हें

में : वो बहुत अच्छी हें ताराभाभी सारीकाभाभी सबने बात कीहें सबको वो बहुत मीस कर रही हें ओर देखा जायेतो उसकी गलतीभी नही हें सब लडकेके चकरमें हुआ हें ओर गलती करणभैयाकी हें

सगुन : हं..ठीक हें कभी मोका मीलातो बात करलुगी परसीर्फ आपके कहेनेपे कर रही हुं वरना मेतो उसकी सकल तक देखना नही चाहती थी

बाते करते होलमें आगये तो सगुननें मुजे यही बेठे बात करनेको कहातो दोनो बेठके बाते करने लगे फीर मेने सगुनको बहुत समजाया तब जाके करणसे बात करनेको राजी होगइ फीर वो हमारे मीलनकी कइ प्लानींग करने लगी

सगुन : जानु अब आपसे दुरी बरदास्त नही होती, ओर आपको मेरा अ‍ेक बदलाभी लेना हें

में : केसा बदला तु कबसे बदलेकी बाते करने लगी कीससे बदला लेना हें

सगुन : क्या करु मनमें इतना खुनस भरा हें उसको नीकालना हें मुजे प्रोमीस करो मेरा बदला आप लोगे

में : पर कीस बातका ओर कीससे?

सगुन : पापासे, मुजे अ‍ेक बार पापासे बदला लेना हें तबही मुजे सांती मीलेगी फीर मुजे उनसे कोइ सीकायत नही होगी बोलो लोगेना मेरा बदला? पहेले मुजे आप प्रोमीस करो

में : सगुन तु पागलतो नही हें कीस बातका बदला लु मेने आज तब चीटीभी नही मारी हें तो में कहासे बदला लुगा

सगुन : मुजे मारपीट वाला बदला नही लेना मुजे तो मेरी मम्मीको छोडनेका बदला लेना हें जो सीर्फ आपही ले सकते हो

में : देख सगुन तु सब भुलजा में कीसीको नुकसान करना नही चाहता, मुजसे येसब मत करवा

सगुन : उसमे कीसीका नुकसान नही होगा बस सीर्फ मुजे तसली मीलेगी

में : अ‍ेसा कोनसा बदला लेना हें जो नुकसान ना हो तो फीर में कोसीस करुगा अगर तेरे दीलको तसली मीलती हें बता मुजे क्या करना हें

सगुन : पहेले आप प्रोमीस करो फीर बताउगी

में : हां बाबा प्रोमीस बस अबतो बता केसे बदला लेना हें

सगुन : (धीरेसे) मेरी नइ मम्मीको अपने मुसल लंडसे पेलकर मेरा बदला लेना हें

में : (चोकके) पागल हें क्या? तु जानतीहेना मेने आज तक कीसीसे जबरदस्ती नही की हें फीर तुमने सोचाभी केसे?

सगुन : रीलेकस पतीदेव में ये सब बाते जानती हुं मेरी बाततो सुनीये आपको देखकर हम सबकी हालत खराब होजातीहें तो वो कीस खेतकी मुली हें वोभी आपसे चुदवानेकी सामनेसे टड्ढाइ करेगी तब ठोक देना में कहा जबरदस्ती करनेको केह रही हुं बस अ‍ेक बार मेरे सामने ठोकदो फीर में सबको प्यारसे बुलाउगी प्रोमीस हें..हें..हें..

में : क्या सगुन तुमभी, येतो करणभाइसे धोखा हुआना

सगुन : बस वहीतो मेरी माको धोखा दीया तब कुछ नही मेभी उसे सीर्फ अ‍ेक बार धोखा देना चाहती हुं ओर उसेभी हम कहा बताने वाले हें, बाबु आपने प्रोमीस कीया हें याद रखना

में : (हसकर) चल ठीक हें मेरी ये रानीकेलीये इतना करुगा बस अबतो खुस

सगुन : (खुस होकर) जी बहुत खुस थेन्कयु जान, वेसे इस सजामेभी आपकातो मजाही हें, वेसे काजुदीदीकोे फीरसे मीलेकी नही वोभी मुजे केह रहीथी की अबतो महेश अंदर डालता हेतो पताही नही चलता ओर मेराभी यही हाल हें इसलीयेतो हम सब आपकी दीवानी होगइ हें

में : तुमभी मेरी सब बीवीयोकी तराह ठरकी होगइ हो ध्यान रखना फीर कामेश छोडना दे

सगुन : कोइ परवा नही अब आपतो हेही में अकेली रेह लुगी मुजे मीलने आते रहेना हें..हें..हें.., बायध वे आपसे पुछनाथा क्या तारामम्मी ओर सारीकामम्मी दोनो प्रेगनेन्ट हें?

में : हां अभी अभी हुइ हें, तेरे बडे पापाने बहुत महेनत की हें हें..हें..हें..

सगुन : देखा ये चीजही अ‍ेसी हें दीलही नही भरता वेसे आपकी कीतनी बीवीया पेटसे हें

में : धारा मीरा जसु ओर नेनु सब प्रेगनेन्ट हे ओर अभी माधवी सबका सोनोग्राफी करने वाली हें तुभी रुकजा तेराभी करवा लेते हें

सगुन : चलो करवा लेते हें, अब चलो अंदर थोडा आराम करलो वरना आपकी सब बीवीया मुजे नोच डालेगी हें..हें..हें..

फीर हम दोनो हमारे रुममें आगये तब सब लेटकर बाते कर रहीथी तो सगुन आतेही रीटा ओर मायाको गले लग गइ फीर वोभी सबके साथ बेठ गइ तब मायाने मुजे सोनेकी जगअ करने लगी तो मेने उसे रोककर तकीया लेके नीचे सोगया तो सब हसने लगी तब मुजे कब नींद आगइ पताही नही चला ओर सब बाते करने लगी

नेनु : सगु माधवी आज इधर मशीन लाइ हेतो तुभी सोनोग्राफी करवाले पतातो चले

माधवी : हां सगुनदी कर दुगी वेसेभी आपको तो काफी टाइम होगया हें तो सब पता चल जायेगा खासतो ताराभाभी ओर धारादीका ही देखना हें

सगुन : उन दोनोके लीये खास क्यु? कुछ प्रोबलेम तो नही?

सोनु : नही रे..उन दोनोका सीर्फ कंन्फोर्म करना हें जुडवा हेकी नही, पता नही दोनोका केसा मशीन हे डबल प्रोडक्शन कर रही हें हें..हें..हें..

ये सुनतेही सब जोरोसे हसने लगी तब धाराभी हसतेहुअ‍े सोनुको मुका मारने लगी तब मेरीभी हसी छुट गइ तो सब सरमाके फीरसे हसने लगी

माया : (हसते) आप अभीभी जाग रहे हो नींद नही आती क्या?

अ‍ेसे केसे नीद आयेगी सोनु इधर आजा मेरे पास मुजे मेरी बीवीके साथ सोनेकी आदत होगइ हें

इतना सुनतेही सोनु दोडके मेरे पास आके लेट गइ तो दोनो अ‍ेक दुसरेकी बाहोमें सोने लगे तब सब अ‍ेकबार फीर हसने लगी तब मनीषा सरमाके हस रही थी

अंजु : कीतनी बेसर्म होके सो रहे हें कमीनी सबकातो खयाल रख

सोनु : (सोते) तुजे सोनेको नही मीलातो तेरी क्यु जलती हे आजा इधर दुसरी ओर जगा हें

अंजु : मुजे नही सोना तुही सोजा अ‍ेक महीनेबाद तेराभी टेस्ट माधु करदेगी (सब हसने लगी)

सोनु : अ‍ेक महीने बाद क्यु, इससे पहेले नही होसकता माधु तु अ‍ेक हप्ते बाद आजाना

कहातो सब अ‍ेकबार फीर हसने लगी तब अंजुने जाके हसते हुअ‍े सोनुको लात लगादी

अंजु : बच्चा पेदा करनेकी कीतनी आग लगी हुइ हें कमीनीको

तब कोइ जवाब नही मीला तो अंजु देखने आइ तो में ओर सोनुको नींद आगइ थी

अंजु : लोजी ये दोनोतो सोभी गये

माया : सोनेदे अंजुदी सुबह जागेभी जल्दी हें

माधवी : यहा कीतना मजा आता हें सब मजाक मस्ती करतेहे तो टाइमतो युही नीकल जाता होगा

नेनु : इसलीयेतो केह रही हुं दोनो आजाओ जल्दी बहुत मजा करेगे

माधवी : दी कहोतो में यही रुक जाती हुं मनुका पता नही हें..हें..हें..

जसु : नही नही बस अ‍ेक हप्ते रुक जाओ फीर दोनोको इधर लेआयेगे

माधवी : क्या जसुदी हम तैयार हेतो मना करती हें

मनीषा : क्युरी तुजे बडी आग लगी हुइ हें आनेकी अ‍ेक हप्ता नही रुक सकती

माधवी : हाये तु क्या जाने प्यार क्या चीज हें अ‍ेक बार इसने ठीकसे मीलले फीर कहेना हें..हें..हें..

मनीषा : कीतनी बार मील चुकी हुं ओर मेभी इनको बहुत प्यार करती हुं तेरी तराह नही

नेनु : बस..जगडा नही, दोनो जब तक सादी नही होती इधर आती रहो सुबह आजाना ओर रातको चली जाना बस

मनीषा : दीद नही आसकते हमे कामपेभी जाना पडता हें

जसु : मनु तु अब दुसरी लडकीको तैयार करदे ओर उसे सब सोंप दे आगे तुजे बहुत कुछ सम्हालना हें तुजे सायद पता नही तुम दोनोके लीये इधर क्या क्या तैयारीया हो रही हें

मनीषा : ठीक हे दीदी वेसे मेरी आसीस्टन्ट रेडी ही हें में उसे सब सीखा दुगी

सब बाते करती रही तब ४.३० बज गये तब मायाने मुजे ओर सोनुको जगाया तो हम दोनो उठ गये तो सब फ्रेस होके रेडी होकर बेठी थी तब में ओर सोनु अ‍ेक साथ बाथरुम में घुस गये फीर क्या दोनो अंदर जातेही अ‍ेक दुसरेसे लीपट गये ओर अ‍ेक होगये सोनु खडे खडेही मुजसे धनाधन चुदवाने लगी

ओर मेभी जोरोसे सोनुको सोट मारने लगा तब सोनु पुरी मदहोस हो चुकी थी ओर दो बार जड चुकीथी फीर दोनो साथमें जड थगे तब लंड बहार नीकलके सोनुने मुहमें लेके चुमसे लगी ओर अंदर बहार करने लगी जब दुबारा जोस आगया तो सोनु घोडी बन गइ फीर में पीछेसे उसकी कमर पकडकर जोरोसे धके मारने लगा

सोनु : जानु सारी कशर नीकालदो मुजेभी मा बनना हें कब बनाओगे, ओर जोरसे चोदो मुजे

में : सोनु अभी नही कुछ टाइमके बाद पुरी रात तेरी होगी ओर पुरी रात इसे अंदर रखुगा तब तु मा बन जायेगी

सोनु : येस जानु जोरोसे करो बहुत मजा आरहा हें आप मुजे चोद लीया करो में आपको केहभी नही सकतीकी मुजे चुदना हें

में : क्यु नही कहेती पहेलेतो सामनेसे आके चुद जाती थी अब क्यु नही

सोनु : जानु आपको सबको टाइम देना पडता हे तो कहासे बोलु

में : तु बोलदीया कर तुहीतो मेरी पहेली रानी हें ओर मेरी बहेनभीतो हें

सोनु : थेन्कस जानु अब बोलदीया करुगी फीर आप देखलेना कीधर करना हें

फीर दोनो अ‍ेक बार फीर जड गये ओर नहाके बहार आगये तब नेनु ओर माया हमे देखकर हस रही थी फीर दोनो फटाफट तैयार होगये ओर बहार जाने लगे तब नेनु माया ओर सोनु हस हसकर बाते कर रही थी फीर सब होलमें आगये ओर सब चाइ नास्ता करने लगे फीर चाइ नास्ता करके माधवी उसकी आसीस्टन्टको लेकर दादीके रुम में मशीन लेकर चली गइ

ओर वहा सेटअप लगा दीया फीर सबको अ‍ेक अ‍ेक करके बुलाने लगी पहेले मीरा फीर नेनु सारीका सबको चेक करके बहार भेजने लगी धारा ताराभाभीको भी चेक कर लीया फीर सगुनकोभी बुला लीया ओर आखीर जसुकोभी बुलाया सबका होगया तो सब समेट कर बहार आके बेठ गइ ओर कहा

माधवी : (पेपरमें देखकर) नेनुदी सब ओके हें सब नोर्मल जेन्डर अ‍ेक महीने बाद, मीरादी आप ध्यान रखना आपको जुडवा बच्चे हे बाकी सब नोर्मल जेन्डरका कीसको अभी नही बता सकती वो मनाभी हें जसु दी आपकाभी सब नोर्मल हें तारा भाभी आप खयाल रखीयेगा आपको जुडवा हें सारीकाभाभी सब नोर्मल हे धारादी आपकोभी जुडवा बच्चे हे आपकोभी ध्यान रखना हें सगुनदीदी आपकाभी सब नोर्मल हें

दादी : चलो सब अच्छा हें तुम सबको अपनी सेहतका बहुत खयाल रखना हें खास करके मीरा बेटी, धाराबेटी ओर तारा तुम, खानेपीनेमें कोइ कशर मत छोडना सबका खयाल मेरी अंजु अच्छेसे रख रही हें ओर आज माधवीके मशीनका मुहुतभी यहासे कीया हें तो में माधवीको सुकुनके पेसा देना चाहती हुं जो इसने यहीसे सुरुआत कीहें ले बेटा इधरआ

कहेके दादीनें माधवीको ५१००० दीये तो माधवी मना करने लगी तब मेने कहा

में : माधु चुपचाप लेलो दादीको मना नही करते ये सुकुनका हें समजी लेलो

माधवी : (सरमाके हसते) जी लेलेती हुं दीजीये दादी

अंजु : देखा जब दादीने इतना कुछ कहातोभी ना ना करती थी ओर होने वाले पतीने अ‍ेक बार कहातो केसे फटसे लेलीया हें..हें..हें..

तब सब हसने लगे तब सुलक्षणादेवी भी हसते हुअ‍े मेरी ओर देखने लगी तब में खडा होगया ओर दादीके रुममें चला गया वहा फ्रेस होकर वापस बहार आगया तो मे बहार जाने लगा तो सुलक्षणादेवी मेरे पास आगइ ओर कहेने लगी

सुलक्षणादेवी : जमाइ राज मेरी बेटीतो आपसे बहुत प्यार करने लगी हें? क्या जादु करदीया हें आपने

में : कुछ नही बस अ‍ेसेही हम प्यार करते हें चलो मुजे होटेलपे जाना हें डीनरपे मीलते हें

सुलक्षणादेवी : ठीकहें पर आप याद रखना आप मुजे घुमाने लेजाने वालेहो तो कब ले जारहे हो? हें..हें..हें..

में : जब आप कहे मेतो तैयारही हुं आप जेसी खुबसुरत सासुमाको कोन नही लेजाना चाहेगा हें..हें..हें..

सुलक्षणादेवी : (हसकर) सम्हालके जमाइराजा क्या में आपको खुबसुरत लगती हुं? कीसीने सुनलीयातो पंगा हो सकता हें हें..हें..हें.., लगताहे अबतो आपके साथ आनाही पडेगा माधुकी सादीके बाद चलेगे (धीरेसे मेरे कानके पास हसते) वोभी अकेले सीर्फ हम दोनो समजे कुछ हें..हें..हें

में : (सरमाके हसते) आपतो बडी फास्ट जा रही हें ध्यान रखीयेगा वरना मेतो अभी ले चलुगा

सुलक्षणादेवी : तो लेचलो कब जाना हें ओर कहा जानाहें में तैयार हुं, मेरी बेटीकी तराह आपने मुजेभी पागल करदीया हें बस आपसे बात नही होपारही थी वरना हम दोनातोे कबका घुम चुके होते आपका नंबर देदो में बात करुगी आप फोन मत करना बस मेही करुगी

कहेके उसने मुजे चुपकेसे उसका फोन देदीया तो मेने उसमें मेरा नंबर जमाइके नामसे सेव करलीया ओर मेने अ‍ेक मीसकोलभी कर लीया ताकी मेरे फोनपे नंबर आजाये फीर उसको फोन देकर कहा

में : जमाइके नामसे सेव कीया हें में फोनका इन्तजार करुगा बाय कहेके में नेनुके पास जाके केहने लगा तब मायाभी साथ खडी थी

में : नेनु में जरा होटेल जाके आता हुं कुछ कामतो नही ओर कीसीको या तुजे चलना होतो चल

नेनु : नही जानु आप जाके आओ मुने दादीके साथ दोनोकी मम्मीसे बातभी करनी हें

माया : जानु आप जाके आओ ओरहां आप सगुनको छोड देगे उसका घर रास्तेमे ही आता हें

में : माया तुजे रीक्जेस्ट करनेकी कबसे जरुरत पड गइ सीधा ओर्डर नही कर सकती?

तब माया हसते हुअ‍े अपने कान पकड लीये ओर सगुनको बुलाने लगी फीर में ओर सगुन नीकल गये तब रास्तेमें सगुन हसने लगी

सगुन : क्यु पतीदेव आपकी बीसीनेही भेज दीयानां आपके साथ हें..हें..हें..

में : हं..तो ये तेरा कारस्तान था तेरी मम्मीको क्या मालुमकी वो बेटीको चुदवाने भेज रही हें

सगुन : (जुठा गुसा करके) अ‍ेय खबरदार मेरी मम्मीको कुछ कहातो, वेसे आपसे चुदवाते चुदवाते उसके चहेरेपे काफी नीखार आगया हें हें..हें..हें..,उसको कब मां बना रहे हो?

