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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

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[थोड़ी देर वँया का जो रिप्लाइ आया तौबा तौबा इतनी गंदी गंदी गाली लिखी थी वँया ने

मैं तो ऐसी गाली सुना भी नही था

उपर से एक रिप्लाइ नही आया 4 मेसेज कम से कम अब तो गाली का स्टॉक ख़तम हो चुका था

मन किया अपना सर पीट लूँ

फिर मैं समझ गया कि वँया के साथ मज़ाक बहुत भारी पड़ सकता है

सोचा एलीना से भी बात कर ही लेता हूँ

तभी मेसेज आया

विदू का था

विदू- क्यूँ पति देव जी जी मन तो भर गया होगा इतनी गाली सुनके और सुनते अगर वँया के पास मैं ना जाती

और उसे यह ना बताती कि मेसेज आप कर रहे हैं

बड़े आए थे मज़ाक करने वाले

वँया तो रो रही है कि वो आपको कैसी कैसी बाते कह दी

अब उसे आप मनाएँगे कैसे एक तरफ आप हम से बात नही कर सकते दूसरी तरफ आप अगर वँया को नही मनाएँगे तो वो ऐसे ही रोती रहेगी और जब तक आप वँया को नही मनाएँगे मुझसे बात मत कीजिएगा

मतलब नो मेसेज

[मैं अपना सिर पकड़के बैठ गया

और अपने आपको कोसने लगा

क्या ज़रूरत थी मुझे ऐसी वाहियात बात लिखने की

अब रो रही है वँया कैसे चुप कराऊ

उपर से विदू कोई आइडिया तो दे देती वँया को मनाने का...

