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Adultery The Innocent Wife (hindi version)

update_08

अदिति वाचमैन ओम से बात करती है उस रात को अदिति को देर तक नींद नहीं आई। सोचती रही की उसने एक अंजान आदमी को खयालों में लाकर सेक्स किया, जिसकी वो सिर्फ आवाज पहचानती है। उसको इतना मजा कभी नहीं आया था सेक्स करते वक़्त जैसे इस रात को आया। करवटें बदलती रही रात भर और यह महसूस करती रही की जैसे उसने सच में उस आदित्य के साथ सेक्स किया था, विशाल के साथ नहीं। विशाल गहरी नींद में खर्राटे मार रहा था मगर अदिति

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सो नहीं पा रही थी। कभी खुद पे मुश्कुरा रही थी, तो कभी आदित्य के बातों को सोचकर हँस रही थी। बीच रात में उठकर किचेन में गई काफी बनाने और फिर से आदित्य की एस.एम.एस. को पढ़ी। उसका मन किया उसको फोन करने को मगर हिचकिचाई। फिर उसके नंबर को डायल किया। मगर मोबाइल स्विच-आफ था। अदिति फिर से गरम हो गई और उसको करने का मन किया और एक बार। कैसे भी करके सोने गई और सपनों में खुद को आदित्य से सेक्स करते हुए पाई। उसने सपने में देखा की वो छत पर खड़ी थी और आदित्य उड़कर सुपरमैन की तरह बाल्कनी पर आया और अदिति को बेड पर खींच के ले गया जब अदिति एक बहुत पतली सी नाइटी में थी। उसने अदिति के पूरे बदन को चाटा जबकी अदिति सिसकती रही और कराहती गई उसके गरम जिश्म के नीचे।

अदिति सुबह उठी तो शुकर है की अच्छा महसूस कर रही थी। रात वाली गरम बुखार दूर थी उससे, और जब विशाल आफिस के लिए निकल रहा था तो अदिति ने बड़े सेक्सी किस किए विशाल को उसके बाहों में कैद होकर। फिर दिन में अदिति अपने घर के कामों में बिजी हो गई और आदित्य को भूला ही दिया।

मगर आफिस में विशाल सोचने लगा- "किस तारह से अब अदिति सेक्स करने लगी और किया वो कभी अपने सपनों को पूरा कर भी पाएगा की नहीं? खास कर उन लोगों से उसको सेक्स करते देख सकेगा कभी जिनसे वो अदिति को सेक्स करते देखना चाहता है? विशाल चाहता था की अदिति को किसी गैर मर्द की बाहों में देखे, वो चाहता था की वो अदिति को किसी दूसरे मर्द की छाती को गरम होकर चाटते हुए देखे, वो देखना चाहता था की अदिति कैसे रिएक्ट करेगी जब कोई और मर्द उसके जिश्म को छुएगा। वो देखना चाहता था किया अदिति किसी दूसरे मर्द को वैसे ही किस करेगी जैसे उसको करती है? किया अदिति की वही कशिश और जुनून होगी जब वो किसी और मर्द की बाहों में होगी? विशाल देखना चाहता था की अदिति उसी तरह किसी दूसरे मर्द के जिश्म पर अपना हाथ फेरेगी जैसे उसके जिश्म पर फेरती है। विशाल अदिति के चेहरे में देखना चाहता था जिस वक़्त किसी और मर्द का लण्ड उसकी चूत में घुसेगा तो किया रिएक्सन होगी अदिति की? देखना चाहता था की अदिति की तड़प कैसी होगी अगर किसी और का लण्ड उसके अंदर जाएगा? अदिति का चेहरा उस वक्त कैसा होगा जब एक गैर मर्द उसको चोदेगा? विशाल देखना चाहता था किया अदिति वैसा करने से खुश होगी प्यार से करेगी या सिर्फ विशाल को खश करने के लिए वैसा करेगी अगर करना पड़े तो? किया करेगी, करना चाहेगी या झिझक होगी उसमें, किया उसको आर्गेज्म आएगा दूसरे से करते वक्त? या ऐसे ही करेगी सिर्फ नाम के लिए?

यह सब सोचते-सोचते विशाल का खड़ा हो गया और उसने डिसाइड किया अदिति को आदित्य बनकर एस.एम.एस. करे...”

विशाल ने यह एस.एम.एस. भेजा- “हाय जानेमन कल रात के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। मैंने बहुत एंजाय किया और बेहतरीन सेक्स था मेरी जान, बोलो कब हम यह सब सच में कर रहे हैं अब?” ।

अदिति उस एस.एम.एस. को पढ़कर नाराज हुई और जवाब यह लिखा उसने- “किया सच में चाहते हो तुम? वो सिर्फ एक फँटेसी थी, और वहीं तक रहने दो वर्ना कभी भी तुमको ना एस.एम.एस. ना बात करूँगी समझे तुम?"

अब अदिति का जवाब पढ़कर विशाल की समझ में नहीं आया की अब किया करे वो? किया विशाल को खुशी हुई की उसकी पत्नी ने दूसरे आदमी को नहीं चाहा? या विशाल नाखुश था की उसका सपना नहीं पूरा होगा अब?

आदित्य का मेसेज पढ़ने के बाद अदिति छत पर गई, और बाहर देखने लगी, नीचे यार्ड में, पार्किंग में और रास्ते पर जैसे किसी की तलाश कर रही हो अपनी नजरों से। फिर अदिति ने देखा की नीचे का सेक्योरिटी गार्ड उसको ऊपर देख रहा था। अदिति साड़ी में थी और बहुत खूबसूरत दिख रही थी हमेशा की तरह, और वो गार्ड उसको देख रहा था। वो सेक्योरिटी गार्ड एक नौजवान आदमी था, शादीशदा नहीं था और वो हमेशा लड़कियों और औरतों को देखता रहता था, और मौका मिलते ही फ्लर्ट करता था किसी से भी।

अब जब अदिति नीचे उसके तरफ देख रही थी तो गार्ड ने खुद से कहा- “वाह किया माल है, किया पटाखा लगती है, किया सेक्सी भाभी है, किया हाट दिखती है यार, वाह किया जिश्म है, किया फिगर है, पतली कमर, किया चूचियां हैं। यार काश वो उस मेटल-बार पर झुकती तो चूचियों का नजारा देखने को मिलता मुझे। आए हाए हाए सस्स्स... लण्ड खड़ा कर दिया इस भाभी ने तो यार। किया कमर है और किया गाण्ड है यार... वाह रे भगवान कैसे इतने मस्त-मस्त माल बनाता है तू.”

