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Non Veg Story - बीवी के कारनामे

मेरे दिमाग में एक ही बात कौधि क्या वो सपना सपना नही था...और मुझे फिर से इंगजेक्शन दिया गया ,मेरा दिल भर गया क्योकि अगर वो सपना नही था तो मेरी काजल इस वक्त मेरे पास होनी चाहिए थी ना की नंगी उस हबसी के लंड के नीचे,मेरी आंखे भर रही थी,नेहा बार बार पीछे की ओर देखे जा रही थी मैं पीछे पलटा तो पाया की वँहा भी एक कैमरा लगा हुआ है,मैने नेहा के चहरे को देखा वो नजर नीचे कर खड़ी थी ,यानी कुछ तो गड़बड़ था,मैं स्क्रीन में देखा तो टाइगर का मोबाइल बजा और जैसे ही उसने कानो में उसे लगाया उसके चहरे का रंग थोड़ा बदल गया,वो कैमरे में देखा जैसे मुझे देख रहा हो और उसने हबसी को इशारा किया ,हबसी जो की बड़े ही ललचाये नजरो इस काजल की योनि के ऊपर अपना लिंग रगड़ रहा था ,उसका वो खुस चहरा उतर सा गया,वो खड़ा हुआ और पास ही रखे मेज को उठाकर पटक दिया काजल इन सबसे अनजान थी वो टाइगर की ओर देखती है की क्या हो रहा है,शायद उसे तो हबसी के लिंग का अपने अंदर घुसने का इंतजार था,टाइगर ने उसे आंखों से एक अजीब सा इशारा किया ,काजल की नजर सीधे कैमरे में पड़ी ,जिसे वो भी मुझे ही देखे जा रही थी,रॉकी सब कुछ देख रहा था उसका चहरा पिला पड़ गया था वो अपने बालो में हाथो को घुमा रहा था जैसे उसके साथ कुछ बहुत ही गलत हो गया हो,सबसे बुरी हालत थी बेचारे उस हबसी की सभी तो झड़कर शांत हो चुके थे लेकिन वो हवस में डूबा हुआ नदी के किनारे में खड़ा होकर भी प्यासा रह गया था ,उसने अपने कपड़े भी नही पहने और टाइगर को खा जाने वली नजर से देखकर वँहा से नंगा ही चला गया..
टाइगर रॉकी और काजल ने अपने को जल्दी जल्दी ठिक किया ,नेहा भी जल्दी जल्दी कपड़े पहनने लगी,नेहा के मोबाइल में एक काल आया जो मैं देख पा रहा था की टाइगर का ही था,टाइगर कमरे से बाहर निकल चुका था,नेहा काल रखकर तुरंत ही कमरे से बाहर चली गई मैं अब भी नंगा ही सोफे में बैठा हुआ था और बड़े ही आश्चर्य से सभी को देख रहा था,काजल ने अपने कपड़े पहने और कैमरे में देखने लगी,उसकी लाल आंखे अब शांत हो चुकी थी ,उसके चहरे में एक मुस्कान थी ,वो बस कैमरे में देखकर थोड़ी मुस्कुराई और बाहर निकल गई....
बच गया मैं अकेला,मैंने अपने कपड़े जैसे तैसे पहने,और वही सोफे में बैठा रहा ये सोचता हुआ की ये दोनो इंगजेक्शन मुझे आखिर किसने दिए और मुझे कुछ याद क्यों नही आ रहा है,
सबसे बड़ा सवाल था की क्या वो सपना सपना नही था ,अगर वो हकीकत था तो काजल फिर से ऐसी स्तिथि में क्यो पहुची क्यो इन्होंने मुझे ना जानने के लिए इतनी मेहनत की ,आखिर क्यो मेरे शक करने के तुरंत बाद ही नेहा का चहरा उतर गया और वो कैमरे में देखने लगी,और किसने टाइगर को फोन किया जिसके बाद ही उसने हबसी को काजल के योनि में अपना लिंग डालने से मना कर दिया,और ये लोग चले कहा गए,.......
अगर वो सपना नही था तो रॉकी चुपचाप क्यो बैठा था और टाइगर और डॉ के बीच की डील क्या थी,
मेरे दिमाग में कई सवाल उमड़ रहे थे और मैं इनका जवाब किससे पूछता,रॉकी ,टाइगर और नेहा से पूछने का तो कोई औचित्य ही नही था काजल से कुछ पूछने की हिम्मत ही नही थी क्योकि अब फिर के हालात वैसे ही थे यानी उसे मेरे बारे में कुछ नही पता ये मुझे लगता है,...ये उसे लगता है,
बच गया डॉ ,जिसने इतने प्यार से मुझे सपने की थ्योरी समझाई थी ....
और अगर वो सपना सपना ही रहा हो तो...तो फिर ये इंगजेक्शन कब और क्यो दिए गए.???????

मैं सोफे में आराम से कुछ देर तक ऐसे ही पड़ा रहा की अचानक मुझे अपने फोन की याद आयी ,मैं भी जाने को हुआ देखा तो डॉ के 30 मिस कॉल आये हुए थे,और कुछ मेसेज भी ,
'अब इसे क्या हो गया' मेरे दिमाग में आया..मैंने मेसेज पड़ा
'काल क्यो नही उठा रहा है भोसड़ी के ,अगर क्लब में है तो जल्दी से भाग वँहा से '
ये मेसेज लगभग 15 मिनट पहले ही आया था,मैंने तुरंत डॉ को काल किया ,
"हैल्लो "
"जल्दी से क्लब से निकल कर सामने के शॉपिंग माल में आ जा मैं वही पहुच रहा हु ,जल्दी कर .."
इतना ही बोल कर उसने फोन काट दिया,ऐसे भी मेरा दिमाग झल्ला गया था और अब ये सब ..मैं जल्दी से क्लब से बाहर निकलने को हुआ ,लेकीन ये क्या यहां तो अफरातफरी मची हुई थी लोग भाग रहे थे और पोलिस के लोग इधर उधर दिखाई दे रहे थे,में मामला समझ चुका था मैं धीरे से बाहर को भागा ,पोलिस अभी अभी आयी थी,एक कांस्टेबल ने मुझे देख लिया ,
"अबे रुक "
मैं और भी तेजी से बाहर की ओर भागने लगा,सामने आये एक इंस्पेक्टर को मैंने धक्का दे कर गिरा दिया था,वहां खड़े सभी पोलिस वाले पागल हो गए और मेरे पीछे पड़ गए ,उन्होंने मुझे घेरने की कोशिस की लेकिन मैं तेज था,भला हो की मैं रोज दौड़ाने जा रहा था,लेकिन कब तक.. बाहर आते ही मेरी नजर पोलिस की फौज पर पड़ी उन्होंने मुझे पकड़कर जमीन में गिरा दिया,जिस इंस्पेक्टर को मैंने जमीन में गिराया था वो बौखलाया हुआ मेरे पास आया और मुझे अपने जूतों से एक लात मार दिया,मुझे खड़ा किया गया,ये करने वाला मैं अकेला नही था यहां आये सभी लोगो की हालत कुछ ऐसी ही हो गई थी,मैं सड़क पार देखा डॉ अभी गाड़ी से उतारा था और मुझे देखकर उसने अपने सर पर हाथ रख लिया ,फिर तुरंत ही फोन निकाला,मेरे पास ही खड़े हुए उस इंस्पेक्टर का फोन बज उठा,वो सड़क पार देखा डॉ उसे हाथ हिला रहा था,उसने सभी कांस्टेबलों को अंदर भेजा और ..
"चल धीरे से निकल ले यंहा से ,किस्मत वाला है की समय पर डॉ आ गया ,नही तो आज थाने ले जाकर तेरी हड्डी पसली तोड़ देता ,अब जल्दी कर अगर SP साहब आ गए तो तुझे नही बचा पाऊंगा .."मैं बिना कुछ बोले जल्दी से वँहा से भागकर सड़क पार पहुचा और सीधे डॉ की गाड़ी के अंदर जा बैठा,
"ये सब क्या है "मैं झल्लाया हुआ बोला ,
"मिश्रा का चुतियापा "डॉ ड्राइविंग सीट पर बैठ गया था लेकिन अभी गाड़ी शुरू नही की थी उसने बाहर उंगली दिखाई ,एक गाड़ी अभी अभी आकर रुकी थी जिसमे से शहर का SP और मिश्रा जी निकले ..
"मिश्रा बौरा गया है, साले को इतनी भी समझ नही है की यंहा रोबर्टो नही मिलने वाला,तेरी किस्मत अच्छी है की सही समय में बाहर आ गया "डॉ ने गाड़ी स्टार्ट की
"लेकिन मैंने तो कुछ नही किया ."मैं बेचैनी से बोला
"साले तुझे देखकर कोई भी बता देगा की तू ड्रग्स के नशे में है,और अगर तूने कुछ नही किया तो पूरी रात से कर क्या रहा था क्लब में ,..."
"पूरी रात ???"....
 
