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Adultery वासना की मारी औरत की दबी हुई वासना

गार्ड ने सारी हिम्मत बटोरी - मैडम अगर आपकी इक्षा है तो जैसा आप कहेगी मै कर दूंगा |

रीमा की तो जैसे बांछे खिल गयी - मुझे पता है तुम मुझे चोदना चाहते हो जितने मर्दों से मै मिली हूँ सभी मुझे चोदना चाहते है लेकिन मुद्दा ये है मेरी चूत को चोदने के बदले में तुम मुझे क्या लौटा सकते हो |

गार्ड जोश में आ गया - जो आप काहे मैडम |

रीमा - आजादी |

गार्ड की कुछ समझ नहीं आया - जी मै कुछ समझा नहीं |

रीमा - मैं तुम्हें अपनी मखमली चूत चोदने के लिए दे सकती हूं लेकिन तुम्हें मुझे यहां से बाहर निकालना होगा और इस शहर से मै अनजान हूँ तो किसी तरह से यहां से सब की नजरों से तुम मुझे दूर ले जाओ ताकि मै इस बंधन से और यहां से आजाद हो सकूं | अगर तुम मुझे यहां से बाहर निकालने में मदद करोगे तो मैं तुम्हें अपनी चूत चोदने को दे सकती हूं | पता है ना मेरी चूत के जिसने एक बार दर्शन कर लिए वो जिंदगी भर के लिए मेरा दीवाना हो जाता है | तुम्हे सीधे सीधे जन्नत कराउंगी |

गार्ड सकपका गया | उसे अपने सर पर नाचती मौत नजर आई लेकिन रीमा के हुस्न की हवस में वो उसे नकार गया | रीमा की आजादी की बात सुनते ही उसे झटका लगा, उसे पता था इसका अंजाम क्या होगा | उसने गहरी चुप्पी ओढ़ ली |

रीमा अपनी मखमली गुलाबी चूत को खोलकर दिखाती हुई - ज्यादा मत सोचो, जानती हूँ इसमें खतरा है लेकिन उस खतरे के बदले मिलेगा भी क्या ये भी तो देखो | रीमा अपनी चूत की तरफ देखने लगी और गार्ड भी उसकी गुलाबी सुरंग की तरफ देखने लगा

गार्ड की ख़ामोशी से रीमा नर्वस हो रही थी - सोच लो जिस आदमी का लंड एक बार इस चूत में गया है वो आज तक नहीं भूला | सीधे जन्नत की सैर करोगे | इतनी खूबसूरत चूत के लिए थोड़ा सा तो खतरा उठना बनता है |

गार्ड - मैडम साहब मेरी गर्दन उतार लेंगे |

रीमा - क्यों ?

गार्ड - आप तो निकल जावोगे लेकिन मुझे तो यही रहना है | आप जो मांग रही हो उसका मतलब यहाँ सिर्फ मौत है |

रीमा - यहाँ क्यों रहना है, जो नौकरी यहाँ कर रहे हो वही मेरे शहर में कर लेना |

गार्ड - लेकिन साहब की पंहुच तो सब जगह है |

रीमा - और मेरी पंहुच पुलिस में हर जगह है , एक बार यहाँ से निकलने तो दो सीधे तुमारे साहब का एनकाउंटर होगा |

गार्ड की आँखों में चमक आई - आच्छा आपकी पुलिस में पंहुच है |

रीमा - और नहीं तो क्या, तुम्हे क्या लगता है इन्होने मेरी इतनी खातिरदारी यू ही कर रखी है | अब तक इनके आदमी मुझे नोच कर खा गए होते |

गार्ड - लेकिन मेरा परिवार |

रीमा अब चिढ़ने लगी थी - तुम इतनी टेंशन क्यों ले रहे हो, अपने शहर में तुमारे रहने का बंदोबस्त भी कर दूँगी | मेरा घर बहुत बढ़ा है और मै अकेली रहती हूँ, वही रह लेना | सबको वही रख लूंगी | और तुमारी नौकरी भी अपने ऑफिस में लगवा दूँगी और तुम्हे रात में चोदने के लिए मेरी मखमली चूत भी दूँगी | खूब चोदना मुझको एक बार नहीं दो बार नहीं, पूरी रात चोदना जब तक मन करे| मेरा बहुत मन करता है चुदने को, मुझे चोद के मेरी सारी प्यास बुझाना |

गार्ड अभी भी हिचक रहा था | रीमा अब अपना धैर्य खोने लगी थी - कान खोल के सुन लो , ऐसे मौके जिंदगी में रोज रोज नहीं मिलते, बहुत किस्मत वाले हो जो न केवल मेरी चूत के दर्शन करने को मिले है बल्कि मैऊ तुमे चोदने का मौका दे रही हूँ | मेरी बात मान लो वरना सब कुछ सूर्यदेव को बता दूँगी | फिर मेरा तो कुछ नहीं होगा लेकिन सूर्यदेव तुमारे लंड और गर्दन दोनों तुमारे जिस्म से अलग कर देगा |
 
गार्ड इतना तो समझ गया था की रीमा कुछ भी कर सकती है, इसलिए उसकी किसी भी बात को हलके में लिया नहीं जा सकता | इधर गार्ड रीमा की बातो में ऐसा उलझा की उसे ध्यान ही नहीं रहा उसकी ड्यूटी बदलने का टाइम हो गया था | जैसे ही उसे दरवाजे पर किसी की आहट हुई उसने तेजी से रीमा के नंगे बदन पर चादर डाल दी और गेट की तरफ बढ़ गया | रीमा के वजह से एक महिला गार्ड को ड्यूटी पर भेजा गया था | जैसे ही वो गार्ड बाहर आया, महिला गार्ड ने अन्दर झांककर देखा | रीमा बेड पर लेटी थी और उसके ऊपर एक सफ़ेद चादर पड़ी थी लेकिन उसके नंगे बदन के स्तन की नुकीली उठान भी चद्दर के ऊपर से दिख रही थी |

महिला गार्ड ने घूर कर गार्ड को देखा | ऐसे अपनी तरफ देखते ही गार्ड रक्षात्मक मुद्रा में आ गया | वो सफाई पेश करने लगा | महिला उसे ऐसे घूर रही थी जैसे पूछना चाहती हो तुमने कुछ किया |

गार्ड ने सफाई दी - देखो ऐसा कुछ नहीं है मै सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहा था | बड़े लोग है नाजुक होते है, मैडम को गर्मी लग रही थी तो कपड़े उतार कर नंगी हो गयी | मै उनके लिए पंखा जरुर लेकर आया था और लगाया भी था लेकिन उसके अलावा मैंने मैडम की तरफ नजरें उठाकर भी नहीं देखा | पंखा लगाने के बाद मैडम सो गयी | मुझे पता है हमारा साहब कितना खतरनाक है चीर कर रख देगा अगर कुछ उल्टा सीधा किया मैंने | अभी ये तुम्हारी अमानत है तुम संभालो मैं चला |

