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Incest PAAP PUNYA (INCEST + ADULTERY) Completed

जब रिशू ने उसकी गाँड में अँगुली घुसायी तो रिक्की ने उसका लंड कस के पकड़ लिया. आगे से मोनू उसके निप्पल चूसते हुए उसकी नंगी कमसिन चूत सहलाने लगा. रिक्की अब इन दोनों मर्दों की हर्कतों से काफी गरम होने लगी थी. मोनू और रिशू के कड़क हाथ और लंड उसे बेकरार कर रहे थे.

रिक्की ने भी अब बेशरम होना बेहतर समझा और खुद ही मोनू का लंड पकड़ लिया. अब रिक्की एक साथ २-२ जवान लंडों को सहला रही थी. वो दो मोटे-मोटे लंड पा के बड़ी खुश हुई. अब उसे डर सिर्फ़ इस बात का था कि कहीं इस चुदाई के दौरान उसकी माँ कामिनी ना आ जाये. उसे क्या पता की उसकी चुदाई की कहानी की रचायिता तो उसकी माँ कामिनी ही है.

मोनू के लंड को मुठ मारती हुई रिक्की बोली: ऊफ्फ्फ्फ.... रिशू भैया कितना अच्छा लग रहा है आपका हाथ मेरे बदन पे. कैसा है मेरा बदन
मोनू भैया ? ऊईईई... माँआआआ... भैया आपका लौड़ा तो अंकुर और जय के लंडों से भी बड़ा है... मुझे दर्द तो नहीं होगा ना? रिशू भैया माँ कब वापस आयेगी. मुझे डर इस बात का है कि कहीं हमे इस हालत में माँ ना देख ले.

मोनू ने उसके मम्मे मसलते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और पीछे से रिशू अपना लंड रिक्की की गाँड पे रगड़ने लगा.

अपनी अँगुली से रिक्की की चूत को चोदते हुए मोनू बोला, "तू बड़ी हसीन और सैक्सी है... अंकुर और जय तो क्या... तेरा यह जिस्म देख के किसी का भी इमान डोल जाये... देख... तेरी चूंची और चूत और गाँड कितनी खूबसूरत है... साली मेरा लौड़ा देख कैसे मसल रही है रंडी... मुझे मालूम है उन दोनों के लंड हमारे जितने लम्बे-मोटे नहीं हैं... आज तुझे असली लंड का मज़ा देंगे और सुन मेरी कमसिन छिनाल, हमें कामिनी आंटी से कोई डर नहीं है... उस कुत्तिया की चूत हम दोनों बहुत बजा चुके है साली... तुझे चोदते वक्त अगर कामिनी आंटी आ भी गयी तो हम उसे भी चोद डालेंगे. रिशू वैसे तेरी माँ भी बहुत मस्त माल है क्यों...? और उसे तेरे साथ चोदने में और मज़ा आयेगा रिक्की."
 
मोनू के मुँह से अपनी माँ के लिए ऐसी बात सुनके रिक्की शरमा गयी. उसे अपनी माँ के नाजायज़ सम्बंधों के बारे मे शक तो था पर उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि उसकी माँ इतनी चुदासी है कि कहीं भी किसी से भी चुदवा सकती है. अब हम दोनों रिक्की से आगे पीछे से लिपटे थे.
माँ के लिए गालियाँ सुनके भी रिक्की आगे से मोनू की अँगुली से चूत चुदवा रही थी और पीछे से रिशू का लंड अपनी गाँड पे रगड़वा रही थी. रिशू ने रिक्की को फिर अपनी तरफ घुमाया और उसके मम्मे मसलते हुए चूसने लगा.

रिक्की भी उससे मस्ती से अपने मम्मे चुसवाती हुई बोली, "रिशू मोनू हमारी माँ के बारे में इतना गंदा क्यों बोल रहा है? मुझे शरम आती है उसके लिए ऐसी बातें सुनके."

रिशू उसके दोनों मम्मे चूसते हुए बोला, "छिनाल... वो उसके बारे में बात करता है तो तुझे शरम आती है पर नंगी होकर हमसे चुदवाने में शर्म नहीं आती. सुन माँ आयेगी शाम तक तब तक तू बेशरम होके हमसे चुदवा...

फिर रिशू ने रिक्की को सोफ़े पे बिठाया और वो दोनों रिक्की के हाथों में अपने लंड पकड़ा के उसके सामने खड़े हो गये.

