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Guest
देख रही हो चाची (अपने लंड को हिलाते हुए )मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है कि यह तुम्हारी गरम बुर की गरम दीवारों से रगड़ रगड़ कर तुम्हारी बुर की गहराई को छू कर बाहर आया है....(इस तरह की गरम बातें सुनकर सरला पर सुरूर चढ़ने लगा था उसे यकीन नहीं हो रहा था कि यह कल का लौंडा ऐसी अजीब अजीब गंदी गंदी बातें कर रहा है क्योंकि जिस तरह से वह अश्लील बातें कर रहा था उस तरह से उसने अपने पति के मुंह से भी इतनी गंदी बातें नहीं सुनी थी तभी तो उसके तन बदन में अजीब सुरूर चढ़ने लगा था आंखो में खुमारी छाने लगी थी.... इसलिए वह बोली)
तेरे मासूम चेहरे को देखकर लगता नहीं है कि तू इतना बड़ा शैतान होगा कितनी गंदी गंदी बातें करता है ...(शुभम के लहराते हुए लंड को चोर नजरों से देखते हुए)
चाची जी अब तो चेहरा देखकर पता करना मुश्किल होता है कि इस के मन में क्या चल रहा है और वैसे भी देखो ना कल जब आप घर से बाहर निकलोगी तो कोई आपके खूबसूरत चेहरे को देखकर यह नहीं समझ पाएगा कि आप खुद अपने कमरे में अपने पड़ोसी के लड़के से जी भर कर चुदवाई की है।....
दैया रे दैया तु कितना बेशर्म है रे....?
बेशर्म नहीं चाची दीवाने हो गए हैं आपके....(एक हाथ सरला की चूची पर रख कर बोला)
हरामखोर तेरी उम्र देख और मेरी उम्र देख।
अगर उम्र ही देखता तो तुम्हारी जमकर चचदाई नहीं करता और चाची सच कहूं तो अगर तुम भी उम्र की मर्यादा को देखती तो एक जवान लंड का स्वाद नहीं चख पाती.... देखी नही कितना लहरा लहरा कर ले रही थी...(सरला की मदमस्त चुचियों पर एक बार फिर से छाता हुआ बोला...)
सच कहूं तो सुभम मैंने जिंदगी में आज तक तेरे जैसा बेशर्म लड़का नहीं देखा मैं तेरे बारे में क्या-क्या सोचती थी... लेकिन तू तो एकदम बेशर्म निकला...
चाची अगर मैं बेशर्म नहीं होता ना तो तुम्हारी जैसी खूबसूरत औरत को अपने नीचे नहीं ला पाता... (शुभम अपनी हथेलियों को सख्ती से सरला के दशहरी आम पर वापस कसने लगा और दूसरे हाथ से अपने लंड को हिलाता रहा जोकि सरला चोर नजरों से बराबर देख रही थी... और यह देखकर शुभम बोला)
देखने से अच्छा अगर चाची इसको पकड़कर हीलाओगी ना तो और ज्यादा मजा आएगा....
(शुभम की बात सुनकर सरला एकदम से झेंप गई)
धत्त कैसी बातें करता है तु.... (इतना कहकर वह बिस्तर से उठने लगी और अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोली) मैं जा रही हूं कपड़े पहनने तू भी अब यहां से चला जा मैं नहीं चाहती कि किसी को इस बात का पता चले और मेरी बदनामी हो जाए....(इतना कहकर वह बिस्तर से उठ नहीं जा रही थी कि शुभम फुर्ती दिखाते हुए तुरंत उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा हुआ जिससे नंगी सरला एक बार फिर से अपने खूबसूरत बदन को संभालने के चक्कर में शुभम के ऊपर गिर गई और शुभम उसे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया.... शुभम एकाएक एकदम उत्तेजित हो गया था क्योंकि जब वो उठने को हुई तो सरला की भारी-भरकम गांड जो कि पहले से ही शुभम की कमजोरी रही है उसे देखते ही शुभम के तन बदन में सुरसुरी पैदा हो गई और वह अपनी उत्तेजना को काबू में नहीं कर पाया और सरला को अपनी तरफ खींच लिया सरला इस समय उसके ऊपर पेट के बल पसरी हुई थी और वह उठने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं कर रही थी जिससे साफ प्रतीत हो रहा था कि वह भी यही चाहती थी शुभम तुरंत अपने दोनों हाथ उसके चिकने पीठ से होते हुए नीचे की तरफ ले आया और अपनी हथेलियों में उसके दोनों खरबूजे जैसे नितंबों की फांक को पकड़कर तुरंत दबाना शुरू कर दिया....जिससे एक बार फिर से सरला के बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ में लगी और उसके मुख से गर्म सिसकारी निकल गई।
ससससससहहहहहह ईईईई..... शुभम क्या कर रहा है मुझे जाने दे...