हो सकता है उनके पास कोई आइडिया ना हो तभी तो बोली की एसएमएस भी मत करना

ऐसे ही 30 मिनिट बीत गये

तभी मेरे मोबाइल पे मेसेज आया

 
तभी मेरे मोबाइल पे मेसेज आया

एलीना का मेसेज था

एलीना- इतना क्या सोच रहे हो बात नही करना है

माजी देखने को थोड़े ही मना की है

और ना ही छुने को

[एलीना का एसएमएस पढ़के सबसे पहले मैने यह सोचा यह जो मेरी होने वाली तीन बीविया है

एक दूसरे की बात पता कहाँ से कर लेती हैं

फिर मैं उठा ख़ुफ़िया गेट खोला

अब मैं सबके सामने वँया के रूम में तो नही जा सकता था ना

लेकिन मेरे कमॅंडो वाले दिमाग़ की घंटी बजी

दिल तो मेरा बहुत सेनसेटिव था

लेकिन दिमाग़ नही

मैं सोचा कि विदू को पता कैसे चला की लुक्खा नाम की आइ डी मेरी है

दूसरी तीनो एक साथ क्या कर रही हैं

और तीसरी और सबसे बड़ी बात

विदू मुझसे बात नही करेंगी अपने पति देव से

ऐसा तो हो नही सकता

लेकिन मैं दिल के हाथो मजबूर था

इसी लिए मैं ख़ुफ़िया रास्ते से वँया के रूम में पहुँचा

रूम में कोई नही था

मैं वापस ख़ुफ़िया रास्ते से विदू के रूम में गया

वहाँ भी कोई नही थी

ख़ुफ़िया रास्ते को यूज़ करने के बाद मैं गेट पे एक लकड़ी का टुकड़ा रख देता था

ख़ुफ़िया गेट बंद ना हो जाए इसी लिए

अब लास्ट रूम था एलीना का

जैसे ही मैने एलीना के गेट का रूम हल्का सा खोला

मैं चौंक गया

मेरी विदू वँया और एलीना एक लाइन में बैठी थी

और मेरी बहने उन तीनो का मोबाइल लेके छेड़ रही थी

उपर से मेरी तीनो होने वाली बीवियो के हाथो में मेहन्दी लगी थी

जहाँ तक मैं जानता हूँ मेहन्दी की रस्म आज तो नही होनी थी

अरुणा कुछ कह रही थी अवनी से बिल्कुल ख़ुफ़िया गेट के सामने खड़ी होके

अवनी- दी आप तो कभी मस्ती नही करती थी

आज यह आइडिया कहाँ से सूझा

अरुणा- मस्ती ना करने की वजह थी कि मैं और विद्या दी सबसे बड़ी हैं

लेकिन अब जब मैं जान गयी हूँ कि दिलीप आइ मीन शक्ति हम सबसे बड़े हैं

तो मैं मस्ती क्यूँ ना करूँ

वैसे भी इतने दिनो बाद एक बड़ा भाई मिला है

मुझे भी हक़ है उसको तंग करने का

समझ गयी ना मेरी भोली अवन्तिका

 
[मैने क्या सोचा था और क्या है यह अरुणा मुझे तंग करने के लिए यह सब कर रही है

हाँ क्यूँ नही अरुणा और मेरी सब बहने वापस शहेर चली जाएँगी मेरी शादी के बाद उनकी पढ़ाई भी तो है

वँया को भी तो और पढ़ना है

वरना दुनिया क्या सोचेगी मेरे बारे में

एक कमॅंडो की बीवी दूसवी टॉपर

दूसरी बीवी एमबीए

और तीसरी बीवी डॉक्टर वो भी दिमाग़ की

और मैं एक कमॅंडो होते हुए भी दसवी पास

पर इसमें भी अपना ही मज़ा है

फिर मैं अपने रूम में आके लेट गया

ठीक रात 2 बजे मैं विदू के रूम में पहुँचा

विदू के मोबाइल से अपना चॅट डेलीट किया

और फोन में लॉक भी लगा दिया

नाइट बल्ब की रोशनी में विदू इस दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की लग रही थी

मेरी विदू मेरी होने वाली पहली बीवी

पर हाए रे मेरी किस्मत

विदू की आँख खुल गयी

वो कुछ बोलती उससे पहले ही मैने उसे चुप रहने का इशारा किया

वो अपनी गर्दन हां में हिला दी

मैं यहाँ क्यूँ आया हूँ

विदू इशारे से पूछी

अब क्या बताता अपना बेकार सा आइडिया फ्लॉप करने आया हूँ

विदू अपना गाल मेरे गाल पे रगड़ दी

मैं होश में आया

आपसे मिलने आया हूँ

विदू को इशारे से बताया

विदू शर्मा गयी

वैसे विदू के हाथो से मेहन्दी उतरी नही थी

आज कल फास्ट मेहन्दी लगाई जाती है

लेकिन मेरी वाली स्लो मेहन्दी ही लगाई थी

धीरे धीरे रंग पकड़ने वाली

एक बार फिर विदू अपने गाल मेरे गाल में रगड़ दी

मैने विदू के माथे को चूम लिया

और अपने दिल पे हाथ रख दिया

जैसे कह रहा हूँ

आज आप और भी हसीन लग रही हैं

विदू एक बार फिर शर्मा गयी

फिर मैं विदू को अपनी आँखें बंद करने को बोला कि अब सो जाइए

जैसे ही वो अपनी आँखें बंद की

मैने विदू के गाल पे किस किया

और रूम से बाहर आ गया....

 
फिर मैं पहुँचा वँया के रूम में

वँया जाग रही थी

जब मैं वँया के पास पहुँचा तो वो मुझे देखके शॉक हो गयी

उसका मुँह खुला का खुला रह गया

पता नही क्यूँ

मैं उससे पूछा क्या हुआ

वो अपना मुँह मिरर की तरफ कर दी

मैं समझ गया कि वँया मुझे मिरर में देखने को बोल रही है

मैं मिरर के सामने जाके खड़ा हुआ अब मेरा मुँह खुला का खुला रह गया

ऐसा लग रहा था कि मेरे एक गाल पे मेकप लगा हुआ है

मैं समझ गया कि जब विदू अपने गाल को मेरे गाल से रगड़ी होगी तब यह सब हुआ होगा

मैं वँया के पास जाके बैठ गया

वँया कुछ इशारा करती उससे पहले ही मैं अपने मेकप वाले गाल को वँया के गाल पे रगड़ दिया