मैं आश्चर्य में पड़ गया था मैंने याद किया की मैं तो लगभग रात 9-10 बजे क्लब पहुचा था ,उसके बाद जो हुआ ,वो करीब 3-4 घण्टे का कार्यक्रम रहा होगा लेकिन मैंने जब टाइम देखा तो कुछ सुबह के 4 बज चुके थे,
मैं बहुत ही गंभीर हो गया था ,
"क्या हुआ "
डॉ ने पूछा ,मेरा गाला रुंध गया था
"मेरी पत्नी ने मुझे धोखा दिया है,मेरे दोस्त ने मुझे धोखा दिया ."मैं डॉ की ओर देखने लगा
"ये क्या बोल रहा है"
"मैंने जो तुझे फोन में बतलाया था वो सपना नही था ,वो सच में हुआ था फिर मुझे इंजेक्सन देकर फिर के वैसी ही सिचुएशन क्रिएट की गई ताकि मुझे लगे की ये सब सपना था,और इसमें काजल ने भी साथ दिया,और ये बात भी सच है की तूने टाइगर के साथ कोई डील की है लेकिन मुझे कुछ भी नही बताया "
मैं डॉ के चहरे के ओर किसी उम्मीद से देखने लगा लेकिन वो सिर्फ गाड़ी चला रहा था जैसे वो मेरी बात सुन ही नही रहा है,
"बोलते क्यो नही मुझे जवाब चाहिए ,जिसे मैंने जान से ज्यादा चाहा उसने ही मुझे धोखा दिया,जब सब सही हो चुका था तो क्या जरूरत थी फिर से ये सब करने की ,वो हवस के नशे में थी मैंने अपनी आंखों से देखा है"
"तो तू हवस के नशे में नही था और तूने कुछ नही किया? "
"लेकिन मैं वो सब करना नही चाहता था"
"अच्छा तो किया क्यो "
मैं चुप हो गया.
"देख तेरे वैवाहिक जीवन से भी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट काम यहां पर है,रोबर्टो आ चुका है"डॉ की बात मेरे दिल में चुभ गई
"माँ चुदाये रोबर्टो और माँ चुदाये तू ,साले मुझे इन मिशन के चक्करों में नही पड़ना है मुझे मेरी काजल वापस चाहिए "मैं लगभग रोने सा हो गया था,डॉ इस बार थोड़ा नम्र हो गया ,
"देख विकास ये बात तेरे अकेले के जिंदगी की नही है,रोबर्टो के कारण ना जाने कितनी जिंदगी बर्बाद हो रही है,और मेरे लिए अभी सबसे जरूरी है उसे मारना ,और शायद काजल के लिए भी ये सबसे जरूरी है,अगर तू ये समझता है की मैं या काजल तुझसे प्यार नही करते तो तू गलत है लेकिन यार हमारी भी तो मजबूरी समझ ,"
मैं थोड़ा चिंता में पड़ गया था,
"लेकिन मुझे अब इस मिशन से कोई भी मतलब नही है ,मुझे मेरी काजल चाहिए "
मैने सीधे एक लाइन में कह दिया
"अगर तुझे अपनी काजल चाहिए तो फिर तुझे मिशन से मतलब भी रखना पड़ेगा और भाग भी लेना पड़ेगा,क्योकि काजल और नेहा अभी रोबर्टो के ही कब्जे में है और दोनो की ही जिंदगी खतरे में है.."
डॉ की बात से मैं दंग रह गया था ,वो इतने आसानी से ये सब कैसे कह पा रहा था.
वो मेरी ओर देखा ,
"चिंता करने से अच्छा है की चिंता का हल ढूंढा जाए "
"और वो इंगजेक्शन,वो मुझे किसने दिया "
"समय आने पर तो तुझे सब कुछ पता चल ही जाएगा लेकिन मेरे हिसाब से तुझे अब ये समझ जाना चाहिए के हमारे लिए जरूरी क्या है "
वो गाड़ी की स्पीड बड़ा देता है...

जब एक एक पल काटना कठीन हो रहा था,पूरा दिन बीत जाना मेरे लिए पहाड़ की तरह था,रात के 10 बजने को थे और काजल का कोई भी पता नही चल पाया था,कमरे में इकबाल भाई ,डॉ,जूही और मैं मौजूद थे,काजल के मोबाइल से कोई सुराग नही मिल पा रहा था ना ही रिस्टवाच के जरिये ही कुछ सुनाई दे रहा था,शायद रोबर्टो और टाइगर हमशे ज्यादा समझदार थे ,डॉ बेचैनी से टहल रहा था ,सर पर पसीने की बूंदे बार बार आ जा रही थी ,मैं झल्ला गया .
"ये क्या हो रहा है तुमलोग यंहा पर बैठे हो और वँहा मेरी काजल ना जाने किसी हाल में होगी,..."
"लेकिन विकास भाई हम अपनी ओर से पूरा प्रयास तो कर ही रहे है,""इकबाल ने कहा
"क्या खाक प्रयास कर रहे हो"मैं और भी झल्लाया
"पता नही वो लोग काजल के साथ क्या कर रहे होंगे "
मेरी चिंता स्वाभाविक ही तो थी
"वो काजल को कुछ भी नही करेंगे,तुम जानते नही रोबर्टो को वो कमीना नही महा कमीना है,और वही काजल की सुरक्षा की गारंटी है,वो जो करेगा मिश्रा के सामने ही करेगा,या तो तुम्हारे सामने,,,,उसे मजा आता है दुसरो को गहराई से दर्द देने में ,"
डॉ की कही बात पर मैं रो लू या खुस होऊ मुझे समझ नही आ रहा था,
तभी जूही का फोन बजा ,वो थोड़ी देर तक बात करती रही ,लेकिन उसके चहरे में अब भी मायूसी ही थी ,
"कुछ पता नही चल रहा है की वो लोग कहा गए ,मिश्रा भी यही डेरा डाले हुआ है ,कोने कोने में हमारे आदमी है लेकिन ना जाने इनलोगो को जमीन खा गई की आसमान निगल गया "
सभी के चहरे में फिर से चिंता के बादल तैरने लगे..
जूही का फोन फिर से बजा बात करते हुए उसके चहरे का रंग ही बदलने लगा .
"टाइगर की लाश मिली है "
मैं चौक गया
"क्या लेकिन उसे कौन मारेगा "
"रोबर्टो.. वो अपने से धोखा करने वालो को कभी नही छोड़ता ,"
मेरे चहरे के भाव तेजी से बदल रहे थे जिसका अंदाज डॉ को हो चुका था .
"तुम जानना चाहते थे ना की मेरी और टाइगर के बीच क्या डील हुई थी ,ये उसी डील का नतीजा है,"
मैं और भी चिंता ग्रस्त हो गया था,मैं और भी कुछ पूछना चाहता था .लेकिन डॉ ने मुझे रोका
"अभी सबसे जरूरी उन्हें ढूंढना है "
"हमे उन्हें ढूंढना ही होगा,वो ऐसी जगह छिपा होगा जिसके बारे में हम सपने में भी ना सोच सके "मैं चिंता में था लेकिन अपने दिमाग को शांत करने का प्रयास कर रहा था.
"कौन सी ऐसी जगह होगी जिसे पोलिश और हम मिलकर भी ना ढूंढ पाए "जूही की बात भी सही थी,पूरा पोलिश दल ,स्पेशल एजेंट्स और इकबाल ,डॉ ,ठाकुरो के आदमी अलग अलग जगहों में गुप्त रूप से या प्रत्यक्ष रूप से उन्हें ढूंढ रहे थे लेकिन फिर भी अभी तक कोई भी सुराग हाथ नही लगा था,
"कोई ऐसी जगह जिसके बारे में कोई सोच भी ना सके "मैं अपने ही आप में गुनगुनाने सा लगा
"क्या हो सकता है ,क्या हो सकता है जंहा किसी की नजर अभी तक नही गई हो ."डॉ की चहलकदमी और भी बढ़ गई थी ,
"एक जगह है जंहा अभी तक किसी ने भी उन्हें ढूंढने की जहमत नही उठाई होगी "डॉ का चहरा खिल गया था हम सभी उसकी ओर देखने लगे
"तुम्हारा बंगला,"डॉ की बात से सभी थोड़े चौक गए
"हा तुम्हारा बंगला,वहां कोई भी नही है ,ना ही कोई नॉकर ही है,और वो शहर से दूर भी है और सरकारी क्वाटर होने की वजह से वँहा किसी का शक भी नही जाएगा,कोई आता जाता भी तो नही वँहा पर ..और जंहा तक मैं रोबर्टो के बारे में जानता हु वो इतना कमीना है की काजल को शारीरिक नही मानसिक दुख पहुचने की सोचेगा,और उसके ही घर से अच्छा और क्या हो सकता है .."डॉ की बात में लॉजिक था लेकिन मुझे नही लगता था की रोबर्टो के लिए काजल को मानसिक पीड़ा पहचाना इतना जरूरी है को ऐसी अनसेफ जगह में जाकर रुकेगा,वो इतना बड़े गिरोह का सरगना था जरूर वो अपने किसी गुप्त अड्डे में छिपा होगा,,लेकिन डॉ ने तुरंत ही फोन निकाल लिया और किसी से बात करने लगा.
कुछ 10 मिनट में ही उसके पास वापस से काल आ गया ,जिससेडॉ के चहरे में मुस्कान आ गई
"मुझे पता था की रोबर्टो एक नंबर का कमीना है वो अभी भी नही सुधारा है "
मैं उसके चहरे को देखने लगा ,
"वो वही है,मेरे एक आदमी ने कन्फर्म किया है की तुम्हारे घर में कुछ लोग है..अब हमे कोई चाल ही बचा सकती है.."
"लेकिन जब हमे पता है तो पोलिश की मदद से हम उसपर हमला भी तो कर सकते है "
मैने जोर दिया
"नही विकास .पहली बात तो पोलिश को इसकी कानो कान खबर नही होनी चाहिए की हमे रोबर्टो का पता मिल गया है,उसके बहुत से आदमी पोलिश में है और वो उसे हर एक मूवमेंट की खबर देते है,इसे हमे अपने ही स्तर में निपटाना होगा,दूसरी बात ये की हमे ना सिर्फ उसे पकड़ना या मारना है बल्कि काजल और नेहा के सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा,और पोलिश को बताने का मतलब होगा की मिश्रा को कमांड सौपना और वो रोबर्टो को पकड़ने के लिए काजल और नेहा की जान की परवाह हरगिज भी नही करेगा,इससे दो ही नुकसान होंगे पहला की रोबर्टो कभी हाथ ही नही आएगा और दूसरा नेहा और काजल की जान को खतरा हो सकता है .."डॉ की बात सुनकर मैं चुप हो गया,शायद वो मुझसे बेहतर इस मामले तो समझ सकता है,जूही भी एक पोलिश वाली होकर हमारे साथ बैठी थी वैसे ही और भी पोलिश के लोग होंगे जो की रोबर्टो के लिए काम करते हो .
"तो हम क्या करे "इकबाल भाई ने अपने भारी आवाज में कहा
"तुम बोलो तो मैं अपने बन्दों को इकठ्ठे करने में लग जाता हु "
"नही इकबाल भाई आप शहर में ही रहिए और अपने बन्दों को यही रखिये,वँहा के लिए आदमी है मेरे पास जो उस जगह को भी अच्छे से जानते है और वफादार भी है.."
डॉ अब भी कुछ सोच ही रहा था,
 
