• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Adultery वासना की मारी औरत की दबी हुई वासना

जग्गू पीछे से चिल्लाया - सालों मादरचोदो तुमारा फिल्मी डायलॉग खतम हो गया हो तो आगे का काम कर लो | जल्दी जल्दी काम ख़त्म करो वर्ना भोसड़ी वालों यह बहुत हरामन औरत है इतनी हरामी चूत है कि इसने कुछ ना कुछ साला पेच फंसा रखा होगा, तभी बिलकुल गाय की तरह सीधी खड़ी है | भोसड़ी वाला इसका पति पुलिस में बड़ा अफसर था | कूटो की तरह सूंघती हुई पुलिस यहाँ आ जाएगी | एक बार पुलिस वाले रीमा मैडम को ढूंढते हुए यहां आ गए ना तो हम सब की गांड फाड़ देगें | वो बांस करेगे की साल भर तक बिसतर पर ही होगोगे मुतोगे | जल्दी करो भोसड़ी वालों |

एक लड़के ने रीमा की कमर में लगी हुई सारी पिन खोल कर फटाफट उसको उसके साड़ी को निकाल कर अलग किया और पेटीकोट में फंसी साड़ी को उसके बदन से अलग कर दिया | रीमा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी | वो दोनों रीमा की कमर के आसपास घुटनों के बल बैठ गए | उसके बाद में एक आदमी ने रीमा के नारे को खोलना शुरू कर दिया हालांकि रीमा के पेटीकोट का नाड़ा बहुत कसकर बंधा हुआ था, उसे समझ नहीं आया कैसे खोला जाये | तभी दूसरे ने अपनी जेब से चाकू निकाला और नीचे से रीमा के पेटीकोट को पकड़कर चीरता हुआ ऊपर को चल दिया | अब रीमा का पेटीकोट पूरी तरह से फट कर खुल गया था | हालाँकि उसका नाडा अभी भी उसकी कमर में बना हुआ था और उस पेटिकोट के चीरे के अंदर से रीमा की लाल पैंटी झांक रही थी उस लड़के ने जिसने रीमा का पेटीकोट चीरा था अपने दोनों हाथों से रीमा के पेटीकोट को फैलाते हुए अंदर के लाल लाल पैंटी को देखकर बावला हो गया |

लड़का - उपरवाले क्या गजब कयामत दी है तूने क्या कपड़े पहनती हो मैडम ,आपकी इस लाल चड्डी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया है | इतनी खूबसूरत चड्डी आजतक मैंने नहीं देखि |

पीछे से जग्गू - अबे चुतियानंदन इसे पैंटी कहते है | चड्ढी नहीं है ये |

लड़का - नहीं बॉस सचमुच में भगवान ने क्या बनाया है मैडम को, क्या गजब का बदन है इतने बड़े बड़े उरोज इतनी पतली मस्त कमर इतने भारी-भारी मांसल चूतड़ और और यह जन्नत आपने कहा कपड़ो में छुपा रखी थी | ये तो दिखाने की चीज है मैडम | इस पेटीकोट का नाडा खोलिए न मैडम, मै आपकी बेमिशाल खूबसूरती का कायल हो गया हूँ, मै आपके जिस्म के ऊपर के एक भी रेशे की अब चीर फाड़ नहीं करना चाहता | मै नहीं चाहता हूं कि इसे काट कर फाड़ दूं | मैंने नीचे से आपका पेटीकोट तो पूरी तरह से चीर कर अलग कर दिया है मैंने लेकिन मैं चाहता हूं पेटीकोट का नाडा आप ही खोलें |

दूसरा लड़का - अबे चूतिये यह नाडा कैसे खोलेगी इसके हाथ तो ऊपर को बांधे हुए है |

पहला लड़का - अरे हां यह तो मैं भूल ही गया था चले काम करते हैं फिर मैं मैडम के पेटीकोट के नाड़े को भी काट देता हूं | जहां से मैंने इनका पेटिकोट नीचे से ऊपर तक चीरा है वहीं से इस के नाडे को भी काट देता हूं |

उसने रीमा की कमर पर चाकू फंसाया और अंदर से नाडे की तरफ सीधा करे के ऊपर रगड़ने लगा |

सीमा दहसत से भरी हुई थी उसे पता था कि अब तो उसका बलात्कार होना तय है लेकिन उसने एक बार कोशिश करने में कोई हर्ज नहीं समझा |

रीमा - मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो |

एक लड़का बोला - मैडम आपको देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया है, बॉस का तो भरोसा नहीं लेकिन आप जरा हम लोगो का ख्याल रखना | बॉस हमें पैसे दे रहा है इसलिए आपके साथ ये करना पड़ रहा है वरना मै तो आपको फूलो की सेज पर सजा कर रखता |

उस लड़के की बाते सुनकर रीमा की आँखों में पहली बार चमक आई | उसके रोशनी की कही एक महीन किरण दिखाई दी | उसे अफ़सोस था ये बात उसने पहले क्यों नहीं सोची |

रीमा अपने अन्दर आत्मविश्वास भरकर - ये जग्गू तुम्हे जितने पैसे दे रहा है उससे तीन गुना ज्यादा पैसे मै तुम्हे दूँगी | तीन छोड़ो पांच गुना दूँगी | मेरा साथ दो न प्लीज |

दूसरा लड़का बोला - मैडम अभी हमें पैसो की जरुरत नहीं आपकी चूत की जरुरत है | बोलो चूत चोदने को दोगी तो सौदा मंजूर है | मैडम बात पैसे की नहीं है इस कमसिन जवान हसीन गोर मांसल कमसिन जिस्म का लुफ्त भी तो उठाने को मिल रहा है वह कहां मिलेगा | एक बार चोदने की परमिशन दे दो फिर ...............................|
 
जिस तरह से उसने खुलकर उसको चोदने की बात कह दी थी रीमा उसकी बात सुनकर झेंप गयी | वो दोनों अब अपनी पेंट के ऊपर से अपने अपने लंड मसलने लगे | दोनों की निगाहे रीमा के गोरे नंगे बदन को घूर घूर कर खाने को आतुर थी |

रीमा को सोच में डूबा देख - सोच लो मैडम अच्छे से सोच लो | हमें आपका पैसा भी चाहिए और चूत भी, तभी आपको हम इसके चंगुल से आजाद करायेगें | बस आप एक बार हाँ कह दो हम अभी जग्गू की गांड मारना शुरू कर देगें |

जग्गू उनकी बाते सुनकर उन्हें धिक्कारने लगा - तुम साले मादरचोदो नाली के गंदे कीड़ो का कोई जमीर नहीं, मुझे पता था तुम साले दोनों पैदायशी हरामी हो | कभी भी मुझे धोखा दे सकते हो, साला जहाँ चार पैसे मिले नहीं दुम दबाकर वही पंहुच गए और लार टपकाने लगे | मुझे धोखा देने की सोचना भी मत, मेरे पास गन है दोनों की खोपड़ी उड़ाने में एक सेकंड नहीं लगाऊंगा | अभी तक तुम दोनों सालों ने पेटिकोट तक नहीं खोला है रीमा मैडम का | पता नहीं कौन सी झालर बना रहे हो पेटीकोट, इसे क्या पानी मय्यत में लगाकर नाचोगे भोसड़ी वालो |

एल लड़का - बॉस हमें भी थोडा मजा ले लेने दो, बाकि इस गलीज घटिया जिंदगी में रखा क्या है |

इसी बीच में पीछे से एक लड़के ने चाकू निकाल कर गांड के बिल्कुल दरार के सामने नीचे पेटीकोट पकड़कर नीचे से ऊपर तक चीर के अलग कर दिया था | अब पेटीकोट पूरी तरह से दो खंडों में अलग-अलग बंट गया था और सिर्फ कमर में नाड़े से टिका हुआ था | रीमा की गोरी गोरी जांघे बेपर्दा हो गयी | दोनों रीमा का गोरा जिस्म बेर्पर्दा हुस्न देखकर पगला गए | क्या गजब का गोरा जिस्म था | कमर के नीचे अब बस पैंटी ही थी जो रीमा को ढके हुए थे |

एक लड़का - अब मजा आ रहा है रीमा मैडम आपके भारी-भारी गोरे गोरे मांसल चूतड़ देख कर | जिस पर यह पतली सी लाल चड्डी |

जग्मैगू ने उसे फिर टोका - चड्डडी नहीं है भोसड़ी वालो , पैंटी कहते है उसे, पैंटी |

लड़का - हा हा बॉस ठीक है पैंटी ......................मैडम जी एक सवाल पूछु आप ये पैंटी पहनती है क्यों हो जब इसमें कुछ ढकता तो है नहीं | आपके सारे बड़े बड़े चूतड़ तो बाहर दिख रहे है | कसम से मन कर रहा है आपके चुताड़ो को हाथो में लेकर मसल डालू | कसम से मन कर रहा है आपके इन्हीं गद्देदार चूतड़ों पर अपने लंड को रगड़ने लागु | क्या गद्देदार मोटे मोटे चूतड़ हैं |

जग्गू रीमा को चोदने को उतावला हो रहा था, वो अपने लंड को लगातार मसले जा रहा था ताकि वो मुरझाये नहीं | उन लड़को की बाते सुन सुनकर वो अब खिसयाने लगा था - अरे भोसड़ी वालों जल्दी से जल्दी से नंगी करो भोसड़ी के तुम तो साले मजे लेने में लगे हुए हो |