में : (हसकर) तेरी बडी फेन्टासीहे उसको मा बनानेकी तेराही भाइ आयेगा हें..हें..हें..

सगुन : (खुस होकर) तबतो आप उसे प्रेगनेन्ट करही दो क्युकी हमे राखी बांधनेकोतो मीलेगी हें..हें..हें..

में : (हसकर) बडी चालु हे तु, सरम नही आती मम्मीके बारेमे अ‍ेसा बोलनेमे?

सगुन : जब दोनो बेटी ओर मासे सादी करलीतो कहा रहेगये सब रीस्तेनाते तीनोकोतो आपने चोदलीया हें ओर आगेभी चुदती रहेगी, चलो अब आपनेतो बातोसेही गरम करदीया हे वरना में इधरही आपसे चुदवाने लगुगी

में : सबर कर बेबी कीतनी दुर हे तेरा घर अबतो मुजसेभी कंटड्ढोल करना मुस्कील हें

थोडी दुर आगे जातेही अ‍ेक सोसायटी आगइ ओर अ‍ेक बंगलेके सामनें उसने रोकनेको कहा तो फटाफट उतरके घरका दरवाजा खोलने लगी में कार पार्क करके अंदर गयातो उसने फटाकसे दरवाजा बंध करलीया ओर मुजसे लीपटक पागलोकी तराह मुजे चुमने लगी तब मेने उसे गोदमें उठालीया

तब उसने इसारेसे बेडरुम दीखाया ओर में उसे अंदर ले गया तब वो अपने सब कपडे नीकालने लगी ओर मुजेभी सब कपडे नीकालनेको कहा दोनोही नंगे होगये ओर उसने अपने बालभी खोल दीये तो वो बहुतही कामुक दीखने लगी तब वो पैर फेलाके लेट गइ ओर मुजे उसके उपर खीचलीया ओर कहेने लगी

सगुन : जानु अभी ओर कुज नही पहेले मुजे जटसे ठंडा करदो फीर हम सब कुछ करेगे मेरी पुसी गीली होगइ हें ओर बहुत खुजली होरही हें उसे मीटादो आप

तब मेने उसके होठ पर कीस करने लगा तो वोभी मेरी गरदनमें दोनो हाथ रखकर होठ चुसने लगी फीर मे उसका बुब्स चुसने लगातो वो सीसकारीया करने लगी ओर हाथ नीचे लेजाकर मेरा लंड पकडके मसलने लगी ओर अपनी चुतपे सेट कर दीया ओर मुजे कहा

सगुन : जान अब मत तडपाओ डालदो अपना मुसल लंड ओर बुजादो मेरी प्यास

तब मेने अ‍ेक जोरसे धका मारदीया तो पुरा लंड अ‍ेकही बारमें चुतमें उतर गया तो सगुनकी चीख नीकल गइ ओर मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर में उसे धके मारने लगा तो वोभी कमर उछालके मेरा साथ देने लगी ओर दोनो चुदाइमें मशगुल होगये दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी

अब तक सगुन तीन बार जड चुकी थी ओर पसीनेसे भीग चुकी थी तब मेने आखरी वार कीया ओर सगुनकी चुतमें जड तक घुसा दीया ओर अपना गरम लावासे सगुनकी चुत भरने लगा तब सगुनभी मुजे कसके बाहोमें भरते साथमें जड गइ ओर दोनो सांत होगये में उसके उपर लेटा रहा तब सगुने कहा

सगुन : जानु आपनेतो मुजे थका दीया कीतना पानी नीकालते हो कोइ अ‍ेकही बारमें पेटसे हो जाये, ओर आपतो अ‍ेकहीबारमें मानने वाले नही हें आजतो मेरा कचुम्बर नीकलना तय हें

में : जब आ रहे थे तबतो बडी आग लगी हुइ थी अब क्या हुआ?

सगुन : (हसकर) आपनेतो अ‍ेकही बारमें सारी आग बुजादी अगर आपके साथ रहेती तो सारा दीन अ‍ेसेही पडी रहेती जेसे अभी पडे हें जानु अब सुरु होजाओ मुजे कुछ हो रहा हें

फीर हम दोनो दुबारा सुरु होगये ओर इसबार सगुनके साथ जबरदस्त चुदाइ हुइ ओर सगुनको लग भग चोद चोदके बेहोस जेसाही कर दीया फीर दोनो साथमें जड गये तब में उसे बाथरुम में लेगया ओर नहाते नहातेभी अ‍ेक बार सगुनको चोद लीया तो उसने मुजे हाथ जोड लीया फीर दोनो नहाके बहार आगये तब वो थोडा लंगडाते चल रही थी फीर दोनो तैयार होगये तब सगुननें मुजे चाइ नास्ता करा दीया फीर दोनोने साथमें खाया ओर में जानेको कहा तो मुजसे लीपट गइ ओर कहा

सगुन : अब आप वापस कब आओगे आपकी इस बीवीका आपको बहुत खयाल रखना पडेंगा, में सीर्फ आपके लीयेही इधर आइ हुं कमसे कम हप्तेमें अ‍ेक दो बारतो आना ही पडेगा वरना में सब कुछ छोडके आपके पास चली आउगी

में : चल ठीक हें आजाउगा बस, अब चलता हुं हमारे बेबीका खयाल रखना ओके मुजे फोन करना बाय

फीर सगुनको लीप कीस करके में होटेलकी ओर चला गया वहा जाके सब कुछ देखा फीर ओफीसमें आके बेठ गया तब कमलाभाभी आगइ ओर कोइ नही था तो मुजे होठ पर कीस करके सामनें बेठ गइ ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराने लगी

कन्टीन्यु........[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०४[/color]
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फीर सगुनको लीप कीस करके में होटेलकी ओर चला गया वहा जाके सब कुछ देखा फीर ओफीसमें आके बेठ गया तब कमलाभाभी आगइ ओर कोइ नही था तो मुजे होठ पर कीस करके सामनें बेठ गइ ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराने लगी..अब आगे

कमला : थेन्कयु देवरजी आपनेतो अ‍ेकही बारमें मुजे अपना बनालीया अब कब आरहे हो अबतो हमारा कोटेजही काफी हें आप कभीभी मुजे बुला सकतेहो मेतो आपकी दासी होगइ हुं कहो हम दुबारा कब कील रहे हे

में : मीलेगे भाभी पर आपका राजनके प्रती व्यवहार नही बदलना चाहीये, वेसे हमारे मीलनके बाद उनके साथ कीयाकी नही देखना कही गडबड ना होजाये

कमला : (सरमाके) जी कीयाथा पर पताही नही चला, आपने अपने मुसलके साइजकी करदी हें अबतो मुजे राजनका फीलभी नही होता इसलीयेतो आपसे केह रही हुं की अब आपकोही मुजे ठंडा करना पडेगा, ओर हां भारतीभी पुछ रहीथीकी मेरी बारी कब आयेगी वोतो कबसे आपसे चुदवानेके लीये उतावली हो रही हें

में : भाभी में टुर पे जा रहा हुं आतेही उसेभी प्रेगनेन्ट कर दुगा आनेके बाद ही आपको मीलुगा तबतक आप सब घ्यान रखीयेगा खासकर आपकी सेहतका बच्चे पर कोइ असर नही होना चाहीये

कमला : जी मुजे माधवीने अपना नंबर दीया हें ओर दादीभी मुजसे फोनपे बात करेगी

फीर में वहा भारती राजन राकेशको सब सुचना देके घरकी ओर नीकल गया ओर सीधा महेल आगया तो सब लेडीस बहार गार्डनमें बठीथी तब दादीभी माधवीकी मम्मीके साथ बाते कर रहीथी मुजे देखतेही उसके चहेरेपे चमक आगइ ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराने लगी में सीधा अंदर जाके फ्रेस होगया

ओर जब बहार नीकला तब अंदर कोइ नहीथा तो अ‍ेक रुममें मुजे दादीकी सेवीका (कजरी) जो आधेड उमरकी तकरीबन ४५ सालकी अ‍ेकदम लंबी हाइट लंबे बाल पतली कमर जो बहुत खुबसुरत थी वो ओर हमारे दिवानजी अ‍ेक रुममें घुसते हुअ‍े मेने देख लीया तो में चुपकेसे वहा पला गया ओर अ‍ेक खीडकी थोडी खुलीथी तोमें चुपकेसे देखने लगा

तब मुजे याद आयातो में फोन नीकालके सुट करने लगा तब कजरी सारी कमर तक उची करके पैर फेलाके बेडपे लेटती नजर आइ ओर दिवानजी लंड नीकालके हाथोसे हीलाते नजर आये फीर उसके उपर लेट गये ओर कजरीकी चुतमें लंड डालके उसे पेलने लगे तब दोनो बाते करने लगे

कजरी : सुनीयेजी हमारे इस महाराजतो बहुत नेकहे आज तक कीसीभी दासीको छुआ तक नही हें वोतो कीसीके सामने तक नही देखते ओर अ‍ेक वो राज कुवरथे जो अब तक कीसको छोडाही नही

दिवानजी : हां कजरी, बहुत नेक हें इसी लीयेतो में मेरी बेटी इसे ब्याह रहा हुं अच्छा हुआ में यहा थातो तुने मेरा खुब साथ नीभाया वरना में क्या करता अबतो सुलक्षणाभी मुजे अच्छी नही लगती तेरी आदतजो पड गइ हें वोभी बुहत कामी हें इतने साल मुजसे दुरजो रही जबरदस्तीसे मेरे उपर चड जाती हें

कजरी : देखना अबतो आपही मेरे पतीहो आपने मुजसे सबसे छीपके सादीभी कीहे पता हेना मेरी मुनीके पीताभी आपहो वो आपहीकी बेटी हे मुजे भुल मत जाना आपके चकरमें मेने अपने पतीकोभी छोड दीया हें कमीनेको सक होगया था हम दोनोपर तो तलाक होगया जब आप घर चले गये तब मुजे बहुत चीन्ता हो रहीथी की अब मेरा क्या होगा अब आप मुजे छोड मत देना वरना में कहा जाउगी

में : (सोट मारते) तु चीन्ता मत कर तुजे में कभी नही छोडने वाला में सुलक्षणाको छोड सकता हुं तुजे नही समजी, ओह.. मेरा नीकलने वाला हे तेरा नीकला की नही?

कजरी : नही अब आप बहुत जल्दी नीकालतेहो ओर में प्यासी रेह जाती हुं मेराभी नीकलने दो वरना उंगलीसे नीकालना पडेगा

फीर थोडी देरमें दिवानजी उसके उपर ढेर होगये ओर मे फोन बंध करने लगा ओर वहासे हट गया तब मेरा हाथ खीडकीसे टकरा गया ओर में जटसे बहार आगया पता नही उसने मुजे देख लीयाकी नही में सबके साथ बेठ गया तब सुनील साइटपे गये थे तब नेनु ओर माया जसु सब मेरे पास आके बेठने लगी तब मायाने पुछा

माया : छोड आये सगुनको केसा घर हे उसका अच्छातो हेनां?

में : अच्छा? अरे वोतो बंगलो हें बहुत बडा घर मीला हें उसको, मेंतो चाइ पीके फीर होटेल चला गयाथा आप सबको उधर आनेको केह रही थी

नेनु : हां हम वापस आके जायेगे उधर, मायादी आप ओर धारा तारा ओर सारीकाभाभीतो इधर ही रहोगे तो आप सब अ‍ेक बार सगुनके वहा जाके आइअ‍े सगुनकोभी अच्छा लगेगा

माया : हां ठीक हें चले जायेगे, नेनुदी राज ओर आपतो सीधे पुनाही जा रहे होना फीर राजकोट अहेमदाबाद जाओगेकी नही

नेनु : में जाने वाली नहीथी पर राजने जीदकीतो जा रही हुं ये सब पहेले अहेमदाबाद फीर वहासे राजकोट जायेगी ओर हम दोनो यहासे पुना फीर सीधे राजकोट चले जायेगे

माया : सखा आप दोनो जल्दी आजाना, अब आपसे दुर रहेना बहुत मुस्कील लग रहा हें

नेनु : दी तो आपभी चलोना अबतो आये दीन करणभाइ ओर उसकी बीवीका सामनातो होताही रहेगा कीतने दीन भागती रहोगी

माया : नही दी में इसकी वजहसे नही आरही हुं अ‍ेसा नही हें अबतो मुजे कोइ फर्क नही पडेगा, बस मेतो सीर्फ धारादी ओर मीरादीका खयाल रखनेके लीयेही रुकी हुं यहा भीतो रहेना पडेगा ओर दादी भीतो अकेली रहेगी अब अ‍ेक बार जाके सब सेट करके आजाओ फीर बारी बारी जानेकी जरुरत नही हें फीर महेशभाइ ओर उधर दुसयंत सब सम्हाल लेगा

में : हां सखी अब यही होगा अब जाना पडेतो में ओर नेनु या तुम ही जायेगे

माया : नेनुदीभी चार पांच महीनाही आ पायेगी फीर तो मुजेही आना पडेगा इसलीये में इस बार नही आरही हुं चार महीने आप नेनुदीके साथ घुमलो फीर मेतो हुही हें..हें..हें..

सब बाते करते रहे ओर ७.३० बज गये तब दिवानजी सबको डीनरके लीये बुलाने आगये तो सब फ्रेस होने चले गये तब दिवानजी मुजसे नजरे चुराने लगे तो में समज गयाकी उसने मुजे देख लीया हें तब मेंभी फ्रेस होके आगया ओर सब डीनर करने बेठ गये ओर सब दासीया परोसने लगी ओर हम खाने लगे

तब सुलक्षणादेवी ओर मंजरीदेवी दोनोही आपसमे बाते करते बार बार मेरीओर देखकर नजर मीलतेही मुस्करादेती थी फीर हमने डीनर फीनीस कीया ओर सब बहार जाने लगे तो में भी सुनीलके साथ चलने लगा तब सुनीलने कहा

सुनील : अब करण ओर दुसयंतको केहकर सब प्रोडक्शन चालु करवा दो, ओर आप सब आतेही इधर फेक्टरीकाभी मुहुर्त करदो ताकी काम सुरु होजाये, तब तक मेभी मंदिरका काम देख लुगा

में : बंगलेका काम सुरु होगया?

सुनील : २६ आदमी कामपे लगा दीया हें आपने उसको सब बील्डींगके कामकी बातकी तो बंगला जल्दी खतम करना चाहता हें, उसके पास बहुत बडी टीम हें मंदिरमेभी १२५ आदमी कामपे लगाये हें मुजे लगताहें समयसे पहेले वो काम खतम कर देगा

में : कीतना काम बाकी हें सब बील्डींगसे पहेले में फेक्टरी खतम करना चाहता हुं वो बहुत जरुरी हें क्युकी सब मशीनकी अ‍ेसेम्बली इधरही करनी पडेगी

सुनील : सहीहें मे उसे बोल दुगा पहेले फेक्टरीका काम सुरु करदे ओर उसमेतो टाइमभी नही लगेगा तो फटाफट हो जायेगा वेसे आपके आइसक्रिम के प्रोजेक्टका क्या हुआ?

में : वो सब सुरु होगया हें वहा बबलु बहुत फास्ट काम कर रहा हें बबलु हेतो उसकी चीन्ता नही हें वो बहुत पहोची हुइ माया हें बहुत होनहार लडका मील गया हें

फीर हम बेठ गये तब मनीषा ओर माधवी दोनो उसकी मम्मीके पास बेठी थी साथमें दादीभी थी तो दादीने मुजे बुलाया तो में मंजरीदेवीके पास जाके बेठ गया

दादी : बीटु तुम सब वापस आओ तब में तुम सबकी सादी कर देना चाहती हुं अ‍ेक हप्तेके बादकी मेरी टीकीटभी आगइ हें फीर तेरे साथ चली आउगी वरना वो मुजे वही रोक लेगे तो तुम सब इधर जल्दी वापस आजाना

में : जी दादी में सीर्फ पुना ओर राजकोटही जा रहा हुं ओर बाकी सब अहेमदाबाद से सीधे राजकोट जायेगे फीर सब साथमें आजायेगे

दादी : ओर इधर सब बील्डींगका कामभी सुरु करवा दे सब मुहुर्त तुम सब करलेना मेरा वेइट करनेकी जरुरत नही हें इसके लीये सब मेने नेनु बेटी ओर मीराको सोप दीया हें

में : ठीक हें दादी हम सादी सादाइसे करेगे सीर्फ फेमीली मेम्बर ओर कोइ नही येलोग जीसको बुलाना चाहे बुला सकते हें

दादी : सुलक्षणा ओर मजंरीभी वही केह रहीहें वोभी दोनो यही चाहती हें मेरी ये दोनोसे सब बात होगइ हें

तब मनीषा ओर माधवी सरमाते सब बाते सुन रही थी फीर दोनो उठके नेनु ओर मायाके साथ जाके बेठ गइ हमसब थोडी दुर बेठे थे तब सुलक्षणादेवी दादीसे बाते करने लगी तब मंजरीदेवी सरकके मेरे पास आगइ ओर मुजसे बाते करने लगी

मंजरीदेवी : (धीरेसे) हातो जमाइजी अबतो मनुके साथ मुजेभी आपको जेलना पडेगा आपने मेरी जीम्वेवारीजो लीहे, कोइ अ‍ेतराजतो नही हेना हें..हें..हें..

में : क्या मम्मीजी मुजे केसा अ‍ेतराज आप मेरीभी तो मम्मी हो

मंजरीदेवी : ठीक हे तो फीर मुजेभी आपका नंबर देदो येलो मेरा फोन इसमेभी जमाइके नामसे सेव करदो

में : (चोंकके) जी आपको केसे पता..ओर ये नंबर..

