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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
अपडेट 169
दिलीप- [ मैं जानता था कि सुमन अब क्या करेगी
मैं टाइम देखने लगा और यह सुमन अपना हाथ उठाई और खींचके मुझे थप्पड़ मार दी]
सुमन- [रोते हुए] तुमको मैं एक अच्छा लड़का समझती थी लेकिन तुमने सब बर्बाद कर दिया
तुम भी मेरे बाय्फ्रेंड जैसे निकले घटिया गिरे हुए ठरकी
[सुमन इसके आगे कुछ बोल पाती उससे पहले ही मैने उसके मुँह पे अपना हाथ रख दिया]
दिलीप- मेरी बात सुन लो फिर जितनी गाली देनी हो दे देना
दिलीप- तुमको पता है की मैं यह बात बोलके 10 तक गिन रहा था
अगर तुम 10 गिनने तक मुझे थप्पड़ नही मारती तो मैं थप्पड़ मार मारके तुम्हारे गाल लाल कर देता
[मैं अपना हाथ सुमन के मुँह से हटा लिया
सुमन आँखें फाड़ फाड़के मुझे देखने लगी
दिलीप- ऐसे क्या देख रही हो
सुमन- यह सब किसलिए
दिलीप- सिंपल तुम किसी के प्यार के लिए अपनी बेस्ट फ़्रेंड को बर्बाद करना चाहती थी
अब जब तुम्हे अपनी ग़लती का एहसास हुआ तो तुम सुधर गयी
लेकिन मैं रिस्क नही ले सकता
इसी लिए मैं तुम्हे बोला कि अपनी न्यूड पिक नेट पे डाल दो
अगर तुम अपनी पिक नेट पे डाल देती
तो पता है क्या होता तुम्हारा भाई किसिको मुँह दिखाने के लायक नही रहता
और तुम मुझे थप्पड़ मारी इसका मतलब अब तुम सुधर गयी हो
तुम खुदको नही अपने परिवार को प्यार करती हो
सुमन- तो तुम मेरा टेस्ट ले रहे थे
दिलीप- एक बात बताओ अगर मुझसे पहले तुम्हारा बाय्फ्रेंड तुम्हे यह करने को बोलता तो क्या तुम यह करती
सुमन- उस हरामी के लिए तो मैं कुछ भी कर लेती
लेकिन थॅंक्स टू यू वो हरामी मेरी जिंदगी से निकल गया
दिलीप- अगर तुम मुझसे प्यार नही करती तो तुम रो क्यूँ रही थी
सुमन- क्या बोलू तुमसे प्यार नही करती लेकिन तुमपे भरोसा करती हूँ
तुम मेरा रेप करते तो मैं सह लेती
लेकिन तुम्हारी बात सुनके मेरा दिल रो पड़ा
दिलीप- सॉरी
सुमन- सॉरी तो मुझे कहना चाहिए
कितनी ज़ोर का थप्पड़ मार दी तुमको
दिलीप- ठीक है फिर मैं जाता हूँ
सुमन- मैं समझी के
दिलीप- अभी थोड़ा सब्र रखो
और एक बात पुछु
सुमन- पूछो ना
दिलीप- वो बुरा मत मानना मुझे तय्यारी करनी पड़ती है
सुमन- क्या तय्यारी करनी पड़ती है
दिलीप- तुम
सुमन- मैं
दिलीप- [वैसे तो यह बहुत ग़लत बात है लेकिन क्या करूँ]
तुम वर्जिन हो
[मेरी बात सुनके सुमन मुझे घूर्ने लगी
फिर हँसने लगी
सुमन- तुम इतना घबरा क्यूँ रहे हो
मेरी सारी शरम मेरे हरामी बाय्फ्रेंड ने निकाल दी
अब मैं शरमाती नही हूँ
और तुम कुछ भी पूछ सकते हो तुम मेरे साथ कुछ भी कर सकते हो
अब पूछो क्या पूछ रहे थे
[सुमन तो मुझे झटका दे दी लेकिन मैं तो सुमन का अपमान नही करना चाहता था अब सुमन तो मुझे दावत ही दे चुकी थी]