रिक्की दोनों के लंड सहलाते हुए बोली, "ऊफ्फ्फ्फ.... भैया , आप दोनों के लंड काफी लम्बे और मोटे हैं... मुझे दर्द होगा... लेकिन कोई बात नहीं... मैं यह दर्द सह लूँगी. भैया आज मेरा नसीब है कि २-२ तगड़े मर्द मुझे चोदने वाले हैं... लगता है कि आज मेरे बदन की खैर नहीं."

मोनू रिक्की के मम्मे मसलते हुए अपना लंड रिक्की के चेहरे पे रगड़ने लगा और बोला: साली... रंडी... आज तू २-२ लंड से चुदवा के देख. अब हमेशा तू दो लंड ही मांगेगी... तू तो कमसिन छिनाल है... राँड... आज हम दोनों तुझे रंडी की तरह चोदेंगे... क्यों रिशू ठीक बोल रह हूँ ना मैं?"
 
रिक्की ने बिना बोले मोनू का लंड पकड़ कर चूमा और आहिस्ता-आहिस्ता मुँह में लेके चूसने लगी. धीरे-धीरे करके रिक्की अब मोनू का पूरा लंड चूस रही थी. बीच-बीच में वो मोनू की गोटियाँ भी चूस रही थी. मोनू भी मस्ती में रिक्की का मुँह चोदने लगा. तब रिक्की दूसरे हाथ से रिशू का लंड हिलाने लगी और रिशू उसके मम्मे मसलने लगा.

मोनू का लंड चूस कर उसे और कड़क बना के रिक्की बोली

रिक्की: ओह भैया आज तक मैंने चुम्मा चाटी तो बहुत की, चूंची भी दबवाई पर इस चूत में आज तक ऊँगली के अलावा कुछ नहीं गया. आज मैं पहली बार आप दोनों से चुदवाने जा रही हूँ. भैया अब आप दोनों अपने-अपने लौड़े मेरी चूत, मुँह और गाँड में डालके मुझे चोदो और अपनी रंडी बनाओ.

मोनू ने अपना लंड रिक्की के मुँह से निकाला और रिक्की को नीचे ज़मीन पे बिठा के बोला: चल मेरी प्यारी रंडी... आज तुझे अपने लंडों से चोद कर तेरी इच्छा भी पूरी करते हैं और चेक भी करते है की तू कुवारी है या नहीं... रिशू भाई मैं इस रंडी की चूत चोदूँगा और तुम इस छिनाल की गाँड मारना. चल रिक्की पहले कुत्तिया बनके रिशू का लंड अपनी गाँड में डलवा ले... बाद में तेरी चूत में लंड घुसाता हूँ. रिशू भाई तुम लंड पर कुछ तेल वेळ लगा लो.

रिशू किचेन में जाकर अमूल बटर का पैकेट ले आया और रिक्की कुत्तिया बन गयी. रिशू ने उसके पीछे आके उसकी गाँड खोल के अमूल बटर अपनी ऊँगली में लगा कर उसकी गांड में डाल दिया और ऊँगली से उसकी गांड चोदने लगा. गांड की गर्मी से बटर पिघल गया और रिशू की ऊँगली अपनी बहन की गांड में आराम से जाने लगी. फिर रिशू ने थोडा बटर और लेकर दो उंगलिया रिक्की की गांड में डाल दी. धीरे धीरे रिशू ने लगभग आधा पैकेट मक्खन अपनी बहन की गांड में डाल दिया और बाकि का मक्खन अपने लंड पर लगा कर अपना लंड उसकी गाँड के छेद में दबाने लगा. रिक्की ने अपनी गाँड पूरी ढीली छोड़ दी और रिशू के लंड का सुपाड़ा अंदर घुस गया. फिर रिक्की की कमर पकड़ के रिशू ने हल्के से आगे पीछे होके १५-२० धक्कों से पूरा लंड रिक्की की गाँड में घुसा दिया. मक्खन की वजह से उसकी गांड बहुत चिकनी हो गयी थी पर फिर भी उसे दर्द हुआ क्योंकि रिशू का लंड काफी बड़ा था.
 
रिक्की दर्द से बोली, "रिशू भैया ... प्लीज़ आराम से डाल मेरी गाँड में अपना लंड. ऊउउफ्फ्फ्फ... रिशू... हाँ...आराम से... दर्द हो रहा है."

