जब रिशू ने उसकी गाँड में अँगुली घुसायी तो रिक्की ने उसका लंड कस के पकड़ लिया. आगे से मोनू उसके निप्पल चूसते हुए उसकी नंगी कमसिन चूत सहलाने लगा. रिक्की अब इन दोनों मर्दों की हर्कतों से काफी गरम होने लगी थी. मोनू और रिशू के कड़क हाथ और लंड उसे बेकरार कर रहे थे.
रिक्की ने भी अब बेशरम होना बेहतर समझा और खुद ही मोनू का लंड पकड़ लिया. अब रिक्की एक साथ २-२ जवान लंडों को सहला रही थी. वो दो मोटे-मोटे लंड पा के बड़ी खुश हुई. अब उसे डर सिर्फ़ इस बात का था कि कहीं इस चुदाई के दौरान उसकी माँ कामिनी ना आ जाये. उसे क्या पता की उसकी चुदाई की कहानी की रचायिता तो उसकी माँ कामिनी ही है.
मोनू के लंड को मुठ मारती हुई रिक्की बोली: ऊफ्फ्फ्फ.... रिशू भैया कितना अच्छा लग रहा है आपका हाथ मेरे बदन पे. कैसा है मेरा बदन
मोनू भैया ? ऊईईई... माँआआआ... भैया आपका लौड़ा तो अंकुर और जय के लंडों से भी बड़ा है... मुझे दर्द तो नहीं होगा ना? रिशू भैया माँ कब वापस आयेगी. मुझे डर इस बात का है कि कहीं हमे इस हालत में माँ ना देख ले.
मोनू ने उसके मम्मे मसलते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और पीछे से रिशू अपना लंड रिक्की की गाँड पे रगड़ने लगा.
अपनी अँगुली से रिक्की की चूत को चोदते हुए मोनू बोला, "तू बड़ी हसीन और सैक्सी है... अंकुर और जय तो क्या... तेरा यह जिस्म देख के किसी का भी इमान डोल जाये... देख... तेरी चूंची और चूत और गाँड कितनी खूबसूरत है... साली मेरा लौड़ा देख कैसे मसल रही है रंडी... मुझे मालूम है उन दोनों के लंड हमारे जितने लम्बे-मोटे नहीं हैं... आज तुझे असली लंड का मज़ा देंगे और सुन मेरी कमसिन छिनाल, हमें कामिनी आंटी से कोई डर नहीं है... उस कुत्तिया की चूत हम दोनों बहुत बजा चुके है साली... तुझे चोदते वक्त अगर कामिनी आंटी आ भी गयी तो हम उसे भी चोद डालेंगे. रिशू वैसे तेरी माँ भी बहुत मस्त माल है क्यों...? और उसे तेरे साथ चोदने में और मज़ा आयेगा रिक्की."
रिक्की ने भी अब बेशरम होना बेहतर समझा और खुद ही मोनू का लंड पकड़ लिया. अब रिक्की एक साथ २-२ जवान लंडों को सहला रही थी. वो दो मोटे-मोटे लंड पा के बड़ी खुश हुई. अब उसे डर सिर्फ़ इस बात का था कि कहीं इस चुदाई के दौरान उसकी माँ कामिनी ना आ जाये. उसे क्या पता की उसकी चुदाई की कहानी की रचायिता तो उसकी माँ कामिनी ही है.
मोनू के लंड को मुठ मारती हुई रिक्की बोली: ऊफ्फ्फ्फ.... रिशू भैया कितना अच्छा लग रहा है आपका हाथ मेरे बदन पे. कैसा है मेरा बदन
मोनू भैया ? ऊईईई... माँआआआ... भैया आपका लौड़ा तो अंकुर और जय के लंडों से भी बड़ा है... मुझे दर्द तो नहीं होगा ना? रिशू भैया माँ कब वापस आयेगी. मुझे डर इस बात का है कि कहीं हमे इस हालत में माँ ना देख ले.
मोनू ने उसके मम्मे मसलते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और पीछे से रिशू अपना लंड रिक्की की गाँड पे रगड़ने लगा.
अपनी अँगुली से रिक्की की चूत को चोदते हुए मोनू बोला, "तू बड़ी हसीन और सैक्सी है... अंकुर और जय तो क्या... तेरा यह जिस्म देख के किसी का भी इमान डोल जाये... देख... तेरी चूंची और चूत और गाँड कितनी खूबसूरत है... साली मेरा लौड़ा देख कैसे मसल रही है रंडी... मुझे मालूम है उन दोनों के लंड हमारे जितने लम्बे-मोटे नहीं हैं... आज तुझे असली लंड का मज़ा देंगे और सुन मेरी कमसिन छिनाल, हमें कामिनी आंटी से कोई डर नहीं है... उस कुत्तिया की चूत हम दोनों बहुत बजा चुके है साली... तुझे चोदते वक्त अगर कामिनी आंटी आ भी गयी तो हम उसे भी चोद डालेंगे. रिशू वैसे तेरी माँ भी बहुत मस्त माल है क्यों...? और उसे तेरे साथ चोदने में और मज़ा आयेगा रिक्की."