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Incest PAAP PUNYA (INCEST + ADULTERY) Completed

मोनिका: पर जिस तरह तुम रश्मि को चोद रहे हो यह 2 दिन नहीं चल पायेगी. मेरी चूत में अब तक भयंकर दर्द है और ठीक से चल तक नहीं पा रही हूँ. कोई भी मेरी चाल देखकर बता सकता है कि मैंने अभी अभी क्या गुल खिलाया है.

रिशू: अरे मूड मत ख़राब कर. इसकी चूचीयां दबा और इसके होंठ चूस. जल्दी कर हरामजादी अब मैं इसकी चूत का भोसड़ा बना कर इसकी चूत को अपने लंड रस से भरने वाला हूँ.

रिशू की बात सुनकर मोनिका तुंरत रश्मि की तनी हुई चूचीयों को सहलाने लगी और अपने जलते हुए होंठ रश्मि के होंठों पर रख दिये. रिशू ने अपने जोरदार झटके मारना जारी रखा और लगातार 10-15 जोदरदार झटके और मारते हुए रिशू ने रश्मि की चूत में अपना पूरा वीर्य भर दिया और रश्मि के बगल में लेट गया...

तभी अचानक घंटी बजी. रिशू के मूसल लंड ने मोनिका की नाजुक चूत की भी चूलें हिला के रख दी थी जिसकी वजह से वह भी ठीक से नहीं चल पा रही थी. मोनिका धीमे कदमों से लड़खड़ाते हुए उठने की कोशिश करने लगी पर रश्मि ने उसे रोका और उठ कर पास पड़ी एक मैक्सी पहन कर नीचे दरवाजे खोलने चल दी. मोनिका उसे आश्चर्य से देख रही थी की ऐसी चुदाई के बाद रश्मि की चाल के ऊपर कोई असर नहीं हुआ था. रिशू ने तब तक मोनिका को पकड़ कर वापस बेड पर खींच लिया और बोला

रिशू: कहा चली कुतिया, भूल गयी अभी तो तेरी गांड भी फाडनी है मुझे.

मोनिका: पर नीचे कोई आया है.

रिशू: अरे रश्मि बहुत समझदार है. जो भी होगा वो उसे नीचे से ही टरका देगी. वो जानती है की अभी तेरी गांड फटने वाली है.

मोनिका ये सोच कर बहुत परेशान थी की अगर रिशू ने उसकी गांड मारी तो पक्का खून निकाल देगा. इतना मोटा लंड गांड में वो नहीं लेना चाहती थी. वैसे भी वो गांड मरवाने में अभी एक्सपर्ट नहीं हुई थी और अपने भाइयों को भी ज्यादा गांड नहीं मारने देती थी. पर आज उसकी किस्मत अच्छी थी क्योंकि जब नीचे रश्मि ने डोर खोला तो सामने मोनू कामिनी आंटी के साथ खड़ा था.
 
दरवाजा खोलते ही आंटी दीदी से बोली

कामिनी: तू तो बड़ी रांड निकली. दिन दहाड़े अपने यार से चुदवा रही है. कहा है मेरा बेटा.

आंटी ने दीदी के चुटकी ली. दरअसल उनका शराब का नशा अभी पूरी तरह उतरा नहीं था.

रश्मि: अरे आंटी वो तो रिशू मोनू से मिलने आया है. ऊपर कमरे में है.

दीदी कामिनी आंटी को भी मेरे साथ देख कर थोडा चौक गयी पर तभी कामिनी आंटी हँसने लगी और बोली: हाँ वो तो मोनू से मिलने ही आया होगा पर उसके लंड को मिली होगी तुम्हारी चूत. मुझसे कह कर आया था की जरूरी काम है. ठीक भी है चुदाई से ज्यादा जरूरी काम क्या हो सकता है. क्यों मोनू?

मोनू: अरे दीदी. हम लोग पास ही में लंच करने आये थे. मैं आंटी को वापस छोड़ने जा रहा था तो हमने देखा की रिशू की बाइक बाहर खड़ी है तो आंटी बोली वो रिशू के साथ ही वापस चली जाएँगी.

रश्मि: अच्छा तभी मैं कहूँ की आंटी को कैसे पता की रिशू यहाँ है.

मोनू: मोनिका कहाँ है?

रश्मि: वो भी रिशू के साथ ऊपर कमरे में है.

मोनू: वो ऊपर क्या कर रही है.