रिशू ने थोड़ी देर तो धीरे धीरे धक्के लगाये पर जब लंड आराम से रिक्की की गाँड में जाने लगा तो रिशू ने रिक्की के ऊपर पूरा ज़ोर डाल दिया और उसकी चून्चिया मसलते हुए बोला "ले कुत्तिया राँड... तुझे मेरा लौड़ा चाहिए था ना? अब देख कैसे तेरी गाँड मारता हूँ छिनाल... तेरी माँ की चूत... रंडी है साली तू... मेरी रंडी है... मेरे लंड की रखैल है समझी...?"

रिक्की को रिशू के धक्कों से जितना मज़ा आ रहा था उतना ही मज़ा उसके मुँह से गालियाँ सुनके भी आ रहा था. वो बेशरम होके बड़ी मस्ती से गाँड पीछे करके रिशू का लंड ज्यादा से ज्यादा अपनी गाँड में लेने लगी.

अब रिशू मस्ती से रिक्की की गाँड मारने लगा तो रिक्की मोनू का लंड पकड़के उसे सहलाते हुए एकदम रंडी की अदा से बोली, "मोनू भैया अब आप भी कुछ करो ना... आप जैसे चाहो वैसे आज मुझे चोदो... आप दोनों के खेल से मैं बड़ी चुदासी हो गयी हूँ."

मोनू ने रिक्की के मम्मे मसलते हुए रिशू को नीचे लेटने के लिए बोला तो रिशू रिक्की को अपने ऊपर लेके लेट गया. मोनू ने रिक्की की टाँगें फैला के अपने हाथों से रिक्की की हलके रोयों से ढकी हुई चूत खोली. उसकी गीली गुलाबी चूत देख के मोनू खुश हुआ और अपना मोटा लंड रिक्की की कुवारी चूत पे रख के बेरहमी से रिक्की के मम्मे मसलते हुए अपना लंड रिक्की की चूत में घुसाने लगा. रिक्की की चूत में आज तक कभी लंड नहीं गया था. जब वो बहुत उत्तेजित होती थी तो कोई पतला बैगन अपनी चूत में घुसा लेती थी पर मोनू का लंड बैगन के मुकाबले बहुत मोटा था.

मोनू के बड़े और मोटे लंड से रिक्की को काफी तकलीफ हुई पर मोनू ने जबरदस्ती अपना आधा लंड उसकी चूत में ठूस दिया जिससे उसकी चीख निकल गयी. ईईईईईईईईईईइ आःह्ह्ह मोनू भैयाआआअ निकाल लूऊऊऊओ नाआही मार दाआल्ला ओह्ह्ह्हह्ह.

रिशू: अबे मुह बंद कर वरना मोहल्ले वाले भी आ जायेंगे इसे चोदने.

रिशू की बात सुन कर मोनू ने अपने होठों से रिक्की का मुह बंद कर दिया और उसकी चीख घुट के रह गयी. मोनू धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा. रिक्की के मम्मों के मसले जाने से और गाँड में लंड के धक्कों की वजह से थोड़ी देर में उसका दर्द उसे ज्यादा महसूस नहीं हो रहा था.
 
अब रिक्की फिर से मस्ती में आवाजे करने लगी. अआह येस्स जोर से रिशू भैया अआह फक्क मी

मोनू आधा लंड उसकी चूत में घुसा के बोला, "छिनाल... साली... तेरी माँ की चूत... हरामी राँड... अब कैसे खुल के चुदवा रही है. तेरी माँ की चूत चोदूँ... साली कितना नाटक कर रही थी और अब मज़े ले रही है २-२ मर्दों से... बहनचोद आज तेरी चूत और गाँड फाड़के रख देंगे हम दोनों."

मोनू ने रिक्की की गरम गीली और टाईट चूत में लंड घुसा के धक्के पे धक्का मारके पूरा लौड़ा अंदर घुसेड़ दिया और रिक्की के निप्पल खींचते हुए बोला, "ले साली रिक्की रंडी... मेरा लौड़ा ले... कसम से तेरे जैसी कम्सिन माल आज पहली बार चोद रहा हूँ. बहनचोद तेरी जैसी लड़की मिले तो सारा काम छोड़ के दिन रात सिर्फ़ तुझे ही चोदता रहूँगा."