मंजरीदेवी : (हसकर) गभराये नही आपकी जानकारीके लीये बतादु में ओर सुलक्षणा अच्छी सहेलीभी हें हम अ‍ेक दुसरेसे कभी अपनी बात नही छीपाते मेनेही उसे आपसे बात करनेको कहाथा आप नीस्चीत रहीये हमारी बात सीर्फ हम तीनोके बीचही रहेगी आप में ओर सुलक्षणा मुजे कही घुमानेकी जरुरत नही हें क्युकी मेतो आपके साथही रहेने आरही हुं हें..हें..हें..

में : बडी पकी सहेली हें आपकी सब कुछ बता दीया आपको

मंजरीदेवी : जी क्युकी दोनो अ‍ेकही आदमीकी सीकार हें तबसे पकी सहेली बन गइ हें कहो ओर कुछ जानना हें

में : नही जानना ( कहेकर मेने उसके मोबाइलमें मेरा नंबर सेव करके मेरे फोनमें मीस कोल करदीया ओर उसे फोन वापस देदीया) लीजीये आपका फोन

मंजरीदेवी : वेसे दोनो कीधर घुमने जानेवाले हो?

में : उसके बेटेके पास जानाथा अ‍ेहमदाबाद तो हमारे साथ आनेको कहाथा ओर कुछ नही

मंजरीदेवी : माफ करना में आपको गलत समजतीथी पर में गलत थी, उस दीन आपको कीतनी आवाजे दी फीरभी आप चले क्यु गये क्या मुजसे कोइ गलती होगइ थी?

में : नही मम्मीजी कुछ नही मुजे लगा आप मुजे गलत समज रही हें इसलीये चला गया

मंजरीदेवी : आइ अ‍ेम सोरी, मुजे माफ करदो उस दीन वाकइमें आपको गलत समजी थी

में : खैर छोडीये ये सब बाते अबतो आपको तसली होगइ की ओरभी साबीती देनी पडेगी

मंजरीदेवी : (हसके सरमाते) साबीती तो देनी पडेगी पर हमारे घर आके, इधर नही में आपको कोल कर दुगी तब आके साबीत करजानाकी आप हमारे जमाइ बननेके काबील होकी नही, आपको बुरातो नही लगा?

में : जी नही मेरी मनुके लीये में कोइभी साबीती देनके लीये तैयार हुं कहो कब आना हें

मंजरीदेवी : (हसके मेरी आंखोमें देखते) में कोल करुगी, इन्तजार कीजीये हें..हें..हें..

दादी : सासु जमाइ कबसे क्या बाते कर रहे हो हमेभी बताओ कुछ प्लानींगतो नही हें

मंजरीदेवी : जी नही, ये मुजे अपने होटेलके बीजनेसके बारेमें बता रहे थे

दादी : अरेहां मंजु तेरा जमाइ इधरभी अ‍ेक बडा होटेल बना रहा हें तुजे बतायाकी नही?

में : बस दादी वोही बता रहाथाकी बीचमें आपने रोकलीया, कहो दोनोने क्या तैय कीया

दादी : कुछ नही सब तैयहे उनके मुताबीकही सब होगा ओर मंजरी तुजेभी कुछ करनेकी जरुरत नही हें सब इन्तजाम इधर होजायेगा में सुलक्षणाकोभी यही केह रही थी

मंजरीदेवी : जी लेकीन कुछतो मुजे करने दीजीये

दादी : अरे सुना नही कुछ नही करना वरना तेरा जमाइ देखा हें हम तीनोको कच्चा खा जायेगा हें..हें..हें..ओर सुन सुलक्षणा तुभी..

कहेके दादी फीरसे सुलक्षणादेवीसे बाते करने लगी तब मेने मंजरीदेवीसे कहा

में : (धीरेसे) आपने दादीसे जुठ क्यु बोला में कहा होटेलका बोला

मंजरीदेवी : (सरमाके हसते) तो क्या कहेती, येतो नही केह सकतीकी आपके पोतेको में अकेली मीलना चाहती हुं मुजे कुछ साबीती चाहीये हें..हें..हें..

में : (हसके) आप मुजे केसी साबाती चाहती हें जो उसमें हम दोनोको अकेला मीलना पडे

मंजरीदेवी : (सरमाके) मुजे नही पता, जेसेकी आप कुछ समजतेही नही हो (सरमाइ)

में : समज गया, अबतो मेभी जल्द आपको साबीती देना चाहता हुं ताकी मेरी सासुमाको तसली होजाये जमाइ इसकी बेटीके काबीलहेकी नही, ठीकहे बेटीसे पहेले आप टेस्ट करलो

मंजरीदेवी : (सरमाते हसते) मुजे लगताहे अब आप पुरी तराह समज गये हें में फोन करुगी

कहेके वो अंदर जाने लगी तब सुलक्षणादेवीभी उसके पीछे चली गइ तब दादीने कहा

दादी : (धीरेसे) बीटु तुने अ‍ेसा क्या केहदीयाकी सीधी बाथरुममें भाग गइ हें..हें..हें.., सम्हालना दोनो बहुत कमीनी हें पुजे पताहें दोनो आपसमेही सुरु होजाती हें इस लीयेतो दोनो साथ गइ हें..हें..हें..

में : दादी आपको सब पता हें? कमीनी बहुत गरम करके गइ मुजे, दादी आप तैयार रहेना मुजे मेरी पुरानी बीवीसे प्यार करना हें वोभी दो बार

दादी : (धीरसे कानमें) बीटु मुजेभी करना हे पर अ‍ेक बार मेही तु मुजे थका देता हें तो दो बार कहासे जेल पाउगी ठीक हे तु आजा फीर देखते हें

में : दादी कास आप देरसे पेदा होतीतो में सचमें आपसे सादी करलेता आप अभीभी होटहो

दादी : (हसते) बीलकुल पागल, क्या सचमें में तुजे इतनी अच्छी लगती हुं?

में : हां दादी में सच केह रहा हुं आप मीरा या मायाकी उमरकी होती तोभी आपको में भगाके लेजाता ओर आपसे सादी कर लेता

दादी : बीटु मुजे पता हें इसी लीये मेने अ‍ेक प्लान कीया हें जो तुजे बादमें बताउगी

तब मंजरीदेवी सुलक्षणादेवी माधवी मनीषा सब बहार आगइ ओर दादीसे जानेकी इजाजत मांगी तब दादीने सबको छोडनेके लीये गाडीकी व्यवस्था करदी तब मनीषाने कहा

मनीषा : दादी आपका पोता हमे छोड जायेगा नेनुदीभी साथ आरही हें

दादी : ठीक हें फीर जल्दी वापस आजाना जा बीटु तेरी दोनो सासको छोडके आजा

फीर मेंने बडी कार लेली ओर उसमें सब बेठ गये ओर चल पडे दोनो अगल बगलमेही रहेतेथे तो में कार मनीषाके घरपे खडी करदी पहेले हम मनीषाके घर गये सुलक्षणादेवी ओर माधवीभी साथमें थी फीर हमने वहा चाइ पीया फीर सब माधवीके घर चले गये तब दादा अभी नही आयेथे उसका घर बहुत बडाथा तो माधवी नेनु ओर मनुको लेके उसका घर दीखाने चली गइ मंजरीदेवी इधर नही आइ थी तब सुलक्षणादेवी मेरे पास आगइ ओर कहेने लगी

सुलक्षणादेवी : आपको घर नही देखना क्या? कोइ बात नही बादमें मे आपको दीखा दुगी

में : इसीलीयेतो नही गयामे, क्युकी आपके साथमें इस घरका अ‍ेक अ‍ेक कमरा देखना चाहता हुं देखायेगीनां मुजे?

सुलक्षणादेवी : (सरमाके हसते) जी जरुर दीखाउगी, वेसे आप बहुत नोटीहो हें..हें..हें..

तब माधु नेनु ओर मनु उपरकी ओर सीडीसे जाने लगी तब सुलक्षणादेवी मुजे हाथ पकडकें नीचेके अ‍ेक कमरेमे लेगइ ओर मुजसे बाहोमें भरके मुजे पागलकी तराह चुमने लगी तब मेने उसके होठ पर अपना होठ रखके चुसने लगा तो वो आंख बंध करके मदहोइ होने लगी ओर मेने उसके बुब्स मसल दीये तो वो सीहर उठी

ओर सीत्कार करने लगी फीर नीचे हाथ लेजाकर मेरा लंड पेन्टके उपरसेही पकडलीया ओर मसलने लगी ओर मुजे अचानक छोड दीया ओर मेरी पेन्टकी ओर मुह ओर आंखे फाडके देखती रही फीर हम बहार आके बेठ गये तब वो बहुत सरमा रही थी फीर धीरेसे कहेने लगी

सुलक्षणादेवी : कीतना बडा हे आपका आपकी सब बीवीया केसे जेलती होगी आपको, बापरे मेरी हालतभी खराब हो जायेगी तो आप माधुकीतो फाडकेही रख देगे

में : कुछ नही होता सब बीवीया आदी होगइ हें तो माधुभी होजायेगी ओर आपभी

सुलक्षणादेवी : बापरे उपर सेही गध्धे जेसा लग रहा हें दीखनेमे केसा होगा मुजे तो डर लग रहा हें, मंजुकी भी हालत खराब होजायेगी बहुत फुदक रहीहें आपका लेनेके लीये

में : मेने सुना हे आप दोनो लेसबीयन हो आपको सब मंजरीदेवीने ही बताया हेना

सुलक्षणादेवी : हां उसीने बताया क्युकी हम दोनो अ‍ेककी कस्तीमें सवारथी तबसे साथ हें समज गये ओर अ‍ेकदुसरेकी प्यास हम आपसमेही बुजालेती हें पता नही आपको देखके हमे क्या होगया हें हम पर अपना कंटड्ढोलही नही करपाती हम दोनोही आप पर फीदा होगइ हें

में : ठीक हें में सादीके बाद आप दोनोसे मीलुगा ओर दोनोकी आगको ठंडा कर दुगा

सुलक्षणादेवी : तबतो अच्छा हें हम दोनो इसके बीना बहुत तडपी हें में मंजुको केह दुगी

तब तीनो नीचे आगइ ओर हमारे साथ बेठ गइ तब माधुने सबके लीये ठंडा बनाया फीर में ओर नेनु नीकल गये ओर सीधे महेल आगये आये तब सब अपने रुम में जा चुके थे तब नेनुभी मेरे साथ दादीके रुममें आगइ ओर मेने उसेभी दादीके पास बेठनेको कहा तो दादी रजाइ डालके लेटी हुइ थी जब मेने उसके उपरसे रजाइ हटाइ तो दादी पुरी नंगी थी ओर दादी रजाइ हटतेही सरमाके हसने लगी ओर अपनी चुत हाथोसे ढकने लगी

नेनु : (हसकर) दादी सब क्या हें, आपो पहेलेसेही तैयार हें हें..हें..हें..

दादी : बेटी उन दोनो कमीनीओने अपनी बातोसे मुजे बहुत गरम कर दीयाथा तोमें रेडी होके लेटगइ ताकी आप सबका टाइम नाबीगडे मेरी वजहसे आप सबको तकलीफ होती हें

में : आप फीकर मत करो इसलीयेतो सीधे नेनुको इधर लाया हुं ताकी उसको लगेकी हम अभीभी बहारसे नही आये हे

फीर में कपडे नीकालके दादीके पेरके बीच आगया ओर लंड सेट करके दादीको जोरोसे पेलने लगा तो दादी मदहोस होके पेलवाने लगी तब नेनुभी गरम होकर चुत सहेलाने लगी दादीको दो बार जडाके उसकी चुतमें खाली होगया ओर उसके उपर लेटा रहा

दादी : बीटु आज बहुत मजा आगया बस अ‍ेसेही करता रहे

फीर थोडी देर बाद में ओर दादी वापस सुरु होगये इसबार जोरोसे धका मारते दादीको पेल रहाथा तो दादीको दर्द होने लगी फीरभी वो मेरा साथ देती रही फीर दोनो साथमें जड गये तब दादी थककर पसीनेसे भीग गइ थी फीर दोनो नहाके बहार आगये ओर नेनुने दादीको सुला दीया फीर मे ओर नेनु अपने रुममें आगये तब सब हसी मजाक करते बाते कर रहीथी सब धाराकी टांगे खीच रही थी

फीर हम गये तो सब हसने लगी फीर मायाने मेरे ओर नेनुके पास आके कहा

माया : नेनुदी आज दीनभी अच्छा हें ओर नक्षत्रभी अच्छा हें तो क्युना आज अंजुदीकी बारी लेले, उसकी भी बडी तमना हेतो सब होजायेगा सबको आज अनुभुतीभी करनी हें

नेनु : क्या कहेते हो जानु आप रेडी हो?

में : हां नेनु आज मेरी अंजु मेरे साथ सोयेगी सबको कहो सब नहाके आजाये बीना कपडेके बहार आके सोना हें

तब सब खुस होगइ ओर दो दो करके सब नहाने लगी ओर बहार आने लगी तब माया ओर नेनु जसु चली गइ ओर वोभी नहाके बहार आगइ तब में अंजुको लेकर अंदर चला गया ओर दोनो नहाने लगे तब मेने अंजुसे पुछा

में : अंजु तु रेडी हेना आज पुरी रात तेरे साथ रहुगा ओर आज हम दोनोके बीज मील जायेगे

अंजु : जानु इस पलके लीये तोमें तरस रही हुं, आज होजानेदो दोनोका मीलन में इसके लीये रेडी हुं आज पुरी रात मे आपकी रानी बनके आपके साथ घुमना चाहती हुं

फीर में अंजुको गोदमें उठाके बेड पर आगया तब मायाने सबको सुला दीया था ओर कमरा लाइट सब बंध करके वोभी नेनुके साथ लेट गइ आज अंजुने अपने बाल खुले छोडके रखेथे ओर में अंजुके उपर आगया तब सब प्रार्थना करने लगी ओर कमरेका पुरा वातावरण चेन्ज होने लगा

पुरे कमरेमे अ‍ेक सुगंध आने लगी ओर सब मदहोस होने लगी तब मेने अंजुके होठ पर होठ रख दीये ओर दोनो अ‍ेक दुसरे से रसपान करने लगे तब अंजुने पार्थना सुरु करदी ओर मदहोस होने लगी तब मे उसके बुब्स चुम रहा था ओर अंजु मेरा सर सहेलाते कहेने लगी

अंजु : मेरे सरताज, हे मेरे परमात्मा आज हमारे बीजका मीलन करवादो ओर डालदो अपना बीज मेरे गर्भमें मुजेभी नेनुकी तराह प्रेगनेन्ट करदो में आपको पुरी समर्पीत होती हुं आज मीटादो मेरी हस्ती ओर दोनोकी आत्मा अ‍ेक करदो समालो मुजे आपके अंदर आज ये अंजु आपके अंदर वीलीन होजाना चाहती हे

कहेके उसने मेरा लंड पकड लीया ओर अपनी गीली चुतमें प्रवेस करा दीया तब मेरी आंखे ओर अंजुकी आंखे बंध होने लगी मानो धीरे धीरे संगीत बजने लगा हो तब मेरी सब बीवीओ आंख बंध करके कमर हिलाने लगी ओर सबके चहेरे खील उठे मानो मेही उसके साथ संभोग कर रहा हुं

अंजुभी चरम सुखकी ओर बढने लगी ओर हल्का हल्का मुस्कराने लगी ओर उसने मुजे कसके बाहोमें पकड लीया तब मेरी कमर जटका मारने लगी ओर अचानक हम सब स्वप्नकी दुनीयामे चले गये आज अंजु मुजे हाथ पकडके उडने लगी ओर मेरी सब बीवीओने अ‍ेक दुसरेका हाथ पकडके लास्टमे नेनु ओर मायाने मेरा हाथ पकड लीया

ओर सब हवामे गोते मारने लगी तब यहा मेरी ओर अंजुकी कमर पुरी तालमेलमें स्पीडसे उछल रहीथी ओर हमारे बीच घमासान चुदाइ सुरु होगइ थी मेरी सब बीवीयाभी जोरोसे कमर हीला रहीथी तब दादीके रुम में दादीभी मुस्कराती हुइ अपनी कमर उछाल रहीथी ओर वही हाल तारा ओर सारीकाका था

इधर हम सब हवासे सीधे सागरकी गहेराइओमे चले गये ओर अंदर गोते मारने लगे तब नेनु सबका हाथ पकडकर उपर लेआइ थोडी देर बाद अंजु फीरसे सबको गहेराइमें लेगइ ओर सब उछलके गोते मारने लगी ओर सब जडने लगी तभी माया सबको लेके उडने लगी ओर सबको स्वर्गकी ओर लेजाने लगी

तब अचानक सब परीया घेरा बनाके खडी होगइ तब नेनु ओर माया दोनो अ‍ेक जोपडीमें चली गइ ओर थोडी देर बाद दोनोकी गोदमें अ‍ेक अ‍ेक बच्चा था जो हाथमें छोटी छडी लेके खेल रहाथा तब अ‍ेक आधेड परीने अंजुका हाथ पकडके सबके बीच खडा कर दीया तब पहेले नेनु ओर बादमें मायाने वो बच्चा अंजुके गर्भमे रख दीया

तब सब हर्षोउलास करते नाचने लगी फीर मायाने सबका हाथ पकड लीया ओर सबको लेके उडने लगी ओर धरतीकी ओर आने लगी इधर नीचे हमारे कमरेमें अभीभी सब अपनी कमर उछालके बार बार चरम सुख पा रहीथी ओर मे ओर अंजु अभीभी तालमेलमें कमर उछालके चुदाइ कर रहे थे तब नेनु ओर मायाकी आंख खुल गइ

ओर दोनो कमर उछालते रुक गइ ओर आजु बाजु सब देखने लगीतो सब अपनी कमर उछाल रही थी ओर सबके पेरके बीच कामरस बहेता जा रहाथा तब मायाने सबको जगाया ओर हमारी ओर इसारा करके सबको दीखाने लगी तो सब बेठ गइ ओर हमे देखने लगी तोमें ओर अंजु अभीभी स्पीडसे तालमेलके साथ कमर हीलाके चुदाइ कर रहेथे

तब सब देखती ही रही हम दोनोकी आंखे बंध थी ओर अंजु अभीभी मुस्कराये जा रही थी तब ५ बज चुके थे ओर मायाने प्रार्थनाकी तब जाके हम दोनो सांत हुअ‍े सबसे पहेले अंजु जाग गइ तो में उसके उपर उसकी चुतमें लंड डालकर लेटा था ओर वोे मेरे सरको सहेलाने लगी ओर कहा

अंजु : मेरे प्राणनाथ उठो सुबह होगइ हें, जानु उठना नही हे क्या?

