[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - १०३[/color]
फीर धारा मीरा जसु अंजु माया दिवु ओर रीटा सोनु को दो दो राउन्ड चोद लीया तो सब नहाके सोगइ तब में ओर नेनु महासागरमें गोते लगाने लगे नेनु अभी भी मेरी पहेली पसंद हें उसके साथ सेक्समें अेक अलगही अनुभुती होती हें ओर आजभी दोनोका प्यार हर दीन बढताही जा रहा हें में ओर नेनु सुबह ४ बजे तक चुदाइ करते रहे ना वो थकतीथी ना में बस लगातार सागरमें गोते लगाते ही रहे ओर ४ बजे दोनो नहाके हमेसाकी तराह चुतमें लंड डालके नंगेही सोगये..अब आगे
सुबह मीराने सबको पांच बजे उठाया ओर सब बारी बारी दो दो करके नहाने जाने लगी ओर बहार आके तैयार होने लगी फीर लास्टमें मे ओर नेनु अंदर चले गये तो जाहीरसी बात हें ओनोने अंदर खडे खडे अेक राउन्ड लगाही लीया फीर बहार आके तैयार होगये तब सबकी मांग भरदी ओर सब मेरे पैर छुके कीस करके दादीके रुमकी ओर जाने लगी तब दिवु ओर सोनुभी मेरे साथ चलने लगी
फीर सब दादीके पैर छुके उसे लेकर बहार आगइ क्युकी दादीने मुजे अब पैर छुनेको मना करदीया था रीजन आप सब जानते हें फीर चाइ नास्ता करके हम सब सुनीलकी हवेलीकी तराफ नीकल गये वहा पुजारीजीने सब रेडी रखाथा तब दिवानजी की फेमीलीभी आगइ ओर थोडी देर बार मनीषा ओर उसकी मम्मीभी आगइ तब सुनीलभाइ सारीका ओर ताराभाभी पुजामें बेठ गये
तब राजन राकेश कामेश ओर सगुनभी आगये अेक मंडप लगवाया था ओर चेर थी तो सब बेठ गये ओर पुजा सुरु होगइ थोडी देर बाद भारती ओर मनीषा चली गइ आधे घंटे बाद दोनो वापस आइ तब सबकेलीये चाइ नास्ता बनाके लाइ तब पता चला कल मनीसा दुध लेने क्यु चली गइ थी फीर सबको दोनो चाइ नास्ता देने लगी फीर मेरे पास आके मुजे चाइ देते कहेने लगी
मनीषा : क्यु बाबु अब पता चला में कल क्यु दुध लेने गइ थी
में : (हसकर) वेरी स्मार्ट गर्ल
मनीषा : (हसते) थेन्कयु बाबु अब लो नास्ता करना हेकी नही?
में : नही में सीर्फ तेरे हाथकी चाइ ही पीयुगा
फीर मनु मुजे चाइ देके आगे नीकल गइ तब दादी ओर दिवानजीकी बीवी ओर मंजरीदेवी बातोमें मसगुल थी तब नेनु ने मुजे दादीकी ओर इसारा करते कहा
नेनु : (हसके) जानु लगताहें दादी पुरा प्रोग्राम फीक्स करके आयेगी तीनो केसे गंभीर होके बात कर रहीहें हें..हें..हें..
अेक घंटे बाद पुजा खतम होगइ फीर सारीकाने त्रीकम मारके मुहुर्त कीया तब सबके लीये आइसक्रिम आगया फीर सब बाते करते आइसक्रिम खाने लगे तब माधवी आगइ तो राजननें उसेभी आइसक्रिम दीया तब खाते खाते वो बात करने लगी
माधवी : नेनुदी क्लीनीक पर मशीनका मुहुर्त करना हें में दादाको लेने आइ हुं वहा कोन आ रहा हें मेतो कहेतीहुं इधरसेही सब चलो
में : जा जा मुफ्त में कोन आये, उधर तु कुछ खीलाने पीलाने वालीतो हे नही
माधवी : (गुसा होकर) में आपकी तराह कंजुस नही हुं समजे, (दादीकी ओर) दादी समजालो अपने लाडलेको मुजे कंजुस समजता हें में सबको मुहुर्त करने लेने आइ हुं ओर उसको वहा पार्टी चाहीये
दादी : हे भगवान तुम दोनो फीर जगडने लगे पार्टी में देदुगी तु चल सब सीधे तेरी क्लीनीक पर आरहे हे फीर सब महेलमें आजायेगे उधर पार्टी रखी हें बस
में : दादी क्या तुम भी मुहुर्त कोइ ओर करे ओर पार्टी हम दे, अेसा कही होता हें?