ऐसे कैसे जाने दूं मेरी जान..... (शुभम के मुंह से जान शब्द सुनकर सरला पहले तो चौक गई लेकिन उसे सुनकर उसके तन बदन में कुछ कुछ होने लगा जान शब्द सुनकर उसे ऐसा लगने लगा कि उसके बदन में जवानी फिर लौट आई है और शुभम उसे अपना प्रेमी नजर आने लगा लेकिन फिर भी उसकी इस बात का विरोध करते हुए बोली...)
यह क्या कह रहा है तू तुझे जरा भी एहसास है कि तू मुझे क्या कह रहा है।
मैं अच्छी तरह से जानता हूं सरला डार्लिंग मैं तुम्हें चाची कह सकता हूं लेकिन मुझे तुम इस समय अपनी प्रेमिका की तरह लग रही हो.....(इतना कहते हुए वह लगातार सरला की बड़ी बड़ी गांड से खेल रहा था और नीचे से अपने मोटे तगड़े लंड की रगड़ को एक बार फिर से सरला की बुर पर घर्षण करके उसे गर्म कर रहा था....)
तू छोड़ सुबह मुझे जाने दे एक बार हो गया सो हो गया दोबारा मुझे ऐसी गलती नहीं करनी है...
लेकिन मुझे तो करनी है चाची क्या करूं तुम्हारी मदहोश जवानी मुझे पागल कर रही है तभी तो देखो ना एक बार जमकर चुदाई करने के बाद भी मेरा लंड खड़ा का खड़ा है....
तो इसमें मैं क्या कर सकती हूं मैं तेरे लंड को ठंडा करने का क्या मैंने ठेका ले कर रखी हूं। (सरला भी उसी के रंग में रंगने लगी उसे भी अश्लील बातें करने में मजा आने लगा)
तुम कुछ भी कहो चाची लेकिन मैं शांत रहने वाला नहीं हूं तुम्हारी बड़ी बड़ी गांड ( दोनों हाथों से गांड पर चपत लगाते हुए) मुझे पागल कर रही है मुझसे रहा नहीं जा रहा है....
आहहहहहहह .... दुखता है......
लेकिन मजा भी तो आ रहा है चाची.....
लेकिन मुझे नहीं आ रहा है मुझे जाने दे और तू चला जा नहीं तो मैं तेरी मम्मी को फोन कर कर इधर बुला लूंगी....
तो बुला लो बुला लो मम्मी को तो भी अपनी आंखों से देखे कि उनका लड़का जवान हो गया है और जवानी का जोश सरला चाची पर उतार रहा है....
