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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

दिलीप- बड़ी हँसी आरहि है,लेकिन मैं सीरीयस हूँ

विदू- जब हम तीनो में से कोई आपको शिकायत करे तब यह सब बोलिएगा

[मैने विदू का हाथ पकड़ा और उसे खींचके अपनी गोद में बिठा लिया

दिलीप- वैसे आपके यह बड़े होते जा रहे हैं

[विदू शर्मा गयी

विदू- आप ही ने तो किया है

दिलीप- मैने क्या किया

विदू- मेरी भोले पति देव जी आप इनकी जान निकाल देते हैं

दिलीप- क्या करूँ जब आपकी चुचियो को देखता हूँ,तो मन करता है एक दबाते हुए दूसरे को मुँह में लेके चुसू

विदू- चुप रहिए बेशरम

दिलीप- आपने अभी हमारी बेशर्मी देखी कहाँ हैं

जब हम बेशरम बनेंगे,तो आपके कोमल जिस्म एक कपड़ा भी नही रहेगा

हमेशा आप हमारी बाहो में बिना कपड़ो की होंगी

विदू- यह आपका ख्वाब ही रहेगा,क्यूंकी आप की दो और बीवियाँ हैं

दिलीप- उन्हे भी देख लूँगा

विदू- आप मेरी एक बात मानेंगे

दिलीप- ज़रूर मानूँगा

विदू- जब तक एलीना की तबीयत सही नही होती तब तक आप रात में

दिलीप- यह वँया की बच्ची बच्ची ही रहेगी

विदू- प्लीज़ गुस्सा मत कीजिए

दिलीप- ठीक है नही करता

लेकिन ऐसा मैं क्यूँ करूँ

विदू- बस ऐसे ही,

दिलीप- ठीक है

लेकिन मुझे भी कुछ चाहिए

विदू, क्या

दिलीप- जब माँगना होगा तब माँग लूँगा

[फिर गेट नॉक होने लगा.विदू एक झटके में मेरी गोद से हट गयी और जाके गेट खोली

सामने एलीना और वँया खड़ी थी

 
[फिर गेट नॉक होने लगा.विदू एक झटके में मेरी गोद से हट गयी और जाके गेट खोली

सामने एलीना और वँया खड़ी थी

एलीना- कितनी बेसब्री हैं आप

विदू- चुप कर ऐसा कुछ नही है

दिलीप- अंदर आओगी या वहीं पे खुसुर फुसुर करोगी

[दोनो अंदर आ गई

और मेरे पास बैठ गयी

वँया- आज तुमने हमे खुश किया है.हम भी तुम्हे कुछ देना चाहते हैं

दिलीप- मुझे जो चाहिए वो मैं ले लूँगा

एलीना- लेट जाओ

[मैं लेट गया बिना कोई सवाल किए.एलीना और वँया मेरे पैर दबाने लगी

दिलीप- यह सब करने की ज़रूरत नही है

[दोनो मुझे घूर्ने लगी मैं चुप रहने में ही अपनी भलाई समझा

थोड़ी देर बाद विदू मेरा सर दबाने लगी

1 घंटे तक तीनो ने मेरी जमके सेवा की

फिर तीनो रूम से बाहर चली गयी.मैं अपने पेपर्स ढूँडने लगा.लेकिन साला पेपर मिला ही नही.फिर मैं समझ गया कि यह वँया का काम है

एलीना को प्यार करके उसे अपनी बाहो में लेके सो गया

सुबह एलीना की आँख जब खुली तो उसकी आँखो से आँसू छलक गये.और वो मेरे माथे के चूम ली

जब मैं उठा तो रूम में कोई नही था

मैं फ्रेश होके अपने रूम में आया तो मेरा कपड़ा निकला हुआ था.कपड़े पहन कर नीचे गया.नाश्ता किया

कुछ देर तक बड़ी मामी मुझे समझाती रही.कि किसी से लड़ाई झगड़ा मत कीजिए.मैं हंसते हुए बोला कि आज सिर्फ़ अड्मिशन है.कॉलेज तीन दिन बाद जाउन्गा

वँया कार में जाके बैठ गयी.मैने अपनी बाइक निकाल.और वँया से कहा.तुम कार में आओ मैं बाइक पे जाता हूँ इतना कहा ही था.कि वँया मेरे पीछे बैठ गयी