दादी : (हसकर) बीटु जाने दे वो मेरीभी बेटी हें चल बेटी
कहेके दादी खडी होगइ तब हम सबभी खडे होगये तब माधवीने हसकर दांत पीसके मुजे मुका मारदीया तब सब हसने लगे फीर हम सब कारमें बेठके सीधे क्लीनीक पर चले गये तब पुजारीजीनें मशीनकी पुजाकी फीर माधवीने अपने पीताजी ओर दादीके हाथसे मुहुर्त कीया फीर वहाभी माधवीने सब इन्तजाम करके रखाथा
सबके लीये समोसे ओर कोल्डड्ढींक आगया फीर सब खतम करके वापस महेल आगये तब माधवीके साथ उसकी सेक्रेटरीभी आइ थी ओर सब होलमें बेठ गये तब सब बारी बारी फ्रेस होने जाने लगे तब माधवी की मम्मी सुलक्षणादेवी मेरे पास आगइ ओर मुजसे कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : बेटा कल उधर मंजरीके यहा आये थे तो हमारा घरभी पासमें ही था तो उधरभी आना चाहीयेनां (तब माधवीभी हमारे पास आगइ)
में : मम्मीजी मे आनातो चाहता था पर मेने घर नही देखाथा तो मुजे उधर लायेगा कोन वहातो साथमें मनीषाथी जो मुजे उसके घर लेगइ पर कुछ लोग हें जो मुजे अपना ससुरगृह दीखाना नही चाहते
माधवी : मम्मी जुठ बोल रहे हें ये मुजे कहेना चाहीयेना में तेरे घरकी ओर जा रहा हुं ओर वेसे अेक बारतो उधर आगये हे खामखा जुठ बोल रहे हे
सुलक्षणदेवी : (हसकर) क्या तुम दोनो जगडतेही रहेते हो दादी केह रही थी हें..हें..हें..
में : मम्मीजी क्या में आपको पहेले जगडालु दीखता हुं येतो इसकी संगतका असर होगया हें
माधवी : तो क्या में आपको हमेसा जगडते दीखती हुं, मम्मी इनकी बातोमें मत आना ये दो पथ्थरके बीचभी जगडा करवा देतेहें बहुत पहोची हुइ चीज हें (मेरी ओर मुह बनाते)
सुलक्षणादेवी : चुपकर मेरे जमाइको मेरे सामने कुछ कत कहेना ये बहुत अच्छे हे
माधवी : (हसकर) तुमभी आगइना इनकी बातोमें कोइ बात नही मेरी तरफ दादी हें तु रहे तेरे जमाइके साथ
कहेके वो मुह बीगाडकर चली गइ तोमें ओर सुलक्षणादेवी हसने लगे फीर मेरी ओर देखकर कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : बेटा बहुत नटखट हें कभी इनसे गलती होजाये तो माफ करदेना
में : मम्मी क्या बात कर रही हें आपकी बेटीसे कभी गलती होही नही सकती वो मुजसे बहुत प्यार करती हें ओर मुजेभी इनकी सब सरारत अच्छी लगती हें
सुलक्षणादेवी : भगवान करे तुम दोनोका प्यार अेसेही बरकरार रहे बेटा सादीसे पहेले अेक बार घर पे आजाओ
में : मम्मी में जरुर आउगा प्रोमीस में आजही माधुसे बात कर लुगा कल तो हमभी टुर पे जा रहेहे तो होसकतो आजही आजाउगा, वेसे हम अहेमदाबाद जारहे हे आपको अपने बेटेके पास नही जाना? चलीये हमारे साथ
सुलक्षणादेवी : (हसते) वोतो बहुत केह रहा हें पर यहा सब जंजटमें कहा टाइम मीलता हें अबतो आपके दादाभी आगये हें तो कही जानेका मनही नही करता
में : मे अेक दीन आपको उधर घुमाने ले जाउगा आप अपने बेटेसेभी मील लेना ओर उधर सब जगाह घुमभी लेना अब तो में जाके उन चाचा भतीजाको हमारे फेक्टरीके क्वाटरमेही रहेनेका इन्तजाम करके आउगा ताकी उसे बहार कीराया ना देना पडे
सुलक्षणादेवी : तबतो अच्छा हें उसकी आधी सेलेरीतो कीरायेमेही चली जाती हे, वेसे तुम बहुत दीलचस्प बाते करते हो बीलकुल माधवीके पापाकी तराह अेक दीन में तुम्हारे साथ जरुर घुमने आउगी
में : क्या माधवीके पापाभी मेरी तराह बाते करते थे? उसमे ओर मुजमे काफी फर्क हें मेने आज तक कीसीको धोखा नही दीया
तब सुलक्षणादेवी चोंक गइ ओर उसको उसकी गलतीका अहेसास होगयाकी में क्या बोल गइ वोमुजे अेक नजरसे देखती रही ओर उसके चहेरेपे गभराहटके भाव आ गये तब
में : मम्मीजी चीन्ता मत कीजीये में सब राज जानता हुं ओर ये बात मुजतकही सीमीत हें ओर आगेभी मुज तकही रहेगी माधवीकोभी पता नही चलेगा इसलीये गभराये नही
सुलक्षणादेवी : पर आपको सब केसे पता चला? ये बाततो हम तीन लोगके सीवा कोइ नही जानता
में : मम्मीजी छोडीये सब, अब इन बातोको यही दफन करदीजीये ओर भुलजाइअे सब भुतकाल जो केवल हमे तकलीफ ही देता हें मुजे आपसे पुरी हमदर्दी हें
सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा तुम वाकइ अेक नेक इन्सान हो मेरे पती बीलकुल सही केह रहे हे, वाकइ ये विरासतको अेक सही राजा मील गया हें, अबतो में तुम्हारे साथ जरुर घुमने आउगी अब मुजे पुरी तसली हो गइकी मेरी बेटीका हाथ सही आदमीने थामा हें
में : मम्मीजी में यहा हमारे सब गांवके लीये अेक बडी होस्पीटल बनवा रहा हुं ओर उसका पुरा वहीवट माधुको सोपने वाला हुं आप ये बात अभी कीसीको मत बताना में माधुको कुछ ओर सरप्राइजभी देना चाहता हुं
सुलक्षणादेवी : (हसकर) अरे वाह.., ठीक हें नही बताउगी पर आप मुजपे इतना भरोसा करके क्यु सब बता रहे हो, अन्जानपे इतना भरोसा ठीक नही हें हें..हें..हें..
