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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

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अपडेट 156आ

दिलीप- कामिनी समझ ही नही रही है

मैं गुस्से में अपने रूम में आ गया

लेकिन गुस्सा नही कम हुआ

मैं कॉंडम लिया और पहुँचा काव्या के रूम पे

गेट नॉक किया करुणा गेट खोलके मुझे देखने लगी

दिलीप- आपने मुझे यह कैसा गिफ्ट दिया

करुणा- मैं जीन्स दी हूँ और काव्या शर्ट

दिलीप- और कुछ नही दिया है

करुणा- हाँ वो मेरी फ़्रेंड ने भी तुमको गिफ्ट दिया था

[मैं अपनी जेब से कॉंडम निकालके करुणा के हाथ पे रख दिया]

दिलीप- आपकी फ़्रेंड ने यह दिया था

[फिर मैं अपने रूम में आ गया]

[काव्या रूम]

करुणा शॉक हो गयी मेरे ऐसे रिएक्ट करने पे

फिर काव्या करुणा के पास आई

काव्या- क्या हुआ खोई हुई क्यूँ है

करुणा- दिलीप अभी आया था

बोल रहा था मेरी फ़्रेंड ने उसे कॉंडम गिफ्ट में दिया है

काव्या- क्य्ाआ

[काव्या गेट लॉक कर दी और दोनो बेड पे बैठ गयी]

काव्या- फोन लगा उसको दिमाग़ तो नही खराब हो गया है उसका

करुणा- छोड़ो ना वो तो है ही ऐसी

काव्या- क्या ऐसी है कॉलेज में जो लड़का उसको लाइन देता था चली जाती थी उसके साथ

और अब दिलीप के साथ दिलीप हमारे बारे में क्या सोच रहा होगा

करुणा- आपको एक बात और बतानी है

वो कल माल में मैं दिलीप को उसके सामने अपना बाय्फ्रेंड बनाके इंट्रोड्यूस की थी

काव्या- तेरे अंदर दिमाग़ नही है क्या बोल रही है

इसी लिए कल माल से आने के बाद वो हमसे बात नही कर रहा है

चल हम उससे बात करते हैं

करुणा- बात के साथ थोडा सा मज़ाक भी कर लेंगे

काव्या- नही बिल्कुल नही

करुणा- आपको मेरी कसम

[दिलीप रूम]

दिलीप- इधर मैं सोच रहा था कि कामिनी से पीछा कैसे छुड़ाऊ तभी काव्या और करुणा मेरे रूम में आ गई

करुणा- मैं अपनी फ़्रेंड की तरफ से माफी मांगती हूँ

दिलीप- मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड हूँ

करुणा- नही

दिलीप- तो फिर अगर मासी को पता चल गया तो

करुणा- नही पता चलेगा

दिलीप- क्या मतलब

करुणा- अरे मैं तो यह कह रही हूँ कि तुम मेरे बॉयफ्रेंड हो

[यह कहके करुणा भाग गयी मैं काव्या को घूर्ने लगा]

काव्या- मुझे क्यूँ घूर रहे हो इसमें मेरी क्या ग़लती है

दिलीप- ग़लती तो मेरी है कि मैं उस दिन तुम दोनो के साथ ऐसी ऐसी बात किया

ना मैं वो सब करता ना तुम दोनो मेरे पिछे पड़ती

हद है मैं वो सब दिल से नही कहा था

प्लीज़ करुणा को समझाओ

वरना वो कुछ ग़लत सोचने लगेगी

[मेरी बात सुनके काव्या मुस्कुराने लगी मेरा तो खून जल गया]

काव्या- कुछ ग़लत नही सोचेगी तुम मेरे भी बॉयफ्रेंड हो ना

[यह बोलके काव्या भी भाग गयी मैं अपना माथा पीटने लगा )

थोड़ी देर बाद कामिनी मेरे रूम में आ गई

[इसी की कमी थी आइए कामिनी जी आप भी आइए]

कामिनी मेरे पास आके बेड पे बैठ गयी

कामिनी- दिलीप मैं जानती हूँ कि तुम परेशान हो

देखो भाभी से नफ़रत करने में मैं अपना डूस साल गवाँ दी

उस वक़्त ना मैं कॉलेज लाइफ एंजाय की और ना ही कॉलेज लाइफ में मेरा कोई बॉयफ्रेंड बना

अब तो मेरी शादी की उमर हो चुकी है

अगर तुम्हारी जगह कोई दूसरा लड़का होता तो काव्या और करुणा जब मेरे कपड़े उतारते वक़्त बोल रही थी कि कोई मुझे औरत बनाने वाला है

वो मेरा रेप करेगा

मैं समझ गयी कि वो तुम ही हो

लेकिन ना तुम मुझे टच किए और ना तुमने मुझे वैसी नज़र से देखा

यकीन मानो अगर तुम मेरा रेप कर भी लेते तो मैं तुमसे नफ़रत नही करती

क्यूंकी उससे बड़ी तकलीफ़ मुझे काव्या और करुणा दे रही थी

अब बताओ क्या मुझे तुम्हारे जैसा लड़का कहीं मिलेगा

जो मुझे बिना कपड़ो के देख कर अपना मुँह फेर ले

जो मुझसे नफ़रत करके भी मुझे ज़लील ना करना चाहता हो

दिलीप- आप शादी करके यह सब अपने पति के साथ भी तो कर सकती हैं

कामिनी- नही मैं पहले तुम्हारे साथ यह सब करूँगी फिर अपने पति के साथ

दिलीप- आप समझ क्यूँ नही रही हैं

कामिनी- आज रात मैं तुम्हार वेट करूँगी

[और यह कामिनी मेरे होंठो पे अपने होन्ट रख दी और चूमने लगी

मैं कामिनी को चिमटी काट लिया

कामिनी हँसते हुए मेरे रूम से बाहर चली गयी...