जाने से पहले वो रीमा से कुछ बात करना चाहता था | इसलिए उसने महिला गार्ड को वही रुकने को कहकर अन्दर आ गया |

गार्ड - मैडम मुझे जाना होगा, मेरी ड्यूटी का टाइम ख़त्म हो गया | ये बहुत सख्त औरत है, तो आप जरा संभल कर रहना |

रीमा को भी पता था उसके सामने और कोई चारा नहीं था उसे पता था इसी गार्ड के सहारे ही वो अपनी आजादी का टिकट कटा सकती है | मुसीबत यह थी गार्ड जाने वाला था और उसकी जगह एक औरत आ गयी थी | उसको मना पाना बहुत मुश्किल था क्योंकि वह

बहुत ही सख्त थी ऐसा गार्ड ने अभी बताया उसे |

रीमा और गार्ड की आंखे मिली, रीमा ने चद्दर के अन्दर ही अपने उरोजों को मसल कर दिखाया | उसे पता था गार्ड अब उसके कब्जे में है लेकिन अगर गार्ड ड्यूटी पर होगा तभी तो वो उसका इस्तेमाल कर पायेगी |

रीमा एक मासूम बेचारी औरत की तरह बोली - तुम तो चले जावोगे और मेरा क्या होगा | मेरी चूत की खुजली कौन मिटाएगा |

गार्ड - मेरी ड्यूटी का टाइम ख़त्म हो गया है और ऊपर से मेरी हिम्मत नहीं है मैडम कहीं अगर कुछ गड़बड़ हो गई तो साहब तो मुझे चीर के रख देंगे |

रीमा - अगर तूने कुछ नहीं किया तो भी साहब तुझे मेरी शिकायत करने पर भी चीर कर रख देगें |

गार्ड - मैडम मुझसे एक बार गलती हो गयी अब दुबारा नहीं करूंगा |

रीमा बोली - तुम एक नंबर के फट्टू इंसान हो अरे जब एक औरत अपनी चूत को चोदने के लिए बोल रही है तुम्हारी गांड क्यों फट रही है कोई तरीका निकालो मेरी चूत में बहुत खुजली मची हुई है | तुमने मेरे चुताड़ो पर पिचकारी छोड़कर मेरी चुदास जगा दी है |

गार्ड को कुछ समझ नहीं आया, काफी देर तक वो वही बुत बनकर खड़ा रहा फिर थके कदमो से गेट की तरफ जाने लगा |

उसने बाहर जाकर अपना कार्ड और थैला उठाया और घर के लिए निकल गया |

रीमा के चेहरे पर मायूसी छा गयी | उसके आँखों के सामने अँधेरा छा गया | इस अँधेरे की दुनिया में वही उसके लिए एक रोशनी की किरण बनकर आया था लेकिन अब तो वो भी खत्म हो गयी | कल का पता नहीं वो आये या न आये | रीमा रुआंसी हो आई | उसका जोर जोर से रोने का मन करने लगा | निराशा और दुःख से भरे दिल को थाम कर उसने अपना सर भी चद्दर के अन्दर घुसेड लिया |

इधर अनिल और पुलिस रीमा की लोकेशन पता लगाने के लिए ट्रांसमीटर के सिग्नल का बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे | उनकी उम्मीद की वही आखिरी किरण थी | सभी इसी आस में थे की अभी तक रीमा के पैरो में सैंडल हो | हालाँकि पुलिस हाथ पाँव मार रही थी लेकिन उसे ज्यादा कुछ मिल नहीं पाया | उसने सारा का सारा जंगल छान मारा | तस्करी और ड्रग्स का धंधा करने वाले का हुजूम ठाणे में इकठ्ठा कर दिया लेकिन रीमा का कोई क्लू अभी तक नहीं मिला था | अनिल और पुलिस का यही आखिरी सहारा था | अगर नीयत समय पर सिग्नल नहीं आता है तो रोहित पहले ही बोल चूका था की गुमसुदगी का विडिओ टीवी चैंनल पर चलवा दे और ढूढ़ने का इनाम भी घोषित कर दे | अभी तक बात सिर्फ पोलिस , अनिल , रोहित और रोहिणी तक ही थी लेकिन अगर जल्द रीमा का पता न चला तो अन्नौसमेंट टीवी पर भी कर दिया जायेगा | फिर तो सबको पता लग जायेगा , प्रियम , जग्गू का बाप, राजू सबको |

इधर गार्ड तेजी से अपने घर की तरफ जाने को निकला लेकिन उसके दिम्माग पर रीमा की गुलाबी चूत और बड़े बड़े तने हुए उरोज ही छाए हुए थे | वो अपने दिम्माग के घोड़े तेजी से दौड़ा रहा था, उसे रीमा से सहनुभूति हो गयी थी, वो रीमा को आजाद कराना चाहता था और उसकी गुबली चूत का रस चखना चाहता था | वो उस बंद फाक्ट्री के गेट तक पंहुचने वाला ही था की उसके दिमाग में एक आईडिया आया |

उसकी आंखों में एक चमक सी गई, उसके कदम ठिठक गए | वो घुमा और तेजी से भागता हुआ गोदाम की तरफ चल दिया जहाँ रीमा कैद थी | उसके बुझे मन में एक नयी तरंग दौड़ गयी | वो जल्दी से हांफता हुआ गोदाम के गेट के पास गया | महिला गार्ड वही बैठी थी |
 
उसने हैरानी से उसको देखा - क्या हुआ | इतना हांफ क्यों रहा है |

गार्ड - मेरा मोबाईल तो यहाँ नहीं रह गया |

महिला गार्ड उसको घूरते हुए - ठीक है देखती हूँ |

गार्ड - थोडा जल्दी देखो | गार्ड घडी की तरफ देखता हुआ |

महिला - ऐसी भी क्या आफत आ गयी है, ठीक से साँस तो ले ले |

गार्ड - तू औरत है नहीं समझेगी, मेरी जान का फ़ोन आने वाला है | मेरी ड्यूटी ख़त्म करते ही मुझे फ़ोन करती है |

महिला - हाँ हाँ पता है इश्क का बुखार सबको चढ़ता है इसमें क्या नया है |

गार्ड - अरे तुझे नहीं पता, दो बार में अगर काल नहीं पिक की तो दो दिन लग जाते है मानने में | तू नहीं समझेगी |

कुछ देर ढूढ़ने के बाद महिला बोली यहाँ नहीं है |

गार्ड अपनी उफनती सांसो को संभलता हुआ - ठीक है मै अन्दर देखकर आता हूँ, कही मैडम के आस पास तो नहीं भूल गया |

महिला गार्ड ने उसको अन्दर जाने का इशारा करते हुए ..................जैसे कहना चाह रही हो जा जाकर देख आ |

