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मेरे स्तनो पर वीर्य वर्षा कर दो

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Antarvasna, hindi sex story: मेरा नाम विनोद है मैं लखनऊ का रहने वाला हूं मेरी उम्र 27 वर्ष है हमारे पड़ोस में एक साउथ इंडियन परिवार रहने के लिए आया। जब वह लोग हमारे पड़ोस में रहने लगे तो हम लोगों की उनसे अच्छी बनने लगी थी उनकी लड़की नैना मुझे बहुत पसंद थी। नैना को मैंने कभी अपने दिल की बात नहीं कही मैं मन ही मन नैना को चाहने लगा था और मैं चाहता था कि नैना से मैं अपने दिल की बात कहूं। उसी बीच नैना की सगाई हो गई मुझे यह बात बहुत बुरी लगी मैं चाहता था कि नैना से मैं अपने दिल की बात कहूं लेकिन मेरे अंदर हिम्मत नहीं थी और मैंने नैना को अपने दिल की बात नहीं कही। हम लोग आपस में बहुत कम बातें किया करते थे एक दिन नैना बस स्टॉप पर खड़ी बस का इंतजार कर रही थी तो मैंने नैना को कहा मैं तुम्हें तुम्हारे ऑफिस छोड़ देता हूं।

नैना कहने लगी नहीं मैं चली जाऊंगी लेकिन मेरे कहने पर नैना बात मान गई और वह मेरे साथ बाइक पर बैठ गयी मुझे बहुत खुशी हो रही थी मैं अपने मन ही मन में कल्पना करने लगा। मैं सोचने लगा कि काश नैना मेरी हो जाती लेकिन ऐसा कहां संभव होने वाला था और यह सब इतना आसान होता हुआ भी नहीं दिखाई दे रहा था। नैना की सगाई हो चुकी थी और उसे यह बात पता भी नहीं थी कि मैं उसे चाहता हूं मेरे लिए भी यह बहुत मुश्किल होने वाला था क्योंकि यह सब एक तरफा ही था। मेरे दिल में नैना के लिए बहुत जगह थी और मैं चाहता था कि नैना को मैं अपने घर की शोभा बनाऊँ लेकिन फिलहाल तो यह सब दूर की कौड़ी नजर आ रही थी। नैना का ऑफिस आ चुका था और वह मुझे कहने लगी कि मेरा ऑफिस आ चुका है तुम मुझे यही छोड़ दो। मैंने नैना को उसके ऑफिस में छोड़ दिया था और मैं अपने ऑफिस चला गया मैं सिर्फ अपने इसी ख्याल में डूबा हुआ था कि काश मैं नैना को अपने दिल की बात कह पाता लेकिन शायद मेरी किस्मत में यह सब होता हुआ मुझे दिख नहीं रहा था। मैंने जब नैना को एक दिन रेस्टोरेंट में उसी लड़के के साथ देखा जिसके साथ उसकी सगाई हुई थी तो मुझे बहुत बुरा लगा। मैं रेस्टोरेंट में ही बैठा हुआ था नैना ने मुझे देखा नहीं था मैं उन दोनों की तरफ काफी देर से देखे जा रहा था मेरे साथ मेरा दोस्त भी था वह मुझे कहने लगा कि विनोद तुम इतनी देर से उस लड़की की तरफ ऐसे क्या देख रहे हो।

