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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
मैं वँया को अपनी बाहो में भर लिया
और उसके होंठो को बड़े प्यार से चूसने लगा
वँया मेरे गाल सहला रही थी
तभी गेट खुला और हम दोनो अलग हुए
विदू हमारे पास आके हम दोनो के चेहरे को ध्यान से देखने लगी
वँया तो शरम से डूब गयी
दिलीप- ऐसे क्यूँ देख रही हैं
विदू- आप को देख रही हूँ
वानु तुझे पिताजी कल लंडन भेज रहे हैं
[मुझे तो कुछ नही हुआ लेकिन वँया बेहोश होते होते बची
दिलीप- मेरे पापा कल मुझे इटली ले जा रहे हैं
[अब बेहोश विदू होने वाली थी
[लेकिन मैं उन्हे अपने पास बिठा लिया
वँया की शकल रोने जैसी हो गयी थी
विदू का भी यही हाल था
विदू को मैं अपनी दूसरी साइड बिठा लिया
वँया- क्या तुम सच कह रहे हो
दिलीप- हाँ पापा ने कहा है की मेरी आप दोनो से शादी होने के बाद हम हनिमून पे जाएँगे
[मेरी बात सुनके दोनो शरमा गयी
विदू तो कुछ नही की
लेकिन वँया मेरे पेट में मुक्का मार दी
फिर मुझे डिसचार्ज कर दिया गया
हम सब गाओं वापस आ गये
मुझे मेरे रूम में ले जाया गया
मैं बड़े मामा से कहा कि मुझे बड़ी नानी से मिलना है तो वो कहने लगे कि पूरी तरह से ठीक हो जाओ
मैं बेड पे लेटे हुए अपनी दोनो लाइफ के बारे में सोचने लगा
एक गाओं की लाइफ
और एक कमॅंडो की
आज मेरे पास सब कुछ है
जल्द ही मेरी शादी होगी
विदू कितना बदल गयी है
क्मासी के लिए मैं कुछ सोच रहा था
ऐसे ही एक हफ़्ता बीत गया
इस बीच विदू और वँया मुझसे दिन में तीन बार ही मिलने आती
जैसे मैं रोज तीन वक़्त खाना ख़ाता
वैसे ही मैं रोज तीन वक़्त अपने प्यार का दीदार करता
अब मैं कुछ हद तक ठीक हो गया था
मेरे रूम में बड़े मामा आ गये
मैं उठके बैठ गया
वो भी मेरे पास आके बैठ गये
बड़े मामा- हम तुम्हे एक सच बताना चाहते हैं
जब हम ने तुम्हे कहा था कि अब हम चाहते हैं कि तुम हमारे साथ रहो
वो कोई इत्तेफ़ाक नही था
सच यह है कि हम जान गये थे कि वँया तुमसे प्रेम करती है
इसी लिए हम तुम्हे इस घर में लेके आए
ताकि जब तुम्हारी मेमोरी वापस आए तो तुम हमारी पूरी बात सुनो
देखो ना कितनी अजीब बात है
जिस सूरज से हम नफ़रत करते थे
उसी सूरज का बेटा हुमारा दामाद बन ने जा रहा है
तुम हमे बहुत कठोर समझते होगे
लेकिन बात जब बेटी की हो
तो दिमाग़ काम करना बंद कर देता है
एक वादा करो हम से
हमारी विद्या और वँया का हमेशा ख्याल रक्खोगे
दिलीप- जी मैं हमेशा उनका ख्याल रखूँगा
बड़े मामा- तुम कुछ माँगना चाहते हो हम से
शादी का तोहफा
[यार डर बहुत लग रहा है लेकिन बोलना तो है
खुश रहने का हक़ हर एक को है
[मैं लंबी साँस लिया]
दिलीप- मैं पापा की शादी किरण मासी से करवाना चाहता हूँ
[बड़े मामा मुझे ऐसे देखे जैसे मैं उनकी जान माँग लिया हूँ
बड़े मामा- हम से क्यूँ पूछ रहे हो
हमारी बेटियाँ जब अपना वर चुन सकती हैं
तो किरण को भी हक़ है
अगर किरण राजवीर से शादी करना चाहती हैं
तो हमे क्या परेशानी हो सकती है
लेकिन पहले तुम्हारी शादी होगी
और हां हम तुम्हारी शादी में नही आएँगे
दिलीप- क्यूँ मतलब कन्यादान कौन करेगा
बड़े मामा- हमारी विद्या बहुत बड़ी हो गयी है
बहुत बड़ी बाते'इन करने लगी है
दिलीप- आप क्या कह रहे हैं
और बड़ी नानी कहाँ हैं
[बड़े मामा बिना कुछ बोले मेरे रूम से चले गये
मैं भी उठके खड़ा हुआ और पहुँचा विदू के रूम पे...