तब मेने आंख खोली तो में अंजुके उपर लेटा था तब आंख खोलतेही अंजुके होंठ चुमने लगातो वोभी मेरा साथ देने लगी तब सब हमेही देखे जा रहीथी तब मेने कहा

में : मेरी प्रीय प्राणेशरी आज तेरे अंदर मेरा दो बीज स्थापीत हो चुका हे तु पुरे नौ महीने बाद अ‍ेक राजकुमार ओर अ‍ेक राजकुमारीको जन्म देगी

कहेके में फीर अंजुके उपर लेट गया तब अंजुभी मुस्कराने लगी ओर मेरा सर सहेलाने लगी तब उसका ध्यान सबकी ओर गया तो वो सरमाके हसने लगी तब मायाने मुजे जगाया तो में उठके बेठ गया तब अंजुकी चुतसे ढेर सारा काम रस बहेने लगा तब नेनुने उसे लेटे रहेनेको कहा जब बहेना बंध हुआ तो में अंजुको उठाके बाथरुम में लेगया ओर दोनो नहाने लगे तब मे अंजुको प्यार करने लगा

ओर अंजुभी मेरा साथ देने लगी ओर दोनो खडे खडेही सुरु होगये अंजुभी अपने दोनो हाथ मेरी गरदनमे डालके नसीली आंखसे मुजे देखते हुअ‍े खडे खडेही चुदवा रही थी जब दोनो साथमें जड गये तब नहाके बहार आगये ओर अंजुको नंगेही बाहोमें लेके खडा रहा तब नेनु सोनु दो दो करके सब नहाने जाने लगी सबने नहा लीया तब तक में ओर अंजु अ‍ेक दुसरेकी बाहोम खडे रहे तब नेनुने कहा

नेनु : जानु अब दोनो तैयार होजाओ सब नहाके तैयार होचुकी हें

अंजु : नेनु इनकी बाहीमें रहेने दोना कीतना सुकुन मीलता हें आज मेने परमात्माको पालीया हें यही मेरे भगवान हें ओर यही मेरा इेशर हें ओर तुम सब देवीहो मेने सबको देख लीया हें

माया : बस अंजुदी अब आप स्वप्नसे बहार आइअ‍े नेनुदी आप उसे फीरसे नहेलादो

तब नेनु अंजुका हाथ पकडकर नहाने लेगइ ओर में तैयार होने लगा तब अंजुभी नहाके बहार आइ ओर तैयार होने लगी तब वो बहुत सरमा रहीथी फीर मेने सबकी मांग भरदी ओर सब मेरे पैर छुके बहार जाने लगी तब अंजु मेरे पैरमें सर रखकर पैर छुने लगी ओर मेने उसे खडा करदीया ओर बाहोमें भरलीया तब उसने कहा

अंजु : जानु ये केसी अनुभुती थी? मुजेतो आपने धन्य कर दीया मुजे मेरा प्रमात्मासे मीला दीया कोन हो आप मुजे बताइअ‍े

में : बस अंजु चल सब हमारा वेइट करते हें मे तेरे साथ हुनां चल

कहेके मे अंजुकी कमरको पकडकर चलते बहार लेगया तब नेनु जटसे दादीके रुम में चली गइ तो दादी खुद चदर चेन्ज कर रहीथी नेनुको देखतेही राहतकी सास ली फीर नेनुने चदर चेन्ज करली ओर दादीको नहाने भेज दीया जब नहाके बहार आइतो दादी कहेने लगी

दादी : नेनु ये केसी अनुभुती सारी रात तेरा पती मुजे प्यार करता रहा वो तुम सबके साथ थाकी यहाथा मुजेतो कुछ समजमेही नही आता मुजेतो अ‍ेसाही लगा की सारी रात वो मेरी कुटाइ करता रहा

नेनु : दादी आज आपकी अ‍ेक ओर बहुको प्रेगनेन्ट करनेकी बारीथी तो आज सबने अनुभुतीकी आपभी मायाकी सादीमें थीतो आपकोभी होती रहेगी, अच्छा हेना आपके भी मजे हे हें..हें..हें..

दादी : भगवानकीभी केसी केसी लीला हें, इस जमानेमेभी ये सब होता हें कोइ सोचभी नही सकता, पता नही कोन हे ये जोभी ओरत इसके संपर्कमें आती हे इसके नीचे लेटे बगैर नही रेह सकती चाहे मेरी जेसी बुढीही क्यु नाहो, हम कीतनीभी कोसीस करले अब इसे नही रोक सकते , नेनु अब इसे सब छुट देदे

नेनु : (हसकर) दादी हमनेतो कबसे छुट दे रखी हें जब हम यहा आयेभी नही थे

दादी : क्या..? तब तो अब तक कोइ नही बची होगी हें..हें..हें..कही तारा सारीका कोभी इन्होनेतो नही पेटसे कीया? अबतो मुजेभी संका होने लगी हें

नेनु : दादी प्लीज आप कीसीसे कहीगेगा नही, येबात सच हें वे दोनोके पेटमेभी इन्हीका बच्चा पल रहा हें, ओर आनेवाले दीनोमें वोभी आपकी बहुअ‍े बन जायेगी, अच्छाहे अब आपकी उमर हो गइहे वरना आपभी इसमें बाकात नही रेह सकती, फीरभी खयाल रखीयेगा

दादी : (गंभीर होके) सही केह रहीहो नेनु, कुछ दीनोसे मुजेभी तीव्र इच्छा हो रहीहें की इनका बच्चा पेदा करुतो कीतना अच्छा हें पता नही इनमे केसा आकर्सण हे हम सब इन्हे देखतेही पागल होने लगती हें देखा नही कल मंजु ओर सुसी केसे इनसे बाते कर रही थी

नेनु : (हसकर) दादी अब हमे वो सब नही सोचना चलीये सब आपका वेइट कर रही हें मुजे लगताहें वे दोनोभी नही बचेगी हें..हें..हें..

दादी : हे भगवान, चल चल वरना मेरी सब बहुअ‍े मुजसे नाराज होगीकी इतनी देर तक सोती हें इनको क्या मालुम उसके पतीने मेरी हालत खराब करके रखी हें चल

कहेके नेनु ओर दादी हसती हुइ बहार आगइ तो सब खडी होकर इनके पैर छुने लगी में अबभी अंजुको मेरे सीनेसे चीपकाके बेठा था तब दादी हमारे पास आइतो अंजु तंद्रासे जागी ओर दादीके पैर छुलीये तब मेभी खडा होगयातो दादीने मुजे सीनेसे लगा लीया ओर जोरोसे भीचलीया फीर हसने लगी फीर दादी अंजुके पास बेठ गइ ओर उसके सरपे हाथ रखकर सहेलाने लगी

दादी : तु अब चीन्ता मत करना तु मेरी बहु नही मेरी बेटी हें मेरे वारीसकी मां हे तु

में : दादी तेरी इस बहु मीरा ओर धाराकी माफीक दो वारीसको जन्म देने वाली हें

दादी : हां मुजे पता हें मेनही माया ओर नेनुको आपना वारीस सोप दीया था जो उन दोनोने इसके गर्भमें स्थापीत कीया हें, मेभी आप सबके साथ थी

अंजु : दादी आपका बेटा कोन हे पता हे आपको? वो मेरे परमात्मा हें मेरा भगवान

दादी : सीर्फ तेराही नही हम सबका हे चलो अब नास्ता नही करना क्या (नेनुकी ओर देखकर) बेटी इसका खयाल रखना ये बहुत इमोस्नल हें सब कीतने बजे नीकलने वाले हो

नेनु : दादी हम लंच करके नीकल जायेगे २ बजेकी फ्लाइट हें, क्या अंजुको इस हालतमे लेजाना उचीत हे?

अंजु : मुजे क्या हुआहें में बीलकुल सही हुं मे जानुके बगैर इधर नही रेह सकती मुजे आना हे

में : ठीक हे बाबा आजाना बस, चल अब कुछ खाले

फीर सब चाइ नास्ता करने लगे तब मेने अंजुको खीलाया फीर माया उसे लेकर अंदर चली गइ तब सुनील ताराभाभी सारीकाभी आगइ ओर सब चाइ नास्ता करने लगी तब दादी उन दोनोके देखकर खुस होने लगी ओर मंद मंद मुस्करा रही थी, फीर सबने नास्ता कर लीया तब दिवानजीभी आगये थे तब दादीने उसे गाडी नीकालनेको कहा तो वो चले गये

दादी : नेनुबेटा तुम ओर माया बहु चलो मुजे कुछ काम हें हमे आश्रम जाना हे

फीर वो तीनो कारमें बेठ गयेतो दादीने सीधे आश्रमे जानेको कहा ओर तीनो आश्रममें आगये तब बाबा अकेले बेठे थे तीनो ने उसे दंडवत कीया ओर बेठ गइ

दादी : बाबा ये सब केसी माया हें, क्या जो कुछ हो रहा हें वो सही हे? कही हम सब पापतो नही कर रहे कोन हे वो ओर कोन हे हम मुजेतो कुछ समजमेही नही आता

बाबा : (हसकर) अच्छा कीया उसे साथ नही ले आये वरमा में उतर नही देपाता वो परमात्माका अ‍ेक अंस मात्र हें जो जाग गया हें ओर तुम सब कोइ ना कोइ जन्ममे उसे जुडी हुइ हो ओर हर जन्ममे कोइना कोइ रुपमें उनसे मीलती रहेती हो तुमभी कइ जन्मोमे उनकी रानी रेह चुकीहो जो इस जन्ममे दादी बनके आइ हो फीरभी वो तुम्हे रानी बनाकेही रखेगा तुम चाहोया ना चाहो ओर अगले जन्ममे फीर उनकी रानी बनोगी सब अ‍ेक चक्र हे

दादी : पीछले कइ दीनोसे सबको अनुभुती होती हें वो सब? जो हम देखते हे ओर वो कहेता हें सब सच होजाता हें

बाबा : पता हें सब, आजही दो नये जीवनको जन्म दीया हे उन्होने उसमें तुम सब सामीलथी ओर खुद तुमनेहीतो तुम्हारा अंस इन दोनोको सोपा हें तो क्यु परेसानहे जो हो रहाहें होनेदे सब प्रकृतीके हिसाबसे तो चल रहा हें तो क्यु बाधा डालती हें वो जो करता हें करने दे ओर कोइ पाप पुन्य नही होता, क्युकी उसका जीवन खुद उसके हाथमें हेही नही वो कोइ ओरही चला रहा हें, मेरे जीवन कालमेभी ये सब नया हें मुजेभी उनके माध्यमसे बहुत कुछ सीखनेको मीला हें कभी कभी मुजेभी संदेह होताहे की में उनका गुरु हुं या वो मेरा गुरु हें

माया : बाबा येतो कालका भी चक्र हे, हर जन्ममे गुरु शीष्य अ‍ेक दुसरे के पुरक बनते आये हे कभी ये गुरु तो कभी शीष्य गुरु क्या यही जीवन हें, बस आप हमारे लीये यही प्रार्थना कीजीयेकी अब हर जन्ममे वो हमे पतीके रुपमें मीलते रहे ओर हम उनकी पत्नी के रुपमें आती रहे

बाबा : तथास्तु.., बेटी अब वही होगा अब तु उनसे कभी नही बीछडेगी मेरा आशीर्वाद हें

नेनु : बाबा उसने बहुत सारे काम सुरु कीया हें आशीर्वाद दीजीयेकी सब पुरा होजाये

बाबा : तु उनकी चीन्ता मत कर उसका कामही पुरे प्रदेशको बदलके रख देगा तु चीन्ता मत कर

दादी : बाबा हमारे लीये क्या आदेश हें बस वोही बता दीजीये

बाबा : कुज नही जो हो रहाहें होनेदो ओर तुम सब उसे खुस रखो ओर खुदभी खुस रहो आने वाले समयमें बहुत कुछ नया होगा ओर आपकीतो जींदगीही बदल जायेगी बस ओर कुछ नही कहेना मुजे

फीर तीनो दंडवत करके बाबाको दक्षीणा देके नीकल गये, इधर जब वो गये तब में गार्डनमें चला गयाथा तब अ‍ेक फोन आया देखातो मंजरीदेवीका फोनथा तो मेने उठालीया ओर दोनो बाते करने लगे

में : हांजी सासुमा कहीये केसे याद कीया

मंजरीदेवी : यादतो करना पडेगानां वरना आप हमे भुल गयेतो? क्या कर रहे हे आप?

में : कुछ नही अकेला घुम रहा हुं गार्डनमें, वेसे क्या कर रही हें मनु?

मंजरीदेवी : वोतो होटेल चली गइ, में अकेलीथी तो सोचा आपसे बात करलु क्या आप मुजे मीलने आसकते हें? मनुतो सीधी सामकोही आयेगी ओर मे अकेलीही हुं

में : ठीक हे अभी आता हुं वहा कोइ खतरातो नही क्युकी दीनमें गावमें आना मुस्कील हें

मंजरीदेवी : वोभी सही हें लगताहें हमे मीलनके लीये दुसरा इन्तजाम करना पडेगा उधरभी सब होते हेतो में वहाभी नही आसकती ओर आपके होटेलमेभी मनु रहेती हें

में : अभी रहेने दीजीये सादीके बाद तो आप इधरही आरही हे तो हम मील लेगे

मंजरीदेवी : चलो ठीक हे दुसरा कोइ रास्ताभी नही हें, बस आप हमे भुल मत जाना चलो रखती हुं फीर बात करेगे बाय..

कहेके फोन काट दीया ओर सोचने लगाकी सबको क्या होजाता हें कोइ उमर तक नही देखती जीसे देखो मेरे नीचे लेटनाही चाहती हें ओर में अंदर आही रहाथा की गार्डन में पीछे अ‍ेक पंपकी रुमथी वहासे मुजे दिवानजी ओर कजरी अपने आपको सही करते बहार नीकलते नजर आये

ओर जेसेही दिवानजीकी नजर मुजपे गइ तो उसके होंसही उड गये ओर कजरी नीचे मुह करके अंदर भाग गइ तब दिवानजी मेरे पास आके मेरे पैरमें गीरकर माफी मागने लगे तब मेने उसे अपने पास बेंचपे बीठाया ओर वो मुजसे हाथ जोडके गीडगीडाते कहेने लगे

दिवानजी : माफ करदो बेटा तुमतो समजतेहोना की में इतने साल अपनी बीवीसे दुर रहा तो मेरी क्या हालत हुइ होगी तो मेने कजरीसे छुपकेसे सादी करली हे ओर हम दोनो यहा साथ हेतो मीलते रहेते हें आप कीसीको मत कहेना वरना में कीसीको मुह दीखाने काबील नही रहुगा

में : दादा आप गभराये नही में कीसीको कुछ नही कहेने वाला मेभी आपकी स्थीती समजता हुं ओर मुजे सब मालुम हेकी आप दोनोकी अ‍ेक संतानभी हें जो हमारे महेलमेही काम करती हें तो आप परेसान नाहो मेरीभी कीतनी रानीया हें ओर होने वाली हें

दिवानजी : आपतो राजा हें आपकी होसकती हें हमतो नोकरहें हमे सब शोभा नही देता

में : छोडीये सब बाते मजबुरी आदमीको क्या क्या करवाती हें में जानता हुं आप नीस्चीन्त रहीये ये राज सीर्फ मुज तक सीमीत रहेगा ओर आप कजरीभाभीसे मीलभी सकते हें बस सबसे सम्हालके मीलना क्युकी आपने उससे सादी कीहें आप ओर कीसीके सामने देखते तक नही हें वोभी में जानता हुं इसीलीये में कुछ नही बोला दादा सबको अपनी जींदगी अपनी तरीकेसे जीनेका हकहे तो आप नीस्चींत रहीये

दिवानजी : आपका बहुत बहुत धन्यवाद, बेटा आपको अ‍ेकबात ओर करनी थी आपकी सेक्रेटरीके लीये बहुत सारी अ‍ेप्लीकेशन आइ हें क्या आप देखना चाहेगे?

में : नही दादा फीलहाल मुजे कोइ सेक्रेटरीकी जरुरत नही हें आगे देखा जायेगा

दिवानजी : ठीक हें में ओफीसमें अभी मना कर देता हुं अ‍ेक बार फीर आपका शक्रिया

फीर दिवानजी चले गयेतो में हसने लगा फीर में अंदर आगया तो मेरी सब रानीया तारा ओर सारीका बेठी थी सुनील बंगलो देखने गयाथा तो में सीधे फ्रेस होने चला गया दादीके रुम में फ्रेस होके बहार आगया ओर सबके साथ बेठ गया

दिव्या : जानु आपने कृणाल भाइको फोन करदीयाकी नही आपको दो दीनमें तीनो जगाह मुहुर्त करना हें धारादीने सब पेपर रेडी कर दीये हें ओर हमारे फार्मके पेपरभी सब रेडी कर दीये हें

में : वो में अभी फोन कर देता हुं तुने प्लानका काम कहा पहोचाया कुछ कीयाकी नही

रीटा : जानु वो मेरे ओर दिवुदीने ओल मोस्ट खतम करलीया हें सीर्फ फेक्टरीके स्टाफ क्वाटर ओर ओफीसका कामही बाकी हें बाकी स्कुल कोलेज होस्पीटल आइटीआइ सब कंपलीट हें

में : अरे वाह छोटी रानी तुतो मेरी सोनुकी तराह बडी फास्ट हें तैयार रहीयो हम आतेही सबका मुहुर्त करना चाहते हें

दिव्या : सोनुकी चेली हेतो सोनुकी तराह फास्टतो होगीनां हें..हें..हें..