रीमा सर से लेकर पाँव तक चद्दर ढके हुए लेती हुई थी | गार्ड रीमा की चारपाई के नजदीक आया और धीरे से बोला - मैडम पीछे जो बाथरूम है जहाँ आप गयी थी निपटने के लिए उसमें जाने के लिए दो रास्ते हैं एक दरवाजा है जो इधर से जाता है एक दरवाजा जो पीछे से खुलता है मैं यहां से बाहर जाता हूं पीछे वाले दरवाजे को उस तरफ से खोल देता हूँ अगर आप चाहे तो | इससे ज्यादा मै कुछ नहीं कर सकता |

रीमा की आंखों में चमक आ गई थी रीमा को लगा यही एक मौका है जब वहां से भाग सकती है |

रीमा चद्दर के अन्दर से - मुझे कैसे पता चलेगा तुमने दरवाजा खोल दिया है |

गार्ड - मुझे यहाँ से निकल कर घूमकर जाना होगा, फिर एक मजिल चढ़ना है, आप पांच मिनट बाद बाथरूम में आ जाना | वही आपको सब समझा दूंगा |

रीमा समझ गयी, उसके निराश मन में आशा की किरण फिर से जाग गयी |

गार्ड ने अपने झोले से मोबाईल निकाला, हाथ में थामा और गेट की तरफ चल दिया |

महिला ने गार्ड की तरफ देखा | गार्ड बोला - पंखा लगाते वक्त मैडम की चारपाई के नीचे चला गया था |

महिला गार्ड को उसके इरादों की भनक तक नहीं थी | गार्ड ने महिला को मोबाईल दिखाया और फिर कान में लगाते हुए सीढियां उतरते चला गया |

ये पूरा का पूरा एक पुराणी मिल का कंपाउंड था, यहाँ लोहे के कबाड़ के बीच चारो तरफ ऊँची खरपतवार जैम चुकी थी | हालाँकि सड़को की सफाई होती रहती थी लेकिन बाकि का पूरा का पूरा जंगल ही था | गार्ड तेजी से छिपते छिपाते पीछे की तरफ गया | उसे ऊपर चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि वो और उसका एक साथी यहाँ कभी कभी गांजा मारने आते थे | वो आइस्ते से बाथरूम वाले दरवाजे के पास आया और बाहर से बंद उसकी कुण्डी खोल दी |

इधर रीमा उठकर के दरवाजे के पास तक आई उसने वही चद्दर सफेद चादर लपेट रखी थी | उसने दरवाजे को नॉक किया | महिला ने दरवाजे में बनी शीशे की विंडो खोली |

रीमा अलसाती हुई - मैं जरा बाथरूम में फ्रेश होने जा रही हूं नींद के बाद में शरीर में बहुत अकडन हो रही है |

महिला गार्लड ने चाभी निकली - और अन्दर जाकर के चाभी से बाथरूम का दरवाजा खोल दिया |

इधर रीमा ने अपने बदन पर लिपटी सफ़ेद बेड की चादर फेंक दी और अपनी शर्ट और स्कर्ट को हाथ में थाम कर नंगे बदन ही मदमस्त चलती हुई अपने चूतड़ हिलाती हुई कमर मटकाती हुई बाथरूम में घुस गई |

उधर उसे यकीन नहीं हुआ कि जैसे ही रीमा बाथरूमम में घुसी कुछ देर बात आइस्ते से पीछे का दरवाजा खोलकर गार्ड अन्दर आ गया |

रीमा ने गार्ड को देखा और गार्ड ने रीमा के नंगे बदन को | रमा का नंगा बदन देखते ही गार्ड की पेंट में हरकत हुई और रीमा की तेज नजरो से ये बाख नहीं पायी |

गार्ड ने हिम्मत करके पीछे से दरवाजा तो खोल दिया था लेकिन अभी भी उसकी बहुत ज्यादा फट रही थी |

गार्ड - मैडम बहुत खतरा है बाहर, आप का तो कुछ नहीं होगा लेकिन मै कुत्ते की मौत मारा जाऊंगा |

रीमा - तू डरता बहुत है, अँधेरे में निकलेगे अभी बाहर हल्की रौशनी है | अँधेरा होने दे तब तक इन्तजार करते है |

गार्ड - मैडम यहां से बाहर निकालने का मतलब मौत है | किसी ने भी देख लिया या पकड़ लिया तो आपका तो पता नहीं लेकिन मुझे जिन्दा ही भूखे कुत्तो के सामने डाल दिया जायेगा |

रीमा - यहाँ कुत्ते भी है क्या ?

गार्ड - हाँ मैडम रात होते ही पुरे कंपाउंड में कुत्ते छोड़ दिए जाते है |

रीमा - मेरी चूत चोदने को मिलेगी, थोडा रिस्क लेना तो बनता है |

गार्ड रीमा के चूत त्रिकोण की तरफ देखने लगा | रीमा की चूत ने गार्ड की बुद्धि को भी उसके लंड की तरह बना दिया था | गार्ड सब कुछ अब रीमा की चूत के बारे में ही सोच रहा था | उसके दिमाग में रीमा की चूत चूत और चूत ......................सिर्फ इसके अलावा कुछ और सोच ही नहीं पा रहा था |
 
गार्ड - ठीक है मैडम आपके लिए मै ये खतरा मोल लूँगा | मैडम यहां के सारे रास्ते मुझे पता है लेकिन आप इस तरह से नंगे कैसे जावोगे | उसके लिए आपको कपड़े पहनने पड़ेगे | मै आपके लिए कपड़े लेकर आता हूँ |

रीमा - कपड़े की चिंता मत करो, मै स्कर्ट और शर्ट ले आई हूँ |

गार्ड - फिर भी मै देखकर आता ही बाकि चौकीदार कहाँ कहाँ खड़े है |

गार्ड बहुत ही ज्यादा डरा हुआ था उसक चेहरे की हवाइयां बता रही थी की वो कितनी दहसत से भरा हुआ है | लेकिन कमर के नीचे पेंट में कुछ और ही नजारा झलक रहा था | रीमा की नजर बार बार उसकी पेंट पर पड़ रही थी, उसकी पेंट का तनाव अब साफ़ झलक रहा था | इससे पहले गार्ड बाहर की तरफ जाता, रीमा को लगा कही ये डर से अपना मन न बदल दे |

रीमा थोडा सा झुकी और गार्ड के पेंट के ज़िप खोल दी | उसे ज्यादा समय नहीं लगा उसके तने लंड को बाहर निकलने में |

गार्ड हैरान रह गया | रीमा के हाथो का कोमल स्पर्श ...................गार्ड के लंड में लगातार खून का दौरान बढ़ता जा रहा था | गार्ड हैरान था , औरते ऐसी भी होती है जो आदमी का लंड उसकी पेंट से खीचकर बाहर निकाल ले, उसने तो सपने में भी नहीं सोचा था | कितनी बेशरम होती है ये बड़े घर की औरते, हमारे यहाँ तो जबदस्ती पकड़ाने पर भी हाथ न लगाएगी | लगता है मैडम काफी खेली खाई लगती है , वर्ना इतनी जल्दी कोई कैसे किसी अनजान मर्द का लंड पकड़ता है |