यह गार्ड ओम था। हाँ इसका नाम था ओम, यह अपार्टमेंट का सेक्योरिटी गार्ड, वाचमैन, गेटकीपर सब था अकेला।

जब अदिति ने उस गार्ड को उसकी तरफ ऊपर देखते हुए देखा तो सोचा की किया पता यही आदित्य हो। कैसे पता चलेगा? अदिति ने सोचा बहुत आसान है यह जानना की यह वही है या नहीं? सिर्फ उसको काल करना है और अगर अदिति ने उसको फोन उठाते देखा तो पता चल जाएगा। अदिति ने आदित्य का नंबर डायल किया।

उधर विशाल आफिस में मोबाइल नहीं उठा पाया क्योंकी वो मोबाइल साइलेंट पर था और उसको पता भी नहीं चला। इधर अदिति सोचने लगी की क्यों वो मोबाइल नहीं उठा रहा? वो सिर्फ गार्ड को आदित्य समझ रही थी उस वक़्त। और अदिति ने सोचा वो जानबूझ कर नहीं उठा रहा फोन, क्योंकी उसको पता है की मैं यहाँ से पहचान लूँगी उसको।

अदिति तसल्ली करना चाहती थी, तो अंदर जाकर तैयार हुई और माल जाने के बहाने नीचे उतरी अपने अपार्टमेंट से। सज-धज कर, एक हल्की सी नील्ली साड़ी में, टाइट ब्लाउज़, मेकप और पर्य्यम लगाकर, बाल खुले हए, सच में पटाका दिख रही थी। जैसे ही ओम ने अदिति को नीचे आते हुए देखा तो उसको सिर से पैर तक निहारने लगा। वाह क्या चाल थी अदिति की, हर कदम पर कमर का लचकना, और साड़ी के कपड़े को उसकी लिपटकर फिर हटना. और एकाध कदम तो ऐसी थी अदिति की कि उसकी जांघों का फार्म बिल्कुल दिखाई दिया। ओम ने अपने आँखों को अदिति की जांघों से धीरे-धीरे ऊपर उसकी कमर पर किया फिर उसकी ब्लाउज़ के नीचे वाले हिस्से को इस तरह से ओम ने देखा जैसे उसकी आँखें अब नीचे गिर जाएंगी। सिर्फ अदिति को उसकी तरफ चलते हुए देखकर ओम का लण्ड उसके पैंट में मौज मार रहा था।

 
अदिति अपनी तरफ से उसको आदित्य समझकर उसके चेहरे में देखते हुए उसकी तरफ आ रही थी और खुद से अदिति ने कहा- “वो मेरी तरफ ही देख रहा है और इस तरह देख रहा है ठरकी आँखों से, लगता है यही मुझको फोन करता रहता है। देखो तो किस तरह मुझको नीचे से ऊपर तक देख रहा है, जैसे मेरे कपड़े उतार रहा है अपनी आँखों से। यही होगा क्योंकी इसको तो सब पता है मेरे बारे में। हर रोज विशाल को जाते देखता है और वेव करते हुए देखता है तो इसको सब पता है। इसीलिए इसको पता चला की मैं किस ड्रेस में हूँ, सब देखा था

इसने यहीं से। ओह माई गोड... और कल रात को मैंने इससे कहा की यह मेरे साथ था बेड पर ओह्ह... नो। यही है वो आदित्य आई आम श्योर। अभी इसको पकड़ती हूँ.”

जब अदिति गेट के पास आई तो ओम ने कहा- “हेलो भाभीजी मैं ओम हूँ यहाँ का गेटकीपर, वाचमैन सब कुछ। आपको किसी भी तरह की प्राब्लम हो तो मुझे बोलना..."

अदिति रुक कर उसको देखने लगी। जबकी ओम ने उसके क्लीवेज को देखा और उसकी कमर और पेट पर नजर दौड़ाई। अदिति की पीठ पर जो स्ट्रैप्स ने उसकी ब्लाउज़ को बाँधा था वो खूबसूरत थे और सेक्सी भी।

ओम वो भी देख रहा था, क्योंकी अदिति की नंगी पीठ दिख रही थी गोरी-गोरी, गडराया जिश्म।

अदिति ने उससे पूछा- “तुम्हारा नाम ओम है, तुम सच कह रहे हो या तुम्हारा नाम आदित्य है?"

ओम तुरंत बोला- “कौन आदित्य? मैं तो ओम हूँ मेडम। यहाँ पर किसी से भी पूछ लो सब मुझे जानते हैं, आप नई हो इसीलिए मुझे नहीं जानती हो आप...”

अदिति- “अच्छा क्या कोई तुमको ऐसे ही “आदित्य” बुलाता है क्या?”

ओम- “नहीं भाभीजी, क्यों मुझको कोई आदित्य बुलाएगा जब मेरा नाम ओम है तो?"

अदिति- सच कह रहे हो या बहाना बना रहे हो तुम?"

ओम- “लो कल्लो बात... भाभीजी आप कन्फ्यूज्ड लग रही हो, मैं ओम हूँ सिर्फ ओम। कोई मुझे आदित्य नहीं बुलाता। वैसे भाभीजी आप कौन सा प!म इश्तेमाल करती हो बहुत अच्छी खुशबू आ रही है वाह...”

अदिति मुश्कुराई और उसको थैक्स कहा कांप्लिमेंट्स के लिए और कहा- “ओके, फिर तो सारी... मैंने सोचा तुम आदित्य हो जिसने कल मुझसे बात किया था..."

ओम- “कौन आदित्य भाभीजी? मिस्टर रोमी के बेटे का नाम आदित्य है मगर वो तो बच्चा है अभी..."

एक घंटे के बाद आऊँगी

अदिति- “अच्छा रहने दो, मेरे अपार्टमेंट पर नजर रखना मैं माल जा र थैक्स..”