वँया शर्मा गयी

दिल फेंक आशिक़ कहेंगे अब लोग मुझे

लेकिन वँया शरमाते हुए और भी हसीन दिखती है

फिर मैने वँया के माथे पे किस किया

और उसके गुलाबी होंठो को देख के अपना आपा खोने लगा

लेकिन क्या करूँ रस्म जो बीच में आ गई

मैने वँया से पूछा अभी तक सोई नही

वो इशारे से बताई कि नींद ही नही आ रही है

मैने वँया के गालो पे हाथ फेरा और वँया का सिर अपनी गोद में रख लिया

वँया को इशारा किया कि अपनी आँखें बंद करके सो जाओ

वँया अपनी आँखें बंद कर ली

मैं वँया के माथे को सहलाने लगा थोड़ी देर बाद जब मुझे यकीन हो गया कि वँया सो गयी है

तो मैं उसके फोन के साथ भी वोही किया जो विदू के फोन के साथ किया था

फिर मैं वँया के रूम से बाहर आ गया

मैं देखा कि नई मामी के रूम की लाइट ऑन है

मैं सीढ़ियो से नीचे आया और जैसे ही नई मामी के रूम में झाँका मेरी आँखें हैरत से फैल गयी

बड़ी मामी की गोद में नयी मामी अपना सर रखे हुई थी

और बड़ी मामी नई मामी के सर में तेल मालिश कर रही थी

वैसे मैं खुश भी था और जान ने के लिए उत्सुक भी कि यह चमत्कार आख़िर हुआ कैसे

लेकिन अभी मुझे कुछ और करना था

फिर मैं पहुँचा एलीना के रूम में

ऐसा लग रहा था कि एलीना रो रही है मैं दबे पावं बिना आवाज़ किए बेड के पास पहुँचा

और देखा कि एलीना मेरी फोटो को अपने सीने से लगाए रो रही थी

मैं वही पे बैठ गया

 
एलीना के हाथ में मेहन्दी का हल्का रंग लगा था

शायद वो मेहन्दी धो ली थी

मैं भी क्या करूँ दिल मानता ही नही है

विदू से मैं प्यार करता हूँ वँया से मेरा दिल

लेकिन एलीना से मैं प्यार कैसे करूँ

विदू और वँया को कोई फरक़ नही पड़ता

लेकिन मुझे पड़ता है

मैं यह सब सोचने में लगा था

तभी एलीना बोल पड़ी

एलीना- हे हॅंडसम क्या सोच रहे हो कि मैं दुखी हूँ इस लिए रो रही हूँ

ना मैं तो बहुत खुश हूँ की मेरी शादी तुमसे होने जा रही है

वो मुझे माँ की बहुत याद आ रही है

तुम्हारी विद्या और वँया के पास सब कुछ है

और तुम भी

लेकिन मेरे पास ना मेरी माँ ना ही मेरा वो फ़्रेंड शक्ति है जो हर वक़्त गुस्से में ही रहता था

अब तो तुम बदल गये हो

चेहरा भी दिल भी

सॉरी मैं अकेली हूँ ना इसी लिए कभी कभी रो लेती हूँ

तुम्हे एक बात बतानी है

जिस दिन हमारी शादी हो रही है उसी दिन मैं तुम्हे शादी से पहले एक बार फिर आइ लव यू बोलूँगी

ठीक है शायद भगवान मेरा प्यार मुझे दे दे

और नही भी देगा तो कोई शिकायत नही होगी

अकेले रहने की आदत है ना.....