बाप रे कितना हरामि हो गया है तू धीरे-धीरे करके तेरे बारे में समझ में आ रहा है कि तू कितना बड़ा दुष्ट है ....(फिर से शुभम की पकड़ से अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए)
धीरे-धीरे सब समझ में आ जाएगा मेरी जान....(सरला जैसी उम्रदराज औरत को जान कहने में शुभम को अत्यधिक सुख की अनुभूति हो रही थी जिस तरह से वह उसकी गांड को जोर-जोर से चपत लगाते हुए मसाल रहा था उससे शुभम की उत्तेजना निरंतर बढ़ती जा रही थी और यही हाल सरला का भी हो रहा था.... शुभम भी अच्छी तरह से समझ रहा था कि सरला का भी मन दोबारा लेने का हो रहा है लेकिन वह अपने मुंह से कह नहीं पा रही है इसलिए वह पूरी तरह से उत्तेजित होकर सरला को अपनी बाहों में लेते हुए पलट गया और वह सरला के ऊपर आ गया और सरला पेट के बल चीत हो गई और धीरे-धीरे वह नीचे की तरफ आते हुए एक बार फिर से सरला की टांगों के बीच में आ गया और अपने होंठ को सरला की चुदी हुई बुर के ऊपर रखकर चाटना शुरु कर दिया.... शुभम को सरला के नमकीन पानी और अपने लावा का मिलाजुला मिश्रण का स्वाद मिल रहा था लेकिन सरला शुभम की इस हरकत से एकदम से उत्तेजित होने लगे और एक बार फिर से शुरू में लंड को बुर में लेने की इच्छा जागने लगी शुभम के मन में कुछ और चल रहा था शुभम सरला को अपना लंड चटवाना चाहता था....और वो जानता था कि सरला इसे तैयार नहीं होगी इसके लिए उसे एकदम मदहोश करना जरूरी है उसकी आंखों में खुमारी भर देना जरूरी है और इसीलिए वह सरला को पूरी तरह से अपनी जीभ से मस्त कर देना चाहता था और वह जितना हो सकता था उतना जीभ सरला की बुर में डालकर उसके मदन रस को चाटना शुरू कर दिया था.... शुभम पागलों की तरह बुर रूपी कटोरी में से सरला के मदन रस को दूध की तरह चाटना शुरु कर दिया शुभम की इस हरकत की वजह से सरला बिस्तर पर छटपटा रही थी उसका पूरा बदन कसमसा रहा था उसकी मदमस्त बड़ी-बड़ी चूचियां पानी भरे गुब्बारे की तरह लहरा रही थी..एक बार फिर से सरला का कमरा सरला की मदहोश कर देने वाली सिसकारीयो से गुंजने लगा.... शुभम गहरी गहरी सांसे ले लेकर सरला की बुर चाटने में लगा हुआ था बरसों बाद सरला को ऐसा सुख प्राप्त हो रहा था कि इस उम्र के दौरान कोई नौजवान लड़का उसकी बुर पर स्वाद ले रहा था और उसे भी बुर चटाई का पूरा मजा दे रहा था सरला तो मस्त हुए जा रही थी वह बिस्तर पर सर पटक पटक कर आनंद ले रही थी दोनों इस समय कमरे में संपूर्ण नग्ना अवस्था में थे....
सरला की गर्म सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी...
सससहहहहहहह... आहहहहहहह ... आहहहहहहह शुभम और चाट जी भरकर चाट.... आज्हहहहहहहभमुझे मजा आ रहा है बहुत मजा आ रहा है तूने तो मुझे मस्त कर दिया ऐसे ही चाट.... ऊममममममम ......(गरम सिसकारियां लेते हुए सरला अपने दोनों हाथ को शुभम के रेशमी बालों में उलझा कर उसका मुंह और जोर से अपनी बुर पर दबाना शुरू कर दी सरला की हरकत देखकर शुभम समझ गया कि अब सरला उसका लंड मुंह में लेने के लिए तैयार हो जाएगी इसलिए वह सरला की बुर पर से अपना मुंह हटाया और सरला को दिखाते हुए अपना लंड हिलाते हुए बोला....
मेरी जान सरला चाची मैं आपको पूरा मजा दूंगा लेकिन आप अभी एक बार मेरा लंड मुंह में लेकर मुझे तृप्त कर दो मुझे मस्त कर दो चाची....
(शुभम की यह बात सुनकर सरला अंदर तक सिहर उठे उसके मन में अनजान डर फैलने लगा वह आश्चर्य से शुभम की तरफ देखते हुए बोली)..