में : में अन्जानपे नही, जीसको में अपना मानता हुं, ओर अपने होतेहे उसीपे ही भरोसा करता हुं, ओर पता नही हमारा क्या रुणानुबंध हे सो आपको सब बतादीया ओर मुजे आपपे पुरा यकीन हें आप मेरा भरोसा कभी नही तीडेगी
सुलक्षणादेवी : (हसकर) ओर अगर तोड दीया तो? हें..हें..हें..
में : (हसते उसकी आंखोमें देखते) नही तोडेगी क्युकी आपभी मुजे दीलसे अपना मान चुकी हें में आपकी आंखोमें साफ देख रहा हुं
सुलक्षणादेवी : (सरमाते हसकर) वाकइ आप जादुगर हो, सब कुछ जान लेते हो यहा तक की मनकी बात ओर दीलकी बातभी, अब पता चला आपकी सब रानीया आपके पीछे क्यु पागल हें, जी चाहताहें आपसे बाते करतीही रहु पर यहा नही कभी घर आइअे वही ढेर सारी बाते करेगे आप बहुत दीलचस्प हो
नेनु : (हमारे पास आके हसते) सासु जमाइ कबसे क्या बाते कर रहे हो हमभी इधर हें
सुलक्षणादेवी : अरे बेटी कुछ नही आप सब अहेमदाबाद जा रहे हो तो वहा मेरा बेटाभी हें तो केह रहेथे आप चलो अपने बेटेको मीलने
नेनु : हांतो चलीयेनां कुछ दीन रहे लेना उनके साथ फीर हमारे साथ वापस आजाइअेगा
सुलक्षणादेवी : सुक्रिया बेटा पर इधर सब सादीकीभी तैयारी करनी हें तो अभी आना मुस्कील हें ओर मेरे बेटे ओर देवरकोभी इधर सादीके लीये बुलाना पडेगा तो वो इधरही आयेगे वहा में जाके क्या करुगी
नेनु : हां येभी सही हें चलो अब लंच नही करना क्या आप लोग फ्रेस होकर आजाओ, चलो जानु आपभी
फीर हम सब फ्रेस होने चले गये तब नेनुभी मेरे साथ चलने लगी ओर बाते करने लगी
नेनु : (हसकर) जानु मुजे ये माधवीकी मम्मीकी नीयत कुछ ठीक नही लगी आपसे अेसे बात कर रही थी जेसे आपपे लटु हो, (हसते) ध्यान रखना बाबा अब ओर सौतन बरदास्त नही होगी हें..हें..हें..
में : क्या नेनु तुमभी अेसा कुछ नही हें, उसकोभी कुछ संकायेथी की मेभी माधवीके पीताकी तराहतो नही जो उसकी बेटीको धोखा देगा तो मुजे परख रही थी
नेनु : (हसकर) ओह तो येबात हें तबतो आपने उसे पुरा वकीन दीला दीया होगा, इसीलीये अेसे हसकर बाते कर रही थी
फीर हम अंदर आके सब फ्रेस होगये ओर साथमें बहार आके सीधे डाइनींग चले गये तब दादीभी आके बेठ गइ सामने सुनील राजन राकेश बेठे थे आज दिवानजीकी फेमीलीथी तो उनके साथ दिवानजीकोभी बीठा दीया आज मेरी अेक साइड नेनु तो दुसरी ओर माधवी बेठी थी ओर उसके साथ मनीषाभी थी जसु कमलाभाभी भारती सब मेरे साथही बेठी थी
में : अब सुनो सब अेक ओर अच्छी खबर अब हमारे साले साहब राजनभाइभी पापा बनने वाले हें
तब कमलाभाभी सरमाके हसने लगी ओर सबने ताली बजाके दोनोको बधाइ दी फीर खाना आगया ओर सब खाने लगे तब माधु मेरे पैरको सहेलाने लगी ओर खाती रही जेसे कुछ हुआही नही तब सबसे छुपकर मेने उसकी जांघ पर हाथ रखदीया ओर सहेलाने लगातो वो गरम होगइ ओर मेरी ओर कामुक नजर करके हसने लगी ओर मेने हाथ हटालीया
फीर सबने लंच फीनीस कीया तो मनीषाको लेकर अंदरके रुममें भाग गइ ओर हम बहार जाने लगे ओर हम सब होलमें बेठ गये तब दादीने कमलाको अेक सोनेका सेट दीया तब कमलाकी आखे नम होगइ फीर सबने बारी बारी कमलाको गले लगाकर बधाइआ दी ओर राजन राकेश कमला ओर भारती सबकी इजाजत लेके होटेल चले गये तब दादीभी सुलक्षणादेवी ओर मंजरीदेवीको लेकर अपने रुममें आराम करने चली गइ तब सुनीलभी ताराभाभी ओर सारीकाभाभीको लेके अंदर चला गया तब
माया : सखा आपभी आराम करलो आपको यही समय आराम करनेको मीलता हें चलो
में : तुम सब चलो में अभी आता हुं