बड़े मामा बिना कुछ बोले मेरे रूम से चले गये
मैं भी उठके खड़ा हुआ और पहुँचा विदू के रूम पे
गेट नॉक किया
विदू गेट खोलके मुझे देखने लगी
मैं अंदर गया गेट लॉक किया
और विदू का हाथ पकड़के अपने साथ बिठा लिया
दिलीप- बड़े मामा आप से नाराज़ क्यूँ हैं
विदू- पता नही
दिलीप- विदू प्लीज़
विदू- वो नही चाहते कि आप की शादी एलीना से भी हो
[मुझे जोरदार झटका लगा
दिलीप- मैं कब कहा कि मैं एलीना से शादी करूँगा
विदू- उसकी वजह से आप ठीक हुए हैं
दिलीप- तो क्या उससे शादी कर लून
पता है प्यार के बिना जिंदगी आसान होती है
लेकिन आप किसी से प्यार करे और वो आप को इग्नोर करे
विदू- आप ऐसा नही करेंगे
पता है एलीना को आप से कब प्यार हुआ था
जिस दिन आपके पापा एलीना की माँ से कहे थे कि मेरे बेटे शक्ति की शादी आपकी बेटी एलीना से होगी
उस दिन एलीना यह सुन ली थी
और आप से प्यार करने लगी
वो जानती थी कि आप उसके कभी नही होंगे
फिर भी वो आपका इलाज की आपको ठीक की
क्या आपका फ़र्ज़ नही बनता कि आप भी उसे वो हर खुशी दे
जिसकी वो हक़दार है
दिलीप- और बड़े मामा जो नाराज़ हैं उसका क्या
विदू- मैं भी उनकी बेटी हूँ
उन्हे मना लूँगी
दिलीप- क्या किस्मत है मेरी
बड़ी मामी अपनी सौतन से बात तक नही करती है
और एक आप हैं जो अपने होने वाले पति की तीन शादी करवाना चाहती हैं
विदू- अगर मैं आपकी शादी नही करवाउन्गी
तो आप मेरे पीछे ही पड़े रहेंगे
दिलीप- बहुत मस्ती सूझ रही है
विदू- आप मस्ती नही करते हैं दूसरी लड़कियो के साथ
दिलीप- मुझे माफ़ कर दीजिए
विदू- क्यूँ
दिलीप- आप से शादी जो करने जा रहा हूँ
[और मैं हँसने लगा
विदू मेरे गले लग गयी
मैं विदू को अपनी गोद में उठाके बेड पे लेटा दिया
विदू का चेहरा उनकी ज़ुल्फो से ढक गया था
मैं चेहरे से उनकी ज़ुल्फो को हटाया
और उनके चेहरे को निहारने लगा
विदू का चेहरा शरम से लाल हो गया था
उसके गुलाबी होंठ काँप रहे थे
मैं अपने होंठ विदू की गर्दन पे रखके उसकी गर्दन चूमने लगा
तभी गेट नॉक होने लगा
मैं विदू के उपर से उठ गया और बेड के नीचे छिप गया
विदू जाके गेट खोली
सामने वँया खड़ी थी
वँया विदू को अपने साथ ले गयी
मैं छिप्ते हुए विदू के रूम से निकला
और बड़ी नानी के रूम में गया
बड़ी नानी रूम में नही थी
मैं बड़ी मामी के पास पहुँचा जो किचन में थी
बड़ी मामी- क्या हुआ दिलीप
