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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

मैने छत पे पहुँचके डी को फोन लगाया

दो रिंग के बाद ही डी ने फोन उठा लिया

डी- यस बॉस

दिलीप- अच्छा सुनो तुम्हे पता है इस वक़्त मैं कहाँ हूँ

डी- आप कॉलेज में हैं

दिलीप- एक काम करो

[फिर मैने डी को क्या करना है वो बता दिया

और वेट करने लगा.ठीक 15 मिनिट बाद मैं प्रिन्सिपल मेडम के कॅबिन के बाहर खड़ा था

मैने अंदर जाके गेट लॉक किया.और प्रिन्सिपल मेडम के सामने वाली चेयर पे बैठ गया

वो मुझे घूर्ने लगी]....

दिलीप- ना आपने यह जान ने की कोशिश की कि.मैं उस लड़के को क्यूँ मारा

ना आपने यह समझने की कोशिश की कि वँया की कोई ग़लती नही थी,कमाल है मेडम इस शहर का सबसे बड़ा कॉलेज और रॅगिंग की कोई हद ही नही है

प्रिन्सिपल- लिसन हीरो बॉय अगर तुम्हारे साथ रॅगिंग हो रही थी तो तुम्हे मेरे पास आना चाहिए था,तुम यहाँ पढ़ने आए थे.किसी को हॉस्पिटल पहुँचाने नही

दिलीप- आपने हमारा फॉर्म देखा है

प्रिन्सिपल- मुझे पता है वो तुम्हारी वाइफ है

दिलीप- उस लड़के ने मुझसे कहा कि वो अब उसे किस करेगा

प्रिन्सिपल- एनी प्रूफ

दिलीप- आप जानती है मैं सच कह रहा हूँ

प्रिन्सिपल- इस कॉलेज के ट्रस्टी की बेटी ने यह कहा है कि तुमने उसके साथ मिस्बेहेव किया और जब विशेष ने तुम्हे रोकने की कोशिश की तो तुमने उसे हॉस्पिटल पहुँचा दिया

दिलीप- इसका मतलब अब कुछ नही हो सकता

प्रिन्सिपल- मेरे 3 काउंट करने तक अगर तुम यहाँ से नही गये तो मैं तुम्हे यकीन दिलाती हूँ,इस स्टेट के किसी भी कॉलेज में तुम्हे अड्मिशन नही मिल सकेगा

प्रिन्सिपल- 1 2 3

[और मेडम का फोन बजने लगा

 
मेडम ने फोन उठाया

जैसे जैसे वक़्त आगे बढ़ रहा था.वैसे वैसे मेडम का चेहरा पीला पड़ने लगा

और मेडम के हाथ से फोन छूट गया

दिलीप- आप कुछ कह रही थी

प्रिन्सिपल- प्लीज़ मेरी बेटी को कुछ मत करना

वो मेरी जान है प्लीज़

दिलीप- आप अपना काम कीजिए मैं अपना काम करूँगा

प्रिन्सिपल- क्या चाहते हो तुम

दिलीप- अपनी वाइफ के साथ यहाँ पढ़ना चाहता हूँ

प्रिन्सिपल- तुम जैसा चाहोगे वैसा ही होगा

[मैं कॅबिन से बाहर निकला और चल दिया अपनी एंजल के पास

[थोड़ी देर पहले छत पर

डी- आप यह चाहते है मैं प्रिन्सिपल के घर कुछ लड़कियो को भेजू और वो लड़किया प्रिन्सिपल की बेटी के कपड़े उतारके उसे बाँध दें फिर मैं प्रिन्सिपल को फोन करूँ.

दिलीप- यस

[जब डी ने प्रिन्सिपल मेडम को फोन किया

डी- मैं आपकी बेटी के रूम के बाहर खड़ा हूँ,अंदर रूम में 4 लड़कियो ने आपकी बेटी के कपड़े उतारके उसे एक चेयर पे बाँधा हुआ है

अगर आपने दिलीप सर और उनकी वाइफ को कॉलेज से निकाला तो अगले ही पल आपकी बेटी की इज़्ज़त को मैं रौंद डालूँगा

यकीन नही आरहा होगा

तो मैं फोन अंदर भेजता हूँ अपनी बेटी से बात कर लो

[फिर प्रिन्सिपल मेडम ने अपने बेटी से बात की जो काफ़ी रो रही थी

उसके बाद क्या हुआ यह तो आपको पता ही है

 
फिर प्रिन्सिपल मेडम ने अपने बेटी से बात की जो काफ़ी रो रही थी

उसके बाद क्या हुआ यह तो आपको पता ही है

मैने क्लास रूम में पहुँचके देखा वँया किसी लड़की से बात कर रही है,मैं जब वहाँ पे पहुँचा तो वो लड़की झट से खड़ी हो गयी और पीछे जाके बैठ गयी