लड़का - अरे बॉस देखो मैंने इसके पेटीकोट को चीर के अलग कर दिया है ना अब आगे से उसकी लाल लाल पैंटी दिख रही है पीछे से उसके चूतड़ मांसल नरम नरम चूतड़ दिख रहे है अब तो बस मैडम के पेटीकोट का नाडा काटना रह गया है | आप इतना हाइपर क्यों हो रहे हो |
 
जग्गू - भोसड़ी के तुमारे मजे के चक्कर में हम सबकी गांड लग जाएगी | अगर कोई मैडम को सूंघता हुआ यहाँ तक आ गया तो हम सबके लौंडे लग जाने है | मै कहता हूँ जल्दी से इसको नंगी करो, जल्दी से इसको चोदकर इसके अन्दर जो गुरुर भरा है उसे मिटटी मे मिलाते है |

एक लड़का - बॉस इतना उतावलापन ठीक नहीं है, थोडा हमें भी खेलने खाने का मौका दे दो | जंगल के बीचो बीच कौन आ जायेगा | अब तो रात भी हो गयी है | बॉस आप बेवजह परेशान हो रहे हो |

जग्गू - भोसड़ी वालो मै तुमको पैसे दे रहा हूँ इसलिए जो मै कह रहा हूँ वो करो | नौटंकी बंद करो जल्दी से इसको नंगा कर दो |

लड़का जग्गू की बात अनसुना करता हुआ - वैसे मैडम जी एक बात कंहू आपका जिस्म है कमाल का....... आप जितनी खूबसूरत है उतना ही जिस्म भी आपका खूबसूरत है क्या फिगर है क्या घुमाव है क्या कटाव है आपके संगमरमरी जिस्म में | आपकी इन चूचियां को देखकर मन तो करता है बस आप से लिपट जाऊं अभी चूसना शुरू कर दू और चूसता रहा हूं बस चूसता ही हूं लेकिन यह जग्गू बॉस है ना कि मेरी गांड फाड़ देगा इसलिए मुझे वही करना होगा जो यह बोलेगा अब मैं आपका पेटीकोट का नाड़ा काटने जा रहा हूं इसके बाद में आप सिर्फ पेंटी में ही रह जाओगी और आपका पूरा का पूरा बदन नंगा हो जाएगा वैसे भी मैं तो जन्नत की सैर कर ही चुका हूं आपके इस नंगे बदन के दर्शन करके | अगर आप कुछ चाहती हो तो अभी कह दो इसके बाद तो कुछ कहने का मौका मिलेगा ही नहीं | बाद में तो बस वही होगा जिसके लिए आपको जग्गू बॉस यहाँ लाये है |

इसके बाद में उसने रीमा के पेटीकोट में जो कि वैसे भी पूरी तरह से फट चुका था उसके नाले पर चाकू को फंसा दिया और जरा सा जोर लगाया और पेटीकोट का नाड़ा कट गया था नाड़ा कटते ही रीमा का पेटीकोट धड़ाम से जमीन पर जा गिरा और रीमा सिर्फ पेंटी में रह गई सीमा के पूरे जिस्म पर कमर के नीचे बस एक पतली पैंटी रह गयी थी जिसमें से उसके चूतड़ पूरी तरह से नुमाया हो रहे थे

एक लड़का रीमा के पीछे गया, उसने रीमा के बदन से चिपके ब्लाउज में चाकू घुसेड़ के हल्का सा कट लगा दिया | कपड़े में कट लगते ही ब्लाउज का कपड़ा अपने आप फटने लगा |

एक लड़का - क्या बड़े बड़े हाहाकारी मम्मे है मैडम के देखो बेचारे ब्लाउज का भी दम घुट रहा था | मैंने जरा सा चाकू क्या लगाया खुद बखुद बाकि फटने लगा | पीछे से ब्लाउज पूरा चीर के फट गया था, बस कंधे और निचले हिस्ससे की सिलाई उसे अटकाए हुए थी | लड़के ने उसे चाकू से चीर दिया | पीछे से रीमा की पीठ पूरी नंगी हो गयी अब उसकी पीठ पर बस ब्तोरा की एक डोरी बची थी | सामने से दुसरे लड़के ने भी ब्लाउज के दो टुकडे कर दिए | रीमा अब सिर्फ ब्रा पैंटी में रह गयी | तभी जग्गू ने एक कैंची उन लड़को की तरफ फेंकी | और उसके ब्रा पैंटी कुतरने को कहा | दोनों लड़के तो रीमा के गोर दमकते बदन को चकाचौंध में खो गए थे | फिर जग्गू ने जब कोर से कहा तो दोनों की नजर कैंची ओअर गयी | एक लड़का रीमा की ब्रा को कैची से काटने लगा | उन्होंने रीमा की ब्रा को काटकर उसके चीथड़े बना दिए और चारो तरफ छितरा दिए |

रीमा पूरी तरह से असहाय खड़ी थी लेकिन उसने इन जानवरों के सामने गिडगिडाना ठीक नहीं लगा | उसे पता था अगर उनकी चली तो वो वही करेगें जो उन्हें करना है | इसलिए रीमा सदमे में जरुर थी लेकिन चुप रही | उसे पता था उनके सामने गिडगिडाने का मतलब है वे उसे कमजोर समझेगे और उसका मजाक भी उडायेगें | उसे लग रहा था आज ये सब उसका बलात्कार करके ही मानेगे | उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था | उसकी आँखों के सामने अब निराशा के कारन अँधेरा सा छाने लगा था |

रीमा अब सिर्फ पैंटी में बची थी बाकि उसका पूरा बदन नंगा हो चूका था | रीमा की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत की खूबसूरती का अंदाजा लगाया जा सकता था रीमा का गोरा गुलाबी बदन पूरी तरह से उस रोशनी में दमक रहा था रीमा पर हाथ ऊपर छत की तरफ बने हुए थे और रिमा पूरी तरह से लगभग नंगी खड़ी हुई थी | रीमा का गोरा दुधिया बदन और उसके उन्नत उरोज देखकर दोनों लड़के तो जैसे पागल हो गए | अब तक दोनों लड़के बस रीमा के पुष्ट उरोजो की बनावट का अंदाजा भर लगा रहे थे | अब उनकी आँखों के सामने रीमा के स्तन पूरी तरह से नंगे हो गए थे | उन्होंने पहले कभी इतनी गोरी और नंगी लड़की कभी नहीं देखि थी | रीमा के सुडौल पुष्ट स्तन और उसके शीर्ष पर स्थित स्तनाग्र देखकर तो जैसे दोनों सीधे स्वर्ग की अनुभूति कर रहे हो | वो जो काम कर रहे थे वो भूल गए | वो बस रीमा के अप्रतिम निवस्त्र नंग सौन्दर्य को निहारने लगे | क्या कमसिन खूबसूरत बदन था | रस टपकाते ओंठ, सुराही जैसी गर्दन हिरानी सी आंखे , उठी हुए उभरी छाती, सपाट पेट सुघड़ नाभि और मोटी मोटी मांसल गोरी जांघे जांघे | एस अलग रहा था जैसे किसी औरत का जिस्म न होकर किसी अपसरा का हो |

अब बारी थी उसकी पैंटी की | दुसरे लडके ने दूसरी कैंची से उसकी पैंटी की पतली डोर काट दी | रीमा की गोरी जांघो के बीच उसकी कसी हुई चूत के फलको में फंसी पैंटी वही लटक गयी | दोनों लड़के रीमा के पूरी तरह से नंगे बदन को देखकर पागल हुआ जा रहा था |

उसकी चूत घाटी की मखमली चिकनाहट और भरे पुरे भारी मांसल गोरे चूतड़ , उनके जिस्मो में चुदाई की आग भड़काने के लिए बहुत ज्यादा थे | अब उनको खुद को संभालना मुस्किल हो रहा था |

एक लड़का पेंट के ऊपर से ही अपनी तन रहे लंड को मसलता हुआ बोला - बाई गॉड की कसम क्या चूत लेकर आये हो बॉस, इसको तो चोदने में बड़ा मजा आएगा | हाय क्या कच्ची कली जैसे चिकनी कसी हुई चूत है, क्या बड़े बड़े मम्मे है इनको चूस कर मैंने मर भी जाऊं तो कोई गम नहीं होगा | बॉस इसकी चूत में जब अपना लंड जायेगा तो मै कही ख़ुशी से मर ही न जाऊ | उधर जग्गू को भी रीमा को नंगा देखकर वासना का नशा चढ़ने लगा था | अभी तक वो पेंट के ऊपर से ही लंड को मसल रहा था, अब उसने कपड़े उतारने शुरू कर दिए | जल्द ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए | उसका लंड अपनी अकड़न की चढ़ान पर था | कपड़े उतारते ही जग्गू अपने लंड को मसलने लगा | रीमा ने अपनी आंखे बंद कर ली | उसे अहसास हो गया था उसका रेप होना तय है, ये जानवर मिन्नतें करने और गिडगिडाने से मानने वाले तो है नहीं | अब तो उसे बस उपरवाले का सहारा बचा था | वो ऊपर वाले से प्रार्थना करने लगी, शायद कही कुछ हो जाये और आज उसकी इज्जत लुटने से बच जाए |