मैंने उसे सारी बात बताई वह मुझे कहने लगा कि यार तुम्हें नैना को पहले ही सब बता देना चाहिए था क्या पता वह भी तुमसे प्यार करती हो। मैंने जब अपने दोस्त को कहा मुझे उम्मीद नहीं है कि नैना मुझसे प्यार करती है लेकिन मैं नैना से बहुत प्यार करता हूं और मुझे वह पसंद है। मेरा एक तरफा प्यार अब और भी ज्यादा बढ़ता जा रहा था नैना और मेरे बीच में नजदीकियां बढ़ने लगी। जब नैना ने मेरा ऑफिस जॉइन कर लिया तो नैना और मैं एक ही ऑफिस में काम करने लगे थे इसलिए हम लोग हमेशा एक साथ ही जाया करते थे नैना मेरे साथ ही ऑफिस जाती थी। नैना को भी धीरे-धीरे मेरे बारे में पता चलने लगा कि मैं उससे प्यार करता हूं आखिर उसने कह दिया कि क्या तुम मुझसे प्यार करते हो। मैं भी शायद नैना की बात को मना ना कर सका और मैंने नैना को कहा कि हां मैं तुमसे प्यार करता हूं। जब मैंने यह बात नैना को कहीं तो नैना मुझे कहने लगी कि क्या तुम मुझे यह सब पहले नहीं बता सकते थे। मैं इस बात से चौक गया मैंने नैना को कहा लेकिन मैं तुम्हें यह सब पहले भी बताता तो कौन सा तुम मुझसे प्यार करने वाली थी। नैना मुझे कहने लगी कि मुझे मालूम है कि तुम्हे यही लगता होगा कि मैं तुमसे प्यार नहीं करती थी लेकिन मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं जब से मैंने तुम्हें देखा है तब से ही मेरे दिल में तुम्हारे लिए बहुत जगह है। अब मैं इस कशमकश में फंसा हुआ था कि मुझे क्या करना चाहिए ना तो यह नैना को समझ आ रहा था और ना ही मुझे कुछ समझ आ रहा था कि हम लोगों को क्या करना चाहिए। नैना की सगाई हो चुकी थी और सब कुछ हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा था नैना मुझे कहने लगी कि विनोद तुम्हें ही कुछ करना पड़ेगा।

नैना के परिवार के साथ हमारे काफी अच्छे संबंध है क्योंकि वह लोग हमारे पड़ोस में रहते हैं और नैना के परिवार का हमारे घर पर भी आना जाना था लेकिन मेरे अंदर बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हुई कि मैं नैना के परिवार के किसी भी सदस्य से इस बारे में बात करूं। आखिरकार मैंने हिम्मत दिखाते हुए अपनी मां को इस बारे में कहा तो मेरी मां कहने लगी कि बेटा तुमने पहले क्यों नहीं बताया अब तो नैना की सगाई हो चुकी है और मुझे नहीं लगता कि उसका परिवार तुम दोनों के रिश्ते को स्वीकार करेगा वह लोग हमसे पूरी तरीके से अलग हैं उनकी संस्कृति और उनका रहन-सहन हमसे अलग है। मैंने मां से कहा मां वह सब तो ठीक है लेकिन आप मुझे यह बताओ कि अभी हमें क्या करना चाहिए तो मेरी मां ने मुझे हिम्मत देते हुए कहा कि तुम चिंता मत करो मैं कुछ सोचती हूं। मां ने जब नैना की मां से इस बारे में बात की तो उन्हें यह बात बहुत बुरी लगी और कुछ समय तक तो वह लोग हमसे बात नहीं कर रहे थे लेकिन उन्हें भी नैना की खुशियों के लिए बदलना पड़ा और उन्होंने ही नैना के रिश्ते के लिए मेरे पापा से बात की। सब कुछ इतना जल्दी हो गया कि मुझे कुछ पता नहीं चला नैना के माता पिता ने मुझे कहा कि बेटा हमने नैना को बहुत प्यार से पाला है और हम चाहते हैं कि तुम नैना का पूरा ख्याल रखो।

