S
StoryPublisher
Guest
शार्ट निकालने के बाद विशाल नेहा के ऊपर आ जाता है, और उसके गले को चूमने लगता है। इधर राज बेड के नीचे छुपा हुआ उम्मीद कर रहा था की विशाल को कुछ पता ना चले। राज थोड़ा भी आवाज नहीं कर रहा था। इधर विशाल गले को चूमकर अब नेहा की चूचियों की तरफ आता है जिसे अभी ओड़ी देर पहले राज मसल रहा था।
विशाल नेहा की चचियों पर अपना मह रखता है ब्लाउज़ के ऊपर से, और ऊपर से ही खेलने लगता है। थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद अब विशाल नेहा की साड़ी उतारने लगता है। नेहा विशाल को जा भी नहीं बोल सकती औ। आखीरकार, पति जो टहरा। सारी ऊपर से निकलते ही नेहा अब सिर्फ दलाउज़ और पेटीकोट में थी।
नेहा के बेड पर लेटे होने की वजह से उसकी चूचियां ब्लाउज़ के ऊपर से उभर कर दिख रही थी, और उसकी नंगी पतली कमर बम कहर ढा रही थी। अब विशाल अपनी पैंट और अंगवेर भी निकालकर नंगा हो जाता है। नेहा ज्यादा ध्यान नहीं दे रही भी उधर। उसे तो इस बात का टेन्शन था की इस कमरे उन दोनों के अलावा एक काला बूदा ड्राइवर भी है।
विशाल अब पूरा नंगा नेहा के ऊपर चढ़ जाता है, और उसके गले को चूमने लगता है। थोड़ी देर बाद विशाल
भोड़ा नीचे जाकर नेहा का पेटीकोट उठाता है। जिसकी वजह से नेहा की ब्लैक पैटी नजर आने लगती हैं। विशाल देरी ना करते हुए पैटी भी निकाल देता है। विशाल को इस बात की हैरानी होती है की नेहा की चूत गीली कैसे? वो समझता है शायद उसी की बजह से। लेकिन वजह कुछ और ही भी। वजह भी राज, राज की वो हरकतें। नेहा की चूत गीली होने से नहीं रोक पाई थी। अब विशाल एक उंगली नेहा की चूत पर रखता है। उसे अहसास होता है के नेहा की चूत भट्टी की तरह गरम है।
नेहा- "अहह... करि... विशाल्ल..."
नेहा के मुँह से राज शब्द निकल ही रहा था की नेहा ने संभाल लिया। नेहा की गरम चूत देखकर राज भी अब जोश में आ चुका था। वो अब जल्दी से खुद को सेट करता हैं नेहा की टांगों के बीच और फिर अपना छोटा लण्ड नेहा की चूत पर सेट करता है।
हा- "आइ, विशाल्ल..."
तभी विशाल एक धक्का लगाता है। विशाल का लण्ड छोटा था फिर भी नेहा को तकलीफ होती ही ओड़ी। लेकिन चूत गीली होने की वजह से उसका लण्ड अंदर चला जाता है। ज्यादा अंदर नहीं बस थोड़ा सा। अब विशाल धक्के लगाने लगता है।
नेहा- “आहह... आह आह .. उम्म्म्म ... आह्ह.."
विशाल उसके ऊपर झक कर धक्के लगा रहा था। नेहा इन सब में भी इधर-उधर देख रही थी की कहाँ राज विशाल को दिख ना जाए।
इतनी देर तक राज को बेड के नीचे से ये तो पता चल गया था की विशाल और नेहा चुदाई कर रहे हैं। राज मन में- "साला ये हरामी मुझं डिस्टर्ब करके मेरी गर्लफ्रेंड को चोद रहा है। इसकी तो मैं........