 


अपडेट 158

दिलीप- तीनो मिलके मुझे परेशान कर रही थी अब क्या कर सकते हैं

कामिनी तो भरी जवानी में सठिया गयी है

उपर से मेरा यह लंड साला बैठ ही नही रहा है

बहुत हो गया अगर कामिनी यही चाहती है तो ठीक है

मैं तो सिर्फ़ यह चाहता हूँ कि किरण मौसी खुश रहे

मैं नीचे हॉल में आया

किरण मौसी तो अपने रूम में होंगी

मैं काव्या के रूम पे गया

गेट नॉक किया

काव्या- करुणा देख हमारा बाय्फ्रेंड आया है

करुणा- बाय्फ्रेंड जी अंदर आइए ना

दिलीप- स्कूटी की चाबी दीजिए

काव्या- तुम स्कूटी चलाओगे

दिलीप- हाँ तो उसमें क्या है

करुणा- हमारा बाय्फ्रेंड और स्कूटी चलाए

कामिनी बुआ के पास बाइक है उनके पास जाओ

दिलीप- मतलब तुम दोनो नही दोगि

करुणा- मैं तो कब्से तय्यार हूँ तुम लेते ही नही हो

दिलीप- [घुरके] ज़रा एक बार फिर से बोलना

काव्या- अरे यह तो मज़ाक कर रही है

तुम जाओ कामिनी बुआ के पास

दिलीप- बहुत ही घटिया मज़ाक था

[मैं वहाँ से कामिनी के रूम में पहुँचा

हमेशा की तरह गेट खुला ही था

कामिनी बेड पे लेटी हुई थी

मुझे देखते ही उठके बैठ गयी

दिलीप- बाइक की चाबी दीजिए

कामिनी- कहीं जा रहे हो

दिलीप- हाँ

कामिनी- तुम्हे यह एरिया पता है या फिर जहाँ पे जा रहे हो

दिलीप- नही मैं पूछते पूछते चला जाउन्गा

कामिनी- मेरे होते हुए तुम अकेले जाओगे

दिलीप- [दाँत पीस कर] तो आपको भी चलना है

कामिनी- हाँ क्यूँ नही दो दिन से घर में बैठी हूँ

भाभी घर से बाहर जाने ही नही दे रही है

[उसके बाद तो कामिनी बेशर्मी की हद कर दी

मेरी तरफ पीठ करके खड़ी हो गयी

कबाड़ में से एक मोटी सी टॉप निकाली ब्रा तो पहन नही सकती थी

एक झटके में अपनी नाइटी उतारके फेंक दी

कमर के उपर पूरी नंगी थी कामिनी

मेरी तो साँसे अटक गयी

जब आपके सामने 25 साल की लड़की खड़ी हो और वो भी कुँवारी तो सोचता कौन है

मन किया कि अभी पटक के चोद दूं

लेकिन मेरे जैसा लड़का तो सोचता ज़्यादा है

कामिनी टॉप पहन ली

टॉप के अंदर ही ब्रा लगी हुई थी

उसके बाद कामिनी जीन्स पहन ली

जीन्स पहनते वक़्त कामिनी अपनी गान्ड दबाने लगी

यह कामिनी आज चुदवा कर ही रहेगी

कामिनी जीन्स मे मेरे पास आई

मैं कुछ बोलता उससे पहले ही मेरे गले लग गयी

और मेरे गालो को चूम ली

फिर वो रूम से बाहर चली गयी

मैं भी रूम से बाहर आया तेज़ी से चलके कामिनी का हाथ पकड़ लिया

कामिनी मुझे अजीब नज़रो से देखने लगी

मैं कामिनी के सामने जाके खड़ा हो गया

और कामिनी के गाल चूम लिया

कामिनी- एक बार और चुमो ना

दिलीप- चलिए ना बहुत देर हो गयी है

[फिर मैं और कामिनी नीचे आए

कामिनी किरण मौसी से पूछके आ गई

फिर कामिनी अपनी बाइक लेके आई

मैं बाइक पे बैठ गया

कामिनी मेरे पीछे बैठ गयी

और मेरी कमर में हाथ डाल डाल दी

मैं बाइक चलाने लगा

जब हम मेन रोड पे पहुँचे तो मैं स्पीड बढ़ा दिया

तभी कामिनी मुझसे पूरा सट गयी

और अपने बूब्स मेरी पीठ पे रगड़ने लगी

दिलीप- ठीक से बैठिए नही तो गिर जाउन्गा

कामिनी- वोही तो जल्दी से गिरो ना

[मैं कुछ नही बोला कामिनी अभी भी मेरी पीठ पे अपने बूब्स रगड़ रही थी

मैं बाइक रोक दिया

रोड पे कोई नही था

मैं कामिनी की तरफ मूड गया

कामिनी अपने होन्ट दाँतों में दबा कर मुझे देखने लगी

मैं कामिनी की कमर पे हाथ रख दिया

और चिमटी काट लिया

कामिनी- क्या कर रहे हो

दिलीप- शांति से बैठिए नही तो मार मारके लाल कर दूँगा

कामिनी- इसका मतलब

दिलीप- बैठिए

[थोड़ी देर बाद हम पहुँचे माल....

 


अपडेट 158अ

दिलीप- आप यही पे रूको मैं आता हूँ

[मैं माल में गया और 1 घंटे के अंदर जो लेना था वो लेके आ गया

कामिनी- 4 बॅग्स क्या लेके आए हो

दिलीप- आइस क्रीम खाएँगी

कामिनी- ज़रूर खाउन्गी तुम मेरे पहले बॉयफ्रेंड हो

दिलीप- [मैं और कामिनी दोनो आइस्क्रीम खाने लगे

कुछ लड़के कामिनी को घूर रहे थे

मुझे समझ में नही आता यह सब लड़कियो को घूरते क्यूँ हैं

इतनी ही आग लगी है तो रंडीखाने में जाए

किसी कॉल गर्ल को फोन करे

तभी वो लड़के हमारे थोड़ा पास आ गए]

लड़का- जानेमन इस बच्चे के साथ यह आइस्क्रीम क्यूँ खा रही हो

हमारे पास इससे भी अच्छि आइस तो नही लेकिन क्रीम ज़रूर है

बस तुम्हारा एक इशारा काफ़ी है

[कामिनी उन सब लड़को पे बिल्कुल ध्यान नही दे रही थी]