दिलीप- मैं यह कह रहा था कि तुम वर्जिन हो
सुमन- यह कैसे पूछ रहे हो
मैं तो सुनी थी कि गाओं के लड़के दूसरे तरीके से पूछते है
दिलीप- [ तो सुमन चाहती है कि मैं मर्यादा की माँ चोदु ]
मैं यह पूछ रहा हूँ कि तुम्हारी चूत में किसी का लंड गया है
या फिर तुम्हारे पास बूर ही है
क्या मैं पहला लड़का हूँ जिसका लंड तुम्हारी बूर में जाएगा
और मेरा लंड तुम्हारी चूत में चहल कदमी करेगा
मेरा लंड तुम्हारी बूर फाड़के तुम्हारी बूर को चूत बनाएगा
[साला इतना ही बोलके मैं शरमा गया मैं भी क्या करूँ सुमन बेशरम है रंडी नही कि मैं उसका अपमान करूँ
उपर से मुझे गंदी गालियाँ तो आती है लेकिन गंदी बातें कहाँ से बोलू]
बोलोगि भी
सुमन- हाँ मैं वर्जिन हूँ
मैं कुँवारी हूँ
मुझ कली को तुम ही फूल बनाओगे
मुझे एक औरत होने का एहसास तुम ही कराओगे
तुम्हारा लंड ही मेरी बूर में जाके मेरी सील तोड़के मेरी बूर को चूत में बदलेगा
तुम ही पहले लड़के हो जो मेरी चुदाई करोगे
[मेरा तो दिमाग़ घूम गया कि एक वर्जिन लड़की इतनी बेशरम कैसे हो सकती है
जिसका बाय्फ्रेंड इतना हरामी हो वो लड़की वर्जिन कैसे रह गयी....
अपडेट 169ए
दिलीप- तुम और वर्जिन यह कैसे हो गया
सुमन- देखो मैं उसके प्यार में थी लेकिन मैं अपने भाई से डरती थी
क्यूंकी हमारे घर में हर महीने सब मेडिकल चेकप कराते है और सबकी रिपोर्ट सीधा भैया के पास जाती है
इसी डर से मैं अपने हरामी बाय्फ्रेंड को अपना मुँह और अपना गान्ड दे दी
लेकिन चूत नही दी
लेकिन मेरा बाय्फ्रेंड मुझे बेशरम बनाता गया लेकिन अब मैं समझी हूँ कि वो मुझे बेशरम इस लिए बना रहा था कि मैं उसे अपनी चूत दे दूँ
दिलीप- अरे तो जब मैं तुम्हारी सील तोड़ूँगा तो तुम क्या करोगी
सुमन- बोल दूँगी कि उसी ने मेरा रेप किया है
[सुमन शकल से भोली भाली दिखती है लेकिन है एक नंबर की चालू]
[फिर मैं अपने रूम में आ गया
और वेट करने लगा सबके सोने के बाद मैं कामिनी के रूम में गया
कामिनी चादर ओढ़े हुई थी मैं जैसे ही कामिनी के पास गया कामिनी चादर हटा दी
[मैं सोचा कि इतनी गर्मी में एसी भी चलाए हुए थी
चादर हट ते ही कामिनी का नंगा बदन देख कर मेरा लंड झटके खाने लगा
मैं भी तुरंत नंगा हुआ और कामिनी के बदन पे कूद गया
मैं कामिनी को अपनी गोद में बिठाया और कामिनी के होंठ चूसने लगा
कामिनी अपनी गान्ड मेरे लंड पे रगड़ते हुए मुझे किस कर रही थी
मैं कामिनी के दोनो बूब्स मसल्ने लगा
मैं कामिनी के बूब्स मसल्ते हुए कामिनी को किस कर रहा था
जब मैं कामिनी के बूब्स ज़ोर से दबाता तो उसकी सिसकी निकल जाती
कामिनी बड़े प्यार से मेरे होंठो को चूस रही थी
मैं कामिनी के निपल्स को अंगूठे में पकड़ कर खींचने लगा
कामिनी आहे भरने लगी
मैं कामिनी के होंठ चुस्के लाल कर दिया
फिर मैं कामिनी की गर्दन चूमने लगा
