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Guest
थोड़ी देर मे महॉल थोड़ा शांत हुआ था
“लेकिन आपने बताया नही की आप कोमल से कैसे मिली “
महिमा की बात सुनने के बाद मैने सवाल किया ..
इस बात का जवाब महिमा ने नही बल्कि डॉक्टर . चूतिया ने दिया ..
“अंकित बात असल मे ऐसी है की जब भुवन और कोमल ने सब कुच्छ छोड़ने मन बनाया था तो वो उसी सिलसिले मे मुझसे भी मिले थे , मैं भुवन को पहले से जानता था , मेरे ही मदद से ये लोग इस गाँव मे बसे थे .. उसके बाद जब कोमल अपनी बेटी को ढूंढते हुए मेरे पास आई तब मैने कोमल और महिमा को मिलवाया था ….. “
“ओह्ह्ह “
मैने कोमल की ओर देखा , फिर भाभी की ओर आपसे ये कैसे मिली
इससे पहले भाभी कुच्छ बोले कोमल बोल पड़ी
“मैं तुम दोनो को पूरे शहर मे ढूँढ रही थी जब मुझे इनस्पेक्टर पांडे के मर्डर की बात पता चली तो जब मैने पता किया तो मुझे समझ आने लगा था की ज़रूर तुम जीवा या संपत के हाथ लग चुकी हो…. जीवा अब तिवारी से छुप कर रहता था या ये कहो की दोनो एक दूसरे के आमने सामने आने से बचते है , क्योकि इसी मे दोनो की भलाई है , तिवारी ने पठान गैंग को हथियार लिया और करीम की लड़कियो के जिस्म की चाह ने तिवारी का काम और भी आसान कर दिया , उसने गैंग वालो को ही करीम के खिलाफ भड़का के उसका मर्डर करवा दिया .. लेकिन फिर जीवा और उसकी सीधी टक्कर थी , तिवारी ने दिमाग़ लगाया और लड़ने झगड़ने के बजाय एक मौन समझोता दोनो मे हो गया ……
तो मुझे लग ही गया था की जब जीवा ने आरती को देखा होगा तो उसके नंबर1 डॉन बनने की ख्वाहिश बलवती हो गयी होगी और आरती को अपने काबू मे लेने की कोशिस करेगा , शायद एमोशनली, मेरे पास अब इतनी ताकत नही बची की मैं एक पूरे गैंग से भीड़ जाऊ , ये शक्ति बड़ी अजीब है जो प्रेम के साथ रहने से ही आती है लेकिन फिर धीरे धीरे गायब होने लगती है , मेरे पास अब बस स्किल्स बचे है जो मैने सीखी थी लेकिन वो ताक़त नही रह गयी , इसलिए मैं चाहती थी की अपने दिमाग़ से कम ताक़त लगाए ही आरती तक पहुंचू ..
और मैने वेट किया पता किया मुझे तुम दोनो के बारे मे कई इन्फर्मेशन से पता चलता गया , लेकिन अभी आरती के अंदर की ताक़त बाहर नही आई थी मतलब साफ है की अभी उसे अपना प्यार नही मिला है, या उसने उसे अच्छे से पहचाना नही है ..
संपत और जीवा भी इसी खोज मे थे की कैसे आरती के अंदर की ताक़त को जगाया जाए , उन्होने इसका ब्रेन वॉश तो कर ही दिया था …
अपनी झूठी कहानिया सुना कर ये तो यकीन दिला दिया था की तिवारी ग़लत है और उसने मेरे साथ बहुत ग़लत किया है , आरती तिवारी से बदला लेने को आतुर हो गयी थी ..
लेकिन फिर मैं उसे मिली उसे समझाया की तिवारी बुरा इंसान है लेकिन जीवा और संपत भी कोई दूध के धुले नही है …
मैं अपनी शक्तियां खो चुकी हू इसलिए सीधे लड़ना तो अब मेरे लिए पासिबल नही था, और ना ही आरती को वहाँ से भागते ही बना क्योकि कोई ना कोई तो उसके साथ होता ही था, अधिकतर वो रानी , और कुच्छ लोग भी हमेशा इसके साथ रहते थे …
वो इसे इसकी शक्ति दिलवाने की कोशिस कर रहे थे , इसे कभी कॉलेज मे ले जाते तो कभी माल मे तो कभी मार्केट ये सोचकर की कोई लड़का इसे पसंद आ जाएगा : :
अब अनपढ़ लोग तो साले रहेंगे ही बेअकल , लड़ने की ट्रैनिंग दिलवाना और घूमते रहना यही चल रहा था, उन्हे इतना तो पता था की जब किसी लड़के से प्यार मे पड़ेगी तो शक्ति जाग जाएगी , लेकिन इन्होने वो पुस्तक नही पढ़ी इसलिए इन्हे ये नही पता की उस लड़के को ढूँढने मे इसे किंतनी दिक्कत होनी है , इसे तो खुद भी पता नही चलेगा की यही वो है जिसे ये ढूँढ रही है ……
बहुत मुश्किल होता है समझना, उन लोगो को ये भी शक हुआ की आरती मे पावर है भी की नही, क्योकि इसका पहला प्यार तो इसका पति ही था फिर भी शक्ति जागृत नही हुई थी ..
अगर शक्ति ना भी होता तो भी इसका चेहरा ही काम मे ले आते ये लोग, ये बोलकर की शक्ति वापस आ गयी है और तिवारी की ऐसे ही फट जानी थी ……..
