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Guest
मेरे घर में एक नौकर था जो खाना बनाता था। फिर मैं भी डिनर के बाद सो गया। सुबह में आफिस में जब पहचा तो मेरे केबिन में एक लंच बाबस पड़ा था, साथ में एक स्लिप भी थी। मैंने पढ़ा तो उसमें लिखा था की आज आप मेरे हाथ से बना खाना खाकर बताइए की मुझे खाना बनाना आता है या नहीं?
मैंने लंच टाइम पर ऋत को कैबिन में बुलाया। ऋत से मैंने कहा- "आज लंच दोनों साथ ही करेंगे..." और हम दोनों ने साथ ही लंच किया।
आज ऋत कुरती और पाजामी में थी, सफेद पाजामी में उसकी मोटी-मोटी जाँघों को देखकर लण्ड में तनतनी मच रही थी। लंच के बाद मैंने ऋतु से कहा- "तुम जाने से पहले मेरे से मिलकर जाना.."
ऋत करीब 4:00 बजे मेरे केबिन में आई।
मैंने उसको कहा- "अंदर से लाक कर दो.."
उसने कहा- "क्यों?"
मैंने उसको कहा- "करो तो सही.."
उसने कर दिया। मैं अपनी चयर से उठा और ऋतु को अपनी बाहों में भर लिया और उसके गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा। ऋतु में अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी और मैं उसको चसने लगा। फिर मैंने मत के चतड़ों पर हाथ रख दिया। अत ने अपनी गाण्ड को कस लिया। मैंने अब अपने हाथ उसकी चूचियों पर रख दिए और उसकी चचियों को करती के ऊपर से दबाना शुरन कर दिया। ऋतु की सांस अब तेज चलने लगी थी, और उसका हाथ अब मेरे लण्ड पर आ गया था।
मैंने ऋतु को कहा- "अपनी कुरती उतार दो.."
ऋतु ने मुझे मना कर दिया, बोली- "सर, बस में आपको इससे ज्यादा और कुछ नहीं करने दूंगी."
.
..
मैंने कहा- "क्या?"
बोली- "सर मैं आपको पसंद करती हैं पर आप जानते हो मैं अभी बारी हैं और मैं एक गरीब परिवार से हैं। अगर कुछ गलत हो गया तो मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी..."
मेरे दिमाग में उसका जिस्म घूम रहा था, मैं उस टाइम किसी भी सूरत में उसको अपने लण्ड के नीचे लाना चाहता था। पर कैसे समझ में नहीं आया। मैंने अपने दिमाग का कूल किया और ऋतु से कहा- "ओके... तुम मुझे बो नहीं करने देना पर मुझे प्यार तो करने दो..
ऋतु ने कहा- "मैं आपका लण्ड चूसकर आपको रिलॅक्स कर देती हूँ.."
-
-
मैंने कहा- "ओके... पर मेरी एक शर्त है, तुम पूरी नंगी होकर मेरा लण्ड चूसोगी..."
वो मान गईं। ऋतु ने अपनी करती उतार दी। फिर अपनी लेगिंग अब वो ब्रा पैटी में मेरे सामने खड़ी थी।
उसका गोरा बदन मुझे दीवाना बना रहा था। उसकी ब्लैक कलर की ब्रा उसने उतारी तो ऐसा लगा जैसे में जन्नत में आ गया। उसके 34डी साइज की चूचियां बिल्कुल तनी हुई थी, उसकी चची में अभी निप्पल नहीं थे। मैंने उसकी चूची को अपने हाथ में लेकर अपने मुह से लगा लिया। ऋतु की आँखें बंद हो गई। मैं उसकी चूची को चूसने लगा बारी-बारी से, फिर मैंने उसकी चत पर हाथ फेरा।
उसकी चूत पर हल्के में बाल थे। उसकी चूत में मैंने उंगली लगाई तो मेरी उंगली का जरा सा हिस्सा गया होगा
की वो एकदम से चौंक गई और बोली- "आपने वादा किया है."