लड़का2 - लगता है आज देख कर ही काम चलाना पड़ेगा

लड़का3- हाँ यार कितनी मस्त है

दिलीप- [ बहुत गान्ड में खुजली हो रही है साले 4 लड़के थे

मैं अपने दिमाग़ के घोड़े तेज़ दौड़ाने लगा

तभी कामिनी की आइस क्रीम ख़तम हो गयी

कामिनी अपना रुमाल निकाली और मुँह पोछ के

सबसे आगे जो लड़का खड़ा था

उसके मुँह पे एक लात मार दी

वो भी पैर मे हाइ हील्स वाली सॅंडल थी

वो लड़का वहीं पे गिर गया

दूसरा लड़का जैसे ही कामिनी की तरफ बढ़ा कामिनी उसकी गर्दन पे एक कराटे चॉप मार दी

मैं उस लड़के को पकड़ा और दिया धोबी पछाड़

यह लड़का भी गिर गया

तीसरा लड़का जो था वो चौथे लड़के को कुछ इशारा किया

चौथा लड़का कामिनी के उपर कूद गया

लेकिन कामिनी साइड हो गयी

इसी का फ़ायदा उठाके तीसरा लड़का जैसे कामिनी को पंच मारने वाला था

मैं तीसरे लड़के का हाथ पकड़ा और दिया धोबी पछाड़

क्या करू कालिए ने धोबी पछाड़ ही सिखाया था

उधर कामिनी चौथे लड़के की कमर पे एक लात मार दी

उसकी चीख निकली और वो बेहोश हो गया

वैसे कामिनी की स्पीड देख कर मैं समझ गया कि यह कराटे जानती है

तब तक पोलीस भी अचूकी थी

चारो लड़को को पोलीस उठाके ले गयी

इंस्पेक्टर जैसे कामिनी से बात कर रहा था उससे ऐसा लगा कि इंस्पेक्टर कामिनी को जानता है

फिर इंस्पेक्टर चला गया

दिलीप- वाह अगर हर लड़की आप जैसी हो तो बात ही कुछ और होगी

कामिनी- तुम भी कम नही हो

दिलीप- बाइक आप चलाइए

मैं आपके पिछे बैठूँगा

कामिनी- क्यूँ

दिलीप- वैसे वो इंस्पेक्टर जानता है आपको

कामिनी- यहाँ का एसीपी मेरा दोस्त है

दिलीप- अब बाइक चलाएंगी कि मैं ऑटो में जाऊ

[यह सुनके कामिनी जल्दी से बाइक पे बैठ गयी

मैं उसके पीछे बैठ गया

कामिनी बाइक चलाने लगी

जब रास्ता सॉफ हुआ तो मैं कामिनी से पूरा सट गया

कामिनी- क्या कर रहे हो

दिलीप- आप अपना काम कीजिए

[मैं कामिनी की कमर सहलाने लगा

और अपने होंठ कामिनी की गर्दन पे रख दिया

कामिनी के हाथ काँपने लगे

मैं कामिनी की नाभि पे एक उंगली चलाते हुए कामिनी की गर्दन पे दाँत से काटने लगा

दिलीप- वैसे आप कराटे जानती हैं

कामिनी- कॉलेज ऊओह में ब्लॅक बेल्ट थी

बस करो गिर जाउन्गी अयीई माआ

[मैं कामिनी की नाभि में उंगली डाल दिया था]

दिलीप- वैसे मैं आपके साथ यह सब करके ख़तरा मोल ले रहा हूँ

[मैं कामिनी की गर्दन पे अपनी ज़ुबान फेरने लगा]

कामिनी- बस भी करो घर पहुँचके जो करना हो कर लेना

दिलीप- अपनी बारी में बस करो चुप करके गाड़ी चलाइए

[थोड़ी देर बाद कामिनी का बदन अकड़ने लगा

कामिनी ने बाइक रोक दी

शायद झड रही थी

थोड़ी देर बाद हम पहुँचे घर

हॉल में तीनो बैठी थी

लेकिन कामिनी जल्दी से अपने रूम में भागी

कामिनी के पीछे काव्या और करुणा भी भागी...

 


अपडेट 159

दिलीप- कामिनी को भागते देख किरण मौसी खड़ी हो गयी और वो मेरे पास आ गई

किरण मौसी- दिलीप यह कामिनी को क्या हो गया

कही तुमने तो कुछ नही कर दिया

दिलीप- नही मासी मुझे भी नही पता कि वो इतनी जल्दी क्यूँ भागी

और आप चिंता मत करो

किरण मौसी- तुम रूको मैं शरबत लाती हूँ

[थोड़ी देर बाद किरण मौसी मेरे लिए शरबत लेके आई मैं शरबत पी लिया

करुणा और काव्या हँसते हुए नीचे आने लगी

किरण मौसी- क्या हुआ तुम दोनो हंस क्यूँ रही हो

करुणा- माँ बुआ को फ्रेश होना था इसी लिए वो इतनी जल्दी में गयी

काव्या- दिलीप यह तुम्हारे हाथ में 4 बॅग्स

दिलीप- ओह हां किरण मौसी यह आपका गिफ्ट और यह आप दोनो का

[3बॅग में तीनो को दे दिया एक कामिनी के लिए था]

दिलीप- मासी आपके लिए लाल साड़ी लाया हूँ

मुझे पता है कि आप सफेद साड़ी पहनती हैं

लेकिन अब आप रंगीन साड़ी ही पहनेंगी

[मासी कुछ बोलना चाहती थी]

काव्या- हाँ माँ अब आप सफेद साड़ी नही पहनेंगी

आपको हमारी कसम

[फिर मैं अपने रूम में आ गया

फ्रेश होके सोचा कि सबसे बात कर लेता हूँ

विदू से अभी बात नही कर सकता था वरना वो एग्ज़ॅम नही देती सिर्फ़ मेरे बारे में ही सोचती

फिर मैं बड़ी मामी बड़ी नानी और वँया से बात कर लिया

तीनो उदास थी

तभी कोई गेट नॉक करने लगा

मैं जाके गेट खोला

काव्या- कितना अच्छा गिफ्ट है तुम्हारा नेकलेस

करुणा- पहली बार मुझे मेरे बॉयफ्रेंड ने कोई गिफ्ट दिया है

ठीक है अब तुम आराम करो मैं जाती हूँ

काव्या- मैं भी

[फिर दोनो चली गयी

दोनो पे अब गुस्सा नही आता है

दोनो का भाई हूँ

जैसे ही मैं बेड पे लेटा

फिर कोई गेट नॉक करने लगा

मैने जाके गेट खोला

[करुणा मुझे देख कर मुस्कुरा भी रही थी और शर्मा भी रही थी]

