करीब एक घंटे बाद मेरे फोन की घंटी बजी , रानी वैसे ही नंगी ही सो रही थी ,
फोन अम्मी का था , उनसे मुझको पूछा किधर हूँ खाना खाऊंगा की नहीं ,
मैंने मना कर दिया और उनको बोल दिया की मैं घर पर लेट आऊंगा .....
रानी भी जग गयी थी फोन की घंटी सुनकर उसके बड़े-बड़े बूब मुझको उकसा रहे थे ,
लेकिन मुझको पेशाब लग रहा था , में उठकर बाथरूम जाने लगा तो रानी बोली : किधर जा रहे हो जाहिद ??
मैं : रानी पेशाब लग रही है बाथरूम जा रहा हूँ !
रानी : रुको ना में भी चलती हूँ , रानी बड़ी ही अदा से खड़ी हुई और अपनी कमर मटकाती हुई बाथरूम की तरफ चलने लगी ,
उसकी मटकती कमर गांड और बूब देख कर मेरा लंड फिर से सलामी देने लगा था , लेकिन पहले पेशाब करना था ,
हम दोनों साथ ही बाथरूम में घुस गए , में कमोड के पास जाने लगा तो रानी ने मुझको रोक लिया ,
वो बोली : जाहिद तुम मुझको गोल्डन शॉवर दो ना !!
मैं : रानी यह क्या होता है मैं नहीं जानता हूँ ??
रानी :: ओह राजा मेरे जानूं , तुम मेरे चेहरे और बॉडी पे अपना पेशाब करो ना इसी को गोल्डन शॉवर कहते है आओ ...
यह कहकर वो घुटनो के बल मेरे सामने बैठ गयी उसका मुंह बिलकुल मेरे लंड के सामने था ,
मुझको यह सोच के भी अचम्भा हो रहा था की कोई मेरे पेशाब से शॉवर लेगा वो भी रानी ???
मुझे यह सब बहुत ही एक्साइटेट लग रहा था , फिर मैंने उसके चेहरे पे पेशाब करना शुरू किया
ओह उफ्फ यह क्या रानी ने तो अपना मुंह खोल लिया ओह्ह मेरा पेशाब उसके मुंह चेहरे से होते हुए उसके शरीर पे गिरने लगा ,
मुझको यह सब बहुत ही मजेदार लग रहा था रानी मेरे पेशाब को अपने मुंह में भी ले रही थी ,
वाह क्या मस्ती भरा सिन था यह मेरा लंड फिर से कड़क हो चुका था , तभी मेरा पेशाब बंद हो गया ,
रानी उठकर खड़ी हो गयी मेरा पेशाब उसके चेहरे और शरीर से टपक रहा था ,
उसने मेरा हाथ पकड़ा और शॉवर के निचे ले गयी उसने शॉवर ऑन कर दिया
हम दोनों शावर के निचे भीगने लगे वो मेरे सामने थे उसका लंड भी खड़ा हो चूका था और मेरा तो खड़ा ही था ,
हम दोनों आपस में टकरा रहे थे , इससे भी मेरी उत्तेजना बढ़ रही थी , तभी रानी ने साबुन उठा ली और मुझे मलने लगी ,
वो मेरे पीछे चली गयी और मेरी कमर पर साबुन लगाने लगी , मुझको बेहद ही मजा आ रहा था ,
तभी रानी साबुन को मेरे गांड के छेद पर मलने लगी उफ़ क्या एहसास था आज पहली बार किसी ने मेरा यह छेद छुआ था ,
वो अपनी अंगुलियों से मेरे छेद पर साबुन लगाने के साथ-साथ मसाज जैसा कर रही थी ,
इतनी उत्तेजना मुझको पुरे जीवन में नहीं हुई थी जितनी आज रानी ने की थी वाकई में वो बेजोड़ थी ,
मेरी हालत खराब हो रही थी अब मुझसे इन्तजार नहीं हो रहा था ,मैंने रानी को पकड़ लिया अपनी बांहो में
उसको चूमने लगा , उसके बूब दबाने लगा ,मेरा लंड उसकी गांड से चिपका हुआ था ,
मैंने आज तक बिना कॉन्डोम सिर्फ एक ही बार गांड मारी थी वो भी मेरे मामाँ के लड़के की
लेकिन आज में सब भूल कर रानी की गांड में अपना लंड डालना चाहता था ,
रानी भी तैयार हो गयी बाथरूम में तेल रखा हुआ था उसने वो मेरे लंड पे और अपनी गांड में लगाया ,
फिर वो मेरा लंड चूसने लगी , लंड चूसते-चूसते उसने मेरे आंड भी अपने मुंह में ले लिए ,