रश्मि: तू तो उसे जानता ही है. तेरा ही तो दोस्त है. नयी चूत देखने के बाद वो उसे छोड़ने वाला है क्या. चोद रहा है मोनिका को.

मोनू: अरे आंटी देख लो उसने रश्मि दीदी के साथ साथ मोनिका को भी चोद दिया. अब तो चाहे कुछ भी हो मुझे रिक्की को चोदना ही है. अब तुम कुछ करो आंटी.

कामिनी: अरे अभी वो छोटी है. थोडा इंतज़ार करो.

रश्मि: अरे छोटी वोटी कुछ नहीं है. दो दो बॉयफ्रेंड बना रखे है उसने. एक अपनी फ्रेंड का भाई अंकुर और दूसरा उसकी ही क्लास का लौंडा है जय. उसने खुद मुझे बताया है की दोनों के साथ खूब चूमा चाटी की है उसने. खूब खर्चा करवाती है दोनों से. गिफ्ट ऐंठती है और बदले में चूची दबवाती है. चूत चतवाती है. यह बात भी उसने मुझे काफी पहले बताई थी. हो सकता है की चुदवा भी लिया हो अब तक.

कामिनी: सच कह रही हो रश्मि? मुझे तो विश्वास नहीं होता.

रश्मि: सच में आंटी. और मोनू मुझे तो लगता है की रिशू भी रिक्की को चोदने के चक्कर में है.
 
हम ये बात कर ही रहे थे की तभी मोनिका नीचे आ गयी. रिशू ने उसे देखने भेजा था की कौन आया है. वो कामिनी आंटी को नहीं पहचानती थी. हमने उसे बताया की वो रिशू की मम्मी है तो उसने आंटी को नमस्ते की.

कामिनी: अच्छे से तो चोदा न रिशू ने तुम्हे. मजा आया न. लाखों में एक लंड है मेरे बेटे का.

मोनिका को थोडा अजीब लगा की एक माँ अपने बेटे के बारे में ऐसे बोल रही है. वो चुप हो गयी.

कामिनी: तुम दोनों रंडियों ने तो मेरे बेटे का लंड खा लिया है तो अब तुम दोनों यही रहो.आओ मोनू हम ऊपर चले.

और आंटी मुझे लेकर ऊपर के कमरे में चल दी. ऊपर रिशू बड़ी बेसब्री से मोनिका और रश्मि दीदी का इंतज़ार कर रहा था और बेड पर नंगा लेटा अपना लंड सहला रहा था. अचानक मुझे और आंटी को देख कर वो थोडा हडबडा गया.

रिशू: अरे मम्मी आप? यहाँ..

कामिनी: क्यों तो तो बोल रहा था की जरूरी काम है शाम तक आऊंगा. और मुझे प्यासा छोड़ कर यहाँ दोनों रंडियों की चूत में घुसा बैठा है. भला हो इस मोनू का जो वक़्त पर पहुच गया.

यह कह कर आंटी ने अपनी साड़ी खोल दी और रिशू के लंड पकड़ कर सहलाने लगी.

कामिनी: बहुत दिन हो गए दो लंड एक साथ नहीं लये. आ जा मोनू तू भी आजा.

रिशू: अच्छा गांडू. आज पता चला की तू भी बड़ा चोदु हो गया है. गुरु को बताया ही नहीं और अपनी बहन चोद ली. आजा देखूं तो कैसे चोदता है तू. मम्मी तुम शुरू लोग करो मैं देखता हूँ.

मैंने मुस्कुराते हुए अपना लंड बाहर निकाला और रिशू ने आंटी को इशारा किया. कामिनी आंटी मेरे पास आई और निचे झुक गई. आंटी ने मेरे लंड को मुहं में भर लिया. मेरे बदन में एक झनझनाहट सी हुई और आंटी ने एक ही झटके में पुरे लंड को लोलीपोप की तरह अन्दर कर लिया.
 
रिशू ने अपने लौड़े को हाथ से ही चोदन सुख देना चालू कर दिया. वो हाथ से लंड को हिला रहा था और अपनी माँ को मेरा लंड चूसते हुए देख रहा था. फिर वो खड़ा हुआ और कामिनी आंटी की गांड के पास आ गया. आंटी का पेटीकोट उसने आगे हाथ डाल के खोल दिया और आंटी की पेंटी को साइड में कर के उसने गांड को सुंघा और जीभ उनकी गांड के होल के ऊपर नीचे करने लगा. आंटी ने उसके सर को पकड़ के अपनी गांड में घुसा दिया. और रिशू आंटी की गांड को चाटने लगा.