डर, आश्चर्य और उत्तेजना के भंवर में झूलता गार्ड बस रीमा की तरफ देखने लगा | रीमा के हाथ में उसके लंड की गर्मी अहसास होने लगा |

गार्ड की जाल में भी फंसाए रखना था और उसकी हिम्मत भी बढ़ानी थी ताकि रीमा यहं से निकल सके |

रीमा ने गार्ड के लंड को सहलाना शुरू कर दिया |

रीमा - कैसा लग रहा है |

गार्ड - मैडम क्या बताऊ |

रीमा - डर लग रहा है |

गार्ड - हाँ बहुत |

रीमा - देखो डर के आगे ही जीत है | या तो तुम मुझे यहाँ से एक धाकड़ मर्द की तरह बचाकर ले जाते हो और फिर सच्चे मर्द की तरह मुझे जमकर चोदते हो या फिर अपने बॉस की लटकती गोटियो में लटक कर अपनी फटी हुई गांड को पकड़ कर बैठे रहो |

गार्ड को कुछ समझ नहीं आया - वो वासना में तैरना शुरू कर चूका था लेकिन रीमा की बात पर उसका दिमाग एक सवाल कर उठा |

गार्ड - मैडम अभी आप मुझे नहीं चोदने दोगे क्या ?

रीमा को लगा इससे ज्यादा झूठ बोलने का फायदा नहीं लेकिन सच बोलने से बात बिगड़ सकती है | रीमा ने दिमाग पर जोर डाला |

रीमा - तुम्हे पता छतरी किसे कहते है |

गार्ड - हाँ वही जो पानी से भीगने से बचाती है |

रीमा - हाँ वही, है तुमारे पास |

गार्ड - अभी तो नहीं है लेकिन अभी छतरी क्यों चाहिए आपको |

रीमा - क्योंकि मेरी चूत को पानी से बहुत एलर्जी है लंड के पानी से तो बहुत ही ज्यादा | घर पर मै उस एलर्जी की गोली अपने साथ रखती हूँ, ताकि लंड का पानी की एलर्जी से बाख सकू | लेकिन यहाँ मेरे पास वो गोली नहीं है, तो दूसरा तरीका छतरी है | अगर तुमारे पास छतरी हो तो वो सारा पानी रोक लेगी और मेरी चूत तुमारे लंड के पानी से नहीं भीगेगी | तुम्हे तो पता ही होगा, जब कोई चूत लंड के पानी से भीग जाती है तो पेट फूल जाता है |

रीमा का गार्ड के लंड को तेजी से मसलने लगा था, गार्ड की उत्तेजना का तापमान बढ़ने लगा |

गार्ड ने अपना माथा पीठ लिया - क्या मैडम इतना घुमाने की क्या जरुरत थी | सीधे सीधे कंडोम बोल देती |

रीमा खिलखिला पड़ी - शायद तुमने ये खेल ज्यादा खेला नहीं है, इसमें जितना घुमाने फिराने में मजा है उतना सीधे सीधे खेलने में कहाँ है | बिना छतरी तो मै तुम्हें चूत चोदने को नहीं दूँगी | मुझे पता नहीं तुमारे पास छतरी नहीं है |

गार्ड मायूस हो गया - फिर इसका क्या होगा |

रीमा ने गार्ड की मायूसी देख ली - देखो बिना छतरी मै तुम्हे अपनी चूत चोदने तो नहीं दूँगी लेकिन मेरे पास बहुत से तरीके है तुमारे लंड की शांत करने के | इससे पहले गार्ड कुछ बोलता, रीमा के ओंठो की गुलाबी जकड़न ने गार्ड ने लंड के फूले सुपाडे के इर्द गिर्द अपना घेरा बनाना शुरू कर दिया |

गार्ड हैरान था उसका लंड रीमा अपने मुहँ में लेने जा रही थी |
 
गार्ड - मैडम हमारे यहाँ तो औरते हाथ तक नहीं लगाती, आप मुहँ में लेने जा रही हो |

रीमा - कभी लंड चुसवाया है.........| उसके सुपाडे पर अपने ओंठो की छाप छोड़ती हुई |

गार्ड - नहीं |

रीमा - पता है लंड कैसे चूसा जाता है और चुसवाया जाता है |

गार्ड रीमा के कोमल ओंठो का अपने सुपाडे पर स्पर्श पाकर आहे भरता हुआ - मतलब अह्ह्ह्हह्ह |

रीमा ने उसके लंड को हाथ से कसकर मसल दिया - लंड को मुहँ में लेने का मजा सिर्फ चूसने वाले ही नहीं चुसवाने वाले की काबिलियत पर निर्भर करता है | जो मुहँ में लंड ठेल रहा है उसको भी पता होना चाहिए कब क्या करना है |

गार्ड - मैडम ये सब उजुल जुलूल चीजे हम गरीबो को कहाँ से पता | यहाँ तो बस इतना पता है ये लंड है इसे चूत में घुसेड़कर चूत को चोदना होता है |

रीमा - चूत के दर्शन तो तुम्हे तभी होंगे जब तुम मर्द की तरह मुझे सब मुसीबतों से बचाकर यहाँ से बाहर निकाल कर ले जावोगे | मेरी मखमली गुलाबी चूत चाहिए तो मै भी तो देखना चाहती हूं जो आदमी को मैं अपनी चूत चोदने को दे रही है

उसके अंदर का लंड मर्द का है या नहीं अब तुम सोच लो मेरी जैसी चूत मार रहे हो जो अच्छे अच्छों को नसीब नहीं होती है तो कम से कम कुछ तो दम दिखाओ और तुम्हारी गांड में दम नहीं होगा, फिर क्या फायदा |

रीमा ने गार्ड के लंड पर अपनी गीली जीभ फिराई | गार्ड के मुहँ से सिसकरी छुट गयी |

रीमा - सोच लो बार बार मेरी चूत चोदने को मिलेगी, एक बार नहीं |

गार्ड - मैडम आपकी चूत के लिए कुछ भी करूंगा | बस आप मुझे अपनी जन्नत की सुरंग की सैर करा दो |

रीमा की लार से सनी गुनगुनी जीभ गार्ड के फूले हुए टमाटर की तरह लाल हो चुके सुपाडे के चारो तरफ नाच रही थी बीच बीच में मुहँ खोलकर रीमा अपनी लम्बी जीभ लंड पर फिराती हुई नीचे की तरह ले जाती और फिर शरारतपूर्ण तरीके से वापस मुहँ में ले आती |