सोनु : तो तुम क्यु जलती हें चेली हे तो हें आजा रीटु इधर बेठ मेरे पास

तब रीटा हसते हुअ‍े सोनुकी गोदमें बेठ गइ तो सब हसने लगे तभी दादी नेनु ओर मायाभी आगये तो रीटा फटाकसे सोनुकी गोदसे उतर गइ तब दिवुने कहा

दिव्या : क्युरी बेठनां चीबावली उतर क्यु गइ अब सरम आती हे? हें..हें..हें..

तब तक दादी माया नेनु हमारे साथ आके बेठ गये थे तब सोनुने वापस उसका हाथ पकडकर गोदमें बीठा दीया तो दादी नेनु माया सब हसने लगे तब सबके लीये कजरी चाइ लेके आइ ओर मेरे सामने देखकर हसने लगी तो में समज गयाकी दादाने उसे सब कुछ बता दीया हें फीर चाइ पीके अंजु नेनु सोनु जसु दिवु रीटा सब अपनी पंकींग करने चली गइ

धारा माया ओर मीरा आने वाली नहीथी तब मेने कृणालको फोन करके सब बता दीयाकी में सामको सीधे पुना आउगा नेनु दिवु सब अहेमदाबाद जाने वाले थे फीर मेने नीरजकोभी फोन करदीया तो उसने बतायाकी वोभी दोनो पुना मुहुर्तमें आ रहे हे वही मीलेगे तभी दादी माया धारा सब दादीके रुम में उसे लेकर चली गइ तब में सारीका ओर ताराभाभी ही थे तब

सारीका : जानु ये आप हमे केसी अनुभुती करवा रहे हो क्या सचमें आप अपनी बीवीयोके साथ होते होकी सबसे छुपके हमारे पास आजाते हो

में : नही में मेरी सब बीवीयीके पास ही होता हुं क्यु क्या हुआ?

तारा : कलतो सारी रात आप हमारे साथही थे ओर हम दोनोको पुरी रात सोने नही दीया दोनोको आप सुबह तक ठोकते रहे हम दोनोकी हालत खराब करदी ओर हमारी चादरभी खराब करदी ओर आप कहेते हो हमारे साथ नहीथे

तब माया बहार आके हमारे साथ बेठ गइ ओर आते वक्त उसने सुनलीयातो दोनोको सारी बात बतादी की अनुभुती क्यु होती हें ओर मायाने बात खतम करके मेरे कंधे पर सर रख दीयातो में उसका सर सहेलाने लगा तब मायाने मेरे कानमें कहा

माया : सखा आपतो चले जाओगे फीर मेरा क्या होगा मुजे पता होताकी आप अहेमदाबाद नही जारहे हो तो मेभी आपके साथ चलती

में : तो अभी क्या बीगडाहे तुजा फटाफट अपनी पेकींग करले मेरे साथ पुना चल

माया : क्या अब टीकीट मील जायेगी? मुजे आपके साथ रहेना हें

तब मेने दिवुको कहेकर टीकीटकी जानकारी मांगी तो दिवुने पाच मीनीके बाद फोन करती हुं कहेके फोन काट दीया फीर पांच मीनीटके बाद सीधी हमारे पासही आगइ तो मेने सब बतादीयाकी माया मेरे साथ आना चाहती हें फीर दिवु चली गइ ओर उसने टीकीट बुक करलीथी माया मुजे कीस करके पेकींग करने दोड पडी तो तारा ओर सारीका हसने लगी

सारीका : राज माया आपसे बहुत प्यार करती हें, इधर वो कीतनी खुसहें उधर हमने कभी इतनी उछल कुद करते नही देखा बीलकुल छोटी बच्चीकी तराह होगइ हें

तारा : अच्छा हुआ वो नरककी जींदगीसे नीकल गइ ओर भलाहो उस नंदाका जीसकी वजहसे मायाको नइ जींदगी मील गइ हें..हें..हें..

में : इसलीये आपको कहेता थाकी जो होरहा हें होनेदो मुजेभी मेरी माया मील गइ

सारीका : आप दोनोने कीस तरीकेसे कीया मुजेभी बताइअ‍े की दो दो बच्चे डालदीये

तारा : (हसकर) क्यु तुजेभी दो बच्चे चाहीये था क्या? कहेतो अभीभी डलवादु हें..हें..हें..

सारीका : अगर पहेले तरीका पता होता तो जरुर डलवाती अब कुछ नही होसकता, कोइ बात नही दुसरी बार में वही टड्ढाइ करुगी आप मुजे बता देना हें..हें..हें..

तारा : (हसकर) कीतना बच्या पेदा करना हें तुजे

सारीका : जीतना हमारे ये पती चाहेगा में तैयार हुं इसके लीये हें..हें..हें..

में : अभी कुछ नही अब जोभी होगा हमारी सादीके बादही होगा

तारा : बाबा हम दोनोको कबसे वेईट कर रही हें कब होगी हमारी सादी

में : भाभी आपकोतो सब कुछ पता हें फीरभी क्यु पुछती हो

तारा : आपसे सादीकी बात करतेही हमे बहुत कुछ होने लगता हें इसलीये केह रही हुं

में : क्यु अनुभुतीसे दील नही भरता

सारीका : ओ बापरे दोनो सारी रात ठुकती रहेती हें बहुत मजा आताहें आप हमे रोज अनुभुती करवाये

तब मुजे दादीने बुलाया तो में उसके रुममें चला गया तो वहा दादीके अलावा कोइ नही था तब दरवाजा बंध करके उसके पास चला गया तो दादी मुजसे लीपट गइ ओर मेरे चहेरेपे पागलकी तराह कीस करने लगी फीर सांत होके कहेने लगी

दादी : राज तु जा रहा हे तो अ‍ेक बार अपनी केशरसे प्यार नही करेगा? फीर तुमसे कुछ बातभी करनी हें चल आजा मुजे बहुत इच्छा होरही हें

फीर दादी लेट गइ ओर अपनी सारी कमर तक करदी देखातो उसकी चुत गीलीथी फीर क्या मेने लंड नीकालके उसकी चुतकी गहेराइओमें उतार दीया ओर उसे जोरोसे चोदने लगा तब दादीभी सीसकारीया करने लगी ओर नसीली आंखसे मुजे देखती रही दादीको धनाधन पेलने लगा तब दादीको तीन बार जडा दीया

ओर दोनो साथमें जड गये दादी जीतनी बार जडती इतनी बार मुजे कसके बाहोमें भीच लेतीथी फीर दादीको बाथरुममें लेगया ओर वहाभी उसे खडे खडे चोदने लगा वहाभी दोनो साथमें जड गये तब दादी थक चुकीथी फीर दोनो साफ होके बहार आगये तब दादीने कहा

दादी : राज भलेही में अ‍ेक हप्तेके लीये जा रही हुं पर वहा में सीर्फ चार दीनही रुकने वाली हुं तु तीन दीन बादही नीकल जाना मेने सब अ‍ेरेन्ज करलीया हें तु जब आयेगा तब अ‍ेक दीन वहा रुकके दोनो नीकल जायेगे ओर दुसरे शहेरमें हम होटेल बुक करके दोनो तीन दीन उसी होटेलमें रहेगे समजलो वही हमारा हनीमुन हें फीर दोनो वापस इधर आजायेगे

में : दादी आपनेतो पुरी प्लानींग करके रखी हें हें..हें..हें..

दादी : अ‍ेय..दादी नही केशर, मेभी तेरी बीवी हुं समजे कास मेभी तेरा बच्चा पेदा कर सकती कीतनी मस्त चुदाइ करता हें तु जी चाहता हें बस तुजसे चुदवातीही रहु चलना अ‍ेक बार ओर होजाये फीर तु अ‍ेक हप्ते बादही हाथ आयेगा चल सुरु होजा

कहेके दादी घोडी बन गइ फीर तो क्याथा में पीछेसे उसकी कमर पकडकर सुरु होगया ओर दादीकी हालत बीगाडदी तब दोनो साथमें जडके सांत हुअ‍े ओर में हमारे रुममें नहाने चला गया तब सबने पेकींग करलीया था ओर सब गपे मार रही थी फीर बहार आके तैयार होगया तब सोनुने कहा

सोनु : क्यु जानु अभी नहाने गयेथे कहा महेनत करकेआये हें? हें..हें..हें..

कहातो मेरी सब बीवीया मेरे सामनें देखकर हसने लगी तब मेने सोनुकी गरदन पकडी ओर उसे पकडके बाथरुम में लेगया ओर दरवाजा बंध करके उसे घोडी बनाके धनाधन पेलने लगा तब सोनुभी मदहोसहोके चुदवाने लगी जब लंड टेडा हीलाया तो सोनु चीलाने लगी जो उसकी आवाज बहार तक आती रही

फीर दोनो साथमें जड गये तब मेने उसे गोदमें उठाके खडे खडे पेलने लगा ओर सोनुको नीतंबसे पकडकर उछालने लगा सब सोनुभी जोरोसे आह आह करती चुदवाने लगी वो दो बार जड गइ फीर दोनो साथमें जड गये ओर दोनो साथमें नहाके नंगेही बहार नीकले तब सोनु थोडा लंगडा रही थी फीर उसे गोदमें उठाके बहार लेआया ओर मेने कपडे चेन्ज कर लीये ओर सोनु बेट पर अ‍ेसेही नंगी लेटी रही ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराये जा रहीथी तब मेरी सब बीवीया देख रहीथी

धारा : कमीनी तुजे कीसने कहाथा की उसकी उंगली करो अब देख केसे पडी हें

सोनु : चुप कर बंदरीया तु क्या जाने प्यार क्या होता हें आजतो इन्होने खुस करदीया अ‍ेक हप्तेका कोटा पुरा कर दीया हाये..कीतना मजा आया

अंजु : अब चुपभी कर क्यु सबको गरम कर रही हें वरना हमारी फ्लाइट छुट जायेगी चलो सब लंच करलो अब हमे नीकलना हें

तब सोनुभी उठ गइ ओर तैयार होगइ फीर सब बहार आगये तबभी तारा ओर सारीका होलमें बेठी थी फीर हम लंच करने बेठ गये तब सुनीलभी आगये ओर वोभी खाना खाने बेठ गये तब तक हमारी सब कारे भी रेडी थी फीर लंच करके सब होलमें आगये तब दिवानजीसे सब सामान कारमें रखवादीया था

फीर हम सब दादी के गले मीलने लगे तब दादीने मुजे जोरोसे भीचलीया फीर में सुनील तारा सारीकाको गले मीला फीर धारा ओर मीराको गले मीलकर मेने दोनोके होंठ पर कीसभी करली तो दादी सरमा गइ तब धारा ओर मीराने मुजे जल्दी आनेको कहा ओर हम सब नीकल गये तब धारा दादी ओर मीराकी आंखेभी नम होगइ थी तब ताराभाभीको मेने सबका खयाल रखनेको कहा

ओर हम नीकल गये अ‍ेरपोर्ट पहोचते ही सब डड्ढाइवरने हमारा सामान रखवाया ओर वो चले गये अहेमदाबाद तक हमारा प्लेन अ‍ेकही था ओर हम वही प्लेनमें सीधे पुने जाने वाले थे सब बेठ गये ओर प्लेन टेक ओफभी होगया तब मेरे साथ नेनु ओर जसु बेठी थी दिवु रीटा सोनु बेठी थी ओर साइडमें माया अंजु बेठ गइ

कन्टीन्यु.....[/color]
 

[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०५[/color]
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ओर हम नीकल गये अ‍ेरपोर्ट पहोचते ही सब डड्ढाइवरने हमारा सामान रखवाया ओर वो चले गये अहेमदाबाद तक हमारा प्लेन अ‍ेकही था ओर हम वही प्लेनमें सीधे पुने जाने वाले थे सब बेठ गये ओर प्लेन टेक ओफभी होगया तब मेरे साथ नेनु ओर जसु बेठी थी दिवु रीटा सोनु बेठी थी ओर साइडमें माया अंजु बेठ गइ..अब आगे

जसु : जानु मेने सब पेपर लेलीये हें कीसको कहा कीस डीजाइन देनी हें वो सब अंजुदीके पास हें सब तैय होगया हें कृणालका लीगल हम राजकोट ले जा रहे हें जब वो फार्मका रजीस्टड्ढेशन करने आयेगा तब उसको सब लीगल पेपर साइन करवाके दे देगे

में : अरे वाह आप सबनें बहुत बढिया काम करदीया हें मुजेतो कुछ करनाही नही हें

जसु : जी आपको कुछ करनेकी जरुरतभी नही हें आप नेनुदीको लेके घुमते रहो बस हम सबको अच्छेसे ठंडा करते रहो वही आपका काम हें हें..हें..हें..

नेनु : जसु तु इसे इधर याद मत दीला वरना ये यही सुरु होजायेगे हें..हें..हें..

में : वाह नेनु तुने मेरे दीलकी बात छीनली चलना बाथरुम में जाते हें

नेनु : (जुठका गुसा दीखाकर हसते) कोइ जरुरत नही हें बेठे रहीये इधर चुप चाप

तब में अपने होठपे अ‍ेक उंगली रखकर बेठ गया तो जसु नेनु माया सब हसने लगे तब दिवुने दुसयंतको फोन करदीयाकी उसे लेने अ‍ेयरपोर्ट आये तकरीबन १.१५ घंटे बाद अहमदाबाद अ‍ेयरपोर्ट आगया तो मेने दिवु ओर जसुको सब समजा दीयाकी दुसयंत ओर करणको केसे दोडाना हें जब उतरनेकी बारी आइ तो जसु मेरे होठपे कीस करके उठ गइ तब अंजु सोनु दिवु रीटा सबने मुजे बारी बारी होठ पर कीसदी

ओर नेनु ओर मायाको हग करके जाने लगी सब उतर गइ तब माया मेरे साथ आके बेठ गइ अ‍ेब तरफ माया ओर अ‍ेक तरफ नेनु बेठीथी तब मायाने मेरे कंधे पर अपना सर रखदीया तो नेनुनेभी हसकर अपना सर मेरे इस कंधे पर रख दीया फीर दोनो हसने लगी तब मायाने कहा

माया : नेनुुदी वाकइ बाबाने कहा अ‍ेसाही हें पता नही हम सब पर क्या जादु करदीया हें इनकी आगोसमे आतेही आनंद आने लगता हें सखा आप जादुगर हो?

में : बहुत बडा जादुगर हुं जो में आप दोनोके प्यारमें मजनु बन गया हुं हें..हें..हें..

नेनु : जानु पता हें बाबाने क्या कहा, दादीको कहेते थे पीछले कइ जन्मोसे आपभी इनकी पत्नीथी जो इस जन्ममे दादी बनके आइ फीरभी आपको वो पत्नी बना देगा

में : व्होट..क्या..केह रही हो? बाबाने अ‍ेसा कहा? तो उस वक्त दादीने क्या कहा?

माया : दादी क्या कहेगी बेचारी बहुत सरमाइ सखा अ‍ेक तरफसे देखा जायेतो बाबाने आपको सबसे प्यार करनेकी खुली परमीसन देदी हें ओर अब हम सबनेभी आपको परमीशन देदी हें फीरभी बी केरफुल जब जरुरतहो वहा, मतलब कोइ सामनेसे कहे तो, समज गये?

में : मुजे कीसीसे प्यार नही करना सीवा मेरी सब बीवीको मेरे लीये मेरी नेनु माया ओर जसुही काफी हें

माया : ओह..,सखा इतना प्यार करतेहो अपनी सखीको आप मुजे पहेले क्यु नही मीले

नेनु : मायादी समयसे पहेले कुछ नही मीलता वरना हमतो बचपनसेही साथमें रहेते थे फीरथी में इनके प्यारको नही पहेचान पाइ, वरना येतो बचपनसेही दोनो बहेनेको प्यार करने लगेथे अगर पहेचान जाते तो हमारी सादी कबसे होगइ होती ओर अबतक दोनोको दो दो बच्चेभी हो गये होते, क्यु जानु?

