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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
अपडेट 163
दिलीप- मैं कामिनी को होंठो को गाल को आँखो को गर्दन को गले पीठ को कमर को बूब्स निपल्स को नाभि को पेट को और चूत को चूस चुस्के लाल कर चुका था
कामिनी कभी मेरे लंड को देखती जिसको मैं मुठिया रहा था
और कभी अपनी चूत को जिसपे मैं तेल मल रहा था
मैं अपने लंड से अपना हाथ हटा लिया
और कामिनी का हाथ पकड़ा और अपने लंड पे रख दिया
कामिनी अपना हाथ हटा ली
मैं इस बार कामिनी का हाथ पकड़ा और अपने लंड पे रखके मुठियाने लगा
फिर मैने अपना हाथ हटा लिया
कामिनी के नरम हाथो से मेरे लंड की मालिश हो रही थी
मैं थोड़ा सा तेल कामिनी के बूब्स पे रखके मसल्ने लगा
कामिनी के दोनो बूब्स की मालिश करने लगा
कामिनी अब मेरे लंड पे हाथ तेज़ चला रही थी
जिससे मेरे लंड का दर्द कम हो गया था
[कामिनी की चूत मसल्ते हुए मुझे 10 मिनट हो चुके थे
अब कामिनी झड़ने वाली थी
दिलीप- मैं कामिनी का हाथ अपने लंड से हटाया कामिनी समझ गयी अब उसकी फटने वाली है
मैं कामिनी की टाँगो के बीचे आ गया
अपना लंड कामिनी की चूत पे सेट किया
आगे झुक के कामिनी के होंठो पे अपने होंठो को रक्खा
मैं अपने दोनो हाथ के पंजे को कामिनी के दोनो पंजे में लगा दिया
ताकि कामिनी अपने हाथ ना चला सके
मैं अपनी कमर को थोड़ा सा पीछे करके एक धक्का मारा मेरा लंड फिसल गया
मैं अपने एक हाथ से अपने लंड को कामिनी की चूत पे सेट किया
और एक धक्का मारा
मेरे लंड का सुपाड़ा कामिनी की चूत में चला गया
कामिनी का दर्द मैं अपने होंठो पे महसूस कर रहा था
कामिनी दर्द के कारण अपनी चूत टाइट कर ली थी
मैने एक और धक्का मार दिया
मेरा 3 इंच लंड कामिनी की चूत में समा गया
कामिनी की आँखो से आँसू बह रहे थे
मैं उतने ही लंड को कामिनी की चूत में धीरे से आगे पीछे करने लगा
कामिनी तो दर्द के मारे अपना सर इधर उधर कर रही थी
जब उसकी सील टूटेगी तो कितना दर्द होगा
मैं कामिनी के होंठ चूस्ते हुए उसके बूब्स दबाने लगा और कामिनी की चूत में अपना लंड आगे पीछे करने लगा
थोड़ी देर बाद कामिनी अपनी कमर हिलाने लगी
मैं कामिनी के होंठो को जकड लिया
और एक झटका मारा
मेरा आधा लंड कामिनी की चूत फाड़ता हुआ और उसकी सील तोड़ता हुआ अंदर चला गया
कामिनी तड़पने लगी कामिनी की चूत से खूने बहने लगा
जो मैं अपने लंड पे महसूस कर रहा था
मैं पूरे जोश के साथ कामिनी के होंठ चूसने लगा और उसके दोनो बूब्स दबाने लगा
साथ ही मैं धीरे धीरे अपना आधा लंड कामिनी की चूत में पेलने लगा
थोड़ी देर बाद कामिनी अपनी कमर गोल गोल घुमाने लगी
मैं समझ गया कामिनी झड़ने वाली है
जैसे ही कामिनी की चूत पानी छोड़ी
मैं अपनी पूरी ताक़त लगाके धक्का मारा
मेरा पूरा लंड कामिनी की चूत फाड़ता हुआ किसी चीज़ से टकरा गया
कामिनी की तो जान ही निकल गयी
कामिनी मुझसे छूटने के लिए छटपटाने लगी
मैं कामिनी के होंठ से अपने होंठ अलग किया
कामिनी रोने लगी
कामिनी- दिलीप बहुत दर्द हो रहा है
और सहेन नही होता
दिलीप- बस कुछ देर और फिर दर्द ख़तम हो जाएगा
[मैं धीरे से कामिनी की चूत चोदने लगा
कामिनी को बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा था
मैं पूरी कोशिश कर रहा था कामिनी का दर्द कम करने की
उसके होंठ चूस रहा था उसके बूब्स दबाने लगा
साथ ही उसकी चूत के दाने मसल्ने लगा
कामिनी की चूत इतनी टाइट थी कि क्या बताऊ
कामिनी की चूत मेरे लंड को जकड़े हुई थी
और मैं कामिनी की चूत चोदने में लगा हुआ था
थोड़ी देर बाद कामिनी का दर्द कम हुआ
मैं कामिनी को देखा तो वो मुझे ही देख रही थी
मैं अपना आधा लंड कामिनी की चूत से बाहर निकाला और पूरी ताक़त से पेल दिया
कामिनी की चीख निकल गयी
मैं 3 बार वैसे ही किया लेकिन कामिनी बर्दाश्त करने लगी
क्यूंकी अब मैं उसको अपनी ताक़त दिखाने वाला था
मैं अपना पूरा लंड बाहर निकाला और एक ही बार में कामिनी की चूत में पेल दिया उसके कामिनी की चीख निकल गयी कामिनी मुझे थप्पड़ मार दी
मैं एक बार फिर अपना पूरा लंड निकाला और कामिनी की चूत में पेल दिया कामिनी फिर चीखते हुए मुझ थप्पड़ मार दी
मैं कामिनी को देख कर हँसने लगा
कामिनी भी हँसने लगी
मैं अपनी पूरी स्पीड से कामिनी को चोदने लगा
कामिनी की चूत में अपना लंड पेलने लगा
कामिनी की टाइट चूत चोद कर मुझे मज़ा आ रहा था
पूरे 1 महीने बाद मैं चुदाई कर रहा था
दिलीप- कामिनी मेरी जान कैसा लग रहा है
मैं कामिनी की चूत में अपना लंड पेलते हुए
कामिनी- बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा
यॅ फक मी फक मी फक मी हार्डर यॅ अया ऊवू एआः बेबी आइ वाना कम फक मी
दिलीप- हिन्दी में बोलो ना
मेरी बात सुनके कामिनी शरमा गयी
कामिनी- दिलीप और ज़ोर से चोदो मुझे फाड़ दो मेरी चूत तुम मेरे पहले बाय्फ्रेंड हो और ज़ोर्से चोदो अपनी गर्लफ्रेंड को कोई रहम मत करो अयाया आआआः
[और कामिनी झड़ने लगी
अब मेरा लंड कामिनी चूत में आराम से जा रहा था
हमारी चुदाई को 30 मिनट हो चुके थे
कामिनी पहले दर्द से तडपी लेकिन अब अपना दर्द भूलके मुझसे चुदवा रही थी
अब मैं भी झड़ने वाला था
मैं कामिनी के निपल को अपने मुँह में भरके चूसने लगा
और कामिनी को चोदने लगा
कामिनी एक बार फिर आआहए भरने लगी
मैं कामिनी अपनी पूरी ताक़त से चोदने लगा
कामिनी पूरी हिल गयी
फिर कामिनी झड़ने लगी
मैं भी अपना कम कामिनी की चूत में डाल दिया
और कामिनी के गले लग कर हाँफने लगा...
