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Guest
सोनू और मैं खाना खाने लगे…हम ने नॉर्मल बाते करते हुए ही खाना खाया ऑर उसके बाद टहलने लगे…..
थोड़ी देर बाद , सोनू दीपा को ले कर निकल गया ऑर मैं सोनम और मनु को ढूढ़ने लगा…कि शायद कोई तो अकेले मे मिल जाय….जिससे बात आगे बढ़ा सकूँ….
पर इस मामले मे मेरी किस्मत खराब निकली…मनु कामिनी के साथ निकल गई ऑर सोनम , अपनी माँ ऑर काजल के साथ…
जब सब निकल गये तो मैं क्या करूँ…यही सोच कर मैं भी निकल गया उसी जगह की तरफ , जहाँ मैं सबसे पहले गया था…
मैं चलते हुए आगे जा ही रहा था कि मुझे किसी के पुकारने की आवाज़ आई…
पीछे से कोई सुनिए-सुनिए कह कर बुला रहा था...जब मैने देख तो एक साइड मे मुझे एक लड़की दिखाई दी…जो ज़मीन पर चद्दर डाल कर बैठी हुई थी ओर मुझे हाथ हिलाते हुए बुला रही थी…..पर चेहरा सॉफ नही दिख रहा था...बालो की वजह से....
मैं(मन मे)- अब ये किसे बुला रही है....क्या मुझे...???...पर मुझे क्यों बुला रही है..कही चुदाई तो नही करवानी इसे भी…ह्म्म्मह हो भी सकता है…चलो अगर इसकी मिल गई तो ये आज की दूसरी न्यू चूत मिलेगी…
मैं अपना मूड बना कर उस लड़की के पास पहुच गया …पास जाते ही मैं उसे पहचान गया....ये तो ममता थी...पर ड्रेस चेंज थी उसकी...
मैं- ह्म्म्मल..तो तुम हो…यह क्या कर रही हो…
ममता- क्यो पहचाना नही था क्या...
मैं - अरे वो ड्रेस चेंज हो गई ना...तो
ममता - अरे वो उस ड्रेस पर कुछ गिर गया था तो चेंज कर ली...
मैं- ह्म्म..ये ड्रेस मस्त है...
ममता- सच मे...थॅंक यू
मैं - तो बताओ यहाँ क्या कर रही हो...???
ममता- मैं तो पेट पूजा करने बैठी हूँ…देखो..ये चिकन और ड्रिंक…दिखाई नही दिया क्या…
मैं- अच्छा…दिखाई तो दिया…पर ऐसे अकेले वो भी सुनसान जगह…कोई खाने पीने के लिए नही आता…समझी
ममता- बात तो सही है..पर मेरा मन हुआ ऑर मैं यहाँ आ गई..
( मैं जानता था कि ये यहाँ पर खाने-पीने नही आई है..पर सॉफ बोलती भी नही…चलो इसको अपने तरीके से हॅंडल करता हू……)
मैं- ओके…तो तुम अपने मन की करो ऑर मैं चला घूमने…
ममता- अरी..अर्रे…मेरी बात तो सुनो…
मैं- क्या बात….तुम खाने आई हो तो ऐश करो..मैं क्या करूगा…मैं खा कर आया हूँ
ममता- ओके…मैं सच बताती हूँ…पर पहले तुम बैठ जाओ प्लीज़
मैं- ह्म्म्मत
( ऑर मैं उसके साथ बैठ गया )
ममता- मान गये…दिमाग़ भी खूब चलता है आपका…
मैं- ह्म्म..तो अब बताओ यहाँ कैसे…???
ममता- वो , मैं बस आपके साथ अकेले मे बात करना चाहती थी..
मैं- अच्छा..बात करनी है तो करो ..वैसे तुम्हे कैसे पता कि मैं यहाँ आउगा…
ममता- अंदाज़ा लगाया था…आप पहले आए थे तो सोचा फिर से आओगे…
मैं- ओके..तो अब बोलो क्या बात है…
ममता- ओके..मैं सॉफ बोलती हूँ…मुझे भी आपके साथ मस्ती करनी है…
मैं-मस्ती मतलब क्या…???
ममता- अर्रे..आप भी..मस्ती मतलब मस्ती
मैं-वही तो , मस्ती मतलब कैसी मस्ती…???
ममता- अरे…चुदाई करनी है…अब समझे…
मैं- तो ऐसा बोलो ना…
ममता- अब सुन लिया…अब करोगे ना….