में : हां नेनु तुने बहुत देर करदी मुजे बहुत तडपाया हे तुने

माया : ओर सोनु, वोतो आपको बचपनसे प्यार करती थीनां, सुनाहे उसने आपको कभी राखीभी नही बांधी

नेनु : बीलकुल सही सुना ओर राखीके दीन कहीना कही बहाना बनाके भाग जाती थी

में : इसलीयेतो नेनु प्यार करके तुजपे सारी कशर नीकालना चाहता हुं मुजसे कभी अलग मत होना

नेनु : (नम आंखोसे) नही बाबु आपको अकेला छोडके कही नही जाउगी, मायादी आजभी दीनभर दीन हमारा प्यार बढताही जा रहा हें

माया : नेनुदी मेरंी हालतभी आपके जेसे होरही हें अबतो इनके बीना अ‍ेक पलभी रहेना मुस्कील लगता हें, क्या दादीभी आपसे प्यार करने लगी हें

नेनु : मायादी ये पीछले जन्ममे हमारे दादाही थे अ‍ेसा दादीको यकीन होगया हें तो अकेलेमे वो इनको दादा मानकेही बात करती हें ओर उसे प्यार करती हें

माया : देखा प्यार चीजही अ‍ेसीहें वो ना उमर देखती हें ना रीस्ता बस होजाता हें

तब हमारा प्लेन टेकओफ होने लगातो मेने कृणालसे बात करलीकी हम आधे घंटेमें पहोच जायेगे तब मायाने मुजे गालपे कीस करदी ओर वापस कंधे पर सर रखकर बेठ गइ

में : सखी आइ लव यु सो मच, तु खुसतो हेना हमारे साथ

माया : (मेरी ओर अ‍ेक नजरसे नम आंखोसे) सखा मेतो आप सबके साथ स्वर्गमें हुं अब दुबारा ये सवाल मत पुछना इतनी खुसतो पुरी लाइफमें नहीथी इतनी खुसहुं में, आप जेसा पती ओर नेनुदी जेसी प्यार करनेवाली मेरी बहेन होतो ओर क्या चाहीये, लव यु सखा

नेनु : बस भगवान करे यही प्यार हमेसा बरकरार रहे लव यु दीदी

यही प्यार भरी बाते करते हम सब पहोच गये ओर जेसेही बहार आये तो कृणाल ओर विमला बहार खडेथे नेनु ओर माया सामान लेके मेरे साथ चलने लगी तब विमलाने नेनुकी ओर हाथ हीलायातो नेनुके मुहपे स्माइल आगइ ओर हम तीनो बहार आगये तब कृणाल जोरोसे मेरे गले लग गया फीर नेनु ओर मायाकोभी मीला तब विमलाभी दोनोके गले लग गइ

ओर मुजे हग करलीया तब उसने मेरी कमरपे उंगलीसे गुदगुदी करदीतो मेरे सामने देखकर हसने लगी तब कृणालनें नेनु ओर मायाके हाथसे सामान लेलीया ओर सब बहार नीकल गये तब अ‍ेक बडी लकजरी कारके पास चले गये ओर कृणाल डीकीमे सामान रखने लगा ओर हम सब बेठगये तब कृणालने कार चलादी में उसके बगलमेंही बेठ गया

कृणाल : कहो जीजु केसे हो हमारी अंजुदी नही आइ?

में : नही यार बहुत काम लेके नीकले हे तो वो सब अहेमदाबादमें ही रुक गये ओर कल राजकोट चले जायेगे ओर बता केसी तैयारी चल रही हें

कृणाल : आप चलीयेतो सही कल देखभी लेना सब कंपलीट करके रखा हें, केसे चल रहा हे आपकी आइसक्रिमकी फेक्टरीका काम? सुना हे बबलु पुरजोसमे काम कर रहा हें उसने काफी कुछ करभी लीया हें

में : हां यार बहुत महेनत करता हें तुम्हारी तराह ही हें बहुत उत्साही हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर खुस होके) देवर कीसका हें हें..हें..हें..

में : हां बाबा हां तुम्हाराही देवर हें पर भाइतो मेरा हेनां, कृणाल हमे अब नीरजको पुसअप करना हें उसको बोलो कहा जरुरत हे हमारी ओर आपभी थोडा ध्यान देना

कृणाल : जीजु अबतो उसेभी पुरा गुरुज्ञान मील गया हें बहुत महेनत कर रहा हें हें..हें..हें..

यही बाते करते हम सब अ‍ेक आलीसान बडे बंगलेके सामने आगये ओर कृणालने गाडी अंदर लेली ओर हम सब उतर गये तो उसके दो नोकर आगये ओर सब सामान नीकालके उपर रुममें रखके आये ओर हम सब अंदर चले गये तब अंदर नीरज ओर संजना दोडके आये ओर हम सबको गले मीले तो संजनानेभी मुजे हग करते कमरपे चीटी काटली ओर हसने लगी फीर हम सब बेठ गये तब सबके लीये पानी आया तब माया ओर नेनुको विमला संजना अंदर लेगइ ओर बंगलो देखाने लगी मेभी फ्रेस होकर वापस बेठ गया

में : कहो नीरज क्या चल रहा हें अब तुमभी सब तैयारी करो कुछ

नीरज : वापस प्रोडक्शनका काम सुरु करदीया हें बस अब आपके हुकुमकी देरी हें

में : में राजकोट जाता हुं फीर बताउगा काकाकी क्या हालत हें तो फीर राजस्थान हरीयाणा कंपलीट करवा दुगा फीर दीखा देना अपने भाइको की बीजनेस केसे होता हें

नीरज : मेभी उसकेलीये ही वेइट कर रहा हुं अ‍ेक बारतो दीखाना ही हें

कृणाल : भाइ बी केरफुल हं.., उसको दीखानेके चकरमें हमे नुकसानी नही करनी हें दीमागसे लडना हें

में : कृणाल जब तुम इनके साथ होतो क्या चीन्ता करना सब देखा जायेगा

फीर हम सबको कृणालने बंगलो दीखाया तो हमारे लीये अ‍ेक बडे बेडकी व्यवस्थाभी करलीथी जब सबने मायाकी मांगमें सींदुर देखातो पता चला हमने सादी करली हें तो सुनके सब बहुत खुस हुअ‍े तब माया खुब सरमाइ फीर हम सब नीचे आके होलमें बेठ गये तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया ओर हम सब चाइ नास्ता करने लगे

तब संजना सबको आग्रह कर करके नास्ता खीलाने लगी फीर नास्ता फीनीस कीया तो कृणालने साथ चलनेको कहातो हम तीनो नीकल गये ओर सीधे हमारी फेक्टरीपे आगये तब में देखताही रेह गया यहाभी राजकोटकी तराह ही सबकुछ था ओर यहा आज कीतने मंडप लगेथे बत मेने पुछही लीया

में : कृणाल इतने सारे मंडप कीतने आदमीको इन्वाइट कीया हें?

कृणाल : (हसकर) १००० आदमी, हें..हें..हें..तीनो जगाहपे जीजु कुछतो सो करना पडता हें ताकी पता तो चले आपकी मार्केट वेल्यु क्या हें यहा सबको मालुम हेकी जो जर्मन कंपनीको अपना इन्वेशन बेचा उसकीही कंपनीहे ओर आप अ‍ेक हिमाचलके राजाभी हें जो बहुत बडी वीरासतके मालीक हें कल वो खुद आरहे हे तो कहीयोतो सीर्फ आपको देखने ओर मीलनेही आ रहे हें हें..हें..हें..

में : (हसकर) नीरज तेरा साढु मरवायेगा देखना यार..इसनेतो मेराही मार्केटींग करदीया

कृणाल : जीजु आपके लीये ओर अ‍ेक जटका हें..हें..हें.., कल आपसे मीलने यहाके होम मीनीस्टर ओर उर्जामंत्रीभी आ रहे हें हें..हे..हें..

में : अरे यार क्या कर रहा हें इधर तुनेतो पुरी बीजनेसकी प्लानींग करके रखी हें

कृणाल : हं..अब सही समजे, जीजु हमारे गुजरातीमें कहेवत हेनेकी पहेला घा परमेशरका

में : सही हें तुने क्या घा लगाया हें, चली ठीक हें, बस नीरज यही सब करना हें समजे

ओर हम वहासे नीकल गये ओर कृणाल अपनी फेक्टरीपे ले गया वो बडी नही थी पर छोटीभी नही थी फीर अ‍ेक घंटेकी डड्ढाइवके बाद हम सब दुसरी फेंक्टरीपे आगये तो येभी उस फेक्टरीकी तराह ही थी यहाभी सब तैयारीया हो चुकी थी फीर हम सब घरकी ओर नीकल गये ओर अ‍ेक घंटेके बाद सब बंगलोपे पहोच गये ओर सब फैस होगये

तब डीनरका टाइम होगया तो सब डीनर करने बेठ गये तब विमलाने हम सबको बहुत आग्रह करके खीलाया फीर डीनर फीनीस करके हम सब बहार गार्डनमें आके बेठ गये तब हम सबके लीये आइसक्रिम आया ओर हम सब खाने लगे फीर हमारी बहुत कुछ बातचीत हुइ मेने येभी बता दीयाकी मेरे सीटीकी फेक्टरी ओर वो बंगलोभीमें बेच रहाहुं वहा काका राजन धारा सबने बेच दीया हें तो कृणालने मुजे कहा

कृणाल : जीजु आप वो फेक्टरी मुजे देदे में मेरे सालेको वहा टेक्षटाइलका बीजनेस कर देना चाहता हुं अभी वो वहा तीन पार्टनर हे तो अकेला सब कर सकता हें

में : अरे नेकी ओर पुछ पुछ तु राजकोटतो आही रहा हें तो वहीसे तु चाबी लेले में सब मशीन राजकोट सीफ्ट करवा लुगा तु काम सुरु करदे

कृणाल : (हसकर) जीजु आप कीमत तो तेय कीजीये ताकी में देदु हें..हे..हें..

नेनु : हां पता हें आपके पास बहुत पेसेहे दे दीजीयेगा जब हमे जरुरत पडे, क्यु जानु? हें..हें..हें..

में : सुनलीया की ओर कुछ सुनना बाकी हें तो मायाको कहु

कृणाल : दीदी अ‍ेसा थोडी चलता हें जीजुने फार्मकाभी पेसा मुजे जबरदस्तीसे देदीया था फीर उसने चाबीको हाथ लगायाथा तो में केसे ले सकता हुं

में : ठीक हे तो देदे मुजे कीतना देना चाहता हें, अबे साले तब में तुजे पहेचानता नही था ओर अब तु मेरा हें समजता हेकी नही

माया : (हसकर) आप उसे गालीतो मत दो हें..हें..हें..

में : लो आगइ तरफदारी करने भाइकी, अरे सालाको साला नही कहुगातो क्या कहुगा

माया : सोरी सोरी कन्टीन्यु प्लीज हें..हें..हें..

तब बेठे बेठेही मायाको खीचके हसते हुअ‍े हग करलीया तोवो सरमाके हसने लगी तब सब हसने लगे

में : देख यार वो अब अ‍ेसेही बंध पडी हे पेसे बेसे सब बाखमें देख लेगे अभी मुजे जरुरत नही हें तेरे सालेका बीजनेस अच्छेसे चलने लगे तब कमाके देदेनां बस बात फीनीस

कृणाल : चलो ठीक हें कल सायद वोभी सब आरहे हें आपसे मीलवा दुगा

में : तो क्या तुम दोनोका ससुराल हमारे सीटी मेही हें संजनाभाभीका तोपता हें तेरा पता नही था तुम दोनोभाभी कजीन ही होनां?

विमला : जीहा संजु मेरे चाचाकी लडकी हें ओर दोनोके पीता सगे भाइही हें ओर दोनो आजभी साथमें जोइन्ट फेमीलीमे रहेते हे

नेनु : अच्छा? वरना इस जमानेमे साथ कोन रेह पाता हें भाभी हमारा बंगलीभी खालीहें अगर उसको वही रहेना होतो रेह सकते हें

संजना: मेरे बडे पापाभी इनकी तराह बडे असुल वालेहे वो कभी नही मानेगे यातो कीरायादो यातो कीमत दो तबही वो वहा जायेगे फीरभी में उसे बात कर लुगी

फीर हम सब ११ बजे सोने चले गये तब संजनाने मुजे इसारेसे मीलनेको कहा तो मेने नेनु ओर मायाकी तरफ इसारा कीया तो वो मायुस होके चली गइ ओर हम तीनो हमारे रुम में आगये तब माया मुजसे लीपटके खडी रही तब मेनेभी नेनुको इसारा कीया तो वोभी हसते हुअ‍े आगइ ओर मेने दोनोको बाहोमें भरलीया तब मायाने नेनुसे कहा

माया : नेनुदी आज इसे हम सोने नही देगी बडी कुस्कीलसे हमे अ‍ेसा मोका हाथ लगा हें

नेनु : हां दी चलो पहेले हम तीनो नहालेते हे आज कोइ अनुभीती नही समजी सीर्फ प्यार

फीर हम तीनो नहाने चले गये ओर नहाके तीनो नंगेही बहार आगये ओर लाइट बंध करके बेड पर आगये तो में लंबा पेर करके लेड गया तो दोनो अपने अपने बाल खुले करके अ‍ेक अ‍ेक साइडसे आतेही मेरे सीनेमें सर रखकर लेट गइ ओर दोनो मेरा सीना सहेलाने लगी

नेनु : जानु क्या अंजु दो बच्चा सहे पायेगी वेसेतो कोइ प्रोबलेम नही हें फीरभी

में : नेनु जब हमारा मीलन हुआ ओर उसने प्रार्थना की तबही उसने दो बच्चेकी कामना कीथी तो मेने देदीया धाराके समय तुमने भीतो कहाथा की जानु इसे जुडवा बच्चे देदो तो उसको जुडवा आगया वो अ‍ेक लडका होगा ओर अ‍ेक लडकी, लडका उसके पीताही होगे जो बाबाने कहा था ओर लडकी उसकी दादी होगी जो बडे होकर दोनो आपसमें सादी करलेगे

तब माया ओर नेनु चोक गइ ओर बेठ गइ ओर मेरे सामने देखने लगी तब मेरी आंखे बंधथी ओर में बोले जारहा था तो दोनो अ‍ेक दुसरेके सामने देखने लगी तब मायाने मुजे हाथसे हीलाके जगादीया तो में चोकंके जाग गया

में : क्यु क्या हुआ दोनो अ‍ेसे क्यु देख रही हो मुजे कुछ हुआ क्या?

माया : नही सखा कुछ नही हुआ में कंबल ले आती हु आप लेट जाओ

नेनु : दी उसकी कोइ जरुरत नही हें अभी बादमें हम लेलेगे आप आजाइअ‍े इसे सोने मत देना वरना सोजायेगेतो हम दोनो क्या करेगी हें..हें..हें..

तब माया वापस लेटके मेरे सीनेमें सर रख दीया तब नेनु मुजे कीस करने लगी तब में अ‍ेक हाथसे मायाके बुब्सको पकडकर सहेलाने लगा तो माया कामुक नजरसे मुजे घुरने लगी ओर उसकी आंखे लाल होने लगी तब वो अचानक पलट गइ ओर मुजे जोरोसे कीस करने लगी तब नेनु नीचेकी ओर चली गइ

ओर मेरा पुरा लंड अपने मुहमे लेलीया ओर अंदर बहार करने लगी तब मेने मायाको अपने उपर बीठा लीया ओर उसके दोनो बुब्स दोनो हाथोसे मसलने लगा तब वो मदहोस होने लगी ओर आंखे बंध करली ओर बहुतही उतेजीत होने लगी

माया : ओह..सखा आज आपकी मायाको तृप्त करदो आपके प्यारमें बहुत तडपी हुं आपही मेरे पती हो आपही मेरे असली मर्दहो आज मसल डालो मुजे, में उफ् तक नही करुगी

ओर माया दोनो हाथोसे मेरे बालोको सहेलाने लगी नीचे नेनु जोरोसे लंड अंदर बहार कर रहीथी मानो कोइ लोलीपोप चुस रही हो अब मायाने अपने बाल आगे करदीये तो अप्सरा लगने लगी ओर मेरे सरीरमें सुरसुराहट होने लगी ओर अचानक लाया फुट पडा ओर नेनुके गलेमें उतर गया तो नेनु खासने लगी फीर लंडको चाटके साफ करने लगी ओर बाथरुम में मुह धीने चली गइ

तब मेने मायाको नीचे लीटा दीया तो वो पैर फेलाके लेट गइ ओर में उसके पैरके बीच आके लंडको चुतमें सेट कीया फीर थोडा अंदर फसायातो सीहर उठी ओर में उसके उपर लेट गया ओर दोनो हाथ पकडकर लीपलोक करलीया ओर अ‍ेक जोरदार धका मार दीया तो पुरा लंड मायाकी चुतमें फच आवाजके साथ उतर थया तो मायाकी चीख मेरे मुहमें दब गइ ओर आंसु निकल गये तब मेने उसके होठ छोड दीये तब कहेने लगी

माया : ओह.. मेरे प्रीयतम आपनेतो अ‍ेकही बारमें मेरा काम तमाम कर दीया कोइ अ‍ेसे करता हे क्या? देखो मेरी चुत फाडदी आपने अब चोदीये मुजे, मुजसे रहा नही जाता आज मुजपे कोइ रहेम मत करना पुरी रात आपसे चुदवाना चाहती हुं बस मुजे चोदते रहीये आपकी माया बहुत प्यासी हें कम ओन बेबी फकमी हार्ड ओर जोरसेइइ साबाससससस बस अ‍ेसेहीइइइइ हां..हा..चोदते रहीये हहहउउउउउइइइइइससससओह...

कहेकर माया मुजे उकसाती रही ओर में उसे जोर जोरसे चोदने लगातो वोभी पुरे तालमेलमें उछलके मेरा साथ देने लगी ओर हम दोनो चुदाइमें मसगुल होगये तब नेनुभी आके हमारे साथ लेट गइ ओर मायाको कीस करने लगी में मायाको लगातार पेलताही रहा अबतक वो तीन बार जड चुकीथी जब लंड टेडा घुंमाने लगातो माया चीलाने लगी तब नेनुने चीखको अपने मुहमें दबा दीया ओर में जोरोसे धके मारने लगा

तब मायाभी पुरी तराह मदहोसीमे बडबडाने लगी ओर आखीर मेने छुटने वालाथा तब लंड जड तक घुसादीया ओर पीचकारीया छोडने लगा तब मायाको अपने बच्चेदानीपे गरम महेसुस हुआ तो मुजे कसके बाहोमें भीचलीया फीर वोभी हलका चीलाते जडने लगी जब दोनो सांत हुअ‍े तब वो मेरी पीठ सहेलाती रही ओर मुजसे सरमाने लगी ओर मंद मंद मुस्करा रही थी

में : मेरी जानेमन केसा लग रहा हे मजा आयाकी नही?