करुणा- तुमको गिफ्ट देना है

दिलीप- दीजिए

करुणा- ऐसे नही तुम प्रॉमिस करो कि तुम मेरा गिफ्ट लोगे

दिलीप- प्रॉमिस आपका गिफ्ट ज़रूर लूँगा

करुणा- मैं तुमको किस करना चाहती हूँ

दिलीप- कहाँ पे करेंगी

करुणा- तुमने प्रॉमिस किया है

दिलीप- [ क्या करूँ यार डरता तो मैं किसी से भी नही हूँ मैं अवनी के साथ भी यह सब कर चुका हूँ

लेकिन इन्दोनो के साथ नही कर सकता अवनी मुझसे प्यार करती थी हवस और प्यार अपनी जगह है

आज भी मैं अवनी के साथ प्यार कर सकता हूँ]

[मैने करुणा को साइड किया और गेट लॉक कर दिया]

करुणा का हाथ पकड़ा और बेड पे बैठ गया

दिलीप- आप मुझसे प्यार करती हैं

करुणा- हाँ

दिलीप- कॉन्सा वाला

करुणा- मतलब

दिलीप- बॉयफ्रेंड वाला या फिर भाई वाला

करुणा- दोनो

दिलीप- कैसे

करुणा- तुमने जब मुझे बाँधा था

तो तुम मेरे साथ ऐसी वैसी बात कर रहे थे

उस वक़्त मुझे बहुत तकलीफ़ हुई

आज तक मुझे बहुत लड़के मिले

लेकिन मैं किसी पे भी ध्यान नही दी

जब मुझे पता चला कि तुम मेरे साथ ऐसी वैसी बात कर रहे थे

और तुम मेरे साथ कुछ भी कर सकते थे

लेकिन तुमने किया नही

उसी वक़्त मैं समझ गयी कि इस दुनिया में हमारा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता

बिगाड़ सकता है तो वो सिर्फ़ तुम हो

उसी वक़्त मैं तुम्हे अपना भाई मान ली

फिर बाद में तुम्हारी गंदी बाते मेरे दिमाग़ में गूंजने लगी

और मैं खुद को रोक नही पा रही हूँ

और क्यूँ रोकू खुदको मैं तुमपे भरोसा करती हूँ

और तुमसे प्यार भी करती हूँ

दिलीप- अगर कल कोई और पसंद आ गया तो

करुणा- नही आएगा

दिलीप- अगर आ गया तो

करुणा- सबसे पहले तुम्हे बताउन्गी

तुम्हे अच्छा लगेगा तो उसको बोलूँगी कि अपने माता पिता को लेके आए

मम्मी से शादी की बात करने

उसके साथ ऐसा वैसा कुछ नही करूँगी

दिलीप- अगर उसको पता चल गया शादी के दिन कि आप पहले भी प्यार कर चुकी हैं

करुणा- मैं उसको शादी के पहले ही उसको सबकुछ बता दूँगी

सिर्फ़ यह नही बताउन्गी कि वो लड़का कौन है...

 


अपडेट 159अ

दिलीप- [करुणा मेरे हर सवाल का जवाब दे चुकी थी अब बारी थी सबसे अहेम बात की]

मैं किसी और से प्यार करता हूँ और शादी भी उसी से करूँगा

करुणा- मैं जानती हूँ तुम विद्या दी से प्यार करते हो

देखा इसी लिए मैं तुमसे प्यार करती हूँ

अगर कोई और होता तो मेरे साथ यह सब बाते करके टाइम पास नही करता

सीधा अपनी औकात पे आजाता

मेरी नज़र में तुमसे अच्छा कोई नही है

दिलीप- तो फिर ठीक है

[यह कहके मैं करुणा के दोनो हाथ अपने हाथ में ले लिया

करुणा शरमाने लगी

मैं अपने होंठ करुणा के होंठ पे रख दिया

और बड़े प्यार से चूसने लगा

करुणा के होंठो को कोई लड़का पहली बार चूस रहा था

वो भी इतने प्यार से

मैं बड़े प्यार से करुणा के उपरी होंठ को चूसने लगा

करुणा भी बड़े प्यार से मेरे नीचले होंठ को चूस रही थी

10 मिनट तक हम एक दूसरे के होंठ चूस्ते रहे फिर मैं किस तोड़ दिया

और हाँफने लगा करुणा का भी यही हाल था

करुणा अभी भी शर्मा रही थी

दिलीप- तुम अगर शरमाओगी तो हम प्यार कैसे करेंगे

तो शरमाना बंद जैसे मेरे साथ पहले बात किया करती थी वैसे ही करो

करुणा- पहले तुम्हे मनाने के लिए वो सब करती थी अब तुम मान गए हो तो समझ ही नही आ रहा है कि क्या करूँ

दिलीप- सिर्फ़ यह सोचो कि तुम्हे खुशी किस बात से होती है

करुणा- तुमको प्यार करने में

दिलीप- तो करो वैसे भी किस तो मैने किया अब तुम्हारी बारी

[फिर मैं खड़ा हो गया करुणा भी खड़ी हो गयी

मैं करुणा की कमर में हाथ डालके खुद से पूरा सटा लिया

करुणा अपने होंठ मेरी तरफ बढ़ाने लगी

और यह करुणा अपने होन्ट मेरे होन्ट पे रखके चूसने लगी

मैं भी करुणा के होन्ट चूसने लगा

और करुणा की कमर सहलाने लगा

करुणा मेरे होंठो को इतने प्यार से चूस रही थी

जैसे कि मैं इस दुनिया का आखरी लड़का हूँ

मैं भी उतने ही प्यार से करुणा के होंठ चूसने लगा

अब हमारे मुँह का थूक एक दूसरे के मुँह में जा रहा था

मैं करुणा की ज़ुबान चूसने लगा

करुणा के मुँह से रस निचोड़ने लगा

करुणा का मैं पहला प्यार था

मैं उसे इतना प्यार दूँगा कि वो मेरे जाने के बाद कभी दुखी नही होगी

ऐसे ही मैं 10 मिनट तक करुणा की ज़ुबान और करुणा के होंठ चूस्ता रहा फिर मैने किस तोड़ दिया