इतने घबराए हुए क्यूँ हो
दिलीप- बड़ी नानी कहाँ हैं
मंदिर गयी हैं तुम भी ना
दिलीप- बड़ी नानी ठीक हो गयी
बड़ी मामी- तुम जब ठीक हो गये तो मैं उन्हे बता दी कि तुम ठीक हो गये हो
और उनकी आदत है कि जब तुम्हारी तबीयत ठीक होती है तो वो भी ठीक हो जाती हैं
दिलीप- आप मज़ाक तो नही कर रही हैं
बड़ी मामी- मैं अपने प्यारे दामाज जी से झूठ कभी बोल सकती हूँ
[मैं जैसे ही किचन से बाहर निकला किसी से टकरा गया
यह कोई और नही वँया थी
वँया- अपने रूम में रहने की बजाए यहाँ क्या कर रहे हो
[पीछे से बड़ी मामी और छोटी मामी के हँसने की आवाज़ आने लगी
दिलीप- तुम्हे ही ढूँढ रहा था
वँया- क्यूँ
दिलीप- चलो बताता हूँ
[और मैं वँया का हाथ पकड़ लिया
टीवी देख रही मेघा और सुनीता हमे देखके हँसने लगी
वँया भी शर्मा रही थी
मैं अपने रूम में पहुँचा
वँया- अब बोलो क्या है
दिलीप- एक किस दो ना
वँया- माँ के सामने मेरा हाथ पकड़के मुझे कमरे में लाके
कितने बेशरम हो गये हो
दिलीप- अपनी वँया को एक किस भी नही कर सकता
क्या मैं इतना बुरा हूँ
[वँया मुझे किस करने लगी
मैं भी वँया के प्यारे होंठो को चूसने लगा
जब हमारे होन्ट अलग हुए
तो वँया शर्मा गयी...
वँया मुझे किस करने लगी
मैं भी वँया के प्यारे होंठो को चूसने लगा
जब हमारे होन्ट अलग हुए
तो वँया शर्मा गयी...
मैं भी वँया के प्यारे होंठो को चूसने लगा
जब हमारे होंठ अलग हुए
तो वँया शरमा गयी
मैं वँया के दोनो हाथ को अपने हाथ में थाम लिया
वँया अपना सिर नीचे किए हुई थी
दिलीप- खुश तो हो ना हमारे शादी होने जा रही है
[वँया अपनी गर्दन हाँ में हिला दी
दिलीप- वैसे मैं दो लड़कियो से प्यार करता हूँ
और दोनो को कोई ऐतराज़ नही है
क्या मैं जान सकता हूँ ऐसा क्यूँ
वँया- क्यूंकी तुम बहुत अच्छे हो
एक बात बताओ क्या तुम एलीना से भी प्यार
[वँया चुप हो गयी
दिलीप- मैं एलीना से प्यार नही करता हूँ
वँया- 1 हफ्ते का वक़्त है तुम्हारे पास
प्लीज़ एलीना को अपना लो
दिलीप- 1 हफ़्ता क्यूँ
वँया- हमारी शादी है
दिलीप- सच में
[वँया शरमा गयी
तभी कोई गेट नॉक करने लगा
वँया सकपका गयी और मुझे धक्का दे दी
मैं जल्दी से बेड पे जाके लेट गया वँया समझ गयी
वँया गेट खोली
मैं सही सोचा सामने विदू खड़ी थी
विदू अपने हाथ बँधके कभी वँया को देखती कभी मुझे
विदू- चल बाहर इनकी तीसरी इनसे मिलने आई है