[मैं वहीं पे बैठा एलीना की बात सुनता रहा

जब एलीना सो गयी तो मैने उसके माथे पे किस किया

और अपने रूम में आ गया

एलीना अपने आप को अकेली समझती है

लेकिन जब उससे मेरी शादी होगी तो वो भी मेरी बीवी होगी

मैं उसे भी उतना ही मान सम्मान दूँगा जितना विदू और वँया को देता हूँ

फिर मैं सो गया

सुबह हम सब नाश्ता कर रहे थे

लेकिन मेरी तीन देविया मुझे देख भी नही रही थी

मैने भी चुप चाप नाश्ता किया

और अपने रूम में आ गया

थोड़ी देर बाद मैं लखन के पास गया

और उसे बोल दिया कि शादी का एक कार्ड अरविंद जी को और एक कार्ड अखिल को दे आए

लखन तुरंत चला गया

फिर मैने अपने पापा को फोन किया

दिलीप- मेरी शादी हो रही है और आप मेरे पास ही नही हैं

पापा- बस अब रिटाइर हो रहा हूँ

दो दिन में आ जाउन्गा तुम्हारे पास

दिलीप- पापा आप रिज़ाइन कर रहे हैं

पापा- हां

दिलीप- पर क्यूँ मैं रिज़ाइन करूँ तो चलता है

आप क्यूँ कर रहे हैं

पापा- क्यूंकी अब मेरे बेटे की शादी होने जा रही है

और अब मैं थक भी गया हूँ

दिलीप- जल्दी आजाईए आप के बिना शादी कैसे करूँगा

[फोन कट हो गया

 
मित्रो आपके प्यार और सहयोग के लिए बहुत बहुत आभार
 
अब कोई काम तो था नही

तो मैं अपना कुछ काम करने लगा

पापा मेरे लिए मेरा लॅपटॉप छोड़ गये थे

फिर ऐसे ही दिन बीत ते गये

अरविंद जी भी आ गये मुझसे मिलके मेरी तबीयत के बारे में पूछने लगे

फिर उन्होने मुझे बताया कि एक दिन पहले होम मिनिस्टर के खिलाफ ऐसे सबूत मिले हैं

जो उसे फाँसी के तख्ते पे चढ़ाएगा

मैं मुस्कुरा दिया

अरविंद जी मुझे अजीब नज़रो से देखने लगे

जैसे पूछ रहे हो यह तुमने किया है

मैं अपनी गर्दन हां में हिला दिया

फिर अरविंद जी शादी से एक दिन पहले आने का वादा करके चले गये

अगले दिन अखिल भी आ गया

अपनी आरषि के साथ

मेरे गले लग गया

मैं उसे अपने से अलग किया

और उसके साथ बिठा कर बाते करने लगा

वो हैरान था कि मेरी 18 साल की उम्र में ही तीन शादी हो रही है

फिर मैं उसे बताया कि मेरी मेमोरी चली गयी थी और मेरे चेहरे की सर्जरी की गयी

और मेरी एज 25 साल है

अखिल को तो यकीन नही हुआ

फिर मैं उसे बताया अपनी पूरी स्टोरी

अखिल- क्या तू सच मे मुझे अपना दोस्त मानता है

दिलीप- तुझे अपना भाई मानता हूँ

अखिल- अगर मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो क्या तू मुझे माफ़ कर देगा