"विकास तुम तैयार हो जाओ ,तुम्हे ही अंदर जाना होगा "मैं फिर से चौका मुझे लगा था की हम हमला करके उन्हें बचाएंगे,
"देखो विकास बाहर से हमला करना खतरनाक हो सकता है ,तुम और मलीना वँहा के लिए निकल जाओ,मुझे पूरा यकीन है की रोबर्टो तुम्हे उठवा लेगा,हो सके तो मिश्रा से मिलते हुए जाना ,तुम्हे अपने क्वाटर नही जाना है तुम्हे मिश्रा के घर में मलीना के साथ जाना है सबकुछ ऐसे लगाना चाहिए जैसे की तुम्हे कुछ पता ही नही है,रोबर्टो को अभी तक पता नही है की तुम्हे इस मिशन की कोई जानकारी है,लेकिन उसे इतना जरूर पता है की तुम क्लब में आते थे..मलीना उसकी बेटी है उसे कुछ भी नही होगा लेकिन इसी बहाने उसे अपने पिता का असली रूप तो दिख जाएगा ,शायद आगे वो हमारी मदद कर सके ."डॉ की बात में मैं सहमत था
"लेकिन उसे कैसे पता की मैं क्लब आता हु "
डॉ के चहरे में फिर से एक मुस्कान तैर गई ,
"रोबर्टो को एक बीमारी है,...."सभी बस चुपचाप डॉ की बात सुन रहे थे वही मैं समझने की कोशिस कर रहा था
"तुम जानना चाहते थे ना की तुम्हे इंजेक्शन किसने दिया ,? और सब ठिक होने के बाद फिर से वो सब शुरू कैसे हो गया "
मैं बड़े ही बेचैन निगाहों से डॉ को देखने लगा
"यानी वो सपना नही था"मैं बेचैनी से बोला
"नही विकास जब तुमने पहले मुझे ये बताया था तो मुझे लगा की ये सच में कोई सपना होगा लेकिन जब मैंने जो पासवर्ड तुममें मुझे दिया था उसके सहारे कैमरे से देखने की कोशिस की तो पता चला की पासवर्ड ही बदल दिया गया है ,तभी मुझे टाइगर से किया वो डील याद आया ,मुझे यकीन हो गया था की तुम सपना नही देख रहे थे ...लेकिन बात ये थी की आखिर इतनी मेहनत कौन कर सकता है,टाइगर इतनी जहमत नही उठाएगा और ऐसा एक ही शख्स कर सकता है या करवा सकता है ..रोबर्टो ...उसे बीमारी है वो मानसिक रूप से बीमार है."
"कौन सी बीमारी "
मैंने तुरंत ही पूछ लिया
"लोगो को तकलीफ देने की बीमारी,खासकर उससे उसके प्यार को छीनकर,लोगो के सामने उनके बीबियों ,बेटियों,प्यार,को रौदकर तकलीफ देना उसे अच्छा लगता है,,"डॉ गंभीर हो गया
"लेकिन तुमने टाइगर के साथ डील क्या की थी"इस प्रश्न ने मुझे परेशान कर रखा था
"तुम यार पूछते बहुत हो ,जो तुम्हे जानना था वो तो तुमने जान ही लिया अब जल्दी करो "
डॉ फिर से टाल गया
"लेकिन उसके हवाले होने से फायदा क्या है "ये सवाल भी मेरे दिमाग में खाये जा रहा था
"तुम्हारे होने पर वो सभी कुछ भूल कर काजल की ओर ध्यान देगा ,वही समय होगा हमले का "
डॉ की बात मुझे समझ आ चुकी थी और मैं अब किसी भी कीमत पर काजल को बचाना चाहता था,मेरे जीवन की ये सबसे मुश्किल समय होने वाला था ,पता नही आगे क्या होने वाला था लेकिन मैं निकल गया,निहत्था मलीना के साथ मिश्रा से मिलने,...मिश्रा ने मुझे काजल के बारे में कुछ भी नही बताया ,उसे तो ये भी नही पता था की मैं क्लब में जाया करता था,और वो थोड़ा रिलेक्स भी था की मलीना को अपने साथ ले जा रहा हु .लेकिन उसे पता नही था की हम जा कहा रहे है,वो अपने काम में बहुत ही बिजी था..शायद इतना हमारे लिए काफी था रोबर्टो के लोगो के नजर में आने के लिए .....

मैन आंखे खोली जैसा की मुझे यकीन था मैं अभी अपने ही घर में था,लेकिन ताजुब्ब है की मैं बंधा हुआ नही था,मुझे किसी दवाई के द्वारा बेहोश कराया गया था,डॉ की हिदायत पर मैंने कोई भी डिवाइस या माइक्रो फोन नही लगाया था,क्योकि इससे रोबर्टो के आदमीयो को शक हो जाता,मैंने धीरे से आंखे खोली और आसपास का निरक्षण किया,इस छोटे से घर में इतनी जगह तो नही थी की रोबर्टो की फ़ौज आ सके ,मेरे ही सामने काजल और नेहा बैठी दिखी,मुझे फिर से आश्चर्य हुआ क्योकि वो दोनो भी खुली हुई थी,किसी के पास कोई भी बंधन नही था ,शायद रोबर्टो को अपने बाहुबल पर बहुत ही ज्यादा भरोषा था,इसलिए उसने किसी को भी बंधना सही नही समझा,वहां मलीना नही थी,स्वभाविक सी बात थी की रोबर्टो कभी अपनी बेटी को ऐसे कामो में शामिल नही करना चाहता था,
मेरी नजर सीधे काजल से मिली जो की मुझे ही देख रही थी और आंखों ही आंखों में मुझसे चुप रहने को कह रही थी....
"ओह मिस्टर विकास उठ गए तुम "
ये अजीब सी भारी आवाज रोबर्टो की थी मैंने पहली बार उसे देखा था,दिखने में पूरी तरह से फिरंगी ,और बलशाली,यही वो कमीना था जिसने मेरी जान को कली से फूल बनाया था,मेरे रग रग में एक अजीब सा गुस्सा दौड़ गया लेकिन फिर भी मैं बेहद ही शांति से बैठा रहा ,
"सुना है तुम्हे अपनी बीवी को चुदते हुए देखना बहुत पसंद है...हा हा हा"उसकी कमीनी हँसी से मेरा दिमाग और भी खोल गया ,लेकिन काजल ने बड़े ही फिक्र से मुझे नही में इशारा किया,आज ....हाँ आज फिर से वो दिन आया था जब मैं और काजल आमने सामने थे,एक वाकया तो हो चुका था जिसे सपना साबित करने के लिए ना जाने किसने इतनी मेहनत की थी..
"एक चीज जानते हो विकास मुझे तुम जैसे लोग बहुत ही पसंद है ,जो की अपने प्यार को किसी दूसरे के बांहो में देखकर हिलाते है,इससे मुझे कोई ग्लानि अपने काम को ले कर नही होती..जैसे की....जैसे की मिश्रा "वो फिर से जोरो से हंसा ,लेकिन मिश्रा .
मेरे साथ साथ काजल की भी आंखे चौड़ी हो गई थी,उसने काजल को देखा,
"ओह मेरी जान काजल ,तो तुम्हे अब तक लग रहा था की तुम गलती से मेरे चुंगुल में फंस गई थी,...."रोबर्टो की हँसी फिर से तेज हो गई और मेरे साथ साथ काजल की धड़कन भी शायद तेज हो गई थी.
"मिश्रा को एक जुनून था,अपनी बीवी को अलग अलग लंड लेते देखने का ,लेकिन वो भी बेचारी औरत ही थी,उसे मेरा लंड उन सब लंडो में पसंद आ गया जिससे वो चुदी थी..बेचारा मिश्रा ...करता भी तो क्या करता,पहले तो उसने अपने मजे के लिए ही चुदवाया था लेकिन मैंने उसकी बीवी को अपने जाल में फंसा लिया ,फिर ना जाने कितनी बार उसके सामने ही उसके चुद को फाड़ा था....लेकिन मुझे भी उससे प्यार हो गया,शायद मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती लेकिन क्या करे दिल है की मानता नही,तो मैंने उससे शादी कर ली ,मिश्रा चाहता था की वो उसके साथ ही रहे भले ही किसी से भी सेक्स करे लेकिन उसकी बीवी तो धर्मात्मा थी,वो मेरे प्यार में थी और मैं उसके,मैं उससे शादी कर उसे इटली ले गया ,और वही से मेरे धंधे की वाट लगनी शुरू हो गई,मिश्रा साला इसे पर्सनल ले लिया...बहुत दिनों के बाद मुझे फिर से पता चला की वो किसी लड़की से प्यार करता है,वो तुम थी...अब ये मौका मैं कैसे छोड़ सकता था,असल में मिश्रा को मेरा धन्यवाद देना चाहिये था की मैंने तुम्हें उसके सामने चोदा...और अब तुम्हारे पति को मेरा धन्यवाद देना चाहिए की मैं तुम्हे उसके सामने चोदूँगा .."वो हँसने लगा,काजल का सर शर्म से झुक गया था,लेकिन मैं गुस्से में उबल रहा था....
 