उधर उन दोनों किराए के टट्टू लडको की उत्तेजना भी बढ़ने लगी थी | दोनों अपने लंड को पेंट के ऊपर से ही मसल रहे थे |

जग्गू अपनी विजय के अहंकार में - अब साली को ऐसा चोदुंगा की जिंदगी भर याद रखेगी | कुतिया बनाकर चोदुंगा, घोड़ी बनाकर चोदुंगा | और चोद चोद कर इसकी चार इंच की चूत चौह्हत्तर की कर दूंगा |

जग्गू का जोश देख दोनों में से एक लड़का बोला - बॉस कुछ हमारे लिए भी छोड़ देना |

जग्गू - अरे ये बहुत हरामन चूत है, सब कुछ हजम कर जाएगी तुम बस देखते जावो |

रीमा बस सर झुकाए उनकी घटिया बाते सुन रही थी | रीमा बेबस थी उसे भी पता था जग्गू बड़बोला है और एक नंबर का घटिया चुतिया इंसान भी इसलिए उसे ज्यादा अफ़सोस हो रहा था | शायद उस दिन उसने जग्गू का गुरुर ही ख़तम कर दिया था, आज उसकी बारी थी |

एक लड़का फिर से बोला - मैडम आपको देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया है, बॉस का तो भरोसा नहीं लेकिन आप जरा हम लोगो का ख्याल रखना |
 
अब तो उन तीनों में से किसी का भी अपने पर जोर नहीं रह गया था वह तीनों ही अपने लंड को बुरी तरह रगड़ने लगे थे जग्गू तेजी से अपने लंड को मुठिया रहा था उसका लंड लगभग लगभग पूरी तरह से सीधा हो चुका था अब तो बस रीमा की चूत को चोदने की फिराक में था लेकिन इस तरह से खड़े खड़े छरीमा को कैसे चोद पायेगा | उसे तो बस लिटाकर लड़की को चोदना आता था |

जग्गू - भोसड़ी वालो इसको ऐसे खड़े खड़े कैसे चोदुंगा | इसको कही लिटाओ तो सही तब तो चोदते बनेगा | रीमा बस सर नीचा किये चुपचाप खड़ी थी | उसके हाथ ऊपर बंधे हुए थे |

रीमा अब ये मान चुकी थी की उसका चुदना आय तय है, आज उसकी चूत नहीं बचने वाली ये सब तीनो मिलकर उसे जमकर चोदने वाले है | अभी तक सिर्फ जग्गू नंगा हुआ था लेकिन अब उन दोनों लड़को ने भी अपने कपडे केले के छिलके की तरह उतार फेंके | वो दोनों भी पूरी तरह से नंगे हो गए थे | उनके लंड जग्गू के लंड से बड़े थे | रीमा पूरी तरह से हताश हो चुकी थी अब उसके दिमाग में कुछ भी नहीं चल रहा था | शायद जग्गू से चुदाई के अपमान का घूँट पीने के लिए उसने खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लिया था | वो अन्दर ही अन्दर बहुत परेशान थी | उन दोनों को नंगा देख उसके दिमाग में एक ख्याल आया | उसने एक आखिरी कोशिश करने में कोई बुराई नहीं समझी | चुदना तो था की क्यों न कोशिश करके चुदु |

रीमा उन दोनों लड़को की तरफ देखते हुए - हाय हाय तुम दोनों के लंड कितने मोटे और बड़े है, मैंने तो आज तक अपनी जिंदगी में ऐसे लंड नहीं देखे |

रीमा के मुहँ से ये सुनकर दोनों लडके चौंक गए | वो रीमा से तारीफ सुनकर फूले नहीं समाये - सच में मैडम जी आपको हमारे लंड बड़े लगते है |

रीमा - हाँ तुम दोनों के लंड बहुत बड़े है, तुमारे मुकाबले जग्गू का लंड तो आधा भी नहीं है |

जग्गू ये सुनकर अन्दर तक हिल गया - रीमा की तरफ बढ़ता हुआ - साली हरामजादी कुतिया, अभी बताता हूँ मेरा लंड कितना बड़ा है | चोद चोद के तेरी चूत को भोसड़ा बनाता हूँ तब पता चलेगा की मेरा लंड कितना बड़ा है |

एक लड़का बोला - बॉस इसमें बुरा मानने की क्या बात है मैडम जी ने सच ही तो कहा है, आपका लंड छोटा है तो है | इसमें दिल पर लेने वाली कौन सी बात है | मैडम जी झूठ तो बोलेंगी नहीं, आपका लंड छोटा है सबको दिख रहा है |

रीमा ने मौका देखकर - मुझे तो बड़े लंडो से ही चुदना पसंद है , मोटे मोटे बड़े लंड से | ऐसे लंड का क्या फायदा जो आधी चूत की भी ठीक से न चोद पाए | बड़ा लंड अन्दर तक जब जाता है चूत को गहराई तक चीरता हुआ तो मजा आ जाता है | इसलिए मै चाहती हूँ की बड़े लंड से चुदाई शुरू हो |

मेरा हाथ दुखने लगे है प्लीज रस्सी ढीली कर दो थोड़ी सी | अपने लंड को मुठिया रहा एक लड़का तेजी से उठा उर रीमा की रस्सी ढीली कर दी | रीमा के हाथ अभी भी बंधे थे लेकिन अब वो उसके पीठ पर आराम कर रहे थे |

जग्गू - साले तुम दोनों पागल हो गए हो, उसके चूत के जाल में फंस गए हो, वो तुमको इस्तेमाल कर रही है | मै तुमारा बॉस हूँ मैंने तुम्हे पैसे दिए है |

लड़का - बॉस इस समय पैसे की क्या बिसात है पैसा तो फिर कम लेंगे लेकिन ऐसी चूत रोज रोज थोड़े न मिलेगी |

जग्गू -सुनो मै बॉस हूँ पहले मै चोदुंगा इस हरामन कुतिया को ये हमारे बीच लडाई लगा रही है |

लड़का - बॉस क्यों उखड़ रहे हो, जिसकी चूत चोदने जा रहे हो उसकी भी तो ख्वाइश का कुछ ख्याल कर लो | वो आपको चोदने से तो मना नहीं कर रही है | आप मेरे बाद चोद लेना | कभी कभी औरत की बात मान लेनी चाहिए |

जग्गू ने गन उठा ली और उस लड़के पर तान दी - भोसड़ी के नाली के गंदे कीड़े, तुझे लगता है मैंने तेरे लंड की फैलाई गन्दगी में जाकर अपना मुहँ मारूंगा , इतने बुरे दिन आ गए मेरे | साले अपनी औकात भूल गया है, मै चोदुंगा इस हरामी रंडी रांड को पहले | यही आग लग आरही है हम दोनों के बीच | साले मैंने पैसे दिए है तुझे | मै बोलूँगा तो भौकेगा मै बोलूँगा तो कटेगा तू मेरा पालतू कुत्ता है समझे |
 
लड़का - अपने पैसे आप अपने पास रखो बॉस नहीं चाहिए आपके पैसे, लेकिन रीम अमैदम को पहले वही चोदेगा जिससे रीमा मैडम चुदना चाहेगी |

जग्गू - तुम भोसड़ी वालो हो ही दो टेक के लायक, और तुमारी अकल घास चरने गयी है | उसे रांड के कह दिया और तुमने मान लिया | साले वो तुमारी गांड फाड़ कर रख देगी अभी मिनटों में और तुम्हे पता भी नहीं चलेगा |

लड़का - जैसे आपकी फाड़ दी थी |

जग्गू - तू अपनी औकात भूल रहा है मादरचोद |

लड़का - अपनी औकात में ही हूँ इसलिए अभी तक बोल पा रहे हूँ आप |

जग्गू लड़के के तेवर देख थोडा नरम हुआ - तू समझ नहीं रहा है, ये सिर्फ अपना उल्लू सीधा कर रही है, हमें लड़ाकर अपना मकसद हाशिल करना चाहती है |

लड़का अपने लंड को मसलता हुआ - मुझे तो ऐसा नहीं लगता |

जग्गू - तू देख लेना अगर मेरी बात नहीं मानेगा तो इसकी चूत चोदने का तेरा सपना सपना ही रह जायेगा |

लड़का - आप रीमा मैडम की चूत नहीं चोद पाए वो आपकी कमजोरी थी उसके लिए रीमा मैडम को दोष क्यों दे रहे हो | अपनी कजोरी का डर हमें मत दिखाओ |

रीमा उनकी बाते गौर से सुन रही थी - अच्छा एक बात बतावो तुम दोनों |

दोनों एक साथ बोल पड़े - जी मैडम पूछिए, क्या पूछना है |

रीमा - तुम लोगो के लंड मुझे देखकर खड़े हुए है |

दोनों एक साथ - हाँ मैडम आपको ही देखकर खड़े हुए है आप बहुत खूबसूरत हो | आपका नंगा खूबसूरत बदन देखकर तो हम पागल हो गये है |

रीमा अदा से - अच्छा मै खूबसूरत हूँ |

दोनों एक साथ - हाँ मैडम आप बहुत खूबसूरत हो |

रीमा - अगर मै इतनी खूबसूरत हूँ तो तुम मुझे चोदना भी चाहोगे |

एक लड़का - हाँ मैडम आपके चूत को देखकर तो हम पागल हो गए है इसलिए तो हम अपने लंडो को खड़ा कर रहे है |