पूरे 45 मिनिट बाद हम कॉलेज पहुँचे

वँया कॉलेज को देखके उच्छल पड़ी

शहेर का सबसे बड़ा कॉलेज था

फिर हम ने अपने डॉक्युमेंट्स जमा करवाए

हमारा अड्मिशन हो गया

वँया ने साइन्स लिया तो मैने भी साइन्स ले लिया

 
फिर हम ने कॉलेज अच्छे से देखा. और हम गाओं वापस आ गये.वँया बहुत खुश होके बड़ी मामी को कॉलेज के बारे में बता रही थी

मैं विनय से मिलने चला गया

वापस आके फिर मैने खाना खाया

एलीना मुझपे आज कुछ ज़्यादा ही प्यार लूटा रही थी

साला मैने कुछ ज़्यादा ही कर दिया

ऐसे ही दो दिन बीत गये

मतलब आज मैं और वँया कॉलेज जाने वाले थे....

सुबह मैं जब उठा तो एलीना मुझसे लिपट के सोई हुई थी,मैने उसके माथे पे किस किया और फ्रेश होके अपने रूम में पहुँचा,कपड़े पहेना जो बेड पे रखा हुआ था .वँया तूफान मैल बनके मेरे रूम में आके जल्दी गेट लॉक कर दी

और मेरा हाथ पकड़के मुझे बेड पे बिठा दी,और खुद नीचे फर्श पे बैठ गयी

दिलीप- नीचे क्यूँ बैठ गयी

वँया- तुमसे कुछ मांगू तो दोगे

दिलीप- दे दूँगा लेकिन मेरे पास बैठो

वँया- नही पहले मेरी बात सुनो

दिलीप- जल्दी बोलो

[वँया का यही बच्पना मुझे मजबूर कर देता है

वँया- आज हम कॉलेज जा रहे हैं

[मैं बिना कुछ बोले वँया के साथ फर्श पे बैठ गया

 
[मैं बिना कुछ बोले वँया के साथ फर्श पे बैठ गया

वँया एक बार मेरी आँखो में देखी

वँया- मैं चाहती हूँ कॉलेज में हम अपनी शादी के बारे में किसी को कुछ ना बताए

[वँया काफ़ी डर गई थी,और उसे डरना भी चाहिए

दिलीप- इतना अच्छा दिन खराब मत करो

वँया- मेरी बात सुनलो पहले

दिलीप- देखो मेरी जान सिर्फ़ तुम्हारे लिए कॉलेज जा रहा हूँ, जो चाहे माँग लो.लेकिन

[वँया मेरे सीने से लग गयी

वँया- एक बार मेरी बात सुन लो ना

[इतने प्यार से बोली मैं कुछ बोल ही नही पाया

और वो बोलने लगी

वँया- तुम मेरे दिलीप हो.अगर हम कॉलेज में यह बताएँगे.कि हम पति पत्नी है.तुम 18 साल के हो.गाओं में किसी ने उंगली नही उठाई,क्यूंकी सब पिताजी से डरते हैं

लेकिन कॉलेज में सब तरह तरह की बातें करेंगे सवाल करेंगे.अब हम अपनी जिंदगी की बातें किसी और को क्यूँ बताए

इससे अच्छा है कि हम यही कहे कि हम दोनो पड़ोस में रहते हैं

दिलीप- गर्लफ्रेंड भी कह सकता हूँ

वँया- ठीक है

लेकिन ऐसी वैसी हरकत मत करना

दिलीप- सोच लो कॉलेज का माहौल कुछ अलग होता है

अगर किसी ने कुछ भी उपर नीचे होने की कोशिश की .उसके जिस्म की एक एक हड्डिया तोड़ दूँगा

वँया- तोड़ देना

[फिर हम नीचे गये नाश्ता करने.वँया की बच्ची अपने आप को ज़्यादा स्मार्ट समझती है.मुझे पता था यह सब ज़रूर कहेगी.अब यह तो पक्का है.हम अपनी शादी के बारे में बताएँगे.तो सब हमे गँवार ही समझेंगे,अब मुझे कोई गँवार कहे वँया यह कैसे सह सकती है