फीर सब अंदर चले गये तब उनके साथ माधवी ओर मनीषाभी चली गइ फीर में कामेश ओर सगुनही बेठे थे तब कामेशने मुजे सब कुछ बतायाकी कहा बंगलो मीला कहा सीमलामें हमारी ब्रान्च हें फीर मेनेभी उसे सब कहाकी हमे कीतनी जमीन सरकारनें कीस कामके लीये दीहें फीर मेने मंदिरकी पुरी प्लानीग सुनाइ की कीतनी अेफडी करनी हें तब
कामेस : भाइ प्लानतो कहुत बडा हें हमारी ब्रान्चमें नया अेकाउन्ट मंदिर सेही करना चाहता हुं
में : अरे वाह येतो बहोत बडीया हें फीर अेफडी भी उसमें करदो वो सब सुनीलभाइ ओर दिवुही देख रहे हें तुम उसेही मील लेना
सगुन : वो में अभी अंदर जाके दिवुदीसे बात करलेती हुं आपको जानाहेतो जाओ मुजे सामको कोइ छोड जायेगा
कामेश : ठीकहें तो चलो भाइ में नीकलत हुं मंदिरके सब पेपर में पापा सेही लेलुगा ओर बेंन्कके उद्घाटनमें सबको आनाहें वो अभी अेक हप्तेके बादहें में इन्वीटेशन कार्ड देजाउगा
फीर कामेश जाने लगा तो में ओर सगुन बहार तक उसे छोडने चले गये ओर वो चला गया सीधा सीमला तब में ओर सगुन अकेले रेह गये ओर अंदर आने लगे तब सुगुन नें कहा
सगुन : तो पतीदेव अब हमारा रास्ता क्लीलीयर होगया हें चलो आज मोका हें मुजे छोडनेके बहाने घर चलो कामेशतो अब रात ७ बजे पहेले आनेवाला नही हें ओर अबतो सारा दीन में घरपे अकेलेही रहेती हुं तो कभीभी फोन करके आ सकतेहे आप
में : तु अेक काम कर अभी अेक घंटे इधर रुक ताकी कीसीको ये ना लगेकी कामेश क्यु छोडके नही गया, वेसे क्या केह रहा हें हमारा बेबी
सगुन : (हसके) जानु बेबीकी फीकर अभी मत करो उसकी मम्मीकी करो वो तडप रही हें
में : सगुन हम अेक घंटेके बाद मील रहे हे नां क्यु फीकर कर रही हें
सगुन : वेसे क्या केह रही हें आपकी नइ बीवी उसके साथ कुछ नाइट बाइट मनाइकी नही
में : (हसकर) हां मनाली मेरी चहीती बीवी हेवो मेरी नेनुकी तराह इनकी वजहसे मेरी सब बीवीयाने बहुत अनुभुती कीहें सबकी गुरु हें वो
सगुन : उसने बहुत दुख जेला हें अब जाके सुख मीला हें आप उसका खयाल रखीयेगा
में : तुमने तेरे पापासे बातचीत कीहेकी नही?
सगुन : नही उस आदमीका नामभी नही लेना चाहती
में : क्यु तेरी मम्मी जब नर्कमें थी तबतो बहुत बाते करती थी अब उसको सुख मीलाहेतो अब बात क्यु नही करनी उल्टा तुजेतो उसका आभार व्यक्त करना चाहीये जब उसने छोडा तब तेरी मम्मी सुखी हुइनां तोअब क्यु बात नही करनी? चाहे जो समजले पापातो तेरा वही कहेलायेगे तु माने या नामाने
सगुन : बात तो आपकी सही हें, पर अब उसे बात करनेका मेरा मनही नही हें पता नही मेरी नइ मम्मी केसी हें
में : वो बहुत अच्छी हें ताराभाभी सारीकाभाभी सबने बात कीहें सबको वो बहुत मीस कर रही हें ओर देखा जायेतो उसकी गलतीभी नही हें सब लडकेके चकरमें हुआ हें ओर गलती करणभैयाकी हें
सगुन : हं..ठीक हें कभी मोका मीलातो बात करलुगी परसीर्फ आपके कहेनेपे कर रही हुं वरना मेतो उसकी सकल तक देखना नही चाहती थी
बाते करते होलमें आगये तो सगुननें मुजे यही बेठे बात करनेको कहातो दोनो बेठके बाते करने लगे फीर मेने सगुनको बहुत समजाया तब जाके करणसे बात करनेको राजी होगइ फीर वो हमारे मीलनकी कइ प्लानींग करने लगी
सगुन : जानु अब आपसे दुरी बरदास्त नही होती, ओर आपको मेरा अेक बदलाभी लेना हें
में : केसा बदला तु कबसे बदलेकी बाते करने लगी कीससे बदला लेना हें
सगुन : क्या करु मनमें इतना खुनस भरा हें उसको नीकालना हें मुजे प्रोमीस करो मेरा बदला आप लोगे
में : पर कीस बातका ओर कीससे?