अपडेट 164
दिलीप- कामिनी के बूब्स पे सर रखके मैं हाँफ रहा था
कामिनी मेरे सर में उंगलिया फिरा रही थी
मेरा लंड मुरझा गया था लेकिन कामिनी की चूत में ही था
आधे घंटे तक मैं कामिनी के उपर लेटा रहा
फिर मैं कामिनी के उपर से उठ गया
मेरे लंड पे खून और रस दोनो लगा हुआ था
जो कामिनी की चूत से निकला था
[मैं कामिनी के पास बैठ गया
दिलीप- वैसे तो मैं आपका बाय्फ्रेंड हूँ
लेकिन मुझे आप यह बताएँगी कि आप मेरे गाल लाल क्यूँ कर दी
कामिनी- तुम भी मार लो
[[कामिनी भी पूरी सठिया जाती है
मैं बाथरूम में आया अपने आप को सॉफ किया
बाथरूम से बाहर आके कामिनी को अपनी गोद में उठाके बाथरूम में आया
कामिनी को अच्छे से सॉफ किया
फिर कामिनी अपनी चूत सेकने लगी
मैने रूम ठीक कर दिया
और कामिनी को बातरूम से बाहर लेके आया और बेड पे लिटा दिया
कामिनी को दोनो टॅबलेट खिला कर कामिनी टाँगो के बीच आ गया
कामिनी की चूत तो लूट चुकी थी
कई जगह से छिल चुकी थी
कहाँ एक उंगली नही घुसती थी अब तीन उंगली भी घुसा सकता हूँ
मैं कामिनी की चूत में ट्यूब लगाने लगा
कामिनी बस मुझे देखे जा रही थी
फिर मैं अपने कपड़े पहना और गेट के पास आ गया
कामिनी अभी भी मुझे ही देख रही थी
मैं वापस कामिनी के पास गया
दिलीप- मुझे देखना बंद कीजिए और सो जाइए
[मैं कामिनी के माथे को चूम लिया और अपने रूम में आ गया
बेड पे लेट ते ही नींद आ गई
अगली सुबह मैं सबके साथ नाश्ता कर रहा था
कामिनी पैर दर्द का बहाना करके अपने रूम में ही नाश्ता कर रही थी
आज नौकर सब भी आ गए
या यूँ कहे तो नौकरानी
जो घर का काम कर रही थी
मैं नाश्ता करके टीवी देखने लगा
तभी करुणा मेरे पास आ गई
मैं टीवी ऑफ किया और करुणा को देखने लगा
करुणा उदास दिख रही थी
मैं करुणा को इशारा किया अपने पीछे आने का
करुणा मेरे पीछे मेरे रूम में आ गई
मैं गेट लॉक किया
और करुणा का हाथ पकड़ कर बेड पे बैठ गया
दिलीप- बताओ
करुणा- क्या बताऊ
दिलीप- यही कि इतनी उदास क्यूँ हो
करुणा- ऐसा कुछ नही है
दिलीप- तो मेरे दोनो गाल पे दो थप्पड़ मारिए
करुणा- ऐसा मत कहो
दिलीप- क्यूँ ना कहूँ
मेरी इतनी खूबसूरत गर्लफ्रेंड इतनी उदास है
और मैं कुछ कर ही नही पा रहा हूँ
करुणा- वो
दिलीप- हां
करुणा- वो वो
दिलीप- क्या वो वो कर रही हो बोलोगि भी
करुणा- वो मेरी माल वाली फ़्रेंड है ना वो तुम्हार साथ
दिलीप- मेरे साथ क्या
[करुणा मेरी बात सुनके शरमाने लगी और मैं अपना सर खुजाने लगी]
जल्दी से बताओ वरना मैं जा रहा हूँ
[मेरी बात सुनके करुणा मेरा हाथ पकड़ ली]
और अपनी उंगली मेरे पैर की तरफ करके इशारा करने लगी मेरी तो कुछ समझ ही नही आया
लेकिन जब करुणा अपनी उंगली मेरे लंड की तरफ कर दी मेरा तो दिमाग़ घूम गया]
दिलीप- यह क्या इशारा कर रही हो सॉफ सॉफ बताओ ना
[करुणा मुझे गुस्से से देखने लगी शायद वो समझ गयी कि मैं नाटक कर रहा हूँ]
करुणा- वो तुम्हारे साथ सोना चाहती है
दिलीप- यह बात तुम पहले भी बोल सकती थी
करुणा- एक तो मैं किसी लड़के के साथ पहली बार ऐसी बात कर रही हूँ
उपर से वो लड़के तुम हो
मैं अगर यह बात डाइरेक्ट बोल देती तो तुम मेरे बारे में क्या सोचते
दिलीप- अच्छा सॉरी अब गुस्सा थूक दो
और यह बताओ कि तुम उसको क्या बोली
करुणा- मैं बोली कि मैं तुमसे बात करूँगी
दिलीप- मतलब तुम उससे यह बोली कि तुम अपने बाय्फ्रेंड से बात करोगी कि वो तुम्हारे साथ सो जाए
करुणा- सॉरी
दिलीप- क्या सॉरी तुम उसी वक़्त मना कर देती
करुणा- मैं सोची कि तुम
दिलीप- यही ना की मैं झट से उसके पास चला जाउन्गा
और तुम तो यह सोचोगी ही तुम जानती हो कि मैं विदू से प्यार करता हूँ
फिर भी मैं तुम्हारा बाय्फ्रेंड बना हूँ
तुम शायद सोची होगी कि मैं तुम्हारे जिस्म के लिए तुम्हारा बाय्फ्रेंड बना हूँ
करुणा- ऐसा मत बोलो मैं तो बहुत खुशनसीब हूँ कि तुम कम से कम मुझसे प्यार तो कर रहे हो
मैं तो बस यह सोची कि तुम थोड़ा सा एंजाय कर लोगे
दिलीप- मैं प्यार का दीवाना हूँ और तुम्हारी फ़्रेंड हवस की दीवानी है
[वैसे तो मैं कुछ ज़्यादा ही बोल गया था क्यूंकी मैं डॉक्टर दिया के साथ हवस के लिए सेक्स कर चुका
लेकिन उसके बाद मैं कभी किसी लड़की पे बुरी नज़र नही डाला]
करुणा- सॉरी मुझे माफ़ करदो ना मैं उससे अब कभी बात नही करूँगी
दिलीप- मैं तो बस यह कह रहा हूँ कि तुम यह कभी मत सोचना कि मैं हवस का भेड़िया हूँ
करुणा- अब मैं तुम्हे जान गई हूँ तुम सबसे अच्छे बाय्फ्रेंड हो
और मेरे लिए सबसे प्यारे
दिलीप- लेकिन यह तुम्हार कैसी दोस्त है जो तुमसे ऐसी बाते करती है
करुणा- वो ऐसी ही है वो कहती है कि वो लाइफ एंजाय करती है
दिलीप- तुम भी तो उसकी दोस्त हो
करुणा- वो मेरी दोस्त है इसका मतलब यह थोड़ी है कि मैं उसकी कॉपी करूँ
मैं अपनी मर्यादा जानती हूँ
दिलीप- यह तुम्हारे गाल पे क्या लगा है
करुणा- क्या लगा है
दिलीप- रूको मैं सॉफ करता हूँ
और मैने करुणा के गाल को चूम लिया
करुणा- बस एक ही
[करुणा के कहते ही मैं करुणा को अपनी गोद में खींच लिया और उसके होंठ चूमने लगा
करुणा भी मेरे होंठ चूसने लगी
मैं करुणा को होंठ चूस रहा था करुणा मेरे सीने पे हाथ फेर रही थी
मैं करुणा को किस करते हुए उसकी पीठ सहलाने लगा
फिर किस तोड़ दिया और करुणा को अपनी बाहो में लेके लेट गया
फिर थोड़ी देर बाद करुणा चली गयी
मैं भी थोड़ी देर बाद मैं बाहर आया तो वो आंटी दिखी पार्क वाली
वो किरण मौसी से बात कर रही थी...