“लेकिन आपने बताया नही की आप कोमल से कैसे मिली “
महिमा की बात सुनने के बाद मैने सवाल किया ..
इस बात का जवाब महिमा ने नही बल्कि डॉक्टर . चूतिया ने दिया ..
“अंकित बात असल मे ऐसी है की जब भुवन और कोमल ने सब कुच्छ छोड़ने मन बनाया था तो वो उसी सिलसिले मे मुझसे भी मिले थे , मैं भुवन को पहले से जानता था , मेरे ही मदद से ये लोग इस गाँव मे बसे थे .. उसके बाद जब कोमल अपनी बेटी को ढूंढते हुए मेरे पास आई तब मैने कोमल और महिमा को मिलवाया था ….. “
“ओह्ह्ह “
मैने कोमल की ओर देखा , फिर भाभी की ओर आपसे ये कैसे मिली
इससे पहले भाभी कुच्छ बोले कोमल बोल पड़ी
“मैं तुम दोनो को पूरे शहर मे ढूँढ रही थी जब मुझे इनस्पेक्टर पांडे के मर्डर की बात पता चली तो जब मैने पता किया तो मुझे समझ आने लगा था की ज़रूर तुम जीवा या संपत के हाथ लग चुकी हो…. जीवा अब तिवारी से छुप कर रहता था या ये कहो की दोनो एक दूसरे के आमने सामने आने से बचते है , क्योकि इसी मे दोनो की भलाई है , तिवारी ने पठान गैंग को हथियार लिया और करीम की लड़कियो के जिस्म की चाह ने तिवारी का काम और भी आसान कर दिया , उसने गैंग वालो को ही करीम के खिलाफ भड़का के उसका मर्डर करवा दिया .. लेकिन फिर जीवा और उसकी सीधी टक्कर थी , तिवारी ने दिमाग़ लगाया और लड़ने झगड़ने के बजाय एक मौन समझोता दोनो मे हो गया ……
तो मुझे लग ही गया था की जब जीवा ने आरती को देखा होगा तो उसके नंबर1 डॉन बनने की ख्वाहिश बलवती हो गयी होगी और आरती को अपने काबू मे लेने की कोशिस करेगा , शायद एमोशनली, मेरे पास अब इतनी ताकत नही बची की मैं एक पूरे गैंग से भीड़ जाऊ , ये शक्ति बड़ी अजीब है जो प्रेम के साथ रहने से ही आती है लेकिन फिर धीरे धीरे गायब होने लगती है , मेरे पास अब बस स्किल्स बचे है जो मैने सीखी थी लेकिन वो ताक़त नही रह गयी , इसलिए मैं चाहती थी की अपने दिमाग़ से कम ताक़त लगाए ही आरती तक पहुंचू ..
और मैने वेट किया पता किया मुझे तुम दोनो के बारे मे कई इन्फर्मेशन से पता चलता गया , लेकिन अभी आरती के अंदर की ताक़त बाहर नही आई थी मतलब साफ है की अभी उसे अपना प्यार नही मिला है, या उसने उसे अच्छे से पहचाना नही है ..
संपत और जीवा भी इसी खोज मे थे की कैसे आरती के अंदर की ताक़त को जगाया जाए , उन्होने इसका ब्रेन वॉश तो कर ही दिया था …
अपनी झूठी कहानिया सुना कर ये तो यकीन दिला दिया था की तिवारी ग़लत है और उसने मेरे साथ बहुत ग़लत किया है , आरती तिवारी से बदला लेने को आतुर हो गयी थी ..
लेकिन फिर मैं उसे मिली उसे समझाया की तिवारी बुरा इंसान है लेकिन जीवा और संपत भी कोई दूध के धुले नही है …
मैं अपनी शक्तियां खो चुकी हू इसलिए सीधे लड़ना तो अब मेरे लिए पासिबल नही था, और ना ही आरती को वहाँ से भागते ही बना क्योकि कोई ना कोई तो उसके साथ होता ही था, अधिकतर वो रानी , और कुच्छ लोग भी हमेशा इसके साथ रहते थे …
वो इसे इसकी शक्ति दिलवाने की कोशिस कर रहे थे , इसे कभी कॉलेज मे ले जाते तो कभी माल मे तो कभी मार्केट ये सोचकर की कोई लड़का इसे पसंद आ जाएगा : :
अब अनपढ़ लोग तो साले रहेंगे ही बेअकल , लड़ने की ट्रैनिंग दिलवाना और घूमते रहना यही चल रहा था, उन्हे इतना तो पता था की जब किसी लड़के से प्यार मे पड़ेगी तो शक्ति जाग जाएगी , लेकिन इन्होने वो पुस्तक नही पढ़ी इसलिए इन्हे ये नही पता की उस लड़के को ढूँढने मे इसे किंतनी दिक्कत होनी है , इसे तो खुद भी पता नही चलेगा की यही वो है जिसे ये ढूँढ रही है ……
बहुत मुश्किल होता है समझना, उन लोगो को ये भी शक हुआ की आरती मे पावर है भी की नही, क्योकि इसका पहला प्यार तो इसका पति ही था फिर भी शक्ति जागृत नही हुई थी ..
अगर शक्ति ना भी होता तो भी इसका चेहरा ही काम मे ले आते ये लोग, ये बोलकर की शक्ति वापस आ गयी है और तिवारी की ऐसे ही फट जानी थी ……..