ओम- “रुको-रुको भाभीजी, मुझे आप अपना सेल नंबर और लैंडलाइन भी दीजिए, सब लोगों ने मुझे अपने नंबर्स दिए हुए हैं। यह बहुत जरूरी होता है, कभी भी काम आ सकता है, और पता है भाभीजी, आपको कभी भी किसी भी तरह की प्राब्लम हो तो मुझको फोन करना, मैं प्लम्बर भी हूँ, एलेक्ट्रीशियन भी हूँ, फ्रिज़ और वाशिंग मशीन बिगड़ने पर ठीक भी करता हूँ, और कोई भी प्राब्लम हो तो आप मुझे फोन कर सकती हो। मैं यहाँ सभी अपार्टमेंट्स में बहुत सारा काम करता हूँ वाचमैन के अलावा..."

अदिति- “रियली? तब तो तुम बड़े काम के हो, अगर ऐसी बात है तो मुझको तुम्हारा नंबर लेना चाहिए तुमको मेरा नहीं...”

ओम- “सेम सेम है ना भाभीजी, जैसे अगर कोई आपसे मिलने को आया तो आपको फोन करके बता सकता हूँ की आप उनसे मिलना चाहते हो की नहीं? अगर नहीं तो बहाना बनाकर उसको भगाने को और क्या समझी ना? अब बताओ आपका क्या नाम है भाभीजी, बोलो मैं आड करता हूँ कांटैक्ट्स में.”

अदिति हँस पड़ी और कहा- “ओके अपना नंबर दो, मैं तुमको मिस-काल करती हूँ तब मेरा नंबर सेव कर लेना। अदिति के नाम पर...”

ओम- “ओके अदिति भाभी..."

दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए और उसका नंबर देखकर अदिति को पता चल गया की वो आदित्य नहीं था।

अदिति गेट से दूर जाने लगी और ओम उसकी बेदागघ पीठ को देखता रह गया क्योंकी पीठ एकदम नंगी थी, और इतनी सेक्सी की ओम को छूने का मन किया उसकी पीठ को। ओम अदिति को देखता गया और देखा किस तरह अदिति की गाण्ड लचक रही थी उसके चलने से।

ओम काफी देर तक उसको सोचता रहा और खुद से कहा- “तुम बहुत सेक्सी और हाट हो अदिति भाभीजी, तुम जैसी खूबसूरत और सेक्सी यंग लेडी शायद ही इस अपार्टमेंट में आज तक मैंने देखी हो। तुम्हारा पति बहुत लकी है अदिति भाभीजी कितना मजा आता होगा उसको आपके साथ बेड पर। आपकी रातें तो बड़ी मस्त होती होगी

अदिति भाभी हम्म... वाह रे वाह... कब मुझको तुम्हारे अपार्टमेंट में आने का मौका मिलेगा अदिति भाभी...” और ओम ने सपना देखना शुरू कर दिया अदिति को लेकर।

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कहानी लाइक करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
 
update_09 विशाल ने आनंद को अदिति से बात करने के लिये उकसाया

माल में जहाँ-जहाँ से भी अदिति गुजरी सभी मर्दो की नजर उसी पर थी। बहुत सारे जवान और बूढ़े मर्दो ने भी अपने-अपने लण्ड को पैंट में सीधा किया अदिति को गुजरते देखकर। उसकी चाल, उसका पतला गदराया जिश्म साड़ी में सही तौर से लपेटे ऐसी चल रही थी जैसे रैम्प पर एक माडेल। कहीं-कहीं जब अदिति को थोड़ा बहुत झुक कर कोई आइटम जिसको खरीदने के लिये उसने पसंद किया देखनी पड़ी तो मर्दो की आँखें उसकी क्लीवेज पर पड़ी। मतलब बहुत सारे मर्दो को दीवाना बनाया अदिति ने बाहर निकलकर इस दिन को। एक घंटे के बाद अदिति अपार्टमेंट वापस आ गई। ओम ने उसको याद दिलाया की उसको काल करने को नहीं भूले, अगर कभी कोई काम हो तो।

अदिति को साफ नजर आया की ओम उसके साथ फ्लर्ट करने की कोशिश कर रहा है। उसने मुश्कुराते हुए हाँ में सिर हिलाया और अंदर चली गई। मगर अदिति ने सोचा की सच में वो काम का आदमी है और कभी भी उसको ओम की जरूरत पड़ सकती है। और यह भी सोचा की आदित्य को ढूँढ़ने में भी ओम मदद कर सकता है। इसलिए वो जरूर उसको कांटैक्ट करेगी कभी।

विशाल टायलेट जा रहा था आफिस में जब उसने देखा की एक उसका साथी एक फीमेल क्लर्क को देख रहा था

जब वो गुजर रही थी कुछ फाइल्स के साथ कारिडोर में।

उस आदमी ने विशाल को एक आँख मारते हुए कहा- “क्या गाण्ड है यार। बहुत सेक्सी है वो.."

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विशाल ने उस आदमी से कहा- “क्यों भाई शादीशुदा औरतों को देखना पसंद है तुम्हें?"

उस दोस्त ने कहा- “यार जब से शादी किया हूँ तब से और भी ज्यादा ठरकी हो गया हूँ, और दूसरों की बीवियों को लगाने का ज्यादा मन करता है, अपनी वाइफ से ज्यादा। कुछ अजीब है, क्यों? कहते हैं ना बाहर का खाना घर के खाने से ज्यादा मजेदार होता है."

विशाल बिना जवाब दिए मुश्कराते हए टायलेट चला गया। मतते वक्त विशाल के दिमाग में एक अजीब सा आइडिया आया। उसने अपने उस दोस्त को अदिति का आदित्य बनाना चाहा। अचानक उसने अपने उस दोस्त को अपने खेल में शामिल करने को सोचा। जिस तरह से उसके दोस्त ने बात की औरतों को लेकर. जाहिर था की वो मजा लेगा इस खेल में। मगर कैसे उसको बताएगा की अदिति उसकी बीवी है? विशाल ने सोचा की कुछ प्लान करना चाहिए। उसन सोचा की अदिति इस दोस्त को जरूर पसंद करेगी क्योंकी यह स्मार्ट और हैंडसम था। विशाल का शैतानी दिमाग फिर से चालू हो गया और उसने कुछ सोच लिया करने को।

वापस जाते वक्त विशाल उस दोस्त से मिला वहीं पर और उससे उसको मिलने को कहा अपने आफिस में क्योंकी उसको बहुत जरूरी काम था। वो दोस्त विशाल से 5 साल बड़ा था उम्र में, और आफिस में एक ज्यादा ऊँची पोस्ट पर था। विशाल उसके नीचे काम करता था ऐसा कह सकते हैं। उसका नाम है आनंद, शादीशुदा, दो बच्चों का बाप।