कामिनी अपना एक हाथ मेरे लंड पे रख दी
और मूठ मारने लगी
जोश जोश में मैं कामिनी के निपल कुछ ज़्यादा ज़ोर से ही खींच दिया
कामिनी- अयीई माआ बड़े ज़ालिम हो
[मैं कामिनी को लेटा दिया और कामिनी के दोनो बूब्स को अपने हाथो में ले लिया
एक निपल पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा
दूसरे को अंगूठे से मसल्ने लगा
कामिनी ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी
फिर मैं दूसरे निपल पे अपनी ज़ुबान फेरने लगा
कामिनी की चूत पानी पे पानी बहाए जा रही थी
मैं कामिनी के निपल को चूसने लगा
और कामिनी की नाभि में उंगली घुमाने लगा
कामिनी का बदन अकड़ गया कामिनी ज़ोर से साँसे लेने लगी
और यह कामिनी की चूत पानी छोड़ दी
कामिनी हाँफती रही
फिर कामिनी अपनी उंगली मेरे लंड की तरफ दिखाई
और दूसरी उंगली अपने मुँह में डाल दी
मैं समझ गया कामिनी मेरा लंड चूसना चाहती है
मैं बेड से नीचे उतर गया और अपना लंड कामिनी के मुँह के पास ले गया
कामिनी मेरे लंड पे अपने दोनो हाथ फिराने लगी
फिर वो मेरे लंड की चमडी को आगे पीछे करने लगी
मेरे गोरे लंड को देख कर कामिनी खुश हो गयी और वो अपने कोमल होंठ मेरे लंड के सुपाडे पे रखके चूम ली
फिर वो अपना मुँह खोली और अपनी ज़ुबान निकालके मेरे लंड के सुपाडे को चाटने लगी
मेरे लंड और हार्ड होने लगा मेरे लंड की नसे फूलने लगी
थोड़ी देर तक कामिनी अपनी ज़ुबान मेरे लंड पे फिराती रही फिर वो अपना मुँह खोलके मेरे सुपाडे को अपने मुँह में ले ली
और धीरे धीरे चूसने लगी
कामिनी पहली बार किसी का लंड चूस रही थी
मैं कामिनी के सर को पकड़ लिया...
अपडेट 169बी
दिलीप( मैं जैसे ही कामिनी के सर पे हाथ रक्खा
कामिनी मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लगी
कामिनी मेरे आधे लंड को अपने मुँह में लेके चूसने लगी
मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी
कामिनी बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी
इतने दिन बाद मेरा लंड किसिके मुँह में गया था
इतने दिन बाद कोई मेरे लंड को चूस रही थी
कामिनी अब मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी
और आख़िर में कामिनी मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले ली और निकाल भी दी
फिर कामिनी जितना हो सकता उतना मेरे लंड को चूसने लगी
मैं कामिनी के मुँह में अपना पूरा लंड डाल दिया
कामिनी खाँसने लगी
मैं कामिनी को लेटा दिया
और कामिनी की टाँगो के बीच आ गया
कामिनी की चूत पे अपना लंड सेट किया
कामिनी के उपर झुकके कामिनी के होंठो पे अपने होंठ रखा
कामिनी की चूत मैं नही चूसा था
मैं एक झटका मारा मेरा आधा लंड कामिनी की चूत में समा गया
कामिनी की चीख निकल गयी
मैं कामिनी के बूब्स दबाने लगा
यह तो मैं कामिनी पे ज़ुल्म कर रहा था