कुछ देर बाद बड़े मामा मुझे समझाने लगे.क्या करना है.क्या नही करना है

और धमकी भी दे दी.अगर कुछ भी हंगामा किया तो जिंदगी भर बात नही करेंगे

[अब ऐसा डाइलॉग सुनके किसी की भी फॅट जाएगी

फिर आई एलीना और विदू.विदू एक ही बात कही शांत रहिएगा.और एलीना जो बात मेरे कान में कही मैं उसे मारने के लिए दौड़ने लगा.पर वो बड़ी मामी के पीछे छिप गयी.मैं जला भूना बाइक पे बैठा.और वँया मेरे पीछे बैठ गयी

मैं बिके चलाने लगा,कुछ देर बाद हम कॉलेज पहुँचे

 
जैसा मैने सोचा था.फ्रेशर की रॅगिंग हो रही थी.और कुछ ज़्यादा हाइ.लेकिन एक बात मुझे अच्छी लगी कि लड़की की रॅगिंग लड़की ले रही थी.और लड़के की रॅगिंग लड़के

पर यह मेरी भूल थी.एक साइड में कुछ ज़्यादा ही हो रहा था

लड़के लड़कियो की कमर पकड़ के उन्हे नचा रहे थे

और कुछ लड़के लड़कियो के सामने नाच रहे थे

कुछ बेचारे तो रो रहे थे.क्यूंकी उनके पास पढ़ाई के सिवा कुछ नही था.अगर वो कुछ कहेंगे तो पढ़ नही पाएँगे

शूकर है मुझे और वँया को किसीने नही देखा

लेकिन यह भी मेरी भूल थी

एक ग्रूप हमारे सामने आ गया

वँया मेरा हाथ अपने हाथ में पकड़ ली

एक लड़का आगे आया और वँया को उपर से नीचे तक देखने लगा

लड़का- अपना नाम तो बता

[मैने अपना नाम बता दिया

तभी एक और लड़का आगे आया

लड़का2- अरे भाई यह तो हीरो वाली टोन में बात कर रहा है

[एक लड़की जिसने ना के बराबर कपड़े पहने थे वो आगे आई

लड़की- ए सुनो मेरी संडले पे धूल लग गयी है. ज़रा सॉफ करदो

[मैने अपना रुमाल निकाला और घुटनो के बल बैठके उसकी सॅंडल सॉफ करने लगा

वँया की आँखो से दो बूँद आँसू छलक गये

लड़की- बस बस हो गया

[लड़का1 लड़का के कान में बोला.यह कुछ ज़्यादा ही स्मार्ट बन रहा है

लड़का मुस्कुराने लगा

और मुझे देखने लगा

लड़का- यह लड़की तेरी क्या लगती है

दिलीप- गर्लफ्रेंड है

लड़का- तो इसे किस कर

[मैने वँया के माथे को चूम लिया

लड़का- वाह तू तो सता सवित्रा निकला

अब हॅट मैं इसे किस करूँगा

[उस लड़के के जितने भी साथी थे हँसने लगे

यहाँ तक वो लड़की भी

दिलीप- एक बार फिर से कहना

लड़का- अब इसे मैं किस करूँगा

[मैं वँया की तरफ देखा जो आँसू बहाए जा रही थी

दिलीप- गुस्सा मत होना

[वँया ने अपनी गर्दन हल्के से हां में हिला दी

 
[मैं वँया की तरफ देखा जो आँसू बहाए जा रही थी

दिलीप- गुस्सा मत होना

[वँया ने अपनी गर्दन हल्के से हां में हिला दी

मैने उस लड़के की गर्दन को पकड़ा इससे पहले वो या उसके साथी कुछ कर पाते मैने उसकी गर्दन को एक हल्का सा झटका दिया

वो दर्द से चीख पड़ा.कॅंपस में खड़े एक एक स्टूडेंट की नज़र उस लड़के पे थी जो ज़मीन पे बैठके चीख रहा था

उसका जो साथी था

लड़का1- यह तुमने विशेष भाई के साथ क्या किया

[वो लड़की कुछ बोलती उससे पहले ही मैने उसे घुरके देखा.वो वहाँ से चली गयी]...