मेरे भुजाओं में खून का प्रवाह दौड़ाने लगा था और भुजाए फड़क रही थी,सांसे तेज हो रही थी ऐसा लग रहा था की किसी भी वक्त उठकर मैं उसे मार ही डालूंगा,
लेकिन वो मेरे मनोदशा से अपरचित सा बोले जा रहा था
"तुम सोचती होगी काजल की तुम्हे मैंने उठाया था,लेकिन शायद तुम्हे ये पता नही की मिश्रा ने ही तुम्हे बकरा बना कर मेरे सामने पेश किया था,उसे भी पता था की मैं तुम्हे उसके सामने ही भोगूँगा,वाह रे कॉन्फिडेंस ....उसका नही मेरा ,की मैं वही गलती करता हु जो सामने वाला चाहता है....
जैसे की आज वो साला डॉ चुतिया सोचता है की मैं तुम्हे इसके सामने ही चोदूँगा और इसे यहां भेज दिया .."रोबर्टो की बात से मेरा दिमाग सुन्न रह गया वही काजल का चहरा भी पिला पड़ने लगा...
"तुम खुद सोचो की अगर टाइगर मेरे अंदर काम करता है तो क्या मुझे नही पता चलेगा की उसके क्लब में क्या हो रहा है,....और वो डॉ चुतिया ..वो सच में चुतिया है,काजल को इस मिशन के लिए मनाया ये कहकर की मुझे पकड़ेगा,फिर तुम्हे मनाया ये कहकर की काजल की हिफाजत करनी पड़ेगी,टाइगर को मनाया ये कहकर की उसे मेरी जगह पर बैठा देगा ,मिश्रा को चुतिया बना कर काजल को उसके सामने ही अपनी ओर मिला लिया,लेकिन उसने एक चुतियापा कर दिया ..वो मुझे नही समझ पाया,विकास जानते हो तुम मेरे लिए खास क्यो हो..."
मैं बुरी तरह से झल्ला गया था ये हो क्या रहा है डॉ ने ये सब किया था?????,और रोबर्टो को सब पता था????
"तुम मेरे लिए खास हो क्योकि तुम मेरे दमांद हो ,काजल ने अपना वादा पूरा किया,उसने मुझे चेलेंज किया था की मेरी बेटी की सील तुड़वायेगी उसने पूरा किया शाबास काजल "
वो उसकी तरफ देखने लगा,काजल बुरी तरह डरी हुई थी ,शायद उसे भी ये आभास नही था की रोबर्टो डॉ के बारे में भी जानता है ,
"लेकिन लेकिन लेकिन ..विकास मैं तुम्हे तभी छोड़ सकता हु जब तुम काजल को छोड़ दो ,कुछ ही देर में मेरा हेलीकाप्टर यहां आ जाएगा और मैं निकल जाऊंगा ,मैं तुम्हे जिंदा छोड़ सकता हु ,या तुम्हारे सामने ही तुम्हारी बीवी को चोदकर तुम दोनो को मार सकता हु,फैसला तुम्हारे हाथ में है,अगर तुम मलीना को अपनाते हो जो की मिश्रा के घर में सोई हुई है तो मैं तुम्हारी जिंदगी बक्स दूंगा ,वरना तुम भी इसके साथ मरोगे,इसे तो मैं मारूंगा ही ...इसने एक नही दो बार मुझसे भिड़ने की कोशिस की है ,इसे मैंने कहा था की मेरी रखैल बन कर रहे लेकिन ये तो ...:"
मेरे लिए सहन से बाहर हो चुका था मैं उठा और रोबर्टो के गले को अपने हाथो से पकड़ लिया ,
"मादरचोद "मेरे मुह से निकला
'धाय "बंदूख की गोली निकल कर सीधे मेरे हाथो के पार हो गई,रोबर्टो का गला मेरे हाथो से छूट गया और खून की धार निकलने लगी,काजल ने उठाने की कोशिस की थी लेकिन कुछ लोग आकर उसे पकड़ कर बैठा दिए,मैंने घूमकर देखा ,बंदूक धारी लोग खड़े हुए थे,वो मांस के लोथड़े से लोग वँहा हमारे हर एक चाल पर नजर रखे हुए थे,
"वाह वाह विकास ,मैं तो सोचता था की तुम एक चोदू से इंसान हो जिसे अपनी बीवी के चुदने में ही मजा आता है ..लेकिन तुम तो इसे प्यार भी करते हो बढ़िया है मेरे लिए तो ये बहुत ही बढ़िया है ,क्योकि अब मैं इसे तुम्हारे सामने ही चोदूँगा,जैसे मिश्रा के सामने चोदा था....हा हा हा "उसकी शैतानी हँसी कमरे में फैली ,मैं मन ही मन डॉ को गली दे रहा था साथ ही ये दुवा भी कर रहा था की वो जल्द ही आ जाए ,
"फिक्र मत करो डॉ और उसके लोग यंहा आने में कम से कम एक घण्टे का समय लगाएंगे तब तक मैं चला गया होऊंगा "उसने फिर से एक बम फोड़ दिया
"और हा तुम सोच रहे होंगे की वो इंगजेक्शन तुन्हें किसने दिया था तो वो मैंने ही दिलवाया था,क्योकि मुझे ये बिल्कुल पसंद नही आया की तुम अपनी बीवी के साथ खुसी खुसी वापस जाओ....शायद तुम्हे याद नही होगा लेकिन उस दिन तुम काजल से मोहोब्बत की बाते करके वापस जा रहे थे तब ही तुम्हारे गले में वो इंगजेक्शन लगाया गया था ,ये बात तो टाइगर को भी नही पता थी की उसके ही क्लब में मेरा भी एक आदमी है ,और उसके कैमरे का हर पासवर्ड मेरे पास भी है,....मैं तो इसे (नेहा के तरफ इशारा करते हुए) तब से पहचान गया था जब से टाइगर ने यहां आकर अपना क्लब शुरू किया था,लेकिन मुझे किसी से कोई भी फर्क नही पड़ता,मैं सबका बाप हु ,लेकिन काजल को देखकर मुझे बड़ी उत्सुकता हुई की आखिर वो यंहा क्या कर रही है...जब मुझे ये पता चला की तुम उसके पति हो तो और तुमने मलीना को एजेंट बताया है तो मुझे सब कुछ समझ आ गया था,की ये हो ना हो मिश्रा की चाल है लेकिन मिश्रा कभी भी मलीना को नही भेजता तब समझ आया की ये किसी दूसरे बंदे की चाल है,फिर मुझे पता चला की वो बाँदा कोई और नही डॉ चुतिया है,उसने टाइगर से डील की थी की टाइगर मुझे भारत लाने में उसकी मदद करेगा,बदले में वो मेरा पूरा ड्रग्स और बाकी के कारोबार को टाइगर के हवाले कर देगा,...अब तुम सोच रहे होंगे की इसमें काजल का क्या काम ,डॉ टाइगर से ज्यादा चालक है उसे पता था की काजल के आने की बात मुझे पता चल ही जाएगी और जब उसे पता चलेगा की तुम उसके पति हो और तुम्हे उसे चुदते हुए देखना पसन्द है तो मैं जरूर तुम्हारे और उसके बीच आऊंगा,उसने टाइगर को कह रखा था की काजल को वो चोदेगा नही ....बस उसके साथ खेलेगा,लेकिन टाइगर ने गलती कर दी,उसने अपने मुह से बता दिया की उसके और डॉ के बीच डील हुई थी (अपडेट 69) वो भी बेचारा भावुक हो गया था,डॉ ने यही गलती कर दी की उसने टाइगर को अपने इस बारे में नही बताया की उसने काजल को भी मुझे फसाने के लिए भेजा है,उसने डबल गेम खेला था,एक तरफ काजल को ये बोलकर क्लब में इंट्री करवाया की इसका पति इसे देखना चाहता है लेकिन उसे पता मत चले और इसे पूरी तरह से बेआबरू ना किया जाय ,दूसरी ओर वो काजल के और तुम्हारे माध्यम से मुझे फसाना चाहता था,वही उसने मलीना के बहाने टाइगर को डराए भी रखा की वो मिश्रा की एजेंट है,इधर मिश्रा को भी चुतिया बनाये रखा की काजल उसके लिए काम कर रही है,और हा रॉकी ....क्या करू उस बेचारे की कोई भी गलती नही थी लेकिन उसे भी मरना पड़ा,टाइगर ने तो मुझसे धोखा किया था उसे तो मारना ही था...."
मैं काजल नेहा तीनो ही आंखे फाडे उसकी बातो को सुन रहे थे...
"तो मैं कहा था,हा इंगजेक्शन.....मैं नही चाहता था की तुम ऐसे ही चले जाओ,इसलिए मैंने तुम्हे एक ऐसा इंगजेक्शन दिलवाया जिससे तुम्हारी याददाश्त चली जाए कुछ देर की..मुझे नही पता था की तुम कितने देर की बाते भूल जाओगे इसलिए मैंने टाइगर को फोन किया और कहा की वो वही माहौल बनाये जंहा से खत्म हुआ था,तभी उसे भी ये पता चला की मैं यंहा आ चुका हु,और वो बंदा जिसने इंगजेक्शन दिया है वो मेरा आदमी है,वो और काजल तो कांप ही गए थे ,क्योकि वँहा मौजूद सभी आदमी मेरे ही थे सिवाय नेहा ,काजल टाइगर और रॉकी के...मैंने जो बोला उन्हें करना पड़ा,बाकी की चीजे तो तुम जानते ही हो"
वो एक गहरी सांस लिया
"लेकिन तुमने उस बाउंसर को रुकवा क्यो दिया "
मेरे जेहन में ये सवाल कुलबुला रहा था ...
"हम्म्म्म असल में तुम्हे शक हो गया था,की तुम्हे किसी ने इंगजेक्शन दिया है और जिसे मैं सपना साबित करना चाहता था वो सपना नही रह गया,अगर तुम्हे वो इंगजेक्शन की बात पता नही चलती तो मैं काजल को वही चुदवा देता,और तुम अपना हिलाते रहते ,क्योकि मैंने तुम्हे दो इंगजेक्शन दिलवाए थे,एक याददाश्त के लिए और एक तुम्हारी सेक्स की इक्छा को बढ़ाने के लिए लेकिन शायद तुम काजल से बेहद ही प्यार करते हो"
रोबर्टो के इस बात पर मैं काजल की ओर देखा ,उसकी आंखे भरी हुई थी,ना जाने हमारा जीवन और कितने समय तक का था,मैं किसी को भी कोई दोष नही देना चाहता था जिसने भी जो भी किया था वो अपने जगह पर सही था ,चाहे वो डॉ हो ,मिश्रा हो ,टाइगर हो,या मेरी काजल हो,लेकिन रोबर्टो ही सबका बाप निकल गया,उसे तो तब से सब पता था जब से प्लान बनाया जा रहा था,जिसे फसाने के लिए ये सब प्लान बनाया जा रहा था वो पहले से ही सब जानता था,तो भी पक्का ही था की वो यहां से आराम से निकल जाएगा और सब कुछ कर के निकलेगा जो भी उसने सोचा था,उसके पास ऐसा प्लान था जिसके बारे में हमने सोचा भी नही था जबकि हमारे हर प्लान का उसे पता था......
अब क्या होगा क्या वो मेरे सामने सच में काजल की आबरू उतरेगा,क्या डॉ हमे बचा पायेगा,क्या रोबर्टो किसी के हाथ आएगा या फिर से वो सबको धोखा देकर भाग जाएगा,
मेरे दिमाग में यही सब चल रहा था शायद काजल के दिमाग में भी यही था......