मैंने उन्हें कहा मैं नैना का पूरा ख्याल रखूंगा। कुछ समय बाद नैना और मेरी सगाई हो गई मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि नैना के साथ मेरे सगाई हो जाएगी मैं बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि नैना के साथ मेरी सगाई हो चुकी थी। नैना और मैं अक्सर एक दूसरे से मिला करते थे मुझे नैना से मिलकर बहुत ही अच्छा लगता था। जब एक दिन नैना घर पर आई हुई थी हम दोनों रूम में बैठे हुए थे। नैना ने अपने हाथों को मेरे छाती पर रखा तो मैंने उसे कहा तुमने मेरी छाती पर अपने हाथ को क्यों रखा? वह कहने लगी बस ऐसे ही आज तुम्हें छेड़ने का मन कर रहा था तो सोचा तुम्हारी छाती पर अपने हाथ को लगा दूं। मैं कुछ समझ नहीं पाया लेकिन मैंने भी नैना के स्तनों पर अपने हाथ को रखा तो वह कहने लगी तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। मैंने उसे कहा बस ऐसे ही मेरा भी मन तुम्हें छूने का कर रहा था वह मुझे कहने लगी तुम बहुत शरारती हो गए हो। मैंने उसे कहा शरारत तो होना ही पड़ेगा शरारत करने का समय आ गया है मैंने नैना को अपनी बाहों में लिया तो वह मुझे कहने लगी मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मैंने उसे अपने नीचे लेटाते हुए उसके होठों को चूमना शुरू किया उसके गुलाबी होठों का रसपान में काफी देर तक करता रहा। उसके स्तन को भी मैं अपने हाथों से दबाने लगा था उसे बहुत ही अच्छा लगा और काफी देर तक मैंने उसके साथ ऐसा ही किया। हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित हो गए थे मैंने नैना के बदन से कपड़े उतारने शुरू कर दिए मैंने उसकी ब्रा को खोलकर उसके स्तनों को अपने मुंह में लिया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं उसके स्तनों को बहुत देर तक चूसता रहा वह अपने काबू से बाहर हो चुकी थी वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाल कर नैना के स्तनों के बीच रगडना शुरू किया उसे भी अच्छा लगने लगा।

वह मेरे लंड को हिलाने लगी मैंने अपने दोनों पैरों को खोला तो नैना ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया और उसे बड़े अच्छे तरीके से चूसने लगी। जब वह मेरे लंड को अंदर बाहर करती तो मुझे बहुत अच्छा लगता और नैना पूरी तरीके से उत्तेजित हो जाती वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। नैना की चूत के अंदर जैसे ही मैंने अपने लंड को रगडना शुरू किया तो उसकी चूत पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी। मुझे उसकी योनि को चाटने का मन होना लगा मैने नैना से कहा मुझे तुम्हारी चूत को चाटना है। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह मचलने लगी। मैंने जब धीरे से अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मेरा लंड नैना की चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था नैना की चूत से खून बाहर निकलने लगा उसकी टाइट चूत इतनी ज्यादा टाइट होने लगी कि मैं उसे और भी ज्यादा तेजी से धक्के मारने लगा था।

मैंने उसके दोनों पैरों को खोल लिया था वह अपने मुंह से लगातार तेज आवाज में सिसकियां ले रही थी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने नैना के पैरों को कुछ देर बाद अपने कंधों पर रखते हुए और भी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। नैना को भी बड़ा आनंद आने लगा नैना अपने मुंह से लगातार तेज आवाज मे सिसकिया ले रही थी कुछ देर बाद वह मेरे ऊपर से आई और उसने अपनी चूत में लंड घुसा लिया। मेरा लंड नैना की चूत के अंदर तक जा चुका था मुझे बहुत गर्मी महसूस होने लगी मैने उसे कहा मेरे लंड से मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकलने वाला है। मैंने जब नैना को कहा कि मुझे लग रहा है कि मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला है तो नैना कहने लगी तुम उसे मेरे स्तनों पर गिरा देना। मैंने कहा ठीक है मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और तेजी से चोदना शुरू किया जब मैंने उसे तेजी से धक्के देना शुरू किया तो मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला था। जैसे ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिरा तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हुआ नैना के चेहरे पर भी खुशी थी।
 
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