रीमा गार्केड लंड के सुपाडे पर जीभ फिर रही थी | सुपाडे को जीभ से चाट रही थी जैसे कोई लोलीपोप चूसता है |

उसके बाद रीमा ने उसके सुपाडे को कसकर ओठो से जकड लिया | ओठ बंद करके सुपाडा चूसने लगती, जैसे बच्चे टॉफी चूसते है , और धीरे धीरे अपना सर हिलाने लगी ,गार्ड कामुक लम्बी कराहे भर रहा था | रीमा ने अब गार्ड का लंड अपने मुहँ में ले लिया था उसकी उत्तेजना भी बढ़ने लगी थी वो रीमा की जीभ और ओंठो के जादुई स्पर्श से पगलाया सा था | उसे समझ में नहीं आ रहा था की उसके साथ क्या हो रहा है रीमा तेजी से उसके लंड के चारो ओर अपनी ओंठो को फिसलाने लगी थी |

गार्ड उत्तेजना में सिसकारियां भरने लगा - आःह्ह मैडम आःह मैडम, आपके तो ओंठो में जादू है इतना सुख तो मुझे चूत चोदने पर भी नहीं मिला था |

रीमा ने रूककर - तुम्हे मजा आ रहा है |

गार्ड - बहुत |

रीमा - और जोर से चुसू |

गार्ड - हाँ मैडम और जोर से कसकर चुसो, चूस चूस कर निचोड़ दो मेरे लंड को |

रीमा ने अपने ओंठो को कसकर गार्ड के लंड पर चिपका दिया | तेजी से आगे पीछे सर हिलाने लगी |

गार्ड - मैडम रीमा मैडम आअहाआअहाआह्ह अब तो मैडम आपको बाहर लेकर ही जाऊंगा भले ही मेरी जान चली जाए | आप ओंठ इतने मस्त है तो आपकी चूत कितनी मस्त होगी |

रीमा बस सख्ती से उसके लंड को अपने ओंठो की गिरफ्त में लिए आगे पीछे सर हिला रही थी | उसके मुहँ से निकलने वाली लार उसके ठोड़ी और स्तनों पर जाकर गीत रही थी | उसकी आँखों में लालिमा आने लगी थी | अब तो गार्ड में उत्तेजना में अपनी कमर हिलाने लगा था |
 
रीमा बस सख्ती से उसके लंड को अपने ओंठो की गिरफ्त में लिए आगे पीछे सर हिला रही थी | उसके मुहँ से निकलने वाली लार उसके ठोड़ी और स्तनों पर जाकर गीत रही थी | उसकी आँखों में लालिमा आने लगी थी | अब तो गार्ड में उत्तेजना में अपनी कमर हिलाने लगा था |

गार्ड ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कभी ऐसा कुछ उसके साथ होगा | एक रीमा नाम की मदमस्त हसीं औरत अपने गुलाबी ओंठो से उसके ल;लंड को चूसेगी | उसने कई बार दोस्तों के सतह ब्लू फिल्मो में ये सब देखा था | वहां ल;लडकियों को चोदने से पहले सभी अपना लंड चुसवाते है | वो उत्तेजना के भंवर में आनंद के गोते लगा रहा था | रीमा ने लंड चुद चूस कर उसको मदहोश कर दिया | रीमा के हाथ की सख्त जकड़न और और होठों की कसी हुई जकड़न , दोनों में उसके लंड की जोरदार मालिश हो रही थी | रीमा के जिस्म की मादक खुशबू ने उसे मदहोश कर रखा था और उसकी उत्तेजना बेकाबू हो रही थी वह खुद अपने बस में नहीं था बस में तेजी से बहता

हुआ वासना के चरण की तरह बढ़ता जा रहा था | उसने उत्तेजना में खुद की कमर हिलानी शुरू कर दी | वो रीमा को चोदने के ख्याल से अपनी कमर हिलाने लगा, उसे होश ही नहीं था की उसका लंड रीमा की चूत में नहीं उसके मुहँ में है | उसने रीमा के सर को पकड़कर तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए | रीमा को मुहँ में चोट लगने लगी | रीमा ने गार्ड को रोकने को कोशिश की लेकिन गार्ड बेकाबू हो चूका था | उसने रीमा के बालो को कसकर भींच लिया और जोरदार ठोकरे मारने लगा | रीमा ने कसकर जोर लगाया और खुद को पीछे ठेल लिया | उसकी आंखे लाल हो गयी थी और वो तेजी से खासने लगी | गार्ड ने बेतहाशा उसके मुहँ में धक्के मार दिए जिसके लिए वो बिलकुल भी तैयार नहीं थी | रीमा खड़ी हुई और उसने गार्ड को एक करारा थप्पड़ रसीद कर दिया |

गार्ड और रीमा दोनों सन्नाटे में आ गए | रीमा भी आवेश में थी, उसे भी कुछ होश न रहा, और गार्ड का तो जैसे पांच बोतल का नशा उतर गया हो |

रीमा कराहते हुए चीखते हुए - मुहँ घोट के रख दोगे क्या, कोई ऐसे पेलता है क्या लंड | चूत नहीं है, मुहँ है , जगह बनानी पड़ती | जब मै चूस रही हूँ तो ठोकरे मारनी की या जरुरत है | ठोकरे मारनी है तो पहले बोल दो, उस हिसाब से मै तैयार हो जाऊ |

गार्ड को कुछ समझ नहीं आया, उसके लिए सब कुछ एक पहेली की तरह था, क्या हुआ क्यों हुआ उसने क्या गलत किया |

गार्ड - मैडम सॉरी, क्या करू काबू ही नहीं हो रहा |

इधर 24 घंटे होने को आए थे और अनिल बहुत तेजी के साथ में रीमा के सेंडल में लगे हुए चिप से सिग्नल का इंतजार कर रहे थे और वह वक्त आ गया जब उन्हें सिग्नल मिल गया अनिल की आंखों की चमक दोगुनी हो गई

उन्होंने तेजी से पुलिस कंफर्म किया कि असली लोकेशन मिल गयी है | पहले प्लान की सक्सेस से बाकि प्लान सब खटाई में चले गए |

जैसे ही पुलिस को वहां की लोकेशन के कोऑर्डिनेटर मिले वह तेजी से उसने अपनी सारी पूरी पुलिस फोर्स को

चौकन्ना कर दिया और अपने गंतव्य की तरफ चले थे अनिल पता लगा कि यह तो उन लोगों की बस्ती है जो ड्रग्स और क्रिमिनल दुनिया में सक्रीय है तो उनके अंदर का संदेह और गहरा हो गया | वो इस सोच में पड़ गए कही कोई अनहोनी तो रीमा के साथ नहीं हो गयी | आखिर वह दुनिया इतनी बदनाम मशहूर बस्ती के अंदर क्या कर रही है एक से एक बदमाश रहते हैं आए दिन वहां हत्या होती रहती है जहां के सारे काम और काले धंधे चलते हैं वहां रीमा कैसे पंहुंची |
 