कमरे में एक आदमी आया ,
"सर डॉ अपनी फ़ौज के साथ शहर से निकल गया है अभी अभी अपडेट मिला "
"ओके "रोबर्टो मुकुराते हुए मुझे देखने लगा
मेरे माथे में गन ठिका दिया गया था ,
"मैं पिछली बार की तरह तुम्हे कोई भी ड्रग्स नही दूंगा ,क्योकि इस बार तुम्हे प्यार का नशा है"
रोबर्टो ने काजल को देखते हुए कहा,मैं उसकी बातो को समझ रहा था और शायद काजल भी ,काजल की आंखों से आंसू चूहने लगे थे शायद यही तो रोबर्टो चाहता था,
"बहुत खेल लिया तुम लोगो ने अब मैं खेलूंगा,"रोबर्टो काजल के पास आया,मेरे और नेहा के माथे में गन लगे हुए थे,बात साफ थी की अगर काजल थोड़ी भी इतराती तो हमारे सर की धज्जियां उड़ा दी जाती,रोबर्टो काजल के पास जाता है और मेरी काजल को अपने हाथो से छूने लगता है उसके हाथ उसके गालो को सहला रहे थे,काजल आंखे बंद किये हुए सब कुछ सह रही थी ,उसने अपनी आंखे बहुत ही ताकत से बंद कर रखी थी साथ ही अपनी मुठ्ठी भी बांध रखी थी,वो मेरी ओर देखने लगा,मेरा चहरा गुस्से से लाल था और हाथो के खून बह रहे थे,वो शैतानी हँसी में हँस रहा था ,मुझे भी पता था की वो मुझे जला रहा था,मुझे इस बात का यकीन नही हो रहा था की सबकुछ जानते हुए भी वो इतने आराम से काजल के साथ खेल रहा था,किसी भी समय कोई भी हमला कर सकता था,लेकिन शायद वो मिश्रा और पोलिस की तरफ से बेफिक्र था और डॉ के पास उसका कोई आदमी थी जो की उसे बता रहा हो की उनकी स्तिथि क्या है,वो बेफिक्र था उसके पास जरूर कोई एग्जिट प्लान था ,जब तक डॉ यंहा पहुचता वो सब कुछ खत्म कर यहां से जा चुका होगा,मैं मन ही मन कुछ करने की सोचने लगा,उसके हाथ बड़े ही बेकाबू से काजल के ऊपर चल रहे थे,काजल ने आंखे खोली और मेरी ओर देखा,उसकी आंखों की मजबूरी देखकर मेरा दिल भी दहल गया मैं उसे अभी मार देना चाहता था,मैं मेरी जान को इतने मजबूरी में कभी नही देखा था मैं उठने को हुआ लेकिन मेरे पीछे खड़े हुए आदमी ने मेरे सर के बंदूक पर जोर डाला और मैं फिर से नीचे गिर पड़ा ,उसने अपने हाथो से मेरे कंधे को पकड़ कर मुझे बिठा दिया था,काजल ने नही में सर हिलाया ,मैं आज अपनी ही मजबूरी को कोष रहा था,उसके हाथ अब मेरी जान के उरोजों तक पहुच गए थे..
"हाय बहुत लकी हो विकास बाबु तुम तो ऐसे आम खाने को कहा मिलते है ,"उसकी ये कमिनियत भरी हँसी ने सच में मेरे दिल के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे,
तभी बाहर का दरवाजा खटखटाया गया,
एक आदमी जाकर दरवाजा खोलता है,
"क्या हुआ "रोबर्टो इस दखलंदाजी से बौखलाया
"सर वो दूध वाला आया है "
"कह दो की घर में कोई नही है "
वो फिर भी रोबर्टो को देखने लगा
"अरे बोल दो नही चाहिए "
"सर वो विकास या काजल से मिलने की जिद पर अड़ा हुआ है बोलता है बहुत दिन हो गए देखे आज तो बात करके जाऊंगा,"
रोबर्टो के चहरे में एक अजीब से भाव जागे
"अच्छा हमारा कोई आदमी उसे दिखा तो नही "
"नही सर बस मैं बाहर था बाकी लोग छुपे हुए है "
"अच्छा इसे ले जाओ ,और कहने की जरूरत नही है कोई चालाकी मत करना "
रोबर्टो ने मुझे कहा ,वो आदमी मेरे पीछे बंदूक ठिका कर चलने लगा,मैं भी हैरान था की ये कौन सा दूध वाला आ गया है,मैं बाहर गया तो मेरी आंखे चौड़ी हो गई कुछ तो आश्चर्य में और कुछ खुसी में मैं इन्हें कैसे भूल गया था...
"अरे बाबू बड़े दिन लगा दिए लाओ बर्तन मैं दूध दे दु "
"नही आज नही चाहिए "
"अरे ऐसे कैसे नही ,"
"नही घर में पहले से 5 लीटर है "मैंने उसे संकेत में बतलाया की 5 आदमी अंदर है "
"अच्छा देशी गाय का है की विदेशी "
"मुझे तो विदेशी ही लगता है ,पता नही आगे का "मैंने उसे बतलाया की उनके हाथो में जो गन है वो शायद विदेशी है और आगे का मुझे पता नही .
"देखो गर्मी में दूध फट ना जाए "
"हा आजकल एक ही घंटे में फट जाता है "मैंने उसे बतलाया की 1 ही घंटे में वो यंहा से निकल जाएंगे
"ओह काजल मेडम कहा है "
"अंदर ही है अपनी सहेली के साथ है "
"अच्छा कैसी है "
"अभी तक तो ठीक ही है "
उसके चहरे में मुस्कान आ गई
"अच्छा ऐसे बहुत ही खरपतवार हो गए है आपके बगीचे में "
"हा लगता है कुछ डालना पड़ेगा "
"ले आऊंगा दवाई बताइये कितना किलो "
वो शायद ये पूछ रहा था की बगीचे में कितने लोग है ,
"मुझे नही पता लेकिन कुछ 10 -15 तो लग ही जाएगा ,शायद मैं उतना जानता नही ऐसे "
"कोई बात नही हम देख लेंगे,ऐसे बहुत कीड़े भी हो गए है लगता है कैसे जाएंगे "
उसने एक फूल पर बैठे पतंगे को देखकर कहा
"अरे ये तो उड़ ही जाएंगे ,"मैं थोड़ा हंसा ,मैंने उसे बतलाया की रोबर्टो उड़ जाएगा
"कैसे ?"अब ये उसे कैसे बताता
"जैसे आये थे वैसे ही "मैंने संकेत तो दे दिया था की वो हेलीकाफ्टर से उड़ जाएगा ,इतना उसके समझने के लिए काफी हो गा अगर वो समझ जाए ..
"ठीक है बाबुजी मैं कल आ जाऊंगा आप फिक्र मत कीजिये "
वो चला गया साथ ही मुझे सांत्वना दे गया,इसे मैं जानता था ये बाली ठाकुर था,वीर ठाकुर का छोटा भाई और डॉ का दोस्त ...इनका गांव यंहा से पास ही था शायद डॉ ने इन्हें यंहा की टोह लेने को भेजा होगा,जो भी हो लेकिन इसे देखने के बाद मुझे थोड़ी तसल्ली तो हुई ,
 
मैं अंदर गया ,रोबर्टो अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए मेरा ही वेट कर रहा था सच में साला बहुत ही बड़ा कमीना था,वो थोड़ा रिलेक्स होकर फिर के काजल के स्तनों पर हाथ फेरने लगा था लेकिन फिर रुक गया ,पता नही उसके दिमाग में क्या चल रहा था ,वो मेरे चहरे को गौर से देखने लगा ,
"जब से वो दूध वाला गया है तुम्हारा चहरा कुछ बदला सा लग रहा है "वो मेरे पास आते हुए बोला
"ह्म्म्म कुछ सोच रहा हु"
"क्या "
"ये तो रंडी है,मुझसे पहले भी ना जाने कितनो के साथ सोई है,हमारे बचने का कोई रास्ता तो दिख नही रहा क्यो ना मैं मलीना से ही शादी कर लू ,उसे मुझसे पहले किसी ने हाथ भी नही लगाया था और वो मुझे बहुत प्यार भी करती है .."मैं कुछ सोचने की एक्टिंग करने लगा उसके चहरे में एक मुस्कान आयी और उसने अपना हाथ घुमाया ,
'चटाक '
"मुझे चुतिया समझ कर रखा है तूने ,कौन था वो "
"दूध वाला था "
"जब तुम हो ही नही घर में तो कैसे आ गया "
"अरे मुझे कैसे पता वो तो रोज ही यंहा से गुजरता है ,उसने तुम्हारे किसी आदमी को देख लिया होगा बाहर उसे लगा होगा कि अंदर कोई है तो आ गया "
रोबर्टो ने मुझे छोड़ा और अपने एक आदमी को देखते हुए ,
"हेलीकॉप्टर तैयार है "
"जी सर कभी भी जा सकते है "
"हमे अभी निकलना होगा ,और इन्हें भी साथ ले लो "
उसने हमारे ओर इशारा किया हम तीनो को बांध दिया गया था ,रोबर्टो बाहर निकला और अकेले ही ना जाने कहा गायब हो गया,फिर से फिर से वो बच कर निकल गया था,और हम बस देखते ही रह गए,.............

