१५ मिनट बाद जब मैं कमरे में गया तो मज़ा आ गया, अंदर रिक्की बहुत ही सैक्सी टॉप-स्कर्ट में तैयार हो कर बैठी थी. रिक्की ने टॉप के उपर के चार बटन खोल कर नीचे से गाँठ बन्धी हुई थी और गज़ब का मेक-अप करा हुआ था. मुझे देख कर रिक्की खड़ी हो गयी और अपने चूत्तड़ हिलाने लगी. मैंने चुपचाप पीछे से जा कर उसकी मचलती हुई चूचियों को पकड़ लिया और रिक्की को घूमा लिया. फिर सीधा कर के हमने एक दूसरे को बाहों में कस लिया और तड़ातड़ एक दूसरे को चूमने और चाटने लगे. रिक्की बहुत ही सैक्सी लग रही थी और अगर वो ऐसे रूप में कहीं सड़क पर चली जाती तो जरूर उसकी चूत का भोंसड़ा बन जाता.
मैंने पीछे से रिक्की की स्कर्ट नीचे खिस्का दी और झुक कर कुत्ते कि तरह उसके चूत्तड़ों में अपना मुँह लगा दिया और चाटने लगा. रिक्की ने काले रंग की नेट की बहुत ही टाईट रेशमी पैंटी पहनी थी जिससे वो उसकी गाँड की दरार में घुस गयी थी और उसके गोरे फूले हुए छोटे-छोटे मस्त चूत्तड़ों को और मादक बना रही थी.
रिक्की ने मेरी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर बोली, "मोनू. मोनू. आज जी भर के अपने दोस्त की बहन को चोद लो!" और मुझे बिस्तर पर बिठाकर मेरी अंडरवियर में तन्नाए हुए लंड पर अपने चूत्तड़ घिसने लगी. मैंने उसकी टॉप के बटन और बंधी हुई गाँठ को खोल कर उतार दिया. रिक्की ने एक मस्त काले रंग की रेशमी ब्रा पहनी थी. एकदम पतले स्ट्रैप थे और ब्रा के कप सिर्फ़ उसके आधे निप्पल और नीचे की गोलाइयाँ छुपाये हुए थे. रेशमी नेट के अंदर से उसकी दूधिया चूचियों की साफ झलक मिल रही थी. मैंने उसे खड़ा होने को कहा और कुर्सी पर टाँगें फैला कर बैठ गया और रिक्की को बोला कि वो अपनी टाँगें मेरी टाँगों के दोनों तरफ करके अपनी पैंटी में कसी हुई चूत मेरे लंड पर रखे और आराम से बैठ जाये. तब तक मैं उसकी कसी हुई मस्त जवानी जम कर चूसना और दबाना चाहता था.
रिक्की बड़े ही कायदे से मेरे लंड के उठान पर बैठ गयी और बहुत हल्के-हल्के ढँग से अपनी पैंटी मेरे लंड से उठी हुई मेरी अंडरवियर पर घिसते हुए मेरी गर्दन में बाहें डाल कर बोली, "मोनू भैया मसल डालो मेरी इन जवानियों को. देखो तो सही कैसे तन कर खड़ी है तुमसे चुस्वाने के लिये."
मैं भी अपने हाथ उसकी पीठ पर ले गया और उसकी ब्रा के हूक खोल दिये और बड़े प्यार से उसकी चूचियाँ नंगी करी. उसकी चूचिया मेरे सामने तन कर खड़ी हुई थीं और मैंने भी बिना वक्त गँवाये दोनों चूचियों पर अपना मुँह मारना शूरू कर दिया. मैं बहुत ही बेसब्रा हो कर उसकी चूचियाँ मसल और चूस रहा था जिससे उसको थोड़ा सा दर्द हो रहा था. पर फिर भी मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबाते हुए कह रही थी, "भैया आराम से मज़ा लो, इतने उतावले क्यों हो रहे हो. आज तो हमारा हनीमून है. कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ. जम के चूसवाऊँगी और मसलवाऊँगी. इनको इतना मसलो कि कॉलेज में मेरी चूचियाँ सबसे बड़ी हो जायें."
मैंने पीछे से रिक्की की स्कर्ट नीचे खिस्का दी और झुक कर कुत्ते कि तरह उसके चूत्तड़ों में अपना मुँह लगा दिया और चाटने लगा. रिक्की ने काले रंग की नेट की बहुत ही टाईट रेशमी पैंटी पहनी थी जिससे वो उसकी गाँड की दरार में घुस गयी थी और उसके गोरे फूले हुए छोटे-छोटे मस्त चूत्तड़ों को और मादक बना रही थी.
रिक्की ने मेरी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर बोली, "मोनू. मोनू. आज जी भर के अपने दोस्त की बहन को चोद लो!" और मुझे बिस्तर पर बिठाकर मेरी अंडरवियर में तन्नाए हुए लंड पर अपने चूत्तड़ घिसने लगी. मैंने उसकी टॉप के बटन और बंधी हुई गाँठ को खोल कर उतार दिया. रिक्की ने एक मस्त काले रंग की रेशमी ब्रा पहनी थी. एकदम पतले स्ट्रैप थे और ब्रा के कप सिर्फ़ उसके आधे निप्पल और नीचे की गोलाइयाँ छुपाये हुए थे. रेशमी नेट के अंदर से उसकी दूधिया चूचियों की साफ झलक मिल रही थी. मैंने उसे खड़ा होने को कहा और कुर्सी पर टाँगें फैला कर बैठ गया और रिक्की को बोला कि वो अपनी टाँगें मेरी टाँगों के दोनों तरफ करके अपनी पैंटी में कसी हुई चूत मेरे लंड पर रखे और आराम से बैठ जाये. तब तक मैं उसकी कसी हुई मस्त जवानी जम कर चूसना और दबाना चाहता था.
रिक्की बड़े ही कायदे से मेरे लंड के उठान पर बैठ गयी और बहुत हल्के-हल्के ढँग से अपनी पैंटी मेरे लंड से उठी हुई मेरी अंडरवियर पर घिसते हुए मेरी गर्दन में बाहें डाल कर बोली, "मोनू भैया मसल डालो मेरी इन जवानियों को. देखो तो सही कैसे तन कर खड़ी है तुमसे चुस्वाने के लिये."
मैं भी अपने हाथ उसकी पीठ पर ले गया और उसकी ब्रा के हूक खोल दिये और बड़े प्यार से उसकी चूचियाँ नंगी करी. उसकी चूचिया मेरे सामने तन कर खड़ी हुई थीं और मैंने भी बिना वक्त गँवाये दोनों चूचियों पर अपना मुँह मारना शूरू कर दिया. मैं बहुत ही बेसब्रा हो कर उसकी चूचियाँ मसल और चूस रहा था जिससे उसको थोड़ा सा दर्द हो रहा था. पर फिर भी मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबाते हुए कह रही थी, "भैया आराम से मज़ा लो, इतने उतावले क्यों हो रहे हो. आज तो हमारा हनीमून है. कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ. जम के चूसवाऊँगी और मसलवाऊँगी. इनको इतना मसलो कि कॉलेज में मेरी चूचियाँ सबसे बड़ी हो जायें."