सगुन : पापासे, मुजे अेक बार पापासे बदला लेना हें तबही मुजे सांती मीलेगी फीर मुजे उनसे कोइ सीकायत नही होगी बोलो लोगेना मेरा बदला? पहेले मुजे आप प्रोमीस करो
में : सगुन तु पागलतो नही हें कीस बातका बदला लु मेने आज तब चीटीभी नही मारी हें तो में कहासे बदला लुगा
सगुन : मुजे मारपीट वाला बदला नही लेना मुजे तो मेरी मम्मीको छोडनेका बदला लेना हें जो सीर्फ आपही ले सकते हो
में : देख सगुन तु सब भुलजा में कीसीको नुकसान करना नही चाहता, मुजसे येसब मत करवा
सगुन : उसमे कीसीका नुकसान नही होगा बस सीर्फ मुजे तसली मीलेगी
में : अेसा कोनसा बदला लेना हें जो नुकसान ना हो तो फीर में कोसीस करुगा अगर तेरे दीलको तसली मीलती हें बता मुजे क्या करना हें
सगुन : पहेले आप प्रोमीस करो फीर बताउगी
में : हां बाबा प्रोमीस बस अबतो बता केसे बदला लेना हें
सगुन : (धीरेसे) मेरी नइ मम्मीको अपने मुसल लंडसे पेलकर मेरा बदला लेना हें
में : (चोकके) पागल हें क्या? तु जानतीहेना मेने आज तक कीसीसे जबरदस्ती नही की हें फीर तुमने सोचाभी केसे?
सगुन : रीलेकस पतीदेव में ये सब बाते जानती हुं मेरी बाततो सुनीये आपको देखकर हम सबकी हालत खराब होजातीहें तो वो कीस खेतकी मुली हें वोभी आपसे चुदवानेकी सामनेसे टड्ढाइ करेगी तब ठोक देना में कहा जबरदस्ती करनेको केह रही हुं बस अेक बार मेरे सामने ठोकदो फीर में सबको प्यारसे बुलाउगी प्रोमीस हें..हें..हें..
में : क्या सगुन तुमभी, येतो करणभाइसे धोखा हुआना
सगुन : बस वहीतो मेरी माको धोखा दीया तब कुछ नही मेभी उसे सीर्फ अेक बार धोखा देना चाहती हुं ओर उसेभी हम कहा बताने वाले हें, बाबु आपने प्रोमीस कीया हें याद रखना
में : (हसकर) चल ठीक हें मेरी ये रानीकेलीये इतना करुगा बस अबतो खुस
सगुन : (खुस होकर) जी बहुत खुस थेन्कयु जान, वेसे इस सजामेभी आपकातो मजाही हें, वेसे काजुदीदीकोे फीरसे मीलेकी नही वोभी मुजे केह रहीथी की अबतो महेश अंदर डालता हेतो पताही नही चलता ओर मेराभी यही हाल हें इसलीयेतो हम सब आपकी दीवानी होगइ हें
में : तुमभी मेरी सब बीवीयोकी तराह ठरकी होगइ हो ध्यान रखना फीर कामेश छोडना दे
सगुन : कोइ परवा नही अब आपतो हेही में अकेली रेह लुगी मुजे मीलने आते रहेना हें..हें..हें.., बायध वे आपसे पुछनाथा क्या तारामम्मी ओर सारीकामम्मी दोनो प्रेगनेन्ट हें?
में : हां अभी अभी हुइ हें, तेरे बडे पापाने बहुत महेनत की हें हें..हें..हें..
सगुन : देखा ये चीजही अेसी हें दीलही नही भरता वेसे आपकी कीतनी बीवीया पेटसे हें
में : धारा मीरा जसु ओर नेनु सब प्रेगनेन्ट हे ओर अभी माधवी सबका सोनोग्राफी करने वाली हें तुभी रुकजा तेराभी करवा लेते हें
सगुन : चलो करवा लेते हें, अब चलो अंदर थोडा आराम करलो वरना आपकी सब बीवीया मुजे नोच डालेगी हें..हें..हें..
फीर हम दोनो हमारे रुममें आगये तब सब लेटकर बाते कर रहीथी तो सगुन आतेही रीटा ओर मायाको गले लग गइ फीर वोभी सबके साथ बेठ गइ तब मायाने मुजे सोनेकी जगअ करने लगी तो मेने उसे रोककर तकीया लेके नीचे सोगया तो सब हसने लगी तब मुजे कब नींद आगइ पताही नही चला ओर सब बाते करने लगी
नेनु : सगु माधवी आज इधर मशीन लाइ हेतो तुभी सोनोग्राफी करवाले पतातो चले
माधवी : हां सगुनदी कर दुगी वेसेभी आपको तो काफी टाइम होगया हें तो सब पता चल जायेगा खासतो ताराभाभी ओर धारादीका ही देखना हें
सगुन : उन दोनोके लीये खास क्यु? कुछ प्रोबलेम तो नही?
सोनु : नही रे..उन दोनोका सीर्फ कंन्फोर्म करना हें जुडवा हेकी नही, पता नही दोनोका केसा मशीन हे डबल प्रोडक्शन कर रही हें हें..हें..हें..
ये सुनतेही सब जोरोसे हसने लगी तब धाराभी हसतेहुअे सोनुको मुका मारने लगी तब मेरीभी हसी छुट गइ तो सब सरमाके फीरसे हसने लगी
माया : (हसते) आप अभीभी जाग रहे हो नींद नही आती क्या?
