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Guest
दिलीप- इतना क्यूँ रो रही हो मेरे इस तस्वीर को देखने से कोई भूचाल थोड़े ही आजाएगा
[अरुणा कुछ कहती उससे पहले ही मैं उस तस्वीर को घुमा दिया
तस्वीर पे नज़र पड़ते ही मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया
मैं कभी तस्वीर को देखता
और कभी रोटी हुई अरुणा को
मैं अरुणा का कंधा पकड़ा
दिलीप- यह क्या है
[मैं चीख पड़ा
[अरुणा घुटनो के बल बैठके अपने दोनो हाथो से अपना मुँह छिपा के रोने लगी
मैं भी अरुणा के पास बैठ गया
और उसके दोनो हाथ पकड़के उसके चेहरे से हटाया
दिलीप- यह सब क्या है
अरुणा- क्या होगा तुम्हारी तस्वीर है
कह रही थी मत देखो
अब पता चल ही गया है तो भी क्या फरक़ पड़ेगा
प्लीज़ चले जाओ मुझे अकेला छोड़ दो
दिलीप- यह सब कब हुआ
अरुणा- मुझे किसी से भी इस बारे में बात नही करनी है
आप की कल शादी है
आप उसपे ध्यान दीजिए
और जाके सो जाइए
दिलीप- तुम्हे लगता है कि मुझे नींद आएगी
यह जानते हुए भी कि तुम मुझसे प्यार करती हो
मुझे सिर्फ़ इतना बताओ कि यह सब कब हुआ
अरुणा- [रोते हुए] मुझे खुद नही पता कि मैं कब तुमसे प्यार करने लगी
दिलीप- बताई क्यूँ नही
अरुणा- बता के भी क्या करती
जब तक एहसास हुआ कि तुम्हारे बिना जी नही सकती
तब तक तुम्हारी शादी तय हो चुकी थी...
[मैं बस अरुणा को सिसकते हुए देखता रहा
मुझे यह समझ नही आरहा था कि अब मैं क्या करूँ
सब कुछ हो चुका है
मेरी तीन शादी हो रही है
और अब अरुणा ......................
[अरुणा कुछ कहती उससे पहले ही मैं उस तस्वीर को घुमा दिया
तस्वीर पे नज़र पड़ते ही मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया
मैं कभी तस्वीर को देखता
और कभी रोटी हुई अरुणा को
मैं अरुणा का कंधा पकड़ा
दिलीप- यह क्या है
[मैं चीख पड़ा
[अरुणा घुटनो के बल बैठके अपने दोनो हाथो से अपना मुँह छिपा के रोने लगी
मैं भी अरुणा के पास बैठ गया
और उसके दोनो हाथ पकड़के उसके चेहरे से हटाया
दिलीप- यह सब क्या है
अरुणा- क्या होगा तुम्हारी तस्वीर है
कह रही थी मत देखो
अब पता चल ही गया है तो भी क्या फरक़ पड़ेगा
प्लीज़ चले जाओ मुझे अकेला छोड़ दो
दिलीप- यह सब कब हुआ
अरुणा- मुझे किसी से भी इस बारे में बात नही करनी है
आप की कल शादी है
आप उसपे ध्यान दीजिए
और जाके सो जाइए
दिलीप- तुम्हे लगता है कि मुझे नींद आएगी
यह जानते हुए भी कि तुम मुझसे प्यार करती हो
मुझे सिर्फ़ इतना बताओ कि यह सब कब हुआ
अरुणा- [रोते हुए] मुझे खुद नही पता कि मैं कब तुमसे प्यार करने लगी
दिलीप- बताई क्यूँ नही
अरुणा- बता के भी क्या करती
जब तक एहसास हुआ कि तुम्हारे बिना जी नही सकती
तब तक तुम्हारी शादी तय हो चुकी थी...
[मैं बस अरुणा को सिसकते हुए देखता रहा
मुझे यह समझ नही आरहा था कि अब मैं क्या करूँ
सब कुछ हो चुका है
मेरी तीन शादी हो रही है
और अब अरुणा ......................