एक तो मैं उसकी चूत नही चूसा
दूसरा मैं एक ही झटके में अपना आधा लंड पेल दिया
थोड़ी देर बाद कामिनी शांत हुई
मैं अपने आधे लंड से ही कामिनी को चोदने लगा
कामिनी थोड़ा सिसक रही थी
मैं कामिनी की चूत के दाने को मसल्ने लगा
कामिनी छटपटा गयी
कामिनी को अपने आधे लंड से चोदते हुए मैं चूत के दाने को मसल रहा था कामिनी के होंठ चूस रहा था
तीन हमले कामिनी एक साथ नही झेल पाई और झड़ने लगी
मैं तुरंत एक झटका मारा मेरा पूरा लंड कामिनी की चूत में समा गया
कामिनी को ज़्यादा दर्द नही हुआ और हुआ भी तो मैं उसकी गर्दन पे अपनी ज़ुबान घुमा कर उसके बूब्स दबा कर कम करने लगा
थोड़ी देर बाद कामिनी अपनी कमर गोल गोल घुमाने लगी
मैं अपना आधा लंड निकालके कामिनी की चूत में डाल दिया
फिर तो मैं रुका नही कामिनी की चूत में आराम से अपना लंड पेलने लगा
जब मैं अपना लंड कामिनी की चूत में डालता तो कामिनी अपनी कमर नीचे कर देती
मेरा लंड दुगनी तेज़ी से कामिनी की चूत में चला जाता
मैं कामिनी को नॉर्मल स्पीड से चोद रहा था
कामिनी मेरे सीने को सहला रही थी
मैने अपना पूरा लंड कामिनी की चूत से निकाला और एक ही बार में पूरा डाल दिया
कामिनी की चीख निकल गयी
कामिनी मेरे सीने में मुक्का मारने लगी
मैं एक बार फिर अपना पूरा लंड कामिनी की चूत से निकाला और एक ही बार में डाल दिया
फिर मैं ताबड़तोड़ कामिनी को चोदने लगा
कामिनी मेरे वार से ज़ख्मी हो गयी और मेरे होंठो को बुरी तरह से चूसने लगी
मैं कामिनी के बूब्स मसल्ते हुए कामिनी की चूत फाड़ रहा था
और मेरी मेहनत रंग लाई और कामिनी बुरी तरह से झड़ने लगी
मैं कामिनी की चूत से अपना लंड निकाल लिया
और कामिनी को घोड़ी बना दिया
कामिनी समझ गयी कि अब मैं उसकी सवारी करूँगा
मैं कामिनी के पीछे आ गया और कामिनी की चूत पे अपना लंड सेट किया
जब मैं कामिनी की चूत में अपना लंड नही डाला तो वो पीछे मूड कर मुझे देखने लगी
कामिनी- डालोगे भी
दिलीप- क्या डालु
कामिनी- बेरहम जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डालके चोदो
[कामिनी अपनी बात ख़तम की कि मैने कामिनी की पतली कमर पकड़ा और एक ही बार में अपना लंड पेल दिया
और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा
मैं इतनी तेज़ धक्के मार रहा था
कि कामिनी हर धक्के के साथ चीख पड़ती
मैं कामिनी से पूरा सट गया
और कामिनी को चोदने लगा
कामिनी- दिलीप और ज़ोर से चोदो मुझे
अया अया ऊवू उ माआ तुम जानवर हो तुम बहुत प्यारे हो तुम बहुत
यॅ यॅ फक मी फक मी फक मे हार्डर हार्डर
मैं झड़ने वाली हूँ ऊन्ह उम्म्म और ज़ोर से चोदो मुझे
दिलीप- मैं भी झड़ने वाला हूँ
[कामिनी झड़ने लगी मैं भी कामिनी की चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया
मैं कामिनी को वैसे ही लेके लेट गया और हाँफने लगा....