हमे बांध कर एक कार में डाला गया,रोबर्टो कही गुम हो चुका था नेहा और काजल मेरे आजु बाजू बैठे थे,हमारे हाथ पैर और मुह बंधे हुए थे,दोनो हि मेरे कन्धे पर अपना सर ठिका कर बैठे थे,काश मेरा मुह खुला होता तो शायद काजल और नेहा को किस कर रहा होता,ये बड़ी ही अजीब सी सिचुएशन आ गई थी,मेरे जीवन में काजल की वजह से 2 और लडकिया आ गई थी,जिससे मैं कही ना कही प्यार भी करने लगा था...मलीना और नेहा दोनो ही मुझसे प्यार करते थे,और दोनो ही काजल की वजह से मेरी जिंदगी में आये थे,शायद मैने ही काजल को धोखा दिया है,ना की उसने मुझे ...
मेर जेहन में ये बात आते ही मेरे आंखों में पानी आ गया,काजल ने इसे देखा और अपने माथे से उसे पोछने लगी और ना में सर हिलाया,हम ना ही कुछ बोल पा रहे थे ना ही कुछ दिखा पा रहे थे....
गाड़ी अपनी स्पीड से चल रही थी कहा जा रहे थे ये भी तो पता नही था,की अचानक गाड़ी लहराने लगी ,और डगमगाने लगी ,ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी रोकी ,ड्राइवर के साथ साथ ही बाकी के लोग भी गाड़ी से उतर गए थे ,शायद गाड़ी पंचर हो गई थी,ये कोई इत्तफाक था या किसी का कोई प्लान ,क्योकि ना सिर्फ हमारी गाड़ी बल्कि और भी गाड़िया लहरा कर रुक गई थी ,सभी लोग बाहर निकल चुके थे,हम 4 गाड़ी के काफिले के साथ जा रहै थे जिनमे कम से कम 20 बंदूकधारी थे,रोबर्टो इनमें से किसी भी गाड़ी में नही था ,वो अलग ही निकल गया ना जाने कहा,किसके साथ ,,,,
वो लोग आपस में बात करने लगे ,उससे ये तो पता चल गया की कुछ गड़बड़ था,सबने ही अपने पिस्तौल निकाल ली थी वो सभी चौकन्ने थे,की अचानक एक गोली की आवाज आयी,
धाय ....हमारी गाड़ी के पास खड़ा एक बंदूकधारी के माथे को चीरती हुई गोली निकल गई,सभी आसपास देखने लगे और जंहा से गोली आयी थी उस दिशा में फायर करने लगे,कुछ देर के बाद ही सब शांत हो गया था,सभी अभी भी चौकन्ने थे की फिर ,धाय धाय धाय ,3 लोगो के माथे के बीच गोली लगी ,मैं समझ चुका था की हो ना हो डॉ या ठाकुर में से कोई एक होगा जो की हमे बचाने को आया है,डॉ के इस दिशा में आने की उम्मीद तो कम ही थी और बाली ठाकुर को हमारी स्तिथि का पता था शायद वो ही हो,कुछ सन्नाटे के बाद फिर से गोलिया चली और एक एक करके रोबर्टो के आदमी किसी मक्खी जैसे मरते गए,किसी को भी गोली चलाने वाला दिख ही नही रहा था,
दो आदमीयो ने हमारे कार का दरवाजा खोला और काजल और नेहा को बाहर निकाल लिया ,उन्होंने उनके ऊपर बंदूक तान दी ,लेकिन धाय धाय ,उन दोनो के सर के भी परखच्चे उड़ गए,नेहा और काजल जल्दी से कार में बैठ गए थे,अब केवल 2 ही आदमी बचे थे जो की हमारे पीछे वाले कार में छिपे हुए थे,तभी हमे सामने से और पीछे से दो गाड़िया आती दिखाई दी ,पीछे से आवाज आई .
"अपने आप को सिलेंडर कर दो हम तुम्हे बक्श देंगे,हाथ उठाकर बाहर निकल जाओ ",ये आवाज मैं पहचानता था,ये बाली था...
रोबर्टो के दोनो आदमियों ने अपने दोस्तो की हालत देखी थी,वो अपना हाथ ऊपर किये डरे हुए से खड़े हुए और इधर सामने की कार से कुछ लोग बाहर निकले उनमे से एक को तो मैं अच्छी तरह से पहचानता था वो साला मेरा जिगरी दोस्त और निहायती कमीना आदमी डॉ चुतिया था,उसे देखकर पता नही क्यो मुझे बहुत ही गुस्सा आ रहा था ,वो मुस्कुराते हुए हमारी ओर आ रहा था शायद उसे लगा होगा की हमे बचा कर उसने बहुत ही बड़ा अहसान कर दिया हो...उसके लोगो ने हमे खोला,वो मुझे देखकर मुस्कुराए जा रहा था,
लेकिन जैसे ही मेरे हाथ खुले
'चटाक 'डॉ के गालो में मेरा एक जोरदार थप्पड़ पड़ा
"मादरचोद ,मुझे सब पता चल गया है तेरे ही कारण हो रहा है ये सब कुछ "डॉ ने मेरी बात का कोई बुरा नही माना बल्कि उसके चहरे की मुस्कान और भी बढ़ गई थी,
मैं कुछ बोलने के मुह खोलने वाला था की काजल के होठो ने मेरे होठो को बंद कर दिया था,मुझे थोड़ा होश आया और मैं उसके सर को पकड़े हुए उसे किस करने लगा,थोड़ी देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे में डूबे रहे ,जब हम अलग हुए तो हमारे आंखों में पानी था,वही काजल और नेहा एक दूसरे से लिपट गयी...
मैंने देखा एक बंदूकधारी लंबा चौड़ा आदमी चहरे में एक मुस्कान लिए हमारी ओर चले आ रहा है ,वो दूर झाड़ियों से निकल कर आ रहा था,यही वो शख्स था जिसने अकेले ही अपने बंदूक के कमाल से 18 लोगो के सर को फोड़ दिया था,वो आकर डॉ के गले से लग गया फिर मेरी तरफ हाथ बढ़ाया ,
"बहुत बहुत धन्यवाद ठाकुर साहब "मैंने मुस्कुराते हुए कहा ,ये वीर ठाकुर था,
बाली उन 2 लोगो को मार मार कर उनसे रोबर्टो का पता पूछ रहा था लेकिन किसी के पास उसका पता नही था,आखिर में उसने दोनो को ही गोली मार दी ...
"तुम हमतक कैसे पहुचे "मैंने डॉ से कहा
"तुम्हे भेजने से पहले ही जाल बिछा रखा था,ये पूरा इलाका ही ठाकुरो का है,इन्होंने पूरा इंतजाम कर रखा था,वो किसी भी तरीके से भाग नही सकते थे,"
"अच्छा तो रोबर्टो कैसे भाग गया."मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई
"वो हमसे भी चालक निकला ,हमे इधर फंसा कर वो साला पता नही कहा से निकल गया,अगर वो किसी भी कार से निकलता तो उसे हमारा सामना करना पड़ता, लगता है वो किसी बाइक से जंगलो के बीच से निकल गया होगा,क्योकि हर रोड पर हमारे लोग है जंहा भी कार जा सकती है वँहा वँहा हमने अपने आदमी बिठा के रखे है."वीर ने पूरी बात साफ कर दी थी.
"ऐसे आपका निशाना लाजवाब है,"काजल ने मुस्कुराते हुए वीर से कहा
"ओह धन्यवाद "वीर भी मुस्कुराया लेकिन सच में मुझे थोड़ी जलन हुई जिसका अभास काजल को हो गया,वो मुस्कुराते हुए मेरे आंखों में देखने लगी और फिर उसने फिर से मेरे होठो को अपने होठो पर टिका दिया ...हम दोनो फिर से एक दूसरे के होठो को चूसने लगे..
"अब अगर तुम लोगो का प्रेम प्रसंग खत्म हो गया हो तो रोबर्टो का कुछ पता करे "नेहा की बात से वँहा खड़ा हर शख्स हँस पड़ा वही हम दोनो बुरी तरह से झेप गए थे.
"रोबर्टो का पता हम नही कर सकते .."
डॉ की बात से नेहा का चहरा उतर गया,
"वो हमारी पहुच से दूर हो गया है,वो हमेशा आने से पहले ही जाने की प्लानिंग कर लेता है इसलिए शायद वो बच कर निकल जाता है,लेकिन मुझे यकीन है वो हमारे पास जरूर आएगा ,उसे शौक है अपने दुश्मनों को हारते देखने का,वो हमे चिढ़ाने आएगा ,,,"
यंहा उपस्थित सभी लोगो में सबसे ज्यादा उदास काजल और नेहा ही दिख रहे थे,उनकी इतनी मेहनत का ये नतीजा होने वाला है, ये बहुत ही दुखदाई था लेकिन क्या करे रोबर्टो चीज ही ऐसी थी,इन्होंने जो भी किया था वो उसे पहले से पता था इसलिए उसे पकड़पाना इनलोगो के लिए असंभव सा हो गया था,
थोड़ी देर हुई हुए थे की डॉ का मोबाइल बजने लगा,उसने फोन उठाया और तुरंत ही उसे लाउडस्पीकर में डाल दिया .
"बहुत अच्छे डॉ बहुत मेहनत किया है तुमने,मैं इस बात की कद्र करता हु ,और मेरी प्यारी काजल तुमने भी बहुत प्रयास किया ,अपना सब कुछ लुटाने को तैयार हो गई मुझे पकड़ने के लिए ,यंहा तक की तुमने अपनी शादी की परवाह भी नही की,तुम्हारा त्याग हमेशा याद किया जाएगा लेकिन अफसोस मैं तुम्हारे पकड़ में नही आने वाला ,हा हा हा "रोबर्टो की हँसी गुंजी ,सभी चुप थे मायूस थे,
"मैं तुम्हे अपने हाथो से मरूँगी कमीने "काजल ने चिल्ला कर कहा
"सपना अच्छा है मेरी जान और जाने से पहले मैं तुम लोगो का मायूसी से भरा हुआ चहरा देखना चाहूंगा ,"
हम सब एक दूसरे को देखने लगे तभी दूर से हेलीकॉप्टर की आवाज सुनाई दी ,हम समझ गए थी रोबर्टो ने खुद को हमारी पकड़ के बाहर कर लिया है,
"ह्म्म्म तो देख रहे हो मुझे ,फिक्र मत करो मैं तुम्हारे बंदूकों के पहुच के बाहर हु इसलिए गोलिया चलाने से कोई मतलब नही "सच में वो बहुत ही दूर था वँहा तक हमारी गोलिया नही जा सकती थी,लेकिन वो हमे देख रहा था और हम उसे, उसने दूर से ही हाथ हिलाया .
तभी डॉ जोरो से हंसा
"क्या हुआ डॉ पागल हो गया है क्या "रोबर्टो की आवाज फोन से आयी
"मैंने काजल से वादा किया था की तू उसके हाथो से ही मरेगा आज वो वादा पूरा होगा "हम सभी डॉ को देखने लगे,रोबर्टो एक दूरबीन की मदद से हमे देख रहा था,वो अपने जेब से एक रिमोट निकालकर काजल को देता है ,
"इसका बटन दबाओ जल्दी इससे पहले की वो रेंज से बाहर चला जाए ,"सभी हेलीकॉप्टर की तरफ देखने लगे,शायद रोबर्टो को भी इस बात की भनक लग गई थी कि डॉ ने हेलीकॉप्टर बम फिट कर दिया था,अब डॉ जोरो से हँसने लगा,
"तू तो गया रोबर्टो अपने को बहुत ही समझदार समझता था लेकिन तू भूल गया की तेरे आने की खबर हमे पहले ही लग गई थी,काजल अब तुम्हारा बदला पूरा होगा दबाओ बटन "
"नही नही ये नही हो सकता "
रोबर्टो की आवाज सुनकर काजल और डॉ जोरो से हँसने लगे,
 