इधर ओड़ी देर तक चुदाई करने के बाद विशाल शांत हो जाता है। वो साइड में ही लेट जाता है। नेहा भी वहीं लेटी हुई थी। वो भी अकी हुई थी। उसे खयाल नहीं था की राज अभी भी वहीं पर है। वो ऐसे ही थोड़ी देर लेटी रहती है। लेकिन अचानक उसे याद आता है की राज रूम में है बेड के नीचे। वो बेड से उतारकर नीचे देखने के लिए झकती है, तो राज वहाँ पर लेटा हुआ था।
नेहा देखती है की उसका काला मोटा लण्ड उसकी पैंट से बाहर था। एकदम गंदा लग रहा था। लण्ड देखते ही जैसे ही नेहा वापस खड़ी होने लगती है।
राज का एक हाथ उसके हाथ को पकड़ लेता है। राज नेहा को एक बार के लिए खींचता है। नेहा वहीं पर गिर जाती है। राज जल्दी से नेहा को भी बेड के नीचे खींच लेता है। अब नेहा नीचे और राज उसके ऊपर आ गया आ। नेहा इनरी हुई थी। बेड के नीचे अंधेरा आ तो राज का बदसूरत चेहरा और बदसूरत लग रहा था। नेहा राज को देखे जा रही थी। उसको राज की आँखों में हवस नजर आ रही थी।
नेहा धीरे से- "छोड़ो मुझे..."
राज- ऐसे कैसे मेरी जान? तेरा पति का तो हो गया अब मेरी बारी।
यह बात सुनकर नेहा शर्मा जाती है। नेहा को अहसास होता है की अगर उसकी आवाज विशाल ने सुन ली तो वो जाग जाएगा।
नेहा- प्लीज़्ज़... तुम यहाँ से चले जाओ, और मुझे छोड़ो।
राज- "तू ऐसे नहीं मानेंगी?' राज अब जोर से- "मैं मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई करने यहाँ आया हूँ... और यह
बात राज ने बहुत जोर से बोली थी।
नेहा डर जाती है, और वो झट से राज के मैंह पर अपना एक हाथ रख देती है- "प्लीज़... ऐसा मत करो..."
राज के बदसूरत चेहरे पर नेहा का गोरा कोमल हाथ था। तभी राज नेहा के हाथ को अपने गंदे होंठों से चमता है। जिस पर नेहा झट से अपना हाथ हटा लेती है। राज अब थोड़ा नीचे होकर नेहा के और करीब आ जाता है। अब दोनों के बीच कुछ दो इंच का फासला होगा। दोनों के चेहरे आमने सामने। दोनों की साँसें आपस में टकरा रही थी। दोनों एक दूसरे को देख रहे थे। जैसे दोनों सदियों से एक दूसरे का इंतजार कर रहे हों। नेहा का मासूम खूबसूरत चेहरा राज के बदसूरत चेहरे के बिल्कुल नीचे था।
नीचे राज का लण्ड किसी रोड की तरह खड़ा था अभी, जो नेहा को नीचे से चभ रहा था। नेहा ने बेड से उत्तर हुए अपने कपड़े तो ठीक किए थे। लेकिन साड़ी पहना भूल गई थी। अब वो इस वक्त ब्लाउज और पेटीकोट में भी। नेहा की बड़ी-बड़ी चूचियां उसकी तेज धड़कनों के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे। उसकी नाजक कमर तो बस दृश्य को ज्वाला की तरह गरम बना रही थी। नेहा का मासूम चेहरा तो बस कयामत टा रहा था। इतने बड़े घर
को बह इस वक्त उसी के रूम में उसी के बेड़ के नीचे एक बूढ़े काले ड्राइवर के नीचे भी।
नेहा राज को साइड में धकेलती हुई- "प्लीज़्ज़... हटो मेरे ऊपर से.."