अेसे केसे नीद आयेगी सोनु इधर आजा मेरे पास मुजे मेरी बीवीके साथ सोनेकी आदत होगइ हें
इतना सुनतेही सोनु दोडके मेरे पास आके लेट गइ तो दोनो अेक दुसरेकी बाहोमें सोने लगे तब सब अेकबार फीर हसने लगी तब मनीषा सरमाके हस रही थी
अंजु : कीतनी बेसर्म होके सो रहे हें कमीनी सबकातो खयाल रख
सोनु : (सोते) तुजे सोनेको नही मीलातो तेरी क्यु जलती हे आजा इधर दुसरी ओर जगा हें
अंजु : मुजे नही सोना तुही सोजा अेक महीनेबाद तेराभी टेस्ट माधु करदेगी (सब हसने लगी)
सोनु : अेक महीने बाद क्यु, इससे पहेले नही होसकता माधु तु अेक हप्ते बाद आजाना
कहातो सब अेकबार फीर हसने लगी तब अंजुने जाके हसते हुअे सोनुको लात लगादी
अंजु : बच्चा पेदा करनेकी कीतनी आग लगी हुइ हें कमीनीको
तब कोइ जवाब नही मीला तो अंजु देखने आइ तो में ओर सोनुको नींद आगइ थी
अंजु : लोजी ये दोनोतो सोभी गये
माया : सोनेदे अंजुदी सुबह जागेभी जल्दी हें
माधवी : यहा कीतना मजा आता हें सब मजाक मस्ती करतेहे तो टाइमतो युही नीकल जाता होगा
नेनु : इसलीयेतो केह रही हुं दोनो आजाओ जल्दी बहुत मजा करेगे
माधवी : दी कहोतो में यही रुक जाती हुं मनुका पता नही हें..हें..हें..
जसु : नही नही बस अेक हप्ते रुक जाओ फीर दोनोको इधर लेआयेगे
माधवी : क्या जसुदी हम तैयार हेतो मना करती हें
मनीषा : क्युरी तुजे बडी आग लगी हुइ हें आनेकी अेक हप्ता नही रुक सकती
माधवी : हाये तु क्या जाने प्यार क्या चीज हें अेक बार इसने ठीकसे मीलले फीर कहेना हें..हें..हें..
मनीषा : कीतनी बार मील चुकी हुं ओर मेभी इनको बहुत प्यार करती हुं तेरी तराह नही
नेनु : बस..जगडा नही, दोनो जब तक सादी नही होती इधर आती रहो सुबह आजाना ओर रातको चली जाना बस
मनीषा : दीद नही आसकते हमे कामपेभी जाना पडता हें
जसु : मनु तु अब दुसरी लडकीको तैयार करदे ओर उसे सब सोंप दे आगे तुजे बहुत कुछ सम्हालना हें तुजे सायद पता नही तुम दोनोके लीये इधर क्या क्या तैयारीया हो रही हें
मनीषा : ठीक हे दीदी वेसे मेरी आसीस्टन्ट रेडी ही हें में उसे सब सीखा दुगी
सब बाते करती रही तब ४.३० बज गये तब मायाने मुजे ओर सोनुको जगाया तो हम दोनो उठ गये तो सब फ्रेस होके रेडी होकर बेठी थी तब में ओर सोनु अेक साथ बाथरुम में घुस गये फीर क्या दोनो अंदर जातेही अेक दुसरेसे लीपट गये ओर अेक होगये सोनु खडे खडेही मुजसे धनाधन चुदवाने लगी
ओर मेभी जोरोसे सोनुको सोट मारने लगा तब सोनु पुरी मदहोस हो चुकी थी ओर दो बार जड चुकीथी फीर दोनो साथमें जड थगे तब लंड बहार नीकलके सोनुने मुहमें लेके चुमसे लगी ओर अंदर बहार करने लगी जब दुबारा जोस आगया तो सोनु घोडी बन गइ फीर में पीछेसे उसकी कमर पकडकर जोरोसे धके मारने लगा
सोनु : जानु सारी कशर नीकालदो मुजेभी मा बनना हें कब बनाओगे, ओर जोरसे चोदो मुजे
में : सोनु अभी नही कुछ टाइमके बाद पुरी रात तेरी होगी ओर पुरी रात इसे अंदर रखुगा तब तु मा बन जायेगी
सोनु : येस जानु जोरोसे करो बहुत मजा आरहा हें आप मुजे चोद लीया करो में आपको केहभी नही सकतीकी मुजे चुदना हें
में : क्यु नही कहेती पहेलेतो सामनेसे आके चुद जाती थी अब क्यु नही
सोनु : जानु आपको सबको टाइम देना पडता हे तो कहासे बोलु
में : तु बोलदीया कर तुहीतो मेरी पहेली रानी हें ओर मेरी बहेनभीतो हें
सोनु : थेन्कस जानु अब बोलदीया करुगी फीर आप देखलेना कीधर करना हें
फीर दोनो अेक बार फीर जड गये ओर नहाके बहार आगये तब नेनु ओर माया हमे देखकर हस रही थी फीर दोनो फटाफट तैयार होगये ओर बहार जाने लगे तब नेनु माया ओर सोनु हस हसकर बाते कर रही थी फीर सब होलमें आगये ओर सब चाइ नास्ता करने लगे फीर चाइ नास्ता करके माधवी उसकी आसीस्टन्टको लेकर दादीके रुम में मशीन लेकर चली गइ
ओर वहा सेटअप लगा दीया फीर सबको अेक अेक करके बुलाने लगी पहेले मीरा फीर नेनु सारीका सबको चेक करके बहार भेजने लगी धारा ताराभाभीको भी चेक कर लीया फीर सगुनकोभी बुला लीया ओर आखीर जसुकोभी बुलाया सबका होगया तो सब समेट कर बहार आके बेठ गइ ओर कहा
माधवी : (पेपरमें देखकर) नेनुदी सब ओके हें सब नोर्मल जेन्डर अेक महीने बाद, मीरादी आप ध्यान रखना आपको जुडवा बच्चे हे बाकी सब नोर्मल जेन्डरका कीसको अभी नही बता सकती वो मनाभी हें जसु दी आपकाभी सब नोर्मल हें तारा भाभी आप खयाल रखीयेगा आपको जुडवा हें सारीकाभाभी सब नोर्मल हे धारादी आपकोभी जुडवा बच्चे हे आपकोभी ध्यान रखना हें सगुनदीदी आपकाभी सब नोर्मल हें
दादी : चलो सब अच्छा हें तुम सबको अपनी सेहतका बहुत खयाल रखना हें खास करके मीरा बेटी, धाराबेटी ओर तारा तुम, खानेपीनेमें कोइ कशर मत छोडना सबका खयाल मेरी अंजु अच्छेसे रख रही हें ओर आज माधवीके मशीनका मुहुतभी यहासे कीया हें तो में माधवीको सुकुनके पेसा देना चाहती हुं जो इसने यहीसे सुरुआत कीहें ले बेटा इधरआ
कहेके दादीनें माधवीको ५१००० दीये तो माधवी मना करने लगी तब मेने कहा
में : माधु चुपचाप लेलो दादीको मना नही करते ये सुकुनका हें समजी लेलो
माधवी : (सरमाके हसते) जी लेलेती हुं दीजीये दादी
अंजु : देखा जब दादीने इतना कुछ कहातोभी ना ना करती थी ओर होने वाले पतीने अेक बार कहातो केसे फटसे लेलीया हें..हें..हें..