वो मेरे सामने अपनी माँ की गांड को जबान से ऐसे चाट रहा था जैसे उसमे से मलाई निकलने वाली हो. और फिर उसने अपनी ऊँगली को कामिनी आंटी की चूत में डाल दिया. और चूत को मसलने लगा. आंटी ने इधर मेरे लौड़े में आग लगा दी थी. पूरा चूस चूस के लाल कर रखा था. मैंने आंटी का ब्लाउज खोल दिया और आंटी की चुन्चियो को पकड लिया. निप्पल को मसलते ही आंटी के अन्दर चुदास का सैलाब सा आ गया. आंटी ने मेरे लंड को मुहं से निकाला और बोली, चल मोनू डाल दे.

यह सुन के रिशू साइड पर हो गया. मैंने निचे लेट गया और आंटी मेरे ऊपर आ गई. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड के सेट किया. मैंने आंटी को सीधा किया और अपने लौड़े को झटका मारा. आंटी कराह उठी और मेरा लंड उसकी चूत की सीधी दरार में टेढ़ा हो के घुस चुका था. रिशू आंटी के पीछे था. उसने आंटी को कंधे से पकड के ऊपर निचे होने में मदद की. वैसे आंटी को मदद की आवश्यकता थी नहीं. वो मस्त ऊपर निचे हो के मेरे लौड़े को अपनी चूत में नचा रही थी. आंटी की चून्चियो को मसल के मैं भी झटके मारने लगा था.

आंटी आह आह कर रही थी और उछल उछल के लंड को चूत से लडवा रही थी. उधर रिशू जो मोनिका की गांड नहीं मार पाया था उसने जब अपनी माँ की गांड को देखा और उसके चहरे पर उत्तेजना छा गयी. उसने गांड चोदने का मन बना रखा था मोनिका न सही उसकी अपनी माँ ही सही... उसने आंटी के कंधे को छोड़ दिया और अपने लंड को मसलने लगा. आंटी ने मुड के उसे देखा और आँख मारी.
 
रिशू ने अपनी दो ऊँगली पर ढेर सारा थूंक निकाला और लौड़े को चिकना बना दिया. फिर उसने आंटी को पकड़ लिया. आंटी ने हिलना बंद कर दिया और मेरा लोडा उनकी चूत में पार्क हो गया. अब रिशू ने पीछे से कामिनी आंटी की गांड पर लंड रखा और एक झटके में आधा लंड अन्दर कर दिया.

उईई माँ, मर गई अह्ह्हह्ह्ह्ह... आंटी के मुह से निकल पड़ा.

रिशू ने आंटी की गांड पर एक जोर का चांटा लगाया और बोला साली रंडी ले मेरा लंड गांड के अन्दर.

आंटी ने कहा मादरचोद आराम से डाल कुत्ते.

मैं दोनों माँ बेटे को गाली गलोच करते देख और सुन रहा था. रिशू ने आंटी के कंधे को पकड़ा और कस के ऐसा झटका मारा की लंड गांड में पूरा घुस गया. इधर मेरा लंड चूत में और उधर दूसरा गांड में. आंटी को दर्द के साथ साथ बहुत मज़ा भी आ रहा था.
जैसे ही रिशू ने दूसरा झटका मारा वो उछल पड़ी. अब एक साथ दो दो लंड आंटी को चोद रहे थे या यूँ कहे की आंटी दो दो लंड को चोद रही थी.

आह आह, यस्स यस्सस, उईई आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह मर गयीईई जोर से यीह्ह्ह्ह जैसी आवाजो से कमरा भर गया और नीचे रश्मि और मोनिका की चूतों में ये आवाजे आग लगा रही थी.

१५ मिनिट तक यही पोजीशन रही और फिर रिशू ने मुझसे कहा मोनू अब तू पीछे आ जा...

मैंने लंड निकाला तो आंटी फिर से आह्ह कर बैठी.

अब मैं पीछे से आंटी की गांड मारने लगा और आगे से रिशू उसकी चूत को पेल रहा था. पांच मिनिट और ऐसे ही चुदवा के आंटी ने हमारे लंड के पानी को अपने छेद में ले लिया.

फिर रिशू पलंग पर लेट के बोला मोनू मेरी माँ की गांड कैसी लगी?

मैंने हंस के कहा मजेदार हैं और काफी टाईट भी.

रिशू बोला सही कहा. टाईट हैं. आगे तो लंड ले ले के भोसड़ा करवा लिया है लेकिन पीछे मजेदार हैं अभी भी.