मैने वँया का हाथ पकड़ा और आगे बढ़ गया

थोड़ी देर बाद हम क्लास रूम में बैठे थे

वँया गुम्सुम दिख रही थी

दिलीप- अब ऐसी शकल तो मत बनाओ

इतना अच्छा दिन है

[पता नही क्या सोच कर मैने यह बोला था.पर मेरी बात सुनके वँया मुझे अजीब नज़रो से देखने लगी

दिलीप- कुछ तो बोलो क्या मैने ग़लत किया है

[मेरे इतना बोलते ही वँया मेरे गले लग गयी

वँया- मेरी वजह से तुमने ऐसा किया.फिर भी उदास हूँ

दिलीप- अगर कोई लड़की तुमसे कहे कि वो मुझे किस करेगी.तो तुम क्या करती

वँया- उसका मुँह नोच लूँगी

[मेरी जान में जान आई.की वँया अब नॉर्मल हो गयी थी,हम दोनो अपने प्यार में मगन थे कि एक लड़की जो मेरी ही उम्र की थी,हमारे पास आ गई

मैं उसकी तरफ देखा

वो काफ़ी डरी हुई थी

लड़की- प्रिन्सिपल मेडम ने आपको अपने कॅबिन में बुलाया है

आप दोनो को

[मैने वँया का हाथ पकड़ा और चल दिया उस लड़की के पीछे

कुछ देर बाद हम प्रिन्सिपल ऑफीस के बाहर खड़े थे

लड़की- आप दोनो अंदर जाओ

[हम दोनो अंदर गये

प्रिन्सिपल ने मुझे एक बार घुरके देखा.और मुझे बैठने का इशारा की,हम दोनो बैठ गये

वँया का डर के मारे बुरा हाल था

 
तभी प्रिन्सिपल ने हमे एक काग़ज़ दिया.मैने वो काग़ज़ ले लिया

जब मैं वो काग़ज़ पढ़ा तो मैं प्रिन्सिपल मेडम को घूर्ने लगा

प्रिन्सिपल- अब तुम दोनो को कॉलेज आने की कोई ज़रूरत नही है

यू कॅन गो नाउ

[यह सुनके वँया के हाथ से काग़ज़ छूट गया.मैने वँया का कंधा पकड़के उठाया और उसे कॅबिन से बाहर लाया,कॅबिन से बाहर निकलते ही वँया रोने लगी

वँया का रोना सुनके मेरी आँखें गुस्से से लाल हो गयी

मैने वँया का हाथ पकड़ा और उसे क्लास रूम में ले जाके बिठा दिया

जैसे तैसे करके वँया चुप हुई

वँया- अब क्या होगा.काश मैं तुम्हारे साथ कॉलेज ही ना आती.कम से कम तुम्हे तो कॉलेज से नही निकाला जाता

[मैं अपना माथा पीट लिया.मैं जो पहले ही अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका हूँ.उसके बारे में इतना सोच रही है

और अपने लिए कोई दुख ही नही है

दिलीप- अच्छा सुनो मैं कुछ देर में आता हूँ

वँया- कहाँ जा रहे हो

दिलीप- प्रिन्सिपल मेडम को मनाने जा रहा हूँ

वँया- कुछ ग़लत मत करना प्लीज़ हम किसी और कॉलेज में अड्मिशन ले लेंगे

[मैं अपनी गर्दन हां में हिला दिया

और पहुँचा कॉलेज की छत पे

मेरे जाने के बाद एक लड़की वँया के पास आके बैठ गयी.जो हमारे पीछे बैठी हुई थी

लड़की- हाई मैं रिया हूँ

वँया- वँया

रिया- हां तो वँया तुम्हारा बाय्फ्रेंड सूपरमन तो है नही.फिर तुम क्यूँ कह रही थी कुछ ग़लत मत करना

वँया- दूसरो की बातें सुनना ग़लत बात होती है

रिया- अब मैं क्या करूँ.तुम्हारा बाय्फ्रेंड इतने अच्छे से तुम्हे चुप करा रहा था.कि हम सब ने तुम्हारी बातें सुन ही ली

वँया- हम सबने

रिया- मेडम यह क्लासरूम है अपने चारो तरफ देखो

[वँया जब चारो तरफ देखी तो पता चला ज़्यादातर स्टूडेंट उसे ही घूर रहे थे

लेकिन उन सब में कोई लड़का बिल्कुल भी नही था

 
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