अपडेट 170
दिलीप- कामिनी की चुदाई करके मैं मस्त भी हो गया और थक भी गया
दिलीप- कामिनी
क्या मैं आपको कामिनी कह सकता हूँ
कामिनी- बिल्कुल कह सकते हो
दिलीप- आप मुझसे प्यार करती हैं
कामिनी- करती हूँ
दिलीप- तो फिर आप प्रॉमिस कीजिए कि आप मेरे जाने के बाद हमेशा खुश रहेंगी
कामिनी- तुम्हारे जाने के बाद तो मैं शादी कर लूँगी
दिलीप- फिर ठीक है
और आपकी चुदाई करके मज़ा आ गया
जब आपकी टाइट चूत में अपना लंड डालता हूँ तो मज़ा आजाता है
कामिनी- जब तुम मेरी चुदाई करते हो तो मैं जन्नत की सैर करती हूँ
दिलीप- अच्छा और जब गान्ड मारूँगा तो
कामिनी- आज तुम बता ही दो कि तुम मेरी गान्ड के पीछे क्यूँ पड़े हो
दिलीप- क्यूँ -------- गान्ड मारने नही दोगि
कामिनी- चाहो तो अभी मार लो लेकिन पहले बताओ कि मेरी गान्ड में ऐसा क्या है
दिलीप- देखो जब आप मेरे साथ प्यार करना चाहती थी तो मैं आपको मना किया
लेकिन आप मुझे मना ही ली अब मैं तो आपके पास गया नही था
तो मैं आपको सज़ा देना चाहता हूँ कि आप मुझे क्यूँ मनाई
कि मैं आपको प्यार करूँ
कामिनी- मतलब तुम मुझे प्यार भी देना चाहते हो और दर्द भी
जैसे एक बाय्फ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड को प्यार भी देता है और दर्द भी
दिलीप- आप तो समझदार हैं अब आप सो जाइए या फिर मैं सिकाई करू
कामिनी- कोई ज़रूरत नही है मैं कर लूँगी तो मेरे बाय्फ्रेंड तुम जाओ और सो जाओ
एक बात और तुम कितना दिन रुकने वाले हो
दिलीप- बस मंडे को चला जाउन्गा
[फिर मैं अपने रूम में आके नहा कर सो गया सुबह उठके कसरत करने लगा
करुणा मेरे लिए दूध लेके आ गई मैने दूध पी लिया )
करुणा- कभी मुझे भी पिला दिया करो
दिलीप- आ जाओ पिला देता हूँ
करुणा- क्या
दिलीप- अपना रस
[मेरी बात सुनके करुणा शर्मा गयी
करुणा- हॅट बेशरम कही के
[और करुणा नीचे भाग गयी
मैने कसरत करके नाश्ता किया
और अपने रूम में आने लगा
जब मैं अपने रूम में आ रहा था तब मेरी नज़र करुणा के रूम पे पड़ी
मैं अंदर गया करुणा ने जीन्स पहने हुई थी
और उपर सिर्फ़ ब्रा
मैने गेट लॉक किया और पीछे से करुणा के गले लग गया
करुणा सकपका गयी और छूटने की कोशिश करने लगी
फिर उसकी नज़र मिरर पे पड़ी जिसमें वो मुझे देख कर शरमा गयी
मैं करुणा की गर्दन चूमने लगा
करुणा- दिलीप ऐसा मत करो प्लीज़ मेरी वो जगह सेनसेटिव है
[यह सुनके मैं और ज़ोर से करुणा की गर्दन चूमने लगा
करुणा- अया दिलीप अया उई हााअ
दिलीप- मैं करुणा गर्दन चूम रहा था तभी मेरा फोन बजने लगा
मैने फोन उठाया उसके बाद जो मैने सुना मेरा खून ज्वालामुखी की तरह फटने लगा
दिलीप- आ रहा हूँ
[फिर मैने फोन कट कर दिया
करुणा- क्या हुआ
दिलीप- कुछ नही
[फिर मैं अपने रूम में आया रेडी होके कामिनी के रूम पहुँचा
दिलीप- बाइक की चाबी दीजिए और मज़ाक मत कीजिएगा अभी नही
[कामिनी बिना कोई सवाल किए मुझे की दे दी
दिलीप- मैं बाइक बैठा और फुल स्पीड में छोटे मामा के शहर की तरफ मोड़ दिया
3 घंटे बाद मैं पहुँचा छोटे मामा के घर
मेरी सब बहने विदू के रूम के बाहर खड़ी थी
अरुणा- जा देख तेरी विदू की हालत कुछ सुन ही नही रही हैं
और हां अगर वो नही मानी तो मैं तुझसे कभी बात नही करूँगी
[मैं जैसे ही विदू के रूम का गेट खोला मेरा दिल रो पड़ा
विदू चेयर पे बैठी थी उसके दोनो हाथ बँधे थे और वो रो रही थी...