लेकिन राज नहीं हटता। बकी वो अब और नेहा के करीब होता है। अब दोनों के होंठ कभी-कभी छू रहे थे। क्योंकी राज उतना करीब आ गया था नेहा के। अब तो नेहा की चूचियों मा राज की छाती का दबाव पड़ रहा था। नेहा की चूचियां दबी हुए औं राज की छाती से। नेहा जितना भी राज को मना कर ले, उसे पता था की ये श्रद्धा बहुत जिद्दी है। उसकी बात कभी नहीं मानेगा। ऐसे ही उसकी गर्लफ्रेंड बोलता फिरता है।
विशाल नेहा की चचियों पर अपना मह रखता है ब्लाउज़ के ऊपर से, और ऊपर से ही खेलने लगता है। थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद अब विशाल नेहा की साड़ी उतारने लगता है। नेहा विशाल को जा भी नहीं बोल सकती औ। आखीरकार, पति जो टहरा। सारी ऊपर से निकलते ही नेहा अब सिर्फ दलाउज़ और पेटीकोट में थी।
नेहा के बेड पर लेटे होने की वजह से उसकी चूचियां ब्लाउज़ के ऊपर से उभर कर दिख रही थी, और उसकी नंगी पतली कमर बम कहर ढा रही थी। अब विशाल अपनी पैंट और अंगवेर भी निकालकर नंगा हो जाता है। नेहा ज्यादा ध्यान नहीं दे रही भी उधर। उसे तो इस बात का टेन्शन था की इस कमरे उन दोनों के अलावा एक काला बूदा ड्राइवर भी है।
विशाल अब पूरा नंगा नेहा के ऊपर चढ़ जाता है, और उसके गले को चूमने लगता है। थोड़ी देर बाद विशाल
भोड़ा नीचे जाकर नेहा का पेटीकोट उठाता है। जिसकी वजह से नेहा की ब्लैक पैटी नजर आने लगती हैं। विशाल देरी ना करते हुए पैटी भी निकाल देता है। विशाल को इस बात की हैरानी होती है की नेहा की चूत गीली कैसे? वो समझता है शायद उसी की बजह से। लेकिन वजह कुछ और ही भी। वजह भी राज, राज की वो हरकतें। नेहा की चूत गीली होने से नहीं रोक पाई थी। अब विशाल एक उंगली नेहा की चूत पर रखता है। उसे अहसास होता है के नेहा की चूत भट्टी की तरह गरम है।
नेहा- "अहह... करि... विशाल्ल..."
नेहा के मुँह से राज शब्द निकल ही रहा था की नेहा ने संभाल लिया। नेहा की गरम चूत देखकर राज भी अब जोश में आ चुका था। वो अब जल्दी से खुद को सेट करता हैं नेहा की टांगों के बीच और फिर अपना छोटा लण्ड नेहा की चूत पर सेट करता है।
हा- "आइ, विशाल्ल..."
तभी विशाल एक धक्का लगाता है। विशाल का लण्ड छोटा था फिर भी नेहा को तकलीफ होती ही ओड़ी। लेकिन चूत गीली होने की वजह से उसका लण्ड अंदर चला जाता है। ज्यादा अंदर नहीं बस थोड़ा सा। अब विशाल धक्के लगाने लगता है।
नेहा- “आहह... आह आह .. उम्म्म्म ... आह्ह.."
विशाल उसके ऊपर झक कर धक्के लगा रहा था। नेहा इन सब में भी इधर-उधर देख रही थी की कहाँ राज विशाल को दिख ना जाए।
इतनी देर तक राज को बेड के नीचे से ये तो पता चल गया था की विशाल और नेहा चुदाई कर रहे हैं। राज मन में- "साला ये हरामी मुझं डिस्टर्ब करके मेरी गर्लफ्रेंड को चोद रहा है। इसकी तो मैं........