लंच टाइम पर आनंद विशाल को उसके आफिस में मिला, और विशाल ने उसको बताया की वो एक शादीशुदा

औरत से एक खेल खेल रहा है एस.एम.एस. और काल से। विशाल ने आनंद को यह नहीं बताया की अदिति उसकी पत्नी है। उसने यह कहा की अदिति किसी और की पत्नी है और वो आदित्य बनकर उससे मजा ले रहा है, तो अब वो आनंद को आदित्य बनाना चाहता है।

विशाल ने आनंद से कहा- “आप इसी वक्त आदित्य बनकर अदिति को फोन करो, और मोबाइल को स्पीकर पर लगा दो और वो सुनें की अदिति क्या जवाब देती है। विशाल ने सब कुछ बिल्कुल डीटेल्स में आनंद को समझाया की कल रात को वो फैंटेसी के तौर पर उसके साथ सोई थी, जबकी वो अपने पति के साथ थी और एस.एम.एस. भी दिखाया विशाल ने आनंद को।

आनंद सब समझ गया और बहुत इंट्रेस्टेड हुआ खेल में शामिल होने को। विशाल ने समझा दिया की उसको भाभीजी बुलाए और एक आशिक की तरह बात करें अदिति से। और खेल शुरू हुआ। आनंद ने अदिति को फोन किया और विशाल की अनरजिस्टर्ड सिम से और सेल को स्पीकर पर कर दिया ताकी विशाल सब सुन सके।

अदिति ने जवाब दिया- “हाय, कैसे हो तुम आदित्य?”

आनंद ने जवाब दिया- “मैं बिल्कुल मजे में हूँ भाभीजी। क्योंकी कल रात तुमने मुझको बेहद खुश किया, बहुत मजा आया मुझे...”

अदिति ने चुलबुलाकर हँसते हुए कहा- “सच? तुमको मजा आया? यह कैसे हो सकता है हम तो साथ नहीं थे, तुम मेरे साथ थे ही नहीं। मेरा पति मेरे साथ था..”

थोड़ी देर के लिए विशाल घबरा गया की कहीं अदिति ने विशाल का नाम ले लिया तो आनंद को पता चल जाएगा की वो उसको बीवी से बात कर रहा है। मगर अदिति ने “मेरा पति” कहा विशाल का नाम नहीं लिया, तो विशाल को चैन आया। मगर उसने सोचा की अदिति किस तरह से चुलबुलाते हए बात कर रही है एक अजनबी के साथ, जैसे बरसों की पहचान हो उसकी।

 
आनंद ने जवाब दिया- “भाभीजी मैं आपके खयालों में था जब तुम्हारा पति तुम्हारे साथ वो सब कुछ कर रहा था, तुम्हारे हसीन जिश्म को छूना, तुमको किस करना, तुम्हारे जिश्म पर चारों तरफ हाथ फेरना, और तुम यह महसूस कर रही थी की वो सब मैं कर रहा था, तो क्या मुझको मजा नहीं आएगा की एक इतनी खूबसूरत भाभी मुझको खयालों में लाकर यह सब करें? सच में बहुत मजा आया था भाभीजी, काश में उस वक़्त तुम्हारे साथ बेड पर होता...”

अदिति हकलाते हुए बोली- “आक-च अच्छा, हम्म... और वो एक खेल था बस..."

विशाल ने जल्दी से अपने कंप्यूटर पर कुछ टाइप किया और मानिटर को आनंद के सामने किया। वो सवाल टाइप किया था जो आनंद को अदिति से पूछना था, तो आनंद ने वही पूछा जो विशाल ने टाइप किया था।

आनंद- “भाभीजी यह बताओ की अभी तुमने क्या पहना हुआ है? मैं तुमको उसी ड्रेस में सोचना चाहता हूँ जिसमें तुम हो इस वक्त, क्या तुमने साड़ी पहनी है, चूड़ीदार या उस टी-शर्ट को पहना है बिना ब्रा वाला?”

यह लाइन्स आनंद ने विशाल के कंप्यूटर स्क्रीन से पढ़ा। अदिति को, और आनंद को बहुत मजा आने लगा एक अंजान जवान लड़की से इस तरह के बातें करते हुए। आनंद को लगा के औरत की आवाज इतनी जवान और हसीन है के बात करते वक़्त उसका खड़ा हो गया।

अदिति ने यह जवाब दिया- “मैं आज तुमको ढूँढने को गई थी, तो इस वक्त एक साड़ी में हैं। जिसकी ब्लाउज़ बैकलेश है। तुम देखना चाहते हो की मैं कैसी दिख रही हूँ तो बाहर निकलो मैं बाल्कनी पर आ रही हूँ, अपनी पीठ को दिखाऊँगी तुमको। देखना कैसी लग रही हूँ इस साड़ी में?”

यह सुनकर आनंद की समझ में नहीं आया की किया जवाब दे और विशाल के चेहरे में देखा तो विशाल ने जल्दी से कुछ टाइप किया आन्सर के लिये,

विशाल ने यह टाइप किया था आनंद के लिए- “नहीं आज मैं नहीं देख पाऊँगा तुमको। क्योंकी आज मैं आफिस में हूँ इस वक्त..”

अब विशाल सोचने लगा आज अदिति कहाँ गई थी, जो उसने साड़ी पहनी हुई है वो भी बैकलेश वाली। विशाल ने खुद से पूछा- “क्या वो सच में कहीं गई थी? मगर उसने मुझसे नहीं कहा था की आज बाहर जाएगी..."

आनंद ने अदिति से बात जारी रखा यह कहते हए- “भाभीजी, क्या आज रात को भी हम एक साथ हो सकते हैं? प्लीज... हाँ बोलो ना भाभीजी खूब मजा करेंगे...”

अदिति- “नहीं, वो एक खेल था और खेल खतम हो चुका है बाइ बाइ..” और उसने एक चुलबुलाती हँसी के साथ फोन काट दिया।

विशाल ने आनंद से कहा- “अब फोन मत करना। इतना काफी था आज के लिए..”