इधर बाथरूम में कुछ पल का सन्नाटा छाया रहा | रीमा को लगा कही मामला ज्यादा न बिगड़ जाये इसलिए उसने आगे बढ़कर गार्ड का लंड फिर से हाथ में थाम लिया फिर उस पर ढेर सारी लार उड़ेल दी |

गार्ड को भी लगा रीमा मैडम को तकलीफ हुई है इसलिए तो थप्पड़ मारा है - मैडम गलती हो गयी, हम ये सब तो करते नहीं इसलिए कोई अनुभव नहीं है, जोश जोश में गलती हो गयी |

रीमा ने फिर से गार्ड के लंड को मुठियाना शुरू कर दिया | कुछ देर बाद मुहँ में लेने चली | लेकिन ले नहीं पाई | गार्ड के बेतहाशा लंड पेलने से उसके जबड़े में खिचाव आ गया था और रीमा के मुहँ में दर्द होने लगा |

रीमा को पता था गार्ड की उत्तेजना काफी सफ़र तय कर चुकी है इसलिए अब शायद उसे ज्यादा समय ना लगे | गार्ड क्या रीमा भी उत्तेजना के आवेश में पूरी तरह से गरम हो चुकी थी | उसकी चूत में हलचल होने लगी थी उसके माथे पर पसीना आने लगा था

इधर रीमा के मुहँ में दर्द देख गार्ड भी शर्मिंदा था - मैडम जी गलती हो गयी माफ़ कर दो, आपको तकलीफ उठाने की कोई जरुरत नहीं | हमारे जैसे लोग आपके लायक ही नहीं है | मै हाथ से काम चला लूँगा |

इतना कहकर उसने रीमा के हाथ से लंड छुड़ा लिया |

गार्ड थोड़ा निराश होकर - आप कपड़े पहनो, मै बाहर का माहौल देखकर आपको खबर करता हूँ | इतना कहकर गार्ड ने अपने लंड को मुठियाँना शुरू कर दिया | उसका हाथ उसी के लंड पर तेजी से फिसलने लगा इसी के साथ में रीमा के जिस्म का जादू है उसके दिलो-दिमाग पर फिर से छाने लगा | उसने आंखें बंद कर ली |

रीमा को लगा कही बाजी हाथ से फिसल न जाये | रीमा का आखिरी सहारा गार्ड ही था, भले ही उसके लंड की वजह से उसके जबड़े में खिचाव आ गया हो लेकिन वो गार्ड को नहीं नाराज कर सकती थी |

रीमा ने गार्ड के लंड को उसके हाथ से छीन लिया - मेरे होते हुए तुम अपने लंड को खुद ही मुठियाओ इससे बड़ा अपमान मेरा क्या हो सकता है |

गार्ड - रहने दिजियेना मैडम .....................मुझे कोई शिकायत नहीं है |

रीमा - लेकिन मुझे तो है एक चूत के होते हुए एक लंड हाथ से पिचकारी छोड़े ये तो सरासर चूत की बेइजती है |

गार्ड - क्या फायदा .................मै नहीं चाहता आपको कोई और नुकसान या चोट पंहुचे |

रीमा ने इसे जैसे अपनी चूत का सवाल बना लिया - असली चोट तो तब लगेगी ( अपने सीने की तरफ इशारा करती हुई ) जब रीमा के पुरे होशो हावश में रहते हुए तुम हाथ से पिचकारी निकालोगे | बाहर के जख्म तो भर जायेगे अन्दर के जख्म कौन भरेगा | रीमा के रहते हुए खड़ा लंड तुमारे हाथ में अच्छा नहीं लगता |

रीमा ने गार्ड के लंड पर झपट्टा मारा | रीमा ने गार्ड का लंड अपने हाथ में थाम लिया | रीमा नहीं चाहती थी उसका बना बनाया प्उलान बिखर जाये | उसे आजादी चाहिए थी लेकिन साथ ही साथ वो अपनी अनंत वासनाओं के नए नित खेल भी खेल रही थी और इसको लेकर उसके अन्दर न कोई शर्म थी न झिझक | इसलिए वो गार्ड को हर मायूसी से निकालकर फिर से वासना के भंवर में डूबा देना चाहती थी | गार्ड को कैसा भी लगे लेकिन रीमा को इस खेल में रस आने लगा था |

रीमा उसके लंड को मुठियाते हुए - चलो बहुत हुआ ये सब अब ये बतावो अब तक कितनो को चोदा है |

पहले से मायूस गार्ड सकपका रहा था |

रीमा - देखो अभी तुम लंड हो और मै चूत..........बस बाकि सब भूल जावो ऐसे बाते करो |

गार्ड रीमा की तरफ देखते हुए |

रीमा ने आंख मारी - क्या देख रहे हो, ऐसे समझो जैसे मै तेरी रंडी चूत और तुमसे चुदने को बेक़रार |

गार्ड के ऊपर जैसे किसी ने जोश का करंट फेंक दिया हो - तीन |

रीमा उसके लंड को मुठी में भरकर रगड़ते हुए - डिटेल में बताओ |

गार्ड - स्कूल में थी एक, एक दिन खेल खेल में हम दोनों एक खंडहर में छिप गए | वो मुझसे बड़ी थी और २ क्लास आगे थी | हम साथ साथ स्कूल जाते थे | तभी उसने पहली बार अपनी चूंची मुझे दिखाई थी | उसी ने चुदाई के बारे में बताया |

उसके बाद स्कूल की एक लड़की को मैंने घर में चोदा था और उसको चोदते देख किसी ने मुझे देख लिया था | इसलिए उसने मुझे डरा धमकाकर अपनी चूत चुदवाई |

रीमा - कैसी चूत पसंद है तुम्हे |

गार्ड फट से बोला - अब से पहले का तो पता नहीं लेकिन आपको को देखने के बाद किसी और के ख्वाब देखने भी बेकार है |

रीमा - इसका मतलब मै तुम्हे अच्छी लगती हूँ |

गार्ड - हाँ |

रीमा - और मेरी चूत |

गार्ड - आपकी चूत तो जन्नत है |

रीमा - मुझे भी ऐसे लंड बहुत पसंद है जो हचक हचक के चोदते हो, चूत को फाड़ के रख देते हो, मोटे मोटे लम्बे लम्बे, अन्दर चूत की गहराई तक चोदने वाले, बिना रुके बिना थके | तुमारे लंड में भी बहुत जोश है ये तो मुझे पता चल गया | मुझे पता है जब मेरी चूत में जायेगा तो पूरा मजा देगा |
 
रीमा गार्ड के लंड को फिर टनाटन कर चुकी थी अब वो पूरी तरह से फिर से अकड़कर तन गया था, पूरी तरह से फूला हुआ तना हुआ कड़क लंड | अब अगर उसे चूत न मिली चोदने को तो ऐसा लग रहा था जैसे