[और विदू वँया को लेके बाहर चली गयी
थोड़ी देर बाद एलीना अंदर आई मैं बेड पे बैठ गया
एलीना वही गेट पे खड़ी थी
दिलीप- एलीना तुम कब से फॉरमॅलिटी दिखाने लगी
[मेरी बात सुनके एलीना मेरे पास आ गई
मैं उसको बैठने को बोला वो बैठ गयी
दिलीप- कुछ कहना चाहती हो
एलीना- मैं बस यह पूछना चाहती हूँ कि क्या तुम मुझसे अपनी मर्ज़ी से शादी करना चाहते हो
दिलीप- क्यूँ तुम नही करना चाहती
और वैसे भी तकलीफ़ तो तुम्हे होगी
क्यूंकी मेरी तीसरी शादी तुमसे होगी
शायद ताने सुनने पड़े खुद को छोटा महसूस करो
इतनी बड़ी डॉक्टर होके थर्ड वाइफ
और वैसे भी मैं हमेशा गाओं में ही रहूँगा
एलीना- तुम्हे ऐसा लगता है कि मैं ऐसी बातो पे ध्यान दूँगी
मेरी इज़्ज़त मान सम्मान सब तुमसे है
तुम्हारी नज़र में मैं अगर तुम्हरती बीवी हूँ
तो फिर मेरे लिए कोई भी चीज़ मायने नही रखती
[एलीना की ऐसी महान बातें सुनके मन किया कि उसे गले लगा लूँ
लेकिन थोड़ी जल्दबाज़ी होती
दिलीप- मेरे दिल में तुम्हारी जगह है
लेकिन पहले ही बता दूं
तुमसे प्यार नही करता
एलीना- मैं तुमसे प्यार करती हूँ यही मेरे लिए बहुत है
[और एलीना आगे बढ़के मेरे गाल चूम ली
एलीना- बेस्ट ऑफ लक
[और एलीना बाहर चली गयी
थोड़ी देर बाद मैं बड़ी नानी के रूम में गया
बड़ी नानी बेड पे लेटी हुई थी
मैं उनके पैरो के पास बैठ गया
दिलीप- इतने दिन हो गये मैं आप से मिलने नही आया
शायद मैं आपको अब पहले वाला दिलीप नही लगता
[बड़ी नानी उठके बैठ गयी
और मेरे सिर पे हाथ फेरी
बड़ी नानी- तुझसे नाराज़ नही हूँ दिल तो तेरा दिलीप का ही है
बस अब थक गयी हूँ दुनियादारी से
अब बस आराम करना चाहती हूँ
मेरा आशीर्वाद हमेशा तेरे साथ है
हमेशा खुश रहना
और अब ऐसा कुछ मत करना कि किसी को कुछ खोना पड़े
[बड़ी नानी की बात मैं समझ गया था
कोई मुझे गिल्टी समझे या ना समझे मेरा भाई मेरी ही वजह से इस दुनिया में नही है
बड़ी नानी दिलीप से बहुत प्यार करती थी
भले ही मेरा पूरा परिवार मुझे अब दिलीप मानता हो
लेकिन बड़ी नानी के लिए मैं दिलीप नही हूँ
पता ही नही चला कब मेरी आँखो से आँसू बहने लगे
गला भर आया था
बड़ी नानी की हालत देखके
मैं विदू के कमरे में चला गया
लेकिन विदू कमरे में नही थी
फिर मैं वँया के रूम में गया
वँया कुछ लिख रही थी
मैं वँया के पास गया
वँया मुझे देखते ही मेरे गले लग गयी...