मैं वँया के पास बैठ गया

वँया- कुछ बोलो मत पता है मुझे प्रिन्सिपल मेडम मान गई हैं

लेकिन कैसे यह बताओ

मैं--अरे वो लड़की जो विशेष के साथ थी.मैं उसके पास गया.और उसे सब बताया.तो वो मेरे साथ मेडम के पास गयी और बस,मेडम मान गई

[मेरी बात सुनके वँया कुछ देर तक मुझे देखी,और हँसने लगी

मेरा तो पोपट हो गया

लेकिन वँया को हंसते देखके सुकून मिला

फिर टीचर आई हम ने अपने आपको इंट्रोड्यूस किया

फिर टीचर आते गये जान पहचान बढ़ाते गये

रिसेस में मैं वँया को लेके कॅंटीन में आ गया

साला ऐसा लग रहा था,मैं कॉलेज का दादा हूँ,कोई भी लड़का मेरी तरफ देख ही नही रहा था

फिर हम समोसे खाने लगे

वँया- चलो दीदी को बताउन्गी आज फिर तुमने कुछ उपर नीचे किया है

[यह सुनते ही समोसा मेरे गले में अटक गया

और मैं खांसने लगा...

वँया जल्दी से मुझे पानी दी मैं पानी पीक वँया को गुस्से भरी नज़रो से देखने लगा

वँया- गुस्सा क्यूँ होते हो.मैं तो मज़ाक कर रही थी

 
दिलीप- घर चल तुझे बताता हूँ

[वँया शर्मा गयी

तभी मेरा फोन बजने लगा.फोन विदू का था

मैं फोन वँया को देके उसके सामने हाथ जोड़ने लगा,वो जैसा तैसा बहाना बनाके फोन रख दी

फिर हम क्लास में गये

एक तो मुझे यह समझ नही आरहा था,कि इस कॉलेज में सिर्फ़ फीमेल प्रोफेससेर्स हैं,हद हो गयी,कॉलेज ऑफ होने के बाद जैसे ही हम कॅंपस में पहुँचे वो लड़की मुझे दिखी विशेष के साथ जो थी

वँया का चेहरा देखके मैं समझ गया,वँया को गुस्सा आरहा था

फिर मैं बाइक पे बैठा वँया मेरे पीछे बैठी रास्ते में वँया चुप करके बैठी हुई थी

मैं बाइक रोक दिया.और वँया को देखने लगा

दिलीप- मैं तुमसे बात नही करूँगा

वँया- क्यूँ

दिलीप- क्यूँ यह तुम खुद से पूछो

अब सोचना बंद करो

और मुझसे पूरा सट करके बैठो

वरना मैं अश्लील हो जाउन्गा

[मेरी बात सुनके वँया झट से मेरे से चिपक गयी

उसके दोनो हाथ मेरे सीने पे थे.और उसकी दोनो चुचि मेरी पीठ में दबी हुई

कुछ देर बाद हम गाओं की सरहद पे पहुँच गये,वँया मुझसे थोड़ा दूर होके बैठ गयी

फिर हम घर पहुँचे

मेरी दोनो और दोनो मामी बातें कर रही थी

हम दोनो को देखके सब हमारे पास आ गई

सबसे पहले विदू मेरे चेहरे को निहारने लगी.और बड़ी मामी वँया के चेहरे को

तब तक एलीना हमारे लिए पानी ले आई

 
सबसे पहले विदू मेरे चेहरे को निहारने लगी.और बड़ी मामी वँया के चेहरे को

तब तक एलीना हमारे लिए पानी ले आई

हम दोनो ने पानी पीया

फिर मैं अपने रूम में आ गया

डी को फोन किया

डी- हेलो सर

दिलीप- पता लगाया

डी- जिस लड़के को आपने धोया.वो एक बिजनेसमेन का बेटा है

और वो लड़की उसकी गिर्ल्फ्रेंड और ट्रस्टी की बेटी है

दिलीप- बासी खबर है

डी- एक और न्यूज़ है लेकिन वो कल दूँगा

[और फोन कट हो गया

विदू मेरे लिए खाना लेके आ गई और साथ मे एलीना भी,दोनो अपने हाथो से मुझे खिलाने लगी