माया : मेरे मजनु..सच कहु आज बहुत मजा आया आपनेतो मेरा कचुम्बरही नीकाल दीया था आप बहुत मस्त चुदाइ करते हो बस हमे अ‍ेसेही प्यार देते रहीये बाकी कुछ नही चाहीये हमे

में : माया जीतो चाहता हें तेरे पर अ‍ेसेही लेटा रहुं तु बहुत प्यारी लगती हें बीलकुल मेरी नेनुकी तराह

माया : अब आप नेनुदी की बारी लेलो वोभीतो आपके प्यारके लीये तरसती हे

नेनु : नही जानु हमेतो बहुत मोके मीलेगे आज मायादीकी रात हें जब तक में नाकहुं आप उसके उपरसे उतरना नही आज मेरी दीको पुरी तृप्त करदो बहुत तडपीहे आपके प्यारके लीये

माया : पुरी रात करेगेतो मेरी क्या हालत होगी में इन्हे आपकी तराह नही जेल सकती

में : माया मे इतना जालीम नही हुंकी मेरी प्राणप्यारी सखीको तकलीफ दु में बहुत प्यारसे करुगा

माया : में आपके लीये हर तकलीफ सहेनेके लीये तैयार हुं बस आप हमे प्यार करीये, नेनुदी मेने आज तक बच्चेदानीपे इतना गरम कभी महेसुस नही कीया आज पता चला की कोइ इनसे चुदतीहे तो बच्चा पेदा करनेकी जीद क्यु करती हें

नेनु : (हसकर) दी क्या आपकाभी मन होगया हें?

माया : हां नेनुदी आज मन होगया पर में अभी नही पेदा करना चाहती आप सबकी डीलीवरी होजाये ओर बच्चे थोडे बडे होजाये तब में सोचुगी अभी नही, अभीतो मुजे मेरे सखासे बहुत प्यार करना हें

नेनु : मायादी पता हें हम सबने फेमीली प्लानींग कीथी इनके प्यारमें ओर दादीकी जीदके आगे सबकी फेमीली प्लानींग धरीकी धरी रेहगइ सब अ‍ेकके बाद अ‍ेक बच्चेकी जीद करने लगी यहा तककी ताराभाभी ओर सारीकाभाभी भी इनके बच्चे पेदा करनेकी जीद करने लगी

माया : व्होट..? तो क्या उन दोनोके अंदरभी इनका बच्चा पल रहा हें? आप कबसे रीलेशनमें हे?

में : जब आप लोग हमारे घर सादीमें आयेथे तबसे दोनो मेरे साथ सोचुकी हें ओर ताराभाभीतो वहा अ‍ेक हप्ते तक रुकीथी तब वो प्रेगनेन्टभी होगइ थी तब लताभाभी ने ताराभाभीका अ‍ेबोर्सन करवादीया था

माया : ओह माय गोड, भाभी इतनी ठरकी हें मुजेतो आज पता चला, चलो जो हुआ अच्छा हुआ आप होही इतने काबील, तबतो मुजेभी खयाल रखना पडेगा आप जडतेहो ही इतनाकी कोइभी अ‍ेकही बारमें प्रेगनेन्ट होजायेगी, अब सुरु करे आपने बातोमेही मुजे गरम करदीया

फीर हम दोनो फीरसे चुदाइ करने लगे इस बार माया खुलके मुजसे चुदवाने लगी ओर कमर उछाल उछालके मेरा साथ देने लगी अ‍ेसे चुद रहीथी जेसे बरसोसे प्यासी हो हम लगातार ३० मीनीट तक चुदाइ करते रहे तब माया पुरी थक गइथी ओर पसीनेसे लथबथ हो चुकी थी वो ओर तीन बार जड गइ तब थोडी देरकी चुदाइके बाद दोनो फीर अ‍ेकबार साथमें जड गये तब वो अपनी सींस कंटड्ढोल करने लगी ओर मेरी पीठ सहेलाती रही

माया : जानु आपनेतो थका दीया अब हटीयेना

में : नही डार्लींग में आज पुरी रात तुजसे प्यार करता रहुगा मेरी नेनुका आदेश हें

माया : ओर बापरे, इतना प्यार मत करीये मुजे वरना आपके बीना जीना मुस्कील होजायेगा फीर में आपको अ‍ेक पलभी अकेला नही छोटुगी हें..हें..हें..

नेनु : दी यही तो हम चाहते हें आपको हम दोनसे दुर करना नही चाहते आप ओर जसु हमेसा हमारे साथही रहे क्युकी हम तीनोकी इनके दीलमें अ‍ेक अलगही जगा हें

तब मायाकी आंखसे आसु बहेने लगे तो मेने उसे चाटकर साफ करदीया तो कहेने लगी

माया : मेने कोनसे पुन्य कीये होगे पता नही जो आप सब मुजे मीले, तुम दोनो वादा करोकी अब मुजे हर जन्ममे आप बहेनके रुपमें ओर ये पतीके रुपमें मुजे मीलतेही रहे

नेनु : दी हम वादा करते ओर भगवानसे प्रार्थनाभी करतेहे जो आप सोच रही हें वही होगा

में : सखी मेतो कबसे तुम्हे नेनुको जसुको तुम सबको मांग चुका हुं अब तुम मेसे कोइ मुजसे नही छुट सकती अब हर जन्ममे मुजे तुम सब मीलती रहोगी ओर दादी भी

तब नेनु ओर माया दोनो मेरे सामने देखने लगी वो समज गइकी इस वक्त में नही बोल रहा हुं मुजसे कोइ बुलवा रहाहें तब माया ओर नेनु मुजे पागलोकी पराह चुमने लगी तब मुजे होस आया ओर मेने कमर हीलाना सुरु करदीया तो मायाभी अपनी कमर उछालने लगी फीर दोनोके बीच वापस घमासान चुदाइ सुरु होगइ

ओर जबरदस्त चुदाइके बाद दोनो अ‍ेक बार फीर साथमें जड गये तब माया पुरी तराह बेहोस जेसी होगइ थी उसका पुरा तन तोडके रख दीया फीर में उसे उठाके बाथरुम में लेगया ओर दोनो नहाने लगे तब मेने मायाको फीरसे पकडलीया ओर उसे खडे खडेही पेलने लगा तो वोभी दोनो हाथ मेरी गरदनमे डालके मजेसे चुदवाने लगी जब वो जड गइ तब मेने उसे घोडी बनाया ओर पीछेसे चोदने लगा फीर दोनो जड गये

तब नहाके बहार आये ओर आतेही मायाको नींद आने लगी तो मुजे ओर नेनुको होंठोपे कीस करके सोगइ तब नेनु मेरे पास आइ

नेनु : जानु आज आप मेरे उपरही लेटे रहो ओर सोजाओ पर इससे पहेले मुजे दो राउन्ड करना हें आप सुरु होजाओ

फीर में ओर नेनुने चुदाइके तीन राउन्ड लगाये फीर दोनो नहाके जेसा नेनुने कहा था अ‍ेसेही ४ बजे दोनो सोगये जब ७ बजे तब मायाने दोनोको कीस करके जगाया तब मेरा लंड अभीभी नेनुकी चुतमें था तो नेनुभी जाग गइतो उसने अपनी कमर उछालनी सुरु करदी तो माया हसने लगी तब मेने ओर नेनुने अ‍ेक राउन्ड ओर लगाया तब नेनुने मायकोभी हाथ पकडके खीच लीया फीर मेने मायाको पेलने लगा दोनोकी चुतमें बारी बारी जडके तीनो नहाने चले गये

फीर बहार आके तैयार होगये मुजे आज मायाने कपडे दीये फीर वो नेनुके बाल बनाने तब मेने पीछेसे मायाको अपनी बाहोमे भरलीया ओर उसकी गरदनपे फीर गालपे कीस करदी तोवो पीछे घुमके मेरे सरको सहेलाके हसने लगी ओर मेरे होंठ चुमलीये फीर हम तीनो तैयार होगये तो मेने दोनोकी मांग भरदी फीर दोनोने मेरे पैरभी छुअ‍े तब मेने कहा

में : जानु आज तो आप दोनो कयामत लग रही हो, आप दोनोका इरादा क्या हें? जी चाहता हें अभी यही वापस हनीमुन मनालु

माया : जी नही बाबा पुरी रात हमे करते रहे फीरभी आपका जी नही भरा, ओर ये हम आपके लीये तैयार हुइ हें समजे ताकी आपको याद रहेकी आज रात फीर आपको हमे प्यार करना हें, क्यु नेनु दी हें..हें..हें..

नेनु : (हसकर) रात तक का इन्तजार करेतो अच्छा हेना वरना येतो दोपहरको आरामके वक्तही सुरु होजायेगे क्यु जानु हें..हें..हें..

में : देखा कीतनी समजदार बीवी मीलीहें मुजसे लव यु नेनु लवयु माया

माया : देखा दी आपने खामखा दो पहरका याद दीला दीया अब तैयार रहीयो येतो अब हमारी बजाकेही रहेगे अब चलो नहीतो ये फीरसे सुरु होजायेगे हें..हें..हें..

तो हम तीनो हसने लगे तो मेने अपनी बाहे फेलाइ तो दोनो हसते हुअ‍े मेरी बाहोमें आगइ ओर दोनोने मुजे अ‍ेक अ‍ेक गालपे कीस कर दीया ओर हम बहार आगये तब कृणाल विमला नीरज ओर संजना चारो तैयार होकर हमारा वेइट कर रहे थे तब सबके लीये चाइ नास्ता आगया तब कृणाल विमलाने नास्ता नही कीया फीर सब खतम करके नीकल गये फेकटरीकी ओर

जब वहा पहोचेतो बहुत चहल पहल होरही थी जेसेही हम अंदर पहोचे तो सब बेठेथे वो खडे होगये तब कृणालने बाकायदा रीबीन लगाके उदघाटन ही रखा था सब मुजे नेनु ओर मायाकोही देख रहेथे ओर देखेभी क्यु नही नेनु ओर माया आज इतनी सुंदर लग रही थी की कीसी हीरोइनसे कम नही लग रहीथी तब होम मीनीस्टर ओर उर्जा मंत्रीभी आगये तब कृणालमें मेरा उनसे परीचय करवाया

उर्जा मंत्री : महाराज आपके बारेमेतो बहुत कुछ सुना हें हमने, इतनी छोटी उमरमें इतना बडा इन्वेशन करदीया आपनेतो बीजलीकी समस्याही हल करदी बात हमारे पीअ‍ेम तक पहोच गइ हें

में : (हसके) जी सुक्रिया

कृणाल : आइअ‍े सर आप रीबीन काटीये

कहेके कृणालने उसे आगे कीया तो दो सुंदर लडकीया अ‍ेक टड्ढेमे केची लेके आगइ ओर होम मीनीस्टर ओर उर्जा मंत्रीने रीबीन काटी तो सबने तालीया बजाइ फीर सब स्टेजपे आगये वहा सबका स्वागत हुआ फीर मंत्रीजीका भासणभी हुआ उसमे उसने मेरी काफी तारीफभी की ओर हमारे प्राजेक्टकी भी तारीफ की फीर अंतमें उसने इस कंपनीके साथ काम करनेकी बातकी तब कृणालने मेरी ओर देखके हस दीया

फीर वो आइसक्रिम खाके मुजसे मीलकर काफी कुछ जानकारी लेके चले गये फीर पुजा सुरु हुइ तब कृणाल विमला के साथ में नेनु ओर मायाभी बेठ गये ओर पुजा सुरु हुइ फीर थोडी देर बाद सीर्फ कृणाल विमलानेही पुजा समाप्त की फीर सबके लीये कोलडड्ढींक्स आइसक्रिम नास्ता आने लगा ओर सब कृणालको बधाइ देने लगे

ओर कृणालने कइ लोगोसे मुजेभी मीलवाया जो बहुत बडे इन्डड्ढसीजके मालीक थे तकरीबन १२०० लोग आते जाते रहे जो जाकमजाल कृणाल दीखाना चाहता था वो सब हुआ ओर अपने मक्सदमें कामयाब रहा

नेनु : जानु ये कृणाल बहुत पहोची हुइ चीज हें अ‍ेकही जटकेमें काम कर दीया

में : यहीतो इस आदमीकी खासीयत हें में जब फार्म लेने गया तबही मुजे पता चल गयाथा की यही हमे कामयाबी दीलवायेगा, नेनु हम इसे दो राज्य ओर दे रहे हें कुछ कहेना हें

माया : सखा आप इसे देदो ये बहुत आगे जायेगा

नेनु : जानु आप पहेले १ महीना ठहेर जाओ, क्या पता वो येसब आपको इम्प्रेस करनेके लीये कर रहाहो

में : देखा माया इसलीयेतो में नेनुके उपर फीदा हुं, ओर आपभी सही हें ये आगेतो जायेगाही पर हमे जल्दबाजी नही करनी हें नेनुभी सही हें

फीर वहाका कार्यक्रम समाप्त हुआ ओर हम सबके लीये लंचथा तो सबने लंच कर लीया फीर वही हमारे फेक्टरीमेही गेस्ट हाउसथा वही हम सब आराम करने चले गये ओर में हमारे रुम में जातेही सो गया तब नेनु ओर माया दोनो साइड मुजसे चीपककर सोगइ ओर ३ बजे मुजे नेनुने जगाया फीर हम सब फ्रेस होके दुसरी फेक्टरीकी ओर नीकल गये

वहाभी कृणालने सब तामजाम करके रखा था ओर हम ४ बजे पहोच गयेतो वहाभी लोग बेठे थे हमे देखतेही सब खडे होकर हमारी ओर आने लगे ओर भीड जमा होगइ तब कृणाल हमे रीबीनके पास लेगया जहा अ‍ेक खुबसुरत लडकी हसते हुअ‍े सजावट वाली थाली लेके खडी थी फीर वो हमारे पास आगइ ओर हमारी ओर थाली आगे करली तब विमलाने हसते हुअ‍े कहा

विमला : लीजीये महाराज इधर आपहीको उद्घाटन करना हें

तब मेने दनो केची लेली फीर अ‍ेक नेनु ओर अ‍ेक मायाको देदी ओर दोनोको काटनेका इसीरा कीया तो दोनोने सरमाके मुस्करादीया ओर दोनोने साथमें रीबीन काटली तब लोगोने तालीया बजाइ फीर हम सीधे पुजामें आगये हम तीनो सीर्फ तीलक ओर कलाइमें लाल धागा बंधवाके खडे होगये तो कृणाल मेरे सामने देखने लगा

तब मेने नीरज ओर संजनाको बुलाके कृणालके साथ बीठा दीया तो संजनाकी आंख गीली होगइ तब नेनुने उसके अपने रुमालसे हसके आंसु पोछे ओर हम पीछे बेठ गये जब पुजा खतम हुइ तब सबकेलीये चाइ नास्ता ठंडा आइसक्रिम सब कुछथा फीर सब कृणालको बधाइया देते रहे ओर कुछ कुछ लोग हमसे मीलते रहे

ओर साम ७.३० बज गये तब सबके लीये डीनरके काउन्टर लग गये ओर सब खाना लेके खाने लगे ओर जाने लगे फीर लास्टमें हमनेभी डीनर कर लीया ओर फीर घरकी ओर नीकल गये तब रास्तेमे संजनाने कहा

संजना: देवरजी आपने हमे क्यु पुजामें बीठाया आप क्यु नही बेठे?

में : भाभीजी हमतो बहुत बार बेठ चुके हे अब आपको बेठनेकी आदत होजाये इसलीये बीठाया ताकी अगली बार आपको सब याद रहे हें..हें..हें..

कृणाल : दीदी आप समजी नही कभी फुरसतमें नीरजसे पुछ लेना हें..हें..हें..

नेनु : अरे कुछ नही इसका कहेनेका मतलब आपको राजस्थान सम्हालना हें समजी

संजना : (खुसीसे) क्या..? सच नीरु आपने बताया नही मुजसे कीतना सीक्रेट रखते हो, हमारे देवरसे कुछ सीखो वो नेनुदीसे कोइ बात नही छीपाते

नीरज : अरे नाराज क्यु होतीहो में तुम्हे सरप्राइज देना चाहता था ओर कुछ नही

में : अरे क्या सरप्राइज तुमने तो कहा था संजुको सब पता हें ओर वो बहुत खुसभी हुइ

संजना : देखा.. मुजे कब बताया तुमने जुठे कहीके, ओर इनसेभी जुठ बोला

तब में ओर कृणाल आगे बेठकर हसने लगे तब नेनु समज गइ ओर संजनाको कहा

नेनु : सांत संजु ये सब इन दोनोकी चाल हें तुम दोनोमें जगडा करवाना चाहते हें

नीरज : क्या भाइ आपभी अभी घर जाके मेरा कबाडा कर देती थेन्कस नेनुदी

में : क्या नेनु तुमभी थोडी देर चुप नही रेह सकती हें..हें..हें..

नेनु : आप थोडी देरकी बात करतेहो अभी महाभारत सुरु होजाता ओर आपकोतो मुफ्तमें मजाही करना हें हें..हें..हें..

कृणाल : अरे दी कुछ नही होने देते हम सम्हाल लेतेनां क्यु जीजु

तब संजनाने मुजे हसके मुका मारदीया ओर हम मजाक करते घर पहोच गये तब ११ बज गयेथे फीर हम सब फ्रेस होके होलमें बेठ गये तब कृणालने कहा

कृणाल : जीजु कल ८ बजे नीकलना हें हमने १० बजे पुजा रखी हें

में : कृणाइ कल हमे सीधे राजकोट नीकलना हें तो टीकीटभी बुक करनी हें

कृणाल : जीजु आपको अहेमदाबाद नही जाना हे क्या? वहाभी काम सुरु होगया हें

में : नही वहां अंजु रीटा दिवु सोनु जसु सब गयेहे वोसब अंजु देख लेगी फीर वो सबभी राजकोट आजायेगे अब तुभी राजकोट आजा ओर सब लीगल पेपर साइन करके लेजा फीर वो फार्मका रजीस्टड्ढेसनभी करवा देना

कृणाल : जीजु आप अगली बार राजकोट आओगेना तब कोल करदेना मेंभी आजाउगा

नेनु : ठीकहे आपके जीजुको कोइ जल्दी नही हें आप आरामसे आओ ओर विमलाकोभी लेकर आना, ओर आप दोनोभी आना

कृणाल : जीजु आइसक्रिम के लीये कुछ काम होतो बोलीयेगा हम वोभी करेगे, सुना हे आप बडे पैनामेमे लोंच कर रहे हे क्या इतनी बडी फेक्टरी बना रहे हे, महेश केह रहा था फुललीओटोमेटीक मशीन मंगवा रहे हें, बबलु सब सम्हाल लेगा क्या?