फिर मैं वँया के रूम में गया
वँया कुछ लिख रही थी
मैं वँया के पास गया
वँया मुझे देखते ही मेरे गले लग गयी
मैं वँया के गले लगते ही रोने लगा
वँया मुझे अपने सीने से लगाए मुझे चुप करने की कोशिश कर रही थी
लेकिन मैं चुप ही नही हो रहा था
वँया- क्यूँ रो रहे हो इतना क्या बात है
चुप हो जाओ प्लीज़
दिलीप- क्या तुम भी मुझे दिलीप की मौत का ज़िम्मेदार मानती हो
वँया- मेरे लिए तो मेरे दिलीप तुम ही हो
दिलीप- मैं जानता हूँ कि मैं बहुत बुरा हूँ
पता है विदू मुझसे बहुत प्यार करती है
लेकिन मैं उसके प्यार के लायक नही हूँ
और ना ही तुम्हारे प्यार के
कितनी लड़की कितनी औरतो के साथ मैं सो चुका हूँ
फिर भी मैं यह कहता हूँ
मैं सिर्फ़ विदू से और तुमसे प्यार करता हूँ
और अब एलीना
वँया- मुझे फ़र्क़ नही पड़ता कि तुमने क्या किया
मैं बस इतना जानती हूँ कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ
और यही मेरे लिए काफ़ी है
तुम रोना बंद करो
बच्चे भी तुमसे कम रोते हैं
दिलीप- क्या करूँ दिल तो उसका है जिसे कभी प्यार ना मिला
वँया- लेकिन अब तो मिल रहा है ना
[आज पहली बार वँया की गोद में आँखें बंद हो रही थी
मैं सो रहा था
जब मेरी आँख खुली तो मैं अकेला था
फ्रेश होके नीचे गया
मेरी सब बहने मेरे पास आ गई
और मुझे कार्ड दिखाने लगी
मुझे पता था कि बड़े मामा को क्या झेलना पड़ रहा है
शादी का कार्ड
दूल्हा एक दुल्हन तीन
कुछ कार्ड लेके मैं गाओं में आके घूमने लगा
जो भी मिल रहा था मुझे नमस्ते कर रहा था
मैं विनय के घर पहुँचा
घर पे विनय और उसकी मा थी
विनय मुझे देखके भाग के मेरे पास आया और मेरे गले लग गया
विनय- कैसे हो भैया
दिलीप- ठीक हूँ तू कैसा है
विनय- मैं ठीक हूँ
आपको पता है दीदी माँ बन ने वाली है
दिलीप- अच्छा
यह ले मेरी शादी का कार्ड
विनय- पूरे गाओं को पता है कि आप की तीन शादी हो रही है
कुछ लोग बातें भी बना रहे हैं
लेकिन कुछ लोग खुश भी हैं
दिलीप- हाँ किसी की एक नही होती मेरी तीन हो रही है
बातें तो बनेंगी ही
[फिर मैं माँ जी को नमस्ते किया और बाहर आ गया पता चला कि बिम्ला अपने भाई के घर गयी है
फिर मैं रीना मेडम के घर गया
घर पे उनके पति मिले
फिर रीमा मेडम भी आ गई
मैं उन्हे भी कार्ड दिया
फिर मैं रवि के घर जाके उसको कार्ड दिया
उसके बाद मैं लखन के पास गया
अखाड़े में
लखन कुश्ती लड़ रहा था
मन तो नही था लेकिन लखन के साथ दो दो हाथ करना ही पड़ा
10 मिनिट की कुश्ती में लखन मुझे पछाड नही पाया
सब हैरान थे
मेरी नज़र सरपंच जी और उसकी बेटी पे पड़ी
मैं सरपंच को नमस्ते किया
सरपंच की बेटी मुझसे कुछ कहना चाहती थी
तो मैं उसे इशारा किया अपने साथ चलने का
सरपंच की बेटी- तुम से माफी माँगना चाहती हूँ
उस दिन के लिए
देख लो 2 महीने से ज़्यादा बीत गये हैं किसी लड़के के बारे में सोची तक नही
दिलीप- अच्छा है अपने पिता से कहो कि तुम्हारी शादी कर दे
शादी से पहले तुम क्या थी उसे ज़रूर बता देना
[और मैं आगे बढ़ गया
पता नही सरपंच की बेटी वोही पे बैठी क्या सोच रही थी
सरपंच की बेटी- तुमने मेरी रूह पे ऐसा तमाचा मारा था
मैं जो रंडी से भी बढ़के थी वो तुम्हारे प्यार में पागल हो गयी
आज मैं समझ गयी कि सेक्स करने से ज़्यादा प्यार करने में मज़ा आता है
वो कहते हैं ना सौ सोनार की एक लोहार की
पता नही था कि प्यार करना इतना प्यारा होता है
वरना पहली बार तुम्हे ही अपना सब कुछ सौंपती
पर अब देर हो चुकी है
हमेशा खुश रहना दिलीप
मैं भी कोशिश करूँगी तुम्हारे बिना खुश रहने की
दिलीप- मैं घर पहुँचा तो सब मेरी क्लास लेने बैठ गये...