रीमा - अगर मुझे चोदना है तो जरा ठीक से अपने लंडो को खड़ा करो, एक काम करो तेज तेज मुठियाओ, अभी तुमारे लंड में इतनी अकडन नहीं है की मेरी चूत की अन्दर तक चीर सके |

रीमा - एक काम करो तुम लोग मेरे हाथ खोल दो, मै तुमारे लंडो को चूस चूस कर टनाटन कर देती हूँ फिर आराम से जन्नत की सैर कराती हूँ | ऐसे खड़े खड़े न तुम ठीक से मुझे छोड़ पावोगे न मै ठीक से चुद पाउंगी | मेरे हाथ खोल दो फिर मै जमीं पर लेट जाती हूँ और तुम आराम से मेरी चूत में अपना मुसल कुटना | आराम से तुमारा बाद लंड अपनी चूत में लूंगी और तुम्हे भी बहुत मजा आएगा |

जग्गू ने उन्हें रोका - भोसड़ी वालो ऐसा कुछ मत करना, हाथ खुलते ही ये तुमारी गांड फाड़ कर रख देगी |

लड़का - आपको लगता है आपकी मैडम ने गांड मार ली है इसलिए हमारी भी मार लेगी | मुझे पता है आपकी गांड फट रही है और आप चाहते है की हमारी भी ऐसे ही फटती रहे | कुछ नहीं होने वाला, तुम अपनी गांड बचा कर बैठो | मैडम ने कहाँ है उन्हें मेरा लंड बहुत पसंद है, एक बार मैडम की चूत चोदने को मिल जाये फिर मैडम मेरी गांड भी मार लेगी तो कोई गम नहीं होगा |

जग्गू - तू न पागल हो गया मैडम की चूत के पीछे |

रीमा - तुम्हे मेरी चूत पसंद है |

लड़का - हाँ मैडम मुझे बहुत पसंद है |

रीमा - इसे चूसोगे |

लड़का - हाँ |

रीमा - इसे चोदोगे |

लड़का - हाँ |

रीमा - आवो मै तुम्हे अपनी चूत चोदने का न्योता देती हूँ |

रीमा के अंदर दहशत भरी हुई थी लेकिन इस समय और कोई चारा नहीं था इसीलिए उसने उन लड़कों को बुला लिया था | उसे पता था लड़को के पास आते ही जग्गू भड़क जायेगा उर उनके बीच लडाई हो जाएगी |

दोनों लड़के रीमा के संगमरमरी बदन के पास जाने के लिए उठे |

इतने में पीछे से जग्गू ने गन तान दी - इस चुड़ैल के हाथो मरने के लिए तैयार हो जावो भोसड़ी वालो |

एक लड़का बोला - बॉस अब ये तो सही नहीं है | जब मुझे बुला रही है चोदने के लिए तो मै ही तो जाऊंगा | पता नहीं क्यों आपको दर्द हो रहा है | चलिए ठीक है आप ही चोद लेना पहले लेकिन एक बार रीमा मैडम की मखमली स्ट्राबेरी जैसे चूत का स्वाद तो चख लेने दीजिये | चूस तो सकता ही हूँ न |

जग्गू - भोसड़ी के वो तुझे नहीं तेरी मौत को बुला रही है, मेरा इससे पाला पड़ चूका है मुझे पता है कितनी हरामन चूत है अभी तुमारी गांड मार लेगी |

लड़का - आपकी गांड बहुत फटती है और ये मेरी समस्या नहीं है | ऐसी गुलाबी चूत को चूसने के बाद अगर मैडम मेरी गांड भी मार लेगी तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता | आदमी औरत के अन्दर डालता है औरत आदमी के अन्दर डाल देगी, आखिर चोदना ही तो होता है | कोई भी करे, किसी के भी करे, मजा दोनों को आता है | आप अपनी दकियानुकुसी अपने पास रखो | आपकी मैडम से फट रही होगी मेरी नहीं फट रही, मै उनकी चूत चूसने जा रहा हूँ |
 
इससे पहले वह लड़का के बढ़ता जग्गू ने खड़े होकर गान तान दी - भोसड़ी वालो कोई आगे बढ़ा तो यही लाशे बिछा दूंगा | यही तो वो चाहती है | आज पहले मै रीमा को चोदुंगा चाहे उसके लिए तुमारी लाश पर से ही क्यों न गुजरना पड़े | जग्गू के तेवर देखकर अब सच में दोनों लड़कों की फट के हाथ में आ गई | उन्हें लगा कही सच में ही न गोली मार दे | वो पीछे हट गए | रीमा की लग की उसकी सारी मेहनत बेकार हो गयी | अब तो सचमुच में रीमा की आँखों में आंसू आ गए | जग्गू के तेवर देख रीमा समझ गयी अब जग्गू से बचना मुश्किल ही नहीं नामुनकिन है | उसे पता था अगर जग्गू ने उसे चोद दिया तो तो जिंदगी भर अपनी आँखों में आंखे डाल कर सीना चौड़ा करके नहीं जी पायेगी | अब उसे समझ नहीं आ रहा था आखिर वो क्या करे, उसके अन्दर का दर्द, बेबसी पीड़ा आंसू बनकर बहने लगा था और उन्हें वो रोक पाने में पूरी तरह असमर्थ थी |

उसके चेहरे के आंसू देखकर जग्गू ने अट्टहास किया - क्यों निकल गयी सारी हेकड़ी रीमा मैडम | उस दिन मुझे जरा सी गलती क्या हुई थी आपने तो मेरी गांड का भर्ता बना दिया था | आज आप कितने भी घड़ियाली आंसू बहावो, कितन भी मेरे पांव पड़ो, मिन्नतें करो लेकिन आज तो मै तुमारे साथ वही करूंगा जो सोचकर आया हूँ | चुपचाप चुदवा लो नहीं तो तड़प तड़प कर चुदोगी |

रीमा का पीला निराश चेहरा देख जग्गू अपना लंड हिलाता हुआ - स्वागत नहीं करोगी मेरे लंड का |

रीमा को लगा अब सबकुछ जग्गू के हाथ में है, एक बार माफ़ी मांगना जिंदगी भर की जिल्लत ढोने से तो अच्छा हो है |

रीमा - जग्गू ठीक है मुझसे गलती हो गई मुझे इतना ज्यादा तुम पर अत्याचार नहीं करना चाहिए था लेकिन गलती हर इंसान से होती है गलती माफी तो की जा सकती है प्लीज मुझे माफ कर दो |

जग्गू हैरान सा होकर अट्टहास भरने लगा - साला कितनी मादरचोद चूत है तू साली कुतिया, जब कुछ नहीं सूझ रहा तो मुझे माफ़ी पर ज्ञान चोद रही है | मेरी डिक्शनरी से माफ़ी शब्द उसी दिन गायब हो गया था जब तू बेरहमी से मेरी गांड के चीथड़े उड़ा रही थी | तुझे लगता है तूने जो मेरे साथ किया उसके बाद मै तुझे माफ़ कर दूंगा | तू भोसड़ी वाली अब कितन भी रो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता |

रीमा अब रुआंसी हो आई, रुंधे गले से रुआंसी होकर - प्लीज मुझे माफ कर दो और जग्गू प्लीज मुझे माफ कर दो मुझसे गलती हो गई आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगी और तुम्हारा लंड भी चूस दूंगी |

जग्गू को रीमा की पीड़ा से बहुत सुख मिल रहा था | उसका अट्टहास सुनकर रीमा समझ गयी अब बहुत देर हो चुकी है |

जग्गू रीमा के नंगे बदन के पास आ गया | उसके खूबसूरत बदन की गर्मी और गंध को सूंघ कर मदहोश होने लगा |

जग्गू - साला ऐसी मादक गंध निकलती है इस हरामन कुतिया के बदन से की पास आते ही मदहोशी सी छाने लगती है | आदमी इस गंध में डूबकर पागल सा हो जाये | ऐसी कौन सी गंध छोड़ती है चूत से की मुर्दे का लंड भी सीधा हो जाये |

इतना कहकर उसने रीमा के गोर मांसल चूतड़ पर एक जोरदार चमाट मारी | रीमा के मुहँ से चीख निकल गयी | जग्गू का पूरा का पूरा हाथ रीमा के चूतड़ पर छप गया |

रीमा जग्गू से गिडगिडाने लगी - पप्लीज जग्गू मै तेरा लंड चूस दूँगी | अगर तू चाहेगा तो हर हफ्ते चूस दिया करूंगी |

जग्गू - अब आई न चूत लंड के नीचे, साला चूत कितनी भी हरामी हो लंड से आगे थोड़े न जा पायेगी | अब समझ में आया न लंड की ताकत और औकात कितनी होती है | अब तेरी भलाई इसी में है चुपचाप चुदवा ले वर्ना चीखे निकाल कर चोदना भी मुझे आता है |

रीमा - देख जग्गू मै मानती हूँ मुझे गलती हुई है मुझे माफ़ कर दे | अगर तू मुझे चोदना ही चाहता है तो ठीक है चोद ले, लेकिन ऐसे खड़े खड़े कैसे तू मेरी चूत चोद पायेगा | मेरे हाथ खोल दे मै आराम से जमीं पर लेट जाऊँगी | फिर मुझे हचक हचक कर छोड़ लेना | तुझे भी बहुत मजा आएगा | इससे ज्यादा मै तेर लिए कुछ नहीं कर सकती |