आनंद बहुत उतेजित हो गया था और विशाल से कहा- “यार तुम इसको चोद सकते हो यार, वो जरूर तुमको देगी, अगर एक जवान औरत अपने पति के साथ सोते वक्त तुमको सोच रही है तो मतलब साफ है की वो तुमसे चुदवाएगी। यार गो अहेड चोदो उसको। यार तुम तो बहुत लकी हो यार वाह

विशाल ने आनंद से कहा- “आज शाम को मेरे अपार्टमेंट चलो, एक कप काफी के लिए। अगर वो दिखाई देगी तो

तुमक दिखाऊँगा वो कैसी है? वो भी मेरी ही अपार्टमेंट में रहती है..."

आनंद मान गया और विशाल ने तो यह प्लान किया की अदिति को देखे की वो कैसे रिएक्ट करती है एक गैर मर्द को घर में देखकर? और रात को खेल खेलेंगे की आनंद उसके साथ बेड पर है और देखना चाहता है की

अदिति रेस्पॉोड करेगी या नहीं?

जब शाम को विशाल आफिस से निकला तो अदिति को फोन करके बताया- “मेरा सीनियर कोल्लीग घर आ रहा है एक कप काफी के लिए..” और अदिति से खूबसूरत ड्रेस पहनने को कहा।

अदिति ने पूछा- “मैं क्या पहनूं तुम बताओ ना विश?"

विशाल चाहता था की वो सेक्सी दिखे और उसकी क्लीवेज नजर आए तो एक ब्लैक साड़ी पहनने को कहा जिसकी नेक डीप 'वी' कट की है।

मगर अदिति ने कहा- “मैं वो वाली नहीं पहनूंगी क्योंकी उसमें मेरी क्लीवेज बहुत नजर आती है."

मगर विशाल ने उससे कहा- “अगर तुम मुझसे प्यार करती हो वही पहनोगी, कोइ वहस नही इसपर."

अदिति के पास अब चाय्स नहीं रहा। और 6:00 बजने से पहले अदिति ने एक शावर लिया और वो ब्लैक साड़ी पहनी, जिसकी ब्लाउज़ स्लीवलेश थी और ब्लाउज़ डीप “वी' कट और ती लेश थे ब्लाउज़ की पीठ पर उसको बाँधे हुए। अदिति आईने में खुद के जिश्म को निहार रही थी और सोचने लगी की कौन विशाल के साथ आ रहा है उसके यहाँ आज?
 
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update 10 विशाल अपने सीनियर आनंद को घर लाता है

बाल्कनी से अदिति विशाल की गाड़ी को गेट के अंदर आते हुए देख रही थी, और उसी समय यह भी देख रही

थी की उसको कहीं आदित्य नजर आए शायद। क्योंकी अदिति सोच रही थी आदित्य का काल आएगा।

मगर वो कहाँ दिखने वाला था। अब विशाल वापस आ गया तो क्या अदिति उदास थी की आदित्य ने काल नहीं किया? यह खद से अदिति पूछ रही थी। अदिति ऊपर से कार के अंदर नये मेहमान की शकल देखने की

कोशिश कर रही थी, जिसको विशाल ला रहा था आज। मगर सिर्फ विशाल का हाथ दिखाई दिया उसको वेव करते हुए और कार अंडरग्राउंड पार्किंग में चली गई। फिर अदिति जल्दी से अंदर चली गई उनका इंतेजार करने

और नये मेहमान के स्वागत के लिए।

अदिति दरवाजा खोलकर चौखट पर एक मुश्कान के साथ उन दोनों का इंतेजार कर रही थी, मगर ना जाने क्यों अदिति का दिल जोरों से धड़क रहा था, जैसे उसको एक एग्जाम देने जाना है। उसकी नजरें लिफ्ट पर थी और जैसे ही लिफ्ट रुकी आनंद और विशाल बाहर निकले। अदिति विशाल को देखकर मुश्कुराने लगी और विशाल इशारे से उंगली को अदिति के तरफ करते हुए आनंद को बताया की वो उसकी वाइफ थी चौखट पर।

आनंद ने वहीं से ही अदिति को देखते हुए उसको अपना सिर झुकते हुए ग्रीट किया और अदिति मुश्कुराते हुए चौखट पर उनका इंतेजार करती रही जब तक वह वहाँ पहुंचेचे। जब विशाल अपने दरवाजे के पास आ गया तो अदिति से कुछ कहने जा रहा था, मगर अदिति दो कदम पीछे हट गई ताकी दोनों अंदर घर में प्रवेश कर सकें। विशाल ने पहले अंदर कदम रखते ही अदिति के कंधे पर हाथ रखते हुए उसको हग किया जबकी चौखट पर पीछे आनंद खड़ा उन दोनों को मुश्कुराते हुए देख रहा था।

विशाल ने अदिति को हग और गाल पर किस करने के बाद हाथ से आनंद के तरफ दिखाते हुए अदिति से कहा- “यह मेरा दोस्त एक सीनियर कोलीग, और आनंद यह है मेरी वाइफ अदिति.."

दोनों ने एक दूसरे से मुश्कुराते हुए आँखें चार की और अदिति की समझ में नहीं आ रहा था की अपना गाल दे आनंद को या उसको नमस्ते करें हाथ जोड़कर? एक कदम आगे किया फिर रुका और विशाल के चेहरे में देखा तो विशाल ने कहा- “ओह्ह... कम ओन मेरे साथी को गले लगाओ, गैर नहीं है यह."

तब एक बड़ी मुश्कराहट के साथ अदिति आनंद की तरफ बढ़ी और आनंद ने खुद झुक कर उसको अपना गाल दिया जिसको अदिति ने किस किया दोनों तरफ, और आनंद का बाजू अदिति के कंधों पर गया एक फार्मेलिटी

की तरह, मगर उस वक़्त विशाल अदिति की रिएक्सन को चेक कर रहा था उसके चेहरे में देखते हुए..."

अदिति ने आनंद का स्वागत करते हुए उसको लाउंज में बैठने को कहा और यह कहते हुए- “एक मिनट में मैं काफी बनाकर लाती हूं..” और कारिडोर से होते हुए किचेन के तरफ चलने लगी।

जैसे ही अदिति चली गई तो आनंद ने धीरे से विशाल से पूछा- “वो वाली किधर रहती है जिसको हमने फोन किया था?"