शुक्रिया,,,,, साथ बनाए रखें
अपडेट 170ए
दिलीप- मैं धीमे कदमो से विदू के पास गया
और घुटनो के बल बैठ गया
विदू मुझे देख कर और ज़ोर से रोने लगी
मैं विदू के दोनो हाथ खोल दिया
हाथ खुलते ही विदू बाहर भागी लेकिन गेट बंद था
मैने विदू का हाथ पकड़ा
विदू- आपको पता है मैं क्या ..... आप मुझे हाथ मत लगाइए
दिलीप- मुझे पता है लेकिन आपके पतिदेव आए है उनको प्यार नही करेंगी
विदू- अभी नही पहले अपना हाथ जलाउन्गी फिर आप मुझे हाथ लगाना
दिलीप- क्यूँ जलाएंगी आप अपना हाथ
विदू- [चीखके] क्यूंकी मेरे पतिदेव ही मुझे छु सकते है उसकी हिम्मत कैसे हुई मुझे छुने की
आपके सिवा अगर कोई मुझे छुएगा मैं वो जगह ही जला दूँगी
दिलीप- फिर तो आप तेज़ाब लेके मेरे पूरे जिस्म पे ही डाल दीजिए
[मेरी बात सुनके विदू मेरे पास आ गई और मेरे मुँह पे अपना हाथ रख दी
विदू- ऐसा क्यूँ कह रहे हैं
दिलीप- तो और क्या कहूँ आप अपने आप को तकलीफ़ देके मुझे दर्द देना चाहती हैं
विदू- ऐसा मत बोलिए मैं तो
दिलीप- आपका हाथ अगर कोई लड़का पकड़ लिया तो आप अपने पतिदेव को कहेंगी कि अपना हाथ ही जला लेंगी
विदू- लेकिन वो मेरा हाथ क्यूँ पकड़ा
मुझे सिर्फ़ आप च्छू सकते हैं
प्लीज़ मुझे अपना हाथ जला लेने दीजिए
दिलीप- वोही तो मैं भी कह रहा हूँ
अगर ऐसी बात है तो सबसे पहले मैं अपने मुँह को जलाउन्गा
विदू- [रोते हुए] आप क्यूँ मुझे तकलीफ़ दे रहे हैं
दिलीप- मैं तो आपको तकलीफ़ ही देता हूँ
दूसरी लड़कियो के साथ सोता हूँ और आपसे कहता हूँ
कि मैं आपसे प्यार करता हूँ
विदू- मैं जितना प्यार आप से करती हूँ उससे काई ज़्यादा प्यार आप मुझसे करते हैं
दिलीप- लेकिन मैं तो दूसरी लड़कियो
विदू- दूसरी लड़की दूसरी लड़की दूसरी लड़की
[चीखके] डू दा हेल वित दूसरी लड़की
आप मुझसे प्यार करते है तो आप अपने आपको कुछ नही करेंगे
दिलीप- इसका मतलब आप भी अपने आपको कुछ नही करेंगी
[विदू मुझे देखती रह गयी
फिर वो मेरे गले लग्के रोने लगी
विदू- आप जानते है जब वो मेरा हाथ पकड़ा तो मुझपे क्या बीती
अगर आप वहाँ पे होते तो क्या वो मेरा हाथ पकड़ता
आपको कैसा लगता जब आप देखते कि कोई और लड़का मेरा हाथ पकड़े हुए है
मन कर रहा था कि अपना हाथ काट दूँ
लेकिन हाथ काट देती तो आपके प्यारे गालो को कैसे सहलाती
इसी लिए मैं घर आके किचन में गयी अपना हाथ जलाने लेकिन
अरुणा और अवन्तिका मुझे पकड़ ली और मेघा सुनीता मेरे हाथ पैर बाँध दी
और चारो मिलके मुझे मेरे ही रूम चेयर पे बाँध दी