अब तक उछाले मार रहा जग्गू का अहंकार रीमा के झुकाते ही कुछ नरम पड़ा |

लड़का भी बोल उठा - पता नहो बॉस आपकी मैडम से इतना फटती क्यों है मैडम सही तो कह रही है | साला हम तीन लोग है और ये अकेली , ऊपर से हमारे पास गन भी है ये क्या उखाड़ लेगी हमारा | लिटाओ इसकी जमीं पर उलटा पेट के बल फिर जब इसके गद्देदार चुताड़ो पर ठोकर मारोगे तो सीधे जन्नत की सैर करोगे |

जग्गू को लगा लड़का सही कह रहा है | साला ऐसे खड़े खड़े चोदने में मजा न आएगा | लेकिन जग्गू के अन्दर का डर अभी भी इसके लिए राजी नहीं था |

जग्गू - ठीक है इसे जमीं पर लिटा देना, लेकिन इसकी चूत का सुभारम्भ कर लेने दो एक बार, एक बार इसकी चूत में लंड घुसा दू, इसको चोदने की शुरुआत तो मै ऐसे खड़े खड़े ही करूंगा | फिर तुम लोग इसके हाथ खोलकर इसे जमीं पर लिटा देना |

लड़का बोलो - आप एक नंबर के फट्टू हो, आपकी फटती बहुत है इसी वजह से अब तक आप मैडम की चूत में लंड नहीं घुसा पाए हो | इतना फट्टू पण न होता आपके अन्दर तो अब तक रीमा मैडम की चूत में दो राउंड की चुदाई कर चुके होते और तीसरे चक्कर के लिए अपना लंड चुसवा रहे होते |

जग्गू को लड़के की बातो से जोश आ गया | जग्गू रीमा के सामने आ गया, उसके दोनों स्तनों को हाथो में भर लिया और बारी बारी से उसके स्तनाग्र को अपने मुहँ में भरकर चूसने लगा |

रीमा ने अपनी आंखे बंद कर ली | वो अपने अन्दर इस अपमान की पीड़ा को बर्दाश्त करने की हिम्मत जुटाने लगी | जिस सख्स की वो शक्ल नहीं देखन चाहती थी वो उसके स्तनों का पान कर रहा हिया उर कुछ देर में उसकी मखमली चूत में अपना लंड घुसेड़ने वाला है | ये सोचकर ही रीमा को अन्दर तक घिन आ गयी | रीमा को ये सब बहुत ही बुरा लग रहा था लेकिन अब वो कर भी क्या सकती थी | उसने स्तनों को मुहँ से चुसना जारी रखा और अपने दोनों हाथ रीमा के चुताड़ो पर जमा दिए | उसने अपने तने हुए खड़े लंड को रीमा की जांघो के बीच घुसेड़ दिया और उसके चुताड़ो को अपनी तरफ ठेल कर उसके बदन को अपने बदन से चिपकाने लगा | बार बार रीम एके चुताड़ो की पकड़ कर उसकी कमर को अपनी तरफ ठेलता, जिससे रीमा की जांघो में बीच फंसा उसका लंड रीमा के चूत के ओंठो की मालिश करता हुआ आगे पीछे हो रहा था | रीमा के लिए ये सब बर्दाश्त से बाहर था लेकिन रीमा कुछ भी नहीं कर सकती थी |

जग्गू - मजा आ रहा है रीमा मैडम, मेरा लंड आपके चूत के ओंठो की मसाज कर रहा है | कभी सोचा था आपने मै आपको इस तरह से चोदुंगा | मैने तो आपके नाम से न जाने कितनी बार मुठ मारी है |

रीमा - मै थक गयी हूँ ऐसे खड़े खड़े, मेरे पांव दुखने लगे है | ऐसे खड़े खड़े मुझे चोदकर तुझे क्या मिलेगा | आराम से लिटाकर चोद, औरत को लिटाकर चोदने का मजा ही कुछ और है | रीमा की आँखे आसुओं से गीली थी, फिर भी उसका मन हार मानने को तैयार नहीं था |
 
वह मान चुकी थी कि अब उसका इन तीनो से चुदवाना ही उसकी नियत है | इसको लेकर उसके अंदर न कोई शौक था ना ही कोई डर था ना ही कोई भावना थी आखिर लंड ही तो हैं लंड चूत में ही तो जायेगें | क्या घट जायेगा मेरी चूत का अगर कुछ देर ये मुझे चोद लेगें | अब तक मैंने तो पूरी कोशिश करी इनसे बचने की कोई रास्ता नहीं है तो क्या कर सकती हूं कोई नहीं आने वाला उसे बचाने के लिए यही सोचकर उसने अपनी आंखें बंद कर ली | जग्गू को उसकी चूत चूसते हुए भी काफी देर हो गई थी रीमा का जिस्म काफी गर्म हो गया था इसी बीच रीमा ने अपनी आंखें खोली और जग्गू की तरफ झुकते हुए उसके फड़कते लंड को पकड़ लिया | जग्गू रीमा की चूत में बुरी तरह से खो चूका था उसे रीमा द्वारा इस तरह से डिस्टर्ब करना पसंद नहीं आया लेकिन रीमा के हाथ में अपना लंड देख जग्गू सीधा हो गया | रीमा कुर्सी पर बैठे बैठे ही आगे को थोडा झुकी और जग्गू के लंड को अपने मुहँ के रसीले ओंठो से जकड लिया | दोनों लड़के और जग्गू हैरान रह गए | एक लड़का उत्साह से बोला - अरे बॉस अब तो लग रहा है रीमा मैडम बुरी तरह से गर्म हो गई है |

जग्गू थोड़ा दुविधा में था, इ वो पहले ही रीमा की चूत चूसकर मस्तियाया हुआ था ऊपर से इस तरह से रीमा का उसके लंड को लेकर चूसने से उसका गुस्सा पता नहीं कहाँ फुर्र हो गया |

जग्गू - आह मैडम क्या चूसती हो लंड को, आप कमाल हो सच में कमाल हो | आह आह आह आह आह |

बाकी दोनों लड़के भी अपने लंड हिलाते हुए रीमा के पास आ गए | रीमा के मुहँ के पास अब तीन तने हुए लंड थे | एल उसके मुहँ में था और बाकि दोनों को रीमा ने अपने एक एक हाथ में लेकर मुठियाना शुरू कर दिया | उन लड़कों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतनी हसीन खूबसूरत औरत उनके लड़कों को मसल रही है | रीमा ने जग्गू के लंड को छोड़ दुसरे के लंड को चुसना शुरू कर दिया और उसके लंड को हाथ में भरकर मसलने लगी | यह सच था रीमा ने आखिर में उन तीनों लड़कों के लंडो को मुहँ में लेकर चूसना शुरू कर दिया था वह बारी-बारी से तीनों के लंड को अपने मुंह में ले रही थी और वो तीनों तो जैसे जन्नत ही पहुंच गए थे जग्गू को भी यकीन नहीं हो रहा था कि यह क्या हो रहा है उसका रीमा की चूत को चोदने का सपना पल पल दूर होता जा रहा था लेकिन अभी वो जन्औनत की सैर कर रहा था इसलिए उसके दिमाग में रीमा की चूत चोदने का कोई ख्रयाल भी नहीं आ रहा था | रीमा भी पूरी तरह से हार मानकर उन लड़कों से खेलने लगी थी उसे भी उनके लंडो से खेलने में अब मजा आने लगा था वह बारी-बारी से तीनों लड़कों को हाथ में लेकर के मुंह में लेती और अच्छे से चुस्ती थी तीनों के मुंह से सिसकारियां निकलने लगी थी तीनों की हालत देखने वाली थी |

इतनी खूबसूरत हसीन मस्त औरत से लंड चुसवाने का जवानी की आग बढ़ाने का मजा ही कुछ और था | तीनो ये सब देखकर उत्तेजना के चरम पर पंहुच गए | जग्गू के मुकाबले बाकी दोनों लड़कों के लंड बड़े थे लेकिन रीमा बारी बारी से तीनों के लंड अपने मुंह में ले रही थी और इसी बीच में तीनों के लंड में अकड़न बहुत कड़क हो गई थी | तीनो में से एक लड़का बोला मैडम अब तो बस अपनी चूत खोली दो अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है अब तो आप को चोदने का मन मुझे भी करने लगा है जग्गू का तो मुझे पता नहीं लेकिन मैं आप को चोदना चाहता हूं प्लीज और मैं आपसे रिक्वेस्ट करता हूं मैं आपके साथ कोई जबर्दस्ती नहीं करूंगा आप प्लीज इस लंड पर कुछ तरस खाओ |

रीमा - इतनी भी जल्दी क्या है , जवान हो दो तीन राउंड तो आराम से निपटा दोगे | अभी तो मेरा मन मलाई खाने का है |

लड़का - लेकिन मैडम |

रीमा उसकी बात काटती हुई बोली - चिंता क्यों करते हो, दुसरे तीसरे राउंड के लिए मै ही खड़ा करूंगी | आज अपनी जवानी जीभर के भोगोगे | ऐसा चुदाई का मजा दूँगी की जिंदगी भर नहीं भूल पावोगे | अभी मुहँ में ही निपट लो अगला राउंड चूत का होगा |