विशाल ने आनंद को “सस्स्स” करते हुए कहा- “उस वाली के बारे में यहाँ बिल्कुल बात मत करो यार। वाइफ

यहीं है..” और विशाल ने कहा- “उस वाली को देखने के लिए बाल्कनी पर जाना पड़ेगा और अगर चान्स है तो

दिख जाएगी, मगर उसका पति काम से वापस आ गया होगा तो नहीं दिखेगी आज...” और विशाल आनंद से

इजाजत लेते हुए अदिति से मिलने गया किचेन में।

अदिति ने काफी बनाते हुए कहा- “तुमने मुझसे इस दोस्त के बारे में कभी बात नहीं किया, कौन है वो?"

विशाल ने अदिति की बाहों के तले अपनी बाहों को डालते हुए अपने हाथ को उसकी नाभि पर रखा और अपने

लण्ड को पैंट के अंदर से ही उसके चूतड़ों पर दबाते हुए कहा- “जान आज रात को वो तुम्हारे साथ होगा बेड पर हमारे खेल में क्या कहती हो, मजा आएगा जानी...”

एक पल के लिए अदिति चौंकी, फिर उसको खयाल आया की वो रोल-प्ले के बारे में बोल रहा है और कहा- “मुँह बंद करो। वो तुम्हारा दोस्त है और ऐसा नहीं सोचना चाहिए किसी के बारे में..”

विशाल का तना हआ लण्ड उस वक्त अदिति की मस्त गाण्ड पर रगड़ रहा था। उसने कहा- “जान सोचो कितना मजा आएगा, बहुत गरम सेशन होगी आज रात को अगर उसको लेकर हमने खेल किया तो। और सुनो अभी जब उसको काफी देने जाओगी तो बिल्कुल झुक जाना और अपने पल्लू को सरकने देना सर्व करते वक्त, मैं आनंद का चेहरा देखना चाहता हूँ, जब वो तुम्हारे क्लीवेज को देखेगा तो। प्लीज... इतना करो मेरे लिए, रात को यह लम्हा हमको बहुत ज्यादा गरम करेगा जान.."

अदिति को थोड़ा गुस्सा आया और कहा- “तुम पागल हो क्या? तुम चाहते हो की पल्लू को सरकने दूँ इस डीप कट ब्लाउज़ में? मेरी ब्रा के स्ट्रैप्स पूरे दिख रहे हैं ऐसे ही, और मेरे निपल सब नजर आ रहे हैं इस ब्लाउज़ के ऊपर से। झुकूगी तो शायद बाहर ही निकल आएगा सब। मुझे बहुत शर्म आएगी मुझसे नहीं होगा यह सब। सारी...”

विशाल ने अदिति को बहुत फुसलाने की कोशिश की, उसके गाल पर हाथ फेरते हुए, उसको चूमते हुए बहुत केयरेस वगैरा करते हुए, और यह भी कहा के अदिति आनंद के सामने वाले सोफे पर बैठे और अपनी कमर और नाभि को दिखने दे, और ऐसा दिखाये की उसको नहीं पता की सब दिख रहे हैं, और उसके साथ नार्मली मुश्कुराते हुए बातें करे।

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अदिति ने जवाब दिया- “मैं उसको जानती तक नहीं, कभी भी उससे बात नहीं की, आज पहली बार देख रही हूँ उसे, एक अजनबी के सामने मैं यह सब कैसे कर सकती हैं? अगर वो कोई पहले से जान पहचान वाला होता तब बात और होती, और शायद जो चाहते हो वो करती मैं। मगर यह बिल्कुल अजनबी है मेरे लिए, तो मुझसे ऐसे उम्मीद ना रखो, सारी मैं नहीं करूँगी यह सब...”

अदिति नाराज दिखी और विशाल ने निराश महसूस किया, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की क्या करे अब? तब तक अदिति उसकी बाहों में था अपनी पीठ से, और विशाल ने अदिति के गले को चूमा और कुछ कहने जा रहा था। मगर अदिति को गुस्सा आया और अपनी केहुनी से उसके पेट में मारते हुए उसको जाने को कहा।

अदिति ने काफी का ट्रे लिया और विशाल से स्नेक लेने को कहा। यह कहते हुये- “तुमने अपने दोस्त को अकेला लाउंज में छोड़ा है। यह स्नैक जाकर सर्व करो उसे। मैं काफी लेकर आती हूँ.”

मगर विशाल ने उसको रोकते हुए कहा- “मगर जान ओके ठीक है, मगर आज रात को वो तुम्हारे साथ बेड पर होगा रोल-प्ले में, उसको अच्छी तरह से ध्यान से देखना और हाँ बोलो अब तो...”

अदिति तंग आ गई थी और जल्दी से कहा- “ओके ओके... आज रात के लिए ठीक है मगर अभी मुझे कुछ भी करने को मत बोलो.” और अदिति काफी ट्रे के साथ कारिडोर में जाने लगी।

विशाल पीछे-पीछे स्नैक लेकर गया। विशाल ने जल्दी से स्नैक को बीच वाली मेज पर रखा और अदिति काफी

लेकर करीब आई। विशाल आनंद के सामने वाली सीट पर बैठा। क्योंकी वो दोनों को ध्यान से देखना चाहता था। अपनी वाइफ अदिति को भी और आनंद की नजरों को भी।

अदिति ने झुक कर ट्रे को टेबल पर रखा, मगर बहुत सावधानी के साथ और अपने हाथ को अपनी छाती पर रखा ताकी कुछ ना दिखे अजनबी को। और बड़ी नर्मी के साथ मुश्कुराते हुए आनंद से कहा- “थोड़ा स्नैक लीजिए

आप...”