दिलीप- कर दूँगा

अखिल- मैं तुझसे सिर्फ़ एक ही झूठ बोला हूँ

कि मैं पहले चोर था

मैं चोर नही था मुझे राजवीर सिर ने तुझपे नज़र रखने को बोला था

दिलीप- तुझे क्या लगा मुझे यह बात पता नही थी

कौन मानेगा कि तेरे जैसा लुक्खा घंटो में मिनिस्टर्स की पूरी कुंडली निकाल ले

वैसे एक बात बता अरषि से सच मे तू प्यार करता है

अखिल- अबे वो कहानी पूरी सच्ची थी

सच में उस एमएलए को मैं मारना चाहता था

दिलीप- तू भी कमॅंडो है

अखिल- मैं सिर्फ़ नज़र रखता हूँ

दिलीप- तू शादी कब करेगा

अखिल- 6 महीना बाद

[फिर मैं अपने पापा से मिला उन्हो ने मुझे बताया कि जब मैं शहेर आया था

[छोटे मामा के घर तब उन्हे मेरा पता चला था

और यह भी कि मेरी मेमोरी जा चुकी है

इसी लिए उन्होने मेरी मदद के लिए अखिल को भेजा था

 
मेरी शादी अगले दिन थी

एक हफ़्ता ऐसे बीता जैसे एक लम्हा बीत ता है

रॉकी भी आया हुआ था

पिच्छले दो दिनो से मैं अपनी होने वाली बीवियो से नही मिला था....

इसी लिए थोड़ी झुंज़लाहट होने लगी थी

उपर से मेसेज करके भी बात नही हो पा रही थी

शादी के शोर गुल में मैं खो सा गया था

तभी मेरी नज़र अरुणा पे पड़ी

किसी सोच में डूबी हुई थी

मैं जैसे ही उसके पास पहुँचा वो मुझे देखके आगे बढ़ गयी

पता नही क्या हो गया था अरुणा को

कुछ दिनो से ना के बराबर मुझसे बात कर रही थी

मैं मेघा से पूछा कि अरुणा इतना चुप चुप क्यूँ है

मेघा- मुझे नही पता 2 दिन से वो खामोश रहती हैं ज़्यादा बात नही करती हैं

अगर कोई कुछ पूछे तो सिर्फ़ जवाब देती हैं

[मेघा की बात सुनके मुझे यकीन हो गया

कि अरुणा किसी तकलीफ़ में है

मैं सोच लिया कि आज मैं अरुणा से बात करके रहूँगा

फिर मैं रात होने का वेट करने लगा

जब रात हुई तो मैं अरुणा के रूम पे गया गेट नॉक किया

अरुणा गेट खोलके मुझे देखने लगी

शायद कुछ सोच रही थी

ऐसा लग रहा था बहुत रोई है

आँखें लाल जो थी

दिलीप- अरुणा

[मेरी आवाज़ सुनके अरुणा होश में आई

अरुणा- कुछ चाहिए

दिलीप- आप से बात करनी है

अरुणा- मेरी तबीयत ठीक नही है

दिलीप- बस 2 मिनिट बात करूँगा

[ अरुणा गेट बंद कर दी मुझे यकीन नही हुआ

कि अरुणा मेरे मुँह पे गेट बंद कर दी

ऐसी कोन्सि बात है

मैं अपने रूम में आया और ख़ुफ़िया रास्ते से अरुणा के रूम में गया

अरुणा एक फोटो को देखके रो रही थी

मैं लाइट ऑन कर दिया

अरुणा हड़बड़ा के वो फोटो अपने तकिये के नीचे छिपा ली

और जब अरुणा मुझे देखी तो शॉक हो गयी

मैं अरुणा के पास गया

दिलीप- क्या बात है

अरुणा- कोई बात नही है

और किसी के रूम में ऐसे आना ठीक नही है

[अरुणा मुझसे नज़रे चुरा के बात कर रही थी

दिलीप- अरुणा बात क्या है

अरुणा- मुझे परेशान मत कीजिए

दिलीप- आपको मेरी कसम

अरुणा- क्यूँ मुझे परेशान कर रहे हैं आप

मुझे अकेला छोड़ दीजिए

[मैं खड़ा हुआ और एक झटके में बेड पे पड़ा तकिया उठाके वो तस्वीर उठा लिया

इससे पहले कि मैं वो तस्वीर देखता अरुणा लपक के वो तस्वीर मेरे हाथ से छीन ली

लेकिन मैं तुरंत वो तस्वीर वापस अरुणा के हाथ से छीन लिया

अरुणा- मुझे यह तस्वीर दीजिए प्लीज़

दिलीप- मैं भी तो देखु कि कौन है वो जिसकी वजह से आप रो रही हैं

अरुणा- दिलीप

[अरुणा लगभग चीख पड़ी

 
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