आंटी ने एक हाथ मारा रिशू को और बोली चल हट भोसड़ी के.
 
रिशू ने आंटी को पकड के अपनी और खिंच लिया और वो दोनों लिप किस करने लगे. आंटी की गांड ऊपर उठी और मैंने देखा की पिछवाड़े से मेरे वीर्य की बुँदे उसकी गांड से निकल रही थी.

मैंने आंटी की गांड सहलाते हुए कहा: अब तो रिक्की के बारे में कुछ सोचो.

रिशू के कान रिक्की का नाम सुनते ही खड़े हो गए. वो बोला रिक्की के बारे में क्या सोचना है.

कामिनी: मोनू उसे चोदने के लिए कह रहा है और बोला है की तुम्हे कोई ऐतराज़ नहीं की ये उसे चोदे तो.

मोनू: हाँ रिशू ने खुद मुझसे कहा था अगर मैं रिक्की को चोद सकूं तो चोद लूं. क्यों भाई कहा था न.

रिशू: हां कहा तो था पर मम्मी मैं भी तुमसे यही बात करना चाहता था. मुझे भी रिक्की की लेनी है.

कामिनी: दोनों मरे जा रहे है रिक्की के लिए. अरे सब चूत एक जैसी ही होती है खैर तुम दोनों ने मेरी जो सेवा की है रिशू के पापा के आने से पहले ही कुछ करवा दूँगी. वैसे भी रश्मि ने जो उसकी हरकते बताई है उसका घर में चुदना ही अच्छा वरना बाहर के लड़के न जाने क्या करें उसके साथ. चल रिशू मुझे घर छोड़ दे.

रिशू: अरे मम्मी आज मैं यही रुक जाता हूँ. तुम भी रुक जाओ न. एक दो दिन में रश्मि के मम्मी पापा लौट आएंगे. मोनिका भी चली जाएगी. फिर मौका कहा मिलेगा.

मैंने भी कहा की आंटी आज आप रुक ही जाओ.

कामिनी: रुक तो जाती मोनू पर रात को शादी के बाद रिक्की घर वापस आ जाएगी और उसके पास घर की चाभी भी नहीं है. और फिर यहाँ रश्मि और मोनिका की दो दो चूतें तो है ही. रिशू तू मुझे घर छोड़ कर वापस लौट आना और दोनों मिल कर अपनी बहेनो को नंगा करके चोदना.

हम तीनो ने कपडे पहने और नीचे आ गए. रश्मि और मोनिका ड्राइंग रूम में बैठे थे. रिशू मोनिका से बोला

रिशू: मेरी जान. मम्मी को घर छोड़ कर आधे घंटे में आता हूँ तब तक अपनी गांड में तेल लगा कर रखो.

और वो दोनों बाहर निकल गए.
 
रिशू कामिनी को घर के बाहर छोड़ कर जल्दी से वापस आ गया ताकि वो मोनिका की गांड मार सके. मोनू और रिशू से अच्छी तरह चुद कर कामिनी आंटी का बदन टूट रहा था. उन्होंने घर का दरवाजा खोला और सीधे बेडरूम में जाकर ढेर हो गयी. काफी रात गए कुछ आवाज से उनकी नींद खुली तो उन्होंने बाहर आकर देखा कि रिक्की सोफे पे स्कर्ट और टाईट टी-शर्ट पहने लेटी है और कोई टीवी प्रोग्राम देख रही है.

कामिनी: अरे तू कब आई और अन्दर कैसे आई. क्या टाइम हुआ है.

रिक्की: तीन बजे है. तुम दरवाजा खोल कर ही सो गयी थी मम्मी. अच्छा हुआ की कोई चोर नहीं घुस आया. भैय्या कहा है.

कामिनी: ओह ध्यान नहीं रहा. रिशू मोनू के घर गया है. सुबह आयेगा. तू भी जाकर सो जा. थोड़ी देर में सुबह हो जाएगी.

रिक्की अपने कमरे में सोने चली गयी और कामिनी आंटी अपने बेडरूम में लौट आई. अब कामिनी रिक्की को एक अलग नज़रिए से देख रही थी. उस दिन दोपहर तक कामिनी सोचती थी कि उसकी बेटी बहुत ही सीधी-साधी छोटी बच्ची है पर रश्मि से उसकी अय्याशियों के किस्से सुन कर उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी अब काफी जवान हो गयी है और अपनी माँ की तरह ही चुदक्कड़ राँड बनने की तैय्यारी में है. रिक्की के टाईट टी-शर्ट में उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ देख कर उसे ख्याल आया कि जरूर रिक्की की चूचियाँ अंकुर और जय के मसलने से इतनी बड़ी हो गयी हैं.