दोनों दोस्त बड़ी बेरहमी से रिक्की के बदन से खेलते हुए उसको चोद रहे थे. रिशू तो ज़ोरदार धक्कों से रिक्की की गाँड मार रहा था. रिक्की मोनू के मुँह से अपने लिए और अपनी माँ के लिए गंदी गालियाँ सुनके और उत्तेजित हो गयी.

अपनी कमर आगे पीछे करके चुदवाती हुई रिक्की बोली, "आओ मोनू भैया ... अपनी इस चुदासी राँड की चूत में डालो अपना लौड़ा... उउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ.... मोनू... हाँ ऊँऊँऊँऊँ.... और डालो राजाआआआ... फाड़ डालो मेरी चूत और रिशू भैया तुम भी ऐसे ही मारो मेरी गाँड... भैया आप और रिशू मुझे जितनी चाहे उतनी गालियाँ दो लेकिन मेरी माँ को क्यों गालियाँ दे रहे हो?"

अब रिक्की की गाँड में रिशू का लम्बा लंड और चूत में मोनू मोटा लौड़ा कयामत ढा रहे थे. दोनों वहशियों की तरह रिक्की को अपने बदन के बीच रख के बड़ी बेरहमी से एक रास्ते की रंडी जैसे चोद रहे थे.

अब रिशू नीचे से रिक्की की गाँड मारते-मारते उसके मम्मे बेरहमी से मसलते हुए बोला, "कुत्तिया राँड... मोनू और मैं जो गालियाँ चाहेंगे वो देंगे... माँ को आने दे तेरे सामने उसकी भी गाँड मारूँ छिनाल...

मोनू: तेरी माँ को गधे के लंड से चुदवाऊँगा कुतिया... तू मत सिखा कि तुझसे कैसे बर्ताव करना है... ऐसे तगड़े लंड मिले हैं तो हमसे गालियाँ खाके चुदवा. हम तुझे और तेरी माँ को जो दिल में आये वो गालियाँ देंगे समझी रखैल?"

मोनू अब चोदते-चोदते झड़ने के करीब था. इसलिए उसने अपना लंड रिक्की की चूत से निकाला और उसके सीने पे बैठ के रिक्की का मुँह खोलके अपना लंड उसमें घुसा के बोला "हाय... सालीईईईईई राँड... तेरीईईई माँ की चूत.... ये ली... चूस मेरा लौड़ा छिनाल और ले पी मेरा पानी."
 
रिक्की मोनू का लंड अपने हाथ में पकड़ के अपने मुँह में ज़ोर से चूसने लगी. मोनू भी जोश में आ के रिक्की के मम्मे बेरहमी से दबाते हुए रिक्की का मुँह चोदने लगा और ८-१० धक्कों में झड़ने लगा. झड़ते-झड़ते मोनू ने पूरा लंड रिक्की के मुँह में घुसा दिया. उसके लंड का पानी रिक्की के हलक तक गया और रिक्की ने वो पानी आहिस्ता-आहिस्ता पी डाला. अपना पूरा पानी रिक्की के मुँह मै छोड़के मोनू ने लंड रिक्की के मुँह से निकाला और सोफ़े पे बैठ के रिक्की और रिशू की चुदाई देखने लगा.

मोनू के झड़ने के बाद और उसका पूरा पानी पीने के बाद रिक्की पूरी तरह गाँड खोल के रिशू से चुदवानी लगी. हाथ पीछे डाल के वो रिशू की कमर सहलाते हुए बोली, "रिशू चोद साले हरामी... मेरी गाँड... तेरी बहुत दिनों से नज़र थी ना मुझ पे... साले मार मेरी गाँड... मोनू भैया आप प्लीज़ मेरी चुचियों को मसलते हुए उनको चूसो... जब रिशू मेरी गाँड में झड़ेगा तब मुझे अपनी चुचियाँ आपके मुँह में चाहिए... प्लीज़ आओ ना भैया ..."

रिक्की ने बेशरम हो के अपने मम्मे उठा के मोनू की तरफ़ कर दिए. मोनू ने सोफ़े पर बैठ कर रिक्की को अपने पास आने को बोला तो रिशू रिक्की को खड़ी करके कुत्तिया के पोज़ में उसकी गाँड मारने लगा. रिक्की सोफ़े को पकड़ के झुक गयी जिससे उसके मम्मे मोनू के मुँह में अपने आप आ गये और वो रिक्की की चूचियाँ बारी-बारी मसलके चूसने लगा.