नहीं नहीं सुबह मुझसे यह बिल्कुल भी नहीं होगा (शुभम के हाथों में झूलते हुए लंड को देखते हुए )मैंने आज तक कभी भी इसे अपने मुंह में नहीं ली....
मैं जानता हूं चाची तभी तो कह रहा हूं कि बस इसे एक बार अपने मुंह में लेकर देखो इतना मजा आएगा कि सारे सुख इसके आगे फीका लगने लगेंगे बस एक बार अपने मुंह में ले लो मेरी बात मानो चाची( ऐसा कहते हुए सब घुटनों के बल आगे बढ़ने लगा और सरला उसे रोकते हुए बोली...)
नहीं नहीं सुभम मुझे डर लगता है मुझसे ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा....
कैसे नहीं हो पर चाची बस एक बार कोशिश तो करो सब कुछ हो जाएगा इतना मजा आएगा कि पूछो मत (ऐसा कहते हुए शुभम घुटनों के बल चलते हुए उसके बेहद करीब पहुंच गया इतना करीब कि उसका लहराता हुआ लंड उसके होंठ के केवल दो अंगुल दूर रह गया..एक मोटे तगड़े लंड को अपनी आंखों से इतने नजदीक लहराता हुआ देखकर सरला के तन बदन में उत्तेजना की चिंगारी फुटने लगी उत्सुकता बढ़ने लगी वह भी अपने मन में सोच रही थी कि एक बार ऐसा अनुभव लेने में कोई हर्ज नहीं है और यह वास्तविक था कि उसने आज तक किसी के भी लंड़कों मुंह मे नहीं ली थी ना जाने क्यों उसे लंड को मुंह में लेने में घिन्न आती थी।लेकिन बार-बार शुभम के समझाने की वजह से वह तैयार हो गई और अपना हाथ आगे बढ़ाकर शुभम के लंऊ को अपने हाथ में पकड़ ली.... पहली बार बरसों के बाद वह किसी के लंड को हाथ में ले रही थी अजीब सा सुख अजीब सा अहसास उसके तन बदन को झकझोर के रख दें रहा था। उसकी उंगलियां कांप पर हुई थी लेकिन मजा बहुत आ रहा था... सरला की नरम नरम उंगलियों के आगोश में अपने लंड को देखकर शुभम के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी।
लो ना चाची....
(शुभम की बात सुनकर भाई शुभम की तरफ नजर उठा कर देखने लगी शुभम की आंखों में लंड चुसाए जाने की उत्तेजना साफ नजर आ रही थी... सरला के होंठ फड़क रहे थे... वह धीरे-धीरे अपने होंठ को आगे लाकर जैसे ही उसे शुभम के मोटे लंड के सुपाड़े का स्पर्श हुआ उसका तन बदन में जैसे बिजली दौड़ गई हो.... उसका पूरा बदन झनझना गया.... लैंड को मुंह में लेने से पहले ही सरला को इस बात का आभास हो गया कि वास्तव में मुंह में लंड लेने से औरतों को अत्यधिक आनंद की अनुभूति होती है इसलिए वह अपने होंठ खोल कर तुरंत शुभम के लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लीपहले तो उसे अजीब सा लगा लेकिन धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा और आहिस्ता आहिस्ता मैं शुभम के संपूर्ण मोटे तगड़े लंड को गले तक उतार कर चूसना शुरू कर दी कुछ ही पल में उसे शुभम के लंड चूसने में बेहद आनंद की अनुभूति होने लगी शुभम भी धीरे-धीरे अपनी कमर को आगे पीछे करते हुए सरला को अपना लंड चूसने में मदद कर रहा था।
पंखा चालू होने के बावजूद भी दोनों पसीने से तरबतर हो चुके थे दीवार पर टांगने घड़ी में 3:00 का समय हो रहा था।दुनिया से बेखबर दोनों अपनी उम्र की मर्यादा को भूल कर एक दूसरे को आनंद देने में लगे हुए थे। देखते ही देखते सरला लंड चूसने में माहिर नजर आने लगी वह बड़ी शिद्दत से शुभम के मोटे तगड़े लंड को ऊपर से लेकर नीचे तक बराबर जीव लगा कर चाट रही थी... उसके लंड चाटने की अदा से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे युद्ध से पहले तलवार में धार दी जा रही हो...
