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फुलवा, "इतना छोटा कैमरा की आप को पता भी नही चला?"
सोनी, "हां! अब सारा रिकॉर्डिंग एक SD CARD में रख कर मुझे पूरी जिंदगी ब्लैकमेल किया जायेगा। मुझे बताया गया है कि इस शनिवार को मुझे विधायकजी की सेज. "
सोनी रोने लगी और फुलवा ने उसे अपनी बाहों में लेकर सहारा दिया। सोनी अपनी मौत का मातम मना रही थी पर फुलवा का दिमाग तेज़ी से दौड़ रहा था।
फुलवा, "ये SD card क्या होता है?"
सोनी ने अपनी पर्स में से एक SD card निकाल कर फुलवा को दिखाया। ऐसा कार्ड जिस में आप कई घंटों का वीडियो या गाने रख सकते हैं। आसानी से लाया या छुपाया जा सकता है और किसी भी कंप्यूटर में चलता है।"

फुलवा ने सोनी से वह कार्ड मांग लिया और सोनी उसे वह कार्ड देकर उसके कमरे में छोड़ आई।
सोनी को जाते हुए देख कर फुलवा, "सुनो! सुंदर को सब सच बता देना और कल छुट्टी लेकर आराम करना। सब ठीक हो जायेगा।"
सोनी ने दर्द से भरी आह भरी और दीवार का सहारा लेते हुए चली गई।
अगले दिन सबेरे की गिनती के बाद कैदियों को जेल में काम मिले। फुलवा ने रात भर सोच कर हिम्मत जुटा ली थी। फुलवा झाड़ू लेकर SP प्रेमचंद के ऑफिस की सफाई करने पहुंची।
फुलवा को पता था की SP प्रेमचंद अब नहाने गया था। उसे सिपाही कालू ने रोका।
फुलवा, "साहब ने बोला है की उनके आने से पहले सफाई हो जानी चाहिए। अगर तुम ने मुझे वापस भेजा तो तुम साहब को बताओ की सफाई क्यों नहीं हुई।"
सिपाही कालू ने दरवाजा खोल कर फुलवा को अंदर जाने दिया। फुलवा ने झाड़ू मरने का नाटक करते हुए कैमरा ढूंढ लिया। कुछ बटन दबाने पर SD कार्ड बाहर निकल आया। फुलवा ने जल्दी से उस कार्ड को छुपाया। फुलवा ने भागने के लिए मुड़कर देखा तो दरवाजे में SP प्रेमचंद और सिपाही कालू खड़े थे।
फुलवा ने अपने ब्लाउज में छुपाया हुआ SD कार्ड तोड़ा और निगल गई।
सिपाही कालू ने फुलवा को दबोच लिया और SP प्रेमचंद ने अपने कैमरा में से SD कार्ड गायब पाया।
SP प्रेमचंद, "कैमरा में रखा SD कार्ड कहां है?"
फुलवा SP प्रेमचंद की सर्द आंखों में देख कर कांपने लगी।
फुलवा, "मुझे कुछ नहीं मालूम हुजूर! मैं तो बस सफाई कर रही थी!"
SP प्रेमचंद, "रण्डी की सहेली रण्डी! कालू इसे तहखाने में ले जाओ और जब तक इस से मेरे कार्ड का पता नही चलता तब तक इसकी जम कर पूछताछ करो!"
कालू मुस्कुराया और फुलवा को खींचते हुए ले जाने लगा।
फुलवा चीख रही थी, "हुजूर मैने कुछ नही किया! हुजूर मुझे बचाइए!! हुजूर!!"
फुलवा, "इतना छोटा कैमरा की आप को पता भी नही चला?"
सोनी, "हां! अब सारा रिकॉर्डिंग एक SD CARD में रख कर मुझे पूरी जिंदगी ब्लैकमेल किया जायेगा। मुझे बताया गया है कि इस शनिवार को मुझे विधायकजी की सेज. "
सोनी रोने लगी और फुलवा ने उसे अपनी बाहों में लेकर सहारा दिया। सोनी अपनी मौत का मातम मना रही थी पर फुलवा का दिमाग तेज़ी से दौड़ रहा था।
फुलवा, "ये SD card क्या होता है?"
सोनी ने अपनी पर्स में से एक SD card निकाल कर फुलवा को दिखाया। ऐसा कार्ड जिस में आप कई घंटों का वीडियो या गाने रख सकते हैं। आसानी से लाया या छुपाया जा सकता है और किसी भी कंप्यूटर में चलता है।"

फुलवा ने सोनी से वह कार्ड मांग लिया और सोनी उसे वह कार्ड देकर उसके कमरे में छोड़ आई।
सोनी को जाते हुए देख कर फुलवा, "सुनो! सुंदर को सब सच बता देना और कल छुट्टी लेकर आराम करना। सब ठीक हो जायेगा।"
सोनी ने दर्द से भरी आह भरी और दीवार का सहारा लेते हुए चली गई।
अगले दिन सबेरे की गिनती के बाद कैदियों को जेल में काम मिले। फुलवा ने रात भर सोच कर हिम्मत जुटा ली थी। फुलवा झाड़ू लेकर SP प्रेमचंद के ऑफिस की सफाई करने पहुंची।
फुलवा को पता था की SP प्रेमचंद अब नहाने गया था। उसे सिपाही कालू ने रोका।
फुलवा, "साहब ने बोला है की उनके आने से पहले सफाई हो जानी चाहिए। अगर तुम ने मुझे वापस भेजा तो तुम साहब को बताओ की सफाई क्यों नहीं हुई।"
सिपाही कालू ने दरवाजा खोल कर फुलवा को अंदर जाने दिया। फुलवा ने झाड़ू मरने का नाटक करते हुए कैमरा ढूंढ लिया। कुछ बटन दबाने पर SD कार्ड बाहर निकल आया। फुलवा ने जल्दी से उस कार्ड को छुपाया। फुलवा ने भागने के लिए मुड़कर देखा तो दरवाजे में SP प्रेमचंद और सिपाही कालू खड़े थे।
फुलवा ने अपने ब्लाउज में छुपाया हुआ SD कार्ड तोड़ा और निगल गई।
सिपाही कालू ने फुलवा को दबोच लिया और SP प्रेमचंद ने अपने कैमरा में से SD कार्ड गायब पाया।
SP प्रेमचंद, "कैमरा में रखा SD कार्ड कहां है?"
फुलवा SP प्रेमचंद की सर्द आंखों में देख कर कांपने लगी।
फुलवा, "मुझे कुछ नहीं मालूम हुजूर! मैं तो बस सफाई कर रही थी!"
SP प्रेमचंद, "रण्डी की सहेली रण्डी! कालू इसे तहखाने में ले जाओ और जब तक इस से मेरे कार्ड का पता नही चलता तब तक इसकी जम कर पूछताछ करो!"
कालू मुस्कुराया और फुलवा को खींचते हुए ले जाने लगा।
फुलवा चीख रही थी, "हुजूर मैने कुछ नही किया! हुजूर मुझे बचाइए!! हुजूर!!"