"अब तेरा अंत होगा रोबर्टो तेरे सभी पापों का अंत 1,2,बाय बाय रोबर्टो मेरा बदला पूरा हुआ 3 ."काजल ने बटन दबा दिया और .......
और कुछ भी नही ,हेलीकॉप्टर जैसा का तैसा ही था,लेकिन डर के कारण रोबर्टो हेलीकॉप्टर से कूद गया था,
दूर से उसका शरीर बहुत ही छोटा सा दिखाई दे रहा था,
"वँहा पर जो भी हो तुरंत उन्हें उस लोकेशन में पहुचने को कहो अगर वो जिंदा बच गया तो वही गोली मार देना उससे पहले की पोलिस वँहा पहुचे "डॉ के आदेश में बाली और वीर तुरंत ही सक्रिय हो गए वही काजल और मैं उसके चहरे को देखने लगे ,साला कितना हरामी था ये ,काजल को भी लगा था की बम फूटने वाला है.
"क्या ऐसे क्या देख रहे हो "डॉ ने हमसे पूछा
"अपने तो मुझसे वादा किया था की वो मेरे हाथो से ही मरेगा "
डॉ के चहरे में एक मुस्कान आई
"तुम्हारे हाथो ही तो मारा है ...बम से नही सही बम के डर से ही सही."काजल उसको मारने लगी और मारते मारते ही उससे लिपट गई ,डॉ उसके बालो पर हाथ फेरने लगा ,
"आप सच में बहुत ही कमीने हो "काजल ने बड़े प्यार से बोली मैं फिर इससे जल भून के खाक हो गया था,लेकिन डॉ ने मुझे आंख मारा ,
और काजल मुझे देख कर हँसने लगी,वो मेरे पास आयी और मेरे सीने में हाथ रखकर
"आप जलते बहुत हो ,इतना भरोषा करो की कुछ भी हो जाय मैं आपकी ही रहूंगी "वो मुझसे आकर लिपट गई वही हमे देखकर नेहा की आंखों में आंसू आ गए थे .
"ऐसे तुम लोगो के लिए एक और गुड़ न्यूज़ है "
हम डॉ को देख रहे थे,
"रॉकी को हमने बचा लिया है,उसे मारकर फेक दिया गया था लेकिन टाइगर के लाश के पास ही उसका शरीर भी मिल गया,उसे हमारे आदमियों ने पोलिस से छिपा कर रखा है,वो अभी जिंदा तो है लेकिन बहुत बुरी तरह से जख्मी है,बच जाएगा उम्मीद है..."डॉ की बात से काजल के चहरे में बहुत ही संतोष के भाव उभरे
"थैक्स डॉ उसके मरने की खबर से मुझे बहुत दुख पहुचा था,उस बेचारे की गलती भी क्या थी बस यही की मेरे चक्कर में आकर फंस गया "उसकी बात से मुझे हँसी आ गई,
"लेकिन साले तुझसे बहुत हिसाब बाकी है मेरा "मैं डॉ को झूठे गुस्से से देखने लगा,
"कभी अपने होटल में बुलाना ,ड्रिंक के साथ बात करेंगे ,दारू पीकर पूरा हिसाब चुकता कर देना "इतना बोला ही था की मैं अपने को नही रोक सका और उसके सीने से लग गया ,वो थोड़ी देर में मुझसे अलग होकर गाड़ी के तरफ निकल गया...

रोबर्टो जंगल में जिंदा मिला था और उसे उसी समय गोलियो से भून दिया गया,
करीब 6 महीने के बाद रॉकी भी ठिक हो गया था अब उसका टाका एक और मादक हसीना से हो गया था नाम था नेहा,उसने मेरी बीवी के साथ उसके शादी से पहले संबंध बनाये थे और मैंने उसकी बीवी के साथ तो मेरे लिए मसला ही खत्म हो गया था,मिश्रा ने चुपचाप जाकर सन्यास ही ले लिया क्योकि अब उसकी पत्नी भी उसके साथ रहने आ गई थी,
एक बड़ा बदलाव मेरे जीवन में आया था की मलीना मेरे बच्चे की माँ बनने वाली थी,और ना तो मैं ना ही मलीना और ना ही काजल उस बच्चे को गिरना चाहते थे,हमने उसे इस दुनिया में लाने का फैसला किया और उसे भरपूर प्यार देने का वादा भी किया...और साथ ही मैंने और काजल ने कोई बच्चा नही करने की भी ठानी थी...

इससे पहले जब रोबर्टो की कहानी का अंत हुआ था मैं और काजल अपने कमरे में बैठे हुए थे,बहुत सी बाते हमे करनी थी,लेकिन हम कर ही नही पा रहे थे.
"आप मुझसे गुस्सा तो नही हो "काजल ने हमारे बीच की चुप्पी को तोड़ दिया,
"तुम्हे लगता है की सब सच जानने के बाद भी मैं तुमसे गुस्सा होऊंगा ,तुमने हवस के कारण बहुत कुछ किया लेकिन मैं जानता हु की तब भी मुझसे उतनी ही वफादार थी ,तुमने अपने जिस्म को कभी किसी को पूरी तरह से नही सौपा ...लेकिन हा मैं तुम्हारा गुनहगार जरूर हु,क्योकि मैंने शादी के बाद भी 2 लड़कियों से संबंध बनाये ."मैं थोड़ा मायूस हो गया,
"आपकी जगह कोई भी होता तो ऐसा ही करता,मैं समझ सकती हु की मेरे कारण आपको कितनी तकलीफ हुई,और कितनी मानसिक टेंसन का सामना करना पड़ा होगा,मुझे माफ कर दीजिये "मैंने काजल को जोरो से पकड़ा और उसके होठो को अपने होठो से भर दिया ,
"ऐसे तुम्हे डॉ कब मिल गया और उसने तुम्हे कब प्लान के बारे में समझा दिया "
ये प्रश्न मेरे दिमाग में बहुत देर से उठ रहा था..काजल हँसी
"हमारी शादी वाले दिन ,वो पहले भी हमारे घर आते जाते थे लेकिन हमारी बात नही हुई थी ,हमारी शादी वाले दिन ही मुझे पता चला की वो आपके भी दोस्त है,उसके बाद जब मैं होटल के बारे में सोच रही थी तब उनसे भइया के माध्यम से मुलाकात हुई थी ,उनके साथ मुझे कुछ वक्त अकेले बिताने का मौका मिला और उन्होंने मेरे पास्ट के बारे में सब बलताय,मैं पहले तो उनसे डर गई की ये आपको कुछ ना बता दे लेकिन उन्होंने कहा की उन्हें मेरी जरूरत है,और मिश्रा भी मेरे पीछे लगा है,उन्होंने मुझे इंसाफ दिलाने की बात कही और रोबर्टो को खत्म करने की ,उन्होनें मुझे ये कभी नही बताया था की आपको भी मेरे ऊपर शक है,....खैर मैं उनके प्लान से इम्प्रेस थी लेकिन मेरे दिल में आपके लिए प्यार बढ़ने लगा था और मैं आपसे और धोखा नही कर सकती थी,उन्होंने कहा की वो सब सम्हाल लेंगे और मेरे इज्जत पर कोई आंच नही आने देंगे,वही उन्होंने ये भी कहा की आपको भी मेरे बारे में जानना चाहिए ,उन्हें आप पर यकीन था की आप मुझसे बहुत प्यार करते है और मेरी बातो को समझेंगें ,आपको समझना बहुत ही कठिन था जिसके लिए उन्होंने अपना ही तरीका निकाला,और आप भी अनजाने में ही सही लेकिन हमारा साथ देने लगे,उन्होंने बड़ी खूबी से दोनो तरफ को हैंडल किया,ना ही वो आपके बारे में मुझे कुछ पता लगने देते ना ही मेरे बारे में आपको ..मेरे दिल में जो आपके लिए प्यार था वो आपतक पहुचने के लिए उन्होंने मुझे बिना बताये वो रिस्टवाच मुझे पहनने को कहा था,मुझे पता नही था की आप मेरी हर बात सुनते थे ,मेरा लोकेशन और मेरे मोबाइल का हर मेसेज आप तक पहुचता था,वो सभी उनका ही प्लान था ,उन्हें हम दोनो पर यकीन था की हम दोनो ही एक दूसरे से प्यार करते है.और यही तो सच है ..."
डॉ ने जो भी किया था वो हमारी भलाई के लिए ही किया था,ये बात अलग थी की उसने हमे बिना बताये ही बहुत कुछ कर दिया था लेकिन इससे हमारा प्यार और भी बढ़ गया था,

मैं और काजल सब कुछ निपटा कर ,काजल के पुश्तेनी गांव घूमने गए ,जंहा हम उसकी दादी के साथ बैठे हुए थे....
"ये जो चमड़ी देख रही हो,जो आज नीरस और निस्तेज है,ये पलपले गाल,ये कभी मादक हुआ करते थे,इस चमड़ी में भी कभी वही खिंचाव था जो आज तुम्हारी चमड़ी में है,मैं भी कभी तुम्हारे तरह थी और तुम भी कभी मेरी तरह हो जाओगी.."
दादी ने अपने चिपके हुए गालो को हिलाते हुए ये शब्द कहे थे,झुर्रियों से भरा उनका चेहरा लटक गया था,सभी दांतो ने भी साथ छोड़ दिया था और अनुभव के बोझ से उनकी कमर झुक गयी थी,लेकिन फिर भी उनके हावभाव में वो तेज था जिससे मैं और काजल दोनो ही उनकी बात को सुनने और समझने को मजबूर हो गए,
"जो प्यार शरीर की सीमाओं तक सिमट जाता है वो आज नही तो कल खत्म हो ही जायेगा,क्योकि शरीर हमेशा उतना खूबसूरत नही रहता,लेकिन असली प्यार कभी खत्म नही होता
,मेरी चमड़ी के ऐसे हो जाने पर भी तेरे दादा मुझे उतना ही प्यार करते थे जितना जब मैं जवान थी और चमड़ी में कसाव था तब किया करते थे क्योंकि प्यार की ना ही उम्र होती है ना ही कोई सीमा,अब तुम्हे ये तय करना है कि तुम्हारा प्यार क्या है,"
दादी इतना कहते हुए ही वँहा से अपनी लाठी का सहारा लेकर चल दी,काजल और मेरी आँखें मिली दोनो के ही आंखों में आंसू थे ,
मैं उसे देखता ही रहा जैसे मेरी नजर उसके चेहरे से भी आगे उसका कोई अस्तित्व देख पा रही हो जो इस देह की सीमा से परे हो,और उस अस्तित्व में भी मेरे लिए वही प्यार दिख रहा था जो अभी काजल की आंखों में था,
"मैं तब भी तुम्हे इतना ही प्यार करूँगा "
जैसे हमे प्यार का मकसद मिल गया हो ,काजल फुट कर रोते हुए मेरे गले से लग गई.