तेरे मासूम चेहरे को देखकर लगता नहीं है कि तू इतना बड़ा शैतान होगा कितनी गंदी गंदी बातें करता है ...(शुभम के लहराते हुए लंड को चोर नजरों से देखते हुए)
चाची जी अब तो चेहरा देखकर पता करना मुश्किल होता है कि इस के मन में क्या चल रहा है और वैसे भी देखो ना कल जब आप घर से बाहर निकलोगी तो कोई आपके खूबसूरत चेहरे को देखकर यह नहीं समझ पाएगा कि आप खुद अपने कमरे में अपने पड़ोसी के लड़के से जी भर कर चुदवाई की है।....
दैया रे दैया तु कितना बेशर्म है रे....?
बेशर्म नहीं चाची दीवाने हो गए हैं आपके....(एक हाथ सरला की चूची पर रख कर बोला)
हरामखोर तेरी उम्र देख और मेरी उम्र देख।
अगर उम्र ही देखता तो तुम्हारी जमकर चचदाई नहीं करता और चाची सच कहूं तो अगर तुम भी उम्र की मर्यादा को देखती तो एक जवान लंड का स्वाद नहीं चख पाती.... देखी नही कितना लहरा लहरा कर ले रही थी...(सरला की मदमस्त चुचियों पर एक बार फिर से छाता हुआ बोला...)
सच कहूं तो सुभम मैंने जिंदगी में आज तक तेरे जैसा बेशर्म लड़का नहीं देखा मैं तेरे बारे में क्या-क्या सोचती थी... लेकिन तू तो एकदम बेशर्म निकला...
चाची अगर मैं बेशर्म नहीं होता ना तो तुम्हारी जैसी खूबसूरत औरत को अपने नीचे नहीं ला पाता... (शुभम अपनी हथेलियों को सख्ती से सरला के दशहरी आम पर वापस कसने लगा और दूसरे हाथ से अपने लंड को हिलाता रहा जोकि सरला चोर नजरों से बराबर देख रही थी... और यह देखकर शुभम बोला)
देखने से अच्छा अगर चाची इसको पकड़कर हीलाओगी ना तो और ज्यादा मजा आएगा....
(शुभम की बात सुनकर सरला एकदम से झेंप गई)
धत्त कैसी बातें करता है तु.... (इतना कहकर वह बिस्तर से उठने लगी और अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोली) मैं जा रही हूं कपड़े पहनने तू भी अब यहां से चला जा मैं नहीं चाहती कि किसी को इस बात का पता चले और मेरी बदनामी हो जाए....(इतना कहकर वह बिस्तर से उठ नहीं जा रही थी कि शुभम फुर्ती दिखाते हुए तुरंत उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा हुआ जिससे नंगी सरला एक बार फिर से अपने खूबसूरत बदन को संभालने के चक्कर में शुभम के ऊपर गिर गई और शुभम उसे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया.... शुभम एकाएक एकदम उत्तेजित हो गया था क्योंकि जब वो उठने को हुई तो सरला की भारी-भरकम गांड जो कि पहले से ही शुभम की कमजोरी रही है उसे देखते ही शुभम के तन बदन में सुरसुरी पैदा हो गई और वह अपनी उत्तेजना को काबू में नहीं कर पाया और सरला को अपनी तरफ खींच लिया सरला इस समय उसके ऊपर पेट के बल पसरी हुई थी और वह उठने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं कर रही थी जिससे साफ प्रतीत हो रहा था कि वह भी यही चाहती थी शुभम तुरंत अपने दोनों हाथ उसके चिकने पीठ से होते हुए नीचे की तरफ ले आया और अपनी हथेलियों में उसके दोनों खरबूजे जैसे नितंबों की फांक को पकड़कर तुरंत दबाना शुरू कर दिया....जिससे एक बार फिर से सरला के बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ में लगी और उसके मुख से गर्म सिसकारी निकल गई।
ससससससहहहहहह ईईईई..... शुभम क्या कर रहा है मुझे जाने दे...