फिर एलीना प्लेट लेके चली गयी

दिलीप- खाना क्यूँ नही खाया अभी तक

विदू- कब का खा चुकी हूँ

[मैं विदू के गाल सहलाने लगा

दिलीप- आप मुझसे बहुत प्यार करती हैं

विदू- आपको नही पता

[मैं विदू को अपनी गोद में बिठाया.और उसके होंठो पे अपने होन्ट रखके चूसने लगा

विदू भी मेरा पूरा साथ देते हुए मेरे होंठ चूसने लगी.कुछ देर बाद मैं अपने होंठ विदू के होंठो से अलग किया

दिलीप- एक बार एलीना ठीक हो जाए फिर आपको बताउन्गा अपनी पति से दूर रहने का कितना मीठा फल मिलता है

विदू- धत्त बेशरम

दिलीप- हद है अपनी बीवी से कोड वर्ड में बात करने पे भी आदमी बेशरम कहलाता है

मैं बेशरम तब कहलाता.जब मैं आप से यह कहता.एक बार एलीना ठीक हो जाए

फिर आपकी चूत में अपना लंड डालके जो दिन भर चोदुन्गा[

विदू मेरे मुँह पे हाथ रख दी

विदू- आपको जो करना हो कीजिएगा लेकिन यह सब ना बोलिए

दिलीप- सॉरी मैं कुछ ज़्यादा ही बोल गया

विदू- मैं पूरी तरह से आपकी हूँ,मैं आपकी किसी बात पे गुस्सा नही हो सकती

दिलीप- मुझे पता है.और मैने जो कहा है वोही करूँगा

विदू- देखेंगे

दिलीप- अब ऐसे इतराएँगी तो कंट्रोल नही होगा

विदू- आप थकते नही हैं

दिलीप- यह तो आपने रोक रखा है,वरना मैं और थक जाउ

विदू- क्या करूँ मैं आपका

दिलीप- इतना खूबसूरत पति मिला है, जो चाहे करो

[यही सब बातें करते हुए शाम हो गयी

 
दिलीप- इतना खूबसूरत पति मिला है, जो चाहे करो

[यही सब बातें करते हुए शाम हो गयी

तभी वँया आके बोली सिमिता बुआ आई हैं

मैं और विदू वँया के साथ नीचे गये

सिमिता मासी के साथ प्रिया और प्रीति भी आई हुई थी

मैंने मौसी के पैर छुए

उन्हो ने कुछ नही कहा

यह तो कोई नयी बात नही थी

फिर मैं एलीना के साथ बैठ गया

जो एक साइड में बैठी थी

एलीना- तुमसे नाराज़ हैं

दिलीप- मुझे क्या पता और तुम उनके पास मत जाना

एलीना- नही जाउन्गी

वैसे दी के साथ तुम क्या बातें कर रहे थे

कही

दिलीप- रात में तुझे बताउन्गा

एलीना- पापा ने फोन किया था

दिलीप- अभी बता रही हो

एलीना- अभी तो किया था

दिलीप- क्या कह रहे थे

एलीना- 9 बजे फोन करेंगे

दिलीप- मेडिसिन खा रही हो ना

एलीना- यस

[हम दोनो बात कर रहे थे कि प्रीति हमारे पास आ गई

प्रीति- हाई मैं प्रीति हूँ

एलीना- एलीना

प्रीति- आप आइए ना हमारे साथ

[बताइए बड़े भाई की कोई रेस्पेक्ट नही,खैर मैं अपने रूम में आके लेट गया

थोड़ी देर बाद नींद आ गई

जब मुझे लगा कि कोई मुझे उठा रहा है तो मन किया उसे अपनी बाहो में ले लूँ,पर मुझे पता था लास्ट टाइम अरुणा ने मेरी कैसी धुलाई की थी तो मैं अपनी आँखें खोला,देखा वँया मुझे उठा रही है

मैं झट से वँया को अपनी बाहो में भर लिया

वँया मुझसे छूटने के लिए छटपटाने लगी

वँया- पापा बुला रहे हैं

[मैने वँया को छोड़ा और बेड से उतरके बाथरूम भागा फ्रेश होके बाहर निकला तो वँया मुझे देखके हँसने लगी

वँया- पहले तुम पिताजी से डरते थे.अब तुम पापा से

[मैं वँया के पास गया और उसकी कमर में चींटी काट लिया

वँया उच्छल पड़ी,यह पापा तो फोन करने वाले थे,फिर यहाँ कैसे आ गये,

दिलीप- पापा तो फोन करने वाले थे

वँया- मुझे क्या पता,वो दीदी के रूम में हैं

[खैर मैं गया विदू के रूम,लेकिन यह क्या गेट बंद है मतलब अंदर से
 
मैने जैसे ही गेट खोला पता चला आज मेरी बीवियो ने मेरी मारने का पूरा प्लान बनाई हुई थी,लेकिन हम भी कमॅंडो ठहरे पलक झपकते ही