अपडेट 165
दिलीप- मैं नीचे गया और आंटी को नमस्ते किया
आंटी थोड़ी देर तक किरण मौसी से बात करती रही
फिर वो चली गयी
किरण मौसी- कल इनकी बेटी की शादी है हमे इन्वाइट करने आई थी
दिलीप- तो आप जाएँगी
किरण मौसी- बिल्कुल जाउन्गी बहुत अच्छे लोग हैं
दिलीप- कल शादी है इसका मतलब आज रात में जाएँगी
किरण मौसी- तुम तो बहुत समझदार हो
लेकिन कामिनी के पैर में तो दर्द है
दिलीप- एक काम कीजिए मैं यही रुक जाता हूँ आप तीनो जाइए
किरण मौसी- नही दिलीप तुम मेहमान हो
दिलीप- क्या मासी आप भी ना
किरण मौसी- अच्छा एक काम करती हूँ
तुम और काव्या रुक जाओ
मैं और करुणा चली जाउन्गी
दिलीप- वैसे एक बात मेरी समझ में नही आई
किरण मौसी- क्या
दिलीप- शादी कल है एक दिन पहले इन्वाइट कुछ अजीब नही है
किरण मौसी- इन्वाइट तो वो 1महीना पहले ही कर गयी थी
सबसे पहला कार्ड हमे मिला था
दिलीप- अच्छा तो वो याद दिलाने आई थी
फिर तो आपको एक हफ्ते पहले उनके यहाँ जाना चाहिए था
किरण मौसी- मैं गाओं में थी
तबतक कामिनी थी उनके वहाँ
और अब कोई सवाल नही
काव्या और करुणा को बोलो की नीचे आए
[किरण मौसी से बात करके मैं कामिनी के रूम में आ गया
कामिनी बेचारी ज़बरदस्ती का दर्द का बहाना लेके बैठी थी
रूम में करुणा और काव्या भी बैठी थी
मैं बेड पे बैठ गया
दिलीप- मासी बुला रही है आप दोनो को
[मेरी बात सुनके दोनो रूम से बाहर चली गयी
मैं कामिनी को देख कर मुस्कुराने लगा
कामिनी- देखो तुमने मेरी क्या हालत कर दी
दिलीप- बहुत शौक था मेरे से चुदवाने का
कामिनी- हॅट बेशरम
दिलीप- अब मैं बेशरम हो गया मैं तो हां भी नही किया था कि आप मेरी तरफ पीठ करके अपनी नाइटी उतार फेंकी
और मुझे अपनी मस्त गान्ड दिखाने लगी तब कौन बेशरम था
[मेरी बात सुनके कामिनी का चेहरा पूरी तरह शरम से लाल हो चुका था]
अब बोलेन्गि भी
कामिनी- तुम मुझे परेशान क्यूँ कर रहे हो
दिलीप- अच्छा अब नही करता
लेकिन शरमाइए मत आप जैसे पहले रहती थी वैसे ही रहिए
कामिनी- क्या करूँ कल तुम्हारा प्यार देख कर तुम्हारे सामने बोल ही नही पा रही हूँ
दिलीप- ऐसा क्या कर दिया मैने
कामिनी- प्यार वो भी इतना जिस तरह से मैं तुम्हे मना रही थी
कोई और लड़का होता तो वो मुझे घटिया समझता
लेकिन कल जिस तरह तुम मुझे प्यार कर रहे थे
मैं उसके लिए तुम्हे अपना सब कुछ दे दूं
फिर भी कम होगा
दिलीप- अब देखिए आप ऐसी बाते मत कीजिए
मैं तो बस वोही किया जैसा मैं हमेशा करता हूँ
कामिनी- पता है आज मैं बैठ भी नही पा रही हूँ
फिर भी अगर तुम चाहो तो मुझे प्यार कर लो
दिलीप- मैं तो आपकी रगड़ के चुदाई करूँगा
कामिनी- ठीक तुम मेरी रगड़ के चुदाई करना
दिलीप- यह हुई ना बात हमेशा मुस्कुराती रहिए
और खुश रहिए
कामिनी- खुश तो तब रहूंगी जब तुम मुझे अपनी बाहो में लोगे
[कामिनी की बात सुनके मैं कामिनी उपर कूद गया और कामिनी के होंठ चूसने लगा
उपर से कामिनी के दोनो बूब्स को दबाने लगा
फिर मैने किस तोड़ दिया
दिलीप- आज तो आप शादी में नही जाएँगी
कामिनी- शादी अरे हां शर्मा अंकल की बेटी निधि की शादी है निधि तो मुझे मार डालेगी
दिलीप- फ़्रेंड है आपकी
कामिनी- फ़्रेंड नही बेस्ट फ़्रेंड है मेरी तुम भाभी को मनाओ ना कि वो मुझे जाने दे
दिलीप- मैं क्यूँ मनाऊ आप खुद मनाइए
[कामिनी मेरे कान के पास अपना मुँह लाई कामिनी की बात सुनके मेरे मन में लड्डू फूटने लगे]
आप अपनी प्राब्लम खुद सॉल्व कीजिए
कामिनी- प्लीज़ मेरी मदद नही करोगे मैं तुमको प्रॉमिस करती हूँ
दिलीप- पहले आपको प्यार कर लूँ फिर आपकी प्राब्लम देखूँगा
कामिनी- जाओ मैं नही करती तुमसे प्यार
दिलीप- अच्छा जाता हूँ
कामिनी- भाभी को मना लेना तुमको भाभी की कसम
[मैं कामिनी के रूम से किरण मौसी के रूम में आया]
मासी वो कामिनी जी कह रही है कि वो मज़ाक कर रही थी कि उसके पैर में दर्द है
किरण मौसी- मैं सब जानती हूँ दुल्हन जो है उसकी बेस्ट फ़्रेंड है
इसी लिए वो तुझे बहला रही है
दिलीप- हाँ तो आप जाने दीजिए ना उनको
किरण मौसी- यह लड़की बेवकूफ़ है शादी में जाएगी
नाचेगी कुदेगि और पैर का दर्द बढ़ा लेगी
उसको बोल दो कि वो नही जाएगी
दिलीप- आप उनको जाने दीजिए क्यूंकी मैं भी उनके साथ जाउन्गा