रीमा की बात सुनकर उस लडके का जोश और बढ़ गया - रीमा मैडम तो हमें आज ही पूरा स्वर्ग दिखाएंगी |

जोश जोश में उसकी उत्तेजना और बढ़ गयी | रीमा ने भी उसके लंड को कसकर चुसना शुरू कर दिया | अब उसके मुह से अनगिनत कराहे निकलने लगी | जग्गू रीमा को ऐसे लंड चूसते हुए पहले भी देख चूका था इसलिए वो हैरान नहीं था लेकिन रीमा की इस अदा पर सम्मोहित जरुर हो गया था | रीमा दोनो कसकर उस लडके का लंड चूसने लगी और अपने हाथ से मसलने लगी | वो लड़का पहले ही उत्तेजना से सरोबार था | रीमा के हाथ की सख्त जकड़न और उसके रसीले ओंठो की कसावट का मर्दन ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाया | उसकी पिचकारी छुटने लगी | रीमा ने मुहँ खोल दिया और उसके सफ़ेद गाढे रस की एक एक बूँद गटक गयी | इसके बाद उसने जग्गू का लंड थाम लिया | जग्गू अभी झड़ना नहीं चाहता था |

रीमा - चूत अगले राउंड में चोदना |

जग्गू - नहीं मेरा दूसरी बार खड़ा न हुआ तो |

रीमा - मै किसलिए हूँ |

जग्गू पीछे हट गया - इसका चूस के इसकी पिचकारी छुटाओ, मै तो तुमारी चूत में ही पिचकारी छोडूंगा | मुझे बाथरूम लगी है मै निपट कर आता हूँ | जग्गू झड चुके लड़के के साथ मुतने चला गया |

रीमा ने दूसरे लड़के का लंड थाम लिया और कसकर चूसने लगी | वो लड़का भी अपनी उत्तेजना के चरम पर था | रीमा के रसीले ओंठो की सख्त मालिश ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाया | और उसकी पिचकारी भी छुटना शुरू हो गयी, रीमा उसका भी सफ़ेद रस गटक कर पी गयी | वो हांफता हुआ रीमा की कुर्सी के पास बैठ गया और रीमा की जांघ पर सर रख दिया | रीमा अब कमरे में अकेली थी और वो लड़का जो झड़ने के बाद अपनी सांसे काबू करने में लगा था | रीमा कुर्सी से उठी और तेजी से उसने जमीन पर रखी गन उठा ली | इससे पहले वो लड़का कोई हरकत कर पाता रीमा ने वो गन उसकी कनपटी पर तान दी |
 
इससे पहले रीमा कुछ कहती, करती बाहर से अंधाधुंध गोली चलने की आवाज सुनाई पड़ी | चार पांच बार धांय धांय रीमा के कानो में पड़ा | रीमा ने जल्दी से उस लड़के को ठीक अपने आगे किया और उसके पीछे गन लगा दी और दरवाजे की ओर को हो गयी | वो कुछ कदम ही आगे बढ़ी थी की एक आदमी चीते की तरह छलांग लगाते हुए तेजी से आया और रीमा की तरफ चार पांच गोलियां दाग दी | रीमा उस लड़के के पीछे थी इसलिए सारी गोलियां उसके सीने में पैबस्त हो गयी | एक पल को तो रीमा उसकी पीठ के पीछे छिप गयी | फिर पता नहीं कहाँ से अचानक उसमे इतनी हिम्मत आ गयी की उसने गन से लड़के की आड़ से सामने वाले पर फायर कर दिया | वो इसके लिए बिलकुल तैयार नहीं था | उसे दो गोली लगी | एक गर्दन में एक सीने में | वो वही लुढ़क गया | रीमा की धड़कने तेज थी, आंखे फटी पड़ी थी कमरे में जो हुआ उसे देखकर | रीमा को खुद नहीं पता चला की उसने क्या किया कैसे किया | अभी न डरने का वक्त था न सोचने का |

रीमा डरते डरते दरवाजे के पास तक गयी | उसने गोली से घायल लड़के को ढाल बना रखा था | उसने बाहर झांककर देखा उसे कोई नहीं दिखाई दिया | तब तक लड़का मरने की कगार पर पहुँच गया था | रीमा ने लड़के को छोड़ दिया जो अपनी आखिरी सांसे गिन रहा था | रीमा जमीन पर रेगती हुई दरवाजे से बाहर निकली | वहां उसे कोई नहीं नजर आया | थोड़ी दूर पर जाकर देखा, तो जग्गू और लड़का जमीन पर पड़े है | जग्गू तो शायद मर भी गया था क्योंकि उसके गोली सीधे माथे पर लगी थी | जबकि लड़का अभी कराह रहा था | लेकिन उसे भी कई गोलियां लगी थी | रीमा को तो यकीं ही नहीं हो रहा था क्या से क्या हो गया एक पल में पलक झपकते ही | जिन जवान लड़को के खड़े लंडो से अभी कुछ देर पहले वो वासना का खेल खेल रही थी वो अभी बिलकुल निस्तेज मुरझाये पड़े थे और उनके जिस्मो की जान बस निकलने वाली ही थी |

रीमा के होश फाख्ता हो गए | अब वो क्या करे | कहाँ आकर फंस गयी | कुछ देर तक शुन्य बनकर खड़ी रही, कुछ समझ अनहि आया क्या हुआ कैसे हुआ | सामने दो जवान जिस्मो की नंगी लाशे पड़ी थी और सामने एक पूरी नंगी औरत अपने हाथ में गन लिए बिलकुल निस्तेज शुन्य बनकर खड़ी थी | रीमा उन दोनों के सूखे लंडो को एक बार देखा और फिर तेजी से अन्दर आई | उसने अपने सारे कपड़े बटोरे | गनीमत थी की जग्गू की बात न मानकर उसकी साड़ी को लड़को ने नहीं फाड़ा था | उसे झट से किसी तरह अपने चारो ओर साड़ी लपेटी और बाकि सारे कपड़े इकठे किये और अपने पेटीकोट में लपेट लिए | हाथ में गन थी | तीन लड़को की नंगी लाशे और एक हमलावर जी लाश और रीमा के साड़ी से छन छन कर दीखता उसका खूबसूरत बदन |

उसके पास तो फ़ोन भी नहीं था | आखिर कहाँ जाये किसे फ़ोन करे | काफी देर तक वही शुन्य बनी बैठी रही | बाहर घनघोर रात हो गयी थी | रीमा ने पुरे मकान का मुआयना किया | उसने बाहर के बल्ब बंद कर दिए | लड़को और जग्गू के कपड़ो में जरुरी सामान ढूढ़ने लगी | फ़ोन तो नहीं मिला लेकिन उसे एक टौर्च जरुर मिल गयी |

शाम से लेकर अब तक जो भी हुआ रीमा की सोच समझ से परे था | रीमा रात में कही जा नहीं सकती थी लेकिन यहाँ रुकना भी उसे ठीक नहीं लगा | यहाँ चार लाशे पड़ी थी, और बाहर जंगल में जंगली जानवरों का खतरा था | अपनी फूटी किस्मत पर रीमा रोने लगी | कहाँ आकर फंस गयी | पता नहीं किसी को पता भी चला होगा की मै यहाँ इस मुसीबत में फंस गयी हूँ या नहीं |

उधर जब ऑफिस बॉय रीमा की गाड़ी का पंचर बनाकर उसकी गाडी देने उसके घर गया तो कई बार बेल बजाने के बाद कोई बाहर नहीं आया | उसने फ़ोन मिलाया लेकिन वो तो स्विच ऑफ जा रहा था | उसने लैंडलाइन पर फ़ोन किया घंटी तो जा रही थी लेकिन कोई उठा नहीं रहा था | उसने हारकर अपने बॉस को ऑफिस में फ़ोन मिलाया, उसके बॉस ने रीमा के इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर पर फ़ोन किया तो फ़ोन रोहित ने उठाया | उन्होंने रोहित को पूरी बात बताई | रोहित ने अनिल को फ़ोन मिलाया | अनिल दौड़े दौड़े रीमा के घर आये लेकिन रीमा तो यहाँ नहीं थी | उन्होंने रोहित को अपडेट दिया और रीमा की जीपीएस लोकेशन देखने लगे | उसका फ़ोन स्विच off था जीपीएस शहर के बाहरी किनारे पर एक पेट्रोल पंप के पास की बता रहा था | उसके बाद लास्ट लोकेशन शहर के उत्तर जंगल की तरफ जाने वाली सड़क का मिला | शहर के टॉप पुलिस अफसर को इत्तला कर दी गयी | वो दल बल के साथ भागे भागे आये | रीमा की लास्ट लोकेशन के आधार पर आधी रात से पुलिस रीमा को ढूढ़ने निकली | अनिल ने बताया उन्होंने एक ट्रांसमीटर रीमा के हर सैंडल में छिपा दिया है जो 24 घंटे में एक बार सिग्नल देता है | आखिर सिग्नल उसने शाम 6 बजे दिया था | अब अगला सिग्नल उनको अगली शाम को मिलेगा |