ऐसे कैसे जाने दूं मेरी जान..... (शुभम के मुंह से जान शब्द सुनकर सरला पहले तो चौक गई लेकिन उसे सुनकर उसके तन बदन में कुछ कुछ होने लगा जान शब्द सुनकर उसे ऐसा लगने लगा कि उसके बदन में जवानी फिर लौट आई है और शुभम उसे अपना प्रेमी नजर आने लगा लेकिन फिर भी उसकी इस बात का विरोध करते हुए बोली...)
यह क्या कह रहा है तू तुझे जरा भी एहसास है कि तू मुझे क्या कह रहा है।
मैं अच्छी तरह से जानता हूं सरला डार्लिंग मैं तुम्हें चाची कह सकता हूं लेकिन मुझे तुम इस समय अपनी प्रेमिका की तरह लग रही हो.....(इतना कहते हुए वह लगातार सरला की बड़ी बड़ी गांड से खेल रहा था और नीचे से अपने मोटे तगड़े लंड की रगड़ को एक बार फिर से सरला की बुर पर घर्षण करके उसे गर्म कर रहा था....)
तू छोड़ सुबह मुझे जाने दे एक बार हो गया सो हो गया दोबारा मुझे ऐसी गलती नहीं करनी है...
लेकिन मुझे तो करनी है चाची क्या करूं तुम्हारी मदहोश जवानी मुझे पागल कर रही है तभी तो देखो ना एक बार जमकर चुदाई करने के बाद भी मेरा लंड खड़ा का खड़ा है....
तो इसमें मैं क्या कर सकती हूं मैं तेरे लंड को ठंडा करने का क्या मैंने ठेका ले कर रखी हूं। (सरला भी उसी के रंग में रंगने लगी उसे भी अश्लील बातें करने में मजा आने लगा)
तुम कुछ भी कहो चाची लेकिन मैं शांत रहने वाला नहीं हूं तुम्हारी बड़ी बड़ी गांड ( दोनों हाथों से गांड पर चपत लगाते हुए) मुझे पागल कर रही है मुझसे रहा नहीं जा रहा है....
आहहहहहहह .... दुखता है......
लेकिन मजा भी तो आ रहा है चाची.....
लेकिन मुझे नहीं आ रहा है मुझे जाने दे और तू चला जा नहीं तो मैं तेरी मम्मी को फोन कर कर इधर बुला लूंगी....
तो बुला लो बुला लो मम्मी को तो भी अपनी आंखों से देखे कि उनका लड़का जवान हो गया है और जवानी का जोश सरला चाची पर उतार रहा है....