में : सायद तुजे पता नही बबलुने वो मशीनमेभी काम कीया हें कंपनी वाले खुद उसे उठालेगये थे उससे सब फोम्र्युला जाननेकेलीये इतना बडा कारीगर हे वो

कृणाल : (खुस होकर) क्या..? तबतो सबकी व्हाट लगा देगा अ‍ेसी मशीन तो यहा पुनामे ओर अ‍ेक बेंगलोरमें बनती हें

में : तुम इधर रेट बेट ओर सब फेसेलीटीतो देखले फीर बबलुको बुला लेना वोही सब डीसाइड करेगा अभी कोल्ड स्टोरेजका काम चल रहा हें

विमला : नेनुदी महेश केह रहाथा उसनेभी अपनी बहेनसे सादी करली हें उसकाभी अजयके जेसाही केस था

नेनु : हां ये सच हें उसको अपनी बहेनसे सादी करनी पडी ओर पता हें दोनो आपसामे प्यारभी करते थे हें..हें..हें..

नीरज : तो अच्छा हेना इसमे गलतभी क्या हें

संजना: हां आपकोतो सब सही ही लगेगा

विमला : संजु प्लीज मुह बंध रखो अपना चलो अब सोना नही हें क्या?

तब में खडा होगया तो सब खडे होकर अपने अपने रुम में जाने लगे हमभी अपने रुममें आगये तब मायाने दरवाजा बंध करते कहा

माया : नेनुदी नीरज ओर संजनामें क्या चल रहा हें जो संजना नीरजकी बातपे भडक गइ

नेनु : दी कुछ नही पहेले नीरज ओर उसकी भाभीजो जर्मनमें हे दोनोके बीच रीलेशन था ओर उसका भतीजा ओर अ‍ेक भतीजी हें उसके पीताभी नीरज हें जो अब तक उसके भाइको पता नही था जब पता चला दोनो में रीस्ताही खतम होगया

माया : तो उसने संजनाकी लाइफ क्यो खराब करदी, बीलकुल हमारे जेसाही हुआ

में : माया अबतो उसेभी पता चल गयाकी संजनाही उसे समहाल सकती हें अब ये इसे बहुत प्यार करने लगा हें ओर दोनोकी लाइफ पटरीपे आगइ हें

नेनु : चलो अच्छा हुआ, ओर नीरजभी बीजनेसमें बहुत महेनत करता हें

फीर हम तीनो कपडे नीकालकर बेड पर आगये इस रात मेने दोनोको बारी बारी जमकर चार चार बार पेला ओर दोनोको ४ बजे तक पेलता रहा आजतो माया चुदवाते चुदवाते लगभग बेहोस जेसी होगइ थी अब में उसके उपरसे हटातो उसकी चुत सुजके रोटीपाव जेसे होगइ थी ओर थोडी लंगडाते चल रही थी

ओर नेनुकी हालतभी मेने आज बीगाड दीथी उसकी भी चुत सुज गइ थी दोनोको इतना चोदा फीर दोनोकी मेने गरम पानीसे सीकाइ करदी आज नेनुने मुजे चुतमें लंड डालके नही सोने दीया ओर दोनो मुजसे लीपटकर सोगइ ओर मेभी नींदकी आगोसमें चला गया सुबह ७ बजे मुजे मायाने जगाया तो दोनो तैयार होके बेठी थी ओर में बाथरुम में जाके नहालीया ओर बहार आगया तब मायाने मुजे मेरे कपडे दीये ओर तैयार होने लगा

माया : जानु कलतो आपने हम दोनोकी हालत खराब करदीथी इतना जोस कहासे आगया मेतो समजी लेकीन नेनुदीने जडी बुटी लीहें फीरभी इसकी हालतभी खराब करदी

नेनु : हां दी में इनको पुरी रात जेल सकती हुं पर कलकीतो बातही कुछ ओरथी अभी भी दर्द होरहा हें लगता हें कल इसे कीसने गरम करदीया होगा कोनथी कमीनी जो हमारी हालत खराब करवाके चली गइ हें..हें..हे..

माया : (हसते) वोतो हमारे पतीही बता सकते हें, कोनथी वो सखा जो आपको गरम करके चली गइ

में : कुछ नही यार आप लोगोनेही गरम करदीयाथा अ‍ेक तो बबलु ओर उसकी बहेनकी बात दुसरी नीरज ओर उसकी भाभीकी बात जब बातकी तबही ये फटने लगा था

नेनु : हां अब समजी बाबा अबतो आपके सामने बात करनेमेभी ध्यान रखना पडेगा, मायादी अब आपकोभी पता चलाना की इनकी इतनी सारी बीवीया क्यु हें इसीलीये तो कोइ बहारकी आतीहे तोभी में मना नही करती वरना हमारी हालत अ‍ेसेही होती रहेगी

माया : समज गइ दी अब तो मुजेभी बुरा नही लगेगा जानु लगे रहो जहा मन करे बस हमे प्यार देते रहेना क्युकी हम आपके बगैर नही रेह सकती

में : तब मेने दोनोको बाहोमें भरलीया ओर दोनोके होठ चुमके दोनोको सोरी बोला

नेनु : जानु आप हमे सोरी मत बोलाकरो हमे अच्छा नही लगता, ओर आपको सजाभीतो नही दे सकते उल्टा हमारी हालत खराब कर देगे हें..हें..हें..

में : (हसकर) चल ठीक हें दोनो अ‍ेक अ‍ेक पेइनकीलर लेलो ठीक हो जाओगी

माया : वो दोनोने लेली हें आप फीकर मत करो, वेसे दो दीनसे मजा बहुत आरहा हें सीर्फ हम तीनही हें तो सही मायनेमे मुजे पता चला पतीका प्यार क्या होता हें थेन्कयु सखा

फीर रुटीन कार्य हुआ मांग भरना ओर पैर छुके कीस करना फीर हम तीनो बहार आगये नीचे आके सबने चाइ नास्ता कीया कृणाल ओर विमलाने सीर्फ चाइ पी फीर हम सब नीकल गये १.३० घंटेकी डड्ढाइवके बाद हम वहा पहोचेतो वहाभी कलकी तराहही लोग थे फीर नेनु ओर मायाने रीबीन काटी ओर पुजा सुरु हुइ तब माया नेनु विमलाके साथ बेठ गइ ओर नीरज सब महेमानोको सम्हाल रहा था तब में ओर संजना बेठेथे संजनाने कहा

संजना: राज अब रहा नही जाता आप कब मील रेहे मुजे? कभी अहेमदाबाद अ‍ेकेले आइअ‍ेना में घरपे अकेलेही रहेती हुं वरना में आपके पास चली आउगी मुजे आपका बच्चा चाहीये इसलीयेतो नीरजसे दुरी बनाये रखी हुं

में : अ‍ेसा मत करो पतीहे वो तुम्हारा कही रीस्ता ना बीगडजाये तुम आइपील लेती रहेना

संजना: वहीतो कर रही हुं ओर आपतो फोनभी नही करते सबसे घेरे हुअ‍े जो हें, ओर विमुकोभी बच्चा नही होरहा वोभी बहुत दवाइआ खा रहीहें टेस्टभी करवाया तोसब नोर्मल हें कमी कृणालमेही हें ओर वो माननेकेलीये तैयार नही हें अब आपही कुछ कीजीये

में : विमलासे मेंकेसे कर सकता हुं अभीतो हमने ज्यादा बातभी नही कीहें ओर उसने कभी बतायाभी नही हें

संजना: पर मुजे बतायाना वो आपको बतानेमे सरमा रही हें मेरी बात होगइ हें कहेती हें पहेले तु प्रेगनेन्ट होजा बादमें में खुद बात करलुगी, जोभी हो आप मेरे घर आइअ‍े यातो मुजे कहीभी बुला लीजीये में आजाउगी आपने देखाना कल अभीभी अपनी भाभीको नही भुले तो अभीभी मोटाभाइसे छुपके नीरजसे बात करती हें पर अब नीरज इसे इग्नोरभी करने लगा हें ओर मुजेभी बता देता हें, चलो इतनातो सुधर गया

में : सब सही हो जायेगा, बस मुजे सही मोका मीलने दे फीर हमारा मीलन होजायेगा

संजना: वेसे कल मे मेरे पापाके घर जा रही हुं ओर आपभी राजकोड आरहे हो कहोतो में राजकोट होटेलमें रुक जाती हुं यहातो आप हमारे सीटीभी आ सकते हो वही मील लेगे

में : ठीक हें में देखता हुं फीर तुजे कोल करुगा या तुम फोन करना कुछ अ‍ेरेन्ज करेगे

संजना: ठीक हें में अहेमदाबादसे नीकलतेही फोन करुगी

तभी पुजा खतम होगइ ओर नेनु मायाभी मेरे पास आके बेठ गइ ओर तीनो बाते करने लगी तभी कृणालने कुछ लोगोसे मुजे मीलवाया फीर ठंडा चाइ नास्ताका दोर चला तभी कृणालभी बीच बीचमें कीसीसे बाते कर रहा था फीर अचानक खुस होकर हमारे पास आके बेठ गया ओर हसते हुअ‍े कहेने लगी

कृणाल : जीजु अ‍ेक खुश खबर वो उर्जामंत्रीने हमारे साथ काम करनेकेलीये हमे मीटींगके लीये बुलाया हें क्या आप आ सकते हें की करणको बुलालु

में : अरे वाह तुम करणभाइकोही बुलालो उसको बहुत अ‍ेक्पीरीयन्स हें

फीर मेने हिमाचल वाली डीलकी बातकी ताकी उसको कुछ काम आये फीर लंच हुआ ओर सब खाना खाके चले गये तब हमभी नीकल गये तब फोनपे उसने हमारी राजकोट केलीये टीकीटभी बुक करली जो पांच बजेकी फ्लाइट थी हम घर पहोचकर सब कपडेकी बेग पेक करने लगे ओर फीर नीचे आगये क्युकी तीन बजे नीकलना था

फीर कुछ बीजनेस ओर कुछ औपचारीक बात करके नीकलने लगे तब सब हमे छोडने आरहे थे ओर हम सब अ‍ेयरपोर्ट पहोच गये हमने सब फोर्मालीटी पुरीकी तब कृणाल ओर नीरज हमारे लीये आइसक्रिम लाने गये तब नेनु माया संजना बाते कर रही थी तब विमला मेरे पास आइ ओर कहेने लगी

विमला : जीजु अब वापस कब आओगे अब कुछ टाइम लेके आइअ‍ेगा ताकी इधर घुम सके वेसेभी अबतो आपके सालेका घर हे तो कोइ संकोच मत करना मुजे इन्तजार रहेगा

में : जरुर आप जेसी सहेलज होतो कोन नही आयेगा कहो तब आजाउ

विमला : (खुस होते) मेतो कहेती हुं आप रुकही जाओ,हें..हें..हें.., वेसे कभी कभी फोनभी करलीया करो मेरी संजुसेभी बात होगइ हें में आपको मेरा फोन नंबर सेन्ड कर दुगी हम फोन पर बात करेगे ओर आपकीतो सहेलजभी हुं ओर आपका मुजपे हकभी हें तो बीन्दास बाते कर लीया करो मुजेभी अच्छा लगेगा हें..हें..हें..

में : अब तो जरुर बात करनी पडेगी आपने पुरा हकजो देदीया हें

विमला : (हसकर) जी जरुर तो क्या ओरभी कुछ चाहीये? वोभी मील जायेगा बस अ‍ेक बार आइतो सही दो दीनकी भागदोडमें आपसे ठीकसे मीलीभी नही हुं (हसकर आंख मारते) समज गयेनां कहो कब आ रहेहो अपनी सहलजको मीलने

में : अबतो जल्दही मीलना पडेगा क्या आप अपने पीताके घर कभी नही जाती तब राजकोट बीचमेही आता हें वही मील लेगे मे वहा आउगा तब आपसे बात करके बुला लुगा

विमला : आप मुजे सीर्फ कोल करदेना में चली आउगी अबतो आपको मीलनाही पडेगा

तभी नीरज हम सबको आइसक्रिम देने लगा ओर हम खाने लगे तब बीच बीचमें संजना ओर विमला मेरे समने देखकर हसती रहेती थी ओर विमलातो अ‍ेक दो बार आंख मारके हसने भी लगती थी तब हमारी फ्लाइट आगइ तो हम सब गले मीलने लगे तब मुजे मीलते वक्त संजना ओर विमलाने मुजे जोरोसे भीचही लीया

तब दोनोके बुब्स मेरे सीनेमे दब गये तो दोनोही हसने लगी ओर हम नीकल गये हमारी फ्लाइट बोम्बेसे राजकोटकी थी जो बोम्बेसे चेन्ज करनी थी ओर फ्लाइट टेकओफ कर गइ तब नेनु ओर माया दोनो मेरे अगल बगलमें बेठ गइ

माया : सखा आपका इधरका कामतो होगया जब तक हमारी फेक्टरीका कंटड्ढक्शन नही हो जाता तब तक आप राजस्थान हरीयाथा कंपलीट करवा लीजीये ओर कुछ पार्टका काम कृणालसेभी करवा लीजीये मेतो कहेतीहुं सब जगाह अ‍ेक अ‍ेक पार्ड कंपलीट करवाये ताकी कीसीको मालुम ही ना पडे

में : वही होगा माया, तुमभी काफी कुछ सीख गइ हो, वो सब छोडो ये बताओ अब दोनोकी हालत केसी हें सही हुआकी नही मुजे आजभी दोनोसे प्यार करना हें

माया : (हसकर) जानु क्या सारादीन यही सुजता हें, मेतो आज सीर्फ दो बारही करवाउगी आप नेनुसे करलेना, वेसेभी वहाभी सब हे तो आपको कोइ दीकत नही होगी हें..हें..हें..

में : पता नही माया तुजे ओर नेनुको देखतेही क्या होजाता हें में अपने आपको रोक नही पाता कीतनी मस्त दीखतीहो दोनो

माया : सखा अ‍ेक बात पुछु आप बुरातो नही मानेगेना?

में : सखी तु अब मेरी बीवीहे ओर मे कभी मेरी कोइ बीवीकी बातका बुरा नही मानता ओर उससे कुज नही छीपाता बोल क्या पुछना चाहती हें

माया : क्या आपने दादीसे सब कुछ करलीया हें, मेरा मतलब सेक्स..

में : हां में पीछले अ‍ेक हप्तेसे दादीसे फीजीकल हो रहा हुं ओर वोभी दादीके कहेने पर

माया : (हसते) क्या..? अब आधेड उमरमें वो जेलपाती हे आपको?

नेनु : जेलपाती हें? अरे मायादीदी चुदवानेमेतो वो हम सबकी बाप हें इतनी उछल उछलके चुदवाती हें, येतो इनको अपना पतीही मानती हें ओर वो अपना रीलेशन आप सबसे छुपाना चाहती हें वोतो इतनी ठरकी हें अगर सब उसे छुट देदेतो सबके सामने खुलकर चुदवाने लगे अ‍ेसी हें वो

माया : (जोरोसे हसते) दादीभीनां, नेनुदी आपने अ‍ेक बार कहाथा की बाबाके कहेनेके मुताबीक जोभी ओरत इनके संपर्कमें आयेगी वो सब इनसे प्यार करेगी तो क्या ये संजना विमला फीर वो सुलक्षणादेवी मंजरीदेवी इनके साथ रीलेशनकी सबकी संभावना हें क्या?

नेनु : हां ओर ये बात हमारी सब सौतनभी जानती हें इसलीयेती कोइ कुछ बोलती हीनही बस अ‍ेक आपहीको सब बताना बाकी रेह गया था

माया : मे थोडा बहुततो जानती थी मुजे कुछ दिवुने बताया था पर इतना नही जानती थी, जानु आप सब कर केसे करपाते हो कुछ सोचते नही? हें..हें..हें..

में : नही माया जबसे जडीबुटी वाला दुध पीयाहेना ओर बाबासे बात कीहेना तबसे मे अ‍ेकही बात सोचता हुंकी मेरे साथ सब रीलेशन क्यु रखना चाहती हें क्युकी सबकी जरुरत पुरी करनेमे मुजे बाबासे आदेश मीलाहें यही सोचके सब होजाता हें क्युकी दुनीयामें कइ ओरते हे जो संतान सुखसे वंचीत हें अगर मुजे कोइ सामनेसे कहेगी तो में मना नही कर सकता क्युकी बाबाके कहेनेके मुताबीक मेरा जन्मही इसी उदेससे हुआ हें ओर येभी कभी बेठनेका नामही नही लेता हमेसा खडाही रहेता हे पता नही जडीबुटीमे क्याथा

माया : (हसकर) क्या मजेदार स्टोरी हें आपकी मेभी बाकात नही रही ओर अबतो हर जन्मकेलीये आपको मांग लीया हें लव यु सखा हें..हें..हें..

में : (कीस करते) लव यु बेबी

फीर हम बोम्बे पहोच गये ओर हमने प्लेन चेन्ज करलीया ओर हम राजकोट के लीये नीकल गये तब मेने महेशको फोन कर दीया तो हमे लेने नीकल गया फीर हम आधे घंटेमें पहोच गये जब बहार आये तब महेश ओर बबलु दोनोथे हमे देखतेही गले लग गये फीर बबलु माया ओर नेनुके पैर छुके उनके हाथसे सब सामान लेलीया

कन्टीन्यु.......[/color]
 
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