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अपडेट 82
घर पहुँचते पहुँचते हमे शाम हो चुकी थी जैसे ही मैं घर में एंटर हुआ
सामने मुझे सोफे पे सिमिता मासी प्रिया और प्रीति बैठे दिखे
सब बहने सिमिता मासी के पास गयी
4 साल पहले एक कार आक्सिडेंट में सिमिता मासी के पति की मौत हो गयी
वैसे बड़ी नानी मुझे हर साल मेरे पूरे ख़ानदान वालो की फोटो दिखाती थी
पता नही क्यूँ इसीलिए मैने प्रीति को पहचान लिया वरना प्रीति को तो मैं आज तक नही देखा था
मैं सिमिता मासी के पास गया
वो मुझे देखने लगी
मैने उनके पैर छुए
समिता मासी- हमेशा खुश रहो बेटा
तभी बड़ी नानी आ गई मैं बड़ी नानी के गले लग गया
बड़ी नानी- आ गया मेरा बेटा चल बैठ
मैं बड़ी नानी के साथ सोफे पे बैठ गया
वैसे प्रीति को देखके लग रहा था वो अभी बच्ची ही है
विद्या- बुआ आप हमे तो भूल ही गयी
समिता मासी- मैं अपनी बेटी को कैसे भूल सकती हूँ
अरुणा- मुझे तो भूल ही गयी
समिता मासी- तुम सब मेरी बेटियाँ हो मैं तुम सबको कैसे भूल सकती हूँ
दिलीप- मेरे मुँह से अपने आप निकल गया
एक अनार 100 बीमार यह सुनके सब बहनें मुझे घूर्ने लगी
मैने वहाँ से हटने में ही अपनी भलाई समझी
जैसे ही मैं उठा सुनीता दी और मेघा दी ने मेरा हाथ पकड़ लिया
और अरुणा दी मुझे गुदगुदी करने लगी
अरुणा- हमें बीमार बोलता है बोल अब बोलेगा कभी
दिलीप- नही अब नही बोलूँगा प्लीज़ माफ़ करदो अया पेट में दर्द हो रहा है
तभी विदयादि ने आके मुझे बचाया
मैं अपने रूम में आके बेड पे लेट गया
थोड़ी देर बाद खाने का टाइम हुआ हम सबने खाना खाया
मैं तो वेट कर रहा था मैने सब चीज़े टेबल पे रख दी
ठीक 11 बजे मैं अवनी के रूम पे पहुँचा
मास्टर की से गेट खोलके अंदर गया अवनी मोबाइल चला रही थी
मैं धीमे कदमो से अवनी के पास पहुँचा मेरी नज़र मोबाइल पे पड़ी
मेरा तो लंड खड़ा हो गया अवनी पॉर्न देख रही थी
मैने लाइट ऑन कर दी अवनी सकपका गयी
अवनी- तूने तो मुझे डरा ही दिया
दिलीप- वैसे आज कल आप कुछ ज़्यादा ही ऐसी वैसी हरकत कर रही हैं
अवनी- यह सब तेरी वजह से हुआ है
दिलीप- मेरी वजह से
अवनी- सुनना मैने सुना है पीछे से करने में बहुत दर्द होता है
दिलीप- अगर आप नही चाहती है तो नही करता हूँ
अवनी- मैं तो यह कह रही थी कि आराम से करना
दिलीप- क्या
अवनी- वोही
दिलीप- क्या वोही
अवनी- हट बेशरम
मैने आगे बढ़के अवनी को अपनी गोद में उठाके अपने रूम मे पहुँचा
फिर अवनी के रूम मे गया एक ड्रेस लेके वापस अपने रूम में आया
और गेट लॉक किया मैं अवनी के पास पहुँचा अवनी मुस्कुरा रही थी
मैं झट से नंगा हो गया मेरा लंड आधा खड़ा था
अवनी भी अपने कपड़े उतार के नंगी हो गयी
वैसे आज मुझे अवनी कुछ ज़्यादा ही हॉट लग रही थी
मैं अवनी के होंठ चूसने लगा अवनी भी मेरे होंठ चूसने लगी
मैं किस करते हुए अवनी की चूत में दो उंगली डालके अंदर बाहर करने लगा
अवनी आहे भरने लगी मैने अवनी को बेड पे लेटा दिया
और अवनी के दूध चूसने लगा
अवनी मेरे लंड को पकड़के आगे पीछे करने लगी
मैं दूध को चूस्ते हुए नीचे आया और अवनी की नाभि में ज़ुबान डालके चूसने लगा
मैं अपना मुँह नीचे लेक आया और अवनी की चूत पे रख दिया
अवनी मेरे सर पे हाथ रखके दबाने लगी थोड़ी देर तक मैं अवनी की चूत को चूस्ता रहा
फिर मैं खड़ा हो गया मेरा लंड अवनी को सलामी देने लगा...