मैं खुशी से उच्छल पड़ा,और किरण मौसी के गले लग गया
किरण मौसी को कुछ अजीब लगा
मैं पहली बार उनके गले लगा था,करुणा और काव्या नही आई थी,फिर हम सबने साथ में खाना खाया
मैं अपनी बहनो के साथ बैठके उनसे बातें करने लगा
मुझे बस इतनेज़ार था रात होने का मैं अपनी किरण मौसी से जी भरके बात करना चाहता था...
कुछ देर बाद सब सोने चले गये
मैं एलीना के रूम में गया,सबसे पहले मेडेसीने चेक किया,शूकर है एलीना मेडिसिन खा रही थी
फिर मैं उसे प्यार करने लगा,एलीना सो गयी,मैं शवर लिया,और कपड़े पहेन कर किरण मौसी के रूम में पहुँचा,किरण मौसी जाग रही थी,वो भी रात के 1 बजे,मुझे देखके वो उठके बैठ गयी,मैं उनके पास जाके बैठ गया
दिलीप- आप अभी तक जाग रही हैं
किरण मौसी- तेरा ही इंतेज़ार कर रही थी
दिलीप- क्या मतलब
किरण मौसी- मतलब मैं जानती थी की तू मुझसे मिलने ज़रूर आएगा
दिलीप- काव्या और करुणा नही आई
किरण मौसी- दोनो का एंट्रेन्स एग्ज़ॅम है
दिलीप- आप ठीक तो है ना
किरण मौसी- बिल्कुल
दिलीप- एक बात बताइए
सिमिता मासी मुझसे बात क्यूँ नही करती हैं
किरण मौसी- मुझे नही पता वो तो लगभग हम से भी बात नही करती
दिलीप- पर क्यूँ
किरण मौसी- यह तो वोही बता सकती हैं
[मैं किरण मौसी के गोद में सर रखके लेट गया
दिलीप- लगता है आप मुझसे प्यार नही करती
किरण मौसी- ऐसा क्यूँ बोल रहा है कामिनी काव्या और करुणा से ज़्यादा तुझसे प्यार करती हूँ
दिलीप- मैने आप से कहा था सफेद साड़ी मत पहेन ना लेकिन आप तो अभी भी
[मेरे इतना कहते ही किरण मौसी बेड से नीचे उतर गयी,और सीधा बाथरूम में चली गयी,शायद मैं कुछ ज़्यादा बोल गया,और वो दुखी हो गयी
लेकिन जब वो बाथरूम से बाहर निकली तो मैं उन्हे देखता रह गया