किरण मौसी- नही मतलब नही
दिलीप- मेरे लिए
किरण मौसी- तुम उसकी इतनी तरफ दारी क्यूँ कर रहे हो
दिलीप- क्यूंकी वो मुझे आपकी कसम दे चुकी हैं
किरण मौसी- यह लड़की भी ना ठीक है चले जाना
हम सब जाएँगे
दिलीप- आप कितनी अच्छी हैं मैं आपको एक स्पेशल गिफ्ट दूँगा
किरण मौसी- तुम बिल्कुल अपनी माँ जैसे हो
दिलीप- और आप बिल्कुल बड़ी नानी जैसी हैं
किरण मौसी- आज अपने हाथो से खिलाउंगी
रूको मैं लेके आती हूँ
[फिर मासी मेरे लिए खाना लेके आ गई और अपने हाथ से मुझे खिलाने लगी
फिर मैं करुणा के रूम में गया और दोनो को बता दिया कि हम सब जाएँगे
फिर मैं कामिनी के रूम में आया
कामिनी- भाभी मान गई ना
दिलीप- आपको क्या लगता है
[मेरी बात सुनके कामिनी मुझे अपने उपर खींच ली और चेहरे के हर हिस्से को चूमने लगी
दिलीप- बस कीजिए
कामिनी- तुम प्यार भी नही करने देते
दिलीप- याद है ना जो कहूँगा वो करना पड़ेगा
कामिनी- जान भी देने को बोलोगे तो दे दूँगी
दिलीप- इतना बड़ा वचन तो दीजिए जान
कामिनी- तुम ही ले लो
[मैं कामिनी की गर्दन चूमने लगा
और कामिनी के गुदगुदी करने लगा
कामिनी हँसने लगी...
अपडेट 166
दिलीप- मैं कामिनी को गुदगुदी करने में लगा हुआ था
तभी मेरा फोन बजने लगा
मैं फोन साइलेंट पे डाला और अपने रूम में आ गया
फोन अखिल का था
दिलीप- बोल क्यूँ याद किया
अखिल- अबे मैं तो तुझे यह बताने के लिए फोन किया हूँ
कि रिमी को जो मैं तेरे काम के लिए अड्वान्स दिया था
वो पैसे वो वापस कर गयी
दिलीप- ठीक है
अखिल- लेकिन मेरी समझ में यह नही आ रहा है कि वो जो 1 रुपया किसी को नही देती
वो मुझे पूरा अड्वान्स वापस दे गयी
दिलीप- तू क्या सीआईडी में भरती होगा
अखिल- ठीक है बाइ
और आरषि पूछ रही थी कि तू कब आएगा हमसे मिलने
दिलीप- आउन्गा तेरी भाभी को लेकर
[फिर मैने फोन कट कर दिया
शाम में हम लोग तय्यार हो गये शादी में जाने के लिए
मैं वोही पहना जो काव्या और करुणा मुझे गिफ्ट में दी थी
काव्या और करुणा तो पूरी दुल्हन लग रही थी
और कामिनी एक दम मस्त
फिर हम सब गाड़ी में बैठके पहुँचे निधि के घर
घर था कि महल कुछ समझ ही नही आ रहा था
यह भी विला ही था
शर्मा अंकल ने हमारा स्वागत किया
कामिनी काव्या और करुणा निधि के पास चली गयी
मासी मिसेज़ शर्मा के साथ
बच गया मैं अकेला
एक तो कोई जानता नही था
उपर से कुछ समझ ही नही आ रहा था कि कहाँ जाउ
मैं मर्दो की टोली में जाके बैठ गया
थोड़ी देर बाद कामिनी मुझे कॉल की
कामिनी- कहाँ पे हो
इतनी देर से ढूँढ रही हूँ
दिलीप- आप कहाँ पे हो
कामिनी- वहीं पर जहाँ से मैं अंदर चली गयी थी
[मैं कामिनी के पास गया]
कामिनी- क्या तुम भी इधर उधर चले जाते हो
दिलीप- मैं इधर उधर जाता हूँ
कामिनी- अच्छा ठीक है
चलो तुमको अपनी दोस्त से मिलाती हूँ
दिलीप- मैं आपकी दोस्त से मिलके क्या करूँगा
कामिनी- कितने रूड हो तुम
दिलीप- चलिए
[फिर कामिनी मुझे अपने साथ लेके एक रूम में गयी
जहाँ लड़की नही लड़कियाँ बैठी थी
कामिनी- निधि यह है दिलीप
और दिलीप यह है निधि
[मैने निधि को नमस्ते किया]
लड़की- कामिनी कहीं इसे आश्रम से तो नही लेके आई
लड़की2- ऐसा लग रहा है कोई बाबा मिलने आए हो
कामिनी- चुप करो तुम दोनो
[मैं रूम से बाहर आ गया]
कामिनी- दिलीप यह ऐसे ही बोल रही थी
दिलीप- अरे तो आप परेशान क्यूँ हो रही हैं
मुझे बुरा नही लगा
अब आप मुझे एक रूम दिखाइए जिसमें मैं सो सकूँ
[फिर कामिनी मुझे एक रूम में छोड़के चली गयी
मैं बेड पे लेट गया
और सो भी गया
जब मेरी आँख खुली तो कोई मुझे हिला रहा था
यह किरण मौसी थी
किरण मौसी- दिलीप उठके खाना खा लो
[मैं फ्रेश हो गया फिर खाना खा लिया]
किरण मौसी प्लेट लेके चली गयी
अभी 10पीयेम हुआ था
तभी कामिनी मेरे रूम में आ गई
गेट भी लॉक कर दी
जैसे ही कामिनी मेरे पास आई
मैं उसको अपनी बाहो में ले लिया
और उसके होंठ चूसने लगा
कामिनी कुछ कहना चाहती थी लेकिन मैने सुना ही नही
बस कामिनी के होंठ चूस्ता रहा
कामिनी के होंठ चूस्ते हुए कामिनी के बूब्स दबाने लगा
फिर मैं कामिनी की साड़ी उतारने लगा
जब मैं कामिनी की तरफ देखा तो मैं रुक गया
दिलीप- क्या हुआ आप खुश नही लग रही हैं
