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Guest
विशाल को इस बात की खबर नहीं थी की उसकी खूबसूरत बीवी के साथ ये बूढ़ा ड्राइवर क्या-क्या कर रहा है?
इधर राज गले को चूमते हुए अब नेहा के पीछे से अपना हाथ उसकी पीठ पर फेरते हुए नीचे ले जाता है, और
गाण्ड को अपने दोनों हाथों से दबाने लगता है।
नेहा- नहीं प्लीज़्ज़... राज मत करो ऐसे।
राज- थोड़ा चुप रह जा।
राज नेहा की गाण्ड दबा रहा था और आगे से उसका लण्ड अब खड़ा हो चुका था। जो नेहा को चुभ रहा था अपनी चूत पर। जो अभी तक दुख रही थी कल की चुदाई के बाद। तभी राज पीछे से अपने हाथ से नेहा की गाण्ड के छेद पर उंगली फेरता है साड़ी के ऊपर से। अचानक नेहा राज को अपने से दूर करती है, और उसकी गुस्से से देखने लगती है।
राज- क्या हुआ मेरी बुलबुल?
नेहा- तुमको शर्म नहीं आती, अपनी बेटी को उमर की लड़की के साथ ऐसा करते हए?
राज- तेरी जैसी मेरी बेटी भी होती जा तो में उसे भी चाँद ही डालता।
राज की बात से ही नेहा को घिन आती है। नेहा मन में- "टा कहाँ का। ये अगर अपनी बेटी के साथ ये सब कर सकता हैं तो मेरे साथ तो क्या-क्या करेगा? लेकिन मुझे इस बूढ़े को ये सब नहीं करने देना चाहिए। ये गलत है। मैं मेरे प्यारे पति को धोखा नहीं दे सकती। लेकिन ये बड़ा बहुत जिद्दी है."
नेहा ये सब सोच हो रही थी की राज उसे पीछे से पकड़ लेता है, और उसकी नंगी गोरी कमर में अपने हाथ डालते हुए मजबूती से पकड़ लेता है।
नेहा- "आअहह... छोड़ो मुझे.."
नेहा अपने गोरे कोमल हाओं से राज के हाथों को हटाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन राज की ताकत के सामने उसकी कुछ नहीं चल रही थी। पीछे से नेहा को अपनी गाण्ड पर राज का खड़ा हुआ काला मोटा लण्ड चुभ रहा था, जो नेहा को कहीं ना कहीं मदहोश कर रहा था। लेकिन वो इन सबका विरोध करने की पूरी कोशिश कर रही थी। राज को रोकते हए उसके बाल उसके सौरभसूरत चेहरे पर बिखरे चुके थे। जिससे वो कयामत टा रही थी। जिस खूबसूरती को देखने के लिए लोग मरते हैं, आज वो एक काले बूढ़े गंदे ड्राइवर के हाथ में थी। राज नेहा के गले को पीछे से चूम रहा था। उसकी कमर में हाथ फेरते हुए वो अब हाथ ऊपर ले जाने लगता हैं। नेहा झट से अपने हाथ अपनी चूचियों पर रखती हैं। राज पीछे से स्माइल कर रहा था।
राज. मेरी जान अब अपनी चूचियां दबाने नहीं देगी क्या अपने आयफ्रेंड को?
नेहा- तुम मेरे बायफ्रेड नहीं हो समझे।
राज- "तू मान या ना मान, तू मेरी गर्लफ्रेंड जरूर है.." कहकर राज नेहा के हाथ के ऊपर से ही उसकी चूचियां दबाने लगता है। ऐसा लग रहा था जैसे राज नेहा के हाथों से ही उसकी चूचियां दबा रहा हो।
नेहा- "अह.. छोड़ कमीने.."
पीछे से राज नेहा की गाण्ड में अपना लण्ड रगड़ रहा था। नेहा के लिए कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा था। दो-दो तरफ से राज अटैक कर रहा था उसपर। थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद अब राज अपना हाथ नेहा की कमर से होते हुए नीचे ले जाता है और एकदम से उसकी चूत पर रख देता हैं साड़ी के कम से।
नेहा- आह्ह...
राज- क्या हो गया? दर्द है क्या? ओहो ये मेरा लण्ड भी ना... मेटी गर्लफ्रेंड को इतना दर्द देने की क्या जररत
थी?
नेहा शर्म से पानी-पानी हो रही औ। दाबे के आगे नेहा को इतना लेट होता देखकर विशाल पोछे जाने लगता है याधरकम की तरफ। वहाँ पहुँच कर।
विशाल- नेहा कितना देर कर रही हो?
विशाल की आवाज सुनकर नेहा डर जाती है। वो अब क्या करे? एक तो वो इस गंदे से आधरूम में राज जैसे बटे ड्राइवर के साथ और इस हालत में और ऊपर से उस बाथरूम के दरवाजा का लाक भी नहीं है। कहीं विशाल अंदर आ गया तो? नेहा के मशीने छूट गये थे इस बात।
राज नेहा के कान के पास जाकर- "अपने पति को यहाँ से भगा, वरना जानती है ना में क्या कर सकता है?"