तब सब हसने लगे तब सुलक्षणादेवी भी हसते हुअे मेरी ओर देखने लगी तब में खडा होगया ओर दादीके रुममें चला गया वहा फ्रेस होकर वापस बहार आगया तो मे बहार जाने लगा तो सुलक्षणादेवी मेरे पास आगइ ओर कहेने लगी
सुलक्षणादेवी : जमाइ राज मेरी बेटीतो आपसे बहुत प्यार करने लगी हें? क्या जादु करदीया हें आपने
में : कुछ नही बस अेसेही हम प्यार करते हें चलो मुजे होटेलपे जाना हें डीनरपे मीलते हें
सुलक्षणादेवी : ठीकहें पर आप याद रखना आप मुजे घुमाने लेजाने वालेहो तो कब ले जारहे हो? हें..हें..हें..
में : जब आप कहे मेतो तैयारही हुं आप जेसी खुबसुरत सासुमाको कोन नही लेजाना चाहेगा हें..हें..हें..
सुलक्षणादेवी : (हसकर) सम्हालके जमाइराजा क्या में आपको खुबसुरत लगती हुं? कीसीने सुनलीयातो पंगा हो सकता हें हें..हें..हें.., लगताहे अबतो आपके साथ आनाही पडेगा माधुकी सादीके बाद चलेगे (धीरेसे मेरे कानके पास हसते) वोभी अकेले सीर्फ हम दोनो समजे कुछ हें..हें..हें
में : (सरमाके हसते) आपतो बडी फास्ट जा रही हें ध्यान रखीयेगा वरना मेतो अभी ले चलुगा
सुलक्षणादेवी : तो लेचलो कब जाना हें ओर कहा जानाहें में तैयार हुं, मेरी बेटीकी तराह आपने मुजेभी पागल करदीया हें बस आपसे बात नही होपारही थी वरना हम दोनातोे कबका घुम चुके होते आपका नंबर देदो में बात करुगी आप फोन मत करना बस मेही करुगी
कहेके उसने मुजे चुपकेसे उसका फोन देदीया तो मेने उसमें मेरा नंबर जमाइके नामसे सेव करलीया ओर मेने अेक मीसकोलभी कर लीया ताकी मेरे फोनपे नंबर आजाये फीर उसको फोन देकर कहा
में : जमाइके नामसे सेव कीया हें में फोनका इन्तजार करुगा बाय कहेके में नेनुके पास जाके केहने लगा तब मायाभी साथ खडी थी
में : नेनु में जरा होटेल जाके आता हुं कुछ कामतो नही ओर कीसीको या तुजे चलना होतो चल
नेनु : नही जानु आप जाके आओ मुने दादीके साथ दोनोकी मम्मीसे बातभी करनी हें
माया : जानु आप जाके आओ ओरहां आप सगुनको छोड देगे उसका घर रास्तेमे ही आता हें
में : माया तुजे रीक्जेस्ट करनेकी कबसे जरुरत पड गइ सीधा ओर्डर नही कर सकती?
तब माया हसते हुअे अपने कान पकड लीये ओर सगुनको बुलाने लगी फीर में ओर सगुन नीकल गये तब रास्तेमें सगुन हसने लगी
सगुन : क्यु पतीदेव आपकी बीसीनेही भेज दीयानां आपके साथ हें..हें..हें..
में : हं..तो ये तेरा कारस्तान था तेरी मम्मीको क्या मालुमकी वो बेटीको चुदवाने भेज रही हें
सगुन : (जुठा गुसा करके) अेय खबरदार मेरी मम्मीको कुछ कहातो, वेसे आपसे चुदवाते चुदवाते उसके चहेरेपे काफी नीखार आगया हें हें..हें..हें..,उसको कब मां बना रहे हो?
में : (हसकर) तेरी बडी फेन्टासीहे उसको मा बनानेकी तेराही भाइ आयेगा हें..हें..हें..