कामिनी- तुम्हे पता है कि मैं तुम्हारे साथ जब रहती हूँ तो सब कुछ भूल जाती हूँ
दिलीप- इसी लिए उदास हैं आप
[मेरी बात सुनके कामिनी मेरे गाल लाल कर दी
थप्पड़ से नही मेरे गाल को चूम कर
तभी कामिनी का फोन बजने लगा
और कामिनी रूम से बाहर चली गयी
मुझे नींद तो आ नही रही थी मैं भी रूम से बाहर आ गया
और घर देखने लगा
शादी की धूम ऐसी थी कि लग ही नही रहा था कि रात हो गयी है
मैने देखा कि वो लड़की जो मुझे ताना मार रही थी
घर के पीछे वाले गेट से कहीं जा रही है
पहले तो सोचा कि रहने दूं
लेकिन फिर ऋतु की याद आ गई
तो मैं भी चल पड़ा उसके पीछे..,
अपडेट 167
दिलीप- लड़की पहले इधर उधर झाँकने लगी
फिर वो आगे चल पड़ी
आगे भी किधर घर के लास्ट वाले हिस्से में जा रही थी
तभी उसका फोन बजने लगा
लड़की- हेलो हां तुम्हारा काम ही कर रही हूँ
अरे तुम्हारे लिए तो जान भी हाजिर है
तो यह सब करने टाइम तो लगेगा ना
एक तो वो यह सब करती नही
उपर से उसको पूरी तरह टल्ली करूँगी
और तुम उसे कॉलेज टाइम से ही घूरते थे
अच्छा फोन रक्खो
पता चला कि हमारा प्लान ही फैल हो गया
[फिर वो आगे बढ़ गयी
मैं भी छुप छुप कर उसके पीछे जाने लगा
तभी वो एक रूम में घुस गयी
मैं कुछ सोच पाता उससे पहले ही वो गेट लॉक कर चुकी थी
उपर से कोई खिड़की भी नही थी
फिर मैं वापस जाने लगा
तभी मुझे किसी की आवाज़ आई
यह आवाज़ कुछ जानी पहचानी थी
मैने गेट पे कान लगा लिया
आवाज़ तो सुनाई दे रही थी
लड़की- यार एक बार ट्राइ तो कर
लड़क1- नही यार घर में किसी को पता चल गया तो
लड़की2- कामिनी तू भी ना हम इतने दिन से यह सब कर रहे है हमे तो कुछ नही हुआ
[साला मेरे दिमाग़ का तो दही हो गया कामिनी क्या कर रही है अंदर]
लड़की3- यार देख अगर तू नही करेगी तो तुझे कैसे पता चलेगा कि अच्छा है बुरा
कामिनी- नही यार मेरी दो भतीजी भी है और मैं उनके साथ बहुत स्ट्रिक्ट हूँ
अगर उनको पता चल गया कि मैं ड्रिंक करती हूँ
तो वो मेरे बारे में क्या सोचेंगी
फिर तो वो भी ड्रिंक करेंगी
लड़की- कामिनी तू इतनी मेच्यूर है हम कॉलेज फ्रेंड्स हैं
कॉलेज में भी तू यह सब नही करती थी
यहाँ तक कि हम सब बोफ़र्ीएंड बनाके अपने आपको कॉलेज के गुन्डो से सेफ करती थी
और तू करते ही सीख ली कि तू अपने आपको सेफ रख सकती है
लड़की- थोड़ा सा पीले हमारी दोस्ती की खातिर
[यह रंडी इतना क्यूँ पीछे पड़ रही है अगर कुछ उल्टा पुल्टा की तो]
कामिनी- यार तुम नही जानती मैं यह सब कर ही नही सकती
लड़की- यार तू नही सुधरेगी चल जूस ही पीले
[फिर खामोशी छा गयी
लड़की- क्या हुआ कामिनी
कामिनी- कुछ नही यार चक्कर आरहे हैं
लड़की1- तू ठीक तो है ना
लड़की- चल मैं तुझे तेरे रूम में छोड़ आती हूँ
[मैं जल्दी से छुप गया फिर वो लड़की कामिनी को लेके बाहर आ गई
कामिनी पूरी तरह से नशे में थी
मेरा तो खून खौल गया
फिर वो कामिनी को आगे ले जाने लगी
मैं भी पीछे जाने लगा
मैं तो अपने आप को कंट्रोल किए हुआ था
और यही चाह रहा था कि यह वो ना कर रही हो
जो मैं सोच रहा हूँ
मैने अपने मुँह पे रुमाल बाँधा
फिर वो लड़की कामिनी को रूम में ले गयी
मैं तेज़ी से चलते हुए
गेट पे गया
इससे पहले वो कुछ समझ पाती मैं अंदर घुस गया
गेट लॉक किया और दिया 2 थप्पड़
थप्पड़ इतनी ज़ोर का था कि वो गिर गयी
मैं नीचे बैठ गया उस लड़की के पास
उसका टॉप उसके गले से पकड़ा और फाड़ दिया
अब वो सिर्फ़ ब्रा में थी
उसे तो कुछ समझ ही नही आ रहा था
लेकिन जब वो समझी तो चीख पड़ी
और उठके गेट खोलने की कोशिश करने लगी
मैं एक और थप्पड़ उसको मारा
और उसका ब्रा पकड़ा और वो भी फाड़ दिया
अब वो कमर से उपर पूरी नंगी हो चुकी थी
वो रोने लगी
दिलीप- अब क्यूँ रो रही हो कल सुबह उठके ये भी तो रोने वाली ही थी
अगर किसिको बताना चाहो तो बता दो
लेकिन यह याद रखना
तुम इसके साथ क्या करना चाहती थी
और मैने तुम्हारे साथ क्या किया
[फिर मैने अपनी शर्ट उतार दिया
वो और ज़ोर से रोने लगी
मैं उसकी तरफ बढ़के उसके सीने पे अपनी शर्ट रख दिया
फिर मैं कामिनी को अपनी गोद में उठाया और बाहर आ गया
कामिनी मेरे गाल खींचने लगी
नशे में जो थी
मैं अपने रूम में आ गया..