विशाल आनंद के चेहरे पर नजर जमाए बैठा था और हाँ उसने नोट किया की जबसे अदिति लाउंज में आई थी

आनंद की नजर अदिति पर ही टीकी हुई थी। जब तक अदिति ने नहीं पूछा स्नैक लेने को तब तक आनंद अदिति को सिर से पैर तक देखे जा रहा था, और विशाल वही ध्यान से देखता जा रहा था। अदिति ने विशाल को एक बार देखा, क्योंकी उसको पता था की विशाल क्या चेक कर रहा है। फिर अदिति विशाल के पास जाकर बैठ गई जो आनंद के सामने था।

जब वो बैठी तो उसकी नाभि और कमर दिख तो रही थी और आनंद की नजर उसपर कई बार गई जो विशाल ने देखा। विशाल खुश नहीं था, क्योंकी जैसा उसने सोचा था वैसा नहीं हुआ। इसलिए की अदिति ने सहयोग करने से इनकार कर दिया था। अदिति आनंद से फार्मल बातें कर रही थी जैसे उसकी पत्नी और बच्चों के बारे में। अदिति बात करते वक्त बहुत हँसमुख थी जो उसकी आदत थी।

विशाल कुछ देर बाद जानबूझ कर माफी मांगते हुए एक सिगरेट पीने के बहाने बाल्कनी में गया अकेले। आनंद

और अदिति को अकेले बातें करते हुए छोड़कर। आनंद सिगरेट नहीं पीता था, सो वो अंदर ही बैठा रहा अदिति के साथ बातें करते हुए। अदिति समझ गई की क्यों विशाल बाहर जा रहा है और उसको तिरछी नजर से देखा जब वो छत का दरवाजा बंद कर रहा था बाहर निकलते हुए।

छत पर से विशाल उन दोनों को बराबर देखता रहा। दोनों नार्मल बातें कर रहे थे और एक बार अदिति को

अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाना पड़ा। क्योंकी वो अपने बालों को समेट रही थी। जब अदिति ने वैसा किया तो उसका पूरा पेट, नाभि, कमर सब दिख रही थी और उसकी ब्लाउज़ और चूचियों की गोल फार्म ब्लाउज़ के अंदर जैसे दो गोल-गोल बड़ी सी चीज रखी हो।

विशाल ने तुरंत उस वक्त आनंद के चेहरे को देखा की क्या वो अदिति को देख रहा है की नहीं। और हाँ आनंद

ने पहले छत की तरफ देखा की कहीं विशाल तो नजर नहीं आ रहा। फिर तुरंत अदिति की छाती पर उसकी

आँखें गड़ी रहीं काफी देर तक। फिर उसकी नजर अदिति की कमर और पेट पर गई, जैसे निहार रहा हो। यह

सब विशाल ने अच्छी तरह से देखा। अदिति को उस वक्त कुछ पता नहीं चला, क्योंकी सभी औरतें वैसा करती हैं, बालों को समटती हैं अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाकर। मगर औरतें यह नहीं जानती की मर्द लोग अक्सर ऐसे मौके को ढूँढ़ते रहते हैं उनको देखने के लिए। विशाल ने सोचा- “क्या अदिति ने यह नार्मल तरीके से किया

था, या जा निंद को रिझाने के लिए वैसा किया था उसने?"

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*****

 
update_11 अदिति के साथ हाट एनकाउंटर के दौरान आनंद के रोल-प्ले में विशाल

आनंद के वापस जाने का वक्त आया और अदिति उसे और बाहर को चौखट तक छोड़ने गई। आनंद ने अपना सिर झुकाया अदिति के सामने गुडबाइ किस के लिए। मगर उस वक्त विशाल ने एक चीज नोट किया, की आनंद ने अदिति से दोस्ती कर लिया था तब तक, और ज्यादा करीब लग रहे थे दोनों एक दूसरे से। जैसे बरसों से एक दूसरे को जानते हों।

जो विशाल ने नोट किया वो यह था की जिस वक्त अदिति किस कर रही थी आनंद के गालों पर, उस वक्त आनंद का एक हाथ अदिति की कमर पर था, उस हिस्से पर जो नंगी थी। और एक हाथ उसके कंधे पर था। विशाल ने नोट किया की जब तक अदिति आनंद को किस कर रही थी, उसने अपनी उंगलियों को हल्के से अदिति की कमर पर फेरा। मगर यह सिर्फ दो या तीन सेकेंड के लिए ही था और तुरंत दोनों हाथों को हटा लिया। तुरंत विशाल ने अदिति पर चेक करना चाहा की उसने आनंद की उंगलियों को अपनी कमर पर महसूस किया या नहीं? और देखा की अदिति तो बिल्कुल नार्मल थी जैसे कुछ हुआ ही नहीं था।

विशाल ने सोचा- “अदिति को शायद पता नहीं लगा की आनंद की उंगलियां उसकी कमर पर फिर रही थी एक पल के लिए। क्योंकी अदिति का ध्यान उस वक्त आनंद के गालों पर गुडबाइ किस करना था।

आनंद ने अदिति से कहा- “कोफी के लिए बहत-बहत शुक्रिया, और ऐसे आपके हाथ की बनी स्वीट काफी पीने को और आना चाहूँगा। मगर उम्मीद है की विशाल मुझे फिर से इन्वाइट करे.."

अदिति ने खुशी से मुश्कुराते हुए कहा- “खुशी मेरी थी सर्व करने में..” और आनंद को पत्नी के साथ कभी भी आने को कहा उससे।

आनंद को वापस घर जाते वक्त विशाल ने आनंद से पूछा- “तो बोलो भाई, तुमको मेरी वाइफ कैसी लगी?"

आनंद ने इस सवाल को बिल्कुल ही एक्सपेक्ट नहीं किया था, तो विशाल के चेहरे में देखते हुए पूछा- “क्या? कैसी लगी मुझे यार?”

विशाल ने फिर पूछा- “अरे भाई, मैं पूछना चाहता हूँ की कैसी है वो? तुमको पसंद आई? कैसी दिखी, खूबसूरत है

या नहीं?"

तब आनंद ने जवाब दिया- “ओहह... हाँ, यू हैव आ लवली वाइफ यार। बहुत अच्छी है और स्वीट है। और हाँ बहुत खूबसूरत भी है। जैसे तुमको पता तो होगा ही, मुझे बहुत यंग लगी एक कालेज गर्ल के जैसी हेहेहेहे...”

विशाल- “वो बेड पर बहुत ही गरम है यार.."

दोनों दोस्त हँस पड़े और आनंद ने कहा- “मेरी बीवी थोड़ी मोटी हो गई है दूसरे बच्चे के जनम के बाद और मुझे वो बड़ी-बड़ी लटकी हुई चूचियां और मोटा पेट नहीं पसंद है.” ।

तब विशाल ने आनंद का टेस्ट जानने के लिए पूछा- “तुमको किस टाइप की लड़कियां, औरतें पसंद हैं भाई?"