बाप रे कितना हरामि हो गया है तू धीरे-धीरे करके तेरे बारे में समझ में आ रहा है कि तू कितना बड़ा दुष्ट है ....(फिर से शुभम की पकड़ से अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए)
धीरे-धीरे सब समझ में आ जाएगा मेरी जान....(सरला जैसी उम्रदराज औरत को जान कहने में शुभम को अत्यधिक सुख की अनुभूति हो रही थी जिस तरह से वह उसकी गांड को जोर-जोर से चपत लगाते हुए मसाल रहा था उससे शुभम की उत्तेजना निरंतर बढ़ती जा रही थी और यही हाल सरला का भी हो रहा था.... शुभम भी अच्छी तरह से समझ रहा था कि सरला का भी मन दोबारा लेने का हो रहा है लेकिन वह अपने मुंह से कह नहीं पा रही है इसलिए वह पूरी तरह से उत्तेजित होकर सरला को अपनी बाहों में लेते हुए पलट गया और वह सरला के ऊपर आ गया और सरला पेट के बल चीत हो गई और धीरे-धीरे वह नीचे की तरफ आते हुए एक बार फिर से सरला की टांगों के बीच में आ गया और अपने होंठ को सरला की चुदी हुई बुर के ऊपर रखकर चाटना शुरु कर दिया.... शुभम को सरला के नमकीन पानी और अपने लावा का मिलाजुला मिश्रण का स्वाद मिल रहा था लेकिन सरला शुभम की इस हरकत से एकदम से उत्तेजित होने लगे और एक बार फिर से शुरू में लंड को बुर में लेने की इच्छा जागने लगी शुभम के मन में कुछ और चल रहा था शुभम सरला को अपना लंड चटवाना चाहता था....और वो जानता था कि सरला इसे तैयार नहीं होगी इसके लिए उसे एकदम मदहोश करना जरूरी है उसकी आंखों में खुमारी भर देना जरूरी है और इसीलिए वह सरला को पूरी तरह से अपनी जीभ से मस्त कर देना चाहता था और वह जितना हो सकता था उतना जीभ सरला की बुर में डालकर उसके मदन रस को चाटना शुरू कर दिया था.... शुभम पागलों की तरह बुर रूपी कटोरी में से सरला के मदन रस को दूध की तरह चाटना शुरु कर दिया शुभम की इस हरकत की वजह से सरला बिस्तर पर छटपटा रही थी उसका पूरा बदन कसमसा रहा था उसकी मदमस्त बड़ी-बड़ी चूचियां पानी भरे गुब्बारे की तरह लहरा रही थी..एक बार फिर से सरला का कमरा सरला की मदहोश कर देने वाली सिसकारीयो से गुंजने लगा.... शुभम गहरी गहरी सांसे ले लेकर सरला की बुर चाटने में लगा हुआ था बरसों बाद सरला को ऐसा सुख प्राप्त हो रहा था कि इस उम्र के दौरान कोई नौजवान लड़का उसकी बुर पर स्वाद ले रहा था और उसे भी बुर चटाई का पूरा मजा दे रहा था सरला तो मस्त हुए जा रही थी वह बिस्तर पर सर पटक पटक कर आनंद ले रही थी दोनों इस समय कमरे में संपूर्ण नग्ना अवस्था में थे....
सरला की गर्म सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थी...
सससहहहहहहह... आहहहहहहह ... आहहहहहहह शुभम और चाट जी भरकर चाट.... आज्हहहहहहहभमुझे मजा आ रहा है बहुत मजा आ रहा है तूने तो मुझे मस्त कर दिया ऐसे ही चाट.... ऊममममममम ......(गरम सिसकारियां लेते हुए सरला अपने दोनों हाथ को शुभम के रेशमी बालों में उलझा कर उसका मुंह और जोर से अपनी बुर पर दबाना शुरू कर दी सरला की हरकत देखकर शुभम समझ गया कि अब सरला उसका लंड मुंह में लेने के लिए तैयार हो जाएगी इसलिए वह सरला की बुर पर से अपना मुंह हटाया और सरला को दिखाते हुए अपना लंड हिलाते हुए बोला....
मेरी जान सरला चाची मैं आपको पूरा मजा दूंगा लेकिन आप अभी एक बार मेरा लंड मुंह में लेकर मुझे तृप्त कर दो मुझे मस्त कर दो चाची....
(शुभम की यह बात सुनकर सरला अंदर तक सिहर उठे उसके मन में अनजान डर फैलने लगा वह आश्चर्य से शुभम की तरफ देखते हुए बोली)..
नहीं नहीं सुबह मुझसे यह बिल्कुल भी नहीं होगा (शुभम के हाथों में झूलते हुए लंड को देखते हुए )मैंने आज तक कभी भी इसे अपने मुंह में नहीं ली....