नेहा डर जाती है। उसको कुछ सूझ नहीं रहा था।
इधर राज गले को चूमते हुए अब नेहा के पीछे से अपना हाथ उसकी पीठ पर फेरते हुए नीचे ले जाता है, और
गाण्ड को अपने दोनों हाथों से दबाने लगता है।
नेहा- नहीं प्लीज़्ज़... राज मत करो ऐसे।
राज- थोड़ा चुप रह जा।
राज नेहा की गाण्ड दबा रहा था और आगे से उसका लण्ड अब खड़ा हो चुका था। जो नेहा को चुभ रहा था अपनी चूत पर। जो अभी तक दुख रही थी कल की चुदाई के बाद। तभी राज पीछे से अपने हाथ से नेहा की गाण्ड के छेद पर उंगली फेरता है साड़ी के ऊपर से। अचानक नेहा राज को अपने से दूर करती है, और उसकी गुस्से से देखने लगती है।
राज- क्या हुआ मेरी बुलबुल?
नेहा- तुमको शर्म नहीं आती, अपनी बेटी को उमर की लड़की के साथ ऐसा करते हए?
राज- तेरी जैसी मेरी बेटी भी होती जा तो में उसे भी चाँद ही डालता।
राज की बात से ही नेहा को घिन आती है। नेहा मन में- "टा कहाँ का। ये अगर अपनी बेटी के साथ ये सब कर सकता हैं तो मेरे साथ तो क्या-क्या करेगा? लेकिन मुझे इस बूढ़े को ये सब नहीं करने देना चाहिए। ये गलत है। मैं मेरे प्यारे पति को धोखा नहीं दे सकती। लेकिन ये बड़ा बहुत जिद्दी है."
नेहा ये सब सोच हो रही थी की राज उसे पीछे से पकड़ लेता है, और उसकी नंगी गोरी कमर में अपने हाथ डालते हुए मजबूती से पकड़ लेता है।
नेहा- "आअहह... छोड़ो मुझे.."
नेहा अपने गोरे कोमल हाओं से राज के हाथों को हटाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन राज की ताकत के सामने उसकी कुछ नहीं चल रही थी। पीछे से नेहा को अपनी गाण्ड पर राज का खड़ा हुआ काला मोटा लण्ड चुभ रहा था, जो नेहा को कहीं ना कहीं मदहोश कर रहा था। लेकिन वो इन सबका विरोध करने की पूरी कोशिश कर रही थी। राज को रोकते हए उसके बाल उसके सौरभसूरत चेहरे पर बिखरे चुके थे। जिससे वो कयामत टा रही थी। जिस खूबसूरती को देखने के लिए लोग मरते हैं, आज वो एक काले बूढ़े गंदे ड्राइवर के हाथ में थी। राज नेहा के गले को पीछे से चूम रहा था। उसकी कमर में हाथ फेरते हुए वो अब हाथ ऊपर ले जाने लगता हैं। नेहा झट से अपने हाथ अपनी चूचियों पर रखती हैं। राज पीछे से स्माइल कर रहा था।
राज. मेरी जान अब अपनी चूचियां दबाने नहीं देगी क्या अपने आयफ्रेंड को?
नेहा- तुम मेरे बायफ्रेड नहीं हो समझे।
राज- "तू मान या ना मान, तू मेरी गर्लफ्रेंड जरूर है.." कहकर राज नेहा के हाथ के ऊपर से ही उसकी चूचियां दबाने लगता है। ऐसा लग रहा था जैसे राज नेहा के हाथों से ही उसकी चूचियां दबा रहा हो।
नेहा- "अह.. छोड़ कमीने.."
पीछे से राज नेहा की गाण्ड में अपना लण्ड रगड़ रहा था। नेहा के लिए कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा था। दो-दो तरफ से राज अटैक कर रहा था उसपर। थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद अब राज अपना हाथ नेहा की कमर से होते हुए नीचे ले जाता है और एकदम से उसकी चूत पर रख देता हैं साड़ी के कम से।
नेहा- आह्ह...
राज- क्या हो गया? दर्द है क्या? ओहो ये मेरा लण्ड भी ना... मेटी गर्लफ्रेंड को इतना दर्द देने की क्या जररत
थी?
नेहा शर्म से पानी-पानी हो रही औ। दाबे के आगे नेहा को इतना लेट होता देखकर विशाल पोछे जाने लगता है याधरकम की तरफ। वहाँ पहुँच कर।
विशाल- नेहा कितना देर कर रही हो?
विशाल की आवाज सुनकर नेहा डर जाती है। वो अब क्या करे? एक तो वो इस गंदे से आधरूम में राज जैसे बटे ड्राइवर के साथ और इस हालत में और ऊपर से उस बाथरूम के दरवाजा का लाक भी नहीं है। कहीं विशाल अंदर आ गया तो? नेहा के मशीने छूट गये थे इस बात।
राज नेहा के कान के पास जाकर- "अपने पति को यहाँ से भगा, वरना जानती है ना में क्या कर सकता है?"
नेहा डर जाती है। उसको कुछ सूझ नहीं रहा था।