मैंने कहा- "पागल, मैं सिर्फ तेरी चूत की खुशबू देख रहा था..." और मैंने बो उंगली अपने मुँह में रख ली। कसम से उसकी चूत का पानी जो मेरी उंगली में लगा था जरा सा, उसका टेस्ट बड़ा मस्त था।
मैंने ऋतु से कहा- "अब मेरा लौड़ा अपने मुँह में ले लो.." और मैं चेयर पर बैठ गया।
मैंने लंच टाइम पर ऋत को कैबिन में बुलाया। ऋत से मैंने कहा- "आज लंच दोनों साथ ही करेंगे..." और हम दोनों ने साथ ही लंच किया।
आज ऋत कुरती और पाजामी में थी, सफेद पाजामी में उसकी मोटी-मोटी जाँघों को देखकर लण्ड में तनतनी मच रही थी। लंच के बाद मैंने ऋतु से कहा- "तुम जाने से पहले मेरे से मिलकर जाना.."
ऋत करीब 4:00 बजे मेरे केबिन में आई।
मैंने उसको कहा- "अंदर से लाक कर दो.."
उसने कहा- "क्यों?"
मैंने उसको कहा- "करो तो सही.."
उसने कर दिया। मैं अपनी चयर से उठा और ऋतु को अपनी बाहों में भर लिया और उसके गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा। ऋतु में अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी और मैं उसको चसने लगा। फिर मैंने मत के चतड़ों पर हाथ रख दिया। अत ने अपनी गाण्ड को कस लिया। मैंने अब अपने हाथ उसकी चूचियों पर रख दिए और उसकी चचियों को करती के ऊपर से दबाना शुरन कर दिया। ऋतु की सांस अब तेज चलने लगी थी, और उसका हाथ अब मेरे लण्ड पर आ गया था।
मैंने ऋतु को कहा- "अपनी कुरती उतार दो.."
ऋतु ने मुझे मना कर दिया, बोली- "सर, बस में आपको इससे ज्यादा और कुछ नहीं करने दूंगी."
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मैंने कहा- "क्या?"
बोली- "सर मैं आपको पसंद करती हैं पर आप जानते हो मैं अभी बारी हैं और मैं एक गरीब परिवार से हैं। अगर कुछ गलत हो गया तो मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी..."
मेरे दिमाग में उसका जिस्म घूम रहा था, मैं उस टाइम किसी भी सूरत में उसको अपने लण्ड के नीचे लाना चाहता था। पर कैसे समझ में नहीं आया। मैंने अपने दिमाग का कूल किया और ऋतु से कहा- "ओके... तुम मुझे बो नहीं करने देना पर मुझे प्यार तो करने दो..
ऋतु ने कहा- "मैं आपका लण्ड चूसकर आपको रिलॅक्स कर देती हूँ.."
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मैंने कहा- "ओके... पर मेरी एक शर्त है, तुम पूरी नंगी होकर मेरा लण्ड चूसोगी..."
वो मान गईं। ऋतु ने अपनी करती उतार दी। फिर अपनी लेगिंग अब वो ब्रा पैटी में मेरे सामने खड़ी थी।
उसका गोरा बदन मुझे दीवाना बना रहा था। उसकी ब्लैक कलर की ब्रा उसने उतारी तो ऐसा लगा जैसे में जन्नत में आ गया। उसके 34डी साइज की चूचियां बिल्कुल तनी हुई थी, उसकी चची में अभी निप्पल नहीं थे। मैंने उसकी चूची को अपने हाथ में लेकर अपने मुह से लगा लिया। ऋतु की आँखें बंद हो गई। मैं उसकी चूची को चूसने लगा बारी-बारी से, फिर मैंने उसकी चत पर हाथ फेरा।
उसकी चूत पर हल्के में बाल थे। उसकी चूत में मैंने उंगली लगाई तो मेरी उंगली का जरा सा हिस्सा गया होगा
की वो एकदम से चौंक गई और बोली- "आपने वादा किया है."
मैंने कहा- "पागल, मैं सिर्फ तेरी चूत की खुशबू देख रहा था..." और मैंने बो उंगली अपने मुँह में रख ली। कसम से उसकी चूत का पानी जो मेरी उंगली में लगा था जरा सा, उसका टेस्ट बड़ा मस्त था।
मैंने ऋतु से कहा- "अब मेरा लौड़ा अपने मुँह में ले लो.." और मैं चेयर पर बैठ गया।