कामिनी को एहसास हुआ की वो अपनी काम-वासना और हवस बुझाने में इतनी मगन थी कि वो यह भी भूल गयी कि उसकी बेटी और बेटा जवान हो गए है और उन दोनों की जिस्मानी जरूरते उन्हें परेशान करती होगी. रिशू ने तो अपनी जवानी का मज़ा ले लिया था पर जवान बेटी को भी किसी की जरूरत है यही बात सोच कर कामिनी ने रिक्की को चोदने के लिए मोनू और रिशू को अगले सन्डे बुलाने का फ़ैसला किया और बिस्तर पर लेट कर सो गयी.
 
उधर रात भर मोनू और रिशू ने मोनिका और रश्मि को चोद चोद कर दोनों की हालत ख़राब कर दी थी और सुबह उठ कर दोनों एक साथ मोनिका पर चढ़ गए. रिशू ने मोनिका की गांड में तो मोनू ने उसकी भुर में अपना लंड पेल दिया और उसे जोर जोर से चोदने लगे. रश्मि भी मोनिका की सिसकियो से जाग गई और हँसते हुए मोनिका की चुदाई देखने लगी.

तभी दरवाजे की घंटी बजी. ये घंटी मनीष ने बजाई थी जो अपनी बहन मोनिका को वापस लेने आया था. रश्मि ने जल्दी से एक गाउन पहना और जाकर दरवाजा खोला. मनीष ने रश्मि को किस करते हुए पुछा...

कहाँ है मोनिका? बहुत मिस किया ये ३ दिन मैंने उसे.

रश्मि ने उसे इशारे से अन्दर कमरे में जाने के लिए कहा और खुद बाथरूम की तरफ चली गयी. अन्दर का नज़ारा देख कर मनीष का लंड एक झटका खाकर ऐठ गया. उसने देखा की उसकी प्यारी बहन को मोनू और एक अनजान लड़का बेरहमी से चोद रहे है. मोनिका के मुह से रह रह कर सिसकिया निकल रही थी. मनीष ने जल्दी से अपने कपडे उतारे और जाकर अपना मोटा लंड मोनिका के मुह में ठूस दिया.

अब मोनिका का मुह पूरी तरह से बंद हो गया. मनीष ने मोनू से पुछा

मनीष: ये कौन है जो मेरी बहन की गांड मार रहा है.

मोनू: ये मेरा बेस्ट फ्रेंड है रिशू.

मनीष: हाय रिशू. जोर से मारो मेरी बहन की गांड.

रिशू: जरूर मनीष.ये लो

ये कह कर रिशू ने अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके में वापस मोनिका की गांड में पेल दिया. मोनिका को लगा जैसे उसकी गांड किसी ने गर्म चाकू से चीर दी हो. वो जोर से चीखना चाहती थी पर मुह में भाई का लंड होने की वजह से सिर्फ गू गू कर के रह गयी.
 
मोनू को पता था की मनीष मोनिका को आज वापस ले जायेगा तो वो इस चुदाई को यादगार बनाना चाहता था. उसने पोजीशन बदलते हुए मोनिका की एक टांग उठा कर अपने कंधे पर रख ली जिससे उसकी चूत थोड़ी और खुल गयी और एक जोर का झटका मार कर अपना लंड फिर से मोनिका की चूत में डाल दिया. उधर रिशू अब आगे आकर मोनिका के मुह में अपनी जीभ डाल कर किस करने लगा और मनीष के लंड ने रिशू के लंड की जगह ले ली और मोनिका की गांड में हलचल मचाने लगा.

करीब आधे घंटे बाद जब रश्मि वापस कमरे में आई तब तक उस तीनो ने मोनिका का कचूमर निकाल दिया था. बेड पर मोनिका बेसुध पड़ी थी और उसका बदन तीनो के वीर्य से लथपथ था और वो तीनो भी बेड पर पड़े हाफ रहे थे. रश्मि ने मोनिका को सहारा देकर उठाया और बाथरूम में ले जाकर शावर के नीचे खड़ा कर दिया. शावर का ठंडा पानी पड़ने से मोनिका की जान में जान आई.