रिशू अब बड़े ज़ोरों से रिक्की की गाँड चोदने लगा. धक्कों पे धक्के मारते-मारते वो तो जैसे रिक्की की गाँड को ड्रिल करते हुए बोला, "तेरी माँ की चूत... हरामी राँड... हम से नखरा कर रही थी... साली जब से गाँड और चूत में हमारे लंड लिए तब से बड़ी मस्त हो रही है ना छिनाल...? तेरी माँ को चोदूँ साली... अब देख कैसे गाँड पीछे करके मरवा रही है और मोनू से छिनाल जैसी अपने मम्मे चुसवा रही है... कसम से रिक्की आज से मैं तुझे अपनी रंडी बनाके रखुँगा. तू है इतनी मस्त माल कि साली बार-बार तुझे चोदने को दिल करता रहेगा. ये ले... और ले... और ले मेरा लौड़ा अपनी गाँड में मादरचोद... आज तेरी गाँड को बताता हूँ कि तेरे भाई का लंड कैसे चोदता है तेरी जैसी छिनाल बहन को."

मोनू ने रिक्की के मम्मे चूसते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और रिक्की भी छिनाल जैसी मोनू का लंड सहलाती हुई बोली, "हाँ साले रिशू तेरे और मोनू भैया के लंड में जो मज़ा आया वो कहीं नहीं होगा... तुम्हारे इन मोटे लम्बे लंडों के लिए मैं हमेशा के लिए तुम्हारी रंडी बनने को तैयार हूँ. तुम दोनों जब... जहाँ और जैसे चाहो... मुझे चोदो... मैं खुशी-खुशी तुमसे चुदवाउँगी मेरे राजा... आज के बाद मैं तुम दोनों की राँड बनके रहूँगी. रिशू तुझे कैसा लगा मेरा यह बदन और मेरी गाँड राजा?"

रिक्की की बातें सुनके रिशू उसकी गाँड पे थप्पड़ मारते हुए रिक्की को चोदने लगा और मोनू उसके निप्पल चबाते हुए चूसने लगा. रिक्की दर्द और वासना से बेहाल होके चुदवा रही थी. वो दोनों गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए रिक्की को छिनाल जैसे चोद रहे थे.

जब मोनू ने ज़रा ज़ोर से रिक्की के निप्पल को चबाया तो दर्द से रिक्की बोली. "ऊउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ.... मोनू साले हरामीईईई... आराम से चबा न मेरा निप्पल... बहुत दर्द हो रहा है मुझे...."
 
रिक्की के मुँह से अपने लिए गालियाँ सुनके मोनू फिर से उसके निप्पल चबाते-चबाते चूसने लगा. रिशू से गाँड पे हो रहे लगातार हमले और मोनू से बेरहमी से निप्पल चूसवाने से अब रिक्की भी झड़ने के करीब थी. वो सोफ़ा ज़ोर से पकड़के रिशू को और ज़ोर से गाँड मारने के लिए बोली. अब रिशू भी झड़ने के करीब था.

वो एक हाथ की अँगुली रिक्की की चूत में घुसा के पीछे से रिक्की की गाँड में ज़ोरदार धक्के मारते हुए बोला, "ये ले साली... मादरचोद... अब मैं तेरी गाँड में अपना पानी छोड़ुँगा... तू एकदम लाजवाब छिनाल है साली... मुझे पता है तू कुवारी थी तेरा बदन बहुत टाईट है... बड़ी गज़ब की चीज़ है तू रिक्की... ले मैं आयाआआआआ..... रिक्कीआआआआआ....."

रिशू अपना पूरा लंड रिक्की की गाँड में जड़ तक घुसा के झड़ने लगा और साथ ही अँगुली से अपनी चूत चुदवाती हुई रिक्की भी झड़ने लगी. मोनू आगे से रिक्की को कसके पकड़ के उसके मम्मे चूस रहा था और पीछे से रिशू रिक्की की गाँड में लंड घुसेड़े झड़ रहा था. रिक्की की चूत ने भी झड़ते हुए अपना पानी छोड़ दिया जिससे रिशू का पूरा हाथ गीला हो गया.