मैं जानता हूं चाची तभी तो कह रहा हूं कि बस इसे एक बार अपने मुंह में लेकर देखो इतना मजा आएगा कि सारे सुख इसके आगे फीका लगने लगेंगे बस एक बार अपने मुंह में ले लो मेरी बात मानो चाची( ऐसा कहते हुए सब घुटनों के बल आगे बढ़ने लगा और सरला उसे रोकते हुए बोली...)
नहीं नहीं सुभम मुझे डर लगता है मुझसे ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा....
कैसे नहीं हो पर चाची बस एक बार कोशिश तो करो सब कुछ हो जाएगा इतना मजा आएगा कि पूछो मत (ऐसा कहते हुए शुभम घुटनों के बल चलते हुए उसके बेहद करीब पहुंच गया इतना करीब कि उसका लहराता हुआ लंड उसके होंठ के केवल दो अंगुल दूर रह गया..एक मोटे तगड़े लंड को अपनी आंखों से इतने नजदीक लहराता हुआ देखकर सरला के तन बदन में उत्तेजना की चिंगारी फुटने लगी उत्सुकता बढ़ने लगी वह भी अपने मन में सोच रही थी कि एक बार ऐसा अनुभव लेने में कोई हर्ज नहीं है और यह वास्तविक था कि उसने आज तक किसी के भी लंड़कों मुंह मे नहीं ली थी ना जाने क्यों उसे लंड को मुंह में लेने में घिन्न आती थी।लेकिन बार-बार शुभम के समझाने की वजह से वह तैयार हो गई और अपना हाथ आगे बढ़ाकर शुभम के लंऊ को अपने हाथ में पकड़ ली.... पहली बार बरसों के बाद वह किसी के लंड को हाथ में ले रही थी अजीब सा सुख अजीब सा अहसास उसके तन बदन को झकझोर के रख दें रहा था। उसकी उंगलियां कांप पर हुई थी लेकिन मजा बहुत आ रहा था... सरला की नरम नरम उंगलियों के आगोश में अपने लंड को देखकर शुभम के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी।
लो ना चाची....
(शुभम की बात सुनकर भाई शुभम की तरफ नजर उठा कर देखने लगी शुभम की आंखों में लंड चुसाए जाने की उत्तेजना साफ नजर आ रही थी... सरला के होंठ फड़क रहे थे... वह धीरे-धीरे अपने होंठ को आगे लाकर जैसे ही उसे शुभम के मोटे लंड के सुपाड़े का स्पर्श हुआ उसका तन बदन में जैसे बिजली दौड़ गई हो.... उसका पूरा बदन झनझना गया.... लैंड को मुंह में लेने से पहले ही सरला को इस बात का आभास हो गया कि वास्तव में मुंह में लंड लेने से औरतों को अत्यधिक आनंद की अनुभूति होती है इसलिए वह अपने होंठ खोल कर तुरंत शुभम के लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लीपहले तो उसे अजीब सा लगा लेकिन धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा और आहिस्ता आहिस्ता मैं शुभम के संपूर्ण मोटे तगड़े लंड को गले तक उतार कर चूसना शुरू कर दी कुछ ही पल में उसे शुभम के लंड चूसने में बेहद आनंद की अनुभूति होने लगी शुभम भी धीरे-धीरे अपनी कमर को आगे पीछे करते हुए सरला को अपना लंड चूसने में मदद कर रहा था।
पंखा चालू होने के बावजूद भी दोनों पसीने से तरबतर हो चुके थे दीवार पर टांगने घड़ी में 3:00 का समय हो रहा था।दुनिया से बेखबर दोनों अपनी उम्र की मर्यादा को भूल कर एक दूसरे को आनंद देने में लगे हुए थे। देखते ही देखते सरला लंड चूसने में माहिर नजर आने लगी वह बड़ी शिद्दत से शुभम के मोटे तगड़े लंड को ऊपर से लेकर नीचे तक बराबर जीव लगा कर चाट रही थी... उसके लंड चाटने की अदा से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे युद्ध से पहले तलवार में धार दी जा रही हो...