वो रश्मि से बोली: सुबह सुबह तीनो ने मिलकर जान ही निकाल दी पर सच मजा भी बहुत आया. ये चुदाई तो जिंदगी भर नहीं भूलेगी. रश्मि बोली ठीक है तुम फ्रेश हो लो तब तक मैं नाश्ता बनाती हूँ. बहुत भूख लगी है.

रश्मि ने जब तक नाश्ता बनाया तब तक हम सब तैयार हो गए. फिर हम सबने साथ में नाश्ता किया और रिशू वापस अपने घर चल दिया. रश्मि ने उससे जाने से पहले वादा लिया की वो रिक्की को मौका मिलने पर भी अकेले नहीं चोदेगा. रिशू के जाने के बाद मनीष ने रश्मि को फिर से एक बार चोदा और थोड़ी देर आराम करके दोपहर के वो भी मोनिका को ले कर वापस चला गया.

इन दो तीन दिनों ने मुझे और दीदी को भी काफी थका दिया था तो हम लोग भी जाकर सो गए. रात को रिशू फिर से मेरे घर आ गया और बोला

रिशू: मम्मी ने बोला है की इसी सन्डे को हमें रिक्की को चोदना है. सुबह तुम मेरे घर आ जाना.

मैं ये सुन कर बहुत खुश हुआ और फिर हम दोनों ने मिल कर दीदी की चूत और गांड फिर से मारी. अगले दिन शाम को मम्मी पापा वापस आ गए और मैं और दीदी वापस अपने रूटीन पर आ गए. यानि दिन भर दीदी और रात में बीवी.
 
दो दिन बाद जब हम लोग डिनर कर रहे थे तो पापा ने मेरे सर पर एक बम फोड़ दिया. वो दीदी से बोले

पापा: रश्मि बेटा, शादी में हमें एक बहुत अच्छा लड़का मिला था. वो दिल्ली में नौकरी करता है पर वो लोग इसी शहर के रहने वाले है और हमें बहुत पसंद आये. अब मुझे और तुम्हारी मम्मी को लगता है की तुम्हारी शादी हो जानी चाहिए. बेटा अगर तुम्हारी नज़र में कोई लड़का हो तो हमें अभी बता दो वरना हम दोनों सन्डे को उनसे तुम्हारे रिश्ते की बात करने जायेंगे.

मुझे लगा की ये क्या हुआ. दीदी की शादी वो भी दिल्ली में. अभी तो लाइफ में मज़ा आना शुरू हुआ था अगर दीदी दिल्ली चली गयी तो मैं अपनी प्यारी दीदी की चूत कैसे मारूंगा. पर तभी मुझ पर दूसरा बम दीदी ने फोड़ दिया.

दीदी शरमाते हुए पापा से बोली: जी पापा वो आप मयंक को तो जानते ही है वो मेरी फ्रेंड टीना का बड़ा भाई.

पापा: हाँ हाँ. एक दो बार मिला हूँ उससे.

दीदी: जी वो मुझे बहुत पसंद करते है.

पापा: अच्छा और तुम बेटा.

दीदी: जी मैं भी उन्हें पसंद करती हूँ.

पापा: क्या कर रहा है मयंक आज कल. उसने तो शायद बी टेक किया था न.

दीदी: जी, उसके बाद उन्होंने mba भी किया है और आज कल बंगलोर में नौकरी कर रहे है.

पापा: ठीक है बेटा. जैसी तुम्हारी इच्छा. मयंक के पापा से मैं बात करूंगा.

मुझे लगा की दीदी ने मुझे इतना बड़ा धोखा दिया. दीदी का बोयफ्रेंड था और उन्होंने मुझे बताया भी नहीं. कहाँ तो मैं सोच रहा था की दीदी दिल्ली चली गयी तो मेरा क्या होगा पर वो तो बंगलौर जाने का प्लान बना कर बैठी थी. दिल्ली तो फिर भी पास था, साल में तीन चार बार तो हम मिल ही सकते थे पर बंगलौर जाने के लिए तो मेरे शहर से सीधी ट्रेन भी नहीं थी.

मैंने बड़े बेमन से खाना खाया और अपने कमरे में आ गया. थोड़ी देर बाद दीदी भी कमरे में आ गयी और दरवाजा बंद करके मेरे बगल में आकर लेट गयी पर मैंने गुस्से से करवट बदल ली.

रश्मि: अरे अब तुझे क्या हुआ.

मोनू: तुमसे क्या मतलब. तुम तो शादी करके बंगलौर जाओ.
 
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