जब सबकी साँसें सामान्य हुईं तो रिशू ने रिक्की की गाँड से अपना लंड निकाला और उसके लंड का पानी रिक्की की गाँड से निकल के रिक्की की जाँघों से नीचे बहने लगा. रिक्की ने खड़ी होके एक अँगड़ाई ली और जा के एक टॉवल लायी और बड़े प्यार से रिशू का लंड साफ़ किया. फिर रिशू ने भी उसी टॉवल से रिक्की की चूत और गाँड भी पोंछी. हम तीनों ने ठंडा पानी पीया और फिर नंगे ज़मीन पे लेट गये.

ये मेरी ज़िन्दगी की एक यादगार चुदाई थी क्योंकि मैंने आज पहली बार एक अनचुदी लड़की को चोदा था पर रिशू के लिए ये और भी बड़ी बात थी की आज उसने अपनी सगी बहन की गांड मार कर उसे हमेशा चोदने का रास्ता खोल लिया था.
 
रिक्की के मुँह से अपने लिए गालियाँ सुनके मोनू फिर से उसके निप्पल चबाते-चबाते चूसने लगा. रिशू से गाँड पे हो रहे लगातार हमले और मोनू से बेरहमी से निप्पल चूसवाने से अब रिक्की भी झड़ने के करीब थी. वो सोफ़ा ज़ोर से पकड़के रिशू को और ज़ोर से गाँड मारने के लिए बोली. अब रिशू भी झड़ने के करीब था.

वो एक हाथ की अँगुली रिक्की की चूत में घुसा के पीछे से रिक्की की गाँड में ज़ोरदार धक्के मारते हुए बोला, "ये ले साली... मादरचोद... अब मैं तेरी गाँड में अपना पानी छोड़ुँगा... तू एकदम लाजवाब छिनाल है साली... मुझे पता है तू कुवारी थी तेरा बदन बहुत टाईट है... बड़ी गज़ब की चीज़ है तू रिक्की... ले मैं आयाआआआआ..... रिक्कीआआआआआ....."

रिशू अपना पूरा लंड रिक्की की गाँड में जड़ तक घुसा के झड़ने लगा और साथ ही अँगुली से अपनी चूत चुदवाती हुई रिक्की भी झड़ने लगी. मोनू आगे से रिक्की को कसके पकड़ के उसके मम्मे चूस रहा था और पीछे से रिशू रिक्की की गाँड में लंड घुसेड़े झड़ रहा था. रिक्की की चूत ने भी झड़ते हुए अपना पानी छोड़ दिया जिससे रिशू का पूरा हाथ गीला हो गया.

जब सबकी साँसें सामान्य हुईं तो रिशू ने रिक्की की गाँड से अपना लंड निकाला और उसके लंड का पानी रिक्की की गाँड से निकल के रिक्की की जाँघों से नीचे बहने लगा. रिक्की ने खड़ी होके एक अँगड़ाई ली और जा के एक टॉवल लायी और बड़े प्यार से रिशू का लंड साफ़ किया. फिर रिशू ने भी उसी टॉवल से रिक्की की चूत और गाँड भी पोंछी. हम तीनों ने ठंडा पानी पीया और फिर नंगे ज़मीन पे लेट गये.

ये मेरी ज़िन्दगी की एक यादगार चुदाई थी क्योंकि मैंने आज पहली बार एक अनचुदी लड़की को चोदा था पर रिशू के लिए ये और भी बड़ी बात थी की आज उसने अपनी सगी बहन की गांड मार कर उसे हमेशा चोदने का रास्ता खोल लिया था.
 
फिर रिक्की धीरे से उठी और बाथरूम की तरफ चली गयी. मैं भी उसके पीछे जाने लगा तो रिशू ने मुझे रोक दिया.

रिशू: अरे अभी रहने दे. आज पहली बार चूदी है और वो भी दो दो लंडो से.

मोनू: साले जब रश्मि दीदी को चोदा था तूने पहली बार तब का याद है अब अपनी बहन की बारी आई तो मुझे रोक रहा है.

रिशू: अबे गांडू. रोक नहीं रहा हूँ थोडा धीरज रखने को बोल रहा हूँ. एक बार तो चोद लिया न तूने अब उसे थोडा टाइम दे. रश्मि को पहली बार मैंने अकेले ही चोदा था. रिक्की ने दो लंड लिए है.