*************** समाप्त ******************
 
Dr. saab aapki saari kahani hi jabardast hoti hai..... par har kahani ka ek alag pehlu hota hai... muzhe to waise bhi variety ke topics par padhna pasand hai.... bas 'pyaar aur dhoka' ke liye kisi din shubh muhrat dekh kar use bhi chaat dalunga...

Ji ha Dr. saab main khubsoorat dakait par bhi regular comments karta tha aur wahi se muzhe aapke talent ka pata chala tha.... Xossip par muzhe Aapka aur Anspandit bhai ka hi naam yaad hai aur xossip band hone ke baad muzhe afsos bhi hua tha aap logo se bichadne ka... magar XF par aap to mil gaye magar Anspandit bhai se mulakaat nahi ho payi... unki Laadla devar bhi acchi story thi, jo adhuri reh gayi thi.....

Muzhe ye bhi aabhas hai ki jab aapki story 'khubsoorat Dakait' xossip par beech mein hi ruk gayi thi to uske baad aapne yaha par dobara se use continue kiya tha magar jo flow story ka waha tha aur uski story line bhi wo sab Xf par dobara shuru karne ke baad usme change aa gaya tha... muzhe pura yakeen hai agar aapki story beech mein nahi rukti to wo aur bhi acchi likhi jaati aur lambi bhi chalti...

Bhai agar wo 'adhbhut jaal' wale writer aapke sampark mein hai to unko bhi bol do ki wo yaha apni story ko continue kare... wo bhi mast story thi... usme hero ki chachi ka hotel ke bathroom wala scene mast tha...

Anyway ye aapka thread hai to yaha to main aapko hi pareshaan karunga
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..... he he
 
pichle 2 - dhai saal se itna backup banane ki jarurat nahi thi .. aapka Naina Ji .. wo bhi Dr. saab ki story ke liye ...

first thing .. Dr. saab ki story mein kya aur kyu hota hai .. us par baat karna hee bekaar hai .. waise ye Dr. saab ki ab tak ki best work / story hai .. till date .. no question about it ...

Vikas simply apni wife ke pyaar mein andha tha .. so usko jo kuch bhi dikha aur dikhaya gaya .. usne wo sab apni wife ki khushi ke liye sahan kar liya ...

Kaajal bahut hi sundar ladki thi .. isi liye Vikas ne use dekhte hi pasand kar liya tha .. also she belongs to a rich and resourceful family .. well that's another thing .. but she was also beauty with brains .. aur ladko ko kya chahiye .. jab tak ki wo ladki ulta unko hi na ungli karne lag jaye .. well ye Dr. saab ki story hai to itna sab kuch to hona hi tha .. it's all predestined ...

and kaajal ne Vikas ko shuruaat mein hi hint de diya tha .. ki wo pehle bhi relationship mein reh chuki hai .. usne pehle hi Vikas ke saamne apni sacchai rakhni chahi taaki baad mein uska past jaan kar Vikas ki feelings hurt na ho .. magar Vikas ne bhi apni maturity dikhate hue .. usko uske present aur future basis par he apni wife banane ka faisla liya ...

aur agar aapne dhyaan diya ho to actually Kaajal ne fully kabhi bhi Vikas ko cheat nahi kiya .. ha time to time usne dusre logo ke saath flirt jarur kiya .. aur vo bhi is liye .. kyon ki usko pata tha .. ki uska husband .. ye sab teasing enjoy karta hai ...

Well this is the most important factor of the story .. he (Chutiyadr) the most unwanted person .. every one hates him .. including readers, lead characters of the story, and he himself ...

but this is also the fact ki bina is Ch***ya ke story mein maza bhi nahi aata .. he is like namak (Salt) .. agar thoda jyaada ho jaaye to khaane (food) ka naash kar deta hai .. but agar na ho ya kum ho to maza bhi nahi aata ...

he is a emotional atyachaar .. jisko jhelna majboori hai .. ab has ke enjoy karo ya iske vipreet keelaste raho ...

yaha par Kaajal ne bahut chalaki ke se kaam liya .. agar dekhya jaaye to .. usne ek teer se 2 nahi balke kayi shikaar kiye .. pehle to usne Malina ke do harami baapo se apne past ke liye badla liya .. Dusra usne apne dear loving pati ke liye ek sweet aur innocent + beautiful ladki se affair karwaya .. jo ki dono (Malina aur Vikas) ek dusre se pyaar karte the .. Kaajal ne na hi to Vikas ko andhere mein rakha aur na hi Malina ko .. Kyon ki dono ko he ek dusre ki situation ka pata tha .. and saath mein Malina ko bhi safe outlet mil gaya tha .. Vikas ke roop mein .. aur ek baat Kaajal ko hamesha ye feel hota tha ki wo apne Pati ko apna komarye (virginity) nahi de payi .. so apni guilt aur apne pyaar ki khaatir usne Vikas ji ko Malina se milwaya tha .. and one more thing Malina ko bhi apne dono baap se kind of nafrat thi .. becoz she never get to have a family love ...

this was the master stroke of the story ...

iska jawaab ye kya denge .. inko aadhi cheezo ka pata hee nahi hota .. bhai saab ne 12 saal ki umar se hi kaand karne shuru kar diye the .. kyo wo pata nahi .. bas mann kiya .. kar liya .. wo bhi bina soche samjhe .. kya aur kyu ...
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well dr. chutiya actually Vikas ka friend tha .. jo ki Kaajal nahi jaanti thi .. wo ek tarah se Vikas ki madad kar raha tha .. kyon ki kameene dosto ki aadat hoti hai .. dost ke jale par namak chidakne ki .. ab doctor apne friend ki help bhi kar raha tha aur saath mein apni Dosti bhi .. wo alag baat hai ki uske help karne ka tareeka thoda ch***yo wala hai .. magar ise padh kar Readers ko .. khas kar likhne wale mahaCH***ya Dr. ko maza aata hai ...

aur kaajal ne ye sab isliye kiya tha .. kyon ki wo jab college mein padhti thi .. tab Mishra ne usko apne pyaar mein fasa kar undercover bana kar underworld ke don ke paas bheja tha .. aur waha par Malina ke biological father Robert ne Kaajal ka apne aadmiyo aur Malina ke mooh bole baap Mishra ke saamne hee kiya tha .. aur usko saath mein Robert ne sex ko psychologically badhane ka injection diya tha .. jiski wajah se Kaajal hamesha hi itna jyaada sexually frustrated rehti thi ...

so usne apna revenge lene ke liye ye sab kiya tha .. magar wo kabhi nahi chahti thi ki uska pati .. iss sab jhamele mein involve ho .. magar Vikas thehra saccha aashik .. to wo apni wife ko bachane ke liye .. doctor chutiya ki help li .. par dr. Chutiyadr thehra harami aadmi usne behti Ganga mein apne haath dho liye ...
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Hello dr
Kya aap sach me dr hai, i mean in real life ?

agar ha, tab to aapko afwah failana accha nhi lagta

aapne story me bataya ki kajal ko dugs diya gaya, roberto ke saamne, 2-3 baar ok

fir kahi ye mention nhi ki kajal ne fir se drug liya,

to ab ek baat bataye, kya 2-3 baar me koi drug addict hota hai ?

aur aisa koun sa drug hai jo sex karte hi active ho jaaye?

Ye jawaab jaroor dena,

main janta hu ki ye story hai, but kam se kam drug jaisi cheejo ki galat information na de, koi v 2-3 baar me addict nhi hota aur aisa koi drug nhi jo kafi time baad atomatic active ho jaaye,( jaisa ki aapne likha ki kajal ki saadi ke pahle wo ghar me thi, fir kafi time tak usne kuch galat nhi kiya,)

To fir wo active kaise ho sakta hai(jo update 54-55 me bataya, rocky je sath)

Haa, kajal hawasi jaroor ho sakti hai, aur jo hawasi ho , wo mafi ke kabil nhi

Aapne drug ki galat information de kar ek randi ko sahi dikhane ki bahut hi ghatiya kosis ki, but ye to sahi nhi na

Kajal sirf sex ki bhookhi thi aur wo drug ki wajah se nhi, wo rasta usne chuna tha apna akelapan mitane,

aur aap isme pyaar dikhate ho, to sir, pyaar ka dusra naam hi hai bharosha

sirf pati-patni ka hi ek aisa rishta hai jikne beech kuch chhipa nhi rahna chahiye,

agar kajal ko pyaar tha to usne chhipaya kyo ??

Aapne to pyaar sabd ko hi badnaam kar dala yaar

Aur last baat, drchutiya ki kahani

Dr chutiya in sab me involve kyo hua?
kyo kajal ne us par bharosha kiya, had se jyada ?

kyo usne drchutiya ka sach apne pati ko nhi bataya?

agar main kahi mis kar gaya to bataye ki drchutiya ki sahi kahani kaha hai ?

bas last me bata diya ki wo janta tha usne help ki aur kajal maan gai, bas aise hi ??

wo aakhir in sab me aaya kyo aur kaise wo janta tha ki kajal kya thi,

Ye sab jane bina to uski entry bakwas nhi lagti aapko, as a reader soch kar dekhe

KAJAL EK HAWASI , RANDI THI, USE MAAFI NHI MILNI CHAHIYE

aapko pata hai aapki is story ka kya effect hua, yahi par kisi aur ne aise hi drug ka base bana kar ek randi ko sareef dikhana suru kar diya hai

I know meri baaten aspko bahut buri lagi hogi, wo v jab, jab story allready finish ho chuki hai

but kya karu, story padhte huye hum sab usi ko sochne lagte hai, air fir sahi-galat apne aap nikal jata hai, soch kar dekhna, asp bhi ek reader hoge

Well....randi ko maaf karne ke liye mujhe to sach me nafrat ho gai

baki , lage raho
 
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