फिर वो मुझको घूमने को बोली , में समझा नहीं की वो मुझको घूमने को क्यों कह रही है ,
लेकिन फिर भी में घूम गया , फिर उसने मेरी गांड के छेद को अपनी अँगुलियों से चौड़ा किया ,
ओह फिर उसने वो किया जिसके बारें में मैं सोच भी नहीं सकता था ......उसने अपनी जीभ को मेरी गांड के छेद में डाल दिया ,
इतना मस्त एहसास था की बताया नहीं जा सकता बस इतना सुनलो की मजे के मारे मेरे मुंह से चीख निकल गयी ,
फिर रानी ने अपनी जीभ को गोल कर लिया और और मेरी गांड में अंदर-बाहर करने लगी ,
मतलब वो अपनी जीभ से मेरी गांड मार रही थी उसकी गीली और रसीली जीभ से मेरी गांड थर-थराने लगी ,
मजे के मारे मेरा बुरा हाल था मेरे लंड की नसे मानों फटने को थी , रानी ने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया
उसकी जीभ अभी भी चल रही थी ...मानो मेरी गांड मार रही हो जैसे , मेरे लंड को वो मुठियाने लगी ,
मेरा बुरा हाल था एक तरफ मेरी गांड में उसकी जीभ थी और दूसरी तरफ उसका हाथ मेरा लंड हिला रहा था ,
अब मुझसे सब्र नहीं हुआ मैंने उससे अपना लंड छुड़ाया उसको पकड़ा और घोड़ी बनाकर उसके गांड में अपना लंड ठेल दिया ,
लेकिन मेरा लंड आज कुछ ज्यादा ही मोटा हो चुका था इसलिए अंदर नहीं गया मैंने रानी की गांड में अपना थूक लगाया
अपने लंड को भी लगाया फिर तेल दिया रानी की गांड में , रानी चिल्ला पड़ी :: ओह्ह्ह... मर गयी ओह मां..छोडो निकालो प्लीज...
लेकिन मैंने धक्के देने बंद नहीं किये जल्द ही मेरा लंड उसकी गांड में पूरी तरह से सेट हो गया अब रानी को मजा आने लगा था ,
में अब जोर जोर से लंड पेलने लगा... जोर जोर से लंड अन्दर बाहर, अन्दर बाहर करते हुए धक्कम पेल, धक्कम पेल मचाने लगा,
रानी ने भी गांड ढीली छोड़ कर मेरे लंड के हवाले कर दी... उसको मेरे मोटे लंड से दर्द हो रहा था, गांड जलने लगी थी,
पर चुपचाप चुदा रही थी , सच में वो बहुत ही अच्छी आइटम थी इतने अच्छे तरिके से शायद ही कोई गांड मरवाये ,
उसकी गांड का छेद अब सूज कर लाल हो चुका था... पर ना मेरा मन मान रहा था, ना उसका,
करीब बीस मिनिट की भयंकर चुदाई के बाद बाद में गांड में ही झड़ गया ,
मेरे गाढ़े, गरम वीर्य की पिचकारियां उसकी गांड में साफ़ साफ़ महसूस हो रही थीं.
हम दोनों इस ताबड़-तोड़ चुदाई से हांफने लगे थे..... हम तक भी गए थे ,
फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से निकाला मेरा लंड मेरे वीर्य और उसकी टट्टी से सन चूका था
जिसको देख रानी हंसने लगी फिर रानी ने साबुन से मेरा लंड और अपनी गांड साफ़ की ,
रानी न गीजर चला दिया और फिर हम दोनों ने साथ ने स्नान किया स्नान के दौरान मैंने रानी के लैंड को हिलाकर
उसका भी वीर्य निकलवा दिया... फिर मैंने बाहर आकर दो पेग बनाये और एक रानी को दिया और एक मैंने ले लिया
हम दोनों कपड़े पहनकर बातें करने लगे इस दौरान रानी और मैंने एक-दूसरे के फोन नंबर ले लिए
रानी को मैंने संडे को फिर मिलने का वादा भी किया , फिर मैंने रानी को पैसे दे दिए और 5 हजार टिप भी दी ..
फिर मैंने उसको किस किया, मुन्ना को फोन किया और में घर की तरफ निकल गया ....
रास्ते में मैंने घड़ी देखि तो रात के 2 बज चुके थे !!!!