इधर ओड़ी देर तक चुदाई करने के बाद विशाल शांत हो जाता है। वो साइड में ही लेट जाता है। नेहा भी वहीं लेटी हुई थी। वो भी अकी हुई थी। उसे खयाल नहीं था की राज अभी भी वहीं पर है। वो ऐसे ही थोड़ी देर लेटी रहती है। लेकिन अचानक उसे याद आता है की राज रूम में है बेड के नीचे। वो बेड से उतारकर नीचे देखने के लिए झकती है, तो राज वहाँ पर लेटा हुआ था।
नेहा देखती है की उसका काला मोटा लण्ड उसकी पैंट से बाहर था। एकदम गंदा लग रहा था। लण्ड देखते ही जैसे ही नेहा वापस खड़ी होने लगती है।
राज का एक हाथ उसके हाथ को पकड़ लेता है। राज नेहा को एक बार के लिए खींचता है। नेहा वहीं पर गिर जाती है। राज जल्दी से नेहा को भी बेड के नीचे खींच लेता है। अब नेहा नीचे और राज उसके ऊपर आ गया आ। नेहा इनरी हुई थी। बेड के नीचे अंधेरा आ तो राज का बदसूरत चेहरा और बदसूरत लग रहा था। नेहा राज को देखे जा रही थी। उसको राज की आँखों में हवस नजर आ रही थी।
नेहा धीरे से- "छोड़ो मुझे..."
राज- ऐसे कैसे मेरी जान? तेरा पति का तो हो गया अब मेरी बारी।
यह बात सुनकर नेहा शर्मा जाती है। नेहा को अहसास होता है की अगर उसकी आवाज विशाल ने सुन ली तो वो जाग जाएगा।
नेहा- प्लीज़्ज़... तुम यहाँ से चले जाओ, और मुझे छोड़ो।
राज- "तू ऐसे नहीं मानेंगी?' राज अब जोर से- "मैं मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई करने यहाँ आया हूँ... और यह
बात राज ने बहुत जोर से बोली थी।
नेहा डर जाती है, और वो झट से राज के मैंह पर अपना एक हाथ रख देती है- "प्लीज़... ऐसा मत करो..."
राज के बदसूरत चेहरे पर नेहा का गोरा कोमल हाथ था। तभी राज नेहा के हाथ को अपने गंदे होंठों से चमता है। जिस पर नेहा झट से अपना हाथ हटा लेती है। राज अब थोड़ा नीचे होकर नेहा के और करीब आ जाता है। अब दोनों के बीच कुछ दो इंच का फासला होगा। दोनों के चेहरे आमने सामने। दोनों की साँसें आपस में टकरा रही थी। दोनों एक दूसरे को देख रहे थे। जैसे दोनों सदियों से एक दूसरे का इंतजार कर रहे हों। नेहा का मासूम खूबसूरत चेहरा राज के बदसूरत चेहरे के बिल्कुल नीचे था।
नीचे राज का लण्ड किसी रोड की तरह खड़ा था अभी, जो नेहा को नीचे से चभ रहा था। नेहा ने बेड से उत्तर हुए अपने कपड़े तो ठीक किए थे। लेकिन साड़ी पहना भूल गई थी। अब वो इस वक्त ब्लाउज और पेटीकोट में भी। नेहा की बड़ी-बड़ी चूचियां उसकी तेज धड़कनों के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे। उसकी नाजक कमर तो बस दृश्य को ज्वाला की तरह गरम बना रही थी। नेहा का मासूम चेहरा तो बस कयामत टा रहा था। इतने बड़े घर
को बह इस वक्त उसी के रूम में उसी के बेड़ के नीचे एक बूढ़े काले ड्राइवर के नीचे भी।
नेहा राज को साइड में धकेलती हुई- "प्लीज़्ज़... हटो मेरे ऊपर से.."
लेकिन राज नहीं हटता। बकी वो अब और नेहा के करीब होता है। अब दोनों के होंठ कभी-कभी छू रहे थे। क्योंकी राज उतना करीब आ गया था नेहा के। अब तो नेहा की चूचियों मा राज की छाती का दबाव पड़ रहा था। नेहा की चूचियां दबी हुए औं राज की छाती से। नेहा जितना भी राज को मना कर ले, उसे पता था की ये श्रद्धा बहुत जिद्दी है। उसकी बात कभी नहीं मानेगा। ऐसे ही उसकी गर्लफ्रेंड बोलता फिरता है।