मेरी बात भी नही सुनी
दिलीप- अगर आप अपना हाथ जला लेती तो मैं क्या करता पता है मैं आपसे नाराज़ हो जाता
विदू- आप मुझे माफ़ कर दीजिए मेरी वजह से आप इतनी धूप में आए
दिलीप- तो अगली बार अगर आपका हाथ अगर कोई लड़का पकड़ ले तो आप क्या करेंगी
विदू- आपको बताउन्गी आपको जो करना हो कर लेना
दिलीप- बिल्कुल सही अब आप सो जाइए
विदू- आपकी गोद में सो जाउ
[विदू मेरी गोद में सर रखके सो गयी
मैं विदू के सर में उंगली फिराने लगा
थोड़ी देर बाद विदू सो गयी
मैं रूम से बाहर आया
मेरी सब बहने बाहर ही खड़ी थी
मैं अरुणा दी के पास गया
दिलीप- उसका नाम बताइए
अरुणा- अब तुम भी शुरू हो गये
दिलीप- जब बड़े मामा को पता चलेगा कि उनकी बेटी का कोई हाथ पकड़ा
तो बड़े मामा उसको और उसके परिवार को गायब ही कर देंगे
अरुणा- क्या करोगे उसके साथ दो दो हाथ करोगे
वो कॉलेज का गुंडा है
दिमाग़ चलाओ हाथ पैर नही
दिलीप- अगर मैं अपना दिमाग़ चलाउन्गा तो आप सोच भी नही सकती कि वो कितना तडपेगा
अरुणा- अजीत नाम है उसका जाओ जो करना है करो
लेकिन तुम उससे जीत नही पाओगे
दिलीप- [मैं घर से बाहर आया बाइक पे बैठा और विदू के कॉलेज की तरफ मोड़ दिया...
अपडेट 171
दिलीप- मैं जानता था कि कॉलेज बॉय से लड़ने में मैं नही जीत पाउन्गा
फिर भी मैं देखना चाहता था कि मैं विदू से सच में प्यार करता हूँ
क्यूंकी आज विदू को कोई छु लिया तो विदू अपने उस अंग को जलाना चाहती है
लेकिन मैं इतनी लड़कियो के साथ सोया वो मुझे इतनी बार टच की
मेरे जिस्म का हर हिस्से पे विदू का हक़ है
मेरे दिल में ख्याल ही नही आया कि मेरा जिस्म मेरी आत्मा सब विदू की है
[मैं यह सब सोचते हुए कॉलेज के गेट पहुँच गया था
मुझे इंतेज़ार था अजीत का फिर भी मैं सबकुछ प्लान करके ही चल सकता था
क्यूंकी विदू मेरे जिस्म पे घाव देख कर अपनी आँखो में आँसुओं का सैलाब ले आएगी
मैं इंतेज़ार करने लगा
फिर मैने किसी को फोन कर दिया
उसे सब कुछ समझा कर फोन काट दिया
लड़के कॉलेज से बाहर निकल रहे थे
मुझे एक सीधा सादा लड़का दिखा जो चल भी रहा था बुक पढ़ते हुए
मैने उसे रोका
दिलीप- यह अजीत कहाँ मिलेगा
लड़का- तुमको उससे क्या काम है
दिलीप- उसकी गान्ड मारनी है
लड़का- धीरे बोल अगर उसके किसी आदमी ने सुन लिया तो
दिलीप- तो क्या कर लेगा
तुम बताओगे कि मैं पुछु
लड़का- वो कॅंटीन में बैठा हुआ है
दिलीप- एक काम करोगे उसको बोलो कि तुम उसके लिए एक माल लेके आए हो