सगुन : (खुस होकर) तबतो आप उसे प्रेगनेन्ट करही दो क्युकी हमे राखी बांधनेकोतो मीलेगी हें..हें..हें..
में : (हसकर) बडी चालु हे तु, सरम नही आती मम्मीके बारेमे अेसा बोलनेमे?
सगुन : जब दोनो बेटी ओर मासे सादी करलीतो कहा रहेगये सब रीस्तेनाते तीनोकोतो आपने चोदलीया हें ओर आगेभी चुदती रहेगी, चलो अब आपनेतो बातोसेही गरम करदीया हे वरना में इधरही आपसे चुदवाने लगुगी
में : सबर कर बेबी कीतनी दुर हे तेरा घर अबतो मुजसेभी कंटड्ढोल करना मुस्कील हें
थोडी दुर आगे जातेही अेक सोसायटी आगइ ओर अेक बंगलेके सामनें उसने रोकनेको कहा तो फटाफट उतरके घरका दरवाजा खोलने लगी में कार पार्क करके अंदर गयातो उसने फटाकसे दरवाजा बंध करलीया ओर मुजसे लीपटक पागलोकी तराह मुजे चुमने लगी तब मेने उसे गोदमें उठालीया
तब उसने इसारेसे बेडरुम दीखाया ओर में उसे अंदर ले गया तब वो अपने सब कपडे नीकालने लगी ओर मुजेभी सब कपडे नीकालनेको कहा दोनोही नंगे होगये ओर उसने अपने बालभी खोल दीये तो वो बहुतही कामुक दीखने लगी तब वो पैर फेलाके लेट गइ ओर मुजे उसके उपर खीचलीया ओर कहेने लगी
सगुन : जानु अभी ओर कुज नही पहेले मुजे जटसे ठंडा करदो फीर हम सब कुछ करेगे मेरी पुसी गीली होगइ हें ओर बहुत खुजली होरही हें उसे मीटादो आप
तब मेने उसके होठ पर कीस करने लगा तो वोभी मेरी गरदनमें दोनो हाथ रखकर होठ चुसने लगी फीर मे उसका बुब्स चुसने लगातो वो सीसकारीया करने लगी ओर हाथ नीचे लेजाकर मेरा लंड पकडके मसलने लगी ओर अपनी चुतपे सेट कर दीया ओर मुजे कहा
सगुन : जान अब मत तडपाओ डालदो अपना मुसल लंड ओर बुजादो मेरी प्यास
तब मेने अेक जोरसे धका मारदीया तो पुरा लंड अेकही बारमें चुतमें उतर गया तो सगुनकी चीख नीकल गइ ओर मुजे जोरोसे बाहोमें भीचलीया ओर में उसे धके मारने लगा तो वोभी कमर उछालके मेरा साथ देने लगी ओर दोनो चुदाइमें मशगुल होगये दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी
अब तक सगुन तीन बार जड चुकी थी ओर पसीनेसे भीग चुकी थी तब मेने आखरी वार कीया ओर सगुनकी चुतमें जड तक घुसा दीया ओर अपना गरम लावासे सगुनकी चुत भरने लगा तब सगुनभी मुजे कसके बाहोमें भरते साथमें जड गइ ओर दोनो सांत होगये में उसके उपर लेटा रहा तब सगुने कहा
सगुन : जानु आपनेतो मुजे थका दीया कीतना पानी नीकालते हो कोइ अेकही बारमें पेटसे हो जाये, ओर आपतो अेकहीबारमें मानने वाले नही हें आजतो मेरा कचुम्बर नीकलना तय हें
में : जब आ रहे थे तबतो बडी आग लगी हुइ थी अब क्या हुआ?
सगुन : (हसकर) आपनेतो अेकही बारमें सारी आग बुजादी अगर आपके साथ रहेती तो सारा दीन अेसेही पडी रहेती जेसे अभी पडे हें जानु अब सुरु होजाओ मुजे कुछ हो रहा हें
फीर हम दोनो दुबारा सुरु होगये ओर इसबार सगुनके साथ जबरदस्त चुदाइ हुइ ओर सगुनको लग भग चोद चोदके बेहोस जेसाही कर दीया फीर दोनो साथमें जड गये तब में उसे बाथरुम में लेगया ओर नहाते नहातेभी अेक बार सगुनको चोद लीया तो उसने मुजे हाथ जोड लीया फीर दोनो नहाके बहार आगये तब वो थोडा लंगडाते चल रही थी फीर दोनो तैयार होगये तब सगुननें मुजे चाइ नास्ता करा दीया फीर दोनोने साथमें खाया ओर में जानेको कहा तो मुजसे लीपट गइ ओर कहा
सगुन : अब आप वापस कब आओगे आपकी इस बीवीका आपको बहुत खयाल रखना पडेंगा, में सीर्फ आपके लीयेही इधर आइ हुं कमसे कम हप्तेमें अेक दो बारतो आना ही पडेगा वरना में सब कुछ छोडके आपके पास चली आउगी
में : चल ठीक हें आजाउगा बस, अब चलता हुं हमारे बेबीका खयाल रखना ओके मुजे फोन करना बाय
फीर सगुनको लीप कीस करके में होटेलकी ओर चला गया वहा जाके सब कुछ देखा फीर ओफीसमें आके बेठ गया तब कमलाभाभी आगइ ओर कोइ नही था तो मुजे होठ पर कीस करके सामनें बेठ गइ ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराने लगी
कन्टीन्यु........[/color]