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पारूल-ओह्ह..भैया…अह्ह्ह्ह…आहह
मैं- येस्स..बेटा…यस…
पारूल-भैया.आआ…..आहह..आहह…आहह….
पूरे रूम मे अब आवाज़े गूंजने लगी
फ़फफूूककचह..फ़फफूूक्चह्त…….टत्त्तप्प्प….त्ततप्प्प…त्तप्प..आहह…उउउंम..हमम्म..भीयाअ……आहः….आहह..उउफ़फ्फ़…ऊहह
…ऊहह….फ्फक्च्छ..फ़फफुक्चह…..भैया….त्थ्ह्प्प…त्तप्प्प..आहहह..अहहहह…एस्स..येस्स……आहह…उउउंम्म…उउंम्म..ईएहह….बेटा..…ये ले…ये..बेटा…ओर ज़ोर से…ले..…
आहहह..फ़्फुूक्च..फ़्फुऊूउक्च…...
ताआप्प्प…आहह….उउम्म्म्मह…आहह..आहह…
और मैने भी झड़ने लगा…..
मैं- मैं भी आय्या....बेटा...
पारूल-आअहह..भैया...डाल्ल..दो....आहह..अंदर..हीईीईई..आहह
मैं-यीहह...यीहह..यीहह..ये..ले...
पारूल-आअहह..भैया....अंदर ही...आह....भर...दो..उउउफ़फ्फ़...ऊहह..ऊहह...ऊहह
मैं फाइनली पारूल की चूत मे झड़ने लगा ऑर पायल की चूत को अपने लंड रस से भर दिया...
जब मैं पूरा झड गया तो बेड पर जा कर लेट गया ऑर पारूल सोफे पर ही पड़ी रही….
थोड़ी देर रेस्ट करने के बाद मैं बाथरूम जा कर फ्रेश हुआ ऑर बपस बेड पर लेट गया…
पारूल भी उठ कर फ्रेश हो आई ऑर बेड पर आ कर मेरे सीने पर चढ़ कर मुझे किस करने लगी….
जब उसने मुझे मन भर के किस कर लिया तो वो मेरे उपर ही लेट गई ऑर बोली….
पारूल- भैया…मज़ा आ गया…आप बहुत अच्छा करते हो..
मैं- क्या करता हूँ…
पारूल- चुदाई…(ऑर शर्मा गई)
मैं- ह्म्म…चुदाई करती हो तो शरमाना छोड़ दो…
पारूल- जी भैया…पर…
मैं- क्या हुआ…
पारूल- भैया…वो आपने मेरी चूत मे ही पानी डाल दिया….कुछ हो गया…तो..???
मैं- कुछ नही होगा…तुम्हे टॅबलेट दे दूँगा..खा लेना…ओके
पारूल- जी भैया...
मैं- अब खुश हो ना...खुजली मिट गई...
पारूल- जी भैया…पर इतनी खुजली क्यो हो रही थी आज…???
मैं- तुम्हारी चूत आज ही खुली थी ना..तो शुरू मे ज़्यादा मन होता है बार-बार करने का…
पारूल- तो मेरा मन होगा तो..
मैं- अरे तुम्हारा भैया है ना…
पारूल- मतलब आप रोज करोगे ना…
मैं- ह्म्म..कुछ दिन बस…उसके बाद खुजली कम हो जायगी ऑर फिर तुम पढ़ाई करना ओके..
पारूल- जी भैया..
मैं- अब सो जाओ..कल निकलना है हमें…
पारूल- ठीक है ..मैं जाती हूँ…
मैं- अब कहाँ जाती हो…यही सो जाओ..सुबह निकल जाना…
पारूल- किसी ने देख लिया तो…
मैं-तो बोल देना कि जगाने आई थी ऑर रूम का गेट ओपन था..समझी..
पारूल- जी भैया…
मैं- अब आजा अपने भैया की बाहों मे…मस्त नीद आ रही है मुझे…
पारूल- भैया ..मैं आपको सुलाती हूँ…आप मेरी बाहों मे आ जाओ…
मैने फिर पारूल के सीने पर मुँह रखा ऑर उसके एक बूब को मुँह मे भर लिया…
पारूल-आहह..भैया…ये क्या…सोना नही है…
मैं- ऐसे ही सुलाओ ना…दूध पिलाते हुए…
पारूल- ठीक है भैया…आप पी लो…ये आपके लिए ही है…जितना चाहे पियो..ऑर सो जाओ..
मैं फिर पारूल के एक बूब को मुँह मे भर कर आँख बंद करके लेट गया ..ऑर पारूल मेरे सिर को सहलाते हुए मुझे सुलाने लगी….