और उसे कॉलेज के पीछे भेज दो
लड़का- मैं ऐसा कुछ नही करूँगा
मैं उससे नफ़रत करता हूँ
वो एक नंबर का घटिया इंसान है
वो कुत्ता मरता भी नही है
दिलीप- देखो यह काम तुम नही करोगे लेकिन कोई और करेगा
और अगर तुम अजीत से सच मे नफ़रत करते हो तो मेरा काम कर दो
लड़का- एक वादा करो कि वो अपने पैरो पे खड़ा नही हो पाएगा
दिलीप- वादा
[फिर वो लड़का चला गया
मुझे पता था कि यह मुझे धोखा ज़रूर देगा
क्यूंकी अजीत यहाँ का गुंडा है
यहाँ अजीत का राज है
मैं कॉलेज के पीछे आके वेट करने लगा
लेकिन कोई नही आया मैं सोचा कि अब खामोशी का कोई फ़ायदा नही है
लगता है वो लड़का डर कर भाग गया
मैं यह सोच ही रहा था कि दो लोगो ने मुझे पीछे से आके पकड़ लिया
और वोही लड़का जिसे मैं बोला था कि वो अजीत को पीछे लेके आए
मेरे सर पे डंडा मार दिया
साला बड़ी ज़ोर से डंडा मारा था कुत्ते ने
फिर मैं बेहोश हो गया
जब मुझे होश आया तो मैं चेयर पे था
मेरे हाथ पैर बँधे थे
और लाइट ऑफ थी
मैं अपनी आँखें बंद किया और अपने आप को संभालने लगा
तभी लाइट ऑन हो गयी
4 या 5 लड़के खड़े मुझे घूर रहे थे
वो लड़के मेरे पास आ गए
एक लड़का मेरे सर पे जो घाव था उसपे अंगूठा रखके दबाने लगा
बहुत दर्द हुआ
तभी दूसरा लड़का मुझे थप्पड़ मार दिया
लड़का- तो तू है जो हमारे अजीत भाई को ढूँढ रहा है
लड़का1- शूकर मना कि हमारे अजीत भाई को तेरे बारे में पता नही लगा
वरना वो तुझे मार डालते
[दोनो की बात सुनके मैं मुस्कुरा दिया]
लड़का2- मुस्कुरा क्या रहा है बे
[मैं अभी भी मुस्कुरा रहा था]
दिलीप- अजीत अभी दो मिनट में आएगा
[मेरी बात सुनके सब लड़के हँसने लगे
मैं भी हँसने लगा
लड़का- तेरा दिमाग़ खराब तो नही हो गया है
लड़का1- अरे हम लोग इससे बात ही क्यूँ कर रहे हैं
जल्दी से इसका काम तमाम कर दो
दिलीप- तुम मुझे जान से मार दोगे
लेकिन एक आखरी ख्वाहिश तो पूरी कर दो
लड़का- अबे यह कोई फिल्म है जो तू टाइम माँगेगा और हम तुझे दे देंगे
दिलीप- अब 30 सेकेंड बचे हैं
लड़का2- यह मुझे पागल लग रहा है
दिलीप- तू पागल तेरा बाप पागल तेरी आने वाली नस्ल पागल
[मेरी बात सुनके सब लड़के हँसने लगे लेकिन लड़का2 मुझे गुस्से से देखने लगा]
दिलीप- 5 4 3 2 1
[तभी एक पहेलवान टाइप का लड़का गेट से अंदर आया साले की फटी पड़ी थी
लड़का- अजीत भाई आप
[तो यह अजीत है लेकिन यह क्या लड़का को अजीत थप्पड़ मार दिया..,
bas mitr update thodi der me aa raha hai