करुणा के होंठो की लिपस्टिक पूरी फैल चुकी थी

मैने अपना रुमाल निकालके करुणा के मुँह को सॉफ किया

और अपना मुँह भी सॉफ किया

दिलीप- तुम यह बात किसी को बताने वाली हो

करुणा- नही किसी को नही

दिलीप- काव्या को भी नही

करुणा- काव्या समझती है कि मैं तुम्हारे साथ मज़ाक कर रही हूँ

[फिर करुणा मेरे गाल पे किस करके चली गयी

मैने बॅग लिया और पहुँचा कामिनी के रूम पे

यह कामिनी हर वक़्त मॅगज़ीन ही पढ़ती रहती है

मैने गेट लॉक कर दिया

कामिनी अभी तक मुझे नही देखी थी

मैं एक झटके में कामिनी के बदन पे कूद गया लेकिन प्यार से

कामिनी- तुम कब आए

दिलीप- अभी

कामिनी- बड़े मूड में लग रहे हो

दिलीप- कितनी बेशरम हैं आप एक लड़की के अंदर शरम हया दोनो होती है

कामिनी- तुम्हारा मतलब है कि मैं 25साल की लड़की अब शरमाऊं हया दिखाऊँ

अगर शरमाती तो क्या तुम मानते

दिलीप- हाँ आपकी बात भी सही है एक 25 साल की लड़की जो आजतक किसी लड़के को किस भी नही की है

वो कहाँ से शरमाएगी

कामिनी- यह तुम मेरी तारीफ़ कर रहे हो कि ताना मार रहे हो

दिलीप- आपके लिए गिफ्ट लाया हूँ आज रात वही पहनना

और हां [मैं कामिनी की गर्दन चूमने लगा]

आपको प्यार करने में बड़ा मज़ा आएगा

फिर मैं अपने रूम में आ गया...

 
अपडेट 160

दिलीप- कामिनी के रूम से निकलके मैं स्विम्मिंग पूल पे आ गया

शाम हो चुकी थी सोचा एक डुबकी लगा लेता हूँ

सिमिंगपूल के ही साथ एक रूम था

जिसमें सब समान मौजूद था

मैं उस रूम में गया

एक शॉर्ट पहना और एक छलान्ग लगाके स्वीमिंगपूल में कूद गया

तालाब जैसा मज़ा आ गया

मैं तैरने लगा

फिर मैं डुबकी लगाने लगा

डुबकी लगाते ही मेरी नज़र छत पे पड़ी जहाँ से काव्या मुझे देख रही थी

जब वो देखी कि मैं उसे देख रहा हूँ

तो वो वहाँ से चली गयी

फिर मैं स्वीमिंगपूल से बाहर आ गया और एक टवल से अपना बदन पोछा

एक टवल अपनी कमर पे लपेट लिया एक टवल अपनी नाभि पे भी लपेट लिया

क्यूंकी इस घर में मेरी इज़्ज़त हमेशा ख़तरे में ही रहती थी

फिर मैं अपने कपड़े उठाया और हॉल में आ गया

किरण मौसी मेरे पास आई और कपड़े ले ली

दिलीप- मासी रहने दीजिए मैं धो लूँगा

किरण मौसी- मैं धो दूँगी और अगर बड़ी माँ को पता चल गया तो वो तो मुझे ताना देती रहेंगी

कि मैं उनके बेटे को अपने घर लेके आई

और और उसी से उसके कपड़े भी धूलवाई

दिलीप- ठीक है आप भी कोन्सि बात कहाँ ले जाती हैं

किरण मौसी- तुम कपड़े पहन्के आओ

मैं चाइ बनाती हूँ

फिर मैं उपर आया तभी कामिनी मुझे आवाज़ दी

वो अपने रूम के बाहर खड़ी थी

और मुझे उपर से नीचे देख रही थी

मैं उसके पास गया

कामिनी- कहाँ से आरहे हो

दिलीप- स्विम्मिंग कर रहा था

कामिनी- मुझे क्यूँ नही बुलाया

दिलीप- किरण मौसी के सामने आप मेरे साथ स्विम्मिंग करती

कामिनी- सवाल यह नही है तुम मुझे अपने साथ क्यूँ नही ले गये

[यह कहके कामिनी मेरा टवल खींच दी

मैं पीछे हो गया और कामिनी को ज़ुबान दिखाने लगा

कामिनी मुँह फेर ली

मैं अपने रूम में आया

और कपड़े पहन्के नीचे आया

जहाँ पे सब बैठी मेरा वेट कर रही थी

किरण मौसी मेरी दी हुई साड़ी नही पहनी थी

लेकिन सफेद साड़ी भी नही पहने हुई थी

मैं सबके साथ बैठ गया

और चाइ पीने लगा

कामिनी मेरे बगल में बैठी थी

कामिनी अभी वोही टॉप और जीन्स पहने हुई थी

उधर करुणा चाइ पीते हुए मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी

किरण मौसी तो अपना सीरियल देखने में लगी हुई थी

मैं अपना एक हाथ कामिनी की कमर पे रख दिया

कामिनी सकपका गयी

मैं बचते हुए कामिनी को आँख मार दिया

फिर चाइ पीके अपने रूम में आ गया

मेरे पीछे करुणा भी आई

और गेट लॉक कर दी

मैं करुणा को अपनी गोद में बिठा लिया

और उसके गाल चूमने लगा

दिलीप- तुम इतना अच्छा किस कैसे कर लेती हो

करुणा- वो मेरी माल वाली फ़्रेंड है ना वो लड़को के साथ जब किस करती थी तो मैं उसकी किस्सिंग रेकॉर्ड कर लेती थी

और उसको जी भरके देखती थी फिर डेलीट कर देती थी

दिलीप- इसका फ़ायदा

करुणा- किस

दिलीप- अच्छा तो यह बात है

करुणा- और एक बात बताती हूँ कॉलेज में एक लड़का मुझे आइ लव यू बोलके मेरा हाथ पकड़ लिया