अपडेट 167ए
दिलीप- रूम में आके मैं कामिनी को अपनी गोद से उतार दिया और गेट लॉक कर दिया
कामिनी डॅन्स कर रही थी
नशे में
मैं कामिनी के पास गया
कामिनी मेरा हाथ पकड़ कर डॅन्स करने लगी
कामिनी- दिलीप कितना प्यारा नाम है
तुम तो मुझे परेशान करते हो आज नही करोगे
बोलो ना
[कामिनी मेरे गाल चूमते हुए बोली
मैने कामिनी को बेड पे लिटा दिया
लेकिन कामिनी मुझे अपने उपर खींच ली
कामिनी- तुम तो बड़े रूड हो हमेशा मेरी बात टालते हो
आज मेरी बात मान जाओ
[कामिनी का तो फ्यूज़ ही उड़ गया था
मैं कामिनी के होंठो पे अपने रखके अपनी आँखें बंद कर लिया
कामिनी अजीब टाइप से मेरे होंठ चूसने लगी
मैं अपने होंठ कामिनी के होंठो से अलग किया
कामिनी- दो ना तुम मुझे क्यूँ तड़पाते हो
किस भी नही करने देते
[कामिनी अपना हाथ मेरी कमर पे ले गयी
और मेरी पॅंट उतारने की कोशिश करने लगी
मैं कामिनी के उपर लेटा हुआ था
मैं कामिनी के नीचे आया कामिनी अब मेरे उपर थी
मेरा लंड कामिनी की गान्ड को टच कर रहा था
मैं कामिनी के दोनो हाथ उसके पेट पे रक्खा और अपने हाथ उसके पेट पे ज़ोर से रख लिया
कामिनी उपर नीचे होने की कोशिश करने लगी
लेकिन हो नही पाई
आख़िर में थक हारके सो गयी
सुबह जब मेरी आँख खुली तो कामिनी मुझे हिला रही थी
मैं उठके बैठ गया
दिलीप- क्या है सोने भी नही देती हो
कामिनी- तुम पहले यह बताओ कि मैं यहाँ आई कैसे
दिलीप- मैं आपको अपनी गोद में उठाके लाया हूँ
कामिनी- मज़ाक मत करो
दिलीप- आपकी कसम
कामिनी- लेकिन मैं अपनी फ्रेंड्स के साथ थी
फिर मुझे चक्कर आने लगा
फिर उसके बाद क्या हुआ मैं याद नही कर पा रही हूँ
दिलीप- उसके बाद हुआ यह कि आपकी फ़्रेंड आपको सहारा देके आपके रूम में ले जाने लगी
लेकिन आप संभल नही पा रही थी
तो आपकी फ़्रेंड आपको अपने रूम में लेगयि
आप उसके पास गयी और उसका टॉप और ब्रा दोनो आप फाड़ दी
कामिनी- यह तुम क्या बोल रहे हो
दिलीप- सच बोल रहा हूँ
वो तो अच्छा हुआ कि मैं इधर उधर घूम रहा था तो मेरी नज़र आप पे पड़ी और मैं आपको अपनी गोद में उठाके अपने रूम में ले आया
और आपकी फ़्रेंड को मैं अपना शर्ट भी दिया
[मेरी बात सुनके कामिनी अपने सर पे हाथ रखके बैठ गयी
कामिनी- मैं मेरी फ़्रेंड के साथ ऐसा की
यह मुझसे क्या हो गया
दिलीप- कुछ नही हुआ है और आप नशे में थी
तो अपनी फ़्रेंड के पास जाइए
और माफी मांगिए
कामिनी- तुमको यह सब इतना आसान लगता है
मैं उसको बेज़्जत की हूँ
दिलीप- चलिए मैं भी आपके साथ चलता हूँ
कामिनी- तुम झूठ तो नही बोल रहे हो
[मैं कामिनी का हाथ पकड़ा और पहुँचा उसकी फ़्रेंड के रूम में
जहाँ उसकी फ़्रेंड मेरी शर्ट पहन्के बैठी हुई
वो कामिनी को देख कर रोने लगी
कामिनी उसके पास गयी
कामिनी- मुझे माफ़ कर दे मैं जानती हूँ मैं बहुत ग़लत की हूँ
तेरे साथ प्लीज़ मुझे माफ़ कर दे और रोना बंद कर
[कामिनी की फ़्रेंड कामिनी की बात सुनके शॉक हो गयी]
प्लीज़ यार रोना बंद कर
दिलीप- आपको ऐसे ही थोड़े माफी मिलेगी
आप अपनी फ़्रेंड को कोई प्यारा सा गिफ्ट दीजिए
कामिनी- तुम यही पे रूको मैं लेके आती हूँ
[फिर कामिनी रूम से बाहर चली गयी]
मैं भी बेड पे बैठ गया
दिलीप- अब अगर मैं कामिनी जी को बता दूं कि तुम अपने यार के साथ मिलके उसको ही बर्बाद करने का सोच रही थी तो
फ़्रेंड- मैं इसी लायक हूँ
मैं अपनी बेस्ट फ़्रेंड के साथ ऐसा की हूँ थू है मुझपे
लेकिन वो मुझसे माफी क्यूँ माँग रही है
दिलीप- यह सब मत सोचो पता है कल तुमपे इतना गुस्सा आया था
कामिनी जी की वजह से मैने कुछ नही किया
फ़्रेंड- अगर तुम कल मेरे साथ कुछ ग़लत करते तो मैं यह कैसे समझती
कि कामिनी मुझसे कितना प्यार करती है
दिलीप- तुम अपने बाय्फ्रेंड का नंबर दो
फ़्रेंड- [गुस्से मे ] उस हरामी को तो पोलीस लेके गयी
और उसका किसी को पता भी नही चलेगा
दिलीप- वैसे तुम हो कौन
फ़्रेंड- सुमन
दिलीप- और पोलीस
सुमन- यहाँ के एसीपी मेरे भैया है
दिलीप- लेकिन कामिनी जी कहती है कि एसीपी उनका दोस्त है
और तुम उसके साथ ऐसा करना चाहती थी
सुमन- प्यार कुछ भी करवा सकता है
दिलीप- तो तुम उससे सच्चा प्यार करती हो
सुमन- करती थी
दिलीप- अब
सुमन- अब तो शादी के बाद ही सब कुछ करूँगी
तुम सोच रहे होगे कि मैं तुमको यह सब क्यूँ बता रही हूँ
दिलीप- या तो तुम मुझसे प्यार करती हो या मुझपे भरोसा
सुमन- तुम हो बच्चे लेकिन समझदार भी हो
[सुमन की बात पे मैं मुस्कुरा दिया]
और तुम सही सोच रहे मैं तुमपे भरोसा करती हूँ
[यह कहके सुमन अपने होंठ मेरे होंठ पे रखके किस करने लगी
सुमन- थॅंक यू
दिलीप- तो तुम मुझपे लाइन मार रही हो
[मेरी बात सुनके सुमन हँसने लगी...