किसी तरह मैं उनसे पीछा छुड़ा कर अपने रूम में आया
रात तो हो ही चुकी थी
फिर हम सब साथ मिलके खाना खाने लगे
खाना खाते वक़् कभी मैं विदू को देखता कभी वँया को
दोनो जब मुझे देखी की मैं उन्हे ही देख रहा हूँ तो शरमा गयी
बड़ी मामी- दामाद जी खाना खाइए यह सब तो करते ही रहेंगे आप
[मैं अपनी गर्दन नीचे कर लिया
मेरी बहने हँसने लगी
लेकिन मुझे इससे क्या फरक़ पड़ेगा
मैं वापस चुपके से दोनो को देखने लगा
बड़ी मामी अपना सिर पीट ली
खाना खाने के बाद बड़ी मामी मेरी पास आई
साथ में मेरी बहने छोटी मामी किरण मासी भी थी
मैं होशियार हो गया
बड़ी मामी- कल से शादी की तैयारी शुरू हो रही है
तो आपकी एक मदद चाहिए
दिलीप- मेरी मदद
बड़ी मामी- हन मेरे भोले दामाद जी
आपकी मदद
आप अभी से विद्या वँया और एलीना से बात नही कर सकेंगे
[मेरा तो हार्ट फैल होने को आ गया
दिलीप- क्यूँ
बड़ी मामी- रस्म है और आपको मान नी पड़ेगी
दिलीप- यह कैसी रस्म है
[मेरा रिक्षन देखके मेरी बहने हँसने लगी
बड़ी मामी- आप हमारी बात नही मानेंगे
दिलीप- मैं ऐसा कब कहा
क्या यह ज़रूरी है
बड़ी मामी- हमारे मान सम्मान की बात है
दिलीप- व्हाट्सअप पे बात कर सकते हैं
[मेरी बात सुनके बड़ी मामी छोटी मामी किरण मासी और मेरे बहने खिलखिला के हंस पड़ी
दिलीप- इस में हँसने वाली कोन्सि बात है
बड़ी मामी- ठीक है बात कर सकते हैं
[मैं खुशी से उछल पड़ा और अपने रूम में आया
अब साला व्हाट्सअप पे अकाउंट बनाना पड़ेगा
तभी मेरे दिमाग़ की घंटी में एक बात आई
और लुक्खा नाम से अपनी आइडी बनाया
और विदू को मेस्सेज किया
कैसी हो जाने मन जाने जिगर जाने तमन्ना
सुना है तुम्हारी शादी हो रही है
अपनी शादी में इस नाचीज़ को इन्वाइट नही करोगी
[ठीक 5 मिनिट बाद मेसेज आया
विदू- जी बिल्कुल बुलाउन्गी आपको अपनी शादी में
बस अपना अड्रेस भेज दीजिए
कार्ड भेजवा देती हूँ
[विदू के इस जवाब से मैं शॉक हो गया
कि मेरी विदू किसी और लड़के से इतने प्यार से बात कर रही है
सारा मूड खराब हो गया
फिर मैने विदू को और कोई मेसेज नही किया
लेकिन मैने वँया को ज़रूर किया
आप के घर में बेबी है
[तुरंत रिप्लाइ आया नही
मैने वापस रिप्लाइ किया
मेरे को एक मौका देंगी बेबी हो जाएँगे