काव्या बुआ को फोन की

बुआ 10 मिनट में कॉलेज आ गई और उस लड़के की ऐसी धुलाई की

उस दिन से कोई लड़का हमारे पास आता ही नही है

दिलीप- कामिनी जी तो बहुत ख़तरनाक हैं

करुणा- तुम तो सबसे ज़्यादा ख़तरनाक हो

देखो तुम्हारे अंदर का शैतान जाग रहा है

[पहले तो मैं कुछ समझा नही फिर बाद में मैं समझा कि मेरा लंड करुणा को चुभ रहा है

मैं करुणा को किस किया फिर करुणा चली गयी

मैं बेड पे लेट गया

दिलीप- आज का दिन तो बीत ही नही रहा था

मैं अपने रूम से बाहर आ गया

और किरण मौसी को बोला कि मैं बाहर घूमने जा रहा हूँ

अंधेरा होने वाला था

मैं पार्क में जाके वॉक करने लगा

अब मेरे टाइप का अजीब लड़का ही शाम में अकेला वॉकिंग कर सकता है

मैं वॉकिंग कर रहा था तभी एक अंकल आंटी और एक लड़की पार्क में आके वॉक करने लगी

अंकल बहुत मजाकिये टाइप के थे

अपनी बीवी को हँसाने पूरी कोशिश कर रहे थे

मैं वॉक करके घास पे बैठ गया

तभी वो अंकल मेरे पास आ गए

अंकल- हेलो यंग मॅन

[अंकल मुझसे हाथ मिलाते हुए बोले]

क्या हुआ अकेले बैठे हो कही घर से भाग तो नही आए

दिलीप- मेरी फॅमिली मेरे लिए सबकुछ है

अंकल- क्या बात है

जवाब नही दिया और मैं समझ भी गया

दिलीप- मैं ट्रिपल के विला में आया हूँ

अंकल- कामिनी के यहाँ आए हो

दिलीप- जी उनकी भाभी मेरी मासी हैं

[तभी आंटी और लड़की हमारे पास आ गई]

आंटी- सॉरी बेटा यह तुम्हे पका दिए होंगे

दिलीप- ऐसी कोई बात नही है

लड़की- पापा चलिए ना बहुत देर हो गयी है

अंकल- अच्छा यंगमॅन फिर मिलेंगे

[फिर वो तीनो चले गये

मैं भी थोड़ी देर तक रुका रहा फिर घर आ गया

करुणा गुस्से से मुझे देख रही थी

फिर वो अपने रूम में चली गयी

मैं भी पीछे गया काव्या किरण मौसी के साथ किचन में थी

जब मैं करुणा के रूम में पहुँचा

तो वो तकिये में मुँह दबा कर रो रही थी

मैं गेट लॉक किया और उसके पास गया

दिलीप- क्या हुआ करुणा

करुणा- कुछ नही

दिलीप- बताओ ना

करुणा- मैं जानती हूँ कि मैं तुम्हारे गले पड़ गयी हूँ

सनडे को तुम वापस चले जाओगे

क्या मुझे तुम्हारा वक़्त भी नही मिल सकता

घूमने चले गये

[अच्छा तो यह बात है बात भी सही थी मुझे घूमने जाने की क्या ज़रूरत थी मैं सोचने लगा कि करुणा को कैसे मनाऊ...

 