अपडेट 168
दिलीप- जब सुमन हंस रही थी
तो कामिनी रूम में हमारे पास आ गई
सुमन- कामिनी यह बहुत अच्छा है इसे मुझे देदे कुछ दिन के लिए
[सुमन की बात सुनके कामिनी खुश हो गयी
और उसको गले लगा ली
दोनो सहेली रोने लगी
मैं मोबाइल में रेकॉर्डिंग करने लगा
तभी कामिनी की नज़र मुझपे पड़ी
कामिनी- यह क्या कर रहे हो
दिलीप- दो बंदरियों का रोना रेकॉर्ड
[फिर मैं जल्दी से रूम से बाहर आ गया
तभी कोई मुझसे टकरा गयी यह करुणा थी
करुणा- कहाँ हो सुबह से ढूँढ रही हूँ
दिलीप- मैं तुमको सुबह से ढूँढ रहा हूँ
करुणा- सॉरी चलो मेरे साथ
दिलीप- कहाँ
करुणा- कल वाले कपड़े भी आज पहनोगे
तुम्हारे लिए मैं ड्रेस लेके आई हूँ
[फिर मैं करुणा के साथ एक रूम में गया
करुणा मुझे एक टीशर्ट और जीन्स दी
मैं बाथरूम में गया और पहन्के बाहर आ गया
करुणा- हाए मेरी नज़र ना लगे कितने हॅंडसम लग रहे हो
[करुणा मेरे पास आके मेरे गाल सहलाने लगी
मैं करुणा के होंठो पे अपने होंठ रखके चूसने लगा
करुणा भी मेरे होंठ चूसने लगी
मैं करुणा के बूब्स पे अपना हाथ रख दिया
करुणा के बूब्स ना बड़े थे ना छोटे
मैं पहली बार करुणा के बूब्स छु रहा था
मैं करुणा के दूसरे बूब्स को भी दबाने लगा
करुणा किस तोड़के आहे भरने लगी
मैं करुणा की गर्दन चूमने लगा
करुणा मेरे सीने पे हाथ घुमाने लगी
दिलीप- करुणा तुम क्यूँ मुझे अपनी जिंदगी के साथ खेलने दे रही हो
अभी भी वक़्त है पीछे हट जाओ
करुणा- तुम मुझे पूरा प्यार करो फिर मैं सोचूँगी
दिलीप- पूरा प्यार का मतलब समझती हो ना
करुणा- [शर्माके] हाँ
दिलीप- लेकिन मेरा बहुत छोटा है
करुणा- तुम मुझे प्यार करोगे तो मैं सबकुछ भूल जाउन्गी
दिलीप- लेकिन तुम्हे बुरा नही लगेगा
कि तुम्हे प्यार करने वाले का वो इतना छोटा है
करुणा- दिल बड़ा होना चाहिए और तुम्हारा दिल तो है बड़ा
अब मैं जाती हूँ
[फिर करुणा चली गयी
मैं रूम से बाहर आया और घर में घूमने लगा
कामिनी और उसकी फ्रेंड्स निधि को सजाने में लगी हुई थी
मैने देखा काव्या अकेली बैठी है
मैं भी उसके पास बैठ गया
दिलीप- क्या हुआ अकेली क्यूँ बैठी हो
काव्या- बस ऐसे ही मन नही लग रहा है
दिलीप- क्या तुम भी मेरे पास क्यूँ नही आई
काव्या- तुम्हारे पास आती तो तुम क्या कर लेते
दिलीप- प्यार
काव्या- मतलब
दिलीप- मतलब यह कि तुमको अकेला महसूस नही होने देता
[काव्या सोच में डूब गयी]
मैने देखा आस पास तो कोई नही है
दिलीप- काव्या मैं जानता हूँ कि तुम वो सब सोचती हो
जो बात मैं तुमको बाँधके किया था
लेकिन उसमें एक पर्सेंट भी सच्चाई नही थी
तुम उस बात को दिल से निकाल दो
मन लगने लगेगा
काव्या- मेरी परेशानी वो नही है
मेरी परेशानी तो यह है कि तुम विद्या दी से प्यार करते हो
फिर भी दूसरी लड़कियो के साथ सोते हो
[काव्या की बात सुनके मैं शॉक हो गया]
दिलीप- तुम्हे कैसे पता
काव्या- दिलीप जिस तरह तुम लड़कियो से बात करते हो
कोई भी लड़की यह समझ जाएगी कि तुम उससे बात करने में झीजक नही रहे हो
जो लड़का लड़की से बात करने में ना झीजकता हो
इसका मतलब तो यही हुआ कि तुम किसी लड़की के इतना करीब आचुके हो जिससे तुम्हारा डर ख़तम हो गया है
और मैं यह जानना चाहती हूँ कि जो लड़का हॉस्पिटल में यह मानने से इनकार कर दे कि उसकी प्रेमिका मर चुकी है
वो लड़का अपनी प्रेमिका को मौत के मुँह से भी निकाल लाया
इतना प्यार फिर भी वो लड़का दूसरी लड़कियो के साथ यह सब करता है
यकीन नही होता इतना प्यार फिर भी हवस ही जीत गया...
अपडेट 168ए
दिलीप- [मन में] यह तो मुझे पता था कि यह दिन ज़रूर आएगा जब कोई मुझसे यह सवाल करेगा कि मैं विदू से प्यार करता हूँ या हवस से
दिलीप- काव्या मैं विदू से प्यार करता हूँ
और शादी भी उसी से करूँगा
लेकिन यह सिक्के का एक पहलू है
दूसरा पहलू यह है कि मैं अपनी मर्यादा जानता हूँ
मैं किसी भी लड़की के पास नही गया कि मैं तुम्हारे साथ सोना चाहता हूँ
या फिर उसके साथ दोस्ती किया और उसको फँसाया
लड़किया खुद मेरे पास आती हैं
और मैं सिर्फ़ उन्ही लड़कियो को प्यार करता हूँ जो मुझसे प्यार करती है
जो मुझे कहती हैं कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ
और मेरा यकीन मानो
मैं बहुत कोशिश करता हूँ
कि मैं अपने आप को उन लड़कियो से दूर रखू
लेकिन वो लड़किया खुद मेरे पास आजाती है
और मैं किसी का दिल नही तोड़ सकता
क्यूंकी मैं भी किसी लड़की से प्यार करता हूँ
काव्या- तो तुम यह कहना चाहते हो कि तुम किसी लड़की को मना नही करते क्यूंकी तुम डरते हो कि तुम उसे मना करोगे तो कही तुम्हारा प्यार तुमसे दूर ना हो जाए
जैसे तुम उनसे दूर होके उनका दिल तोड़ रहे हो
दिलीप- बिल्कुल सही
अगर मैं और लड़कियो के साथ यह सब करता हूँ
तो इसकी वजह यह है कि वो मुझसे प्यार करती हैं
और किसी के प्यार का अपमान मैं नही कर सकता
[मेरी बात सुनके काव्या चली गयी
काव्या को पता नही क्या हो गया है
फिर निधि की शादी हो गयी वो अपने घर मतलब ससुराल चली गयी
हम अपने घर आ गए
पर कामिनी के साथ सुमन भी आ गई
साला मेरी तो समझ में ही नही आता है कि यह सब मुझसे ही प्यार क्यूँ करती हैं
शाम हो चुकी थी मैं अपने रूम में बैठा हुआ था
तभी कामिनी मेरे रूम में आ गई
जैसे ही वो गेट लॉक की मैं पूरा नंगा हो गया
वो पीछे मूडी और मुझे देख कर शॉक हो गयी
कामिनी- बेशरम यह क्या कर रहे हो अभी कोई आजाएगा
दिलीप- आने दो मुझे अभी करना है
कामिनी- रात में कर लेना
दिलीप- अभी करूँगा
कामिनी- और दिन मे तो बड़ा कंट्रोल करते हो
आज क्या हो गया
दिलीप- आप करेंगी कि नही
कामिनी- नही करूँगी
भाभी आ गई तो
और सुमन भी तो है
दिलीप- तो फिर ठीक है
अब मुझसे बात मत करना
कामिनी- ऐसा क्यूँ बोल रहे हो
दिलीप- और क्या बोलू एक तो कल रात को पोपट कर दिया
और आज बोल रही हो कि रात में
[ मेरी बात सुनके कामिनी अपना टॉप उतारने लगी
मैं उसके पास गया और उसका हाथ पकड़ लिया ]
दिलीप- मुझे थप्पड़ मारिए
कामिनी- क्यूँ
दिलीप- मारिए ना
[कामिनी मेरे गाल पे चपत लगा दी]
देखा ऐसे ही मारना जब मैं ज़िद करूँ
वो क्या है ना आज कल मेरे साथ सबकुछ बहुत आसान हो रहा है
कामिनी- मन कर रहा है मुक्का मारके तुम्हारा मुँह तोड़ दूं
ऐसे डरने की क्या ज़रूरत थी
दिलीप- आप मुझे मुक्का मारेंगी
[मैने कामिनी के निपल को अंगूठे में पकड़ कर मसल दिया
कामिनी- अयीई माआ आज क्या हो गया है तुम्हे
दिलीप- पहले बोलिए रात को आएँगी
कामिनी- आउन्गि
दिलीप- प्यार करने देंगी
कामिनी- जितना चाहे कर लेना
दिलीप- गान्ड मारने देंगी
कामिनी- यह तुम मेरी गान्ड के पीछे क्यूँ पड़े हो
दिलीप- क्यूंकी आपकी गान्ड बहुत मस्त है
कामिनी- अभी नही जब घर में कोई नही होगा तब कर लेना
दिलीप- क्या कर लेना
कामिनी- तुम भी ना
मेरी गान्ड मार लेना बेशरम
अब जाउ
वरना कोई आजाएगा
[फिर कामिनी चली गयी...