रीमा उस खंडहर मकान में बैठी सुबुकती रही | पता नहीं कब उसकी आंख लग गयी | सुबह जैसे पौ फटने को हुई रीमा की आंख खुल गयी | सर भारी हो रहा था, बदन टूट रहा था | लेकिन रीमा वहां से निकल भागी | उसे नहीं पता था कहाँ जाना है लेकिन जंगल की एक पगडण्डी पर वो बढ़ चली | बदन पर कपड़ो के नाम पर बस एक साड़ी थी और पैरो में सैंडल | रीमा बदहवास सी चली जा रही थी, उसे नहीं पता था की वो कहाँ जा रही है लेकिन उस मनहूस खंडहर से जीतनी दूर हो सके वो जाना चाहती थी | एक घंटा चलने के बाद उसे एक छोटा सा गाव दिखाई दिया | बाद में जब आगे बढ़ी तो वो गाँव कब एक छोटा सा क़स्बा ज्यादा लग रहा था | इससे पहले वो पगडण्डी पार कर वो गाव की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर आती | पीछे से किसी ने उसको चीते की फुर्ती से दबोच लिया |

रीमा न कुछ सोच पायी, न कुछ देख पाई | उसका चेहरा अगले पल एक काले कपड़े के अन्दर था | उसके मुहँ से चीख निकल गयी | उसने रीमा के मुहँ को भींच लिया | उसके मुहँ पर किसी मर्द का सख्त हाथ था जिससे उसकी चीखे निकलने से पहले ही घुट जा रही थी | आदमी से उसे के गाडी की डिग्गी में पटक दिया | और डिग्गी लॉक कर दी | उसे कुछ समझ नहीं आया आखिर ये सब हो क्या रहा है | इससे पहले वो चीख या चिल्ला पाती एक कार कच्चे रास्ते को चीरते हुए चलने लगी | रीमा डिग्गी के अन्दर कभी इधर लुढ़क रही थी, कभी उधर लुढ़क रही थी | उसकी आँखों के सामने अँधेरा था और वो बार बार डिग्गी पर अपना हाथ थपथपा रही थी | आखिर कार एक जगह रुकी | किसी ने डिग्गी खोली | रीमा की साड़ी अस्त व्यस्त हो गयी थी |

एक आदमी की भारी भरकम आवाज सुनाई दी - ज्यादा शोर मचाया तो यही घला घोंट दूंगा | उसने रीमा के दोनों हाथ और पैर बांध दिए | उसके बदन की साड़ी खीचकर अपने पास समेत ली | रीमा का बदन नंगा हो गया |

आदमी - ये तुमारे शोर मचाकर डिस्टर्ब करने की सजा है | अब डिग्गी में तुम नंगी ही पड़ी रहोगी |

रीमा जोर जोर से रोने लगी - तुम कौन हो और कहाँ ले जा रहे हो |

आदमी - जल्दी ही पता चल जायेगा |

रीमा रोते हुए - आखिरकार मैंने तुमारा क्या बिगाड़ा है, मै ऊपर वाले की कसम खाती हूँ मैंने किसी को नहीं मारा |

आदमी - वो भी जल्दी पता चल जायेगा |

डिग्गी बंद हो गयी | काले कपड़े से आ रही रोशनी की जगह अब श्याह अँधेरा था | कार तेजी से चलने लगी | रीमा ने शाम से अब तक कुछ नहीं खाया था ऊपर से उसे एक एक बाद एक झटके लग रहे थे | वो गहरे सदमे में चली गयी थी | जो कुछ भी हो रहा था वो उसकी सोचने समझने की शक्ति से बाहर था | वो सदमे के कारन बेहोश हो गयी | फिर पता नहीं चार कब तक चलती रही | उसे कुछ होश नहीं था |
 
जब उसकी आंख खुली तो वो एक बड़े हाल में थी | उसके हाथ और पैर हथकड़ी से चारपाई से बंधे थे | जैसे ही उसकी बेहोशी टूटी वो चिल्लाने लगी, शोर मचाने लगी | कुछ देर बाद एक जवान गार्ड गेट खोलकर अन्दर आया |

रीमा - मै कहाँ हूँ, कौन हो तुम लोग और मुझे यहाँ क्यों लाये हो |

गार्ड ने रीमा को देखा - ये तो मुझे पता नहीं लेकिन और कोई मदद चाहिए हो तो कर सकता हूँ |

रीमा - मुझे बताओ मै कहाँ हूँ |

गार्ड ने जैसे रीमा की सवाल सुने ही नहीं - मैडम अगर आपको भूख लगी है तो आपको मै खाना दे सकता हूँ | इसके अलावा मुझे कोई उम्मीद मत रखियेगा |

रीमा ने कल शाम से कुछ खाया नहीं था, भूख लगाना स्वाभाविक था |

रीमा - मुझे बहुत भूख लगी है लेकिन ये तो बतावो मै हूँ कहाँ और तुम लोग कौन हो | मुझे यहाँ क्यों लाये हो | क्या चाहिए तुम्हे मुझसे |

गार्ड चला गया | रीमा निराश हताश थकी हुई, सदमे से बेहाल जाते गार्ड की पीठ देखती रही |

थोड़ी देर बाद खाने की थाली लेकर लौटा |

रीमा - मुझे बतावो प्लीज कौन हो तुम और यहाँ क्यों लाये हो |

मैडम - मुझे कुछ नहीं पता, मै तो अपनी नौकरी कर रहा हूँ |

रीमा रोने लगी | गार्उड ने उसे कोई भाव दिए बिना उसके हाथ खोल दिए |

गार्ड - खाना खा लो मैडम | इतना कहकर गार्ड वापस चला गया |

रीमा को बहुत तेज भूख लगी थी, कुछ देर तक खाने को नफरत और गुस्से देखती रही धीरे धीर उसका सिबुकना कम हुआ और वो खाना खाने लगी | कुछ देर बाद उसने फिर से गार्ड को आवाज लगायी |

रीमा - मुझे और भूख लगी है और मुझे वाशरूम भी जाना है |

गार्ड को समझ नहीं आया - बाथरूम जाना है |

रीमा ने हाँ में सर हिलाया | गार्ड ने उसके पैरो की हथकड़ी चारपाई से निकाल कर एक दुसरे में पैरो में ही लॉक कर दी ताकि रीमा अगर भागने की कोशिश भी करे तो भाग न सके | गार्ड थाली लेकर चला गया | रीमा बाथरूम से फ्रेश होकर आई | गार्ड तब तक दूसरी थाली लेकर आ गया था लेकिन इसमें प्रॉपर खाना नहीं था बल्कि फ़ास्ट फ़ूड था |

रीमा थाली के आइटम देखकर बोली - मुझे भूख लगी है |

गार्ड - खाना हो तो खाओ मैडम, नहीं तो मत खाओ अभी यही मिलेगा |

इतना कहकर गार्ड वहां से चला गया | रीमा खाते खाते सोचने लगी और दिल दिमाग अभी भी गहरे सदमे में था | पता नहीं कहाँ है वो और कौन लोग है जो उसे यहाँ उठाकर लाये है |

दिन के तीन बज रहे थे | तभी हाल का लोहे का दरवाजा खुला और तीन लोग सूट बूट में अन्दर आये | तीनो ही च्पिस खाती रीमा को घूरने लगे | रीमा के अन्दर उनको देखकर एक डर घर कर गया | बड़े खूंखार लग रहे थे | दिमाग में एक ही ख्याल आया - क्या ये मेरा रेप करेगे |

लेकिन वो कहावत है आदर का डर ही कभी कभी आपकी हिम्मत बन जाता है रीमा के अन्दर के डर ने ही उसे हिम्मत की ढाल भी पहनाई |

एक आदमी जो वेशभूषा से ही उन तीनो का बॉस लग रहा था - गुड आफ्टर नून मैडम, मेरा नाम सुर्यदेब है और आपका |

रीमा आत्मविश्वास से भरकर - रीमा |

सूर्यदेव - बस रीमा |

रीमा - हाँ बस रीमा, मै कहाँ हूँ और तुम लोग कौन हो और मै यहाँ क्या कर रही हूँ, क्या चाहिए तुम लोगो को मुझसे |

सूर्यदेव - मैडम पता है कल मेरा एक बेहतरीन शार्प शूटर मारा गया, संयोग की बात है कल ही मेरे बिज़नस में दुश्मन का लड़का भी मारा गया है और दो लड़के और मारे गए है | तीनो की लाश नंगी मिली है | गोली नजदीक से मारी गयी है | संयोग ये भी है की वहां से मुझे कुछ कपड़ो के रेशे मिले है, एक औरत के कपड़ो के रेशे, सबसे बड़ा संयोग ये है की इन सबसे आपका कोई न कोई कनेक्शन जरुर बना है |

तो सवाल ते है क्या आपने मेरे शूटर को मारा | अगर नहीं टी क्या आपने उन लड़को को मारा | वो नंगे क्यों है | आप तो वहां आसपास भी नहीं रहती फिर उस जंगल में क्या कर रही थी | किसके लिए काम करती है आप |

रीमा - पहले बतावो मै कहाँ हूँ |

सूर्यदेव - अगर आप ये बता देंगी की आप कहाँ की रहने वाली है तो मै आपको बता सकता हूँ की आप कहाँ है |

रीमा - मै फलाने शहर में रहती हूँ |

सूर्यदेव - और करती क्या है आप |

रीमा - मै प्रोजेक्ट कंसलटेंट हूँ |

सूर्यदेव - किस तरह के प्रोजेक्ट ?