अपडेट 161

दिलीप- करुणा तो रोए जा रही थी अगर अभी कोई आ गया तो मैं हलाल

मैं करुणा के बगल में लेट गया

और करुणा के गाल सहलाने लगा

करुणा अपना मुँह दूसरी तरफ कर ली

मैं करुणा की पीठ पे अपना हाथ रख दिया

और दूसरा हाथ करुणा की कमर पे रख दिया

और एक झटके में करुणा को अपने उपर खींच लिया

मैं अपने दोनो हाथ करुणा की पीठ और कमर पे दबाए हुआ था

करुणा मुझसे दूर होने की कोशिश करने लगी

करुणा के बूब्स मेरी चेस्ट में दब गये

मुझपे तो ठरकपन दौड़ने लगा

थोड़ी देर बाद करुणा शांत हुई

मैं उसके होंठ चूसने लगा

थोड़ी देर तक मैं करुणा के होंठ चूस्ता रहा फिर मैं किस तोड़ दिया

करुणा मुस्कुराने लगी

दिलीप- अब रूठना मत वरना मैं भी रूठ जाउन्गा

करुणा- मैं क्या करती

तुम बाहर चले गये और मैं सोची कि तुम मुझसे दूर भाग रहे हो

दिलीप- अब अपने रूम में जाओ

और काव्या को कुछ मत बताना

[फिर करुणा अपने रूम में चली गयी रात में मैं खाना ख़ाके अपने रूम में आ गया

और वेट करने लगा सबके सोने का

जब सब सो गये तो मैं कामिनी के रूम में आ गया और गेट लॉक कर दिया

जैसे ही लाइट ऑन किया मेरा तो मुँह खुल गया

कामिनी मेरी ड्रेस पहने हुए बेड पे बैठी थी

और क्या कहूँ कितनी खूबसूरत लग रही थी

हल्का सा मेक अप मेरी दी हुई फ्रॉक एक दम डॉल लग रही थी

कामिनी उपर से जितनी भी कठोर हो लेकिन अंदर से एक बच्ची थी

मैं कामिनी को उपर से नीचे तक देखने लगा

मेरी तो आअह निकल गयी

गोरा बदन बड़े बड़े बूब्स

कामिनी के बदन पे एक ज़रा भी चर्बी नही थी

मैं कामिनी के पास पहुँचा

कामिनी मुझे देख कर मुस्कुराने लगी

मैं कामिनी के पास बैठ गया

दिलीप- अया कितना भरा जिस्म है आपका

आज आप बहुत खूबसूरत लग रही है

सच कह रहा हूँ आपका जो पति होगा वो आपको अकेला ही नही छोड़ेगा

कामिनी- आज तो तुम हो ना

दिलीप- ना मैं आपका बॉयफ्रेंड हूँ

और मैं आज आपको कली से फूल बनाउन्गा

कामिनी- तो बनाओ ना

दिलीप- कुछ तो शरमाइए

कामिनी- कैसे लड़के हो तुम और सब लड़के कहते हैं कि शरमाओ मत और तुम कहते हो शरमाओ

दिलीप- अपने हाथ उपर कीजिए

[कामिनी अपने हाथ उपर कर ली

मैं अपने दोनो हाथ कामिनी की कमर पे रख दिया और धीरे करके उपर लेजाने लगा

जब मेरा हाथ कामिनी के बूब्स के साइड वाले हिस्से पे टच हुआ तो कामिनी काँप गयी

मैने कामिनी को अपनी गोद में बिठा लिया

दिलीप- अच्छा एक बात मैं पहले ही बता देता हूँ मेरा बहुत छोटा है

कामिनी- क्या

दिलीप- वोही अब आप भोली मत बानिए

कामिनी- कोई बात नही अब तुम मुझे प्यार करोगे या परेशन करते रहोगे

[कामिनी की बात सुनके मैं अपने उसके होंठ पे रख दिया और चूसने लगा

कामिनी अपने होंठो पे लाल लिपस्टिक लगाई हुई थी

जिसको मैं चूस चुस्के खा रहा था

कामिनी के होंठ चूस्ते हुए मैं कामिनी की पीठ सहला रहा था

कामिनी भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ चूस रही थी

10 मिनट तक मैं कामिनी के होंठो का रस पीता रहा फिर मैं किस तोड़ दिया

हम दोनो हाँफने लगे

मैं कामिनी की फ्रॉक को निकाल दिया

फ्रॉक निकलते ही कामिनी का जिस्म देख कर मेरा लंड झटके खाने लगा

कामिनी अब सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी

मैं अपनी शर्ट उतार दिया और कामिनी को लेटा के उसके होंठ चूसने लगा

कामिनी के निपल्स सख़्त हो गये थे

मैं कामिनी की ज़ुबान चूस्ते हुए उसके पेट पे हाथ घुमाने लगा

कामिनी मेरी पीठ पे अपनी नाज़ुक उंगली फिराने लगी

मैं कामिनी की ज़ुबान चूस्ता रहा

फिर मैं किस तोड़ दिया

कामिनी की आँखो में प्यार और हवस दोनो दिख रही थी

मैं अपनी बनियान निकाल दिया

कामिनी वैसी ही लेटी रही

मैं अपना मुँह कामिनी के गले पे रख दिया और चूमने लगा

कामिनी का गला चूमते हुए मैं अपनी पॅंट भी निकाल दिया

मैं कामिनी के गले को चूमने के बाद कामिनी के गाल चूमने लगा

मैं अभी तक कामिनी के बूब्स नही टच किया था

कामिनी के गाल फूले हुए थे जिसपे मैं दाँत से काटने लगा

मैं अपना हाथ कामिनी के पेट पे घुमाते हुए कामिनी के गाल चूम रहा था

फिर मैने कामिनी को पलट दिया

कामिनी पेट के बल लेट गयी

मैं कामिनी की पीठ चूमने लगा

कामिनी आहे भरने लगी

फिर मैं कामिनी की कमर चूमने लगा

कामिनी के जिस्म के हिसाब से उसकी कमर बहुत पतली थी

कामिनी की पीठ और कमर दोनो मेरे थूक से गीली हो गयी

मैं कामिनी की कमर से उपर आया और कामिनी की गर्दन चूमने लगा

कामिनी सिसकियो की बारिश करने लगी

फिर मैं कामिनी के कान के पीछे वाले हिस्से को अपनी ज़ुबान से चाटने लगा

कामिनी और ज़ोर से सिसकिया लेने लगी

फिर मैं कामिनी को पलट दिया

कामिनी बड़े प्यार से मुझे देखने लगी

मैं कामिनी की दोनो आँखो को चूम लिया

जैसे ही मैं कामिनी की दोनो आँखो को चूमा कामिनी अपने होंठ मेरे होंठ पे रखके चूसने लगी

कामिनी पहले से ज़्यादा जोश के साथ मेरे होंठो को चूस रही थी

मैं भी पूरे जोश के साथ कामिनी के होंठो को चूसने लगा

फिर मैं किस तोड़ दिया

तभी कामिनी की नज़र मेरे अंडरवेर पे पड़ी

मेरे लंड का मोटा सुपाडा उस से बाहर निकला हुआ था

मेरे उस पे नज़र पड़ते ही कामिनी की आँखें चौड़ी हो गयी

मुँह खुल गया और कामिनी अपने मुँह पे हाथ रख दी

कामिनी- यह यह यह क्या है

[पता नही क्या हो जाता है इन लड़कियो को जब यह मेरे लंड को देखती हैं]

दिलीप- क्यूँ आपको नही पता कि यह लंड है और अब यह आपकी चूत में जाएगा

[मेरी बात सुनके कामिनी पहली बार शरमा गयी...

 


अपडेट 162

दिलीप- मैं एक झटके में अपनी अंडरवेर नीचे कर दिया

मेरा लंड झटके खाने लगा

जैसे वो कामिनी को सलामी दे रहा हो

मैं आगे बढ़ा और कामिनी का ब्रा उतार दिया

कामिनी मेरे लंड को ही देख रही थी

दिलीप- पसंद आया

[कामिनी हाँ में गर्दन हिलाने लगी]

तो पकड़ के देखिए

[कामिनी ना में गर्दन हिलाने लगी]

मैं कामिनी के होंठो पे अपने होंठ रखके चूसने लगा

और कामिनी के बूब्स पे हाथ रखके मसल्ने लगा

कामिनी अपने हाथो से चादर पकड़ ली

मैं कामिनी के होंठ छोड़के कामिनी के बूब्स पे आ गया

कामिनी के बूब्स जो अपने आप में ही एक क़ातिल थे

कामिनी मुझे ही देख रही थी जैसे कह रही हो कि तुम कितना तडपाते हो

मैं कामिनी के एक बूब्स को अपने मुँह में लेके चूसने लगा

कामिनी अपने बूब्स को मेरे मुँह में महसूस करते ही काँपने लगी

मैं कामिनी के बूब्स के हर एक इंच को चूस रहा था

और दूसरे बूब्स को अपने हाथ में भरके दबाने लगा

कामिनी- दिलीप तुम मेरे पहले बाय्फ्रेंड हो और ज़ोर से चूसो मेरे बूब्स आज यह तुम्हारे है अया येआः सक माइ बूब्स बेबी ऊवू अया यआः