फट जायेगा |

रीमा - क्या कड़क मोटा तगड़ा लंड है तुमारा |

गार्ड के जोश की सारी सीमाए पार कर गयी - मैडम मै पूरी कोशिश करूंगा आपको अच्छे से चोदने की |

रीमा - कोई गर्लफ्रेंड है |

गार्ड - है लेकिन देती नहीं, कहती है शादी के बाद चोदना|

रीमा - तो चुसवाया करो |

गार्ड - ये सब हमारे यहाँ कहाँ होता | यहाँ तो चुदाई होती है बस वो भी अँधेरे में |

गार्ड फिर से पूरी तरह से उत्तेजना में नहाया हुआ गोते लगा रहा था | उसका लंड पूरी तरह से कड़क था और रीमा के हाथ कसी गिरफ्त से उस पर फिसल रहे थे | गार्ड में मुहँ से फिर से सिसकारियां निकलने लगी |

गार्ड अपनी वासना में गोते लगाता हुआ - मैडम अब रहा नहीं जा रहा, एक बार कर लेने दो, मैडम बस अब चोदने दो , अब रहा नहीं जा रहा |

रीमा अपनी जान छुड़ाती हुई बोली- छतरी बिना कुछ नहीं करने को मिलेगा |

गार्ड उत्तेजना में कराहता हुआ - पिचकारी छुटने से पहले निकाल लूँगा |

रीमा - मै हाथ से हिला तो रही हूँ |

गार्ड उत्तेजना से हाँफता हुआ - कहाँ हाथ मैडम कहाँ आपकी मखमली गुलाबी चूत ........................मैडम हाथ और चूत में वही अंतर है जो कोल्ड्रिंक और शराब में होता है | कभी किसी को कोल्ड्रिंक से बेहोश होते देखा है मैडम |

रीमा समझ गयी अब ये पूरी तरह से उत्तेजना के समुन्दर में गोते लगा रहा है | रीमा सोचने लगी अब इससे कैसे जान छुडाऊ | उसके हुस्न हवस और वासना का जाल अब उसे ही घेरने लगा था |

गार्ड ने हवस की उत्तेजना में अपनी बडबड जारी रखी- जबकि मैडम दारू हो या चूत दोनों का नशा एक बार दिमाग में चढ़ गया तो जिंदगी भर के लिए आदमी उसका गुलाम बन जाता है | मै भी आपकी चूत का गुलाम बन गया हूँ, एक बार अपनी गुलाबी सुरंग के दर्शन करा दो |

रीमा को कुछ नहीं सुझा क्या बोले बात बदलती हुई बोली - मैंने बोला न प्रोटेक्शन नहीं है |

गार्ड जोर देते हुए - मैडम दुनिया में सबके पास प्रोटेक्शन नहीं होता तो क्या वे चुदाई नहीं करते | मै झड़ने से पहले ही लंड बाहर खीच लूँगा मैडम, प्लीज एक बार चूत दे दो | बहुत तड़फ रहा है मेरा लंड | उसे शराब चाहिए और आप कोल्ड्रिंक पिलाये जा रहे हो |

रीमा - जिनको शराब नहीं मिलाती उनका सोचो कैसे काम चलता होगा |

गार्ड - मैडम मेरे सामने तो न केवल शराब की बोतल खुली रखी है बल्कि शराब गिलास में भरी रखी है, बस एक बार पी लेने दो |

रीमा ने खुन्नस में उसके लंड को मसल दिया |

गार्ड ने रीमा को कसकर पकड़ते हुए - आह मैडम बस एक बार अपनी मखमली गुलाबी चूत का जाम इस बदनसीब गरीब लंड को चख लेने दो | हमारे भाग में ऐसे मौके तो सपने में भी नहीं मिलते | जिंदगी भर आपका गुलाम बनकर रंहूँगा |

रीमा को लग गया ये ऐसे नहीं मानेगा लेकिन क्या करे उसे कुछ समझ नहीं आया | उसका लंड मुठियाते हुए बोली - जब शराब नहीं मिलती थी तब |

गार्ड - तब तो कोल्ड्रिंक से ही काम चलाता था लेकिन अभी मुझे शराब चखनी है |

इतना कहकर उसने रीमा के हाथ से लंड झटक दिया | वो पूरी तरह से हवस के नशे में डूब चूका था , उसे रीमा की चूत के अलावा कुछ समझ ही नहीं आ रहा था | रीमा हैरान रह गयी | वो रीमा को खड़ा करने लगा | रीमा समझ गयी अब तो ये उसे चोद कर ही मानेगा | उसे कुछ भी समझ नहीं आय कैसे रोके | गार्ड ने अपनी उंगलियाँ रीमा की चूत घाटी पर सटा दी और उसके चूत के फूले सुपाडे को सहलाने लगा |

गार्ड - आहह्ह्ह्ह मैडम क्या गरम गरम चिकनी चूत है, बिलकुल मक्खन की तरह चिकनी, देखो कैसे मेरी उंगलियाँ फिसल रही है इसकी दरार पर | लंड तो रखते ही फिसल कर सीधे चूत में घुस जायेगा |

रीमा ने क्या सोचा था और क्या हो रहा था | वो तो गार्ड के लंड को हाथ से मसल कर अपनी आजदी का टिकट कटाना चाह रही थी लेकिन यहाँ तो चुदवाने की नौबत आ गयी थी | जल्द ही उसने कुछ न किया तो गार्ड का लंड उसकी गुलाबी चूत को चीरता हुआ अन्दर तक धंस जायेगा | उसे ऐसा लग रहा था जैसे गार्ड की बिल्गाम हवस के आगे वो बेबस हो गयी है अब उसकी चूत का भविष्य गार्ड के रहमोकरम पर निर्भर है |

रीमा को लगा कही चक्कर न आ जाये ......................अचानक उसके मुहँ से कुछ ऐसा निकल गया जिसने रीमा के साथ साथ गार्ड को भी हिलाकर रख दिया |

रीमा - अच्छा ये बतावो किसी औरत की गांड मारी है आज तक | रीमा ने उसके लंड को फिर से जकड़ लिया और उस पर दबाव बढ़ा दिया |

हवस की उत्तेजना और गर्मी में पूरी तरह से पागल गार्ड चौंक गया | हैरानी से कराहता हुआ - क्या बात कर रही है मैडम, मै चूत की बात कर रहा हूँ आप गांड की बात कर रही है | असल जिंदगी में कौन गांड मरवाएगी ...............वो सब गन्दी फिल्मो में होता होगा |

इतना कहकर गार्ड ने एक लम्बा ठहाका मारा |

रीमा अन्दर तक कुढ़ कर रह गयी , अपनी ही बात को सँभालने की कोशिश में - क्यों किसी औरत की गांड और चूतड़ देखकर खड़ा नहीं होता क्या |