वहाँ से हट गये,और सारा पानी फर्श पे फैल गया,लेकिन जब मेघा और सुनीता को देखा तो मुस्कुरा पड़ा

साथ में अवनी प्रिया और प्रीति भी थी

लेकिन हद तो तब हो गयी,जब मेघा और सुनीता मेरे सीने से लग गयी

मेघा- भैया मैने आपको बहुत मिस किया

सुनीता- और मैने तो इस से कहीं ज़्यादा आपको मिस किया

दिलीप- अच्छा ठीक है अब रोना बंद करो,और यह बताओ यह पानी वाला आइडिया किसका था

मेघा- एलीना भाभी का

[एलीना की आँखें हैरत से फैल गयी,मैने उसे आँखो से इशारा किया

दिलीप- और कौन आया है

मेघा- अरुणा दी जॉब में बिज़ी हैं,अवनी दी पापा और मम्मी नीचे हैं

दिलीप- आज कोई ख़ास दिन है क्या

वँया- शादी की 25थ आनिवर्सयरी है

दिलीप- किसकी शादी की

[वँया मुझे गुस्से से देखने लगी

विदू- मम्मी[वो क्या है विदू रूम में एंटर हुई और फिसल गयी

लेकिन इससे पहले वो गिरती मैने उसे पकड़ लिया

विदू- यह सब क्या है

मेघा- एलीना भाभी का आइडिया था

दिलीप- अब आपको भी गुस्सा आने लगा है

विदू- सॉरी

मेघा- सो रोमॅंटिक भैया

दी एक बार और डाँट ना

सुनीता- अब समझ में आया आज भी भैया आपको आप आप क्यूँ करते हैं

[बड़ी मामी आवाज़ देने लगी

हम सब नीचे गये,मैं छोटे मामा और छोटी मामी के पावं छुए

छोटे मामा मुझे उपर से नीचे तक देखने लगे

तभी पीछे से किसी ने मुझे आवाज़ दिया,मैने देखा किरण मौसी भी आई हैं

मैं खुशी से उच्छल पड़ा,और किरण मौसी के गले लग गया
 
मैं खुशी से उच्छल पड़ा,और किरण मौसी के गले लग गया

किरण मौसी को कुछ अजीब लगा

मैं पहली बार उनके गले लगा था,करुणा और काव्या नही आई थी,फिर हम सबने साथ में खाना खाया

मैं अपनी बहनो के साथ बैठके उनसे बातें करने लगा

मुझे बस इतनेज़ार था रात होने का मैं अपनी किरण मौसी से जी भरके बात करना चाहता था...

कुछ देर बाद सब सोने चले गये

मैं एलीना के रूम में गया,सबसे पहले मेडेसीने चेक किया,शूकर है एलीना मेडिसिन खा रही थी

फिर मैं उसे प्यार करने लगा,एलीना सो गयी,मैं शवर लिया,और कपड़े पहेन कर किरण मौसी के रूम में पहुँचा,किरण मौसी जाग रही थी,वो भी रात के 1 बजे,मुझे देखके वो उठके बैठ गयी,मैं उनके पास जाके बैठ गया

दिलीप- आप अभी तक जाग रही हैं

किरण मौसी- तेरा ही इंतेज़ार कर रही थी

दिलीप- क्या मतलब

किरण मौसी- मतलब मैं जानती थी की तू मुझसे मिलने ज़रूर आएगा

दिलीप- काव्या और करुणा नही आई

किरण मौसी- दोनो का एंट्रेन्स एग्ज़ॅम है

दिलीप- आप ठीक तो है ना

किरण मौसी- बिल्कुल

दिलीप- एक बात बताइए

सिमिता मासी मुझसे बात क्यूँ नही करती हैं

किरण मौसी- मुझे नही पता वो तो लगभग हम से भी बात नही करती

दिलीप- पर क्यूँ

किरण मौसी- यह तो वोही बता सकती हैं

[मैं किरण मौसी के गोद में सर रखके लेट गया

दिलीप- लगता है आप मुझसे प्यार नही करती

किरण मौसी- ऐसा क्यूँ बोल रहा है कामिनी काव्या और करुणा से ज़्यादा तुझसे प्यार करती हूँ

दिलीप- मैने आप से कहा था सफेद साड़ी मत पहेन ना लेकिन आप तो अभी भी

[मेरे इतना कहते ही किरण मौसी बेड से नीचे उतर गयी,और सीधा बाथरूम में चली गयी,शायद मैं कुछ ज़्यादा बोल गया,और वो दुखी हो गयी

लेकिन जब वो बाथरूम से बाहर निकली तो मैं उन्हे देखता रह गया
 
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