आनंद ने जवाब दिया- “अच्छा तुम माइंड मत करना प्लीज... मगर मैं अभी तुमको तुम्हारी वाइफ की उदाहरण दूंगा तुमको। उसकी फिगर पर्फेक्ट है जैसा मुझे पसंद है। शादी के दिनों में मेरी बीवी भी बिल्कुल वैसी ही थी। मुझे सपाट पेट पसंद है और तनी हुए चूचियां, लटकी हुए नहीं। वो चूचियां जो लगे सीधा खड़ी होकर मुझको निपलों से देख रही हों। हाहाहाहा... और मुझे जवान लड़कियां ज्यादा पसंद हैं। यह मेरा पर्सनल टेस्ट है विशाल..."

विशाल बहुत खुश हुआ उसका जवाब सुनकर, और उसको बड़ा मजा आया की आनंद ने अदिति के जिश्म के बारे में बातें की। उसका मतलब यह हआ की आनंद ने अदिति के जिश्म को खूब देखा था। और उसने सोचा की जो उसके दिमाग में है वो धीरे-धीरे कामयाब हो सकता है उसको सफल करने में, थोड़ा वक्त लगेगा मगर जरूर कामयाब होगा।

अचानक आनंद ने कहा- “मगर यार तुम तो मुझे अपने घर इसलिए ले गये थे की उस लड़की को देखू जिससे फोन पर बात किया था, मगर वो तो दिखा ही नहीं। कैसी दिखती है वो? तुम्हारी अदिति की तरह है क्या?"

विशाल ने उत्तेजित महसूस किया और कहा- “हाँ यार वो बहुत ही हाट है, तुम खुद उसको अपने बिस्तर पर ले जाना जरूर चाहोगे। अरे हाँ क्यों ना उसको इसी वक़्त फोन करें?"

आनंद ने कहा- “क्यों नहीं, कार पार्क करो जैसे दिन में फोन किया था वैसे ही करेंगे। अब मुझे पता है की उससे क्या कहना चाहिए। मगर उसका पति घर पर होगा इस वक्त ना?"

 
विशाल ने कहा- “हम्म... मगर कभी ओवरटाइम भी करता है तो क्या पता घर पर नहीं होगा आज? चलो एक ट्राई मारते हैं। अगर उसने जवाब दिया तो मतलब वो फ्री है, पति वापस नहीं आया है, चलो काल करते हैं."

और विशाल ने अदिति को उस अनरजिस्टर्ड सिम से काल किया और फोन आनंद को दे दिया। उसपर एक रुमाल लगाकर स्पीकर को ओन क

अदिति ने जवाब किया- “तुम्हारा दिमाग तो ठीक है? क्यों इतनी रात को फोन कर रहे हो? तुम्हें पता नहीं मेरा पति इस वक्त घर पर है?"

आनंद बोला- “जानेमन बहुत मन कर रहा है तुम्हारे करीब आने का, जी चाहता है तुम्हारे बेड पर तुम्हारे साथ रहूं और तुमको इस गोश्त के लंबे और मोटे टुकड़े को चखने को दूं। कब चखोगी इसे दिलवर मेरे?"

अदिति- "चुप कर... मेरा पति बाथरूम से निकलने ही वाला है, मैं रख रही हूँ...”



आनंद- “रुको जानेमन, मैं आज रात को भी तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ, तो आज भी कल रात की तरह करना प्लीज...” और जो जवाब अब अदिति ने आनंद को दिया वो सुनकर विशाल खुशी से चिल्लाना चाहता था।

अदिति ने यह कहा आनंद को- “नहीं आज रात को तुम मेरे साथ नहीं होंगे, मगर कोई और होगा मेरे बेड पर, जिससे जान पहचान आज किया मैंने..."

विशाल समझ गया की अदिति आनंद के बारे में बोल रही थी। मगर आनंद ने विशाल के चेहरे में देखा तो विशाल ने सिर हिलाते हुए कहा- “नहीं पता..”

आनंद ने अदिति से कहा- “ओहह... अच्छा। खुशनसीब है वो मगर मैं जान सकता हूँ कौन है वो खुश किश्मत?”

अदिति- “नहीं तुमको जानने को जरूरत नहीं, आज तुम्हारी बारी नहीं है। जब तुम्हारा बारी आएगा तो तुमको बता दूंगी...” और अदिति ने फोन रख दिया।

विशाल बेहद खुश था।

मगर आनंद ने कहा- “यार यह बहुत मस्त माल है। यार मुझे दिलाना तुम इस तीखी मिर्ची को। चखने का मन है इसे...”

विशाल जल्दी से आनंद को घर छोड़कर खुशी से वापस घर लौटा। अदिति अब एक टू-पीस में थी, एक स्कर्ट

और ब्लाउज़। विशाल ने जल्दी से शावर लिया और दोनों ने जल्दी-जल्दी डिनर किया और बहुत जल्द दोनों बेड पर पाए गये।

बेड पर थोड़ा चूमा चाटी के बाद विशाल ने अदिति के कान के पीछे अपनी जीभ फेरते हुए कहा- “तुमने मुझको

वैसे खुश नहीं किया, जब आनंद यहाँ आया था, तो अब इस खेल में भरपूर भाग लेना और मुझे खुश करना जान ओके?”

अदिति ने बचकानी आवाज में कहा- “मैंने कह दिया था तुम्हें की इस वक्त सब होगा, तब नहीं..”

विशाल बेड पर बैठ गया और उसके चेहरे में देखते हुए पूछा- “अच्छा अब तुम वो सब करोगी जैसे मैं कहूँगा?"

अदिति ने अपने नीचे वाले होंठ को दाँतों में दबाते हुए, एक सेक्सी मुश्कान के साथ कहा- “हाँss..” और हल्के से अपनी जीभ को विशाल की छाती पर फेरा अपनी चूचियों को उसके छाती पर रगड़ते हुए।

विशाल ने बहुत उत्तेजित होते हुए कहा- “तो फिर ठीक है उस साड़ी को दोबारा पहनो और चलो लाउंज में। मैं

आनंद बनूंगा। तुम मुझको काफी सर्व करने आना और अपने पल्लू को सरकने देना, मुझको क्लीवेज खूब दिखाना और ऐसे बिहेव करना जैसे बहुत गरम हो गई हो और करने का मन कर रहा है। चलो चलो जल्दी

लाउंज में, खेल को इस तरह से खेलना की लगे की सच में मैं आनंद ही हूँ और तुम अदिति, और अच्छी तरह

से जवाब करना, मेक इट लुक नेचुरल स्वीटहार्ट, कम ओन लेट्स गो। मैं आनंद हूँ और तुमको चोदना चाहता

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