तभी घंटी बजी और रिशू ने जाकर देखा तो बाहर कामिनी आंटी खड़ी थी. रिशू ने दरवाजा खोल दिया और आंटी अन्दर आ गयी. हम दोनों को नंगा देख कर आंटी बोली

कामिनी: तो आखिर चोद ही डाला मेरी फूल सी बच्ची को तुम दोनों ने. कहा है रिक्की, दिखाई नहीं दे रही.

मोनू: अरे आंटी बस पूछो मत. मज़ा आ गया. रिक्की बाथरूम में है. अभी ले कर आता हूँ.

रिशू: अबे तो फिर से शुरू हो गया. इतना उतावला क्यों हो रहा है. अब तो हमेशा उसे चोदना ही है.

मोनू: देखो न आंटी. रिशू ने मुझे दुबारा रिक्की को चोदने नहीं दिया.

कामिनी: अरे तो तू एक काम कर अपने घर पर फोन कर के कह दे तू आज रात मेरे घर पर रुकेगा. रात भर आराम से चोदना रिक्की को.

मोनू: सच आंटी पर रिक्की के साथ मैं अकेला ही रहूँगा. ठीक है.

कामिनी: अच्छा बेटा नयी चूत मिली तो मुझे भूल रहा है. ठीक है रिशू मेरे साथ सो जायेगा. तू रिक्की के साथ उसके कमरे में आज रात अकेले ही रहना. सुहागरात जैसी फीलिंग ले लेना.

रिशू: पर मम्मी.

कामिनी: अरे रिशू, रिक्की तो तेरा घर का माल है. कहाँ भागी जा रही है. जब मन करे लंड पेल देना अपनी बहन की चूत में जैसे मेरी चूत में पेल देता है. आज इस मोनू की इच्छा पूरी हो जाने दे. जा मोनू फ़ोन कर दे अपने घर पर.
 
मैं ख़ुशी ख़ुशी अपने घर फोन मिलाने लगा. उधर से फोन रश्मि दीदी ने उठाया.

मोनू: दीदी, आज मैं कामिनी आंटी के घर पर रूक रहा हूँ. तुम मम्मी पापा को बता देना.

रश्मि: बड़ा खुश लग रहा है, लगता है ले ली रिक्की की.

मोनू: हा दीदी. एक बार तो पेल चूका हूँ साली को और बाकी कसर रात में पूरी कर दूंगा. इसीलिए रात में यही रुकुंगा.

रश्मि: पर मैं मम्मी पापा से क्या कहूँ. जब से मयंक के यहाँ से वापस आये है तुझे पूँछ रहे है.

मोनू: अरे कुछ समझा देना न मेरी प्यारी दीदी.

रश्मि: अच्छा. ठीक है.

मोनू: क्या हुआ मयंक के यहाँ.

रश्मि: क्या होना था. शादी की तारीख तय होनी थी हो गयी.

ये सुनते ही मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा पर क्या करता एक न एक दिन तो दीदी की शादी होनी ही थी.

मोनू: अच्छा, कब की डेट है.

रश्मि: अगले महीने की २० तारीख. २१ को मेरी सुहागरात होगी मयंक के साथ. और अब तुझे भी रिक्की की चूत मिल गयी है तो तुझे मेरी कमी महसूस नहीं होगी.

मोनू: दीदी तुम्हारी जगह कौन ले सकता है. खैर घर आकर बात करते है.

और मैं फ़ोन काट कर वापस कामिनी आंटी और रिशू के पास आ गया. रिक्की बाथरूम से निकल कर कपडे पहनने अपने रूम में चली गयी थी. कामिनी को देख कर पहले तो वो काफी घबराई थी पर जब आंटी से उससे बात की तो वैसे तो नार्मल हो गयी थी पर आंटी के सामने वो काफी शर्मा रही थी.

जब रिक्की कपडे पहन कर बाहर आई तो आंटी ने उसे बता दिया था की आज रात मैं उसके साथ रहूँगा. रिक्की ने भी मन में सोचा की आज वो एकदम बाजारू रंडी की तरह मुझसे चुद्वायेगी. रिशू और मैं भी नहाने चले गए और तैयार हो कर हमने थोड़ी देर टीवी देखा तब तक आंटी ने खाना लगा दिया. खाना खा कर आंटी और रिशू कमरे में चले गए पर रिक्की ने मुझसे कहा की तुम १५ मिनट बाद कमरे में आना.
 
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