कहाँ रगार्ड रीमा की चूत के पीछे पागल हो गया था इस सवाल ने उसको उलझाकर रख दिया | गार्ड को कुछ जवाब न सुझा |
 
गार्रीड की हंसी एक दम से थम गयी, रीमा बस उसी रौ में बही जा रही थी | रीमा - अगर आदमी का लंड औरत को आगे से देखकर खड़ा होता है तो समझो आदमी को उसकी चूत पसंद है |

इतना कहकर उसने गार्ड के सुपाडे को बुरी तरह मसल दिया |

गार्ड के मुहँ से एक लम्बी मादक कराह निकल गयी - आआहाअहाहहह्हह्ह्ह्ह मैमैमैमैदमम ...............ये कैसा सवाल है मैडम |

रीमा ने बोलना जारी रखा - और अगर आदमी का लंड औरत को पीछे से देखकर खड़ा होता है तो समझो उसको औरत को गांड ज्यादा पसंद है | ऐसे आदमी को औरत के चूतड़ और गांड ही पसंद आते है, उसे औरत की चूत में उतना मजा नहीं आता | रीमा गार्ड से अपना पिंड छुडाना चाहती थी लेकिन उसके लिए वो क्या कर रही थी ये उसके बस में नहीं था | कहाँ वो गार्ड के मजे लेने चली थी लेकिन यहाँ तो लेने के देने पड़ गए |

गार्ड बस कराहे जा रहा था |

रीमा - तुम बतावो, तुमारा लंड मुझे किस तरफ से देखकर खड़ा हुआ था |

गार्ड के मुहँ से वासना के नशे में निकल गया - पीछे से |

रीमा - इसका मतलब तुम मेरी गांड और चुताड़ो के दीवाने हो |

गार्ड तो आधा मधहोश पहले से ही था आधा उसे रीमा ही हद से ज्यादा कामुक बातो ने कर दिया था - मैडम आपके चूतड़ है भी कमाल के, रुई की तरह नरम गद्देदार मांसल चूतड़, जो पीछे से आपको चोदता होगा कसम पैदा करने वाले की उसे तो बहुत मजा आता होगा |

आआह्ह्हह्हहहहहह मैमैमैमै मै द्द्द्दद म्मम्म मै सोच नहीं सकता जो आपको पीछे से चोदता होगा.........................आआआअह्ह्ह्ह |

रीमा चाह रही थी गार्ड किसी तरह से झड जाये लेकिन वो एक बार मुठ मार चूका था इसलिए अब उसके लंड से पिचकारी छूटने का नाम ही नहीं ले रही थी |

रीमा उसके लंड को मसलते हुए - तुम भी वो मजे लेना चाहते हो |

गार्ड - मैडम आप तो हर मर्द के ख्वाइश हो, कौन इनकार करेगा, आपको चोदना तो बिलकुल जन्नत की अप्सरा को चोदने जैसा है | |

गार्ड के लंड को कसकर रीमा ने भींच लिया, गार्ड कामुकता के दर्द से कराहता हुआ - आआआआआआआआआआआअ मैईईइ द्द्द्दद्द्द्दम्म्मम्म्म्मम्म मुझे आपकी गांड मारनी है, आपकी गद्देदार मुलायम चुताड़ो के बीच की कसी गांड |

रीमा के कानो में जब ये शब्फिद पड़े तो उसे एक बरगी को यकीन नहीं हुआ | क्या गार्ड ने क्या गांड कहा मेरी गांड रीमा की कमसिन कसी हुई गांड ...............नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता है | ये दो टके का चपरासी गार्ड और मेरी गांड .........................नहीं नहीं ये तो मैंने रोहित को भी हाथ नहीं लगाने दी | बस रोहिणी दीदी ने ही इसकी सील खोली है | नहीं नहीं नाही नाही रीमा खुद को समझाने लगी | रीमा ने गार्ड का लंड छोड़ दिया | पहली बार उसे गार्ड से डर महसूस हुआ उर उसके रोये खड़े हो गए |

रीमा ने अपनी चूत को गार्ड के लंड से किसी तरह बचा लिया लेकिन जो भी हुआ वो अच्छा नहीं हुआ | चूत के बदले गांड का सौदा भी तो महंगा और तकलीफ देह था | रीमा को अपनी आजादी की ये कीमत अखरने लगी | क्या वो सोच कर बैठी थी और क्या हो गया | उसे एक बार को घिन आ गई, वो इस दलदल से निकलने की बजाय अन्दर ही धंसती जा रही थी | अब उसके ये दिन आ गए के एक दो टके का गार्ड भी उसकी गांड मारेगा | वो मन ही मन में परेशान हो गयी | आपका डर ही आपकी हिम्मत बन जाता है रीमा के साथ भी यही हुआ |

रीमा ने अन्दर से हिम्मत जुटाई - देखो अब तुम सर पर चढ़कर मूत रहे हो | औकात में रहो अपनी | तुमारा लंड क्या हाथ से पकड़ लिया तुम तो अपनी रंडी समझ बैठे मुझे |

गार्ड पूरी तरह से जोश में था, उसे लगा मैडम उसे जोश में उकसा रही है , उसने रीमा को आगे बढ़कर अपनी बांहों में ले लिया और उसके चुताड़ो पर अपनी दोनों हथेलियाँ जमा दी और रीमा को अपनी तरफ कसकर भीच लिया |

गार्ड - मैडम आपने ही तो बोला था मै तुमारी रंडी चूत, अब जब चूत चुदवाने का फाड़वाने का टाइम आया तो चूतड़ मटका के नखरे दिखा रही हो |

रीमा कसमसा कर रह गयी, वो गार्ड की सख्त गिरफ्त से खुद को छुड़ाने लगी | इधर गार्ड रीमा के चुताड़ो को नापता हुआ रीमा की पिछली सुरंग के मुहाने तक पंहुच गया |

रीमा ने उसे धमकाया - छोड़ो मुझे वरना मै सूर्यदेव से तुमारी शिकायत कर दूँगी |

गार्ड - मैडम अब गर्दन काट जाये कोई गम नहीं, आपकी चूत का नशीला रस तो पीकर ही रंहूँगा, आपकी गांड की कसी सुरंग में लंड पेल कर उसकी गहराई नाप कर ही रहूँगा |

इतना कहकर गार्ड ने अपनी एक उंगली रीमा की पिछली सुरंग् के कसे छल्ले पर सटा दी और जोर देकर अन्दर ठेलने लगा |

रीमा के मुहँ से हल्की सी चीख निकल गयी - आआआऊऊऊऊचचचचचचचचचचचचचचचचचच |

रीमा अन्दर तक काँप गयी | उसकी चूत जांघो पिंडलियों में अजीब सी सिहरन दौड़ गयी | रोहिणी ने जब उसकी गांड को रबर के लंड से पेला था तभी ऐसी सनसनाहट हुई थी |
 
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