दिलीप- कामिनी इंग्लीश हिन्दी मिलाके बोले जा रही थी

और मैं इधर कामिनी के एक बूब्स को चूसे जा रहा था और दूसरे बूब्स को मसल रहा था

कामिनी आहा अया किए जा रही थी

मैं कामिनी के निपल को चूसने लगा

दूसरे निपल को अंगूठे में पकड़ कर मसल्ने लगा

मैं कामिनी के निपल को अपने होंठो में पकड़ा और अपनी ज़ुबान से कामिनी के निपल को कुरेदने लगा

कामिनी- दिलीप ऐसा ना करो बहुत कुछ हो रहा है

[थोड़ी देर तक मैं कामिनी के निपल को वैसे कुरेदता रहा फिर मैं कामिनी के निपल को अपने दांतो में पकड़ कर खींचने लगा

कामिनी को दर्द और मज़ा दोनो एक साथ आने लगा

कामिनी अपना हाथ मेरे सर पे रखके दबा रही थी

फिर मैं दूसरे बूब्स को चूसने लगा लंड का दर्द कह रहा था कि मेरा दर्द कम करो लेकिन कामिनी को जो दर्द होने वाला था उसके पहले मुझे उसे पूरा मज़ा देना था

मैं कामिनी के दूसरे बूब्स को भी चूस चुस्के लाल कर दिया

उसके निपल को अपने दांतो में पकड़ कर खींचने लगा

फिर अपनी ज़ुबान से कामिनी के निपल को सहलाने लगा

तभी कामिनी का बदन अकड़ गया और उसकी चूत पानी छोड़ दी

मैं कामिनी को देखा कामिनी फिर से शरमा गयी

मैं कामिनी के बूब्स से नीचे आया और कामिनी की पेट चूमने लगा

और अपनी एक उंगली कामिनी की नाभि में डाल दिया

और घूमने लगा

कामिनी झटका खाने लगी

मैं कामिनी की पेट को पूरा चूम चूम कर गीला कर दिया

फिर मैं कामिनी के नाभि में अपनी ज़ुबान डाल दिया

कामिनी- दिलीप अया अया यह क्या अया यह उईइ माँ

[मैं कामिनी की नाभि में अपनी ज़ुबान घुमा रहा इधर

मेरा लंड दर्द कर रहा था

मैं कामिनी की नाभि चूमते हुए कामिनी की पैंटी भी उतार दिया

कामिनी की चूत देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया

मैं कामिनी की नाभि पे ज़ुबान फेरते हुए कामिनी के बूब्स को चाट ते हुए कामिनी के होंठो को चाट ने लगा

[कामिनी के बॅग में तेल पेनकिलर और ट्यूब सब था

जो वो टेबल पे सजाए हुई थी

मैं तेल उठाके कामिनी के पैरो के बीच आ गया

कामिनी अपनी टांगे मोडी हुई थी

दिलीप- प्यार करने दीजिए मेरे लंड में बहुत दर्द हो रहा है

[कामिनी अपनी टांगे खोल दी

मैं कामिनी की चूत पे अपने हाथ फेरने लगा

कामिनी की चूत पूरी चिकनी थी

मैं कामिनी की चूत में जब अपनी एक उंगली घुसाने की कोशिश किया

तो कामिनी चीख पड़ी

मैं समझ गया पहली की तरह यहाँ भी मेहनत करनी पड़ेगी

मैं कामिनी की जांघे चूमने लगा

कामिनी छटपटाने लगी कि मैं उसकी चूत क्यूँ नही चूस रहा हूँ

जब मैं देखा कि कामिनी मुझे आस भरी नज़रो से देख रही है

मैं अपना मुँह कामिनी की चूत पे रख दिया

और चूसने लगा

कामिनी की चूत रस पे रस टपकाए जा रही थी

मैं कामिनी की चूत के दाने को अपने होंठो में भरके चूसने लगा

और कामिनी की नाभि में उंगली घुमाने लगा

कामिनी की तो जान ही निकल गयी

मैं कामिनी की चूत के दाने को जब ज़ोर से चूस्ता तो कामिनी अपनी गान्ड हवा में उठा लेती

कामिनी- ओह दिलीप लिक्क माइ पुसी ओह्ह यॅ उम्म्म अयीई माआ

दिलीप- [कामिनी की चूत चूस्ते हुए मैं उसकी नाभि में उंगली घुमाए जा रहा था

और मैने अपनी दूसरे हाथ की उंगली को तय्यार रक्खा

जैसे ही कामिनी का बदन अकड़ने लगा

मैने अपनी एक उंगली को कामिनी की चूत पे सेट किया

और तेज़ी से कामिनी की चूत चूसने लगा

कामिनी अपनी गान्ड उठा उठा उठाके अपनी चूत चुसवाने लगी

और मेरी मेहनत काम आई

कामिनी का बदन अकड़ गया कामिनी आहे भरती हुई झड़ने लगी

मैं तुरंत अपनी एक उंगली कामिनी की चूत में डाल दिया

कामिनी को दर्द हुआ लेकिन उतना नही

मैं कामिनी की चूत का सारा पानी पी गया

और उंगली अंदर बाहर करने लगा

कामिनी की आँखो से आँसू बहने लगे

मैं कामिनी की चूत में उंगली करते हुए कामिनी की कमर के पास आ गया

मेरा लंड कामिनी के पेट पे था

जिसे कामिनी महसूस कर रही थी

मैं कामिनी के गाल सहलाने लगा

और कामिनी के बूब्स दबाने लगा

फिर मैं ढेर सारा तेल लिया और अपने लंड पे लगाने लगा

जब मेरा लंड चिकना हो गया तो मैं सारा तेल कामिनी की चूत पे डाल दिया

और अपना हाथ कामिनी की चूत पे मलने लगा

कामिनी सिर्फ़ मुझे देखे जा रही थी

उधर मैं कामिनी की चूत मसल रहा था

और इधर मैं अपने लंड पे तेल लगा रहा था

कामिनी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी....

 
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