अपडेट 168बी
दिलीप- कामिनी के जाने के बाद मैं सो गया
जब उठा तो रात के 9 बज रहे थे
मैने बड़ी नानी को फोन लगाया
बड़ी नानी बड़ी मामी और वँया से बात किया
फिर मैं खाना ख़ाके सबके साथ बैठके टीवी देखने लगा
हम जिस सोफे पे बैठे थे
उसके आगे टेबल था
तीन लोगो के पैर टेबल के अंदर थे
मैं सुमन और कामिनी
मैं बीच में बैठा था
मेरे एक साइड कामिनी और एक साइड सुमन बैठी थी
और इस वक़्त मुझे पता था कि यह दोनो अपनी औकात पे ज़रूर आएँगी
दूसरे सोफे पे करुणा काव्या और किरण मौसी बैठी थी
मैं बड़े गौर से फिल्म देख रहा था
तभी सुमन अपना एक हाथ मेरी जाँघ पे रख दी
मैं ज़्यादा ध्यान नही दिया
सुमन अपना हाथ मेरी जाँघ पे फिराने लगी
मेरा लंड खड़ा होने लगा
फिर भी मैं अपना ध्यान फिल्म देखने पे लगाया
लेकिन हद तो तब हुई जब कामिनी भी अपना हाथ मेरी दूसरी जाँघ पे रखके फिराने लगी
अगर मैं सुमन को रोते हुए नही देखता तो यही समझता कि वो एक रंडी टाइप है
और कामिनी तो मेरी ही थी
दोनो बड़े जोश के साथ मेरी जाँघो पे अपने हाथ फिरा रही थी
साला बर्दाश्त भी नही हो रहा था
लंड में भी दर्द हो रहा था
लेकिन मेरी इन दो दीवानी को कॉन समझाए कि यह मुझे तडपा रही थी
जब मुझसे बर्दाश्त नही हुआ तो मैने दोनो की जाँघ पे नही दोनो की चूत पे हाथ रख दिया
दोनो जीन्स पहने हुई थी
सुमन की शकल तो देखने लायक थी
सुमन शायद समझी होगी
कि मैं शरमाउंगा हिचकिचाउंगा
अब कामिनी तो फिर भी अपने आपको संभाले हुई थी
लेकिन कब तक संभालेगी
मैं अपने हाथो से धीरे धीरे दोनो की जीन्स के उपर से दोनो की चूत सहलाने लगा
दोनो की साँसे भारी होने लगी
दोनो अपने होंठ कस्के दबा ली
मैं टीवी देखते हुए दोनो की चूत सहला रहा था
तभी लाइट चली गयी
मैं सोचा यह क्या हो गया
किरण मौसी एक नौकरानी को आवाज़ दी
नौकरानी दौड़ी हुई आई
किरण मौसी के कहने पे नौकरानी चेक करने गयी कि लाइट क्यूँ ऑफ हो गयी
मैं लगातार दोनो की चूत सहला रहा था तभी दोनो का बदन अकड़ने लगा दोनो की साँसे भारी होने लगी
और दोनो झड़ने लगी
दोनो की सिसकियाँ नही निकली मतलब दोनो अपने मुँह पे हाथ रखे हुई थी
फिर लाइट आ गई लाइट आते ही दोनो की शकल देखने लायक थी
दोनो को फ्रेश होना था
लेकिन दोनो कहती किससे
दिलीप- मासी सर में दर्द है चाइ दो ना
किरण मौसी- अभी बनाके लाती हूँ
[किरण मौसी के किचन में जाते ही दोनो उठके खड़ी हो गयी
मैं कामिनी का हाथ पकड़ कर अपने पास बिठा लिया
सुमन उपर अपने रूम की तरफ भागी
कामिनी मुझे देखने लगी
थोड़ी देर बाद सुमन वापस मेरे पास आके बैठ गयी
मैने कामिनी का हाथ छोड़ दिया
कामिनी भी वोही की
फिर किरण मौसी मेरे लिए अदरक वाली चाइ लेके आ गई
मैं चाइ पीके अपने रूम में आ गया
थोड़ी देर बाद मैं पहुँचा सुमन के रूम पे
सुमन गेट खोलके मुझे देखने लगी
मैं अंदर गया और गेट लॉक कर दिया
दिलीप- सुमन तुम यह सब क्यूँ कर रही हो
सुमन- बस ऐसे ही तुम मुझे पसंद हो
दिलीप- पसंद हूँ या प्यार करती हो
सुमन- प्यार तो नही करती लेकिन तुम्हे देखती हूँ तो मन करता है
तुम्हारे गले लग जाऊ
दिलीप- बाथरूम में जाओ और अपने फोन से अपनी एक न्यूड पिक लो
[सुमन बिना कोई सवाल किए बाथरूम में चली गयी
अपने मोबाइल में अपनी न्यूड पिक लेके मेरे पास आ गई
दिलीप- अब इसे नेट पे डाल दो
[मेरी बात सुनके सुमन के पैरो तले ज़मीन खिसक गयी...