मैने सोचा कि इस साली को थोड़ा तड़पाया जाय...फिर इसको जम कर चोदुन्गा…
ममता- क्या हुआ…क्या सोचने लगे...*???
मैं- कुछ नही...तुम क्या कह रही थी
ममता- चुदाई …ऑर क्या
मैं- पर मेरा मूड नही अभी...
ममता(ज़ोर से) - मूड नही मतलब...सामने से चूत दावत दे रही है ऑर तुम्हारा मूड नही...
मैं- हाँ..मेरा मूड नही….अब चलूं मैं
ममता(चिल्लाते हुए)- नही..मूड क्यो नही है…???
मैं-पता नही , बस ऐसे ही...
ममता- तो मूड बनाओ ना…प्लीज़
मैं- ह्म्म्म..तो तुम मेरा मूड बनाओ…बोलो मुझे गरम कर सकती हो…???
ममता- ऐसी बात …तो अब देखो मेरा जलवा….
मैं-दिखाओ फिर…
ममता- अभी दिखाती हूँ…..पहले एक ड्रिंक तो लो…
मैं- ह्म्म..लाओ फिर…
इसके बाद ममता ने मुझे एक पेग बना कर दिया ऑर खुद भी ले लिया…
मैने पेग को मूह से लगाया भी नही था ऑर ममता अपना पूरा पेग एक बार मे ख़त्म कर गई और फिर ग्लास रख कर मुझे देखते हुए अपने होंठो को चबाने लगी…
मैं सीप लेते हुए ममता की हरकते देख रहा था ऑर ममता अपनी मस्ती मे मुझे गरम करने के लिए अपने जिस्म की नुमाइश कर रही थी….
पहले ममता चद्दर पर लेट गई ऑर अपने बूब्स ड्रेस के उपर से ही मसलने लगी…उसने एक मस्त ड्रेस पहनी हुई थी जो उसके घुटनो के पास तक आ रही थी…वो सच मे मस्त लग रही थी…ऑर हॉट भी..
ममता ने थोड़ी देर बूब्स सहलाने के बाद अपने पैरो को हवा मे उठा दिया जिससे उसकी ड्रेस कमर पर आ गई ऑर मेरी आँखो के सामने उसकी चूत ऑर गंद आ गई…जो अभी पैंटी के अंदर क़ैद थी…गजब गंद थी उसकी…ना छोटी ना बड़ी…बिल्कुल परफ़ेक्ट….
ममता पैंटी के उपर से अपनी चूत पर हाथ फिराने लगी ऑर मुझे गरम करने लगी….मैं पेग पीते हुए ये नज़ारा देखते हुए गरम होने लगा था ऑर मेरा लंड अकड़ना सुरू हो गया था…
थोड़ी देर बाद ममता खड़ी हो गई ऑर
अपनी पैंटी निकाल कर अपनी ड्रेस को हाथ से पकड़ कर उपर करते हुए गान्ड हिलाने लगी....
ममता खड़ी-2 घूमते हुए मुझे अपनी गंद ऑर चूत दिखाते हुए अपने होंठ चवा रही थी ऑर मैं मस्त होता जा रहा था....
मैने सोचा कि अभी रोक कर चुदाई शुरू कर दूं...पर फिर सोचा कि थोड़ा और तड़पने दो....मज़ा भी आ रहा है...
यही सोच कर मैं पेग पीते हुए नज़ारा देखने लगा और ममता बार डॅन्सर की तरह अपनी जवानी के जलवे दिखाने लगी....
थोड़ी देर मटकने के बाद ममता मेरे पास आकर मेरे दोनो तरफ पैर करके खड़ी हो गई..…जिससे उसकी चूत मेरे सामने आ गई ऑर मेरे लंड ने झटका मार दिया….
ममता की चूत पूरी चिकनी थी पर चुदि हुई ...फिर भी ज़्यादा फटी नही दिख रही थी...चुदाइ के लिए पर्फेक्ट थी...मज़ा आयगा.....
ममता अपनी चूत दिखाते हुए मुझे बोली.....
ममता- अब क्या कहते हो..मूड बना कि नही…???
मैं- ह्म्म..थोड़ा बन रहा है…तुम करती रहो....शायद बन जाए
ममता- आज मूड तो मैं बना कर ही रहूगी...
मैं- हाँ बनाओ पर पहले पेग बनाओ..ख़त्म हो गया है…