रीमा - किसी भी तरह के, इवेंट मनेग्मेंट, रियल स्टेट, हॉस्पिटैलिटी मै सब पर अपने क्लाइंट को एडवाइस देती हूँ | अब बतावो मै कहाँ हूँ, कौन हो तुम लोग |

सूर्यदेव मुस्कुराया - आप अपने घर से 120 किमी दूर दुसरे शहर के एक कस्बे में है |

सूर्यदेव - तुम कौन हो, मै एक बिज़नस मैंन हूँ | आपकी वजह से मै एक बड़े संकट में फंस गया हूँ | मेरा एक बेस्ट शूटर मारा गया है और मेरा दुश्मन समझता है की उसके एकलौते बेटे की मैंने मरवाया है |

रीमा - मतलब जग्गू का बाप |

सूर्यदेव - आप तो खूबसूरत होने के साथ साथ काफी समझदार है |

रीमा - जहाँ तक मुझे पता है जग्गू का बाप तो सारे दो नंबर के धंधे करता था और कुछ सफेदपोश के साथ मिलकर अपनी काली कमाई सफ़ेद करता था | तुम भी क्या ड्रग्स का बिज़नस करते हो |

सूर्यदेव बस मुस्कुराया | रीमा का दिल बैठने लगा ये कहाँ आकर फंस गयी मै | उसके चेहरे पर वास्तविक चिंता झलकने लगी |

सूर्यदेव - मेरे और भी कई सारे साफ़ सुथरे बिज़नस है |

रीमा - लकड़ियों की तस्करी करना |

सूर्यदेव बस मुस्कुराया - आप तो मेरी उम्तोमीदों से भी ज्यादा स्मार्ट है फिर क्या आप बताने का कष्ट करेंगी की आप किसके लिए काम करती है | कोई तीसरा नया गैंग है, क्योंकि आपकी वजह से मेरे और विलास के बीच अब बात बिज़नस की नहीं रही | मामला पर्सनल हो गया है खून खराबा बढ़ सकता है | विलास अपने एकलौते बेटे की मौत पर चुप नहीं बैठेगा |

रीमा के दिमाग में दहसत तो भरी थी लेकिन उसका दिम्माग उतनी तेजी से चल भी रहा था |

रीमा - सूर्यदेव मुझे ये नहीं समझ आता, इन सब के लिए मै कैसे जिम्मेदार हूँ | तुमने अपने शार्प शूटर को वहां भेजा था जग्गू को मारने के लिए , जग्गू मर गया तुम्हे तो खुस होना चाहिए |

सूर्यदेव - नहीं नहीं नहीं तुम गलत समझ रही हो, मै बिलकुल उसे मारना चाहता था लेकिन हाल ही में विलास की उसके एक पॉलिटिशियन दोस्त से बिज़नस को लेकर कुछ ज्यादा ही सीरियस बवाल हो गया था | विलास ने नेता जी को धुन दिया था | उनकी बेटी उठा लेने तक की धमकी दी थी | नेता जी और विलास दोनों मेरा पहले ही बहुत नुकसान कर चुके थे इसलिए मैंने एक तीर से दो निशाने लागने की सोची लेकिन शायद तुमने मै फिर दोहरा रहा हूँ शायद तुमने मेरे तीर को ही तोड़ दिया |
 
अब विलास की बंदूके मेरी तरफ है | मुझे जवाब चाहिए ताकि विलास के कोप से मै बच संकू | मैडम आपने सब गड़बड़ किया है इसलिए आप ही बतावो कही आप विलास के लिए तो काम नहीं करती | मुह्हे लगता है आप नेताजी के लिए काम करती हूँ | मैंने इतनी देर में रिसर्च करके ये तो पता लगा लिया है की आप नेताजी से पहले भी मिल चुकी हो | रिवर लाउन्ज की साईट पर मैंने आपकी नेताजी के साथ तस्वीरे देखि है | वहां विलास भी है | मैडम रीमा क्या आप इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश करेंगी |

रीमा चुप रही | उसे खुद ही समझ नहीं आ रहा था कहाँ आकर फंस गयी | क्या जवाब दे जब उसने कुछ किया ही नहीं | जो भी सूर्यदेव बक रहा था उसका रीमा से दूर दूर तक कोई लेना डीएनए नहीं था |

सूर्यदेव - देखिये मैडम आपको स्पष्ट कर दू चुप रहने से काम नहीं चलने वाला है |

रीमा - मुझे नहीं पता आप क्या कह रहे है लेकिन मेरा इन सबसे दूर दूर तक कोई नाता नहीं है |

सूर्यदेव की त्योरियां चढ़ गयी उसने रीमा के चेहरे को अपने सख्त हाथो से जकड लिया | रीमा के चेहरे पर दर्द की लकीरे तैर गयी |

सूर्यदेव - मैडम ये मेरी शराफत है वरना मुहँ खुलवाने के और भी तरीके आते है मुझे | आपकी जानकारी के लिए बता दू आप यहाँ बिलकुल प्राकृतिक अवस्था में लायी गयी थी | आपके बदन पर रस्मेसियों की गाठो के अलावा और कुछ नहीं था | मेरे आदमियों ने तुम्हे शर्ट और ये स्कर्ट पहनाई है | जरा सी भी चालाकी करी तो ये इन कपड़ो को सेकंडो में मेरे कहने पर उतार लेंगे और फिर एक नंगी औरत के साथ कोई क्या करता है ये तो आपको बखूबी पता होगा |

रीमा ने प्रतिकार किया - लेकिन मैंने किया क्या है |

सूर्यदेव - आवाज नीचे मैडम जी, मेरे इशारे पर मेरे आदमी आपके जिस्म की वो दुर्गति करेगें कि आप जिन्दा लाश बनकर रह जाओगे |

तभी सूर्यदेव का फ़ोन बजने लगा | उसे पता लगा उस स्थान पर पुलिस पहुँच गयी है | इससे पहले ही विलास ने अपने बेटे की डेड बॉडी उठवा ली थी | उसे पता चल गया था उस रात जग्गू कुछ किराये के लड़को के साथ रीमा को उठाकर लाया था | अपने एकलौते बेटे की मौत से विलास रीमा और सूर्यदेव दोनों के खून का प्यासा हो गया था | उसके पास पॉवर थी पैसा था और माफिया भी | सूर्यदेव को जो फ़ोन आया था इसमें उसे पता चला की उसके दो ठिकाने विलास ने नेस्तोनाबूत कर दिए है | उसके 20 आदमी मारे गए है |

रीमा के बारे में उसके आदमी और ज्यादा जानकारी निकालने की कोशिश में लगे हुए थे | लेकिन सूर्यदेव को जो भी आशंका थी वो निर्मूल साबित हुई |

रीमा को खून भरी आँखों से देखता हुआ सूर्यदेव बोला - अगर मै मारूंगा तो मैडम आपको लेकर मरूंगा |

इतना कहकर वो वहां से निकल गया | बस इतना समझ लीजिये जब तक आपका सच मेरे आदमी नहीं पता लगा लेटे तब तक ही आप सही सलामत हो |

रीमा ने माथा पीट लिया, वो काफी डर गयी थी , हे उपरवाले कहाँ फंसा दिया मुझे | आखिर मेरी गलती क्या है | इतना सोचकर वो गहरे चिंता और डर से भर गयी |

इधर रीमा के फ़ोन के जीपीएस से सुराग निकाल कर पुलिस जंगल तक पंहुच गयी लेकिन आगे का कोई सुराग पता नहीं लगा सकी | ऊपर से वहां पड़ी तीन लाशों की वजह से जिसमे से दो पूरी तरह नंगी थी, मामला पेचीदा हो गया | शहर में विलास के बेटे की रहस्यमय मौत को लेकर भी बड़ी चर्चाये होने लगी | अनिल को अब बस रीमा के सैंडल में लगे ट्रांसमीटर का इन्तजार था | रोहित भी वहाँ विदेश में बेचैन हो रहा था | उसने अपने स्तर पर यहाँ के लोकल लिंक्स को रीमा को खोजबीन में लगा दिया |

रीमा की परेशानी पहले से कम थी क्या जो सूर्यदेव ने और बढ़ा दी | उसकी बातों से जो रीमा को समझ आया वो ये कि जग्गू की मौत के लिए वो रीमा को जिमेदार ठहरा रहा था | रीमा सोचने लगी अगर यहाँ से नहीं निकली तो मारना तय है | यही सोच सोच कर उसका दिल बैठा जा रहा था | उसका चेहरा पीला पड़ गया | उसकी आँखों से आंसू झरने लगे | कहाँ आकर फंस गयी मै, अगर जल्दी से यहाँ से नहीं निकली तो ये दरिन्दे मुझे नोच डालेगें | मै क्या करू | कैसे निकलू यहाँ से | मुझे तो यहाँ का कुछ भी नहीं पता | यहाँ से निकल भी गयी तो जाउंगी कहाँ | किधर जाऊँगी | रीमा जोर जोर से रोने लगी | बाहर से गार्ड ने लोहे के दरवाजे में लगे शीशे से झांककर देखा तो रीमा रोती हुई नजर आई |
 
Back
Top